ख़बर
'राष्ट्रपति बनना सबसे खतरनाक...', अमेरिकी SC ने बढ़ाई ट्रंप की शक्तियां
28 Jun, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने जीवन पर मंडराते खतरों के बारे में बात की। दरअसल, अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति प्रशासन को अपनी नीतियों को लागू करने की छूट दी है, इसी का जश्न मनाने के लिए प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया था।
प्रेस वार्ता के दौरान ट्रंप ने अपने ऊपर हुए हमलों को याद किया और बताया कि यह पद कितना जोखिम भरा है। जब एक रिपोर्टर ने ट्रंप से उनकी जान को खतरे के बारे में पूछा, तो उन्होंने 13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया रैली में उन पर हुई गोलीबारी की घटना को याद किया।
राष्ट्रपति पद पर ट्रंप का बयान
13 जुलाई 2024 को ट्रंप पर हुई गोलीबारी के घटना के दौरान एक गोली उनके कान को छूकर निकल गई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "कभी-कभी उस गोली की झनझनाहट अब भी महसूस होती है। यह एक खतरनाक काम है।"
ट्रंप ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति बनना कुछ सबसे खतरनाक पेशों में से एक है। उन्होंने कहा, "रेस कार ड्राइवरों की मौत की संभावना 0.1% होती है, बुल राइडर्स की भी इतनी ही है। लेकिन राष्ट्रपति बनने पर यह आंकड़ा करीब 5% हो जाता है। अगर मुझे पहले किसी ने बताया होता, तो शायद मैं चुनाव न लड़ता।"
ट्रंप पर कई बार हो चुके हैं हमले
ट्रंप के अनुसार, राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर कई बार जानलेना हमले हो चुके हैं। एक अन्य घटना में 15 सितंबर 2024 को वेस्ट पाम बीच, फ्लोरिडा में गोल्फ खेलते समय उन पर जानलेवा हमला हुआ था। उस मामले में एक आरोपी पर पांच संघीय आरोप लगाए गए हैं और उसने खुद को निर्दोष बताया है।
13 जुलाई, 2024 को हुई घटना के दौरान ट्रंप पर हमला करने वाले व्यक्ति को सीक्रेट सर्विस ने गोली मार दी थी। उस रैली में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि दो लोग घायल हो गए थे।
ईरान पर भी लगाया हत्या की साजिश का आरोप
अमेरिका की ओर से यह भी कहा गया है कि ईरान की स्पेशल आर्मी 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' ने ट्रंप की हत्या की साजिश रची थी। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।
फिलहाल, ट्रंप अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं और उन्होंने राष्ट्रपति पद की शक्तियों को और बढ़ाने की कोशिश की है। वे अपने राजनीतिक विरोधियों पर लगातार हमले बोलते रहे हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का एलान भी कर चुके हैं।
अमेरिका में राजनीतिक हिंसा
अमेरिका में इन दिनों 1970 के दशक के बाद की सबसे गंभीर राजनीतिक हिंसा देखने को मिल रही है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 6 जनवरी, 2021 को कैपिटल बिल्डिंग पर ट्रंप समर्थकों के हमले के बाद से अब तक 300 से ज्यादा राजनीतिक हिंसा की घटनाएं दर्ज की जा चुकी है।
गुस्से में शख्स ने मेट्रो के कोच में पेट्रोल छिड़ककर लगा दी आग
28 Jun, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इंसान के जीवन में तमाम तरह के दुख और परेशानियां आती हैं। इस दौरान कई बार लोग कुछ ऐसे कदम उठा जाते हैं, जिससे दूसरों के लिए भी जान का खतरा बन जाता है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला साउथ कोरिया के सियोल से आया है।
यहां एक 67 वर्षीय व्यक्ति अपनी पत्नी से झगड़े और तलाक को लेकर इतना ज्यादा गुस्से में आ गया कि उसने चलती मेट्रो टेन में आग लगा दी। इस खौफनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान हो रहे हैं।
गुस्से में लगा दी आग
योनहाप समाचार एजेंसी के मुताबिक, आरोपी का नाम वोन बताया जा रहा है जो सियोल में एक मेट्रो में सफर कर रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी अपनी पत्नी के साथ तलाक को लेकर काफी ज्यादा परेशान चल रहा था और इसी गुस्से में उसने मेट्रो के एक डिब्बे के अंदर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
हैरान करने वाली बात यह है कि आग लगाने से पहले उसने अपने ही कपड़ों को जलाया और आग की लपटें चारों ओर फैल गई। आग लगने के बाद मेट्रो के अंदर अफरातफरी मच गई।
129 लोगों का मौके पर हुआ इलाज
आरोपी द्वारा आग लगाने की घटना में 22 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जबकि 129 अन्य यात्रियों को मौके पर ही प्राथमिक इलाज दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई।
हालांकि, इस घटना में मेट्रो की एक बोगी पूरी तरह से जलकर खाक हो गई, जिससे करीब 330 मिलियन वॉन (लगभग 2 करोड़) रुपये का नुकसान हुआ। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
आग लगने की खौफनाक घटना का वीडिया मेट्रो में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। इस वीडियो को अब तक 69 लाख से ज्यादा बार देखा गया है। वीडियो देखने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
