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अब बिलावल की धमकी कहा- भारत ने डैम बनाया तो होगी जंग, नदियों पर करेंगे कब्जा
12 Aug, 2025 07:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कराची। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने गीदड़भभकी दी है कि अगर भारत ने सिंधु नदी पर बांध बनाया तो दोनों देशों के बीच जंग होगी। बिलावल की यह धमकी पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की ताजा भारत के खिलाफ परमाणु धमकी के एक दिन बाद, आई है। जरदारी ने कहा है कि अगर नई दिल्ली सिंधु जल संधि में बदलाव के साथ आगे बढ़ती है तो हालात युद्ध तक पहुंच सकते हैं।
सिंध सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए बिलावल भुट्टो ने दावा किया कि सिंधु नदी के पानी को पाकिस्तान से दूर मोड़ना देश के इतिहास, संस्कृति और सभ्यता खासकर सिंध पर हमला है। बिलावल ने कहा, अगर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिंधु नदी पर हमले की घोषणा करते हैं, तो वे हमारे इतिहास, हमारी संस्कृति और हमारी सभ्यता पर हमला करते हैं। बिलावल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सिंधु नदी पर जल परियोजना की घोषणा पाकिस्तान के लिए एक चेतावनी के समान है क्योंकि इससे पाकिस्तान की जल आपूर्ति में कटौती हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि अपनी विदेश यात्राओं के दौरान, भारत की आक्रामक जल नीति का मुद्दा वह उजागर करते रहे हैं।
बिलावल ने कहा कि सिंध के लोगों ने जब भी सिंधु नदी को खतरे में महसूस किया है, उसकी रक्षा के लिए वह आगे आए हैं। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ने कहा, पाकिस्तान के लोगों में युद्ध की स्थिति में मोदी का सामना करने की ताकत है। उन्होंने भारत को चेतावनी दी कि एक और युद्ध के परिणामस्वरूप पाकिस्तान अपनी सभी छह नदियों पर पुनः अधिकार कर सकता है। बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त ऐक्शन लिए थे। उनमें सिंधु जल समझौते के स्थगित करना भी शामिल है। इससे पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, के तुरंत बाद भारत ने 1960 के इस समझौते को स्थगित कर दिया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि भारत इस ऐतिहासिक समझौते को कभी बहाल नहीं करेगा।
ट्रंप ने आधी रात को वॉशिंगटन की सड़कों पर उतार दी फौज
12 Aug, 2025 06:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिना किसी चेतावनी के वॉशिंगटन डीसी में 800 नेशनल गार्ड तैनात करने का आदेश दे दिया। हुक्म आते ही आधी रात सेना ने मोर्चा संभाल लिया। इनमें से कुछ सैकड़ों जवान सड़कों पर दिखेंगे, तो कुछ प्रशासन और लॉजिस्टिक्स का काम देखेंगे। लेकिन ट्रंप ने अचानक ये फैसला क्यों लिया और इससे अमेरिका में हड़कंप क्यों मचा है?
वहीं ट्रंप का कहना है कि गैंगों का कब्जा खत्म करना जरूरी है, राजधानी को सुरक्षित रखना है। पहले भी नेशनल गार्ड यहां उतरे हैं। 2020 में ब्लैक लाइव्स मैटर विरोध प्रदर्शन के दौरान ट्रंप प्रशासन ने सैकड़ों गार्ड तैनात किए थे, जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव चरम पर था। 2021 में 6 जनवरी को कैपिटल हिल पर हुए दंगे के बाद, सुरक्षा के लिए हजारों नेशनल गार्ड तैनात किए गए। 1968 में मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्या के बाद डीसी में हिंसा भड़कने पर भी गार्ड सड़कों पर उतरे थे। लेकिन फर्क ये है कि इन सभी मौकों पर हालात वाकई बेकाबू थे। इस बार हालात सामान्य दिख रहे थे, फिर भी 800 जवान उतारना कई लोगों को चौंका रहा है।
नेशनल गार्ड को यूं सड़कों पर उतारना कोई छोटी बात नहीं है। अमेरिका में ये फोर्स आमतौर पर आपदा, बड़े दंगे या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हालात में लगाई जाती है। और सबसे दिलचस्प बात इस बार न तो डीसी में कोई बड़े पैमाने का दंगा चल रहा था, न अपराध दर रिकॉर्ड स्तर पर थी। बल्कि आंकड़े तो कुछ और ही कहानी सुना रहे हैं। मजे की बात ये है कि आंकड़े कह रहे हैं वॉशिंगटन डीसी में अपराध पहले से कम हो रहा है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के हिसाब से 2024 में हिंसक अपराध 35 प्रतिशत घटा, एफबीआई भी 9 प्रतिशत की गिरावट बता रही है। 2025 की शुरुआत में डकैती 25 प्रतिशत और हत्याएं 12 प्रतिशत कम हुईं। यानी हालत सुधर रही थी, लेकिन ट्रंप ने फिर भी फौज उतार दी।
