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गुरुग्राम में अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, DTPE की सख्त कार्रवाई
26 Jun, 2025 02:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरुग्राम। पटौदी के शहरी क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विभाग की टीम ने बुधवार को पुलिस थाना पटौदी की सीमा में पुलिस बल की सहायता से अभियान चलाकर चार अलग-अलग गांवों में अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया।
यह पूरा अभियान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। कार्रवाई के दौरान सबसे पहले गांव पटौदी के राजस्व क्षेत्र में लगभग तीन एकड़ में कट रही दो अवैध कॉलोनियों को तोड़ा गया। यहां पर चार चारदीवारी और लगभग 400 मीटर लंबा डब्ल्यूबीएम सड़क नेटवर्क बनाया जा रहा था, जिसे मौके पर ही ध्वस्त कर दिया गया। इसके बाद टीम गांव जतौली पहुंची, जहां लगभग 10 एकड़ भूमि पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी।
यहां 40 डीपीसी, 8 चारदीवारी और करीब 120 मीटर लंबा सड़क नेटवर्क पूरी तरह से तोड़ दिया गया। वहीं गांव दरापुर में फिरनी से बाहर बनाए गए एक अवैध हालनुमा ढांचे को भी तोड़ा गया। यह निर्माण मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल (सीएम विंडो) पर प्राप्त शिकायत के आधार पर किया गया था। इसके अतिरिक्त गांव लोकड़ी में भी विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक अवैध शेड और दो दुकानों को गिरा दिया। यह भी मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर मिली शिकायत के बाद की गई कार्रवाई थी।
ऐसी अवैध गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है और भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे बिना स्वीकृति और लाइसेंस वाली कॉलोनियों में किसी प्रकार की संपत्ति न खरीदें क्योंकि यह न केवल अवैध है, बल्कि भविष्य में भारी नुकसान का कारण भी बन सकता है। - अमित मधोलिया, डीटीपीई, टाउन प्लानिंग
जिसने अभिनंदन को लिया था हिरासत में, तालिबान के हमले में हुई मौत
26 Jun, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद : साल 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पकडऩे वाले पाकिस्तानी अधिकारी की मौत हो गई है। खबर है कि पाकिस्तान तालिबान के एक हमले में मेजर मोइज अब्बास शाह की मौत हुई है। इस हमले में एक और जवान की जान चली गई है। खास बात है कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद एक बार फिर दोनों मुल्कों के रिश्ते तल्ख बने हुए हैं। विंग कमांडर रहे वर्धमान को पकडऩे के बाद मेजर शाह चर्चा में आ गए थे। बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों ने दक्षिण वजीरिस्तान जिला के सरौघा इलाके में एक ऑपरेशन किया।
इस ऑपरेशन में मेजर मोइज अब्बास शाह और लांस नायक जिबरान मारे गए। पाकिस्तानी सेना के इस ऑपरेशन में 11 आतंकवादी भी मारे गए हैं। मेजर शाह को बुधवार को पाकिस्तानी संसद में श्रद्धांजलि भी दी गई। वह पाकिस्तान के चकवाल से थे और स्पेशल सर्विस ग्रुप का हिस्सा थे।
भक्ति का माहौल बना खूनी मंजर, धार्मिक आयोजन में ताबड़तोड़ फायरिंग
26 Jun, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेक्सिको (Mexico) के गुआनाजुआटो में एक समारोह के दौरान ताबड़तोड़ गोलीबारी (Firing) हुई है। अज्ञात बंदूकधारियों ने समारोह में शामिल लोगों पर गोलीबारी की। इस गोलीबारी में 12 लोगों (12 People Killed) की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मेक्सिको पुलिस ने कहा कि गोलीबारी उस वक्त हुई, जब सैकड़ों लोग सेंट जॉन द बैपटिस्ट के जश्न में डूबे हुए थे और सड़क पर नाच रहे थे। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने हादसे पर दुख जताया है। साथ ही, जांच के आदेश दिए।
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी आया सामने
गुआनाजुआटो में हुई गोलीबारी का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें साफ नजर आ रहा है कि जश्न के बीच अंधाधुंध गोलियां चलाई गई है। फायरिंग के दौरान लोगों की चीखने की आवाज भी सुनाई दे रही है। लोग गोलीबारी से बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इरापुआटो के अधिकारी रोडोल्फो गोमेज सर्वेंट्स ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
