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ट्रंप की टैरिफ चेतावनी पर चीन का पलटवार – BRICS का मकसद टकराव नहीं, वैश्विक संतुलन
8 Jul, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग. चीन ने सोमवार को कहा कि ब्रिक्स टकराव के लिए नहीं है और यह किसी अन्य देश को निशाना नहीं बनाता है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स समूह की कथित रूप से अमेरिकी विरोधी नीतियों के कारण इससे जुड़े देशों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी थी. इस पर चीन ने सतर्क प्रतिक्रिया दी है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां संवाददाताओं से कहा कि ब्रिक्स उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है. माओ ने कहा कि ब्रिक्स खुलेपन, समावेशन और सभी के फायदे के लिए सहयोग की वकालत करता है.
ब्रिक्स की स्थापना ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका द्वारा की गई थी, लेकिन इस समूह का पिछले वर्ष विस्तार हुआ और इसमें इंडोनेशिया, ईरान, मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किया गया. नए सदस्य देशों के अलावा, इस समूह में 10 रणनीतिक साझेदार देश भी शामिल हैं. यह श्रेणी पिछले वर्ष के शिखर सम्मेलन में बनाई गई थी, जिसमें बेलारूस, क्यूबा और वियतनाम जैसे देश शामिल हैं.
डोनाल्ड ट्रंप की ब्रिक्स देशों को धमकी
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स समूह की ‘अमेरिका विरोधी नीतियों’ का साथ देने वाले देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी है. ब्रिक्स समूह के ट्रंप का नाम लिए बिना शुल्क वृद्धि की निंदा करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह धमकी दी है. ब्रिक्स समूह में शामिल देशों के नेता छह-सात जुलाई को 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील में मिल रहे हैं.
ऑपरेशन सिंदूर के दिन चीन क्या कर रहा था? अब सामने आई ड्रैगन की सफाई
8 Jul, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग. चीन ने सोमवार को भारतीय सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह के इस दावे को तवज्जो नहीं दी कि बीजिंग ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान को सक्रिय सैन्य सहयोग प्रदान किया और संघर्ष को विभिन्न हथियार प्रणालियों के परीक्षण के लिए एक ‘लाइव लैब’ के रूप में इस्तेमाल किया.
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां प्रेस वार्ता में जनरल सिंह की टिप्पणी के संबंध में पूछे गए सवाल पर कहा, ‘आपने जिन बातों का उल्लेख किया है, मैं उनसे वाकिफ नहीं हूं. मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि चीन और पाकिस्तान करीबी पड़ोसी हैं और उनके बीच पारंपरिक मित्रता है. रक्षा और सुरक्षा सहयोग दोनों देशों के बीच सामान्य सहयोग का हिस्सा है और यह किसी तीसरे पक्ष को निशाना नहीं बनाता है.’
माओ ने यह भी कहा कि भारत-चीन संबंध ‘सुधार और विकास के महत्वपूर्ण दौर’ में हैं और बीजिंग नई दिल्ली के साथ द्विपक्षीय संबंधों में निरंतर वृद्धि को बढ़ावा देना चाहेगा. माओ ने उन खबरों के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देने से भी इनकार कर दिया, जिनमें कहा गया था कि चीन ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन के बारे में संदेह फैलाने के लिए अपने दूतावासों को जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने कहा, ‘आपने जो उल्लेख किया है, मैं उससे अवगत नहीं हूं.’
पिछले सप्ताह दिल्ली में एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जनरल सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ‘मुखौटा’ है, तथा चीन अपने सदाबहार मित्र को हरसंभव सहायता दे रहा है, एवं तुर्किये भी इस्लामाबाद को सैन्य साजो सामान की आपूर्ति करके एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है. उन्होंने कहा कि 7-10 मई के संघर्ष के दौरान भारत वास्तव में कम से कम तीन शत्रुओं से निपट रहा था.उन्होंने कहा कि चीन ने भारतीय सैन्य तैनाती पर नजर रखने के लिए अपने उपग्रहों का इस्तेमाल किया, क्योंकि पाकिस्तानी सेना को डीजीएमओ (सैन्य संचालन महानिदेशक) स्तर की फोन वार्ता के दौरान इसके बारे में सीधी जानकारी मिल रही थी. चीन-पाकिस्तान के सदाबहार संबंधों को रेखांकित करते हुए माओ ने कहा कि भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के पड़ोसी हैं और हमेशा रहेंगे. उन्होंने कहा कि वे चीन के भी महत्वपूर्ण पड़ोसी हैं.
