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नारनौल: रेलवे ने बढ़ाई सुरक्षा, तत्काल बुकिंग में जरूरी हुआ आधार OTP
16 Jul, 2025 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। रेलवे ने यात्रियों को तत्काल टिकट निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सुलभ कराने और उनके हितों की रक्षा के लिए टिकट बुकिंग प्रणाली में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि योजना का लाभ वास्तविक उपयोगकर्ताओं को मिल रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार 15 जुलाई से रेलवे के ऑनलाइन तत्काल बुकिंग के लिए आधार ओटीपी सत्यापन अनिवार्य हो गया है। यात्री मोबाइल ओटीपी की सत्यापन के बिना तत्काल टिकट हासिल नहीं कर पाएंगे। नई व्यवस्था के तहत रेलवे की तत्काल टिकटें आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप या भारतीय रेलवे के पीआरएस काउंटर अथवा अधिकृत एजेंटों के माध्यम से बुकिंग के लिए तभी उपलब्ध होगी। जब रेलवे आरक्षण सिस्टम द्वारा जेनरेटेड ओटीपी का प्रमाणीकरण होगा जो बुकिंग के समय उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर सिस्टम के माध्यम से भेजा जाएगा। तत्काल आरक्षण टिकट लेने वालों को अब आधार नंबर से जुड़े सिम वाला मोबाइल टिकट बुकिंग के दौरान अपने साथ रखना होगा। साथ ही रेल आरक्षण की शुरुआती समय में बल्क (एक साथ बहुत सारे) बुकिंग रोकने के लिए भारतीय रेलवे के अधिकृत टिकटिंग एजेंट को बुकिंग विंडो के पहले 30 मिनट के दौरान तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वातानुकूलित श्रेणियों में यह प्रतिबंध सुबह 10 से 10:30 बजे तक और गैर-वातानुकूलित श्रेणियां के लिए सुबह 11:00 से 11:30 बजे तक लागू होगा। सभी यात्री इन परिवर्तनों को ध्यान रखें तथा असुविधा से बचने के लिए अपने प्रोफाइल आधार नंबर के साथ जोड़ना सुनिश्चित करें।
पुतिन से झल्लाए ट्रंप का जेलेंस्की को ऑफर!
16 Jul, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से एक निजी फोन कॉल के दौरान मॉस्को पर हमला करने की बात कही। उन्होंने कथित तौर पर यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से पूछा कि अगर अमेरिका उन्हें लंबी दूरी के हथियार मुहैया कराए तो क्या वो रूस की राजधानी मास्को पर हमला कर सकते हैं। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत 4 जुलाई को हुई थी। ट्रंप की यह बातचीत रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के उनके वादे से बिल्कुल अलग है जिसमें वो युद्ध को और अधिक भडक़ाने की बात कर रहे हैं।
जेलेंस्की से बातचीत से ठीक एक दिन पहले ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की थी। कथित तौर पर पुतिन से ट्रंप की बातचीत सफल नहीं रही थी जिसके बाद ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति के साथ बातचीत को खराब बताया था।
रूस-यूक्रेन जंग में सीजफायर अब दूर की कौड़ी
ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता कराने का वादा कर सत्ता में आए थे और उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति बनने के 24 घंटे के अंदर वो युद्ध रुकवा देंगे लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है। ट्रंप चाहते हैं कि जल्द से जल्द रूस-यूक्रेन युद्ध रुक जाए और इसी बीच नोबेल पुरस्कार के लिए उनका नॉमिनेशन भी हुआ है। लेकिन पुतिन ट्रंप के कहे अनुसार, जल्दबाजी में उनकी शर्तों पर युद्धविराम के लिए तैयार नहीं हैं जिससे ट्रंप पुतिन पर आए दिन नाराजगी जता रह हैं। पुतिन से बात करने के अगले ही दिन 4 जुलाई को ट्रंप ने जेलेंस्की को फोन मिलाया और पूछा कि अगर वो हथियार मुहैया कराएं, तो क्या जेलेंस्की रूस के अंदरूनी इलाकों, राजधानी मास्को में सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकते हैं।
क्या रूस पर हमला कर सकते हैं?
