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इराक के मॉल में भीषण आग, 61 की मौत, 45 घायल
17 Jul, 2025 04:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बगदाद। इराक के अल कुत शहर में एक नए बने मॉल में देर शाम आग लगने से कम से 61 लोगों की मौत हो गई और 45 अन्य झुलस गए। इराकी न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी है कि यह पांच मंजिला हाइपरमार्केट मॉल एक सप्ताह पूर्व ही खुला था। इसमें सामान की दुकानों के अलावा खाने पीने की चीजों की भी कई दुकानें थीं। घटना के समय वहां कई परिवार खाना खा रहे थे। आग की जानकारी मिलते ही दमकल कर्मी वहां पहुंचे और बचाव कार्य शुरु कर दिया। इससे वहां मौजूद कई लोगों को बचा भी लिया गया। सरकार ने तीन दिनों का शोक घोषित किया है और मामले की जांच के लिए एक दल का गठन कर दिया है जो दो दिनों में अपनी रिपोर्ट देगा। मॉल के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इजरायल ने अब सीरिया के रक्षा मंत्रालय पर किया ड्रोन हमला
17 Jul, 2025 01:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में कई मोर्चों पर युद्ध छिड़ा हुआ है जिसमें लगभग हर मोर्चे पर इजरालयल की संलिप्तता दिख रही है। ताजा हालात ये हैं कि इजरायल ने सीरिया में भी हमले तेज कर दिए हैं। इजरायल की सेना आईडीएफ ने बुधवार को सीरिया की राजधानी दमिश्क में सीरियाई रक्षा मंत्रालय के एंट्री गेट पर हमला किया। सोमवार से ही इजरायल सीरिया की इस्लामिक नेतृत्व वाली सरकार की सेना को निशाना बना रहा है। सीरिया के दक्षिणी शहर स्वैदा में स्थानीय सुरक्षा बलों और ड्रूज समुदाय के लड़ाकों के बीच झड़प के बाद इजरायल ने सीरियाई बलों को निशाना बनाना शुरू किया।
इजरायल का कहना है कि वो ड्रूज अल्पसंख्यकों को स्थानीय सैनिकों के हमले से बचाने के लिए ये हमले कर रहा है। सीरियाई रक्षा मंत्रालय के सुरक्षा सूत्रों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि मंत्रालय की इमारत पर कम से कम दो ड्रोन हमले हुए हैं और अधिकारी बेसमेंट में छिपे हुए हैं। सीरियाई सरकारी समाचार चैनल इलेखबरिया टीवी ने बताया कि इजरायली हमले में दो नागरिक घायल हुए हैं। इजरायली सेना ने बताया कि हमने दमिश्क में सीरियाई शासन के सैन्य मुख्यालय परिसर के एंट्री गेट पर हमला किया है। सेना दक्षिणी सीरिया में ड्रूज नागरिकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाइयों पर नजर बनाए हुए है।
ट्रम्प ने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो का समर्थन किया, न्यूयॉर्क शहर के मेयर पद के लिए
17 Jul, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो का समर्थन किया है। ट्रम्प ने कहा कि कुओमो को न्यूयॉर्क शहर के मेयर पद के लिए ममदानी के खिलाफ चुनाव में बने रहना चाहिए। मुझे लगता है कि उनके पास जीतने का मौका है।
लेकिन ट्रम्प ने कुओमो का पूर्ण समर्थन करने से इंकार किया। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह चाहते हैं कि कुओमो जीतें, इसपर ट्रम्प ने कहा, “मैं यह नहीं कहना सकता। मैं एक रिपब्लिकन हूं और वह एक डेमोक्रेट हैं। मुझे लगता है कि एंड्रयू के पास जीतने का अच्छा मौका है। उन्हें एक अभियान चलाना होगा। आप जानते हैं, वह एक कम्युनिस्ट के खिलाफ लड़ रहे हैं। ट्रम्प ने एक बार फिर ममदानी को कम्युनिस्ट करार दिया।
67 वर्षीय पूर्व गवर्नर कुओमो ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इससे पिछले महीने वह डेमोक्रेटिक प्राइमरी में ममदानी से बुरी तरह हार गए थे।
बौद्ध भिक्षुओं को ब्लैकमेल करने के आरोप में महिला गिरफ्तार