गोल्डी बरार पर भी असर डाल सकता है कनाडा का फैसला
12 Aug, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कनाडा की कंजरवेटिव पार्टी ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की है, आरोप लगाते हुए कि यह गिरोह देश में बढ़ती हिंसा के लिए जिम्मेदार है। एबीपी न्यूज़ को भेजे अपने एक्सक्लूसिव जवाब में कनाडा के पब्लिक सेफ्टी डिपार्टमेंट ने कहा कि समीक्षा के दौरान किसी संगठन पर टिप्पणी नहीं की जाती—यह एक “चालू प्रक्रिया” है।
मांग और पृष्ठभूमि
ब्रिटिश कोलंबिया, अल्बर्टा और सरे के शीर्ष नेताओं ने भी पहले इस गैंग को क्रिमिनल कोड के तहत आतंकवादी संगठन घोषित करने की अपील की थी। विपक्षी सांसद फ्रैंक कैपुटो का कहना है कि बिश्नोई गैंग रंगदारी, गोलीबारी और चरम हिंसा के जरिए डर का माहौल बनाता है, जो आतंकवाद की परिभाषा में आता है।
गोल्डी बरार पर असर
भारत सरकार पहले ही गैंग के प्रमुख सदस्य गोल्डी बरार को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित कर चुकी है। अगर कनाडा ने बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन की सूची में डाला, तो गोल्डी बरार की संपत्ति जब्त हो सकती है और उसे उम्रकैद तक का सामना करना पड़ सकता है।
कानूनी असर
कनाडा के कानून के मुताबिक, किसी आतंकी संगठन या उसके सदस्यों को आर्थिक मदद, यात्रा सुविधा या भर्ती में सहायता देना गैर-कानूनी है। सूचीबद्ध संगठनों की संपत्ति सरकार फ्रीज़ कर सकती है, और बैंकों को इसकी पूरी जानकारी देनी होती है।
F414 इंजन के लिए भारत-अमेरिका वार्ता, AMCA और तेजस Mk2 को बढ़त मिलेगी
12 Aug, 2025 12:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेजस Mk2: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की नई तैयारी, पाकिस्तान को बड़ा झटका
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के वायुसेना ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद अब भारत रक्षा क्षमता को और मजबूत करने में जुट गया है। भारतीय वायुसेना के तेजस Mk1A लड़ाकू विमान के लिए अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से इंजन डिलीवरी तेज हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक, GE ने दो इंजन भारत को सौंप दिए हैं और तीसरा इंजन इसी महीने मिलेगा। अक्टूबर से हर महीने दो इंजन मिलने लगेंगे। शुरुआती 99 इंजनों के ऑर्डर पर सहमति बन चुकी है और 97 और तेजस Mk1A विमानों के लिए बातचीत चल रही है।
इसके साथ ही भारत, अमेरिका से AMCA और तेजस Mk2 विमानों के लिए F414 इंजन खरीदने पर भी बातचीत कर रहा है, जिसकी तकनीकी चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं। सौदा कुछ महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को भारी नुकसान
रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन में पाकिस्तान को लगभग 4,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसमें एफ-16 ब्लॉक 52 के चार फाइटर जेट (करीब 350 मिलियन डॉलर का नुकसान) और शाहीन क्लास की दो मिसाइलें (8 मिलियन डॉलर का नुकसान) शामिल हैं।
अमेरिका से रक्षा सौदे जारी
सरकारी सूत्रों ने रॉयटर्स की उस रिपोर्ट को खारिज किया है, जिसमें दावा किया गया था कि भारत, अमेरिका से हथियार खरीद रोक सकता है। रक्षा मंत्रालय ने साफ किया कि वाशिंगटन के साथ सभी रक्षा सौदे योजना के अनुसार चल रहे हैं। अमेरिकी टीम अगले महीने भारत आकर रक्षा खरीद पर बातचीत करेगी, जिसमें नौसेना के लिए 6 और P8I विमान खरीदने पर भी चर्चा होगी।
हरियाणा का अजीब मामला: सरकारी रिकॉर्ड में मृत, हकीकत में खड़ा डीसी के सामने
12 Aug, 2025 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक: पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों की गलती की वजह से एक जिंदा कर्मचारी को मृत ही घोषित कर दिया गया। जबकि यह कर्मचारी सोमवार को खुद जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मीटिंग में हाजिर हो हो गया। इस कर्मचारी ने मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे डीसी धर्मेंद्र सिंह के सामने रोकर अपनी व्यथा सुनाई। डीसी ने पूरा मामला समझने के बाद इस कर्मचारी को लंबित मानदेय का भुगतान करने और हरियाणा कौशल रोजगार निगम में पोर्ट करने के आदेश दिए।
