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डोनाल्ड ट्रंप का हृदय और पेट का एमआरआई स्कैन ‘‘पूरी तरह सामान्य’’
3 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चिकित्सक ने कहा कि राष्ट्रपति का अक्टूबर में एहतियात के तौर हृदय और पेट का एमआरआई स्कैन किया गया था जिसके परिणाम ‘‘पूरी तरह सामान्य’’ हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस द्वारा चिकित्सक की ओर से जारी यह जानकारी दी गई है। डॉ. शॉन बारबाबेला ने कहा कि ट्रंप की शारीरिक जांच में ‘एडवांस्ड इमेजिंग’ शामिल थी, जो कि ट्रंप की आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिए मानक शारीरिक परीक्षण का हिस्सा है।
डॉ.बारबाबेला ने बताया कि हृदय और पेट की इमेजिंग ‘‘एकदम ठीक’’ है। चिकित्सक ने लिखा, ‘‘यह जांच निवारक तौर पर की गयी है ताकि समस्याओं की जल्द पहचान की जा सके, पूरी स्वास्थ्य स्थिति का पता लगाया जा सके और उनकी दीर्घकालिक जीवन शक्ति तथा कार्यप्रणाली बनी रहे।’’ ट्रंप द्वारा रविवार को स्कैन के परिणाम जारी करने की घोषणा के बाद व्हाइट हाउस ने बारबाबेला का ज्ञापन जारी किया।
इससे पहले व्हाइट हाउस ने यह बताने से इंकार किया था कि अक्टूबर में वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में हुए शारीरिक परीक्षण के दौरान एमआरआई क्यों हुआ था। रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि एमआरआई के परिणाम को पूरी तरह ठीक बताया था। उन्होंने कहा था कि अगर कोई चाहे, तब वे रिपोर्ट जारी कर सकते हैं, हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें कोई अंदाज़ा नहीं है कि एमआरआई शरीर के किस अंग पर किया गया था लेकिन उन्होंने कहा कि यह मस्तिष्क का नहीं था क्योंकि उन्होंने एक संज्ञानात्मक परीक्षण पास किया था।
जेलेंस्की ने ट्रंप प्रशासन की शांति योजना में हो रहे संशोधनों को बेहतर बताया
3 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि ट्रंप प्रशासन की शांति योजना में हो रहे संशोधनों में प्रगति हो रही है और यह ‘‘अब बेहतर लग रही है। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात के बाद यह टिप्पणी की, जहां रूस के करीब चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने पर चर्चा हुई। इसी बीच, रूसी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास क्रेमलिन ने पुष्टि की कि व्लादिमीर पुतिन अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ से मिलने वाले है।
जेलेंस्की की पेरिस यात्रा उस बैठक के बाद हुई जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यूक्रेन-अमेरिका वार्ताओं को ‘‘लाभप्रद बताया। दोनों पक्ष अमेरिकी मसौदा शांति योजना में सुधार कर रहे हैं। यह योजना अमेरिका एवं रूस ने आपस में बातचीत करके तैयार की है। लेकिन योजना की इस बात को लेकर आलोचना की जा रही है कि उसमें रूसी मांगों पर अधिक ध्यान मिल रहा है। क्रेमलिन ने दावा किया कि रूस ने दोनेत्स्क क्षेत्र के प्रमुख शहर पोक्रोव्स्क पर कब्ज़ा कर लिया है, जबकि जेलेंस्की ने कहा कि वहां लड़ाई जारी है। वहीं फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वार्ताएं अभी शुरुआती चरण में हैं, लेकिन यह वार्ता यूक्रेन में शांति और यूरोप में सुरक्षा के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।
एलन मस्क ने किया बड़ा दांव............2030 तक दुनिया में होगा वैश्विक परमाणु युद्ध
3 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने फिर अपने विवादित बयान से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मस्क ने खुलकर दावा किया कि दुनिया जल्द ही एक बड़े वैश्विक युद्ध की ओर बढ़ रही है। दरअसल, एक यूजर ने लिखा कि न्यूक्लियर हथियारों के कारण बड़ी शक्तियों के बीच युद्ध नहीं हो रहे, इससे सरकारों का ध्यान शासन से हट गया है।
इस पर मस्क ने चौंकाने वाला जवाब दिया “वार इस इनएविटेबज. 5 साल, 10 एट मस्ट, यानि (युद्ध अवश्यंभावी है। 5 साल में, 2030 तक या अधिकतम 10 साल 2040 में।) मस्क के इस बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। उन्होंने नहीं बताया कि कौन-सा युद्ध, किन देशों के बीच या किस वजह से होगा। लेकिन मस्क का साफ इशारा इस बात की ओर था कि दुनिया धीरे-धीरे बड़े टकराव की ओर बढ़ रही है।
वहीं कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बयान की व्याख्या जानने के लिए मस्क की एआई-ग्रोक से सवाल पूछे। ग्रोक ने मस्क के पुराने बयानों का हवाला देकर कहा कि मस्क कई संभावित खतरों की चेतावनी पहले भी दे चुके हैं। बात दें कि यूरोप और ब्रिटेन में संभावित गृहयुद्ध, बढ़ते प्रवास और पहचान राजनीति के कारण हो सकता है। वहीं आने वाले सालों में अमेरिका-चीन के बीच ताइवान को लेकर युद्ध की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। वर्तमान में चल रहे यूक्रेन-रूस संघर्ष के तीसरी जंग में बदलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। यानी, मस्क के अनुमान के अनुसार आने वाले वर्षों में दुनिया के कई हॉटस्पॉट तनाव को युद्ध में बदल सकते हैं।
क्यों मस्क का बयान गंभीर?
