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कॉफी में डाला जा रहा कॉकरोच पाउडर, एक कप की कीमत 560 रुपए
25 Nov, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। अजीबोगरीब खान-पान के मामले में चीन दुनियाभर में बदनाम है। इतना ही नहीं, असामान्य भोजन और पेय पदार्थों के प्रयोग के मामले में भी चीन दुनियाभर में हमेशा सुर्खियों में रहा है। ऐसे में अगर कोई पूछे कि सांप-कुत्ते, मगरमच्छ-छिपकली किस देश के लोग खाते हैं, तो मन में चीन का नाम ही आएगा क्योंकि वहां पर ही ऐसा हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में चीन की राजधानी बीजिंग में एक ऐसा ड्रिंक वायरल हो रहा है, जिसने कॉफी प्रेमियों को हैरान कर दिया है। बीजिंग के एक म्यूजियम में एक खास तरह की कॉफी बेची जा रही है, जिसके ऊपर पिसे हुए कॉकरोच का पाउडर छिड़का जाता है। यह कॉकरोच कॉफी न सिर्फ अजीब है, बल्कि अपनी अजीबोगरीब सामग्री और स्वाद के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। बीजिंग में स्थित एक कीट संग्रहालय के कॉफी शॉप में यह ‘क्रॉली-क्रॉली’ कॉफी बेची जा रही है। इस पेय को ‘कॉकरोच कॉफी’ नाम दिया गया है, जिसकी एक कप की कीमत करीब 560 रुपए बताई जा रही है। इस कैफीन युक्त ड्रिंक में केवल पिसे हुए कॉकरोच का पाउडर ही नहीं, बल्कि सूखे पीले मीलवॉर्म्स भी डाले जाते हैं। इस कॉफी को पीने वाले ग्राहकों के मुताबिक इसका स्वाद “जला हुआ और हल्का खट्टा” होता है।
वहीं म्युजियम के एक कर्मचारी ने बताया कि हमने ये कॉफी जून के अंत में लॉन्च की थी और हाल ही में यह इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगी है। कर्मचारी ने बताया कि इस दुकान की नई सीरीज में घटपर्णी पौधे के पाचक रस का इस्तेमाल करके बनाए गए विशेष पेय और सीमित समय के लिए चींटियों से बना ड्रिंक भी शामिल है। चींटियों से बना पेय केवल हैलोवीन के दौरान बेचा गया था। कई लोग इस कॉफी को सेहत के लिए खराब बता रहे हैं। ऐसे में कस्टमर की आशंकाओं को दूर करते हुए संग्रहालय के कर्मचारी ने दावा किया कि कॉफी में इस्तेमाल होने वाली सारी चीजें पारंपरिक चीनी चिकित्सा की जड़ी बूटी की दुकान से खरीदी गई हैं, इसलिए ग्राहक इस खास ड्रिंक की सुरक्षा के बारे में आश्वस्त हैं।
टीसीएम सिद्धांतों का दावा है कि कॉकरोच पाउडर का इस्तेमाल रक्त परिसंचरण में मदद करने वाली दवा के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा डॉक्टर मानते हैं कि प्रोटीन से भरपूर पीले मीलवॉर्म्स लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। कर्मचारी ने बताया कि जहां चींटी वाले ड्रिंक का स्वाद खट्टा होता है, वहीं घटपर्णी पौधे के पाचक रस से बना पेय सामान्य कॉफी जैसा लगता है। कर्मचारी ने कहा कि कॉकरोच कॉफी को लेकर युवा वर्ग काफी उत्सुक है और इसे जमकर पी रहा है।
कई इंटरनेट यूजर्स ने इस ड्रिंक के प्रति संदेह व्यक्त कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने कमेंट किया- अगर आप मुझे पैसे भी देंगे तो भी मैं इसे पीने की हिम्मत नहीं करूंगा। बता दें कि चीन में अपरंपरागत कॉफी कोई असामान्य बात नहीं है। इसी साल की शुरुआत में, दक्षिण-पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत के एक कैफे ने कॉफी में डीप-फ्राइड कीड़े मिलाकर लोगों को आश्चर्यचकित किया था।
अमेरिकी क्रिप्टोकरेंसी बाजार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और राजनीतिक लाभ ने ला दिया भूचाल
25 Nov, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन,। अमेरिकी क्रिप्टोकरेंसी बाजार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और राजनीतिक लाभ के आरोपों ने बड़ा राजनीतिक भूचाल ला दिया है। हालिया क्रिप्टो मार्केट क्रैश, जिसमें करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर मूल्य खत्म हो गया, अब केवल आर्थिक मुद्दा नहीं बचा है। इसके बीच आरोप तेजी से चर्चाओं में हैं कि क्रिप्टो कारोबार, दान और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े फैसलों के बीच जटिल और विवादित संबंध हो सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप लंबे समय से क्रिप्टो के प्रति सकारात्मक रुख रखते हैं। उन्होंने न केवल सार्वजनिक रूप से डिजिटल करेंसी का समर्थन किया, बल्कि अपने नाम से जुड़े टोकन लांच किए। इसतरह कुछ मीडिया और विश्लेषक समूहों ने दावा किया है कि क्रिप्टो बाजार से जुड़े कुछ कारोबारी, जिन पर मनी लॉन्ड्रिंग, सिक्योरिटी फ्रॉड और अवैध ट्रांजैक्शनों के आरोप थे, को ट्रंप प्रशासन में राष्ट्रपति क्षमादान मिला।
कांग्रेस में अब यह बहस तेज हुई है, कि क्रिप्टोकरेंसी की गुमनामी राजनीतिक फंडिंग के लिए नई चुनौती बन चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशक, विवादास्पद कारोबारी या कोई भी गुमनाम इकाई टोकन के द्वारा राजनीतिक असर खरीद सकती है। इसकारण कुछ सांसद क्रिप्टो फंडिंग पर सख्त नियंत्रण की मांग कर रहे हैं, ताकि चुनावी प्रक्रिया पर बाहरी प्रभाव को रोका जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप से जुड़े कारोबारी उपक्रमों में क्रिप्टो निवेशों की भूमिका पर सवाल उठना चुनावी पारदर्शिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यदि किसी राजनीतिक नेता के व्यापार में गुमनाम क्रिप्टो फंड आता है और कुछ समय बाद वहीं व्यक्ति या संस्था जांच से बच निकलती है, तब यह लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