उन्होंने कहा, “पिछले कुछ सप्ताहों और महीनों में चीन ने भारत और पाकिस्तान के बीच घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखी है, शांति के लिए बातचीत को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया है और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए काम किया है.” माओ ने कहा, “चीन, भारत और पाकिस्तान द्वारा मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने और बातचीत और परामर्श के माध्यम से मौलिक समाधान खोजने का स्वागत और समर्थन करता है. चीन इस दिशा में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है.”
भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के नियंत्रण वाले इलाकों में आतंकी ढांचों को निशाना बनाते हुए सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था. इस हमले के बाद चार दिनों तक भीषण झड़पें हुईं, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति के साथ समाप्त हुईं.
एक तरफ नोबेल की मांग, दूसरी तरफ अमेरिका में हाहाकार – ट्रंप पर इज़राइल का प्रेम क्यों?
8 Jul, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मुलाकात की बात. व्हाइट हाउस में इन दोनों नेताओं की मुलाकात हुई, जिसका लक्ष्य गाजा में 60 दिन का सीजफायर और बंधक रिहाई था. इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि इस हफ्ते गाजा में सीजफायर पर कोई फैसला आ सकता है. दोनों नेताओं की मुलाकात ईरान-इजरायल युद्ध में सीजफायर की घोषणा के दो हफ्ते बाद हो रही है. इस युद्ध में ट्रंप ने मध्यस्थता करते हुए 12 दिनों तक चला युद्ध रुकवाया था.
अब नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप को नोबल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है. उन्होंने व्हाइट हाउस में बैठक के दौरान ट्रंप को वो नामांकन पत्र सौंपा, जो उन्होंने पुरस्कार कमेटी को भेजा है. उन्होंने मिडिल ईस्ट में ट्रंप के नेतृत्व और नीतियों की तारीफ की और कहा कि आप इसके हकदार हैं, ये आपको मिलना चाहिए.
उधर अमेरिका के ही टेक्सस में फ्लैशफ्लड ने जो तांडव मचाया, उसके निशान अब तक मिल रहे हैं. भारी बारिश के बाद आई बाढ़ की वजह से 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है और बहुत से लोग अब भी लापता हैं. अब तक प्रशासन लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है. बाढ़ के शिकार हुए लोगों में इलाके में कैंप करने गई बच्चियां शामिल हैं. इसी बीच अटकलें ये भी लगाई जा रही हैं कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर सकते हैं.
ब्रिक्स नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ब्रिक्स के एंटी-अमेरिकन होने के दावे को सिरे से नकार दिया. ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला दा सिल्वा ने कहा- दुनिया को एक सम्राट की जरूरत नहीं है. ये जवाब ट्रम्प के उस सोशल मीडिया पोस्ट पर दिया गया है, जो उन्होंने रविवार रात Truth Social पर लिखा था. ट्रंप ने कहा था कि उन देशों पर, 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा, जो ब्रिक्स की एंटी-अमेरिकी नीतियों का समर्थन करेंगे. ब्राजील के राष्ट्रपति के अलावा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और चीन के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता माओ निंग ने भी माना कि अमेरिका को दबाव की नीति का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. हालांकि भारत ने इस पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी है.
प्रधानमंत्री मोदी की दलाईलामा को बधाई पर तिलमिलाया चीन
8 Jul, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिब्बती समुदाय के सबसे बड़े आध्यात्मिक नेता दलाईलामा को 90वें जन्मदिन पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी थी और अपने शुभकामना संदेश में कहा था कि वह प्रेम, करुणा, धैर्य और नैतिक अनुशासन के स्थायी प्रतीक रहे हैं। पड़ोसी देश चीन को पीएम मोदी की बधाई पर भी मिर्ची लग गई है। चीन ने सोमवार को कहा कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दलाईलामा को उनके 90वें जन्मदिन पर बधाई देने और उनके जन्मदिवस समारोह में भारतीय अधिकारियों के शामिल होने के मुद्दे पर भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराया है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सोमवार को कहा कि भारत को तिब्बत से संबंधित मुद्दों की संवेदनशीलता को पूरी तरह समझना चाहिए और उसे अलगाववादी प्रकृति की पहचान करनी चाहिए। माओ निंग ने कहा कि तिब्बत से संबंधित मामलों पर चीन की स्थिति सुसंगत और स्पष्ट है तथा यह सभी को पता है। चीन तिब्बत को शिज़ांग कहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14वें दलाई लामा राजनीतिक निर्वासन में हैं, जो लंबे समय से अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और धर्म की आड़ में शिजांग को चीन से अलग करने का प्रयास करते रहे हैं।
अमेरिका या BRICS? ट्रंप ने दी धमकी, विरोधियों पर 10% टैरिफ लगाने का एलान