17 Jul, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन । थाईलैंड में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला, विलावान एम्सावत, को कई बौद्ध भिक्षुओं को ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। महिला विलावान पर आरोप है कि उसने भिक्षुओं के साथ संबंध बनाए और फिर उनसे पैसे वसूलने का काम किया।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक मठाधीश ने अचानक अपना पद छोड़ने की घोषणा कर दी। पुलिस जांच में पता चला कि विलावान इस मठाधीश को ब्लैकमेल कर रही थी। आरोपी महिला ने मठाधीश के साथ अपने संबंध होने और गर्भवती होने का दावा किया और उनसे 222,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.85 करोड़ रुपये) की मांग की थी।
जांच में विलावान के बैंक खातों से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बीते तीन सालों में उसके खाते में कुल 11.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 102.33 करोड़ रुपये) आए हैं, जिनमें से अधिकतर पैसे बौद्ध भिक्षुओं द्वारा ट्रांसफर किए गए थे।
थाईलैंड में थेरवाद संप्रदाय के बौद्ध भिक्षु ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं और महिलाओं को छूना अपराध मानते हैं। इस मामले के सामने आने के बाद थाईलैंड के मठ प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं, खासकर मठों में दान में मिलने वाले पैसों के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर। इस स्कैंडल में कम से कम 9 बौद्ध भिक्षुओं के नाम सामने आए हैं, जिन्हें मठ से निष्कासित कर दिया गया है। विलावान एम्सावत (35) को मंगलवार को बैंकॉक के पास नोनथाबुरी प्रांत से गिरफ्तार किया गया। उस पर ब्लैकमेलिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और चोरी के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने उसके फोन से कई भिक्षुओं के साथ चैट, फोटो और वीडियो भी बरामद किए हैं। विलावान ने एक बौद्ध भिक्षु के साथ संबंध होने की बात स्वीकार की है।
महात्मा गांधी की एक दुर्लभ ऑयल पेंटिंग 1.7 करोड़ रुपये में नीलाम हुई
17 Jul, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में महात्मा गांधी की एक दुर्लभ ऑयल पेंटिंग हाल ही में 152,800 पाउंड (करीब 1.7 करोड़ रुपये) में नीलाम हुई है। बोनहम्स में हुई ऑनलाइन नीलामी में यह तस्वीर अपनी अनुमानित कीमत से तीन गुना ज्यादा में बिकी। ब्रिटिश कलाकार क्लेयर लीटन द्वारा बनाई गई इस पेंटिंग को पोर्ट्रेट ऑफ महात्मा गांधी नाम दिया गया है। बताया जाता हैं कि यह महात्मा गांधी की एकमात्र ऐसी तस्वीर है जिसके लिए वे विशेष रूप से पोट्रेट मोड में बैठे थे, और कलाकार ने उनके सामने बैठकर यह खूबसूरत ऑयल पेंटिंग बनाई थी। यह पेंटिंग 1931 की है, जब महात्मा गांधी दूसरे गोलमेज सम्मेलन में हिस्सा लेने लंदन गए थे। पेंटिंग बनाने वाली कलाकार लीटन तब मशहूर राजनीतिक पत्रकार हेनरी नोएल के साथ रिश्ते में थीं, जो भारत की आजादी के प्रबल समर्थक थे। हेनरी के माध्यम से ही लीटन को गांधी जी से मिलने का मौका मिला था। इस मुलाकात के दौरान लीटन ने गांधी जी के सामने उनकी पेंटिंग बनाने की पेशकश की, जिस पर वे मान गए। गांधी जी को यह ऑयल पेंटिंग बेहद पसंद आई थी।
लीटन के परिवार को उम्मीद थी कि यह पेंटिंग 57-80 लाख रुपये में नीलाम होगी, लेकिन यह 1.7 करोड़ रुपये में बिकी। परिवार के अनुसार, 1974 में सार्वजनिक प्रदर्शनी के दौरान एक एक्टिविस्ट ने इस पेंटिंग पर हमला कर दिया था, जिसके बाद इसे ठीक किया गया था। इस घटना के कारण, परिवार को इतनी ऊंची कीमत मिलने की उम्मीद नहीं थी। 94 साल बाद इस पेंटिंग की यह नीलामी इसकी ऐतिहासिक और कलात्मक महत्ता को दर्शाती है।
