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अमेरिका के न्यू मैक्सिको में बाढ़ का कहर, लापता लोगों की तलाश जारी
10 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । अमेरिका के न्यू मैक्सिको राज्य में तेज बारिश के बाद कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रुडोसो नाम के पहाड़ी गांव में दिखा। यहां बहाव इतना तेज था कि कई घर बह गए और कई लोग फंसे रह गए। इसके बाद अब राहत-बचाव टीमें लगातार काम में जुटी हैं।
मौसम केंद्र ने रुडोसो और उसके आसपास के इलाकों के लिए फ्लैश फ्लड इमरजेंसी जारी की है। ये वहीं क्षेत्र है, जहां पिछले साल जंगल में आग लगी थी और हजारों एकड़ जंगल जल गया था। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन तीन लोग अस्पताल में भर्ती हैं। कई लोगों को बहते पानी और घरों से सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन अब तक यह साफ नहीं है कि कुल कितने लोग लापता हैं।
रियो रुडोसो नदी के किनारे बसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नदी का जलस्तर 8 जुलाई को दोपहर 3 बजे करीब डेढ़ फीट था, जो एक घंटे से भी कम समय में 20 फीट तक पहुंच गया। इसके बाद पानी का स्तर धीरे-धीरे गिरने लगा, लेकिन तब तक कई घर बह चुके थे और सड़कों पर आवाजाही रुक गई थी।
टेक्सास में 100 से ज्यादा मौतें, 161 लापता
टेक्सास राज्य में अचानक आई बाढ़ में घर और कैंप डूबने से अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। राहत-बचाव दल लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। यहां से अब तक 87 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 56 वयस्क और 30 बच्चे शामिल हैं। कुछ शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने बताया कि 161 लोग अब भी लापता हैं। इसमें कई लोग हैं, जो हिल कंट्री के अलग-अलग हिस्सों में छुट्टियां मनाने आए थे, लेकिन उन्होंने किसी होटल या कैंप में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था, जिससे उनकी जानकारी दर्ज नहीं हो सकी। टेक्सास के छह जिलों में बाढ़ का असर पड़ा है, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान केर काउंटी में हुआ है।
रूस ने किया यूक्रेन पर सबसे बड़ा एयरस्ट्राइक, कई शहरों में धमाके
10 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव । रूस-यूक्रेन युद्ध में नया मोड़ आया, जब रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला कर दिया। यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, रूस ने एक ही रात में 728 ड्रोन और 13 मिसाइलें दागीं। यह हमला युद्ध की शुरुआत के बाद से सबसे व्यापक और भीषण माना जा रहा है।
ड्रोन और मिसाइलों का यह हमला यूक्रेन के पश्चिमी क्षेत्रों विशेषकर लुत्स्क, ल्वीव, खमेलनित्सकी और टेरनोपिल को निशाना बनाया गया। लुत्स्क में स्थित वायुसेना अड्डे को प्रमुख टारगेट बताया जा रहा है।
यूक्रेनी सेना का दावा हैं कि उसने अपने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से 718 ड्रोन और 7 मिसाइलों को मार गिराया। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी नहीं है। राहत और बचाव दल नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
यह हमला तब हुआ है, जब एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों पर असंतोष जताया था। दोनों देशों के बीच युद्ध फरवरी 2022 से जारी है और यह हमला इस संघर्ष को और तेज कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला युद्धविराम की संभावनाओं को कमजोर कर सकता है और आने वाले दिनों में संघर्ष और गहरा हो सकता है।