7 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स राष्ट्रों की कथित ‘अमरीका विरोधी’ नीतियों का समर्थन करने वाले देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त व्यापार शुल्क लगाने की धमकी दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया ‘ट्रुथ’ पर कहा, “ब्रिक्स की अमरीका विरोधी नीतियों का जो भी देश समर्थन करेगा उस पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया जाएगा और इस नीति में कोई अपवाद नहीं होगा।”
गौरतलब है कि पश्चिमी आधिपत्य को चुनौती देने और विकासशील देशों की आवाज को बढ़ावा देने के लिए ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका द्वारा एक वैकल्पिक मंच के रूप में स्थापित इस अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षीय संगठन की अमरीकी राष्ट्रपति काफी लंबे समय से आलोचना करते रहे हैं। ब्रिक्स को कई देशों ने एक अनुकूल संगठन के रूप में स्वीकार किया है और उन्होंने इसमें शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है। पिछले वर्ष मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किया गया था और इस वर्ष इसमें वियतनाम एक भागीदार राष्ट्र बन गया।
बीबीसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संगठन के देशों ने अमेरिकी शुल्क नीतियों की आलोचना करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में सुधार का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने प्रमुख मुद्राओं के मूल्यांकन का मुद्दा भी उठाया था और इसी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह धमकी दी है। ब्रिक्स देशों ने रविवार को ब्राजील की राजधानी रियो डी जेनेरियो में बैठक शुरू की जिसमें वैश्विक संस्थाओं में सुधार का आह्वान किया गया और बढ़ते व्यापार संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच इस गठबंधन को कूटनीति के लिए एक मंच के रूप में स्थापित करने की बात भी कही थी।
ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों की ओर से जारी एक संयुक्त बयान में विभिन्न शुल्कों की निंदा की गयी और उन्हें वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया गया। इन शुल्कों पर ‘अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक और व्यापार गतिविधियों में अनिश्चितता’ लाने का आरोप लगाया गया। ब्रिक्स देशों ने जून में ईरान पर किए गये सैन्य हमलों की निंदा करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा सहित विश्व के नेताओं ने व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लिया। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसमें ऑनलाइन भाग लिया, जबकि चीन का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री ली कियांग ने किया।
आतंक के खिलाफ BRICS का बड़ा संदेश, पहलगाम अटैक को बताया निंदनीय
7 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ब्रिक्स देशों ने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए सभी तरह के आतंकवाद से सख्ती से निपटने की प्रतिबद्धता जताई है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों तथा आतंकवादी गुटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आह्वान किया है। ब्रिक्स देशों के 17वें शिखर सम्मेलन में रविवार देर रात यहां जारी संयुक्त घोषणा पत्र में सभी सदस्य देशों ने आतंकवादी कृत्यों की जोरदार शब्दों में कड़ी निंदा की और वैश्विक संस्थाओं को समय की जरूरत के अनुसार अधिक समावेशी बनाने पर जोर देते हुए सतत शासन के लिए ग्लोबल साउथ सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया।
घोषणा पत्र में सदस्य देशों की ओर से कहा गया है, “हम आपसी सम्मान और समझ, संप्रभु समानता, एकजुटता, लोकतंत्र, खुलेपन, समावेशिता, सहयोग और आम सहमति की ब्रिक्स भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। हम राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक और वित्तीय, सांस्कृतिक और लोगों के बीच सहयोग के तीन स्तंभों के तहत विस्तारित ब्रिक्स में सहयोग को मजबूत करने और शांति, अधिक प्रतिनिधित्व, निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, एक पुनर्जीवित और सुधार पर आधारित बहुपक्षीय प्रणाली, सतत विकास और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के माध्यम से लोगों के लाभ के लिए रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने के लिए खुद को प्रतिबद्ध करते हैं।”
उन्होंने वर्ष 2026 में भारत को ब्रिक्स की अध्यक्षता सौंपे जाने और भारत में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दिया। सदस्य देशों ने आतंकवाद को कतई न बर्दाश्त करने और आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंडों को खारिज करते हुए कहा दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए मिलकर काम करने की वचनबद्धता प्रकट की।
उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए कहा , “हम आतंकवाद के किसी भी कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं, चाहे वह किसी भी उद्देश्य से किया गया हो, जब भी, जहां भी और किसी के द्वारा भी किया गया हो। हम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए। हम आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित पनाहगाहों सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।”
ब्रिक्स देशों ने आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने वाले देशों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, “हम दोहराते हैं कि आतंकवाद को किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और आतंकवादी गतिविधियों और उनके समर्थन में शामिल सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। हम आतंकवाद के लिए शून्य सहिष्णुता सुनिश्चित करने और आतंकवाद का मुकाबला करने में दोहरे मानदंडों को अस्वीकार करने का आग्रह करते हैं।”
उन्होंने सभी देशों से आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के अनुपालन में मदद करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, “ हम आतंकवाद से निपटने में देशों की प्राथमिक जिम्मेदारी पर जोर देते हैं और आतंकवादी खतरों को रोकने और उनका मुकाबला करने के वैश्विक प्रयासों को अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए, जिसमें संयुक्त राष्ट्र का चार्टर, विशेष रूप से इसके उद्देश्य और सिद्धांत, और प्रासंगिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रोटोकॉल, विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून, अंतर्राष्ट्रीय शरणार्थी कानून और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून, जैसा भी लागू हो। हम ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी कार्य समूह और ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी रणनीति, ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी कार्य योजना और स्थिति पत्र पर आधारित इसके पांच उपसमूहों की गतिविधियों का स्वागत करते हैं।”
सदस्य देशों ने आतंकवाद रोधी सहयोग को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा , “हम आतंकवाद विरोधी सहयोग को और गहरा करने की आशा करते हैं। हम संयुक्त राष्ट्र के ढांचे में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने और अपनाने का आह्वान करते हैं। हम संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित सभी आतंकवादियों और आतंकवादी संस्थाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान करते हैं।”
ब्रिक्स देशों ने जलवायु वित्त पर रूपरेखा घोषणापत्र और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर ब्रिक्स नेताओं के वक्तव्य को अपनाने के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वे सामाजिक रूप से निर्धारित रोगों के उन्मूलन के लिए ब्रिक्स साझेदारी के शुभारंभ का समर्थन करते हैं। यह पहल वैश्विक मुद्दों के लिए समावेशी और टिकाऊ समाधान को बढ़ावा देने के संयुक्त प्रयासों को दर्शाती हैं। सदस्य देशों ने ब्रिक्स सदस्य के रूप में इंडोनेशिया का स्वागत किया और कहा कि वे बेलारूस, बोलिविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, नाइजीरिया, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, युगांडा और उज्बेकिस्तान का ब्रिक्स भागीदार देशों के रूप में स्वागत करते हैं।
जमानत नहीं, अब भी जेल में रहेंगी ज्योति मल्होत्रा, वकील ने जताई निराशा
7 Jul, 2025 07:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार। सोमवार को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति मल्होत्रा की न्यायिक हिरासत को कोर्ट ने 14 दिन और बढ़ा दिया है। ज्योति को जासूसी के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। हिसार पुलिस ने 'ट्रैवल विद जो' नामक यूट्यूब चैनल चलाने वाली ज्योति मल्होत्रा को 16 मई को गिरफ्तार किया था।
हिसार की रहने वाली इस यूट्यूबर को न्यू अग्रसेन एक्सटेंशन से गिरफ्तार किया गया और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया। ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि उनकी न्यायिक हिरासत को 14 दिन और बढ़ा दिया गया है, और अगली सुनवाई की तारीख 21 जुलाई निर्धारित की गई है। 33 वर्षीय यूट्यूबर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुई। 9 जून को यहां एक अन्य अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि इस मामले की जांच अभी जारी है।
16 मई को गिरफ्तारी के बाद, ज्योति को अदालत ने पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद, पुलिस ने उनसे और पूछताछ के लिए चार दिन की अतिरिक्त हिरासत मांगी, जिसे अदालत ने मंजूर किया। 26 मई को अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, जिसे बाद में बढ़ाया गया। हिसार पुलिस ने पहले कहा था कि ज्योति के पास सैन्य या रक्षा से संबंधित कोई जानकारी होने का कोई सबूत नहीं मिला है, लेकिन दावा किया कि वह कुछ लोगों के संपर्क में थी और उसे पता था कि वे पाकिस्तानी खुफिया एजेंट हैं। पुलिस सूत्रों ने पहले बताया था कि ज्योति नवंबर 2023 से पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में थी। भारत ने 13 मई को दानिश को जासूसी के आरोप में निष्कासित कर दिया था। पुलिस ने मई में दावा किया था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंट ज्योति को एक एसेट के रूप में विकसित कर रहे थे।