इसी बीच, क्रिप्टो उद्योग के समर्थकों का कहना है कि आरोप बिना प्रमाण हैं और उद्योग को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका तर्क है कि क्रिप्टो तकनीक पारदर्शिता और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देती है, और बाजार में गिरावट विश्वव्यापी आर्थिक अस्थिरता का हिस्सा है, न कि राजनीतिक सौदों का परिणाम।
भाजपा नेता के बेटे की संपत्ति जब्त, मनी लॉड्रिंग केस में ED की बड़ी कार्रवाई
25 Nov, 2025 03:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जम्मू सब जोन ने सोमवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता नीतिसेन भाटिया के बेटे नीरज भाटिया की कंपनी की एक करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। उनके भाई नवीन भाटिया भाजपा के जिला उपाध्यक्ष हैं और वे पूर्व सांसद संजय भाटिया के नजदीकी रिश्तेदार हैं। नीरज भाटिया हिमाचल के सिरमौर स्थित हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड में पार्टनर हैं।
जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई जम्मू नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से दर्ज कप सिरप मामले में की है। जिसमें नीरज भाटिया, निकेत कंसल और उनके सहयोगियों पर कोरेक्स और कोडीन खांसी सिरप की दवा को अवैध रूप से नशे के रूप में आपूर्ति करने के आरोप लगाए गए थे।
ईडी के प्रवक्ता ने बताया कि जांच में पता चला कि कंपनी ने 2018 से 2024 के दौरान बड़ी मात्रा में कफ सिरप एसएस इंडस्ट्रीज, कंसल इंडस्ट्रीज, नोवेटा फार्मा, कंसल फार्मास्यूटिकल्स और एनके फार्मास्यूटिकल्स को भेजे थे। ईडी ने जांच के दौरान फरवरी 2025 में नीरज भाटिया के आवास पर छापेमारी की थी। यहां से 32 लाख रुपये और 1.61 करोड़ रुपये के आभूषण जब्त किए गए थे। ईडी ने कंपनी की पानीपत स्थित जमीन पर किसी भी प्रकार के उपयोग व बिक्री पर रोक लगा दी है। नीरज सिरमौर ड्रग मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं।
नवीन के घर से बरामद किया था सामान
प्रवर्तन निदेशालय की टीम फरवरी 2025 पानीपत पहुंची थी। टीम ने नीरज भाटिया के मॉडल टाउन स्थित आवास पर 17 घंटे सर्वे किया था। उनके आवास से छह लाख रुपये, ज्वेलरी के 50-60 खाली डिब्बे और विदेशी शराब मिली थी। घर में डिफेंडर समेत पांच गाड़ियां और दो विदेशी नस्ल के कुत्ते भी थे। टीम उनके घर से तीन बड़े बॉक्स और एक थैले में सामान ले गई थी।
कौन था हिज्बुल्ला का टॉप कमांडर हेथम तब्ताबाई जिसे इजरायल ने मार दिया
25 Nov, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेलअवीव। इजरायल ने अपने दुश्मनों की सूची में से एक और नाम कम किया है। लेबनान की राजधानी बेरूत पर किए गए हमलों में इजरायली सेना को बड़ी सफलता हाथ लगी है। आईडीएफ ने दावा किया है कि हिज्बुल्ला के टॉप कमांडर और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ हेथम तब्ताबाई को मार गिराया है। इजरायली सेना की ओर से बयान में कहा गया कि उन्होंने बेरूत में किए हमले में चरमपंथी हैथम अली को मौत के घाट उतारा है। लेबनान की ओर से भी हमले की पुष्टि हुई है। हालांकि, उन्होंने हैथम के मारे जाने का जिक्र नहीं किया।
लेबनान में शासन चला रहे आतंकी संगठन हिजबुल्लाह का सबसे खूंखार सैन्य कमांडर था। हेथम को हिज्बुल्ला की सबसे एलीट स्पेशल फोर्स रदवान यूनिट बेहतर करने और लड़ाकों को गुरिल्ला युद्ध और तेजी से हमला करने की कला सिखाने का श्रेय जाता है। हेथम बीते एक दशक में इतना खतरनाक हो गया था कि अमेरिका ने 2016 में हैथम को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। उसकी केवल खबर देने वाले को 5 मिलियन डॉलर करीब 40 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था। गौरतलब है कि इजरायल पर हमला करने और सीमा पार जाकर हमला करने के लिए हिज्बुल्ला की रदवान यूनिट ही जिम्मेदार होती है।
अमेरिकी रिपोर्ट्स के मुताबिक हेथम केवल इजरायल ही नहीं बल्कि दूसरे देशों में भी युद्ध अपराध के लिए दोषी है। हेथम के ऊपर सीरिया में हिज्बुल्लाह की विशेष सैन्य गतिविधियों को अंजाम देने और यमन में हूती विद्रोहियों को समर्थन देने और उनके लड़ाकों को प्रशिक्षण देने का आरोप है।
बीते साल इजरायली हमलों में हिज्बुल्लाह प्रमुख नसरल्लाह की मौत हो गई थी। इसके बाद से इजरायली सेना के हमलों ने हिज्बुल्लाह की कमर तोड़ दी थी। नसरल्लाह की मौत के दौरान उसके साथ में हिजबुल्लाह का सबसे बड़ा सैन्य अधिकारी इब्राहिम अकील भी मारा गया था। हेथम को उसी के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता था।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौत के बाद हेथम फिर से लेबनान में हिज्बुल्ला की सैन्य संरचना को खड़ा करने पर जोर दे रहा था। इजरायली सेना की रिपोर्ट के मुताबिक हेथम एक बार फिर से रदवान यूनिट को खड़ा कर रहा था। इसी वजह से हेथम को निशाना बनाकर हमला किया गया।