बातें ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान एलन मस्क अमेरिकी प्रशासन के विशेष प्रोजेक्ट डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) से भी जुड़े थे। इस कारण उनका बयान न सिर्फ सोशल मीडिया टिप्पणी माना जा रहा है, बल्कि कुछ विश्लेषक इस बयान को जियोपॉलिटिकल संकेत भी कह रहे हैं। हालांकि मस्क ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका दावा वैश्विक चेतावनी है या सिर्फ एक राजनीतिक संकेत।
इजराइली पीएम नेतन्याहू भ्रष्टाचार में फंसे अब राष्ट्रपति से मांग रहे क्षमादान
2 Dec, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेलअवीव। गाजा समते कई देशों पर हमला करने वाले इजराइल के पीएम नेतन्याहू भ्रष्टाचार के मामलों में इस कदर घिर गए कि अब वह राष्ट्रपति से क्षमादान मांग रहे हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मुकदमे पर रोक लगवाने के लिए उन्होंने राष्ट्रपति से माफी मांगी है। नेतन्याहू इजराइल के ऐसे पहले पीएम हैं जो कि मुकदमे के बावजूद पद पर मौजूद हैं। नेतन्याहू पर विश्वासघात, रिश्वत लेने और पैसे के बदले टेलीकॉम कंपनियों और हॉलिवुड प्रोड्यूसर से राजनीतिक समर्थन हासिल करने का आरोप है।
नेतन्याहू इन आरोपों को लेकर देश की न्याय व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह अनुरोध क्षेत्र में अहम बदलावों के दौर में देश को एकजुट करने में मदद करेगा। हालांकि नेतन्याहू के विरोधियों ने तुरंत इसकी निंदा की और कहा कि इससे इजराइल की लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर होंगी और यह खतरनाक संदेश जाएगा कि वह कानून के शासन से ऊपर हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि नेतन्याहू ने राष्ट्रपति से क्षमादान का अनुरोध किया है।
बेंजामिन नेतन्याहू पर तीन मुकदमे चल रहे हैं लेकिन उन्हें अब तक किसी भी मामले में दोषी नहीं करार दिया गया है। हालांकि इन मुकदमों से उनका करियर दांव पर लगा है। अगर किसी भी मामले में उन्हें दोषी पाया जाता है तो उन्हें तत्काल इस्तीफा देना पड़ सकता है। नेतन्याहू ने इस मामले की निंदा करते हुए इसे मीडिया, पुलिस और न्यायपालिका द्वारा साजिश के तहत निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि हफ़्ते में तीन बार अदालत में पेश होने की उनकी अनिवार्यता एक ऐसा ध्यान भटकाने वाला कदम है जिससे उनके लिए देश का नेतृत्व करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि मुकदमे का जारी रहना हमें अंदर से तोड़ देता है, विभाजन करता है और दरार को और गहरा करता है। देश के कई अन्य लोगों की तरह, मुझे भी यकीन है कि मुकदमे के तुरंत निपटारे से सुलह को बढ़ावा मिलेगा, जिसकी हमारे देश को सख्त जरूरत है। हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि क्षमादान का अनुरोध मुकदमे को नहीं रोक सकता।
नेतन्याहू के अनुरोध पर विपक्ष ने तुरंत प्रतिक्रिया व्यक्त की और राष्ट्रपति से उनके अनुरोध को नहीं मानने का आग्रह किया। विपक्षी नेता यायर लापिड ने कहा कि आप उन्हें अपराध स्वीकार किए बिना, पश्चाताप की अभिव्यक्ति के बिना और राजनीतिक जीवन से तत्काल संन्यास लिए बिना क्षमादान नहीं दे सकते हैं।
एलन मस्क और कामत के पॉडकास्ट का टीजर सामने आते ही मची हलचल
2 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। टेस्ला के मालिक और दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क का पॉडकास्ट खूब चर्चा में है। मस्क के साथ जेरोधा के सह-संस्थापक और अरबपति निखिल कामत ने पॉडकास्ट किया। इस पॉडकास्ट का टीजर सामने आते ही सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। कामत ने 96 सेकंड का नया ट्रेलर जारी किया, जिसमें दोनों के बीच हुई बातचीत और हल्के-फुल्के पलों की झलक देखने को मिली। वीडियो में दोनों कॉफी पीते और हंसते मुस्कुरात नजर आए, जिसके बाद कई यूजर्स ने यह सवाल तक कर दिया था कि क्या वाकई यह बातचीत सच में हुई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक निखिल कामत को इस पॉडकास्ट में एलन मस्क की कद-काठी देखकर हैरानी जताते हुए भी देखा गया। वे मुस्कुराते हुए कहते हैं, ‘पहली बात जो मैं कहूंगा, आप जितना मैंने सोचा था उससे कहीं ज्यादा लंबे, भारी और मस्कुलर हैं। इस पर एलन मस्क मजाकिया अंदाज में जवाब देते हैं, ‘ओह, बस कीजिए… आप मुझे शर्मिंदा कर देंगे। दोनों इस पर खूबर हंसते हैं।