ज्योति के वकील बोले- जमानत याचिका दायर करेंगे
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा की 7 जुलाई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सिविल जज ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुनील कुमार की अदालत में पेशी हुई। जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि इसी सप्ताह ज्योति की जमानत याचिका अदालत में लगाई जाएगी। केरल सरकार की ओर से प्रचार के लिए ज्योति को आमंत्रित किए जाने के सवाल पर वकील कुमार मुकेश बोले यह तो अच्छी बात है। रेलवे से भी ज्योति को स्पांसरशिप मिली थी।
17 मई को गिरफ्तार हुई थी ज्योति
ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में 17 मई को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उसे पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया था। इसके बाद 4 दिन के रिमांड पर फिर भेजा गया। दो बार में 9 दिन के रिमांड पूरा होने के बाद 26 मई को उसे सिविल जज ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुनील कुमार की अदालत में पेश किया गया था। इस दौरान जांच अधिकारी एसआई निर्मला ने कहा था कि ज्योति मल्होत्रा के लैपटॉप से 14 टीबी (टेरा बाइट) डाटा मिला है, जिसके विश्लेषण के लिए हमें समय चाहिए। जिसके बाद ज्योति मल्होत्रा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इसके बाद 9 जून ,23 जून को वीडियो कांफ्रेंस से पेशी हुई थी। ज्योति मल्होत्रा के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि सोमवार को ज्योति की पेशी है। इसके बाद इसी सप्ताह में एक बार फिर से कोर्ट में जमानत याचिका लगाएंगे। इससे पहले उन्होंने 11 जून को याचिका दायर की थी। अदालत ने 12 जून को दूसरे पक्ष से जवाब मांगा था। दोनों पक्षों के वकीलों के बीच करीब 20 मिनट तक बहस हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) सुनील कुमार ने ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
छह माह का भ्रूण प्लास्टिक बैग में मिला, हत्या या गर्भपात? जांच जारी
7 Jul, 2025 03:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूंडरी। सोमवार सुबह पूंडरी के पाई गांव में एक गली में प्लास्टिक की थैली में छह माह का भ्रूण मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह के समय कुत्ते भ्रूण को नोच रहे थे, जिसे देखकर उन्होंने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पूंडरी थाना पुलिस को सूचना दी। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात महिला ने अवैध डिलीवरी के बाद लोकलज्जा से बचने के लिए भ्रूण को थैली में डालकर फेंक दिया।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पूंडरी थाना पुलिस और सीन ऑफ क्राइम की टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी (एसएचओ) राजेंद्र कुमार ने बताया कि भ्रूण को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भ्रूण लड़के का है या लड़की का। पुलिस गांव में जांच कर रही है ताकि भ्रूण फेंकने वाली महिला की पहचान हो सके।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि भ्रूण अवैध डिलीवरी का परिणाम हो सकता है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ राजेंद्र कुमार ने कहा कि जांच के आधार पर तथ्य सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रेल में दुष्कर्म के बाद महिला को ट्रेन से फेंका, ट्रैक पर मिला घायल शरीर
7 Jul, 2025 03:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत। थाना किला क्षेत्र से 11 दिन पहले लापता हुई महिला के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। महिला के साथ पानीपत रेलवे स्टेशन पर तीन युवकों ने 23 जून को सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे सोनीपत में रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पर डाल दिया। जहां ट्रेन की चपेट में आने से महिला का एक पैर भी कट गया।
महिला का पीजीआई रोहतक में उपचार चल रहा है। पीजीआई से सूचना मिलने के बाद थाना किला पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि बीते 23 जून को थाना किला क्षेत्र की एक 35 वर्षीय महिला लापता हो गई थी। जिसकी गुमशुदगी थाने में दर्ज की गई थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि महिला रेलवे स्टेशन पर घूम रही थी। जहां पर तीन युवक उसे लेकर गए और उसके साथ दुष्कर्म किया।
ट्रैक पार करते हुए महिला हुई घायल