पंजाब के इन 47 विभागों में होंगे ऑनलाइन ट्रांसफर, नोडल अधिकारी नियुक्त
27 Jun, 2025 05:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। प्रदेश के 47 विभागों में ऑनलाइन स्थानांतरण होंगे। मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति को लेकर सभी विभागों को ग्रुप ‘ए’ या ग्रुप ‘बी’ श्रेणी के नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी नोडल अधिकारियों को आज शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित न्यू हरियाणा सिविल सचिवालय में प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेश के अनुसार नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक या उससे ऊपर का होगा, जो ऑनलाइन स्थानांतरण नीति के कार्यान्वयन में संबंधित प्रशासनिक सचिव की सहायता करेगा। नीति में शामिल किए जाने या इससे निकाले जाने वाले काडर की सूची भी प्रकाशित की जाएगी। नोडल अधिकारी की नियुक्ति और काडर सूची के प्रकाशन का कार्य एचआरएमएस पोर्टल’ के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए विभाग का एडमिन उपयोगकर्ता http://hrmshry.nic.in पर लागिन करेगा।
इन विभागों में होंगे |नलाइन स्थानांतरण
आयुष
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
खाद्य एवं औषधि प्रशासन
महिला एवं बाल विकास
पुलिस
कारागार
अभियोजन
वित्त
कोषागार एवं लेखा
आर्थिक एवं सांख्यिकीय विश्लेषण
स्थानीय लेखा परीक्षा
वन
मत्स्य पालन
उच्चतर शिक्षा
मौलिक शिक्षा
माध्यमिक शिक्षा
तकनीकी शिक्षा
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता
अनुसूचित जातियां, अनुसूचित जनजातियां और अन्य पिछड़ी जातियां कल्याण
नगर एवं ग्राम नियोजन
ऊर्जा
लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें)
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग
रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां
खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले
रोजगार
ईएसआइ हेल्थ केयर
कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण
श्रम
खेल एवं युवा कल्याण विभाग
कृषि
बागवानी
अग्निशमन सेवाएं
शहरी स्थानीय निकाय
नगर निगम
पशुपालन
खान एवं भूविज्ञान
राज्य परिवहन नियंत्रक
परिवहन
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
उद्योग
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम
सूचना, भाषा और जनसंपर्क
आबकारी एवं कराधान विभाग
चुनाव
विकास और पंचायत ग्रामीण विकास।
ओटीपी से प्रक्रिया होगी पूरी आनलाइन ट्रांसफर पालिसी मेनू से नोडल मास्टर एमओटीपी विकल्प चुनेगा। फिर पात्र अधिकारियों की सूची डाउनलोड करेगा। उसमें से उपयुक्त अधिकारी का चयन कर स्वीकृत नोटिंग अपलोड करेगा और ओटीपी सत्यापन के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करेगा। चयनित अधिकारी दिसंबर 2026 से पहले सेवानिवृत्त नहीं होना चाहिए। पोर्टल में नोडल अधिकारी का संपादन (एडिट) भी किया जा सकता है। नोडल अधिकारी एचआरएमएस पर तीन चरणों में कार्य करेगा। सबसे पहले वह काडर का नाम जोड़ेगा।
71 किमी लंबे होडल-नूंह -पटौदी मार्ग को फोर लेन करने का रास्ता साफ; उत्तर प्रदेश
27 Jun, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नूंह: उत्तर प्रदेश से नूंह-पलवल जिला को जोड़ने वाले प्रमुख होड़ल-नूंह-पटौदी 71 किमी लंबे मार्ग के चौड़ीकरण करने के लिए मार्ग प्रशस्त हो चुका है। मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 616 करोड़ एक लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी। सरकार की तरफ मार्ग के चौड़ीकरण करने के लिए प्रशासनिक अनुमति प्रदान की गई। मार्ग के चौड़ीकरण के कार्य को एचएसआरडीसी(हरियाण स्टेट रोड डिवलोपमेंट कारपोरेशन ) कराएगा। इस मार्ग की चौड़ाई फिलहाल 10 मीटर बताई गई। मार्ग को 10 मीटर से बढ़ाकर 17 मीटर का किया जाएगा। बीच में दो फीट का डिवाइडर बनाकर दोनों तरफ मार्ग को साढ़े आठ मीटर चौड़ा किया जाएगा। मार्ग को फोर लेने किए जाने का प्रविधान है।
उत्तर प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ जाना हो जाएगा आसान
मार्ग के फोर लेने होने पर उत्तर प्रदेश से हरियाणा व पंजाब तथा चंडीगढ़ के लिए वाहन आने-जाने के लिए शार्टकट रास्ते बनेगा। मार्ग को फोर लेन बनाने का यह प्रपोजल चार वर्ष से विचारधीन चल रहा है। मार्ग को फोर लेन बनाने की तकनीकी स्वीकृति पहले भी प्रदान की जा चुकी है। एचएसआरडीसी की तरफ से फोर लेन की प्रक्रिया पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि होडल-नूंह -पटौदी मार्ग उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से जुड़ता है। इस मार्ग पर उत्तर प्रदेश से वाहनाें की हरियाणा के विभिन्न शहरों, पंजाब , चंडीगढ़ के लिए वाहनों की आवाजाही रहती है। दोनों तरफ से वाहन एक दूसरे राज्य के लिए आते जातें हैं, लेकिन यह मार्ग संकरा होने के कारण यहां पर वाहनों की अक्सर भीड़ रहती है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की इस मार्ग की घोषणा