350वां शहीदी दिवस: सीएम सैनी बोले—हरियाणा संतों की धरती, गुरु तेग बहादुर का बलिदान प्रेरणादायक
25 Nov, 2025 02:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को लेकर सीएम सैनी ने एक संदेश पत्र जारी किया है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर में श्री गुरु तेग बहादुर जी का व्यक्तित्व सदियों से अमिट, उत्ताल और अमर बना हुआ है। वे पीढ़ी-दर-पीढ़ी मानवता के सच्चे रक्षक, अत्याचार के खिलाफ अदम्य साहस के प्रतीक और धार्मिक स्वतंत्रता के महान संरक्षक के रूप में विख्यात हैं। सीएम सैनी ने कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में आयोजित होने वाले 350वें शहीदी दिवस समागम के दौरान गुरु जी के बलिदान को समस्त मानवता के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह कुर्बानी केवल एक समुदाय या क्षेत्र तक सीमित नहीं थी, बल्कि 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के सिद्धांत को जीवंत करने वाली थी।
सीएम सैनी ने समारोह स्थल का निरीक्षण करते हुए मीडिया से बातचीत में गुरु जी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुरु जी का बचपन का नाम त्यागमल था और वे छठे गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी व माता नानकी जी के पुत्र थे। उनका जन्म 1 अप्रैल 1621 को अमृतसर में हुआ, जहां आज गुरुद्वारा 'गुरु का महल' सुशोभित है। सैनी ने कहा, "जब-जब मानवता पर अत्याचार हुए, तब-तब महापुरुषों का अवतरण हुआ। गुरु जी के समय मुगल बादशाह औरंगजेब के इस्लामीकरण के प्रयासों से त्रस्त कश्मीरी पंडितों ने आनंदपुर साहिब में गुरु जी से रक्षा की विनती की।
बालक गोबिंद राय (भविष्य के गुरु गोबिंद सिंह) के प्रेरणा-वचन पर गुरु जी ने दिल्ली की ओर प्रस्थान किया और अपना शीश कुर्बान कर धर्म की रक्षा की। यदि यह बलिदान न होता, तो आज का हिन्दुस्तान कैसा होता, कल्पना से परे है।"मुख्यमंत्री ने हरियाणा को गुरुओं व संतों की धरती बताते हुए गौरवान्वित भाव व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "यह हमारा सौभाग्य है कि कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर महाभारत का युद्ध लड़ा गया, जहां महाराजा कुरु ने हल चलाया और श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया। यहीं आठ गुरु साहिबान गुरु नानक देव से गोबिंद सिंह तक के चरण पड़े।
सीएम सैनी ने 2015 में शुरू 'संत-महापुरुष सम्मान एवं चिंतन प्रसार योजना' का उल्लेख किया, जिसमें गुरु नानक देव, गुरु तेग बहादुर, गुरु गोबिंद सिंह, बाबा बंदा सिंह बहादुर, धन्ना भगत, कबीर, नामदेव व रविदास जैसे महापुरुषों के विचारों का प्रचार हो रहा है। यमुनानगर के लोहगढ़ (बाबा बंदा सिंह की राजधानी) में मार्शल आर्ट इंस्टीट्यूट व गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज बन रहा है। सिरसा के गुरुद्वारा चिल्ला साहिब को 72 कनाल भूमि निःशुल्क दी गई। अंबाला में 28 गुरुद्वारे हैं, जिसमें लखनौर साहिब प्रमुख। सीएम ने सिरसा के चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में 'गुरु तेग बहादुर चेयर', अंबाला पॉलिटेक्निक का नाम परिवर्तन, करनाल में मेमोरियल, टोहाना-जीन-नारनौल मार्ग को 'गुरु तेग बहादुर मार्ग', कैथल में 'गुरु तेग बहादुर वन' व यमुनानगर के किशनपुरा में कृषि महाविद्यालय का जिक्र किया।
इन प्रयासों से गुरु जी का त्याग व मानवता संदेश भावी पीढ़ियों तक पहुंचेगा। समागम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि हैं। वे ज्योतिसर में महाभारत अनुभव केंद्र का लोकार्पण करेंगे, गुरु जी की स्मृति में सिक्का व डाक टिकट जारी करेंगे, कॉफी टेबल बुक का अनावरण करेंगे तथा ब्रह्मसरोवर पर महाआरती में भाग लेंगे।
ट्रंप का एच-1बी वीजा पर संतुलित नजरिया: अमेरिकी नौकरियों को दे रहे प्राथमिकता
25 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच-1बी वीजा संबंधी बयानों का पुरजोर बचाव किया है। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने स्पष्ट किया कि ट्रंप का दृष्टिकोण पूरी तरह संतुलित है और यह अमेरिकी कामगारों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की नीति पर आधारित है। उनके अनुसार, विदेशी विशेषज्ञों को केवल शुरुआती चरण में ही अमेरिका लाने की अनुमति दी जाएगी, ताकि बड़ी विदेशी कंपनियाँ जब यहाँ नए कारखाने और संयंत्र स्थापित करें, तो काम तुरंत शुरू हो सके। लेकिन जैसे ही ये परियोजनाएँ परिपक्व होंगी, उनमें स्थानीय अमेरिकी कामगारों को ही रोजगार दिया जाएगा।
