ख़बर
बेजोस की पूर्व पत्नी मैकेंजी ने दिया अरबों का दान, अमेजन में 43 प्रतिशत घटाई हिस्सेदारी
23 Dec, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस की पूर्व पत्नी और प्रसिद्ध परोपकारी मैकेंजी स्कॉट ने वर्ष 2025 में दान का एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया है। अपनी उदारता के लिए जानी जाने वाली स्कॉट ने इस साल कुल 7.1 बिलियन डॉलर (लगभग 7,166,000,000 डॉलर) का दान दिया है, जो किसी भी एक वर्ष में उनके द्वारा दी गई अब तक की सबसे बड़ी राशि है। उनकी आधिकारिक वेबसाइट यील्ड गिविंग पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह विशाल धनराशि दुनिया भर की 186 विभिन्न संस्थाओं को वितरित की गई है। इन संस्थाओं में मुख्य रूप से विश्वविद्यालय, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत संगठन और सामाजिक समानता के लिए संघर्ष करने वाली इकाइयां शामिल हैं।
इस वर्ष के दान की सबसे खास बात शैक्षणिक संस्थानों को दिया गया अटूट समर्थन रहा है। मैकेंजी स्कॉट ने हॉवर्ड यूनिवर्सिटी को 88 मिलियन डॉलर का दान दिया, जो इस विश्वविद्यालय के 158 वर्षों के लंबे इतिहास में किसी भी व्यक्तिगत दाता द्वारा दिया गया सबसे बड़ा योगदान है। इसके अलावा, उन्होंने शिक्षा और डिग्री प्राप्ति में सहायता करने वाली संस्था 10,000 डिग्री को 42 मिलियन डॉलर की राशि प्रदान की है। परोपकार की इस लंबी सूची के कारण वे अब दुनिया के सबसे बड़े दानदाताओं की श्रेणी में वॉरेन बफेट और बिल गेट्स जैसे दिग्गजों के समकक्ष आ खड़ी हुई हैं।
वित्तीय मोर्चे पर बात करें तो स्कॉट ने अपनी इस परोपकारी मुहिम को जारी रखने के लिए अमेजन में अपनी हिस्सेदारी को रणनीतिक रूप से कम किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने हाल ही में लगभग 12.6 बिलियन डॉलर मूल्य के शेयर बेचे हैं। वर्तमान में उनके पास अमेजन के 81.10 मिलियन शेयर शेष हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम हैं। वर्ष 2019 में जेफ बेजोस से अलग होने के बाद उन्हें मिली संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा उन्होंने दान करने का संकल्प लिया था। लगभग 29.90 बिलियन डॉलर की कुल संपत्ति के साथ वे दुनिया की सबसे अमीर महिलाओं में से एक होने के बावजूद अपनी संपत्ति का 42 प्रतिशत हिस्सा अब तक समाज कल्याण के लिए बेच चुकी हैं।
अंधी रफ्तार से दौड़ रही बस अनियंत्रित होकर पलटी, 15 की मौत, 19 घायल
23 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सेमारंग। इंडोनेशिया में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां के सेंट्रल जावा प्रांत के सेमारंग शहर में सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना क्राप्याक टोल एग्जिट के पास चौराहे पर हुई, जहां एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर रोड बैरियर से टकरा गई और पलट गई। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हादसा तड़के उस वक्त हुआ जब बस तेज रफ्तार में थी। अचानक चालक का नियंत्रण बस से हट गया और बस सीधे सड़क किनारे लगे बैरियर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस पलट गई और कई यात्री उसके अंदर फंस गए। यह हादसा ऐसे समय पर हुआ है, जब कुछ ही दिन पहले इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में एक और दर्दनाक घटना सामने आई थी। जकार्ता में एक रिहायशी घर में आग लगने से पांच लोगों की मौत हो गई थी।
सेमारंग सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस के प्रमुख बुडियोनो ने बताया कि राहत और बचाव अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि बस के शीशे टूट चुके थे और अंदर घुसने के रास्ते पूरी तरह बंद हो गए थे। कई लोग बस के अंदर फंसे हुए थे, जिन्हें निकालने के लिए बचाव दल को विशेष उपकरणों की मदद से रास्ता बनाना पड़ा। बुडियोनो के अनुसार, रेस्क्यू टीम को पलटी हुई बस के भीतर घुसकर बेहद सावधानी से घायलों तक पहुंचना पड़ा। कांच के टुकड़ों और मुड़ी हुई बस की संरचना के कारण हर कदम जोखिम भरा था, लेकिन कई घंटों की मशक्कत के बाद सभी पीड़ितों को बाहर निकाल लिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, सेमारंग सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस ने पुष्टि की है कि सभी घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है, जबकि पुलिस और संबंधित एजेंसियां दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही हैं।
आग की घटना भी दर्दनाक थी