2022 में सैद्धांतिक रूप से तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मार्ग की घोषणा की थी। उसके बाद मार्ग फोर लेन बनाने की डीपीआर तैयार की गई थी। बनाई गई डीपीआर को पहले मंजूरी प्रदान हो चुकी है। अब मार्ग को लोक निर्माण विभाग के एसीएस की तरफ से मार्ग को फोर लेन बनाने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। बीते 23 जून को एसीएस की तरफ से एचएसआरडीसी के लिए पत्र भी जारी कर दिया गया है। आगे की प्रक्रिया एचएसआरडीसी की तरफ से किया जाएगा।
मार्ग के फोर लेने से क्या होगा फायदा
मार्ग के फोर लेन होने से उत्तर प्रदेश के लिए आने-जाने वाले वाहनों की भीड़ कम होगी। पंजाब, चंडीगढ व हरियाणा के लिए जाने वाले वाहनों को शार्टकट व सुगम रास्ता मिलेगी। जिससे समय की बचत भी होगी। घंटों का सफर तय करने में कम समय लगेगा। नूंह जिले की यातायात सुविधा मजबूत होगी। नूंह जिले को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग है।
फोर लेन बनाने में क्या आएंगी अड़चनें
मार्ग को फोर बनाने में वन विभाग की शर्तें अड़चनें पैदा कर सकती है। क्योंकि जितने मार्ग को चौड़ा किया जाएगा, उसकी एवज में वन विभाग का पौधे लगाने के लिए जगह सरकार को उपलब्ध करानी होगी।
केवल नूंह जिले में ही 100 से भी ज्यादा एकड़ जगह वन विभाग का उपलब्ध करानी होगी। यह जगह आसानी से मिल यह कहना अभी मुश्किल ही होगा। एचएसआरडीसी की तरफ से मार्ग के फोर लेन करने के लिए डिटेल एस्टीमेट बनाया जाएगा। जिसमें बिजली पानी की लाइनें भी शामिल होंगी। क्योंकि मार्ग के साथ-साथ बिजली पानी की लाइन भी होती हैं। इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। रही बात वन विभाग की भूमि की यह प्रक्रिया से अलग से सरकार के स्तर पर ही शुरू होगी।
विदेश भेजने के नाम पर ठगी का मामला, एजेंट ने 15 लाख में दिया नकली वीजा
27 Jun, 2025 05:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने नकली वीजा के जरिये एक यात्री को कनाडा भेजने का प्रयास करने वाले एजेंट को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। आरोपित एजेंट ने यात्री से 15 लाख रुपये में सौदा कर उसे कनाडा भेजने का वादा किया था, लेकिन नकली वीजा मिलने के बाद यात्री को ताइवान से नई दिल्ली भेज दिया गया। गिरफ्तार एजेंट नाम विशन दत्त उर्फ विशु है। आईजीआई एयरपोर्ट की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि 23 जून की रात तरसेम लाल (47) ताइवान में कनाडा के लिए आगे की बोर्डिंग से इंकार किए जाने के बाद आईजीआई एयरपोर्ट पर पहुंचा।
कनाडा का फर्जी वीजा मिलने पर लौटाया गया दिल्ली
उसके यात्रा दस्तावेजों की जांच में अधिकारियों ने पाया कि उसके पासपोर्ट में एक नकली कनाडाई वीजा लगा है। यात्री को धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस के हवाले कर दिया गया। एयरपोर्ट थाना पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यात्री तरसेम लाल ने पुलिस को बताया कि उसके कई स्वजन कनाडा गए हैं और अच्छी कमाई कर रहे हैं। वह भी बेहतर आजीविका के लिए वहां जाना चाहता था। वह अपने गांव के एजेंट विशन के संपर्क में आया। विशन ने 15 लाख रुपये में एक मल्टी-एंट्री विजिटर वीजा की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
एजेंट ने कनाडा में नौकरी दिलाने का वादा भी किया था
साथ ही वहां नौकरी दिलाने की बात कही। सौदा तय होने के बाद यात्री ने एजेंट को 5.5 लाख रुपये दे दिए। शेष रकम गंतव्य पर देने की बात हुई। तरसेम ने बताया कि 11 मई 2025 को वह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से मलेशिया के लिए रवाना हुआ। वहां वह एक माह रहा। इस दौरान एजेंट के एक सहयोगी ने उसका पासपोर्ट ले लिया और बाद में उसे कनाडा का वीजा लगाकर लौटा दिया। फिर विशन ने कनाडा जाने के लिए उसके लिए मलेशिया से इंडोनेशिया, फिर बैंकाक और अंत में ताइपे की यात्रा की व्यवस्था की। ताइपे पहुंचने पर एयरपोर्ट अधिकारियों ने उसके पासपोर्ट में कनाडा का नकली वीजा देखकर उसे वापस नई दिल्ली भेज दिया।
एजेंट को हरियाणा के यमुना नगर से पकड़ा गया
एसआई राजेश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यात्री के निशानदेही और तकनीकी जांच के जरिये एजेंट विशन दत्त को बुधवार को यमुनानगर हरियाणा के एक ठिकाने से पकड़ लिया। पूछताछ में विशन से पुलिस को पता चला कि वह आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। वह 2022 में वह एजेंटों के एक समूह के संपर्क में आया, जो विदेश यात्रा और रोजगार दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। जल्द पैसा कमाने के लिए वह उनके साथ एजेंट के रूप में काम करने लगा। उसने तरसेम के संपर्क करने पर अपने साथियों की मदद से वीजा और ताइपे के जरिए कनाडा की यात्रा सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था की। पुलिस ठगी में शामिल अन्य एजेंटों की पहचान करने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
ब्राजील में पीएम मोदी के सम्मान से चीनी राष्ट्रपति नाराज