हाल के हफ्तों में राज्य में यह दूसरी ऐसी घटना है। पिछले महीने, गुआनाजुआटो में ही सैन बार्टोलो डे बेरियोस में कैथोलिक चर्च द्वारा आयोजित एक पार्टी में गोलीबारी में सात लोग मारे गए थे। मेक्सिको सिटी के उत्तर-पश्चिम में स्थित गुआनाजुआटो देश के सबसे हिंसक राज्यों में से एक है। अधिकारी इस हिंसा के लिए सांता रोजा डे लीमा गिरोह और जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल सहित संगठित अपराध समूहों के बीच के युद्धों को जिम्मेदार मानते हैं। इस साल के शुरुआती पांच महीनों में राज्य में 1,435 हत्याएं हुई हैं, जो किसी भी अन्य राज्य से दोगुनी से भी अधिक हैं।
पहली बार मानी हार, ईरान ने कहा- न्यूक्लियर साइट्स को हुआ भारी नुकसान
26 Jun, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने बुधवार को पहली बार इस बात की पुष्टि की है कि सप्ताहांत में हुए अमरीकी हमलों से देश के परमाणु प्रतिष्ठान ‘बुरी तरह से क्षतिग्रस्त’ हुए हैं। हालांकि उन्होंने नुकसान पर विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया। बाघेई ने स्वीकार किया कि रविवार को अमरीकी बी-2 बमवर्षकों द्वारा बंकर-बस्टर बम गिराए जाने से काफी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि हमारे परमाणु प्रतिष्ठानों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा है। बता दें कि अमरीकी सेना ने ईरान में तीन परमाणु सुविधा केंद्रों- नतांज, फोर्डो और इस्फहान पर 22 जून को 30 हजार पाउंड के बंकर-बस्टर बम गिराने के लिए अपने बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स को तैनात किया था। ईरान का यह कबूलनामा परमाणु कार्यक्रम के विनाश की कई रिपोर्टों की पृष्ठभूमि में आया है।
आईएईए से नाता तोडं़ेगे
ईरान की संसद ने बुधवार को एक बिल पारित किया है, जिसके मुताबिक, ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ संबंध तोडऩे और सहयोग निलंबित करने जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम को लागू करने के लिए ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की भी अंतिम मंजूरी जरूरी है। यह कदम तब उठाया गया है, जब ईरान इजरायल के साथ 12 दिनों की जंग लड़ चुका है।
रिपोर्ट का दावा: ईरान के न्यूक्लियर साइट्स को नहीं हुआ नुकसान
26 Jun, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयार्क। इजरायल द्वारा ईरान की परमाणु फैसिलिटी पर अटैक के बावजूद इसके नुकसान नहीं पहुंचने के बाद अमरीका ने अपने बी2 बांबर्स के जरिए अटैक कर इस जंग में सीधी एंट्री ली थी। अमरीका ने ईरान के तीन परमाणु स्थलों नतांज, फोर्डो और इस्फहान को टारगेट किय, जिसके बाद ट्रंप ने कहा हमने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को तबाह कर दिया। हालांकि अब पेंटागन की लीक हुई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। पेंटागन द्वारा तैयार की गई अमरीकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार 20 जून को ईरान के परमाणु स्थलों पर अमरीकी हमले से तेहरान के परमाणु कार्यक्रम के मुख्य घटकों को नुकसान नहीं पहुंचा है, बल्कि इससे उसके कार्यक्रम में महीनों की देरी हुई है। रक्षा खुफिया एजेंसी (डीआईए) द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट, ईरान की तीन प्रमुख परमाणु सुविधाओं पर अमरीकी हमलों के बाद युद्ध में हुए नुकसान पर अमरीकी सेंट्रल कमांड द्वारा किए गए आकलन पर आधारित थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीकी हमलों के बाद साइटों पर हुए नुकसान और प्रभाव का विश्लेषण अभी जारी है और अधिक खुफिया जानकारी उपलब्ध होने पर इसमें बदलाव हो सकता है। पेंटागन की खुफिया शाखा की प्राइमरी रिपोर्ट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों का खंडन करती है कि बी-2 स्टील्थ बांबर्स द्वारा किए गए अमरीकी हमलों में ईरान की परमाणु सुविधाएं पूरी तरह से नष्ट हो गई है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया है। कवरेज को फेक न्यूज करार देते हुए ट्रंप ने जोर देकर कहा कि फर्जी खबरें फैलाने वाले सीएनएन ने असफल हो रहे न्यूयार्क टाइम्स के साथ मिलकर इतिहास के सबसे सफल सैन्य हमलों में से एक को बदनाम करने की कोशिश की है। ईरान में परमाणु स्थल पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।