जकार्ता रीजनल डिजास्टर मैनेजमेंट के प्रमुख इस्नावा अदजी ने बताया था कि आग गुरुवार रात करीब 8:10 बजे लगी थी। उन्होंने बताया कि आग बुझाने के लिए 10 फायर इंजनों को मौके पर लगाया गया और रात करीब 11 बजे आग पर काबू पाया जा सका। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस घर में आग लगी, उसका इस्तेमाल एक्सेसरीज बनाने के वेयरहाउस के तौर पर भी किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट हो सकती है, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने इंडोनेशिया में सड़क और अग्नि सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
थाई सेना का चिन्हित इलाकों पर कब्जा, कंबोडिया सेना को पीछे हटने पर किया मजबूर
23 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैकांक,। थाईलैंड के पीएम अनुतिन चार्नविराकुल ने कहा है कि थाई सेना ने करीब सभी चिन्हित इलाकों पर नियंत्रण कर लिया है और अब कंबोडिया की सेना को पीछे हटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इन इलाकों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि दोबारा कोई झड़प न हो। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक साक्षात्कार में अनुतिन ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि सोमवार को आसियान के विदेश मंत्रियों की विशेष बैठक में थाईलैंड का पक्ष साफ तौर पर रखा जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि थाईलैंड ने किसी भी समझौते का उल्लंघन नहीं किया है और न ही वह आक्रामक पक्ष है। सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदम देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हैं। उन्होंने कहा कि थाईलैंड हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का पालन करता रहा है और स्थिति को और ज्यादा बिगड़ने से रोकने की कोशिश कर रहा है। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हुए हालिया संघर्ष में अब तक 34 थाई नागरिकों की मौत हो चुकी है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुरसंत कोंगसिरी ने बताया कि सीमा पर झड़पों की घटनाएं अब धीरे-धीरे कम हो रही है। कुछ इलाकों में लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं और राहत शिविरों की संख्या भी घटाई गई है। रविवार दोपहर कंबोडिया की सेना ने थाईलैंड के सा काओ प्रांत के सीमावर्ती इलाकों में गोलाबारी जारी रखी। इसके बाद अरण्यप्रथेट जिले के अधिकारियों को निवासियों को सुरक्षित इलाकों में जाने के लिए एक जरूरी नोटिस जारी करना पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक रॉयल थाई नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को त्रात प्रांत के बान नोंग री इलाके में एक अभियान में एक मरीन सैनिक लैंडमाइन पर पैर पड़ने से घायल हो गया। प्रवक्ता ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि कंबोडिया की ओर से अब भी लैंडमाइन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
भारत एक संप्रभु देश और भरोसेमंद पार्टनर है, हम व्यापार समझौते पर कर रहे काम: पुतिन
23 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को एक संप्रभु देश और भरोसेमंद पार्टनर बताया है। पुतिन ने यह बात रविवार को सुप्रीम यूरेशियन इकनॉमिक काउंसिल के उद्घाटन अवसर पर कही। इस बैठक का मकसद यूरेशियन इकनॉमिक यूनियन के अंदर सहयोग को और गहरा करना है। इस दौरान पुतिन ने कहा कि ईएईयू ने खुद को उभरती हुई मल्टीपोलर दुनिया के एक आत्मनिर्भर केंद्र के रूप में मजबूती से स्थापित किया है। यूरेशियन यूनियन की स्थापना साल 2015 में रूस, बेलारूस और कजाकिस्तान ने की थी, जिसमें आगे चलकर आर्मेनिया और किर्गिस्तान भी शामिल हुए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस बैठक में पुतिन ने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि हम भारत के साथ एक और वरीयता वाले व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं। एक ऐसा देश जो संप्रभु है, भरोसेमंद साझेदार है और जिसकी 1.4 अरब लोगों की आबादी और 4 अरब अमेरिकी डॉलर की जीडीपी है। पुतिन ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम यूरेशियन काउंसिल की बैठक प्रोडक्टिव होगी और हमें आपसी हित के सभी मुद्दों पर प्रगति करने में मदद मिलेगी। इसी महीने की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत का दौरा किया था, जहां उन्होंने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक यात्रा पर पुतिन ने कहा था कि उनका देश भारत को सस्ती और किफायती दरों पर निर्बाध तेल का निर्यात जारी रखेगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय तेल रिफाइनर्स ने उन रूसी कंपनियों से तेल खरीदना फिर से शुरू कर दिया है, जिन पर पश्चिमी प्रतिबंध नहीं हैं।