27 Jun, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रियो डी जेनेरियो/बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में होने वाले ब्रिक्स समिट में भाग नहीं लेंगे। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने राष्ट्रपति के बिजी शेड्यूल का हवाला देते हुए मेजबान ब्राजील को इसकी जानकारी दी है। ब्राजील में 17वां ब्रिक्स समिट 6-7 जुलाई को होने वाला है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा को स्टेट डिनर पर बुलाया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी राष्ट्रपति इससे नाराज हैं। अनुमान है कि मोदी के जाने पर चीनी राष्ट्रपति को कम तवज्जो मिल सकती थी, इसलिए उन्होंने समिट से दूरी बना ली।
गौरतलब है कि ब्रिक्स (ब्रिक्स) पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देश- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का एक ग्रुप है। इसका मकसद इन देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना है। ब्राजील, रूस, भारत और चीन ने 2009 में ब्रिक्स की स्थापना की थी। दक्षिण अफ्रीका को 2010 में शामिल हो गया। इस ग्रुप में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया और यूएई को पूर्ण सदस्य के रूप में जोड़ा गया है। बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा और उज्बेकिस्तान को भागीदार देशों के रूप में ब्रिक्स में शामिल किया गया है।
पहली बार ब्रिक्स में नहीं जाएंगे जिनपिंग
शी जिनपिंग के बतौर राष्ट्रपति 12 सालों के कार्यकाल में ऐसा पहली बार होगा, जब वे ब्रिक्स समिट में नहीं जाएंगे। 2013 से वे हर साल समिट में शामिल होते हैं। कोविड महामारी के दौरान, उन्होंने दो साल ब्रिक्स में वर्चुअली भाग लिया था। शी जिनपिंग के समिट में भाग न लेने की रिपोट्र्स पर ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के आंतरिक फैसलों पर टिप्पणी नहीं करेगा। हालांकि, बैठक से करीब 10 दिन पहले चीनी राष्ट्रपति के इस फैसले से ब्राजील परेशान है।
चीन में शंघाई सहयोग संगठन समिट के दौरान भडक़े राजनाथ सिंह
27 Jun, 2025 10:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चीन के किंगदाओ में हैं, जहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की रक्षा मंत्रियों की बैठक आयोजित हो रही है। भारत ने बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए स्ष्टह्र समिट के साझा घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। दरअसल, समिट के दौरान राजनाथ सिंह ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया था और बताया कि किस तरह पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह देता है। इसके बाद मेजबान चीन की ओर से साझा घोषणा-पत्र तैयार हुआ, लेकिन इसमें आतंकवाद और पाकिस्तान का जिक्र नहीं था। पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र नहीं होने से भी राजनाथ सिंह भडक़ गए। यही कारण है कि उन्होंने घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। यही नहीं, राजनाथ सिंह अन्य सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों से मिले, लेकिन पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से मुलाकात नहीं की।
सूत्रों के हवाले से बताया कि भारत ने शंघाई सहयोग संगठन में संयुक्त घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। भारत संयुक्त दस्तावेज की भाषा से संतुष्ट नहीं है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का कोई जिक्र नहीं था, जबकि पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुई घटनाओं का जिक्र था। इसलिए भारत ने संयुक्त घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
पाक को सुनाई खरी-खरी
इससे पहले राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की मौजदूगी में आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के खरी-खरी सुनाई। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि कुछ देश आतंकवाद को नीतिगत हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को पनाह देते हैं। ऐसे दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। एससीओ को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए। राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर आत्मरक्षा के लिए भारत का अधिकार था, जिसके तहत आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया।
रूसी नेताओं पर चलेगा मुकदमा, जेलेंस्की की नई अदालत को मंजूरी, यूक्रेन पर हमले के लिए कसेगा शिकंजा
27 Jun, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूसी नेताओं पर मुकदमा चलाने के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की स्थापना की योजना को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी। जेलेंस्की ने कहा कि यह विशेष न्यायाधिकरण रूस के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर आक्रमण के लिए मुकदमा चलाएगा। यह न्यायालय यूक्रेन और यूरोप की परिषद के बीच एक समझौते के माध्यम से कायम किया जाएगा। इस घोषणा के बाद, जेलेंस्की ने स्ट्रासबर्ग में स्थित यूरोप की परिषद का दौरा भी किया। यह न्यायाधिकरण आक्रामकता के अपराध के लिए रूस के उच्च अधिकारियों पर मुकदमा चलाने का मुख्य उद्देश्य रखता है।