आर्थिक संकट में पाकिस्तान, शहबाज शरीफ ने सऊदी के सामने फैलाया हाथ
26 Jun, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इजरायल: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत से बात करके आतंकवाद, पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर और व्यापार का मुद्दा सुलझाना चाहते हैं। उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अब्दुलअजीज अल सउद से कहा है कि वह भारत से बात करने के लिए तैयार हैं। शहबाज शरीफ की मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात हुई और इस दौरान उन्होंने सऊदी अरब से कहा कि पाकिस्तान पीओके, सिंधु जल संधि, व्यापार और आतंकवाद पर भारत के साथ बात करने के लिए तैयार हैं। 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को लेकर सख्त कदम उठाए थे, जिसमें पाकिस्तान नागरिकों की वापसी, अटारी वाघा बॉर्डर बंद करना, पाकिस्तानियों को सार्क वीजा की छूट देना बंद करना, पाकिस्तान हाई कमीशन में स्टाफ की संख्या कम करना और सबसे अहम फैसला था सिंधु जल संधि को सस्पेंड करना। भारत का रुख साफ है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद और पीओके का मसला नहीं सुलझाएगा, तब तक उसके साथ किसी और मुद्दे पर भी चर्चा नहीं की जाएगी।
ईरान ने माना – अमेरिकी हमलों से परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान
25 Jun, 2025 09:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान ने मान लिया है कि 22 जून को अमेरिकी हमलों से उसके परमाणु ठिकानों को काफी नुकसान पहुंचा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने बुधवार को इसकी पुष्टि की है।अल जजीरा से बात करते हुए बाघई ने कहा कि अमेरिकी बस्टर बमों के हमले असरदार थे और उससे परमाणु ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, बाघई ने नुकसान की डिटेल जानकारी नहीं दी। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नीदरलैंड में नाटो समिट में मीडिया से कहा कि ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के कारण 12 दिनों तक चली ईरान-इजराइल जंग रुकी। उन्होंने कहा, '12 दिनों के दौरान ईरान नर्क से गुजरा, जिसके कारण उसे परमाणु हथियार बनाने की इच्छा छोड़नी पड़ी। अगर ईरान ने फिर से न्यूक्लियर प्रोग्राम शुरू किया तो हम फिर हमला करेंगे।'अमेरिकी मीडिया हाउस CNN और न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों से ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरह से तबाह नहीं हुआ है। बस कुछ महीनों के लिए पिछड़ गया है।यह दावा एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। हालांकि, ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर इन मीडिया रिपोर्ट्स को 'फर्जी खबरें' करार दिया।
इजराइल ईरान में 12 दिन के बाद सीजफायर
इजराइल-ईरान के बीच जंग के 12वें दिन, मंगलवार को सीजफायर हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने सबसे पहले कल सुबह 3:30 बजे सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सीजफायर की जानकारी दी थी।बाद में दोनों देशों ने इसकी पुष्टि की और जंग में अपनी-अपनी जीत का दावा किया। इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ इजराइल ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है, जो पीढ़ियों तक याद रखी जाएगी। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश न्यूक्लियर प्रोग्राम बंद नहीं करेगा। उन्होंने कहा- 'हमने इस तकनीक को हासिल करने के लिए बहुत मेहनत की है। हमारे वैज्ञानिकों ने बलिदान दिए हैं।' ईरान की राजधानी तेहरान में कल विक्ट्री सेलिब्रेशन प्रोग्राम भी आयोजित किया गया था।
हरियाणा में गैंगस्टरों की वजह से नहीं हो पा रही 238 शराब ठेकों की नीलामी, गंभीर हुई सरकार
25 Jun, 2025 01:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। शराब ठेकों की नीलामी में गैंगस्टरों के बढ़ते हस्तक्षेप को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर हो गई है। कुरुक्षेत्र और जींद में शराब कारोबारियों की हत्या और विभिन्न स्थानों पर शराब ठेकेदारों को गैंगस्टरों द्वारा धमकियां मिलने की शिकायतों को लेकर मंगलवार को गृह सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने सात जिलों के उपायुक्तों (डीसी), पुलिस अधीक्षकों (एसपी) व जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्तों (डीईटीसी) को तलब कर लिया।
यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, जींद, हिसार, रोहतक, करनाल और अंबाला के डीसी-एसपी और डीईटीसी के साथ बैठक में गृह सचिव ने सभी ठेकेदारों से शराब की दुकानों की नीलामी में बिना किसी डर के भाग लेने का आह्वान करते हुए पूर्ण प्रशासनिक सहायता और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार बोलीदाताओं के पीछे मजबूती से खड़ी है। किसी भी व्यक्ति को वैध सरकारी प्रक्रिया में भाग लेने से डरना या हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। हम प्रत्येक प्रतिभागी को पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। नीलामी में किसी भी प्रकार की धमकी या हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं होगा।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने शराब ठेकेदारों को डराने के लिए स्थानीय बदमाशों और असामाजिक तत्वों के बीच संभावित मिलीभगत की रिपोर्टों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियों को ऐसे व्यक्तियों की तुरंत पहचान करने का निर्देश दिया। सुरक्षा बढ़ाने के लिए जिला खुफिया इकाइयों को 'आदतन-उपद्रवियों' की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने और उनकी गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस संदिग्ध लोगों या वाहनों के इधर-उधर घूमने या इकट्ठा होने पर नजर रखेगी। गृह सचिव ने कहा कि बोलीदाताओं के बीच विश्वास पैदा करने के लिए संबंधित जिलों के डीसी और एसपी उनसे सीधा संवाद करें। किसी को भी शराब ठेकों की नीलामी प्रक्रिया को पटरी से उतारने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्थानीय प्रशासन या पुलिस की ओर से किसी भी तरह की ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा। यदि कोई अधिकारी लापरवाही या मिलीभगत करता पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
गैंगस्टरों के दबाव में 238 शराब ठेकों की नहीं हो पा रही नीलामी
गैंगस्टरों के दबाव में प्रदेश में शराब के 238 ठेकों की नीलामी नहीं हो पा रही है। शराब ठेकों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का दबाव बना रहे गैंगस्टरों के डर से बोलीदाता पीछे हट रहे हैं। प्रदेश में शराब ठेकों के लिए 1197 जोन हैं, जिनमें से 956 जोन की नीलामी हो पाई है। यमुनानगर, पंचकूला, रोहतक, जींद, हिसार और सोनीपत जोन ऐसे हैं, जहां शराब ठेकेदार गैंगस्टरों के सबसे अधिक दबाव में हैं।
'बिजली के दाम चार गुना बढ़ाकर सरकार ने दिया जोर का झटका
25 Jun, 2025 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरुग्राम। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंकज डावर ने कहा कि हरियाणा में बिजली के दाम चार गुना बढ़ाकर सरकार ने जनता को जोर का झटका दिया है। पहले से हर चीज में जनता महंगाई झेल रही है। ऐसे में बिजली के दाम बढ़ाकर सरकार ने जनविरोधी चेहरा उजागर किया है।
उन्होंने भाजपा सरकार से जवाब मांगा कि क्या जनता ने इस दिन के लिए वोट दिया था। पंकज डावर ने कहा कि जिनका बिजली बिल अब तक 900 रुपये आता था, वह अब सीधे 4000 आएगा। सरकार ने प्रति किलोवाट 75 रुपये चार्ज भी लगाने का काम किया है। जून में जिन लोगों के बिल आए हैं, उन्हें नए स्लैब से बिल भेजे गए हैं।
एक तो गर्मी में सरकार बिजली की आपूर्ति पूरी नहीं कर पा रही, लोग परेशान हैं। ऊपर से सरकार ने बिजली महंगी कर दी है। कहा कि सरकार जनहितैषी होने का दावा तो करती है, लेकिन धरातल पर ऐसा है नहीं। बिजली के दाम बढ़ाना ठीक नहीं है। कांग्रेस पार्टी इसका खुलकर विरोध करती है। उन्होंने कहा कि सरकार बढ़ाए गए बिजली के दामों को वापस ले।
बिजली दरों में बढ़ोत्तरी कर जनता को लूट रही भाजपा सरकार: बुवानीवाला
बिजली की दरों में हुई चुपचाप बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग उठाते हुए हरियाणा प्रदेश कांग्रेस उद्योग सेल के चेयरमैन व गुरुग्राम जिले के उप प्रभारी अशोक बुवानीवाला ने कहा कि भाजपा ने एक ही झटके में बिजली को चार गुना तक महंगा कर दिया। यानी जिन आम परिवारों को 900 से 1000 रुपये तक बिल देना पड़ता था, उन्हें अब 4000 से 5000 रुपये बिल थमाया जा रहा है।
मंगलवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि गर्मी और उमस भरे इस मौसम में बिजली के कई-कई घंटे के कट और दूसरी तरफ महंगाई की मार ने आम आदमी को बेहाल कर दिया है। जब से भाजपा सत्ता में आई है, आम आदमी को इसी तरह दोहरी मार से पीसा जा रहा है। आज पूरे प्रदेश के हालात ये है कि बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं न मिलने से आमजन में त्राहिमाम मचा हुआ है।
बुवानीवाला ने कहा कि बिजली की दरें महंगी होने के चलते लोगों को भारी भरकम बिल मिलने लगे हैं।कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल के दौरान प्रदेश में चार नए पावर प्लांट और एक न्यूक्लियर पावर प्लांट की स्थापना की गई थी। जबकि भाजपा राज में एक भी यूनिट बिजली उत्पादन का काम नहीं किया गया। बावजूद इसके यह सरकार 10 साल से लगातार बिजली की दरों में बढ़ोतरी करती जा रही है।
सोहना में जल्द चलेगा मार्केट कमेटी का बुलडोजर
25 Jun, 2025 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोहना। मार्केट कमेटी अनाज मंडी में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्ती कार्रवाई करेगी। अतिक्रमणकारियों ने कमेटी की ओर से भेजे गए नोटिसों का जवाब नहीं दिया। कमेटी ने ऐसे लोगों को समय-समय पर तीन नोटिस जारी किए थे पिछले सप्ताह जारी नोटिस की समयसीमा समाप्त होने के बाद कमेटी ने सख्त कार्रवाई की पहल शुरू कर दी है।
सोमवार को कमेटी के सचिव नरेश यादव की अगुवाई में अवैध रूप से अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों की दुकानों की पैमाइश की गई और मुनादी कर लोगों को किए अतिक्रमण को 24 घंटे में हटा लेने का फरमान सुनाया गया। ऐसा न करने पर कमेटी सख्त कार्रवाई अमल में लाएगी।
अनाज मंडी में अतिक्रमण चरम पर है। सरकार और विभाग की ओर से निर्धारित दुकानों के सामने टीन शेड पक्के चबूतरे और कई फिट रैंप डालकर अतिक्रमण किया हुआ है। ऐसे तमाम अतिक्रमण हटाए जाएंगे। उपायुक्त को पत्र लिख ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस फोर्स की मांग की गई। नरेश यादव ने बताया कि जैसे ही प्रबंध हो जाएगा, अतिक्रमण हटाया जाएगा।
शराबखोरी में मोल्दोवा नंबर-1, यूरोप बना लत का गढ़
25 Jun, 2025 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुनिया में शराब की खपत के मामले में यूरोपीय देश काफी आगे हैं। टॉप-10 देशों में आठ देश यूरोप के हैं। वहीं, शराब की सबसे कम खपत इस्लामी देशों में है। खाड़ी देश कुवैत में तो शराब की खपत जीरो है। यानी वहां कोई शराब नहीं पीता है। भारत में प्रति व्यक्ति शराब की सालाना खपत 5.7 लीटर है, जबकि पाकिस्तान में यह महज 0.3 लीटर है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, यूरोपीय देश मोल्दोवा में शराब की प्रति व्यक्ति सालाना खपत 15.2 लीटर है। इसमें 15 साल से ऊपर के लोगों को शामिल किया गया है। इस लिस्ट में लिथुआनिया दूसरे नंबर पर है। इस देश में हर व्यक्ति सालाना 15 लीटर शराब पी जाता है। इसके बाद चेक गणराज्य (14.4 लीटर), अफ्रीकी देश सेशेल्स (13.8 लीटर), जर्मनी (13.4 लीटर), नाइजीरिया (13.4 लीटर), आयरलैंड (13 लीटर), लात्विया (12.9 लीटर), बुल्गारिया (12.7 लीटर) और फ्रांस (12.6 लीटर) का नंबर है।
रूस में प्रति व्यक्ति सालाना 11.7 लीटर शराब का यूज करता है, जबकि ब्रिटेन में प्रति व्यक्ति खपत 11.4 लीटर, ऑस्ट्रेलिया में 10.6 लीटर और साउथ कोरिया में 10.2 लीटर है। स्पेन (10 लीटर), अमरीका (9.8 लीटर), कनाडा (8.9 लीटर), जापान (8 लीटर) और चीन (7.2 लीटर) भी भारत से आगे हैं। वेनेजुएला (5.6 लीटर), उत्तर कोरिया (3.9 लीटर), इजरायल (3.8 लीटर), सिंगापुर (2.5 लीटर), तुर्की (2 लीटर), ईरान (1 लीटर) और इंडोनेशिया (0.8 लीटर) इस मामले में भारत से पीछे हैं। भारत में प्रति व्यक्ति शराब की खपत सालाना 5.7 लीटर है।
ड्रैगन को डोभाल की दो टूक: पाकिस्तान के मुद्दे पर भारत की नीतियों से न टकराएं
