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‘सब कुछ तबाह’ वाले ट्रंप बयान के बाद IAEA का अलर्ट
30 Jun, 2025 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान
अमरीका और इजरायल के हमलों के बावजूद ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यह बड़ा खुलासा संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था आईएईए के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने किया है। उनका कहना है कि ईरान कुछ ही महीनों में यूरेनियम संवद्र्धन फिर से शुरू कर सकता है, यानी परमाणु बम बनाने के बहुत करीब है। उनका दावा है कि ईरान की तकनीकी और औद्योगिक क्षमताएं अब भी सलामत हैं। बता दें कि इजरायल से सीजफायर के तुरंत बाद ईरान ने अपनी संसद में प्रस्ताव पास करके आईएईए से संपर्क तोड़ दिया था। यह बयान सीधे तौर पर ट्रंप के उस दावे को चुनौती देता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमरीका ने ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया और देश को दशकों पीछे धकेल दिया है।
आईएईए की चेतावनी अहम
आईएईए प्रमुख ग्रोसी ने कहा कि कुछ ठिकानों को नुकसान हुआ है, लेकिन पूरा ढांचा अब भी खड़ा है। अगर ईरान चाहे, तो कुछ ही महीनों में सेंट्रीफ्यूज दोबारा शुरू कर सकता है और संवद्र्धित यूरेनियम का उत्पादन कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान एक अत्यधिक विकसित परमाणु तकनीकी वाला देश है। न सिर्फ सुविधाएं, बल्कि ज्ञान और औद्योगिक ढांचा भी उसके पास मौजूद है।
हमलों से पहले 400 किलो यूरेनियम भी गायब
आईएईए ने कुछ दिन पहले यह भी आशंका जताई थी कि ईरान ने अमरीकी हमलों से पहले अपने पास मौजूद 408.6 किलो (करीब 900 पाउंड) संवद्र्धित यूरेनियम को कहीं और स्थानांतरित कर दिया हो सकता है। यह यूरेनियम 60 फीसदी तक संवद्र्धित है, जो कि हथियार बनाने के स्तर से कुछ ही नीचे है, लेकिन इससे 9 से अधिक परमाणु बम बनाए जा सकते हैं।
ईरान की गुप्त गतिविधियों से बढ़ी परमाणु संकट की आशंका
30 Jun, 2025 08:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा (आईएईए) के एक पूर्व अधिकारी ने कहा है कि ईरान की हालिया गतिविधियों से इजरायल और ईरान के बीच युद्ध विराम टूट सकता है जिससे परमाणु समस्या की आशंका बढ़ जाएगी। पूर्व अधिकारी ने कहा,“ जिन परमाणु स्थलों इजरायल की ओर से बमबारी की गई थी, वहां पर ईरान की हालिया गतिविधियां दोनों देशों के बीच नाजुक युद्धविराम को तोड़ सकती हैं और आगे के हमलों को भी आमंत्रित कर सकती हैं, जिससे संभावित रूप से परमाणु समस्या की संभावना बढ़ सकती है।”
अमरीका के वाशिंगटन डीसी में विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संस्थान के अध्यक्ष डेविड अलब्राइट ने ईरान इंटरनेशनल से कहा,“यह एक युद्धविराम समझौता है। यह हथियार नियंत्रण नहीं है। युद्ध किसी भी समय शुरू हो सकता है। कल मीडिया या ‘एक्स’ पर रिपोर्टें थीं कि ईरान इस्फ़हान पर्वत परिसर में फिर से खुदाई कर रहा है जहां समृद्ध यूरेनियम संग्रहीत किया जा सकता है। यह हमलों को आमंत्रित कर रहा है।”
सूत्रों के अनुसार ईरान की परमाणु सुविधाओं के खिलाफ इजरायल और अमरीकी हवाई हमलों के बाद, लगभग 400 किलोग्राम अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम जिसकी शुद्धता 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है, का मौजूदा समय में ठिकाना अज्ञात है। इज़रायल, अमरीका और यूरोप की प्रारंभिक खुफिया रिपोर्ट भी विफल साबित हुई हैं। कुछ आकलनों में कहा गया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कई वर्षों के लिए पीछे धकेल दिया गया है, लेकिन इसे नष्ट नहीं किया गया है। दूसरी ओर ईरान ने कहा है कि अधिकांश अमेरिकी और इज़रायली हमलों ने सतही क्षति पहुंचाई है, केवल कुछ महीनों के लिए कार्यक्रम को पटरी से उतार दिया है।
अलब्राइट ने चेतावनी दी कि ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार बहुत खतरनाक बने हुए हैं यदि कुछ गैस सेंट्रीफ्यूज बचे हैं जिन्हें सक्रिय किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान का सेंट्रीफ्यूज कार्यक्रम मूलतः नष्ट हो चुका है, समृद्ध यूरेनियम के ये शेष भंडार हैं और इनमें से 60 प्रतिशत समृद्ध , 20 प्रतिशत समृद्ध हैं, और पांच प्रतिशत समृद्ध हैं। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले कहा था कि ईरान के लिए हमले से पहले अपने परमाणु भंडार को स्थानांतरित करना ‘असंभव’ है, क्योंकि उसका वजन और क्षेत्र की निरंतर निगरानी दोनों ही बहुत ज़्यादा है।