यूक्रेन ने फरवरी, 2022 में रूस की ओर से आक्रमण के बाद से कई युद्ध अपराधों के आरोप लगाए हैं, जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे पर बमबारी, नागरिकों की हत्या, बलात्कार, बंधक बनाना और यातना देना। हालांकि, रूस इन आरोपों से इनकार करता है। यूक्रेन ने विशेष न्यायाधिकरण की स्थापना की मांग की है, क्योंकि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय अदालतों, जैसे हेग में स्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय, के पास आक्रामकता के अपराध पर मुकदमा चलाने का अधिकार नहीं है। इसके साथ ही, यह न्यायालय उन युद्ध अपराधों पर भी मुकदमा चलाएगा, जो रूस की सेना ने यूक्रेन में किए हैं।
जेलेंस्की के कदम से अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल
राष्ट्रपति जेलेंस्की के इस फैसले के बाद यूरोपीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इसका स्वागत किया है। यूरोपीय परिषद ने इसे न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। वहीं रूस ने इस न्यायाधिकरण को राजनीतिक चाल कहते हुए खारिज किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह न्यायालय बनता है, तो यह भविष्य के युद्धों में जवाबदेही की मिसाल बन सकता है।
ईरान की जीत अमरीका के मुंह पर तमाचा, इजरायल से जंग खत्म होने के बाद पहली बार बोले खामेनेई
27 Jun, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने गुरुवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से बयान देते हुए दावा किया कि उनकी देश ने इजरायल पर जीत दर्ज की है और अमरीका को भी करारा जवाब दिया है। उन्होंने असल में ऐसा कहा कि ईरान ने अमरीका के मुंह पर जोरदार तमाचा मारा है। खामेनेई ने यह टिप्पणी युद्धविराम की घोषणा के बाद की, जो अमरीका की मध्यस्थता से मंगलवार को लागू हुआ था। एक वीडियो संदेश में खामेनेई ने कहा कि इस्लामी गणराज्य विजयी रहा और बदले में अमरीका के चेहरे पर तमाचा मारा। उनका यह बयान उन खबरों के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि ईरान ने कतर स्थित अमरीकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया था। हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई। खामेनेई ने अपने संबोधन में अमरीका पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमरीका ने दोनों देशों के बीच खुली जंग में केवल इसलिए हस्तक्षेप किया, क्योंकि उसे लगा कि अगर उसने हस्तक्षेप नहीं किया, तो जायोनिस्ट शासन (इजरायल) पूरी तरह तबाह हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अमरीका को इस युद्ध से कोई लाभ नहीं हुआ। ईरान ने अमरीका के चेहरे पर जोरदार तमाचा मारा। खामेनेई ने ईरान के लोगों को इजरायल के खिलाफ जंग जीतने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं झूठे इजरायली सरकार पर जीत के लिए बधाई देता हूं। ईरान ने अपने हमलों से इजराइल को धराशायी कर दिया, कुचल दिया। सुप्रीम लीडर खामेनेई 13 जून को युद्ध शुरू होने के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखे गए थे। युद्ध की शुरुआत इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों और शीर्ष सैन्य वैज्ञानिकों और अधिकारियों पर हमले के साथ हुई थी। उसके बाद से बताया जाता है कि खामेनेई एक गुप्त स्थान पर थे।
ईरान से न्यूक्लियर डील जरूरी नहीं, पर अगले हफ्ते बातचीत होगी
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नीदरलैंड में नाटो समिट के दौरान कहा कि ईरान ने जंग में बहादुरी दिखाई। ईरान को जंग के बाद नुकसान से उबरने के लिए ऑयल बेचने की जरूरत है। अगर चीन, ईरान से ऑयल खरीदना चाहते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अब परमाणु समझौता जरूरी नहीं है, क्योंकि अमरीका और इजरायल पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट कर चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि अमरीका और ईरान के अधिकारी अगले हफ्ते बातचीत करेंगे।
भारत ने ईरान-इजरायल से अब तक 4244 भारतीय बचाए
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि ऑपरेशन सिंधु के तहत भारत ने ईरान और इजरायल से अब तक 4244 भारतीयों को निकाला है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ईरान में करीब 10,000 और इजरायल में लगभग 40,000 भारतीय रहते हैं। अब तक भारत ने ईरान से 3,426 भारतीय नागरिकों और 11 भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को निकाला है। इजरायल से 818 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है।
रूस का प्रस्ताव: भारत को Su-57E का एक्सपोर्ट वर्जन ऑफर