लेविट ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति की सोच को कई लोग गलत समझ रहे हैं। ट्रंप ने विदेशी निवेशकों को साफ संदेश दिया है कि यदि वे अमेरिका में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं, तो नौकरियाँ सिर्फ अमेरिकी नागरिकों को ही मिलनी चाहिए। यह नीति अमेरिका फर्स्ट के सिद्धांत का प्रत्यक्ष रूप है। हाल ही में ट्रंप ने लीगल इमिग्रेशन का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर जैसी उन्नत इंडस्ट्रीज में अमेरिकी कामगारों को प्रशिक्षित करने के लिए शुरुआत में विदेश से हजारों उच्च कुशल विशेषज्ञों का स्वागत किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर उन्होंने एरिजोना में बन रहे विशाल कंप्यूटर चिप कारखानों का जिक्र किया। ट्रंप ने कहा, आप अरबों डॉलर खर्च करके फैक्ट्री बनाते हैं और फिर बेरोजगारों की कतार से लोगों को उठाकर उसे नहीं चला सकते। शुरुआत में आपको हजारों विशेषज्ञ चाहिए होंगे। मैं उसका स्वागत करता हूँ। उन्होंने आगे कहा कि ये विदेशी विशेषज्ञ अमेरिकी कामगारों को चिप्स बनाना, उन्नत तकनीक संभालना और भविष्य की इंडस्ट्री चलाना सिखाएँगे। कुछ वर्षों बाद ये कारखाने पूरी तरह अमेरिकी कर्मचारियों के हाथ में होंगे।ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस नीति के कारण उनके कुछ कट्टर समर्थक नाराज हो सकते हैं और उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। वास्तव में उनके बयानों के बाद रिपब्लिकन पार्टी में ही गहरे मतभेद सामने आ गए हैं। कई कट्टर रिपब्लिकन नेता और सांसद एच-1बी कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की माँग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस में तीखी बहस चल रही है और कुछ नीतियों के खिलाफ मुकदमे भी दायर हो चुके हैं। व्हाइट हाउस ने पहले भी स्पष्ट किया था कि नई एच-1बी व्यवस्था में 100,000 डॉलर का न्यूनतम शुल्क लगाना इस प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने का मजबूत कदम है। प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने कहा था कि आधुनिक इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति ने ट्रंप जितना अमेरिकी कामगारों की सुरक्षा के लिए सख्त आव्रजन नीतियाँ नहीं बनाईं। कुल मिलाकर, ट्रंप का स्टैंड अस्थायी विशेषज्ञ आयात और दीर्घकालिक अमेरिकी रोजगार सृजन के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है, भले ही यह विवादास्पद हो।
गुरु तेग बहादुर 350वां शहीदी समागम: आज कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे PM मोदी, भव्य तैयारियां पूरी
25 Nov, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी समागम व गीता महोत्सव में शामिल होंगे। उनके स्वागत के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं। प्रधानमंत्री दोपहर बाद चार बजे ज्योतिसर में पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री छठी बार धर्मनगरी आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी हेलिकॉप्टर के जरिये पिहोवा रोड पर करीब 170 एकड़ में बनाए गए समागम स्थल पर पहुंचेंगे। यहां से गीता उपदेश स्थली तीर्थ परिसर में ही बनाए गए महाभारत अनुभव केंद्र में सड़क मार्ग से पहुंचेंगे। यहां केंद्र का अवलोकन करेंगे और करीब दो करोड़ की लागत से तैयार किए गए पंचजन्य समारक का भी उद्घाटन करेंगे। 15 से 20 मिनट के इस कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री वापस समागम स्थल पर पहुंचेंगे, जहां गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेकेंगे और कीर्तन का श्रवण भी करेंगे। इसके बाद संबोधन करेंगे जिसके बाद वे सड़क मार्ग के जरिये ही पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर पहुंचेंगे, जहां वे करीब 10 मिनट तक ही रहेंगे।
यहां अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में हिस्सा लेते हुए पवित्र ब्रह्मसरोवर की सांध्यकालीन महाआरती में हिस्सा लेंगे। सोमवार देर रात तक तय कार्यक्रम के अनुसार वे आरती नहीं करेंगे लेकिन आरती के दौरान मौजूद रहेंगे। इस दौरान मंत्रोच्चारण के बीच तीर्थ पूजन भी करेंगे। पंडित बलराम गौतम तीर्थ पूजन करवाएंगे।
2014 में पहली बार धर्मनगरी आए थे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले धर्मनगरी आए थे, जहां उन्होंने तत्कालीन पार्टी प्रत्याशी राजकुमार सैनी के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित किया था। इसके बाद वे इसी वर्ष विधानसभा चुनाव में भी पहुंचे और थीम पार्क में रैली को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने मेला ग्राउंड में स्वच्छता अभियान के तहत ग्राम पंचायतों व महिलाओं को सम्मानित भी किया था। वे 2019 के लोकसभा व विधानसभा चुनावों में भी पहुंचे थे और 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान थीम पार्क में रैली को संबोधित किया था।
2014 में प्रधानमंत्री ने चुनावी रैली में कुरुक्षेत्र में सत्य की असत्य पर जीत की धरा होने का जिक्र करते हुए यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं जताई थीं। उनके पहले कार्यकाल में ही कुरुक्षेत्र को कृष्णा सर्किट में शामिल किया था और केडीबी को 500 करोड़ का बजट भी मिला था। अब प्रधानमंत्री 204 करोड़ के महाभारत अनुभव केंद्र व दो करोड़ से तैयार पंचजन्य समारक का उद्घाटन करेंगे।
सीमा पर तनाव: खोस्त में पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ, 9 बच्चों समेत 10 की मौत