"मोराग कॉरिडोर: गाजा का वो रणनीतिक रास्ता, जिस पर इजरायल-हमास में आर-पार की जंग"
10 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल अवीव । गाजा युद्धविराम की संभावनाएं भले ही अंतरराष्ट्रीय दबाव और अमेरिकी मध्यस्थता के कारण होता दिख रहा हो, लेकिन एक 12 किमी लंबा मोराग कॉरिडोर इस सीजफायर में सबसे बड़ी अड़चन बना हुआ है। इजरायल और हमास दोनों इसके मुद्दे पर अड़े हुए हैं और यही गतिरोध बंधक रिहाई और संघर्ष विराम समझौते को रोक रहा है।
दरअसल मोराग कॉरिडोर राफा और खान यूनिस के बीच स्थित है, जो दक्षिणी गाजा पट्टी में आता है। तीन महीने पहले, इजरायली सेना ने इलाके पर नियंत्रण कर लिया था। इसका नाम “मोराग” एक पुराने यहूदी बस्ती से जुड़ा है जो 2005 में गाजा से इजरायली वापसी के दौरान हटाई गई थी।
इजरायल “दूसरा फिलाडेल्फी कॉरिडोर” कह रहा है, इसका मतलब है कि यह गाजा को दो हिस्सों में बांटकर हमास की मूवमेंट और सप्लाई को रोक सकता है।
इस पूरे मामले में इजरायली रणनीति यह है कि मोराग कॉरिडोर पर कब्जा रखकर, वह हमास को सैन्य और प्रशासनिक रूप से अलग-थलग कर सके। इजरायल का प्रस्ताव है कि इस कॉरिडोर के दक्षिण में नई बस्तियां बसाकर वहां विस्थापित फिलिस्तीनियों को हमास के प्रभाव से बाहर रखा जाए।
इतना ही नहीं इजरायली सेना कॉरिडोर को “बफर जोन” की तरह इस्तेमाल करना चाहती है, ताकि राफा क्रॉसिंग से आने-जाने वालों की निगरानी रखी जा सके।
लेकिन हमास का कहना है कि मोराग पर कब्जा सीजफायर के उल्लंघन के बाद हुआ था, इसलिए इजराइल को इसका नियंत्रण छोड़ना ही होगा। संगठन ने बंधक समझौते में स्पष्ट रूप से मांग रखी है कि जब तक इजरायल सेना मोराग से पीछे नहीं हटती, कोई डील नहीं होगी। उनके अनुसार, इस कॉरिडोर का नियंत्रण इजरायल को गाजा में स्थायी सैन्य उपस्थिति का रास्ता देता है।
अमेरिका और अरब देशों की ओर से इजरायल पर दबाव बनाया जा रहा हैं कि युद्धविराम के बदले गलियारे से पीछे हटे। लेकिन नेतन्याहू गलियारे को सुरक्षा का मुद्दा बताकर कहते हैं कि यह हमास पर रणनीतिक दबाव बनाए रखने के लिए जरूरी है। इस जिद के चलते ट्रंप की मध्यस्थता की कोशिशें भी अनिर्णायक बनी हुई हैं।
इसकारण इजरायली बंधकों की रिहाई, जो युद्धविराम वार्ता की केंद्रीय मांग है, मोराग कॉरिडोर विवाद में फंस गई है। हमास बिना इस गलियारे से वापसी के किसी भी सौदे को खारिज कर रहा है। उधर, गाजा में 57,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, और हालात मानवीय संकट की ओर बढ़ रहे हैं।
"नामीबिया संसद में बोले मोदी: भारत का समर्थन केवल भाषणों तक सीमित नहीं"
10 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विंडहुक । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र के मंदिर, इस गरिमामय सदन को संबोधित करना मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है। मुझे यह सम्मान देने के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं। मैं आपके समक्ष लोकतंत्र की जननी के प्रतिनिधि के रूप में खड़ा हूं और मैं अपने साथ भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं लाया हूं।
नामीबिया की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ महीने पहले, आपने एक ऐतिहासिक क्षण का जश्न मनाया, नामीबिया ने अपनी पहली महिला राष्ट्रपति चुनी। हम आपके गर्व और खुशी को समझते हैं और साझा करते हैं क्योंकि भारत में, हम भी गर्व से मैडम प्रेसिडेंट कहते हैं। यह भारत के संविधान की शक्ति है कि एक गरीब आदिवासी परिवार की बेटी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की राष्ट्रपति है। यह संविधान की शक्ति है जिसने मुझ जैसे व्यक्ति को, जो एक गरीब परिवार