अमेरिका की वांटेड लिस्ट में ईरानी राजदूत
17 Jul, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने ईरान के राजनयिक रेजा अमीरी मोगदम को अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया है। मोगदम फिलहाल पाकिस्तान में ईरान के राजदूत हैं। मोगदम पर आरोप है कि उन्होंने 2007 में एक रिटायर्ड अमेरिकी एफबीआई एजेंट रॉबर्ट लेविंसन के अपहरण की योजना बनाने और उसे छिपाने में अहम भूमिका निभाई थी। लेविंसन 8 मार्च 2007 को ईरान के किश द्वीप पहुंचे थे और अगले ही दिन अचानक गायब हो गए थे। अब तक उनकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है।
इजरायल की हवाई कार्रवाई से गाजा-सिरिया में मानवता कराह उठी, बच्चों और महिलाओं की मौत
16 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दीर अल-बलाह। अमेरिका ने कई बार इजरायल को समझाया या दिखावा किया ये तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही जाने लेकिन हमले रुक नहीं रहे हैं। बीते रोज भी इजरायल ताबड़तोड़ हमले किए जिससे गाजा में 90 लोगों की मौत हो गई। जिनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय अस्पतालों के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार दोपहर एक दैनिक रिपोर्ट में कहा कि पिछले 24 घंटों में इजराइली हमलों में मारे गए 93 लोगों के शव गाजा के अस्पतालों में लाए गए हैं। इसके साथ ही 278 घायल भी अस्पतालों में लाये गए हैं। इस हमले पर इजराइली सेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई। शिफा अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, उत्तरी शाती शरणार्थी शिविर में हुए एक हमले में फलस्तीनी विधायिका के हमास सदस्य की मौत हो गई, साथ ही उसी इमारत में शरण लिए हुए एक पुरुष, एक महिला और उनके छह बच्चे भी मारे गए। हताहतों को इसी अस्पताल में लाया गया था। शिफा अस्पताल के अनुसार, गाजा शहर के तेल अल-हवा जिले में एक घर पर हुए हमले में एक परिवार के 19 सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में आठ महिलाएं और छह बच्चे शामिल हैं। इसी जिले में विस्थापित लोगों के लिए बने एक शिविर पर हमले में एक पुरुष, एक महिला तथा उनके दो बच्चों की मौत हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने इजरायल से अनुरोध किया है कि वह सीरिया के दक्षिणी हिस्से में सरकारी बलों पर किए जा रहे हवाई हमले रोक दे। रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इजराइल ने अमेरिका को सूचित किया है कि वह मंगलवार शाम तक ये हमले बंद कर देगा। यह कदम संभवतः सीरिया में जारी जातीय हिंसा और क्षेत्रीय तनाव को काबू में लाने की अमेरिकी कोशिशों के तहत उठाया गया है।
सीरिया में इजरायली बमबारी से 200 की मौत
सीरिया के स्वेइदा शहर में ड्रूज और बेदौइन जनजातियों के बीच दो दिनों से जारी घातक संघर्ष के बीच इजरायल ने सरकारी बलों और हथियारों पर बमबारी की है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि सीरियाई सरकार इन हथियारों का इस्तेमाल ड्रूज समुदाय के खिलाफ करने जा रही थी। वहीं, सीरिया ने इजरायल की कार्रवाई की निंदा की है और कहा कि हमले में उनके सैनिकों और आम नागरिकों की मौत हुई है। मानवाधिकार निगरानी संस्था के मुताबिक झड़पों में अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
चुनौवी रैली में हुए हमले से ट्रंप को बचाने वाली महिला एजेंट फिर चर्चा में