25 Jun, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, जो इन दिनों शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए चीन में हैं, ने आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर चीन को दोहरे रवैया अपनाने से आगाह किया है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का परोक्ष संदर्भ देते हुए श्री डोभाल ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद समेत आतंकवाद का कोई भी कृत्य मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे रवैये को त्याग दिया जाना चाहिए। उनका इशारा चीन के दोस्त पाकिस्तान की नापाक आतंकी हरकतों पर चीन की तरफ से उदासीन रवैया अपनाने की तरफ था। डोभाल ने मंगलवार को एससीओ के शिखर सम्मेलन से सीमा पार आतंकवाद के अपराधियों, आयोजकों और वित्तपोषकों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया, जिसे व्यापक रूप से पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग के रूप में देखा जा रहा है।
एससीओ के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री डोभाल ने कहा कि भारत, लश्कर-ए-तोएबा, जैश-ए-मोहम्मद, अल कायदा, आईएसआईएस और इसके सहयोगी जैसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों से लगातार खतरे को लेकर बेहद चिंतित है। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद नई दिल्ली ने आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने और आतंकवादियों को भारत में हमले करने से रोकने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए हमले के जवाब में भारत ने आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। डोभाल ने कहा कि भारत की कार्रवाई नपी-तुली और गैर-उकसावे वाली थी।
आतंकवाद का मुकाबला करना जरूरी
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बीजिंग में चीन के स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस दौरान डोभाल ने साफ तौर पर कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आतंकवाद के हर रूप का मिलकर मुकाबला करना जरूरी है। बैठक में दोनों देशों ने आपसी रिश्तों की हालिया प्रगति की समीक्षा की और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंध बढ़ाने पर जोर दिया।
सीमा पार आतंकी कृत्य मानवता के खिलाफ अपराध
एनएसए ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड त्यागने तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों और लश्कर-ए-तोएबा, जैश-ए-मोहम्मद तथा उनके समर्थकों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डोभाल ने विशेष रूप से इन समूहों के आतंकवादी बुनियादी ढांचे और उनके आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने का आह्वान किया। एनएसए ने दोहराया कि सीमा पार आतंकवाद सहित कोई भी आतंकी कृत्य मानवता के विरुद्ध अपराध है।
भोजन के इंतज़ार में लगी भीड़ पर बरसी गोलियां, गाजा में 25 फिलिस्तीनी मारे गए
25 Jun, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा पट्टी: इजरायली सेना और ड्रोनों ने मंगलवार तडक़े मध्य गाजा में सहायता ट्रकों का इंतजार कर रहे सैकड़ों लोगों पर गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 25 लोग मारे गए। फिलिस्तीनी प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पतालों ने यह जानकारी दी। इजरायली सेना ने अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। नुसेरात शरणार्थी शिविर में स्थित अवदा अस्पताल ने कहा कि फिलिस्तीनी लोग वादी गाजा के दक्षिण में सलाह अल-दीन रोड पर ट्रकों का इंतजार कर रहे थे। हमले में घायल हुए लोगों को इसी अस्पताल में लाया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब लोग ट्रकों की ओर बढ़ रहे थे तो इजरायली सेना ने गोलियां चलाईं। एक प्रत्यक्षदर्शी अहमद हलावा ने कहा कि यह नरसंहार था। उन्होंने कहा कि टैंक और ड्रोनों से लोगों पर गोलियां चलाई गईं। उन्होंने बताया कि कई लोग मारे गए या घायल हो गए। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी हुसैम अबु शहादा ने बताया कि इलाके में ड्रोन उड़ रहे थे। पहले उन्होंने भीड़ पर नजर रखी फिर लोगों के आगे बढऩे पर टैंक और ड्रोनों से गोलीबारी की। अवदा अस्पताल ने बताया कि 146 फिलिस्तीनी घायल हुए हैं।
उनमें से 62 की हालत गंभीर है, जिन्हें मध्य गाजा में एक अन्य अस्पताल ले जाया गया है। मध्य शहर दीर अल-बलाह के एक अस्पताल ने बताया कि उसे इस घटना में मारे गए छह लोगों के शव मिले हैं। गाजा में इजरायल-हमास युद्ध में गोलीबारी की यह ताजा घटना है। गाजा पट्टी के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध में करीब 56,000 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है। हमास के सात अक्तूबर, 2023 को दक्षिणी इजरायल में हमला करने के बाद इजरायल ने गाजा में अपना अभियान शुरू किया। हमास के हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 251 अन्य लोगों को बंधक बना लिया गया था। ज्यादातर बंधकों को संघर्षविराम समझौतों के जरिए रिहा कर दिया गया है।