ट्रंप ने कथित तौर पर पूछा कि वोलोदिमीर, क्या आप मॉस्को पर हमला कर सकते हैं?... क्या आप सेंट पीटर्सबर्ग पर भी हमला कर सकते हैं? इस पर जेलेंस्की ने जवाब दिया कि बिल्कुल। अगर आप हमें हथियार दें, तो हम कर सकते हैं, सूत्रों ने कहा कि, ट्रंप उन्हें (रूसियों को) दर्द महसूस कराना चाहते हैं और रूस को बातचीत की टेबल पर आने के लिए मजबूर करना चाहते हैं। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि अमेरिका यूक्रेन के लंबी दूरी के हथियार देगा या नहीं जिससे मास्को पर हमला किया जा सके। इस कॉल के बाद पिछले हफ्ते रोम में एक बैठक हुई, जहां अमेरिकी अधिकारियों ने जेलेंस्की के साथ संभावित लंबी दूरी की हथियार प्रणालियों की एक लिस्ट शेयर की। अमेरिका ने फिलहाल प्रत्यक्ष विदेशी सहायता पर रोक लगा रखा है और माना जा रहा है यूक्रेन को हथियारों का यह हस्तांतरण कथित तौर पर यूरोपीय सहयोगियों के जरिए किया जाएगा।
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल करने भारतीय टीम फिर से वाशिंगटन पहुंची...
16 Jul, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन/नई दिल्ली । इस समय विश्व में ट्रेड वार छिड़ा हुआ है। अमेरिका दूसरे देशों पर मनमाना टैरिफ लगा रहा है। इस बीच भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील होनी है। अमेरिका में खाद्यान्न का भारी भंडार भरा है। इसके लिए अमेरिका की प्राथमिकता बाजार खोजना है। अमेरिका चाहता है की भारत अपना बाजार खोले। लेकिन तीन कानूनों को लेकर जिस तरह किसानों ने विरोध जताया है उस कारण सरकार पर भी दबाव है। अगर भारत ने बाजार खोला तो करीब एक लाख करोड़ का नुकसान होगा, वहीं किसानों की आर्थिक स्थित खराब होगी। ऐसे में समझौता बड़ी समस्या बन गया है।
उधर, भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील में बातचीत तेज होने की बात कही जा रही है, भारतीय टीम फिर से वाशिंगटन पहुंच गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रंप की टैरिफ लागू करने की डेडलाइन 1 अगस्त 2025 से पहले बड़ा ऐलान हो सकता है। इस बीच बता दें कि अमेरिका के साथ डील एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर से जुड़े मुद्दों को लेकर अटकी हुई है, जिन्हें यूएस प्रोडक्ट्स के लिए खोलने की डिमांड अमेरिका कर रहा है। भारत का रुख इस मामले में अडिग बना हुआ है और सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि किसी भी दबाव में किसानों के हितों के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। भारत का ये रुख ऐसे ही नहीं है, इसके पीछे बड़ा कारण है। एसबीआई रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ डेयरी सेक्टर अमेरिका के लिए खोलना देश के 8 करोड़ किसानों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
डेयरी किसानों को ऐसे हो सकता है नुकसान
भारतीय स्टेट बैंक की रिपोर्ट में आंकड़ों के साथ डेयरी सेक्टर को अमेरिका के लिए खोलने के किसानों पर विपरीत प्रभाव के बारे में बताया गया है। इसमें कहा गया है कि भारत के डेयरी क्षेत्र को यूएस प्रोडक्ट्स के लिए खोलने से भारतीय डेयरी किसानों को सीधे 1.03 लाख करोड़ रुपये की सालाना चपत लग सकती है। एसबीआई की ओर से कहा गया कि भारत में डेयरी सेक्टर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अहम रोल निभाता है। यह राष्ट्रीय सकल मूल्य संवर्धन में करीब 2.5-3 फीसदी का हिस्सेदार है, जो लगभग 7.5-9 लाख करोड़ रुपये है। एसबीआई के मुताबिक, भारत में ये सेक्टर तकरीबन 8 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देता है। ऐसे में अगर भारत अपने डेयरी सेक्टर को अमेरिकी डेयरी प्रोडक्ट्स के लिए खोलता है, तो इसका सीधा असर घरेलू दूध की कीमतों पर दिखाई देगा और इसका भाव 15 से 20 फीसदी तक कम हो सकता है। अब मान लीजिए कि दूध का मूल्य 15 प्रतिशत गिरता है, तो इससे 1.8 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू लॉस होगा। सप्लाई चेन में बदलाव का असर इस रेवेन्यू में किसानों की लगभग 60 फीसदी पर पड़ेगा और कैलकुलेशन के मुताबिक, उनका सालाना नुकसान 1.03 लाख करोड़ रुपये के आस-पास होगा।
किसानों का आजीविका पर सीधा असर