16 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले साल एक चुनावी रैली में 13 जुलाई को हमला था। यह हमला जब हुआ था राष्ट्रपति रैली को संबोधित कर रहे थे, तभी उन पर गोली चलाई गई थी। इसमें वह बाल-बाल बचे गए थे। उस वक्त एक महिला सीक्रेट सर्विस एजेंट ने उन्हें कवर करते हुए उन्हें वहां से निकाला था।
गोलीबारी के बाद ट्रंप को सुरक्षा घेरा में लेते हुए कंधे के सहारे से वहां से लेकर जाती हुए महिला सीक्रेट सर्विस एजेंट की कई फोटो सामने आई थी। इस घटना को एक साल पूरा हो चुका हैं और उस सीक्रेट सर्विस एजेंट की बहादुरी की एक बार फिर से चर्चा हो रही है।
एक रिपोर्ट के मुताबक 35 साल की सीक्रेट सर्विस एजेंट साराटोगा काउंटी के एक छोटे से शहर हाफमून में पली-बढ़ी हैं। उनके नाम का खुलासा सुरक्षा कारणों से नहीं किया जा सकता है। उन्होंने मैकेनिकविले हाईस्कूल से शिक्षा प्राप्त की, जहां उन्होंने 2007 में स्नातक होने से पहले स्कूल की फुटबॉल और बास्केटबॉल टीमों के लिए खेला। ऑनलाइन बायोडाटा साइटों के मुताबिक इसके बाद उन्होंने सनी अल्बानी में दाखिला लिया। वहां उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री ली। फिर सार्वजनिक क्षेत्र प्रबंधन में स्नातकोत्तर सर्टिफिकेट लिया और गृह सुरक्षा में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।
उन्होंने 2009 में कॉलेज में रहते हुए ही सीक्रेट सर्विस में प्रशासनिक सहायक के रूप में काम किया था। वर्तमान सुरक्षा ड्यूटी में आने से पहले उन्होंने कुछ समय के लिए राज्य के मोटर वाहन विभाग में डेटा एनालिस्ट के रूप में भी किया। उनके एक सीक्रेट सर्विस सहकर्मी ने कहा कि वह एक अच्छी एजेंट हैं। 13 जुलाई को बटलर, पेनसिल्वेनिया में हुई रैली की प्रसिद्ध तस्वीर में, एजेंट ने ट्रम्प के दाहिने तरफ झुकी हुए देखी गईं। वह अपने हाथ को उठाकर ट्रंप को कवर करने की कोशिश कर रही थीं। जब हत्यारे ने ट्रम्प पर रैली के दौरान गोलीबारी शुरू कर दी थी।
तस्वीर में दो पुरुष एजेंट भी हैं। जिन्होंने ट्रम्प की सुरक्षा टीम का नेतृत्व किया था, लेकिन अब उन्हें सीक्रेट सर्विस निदेशक के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है। सीक्रेट सर्विस ने पिछले दिनों घोषणा की कि उसने छह एजेंटों को बिना वेतन के निलंबित कर दिया है, जो अभियान रैली स्थल की सुरक्षा में शामिल थे। वहीं सूत्रों ने कहा कि प्रतिष्ठित फोटो में तीन एजेंटों में से किसी को भी जिसमें महिला भी शामिल हैं निलंबित नहीं किया गया है।
हत्या के प्रयास के बाद महिला एजेंट की आलोचना भी की गई थी, जिसमें प्रौद्योगिकी दिग्गज एलन मस्क भी शामिल थे। उन्होंने दावा किया था कि वह 6 फुट 3 इंच लंबे ट्रंप की सुरक्षा के लिए बहुत छोटी हैं। मस्क ने एक्स पर लिखा था एक बड़े आदमी के लिए शरीर को ढकने के लिए एक छोटे व्यक्ति का होना समुद्र तट पर एक छोटे आकार के स्पीडो की तरह है जो सबजेक्ट को कवर नहीं करता है।
हालांकि, दो हफ़्ते बाद ट्रंप ने उनका बचाव करते हुए मिनेसोटा के सेंट क्लाउड में एक भीड़ से कहा कि मेरे दाहिनी ओर एक महिला मुझे बचा रही थी। एक खूबसूरत इंसान। वह हर संभव तरीके से मुझे बचा रही थीं। वह गोली खाने के लिए भी तैयार थीं। हालांकि, इन चीजों पर सीक्रेट सर्विस ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
इमरान खान जेल में बंद और पूर्व पत्नी रेहम खान ने बना दी नई पार्टी, क्या है इरादा
16 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कराची। पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान बीते दो सालों से जेल में बंद हैं। इस बीच उनकी पूर्व पत्नी रेहम खान ने एक नए राजनीतिक दल का ऐलान कर दिया है। इस दल का नाम- पाकिस्तान रिपब्लिक पार्टी रखा है। रेहम ने कहा कि यह एक दल नहीं बल्कि आंदोलन है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि सही लोग संसद और विधानसभा में पहुंचे।