इस बातचीत में एक दिलचस्प पल तब आता है जब कामत ने मस्क से पूछा कि ‘द मैट्रिक्स’ फिल्म का कौन-सा किरदार वे निभाना पसंद करेंगे। इस पर मस्क कहते हैं, ‘उम्मीद है कि एजेंट स्मिथ नहीं… वह मेरा हीरो है। कामत ने सवाल किया कि आखिर ‘एक्स’ के प्रति उनका ऐसा जुनून क्यों है, मस्क हंसते हुए कहते हैं, ‘कभी-कभी मैं भी सोचता हूं कि मेरे अंदर क्या गड़बड़ है। जाहिर है, मस्क की कंपनियां एक्स, स्पेसएक्स और एक्सएआई सभी में इस अक्षर की झलक दिखती है।
टीजर के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कई यूजर्स ने दोनों के बीच दिख रही ‘केमिस्ट्री’ को लेकर मजेदार कमेंट किए हैं। एक यूजर ने लिखा- जैसे ये एक-दूसरे को देख रहे हैं…पूरा बिजनेस रोमांस लग रहा है। निखिल कामत का पॉडकास्ट पहले भी कई क्षेत्रों की बड़ी हस्तियों को एक साथ लाने के लिए चर्चित रहा है। इसके पिछले एपिसोड्स में बिल गेट्स, किरन मजूमदार-शॉ, रणबीर कपूर, नंदन नीलेकणी, कुमार बिड़ला, परप्लेक्सिटी एआई के अरविंद श्रीनिवास और वेंचर कैपिटलिस्ट विनोद खोसला शामिल हो चुके हैं। इस शो में पीएम मोदी भी गए हैं, जिनका इंटरव्यू इसी साल यूट्यूब पर जारी किया गया था।
इंडोनेशिया झेल रहा प्राकृतिक मार, बाढ़ और भूस्खलन से 400 से ज्यादा मौतें
2 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जकार्ता। इंडोनेशिया इन दिनों प्राकृतिक कहर का सामना कर रहा है। करीब एक सप्ताह पहले आए ट्रॉपिकल साइक्लोन ‘सिन्यार’ ने सुमात्रा को ताबड़तोड़ बारिश, विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलनों में झोंक दिया। हजारों घर बह गए, सैकड़ों गांव कट गए और कई इलाके मिट्टी में दफन हो गए। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 440 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि कम से कम 400 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें से कई के मलबे में दबे होने की आशंका है।
मीडिया रिपोर्ट में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के हवाले से बताया गया है कि अचेह, नॉर्थ सुमात्रा और वेस्ट सुमात्रा सबसे गंभीर रूप से प्रभावित इलाका है। एजेंसी प्रमुख सुहार्यांतो ने चेतावनी दी कि सेंट्रल तापनूली और सिबोल्गा पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं। इन इलाकों तक न सड़क पहुंच रही है, न संचार, और न ही राहत। समुद्र और हवाई रास्तों से आपूर्ति की जा रही है, लेकिन कई गांवों तक किसी भी तरह की सहायता अब तक नहीं पहुंची है। हजारों लोग खाने और पानी के इंतजार में कई दिनों से फंसे हैं।
दुर्गम स्थितियों के बीच भयावह स्थिति है। सुमात्रा के कई इलाकों में लोगों ने भूख से मजबूर होकर दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। स्थानीय पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि लोगों को नहीं पता था कि सहायता आ रही है, उन्हें डर था कि वे भूख से मर जाएंगे। इसलिए उन्होंने दुकानों से खाना और पानी उठाना शुरू कर दिया। स्थिति गंभीर है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बलों को तैनात किया गया है।
वेस्ट सुमात्रा की राजधानी पदांग से 100 किमी दूर सुनगई न्यालो गांव में पानी का बहाव भले ही कम हुआ हो, लेकिन अब पूरा गांव घुटनों तक मोटी, राख जैसी धूसर मिट्टी में दफन है। न घर बचा, न फसल, न वाहन। चारों तरफ सिर्फ खामोशी और विनाश नजर आ रहा है।
फांसी की सजा के बाद एक और मामले में शेख हसीना को 21 साल की कैद
2 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व पीएम और अवामी लीग प्रमुख शेख हसीना को सोमवार को ढाका की एक विशेष कोर्ट से बड़ा झटका दिया। कोर्ट ने पुरबचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में प्लॉट आवंटन में अनियमितताओं से जुड़े बहुचर्चित जमीन घोटाला मामले में शेख हसीना को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
इससे पहले इस साल नेशनल क्राइम ट्यूबनल ने हसीना को “क्राइम्स एगेन्स्ट ह्यूमैनिटी” के लिए फांसी की सजा सुनाई थी। और इसके कुछ दिन बाद ही ढाका की स्पेशल कोर्ट ने हाल ही में हसीना को तीन भ्रष्टाचार-मामलों में 21 साल की जेल की सजा सुनाई है। जमीन घोटाला मामले में अदालत ने कुल तीन लोगों को दोषी ठहराया। शेख हसीना, शेख रेहाना, तुलिप रिजवाना सिद्दीक। ये तीनों राजुक द्वारा किए गए प्लॉट आवंटन में अनियमितताओं के मामले में दोषी पाए गए। हसीना पहले से ही कई कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। अब एक और मामले में दोषी ठहराया जाना उनकी राजनीतिक और कानूनी स्थिति को कमजोर करता है।