में पैदा हुआ, तीन बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर दिया। जिनके पास कुछ नहीं है, उनके पास संविधान की गारंटी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के लोग आपके मुक्ति संग्राम के दौरान नामीबिया के साथ गर्व से खड़े थे। हमारी अपनी आज़ादी से पहले भी, भारत ने संयुक्त राष्ट्र में दक्षिण पश्चिम अफ्रीका का मुद्दा उठाया था। नामीबिया में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना का नेतृत्व भारतीय लेफ्टिनेंट जनरल दीवान प्रेम चंद ने किया था। भारत को आपके साथ खड़े होने पर गर्व है, सिर्फ शब्दों में ही नहीं, बल्कि कार्यों में भी।
FATF ने गिनाईं आतंकियों की नई चालें, ऑनलाइन मार्केटप्लेस को बना रहे फंडिंग चैनल
9 Jul, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने सोमवार को अपनी नई रिपोर्ट जारी की, जिसमें आतंकियों के बदलते मंसूबों और उनके फंडिंग नेटवर्क को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी अब ई-कॉमर्स वेबसाइटों और ऑनलाइन पेमेंट सेवाओं का इस्तेमाल हथियारों और विस्फोटकों की खरीद के लिए कर रहे हैं।
एफएटीएफ ने भारत में हुई दो बड़ी आतंकी घटनाओं – 2019 का पुलवामा हमला और 2022 का गोरखनाथ मंदिर हमला – को अपनी रिपोर्ट में विशेष रूप से शामिल किया है।
रिपोर्ट कैसे तैयार हुई?
एफएटीएफ की इस रिपोर्ट को फ्रांस की आतंकरोधी संस्था के नेतृत्व में और संयुक्त राष्ट्र के आतंक-रोधी कार्यकारी निदेशालय (UNCTED) के सहयोग से तैयार किया गया। इसमें 80 से अधिक देशों से प्राप्त आंकड़ों और 840 निजी व शैक्षणिक संस्थानों के इनपुट शामिल हैं।
भारत से जुड़े प्रमुख केस
1. गोरखनाथ मंदिर हमला (2022)
हमलावर: मुर्तजा अहमद अब्बास , घटना: धारदार हथियार से पीएसी जवानों पर हमला , खुलासा: मुर्तजा को आईएसआईएस से आर्थिक मदद मिल रही थी। उसने PayPal और VPN के ज़रिए 6.69 लाख रुपये विदेश भेजे और 44 अंतरराष्ट्रीय लेन-देन किए।
2. पुलवामा हमला (2019)
घटना: सीआरपीएफ काफिले पर आत्मघाती हमला, 40 जवान शहीद , खुलासा: हमले में इस्तेमाल एल्यूमिनियम पाउडर Amazon के ईपीओएम नेटवर्क से मंगाया गया। आतंकी वाइज-उल-इस्लाम ने Amazon अकाउंट से केमिकल खरीदा और विस्फोटक उपकरण तैयार किए।
डिजिटल प्लेटफॉर्म बन रहे हैं नया जरिया
रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकी संगठन अब फिनटेक सेवाओं, क्रिप्टोकरेंसी, सैटेलाइट फोन, डार्कनेट, और फर्जी ऐप्स का इस्तेमाल करके धनशोधन कर रहे हैं। ये लेन-देन पारंपरिक तरीकों के मुकाबले ज्यादा गोपनीय हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।
धनशोधन का नया ट्रेंड
आतंकी ई-मार्केटप्लेस पर सस्ते उत्पाद बेचते हैं, वही उत्पाद आतंकी नेटवर्क का सदस्य ऊंचे दाम पर खरीदता है भुगतान सीधे आतंकी को होता है,और उत्पाद को आतंकी गतिविधि में इस्तेमाल किया जाता है यह पूरा ट्रांजेक्शन "खरीद-बिक्री" जैसा लगता है, जिससे यह एजेंसियों की नजर से बच जाता है।
राज्य प्रायोजित आतंकवाद पर पहली बार जिक्र
FATF ने पहली बार रिपोर्ट में 'राज्य प्रायोजित आतंकवाद' का स्पष्ट उल्लेख किया है। रिपोर्ट में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठनों को वैश्विक खतरा बताया गया है। रिपोर्ट कहती है कि कुछ सरकारें आतंकी संगठनों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक समर्थन देती रही हैं।
भारत की कूटनीतिक सफलता
FATF की इस रिपोर्ट में भारत के पक्ष को मजबूती से सामने रखा गया है। यह भारत की राज्य प्रायोजित आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने की कोशिशों का परिणाम माना जा रहा है।