दरअसल जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मासिक मीटिंग सोमवार को दोपहर बाद जिला भवन में आयोजित की गई। इस मीटिंग की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार को करनी थी लेकिन वे किन्हीं कारणों की वजह से नहीं पहुंचे। जिसके बाद डीसी धर्मेंद्र सिंह ने मीटिंग की अध्यक्षता की। इस मीटिंग में 16 शिकायत रखी गई थी। सबसे आखिरी शिकायत लोकल रामलीला पड़ाव वाल्मीकि बस्ती निवासी विजय कुमार की थी। वह पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में पिछले 16 वर्ष से अनियमित कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा है। उसने वर्ष 2008 में ठेकेदार के माध्यम से पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में पंप ऑपरेटर के रूप में नौकरी शुरू की थी, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान उसके आधार कार्ड में कुछ गड़बड़ी करके उसे मृत घोषित कर दिया, जबकि वह महामारी में भी ड्यूटी देता रहा। इसके बाद उसे नौकरी से हटा दिया और कोई पैसा भी नहीं दिया।
नवंबर 2022 से लेकर 31 मार्च 2024 तक ड्यूटी करवाई
विजय कुमार ने बताया कि पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों ने उससे नवंबर 2022 से लेकर 31 मार्च 2024 तक ड्यूटी करवाई, लेकिन कोई वेतन नहीं दिया। इसके बारे में तत्कालीन एक्सईएन फूल सिंह से मिलकर बात की तो उन्होंने कहा कि ड्यूटी करते रहे, आपका नाम चढ़ जाएगा और पैसा मिल जाएगा, लेकिन कोई भुगतान नहीं हुआ। फिलहाल उसकी ड्यूटी ओल्ड बस के नजदीक है। उसके पास पीएफ अकाउंट भी है। लॉग बुक में भी हाजिरी लगती है। लेबर कोर्ट में भी उसके हक में फैसला आ चुका है। इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों की गलती की वजह से उसे रिकॉर्ड में मृत दर्शा दिया गया। इस वजह से उसका कई माह का मानदेय लंबित है।
डीसी से मिला तो दोबारा ड्यूटी पर ले लिया
ऐसे में विजय कुमार खुद डीसी की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में हाजिर हुआ और अपना दुखड़ा सुनाया। अपनी व्यथा सुनाते समय वह रो पड़ा। उसने कहा कि वह ड्यूटी कर रहा है, हाजिरी भी लॉग बुक में लगती है लेकिन सिस्टम ने उसे मार दिया। कोरोना महामारी के समय भी वह ड्यूटी पर डटा रहा। विजय कुमार ने बताया कि 18 फरवरी को उसे नौकरी से हटा दिया गया, जिसके बाद 19 फरवरी केो डीसी से मिला तो दोबारा ड्यूटी पर ले लिया। पिछले 6 माह से ड्यूटी दे रहा हू, लेकिन आज तक कोई वेतन नहीं मिला। उसे जनवरी 2024 में एचकेआरएन में भी शामिल करते हुए नाम दर्ज किया गया, लेकिन उसके माध्यम से भी कोई वेतन नहीं मिला।
3 लाख 83 हजार 321 रुपए मुआवजे के रूप में देने के निर्देश दिए
अधिकारी ड्यूटी तो करवा रहे हैं, लेकिन वेतन नहीं दे रहे। शिकायत करने पर कोई सुनने वाला नहीं है। विजय कुमार ने लेबर कोर्ट में केस भी किया था, जिसमें उसे जीत मिली। कोर्ट ने डिपार्टमेंट को 3 लाख 83 हजार 321 रुपए मुआवजे के रूप में देने के निर्देश दिए हुए हैं, लेकिन वह पैसा भी आज तक नहीं मिला है। घर का गुजारा भी मुश्किल से चल रहा है। विभाग उसे तिल तिल मरने पर विवश कर दिया है। इस पर डीसी धर्मेंद्र सिंह ने पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के एक्सईएन से इस बारे में जवाब मांगा। हालांकि वह स्पष्ट तौर पर कोई जवाब नहीं दे पाया गया। सिर्फ इतना कहा कि रिकॉर्ड में गलती की वजह से यह सब हुआ होगा। इसके बाद डीसी ने लेबर कोर्ट के फैसले के आधार पर विजय कुमार को लंबित मानदेय का भुगतान करने और एचकेआरएन में पोर्ट कराने के आदेश दिए। इस पर एक्सईएन ने बताया कि इस समय पोर्टल बंद है। जिसके बाद डीसी ने कहा कि जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मीटिंग की कार्यवाही के आधार पर कर्मचारी को मानदेय का भुगतान कराया जाए।
मुनीर अपने ही देश का उड़ाने लगे मजाक बोले- भारत मर्सिडीज है तो पाकिस्तान खटारा ट्रक
11 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन।पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानियों के बीच अपने देश की शेखी बघारने के लिए गए। हालांकि इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए एक बात कह दी, जिससे सोशल मीडिया पर उनका और पाकिस्तान का ही मजाक बनने लगा। दरअसल जनरल मुनीर ने भारत और पाकिस्तान की स्थिति की तुलना करते हुए कहा, भारत किसी हाईवे पर दौड़ती चमचमाती मर्सिडीज की तरह है और हम बजरी से भरे खटारा ट्रक हैं। अगर यह ट्रक कार से टकरा जाए, तो नुकसान किसका होगा?