25 Nov, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव कम होता नजर नहीं आ रहा है। अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई ने एक बार फिर सीमा पर तनाव को गहरा कर दिया है। देर देर रात पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हवाई हमले में कम से कम 9 बच्चों और एक महिला की मौत हो गई। यह जानकारी अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दी। मृतकों में पांच लड़के और चार लड़कियां शामिल हैं। मुजाहिद ने बताया कि यह हमला रात 12 बजे गेरबजवो जिले के स्थानीय निवासी विलायत खान के घर पर किया गया, जिससे पूरा घर भी नष्ट हो गया।
घटना को लेकर पाकिस्तान की सेना और पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह बमबारी ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही पाकिस्तान के पेशावर में दो आत्मघाती हमलों में तीन अर्धसैनिक कर्मियों की मौत हुई थी। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन हमलों के लिए अफगान सीमा के भीतर छिपे कथित आतंकी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया था। तालिबानी नेता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने खोस्त के अलावा कुनर और पक्तिका प्रांतों में एरियल अटैक, जिसमें चार नागरिक घायल हुए हैं। उन्होंने घटना से जुड़ी तस्वीरें भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं, जिनमें घर के मलबे और मृत बच्चों के शव दिखाई दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में तनाव लगातार बढ़ा है। अक्टूबर में पाकिस्तानी और अफगान सैनिकों के बीच हुई झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हुई थी, जिसे 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद सबसे गंभीर संघर्ष माना गया. बाद में दोहा में दोनों पक्षों ने सीज़फायर समझौता किया, लेकिन तुर्की में हुई शांति वार्ता किसी स्थायी समाधान के बिना समाप्त हो गई। इसका मुख्य कारण पाकिस्तान की वह मांग बताई जाती है जिसमें उसने अफगानिस्तान में सक्रिय पाकिस्तान-विरोधी संगठनों पर कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की थी। खोस्त में हुई ताजा बमबारी ने क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
मुर्दाघर के फ्रीजर से नहीं निकल पाई दादी, डॉक्टरों की एक गलती की वजह से हुई मौत
24 Nov, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अस्पताल में मुर्दाघर के फ्रीज में एक महिला को गलती से बंद कर दिया गया। महिला की जब आंख खुली, तब बाहर निकलने की काफी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हुई। जमा देने वाली ठंड की वजह से उसकी अंदर ही मौत हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, मारिया डी जीसस अरोयो नाम की महिला को लॉस एंजिल्स के उनके घर में हार्ट अटैक आया। इसके बाद महिला को मृत घोषित किया गया। इस दादी को मृत घोषित करने के बाद मुर्दाघर के फ्रीजर में रखा गया। कुछ देर बाद महिला को होश आया और दादी ने फ्रीजर से निकलने की कोशिश की, लेकिन ठंड से वजह से उनकी मौत हो गई।
अब महिला के परिवार ने दावा किया कि उन्हें जीवित रहते हुए ही मुर्दाघर के फ्रीजर में रखा गया था। डॉक्टरों ने उनके शरीर को निर्जीव समझ बॉडी बैग में बंद कर फ्रीजर में रख दिया। लेकिन वह तब भी जीवित थीं। कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, मारिया का शव अस्पताल के एक रेफ्रिजरेटेड शवगृह में रखा गया था। हालांकि, जब कई दिनों बाद अंतिम संस्कार गृह के कर्मचारी बैग लेने पहुंचे, तब उन्होंने पाया कि बैग आधा खुला था और महिला अंदर औंधे मुंह पड़ी थी। महिला की टूटी हुई थी और चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था।
अस्पताल के खिलाफ परिवार की कानूनी कार्रवाई में दावा किया गया है कि 80 साल की महिला को जिंदा रहते ही मुर्दाघर के फ्रीजर में डाला गया था और बाद में जमा देने वाले तापमान के कारण मौत हुई। इस भयावह गलती का पता तब तक नहीं चला जब तक कि अंतिम संस्कार करने वाले लोग उनकी बॉडी को लेने नहीं पहुंचे। परिवार द्वारा नियुक्त एक रोगविज्ञानी ने बाद में निर्धारित किया कि जब उन्हें फ्रीजर में रखा गया था, तब वह होश में थीं और उन्हें चोटें तब लगी थीं, जब वह ठंडे तापमान में जागने के बाद बॉडी बैग से बाहर निकलने का प्रयास कर रही थीं। कानूनी दस्तावेजों में, पैथोलॉजिस्ट ने कहा कि महिला को जिंदा जमा दिया गया था। जब महिला जगीं और वहां से निकलने की कोशिश की, तब उनका चेहरा क्षतिग्रस्त हो गया और उसने अपना चेहरा नीचे की ओर कर लिया, क्योंकि वह अपनी जमी हुई कब्र से बाहर निकलने का असफल प्रयास कर रही थीं।
उसके परिवार ने सबसे पहले जनवरी 2011 में लापरवाही का दावा दायर किया था। 2012 में रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, उन्होंने गलत तरीके से हुई मौत और चिकित्सा कदाचार का एक अतिरिक्त मुकदमा दायर किया। निचली अदालत ने क़ानून की सीमाओं के आधार पर मामले को खारिज किया था। अब कैलिफोर्निया के द्वितीय जिला अपील न्यायालय में केस को फिर से खुला है। अदालत ने कहा कि वादी के पास यह संदेह करने की कोई वजह नहीं थी कि मृतक को अस्पताल के मुर्दाघर में रखे जाने के समय वह जीवित थीं, मृत नहीं। परिवार गलत तरीके से जिंदा होने का दावा पहले नहीं कर सकता था।
