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'वन बिग ब्यूटीफुल' कानून से अमेरिकी जनता को टैक्स में राहत: ट्रंप
5 Jul, 2025 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को टैक्स राहत और सरकारी खर्च में कटौती से संबंधित विधेयक ‘वन बिग ब्यूटीफुल’ पर साइन कर दिए हैं. इसके साथ ही ‘वन बिग ब्यूटीफुल’ बिल अब कानून बन गया है. इसको ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीति में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
बता दें कि इस विधेयक को एक दिन पहले रिपब्लिकन-नियंत्रित हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने 218-214 वोटों से पारित किया था. राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि ये कानून अमेरिका की अर्थव्यवस्था को गति देने और करदाताओं को राहत प्रदान करेगा.
राष्ट्रपति ट्रंप ने विधेयक पर किया साइन
दरअसल अमेरिका के 249वें स्वतंत्रता दिवस पर व्हाइट हाउस के लॉन में आयोजित एक पिकनिक समारोह में सांसदों, प्रशासन के अधिकारियों और मेहमानों की उपस्थिति में राष्ट्रपति ट्रंप ने इस विधेयक पर साइन किए. इस दौरान ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ये विधेयक अमेरिकी परिवारों और व्यवसायों के लिए एक नई शुरुआत होगी. उन्होंने कहा कि हम ट्रैक्स को कम कर रहे हैं और खर्चों में भी कटौती कर रहे हैं ताकि हमारी इकोनॉमी और मजबूत हो.
सुरक्षित महसूस कर रहे अमेरिकी
ट्रंप ने कहा कि मैंने अमेरिका के लोगों को इतना खुश कभी नहीं देखा है. क्योंकि लोग अब खुद को सेफ महसूस कर रहे हैं. जिसमें सेना, आम जनता और अलग-अलग नौकरियों से जुड़े लोग शामिल हैं. ट्रंप ने आगे बोलते हुए हाउस स्पीकर माइक जॉनसन और सीनेट मेजोरिटी लीडर जॉन थ्यून का आभार भी जताया. बता दें कि माइक और जॉन के नेतृत्व में ही ये बिल अमेरिका के दोनों सदनों से पारित हुआ है.
राष्ट्रपति ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों को अब तक सबसे बड़ी टैक्स और खर्च कटौती मिली है. साथ ही उन्होंने कहा कि आपको अमेरिकी इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा निवेश भी मिला है.
विधेयक का कानून बनना बड़ी जीत
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप और उनके रिपब्लिकन सहयोगियों के लिए इस विधेयक का कानून बनना बड़ी जीत माना जा रहा है. ट्रंप ने कहा कि इस कानून से अमेरिकी आर्थिक विकास को ताकत मिलेगी. हालांकि, गैर-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना कि इस कानून की वजह से अमेरिकी के 36.2 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज में 3 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हो सकती है.
दो सांसदों ने किया था विरोध
इससे पहले ट्रंप की पार्टी रिपब्लिक के कुछ सांसदों ने विधेयक की लागत और स्वास्थ्य सेवाओं पर इसके असर को लेकर चिंता जताई थी. हालांकि 220 रिपब्लिकन में से सिर्फ दो सांसदों ने इसके खिलाफ वोट डाला था, जबकि सभी 212 डेमोक्रेट्स ने इस विधेयक का विरोध किया था.