यूनुस का विवादास्पद फैसला: डिप्टी NSA की कुर्सी पर बैठा ISI के लिए काम करने वाला शख्स
24 Jun, 2025 08:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस के लिडरशिप वाली अंतरिम सरकार ने सबको चौंका देने वाला फैसला लिया है. सरकार ने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अबू तायुब मोहम्मद जाहिरुल आलम को डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) बनाया है. जाहिरुल आलम पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से करीबी रिश्तों और भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप हैं. इस नियुक्ति से भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
जाहिरुल आलम का संबंध बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेताओं से रहा है. वह वर्तमान होम एडवाइजर जहांगीर आलम और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के दिवंगत भाई सईद इस्कंदर के बैचमेट रहे हैं. जहांगीर आलम 2001-06 के दौरान BNP सरकार में बॉर्डर गार्ड्स के प्रमुख थे. जाहिरुल आलम ने बांग्लादेश के नेशनल डिफेंस कॉलेज के कमांडेंट के रूप में भी कार्य किया और इस दौरान उन्होंने पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों को कॉलेज में प्रवेश की अनुमति दी थी. जो उनके ISI से संबंधों को दिखाता है. बाद में उन्हें हमदर्द लैबोरेट्रीज, बांग्लादेश के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज का सदस्य भी बनाया गया.
यूनुस के साथ गहरा नाता, इसलिए हुई नियुक्ति
जाहिरुल आलम का यूनुस के साथ गहरा नाता है. दोनों चटगांव के मूल निवासी हैं, जिसके चलते उनकी यह नियुक्ति और भी चर्चा में है. ढाका के विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत के साथ बांग्लादेश के रिश्तों को और कमजोर कर सकता है. विशेषज्ञों ने बताया कि यह नियुक्ति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी खतरा बन सकती है. लेकिन बांग्लादेशी लीडर यूनुस ने भारत के साथ रिश्तों को दांव पर लगा कर आलम की नियुक्ति की है.
कौन हैं जाहिरुल आलम?
जाहिरुल आलम के करीबी सहयोगी रिटायर्ड मेजर इस्कंदर, खालिदा जिया के छोटे भाई थे. वे 2001-06 तक BNP के टिकट पर फेनी-1 से संसद सदस्य रहे. इस्कंदर इस्लामिक टेलीविजन के संस्थापक अध्यक्ष थे और भारत विरोधी ताकतों को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते थे. 2001 के चुनावों में उन्होंने BNP के चुनावी मामलों को संभाला था. यह नियुक्ति बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के इरादों पर सवाल उठा रही है. भारत के साथ पहले से ही तनावपूर्ण रिश्तों के बीच यह कदम दोनों देशों के बीच अविश्वास को और अधिक बढ़ा सकता है.
शांति के लिए बड़ा कदम: जिन परमाणु हथियारों पर कट रहा बवाल, उन्हें खत्म करेंगे ये दो सुपरपावर देश
24 Jun, 2025 08:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जिस परमाणु के लिए ईरान-इजराइल में इतना बवाल मचा हुआ है. उसी के लिए ब्रिटेन और अमेरिका परेशान हैं कि कैसे अपनी पुरानी परमाणु पनडुब्बियों और युद्धपोतों को रीसाइकल करने की प्रक्रिया शुरू करें. यह काम न सिर्फ महंगा है, बल्कि इसमें दशकों का समय भी लग सकता है. हाल ही में ब्रिटेन की रॉयल नेवी की HMS स्विफ्टश्योर पनडुब्बी को रीसाइकल करने का काम शुरू हुआ है. यह पहली बार है कि ब्रिटेन ने अपनी किसी परमाणु पनडुब्बी को पूरी तरह रीसाइकल करने का जिम्मा उठाया है.
HMS स्विफ्टश्योर 1973 में सेवा में आई थी और 1992 में इसे रिटायर कर दिया गया था. अब इसे स्कॉटलैंड के रोसिथ डॉकयार्ड में रीसाइकल किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट को बेबकोक इंटरनेशनल कंपनी संभाल रही है. जिसे 2026 तक यह प्रोजेक्ट पूरा करना है. इस पनडुब्बी का रिएक्टर पहले ही हटाया जा चुका है, लेकिन हाल ही में इसका फिन (पंख) हटाने का काम पूरा हुआ. यह प्रक्रिया ब्रिटेन के सबमरीन डिस्मैंटलिंग प्रोजेक्ट का हिस्सा है.