रेहम खान ने कहा कि हम कानून सुधार के लिए लड़ेंगे ताकि लोगों को सीधे फायदा हो। हमारी लड़ाई महिलाओं और किसानों के लिए है। हम चाहेंगे कि पाकिस्तान में ऐसी नीतियां बनें जो आम लोगों को फायदा हो। रेहम के विदेश में रहने का मुद्दा भी पत्रकारों ने उठाया। इस पर रेहम खान ने कहा कि पूरा पाकिस्तान ही मेरा घर और निर्वाचन क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि मेरा आंदोलन कोई राजनीतिक नहीं है बल्कि समाज में सुधार का है। हम चाहते हैं कि पाकिस्तान के लोगों में फिर से उम्मीद, गरिमा और सम्मान का भाव जागे। हम चाहते हैं कि आम लोग भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर सकें।
रेहम खान ने कहा कि शहबाज सरकार में प्रशासन ठीक से नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि यहां हर काम तब होता है, जब लोग परेशान हो जाते हैं और सड़कों पर उतर आते हैं। बता दें रेहम खान इमरान खान की दूसरी पत्नी थीं। दोनों की शादी 2014 में हुई थी, लेकिन 10 महीने ही साथ रह सके और तलाक हो गया। 2018 में रेहम ने अपनी आत्मकथा भी लिखी थी। इस पुस्तक में उन्होंने इमरान से शादी और रिलेशनशिप को लेकर विस्तार से लिखा था। रेहम खुद भी पाकिस्तानी मूल की हैं और पश्तून परिवार से ताल्लुक रखती हैं। लेकिन उनका जन्म लीबिया में हुआ था। उनका परिवार लंबे अरसे से पाकिस्तान से दूर है और वह भी सालों तक लंदन में रही हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल की पत्नी ब्रिजिट मैक्रों फिर चर्चा में
16 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों पिछले कुछ महीनों से सुर्खियां में हैं। इस जोड़े के बीच में उम्र का अंतर लोगों का ध्यान खींचता है। कुछ महीने पहले विमान में उनका एक थप्पड़ मारने वाला वीडियो वायरल हुआ था, जिसे लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भी टिप्पणी की थी। अब 72 साल की ब्रिजिट मैक्रों ने दो महिलाओं के ऊपर फ्रांस की सर्वोच्च अदालत में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। यह दोनों महिलाएं इस बात का दावा करती रही हैं कि ब्रिजिट मैक्रों पहले एक पुरुष थी बाद में वह लड़की बन गईं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिजिट मैक्रों ने इन दोनों महिलाओं के खिलाफ पहले निचली अदालत में मुकदमा किया था, जिसके बाद उन्हें सजा सुनाई गई थी, लेकिन पेरिस की अदालत ने उन दोनों के खिलाफ सुनाई गई सजा को माफ कर दिया। इसके बाद मैक्रों ने सर्वोच्च अदालत में अपील की है। दरअसल ये दोनों महिलाओं ने एक यूट्यूब पर पोस्ट किए गए वीडियो में दावा किया था कि ब्रिजिट मैक्रों असल में जीन-मिशेल ट्रोग्नेक्स नामक एक पुरुष थे। बाद में उन्होंने लिंग परिवर्तन करवाकर ब्रिजिट के रूप में अपनी नई जिंदगी शुरू की और फिर इमैनुएल मैक्रों से शादी की। इसके अलावा इस वीडियो में उन्होंने ब्रिजिट को लेकर और भी दावे किए थे।
बता दें 2021 में फ्रांस में इस दावे को लेकर काफी चर्चा हुई थी। बात बढ़ने के बाद ब्रिजिट ने तभी इन दोनों पर केस कर दिया था और फिर निचली अदालत ने दोनों महिलाओं पर 13 हजार यूरो का जुर्माना लगाया था, जिसमें 8000 ब्रिजिट को और 5000 उनके भाई को देने की बात कही गई थी। अब जबकि अदालत ने इस सजा को हटा दिया है तो मैंक्रों और उनके भाई ने सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