ट्रंप ने कहा, “उन्होंने कुछ भी नहीं हिलाया। आप जानते हैं, उन्होंने खुद को हिलाया। वे सभी जीवित रहने की कोशिश कर रहे हैं।उन यूरेनियम भंडारों को हिलाना ‘बहुत भारी, बहुत, बहुत भारी’ और ‘बहुत खतरनाक’ है।” आईएईए के पूर्व अधिकारी ने ट्रंप के बयान का समर्थन करते हुए कहा, “मौजूदा माहौल में इन चीजों के साथ आगे बढ़ना ईरान के लिए बहुत जोखिम भरा होगा।” उन्होंने हालांकि ईरान के परमाणु विकल्प को खारिज नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि इजरायल-अमेरिका के हमलों में ईरान के सेंट्रीफ्यूज कार्यक्रम और परमाणु हथियारों के बुनियादी ढांचे को काफी हद तक नुकसान पहुंचा है, लेकिन इस्लामिक गणराज्य संभवतः एक बहुत ही छोटे संवर्धन कार्यक्रम को फिर से शुरू कर सकता है, जो उसके पास मौजूद यूरेनियम का एक अंश है। यह उसे बम के लिए हथियार ग्रेड यूरेनियम देने के लिए पर्याप्त हो सकता है। उन्होंने कहा,“वे अपने संवर्धन कार्यक्रम को समाप्त कर देंगे और सत्यापन योग्य तरीके से अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को छोड़ देंगे। यही उम्मीद है।”
टेस्ला कार फैक्ट्री से बिना ड्राइवर मालिक के घर पहुंची, ऐसा दुनिया में पहली बार हुआ
29 Jun, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टेक्सास, दुनिया में पहली बार एक ऐसी कार ने इतिहास रचा है, जो बिना किसी इनसानी हस्तक्षेप के (न ड्राइवर, न रिमोट ऑपरेटर) के फैक्टरी से ग्राहक के घर तक पहुंची। यह उपलब्धि हासिल की है टेस्ला की नई फुली ऑटोनॉमस कार मॉडल वाई ने, जिसकी डिलीवरी स्वयं कंपनी के सीईओ और दुनिया के सबसे चर्चित उद्यमी एलन मस्क ने अपने जन्मदिन के मौके पर करवाई। टेस्ला ने इस उपलब्धि का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया, जिसमें कार को ट्रैफिक सिग्नलों, पैदल यात्रियों और अन्य वाहनों के बीच आत्मविश्वास के साथ नेविगेट करते देखा जा सकता है।
कंपनी के अनुसार, यह डिलीवरी अमरीका के टेक्सास शहर में की गई, जहां मॉडल वाई ने कुल 72 मील (लगभग 116 किलोमीटर प्रति घंटा) की टॉप स्पीड दर्ज की। टेस्ला के एआई और ऑटोनॉमस सिस्टम हैड अशोक एलुस्वामी ने बताया कि यह कोई डेमो या ट्रायल नहीं था, बल्कि रियल-वल्र्ड कंडीशन में किया गया एक ऑपरेशनल डिलीवरी मिशन था, बिना किसी सुरक्षा चालक के। बताते चलें टेस्ला मॉडल वाई को पहले मार्च, 2019 में लांच किया गया था। इसका नया संस्करण फुली ऑटोनॉमस ड्राइविंग (एफएसडी) फीचर के साथ अपडेट किया गया है। इस इलेक्ट्रिक एसयूवी की शुरुआती कीमत 40,000
डॉलर (लगभग 34 लाख) से शुरू होती है।
अमरीका में टेस्ला की रोबोटैक्सी सर्विस शुरू
इस ऐतिहासिक डिलीवरी से कुछ दिन पहले ही 22 जून को टेस्ला ने अपनी सीमित रोबोटैक्सी सेवा की शुरुआत की थी, जिसमें कार अपने आप तो चल रही थी, लेकिन इसमें सेफ्टी के नजरिए से कंपनी का एक एक्सपर्ट बैठकर नजर रख रहा था। वर्तमान में यह सेवा अमरीका के ऑस्टिन शहर के एक छोटे से क्षेत्र में सुबह छह बजे से रात 12 बजे तक संचालित हो रही है। एक राइड की कीमत 4.20 डॉलर यानी करीब 364 रुपए रखी है।
मैंने खामेनेई को अपमानजनक मौत से बचाया, ट्रंप के बयान से ईरान में मच सकती है खलबली
29 Jun, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन, अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह हकीकत से मुंह मोड़ रहे हैं। साथ ही कहा कि उन्हें बुरी तरह हराया गया है। ट्रंप की यह प्रतिक्रिया खामेनेई के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने अमरीका और इजरायल को करारा जवाब दिया है और इस युद्ध में जीत हासिल की है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि 12 दिन के इजरायली और अमरीकी हमले ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप ने कहा कि आप (खामेनेई) एक धार्मिक और देश में सम्मानित व्यक्ति हैं। आपको सच बोलना होगा। ट्रंप ने खामेनेई को लेकर कहा कि अब आप नरक में पहुंच गए हैं। अमरीकी राष्ट्रपति ने यह बात उस समय कही, जब खामेनेई ने जोर देकर कहा कि तेहरान ने कतर में अमरीकी एयरबेस पर हमला करके अमरीका के मुंह पर तमाचा मारा है और ईरान पर अमरीका या इजरायल द्वारा आगे और हमले करने के खिलाफ चेतावनी दी है।
टैरिफ पर ट्रंप बोले, जो मन होगा, वहीं करेंगे
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि आयात पर फिर से लगाए जाने वाले व्यापक टैरिफ की समयसीमा को आगे-पीछे किया जा सकता है। फिलहाल यह समयसीमा नौ जुलाई तक निर्धारित है। ट्रंप का कहना है कि जो उनका मन होगा, वही करेंगे। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि यह तारीख अंतिम नहीं है और यह इस बात पर निर्भर करेगा कि व्यापार वार्ताएं कितनी तेजी से आगे बढ़ती हैं।
अपमानजनक मौत से बचाया, धन्यवाद न कहें
ट्रंप ने बड़ा खुलासा करते हुए यह भी कहा कि युद्ध के शुरुआती दिनों में इजरायल ने एक प्लान बनाया था, जिसमें खामेनेई को मारने की बात थी, लेकिन मैंने खुद उस योजना को वीटो कर दिया, क्योंकि मैं जानता था खामेनेई कहां छिपे हुए हैं। मैंने जानबूझकर उन्हें नहीं मरने दिया। मैंने उन्हें एक बेहद भयानक और अपमानजनक मौत से बचाया, इसके लिए उन्हें मुझसे ‘धन्यवाद’ कहने की ज़रूरत नहीं है।
पाकिस्तान में सेना के काफिले पर आत्मघाती हमला, 13 सैनिकों की मौत, 10 गंभीर घायल