इसके बाद उसे ट्रेन में बैठाकर सोनीपत ले गए। 26 जून को ट्रैक पार करते हुए महिला ट्रेन की चपेट में आकर घायल हो गई। जीआरपी सोनीपत ने उसे पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया जहां पर महिला ने दुष्कर्म की बात बताई। शनिवार को इसकी सूचना थाना किला पुलिस को लगी तो पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी। किला थाना पुलिस के प्रभारी श्रीनिवास ने बताया कि महिला के बयान के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज कर जीआरपी पानीपत को भेज दी गई। क्योंकि महिला वहीं की घटना बता रही है। उन्होंने बताया कि महिला मानसिक रूप से कुछ बीमार भी लग रही है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। महिला से सामूहिक दुराचार के मामले की जांच के लिए किला थाना और जीआरपी पानीपत थाना पुलिस दो दिन तक आपस में उलझती रही। इस तरह दो दिन बीतने के बाद एसपी रेलवे नितिका गहलोत ने इस मामले में संज्ञान लिया। जिसके बाद पानीपत जीआरपी थाना पुलिस कार्रवाई के लिए तैयार हुई।
भारी बारिश और बाढ़ से पाकिस्तान बेहाल, सबसे ज्यादा तबाही इन राज्यों में
7 Jul, 2025 03:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। बीते 10 दिनों से लगातार हो रही मानसूनी बारिश और बाढ़ ने कई लोगों की जान ले ली है। अब तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 130 से ज्यादा लोग घायल हैं। सबसे ज्यादा नुकसान खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान इलाकों में हुआ है। देश की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने अलर्ट जारी कर दिया है।
पाकिस्तान के कई हिस्सों में 26 जून से लगातार भारी बारिश हो रही है। बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं और कई जगह बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इन इलाकों में कई घर ढह गए हैं, सड़कें टूट गई हैं और खेतों में पानी भर गया है।
पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह
पाकिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। NDMA ने खासतौर पर पर्यटकों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में न जाने की सलाह दी है। एजेंसी ने कहा है कि मौसम विभाग ने आगे और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे सड़कों पर पानी भर सकता है और अचानक बाढ़ आ सकती है।
स्वात नदी में बह गए 17 लोग
पिछले महीने पाकिस्तान में बड़ा हादसा हुआ, जब उत्तर पश्चिम के स्वात इलाके में एक ही परिवार के 17 लोग नदी में बह गए। इनमें से 4 को बचा लिया गया, लेकिन बाकी 13 लोगों के शव बाद में बरामद हुए। सोशल मीडिया पर इस हादसे का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें परिवार के लोग छत पर फंसे मदद की गुहार लगाते दिख रहे थे। इस पर प्रशासन की लापरवाही को लेकर लोगों में गुस्सा देखने को मिला।
2022 जैसी तबाही की आशंका
पाकिस्तान में 2022 में भी भारी बारिश और बाढ़ ने तबाही मचाई थी। उस दौरान देश का एक तिहाई हिस्सा पानी में डूब गया था और करीब 1,737 लोगों की जान चली गई थी। अब एक बार फिर से मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसी ही स्थिति दोबारा बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित इलाकों में जाने की अपील की है।
आपात सेवाएं पूरी तरह अलर्ट पर
आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राहत-बचाव का काम लगातार जारी है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में सेना, पुलिस और राहत एजेंसियां तैनात की गई हैं। कई जगहों पर अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां लोगों को खाना और जरूरी मदद दी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि हालात काबू में करने की हरसंभव कोशिश की जा रही है।
DNA और FSL रिपोर्ट से खुली सच्चाई, झूठे केस में फंसा युवक कोर्ट से बरी
7 Jul, 2025 03:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक: एडिशनल सेशन जज संदीप दुग्गल की कोर्ट ने महिला से रेप के मामले में आरोपी पुलिस अधिकारी के पुत्र को बरी कर दिया है। महिला की ओर से लगाए गए रेप के आरोप कोर्ट में साबित नहीं हो पाए। साथ ही एसएफएल रिपोर्ट और डीएनए भी मैच नहीं हुआ। लिहाजा कोर्ट ने इस युवक को बरी कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील ओपी चुघ ने कोर्ट में पैरवी की। रेप के आरोप की वजह से यह युवक करीब पौने 2 साल तक जेल में रहा। वकील चुघ ने रविवार को इस पूरे केस के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
गौरतलब है कि 6 अप्रैल 2023 को बसंत विहार निवासी नवनीत उर्फ नीटू के खिलाफ एक महिला से रेप के मामले में महिला पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ था। महिला ने बताया था कि उसकी शादी सोनीपत जिला के एक गांव निवासी व्यक्ति से हुई थी। शादी के बाद एक बेटा हुआ लेकिन पिछले 5 साल से पति से मनमुटाव चल रहा है। इस वजह से वह रोहतक में अपनी मां के घर पर रह रही है। 28 अगस्त 2020 को पति का दोस्त मूलरूप से सोनीपत जिला के भैंसवाल गांव निवासी और फिलहाल वसंत विहार में रहने वाला नवनीत नीटू उसके घर पर आया। वह घर पर अकेली थी। वह अपने साथ जूस लेकर आया था।
महिला ने लगाए ये आरोप