बता दें राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी के बारे में गलत जानकारी कई वर्षों से फैल रही हैं। इतना ही 47 साल के मैक्रों और 72 साल की ब्रिजिट के बीच में उम्र का अंतर भी अक्सर लोगों का ध्यान खींचता है।
जापान-फिलीपींस सैन्य गठबंधन: अबुकुमा क्लास युद्धपोत से बढ़ेगी नौसेना की ताकत
16 Jul, 2025 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ड्रैगन को घेरने की तैयारी: ब्रह्मोस के बाद ताइवान और जापान से बढ़ाया सैन्य सहयोग
मनीला। दक्षिण चीन सागर में टकराव अब केवल जहाजों का नहीं, इरादों का भी हो गया है। चीन की आक्रामकता से लगातार जूझ रहा फिलीपींस अब खुलकर अपनी नीति में बदलाव कर रहा है। मनीला ने चीन को जवाब देने के लिए एक के बाद एक अहम रणनीतिक कदम उठाए हैं—पहले भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदी, अब ताइवान से सैन्य रिश्ते गुपचुप तरीके से मजबूत कर रहा है, और जापान से विध्वंसक युद्धपोत लेकर अपनी नौसेना को नई धार दे रहा है।
कभी 'मछुआरों का देश' कहे जाने वाले फिलीपींस ने अब यह जता दिया है कि वह ड्रैगन को उसकी सीमाएं याद दिलाने के लिए तैयार है।
ताइवान के साथ रिश्तों में खुलापन
चीन को चुनौती देने की दिशा में फिलीपींस ने ताइवान से रक्षा सहयोग को एक नई दिशा दी है। ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह रणनीति क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर फिलीपींस की गहरी चिंता का नतीजा है।
फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्ट टियोडोरो ने हाल ही में कहा, "यह मानना कि ताइवान की सुरक्षा का हम पर कोई असर नहीं होगा, खुद को धोखा देने जैसा है।" इस बयान ने स्पष्ट कर दिया कि अब मनीला ताइवान को लेकर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रहा है। हालांकि, फिलहाल फिलीपींस एक चीन नीति के तहत बीजिंग को ही आधिकारिक मान्यता देता है।
दूसरे स्तर पर पहुंचा सैन्य सहयोग
सूत्रों के मुताबिक, फिलीपींस और ताइवान का सैन्य सहयोग अब केवल बयानबाजी नहीं रहा, बल्कि वास्तविक अभ्यास और रणनीतिक संवाद तक पहुंच चुका है। फिलीपींस के सैन्य शिक्षाविदों ने हाल ही में ताइवान के शीर्ष जनरलों से रणनीतिक चर्चा की। इसके अलावा दोनों देशों की कोस्ट गार्ड ने संयुक्त गश्त भी की है।
हाल ही में ताइवान ने अमेरिका, जापान और फिलीपींस के त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास में पर्यवेक्षक भेजे थे। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह चीन को सामुद्रिक आक्रामकता का करारा जवाब था।
जापान की मदद से समुद्री ताकत में इजाफा
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार जापान फिलीपींस को छह अबुकुमा क्लास विध्वंसक युद्धपोत देने जा रहा है। ये पोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस हैं—इनमें 76 मिमी की तोप, 20 मिमी की क्लोज-इन वेपन सिस्टम, एंटी-सबमरीन मिसाइल और उन्नत सोनार लगे हैं। इनका स्टील्थ डिज़ाइन इन्हें चीन की रडार निगरानी से बचाता है।
यह सहयोग सिर्फ जहाज भेजने तक सीमित नहीं है। जापान इन युद्धपोतों को फिलीपींस की जरूरत के मुताबिक अपग्रेड करेगा, नौसैनिकों को ट्रेनिंग देगा और संचार व रडार सिस्टम को भी एकीकृत करेगा।
चीन को घेरने की बहुस्तरीय रणनीति
फिलीपींस का यह बहुस्तरीय रणनीतिक मोर्चाबंदी चीन के खिलाफ एक बड़ा संकेत है। भारत से ब्रह्मोस मिसाइल, ताइवान से रणनीतिक साझेदारी और जापान से नौसैनिक सहायता मिलकर मनीला की समुद्री सुरक्षा नीति को मजबूत बना रही हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में फिलीपींस अब महज एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि चीन की समुद्री दादागीरी को चुनौती देने वाला अहम शक्ति केंद्र बनता जा रहा है।