न्यूजीलैंड में सिख धार्मिक जुलूस को प्रदर्शनकारियों ने रोका, पुलिस ने संभाले हालात
23 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वेलिंगटन। न्यूजीलैंड के साउथ ऑकलैंड में सिख धार्मिक जुलूस को रोकने के लिए स्थानीय प्रदर्शनकारी जुलूस के रास्ते में खड़े हो गए। प्रदर्शनकारी हाथ में बैनर लिए थे, जिस पर लिखा था- यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं। सिख समूहों ने घटना की निंदा करते हुए धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यह घटना रविवार को नगर कीर्तन के दौरान हुई। जुलूस मनुरेवा में गुरुद्वारा नानकसर थाथ ईश्वर दरबार से शुरू हुआ था। जुलूस जब लौट रहा था, उसी दौरान इसे रोक दिया गया। इस घटना से सिख समूहों में नाराजगी है।
रिपोर्ट के मुताबिक घटना पर शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है। बादल ने एक्स पर लिखा- कल न्यूजीलैंड के साउथ ऑकलैंड में स्थानीय प्रदर्शनकारियों के शांतिपूर्ण नगर कीर्तन जुलूस में बाधा डालने की कड़ी निंदा करता हूं। नगर कीर्तन एक पवित्र सिख परंपरा है- यह एक आनंदमय धार्मिक जुलूस है जिसमें श्री गुरुग्रंथ साहिब के भजन गाए जाते हैं, जो भक्ति, एकता और पूरी मानवता को आशीर्वाद देने को बढ़ावा देता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक स्थानीय युवाओं का समूह बैनर लेकर पहुंचा और जुलूस का रास्ता रोक दिया। इस दौरान उन्होंने हाका डांस किया। हाका एक पारंपरिक माओरी डांस है जिसमें ऐतिहासिक रूप से युद्ध की रस्मों और मजबूत शारीरिक हरकतों का प्रदर्शन किया जाता है। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू करने के लिए दखल दिया। बातचीत के बाद प्रदर्शनकारी हट गए, जिसके बाद जुलूस आगे बढ़ा और सुरक्षित रूप से गुरुद्वारे पहुंचा। घटना ने न्यूजीलैंड में रहने वाले सिख समुदाय के लोगों में अपनी धार्मिक आस्था की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई है।
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस मुद्दे को न्यूजीलैंड सरकार के साथ उठाने की अपील की, जिसे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और धार्मिक अधिकारों को सुनिश्चित और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। बादल ने कहा कि धमकाने की ऐसी हरकतें धार्मिक स्वतंत्रता और सार्वभौमिक भाईचारे की भावना के लिए खतरा है।
पाकिस्तान की फ्लाइट में अचानक खुले ऑक्सीजन मास्क, हड़कंप मचने पर करानी पड़ी आपात लैंडिंग
22 Dec, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाहौर। पाकिस्तान की एक फ्लाइट में अचानक ऑक्सीजन मॉस्क खुलकर गिरने लगे। इसे देखकर यात्रियों में दहशत फैल गई और हड़कंप मच गया। जब हालात नहीं संभले तो विमान की आपात लैंडिंग सऊदी अरब में कराना पड़ी।जद्दा से लाहौर जा रही पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) की एक फ्लाइट में तकनीकी खराबी का अलर्ट मिला। इस घटना से विमान में सवार यात्रियों में भारी दहशत फैल गई। पीआईए के प्रवक्ता के मुताबिक, फ्लाइट पीके-860 तय कार्यक्रम के अनुसार रात 8 बजे लाहौर पहुंचने वाली थी, लेकिन तकनीकी समस्या सामने आने के बाद विमान को दमाम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 381 यात्री सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या में उमराह जायरीन भी शामिल थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, तकनीकी अलर्ट के बाद विमान में ऑक्सीजन मास्क अपने आप गिर गए, जिससे यात्रियों में घबराहट और अफरातफरी मच गई। हालांकि, पायलट और क्रू ने स्थिति को संभालते हुए सुरक्षित लैंडिंग कराई। रिपोर्ट में यह भी याद दिलाया गया कि पिछले महीने पीआईए की एक अन्य फ्लाइट पीके-859 (लाहौर से जेद्दा) को भी उड़ान के दौरान डायवर्ट कर कराची एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा था, क्योंकि फर्स्ट ऑफिसर की विंडशील्ड में दरार आ गई थी। इतना ही नहीं, इस साल मार्च में पीआईए की एक घरेलू फ्लाइट पीके-306 लाहौर में उस हालत में उतरी थी, जब उसके लैंडिंग गियर का एक पहिया गायब पाया गया। हैरानी की बात यह रही कि जांच के बावजूद उस पहिए का कोई सुराग नहीं मिला। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने पीआईए की तकनीकी देखरेख और यात्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पाकिस्तान में लगे भूकंप के झटके, डरे लोग घर से भागे