एएनआई पर छपी एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि डेयरी सेक्टर को खोलने से अमेरिका के साथ व्यापक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग तो हो सकता है, लेकिन इसके भारतीय किसानों पर होने वाले नकारात्मक प्रभाव को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। क्योंकि अमेरिका के लिए भारतीय बाजार खोले जाने और वहां के डेयरी प्रोडक्ट्स को भारी सब्सिडी देने से भारत के डेयरी सेक्टर पर आश्रित छोटे किसानों की आजीविका पर सीधा प्रभाव पड़ेगा और इससे भारत का दूध आयात करीब 2.5 करोड़ टन सालाना बढ़ सकता है। इसलिए ये सबसा बड़ा मुद्दा बन गया है, जिसे लेकर इंडिया-यूएस ट्रेड डील में पेंच फंसा हुआ है।
सरकार यहां समझौते के मूड में नहीं
इससे पहले ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव ने बीते दिनों जारी एक रिपोर्ट में कहा था कि डेयरी, पोल्ट्री, जीएम सोया और चावल जैसे तगड़ी सब्सिडी वाले अमेरिकी निर्यात से भारत की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है और खाद्य सुरक्षा में कमजोरी देखने को मिल सकती है। किसानों को होने वाला संभावित नुकसान ही सबसे बड़ी वजह है कि भारत इस मुद्दे पर कोई रिस्क लेना नहीं चाहता। पहले ही भारत सरकार की ओर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कह दिया है कि स्नञ्ज्र भारत और अमेरिका दोनों के लिए फायदे का सौदा होना चाहिए, तो कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो टूक कहा था कि ट्रेड डील पर कोई फैसला दबाव में नहीं होगी, बल्कि ये भारतीय किसानों के हितों को ध्यान में रखकर फाइनल होगी।
न्यूयॉर्क में भारी बारिश से बाढ़
16 Jul, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयॉर्क। न्यूयॉर्क शहर में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। सडक़ों, मेट्रो स्टेशन और गैस स्टेशनों पर पानी भर गया। जिसके बाद न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में मेट्रो सेवा रोक दी गई। कई इलाकों में 7 इंच तक बारिश हुई। बाढ़ के कारण कुछ फ्लाइट भी रद्द कर दी गई, जिससे लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। राष्ट्रीय मौसम एजेंसी ने न्यूयॉर्क शहर के पांच इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। न्यूयॉर्क का 16 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ से प्रभावित है। न्यू जर्सी के गवर्नर फिल मर्फी ने मंगलवार को इमरजेंसी की घोषणा की। रेस्क्यू टीमों को मदद के लिए तैनात किया गया है। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
ग्लोबल एजुकेशन सिनेरियो में सियोल ने लंदन को पछाड़कर नंबर वन
16 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। दुनिया में पढ़ाई के बेस्ट शहरों की साल 2026 की क्यूएस रैंकिंग में नंबर वन की पोजिशन पर कायम लंदन को सियोल ने पछाड़ दिया है। लंदन पिछले छह साल से टॉप पर बना हुआ था। लेकिन इस साल यह तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। इस साल की लिस्ट में दक्षिण कोरिया का सियोल शहर पहले नंबर पर पहुंच गया है। दूसरे पायदान पर जापान का टोक्यो शहर है।
साल 2026 की क्यूएस रैंकिंग की इस ताजा रैंकिंग में भारत के चार शहरों ने टॉप 130 में जगह बनाई है। ये शहर हैं- दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू और चेन्नई। राजधानी दिल्ली को पढ़ाई के लिहाज से दुनिया का सबसे किफायती शहर चुना गया है।
इस साल की रैंकिंग ग्लोबल एजुकेशन सिनेरियो में बड़े बदलाव का संकेत है जिसमें सियोल ने लंदन को पछाड़कर नंबर वन शहर का खिताब अपने नाम कर लिया है। इसे उच्च शिक्षा के लिहाज से दुनिया का सर्वश्रेष्ठ छात्र शहर नामित किया गया है।
शी जिनपिंग से मिले जयशंकर, दिया पीएम मोदी का मैसेज
15 Jul, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। विदेश मंत्री एस जयशंकर भारत और चीन के बीच जमी हुई बर्फ थोड़ी पिघलती नजर आ रही है। पहले उन्होंने बीजिंग में अपने काउंटरपार्ट से मुलाकात की और अब उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की है। विदेश मंत्री ने इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी है और बताया है कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की शुभकामनाएं उन्होंने शी जिनपिंग को दी है। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों में हो रही प्रगति से जुड़ी हुई जानकारी भी शी जिनपिंग को दी और इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन के बीच संबंधों को दिशा देने में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