क्या हैं ब्रिटेन की चुनौतियां
ब्रिटेन के पास 22 रिटायर्ड परमाणु पनडुब्बियां हैं. जिनमें से सात रोसिथ और 15 डेवनपोर्ट डॉकयार्ड में रखी गई हैं. इनके अलावा चार और पनडुब्बियां जल्द रिटायर होने वाली हैं. ब्रिटेन की रॉयल नेवी के पास एक्टिव पनडुब्बियों से ज्यादा रिटायर्ड पनडुब्बियां हैं. इन सभी को खत्म करने में 2030 तक का समय लग सकता है. ऐसे में ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय का अनुमान है कि इन 22 रिटायर्ड और आठ एक्टिव पनडुब्बियों के रखरखाव और निपटान पर अगले 100 साल में 7.5 बिलियन पाउंड (लगभग 800 अरब रुपये) खर्च होंगे. 1980 से 2017 तक इनके रखरखाव पर 500 मिलियन पाउंड पहले ही खर्च हो चुके हैं. यह खर्च हर साल बढ़ रहा है, क्योंकि नई पनडुब्बियां भी रिटायर हो रही हैं.
अमेरिका की स्थिति और भी ज्यादा खराब
अमेरिका की स्थिति और भी खराब है, क्योंकि उसका परमाणु पनडुब्बी बेड़ा ब्रिटेन से कहीं बड़ा है. अमेरिका ने अब तक 116 परमाणु पनडुब्बियों और कुछ परमाणु युद्धपोतों को रीसाइकल किया है. लेकिन अभी भी कई जहाज, जैसे ओहियो-क्लास पनडुब्बियां और USS एंटरप्राइज सुपरकैरियर, रिटायरमेंट की कतार में हैं. USS एंटरप्राइज को 2012 में रिटायर किया गया था, लेकिन इसका निपटान शुरू होने में एक दशक से ज्यादा समय लग गया. अब इसे अलबामा के मोबाइल शहर में चार से पांच साल में रीसाइकल किया जाएगा. जिसका खर्च 536.7 मिलियन डॉलर (लगभग 45 अरब रुपये) होगा. पहले अनुमान था कि इसमें 15 साल और 1.3 बिलियन डॉलर लग सकते हैं. अमेरिका की USS निमित्ज जो 10 सुपरकैरियर्स की लीड वेसल है अपनी अंतिम तैनाती पर है. इसका निपटान भी 700 मिलियन डॉलर (लगभग 58 अरब रुपये) तक का खर्च ला सकता है. यह प्रक्रिया कई साल चलेगी और भविष्य में हर निमित्ज-क्लास कैरियर के साथ दोहराई जाएगी.
क्या है रीसाइक्लिंग की पूरी प्रक्रिया
परमाणु पनडुब्बियों और जहाजों को रीसाइकल करना आसान नहीं है. इसमें तीन चरण होते हैं: प्रायमरी लेवल में पहले कम रेडियोएक्टिव हिस्सों को हटाया जाता है. जिनमें लो-लेवल रेडियोएक्टिव वेस्ट (LLW) हो सकता है. इंटरमीडिएट-लेवल में रेडियोएक्टिव वेस्ट (ILW) को हटाया जाता है. जिसमें जहाज को पूरी तरह से साफ किया जाता है. और सबसे लास्ट में बाकी हिस्सों को रीसाइकल किया जाता है. जिसमें 90% सामग्री दोबारा इस्तेमाल हो सकती है. यह प्रक्रिया न सिर्फ महंगी है, बल्कि इसे सेफली और पर्यावरण के अनुकूल करना भी जरूरी है. ब्रिटेन और अमेरिका दोनों ही इस चुनौती से जूझ रहे हैं, क्योंकि उनके पास रिटायर्ड जहाजों की संख्या बढ़ती जा रही है.
दोनों देशों को रिटायर्ड जहाजों से जूझना पड़ेगा
परमाणु पनडुब्बियों और युद्धपोतों का निपटान ब्रिटेन और अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती है. यह न सिर्फ आर्थिक बोझ है, बल्कि पर्यावरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है. HMS स्विफ्टश्योर और USS एंटरप्राइज जैसे प्रोजेक्ट भविष्य के लिए रास्ता दिखा रहे हैं, लेकिन इस काम को तेज और किफायती बनाने की जरूरत है. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो दोनों देशों को 21वीं सदी में भी रिटायर्ड जहाजों की कतार से जूझना पड़ सकता है.
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