22 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। आए दिन कहीं न कहीं भूकंप की खबरें आ रहीं है। अब पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत एक बार फिर भूकंप के झटकों से कांप उठा है। सुबह खुजदार जिले में आए इस भूकंप ने लोगों के बीच भारी डर पैदा कर दिया। हालांकि रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता केवल 3.3 मापी गई लेकिन इसके झटके बहुत जोरदार महसूस किए गए। नेशनल सिस्मिक मॉनिटरिंग सेंटर (एनएसएमसी) की रिपोर्ट के अनुसार इस भूकंप की तीव्रता 3.3 रही। इसका केंद्र खुजदार शहर से लगभग 70 किलोमीटर पश्चिम दिशा में था। जबकि गहराई जमीन से मात्र 8 किलोमीटर नीचे थी। बता दें कि बलूचिस्तान भौगोलिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है क्योंकि यह भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के सक्रिय जंक्शन पर स्थित है। यहाँ लगातार होने वाली हलचल के कारण छोटे और मध्यम स्तर के भूकंप आते रहते हैं। भूकंप के झटके लगते ही खुजदार और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों और इमारतों से निकलकर खुले मैदानों की ओर भागने लगे। बलूचिस्तान पहले भी विनाशकारी भूकंपों का सामना कर चुका है, इसलिए हल्का झटका भी लोगों को पुरानी यादों से डरा देता है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन की ओर से किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है। अधिकारी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
ढाका में दीपू को पहले मारा फिर जलाया, किसी धर्म के खिलाफ नहीं बोला फिर भी मार दिया
22 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां यूनुस का विरोध के बहाने आए दिन सरेराह अल्पसंख्यकों का कत्ल किया जा रहा है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार चुप्पी साधे मौत को तमाशा समझकर देख रही है। हाल में ही दीपू को पहले मारा गया फिर अधमरा कर उसे पेड़ से लटकाकर जलाया गया। जबकि उसने किसी भी धर्म के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला था। इसके बाद भी उसे मार दिया गया।
हादी की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि उनके हत्यारों को तुरंत सजा दी जाए। इसके साथ ही गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त एमडी जहांगीर आलम चौधरी के इस्तीफे की मांग भी तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हादी को गोली मारे जाने के एक हफ्ते बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इंकलाब मंच संगठन के सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर गृह सलाहकार ने इस्तीफा नहीं दिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। जनाजे के बाद बड़ी संख्या में लोग शाहबाग चौराहे की ओर बढ़े, जहां इंकिलाब जिंदाबाद और ढाका ढाका जैसे नारे लगाए गए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने शाहबाग का नाम बदलकर हादी चत्तर रखने की मांग भी की। बांग्लादेश में राजनीतिक उथल पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है। जुलाई 2024 के आंदोलन के प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश में लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रहे। ढाका में कड़ी सुरक्षा के बीच हादी का जनाजा पढ़ा गया, लेकिन इसके साथ ही सड़कों पर गुस्सा और असंतोष साफ दिखाई दिया। शनिवार को मणिक मिया एवेन्यू, जो संसद भवन के पास स्थित है, वहां हादी की जनाजे की नमाज में देशभर से आए हजारों लोग शामिल हुए। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने भारी सुरक्षा इंतजाम किए थे। करीब 1000 बॉडी वॉर्न कैमरों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी हालात को काबू में रखा जा सके।
अरबपति टेस्ला का रोबोट बेच रहा है, पॉपकॉर्न
22 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बर्लिन। अमेरिकी अरबपति ओर टेस्ला कंपनी के सीईओ एलन मस्क की कंपनी ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है। जो अनोखे काम कर रहा है। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में क्रिसमस की छुट्टियों पर वह लोगों को पापकार्न बेचता हुआ नजर आ रहा है। इस रोबोट से पॉपकॉर्न खरीदने के लिए लंबी-लंबी लाइन लग जाती है। यह काम रोबोट पूरी दक्षता के साथ कर रहा है। जिसके कारण इसकी चर्चा हो रही है।
बांग्लादेश ज्वालामुखी पर बैठा: ढाका की सड़कों पर सन्नाटा, हिंदू समुदाय घरों में सिमटा, जगह-जगह पुलिस तैनात