हरियाणा : ज़हरीला खाना देकर की गई निर्मम हत्या, जानवर प्रेमियों में रोष
9 Jul, 2025 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत। सनौली थाना क्षेत्र के तमसाबाद गांव में कुत्तों को जहर देकर मारने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। गांव के सरपंच की शिकायत पर सनौली थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। साथ ही, पशु चिकित्सकों ने मृत कुत्तों के शवों का पोस्टमार्टम भी कराया है।
तमसाबाद गांव के ग्रामीण श्रवण और पूर्व सरपंच कृष्ण कुमार ने बताया कि गांव के ही एक व्यक्ति, रविंद्र ने कथित तौर पर चावल में जहरीला पदार्थ मिलाकर कुत्तों को खिला दिया। इसके परिणामस्वरूप मंगलवार को एक के बाद एक 10 कुत्तों की मौत हो गई। कुत्तों की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बुधवार को ग्रामीणों की शिकायत पर सनौली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रविंद्र के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। सनौली थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मृत कुत्तों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
“ट्रम्प की चेतावनी: ‘रूस जंग रोकना नहीं चाहता, इसलिए यूक्रेन को मिलेंगे नए DEFENSIVE सिस्टम’”
9 Jul, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। रूस और यूक्रेन जंग रुकने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। दोनों देशों के बीच सीजफायर पर सहमति न बनने के बाद अब ट्रंप ने बड़ा एलान कर दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका जल्द ही यूक्रेन को हथियार भेजेगा। मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि सभी को अपनी रक्षा करने का अधिकार है, इसलिए अमेरिका यूक्रेन को हथियार देगा।
मीडिया रिपोरट में ट्रंप के मुताबिक हम यूक्रेन को हथियार भेजने की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें भी अपनी सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है। उनपर काफी ज्यादा हमले को रहे हैं। वहां बहुत सारे लोग मर रहे हैं। बता दें ट्रंप ने 3 जुलाई को रूस के राष्ट्रपति पुतिन से फोन पर बात की थी। दोनों की बातचीत करीब एक घंटे तक चली। ट्रंप ने पुतिन को सीजफायर के लिए मनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन पुतिन ने शर्त रख दी कि अगर यूक्रेन नाटो में शामिल होगा तभी सीजफायर होगा।
रूस और यूक्रेन के युद्ध ने भयानक मोड़ ले लिया है। 3 जुलाई को रूसी हमले में यूक्रेन के एक बड़े जनरल मारे गए थे। इसके बाद 3-4 जुलाई की रात को रूस ने यूक्रेन पर 539 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी।
“डिनर में चेतावनी से भरा पल: ट्रंप बोले—ममदानी को ‘ठीक’ करना ही होगा, अन्यथा…”
9 Jul, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर उम्मीदवार जोहरान ममदानी पर फिर से निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वे एक सोशलिस्ट नहीं बल्कि कम्युनिस्ट हैं। पहले वह डेमोक्रेट नेताओं को सोशलिस्ट कहते थे, लेकिन अब कम्युनिस्ट ही कह रहे हैं। अमेरिका में कम्युनिस्ट विचारधारा के लोगों को बहुत सकारात्मक तरीके से नहीं देखा जाता। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ डिनर के दौरान ट्रंप ने तीखे शब्दों में ममदानी को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ममदानी को अपने व्यवहार में सुधार लाना होगा वरना बड़ी परेशानियों में घिर सकते है।