अमरीका के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में पास हुआ ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’
4 Jul, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमरीका में कांग्रेस (संसद) के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कर और खर्च में कटौती करने वाले ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ को पास कर दिया है। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में विधेयक के समर्थन में 218, जबकि विरोध में 214 लोगों ने वोट डाला। इस तरह के यह विधेयक चार मतों के अंतर से कांग्रेस के निचलने सदन में पास हो गया।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार श्री ट्रम्प की ही पार्टी के दो सांसद थॉमस मैसी और ब्रायन फिट्जपैट्रिक ने इस विधेय के खिलाफ मतदान किया। गौरतलब है कि इसी विधेयक को लेकर श्री ट्रम्प और प्रसिद्ध उद्योगपति एलन मस्क ने एक- दूसरे के खिलाफ तीखी बयानबाजी की थी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ट्रम्प शुक्रवार शाम पांच बजे अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (चार जुलाई) पर एक बड़े और शानदार समारोह में इस विधेयक पर हस्ताक्षर करेंगे। यह बिल दो दिन पहले ही अमरीकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में 50-51 के मामूली अंतर से पास हुआ था। उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस बिल को लेकर निर्णायक वोट डाला था।
जिहादियों ने की 28 लोगों को मौत के घाट उतारा
4 Jul, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अबुजा। उत्तरी नाइजीरिया में जिहादी समूहों ने दो अलग-अलग घटनाओं में 28 लोगों की हत्या कर दी है। मीडिया रिपोर्टों में सेना और स्थानीय निवासियों का हवाला देते हुए शुक्रवार को यह जानकारी दी गयी। रिपोर्ट के अनुसार जिहादी समूह लकुरावा के आतंकवादियों ने बुधवार को नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी सोकोतो राज्य के एक गांव पर हमला किया और 17 लोगों की हत्या कर दी।
हमलावरों ने गांव में घुसकर ‘अंधाधुंध गोलीबारी’ की। स्थानीय लोगों का मानना ??है कि कुछ दिन पहले सुरक्षा बलों द्वारा तीन जिहादियों की हत्या का प्रतिशोध लिया गया है। इस क्षेत्र में जिहादियों से लडऩे वाले बहुराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन, बहुराष्ट्रीय संयुक्त कार्य बल के लेफ्टिनेंट कर्नल ओलानियी ओसोबा ने कहा कि गुरुवार को इस्लामिक स्टेट वेस्ट के अफ्रीका प्रांत के जिहादियों ने सीमावर्ती शहर मालम फतोरी पर हमला किया और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के लिए एक शिविर पर गोलीबारी की, जिसमें 11 अन्य मारे गए। उन्होंने बताया कि अन्य 20 घायल हो गए, जिन्हें सीमा पार नाइजर के बोसो स्थित एक अस्पताल में भर्ती किया गया है। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2009 से अब तक जिहादी हिंसा के कारण पूर्वोत्तर नाइजीरिया में 40,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग 20 लोग विस्थापित हुए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत बड़ा खुलासा: दुश्मन देश बना रहे थे जैविक हथियार
4 Jul, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारतीय सेना ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है कि चीन, पाकिस्तान की ज़मीन का उपयोग एक 'लाइव लैब' यानी प्रयोगशाला की तरह कर रहा था। यह खुलासा भारत की खुफिया एजेंसियों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत हुआ, जिसमें चीन-पाकिस्तान के बीच चल रही जैविक हथियारों की गुप्त गतिविधियों का पर्दाफाश किया गया।
सेना के अनुसार, चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर ऐसे जैविक प्रयोग कर रहा था जो भविष्य में भारत के खिलाफ जैविक युद्ध छेड़ने की योजना का हिस्सा हो सकते थे। पाकिस्तान में कुछ विशेष लैब्स और क्षेत्रीय संस्थानों का इस्तेमाल खतरनाक वायरस और जैविक तत्वों के परीक्षण के लिए किया जा रहा था।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि चीन अपने खुद के नागरिक इलाकों में इस तरह के खतरनाक प्रयोग नहीं कर सकता, इसलिए उसने पाकिस्तान को प्रयोगशाला के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया। इसके तहत जैविक वायरस के ट्रायल और प्रभावों का परीक्षण किया जा रहा था।