22 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश की राजधानी ढाका ऊपर से भले ही शांत दिखाई दे रही हो, लेकिन यह शांति भय, तनाव और अनिश्चितता से भरी हुई है। सड़कों पर सन्नाटा है, विश्वविद्यालय परिसरों से लेकर मीडिया संस्थानों तक दहशत का माहौल बना हुआ है। जानकार कहते हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय, विशेष रूप से हिंदू समुदाय, खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, जबकि शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
दरअसल, 18 दिसंबर की रात सिंगापुर में इलाज के दौरान उस्मान हादी की मौत की खबर सामने आते ही हालात तेजी से बिगड़ गए। जैसे ही उनके निधन की सूचना फैली, ढाका की सड़कों पर उग्र भीड़ उतर आई। शुरुआत में विरोध प्रदर्शन के रूप में सामने आई भीड़ जल्द ही हिंसक हो गई। मीडिया संस्थानों, सांस्कृतिक केंद्रों और अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर तोड़फोड़ और हमले किए गए। हादी के शव को सुपुर्द-ए-खाक करने के बाद हालात पर कुछ हद तक काबू पाया गया है। कई इलाकों में सड़कें शांत नजर आ रही हैं और बाजारों में सीमित गतिविधियां दिख रही हैं।
अधिकांश अखबारों में हादी की अंत्येष्टि से जुड़ी खबरें प्रमुखता से प्रकाशित की गईं हैं, लेकिन शहर के अलग-अलग हिस्सों में अब भी विरोध प्रदर्शन और आक्रोश की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह शांति अस्थायी है और किसी भी वक्त हालात फिर से बिगड़ सकते हैं। हिंसा के दौरान जिस तरह स्वतंत्र मीडिया को निशाना बनाया गया, उसने बांग्लादेश के लोकतांत्रिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अल्पसंख्यकों में चिंता का माहौल
अल्पसंख्यक इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक है। हिंदू समुदाय के कई परिवार घरों में ही रहने को मजबूर हैं। मंदिरों और संवेदनशील इलाकों के बाहर पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन आम नागरिकों के मन से डर अभी दूर नहीं हुआ है। ऐसे में कहा जा रहा है कि भले ही बांग्लादेश की सड़कों में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन युवाओं के गुस्से से लबरेज ज्वालामुखी कब सक्रिय हो जाए कहा नहीं जा सकता है।
बांग्लादेश में स्थिति चिंताजनक, इमाम संगठन ने पीएम मोदी से की हस्तक्षेप की मांग, हिंदू युवक की हत्या मामले में 10 गिरफ्तारी
21 Dec, 2025 05:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/ढाका : बांग्लादेश में अफरा-तफरी का माहौल जारी है. अल्पसंख्यक हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. बांग्लादेश के सिलहट में प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बढ़े तनाव के मद्देनजर भारतीय सहायक उच्चायोग कार्यालय और वीजा आवेदन केंद्र पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
ढाका ट्रिब्यून अखबार के अनुसार, सिलहट मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त (मीडिया) सैफुल इस्लाम ने कहा कि सुरक्षा के कड़े उपाय इसलिए किए गए हैं ताकि कोई तीसरा पक्ष स्थिति का फायदा न उठा सके. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा कि एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मैमेनसिंह शहर में गुरुवार को कथित ईशनिंदा को लेकर भीड़ ने दीपू चंद्र दास (25) की पीटकर हत्या कर दी थी और शव को आग लगा दी थी.
जिन लोगों को मामले में आरोपी बनाया गया है, उसमें मोहम्मद लिमोन सरकार (19), मोहम्मद तारेक हुसैन (19), मोहम्मद मानिक मिया (20), इरशाद अली (39), निजुम उद्दीन (20), आलमगीर हुसैन (38) और मोहम्मद मिराज हुसैन अकोन (46) शामिल हैं. इसके अलावा मोहम्मद अजमोल हसन सगीर (26), मोहम्मद शाहिन मिया (19) और मोहम्मद नजमुल को भी पुलिस ने हिरासत में रखा है. इन सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है.
बांग्लादेश पुलिस ने बताया कि मजदूरी करने वाले दास को पहले भीड़ ने ईशनिंदा के आरोपों में फैक्टरी के बाहर पीटा और फिर पेड़ से टांग दिया. उन्होंने कहा कि भीड़ ने मृतक के शव को ढाका-मैमेनसिंह राजमार्ग के किनारे छोड़ दिया और बाद में उसमें आग लगा दी.
बांग्लादेश में हर रोज बिगड़ते हालात को लेकर बांग्लादेश स्थित हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने चिंता जताई है. संगठन ने सरकार से अपील की है कि वे जल्द से जल्द सख्त कदम उठाए और अल्पसंख्यकों को भरोसे में ले. उन्होंने इस मामले में दोषियों के खिलाफ अविलंब कार्रवाई की भी मांग की है. संगठन ने कहा कि इस मामले के जरिए दोषियों ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की है.