बता दें कि इस बैठक में एससीओ के 10 सदस्य देश शामिल हो रहे हैं। इस संगठन के सदस्यों में – भारत, चीन, रूस, ईरान, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं। इन सभी देशों के विदेश मंत्री इसमें हिस्सा ले रहे हैं। वे यहां क्षेत्रीय सुरक्षा, संगठन का भविष्य और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह बैठक भारत-चीन संबंधों के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की कोशिशें जारी हैं।
ट्रंप ने मेक्सिको के टमाटरों पर लगाया 17 फीसदी टैरिफ
15 Jul, 2025 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन अमेरिका ने मेक्सिको से आयात होने वाले टमाटरों पर 17.09 फीसदी का एंटी-डंपिंग शुल्क लगा दिया है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने ऐलान किया है कि मेक्सिको की ओर से कथित अनुचित व्यापार के चलते यह कदम उठाया गया है। यह फैसला 2019 के उस समझौते को खत्म करने के बाद आया। इस समझौते की वजह से ऐसे शुल्कों पर रोक थी। मेक्सिको अमेरिका में ताजा टमाटरों का सबसे बड़ा सप्लायर है और इस नए शुल्क से दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है।
अमेरिकी वाणिज्य सचिव ने कहा कि मेक्सिको हमारा बड़ा दोस्त है, लेकिन हमारे किसान अनुचित व्यापार की मार लंबे समय से झेल रहे हैं। टमाटरों की कीमतों को कम करके हमारे बाजार को नुकसान पहुंचाया गया। अब यह सिलसिला बंद होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की व्यापार नीतियों के मुताबिक है।
अमेरिका ने इस साल अप्रैल में टमाटर समझौते से पीछे हटने का ऐलान किया था, ताकि उनके अपने टमाटर उत्पादकों को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का मौका मिले। जानकारों का कहना है कि इस शुल्क से टमाटरों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका बोझ आम अमेरिकी उपभोक्ता को उठाना पड़ सकता है।
दूसरी ओर मेक्सिको सरकार ने इस शुल्क को अनुचित बताया है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने सोमवार को कहा था कि हम अपने टमाटर उत्पादकों के साथ मिलकर इस शुल्क का असर कम करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने कोई ठोस योजना का जिक्र नहीं किया। मेक्सिको के अर्थव्यवस्था और कृषि मंत्रालयों ने एक साझा बयान में कहा कि यह शुल्क न सिर्फ मेक्सिको के उत्पादकों, बल्कि अमेरिकी उद्योग के लिए भी नुकसानदेह है। मेक्सिको के 80 फीसदी निर्यात अमेरिका को जाते हैं, जिससे वह अमेरिकी शुल्कों के प्रति संवेदनशील है। बयान में कहा गया है कि यह कदम दोनों देशों के हितों के खिलाफ है। बता दें बीते सप्ताह ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर व्यापारिक रिश्तों पर दोबारा बातचीत नहीं हुई, तो 1 अगस्त से यह शुल्क 30 फीसदी तक बढ़ सकता है।
हरियाणा: दोस्त की बेटी की आबरू लूटी, अब 4 साल काटेगा जेल की सलाखों के पीछे
15 Jul, 2025 06:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट बलात्कार व पोक्सो एक्ट केस) की अदालत ने नाबालिग से यौन शोषण करने के दोष में थाना केयूके क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले दोषी मोहम्मद हसन को चार साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
साल 2022 का है मामला
जिला न्यायवादी मेनपाल ने बताया कि 19 दिसंबर 2022 को दोषी के गांव की एक महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह कुछ दिन के लिए अपने मायके गई हुई थी। इसी बीच 18 दिसंबर को उनकी 13 साल की नाबालिग बेटी का शाम को फोन आया और रोते हुए बताया कि जब वह शाम के समय घर पर खाना बना रही थी। इसी बीच उनके पिता का दोस्त घर आया और उसके साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद परिजनों ने शिकायत थाना केयूके में दी, जहां विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया था। मामले का चालान अदालत में पेश कर दिया गया था।
सोमवार को मामले की नियमित सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मोहम्मद को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 354, आईपीसी की धारा 452, पोक्सो एक्ट की धारा आठ के तहत के तहत चार-चार साल की कठोर कारावास व तीनों धाराओं के तहत कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जुर्माना न भरने की सूरत में छह माह की अतिरिक्त कठोर सजा सुनाई है।