तुलिप सिद्दीक जो ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सांसद हैं उनका नाम इस फैसले में शामिल होने से यह मामला अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया। ब्रिटेन की राजनीति और मीडिया में भी इस पर चर्चा शुरू हो गई है। अवामी लीग के नेताओं ने इस फैसले को “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया है। उनका कहना है कि विपक्षी सरकार हसीना परिवार को “कमजोर करने” की कोशिश कर रही है। जानकारों के मुताबिक शेख हसीना की कानूनी टीम उच्च अदालत में अपील दाखिल करेगी।
आज इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर इमरान के समर्थक करेंगे विरोध प्रदर्शन
2 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करांची। पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी के सभी सांसद इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के बाहर मंगलवार को विरोध-प्रदर्शन करेंगे और अदियाला जेल में बंद अपने नेता की रिहाई की मांग करेंगे। पार्टी के एक शीर्ष नेता ने इसकी जानकारी दी। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के सीएम सोहेल अफरीदी ने घोषणा की कि इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन के बाद पार्टी नेता इमरान खान से मुलाकात करने के लिए रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली जेल जाएंगे।
बता दें इमरान खान 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। अफरीदी ने कहा है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान को 4 नवंबर से पूरी तरह से अलग-थलग रखा गया है और किसी को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि मंगलवार को सभी सांसद सबसे पहले इस्लामाबाद उच्च न्यायालय जाएंगे और अदालत के मुख्य न्यायाधीश के सामने कड़ा विरोध-प्रदर्शन करेंगे, क्योंकि उनके आदेशों के बावजूद सीएम को इमरान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। अफरीदी ने कहा कि यह कोर्ट की स्पष्ट अवमानना है। हम इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में विरोध-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि इसके बाद पार्टी सांसद इमरान से मिलने अदियाला जेल जाएंगे।
पाकिस्तान में बड़ा खेल , आसिम मुनीर की CDF नियुक्ति फंसी, शहबाज शरीफ के फैसले के पीछे की कहानी क्या है?
1 Dec, 2025 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Pakistan Power Crisis: पाकिस्तान फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और शहबाज सरकार के बीच सबकुछ सही नहीं चल रहा है. पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य तिलक देवेशर ने दावा किया कि मुनीर को पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बनाए जाने की प्रक्रिया से शहबाज शरीफ ने जानबूझकर खुद को अलग रखा है. मुनीर को 29 नवंबर तक सीडीएफ बनाए जाने का आदेश जारी करना था लेकिन शहबाज सरकार ने इसको लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया. बल्कि शहबाज लंदन दौरे पर चले गए. जिसकी वजह से मुनीर की नियुक्ति पर संवैधानिक संकट खड़ा हो गया.
देवेशर ने दावा किया कि शहबाज शरीफ को मुनीर के विस्तार या सीडीएफ नियुक्ति के आदेश पर हस्ताक्षर न करना पड़े, इसके लिए शहबाज पहले बहरीन और अब लंदन के लिए रवाना हो गए. ये प्रधानमंत्री की सोची-समझी साजिश है, ताकि आदेश पर हस्ताक्षर न करना पड़े. शहबाज को यह भी पता है कि इसके राजनीतिक और संस्थागत परिणाम क्या हो सकते हैं.
29 नवंबर को खत्म हुआ कार्यकाल
देवेशर के अनुसार, आसिम मुनीर का 29 नवंबर को कार्यकाल खत्म हो चुका है. इसके बाद तुरंत ही नया सेना प्रमुख बनाया जाना चाहिए या फिर जो पहले हैं, उनके कार्यकाल को बढ़ाए जाने को लेकर नोटिफिकेशन जारी करना चाहिए. अगर ऐसा नहीं किया जाता तो टेक्निकली तौर पर पाकिस्तान के पास कोई सेना प्रमुख नहीं रहेगा. नई व्यवस्था के अनुसार, परमाणु कमान प्राधिकरण भी सीडीएफ के अधीन है. ऐसे में नियुक्ति न होना पाकिस्तान के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है.
सेना प्रमुख का 5 साल का कार्यकाल
पाकिस्तान में 2024 में हुए आर्मी एक्ट संसोधन के अनुसार, सेना प्रमुख का कार्यकाल 5 सालों का होता है, इसके लिए नए आदेश की कोई जरूरत नहीं होती. वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि सीडीएफ जैसे नए पद के लिए आधिकारिक रूप से नोटिफिशेकन जरूरी है. फिलहाल, पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की अनुपस्थिति न केवल राजनीतिक हलचल को बढ़ाया है बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं.