26 Jun, 2025 08:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत चीन और पाकिस्तान से एक साथ हवाई खतरे का सामना कर रहा है, क्योंकि वे अपनी वायुसेना में पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान शामिल कर रहे हैं। ऐसे में भारत भी तेजी से पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की तलाश में है, जिसके लिए रूसी सुखोई Su-57 एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
मॉस्को: भारत एक साथ दो मोर्चों पर हवाई खतरे का सामना कर रहा है। चीन और पाकिस्तान तेजी से अपनी वायुसेना में नए लड़ाकू विमानों को शामिल कर रहे हैं। इनमें पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान भी शामिल हैं। चीनी वायुसेना में वर्तमान में पांचवीं पीढ़ी का एक लड़ाकू विमान J-20 ऑपरेशनल है, जबकि J-35 परीक्षण के दौर से गुजर रहा है। वहीं, पाकिस्तान ने भी चीन से पांचवीं पीढ़ी के J-35 को खरीदने का ऐलान किया है। इस बीच भारतीय वायुसेना में सबसे ताकतवर विमान राफेल है, जो 4++ जेनरेशन का माना जाता है। ऐसे में भारत तेजी से पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की तलाश कर रहा है। माना जा रहा है कि रूसी रूसी सुखोई Su-57 लड़ाकू विमान भारत के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। रूस ने भारत को Su-57 के ज्वाइंट प्रोडक्शन का ऑफर भी दिया है।
एसयू-57 से भारत को मिलेगी बढ़त
21 जून को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रूस ने भारत को अपनी जरूरतों के हिसाब से मोडिफाइड Su-57E लड़ाकू विमान का ऑफर दिया है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या भारतीय वायुसेना Su-57 को शामिल करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसे भारत में निर्मित रडार और मिशन सिस्टम से लैस किया जाता है, तो Su-57E भारतीय वायुसेना को एक महत्वपूर्ण तकनीकी बढ़त प्रदान कर सकता है, जो चीन और कुछ हद तक पाकिस्तान द्वारा विकसित किए जा रहे स्टील्थ और स्टैंडऑफ लड़ाकू विमानों की भरपाई कर सकता है।
भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को जानें
भारत का वर्तमान लड़ाकू बेड़ा मजबूत लेकिन विविधतापूर्ण है, जो चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों- सुखोई Su-30MKI, मिराज 2000, मिग-29UPG, जगुआर और हाल ही में खरीदे गए राफेल के मिश्रण पर बना है। हालांकि, भारत के पास स्टील्थ क्षमता से लैस, नेटवर्क वारफेयर और सेंसर फ्यूजन में सक्षम एक वास्तविक पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान नहीं है। ऐसे विमान एयर सुपीरियॉरिटी मिशन को बेहतरीन तरीके से अंजाम देते हैं। चीन ने ऐसे चार विमानों का निर्माण किया है, जिनमें से दो J-35 और J-36 अभी परीक्षण के दौर से गुजर रहे हैं।
Su-57 कितना शक्तिशाली
रूस के Su-57 फेलॉन का एक्सपोर्ट वेरिएंट Su-57E, स्टेल्थ, सुपरमैन्युवरेबिलिटी, सुपरक्रूज़ क्षमता और डीप स्ट्राइक रेंज जैसी दुर्लभ क्षमताओं से लैस है। ये विशेषताएं तत्काल गुणात्मक लाभ प्रदान करेंगी। भारत के हाथों में, ये विशेषताएं चीन के J-20 जेट और पाकिस्तान के भविष्य के J-35 जैसे खतरों का मुकाबला करने में मदद कर सकती हैं, जिससे लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिमी क्षेत्र में LOC जैसे अत्यधिक विवादित क्षेत्रों में हवाई शक्ति संतुलन बदल सकता है। अगर भारत इस विमान को अपने उत्तम AESA रडार और भारतीय मिशन कंप्यूटरों के साथ इंटीग्रेट करता है, तो एख विशिष्ट प्लेटफॉर्म तैयार कर सकता है।
Su-57 से भारत को क्या लाभ होगा
Su-57 के कम रडार क्रॉस-सेक्शन (RCS) और हथियारों का इंटरनल बे इसे संघर्ष के पहले दिन दुश्मन के प्रमुख बुनियादी ढांचे-एयरबेस, मिसाइल बैटरी, रडार सिस्टम-को लक्षित करने के लिए उसके एयर डिफेंस में घुसपैठ लगाने में मदद करता है। इस तरह की गहरी पैठ वाली स्ट्राइक एक ऐसी क्षमता है जो भारत के पास वर्तमान में स्टील्थ फॉर्म में नहीं है। इसकी सुपरक्रूज़ विशेषता (बिना आफ्टरबर्नर के निरंतर सुपरसोनिक उड़ान) और 3D थ्रस्ट वेक्टरिंग इंजन हवाई मुठभेड़ों में उत्तरजीविता और मनुवरबिलिटी को बढ़ाते हैं, खासकर LAC जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में, जहां त्वरित प्रतिक्रिया समय और नजदीकी दूरी की डॉगफाइट्स परिचालन रूप से संभावित हैं।
प्रशासन ने कसी नकेल: अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, मचा हड़कंप
26 Jun, 2025 04:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महेंद्रगढ़। जिला नगर योजनाकार, नारनौल की टीम बुधवार को नियंत्रित और शहरी क्षेत्र महेंद्रगढ़ में राजस्व सम्पदा गांव पायगा (कैंची मोड के पास महेंद्रगढ़) में लगभग 05 एकड भूमि में काटी गई अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ की कार्रवाई की। इस कार्रावई में पांच एकड़ भूमि में 20 डीपीसी व दो चारदीवारी के साथ-साथ सभी रोड नेटवर्क उखाड़ दिए गए। यह पूरी तोड़फोड़ कार्रवाई जिला नगर योजनाकार, नारनौल और मौका डयूटी मजिस्ट्रेट गुंजन वर्मा, की अगुवाई में की गई।