29 Jun, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार को सेना के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ है। इस हमले में 13 सैनिकों की मौत हो गई है, जबकि 10 सैनिक बुरी तरह से घायल हुए हैं। हमला उस समय हुआ जब सैना का काफिला उत्तर-पश्चिमी जिले नॉर्थ वजीरिस्तान से गुजर रहा था। इसी दौरान आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को काफिले से टकरा दिया, जिससे बड़ा धमाका हुआ। इस हमले में कई जवान गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन माना जा रहा है कि इसके पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) या उससे जुड़े किसी गुट का हाथ हो सकता है। यह क्षेत्र पहले भी ऐसे घातक हमलों का गवाह रहा है। सेना और सुरक्षा एजेंसियां इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, जबकि घायलों को नजदीकी सैन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
इजरायल ने गाजा में फिर बरपाया कहर, हमले में मारे गए 34 लोग
28 Jun, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा। शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह तक गाजा पर किए गए इजरायली हमले में लोगों की मरने की खबर सामने आई है। शिफा अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, गाजा शहर के फलिस्तीन स्टेडियम में 12 लोगों की मौत हो गई।
स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि इस हमले में गाजा में कम से कम 34 लोगों की मौत हुई है। अस्पताल के अनुसार, दक्षिणी गाजा में मुवासी में विस्थापित लोगों के लिए लगाए गए तंबू पर हमले में 6 लोगों की मौत हुई है।
ट्रंप ने युद्धविराम की कही है बात
इजरायल द्वारा यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगले सप्ताह के भीतर युद्धविराम समझौता हो सकता है। शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, "हम गाजा पर काम कर रहे हैं और इसे संभालने की कोशिश कर रहे हैं।"
स्थिति की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि इजरायल के सामरिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर गाजा के युद्ध विराम, ईरान और अन्य विषयों पर बातचीत के लिए अगले सप्ताह वाशिंगटन पहुंचेंगे।
अभी तक मारे गए 56 हजार से अधिक फलिस्तिनी
अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बात की है, क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं थी। गाजा में करीब 50 बंधक बचे हैं, माना जा रहा है कि उनमें से आधा से भी कम लोग जीवित बचे हैं।
ये सभी लोग 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर हमला किए जाने के बाद बंधक बनाए गए करीब 250 लोगों में से थे, जिसके बाद 21 महीने तक युद्ध चला। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध में 56 हजार से अधिक फलिस्तिनी मारे गए हैं।
पुरी की तर्ज पर ISKCON आयोजित करेगा भव्य रथ यात्रा
28 Jun, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र। धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में पांच जुलाई को इस्कान द्वारा पुरी की तर्ज पर भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक उल्लास का प्रतीक होगी, बल्कि इसे भक्ति, सेवा और संस्कृति का महोत्सव कहा जा सकता है।
इस्कान कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल प्रभुजी ने रथ यात्रा का शुभारंभ पांच जुलाई दोपहर को श्री कृष्ण अर्जुन मंदिर, ज्योतिसर से भगवान श्री जगन्नाथ, बहन सुभद्रा एवं बलराम जी की महाआरती के साथ होगा। जिसमें देश-विदेशों से आए श्रद्धालु भाग लेंगे। इसके उपरांत सभी भक्तों के लिए भव्य प्रीतिभोज (प्रसाद) की व्यवस्था की गई है। सायं पांच बजे, ब्रह्मसरोवर तट से भगवान का रथ नगर भ्रमण पर निकलेगा, जिसे भक्तगण प्रेमपूर्वक रस्सियों से खींचेंगे। यह यात्रा बिरला मंदिर, गुरुद्वारा चौक, रेलवे रोड, पिपली रोड होते हुए सेक्टर 13 स्थित कांग्रेस भवन पहुंचेगी, जहां विशाल भंडारे के साथ इसका समापन होगा।
इस रथ यात्रा को विशिष्ट बनाने के लिए बैंड-बाजा, झांकियां तथा भक्तों की हरिनाम संकीर्तन मंडलियां पूरे मार्ग में सहभागी होंगी। यात्रा मार्ग पर भक्त झाड़ू लगाकर और जल छिड़क कर भगवान के लिए पवित्र पथ बनाएंगे। पूरे रथ मार्ग पर भगवान को आकाश मार्ग से 56 भोग अर्पण किए जाएंगे और श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद के स्टाल भी लगाए जाएंगे।
पुरी-वृंदावन-कुरुक्षेत्र: तीनों तीर्थों का दिव्य संबंध
इस्कान कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल प्रभुजी ने बताया कि रथ यात्रा का आध्यात्मिक इतिहास अत्यंत गहरा है। पुराणों में वर्णित है कि पहली रथ यात्रा तब मानी जाती है जब वृंदावन वासियों ने भगवान श्रीकृष्ण को कुरुक्षेत्र से रथ में बैठाकर अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। इस्कान कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल प्रभुजी ने बताया कि रथ यात्रा का आध्यात्मिक इतिहास अत्यंत गहरा है। पुराणों में वर्णित है कि पहली रथ यात्रा तब मानी जाती है जब वृंदावन वासियों ने भगवान श्रीकृष्ण को कुरुक्षेत्र से रथ में बैठाकर अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। उसी प्रेम भावना को पुरी और कुरुक्षेत्र की रथ यात्राएं दोहराती हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान के रथ-दर्शन से करोड़ों जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और यह रथ यात्रा उसी कृपा का विस्तार है। अध्यक्ष साक्षी गोपाल प्रभुजी, उपाध्यक्ष मोहन गौरचंद्र प्रभुजी और पूरी कार्यकारिणी टीम इस यात्रा को और भव्य बनाने के लिए दिन रात तैयारी कर रहे हैं।