कुरुक्षेत्र में राजनाथ सिंह का आगमन—हरियाणा पवेलियन का भव्य उद्घाटन
24 Nov, 2025 04:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कुरुक्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने पवित्र ब्रह्म सरोवर पर तीर्थ पूजन किया। मंत्रोच्चारण और शंखनाद के बीच उन्होंने सरोवर के तट पर पूजन-अर्चना की, जो इस धार्मिक-सांस्कृतिक उत्सव की शुरुआत का प्रतीक बना।
इसके बाद, मंत्री महोदय ने हवन यज्ञ में आहुति देकर सभी को गीता के उपदेशों से प्रेरित होने का संदेश दिया। गीता महोत्सव के तहत आयोजित इस भव्य हवन यज्ञ में सैकड़ों भक्तों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भगवद्गीता की शिक्षाएं न केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन देती हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गीता के संदेश को अपनाकर देश की सेवा में तत्पर रहें।
हरियाणा पवेलियन का किया औपचारिक उद्घाटन
इसके अलावा, रक्षा मंत्री ने हरियाणा पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन किया, जो महोत्सव का प्रमुख आकर्षण है। यह पवेलियन हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कृषि, उद्योग और पर्यटन को प्रदर्शित करता है। उद्घाटन समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्थानीय विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। पवेलियन में लगे स्टॉल्स पर राज्य की हस्तकला, पारंपरिक व्यंजन और गीता से जुड़ी प्रदर्शनियां आकर्षण का केंद्र बनीं।
अंबाला में मंत्री अनिल विज ने किया रक्षा मंत्री का स्वागत
बता दें कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सोमवार सुबह अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे। यहां उनका हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने गर्मजोशी से स्वागत किया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सुबह दिल्ली से विशेष विमान से अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से अंबाला से कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए।
2026 में आसमान से आएगी आफत...बार-बार आएगा भंकूप.......ये हम नहीं बाबा वंगा कह रहे
24 Nov, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन । “2026 में एक नया बड़ा खतरा आसमान से आ सकता है, और दुनिया तीसरी सबसे भयानक हिंसा और खून-खराबे की घटना देख सकती है। यह हम नहीं बाबा वंगा कह रहे हैं, जिनके पास दुनिया को देखने के लिए आंखें नहीं थी, लेकिन अपनी रहस्यवादी शक्तियों के दम पर उन्होंने मरने से पहले 5079 तक भविष्यवाणी की। उनकी भविष्यवाणी के मुताबिक दुनिया के लिए आने वाला साल भी चुनौतियों भरा रहेगा।
बाबा वंगा सबसे दिलचस्प, रहस्यमयी और हमेशा सुर्खियों में रहने वाली शख्सियतों में से एक हैं। 1911 में जन्मी और बचपन में एक दुर्घटना के बाद अपनी दृष्टि खोने वाली, बाबा वंगा ने दावा किया कि उनके पास असाधारण भविष्यवाणी करने की क्षमता है।
जैसे-जैसे दुनिया 2026 के करीब आ रही है और भविष्य में और आगे देख रही है, उनकी भविष्यवाणियों में दिलचस्पी लोगों में बढ़ रही है, खासकर उन लोगों में जो यह जानने को उत्सुक हैं कि आने वाले सालों में क्या हो सकता है, और उनकी भविष्यवाणियों से जानकारी, चेतावनियां और खुलासे जानने के लिए उत्सुक हैं। 2026 के लिए वेंगा ने चेतावनी दी थी कि इस साल बड़ी-बड़ी प्राकृतिक आपदाओं से दुनिया दहल जाएगी। बार-बार भूकंप से धरती कांपेगी और जगह-जगह ज्वालामुखी फटेगा।
बाबा वेंगा की भविष्यवाणी में चेताया गया है कि आने वाले साल धरती का कम से कम सात से आठ प्रतिशत हिस्सा आपदाओं से जूझेगा। बाबा वेंगा की भविष्यवाणी के मुताबिक एआई इतना एडवांस हो जाएगा कि इंसानों के कंट्रोल से बाहर जा सकता है, जिसकी वजह से बड़ा खतरा पैदा होने की उम्मीद हैं। उनके मुताबिक 2026 वहां साल होगा जब सबसे पहली बार एलियन्स के साथ संपर्क हो सकता है, ये सब साल के आखिरी महीनों में होने वाला है। उन्होंने धरती के आस-पास स्पेसक्राफ्ट मंडराने की भी चेतावनी दी है।
ट्रंप का नया दांव: वेनेजुएला में हो सकता है तख्ता पलट, दोनों देशों में बढ़ा तनाव
24 Nov, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए कृतसंकल्प दिख रहे हैं। उन्होंने हाल ही में एक व्यापक 28-सूत्री शांति योजना प्रस्तुत की है, जो यूक्रेन को पूर्वी क्षेत्रों जैसे डोनबास और क्रीमिया का कुछ हिस्सा छोड़ने, अपनी सेना का आकार सीमित करने और कभी भी नाटो में शामिल न होने का वादा करने के लिए बाध्य करती है। योजना में रूस-नाटो सुरक्षा संवाद, संयुक्त अमेरिका-रूस कार्य समूह और यूरोप के साथ गैर-आक्रामकता संधि जैसे प्रावधान शामिल हैं। इसका कार्यान्वयन एक शांति परिषद द्वारा निगरानी में होगा, जिसकी अध्यक्षता ट्रंप स्वयं करेंगे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे अंतिम समझौते की नींव बताया है, जबकि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इसे कठिन क्षण करार देते हुए वैकल्पिक सुझाव देने का वादा किया है। ट्रंप का यह कदम वैश्विक कूटनीति में नया मोड़ ला सकता है, लेकिन आलोचकों का मानना है कि यह रूसी हितों को अधिक लाभ पहुंचाता है।