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय खुफिया एजेंसियों का एक सामरिक अभियान था, जिसका उद्देश्य इस गुप्त गठबंधन की रणनीति को उजागर करना था। सेना ने इस अभियान के तहत चीन और पाकिस्तान के बीच हो रहे डेटा ट्रांसफर, सैन्य-अनुसंधान और जैविक गतिविधियों से जुड़े अहम दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं।
भारतीय सेना ने इस पूरी स्थिति को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर बताया है और सरकार को सतर्क कर दिया गया है। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा क्षेत्रों में निगरानी और जैविक सुरक्षा उपायों को और सख्त कर दिया है।
यह ऑपरेशन सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं था, बल्कि यह राष्ट्र की सुरक्षा और जैविक अस्त्रों के खिलाफ एक प्री-एंप्टिव डिफेंस का उदाहरण है। भारत अब इस विषय को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उठाने की तैयारी कर रहा है।
पलवल CMO रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, अलमारी से बरामद हुई मोटी रकम
4 Jul, 2025 01:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलवल। हरियाणा के पलवल में जिला नागरिक अस्पताल के सिविल सर्जन (CMO) जय भगवान जाटान को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। सिविल सर्जन अभी हाल ही में शुरू हुए निजी अस्पताल को बंद करने की धमकी दे रहे थे।
बताया गया कि सिविल सर्जन द्वारा 15 लाख की रिश्वत मांगी जा रही थी। पीड़ित ने सिविल सर्जन को तीन लाख रुपये दे दिए थे। वहीं, बकाया रकम की मांग की जा रही थी।
गुरुग्राम विजिलेंस की टीम ने बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे जिला नागरिक अस्पताल परिसर में छापेमारी कर जिला सिविल सर्जन को एक लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही सिविल सर्जन की अलमारी से बरामद तीन लाख की नकदी बरामद हुई।
शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को बताया था कि वह मनोहर, धीरज और सुभाष के साथ मिलकर पिछले तीन महीनों से पलवल में सनराइज ट्रामा अस्पताल चला रहा है। सीएमओ डा. जय भगवान उनके अस्पताल में कथित कमियां बताकर इसे बंद करने की धमकी दे रहे थे। इसके एवज में उन्होंने 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, ताकि वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी हिस्सा दे सकें।
शिकायतकर्ता ने बताया कि करीब 20 दिन पहले उन्होंने जय भगवान को छह लाख रुपये और दो जुलाई को एक लाख रुपये नकद दिए थे। इसके बावजूद, सीएमओ बकाया आठ लाख रुपये की मांग कर रहे थे, जिसमें से शिकायतकर्ता केवल एक लाख रुपये का इंतजाम कर पाए।
इस शिकायत के आधार पर ब्यूरो की टीम ने बृहस्पतिवार की रात को जाल बिछाकर सीएमओ जय भगवान को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद, उनके सरकारी निवास की तलाशी में अलमारी से तीन लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए।
सीएमओ के विरुद्ध थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद में धारा 7 पीसी एक्ट और 308(2) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हरियाणा में 18 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी
4 Jul, 2025 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार। हरियाणा में मानसून धीरे-धीरे पूरा छा गया है। आने वाले दिनों में लगातार वर्षा की संभावना है। मौसम विज्ञानियों ने शुक्रवार को 18 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
चार जिलों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। वहीं वीरवार को हिसार, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, नूंह और महेंद्रगढ़ में हल्की वर्षा हुई। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आई।
वहीं, सिरसा और रोहतक का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। वीरवार को दिन के समय धूप खिलने के कारण उमस भरी गर्मी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जिलों में वर्षा हो रही है।
वीरवार को प्रदेश के पांच जिलों में हल्की वर्षा हुई। हिसार शहर में हल्की बूंदाबादी तो हांसी में तेज वर्षा हुई। फतेहाबाद के टोहना में हल्की बूंदाबांदी हुई। शाम को हुई इस बूंदाबांदी के कारण मौसम में ठंडक बनी। दिन के समय धूप खिलने और गर्मी अधिक होने के कारण लोग परेशान रहे।
इसके चलते हिसार के अधिकतम तापमान में हल्का उछाल भी आया है। वहीं शुक्रवार को प्रदेश में वर्षा के अलावा आने वाले दिनों में हरियाणा के अधिकतम जिलों में वर्षा हो सकती है। इसका कारण है कि मानसूनी हवाओं में सक्रियता अधिक होगी।