जोहरान ममदानी की नागरिकता क्यों रद कराना चाहते हैं रिपब्लिकन
28 Jun, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अमेरिका में एक अजीब राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। यहां पर रिपब्लिकन पार्टी के नेता और समर्थक न्यूयॉर्क मेयर पद की रेस में आगे चल रहे डेमोक्रेट सोशलिस्ट जोहरान ममदानी के पीछे पड़ गए हैं।
रिपब्लिकन समर्थकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मांग करते हुए कहा कि ममदानी की अमेरिकी नागरिकता खत्म करने और उन्हें डिपोर्ट किया जाए। बता दें कि ममदानी ने मेयर के प्राइमरी चुनाव में पूर्व गवर्नर एंड्रिउ कुओमो को परास्त कर के सभी को हैरान कर दिया है।
ममदानी की जीत बनी चर्चा का विषय
बता दें कि ममदानी भारतीय मूल के माता-पिता के वंशज हैं। उन्होंने मेयर के प्राइमरी चुनाव में जीत हासिल की है। ममदानी ने इस चुनाव में पूर्व गवर्नर एंड्रिउ कुओमो को हरा दिया है। ममदानी की जीत ने सभी को हैरान कर के रख दिया है।
कहा जा रहा है कि ममदानी की लोकप्रियता युवाओं में बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि मेयर के चुनाव में उनकी जीत एक तरीके से पक्की मानी जा रही है। न्यूयॉर्क मेयर पद के लिए साल 2025 नवंबर में होने वाले हैं।
ममदानी को ट्रंप ने बताया 100 प्रतिशत कम्यूनिस्ट
ममदानी को लेकर को लेकर कई वर्ग में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। अमेरिका में रिपब्लिकन के नेता ममदानी की नागरिकता को खत्म कर उनको वापस डिपोर्ट करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, ट्रंप प्रशासन की ओर से इसपर किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
अमेरिका के रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं का आरोप है कि ममदानी पूरी तरह से अमेरिकी नहीं है क्योंकि नागरिकता हासिल करने की निर्धारित अवधि जो 10 वर्ष है। उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर लिखा कि आखिरकार यह हो गया, डेमोक्रेट्स ने हदें पार कर दीं। जोहरान ममदानी जो कि सौ प्रतिशत कम्यूनिस्ट और पागल है, उसने डेम प्राइमरी का चुनाव जीत लिया है और वह मेयर बनने की दौड़ में है। हम पहले भी कट्टर वामपंथी देख चुके हैं लेकिन यह थोड़ा ज्यादा ही हास्यास्पद है। ममदानी भयानक दिखता है। इसकी आवाज कर्कश है। यह ज्यादा स्मार्ट भी नहीं है। वाकई में हमारे देश के इतिहास में यह एक बड़ा क्षण है
'शहर को बर्बाद करने की नहीं दी जा सकती अनुमति'
ट्रंप के इस बयान के बाद रिपब्लिकन नेताओं में और आक्रोश आ गया है। अब नेताओं ने जोहरान ममदानी की नागरिकता को समाप्त करने की मांग की है। न्यूयॉर्क रिपब्लिकन क्लब ने कहा कि ममदानी को तुरंत डिपोर्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कट्टर जोहरान ममदानी को हमारे प्यार शहर न्यूयॉर्क को बर्बाद करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
सीएम फ्लाइंग की बड़ी कार्रवाई; छापा मारकर 30 LPG सिलेंडर बरामद
28 Jun, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यमुनानगर। सीएम फ्लाइंग टीम ने गांव कामी माजरा व रायपुर में दो जगह छापेमारी कर 20 घरेलू सिलिंडर पकड़े हैं। यह सिलिंडर अवैध रूप से रखे हुए थे। जिन्हें सप्लाई किया जाता था। इसके साथ ही इन सिलिंडरों से अवैध रूप से रिफलिंग कर छोटे सिलिंडरों को भरा जाता है।
गांव कामी माजरा से 10 व रायपुर से 20 सिलिंडर जब्त किए गए। जिन आरोपितों ने यह सिलिंडर रखे हुए थे। उनके विरुद्ध निरीक्षक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सुखचैन सिंह की शिकायत पर सदर यमुनानगर थाना में केस दर्ज कराया गया है। शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग की टीम को सूचना मिली कि गांव कामी माजरा निवासी शराफत ने अवैध रूप से सिलिंडर जमा कर रखे हैं। जिनका कोई दस्तावेज भी आरोपित के पास नहीं है। इस सूचना पर छापेमारी की गई तो उसके मकान से 10 सिलिंडर मिले। जांच में सामने आया कि सिलिंडरों की अवैध रूप से रिफलिंग भी की जाती है।