अमेरिका में भारत की राजदूत रह चुकीं निरुपमा राव ने सोशल मीडिए एक्स पर अपने पोस्ट में पश्चिमी देशों को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने लिखा कि शेख हसीना के विदेशी विरोधियों ने उन्हें संकीर्ण दृष्टिकोण से देखा. इन देशों ने बांग्लादेश की परिस्थिति को झुठलाकर पश्चिमी लोकतांत्रिक मानकों पर उनके शासन को उतारा. उनके अनुसार लंबे समय तक सत्ता में बने रहना, केंद्रीकृत शक्ति, मानवाधिकार रिपोर्टें ये सब हसीना के खिलाफ था. राव ने अपने पोस्ट में लिखा कि बांग्लादेश का आकलन ऐसे किया गया मानो वह डेनमार्क हो, जहां मतदान में समस्या हो, न कि एक नाजुक, घनी आबादी वाला राज्य जिसका हिंसक इस्लामी इतिहास और आघातग्रस्त राजनीतिक संस्कृति हो. उन्होंने कहा कि शेख हसीना चाहे जैसी भी हों, उन्होंने जमात और अन्य भारत विरोधी ताकतों को काबू में रखा था.
बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने पर, अखिल भारतीय इमाम संगठन के मुख्य इमाम डॉ. इमाम उमर अहमद इल्यासी ने कहा, "मानवता कलंकित हुई है. यह मानवता की हत्या है. जिस क्रूरता से बच्चे की हत्या की गई और उसकी मृत्यु के बाद उसके साथ जो किया गया, उसे पेड़ से लटकाना, सरासर गलत है. जिन बांग्लादेशियों की भारत ने हमेशा मदद की है, ये कृतघ्न बांग्लादेशी भूल गए हैं कि भारत हर तरह से उनके साथ खड़ा रहा है. वे मानवाधिकार संगठन कहां हैं? वे आज आवाज क्यों नहीं उठा रहे हैं? यह किस तरह की इस्लामी शिक्षा है कि वे इस तरह की हत्याएं कर रहे हैं? ये इस्लाम के अनुयायी नहीं हो सकते. प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को हस्तक्षेप करना चाहिए."
ढाका ट्रिब्यून के संपादक रियाज अहमद ने उस्मान हादी की मौत पर बांग्लादेश में भड़की व्यापक हिंसा पर टिप्पणी करते हुए कहा, "इस घटना को बहाना बनाकर, शोक और संवेदना व्यक्त करने वाली विशाल भीड़ में से कुछ असंबद्ध तत्वों ने अत्यधिक हिंसा का सहारा लिया. यदि सरकार ने पहले से ही निवारक उपाय किए होते तो स्थिति को बेहतर ढंग से संभाला जा सकता था. हमने एक राष्ट्र के रूप में एक बहुत बुरा उदाहरण पेश किया है. राज्य को इसे बर्दाश्त नहीं करना चाहिए."
बांग्लादेश की स्थिति पर आरजेडी सांसद मनोज झा कहते हैं, "बांग्लादेश में घटित घटनाएँ चिंताजनक हैं। वहां तख्तापलट होने के बाद भी हमने कहा था कि हमें घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखनी चाहिए. मैं लगभग स्तब्ध हूं. जिस तरह से हालात सामने आए हैं, दक्षिण एशिया के इस क्षेत्र पर बहुत सावधानीपूर्वक और गंभीरता से नज़र रखने की ज़रूरत है, और मैं अपनी सरकार से कुछ सक्रिय कदम उठाने की अपेक्षा करता हूं और आग्रह करता हूं."