क्षेत्रान्वेषक रवि कुमार, योगेन्द्र कुमार, विकास, जितेन्द्र के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा। टाउन प्लानिंग विभाग ने जिला प्रशासन से पुलिस बल की मदद ली गई थी। जिला नगर योजनाकार, नारनौल ने लोगों से अपील की है कि नियन्त्रित क्षेत्र/शहरी क्षेत्र में कोई भी निर्माण बिना विभागीय अनुमति के न करें।
महानिदेशक, नगर और ग्राम आयोजना विभाग से लाइसेंस लेने के उपरान्त ही कृषि भूमि को रिहायशी अथवा वाणिज्यिक उपयोग के लिए परिवर्तित करें। इसीलिए आम जन से बार-बार यही अपील की जाती है कि किसी भी अवैध कालोनी में कोई प्लाट प्रापर्टी डीलर्स के बहकावे में आकर न खरीदें।
11 हजार से अधिक किसानों की बल्ले-बल्ले, खातों में आए करोड़ों रुपये
26 Jun, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत। सोनीपत में फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत जिले के किसानों को करोड़ों रुपये की अनुदान राशि जारी की गई है। वर्ष 2024-25 के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा 559 किसानों को सुपर सीडर, बेलर व स्ट्रा रेक जैसे कृषि यंत्रों के लिए भौतिक सत्यापन किया गया था। अब छह करोड़ 23 लाख 30 हजार रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से जारी की गई है।
वहीं, पहले भौतिक सत्यापन करवाने के बाद दूसरे सत्यापन में शामिल न हो पाने वाले सात किसानों को भी पांच लाख 14 हजार रुपये की अनुदान राशि दी गई है। प्रदूषण की रोकथाम और मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन योजना शुरू की है। योजना के तहत फसल अवशेषों को रोटावेटर या सुपर सीडर से मिट्टी में मिलाया जाता है अथवा बेलर से उनके गठ्ठर बनवाए जाते हैं। इसके लिए सरकार किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देती है। वर्ष 2024-25 के लिए जिले के 11,514 किसानों को 95,737 एकड़ भूमि के लिए नौ करोड़ 57 लाख 37 हजार रुपये की राशि 20 जून को डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजी गई है।
DLF ने हाईकोर्ट में दी सफाई, कहा- 1995 में ही मिली थीं सभी मंजूरियां
26 Jun, 2025 04:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-5 में अरावली क्षेत्र में 40 एकड़ भूमि पर लगभग 2000 पेड़ों की कटाई को लेकर लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान डीएलएफ ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा। मामले की सुनवाई के दौरान डीएलएफ की ओर से पेश वकीलों ने अवकाशकालीन पीठ को बताया कि इस परियोजना के लिए सभी आवश्यक मंजूरी वर्ष 1995 में ही प्राप्त कर ली गई थीं डीएलएफ की ओर से कंपनी को बताया गया कि यह जमीन 1995 से पहले ही अधिग्रहित कर ली थी और उसी समय से वैध लाइसेंस उनके पास है। उन्होंने अदालत में कहा यह कोई रातों-रात शुरू हुई योजना नहीं है।
'हमने सभी नियमों का पालन किया'
यह जमीन तीन दशक पहले ही ग्रुप हाउसिंग और प्लाटेड कालोनी के लिए लाइसेंस प्राप्त कर चुकी थी। इस पर यह कहना कि हम अचानक जंगल में आ बसे हैं, तथ्यात्मक रूप से गलत है। डीएलएफ ने स्पष्ट किया कि यह जमीन वन भूमि नहीं है और न ही इसमें किसी वन क्षेत्र पर आवासीय निर्माण किया गया है। चंडीगढ़ या गुरुग्राम जैसे शहरों में निजी भूमि पर पेड़ काटने के लिए भी अनुमति लेनी होती है, और हमने सभी नियमों के तहत प्रक्रिया का पालन किया है।
इसी मामले में नगर निगम गुरुग्राम की ओर से भी हलफनामा दाखिल किया गया, जिसमें कहा गया कि डीएलएफ को हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से आवश्यक अनुमति मिल चुकी है। निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया की ओर से कोर्ट में कहा निगम एक जिम्मेदार वैधानिक संस्था है, जो पर्यावरण संरक्षण, सतत शहरी विकास और अरावली पर्वत श्रृंखला की नाजुक पारिस्थितिकी को लेकर सजग है। निगम हरियाणा के हरित आवरण को संरक्षित रखने हेतु वृक्षारोपण, ग्रीन एरिया रख-रखाव और जनजागरूकता जैसे अनेक प्रयास करता रहा है।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन
सुनवाई के दौरान एक स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ता ने भी पक्षकार बनने के लिए एक अर्जी दायर की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि वह स्वयं मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन का नेतृत्व कर चुके हैं, और उन्होंने रात के समय पेड़ों की कटाई को रोकने की मांग की थी।
जिससे वन्यजीवों के आवास नष्ट न हों। यह मामला तब सामने आया जब हाई कोर्ट ने एक समाचार रिपोर्ट “डीएलएफ प्रोजेक्ट ने अरावली में मचाया बवाल, पर्यावरण कार्यकर्ताओं का मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन ” पर स्वत संज्ञान लिया। रिपोर्ट में स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों की चिंता जताई गई थी, जिन्होंने परियोजना को अरावली की पारिस्थितिकी के लिए विनाशकारी बताते हुए विरोध प्रदर्शन किए थे और संबंधित अधिकारियों को शिकायत सौंपी थीं। हाई कोर्ट ने अपने संज्ञान नोट में खासतौर से पर्यावरण संतुलन और प्रदूषण से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई तीन जुलाई को होगी।