वहीं इसके बाद टीम ने गांव रायपुर में छापेमारी की। जहां एक मकान से 20 घरेलू गैस सिलिंडर बरामद किए गए। इन सिलिंडरों को रायपुर निवासी महबूब ने अवैध रूप से रखा हुआ था। यहां से 11 सिलिंडर भरे हुए व अन्य खाली मिले हैं। यह सिलिंडर बीपीसी कंपनी व एचपी कंपनी के हैं शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग की टीम को सूचना मिली कि गांव कामी माजरा निवासी शराफत ने अवैध रूप से सिलिंडर जमा कर रखे हैं। जिनका कोई दस्तावेज भी आरोपित के पास नहीं है। इस सूचना पर छापेमारी की गई तो उसके मकान से 10 सिलिंडर मिले। जांच में सामने आया कि सिलिंडरों की अवैध रूप से रिफलिंग भी की जाती है। वहीं इसके बाद टीम ने गांव रायपुर में छापेमारी की। जहां एक मकान से 20 घरेलू गैस सिलिंडर बरामद किए गए। इन सिलिंडरों को रायपुर निवासी महबूब ने अवैध रूप से रखा हुआ था। यहां से 11 सिलिंडर भरे हुए व अन्य खाली मिले हैं। यह सिलिंडर बीपीसी कंपनी व एचपी कंपनी के हैं।
सौतेली बेटी के साथ पिता ने की छेड़छाड़, साथ सोने का बनाया दबाव
28 Jun, 2025 04:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यमुनानगर। व्यासपुर थाना क्षेत्र निवासी महिला ने पति पर सौतेली बेटी के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। आरोप है कि विरोध करने पर बेटी के साथ मारपीट की गई। उसके कंधे पर कूलर गिरा दिया। जिससे उसे चोट लगी। मामले में शुक्रवार को महिला थाना पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि पहले पति से पांच वर्ष पहले तलाक हो गया था। पहली शादी से एक बेटी है। जिसकी अब आयु 17 वर्ष है। वह साथ ही रहती है। इस बीच स्वजन ने छछरौली थाना क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति से दूसरी शादी कर दी। उससे भी एक बेटी है। कुछ समय बाद माता की मौत हो गई थी। जिसके चलते पति व बेटी के साथ मायके में आ गई, क्योंकि यहां पर कोई और नहीं रहता। 26 जून को पीजीआई चंडीगढ़ दवाई लेने के लिए गई थी। देर हाेने की वजह से वहीं रिश्तेदार के पास रुक गई।
अगले दिन घर पर आई तो बेटी ने बताया कि पिता ने उस पर अपने साथ सोने का दबाव बनाया। मना करने पर मारपीट की। कूलर फेंका। जिससे कंधे में चोट लगी। जिसके चलते पति व बेटी के साथ मायके में आ गई, क्योंकि यहां पर कोई और नहीं रहता। 26 जून को पीजीआई चंडीगढ़ दवाई लेने के लिए गई थी। देर हाेने की वजह से वहीं रिश्तेदार के पास रुक गई। अगले दिन घर पर आई तो बेटी ने बताया कि पिता ने उस पर अपने साथ सोने का दबाव बनाया। मना करने पर मारपीट की। कूलर फेंका। जिससे कंधे में चोट लगी।
गुस्से में शख्स ने मेट्रो के कोच में पेट्रोल छिड़ककर लगा दी आग
28 Jun, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इंसान के जीवन में तमाम तरह के दुख और परेशानियां आती हैं। इस दौरान कई बार लोग कुछ ऐसे कदम उठा जाते हैं, जिससे दूसरों के लिए भी जान का खतरा बन जाता है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला साउथ कोरिया के सियोल से आया है।
यहां एक 67 वर्षीय व्यक्ति अपनी पत्नी से झगड़े और तलाक को लेकर इतना ज्यादा गुस्से में आ गया कि उसने चलती मेट्रो टेन में आग लगा दी। इस खौफनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान हो रहे हैं।
गुस्से में लगा दी आग
आरोपी का नाम वोन बताया जा रहा है जो सियोल में एक मेट्रो में सफर कर रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी अपनी पत्नी के साथ तलाक को लेकर काफी ज्यादा परेशान चल रहा था और इसी गुस्से में उसने मेट्रो के एक डिब्बे के अंदर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
हैरान करने वाली बात यह है कि आग लगाने से पहले उसने अपने ही कपड़ों को जलाया और आग की लपटें चारों ओर फैल गई। आग लगने के बाद मेट्रो के अंदर अफरातफरी मच गई।
129 लोगों का मौके पर हुआ इलाज
आरोपी द्वारा आग लगाने की घटना में 22 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जबकि 129 अन्य यात्रियों को मौके पर ही प्राथमिक इलाज दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई।
हालांकि, इस घटना में मेट्रो की एक बोगी पूरी तरह से जलकर खाक हो गई, जिससे करीब 330 मिलियन वॉन (लगभग 2 करोड़) रुपये का नुकसान हुआ। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
आग लगने की खौफनाक घटना का वीडिया मेट्रो में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। इस वीडियो को अब तक 69 लाख से ज्यादा बार देखा गया है। वीडियो देखने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
'गेम ऑफ थ्रोन्स' के जैसे गुप्त तरीके से इजरायल ने ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों को किया खत्म
28 Jun, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल अवीव। ईरान और इजरायल के बीच चली जंग में कहा जा रहा है कि ईरान इजरायल पर भारी पड़ा। लेकिन क्या आप जानते हैं इजरायल ने गुप्त तरीके से हमला कर इजरायली सैन्य जनरलों ने ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों को खत्म कर दिया। लेकिन इजरायल के किसी भी बड़ा कमांडर के मरने की कोई खबर नहीं आई।
ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों को खत्म करने के लिए इजरायल ने चलाया ऑपरेशन