इमरान की पार्टी के ही सांसद ने किया दावा कहा- घबराने की बात नहीं है वे जिंदा हैं
1 Dec, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद,। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा का दौर जारी है। हाल के दिनों में उनकी मौत की अफवाहों ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया था, लेकिन अब उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के एक प्रमुख सांसद ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। सांसद खुर्शीद जीशान ने दावा किया है कि इमरान खान जीवित हैं और अडियाला जेल में ही कैद हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान शासन उन्हें पाकिस्तान छोड़ने के लिए जबरदस्ती दबाव डाल रहा है। यह बयान एक इंटरव्यू में आया, जब पिछले एक सप्ताह से इमरान की मौत की खबरें तेजी से फैल रही थीं।
खुर्शीद जीशान ने कहा कि अफवाहें फैलाने का मकसद इमरान की लोकप्रियता को कमजोर करना है। उन्होंने स्पष्ट किया, पिछले कुछ दिनों में हमें आश्वासन दिया गया है। इमरान खान जीवित हैं और फिलहाल अडियाला जेल में ही बंद हैं। लेकिन उन्होंने जेल प्रशासन की आलोचना की और कहा कि इमरान को जानबूझकर अलग-थलग रखा जा रहा है, जो एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा लगता है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एक महीने से अधिक हो गया, इमरान को जेल के अंदर अलग रखा गया है। उनके परिवार, वकीलों और यहां तक कि पीटीआई के नेताओं को भी उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही। यह स्पष्ट मानवाधिकार उल्लंघन है। ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें किसी बड़े फैसले के लिए मजबूर किया जा रहा है, उनकी हिम्मत तोड़ने की कोशिश हो रही है।
यह विवाद तब भड़का जब इमरान के बेटे कासिम ने अपने पिता से मिलने का समय मांगा। कासिम ने कहा, मेरे पिता को पिछले 845 दिनों से कैद में रखा गया है। आखिरी छह हफ्तों से उन्हें मौत की सजा वाले ब्लॉक में डाला गया है। हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं है। अदालत के आदेश के बावजूद इमरान की बहनों नूरीन नियाज़ी, अलीमा खान और डॉ. उज़मा खान को जेल के बाहर मिलने नहीं दिया गया। इससे अफवाहों को बल मिला कि इमरान की जेल में ही हत्या कर दी गई है। बहनों ने पंजाब पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर पुलिस की क्रूर और सुनियोजित कार्रवाई का आरोप लगाया, जिसमें प्रदर्शन के दौरान उन्हें पीटा गया। पीटीआई समर्थकों ने जेल के बाहर धरना दिया, जो हिंसक प्रदर्शन में बदल गया।
अडियाला जेल प्रशासन ने अफवाहों को बेबुनियाद बताते हुए स्पष्ट किया कि इमरान पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें पूर्ण चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। जेल अधिकारियों ने कहा, उनके स्थानांतरण की कोई खबर सही नहीं है। वे जेल में ही हैं और अच्छे स्वास्थ्य में हैं। पाकिस्तानी सरकार और पीटीआई नेताओं ने भी संयुक्त बयान जारी कर इमरान की स्थिर स्थिति की पुष्टि की। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने बताया, इमरान बिल्कुल ठीक हैं, उनकी सेहत में कोई समस्या नहीं।
इन आश्वासनों के बाद पीटीआई नेताओं और वकीलों को इमरान से मिलने की अनुमति मिली। परिवार को सोमवार और मंगलवार को मुलाकात का समय दिया गया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण रूप से हट गए। कासिम के बयान से पाकिस्तान आर्मी और शहबाज सरकार पर भारी दबाव बना था। पीटीआई ने मांग की कि सरकार इमरान की सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की जिम्मेदारी निभाए। इमरान खान अगस्त 2023 से विभिन्न भ्रष्टाचार और आतंकवाद से जुड़े मामलों में जेल में हैं। अडियाला जेल, जो मूल रूप से 1,927 कैदियों के लिए बनी थी, अब 6,000 से अधिक लोगों को समेटे हुए है। पीटीआई का दावा है कि इमरान की लोकप्रियता से सत्ता पक्ष डरा हुआ है, इसलिए कोई फोटो या वीडियो जारी नहीं किया जा रहा। यह घटना पाकिस्तान की राजनीति में तनाव को और गहरााती है, जहां इमरान समर्थक इमरान कहां हैं? हैशटैग चला रहे हैं। जेल की कुख्याति के कारण अफवाहें जल्दी फैलती हैं, लेकिन अब आधिकारिक पुष्टि से मामला शांत होता दिख रहा है।
कैलिफोर्निया में अंधाधुंध फायरिंग: 4 की मौत, 10 घायल
1 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैलिफ़ोर्निया । अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में स्टॉकटन शहर एक बार फिर भय और दहशत के माहौल में डूब गया, जब एक बैंक्वेट हॉल में हुई अंधाधुंध गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हो गई और 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद पूरे शहर को सील कर दिया गया है और हमलावर की तलाश में पुलिस व फेडरल एजेंसियों की संयुक्त टीम लगी हुई है। यह वारदात न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि अमेरिकी राजनीति में गन कानूनों पर एक बार फिर बहस तेज कर रही है।
स्टॉकटन की इस घटना ने अमेरिका में बढ़ती बंदूक हिंसा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर नई बहस को जन्म दिया है। अमेरिका में पहले से ही गन कंट्रोल का मुद्दा राजनीतिक दलों के बीच टकराव का विषय रहा है, जहाँ रिपब्लिकन पार्टी हथियार रखने की स्वतंत्रता को व्यक्तिगत अधिकार बताती है, वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी कड़े कानूनों की मांग कर रही है। ताज़ा गोलीबारी के बाद कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने घटना पर गहरा शोक जताते हुए हमलावर को शीघ्र पकड़ने के आदेश के साथ गन कंट्रोल पर फिर से सख्त कदम उठाने की जरूरत बताई है।
घटना के राजनीतिक आयामों को और गहरा बनाते हुए स्टॉकटन के वाइस मेयर जेसन ली ने इस फायरिंग को “अमेरिकी समाज में बढ़ते हथियारों के अनियंत्रित प्रसार” का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ अपराध नहीं बल्कि नीति विफलता का परिणाम है, जिसमें निर्दोष लोग, बच्चे, परिवार गन हिंसा का शिकार हो रहे हैं। बैंक्वेट हॉल में चल रहे एक बच्चे के जन्मदिन समारोह में अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट ने उत्सव को मातम में बदल दिया। इसने अमेरिकी जनता को झकझोर दिया है।