गोली मारकर हत्या करने वाले बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा
26 Jun, 2025 02:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलवल: क्राइम ब्रांच पलवल की टीम ने अलावलपुर गांव में मोहित नाम के युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में दो मुख्य आरोपितों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा है।
अर्पिता की पहचान अलावलपुर गांव के रहने वाले आजाद उर्फ अज्जू, अक्कू उर्फ अवकाश के रूप में हुई है। गिरफ्तार आरोपितों के पैर में गोली लगी हैं। दोनों बदमाशों पर मोहित हत्याकांड में पांच-पांच हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। मामले में अलावलपुर गांव के रहने वाले चाचा वेदपाल ने पुलिस को शिकायत में बताया था कि 11 जून की सुबह उनका भतीजा मोहित फरीदाबाद जाने के लिए गांव के बस अड्डे पर खड़ा था।
कुछ दिन पहले ही मिली थी जान से मारने की धमकी
वह भी दवाई लेने के लिए बस अड्डे पर गए थे, तभी उन्होंने देखा कि एक बाइक पर सवार दो युवक मोहित को गोली मारकर भाग रहे थे। वेदपाल ने बताया कि हमलावरों में से एक की पहचान अक्कू उर्फ अवकाश के रूप में हुई, जिसे वह पहले से जानते हैं। वेदपाल ने यह भी बताया कि उनके भतीजे मोहित की कुछ लोगों के साथ पुरानी रंजिश चल रही है। कुछ दिन पहले ही मोहित को जान से मारने की धमकी मिली थी। उन्होंने जिन व्यक्तियों पर शक जताया है, उनके नाम रन सिंह, आजाद उर्फ अज्जू, अक्कू, करण, चरन सिंह, जतिन हैं।
जवाबी फायरिंग में बदमाशों के पैर में लगी गोली
पुलिस ने वेदपाल के बयान के आधार पर संबंधित धाराओं हत्या का मामला दर्ज कर लिया और हमलावरों की तलाश में जुट गई थी। क्राइम ब्रांच पलवल की टीम ने 16 जून को वारदात का षड्यंत्र रचने में शामिल अलावलपुर गांव के रहने वाले रण सिंह और कमलजीत को गिरफ्तार कर लिया। अब बुधवार देर रात क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली थी कि इस मामले के मुख्य आरोपित अक्कू उर्फ अवकाश और आजाद उर्फ अज्जू अलावलपुर गांव के समीप मौजूद हैं और अलावलपुर चौकी के समीप आने वाले हैं। इसके बाद पुलिस ने मौके पर नकाबंदी कर दी। बदमाश आगरा कैनाल की तरफ भाग गए और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों बदमाशों को पकड़ लिया और उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल लाया गया।
'मैं ऊपर वाले रूम में अकेली थी...', हरियाणा में कमरे में घुसकर भाई ने किया बहन का रेप
26 Jun, 2025 02:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैथल। हरियाणा के कैथल जिले के ढांड थाना क्षेत्र के एक गांव में भाई-बहन के रिश्ते को तार-तार करने का गंभीर मामला सामने आया है। ताऊ के लड़के ने चचेरी बहन के साथ दुष्कर्म कर दिया। आरोपित परिवार में से ही युवती के सगे ताऊ का बेटा है।
युवती की शिकायत पर आरोपित विवेक के विरुद्ध महिला थाना में केस दर्ज कर लिया गया था। पुलिस ने मंगलवार शाम को ही आरोपित को हनुमान वाटिका कैथल के पास से ही गिरफ्तार कर लिया था। आरोपित को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
शिकायत में 19 वर्षीय युवती ने बताया कि वह 11 जून को घर के ऊपर वाले कमरे में अकेली थी। परिवार के अन्य सदस्य नीचे के कमरों में थे। तभी उसके ताऊ का लड़का विवेक कमरे में आ गया था। कुछ दिन पहले उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। इस कारण वह मानसिक रूप से थोड़ी परेशान थी।
आरोपित ने उसे दिलासा दिलाने के बहाने उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म करने के बाद आरोपित ने उसे धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा। उसके बाद आरोपित मौके से फरार हो गया था।
युवती ने इसके बारे में परिवार के लोगों को बताया और महिला थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। महिला थाना प्रभारी एसआई सुनीता ने बताया कि पुलिस ने युवती की शिकायत पर आरोपित के विरुद्ध केस दर्ज कर जांच की थी। टीम ने आरोपित विवेक को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
खुशी से मातम में बदली कहानी, भोज के बाद लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा
हीट स्ट्रोक के खतरे को कम करता है कच्चा प्याज
“पूरा बंगाल तैयार है बदलाव के लिए”, अमित शाह का बड़ा चुनावी दावा
तेज प्रताप का बड़ा दावा, RJD में टूट के संकेत, सियासी पारा चढ़ा
DRDO ने बनाया AI से लैस ‘प्रज्ञा’, गृह मंत्रालय को सौंपा सिस्टम
200 का लक्ष्य और गलत शॉट: "पिच 175 वाली थी, पर हमारी खराब रणनीति ने डुबोई लुटिया"— हेडन।
चेन्नई मैच की इनसाइड स्टोरी: 5वें ओवर में दी गई नो-बॉल और वाइड ने खोले फिक्सिंग के गहरे राज।
फर्जी खातों से खेला गया 2500 करोड़ का खेल, गुजरात में बड़ा खुलासा
दिल दहला देने वाला वारदात: बच्चे की हत्या कर ड्रम में छिपाया शव
ड्रेस कोड पर बवाल: भोपाल में लेंसकार्ट के खिलाफ अनोखा विरोध