गेम ऑफ थ्रोन्स के जैसे "रेड वेडिंग" की याद दिलाने वाले एक गुप्त हमले में, इजरायली सैन्य जनरलों ने ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों को खत्म करने के लिए 13 जून को एक सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के जैसे एक ऑपरेशन नार्निया भी चल रहा था। यह एक घातक मिशन था जिसमें ईरान के नौ सबसे प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों की तेहरान में उनके घरों में हत्या कर दी गई।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, इजरायली सैन्य संचालन निदेशालय के प्रमुख और हमले के प्रमुख वास्तुकार मेजर जनरल ओडेड बसियुक ने कहा कि जब हमने इस चीज की विस्तार से योजना बनाना शुरू किया, तो यह जानना बहुत मुश्किल था कि यह काम करेगा या नहीं और निसंदेह इन अभियानों ने क्षेत्र में निर्विवाद सैन्य शक्ति के रूप में इजरायल की स्थिति को मजबूत किया है।
मिशन की नींव रातों-रात नहीं, 1990 के दशक में रखी गई
इस मिशन की नींव रातों-रात नहीं रखी गई थी। यह सब 1990 के दशक के मध्य में शुरू हुआ था जब इजरायली खुफिया ने पहली बार ईरान के परमाणु हथियार विकसित करने के गुप्त प्रयासों को चिह्नित किया। जासूसों के एक विशाल जाल से शुरू हुआ यह अभियान विध्वंसकारी अभियान में बदल गया। जिसकी प्लानिंग से संवर्धन सुविधाओं पर दो बम विस्फोट, और ईरानी वैज्ञानिकों को खत्म करना आदि था।
इजरायल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना चाहता था
लेकिन जब भी ईरान की परमाणु कार्यक्रम से पीछे नहीं हटा तो इजरायल ने निष्कर्ष निकाला कि केवल तोड़फोड़ ही पर्याप्त नहीं थी अब पूरे कार्यक्रम को खत्म करना होगा। कई बार, इजरायल पूर्ण पैमाने पर हमला करने के करीब पहुंच गया।
सीधे हमले के लिए नेतन्याहू पहले करते रहे इनकार
फिर भी, इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बार-बार अपने ही मंत्रिमंडल और सुरक्षा प्रमुखों द्वारा इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था क्योंकि उन्हें डर था कि ईरान के साथ सीधा युद्ध अमेरिका के साथ संबंधों को तोड़ सकता है, जिसने तब सैन्य हमलों की तुलना में कूटनीति को प्राथमिकता दी थी।
इजरायल पर हमास के हमले के बाद सब कुछ बदल गया
7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हमास के हमले के बाद सब कुछ बदल गया। उसके बाद के दो सालों में इजरायल ने हमास को लगभग खत्म कर दिया और हिजबुल्ला को काफी कमजोर कर दिया। इस बीच, विपक्षी ताकतों ने सीरिया की ईरान समर्थित सरकार को गिरा दिया और उसकी जगह ईरान विरोधी शासन स्थापित कर दिया-जिससे इजरायली जेट के लिए सीरियाई हवाई क्षेत्र खुल गया।
मोसाद का नेटवर्क ईरान में काफी मजबूत हो गया
तब तक, ईरान के अंदर इजरायल का जासूसी नेटवर्क बहुत मजबूत हो चुका था। एजेंट वास्तविक समय में ईरानी सैन्य नेताओं पर नजर रख रहे थे। देश के अंदर स्थापित ड्रोन बेस ईरानी हवाई सुरक्षा को खत्म करने के लिए तैयार थे। वास्तव में, इजरायल ने अप्रैल और अक्टूबर 2024 में दो हमलों में तेहरान की सबसे उन्नत वायु-रक्षा प्रणालियों को पहले ही अपंग कर दिया था।
जैसे-जैसे 2024 खत्म होने वाला था, खुफिया जानकारी से पता चला कि ईरान ने हथियार-स्तर के स्तर तक यूरेनियम को समृद्ध करना शुरू कर दिया था-जिससे वे परमाणु बम बनाने से बस कुछ ही महीने दूर रह गए। समय समाप्त होने के डर से, इजरायल ने ईरान के परमाणु संयंत्र को खत्म करने के लिए ऑपरेशन नार्निया को सक्रिय कर दिया।
ईरान के प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों परमाणु सुविधाओं, मिसाइल स्थलों की पहचान की गई
नवंबर में, 120 खुफिया और वायु सेना के अधिकारी एक हत्या सूची तैयार करने के लिए एकत्र हुए। उन्होंने परमाणु सुविधाओं, मिसाइल स्थलों, वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और प्रमुख वैज्ञानिकों सहित 250 लक्ष्यों की पहचान की। लेकिन इसके लिए इजरायल को न केवल सटीक हमले की जरूरत थी, बल्कि हवाई क्षेत्र में पूरी श्रेष्ठता की भी जरूरत थी।
मौसाद ने निभाई अहम भूमिका
यहीं पर मोसाद की भूमिका आई। एजेंटों ने सामान, शिपिंग कंटेनर और ट्रकों में छिपाकर सैकड़ों क्वाडकॉप्टर ड्रोन की तस्करी की, जो सभी विस्फोटकों से लैस थे। ईरान में रिमोट से संचालित होने वाले हथियार भी तैनात किए गए थे। ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों के पास गुप्त टीमें तैनात की गईं, जो ऑपरेशन शुरू होते ही उन्हें निष्क्रिय करने के लिए तैयार थीं।
नेतन्याहू ने चली बड़ी चाल
9 जून को अंतिम हरी झंडी मिली। यह सुनिश्चित करने के लिए कि ईरान के शीर्ष अधिकारी बिखर न जाएं, नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से दिखावा किया। उन्होंने घोषणा की कि वे अपने सबसे बड़े बेटे की शादी के लिए निजी छुट्टी ले रहे हैं। बाद में उन्होंने खुलासा किया कि उनके परिवार के किसी भी सदस्य, न तो उनकी पत्नी और न ही उनके बेटे को पता था कि शादी स्थगित की जा रही है।
ट्रंप ने भी निभाया नेतन्याहू का साथ
साथ ही, इजरायली अधिकारियों ने नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दरार की रिपोर्ट लीक की, जिसमें एक तनावपूर्ण फोन कॉल का विवरण भी शामिल था, जिसमें ट्रंप ने कूटनीति का आग्रह किया और एकतरफा हमलों के खिलाफ चेतावनी दी।