हरियाणा: रेवाड़ी में भीषण सड़क हादसा, एक ही परिवार के तीन लोगों की जान गई
16 Jul, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेवाड़ी (हरियाणा)। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गांव आसलवास के समीप एक ट्रक का स्टेयरिंग फेल होने के बाद रॉन्ग साइड जाकर स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार पति-पत्नी और उनके सात साल के बेटे की मौत हो गई। परिवार दिल्ली का रहने वाला था। हादसे के बाद ट्रक सड़क पर ही पलट गया। हादसे में ट्रक चालक भी घायल हुआ है।
मरने वाले अमित के भाई सुमित चत्रा ने बताया कि अमित घर के पास ही प्रेस की दुकान चलाता था। उसका दस साल का बेटा अकंद चत्रा हादसे के वक्त दिल्ली स्थित घर पर था। दिल्ली के ख्याला थाना क्षेत्र में पड़ने वाले रघुवीर नगर के टीसी कैंप स्थित डी 397 में रहने वाले 35 वर्षीय अमित चत्रा अपनी पत्नी 30 वर्षीय राखी व सात साल के बेटे युवक चत्रा के साथ किसी काम से बावल आए थे।
रात ढाई बजे वह स्कूटी से वापस दिल्ली जा रहे थे। इसी दौरान गांव आसलवास में पेट्रोल पंप के सामने अचानक एक अनियंत्रित ट्रक रॉन्ग साइड आ गया और उनकी स्कूटी को टक्कर मारते हुए सड़क पर ही पलट गया। इस हादसे में अमित, उसकी पत्नी राखी और बेटे युवक चत्रा की मौके पर ही मौत हो गई। साथ ही ट्रक चालक भी घायल हो गया।
फतेहाबाद पुलिस को मिली बड़ी सफलता, साइबर ठगी के तीन आरोपी दबोचे
16 Jul, 2025 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद (हरियाणा)। फतेहाबाद पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले में सफलता हासिल करते हुए नागालैंड से अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह के तीन सदस्यों को काबू किया है। साइबर थाना की विशेष टीम ने नागालैंड की राजधानी कोहिमा में दबिश देकर गिरोह के तीन शातिर ठगों को पकड़ जांच में शामिल किया है। आरोपियों की पहचान निजामुद्दीन पुत्र मुमसर निवासी असम, मोमिन अहमद पुत्र अब्दुल सलाम निवासी नागालैंड और हसन अहमद पुत्र जमालुद्दीन निवासी कोहिमा (असम) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक एप्पल मोबाइल भी बरामद किया है, जिसकी फोरेंसिक जांच जारी है।
ऐसे करते थे ठगी
गिरोह के सदस्य लोगों को अज्ञात फिशिंग लिंक भेजते थे। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में एक एपीके फाइल डाउनलोड हो जाती, जिससे उनका फोन ठगों के नियंत्रण में आ जाता था। इसके बाद बैंक डिटेल्स निकालकर खातों से पैसे उड़ा लेते थे।
पुलिस के सिपाही से 75,900 की ठगी
इस कार्रवाई की शुरुआत फतेहाबाद निवासी जोगिंद्र कुमार की शिकायत पर हुई, जो वर्तमान में फरीदाबाद में हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात हैं। 9 दिसंबर 2024 को उन्हें एक संदिग्ध लिंक मिला, जिस पर क्लिक करते ही मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड हो गई। ठगों ने उनके एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड से 75,900 निकाल लिए। शिकायत को राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज किया गया और 22 अप्रैल 2025 को साइबर थाना फतेहाबाद में मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ के बाद आरोपी छोड़े गए जमानत पर
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह अब तक लाखों रुपये की ठगी कर चुका है और देश के कई राज्यों में सक्रिय रहा है। मामले की जांच साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राहुल कुमार के नेतृत्व में जारी है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सतीश कुमार व एएसआई विनोद कुमार की भूमिका अहम रही।