पहाड़ों पर पांचवें दिन बरसात कम होने से नदियों में पानी का बहाव कम हो गया है। यमुना और घग्गर समेत कई बरसाती नदियों में जलस्तर घट रहा है। कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी का तटबंध टूटने से खेतों में बह रहा पानी उतर गया है। दूसरी ओर, यहां वर्षा नहीं होने से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है।
70 प्रतिशत धान की रोपाई हो पाई है। वीरवार को 12 बजे हथनीकुंड बैराज पर यमुना नदी का जल बहाव 54 हजार 600 क्यूसेक पहुंच गया। शाम को पांच बजे 37 हजार 400 क्यूसेक पर आ गया।
सिंचाई विभाग के एसई आरएस मित्तल का कहना है कि एक लाख क्यूसेक जलबहाव पर मिनी फ्लड घोषित होती है। अभी स्थिति सामान्य है। पूर्वी व पश्चिमी यमुना नहर की आपूर्ति के बाद अतिरिक्त पानी यमुना नदी में छोड़ा जा रहा है। सोम नदी का जलबहाव 2600 क्यूसेक चल रहा है। दस हजार क्यूसेक पर खतरा मना जाता है।
35 गांवों की फसलें प्रभावित
कुरुक्षेत्र के गांव जलबेहड़ा और नैसी के पास मारकंडा नदी के तटबंध टूटने से खेतों में तबाही मचाता हुआ पानी अब आगे निकल गया है। इस पानी ने करीब 35 गांवों की फसलों को अपनी चपेट में लिया। खेत अभी भी पानी से लबालब हैं। जलबेहड़ा के कट की मरम्मत कर इसे बंद कर दिया गया है।
शाहाबाद में मारकंडा में जलस्तर घटकर 6000 क्यूसेक रह गया है। दो दिन पहले मारकंडा नदी में यही जल का स्तर 23 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया था। गांव जलबेहड़ा और नैसी में पानी का बहाव झेल नहीं पाए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने मारकंडा के तटबंध का लिया जायजा लिया। घग्घर में फतेहाबाद के चांदपुरा साइफन पर 8 हजार क्यूसेक बहाव है, अभी बाढ़ का खतरा नहीं है। सरदूलगढ़ के रास्ते नदी सिरसा में प्रवेश करती है। वीरवार शाम तक 5730 क्यूसेक पानी पहुंच चुका है।
चीन के साथ मिलकर भारत को घेरने में जुटा अमेरिका...टैरिफ वाले गेम प्लान के लिए भारत को साधने में जुटा अमेरिका
4 Jul, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ के दम पर दुनिया को अपने कब्जे में करने की कोशिश कर रहे हैं। अपनी इसी रणनीति के तहत ट्रंप की नजर भारत और पाकिस्तान के 60 लाख करोड़ रूपए के रेयर अर्थ पर है। डोनाल्ड ट्रंप ने जब से टैरिफ वाला गेम शुरू किया है, तभी से रेयर अर्थ मेटल की खूब चर्चा हो रही है। इतनी चर्चा हुई है कि इस पर एकाधिकार रखने वाले चीन ने इसके निर्यात पर ही प्रतिबंध लगा दिए। चीन दुनिया में रेयर अर्थ मेटल का राजा है। उसके पास सबसे रेयर अर्थ एलिमेंट्स का भंडार है। दुनिया को चीन के सामने हाथ फैलाना पड़ता है।
ऐसे में अमेरिका की नजर भारत और पाकिस्तान में स्थित रेयर अर्थ पर है। गौरतलब है कि कुछ साल पहले जम्मू-कश्मीर में करीब 10 लाख करोड़ रूपए के रेयर अर्थ मेटल का भंडार मिला है। वहीं इसी दौरान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 50 लाख करोड़ रूपए के भंडार मिले हैं। जानकारों का कहना है कि इसी 60 लाख करोड़ रूपए के रेयर अर्थ मेटल के लिए ट्रंप भारत और अमेरिका के बीच समन्वय बनाने के लिए सेतू बनने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि दोनों देशों पर टैरिफ का दबाव डालकर उनसे समझौता किया जाए और रेयर अर्थ मेटल पर कब्जा जमाया जाए। उधर, चीन ने भारत को जरूरी मशीनों और पाट्र्स की डिलीवरी रोक दी है। ये मशीनें और पार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर्स के लिए बेहद जरूरी हैं। इसके अलावा, भारत में आईफोन बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन ने अपने 300 से ज्यादा चीनी इंजीनियर्स और टेक्नीशियन्स को भारत से वापस बुलाने का निर्देश दिया है।
जल्द होगा व्यापार समझौता
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक व्यापार समझौता होगा। जिसमें टैरिफ काफी कम होंगे। ट्रम्प ने इसे दोनों देशों के बाजारों में बेहतर प्रतिस्पर्धा के लिए अच्छ बताया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि भारत के साथ हमारी डील होने जा रही है। और यह एक अलग तरह की डील होगी। ऐसी डील, जिसमें हम भारत के बाजार में प्रवेश कर सकें और प्रतिस्पर्धा कर सकें। अभी भारत किसी को अंदर आने नहीं देता। लेकिन मुझे लगता है कि भारत अब ऐसा करेगा। और अगर ऐसा हुआ, तो हम कम टैरिफ वाली डील कर पाएंगे।
7 दिनों से बातचीत जारी