ट्रंप ने कहा, ममदानी सोशलिस्ट नहीं है बल्कि एक कम्युनिस्ट है। ममदानी ने यहूदी लोगों के बारे में बहुत सी गलत बातें कही हैं। मुझे लगता है कि अभी उसका हनीमून चल रहा है। इसके आगे ट्रंप ने कहा कि ऐसा हमेशा नहीं चल सकता। उन्हें अपने व्यवहार में सुधार करना होगा या फिर वह कुछ बड़ी परेशानियों में घिर सकते हैं। ऐसा पहली बार नहीं है, जब ट्रंप ने ममदानी पर हमला बोला है। वे पहले भी कह चुके हैं कि ममदानी को अपने रुख में सुधार लाना होगा। इस बार नेतन्याहू के साथ बैठकर एक मेयर कैंडिडेट पर इस तरह निजी हमला करना और महत्वपूर्ण है।
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि यदि ममदानी मेयर बने और अपने रवैये में सुधार नहीं किया, तब फिर न्यूयॉर्क सिटी के फंड में कटौती होगी। न्यूयॉर्क में नवंबर में मेयर का चुनाव होना है। यही नहीं ट्रंप ने इतना तक कहा था कि ममदानी के पास शायद अमेरिका की नागरिकता भी नहीं है। मैं देखूंगा कि अमेरिका में वह कानूनी रूप से हैं या फिर अवैध तौर पर यहां रह रहे हैं। ट्रंप ने कहा, इसतरह के काफी लोग हैं, जो कहते हैं कि वह अवैध रूप से यहां हैं। हम हर चीज देख रहे हैं। उन्हें खुद को कम्युनिस्ट पहचान से अलग होना होगा, लेकिन फिलहाल वह एक कम्युनिस्ट हैं।
बता दें कि 1 जुलाई को जोहरान ममदानी ने मेयर चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में जीत हासिल की है। अब उनका मुकाबला एरिक एडम्स से होगा। नवंबर में न्यूयॉर्क सिटी का चुनाव होगा और जोहरान ममदानी पहले ऐसे मुस्लिम नेता हैं, जो मेयर चुनाव में उतरे हैं।
“ईरान सरकार ने माना: 12 दिन में 1,060 लोग मारे गए – सबसे बड़ी हिंसा कब तक जारी रहेगी?”
9 Jul, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान । ईरान सरकार ने इजरायल के साथ 12 दिवसीय युद्ध में मरने वालों की संख्या जारी की है, जिसके अनुसार करीब 1,060 लोग मारे गए हैं, और यह संख्या 1,100 तक पहुंचने की आशंका है। फाउंडेशन ऑफ मार्टर एंड वेटरंस अफेयर्स के प्रमुख सईद ओहादी ने बताया कि गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। ईरान ने शुरुआत में युद्ध के प्रभावों को कम करके आंका था, लेकिन युद्धविराम लागू होने के बाद वह धीरे-धीरे विनाश की असली कहानी सामने आ रही है। इतना ही नहीं ईरान ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को तबाह होने की बात स्वीकार की है। हालांकि, ईरान ने अभी तक अपनी सेना को हुए नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। वाशिंगटन स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समूह के अनुसार, कुल 1,190 लोग मारे गए, जिसमें 436 नागरिक और 435 सुरक्षाबलों के सदस्य शामिल हैं, जबकि 4,475 लोग घायल हुए हैं। यह संघर्ष 13 जून को शुरू हुआ था, जब इजरायल ने ईरान पर हमला किया था, जिसमें ईरान के परमाणु ठिकाने, बैलिस्टिक मिसाइल स्थल, शीर्ष जनरलों के आवास और दो दर्जन से अधिक परमाणु वैज्ञानिक निशाना बने थे। बाद में अमेरिका भी इस संघर्ष में शामिल हो गया और उसने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर 30,000 पाउंड के बंकर बस्टर बम गिराए। 12 दिनों के संघर्ष के बाद इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम हो गया।
“साजिश या हादसा? रूस के पूर्व परिवहन मंत्री रोमन स्टारोवोइट की संदिग्ध मौत से हड़कंप”