गाजा में शांति को लेकर खुश हुए अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- हम आपके आभारी…
21 Dec, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान की उस पेशकश का बहुत आभारी है, जिसमें इस्लामाबाद ने गाजा में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (आईएसएफ) में शामिल होने या कम से कम इस पर विचार करने की इच्छा जताई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी देश से औपचारिक सहमति नहीं मांगी गई है और न ही प्राप्त हुई है। यह बयान साल के अंत में आयोजित एक लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आया, जहां रुबियो से गाजा में शांति स्थापना के लिए पाकिस्तान की भागीदारी पर सवाल पूछा गया।
रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान ने हिस्सा बनने की पेशकश की है या कम से कम विचार करने की पेशकश की है, जिसके लिए अमेरिका आभारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि कई ऐसे देश हैं जो संघर्ष के सभी पक्षों के लिए स्वीकार्य हैं और इस बल में शामिल होने को तैयार हैं। हालांकि, बल के जनादेश, फंडिंग और नियमों को स्पष्ट करने की जरूरत है, ताकि देशों से ठोस प्रतिबद्धता मांगी जा सके। रुबियो के अनुसार, पहले बोर्ड ऑफ पीस और एक फिलिस्तीनी तकनीकी प्रशासनिक ढांचा स्थापित किया जाएगा, उसके बाद ही आईएसएफ का स्वरूप अंतिम रूप लेगा। यह टिप्पणियां ट्रंप प्रशासन की गाजा शांति योजना को आगे बढ़ाने की कोशिशों के बीच आई हैं, जो इजरायल-हमास युद्ध समाप्त करने पर केंद्रित है। योजना में मुस्लिम बहुल देशों से सैनिकों की भागीदारी पर जोर है। पाकिस्तान ने अभी तक सैनिक भेजने का अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन विचार कर रहा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने पिछले महीने कहा था कि शांति स्थापना में योगदान संभव है, लेकिन हमास को निरस्त्र करना पाकिस्तान की जिम्मेदारी नहीं है। कई देश इस मिशन में शामिल होने को लेकर सतर्क हैं, क्योंकि निरस्त्रीकरण का जनादेश उन्हें सीधे संघर्ष में खींच सकता है और घरेलू स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रंप की 20-सूत्री गाजा योजना अक्टूबर में युद्धविराम के बाद आगे बढ़ रही है, लेकिन प्रगति धीमी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने नवंबर में योजना को समर्थन देते हुए आईएसएफ गठन की अनुमति दी। अमेरिका ने 70 से अधिक देशों से संपर्क किया है, जिनमें से कुछ ने सैनिक, लॉजिस्टिक्स या उपकरण सहायता की इच्छा जताई है। पाकिस्तान हाल ही में कतर में हुई बैठक में शामिल हुआ, जहां बल की कमांड संरचना पर चर्चा हुई। पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की वाशिंगटन यात्रा की संभावना है, जहां यह मुद्दा प्रमुख हो सकता है। कुल मिलाकर, आईएसएफ का विचार शुरुआती में है। अमेरिका को कुछ देशों से सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन राजनीतिक सहमति, सुरक्षा जोखिम और क्षेत्रीय संवेदनशीलताओं को सुलझाना बाकी है। यह योजना गाजा में स्थायी शांति और पुनर्निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है, यदि अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत होता है।
पाकिस्तानी भिखारियों से कई देश परेशान, 50 हजार को दिखाया बाहर का रास्ता
21 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने पूरी दुनिया की नाक में दम कर दिया है। कभी आतंकवाद फैलाता है तो कभी भिखारियों की फौज दूसरे देशों में सप्लाई कर देता है। इससे तंग आकर कई देशों ने उन्हे अपने देश से बाहर कर दिया है। इसकी जानकारी खुद पाकिस्तान ने दी है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की ओवरसीज पाकिस्तानियों और मानवाधिकारों पर स्थायी समिति की बैठक में एफआईए के महानिदेशक रिफ्फत मुख्तार राजा ने जानकारी दी। उन्होंने समिति को बताया कि इस वर्ष 51,000 पाकिस्तानियों को प्रवेश से वंचित किया गया। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में निर्वासन की संख्या सबसे अधिक रही, जहां भीख मांगने के आरोप में 24,000 लोगों को वापस भेजा गया। यूएई ने भी इसी आधार पर 6,000 पाकिस्तानियों को निर्वासित किया, जबकि अजरबैजान से करीब 2,500 भिखारियों को बाहर किया गया।
एफआईए डीजी ने कहा कि उमरा के बहाने यूरोप जाने की कोशिश कर रहे कई लोगों को तब रोका गया, जब उनके दस्तावेजों से यूरोपीय देशों में प्रवेश का इरादा सामने आया। उन्होंने कहा, ‘सबूतों के आधार पर ऐसे यात्रियों को प्रवेश से वंचित किया गया। समिति को यह भी बताया गया कि इस वर्ष 24,000 पाकिस्तानी कंबोडिया गए, जिनमें से 12,000 अब तक वापस नहीं लौटे। वहीं, 4,000 लोग म्यांमार पर्यटक वीजा पर गए, जिनमें से लगभग 2,500 वापस नहीं आए।एफआईए प्रमुख ने कहा कि कड़े नियंत्रण उपायों के चलते पाकिस्तान के पासपोर्ट रैंकिंग में सुधार हुआ है और यह 118वें स्थान से 92वें स्थान पर आ गया है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान पहले अवैध प्रवासन के मामलों में शीर्ष पांच देशों में शामिल था, लेकिन नीतियों में बदलाव के कारण स्थिति में सुधार आया है। इससे पहले, जनवरी में सऊदी अरब और अमेरिका सहित कई देशों से 200 से अधिक पाकिस्तानियों को एक सप्ताह के भीतर निर्वासित किया गया था।