भारत और अमेरिका के बीच इस समय द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर वॉशिंगटन में बीते 7 दिनों से बातचीत जारी है। इसका मकसद 9 जुलाई की अहम डेडलाइन से पहले एक अंतरिम समझौता करना है। भारत और अमेरिका के बीच अगर 9 जुलाई तक कोई समझौता नहीं हुआ हुआ तो भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लग सकता है। यह वो तारीख है जब ट्रम्प के सस्पेंडेड टैरिफ दोबारा लागू होंगे। ट्रम्प ने 2 अप्रैल को दुनियाभर के करीब 100 देशों पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया था। इसमें भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगा। फिर 9 अप्रैल को ट्रम्प प्रशासन ने इसे 90 दिनों के लिए टाल दिया। ट्रम्प ने ये समय भारत जैसे देशों को डील पर फैसले लेने के लिए दिया है। अगर बातचीत नाकाम रहती है, तो 26 प्रतिशत का टैरिफ स्ट्रक्चर तुरंत प्रभाव से फिर से लागू हो जाएगा अमेरिका कृषि व डेयरी में शुल्क रियायत की मांग कर रहा है। हालांकि भारत ने रुख कड़ा किया है। भारत का मानना है कि जीएम फसलों, कृषि व डेयरी प्रोडक्ट, मेडिकल डिवाइस व डेटा लोकलाइजेशन में ज्यादा छूट दी, तो खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
व्यापार को 500 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य
भारत-अमेरिका डील से जुड़े लोगों ने बताया कि हफ्तों पहले हुई बातचीत में मुख्य रूप से भारत और अमेरिका में इंडस्ट्री और कृषि उत्पादों के लिए ज्यादा बाजार पहुंच, टैरिफ में कटौती और नॉन-टैरिफ बैरियर्स पर फोकस रहा। अमेरिकी डेलिगेशन की अगुआई यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस के अधिकारियों ने की। जबकि भारतीय व्यापार मंत्रालय की टीम की कमान सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल कर रहे थे। इस समझौते का लक्ष्य दोनों देशों के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 190 अरब डॉलर (करीब 16 लाख करोड़) से बढ़ाकर 2030 तक 500 अरब डॉलर (करीब 43 लाख करोड़) तक ले जाना है।
आईफोन को लेकर लड़ाई
उधर, चीन ने भारत के उद्योग जगत को प्रभावित करने की तैयारी शुरू कर दी है। चीन ने भारत को जरूरी मशीनों और पाट्र्स की डिलीवरी रोक दी है। ये मशीनें और पार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर्स के लिए बेहद जरूरी हैं। इसके अलावा, भारत में आईफोन बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन ने अपने 300 से ज्यादा चीनी इंजीनियर्स और टेक्नीशियन्स को भारत से वापस बुलाने का निर्देश दिया है। रिपोट्र्स के मुताबिक चीन ने ऐसा भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रभावित करने के लिए किया है। सूत्रों ने कहा कि चाइनीज कर्मचारियों की संख्या 1 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन ये प्रोडक्शन और क्वालिटी मैनेजमेंट जैसे अहम ऑपरेशंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चीनी सरकार द्वारा अपने नागरिकों को वापस बुलाने के निर्देश से फैक्ट्रियों में काम धीमा हो सकता है। बीती दिनों चीन ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाले रेयर अर्थ मैग्नेट्स की सप्लाई भी रोक दी थी। ऐसे में चीन के इन दोनों कदमों को भारत की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ को कमजोर करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। चीन शायद भारत के साथ टिट-फॉर-टैट की रणनीति अपना रहा है, क्योंकि उनके कॉर्पोरेट कर्मचारियों को बिजनेस वीजा हासिल करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। एक उद्योग सूत्र ने कहा, हम इस मामले पर सरकार को एक रिपोर्ट भेजने का प्लान बना रहे हैं। आईफोन मैन्यूफैक्चरिंग पर अभी चीन का दबदबा है। 2024 में कंपनी के ग्लोबल आईफोन शिपमेंट में इसका हिस्सा लगभग 28 प्रतिशत था।
चार साल पहले भारत ने आईफोन असेंबलिंग शुरू की थी
भारत ने 4 साल पहले बड़े पैमाने पर आईफोन असेंबल करना शुरू किया था, और अब ये ग्लोबल प्रोडक्शन का पांचवां हिस्सा बनाता है। एपल की योजना 2026 के अंत तक अमेरिका के लिए ज्यादातर आईफोन्स भारत में बनाने की है, जिसकी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने आलोचना की है। राष्ट्रपति ने कहा है कि एपल को अमेरिकी ग्राहकों के लिए आईफोन अमेरिका में ही बनाने चाहिए। लेकिन अमेरिका में महंगी लेबर लागत के कारण वहां आईफोन उत्पादन करना व्यवहारिक नहीं है। वहीं अगर चीन अपने इंजीनियर्स को अमेरिका जाने से रोकता है, तो एपल की अपने देश में गैजेट असेंबली शुरू करने की योजना और भी मुश्किल हो जाएगी। भारत में पिछले कुछ सालों में आईफोन प्रोडक्शन तेजी से बढ़ा है। 2024 में भारत ने 14 बिलियन डॉलर की वैल्यू के आईफोन्स बनाए, और जनवरी-मई 2025 में 4.4 बिलियन डॉलर के आईफोन्स अमेरिका को एक्सपोर्ट किए। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के मुताबिक, अब 25 प्रतिशत आईफोन्स भारत में बनाए जा रहे हैं।