हालांकि, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ट्रंप एक युद्ध समाप्त कर दूसरे को जन्म दे रहे हैं।
वेनेजुएला को लेकर अमेरिकी प्रशासन की गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन आने वाले दिनों में वेनेजुएला से जुड़े ऑपरेशनों का नया चरण शुरू करने की तैयारी में है। व्हाइट हाउस ने अभी अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन चार अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि प्रारंभिक कदम गुप्त अभियान हो सकते हैं, जिनका सीधा लक्ष्य राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार होगा। अमेरिका इसे ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान बता रहा है, जिसमें मादुरो पर ड्रग नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप है। मादुरो इन आरोपों से इनकार करते हुए अमेरिका को आक्रमणकारी करार दे चुके हैं। ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि वे मादुरो से बातचीत के लिए खुले हैं, लेकिन वेनेजुएला का तेल भंडार दुनिया का सबसे बड़ा होने के कारण अमेरिका को वहां हस्तक्षेप करना पड़ेगा। प्रशासन ने सीआईए को गुप्त कार्रवाइयों की अनुमति दे दी है, जिसमें हवाई हमले और ड्रग उत्पादन केंद्रों पर निशाना साधना शामिल है।
कई हफ्तों से अमेरिका कैरेबियन क्षेत्र में अपने युद्धपोत, विमानवाहक पोत और सैन्य क्षमता भेज रहा है। अमेरिका का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड अपने स्ट्राइक ग्रुप के साथ 16 नवंबर को यहां पहुंचा। इसके साथ कम से कम आठ युद्धपोत, एक परमाणु पनडुब्बी और एफ-35 लड़ाकू विमान तैनात हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि वेनेजुएला के खिलाफ सीक्रेट और ओवरट यानी गुप्त व खुली दोनों कार्रवाइयों की तैयारी है। सोमवार को अमेरिका ने कथित ड्रग नेटवर्क कार्टेल दे लोस सोलेस को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया, जिसका नेतृत्व मादुरो पर होने का दावा किया गया। इससे अमेरिकी सेना को मादुरो के संपत्तियों पर निशाना साधने की छूट मिल गई।
अमेरिका समेत दुनिया बेखबर, ताइवान पर कब्जा करने चीन ने बनाया सीक्रेट प्लान
24 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया के सैन्य एक्सपर्ट्स को डरा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक एक विस्तृत जांच में पता चला कि चीन अपने व्यापारी जहाजों और आम नागरिक नौकाओं को इस तरह इस्तेमाल कर रहा है कि जरूरत पड़ने पर ये ताइवान पर संभावित समुद्री हमले में सेना की पहली लहर का हिस्सा बन सकें। इस साल हुए बड़े सैन्य अभ्यास में इन नागरिक जहाजों की भूमिका को जहाज ट्रैकिंग डेटा और सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए चिन्हित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये अभ्यास सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि चीन की उन ठोस योजनाओं का हिस्सा हैं जिनसे वह ताइवान को वह अपने सामने जल्दी झुका सके। अगस्त 2025 में चीन के तट के पास एक अभ्यास देखा गया जिसमें 12 नागरिक जहाज पहले अपनी-अपनी घरेलू जगहों पर थे, लेकिन एक तय योजना के तहत धीरे-धीरे दक्षिण की ओर बढ़ गए। इनमें छह रोल-ऑन, रोल-ऑफ फेरी थीं, जिनमें गाड़ियां सीधे जहाज पर एक रैंप के जरिए चढ़ और उतर सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक छह कार्गो जहाज थे जिन्हें एशिया में आम तौर पर भारी सामान ढोने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। रात होने के बाद ये जहाज ग्वांगडोंग प्रांत के एक बीच के पास पहुंचे, जहां चीन की सेना के ठिकाने मौजूद हैं। इसके बाद सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिखा कि ये जहाज अपने रैंप खोलकर सैन्य वाहनों को सीधे रेत पर उतार रहे थे। ताइवान और अमेरिका के दस से ज्यादा नौसैनिक विशेषज्ञों ने इन तस्वीरों को देखने के बाद माना कि चीन अब नागरिक जहाजों को सैन्य इस्तेमाल के लिए पूरी तरह शामिल करने की रणनीति पर काम कर रहा है। इन जहाजों का फायदा यह है कि ये सस्ते हैं, बड़ी संख्या में मौजूद हैं और इनका ढांचा ऐसा है कि ये पोर्ट की जरूरत के बिना सीधे समुद्र तट पर भारी सामान उतार सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो इन हजारों नागरिक जहाजों की मदद से वह समुद्र तट पर उतरने वाली अपनी सेना की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकता है। कई विशेषज्ञों ने कहा कि अगर चीन ताइवान पर उतरा, तो यह ऑपरेशन द्वितीय विश्व युद्ध की नॉर्मंडी लैंडिंग से भी बड़ा और कठिन हो सकता है। अगस्त के इस अभ्यास में सिर्फ कार्गो जहाज ही नहीं, बल्कि छोटे वाहनों की लंबी लाइन और एक अस्थायी पियर्स सिस्टम भी देखा गया, जिसे पहले तकनीकी कारणों से असफल बताया गया था।