महिला ने बुजुर्ग को बनाया निशाना, वायरल वीडियो की धमकी देकर मांग रही थी पैसे
15 Jul, 2025 05:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जींद। सिविल लाइन थाना पुलिस ने हनीट्रैप के मामले में 50 हजार रुपये रिश्वत लेते एक महिला को गिरफ्तार किया है। बुजुर्ग की अश्लील वीडियो वायरल करने की एवज में महिला ब्लैकमेल कर रही थी। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
गोहाना के महम रोड निवासी 62 वर्षीय एक व्यक्ति ने पुलिस को दी एफआईआर में बताया कि पांच अप्रैल को एक महिला ने उसका अश्लील वीडियो बना लिया था। अब वह इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पैसे ऐंठने का प्रयास कर रही थी। महिला ने उससे अश्लील वीडियो की एवज में एक लाख रुपये की मांग की थी।
इस पर उसका 50 हजार रुपये में समझौता हो गया। उसने महिला को 50 हजार रुपये देने के लिए शहर के गोहाना रोड स्थित एक होटल में बुला लिया। वहीं, उसने मामले को लेकर पुलिस को भी अवगत करवा दिया। पुलिस को शिकायत मिलने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में होटल में छापा मारा और महिला को 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
बुजुर्ग से अश्लील वीडियो वायरल करने की एवज में 50 हजार रुपये मांगे जा रहे थे। इस पर पुलिस ने महिला को काबू कर उसके कब्जे से 50 हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं। आरोपी महिला से पूछताछ की जा रही है। -बलजीत सिंह, प्रभारी, सिविल लाइन थाना जींद
जेलेंस्की ने यूक्रेन का समर्थन और युद्ध खत्म करने के प्रयासों के लिए ट्रंप का माना आभार
15 Jul, 2025 05:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यूक्रेन का समर्थन करने और रूस के साथ युद्ध खत्म करने के प्रयासों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार माना है। जेलेंस्की ने इसे बहुत अच्छी बातचीत बताया और जारी संघर्ष के बीच स्थायी और न्यायपूर्ण शांति हासिल करने में ट्रंप की रुचि का स्वागत किया।
जेलेंस्की ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से बात की है। यूक्रेन का समर्थन करने और हत्याओं को रोकने व एक स्थायी और न्यायपूर्ण शांति स्थापित करने को लेकर मिलकर काम करने की इच्छा के लिए धन्यवाद। ट्रंप ने नाटो महासचिव के साथ अपनी बैठक के बारे में जानकारी साझा की। यह अहम है कि हमारे बीच इतने अच्छे संबंध हैं और गठबंधन देश अपने रक्षा खर्च को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।
जेलेंस्की ने लिखा- हमने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उन जरूरी उपायों और समाधानों पर चर्चा की जिनसे लोगों को रूसी हमलों से बेहतर सुरक्षा मिले और हमारी स्थिति मजबूत हो सके। हम शांति हासिल करने के लिए यथासंभव काम करने को तैयार हैं। हमने भविष्य में फोन पर ज्यादा से ज्यादा बात करने और अपने कदमों का समन्वय करने पर सहमति जताई है। धन्यवाद मिस्टर प्रेसिडेंट! धन्यवाद अमेरिका!
यह टिप्पणी ट्रंप के सोमवार को रूस से तेल, गैस और यूरेनियम आयात करने वाले देशों पर 100 फीसदी का टैरिफ लगाने की धमकी के बाद आई है। ट्रंप ने कहा है कि वह यूक्रेन के साथ युद्ध को खत्म करने में रूस की हठधर्मिता से नाखुश हैं। व्हाइट हाउस में नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ बात करते हुए ट्रंप ने रूस को यूक्रेन के साथ शांति समझौता न करने की स्थिति में दंडात्मक शुल्क लागू करने के लिए 50 दिनों की डेडलाइन दी है। उन्होंने कहा कि हम रूस से नाराज हैं। हम बहुत सख्त टैरिफ लगाने जा रहे हैं। अगर 50 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो करीब 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाएंगे, जिन्हें आप सेकेंडरी टैरिफ कह सकते हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने नाटो महासचिव से भी बातचीत की, जिन्होंने उन्हें वाशिंगटन में ट्रंप के साथ हुई बैठक और यूक्रेन को समर्थन देने के लिए यूरोप और अमेरिका के बीच सहयोग के पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल सिस्टम देने की तत्परता की सराहना करते हैं। अमेरिका, जर्मनी और नॉर्वे पहले से ही इस पर मिलकर काम कर रहे हैं। इसके अलावा हमारे लोगों की जान बचाने और रूसी हमलों को रोकने के लिए अन्य हथियारों की आपूर्ति भी की। शांति और जान बचाने के लिए रूस पर दबाव बढ़ाना जरूरी है। धन्यवाद, मार्क!