फायरिंग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घायलों में नाबालिग बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि हमलावर अकेला था और कुछ ही मिनटों में अंधाधुंध फायरिंग कर मौके से फरार हो गया। जांच एजेंसियों को फिलहाल आरोपी का उद्देश्य, पृष्ठभूमि और संभावित साजिश को समझने में समय लग सकता है।
अमेरिका में हर साल हजारों लोग गन हिंसा का शिकार होते हैं। ऐसे में स्टॉकटन की यह घटना आगामी चुनावी माहौल में भी प्रमुख मुद्दा बन सकती है। डेमोक्रेट्स इसे हथियार कानूनों में सुधार का आधार बना सकते हैं, जबकि रिपब्लिकन इस आरोप को ‘राजनीतिकरण’ कहकर खारिज कर सकते हैं।
इस बीच, स्टॉकटन शहर हाई अलर्ट पर है और पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति घटनास्थल के आसपास नहीं जा सकता। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव है कि हमलावर को शीघ्र पकड़ा जाए और घटना के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाया जाए, ताकि लोगों के भय को कम किया जा सके।
हसीना की दुश्मन खालिदा की हालत गंभीर, मस्जिदों में सलामती के लिए की जा रहीं दुआएं
1 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया की हालत गंभीर है। 80 साल की खालिदा जिया इस वक्त ‘बेहद नाजुक’ स्थिति में हैं और डॉक्टर लगातार उन पर नजर रखे हुए हैं। खालिदा जिया को बीती रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था जब उन्हें सीने में तेज संक्रमण हुआ, जिसने उनके दिल और फेफड़ों दोनों को प्रभावित किया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्थिति में तेजी से गिरावट आई है। उनकी सलामती के लिए देशभर की मस्जिदों में दुआएं की जा रहीं हैं। बता दें कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और खालिदा जिया एक दूसरे को शत्रु की नजर से देखते हैं।
बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि गुरुवार रात डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि उनकी हालत ‘अत्यंत गंभीर’ हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, हम पूरे देश से दुआ की अपील कर रहे हैं। मदर ऑफ डेमोक्रेसी बेगम जिया के लिए आज देशभर की मस्जिदों में खास दुआ की गई है। बीएनपी के कार्यकर्ताओं में भी उनकी तबीयत को लेकर भारी चिंता है और पार्टी के कई नेता अस्पताल के बाहर मौजूद हैं। खालिदा जिया पिछले कई वर्षों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। उन्हें लिवर, किडनी, डायबिटीज, आर्थराइटिस और आंखों से जुड़ी बीमारियां हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उम्र और लगातार बढ़ती जटिलताओं के कारण उनकी रिकवरी बहुत धीमी है।
बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस ने भी खालिदा जिया की स्वास्थ्य स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उनके ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वह लगातार डॉक्टरों से अपडेट ले रहे हैं और उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। यूनुस ने कहा, इस कठिन समय में बेगम जिया देश के लिए बड़ी प्रेरणा हैं। उनकी अच्छी सेहत बेहद जरूरी है।उनके बड़े बेटे और बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारीक रहमान 2008 से लंदन में रह रहे हैं। उनके छोटे बेटे अरफात रहमान का 2025 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। इस समय परिवार के सीमित सदस्य ही उनके इलाज के दौरान अस्पताल के संपर्क में हैं। इस साल 6 मई को खालिदा जिया लंदन से इलाज करवाकर वापस ढाका लौटी थीं। वहां वे चार महीने तक एडवांस मेडिकल ट्रीटमेंट पर थीं। वापसी के बाद उनकी सेहत स्थिर बताई जा रही थी, लेकिन पिछले हफ्ते अचानक उनकी हालत बिगड़ गई।बांग्लादेश की राजनीति इस वक्त बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रही है। 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले हिंसक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना की सरकार गिर गई थी और बीएनपी नए राजनीतिक परिदृश्य में प्रमुख पार्टी बनकर उभरी। फरवरी 2026 में बांग्लादेश का चुनाव हो सकता है। ऐसे समय में खालिदा जिया की बिगड़ती हालत बीएनपी और उसके समर्थकों के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
अमेरिका ने वेनेजुएला का आसमान किया सील, करवा दी खतरनाक हथियारों की तैनाती
1 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला के ऊपर और उसके आसपास का पूरा एयरस्पेस ‘पूरी तरह बंद’ माना जाए। उन्होंने यह नहीं बताया कि इसका मतलब क्या है या आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, लेकिन इतना साफ है कि अमेरिका अब खुले तौर पर वेनेजुएला पर दबाव बढ़ा रहा है। ट्रंप पहले भी कई बार इशारा कर चुके हैं कि कैरिबियन और प्रशांत में अमेरिकी नेवी जिन संदिग्ध ‘ड्रग बोट्स’ पर हमला कर रही है, वह कार्रवाई आगे चलकर जमीन पर भी बढ़ सकती है। कोलंबियाई गुरिल्ला संगठन, खासकर ईएलएन, वेनेजुएला के पश्चिमी इलाकों में सक्रिय हैं। सत्ताधारी पार्टी के कोलेक्टिवोस मोटरसाइकिल स्क्वॉड्स में घूमकर प्रदर्शनकारियों को डराते हैं। विपक्ष का आरोप है कि कुछ सैन्य यूनिट ड्रग कार्टेल से जुड़े हैं। मादुरो सरकार हमेशा इन आरोपों को खारिज करती है और कहती है कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जा करने के लिए ‘रिजीम चेंज’ चाहता है।
दिलचस्प बात यह है कि यही ट्रंप कुछ हफ्ते पहले वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से फोन पर बात भी कर चुके हैं और मादुरो के वॉशिंगटन दौरे की चर्चा भी हुई थी। यानी रिश्ता टकराव और बातचीत दोनों के बीच झूल रहा है।
वेनेजुएला के एयरस्पेस को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जो बयान दिया है उसका असर भी साफ दिख रहा है। फ्लाइट रडार 24 के डेटा के मुताबिक वेनेजुएला का एयरस्पेस पूरी तरह खाली है। सभी कॉमर्शियल प्लेन उसके एयरस्पेस से बचकर निकल रहे हैं। ट्रंप की धमकी के कई घंटों बाद क्यूबा का एक जेट वेनेजुएला के एयर स्पेस में दाखिल हुआ।सवाल उठता है कि क्या अमेरिका वेनेजुएला पर हमला कर सकता है?