इससे संकेत मिलता है कि चीन लगातार अपनी तकनीक में सुधार कर रहा है और किसी भी संभावित कार्रवाई के समय ताइवान पर कई दिशाओं से उतरने की क्षमता तैयार कर चुका है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर चीन कई जगहों पर एक साथ उतरने की कोशिश करता है, तो ताइवान की रक्षा और मुश्किल हो जाएगी। इन अभ्यासों के सिर्फ 11 दिन बाद बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भव्य सैन्य परेड निकाली। भले ही उन्होंने ताइवान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी पार्टी बार-बार कह चुकी है कि ताइवान चीन का हिस्सा है और उसे अलग होने नहीं दिया जाएगा. ताइवान सरकार इसे सख्ती से खारिज करती है और कहती है कि ताइवान के भविष्य का फैसला उसके लोग करेंगे। उधर, ताइवान के रक्षा मंत्री ने कहा कि उनका देश चीन के इस तरह के अभ्यासों पर लगातार निगरानी रख रहा है।
पेशावर में पैरामिलिट्री फोर्स मुख्यालय पर बड़ा आत्मघाती हमला, 3 जवान और 3 आतंकी ढेर – इलाके में गोलीबारी जारी
24 Nov, 2025 01:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Pakistan Double Blast: पाकिस्तान के पैरामिलिट्री फोर्स हेडक्वार्टर पर बड़ा आत्मघाती बम धमाका हुआ है, जिसमें तीन जवानों की मौत हो गई है. वहीं कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. इस धमाके में 3 आतंकियों के भी मारे जाने की खबर है. आर्मी और पुलिस समेत लॉ एनफोर्समेंट की टीम ने इलाके को घेर लिया है. फिलहाल कार्रवाई जारी है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी शहर पेशावर में अर्धसैनिक बल के मुख्यालय पर बंदूकधारियों ने हमला किया. सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि फ्रंटियर कांस्टेबुलरी अर्धसैनिक बल के मुख्यालय परिसर पर दो आत्मघाती हमलावरों ने भी हमला किया, जिसमें तीन लोग मारे गए हैं. आगे की कार्रवाई जारी है.
दोनों ओर से चल रही गोलीबारी
पाकिस्तानी न्यूज आउटलेट ‘डॉन’ के अनुसार, पुलिस अफसर ने बताया कि FC हेडक्वार्टर पर हमला हुआ है. जिसमें एक साथ कई धमाके हुए हैं. जवाबी कार्रवाई के लिए इलाके को घेर लिया है. गोलीबारी अभी जारी है. बता दें, इससे पहले भी साल की शुरुआत में ही यहां कार बम धमाका हो चुका है, जिसमें करीब 10 लोगों की मौत हो गई थी. खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के इलाकों में लगातार आतंकी हमले होते रहते हैं. इससे पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं.
आम लोगों के लिए कई रास्ते बंद
जानकारी के अनुसार, हमले के बाद पेशावर के व्यस्त इलकाों को पूरी तरह बंद कर दिया है. यहां से आम जनता और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. ताकि किसी प्रकार की अनहोनी को रोका जा सके और बचे हुए आतंकियों के पकड़ने में सफलता मिल पाए. फिलहाल अभी तक इस हादसे में कितने लोगों की जान चली गई है और कितने लोग घायल हैं. अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.
पाकिस्तान के पेशावर में एफसी मुख्यालय में आतंकी हमला, धमाकों से गूंजा इलाका
24 Nov, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पेशावर स्थित फेडरल कॉन्स्टेबुलरी में सोमवार सुबह हुए धमाकों से इलाका गुंज गया। यह पैरा मिलिट्री फोर्सेज का मुख्यालय है, जहां पर आतंकी हमला हुआ है। यहां दो जबरदस्त धमाके होने के साथ ही रुक-रुक कर गोलाबारी हुई है।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में सोमवार सुबह आतंकियों ने हमला कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पेशावर स्थित फेडरल कॉन्स्टेबुलरी (एफसी) मुख्यालय पर आतंकियों ने हमला किया है। हमले की पुष्टि पेशावर के कैपिटल सिटी पुलिस अधिकारी डॉ. मियां सईद अहमद ने करते हुए मीडिया को बताया, कि सुरक्षा बल और हमलावरों के बीच लगातार रुक-रुक कर गोलाबारी हो रही है। इलाके में करीब दो जबरदस्त धमाके होने की बात कही जा रही है। पुलिस अधिकारी का कहना है, कि आतंकियों ने मुख्यालय को निशाना बनाया और फायरिंग की है, इस पर सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाते हुए तुरंत जवाबी कार्रवाई की है। कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल घटनास्थल पर पहुंच बड़ा ऑपरेशन चलाया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आतंकी हमले के बाद पेशावर का व्यस्त सद्दर इलाका पूरी तरह बंद कर दिया गया है। आम नागरिकों और वाहनों की आवाजाही पर भी तुरंत ही रोक लगा दी गई। पुलिस और रैपिड रिएक्शन फोर्स की टीमें इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा, कि एक आत्मघाती हमलावर ने एफसी हेडक्वार्टर के गेट पर खुद को उड़ा लिया। इस ब्लास्ट के फौरन बाद ही फायरिंग की आवाजें सुनी गईं। सुरक्षा सूत्र बताते हैं कि आतंकी इस हमले में मारे जा चुके हैं, जबकि सुरक्षाबल ने इलाके को घेरते हुए सर्च अभियान तेज कर दिया है। इस हमले में कितने लोगों की मौत हुई या कितने लोग घायल हुए हैं और क्या कोई बड़ा नुक्सान हुआ है, इसकी फिलहाल जानकारी नहीं दी जा सकी है।
यहां बताते चलें कि खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकवादी गतिविधियां आम बात हो गई है। इन दोनों ही प्रांतों में लगातार आतंकी हमले होने की खबरें आती रहती हैं। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूच लिबरेशन आर्मी इन प्रांतों में सक्रिय है।
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