9 Jul, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रूस के पूर्व परिवहन मंत्री रोमन स्टारोवोइट राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा पद से बर्खास्त करने के कुछ ही घंटों बाद वे मृत पाए गए। उनका शव मॉस्को में उनकी टेस्ला कार के पास गोली लगने के घावों के साथ मिला। रूसी जांच समिति ने पुष्टि की है कि स्टारोवोइट का शव उनकी कार के बाहर, कथित तौर पर उनके घर के पास एक पार्क में झाड़ियों में मिला। घटनास्थल पर उनके नाम से पंजीकृत एक पिस्तौल भी मिली। जांच समिति उनकी मौत की सटीक परिस्थितियों का पता लगा रही है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार स्टारोवोइट ने बर्खास्तगी की घोषणा के बाद खुद को गोली मार ली। पुतिन के आदेश में स्टारोवोइट को बर्खास्त करने का कोई कारण नहीं बताया गया, जिन्हें मई 2024 में परिवहन मंत्री नियुक्त किया गया था। वह इससे पहले 5 वर्षों तक कुर्क के गवर्नर रहे थे। यह घटनाक्रम सप्ताहांत के दौरान रूस की हवाई यातायात प्रणाली में आई अव्यवस्था और यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बाद सामने आया है।
5 और 6 जुलाई को यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण मॉस्को के शेरेमेत्येवो और सेंट पीटर्सबर्ग के पुल्कोवो एयरपोर्ट पर 300 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। उस्त-लुगा बंदरगाह पर एक टैंकर में विस्फोट से अमोनिया रिसाव भी हुआ था, जिस पर मंत्रालय की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। स्टारोवोइट का नाम कुर्क के गवर्नर रहते हुए भ्रष्टाचार के मामलों से भी जुड़ा था। अगस्त 2024 में यूक्रेनी सेना की कुर्क में घुसपैठ के लिए भी उनकी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान कुर्क के तत्कालीन गवर्नर एलेक्सी स्मिरनोव को 95 करोड़ रुपये की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
ट्रंप ने बांग्लादेश, म्यांमार समेत 14 देशों पर फोड़ा टैरिफ बम
8 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ाने वाले नए कदम में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बांग्लादेश और म्यांमार सहित 14 देशों पर नए टैरिफ की घोषणा की है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब व्हाइट हाउस द्वारा शुरू किए गए कुछ सबसे आक्रामक आयात करों पर 90-दिवसीय रोक इस सप्ताह समाप्त होने वाली थी। ट्रंप ने जिन 14 देशों के नेताओं को औपचारिक पत्र भेजे हैं उनमें सहयोगी और छोटे देश भी शामिल हैं। यह पत्र इस साल एक अगस्त को लागू होने वाले टैरिफ के बारे में हैं जो ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों को दर्शाता है।
पत्र में ट्रंप ने जापान और दक्षिण कोरिया से आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की अपनी धमकी दोहराई और एक अगस्त से शुरू होने वाले संभावित शुल्कों के बारे में अन्य विश्व नेताओं को सूचित किया। उच्च टैरिफ शुरू में 9 जुलाई से प्रभावी होने वाले थे लेकिन अधिकारियों द्वारा नए व्यापार सौदों पर बातचीत करने की मांग के कारण इसे निलंबित कर दिया गया था। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म’ पर जापान और दक्षिण कोरिया को लिखे पत्र में कहा, “यदि किसी कारण से आप अपने टैरिफ बढ़ाने का फैसला करते हैं, तो आप उन्हें जिस भी संख्या में बढ़ाना चाहते हैं, वह हमारे द्वारा लगाए जाने वाले 25 प्रतिशत में जोड़ दिया जाएगा।”
नेपाल-चीन बॉर्डर पर भोटेकोशी नदी में बाढ़
8 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। नेपाल-चीन बॉर्डर पर भोटेकोशी नदी में मंगलवार सुबह करीब 3 बजे अचानक बाढ़ आ गई। इसमें 18 लोग लापता हैं, जिसमें 12 नेपाली और 6 चीनी नागरिक हैं। 12 नेपालियों में 3 पुलिसकर्मी, 9 नागरिक हैं।
सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है। घटना चीनी सीमा पर नेपाल के रसुवा जिले में रसुवागढ़ी बॉर्डर पॉइंट की है। बाढ़ में नेपाल को चीन से जोडऩे वाला मेन पुल मिटेरी ब्रिज ढह गया। मिटेरी ब्रिज से चीन-नेपाल के बीच रोजाना लाखों रुपए का व्यापार होता था। रसुवा में कस्टम्स ऑफिस का यार्ड भी क्षतिग्रस्त हो गया। कस्टम यार्ड में खड़े कई कार्गो कंटेनर भी बह गए। सभी कंटेनर सामान से भरे हुए थे। कस्टम यार्ड के अंदर फंसे कुछ लोगों को बचा लिया गया है, लेकिन सभी तरफ बाढ़ के पानी के कारण चल रहे ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है।