गाजा को लेकर नेतन्याहू सरकार के प्लान की पूर्व पीएम एहुद ओल्मर्ट ने आलोचना की
15 Jul, 2025 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेलअवीव। इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने मौजूदा बेंजामिन नेतन्याहू सरकार की गाजा को मानवीय शहर में बदलने की योजना की कड़ी आलोचना कर दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह योजना वास्तव में गाजा को कंसन्ट्रेशन कैंप में बदल देगी और जातीय नरसंहार के समान बताया है। पूर्व पीएम ओल्मर्ट का मानना है कि गाजा में फिलीस्तीनी आबादी को एक सीमित क्षेत्र में केंद्रित करके उनकी जनसांख्यिकीय और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उनके अनुसार, मानवीय शहर के नाम पर बनाए जा रहे ढांचे वास्तव में गाजा की आबादी को नियंत्रित करने और उनकी गतिविधियों को सीमित करने की एक रणनीति का हिस्सा हैं। उनका तर्क है कि इज़रायली सरकार की ये नीतियां और योजनाएं गाजा में पहले से ही गंभीर भुखमरी, दवाओं की कमी और बुनियादी ढांचे की तबाही जैसी समस्याओं को और बढ़ा देंगी, जिससे यह क्षेत्र एक खुले आसमान की जेल बनेगा। यह आलोचना तब आई है जब गाजा में इज़रायल-हमास युद्ध के कारण स्थिति अत्यंत गंभीर है। बता दें कि गाजा में पिछले डेढ़ साल से चल रहे इजरायल-हमास युद्ध ने वहां की स्थिति को अत्यंत गंभीर बना दिया है। 43,000 से अधिक फिलीस्तीनियों की मौत और 90 फीसदी आबादी का बेघर होना इसकी भयावहता को दिखाता है। इजरायल की नाकाबंदी के कारण गाजा को खुले आसमान का जेल कहा जाने लगा है।
अमेरिका ने इजरायल को गाजा में मानवीय सहायता बढ़ाने के लिए 30 दिन का अल्टीमेटम दिया है, ऐसा ना होने पर सैन्य सहायता में कटौती की चेतावनी दी है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय संगठनों ने गाजा में भुखमरी और स्वास्थ्य संकट की चेतावनी दी है।
Haryana CET: परीक्षार्थियों को राहत, 26-27 जुलाई के लिए बस बुकिंग पोर्टल जल्द शुरू
15 Jul, 2025 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) 2025 की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस बार करीब 13 लाख युवाओं ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है, जिससे साफ है कि यह प्रदेश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक बनने जा रही है।
बसों की भारी डिमांड को देखते हुए तैयारी तेज
ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती लाखों परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की है। इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा परिवहन विभाग ने बड़ी पहल की है। विभाग ने घोषणा की है कि सीईटी परीक्षा के लिए विशेष बस सेवाएं चलाई जाएंगी, ताकि परीक्षार्थियों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो।
बस बुकिंग के लिए ऑनलाइन पोर्टल होगा जारी
परिवहन विभाग जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करेगा, जिसके माध्यम से परीक्षार्थी अपनी यात्रा की योजना विभाग को बता सकेंगे। उम्मीदवारों को पोर्टल पर यह जानकारी देनी होगी कि:
वे किस जिले से यात्रा करेंगे
उन्हें किस परीक्षा केंद्र जिले में जाना है
यात्रा की तारीख (26 या 27 जुलाई)
इससे विभाग को यह अनुमान लगाने में मदद मिलेगी कि किस रूट पर कितनी बसों की आवश्यकता होगी। इससे छात्रों को समय पर और सुगम परिवहन मिल सकेगा।
परीक्षा की तिथि
हरियाणा सीईटी परीक्षा का आयोजन 26 और 27 जुलाई 2025 को किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा, यातायात, और केंद्र प्रबंधन की तैयारियां भी जोरों पर हैं।
Ambala: संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में कोच ढूंढते रह गए यात्री, सूचना तंत्र फेल
15 Jul, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला (हरियाणा)। अंबाला में कोच गाइडेंस सिस्टम में गड़बड़ के कारण चंडीगढ़-यशवंतपुर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामला मंगलवार सुबह लगभग चार बजे का है। ट्रेन नंबर 22686 संपर्क क्रांति का संचालन सप्ताह में दो दिन किया जाता है। मंगलवार को भी चंडीगढ़ से ट्रेन तड़के 3:37 बजे रवाना हुई। ट्रेन 4:09 बजे अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई थी।
हालांकि, ट्रेन के आने से पहले रेलवे ने कोच गाइडेंस सिस्टम पर कोच से संबंधित जानकारी अपडेट नहीं की और न ही इसकी उद्धोषणा की गई। ऐसे में यात्रियों को काफी दिक्कत हुई और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मामले में अभी रेलवे के पास शिकायत नहीं पहुंची है।
अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार झा का कहना है कि इस संबंध में अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। फिर भी वो अपने स्तर पर मामले की जांच करवा रहे हैं कि इसमें गलती किसकी है या फिर चंडीगढ़ स्टेशन पर ही ट्रेन के कोच में अदला-बदली की गई है।
'50 दिन के भीतर युद्ध रोको वरना लगेगा 100 फीसदी टैरिफ', ट्रंप की पुतिन को धमकी
15 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगट: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अगर यूक्रेन में युद्ध को 50 दिनों के भीतर समाप्त करने के लिए कोई समझौता नहीं होता है तो वह रूस पर कड़े टैरिफ लगाएंगे. उन्होंने नाटो महासचिव मार्क रूट के साथ ओवल ऑफिस में बैठक के दौरान ये चेतावनी दी.