इंडोनेशिया के बाली द्वीप के पास जहाज डूबा
4 Jul, 2025 11:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंडोनेशिया। इंडोनेशिया के बाली रिसॉर्ट द्वीप के पास गुरुवार को 65 लोगों को ले जा रही एक जहाज के डूबने से 4 लोगों की मौत हो गई और 29 को बचा लिया गया है। जबकि 32 लोग अब भी लापता हैं।केएमपी टुनु प्रतामा जया नामक ये जहाज पूर्वी जावा के केतापांग बंदरगाह से बाली के गिलिमानुक बंदरगाह जा रही थी, यह 50 किलोमीटर का सफर था। रवाना होने के करीब 30 मिनट बाद यह डूब गई। जहाज पर करीब 53 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे, साथ ही 22 वाहन भी थे, जिनमें कई ट्रक भी शामिल थे। स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसी जहाज के डूबने के कारणों का पता कर रही है।सुरबाया बचाव एजेंसी ने गुरुवार को एक बयान में कहा- जहाज स्थानीय समयानुसार रात के लगभग 11 बजकर 20 मिनट पर डूबी। बचाव के लिए नौ बोट जिनमें टगबोट और इन्फ़्लेटेबल जहाज शामिल हैं, सक्रिय रूप से लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। दो मीटर तक ऊंची लहरों के कारण बचाव दल को लोगों को ढूंढने में परेशानी हो रही है। राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक प्रयास जारी रहेंगे।
जापान के टोकारा में 14 दिन में 1 हजार भूकंप
4 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टोक्यो। जापान के टोकारा द्वीपों के आसपास पिछले दो हफ्तों में 1 जहार से ज्यादा बार भूकंप आए हैं। जापान की मौसम एजेंसी के मुताबिक ये भूकंप 21 जून से शुरू हुए और अभी तक चालू हैं। बुधवार की रात लगभग 3 बजे यहां 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके बाद एजेंसी ने बड़े झटको की चेतावनी जारी की है। साथ ही लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यह चार बड़े टेक्टोनिक प्लेटों पर बसा है और प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है। हर साल यहां करीब 1500 भूकंप आते हैं, जिनमें से ज्यादातर हल्के होते हैं। टोकारा द्वीप में सिर्फ दो सप्ताह में इतने ज्यादा भूकंप क्यों आए, इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।
एक दिन में 183 बार भूकंप आए
टोकारा द्वीप पर 21 से 30 जूलाई तक 740 भूकंप दर्ज किए गए, जिनमें ज्यादातर 5 या उससे ज्यादा की तीव्रता वाले भूकंप थे। टोकारा के 12 द्वीपों में से 7 पर करीब 700 लोग रहते हैं। डेटा के अनुसार 23 जून को 183 भूकंप आए, जो एक दिन में आए सबसे ज्यादा भूकंप थे। 26 जून को यहां 15 और 27 जून को 16 बार भूकंप आए। लेकिन 28 जून को यह संख्या फिर से बढक़र 34 और 29 जून को 98 हो गई। 30 जून को 62 भूकंप दर्ज किए गए।
30 साल में 2.98 लाख मौतों का जोखिम
जापान के नोटो द्वीप में 2024 में आए भूकंप में करीब 600 लोग मारे गए थे। 2011 में 9.0 तीव्रता के भूकंप और सुनामी ने 18 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। जापान सरकार ने अगले 30 साल में यहां 75-82 प्रतिशत तक भूकंप के तीव्र होने की चेतावनी दी है। अगर ऐसा हुआ तो 2.98 लाख लोग मारे जा सकते हैं और 2 ट्रिलियन डॉलर (167 लाख करोड़ रुपए) का नुकसान हो सकता है।
थाईलैंड को दो दिन में दूसरा प्रधानमंत्री मिला
4 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैंकॉक। थाईलैंड को दो दिन में दूसरा प्रधानमंत्री मिला है। गृह मंत्री फुमथम वेचायाचाई ने गुरुवार को कार्यवाहक प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभालीं। उन्होंने 24 घंटे प्रधानमंत्री रहे सूर्या जुंगरुंगरेंगकिट की जगह ली है। सूर्या जुंगरुंगरेंगकिट को बुधवार को देश का कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था। 70 साल के सूर्या ने निलंबित प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनावात्रा की जगह ली थी, जिन्हें 1 जून को पद से हटाया गया था।
पैतोंगतार्न शिनावात्रा के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने कंबोडिया के एक बड़े नेता के साथ फोन पर बातचीत की, जो सार्वजनिक हो गई और इसे मंत्री पद के नैतिक नियमों का उल्लंघन माना गया। थाई सरकार ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर बताया कि नए मंत्रिमंडल की पहली बैठक में फुमथम को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाने पर सहमति बनी। यह बैठक तब हुई जब थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न ने नए मंत्रियों को शपथ दिलाई।