भ्रष्टाचार मामले में पूर्व पीएम इमरान खान और पत्नी बुशरा को 17-17 साल की सजा
21 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की कानूनी परेशानियां पिछले डेढ़ साल से लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्हें पहली बार 9 मई 2023 को भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अगस्त 2023 में तोशाखाना मामले में उनकी दूसरी गिरफ्तारी हुई। तब से वे कई मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं और अलग-अलग अदालतों में सुनवाई चल रही है। ताजा फैसला उनके खिलाफ चल रहे मामलों की कड़ी में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेट विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान को भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में अदालत ने 17 साल की सजा सुनाई है। इसी मामले में उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी समान सजा दी गई है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब उनके जेल में कथित अमानवीय व्यवहार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं और पाकिस्तान सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
सजा के समय पाकिस्तान में उनके जेल में रखे जाने के तरीके पर भी विवाद है। समर्थकों और पार्टी नेताओं का आरोप है कि इमरान खान को लंबे समय से एकांत कारावास में रखा गया और उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता जताई है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान सरकार से अपील की थी कि उन्हें एकांत कारावास से बाहर निकाला जाए। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने अदालत के फैसले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मौजूदा सत्ता प्रतिष्ठान न्यायिक प्रक्रिया का इस्तेमाल करके इमरान खान को राजनीति से बाहर करने की कोशिश कर रहा है। उनका यह भी दावा है कि यह फैसला निष्पक्ष नहीं है और इसे उच्च अदालतों में चुनौती दी जाएगी। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सरकार का कहना है कि देश में कानून अपना काम कर रहा है और अदालतों के फैसलों में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है। भ्रष्टाचार के मामलों में किसी के साथ कोई रियायत नहीं की जाती, चाहे वह कितना ही बड़ा नेता क्यों न हो। इस फैसले के बाद पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। इमरान खान के समर्थकों में नाराजगी बढ़ने की संभावना है, वहीं अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पाकिस्तान की न्यायिक और मानवाधिकार स्थिति पर बहस तेज हो सकती है।
उस्मान हादी को सुपुर्द-ए-खाक कर सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
21 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश में हिंसा किसी कीमत रुकने का नाम नहीं ले रही है, हद यह है कि ढाका यूनिवर्सिटी के परिसर में शनिवार को छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी को सुपुर्द-ए-खाक करने साथ ही मौजूदा सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया गया है। हादी के अंतिम संस्कार के दौरान यूनिवर्सिटी के आस-पास भारी संख्या में लोगों का हुजूम मौजूद रहा। खास बात यह रही कि हादी के जनाजे में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस भी हादी के जनाजे में पहुंचे और उनका गुणगान भी किया।
हादी को अंतिम विदाई देते हुए मोहम्मद यूनुस ने कहा, कि आज यहां हजारों की संख्या में लोग जुटे हैं। सिर्फ यहीं नहीं, बल्कि पूरे देश और विदेशों में भी बसे प्रवासी समुदाय के बीच भी लोग हादी के बारे में सुनने को बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने गुणगान करते हुए कहा, हरदिल अजीज उस्मान हादी, हम यहां आपको अलविदा कहने नहीं आए, आप तो हमारे दिलों में बसते हैं। बांग्लादेश का जब तक अस्तित्व रहेगा, आप इस राष्ट्र का हिस्सा बने रहेंगे। यूनुस ने आगे कहा, उस्मान हादी ने हमें सिखाया कि विनम्रता के साथ लोगों तक कैसे पहुंचा जाए। बगैर किसी को ठेस पहुंचाए अपनी बात और अपने विचार कैसे रखे जाएं और गरिमा के साथ चुनावी अभियान कैसे चलाया जाए। हम इस सीख को आत्मसात करते हुए अमल में लाने का संकल्प लेते हैं। उन्होंने कहा कि हम तो अपने देश की राजनीति और संस्कृति को उस मुकाम तक ले जाना चाहते हैं, जहां हादी का उदाहरण हमेशा जीवंत बना रहे। अंत में उन्होंने कहा, हम किसी के सामने झुकेंगे नहीं, दुनिया के सामने सिर ऊंचा रखेंगे। यह जनता से किया गया आपका वादा, हम हर हाल में पूरा करेंगे।
अब्दुल्लाह अल जबेर ने दिया अल्टीमेटम
उस्मान हादी के सहयोगी कहे जाने वाले इंकलाब मंच से जुड़े अब्दुल्लाह अल जबेर ने यूनुस की अंतरिम सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है। इसके मुताबिक सरकार अगले 24 घंटे में सार्वजनिक रूप से यह खुलासा करना होगा कि हादी के असली हत्यारे कौन लोग हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। इस अल्टीमेटम के बाद समझा जा रहा है कि बांग्लादेश में सरकार की मुसीबतें और बढ़ने वाली हैं, क्योंकि कहीं न कहीं हत्या को लेकर सरकार पर भी आरोप लगे हैं।
राशिफल 27 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