ट्रंप कूटनीति की बात कर रहे थे तभी इजरायली जनरल हमलों दे रहे थे अंतिम रूप
हमले की सुबह, ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका और ईरान "समझौते के काफी करीब" थे और उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि वाशिंगटन नहीं चाहता कि इजरायल "इसमें शामिल हो। लेकिन तब तक, इजरायली जनरल पहले से ही अपने हमले की योजना को अंतिम रूप दे रहे थे।
ट्रंप ने भी चली चाल
एक इजरायली सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि ईरानियों के दिमाग में यह विचार डालना महत्वपूर्ण था कि इजरायल अमेरिका की अनुमति और भागीदारी के बिना हमला नहीं करेगा। जैसे ही इजरायली लड़ाकू विमान आसमान में चढ़े, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि हम ईरान परमाणु मुद्दे के कूटनीतिक समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं।
तभी शुरू हुआ 'ऑपरेशन रेड वेडिंग '
ऑपरेशन रेड वेडिंग को एक झटके में ईरान के सैन्य नेतृत्व को कुचलने के लिए डिजाइन किया गया। साथ ही, इजरायली जेट और ड्रोन को ईरान की भविष्य की क्षमताओं को कम करने के लिए मिसाइल लांचर और परमाणु स्थलों को नष्ट करने का काम सौंपा गया था।
सटीक हमले में मारे गए सभी महत्वपूर्ण सैन्य कमांडर और वैज्ञानिक
फिर एक अप्रत्याशित मोड़ आया। इजरायली निगरानी ने देखा कि ईरान के वायु सेना नेतृत्व योजना बनाने में अचानक से जुट गए हैं। एक पल के लिए, इजरायली कमांडरों को डर था कि उनकी बात लीक तो नहीं हो गई। लेकिन इसके बजाय, ईरान के सैन्य नेता अनजाने में एक स्थान पर इकट्ठा हो गए, जिससे वे और भी आसान लक्ष्य बन गए। कुछ ही मिनटों में, इजरायली मिसाइलों ने हमला किया, जिससे वे खत्म हो गए।
इस बीच, ऑपरेशन नार्निया अपने लक्ष्य पर पहुंच गया। ईरान के नौ शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मारे गए, उनके घर मलबे में तब्दील हो गए। बाद में इजरायली खुफिया ने पुष्टि की कि सूची में शामिल लगभग हर उच्च-मूल्य वाले मानव लक्ष्य को मार दिया गया।
फिर इजरायल ने शुरू किया ऑपरेशन लॉयन
इसके बाद के दिनों में, इजरायल ने ऑपरेशन लॉयन शुरू किया, जिसमें इजरायली युद्धक विमानों ने ईरान की परमाणु सुविधाओं, बैलिस्टिक मिसाइल कारखानों, प्रक्षेपण स्थलों और शेष नेतृत्व पर लगातार बमबारी की। मंगलवार तक, दोनों देशों के बीच युद्ध विराम की घोषणा कर दी गई।
अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और लॉरेन सांचेज ने की शादी
28 Jun, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वेनिस। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और पूर्व टीवी पत्रकार लॉरेन सांचेज ने 27 जून को पति और पत्नी के रूप में अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की। इटली के वेनिस में एक भव्य समारोह में जोड़े ने शादी की। बिल गेट्स, किम कार्दशियन, क्रिस जेनर, कार्ली क्लॉस, इवांका ट्रम्प और ऑरलैंडो ब्लूम कई अन्य मेहमानों में शामिल थे।
बेजोस और सांचेज को अमन होटल से निकलते हुए देखा गया
समारोह से पहले, बेजोस और सांचेज को अमन होटल से अलग-अलग निकलते हुए देखा गया, संभवतः वे अपने विवाह स्थल की ओर जा रहे थे। दुल्हन ने रेट्रो-प्रेरित, सफेद रंग का सूट और रेशमी सिर का दुपट्टा पहना था, जबकि दूल्हे ने एक शानदार काले रंग का टक्सेडो और एविएटर-स्टाइल चश्मा पहना था।
इस जोड़े को ग्रैंड कैनाल पर स्थित विशेष अमन वेनिस होटल में प्रवेश करते हुए देखा गया। यहां कई मशहूर हस्तियां ठहरीं। वेनिस सिटी हाल ने बुधवार को एक निर्देश जारी किया। इसमें इस पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है। यहां मेहमानों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
विवाह को लेकर समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा
इस जोड़े ने शनिवार, 28 जून को स्कूओला ग्रांडे डेला मिसेरिकोर्डिया में अपना विवाह समारोह आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन सुरक्षा चिंताओं के कारण अंतिम समय में स्थान परिवर्तन किया गया, क्योंकि इस विवाह को लेकर समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, जो इसे संपन्न और वंचितों के बीच बढ़ती असमानता के संकेत के रूप में देखते हैं।
वेनिस के सामाजिक संगठनों के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये दुनिया में बढ़ रही असमानता का सुबूत है। भव्य शादी के लिए शहर में रहने वाले लोगों की उपेक्षा की जा रही है।
इस जोड़े ने शनिवार, 28 जून को स्कूओला ग्रांडे डेला मिसेरिकोर्डिया में अपना विवाह समारोह आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन सुरक्षा चिंताओं के कारण अंतिम समय में स्थान परिवर्तन किया गया, क्योंकि इस विवाह को लेकर समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, जो इसे संपन्न और वंचितों के बीच बढ़ती असमानता के संकेत के रूप में देखते हैं।