उसने जूस के गिलास में कोई नशीला पदार्थ मिला मिला दिया। यह जूस पीने के बाद उसे चक्कर आने लग गए। बेहोशी की हालत पर उसके साथ गलत काम किया गया। इस बात का पता उसे होश में आने पर चला। उसने यह बात अपनी मां को बताने की कही तो नवनीत ने उसे धमकी दी कि इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो बना ली है और इसे सार्वजनिक कर देगा। साथ ही इंटरनेट पर भी लीक कर दी जाएगी। उसके लड़के को भी जान से मारे देगा। यही नहीं नवनीत ने उसके साथ शादी का भी झांसा दिया।
बोली- दो साल पहले किया रेप
अपनी शिकायत में इस महिला ने बताया कि 4 अप्रैल 2023 को नवनीत उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर रामगोपाल कॉलोनी की गली से अपने पिता के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज सुनारिया स्थित सरकारी क्वार्टर में लेकर गया, जहां फिर जूस में नशीला पदार्थ मिला दिया। नशे की हालत में उसके साथ गलत काम किया। फिर इस सारे घटनाक्रम की वीडियो बना ली। महिला का कहना है कि इसके बाद नवनीत उसे रोहतक में सेक्टर-4 की पुलिया के पास छोड़कर चला गया। वह धमकी देता कि उसके पिता पुलिस में नौकरी करते हैं। इसलिए वह कुछ नहीं बिगाड़ सकती है।
पुलिस ने दर्ज किया था मामला
महिला का कहना है कि नवनीत से एक कोरे कागज पर उससे हस्ताक्षर करा लिए और बाद में उसे ज्ञात हुआ कि लिव इन रिलेशनशिप में झूठे कागजात भी बना लिए। उसने जब शादी की बात की तो वह आनाकानी करने लग गया। महिला पुलिस स्टेशन में इस शिकायत के आधार पर आरोपी नवनीत नीटू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एन), 377, 506 के तहत केस दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने के बाद महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया। साथ ही काउंसलिंग भी कराई। केस दर्ज होने के बाद गिरफ्तार न होने पर कोर्ट ने पहले 29 अप्रैल और फिर 29 मई को नवनीत नीटू के गिरफ्तारी वारंट जारी किए। कोर्ट के आदेश पर ही 29 जुलाई विज्ञापन जारी करवाए गए और 16 सितंबर को आरोपी के रिहायशी मकान और सार्वजनिक स्थानों पर यह विज्ञापन चिपकाए गए। 27 सितंबर को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
कोर्ट में साबित नहीं हुए रेप के आरोप
कोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील ओपी चुघ ने पैरवी की। चुघ ने मजबूत तर्क कोर्ट में प्रस्तुत किए। कोर्ट में पेश की गई एसएफएल रिपोर्ट और डीएनए भी मैच नहीं हुआ। आरोप लगाने वाली महिला रेप का आरोप कोर्ट में साबित नहीं कर पाई। चुघ ने बताया कि महिला ने एफआईआर में पहली बार अपने साथ 28 अगस्त 2020 को रेप होने की बात कही है। जबकि एफआईआर अप्रैल 2023 में दर्ज कराई गई। वरिष्ठ वकील ओपी चुघ के मुताबिक तमाम प्रकार के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ही एडिशनल सेशन जज संदीप दुग्गल ने शनिवार को नवनीत नीटू को रेप के आरोपों से बरी कर दिया। रेप के मामले की वजह से उसे बेवजह ही करीब पौने 2 साल तक जेल में रहना पड़ा।
अमेरिका विरोधी नीतियों पर ट्रंप ने दिखाया सख्त रुख, 10% टैरिफ लगाने की धमकी
7 Jul, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को एक नई चेतावनी दी है. उन्होंने साफ मैसेज दिया है कि जो देश अमेरिका के विरोध में ब्रिक्स देशों की नीति का समर्थन करेंगे उनके खिलाफ अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा. ट्रंप ने ऐलान किया है कि ऐसे देशों के खिलाफ 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे. दरअसल, इस समय ब्राजील में ब्रिक्स समिट का आयोजन किया जा रहा है. ब्रिक्स की स्थापना ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने मिलकर की थी, लेकिन साल 2023 में इसमें इंडोनेशिया, ईरान, मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश जुड़ गए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘कोई भी देश जो ब्रिक्स की अमेरिका विरोधी नीतियों से जुड़ता है, उस पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा. इस नीति में कोई अपवाद नहीं होगा. इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद.’
ट्रंप बोले, 12 देशों के लिए टैरिफ लगाने को तैयार
ब्रिक्स समिट के संयुक्त घोषणापत्र में अमेरिका का नाम लिए बिना अंधाधुंध टैरिफ बढ़ोतरी की आलोचना की गई और कहा गया कि इस तरह के उपायों से ग्लोबल ट्रेड को नुकसान पहुंचने और ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधा खड़ी होने का खतरा है.
टैरिफ रोकने की समयसीमा के करीब आते ही ट्रंप ने कहा है कि उनके पास 12 देशों के लिए टैरिफ पत्र तैयार हैं. ट्रंप ने कहा है कि पत्र सोमवार को दोपहर 12 बजे जारी किए जाएंगे. दरअसल, 2 अप्रैल को ट्रंप ने अमेरिका के सभी ट्रे़डिंग पार्टनर देशों के लिए संशोधित और बढ़ी हुई टैरिफ दरों की घोषणा की थी. वैश्विक प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने 90-दिन के लिए इसे रोक दिया था. ये रोक 9 जुलाई को खत्म हो रही है, उससे पहले ही ट्रंप फिर से ट्रैरिफ लगाने की बात कह रहे हैं.