हिसार: DJ विवाद में 16 वर्षीय गणेश की मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
8 Jul, 2025 06:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार (हरियाणा): सोमवार रात को हिसार के एक मोहल्ले में आयोजित बर्थडे पार्टी में DJ बजाने को लेकर युवकों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हो गया। मामला उस समय बिगड़ गया जब पुलिस द्वारा डीजे बंद करवाने की कोशिश की गई और इसके विरोध में कुछ युवक छत पर चढ़ गए। पुलिस के अनुसार, पथराव भी हुआ जिसमें चौकी इंचार्ज समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के दौरान दो युवक छत से नीचे कूदे, जिसमें 16 वर्षीय गणेश नामक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वह कक्षा 10वीं का छात्र था। दूसरा युवक आकाश गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप:
गणेश के परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने घर में घुसते ही गणेश के साथ मारपीट की और छत से धक्का दे दिया। आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं और लड़कियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया और घर में लगे CCTV की DVR भी ले गई।
पुलिस का पक्ष:
पुलिस चौकी इंचार्ज विनोद के मुताबिक, बर्थडे पार्टी के दौरान शुभम नामक युवक द्वारा तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था। जब पुलिस टीम इसे रोकने पहुंची तो युवकों ने तेजधार हथियारों से हमला कर पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया। छुड़ाने की कोशिश में दो युवक छत पर चढ़े और पथराव करने लगे। पुलिस जब उन्हें पकड़ने गई तो दोनों नीचे कूद पड़े।
तनाव का माहौल:
गणेश की मौत की खबर मिलते ही परिवार और आसपास के लोगों ने सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी के सामने धरना दिया और DC-SP के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस जांच में जुटी:
DSP लॉ एंड ऑर्डर सुनील कुमार ने बताया कि इस घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और कुछ लोगों को नामजद किया गया है। गणेश की मौत के कारणों की जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। स्थिति गंभीर बनी हुई है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
फतेहाबाद साइबर थाना पुलिस की छापेमारी, करोड़ों की ठगी का खुला राज
8 Jul, 2025 06:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद : हरियाणा पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साइबर थाना फतेहाबाद की टीम ने इस गिरोह के चार आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। ये आरोपी हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में सक्रिय थे।
आरोपियों की पहचान और बरामद सामान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साहिल, मानव, बालकिशन और यश कुमार के रूप में हुई है। उनके कब्जे से पुलिस ने भारी मात्रा में ठगी में प्रयुक्त सामग्री बरामद की है, जिसमें शामिल हैं: 168 एटीएम कार्ड , 68 सिम कार्ड ,50 चेकबुक ,46 पासबुक , 15 मोबाइल फोन ,एक लैपटॉप ,13 फर्जी मोहरें और 2 बिल बुक्स है,
शिकायत से खुला मामला
फतेहाबाद के सुभाष नगर निवासी अध्यापक राजीव कुमार ने साइबर थाना में शिकायत दी थी कि उन्हें व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश का झांसा दिया गया। राजीव ने ऑनलाइन के जरिए 10,000 रुपये दो किश्तों में ट्रांसफर किए, लेकिन न तो लाभ मिला, न ही पैसे वापस हुए।