100 फीसदी टैरिफ लगाने की योजना
ट्रंप ने कहा कि अगर यूक्रेन में रूस का युद्ध समाप्त नहीं होता है, तो वह जल्द ही एकतरफा तौर पर 100फीसदी टैरिफ लगाने की योजना बना रहे हैं. ट्रंप का कहना है कि इसके बाद यूरोपीय सरकारें रूस के खिलाफ अपनी रक्षा में कीव का समर्थन करने के लिए एक नए समझौते के तहत यूक्रेन को हथियार सौंपेंगी.
50 दिनों के भीतर शांति समझौता की चेतावनी
ट्रंप ने सोमवार को रूट के साथ ओवल ऑफिस में कहा कि 50 दिनों के भीतर शांति समझौता नहीं होने पर सभी रूसी निर्यात पर 100फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी के साथ - पुतिन को एक नोटिस के रूप में काम करना चाहिए कि वह युद्ध को समाप्त करने के बारे में गंभीर हैं. ट्रम्प ने विवरण नहीं दिया लेकिन कहा कि हथियारों में पैट्रियट मिसाइल रक्षा बाड़े में शामिल होगी.
यूरोपीय देश यूक्रेन को हथियार देंगे
मार्क रूट ने कहा कि यूरोपीय देश यूक्रेन को हथियार देने के लिए अमेरिका से हथियार खरीदेंगे. इन हथियारों और उपकरणों के कारण रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को शांति वार्ता पर पुनर्विचार करना चाहिए. रूट ने कहा कि यूक्रेन को बड़ी संख्या में सैन्य उपकरण मिलेंगे, जैसे मिसाइलें, वायु रक्षा प्रणालियां और गोला-बारूद.
रूट ने कहा कि जर्मनी, फिनलैंड, कनाडा, नॉर्वे, स्वीडन, ब्रिटने और डेनमार्क यूक्रेन को आपूर्ति करने वाले खरीदारों में शामिल होंगे. राष्ट्रपति ने युद्ध समाप्त न होने पर कड़े टैरिफ लगाने का दावा किया. उन्होंने इन्हें द्वितीयक टैरिफ बताया, जिसका अर्थ है कि ये रूस के व्यापारिक साझेदारों को लक्षित करेंगे. अगर इन्हें लागू किया जाता है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में मास्को को अलग-थलग करने का एक प्रयास होगा.
ट्रंप ने यह भी कहा कि नाटो सदस्य देश पैट्रियट मिसाइलों सहित अरबों डॉलर के अमेरिकी हथियार खरीदेंगे. साथ ही एक नए समझौते के तहत यूक्रेन को ये हथियार सौंपेंगे ताकि कीव को रूस से अपनी रक्षा करने में मदद मिल सके. उन्होंने कहा कि इससे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यह संदेश मिल जाएगा कि वह युद्ध समाप्त करने के लिए गंभीर हैं.
गुटेरेस बोले- तत्काल युद्ध विराम की आवश्यकता
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान पर प्रतिक्रिया मांगते हुए एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि अगर यूक्रेन में 50 दिनों के भीतर युद्ध समाप्त करने के लिए कोई समझौता नहीं होता है, तो वह रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा देंगे. राजनीतिक समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर आधारित होना चाहिए जो सभी 193 संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की गारंटी देता है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून और महासभा व अन्य द्वारा पारित प्रस्तावों पर भी आधारित होना चाहिए. गुटेरेस ने कहा कि तत्काल युद्ध विराम की आवश्यकता है. जो भी इन उद्देश्यों में योगदान दे सकता है, वह निश्चित रूप से महत्वपूर्ण होगा.