पीएम मोदी ने ब्रिक्स में क्या कहा?
वहीं, पीएम मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में ग्लोबल साउथ में हमलों के मामले में आतंकवाद के प्रति दोहरे मापदंड पर अपनी राय रखी है. साथ ही साथ ब्रिक्स के संयुक्त घोषणा पत्र में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे. पीएम मोदी ने ब्रिक्स के मंच से आतंकवाद का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई. पीएम ने वैश्विक नेताओं से आतंक के खिलाफ एकजुट होने की अपील की.
पीएम मोदी ने ब्रिक्स समिट में कहा कि भारत ने हमेशा मानवता के लिए काम किया. वैश्विक संस्थाओं में बड़े बदलाव की जरूरत है. ग्लोबल साउथ को केवल प्रतीकात्मक सहयोग मिला. वैश्विक संस्थानों में व्यापक सुधार करने होंगे. आतंकवाद मानवता के लिए सबसे गंभीर चुनौती है और आतंकवाद पीड़ितों और समर्थकों को एक ही तराजू में नहीं तौलना चाहिए.
माइक्रोसॉफ्ट ने पाकिस्तान से बंद किया अपना कामकाज
7 Jul, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने 25 साल तक पाकिस्तान में काम करने के बाद वहां अपना ऑपरेशन बंद कर दिया है। कंपनी अब अपने ग्लोबल प्लान के तहत क्लाउड-बेस्ड और पार्टनरशिप वाले मॉडल पर फोकस कर रही है। 2000 में माइक्रोसॉफ्ट ने पाकिस्तान में अपना ऑफिस शुरू किया था, लेकिन अब वो वहां से सीधे काम नहीं करेगी। इसके बजाय, कंपनी अपने रीजनल ऑफिस और लोकल पार्टनर्स के जरिए कस्टमर्स को सर्विस देगी।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अरिफ अल्वी ने इस खबर को देश के लिए खराब संकेत बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ये कदम दिखाता है कि पाकिस्तान में अनिश्चितता बढ़ रही है, बेरोजगारी चरम पर है और टैलेंटेड लोग देश छोड़ रहे हैं। अल्वी ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट पहले पाकिस्तान में बड़ा ऑफिस खोलने की सोच रही थी, लेकिन वहां की अस्थिरता के चलते उसने वियतनाम को चुन लिया। पाकिस्तान के आईटी और टेलीकॉम मंत्रालय ने सफाई दी कि माइक्रोसॉफ्ट पूरी तरह से देश छोड़ नहीं रही। कंपनी अब अपने रीजनल ऑफिस और पार्टनर्स के जरिए काम करती रहेगी।
PM मोदी की पाक को दो-टूक: BRICS में उठाया पहलगाम हमला, मांगी आतंकियों को सजा
7 Jul, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
BRICS Summit 2025: जोहान्सबर्ग में आयोजित BRICS समिट 2025 में भारत के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले का मुद्दा छाया रहा। BRICS के सभी सदस्य देशों ने इस हमले की सख्त निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का संकल्प दोहराया। रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और अन्य देशों ने भी भारत के साथ एकजुटता दिखाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रियो डी जेनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को जमकर लताड़ा है।
आतंक को समर्थन देने वालों को मिले सजा : पीएम मोदी
पीएम मोदी ने इस मंच से पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर हमला बोलते हुए कहा, आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है। आतंक को शह और समर्थन देने वालों को सजा मिलनी चाहिए। कोई भी देश या संस्था इस खतरे से अलग नहीं रह सकता। मोदी ने कहा कि पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर किया गया हमला कायरता की निशानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलता रहेगा और आतंक को जड़ से खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
हजारों कर्मचारियों को निकालेगी माइक्रोसॉफ्ट
7 Jul, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट करीब 9,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की प्लानिंग कर रही है। ये इस साल का दूसरा सबसे बड़ा ले-ऑफ होगा। 2 महीने पहले कंपनी ने करीब 6,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। इस छंटनी से कंपनी के 4 प्रतिशत कर्मचारी प्रभावित होंगे। कंपनी का कहना है कि हम ऑर्गेनाइजेशन में लगातार ऐसे बदलाव कर रहे हैं, जिससे बदलते बाजार में सफल हो सकें। गौरतलब है कि विश्व की कई बड़ी कंपनियों में कर्मचारियों की छटनी हो रही है।
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