तकनीकी जांच से गिरफ्तारी
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और बैंक लेन-देन के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया। गिरोह सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप्स और फर्जी वेबसाइट्स के जरिये लोगों को आकर्षक रिटर्न का लालच देकर ठगता था।
बड़े बैंक लेन-देन का खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपी बालकिशन के बैंक खाते में केवल तीन दिनों में 40 लाख रुपये जमा हुए थे। अन्य आरोपियों के खातों की भी गहन जांच की जा रही है।
कोर्ट में पेशी और रिमांड
चारों आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि नेटवर्क में शामिल अन्य सदस्यों और ठगी के पूरे जाल का खुलासा किया जा सके। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि जांच आगे बढ़ रही है और इसमें और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
बांग्लादेश चुनाव से पहले सत्ता विरोधी लहर, यूनुस की राह मुश्किल
8 Jul, 2025 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश में राजनीतिक पारा बढ़ता जा रहा है. देश में जल्द ही आम चुनाव होने वाले और इसको लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारी में जुट गई हैं. 16 साल बाद शेख हसीना के बिना हो रहे इस चुनाव में बांग्लादेश की सत्ता किसकी हाथों में जाएगी, ये सवाल सभी पूछ रहे हैं. देश के अखबारों इस पर सर्वे भी करने लगे हैं. ऐसे ही किए गए एक सर्वे ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की चिंता बढ़ा दी है.
सर्वे में खालिदा जिया की पार्टी BNP को सबसे ज्यादा वोट मिलते दिखाई दिए हैं, जबकि यूनुस के करीबी आंदोलनकारियों की ओर से बनाई गई पार्टी NCP को तीसरे नंबर दिया गया है. SANEM अखबार ने ये सर्वे देश की युवा आबादी पर किया है, जिसमें BNP को 39, जमात को 22 NCP को 16 फीसद वोट ही मिलते दिखाई दिए हैं.
इसके अलावा अन्य धार्मिक दलों को 4.59 फीसद वोट मिले हैं, जातीय पार्टी को 3.77 फीसद तथा अन्य दलों को 0.57 फीसद वोट प्राप्त होने का अनुमान लगाया गया है. साथ ही 51 फीसद लोगों ने ये भी माना कि अंतरिम सरकार देश में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सक्षम है. इसके बावजूद उन्होंने सरकार के लिए NCP को पहले पसंद नहीं रखा है.
अंतरिम सरकार से कितने संतुष्ट नागरिक
सर्वे में 50 फीसद युवा देश की आर्थिक स्थिरता से संतुष्ट हैं, जबकि 35 फीसद युवा देश की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंतित. 94 फीसद युवा इस बात को लेकर आशावादी हैं कि आगामी चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे. हालांकि, युवा लोग राजनीतिक बदलाव की संभावनाओं को लेकर निराश हैं.
यूनिस की प्लानिंग हो सकती है फैल
मोहम्मद यूनुस ने देश की सत्ता संभालते समय देश में 6 महीने में चुनाव कराने की बात कही थी. सरकार बदले एक साल होने जा रहा है, लेकिन देश में उन्होंने चुनाव नहीं कराए है. चुनाव कराने को लेकर बढ़ रहे दबाव के चलते यूनुस ने चुनाव कराना का फैसला तो किया, लेकिन उसके करीबियों ने अपनी राजनीतिक पार्टी और लांच कर दी.
पिछले साल छात्र आंदोलनों का चेहरा रहे यूनुस के करीबी नाहिद इस्लाम ने NCP पार्टी का गठन किया है और देश में होने वाले चुनाव में उतर रहे हैं. जिसके बाद माना जा रहा था कि अगर NCP जीत जाती है, तो देश की सत्ता मौजूदा अंतरिम सरकार पर ही रहेगी, लेकिन सर्वे में NCP को युवाओं ने पसंद नहीं किया है.
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