केरल में फंसा ब्रिटिश फाइटर जेट एफ-35बी टुकड़ों में जाएगा वापस
4 Jul, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम। ब्रिटिश रॉयल नेवी का एफ-35बी स्टील्थ फाइटर जेट, जो 14 जून की रात केरल के तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद से खड़ा है, अब उड़ान भरने के लायक नहीं बचा है। ब्रिटेन से आई इंजीनियरिंग टीम ने इसे कई बार दुरुस्त करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी खराबी को ठीक नहीं किया जा सका। अब इसे टुकड़ों में काटकर मिलिट्री कार्गो एयरक्राफ्ट के जरिए ब्रिटेन भेजने की तैयारी की जा रही है। बताया जाता है कि यह 918 करोड़ रुपए कीमत वाला फाइटर जेट ब्रिटिश रॉयल नेवी के एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा है। इसे दुनिया के सबसे एडवांस्ड और महंगे लड़ाकू विमानों में गिना जाता है। 14 जून की रात जब इसने तिरुवनंतपुरम में तकनीकी खराबी के चलते इमरजेंसी लैंडिंग की, तब से यह वहीं खड़ा है।
ब्रिटेन से आए इंजीनियर लेकिन समस्या जस की तस
लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित यह विमान तकनीकी रूप से इतना जटिल है कि इसके रखरखाव के लिए विशेषज्ञ टीम की जरूरत होती है। लैंडिंग के बाद ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने इंजीनियरों की एक विशेष टीम भारत भेजी थी, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद भी विमान उड़ान के लिए तैयार नहीं हो सका। अब सूत्र बता रहे हैं कि इस हाई-टेक फाइटर जेट को डिसमेंटल (टुकड़ों में अलग) कर विशेष मिलिट्री कार्गो विमानों से ब्रिटेन वापस ले जाया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार से लॉजिस्टिक परमिशन और आवश्यक मंजूरी मांगी गई है। जल्द ही इसके ट्रांसपोर्ट की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
भारतीय नौसेना के साथ किया था अभ्यास
यह विमान भारत के साथ किए गए हालिया संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में भाग लेने के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तैनात था। बताया जा रहा है कि अभ्यास के बाद जब यह विमान एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स पर लौट रहा था, उसी दौरान उसमें तकनीकी गड़बड़ी आ गई और उसे आपात स्थिति में भारत में उतरना पड़ा। अति-आधुनिक युद्धक विमान का भारत में तकनीकी कारणों से फंसना अभूतपूर्व घटना है। इस घटना ने सुरक्षा, कूटनीति और तकनीकी कौशल, तीनों ही स्तरों पर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
रैपर वेश्यावृत्ति मामले में दोषी करार
4 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयार्क। अमेरिकी हिप-हॉप स्टार शॉन डिडी कॉम्ब्स को वेश्या वृत्ति के लिए यात्रा कराने के मामले में दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, उन्हें सबसे गंभीर आरोपों रैकेटियरिंग और सेक्स ट्रैफिकिंग से बरी कर दिया गया। जज अरुण सुब्रमणियन ने कहा कि डिडी के खिलाफ पहले भी हिंसा के मामले दर्ज हैं। इसलिए उन्हें सजा सुनाए जाने तक जेल में ही रहना होगा। सजा इस साल अक्टूबर में सुनाई जा सकती है। अधिकतम सजा 20 साल की हो सकती है। न्यूयॉर्क सिटी की एक फेडरल कोर्ट में करीब दो महीने तक यह मुकदमा चला। प्रोसिक्यूटर ने कहा कि डिडी ने अपनी पहचान और कारोबार का इस्तेमाल एक आपराधिक गैंग चलाने के लिए किया, जो महिलाओं की सेक्स तस्करी करता था।
हरियाणा में बिजली कनेक्शन के लिए अब ऑनलाइन करें आवेदन, जानिए प्रक्रिया
3 Jul, 2025 03:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलवल। हरियाणा सरकार ने अपने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को मजबूत और डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को ऑनलाइन स्तर पर शुरू कर रखी है। इसके लिए अब ऑफलाइन आवेदन बंद कर दिया है।
अब हरियाणा राज्य में निवास करने वाले है नागरिकों को अगर अपने घर, ऑफिस या उद्योग के लिए बिजली कनेक्शन चाहिए तो तो वह घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, न तो सीएससी सेंटर पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
अगर आपको नया बिजली कनेक्शन लेना है तो आप के लिए यह जानकारी लाभदायक होने वाली है क्योंकि खबर में हम बताएंगे डीएचबीवीएन में बिजली कनेक्शन कैसे करवाएं।
कैसे करें आवेदन?