पुलिस की अपील, न करें अज्ञात लिंक पर क्लिक
फतेहाबाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में दें।
अंबाला: ससुराल में रह रहे राजमिस्त्री ने रेलवे स्टेशन पर फांसी लगाकर की आत्महत्या
16 Jul, 2025 01:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला (हरियाणा)। अंबाला सिटी के रेलवे स्टेशन पर व्यक्ति ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक की पहचान 40 वर्षीय अंबाला छावनी निवासी जसपाल के रूप में हुई है। बुधवार सुबह 6:30 बजे के करीब जीआरपी को पता चला कि एक व्यक्ति ने स्टेशन के अंतिम कोने में कपड़े से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारा। इसके बाद शव को नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखवाया।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार मृतक मुख्य रूप से कुरुक्षेत्र के पेहवा का रहने वाला था। अंबाला छावनी में वह अपनी ससुराल में रहता था। यह भी पता चला है कि व्यक्ति मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में भी बतौर राजमिस्त्री काम करता था। पुलिस ने परिजनों को बुलाया है और मामले की जांच में जुटी हुई है।
कब्रिस्तान की सुरक्षा पर सवाल, हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
16 Jul, 2025 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने रोहतक के गांव धामड़ निवासी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एक अहम आदेश पारित किया है। शिकायतकर्ता ने आयोग को अवगत कराया कि गांव के कब्रिस्तान की चारदीवारी अब तक नहीं बन पाई है, जबकि पंचायत के पास आवश्यक धनराशि उपलब्ध है और इस संबंध में कई बार अनुरोध भी किए जा चुके हैं।
आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने पाया कि इस प्रकार की लापरवाही न केवल मृतकों की गरिमा का हनन है, बल्कि यह ग्राम वासियों की धार्मिक भावनाओं और मान्यताओं के प्रति असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है। मृतक की गरिमा की रक्षा करना समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी है, जो मृत्यु के बाद भी समाप्त नहीं होती।
जस्टिस ललित बत्रा ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि हरियाणा पंचायत राज अधिनियम, 1994 की धारा 21(18)(3) के तहत ग्राम पंचायतों का यह वैधानिक कर्तव्य है कि वे श्मशान और कब्रिस्तान जैसे सामुदायिक संसाधनों की देखरेख और सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस दिशा में लापरवाही एक गंभीर प्रशासनिक चूक और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग के प्रोटोकॉल, सूचना व जनसम्पर्क अधिकारी डॉक्टर पुनीत अरोड़ा ने बताया कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को देखते हुए आयोग ने उपायुक्त रोहतक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी रोहतक तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (ब्लॉक रोहतक) से रिपोर्ट तलब की है। सभी अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि कब्रिस्तान की चारदीवारी अब तक क्यों नहीं बनी और इसे कब तक पूरा किया जाएगा। इस संबंध में अगली सुनवाई 18 सितंबर 2025 को होगी। आयोग ने यह आदेश शिकायतकर्ता, संबंधित अधिकारियों तथा गांव धामड़ के सरपंच को ईमेल और डाक द्वारा भेजने के निर्देश भी दिए हैं।
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