ट्रंप और रूट ने कहा कि जर्मनी यूक्रेन को भारी मात्रा में हथियार देगा, जिसमें पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली भी शामिल है, जो कि अमेरिका और गठबंधन द्वारा यूक्रेनी सुरक्षा को मजबूत करने की व्यापक पहल का हिस्सा है. जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस सोमवार को पीट हेगसेथ के साथ मिलकर पैट्रियट पर चर्चा करने वाले हैं, जिसके बारे में ट्रम्प और रूट ने कहा कि यह कुछ ही दिनों में हो सकता है.
ट्रम्प ने अपनी निराशा दोहराई कि पुतिन ने यूक्रेन के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करने का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति के साथ उनकी बातचीत हमेशा बहुत सुखद होती है, लेकिन फिर उसी रात मिसाइलें चली जाती है. ट्रंप ने कहा कि पुतिन जानते हैं कि एक उचित समझौता क्या होता है.
ट्रंप यूरोपीय देशों द्वारा यूक्रेन के साथ रूस के युद्ध का विरोध करने में बड़ी भूमिका निभाने तथा महाद्वीप पर सैन्य सुरक्षा बढ़ाने में मदद के लिए अधिक खर्च करने के बारे में अधिक आशावादी प्रतीत हो रहे हैं. ट्रंप का कहना है कि वे यूरोप द्वारा रक्षा पर अधिक खर्च करने से प्रसन्न हैं. हेग में हाल ही में आयोजित शिखर सम्मेलन में कई नाटो सदस्यों ने अपने सकल घरेलू उत्पाद के 5फीसदी तक खर्च बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की थी. तथा उन्होंने अपनी शिकायत दोहराई कि अमेरिका अभी भी यूक्रेन की रक्षा के लिए भारी मात्रा में खर्च करता है.
चीन-भारत में दोस्ती के लिए ड्रैगन-हाथी डांस ही आगे बढ़ने का सही रास्ता
14 Jul, 2025 07:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग ने सोमवार को बीजिंग में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात में दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया है। बैठक में झेंग ने भारत-चीन दोस्ती के लिए ड्रैगन-हाथी डांस का इस्तेमाल किया। इससे भारत-चीन के बीच सहयोग बेहतर करने की इच्छा का संकेत मिलता है। झेंग ने दोनों पक्षों से उच्च स्तरीय सहयोग बनाए रखने और एक-दूसरे की चिंताओं का ध्यान रखने पर जोर दिया। एस जयशंकर ने भी चीन के साथ बेहतर संबंधों के महत्व की बात कही।
झेंग ने जयशंकर के साथ बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी की 2023 में कजान में हुई मुलाकात का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि यह बैठक एक निर्णायक क्षण थी, जिसने चीन-भारत संबंधों को फिर से शुरू करने में मदद की। चीन और भारत को एक-दूसरे की सफलता में सहायक साझेदार बनना चाहिए। इस सहयोग पर आगे बढ़ने के लिए ड्रैगन-हाथी डांस ही आगे बढ़ने का सही रास्ता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जयशंकर ने सोमवार को चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग केक साथ बैठक में कहा कि भारत-चीन संबंधों के निरंतर सामान्य बने रहने से पारस्परिक रूप से अच्छे नतीजे निकलेंगे। जटिल वैश्विक स्थिति को देखते हुए दोनों पड़ोसी देशों के बीच विचारों का खुला आदान-प्रदान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस यात्रा की मेरी चर्चाएं सकारात्मक दिशा में बढ़ेंगी। दोनों पक्षों के सकारात्मक बयानों को देखते हुए भारत-चीन के तनावपूर्ण रिश्ते में सुधार की उम्मीद है।
बता दें बीजिंग पहुंचने के बाद एस जयशंकर ने चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग के साथ की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि मुझे उनसे मिलकर बहुत खुशी हुई। मैंने उनसे चीन की एससीओ अध्यक्षता के लिए भारत का समर्थन जताया है और विश्वास व्यक्त किया कि मेरी यात्रा में होने वाली चर्चाएं दोनों देशों के लिए सकारात्मक होंगी। जयशंकर चीन के शहर तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन का दौरा कर रहे हैं। बता दें गलवान में 2020 में हुए सैन्य गतिरोध के बाद दोनों देशों के संबंधों में आए तनाव के बाद जयशंकर की यह पहली चीन यात्रा है।
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