असलियत यह है कि अमेरिकी सेना की तुलना में वेनेजुएला की सैन्य ताकत बेहद छोटी और कमजोर है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सालों से खराब ट्रेनिंग, पुराने हथियार, रूस से खरीदा लेकिन अब जर्जर हो चुका उपकरण इन सबने वेनेजुएला की फौज को अंदर से कमजोर कर दिया है। मादुरो सैन्य वफादारी बनाए रखने के लिए अधिकारियों को सरकारी पद देते रहे हैं, लेकिन मैदान स्तर के सैनिकों की सैलरी मुश्किल से 100 डॉलर महीना है, जो एक परिवार की जरूरतों का लगभग पांचवां हिस्सा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो भगदड़ और डेजर्टशन (सैनिकों का पलायन) काफी बढ़ सकता है। जिन जवानों को लड़ाई का तजुर्बा है, वह भी हथियारबंद दुश्मनों से नहीं बल्कि पिछले वर्षों में सड़क पर उतरे आम प्रदर्शनकारियों से भिड़ने का। वहीं लीक हुए सैन्य दस्तावेजों के मुताबिक मादुरो सरकार दो रणनीतियों पर काम कर रही है। अगर अमेरिका हवाई या जमीनी हमला करता है, तो वेनेजुएला छोटे-छोटे सैन्य यूनिटों को 280 से ज्यादा जगहों पर बिखेर देगा। यानी पूरे देश में सबोटाज, छोटी-छोटी घात लगाकर हमले, और शहरों में अव्यवस्था पैदा करना। 5,000 रूसी इगला मिसाइलें पहले ही तैनात कर दी गई हैं। इसमें इंटेलिजेंस एजेंसी और सत्ताधारी पार्टी के हथियारबंद समर्थक राजधानी कराकास में जानबूझकर अव्यवस्था फैलाएंगे, ताकि शहर को ‘अशासित’ बनाया जा सके। सरकार ने इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया है, लेकिन कई वरिष्ठ सुरक्षा सूत्र इसकी पुष्टि करते हैं।
अमेरिका में फिर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग, 12 गंभीर घायलों में बच्चे भी शामिल
1 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैलिफोर्निया। कैलिफोर्निया प्रांत के स्टॉकटन इलाके में ओपन फायरिंग की घटना सामने आई है। मास शूटिंग की इस घटना में बताया जा रहा है कि 12 से ज्यादा लोग इस घटना में बुरी तरह से जख्मी हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सैन जाओक्विन काउंटी शेरिफ ऑफिस ने ये जानकारी दी जख्मी हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जांच की जा रही है कि आखिर इसके पीछे वजह क्या रही। एक चश्मदीद ने बताया कि जब वे स्टॉकटन में गैस भरवाने रुके, तो वहां 11 पुलिस कारें और 5 एम्बुलेंस दिखीं। बताया गया कि 9 साल, 12 साल के बच्चों और कई अन्य लोगों को गोली लगी है। फिलहाल कुल 12 पीड़ित हैं। बता दें कि सिर्फ साल 2025 में ही अमेरिका में 300 से ज्यादा मास शूटिंग की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। लगभग हफ्ते, यहां किसी न किसी राज्य में फायरिंग की घटना सामने आ जाती है।
कैलिफोर्निया के स्टॉकटन शहर में ये भयानक घटना लूसिल एवेन्यू के 1900 ब्लॉक, थॉर्नटन रोड के पास 29 नवंबर को हुई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्पताल में भर्ती हुए लोगों में से कई की हालत गंभीर है। कुछ रिपोर्ट्स में ये संख्या 12 तो कुछ में 14 बताई जा रही है। घाटल होने वाले लोगों में बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर इसके कुछ वीडियो शेयर किए गए हैं, जिसमें इलाके में भारी पुलिस बल, कई एम्बुलेंस, और हर तरफ फ्लैशिंग लाइट्स दिखीं। इससे पता चल रहा है कि मामला कितना ज्यादा गंभीर है।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि पुलिस ने घटना के बाद इलाके में हाई-स्पीड चेज भी शुरू कर दी है। हालांकि फिलहाल हमलावर के बारे में किसी भी तरह की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है कि वो कहां से आया और उसके ऐसा क्यों किया। सोशल मीडिया पर वहां से गुजरने वाले लोगों ने हालात के बारे में जानकारी दी है। ज्यादातर लोगों का कहना है कि आधिकारिक तौर पर अभी कुछ नहीं कहा गया है लेकिन स्थिति गंभीर है। अमेरिका में सिर्फ नवंबर के ही महीने में फायरिंग और मास शूटिंग की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसमें सबसे चर्चित 26 नवंबर 2025 में व्हाइट हाउस के सामने हुई फायरिंग रही, जिसमें दो नेशनल गार्ड्स को निशाना बनाया गया था। बाद में संदिग्ध को हिरासत में लिया गया।16 नवंबर 2025 को फ्लोरिडा के जैक्सनविले में एक पार्टी के दौरान हुई गोलीबारी में कम से कम 4 लोग जख्मी हो गए। 17 नवंबर 2025 को न्यू मेक्सिको के लास क्रूसेस में एक हाउस पार्टी के दौरान गोलीबारी हुई, इस घटना में 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 3 लोग जख्मी हो गए। 9 नवंबर 2025 को कैलिफोर्निया के ही सैन फ्रांसिस्को में बीच के पास हुई लड़ाई के बाद गोलीबारी हुई, जिसमें 5 लोग जख्मी हो गए। 7 नवंबर 2025 को डेलावेयर के विलिमिंग्टन में भी फायरिंग की घठना सामने आई, जिसमें 5 लोग जख्मी हो गए।