विभाग के एसडीओ हेमंत शर्मा ने बताया कि विभाग अधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा जिसका लिंक dhbvn.org.in दिया जा रहा है। वेबसाइट के होम पेज पर आपको बिजली सेवाओं की सूची आ जाएंगी।
अब आपको यहां पर बिजली सेवा से जुड़े कई विकल्प दिखाई देंगे, जिसमें से आपको न्यू कनेक्शन के ऑप्शन पर क्लिक कर देना है। अब आपके सामने बिजली कनेक्शन फार्म मिलेगा, जिसमें पूछी गई सभी जानकारी को भरना है।
सभी जानकारी भरने के बाद आपको फार्म को सबमिट बटन पर क्लिक करके फार्म सबमिट कर देना है। अब आपको बिजली कनेक्शन के लिए कुछ भुगतान करना होगा। रजिस्टर पर क्लिक करते हैं। आपका या एक यूजरनेम और पासवर्ड मिल जाएगा।
आपको सिंपल यूपीआई का इस्तेमाल कर भुगतान कर देना है। इस तरह से आप नया बिजली कनेक्शन के लिए अप्लाई कर सकेंगे। कुछ दिन बाद बिजली संबंधित कर्मचारियों द्वारा आपके पते पर बिजली कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा।
क्या-क्या डाक्यूमेंट जमा कराने हैं?
आधार कार्ड
राशन कार्ड
फैमिली आई
मोबाइल नंबर
पासपोर्ट साइज फोटो
निवास प्रमाण
बिजली विभाग की तरफ से मीटर के हिसाब से अलग–अलग भुगतान राशि को निर्धारित है, जो कि इस प्रकार है
एक किलोवाट – 800
दो किलोवाट – 1200
चार किलोवाट – 1600
पांच किलोवाट – 2000
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को छह महीने की जेल की सजा
3 Jul, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को एक बड़ा झटका लगा है। अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने अदालत की अवमानना के मामले में उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 के अध्यक्ष न्यायमूर्ति मोहम्मद गुलाम मुर्तुजा मोजुमदार की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सुनाया। पूर्व पीएम हसीना 11 महीने पहले पद छोड़ने और देश छोड़कर भागने के बाद पहली बार किसी मामले में दोषी साबित हुई हैं। जून में आईसीटी के अभियोजकों ने हसीना पर बीते साल बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध का औपचारिक आरोप लगाया था। लेकिन हसीना ने सभी आरोपों से इंकार किया है। संयुक्त राष्ट्र अधिकार कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, 15 जुलाई से 15 अगस्त, 2024 के बीच लगभग 1,400 लोग मारे गए थे। वहीं बचाव पक्ष के वकील आमिर हुसैन के अनुसार, वह इन आरोपों से उन्हें मुक्त करने के लिए तर्क प्रस्तुत करुंगा। बता दें कि पिछले साल अगस्त महीने में बांग्लादेश में व्यापक स्तर पर हसीना सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इसके बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देते हुए भारत आना पड़ा था। इस समय शेख हसीना दिल्ली में एक सुरक्षित घर में रह रही हैं।
पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ खोला मोर्चा, एक बार फिर छेड़ा वही पुराना राग, जानिए
3 Jul, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान जनवरी, 2025 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का अस्थायी सदस्य चुना गया था और अब रोटेशन के तहत उसे यूएनएससी की अध्यक्षता मिल गई है। अध्यक्षता मिलते ही पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और एक बार फिर वहीं पुराना कश्मीर का राग छेड़ दिया है, जिसे लेकर भारत हमेशा से कहता रहा है कि यह द्विपक्षीय मसला है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने कहा है कि कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए यूएनएससी को जरूरी कदम उठाने चाहिए। पाकिस्तानी दूत ने द्विपक्षीय मामले के अंतरराष्ट्रीयकरण की कोशिश करते हुए कहा कि कश्मीर का विवादित मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच गंभीर तनाव का विषय बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र के न्यूयार्क हैडक्वार्टर में बोलते हुए पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि दुनिया को अब इस मुद्दे पर काम करने की जरूरत है।
कश्मीर मुद्दे पर बात करने का यही वक्त है और मैं कहूंगा कि ये सिर्फ पाकिस्तान की जिम्मेदारी नहीं है… हम यहां अस्थायी हैं…दो साल के लिए अस्थायी सदस्य। मेरा मानना है कि यह मुद्दा सुरक्षा परिषद का भी है, खासकर परिषद के स्थायी सदस्यों का कि वे ऐसे कदम उठाएं, जिससे इस मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र के ही प्रावधानों के हिसाब से किया जा सके। यही एक रास्ता है। इफ्तिखार अहमद ने कहा कि परिषद, विशेष रूप से इसके स्थायी सदस्यों के लिए, अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने और कश्मीर पर लंबे समय से चले आ रहे प्रस्तावों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का समय आ गया है। यह सिर्फ पाकिस्तान का बोझ नहीं है।
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