वेनिस के सामाजिक संगठनों के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये दुनिया में बढ़ रही असमानता का सुबूत है। भव्य शादी के लिए शहर में रहने वाले लोगों की उपेक्षा की जा रही है।
फरीदाबादवासियों को मिलेगी राहत, सड़क निर्माण कार्य की तैयारी पूरी
28 Jun, 2025 02:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिगांव। तिगांव से जुन्हेड़ा व तिगांव से बुखारपुर को जाने वाली सड़कों को बनाने के लिए मार्केटिंग विभाग ने टेंडर लगा दिया है। इसके लिए मन्नत कंस्ट्रक्शन कंपनी आगे आई है। बोर्ड द्वारा दो जून और 12 जून को टेंडर लगाए लेकिन किसी भी ने रुचि नहीं दिखाई। इस वजह से 26 जून यानी बृहस्पतिवार को तीसरी बार टेंडर लगाए गए थे। इस बार एक ही एजेंसी आगे आई, इसलिए उसे ठेका दिया जाना लगभग तय है। अब अगले महीने सड़क निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। बता दें दैनिक जागरण में तीन दिन पहले प्रकाशित खबर को प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने गंभीरता से लिया। इस बारे में तुरंत बोर्ड के अधिकारियों से बात की और नाराजगी जताई। स्पष्ट कहा कि दोनों सड़कों का काम अगले महीने शुरू हो जाना चाहिए। ज्ञात रहे इन दोनों सड़कें बनवाने के लिए मंत्री ने मुख्यमंत्री से आग्रह कर 1.42 करोड़ का बजट स्वीकृ़त कराया था। यह सड़कें तो कई महीने पहले बन जाती लेकिन ग्रामीण चाहते थे कि आबादी वाली जगह इसे सीमेंटेड बनाया जाए जबकि टेंडर में इंटरलाकिंग टाइलें थीं।
इस बारे में सरपंच और ग्रामीण मंत्री राजेश नागर से मिले थे। मंत्री ने ग्रामीणों के आग्रह पर टेंडर कैंसिल कराया और सीमेंटेड सड़क बनाने के लिए दोबारा बजट स्वीकृत कराया। इसलिए इस सड़क निर्माण में देरी हुई।
ग्रामीण हैं बहुत परेशान
दोनों सड़कों पर करीब एक-एक किलोमीटर तक आबादी है। लेकिन पानी निकासी का प्रबंध नहीं है। इस वजह से गंदा पानी सड़कों पर बहता है। इससे सड़क टूट जाती है। फिलहाल आबादी वाली जगह इंटरलाकिंग टाइलें लगी हैं, लेकिन इनकी हालत खराब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। ग्रामीणों का पैदल निकलना मुश्किल हो गया है। जबकि दोनों सड़कों पर वाहनों का खूब दबाव रहता है। सबसे अधिक दिक्कत शादियों के सीजन में आती है। बरातियों को काफी दिक्कत होती है। इसलिए ग्रामीणों ने राज्य मंत्री से सड़क बनाने की गुहार लगाई थी। सड़क को तो बहुत पहले बनवा दिया जाता लेकिन ग्रामीण चाहते थे कि आबादी वाली जगह सड़क सीमेंटेड़ बने, इसलिए इसका दोबारा एस्टीमेट भेजकर मंजूर करा दिया है। अब तिगांव-जुन्हेड़ा सड़क करीब आधा किलोमीटर तक सीमेंटेड़ बनेगी। तिगांव-बुखारपुर 300 मीटर सीमेंटेड़ बनेगी। आगे तारकोल की बनवाई जाएगी। जल्द काम शुरू करा दिया जाएगा।
राजेश नागर, राज्य मंत्री
सड़क के दो बार पहले टेंडर लगा चुके हैं। दो जून और 12 जून को कोई भी एजेंसी सड़क निर्माण के लिए आगे नहीं आई। अब दो एजेंसी से बात की है। उम्मीद है कि इस बार टेंडर अलाट कर दिया जाएगा। प्रवेश कुमार, कार्यकारी अभियंता, मार्केटिंग बोर्ड
पैरा एशियाई खेलों के 13 विजेताओं और प्रतिभागियों को मिलेंगे 19.72 करोड़
28 Jun, 2025 02:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचकूला। पैरा एशियाई खेलों-2022 में भाग लेने वाले हरियाणा के 13 खिलाड़ियों और पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार के लिए प्रदेश सरकार ने 19.72 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। बैडमिंटन में स्वर्ण और रजत पदक विजेता नितेश कुमार को साढ़े चार करोड़ रुपये और स्वर्ण पदक विजेता एथलेटिक्स हैनी को तीन करोड़ रुपये मिलेंगे। खिलाड़ियों ने नकद पुरस्कार वितरण में देरी को लेकर कुछ दिन पहले हरियाणा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष और प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से मुलाकात की थी। मंत्री ने इस मामले को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष उठाया, जिसके परिणामस्वरूप त्वरित कार्रवाई करते हुए सरकार ने पुरस्कार राशि जारी कर दी। हालांकि यह खिलाड़ी खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम से भी मिले थे। रजत पदक जीतने वाली सरिता अधाना (पैरा तीरंदाजी) के साथ ही पूजा, धर्मबीर, रिंकू, प्रमोद, योगेश कथुनिया, रामपाल और मोनू घनघस को डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
पैरा लान बाल खिलाड़ी अंजू बाला, एथलेटिक्स खिलाड़ी जसबीर और कनोइंग खिलाड़ी जयदीप को खेलों में भाग लेने के लिए साढ़े सात लाख रुपये मिलेंगे। वहीं, एथलेटिक्स खिलाड़ी प्रणव सूरमा, रमन शर्मा, सुमित और तरुण ढिल्लों को भी स्वर्ण पदक जीतने पर तीन-तीन करोड़ रुपये मिलेंगे। यह पुरस्कार राशि जल्द मंजूर की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हमारे पैरा-एथलीटों ने हरियाणा और देश को गौरवान्वित किया है। यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य था कि उन्हें बिना देरी के सम्मानित कर पुरस्कृत किया जाए।
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