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो नोबेल पुरस्कार लेने गई तो होंगी भगोड़ा घोषित
30 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वेनेजुएला । नोबेल पुरस्कार विजेता और वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो अगर शांति पुरस्कार लेने नॉर्वे जाती हैं तो उन्हें ‘भगोड़ा’ करार दिए जाने का खतरा है। कोरिना मचाडो को लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए पिछले महीने नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी। वेनेजुएला में मचाडो के खिलाफ आतंकवाद से जुड़े आरोपों समेत कई आपराधिक मामले दर्ज होने से उन्हें व्यक्तिगत रूप से पुरस्कार लेने जाने से मना करना पड़ सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 58 साल की कोरिना मचाडो कथित तौर पर देश में छिपी हैं। वेनेजुएला की इस राजनीतिज्ञ ने पिछले सप्ताह 10 दिसंबर के समारोह के लिए नॉर्वे के शहर ओस्लो की यात्रा करने की इच्छा जताई थी। हालांकि एक रिपोर्ट के मुताबिक वेनेजुएला के अटॉर्नी जनरल तारेक विलियम साब ने चेतावनी दी है कि वह कई आपराधिक मामलों का सामना कर रही हैं और यदि वह शांति पुरस्कार लेने विदेश जाती हैं तो उन्हें ‘भगोड़ा’ घोषित किया जाएगा।
विलियम साब ने बताया कि वेनेजुएला से बाहर रहने और कई आपराधिक जांचों के कारण उन्हें भगोड़ा माना जाता है। कोरिना मचाडो पर षड्यंत्र, घृणा भड़काने और आतंकवाद के कृत्यों का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त 2024 से मचाडो छिपी हुई हैं। उस समय मादुरो ने खुद को तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से निर्वाचित घोषित करने के बाद विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। रिपोर्ट के मुताबिक मचाडो ने पिछले महीने एक साक्षात्कार में कहा था कि निकोलस मादुरो ने मुझ पर आतंकवाद का आरोप लगाया था और उन्हें छिपना पड़ा था। उन्होंने कहा कि उनके ज्यादातर सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बचे हुए छिप गए या निर्वासन में चले गए हैं।
उन्होंने कहा कि करीब 15 महीने से वह एकांतवास में हैं और उन्हें इस बात का अहसास है कि अगर वे उन्हें ढूंढ भी लेंगे तो उन्हें गायब कर ही देंगे। विश्लेषकों का मानना है कि अपनी जान और आज़ादी को जोखिम में डाले बिना, मचाडो शायद देश के अंदर रहकर ही नोबेल पुरस्कार स्वीकार करेंगी। यह सवाल इस समय वेनेजुएला की राजनीति और अंतररष्ट्रीय मानवाधिकार आंदोलनों के केंद्र में है। कोरिना मचाडो का नॉर्वे जाने का फैसला उनके राजनीतिक करियर और वेनेजुएला में लोकतंत्र की लड़ाई के लिए अत्यंत जोखिम भरा और अहम कदम होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक मचाडो वेनेजुएला से ही वर्चुअली या वीडियो संदेश के जरिए पुरस्कार स्वीकार कर सकती हैं। इससे वह अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा तय कर पाएंगी और देश के अंदर रहकर विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व जारी रख सकेंगी। वह अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का सामना वेनेजुएला की कोर्ट में कर सकती हैं। सरकार उन पर कानूनी दबाव बनाए रखेगी, लेकिन देश के अंदर उनकी उपस्थिति विरोधियों को जुटाए रखने में मदद करेगी। हालांकि उनके ना जाने के फैसले से नोबेल समिति या समर्थकों को निराशा हो सकती है।
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कैरिबियन सागर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अमेरिकी सैन्य बलों की तैनाती का समर्थन करने के लिए भी कोरिना मचाडो की जांच चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत, युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों को तैनात किया है, जिसे वाशिंगटन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के वेनेजुएला शासन के खिलाफ एक मादक पदार्थ-विरोधी अभियान बता रहा है हालांकि, मादुरो का दावा है कि ट्रंप का कदम वामपंथी सरकार को गिराने के लिए है।
बता दें वेनेजुएला 2015 से ही अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। इससे पहले ट्रंप ने अगस्त 2017 में अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान सार्वजनिक रूप से वेनेजुएला पर सैन्य आक्रमण का संकेत दिया था। उनके दूसरे कार्यकाल में कूटनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे फिर सैन्य कार्रवाई के संकेत मिलते हैं। वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता मचाडो ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति का स्वागत किया है।
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