मुनीर की यह ‘खुद की जुबान से खुद की फजीहत’ वाली तुलना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। लोग लिखने लगे कि पाकिस्तान का डंप ट्रक मर्सिडीज तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाएगा या पलट जाएगा।भाषण में मुनीरने पाकिस्तान की दशकों से बिगड़ी आर्थिक हालत के बावजूद भविष्य को उज्ज्वल बताया। फ्लोरिडा में पाकिस्तानियों के बीच उन्होंने कहा कि अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई और चीन के साथ रिश्ते मजबूत हो रहे हैं और 64 प्रतिशत युवा आबादी देश की ताकत है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में तेल और खनिजों की भारी संपदा है, जिससे देश आर्थिक दलदल से बाहर निकलेगा- वही सपना जो 50 साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने दिखाया था। हकीकत यह है कि दशकों तक उधार के पैसों पर सैन्य खर्च करने वाले पाकिस्तान के पास दुनिया को देने के लिए व्यापार के नाम पर बहुत कम है। अमेरिका के साथ उसका द्विपक्षीय व्यापार महज 10 अरब डॉलर है, जबकि भारत का अमेरिका से व्यापार 135 अरब डॉलर के आसपास है। मुनीर ने अपने भाषण में पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक कथन को भी अपनाते हुए कहा कि अमेरिका में आकर बसना ‘ब्रेन ड्रेन नहीं, बल्कि ब्रेन गेन’ है। वहीं मनीर जब पाकिस्तानियों को ये झूठे सपने दिखा रहे थे तभी होटल के बाहर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
पाकिस्तान पंजाब प्रांत में बारिश ने मचाई तबाही, अब तक 166 की मौत
11 Aug, 2025 08:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाहौर। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बारिश के कारण हुई मौतों की संख्या 166 हो गई है। सियालकोट और झेलम में दो और लोगों की मौत के बाद यह आंकड़ा बढ़ा है। इस दौरान प्रांत के कई शहरों में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई है।
पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक सियालकोट में सबसे ज्यादा 78 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद लाहौर में 43.4, गुजरांवाला में 36.8, चकवाल 23 मिमी, अटक 13.6, मंगला 12.2, गुजरात 10.6, नारोवाल, रावलकोट 4, इस्लामाबाद एयरपोर्ट 3.9 मिमी और मंडी बहाउद्दीन 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
प्रांतीय अधिकारियों ने 8 अगस्त के आंकड़ों के आधार पर बताया कि इस मानसून सीजन में 164 लोगों की मौत हुई है और 82 लोग घायल हुए। इसके अलावा पंजाब में 121 पशुधन मारे गए हैं और 216 घर नष्ट हो गए हैं। मॉडल टाउन, कोट लखपत, पेको रोड, टाउनशिप, ग्रीन टाउन, फैक्ट्री एरिया, मुस्लिम टाउन और गार्डन टाउन सहित कई इलाकों में जल जमाव की सूचना है। निश्तार पार्क स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बाढ़ के कारण ‘इंडिपेंडेंस फैमिली फन रेस’ को रद्द कर दिया गया है साथ ही बारिश के कारण लाहौर में 120 से अधिक फीडर ट्रिप होने से बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने कई नदियों में निम्न-स्तरीय बाढ़ की चेतावनी जारी की है। वहीं सिंधु नदी पर चश्मा बैराज में निम्न-स्तर की बाढ़ की सूचना मिली है, लेकिन तरबेला, कालाबाग, तौनसा, गुड्डू, सक्खर और कोटरी बैराज में जल प्रवाह सामान्य है। रावी नदी के बसंतर नाले में मामूली बाढ़ है, लेकिन मुख्य धारा अप्रभावित है। कोह-ए-सुलेमान रेंज और डेरा गाजी खान डिवीजन में पहाड़ी नालों से बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। नदियों, नहरों और जलधाराओं के किनारे तैराकी और स्नान पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है और धारा 144 लागू कर दी गई है और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने किया ऐलान, सितंबर में फिलिस्तीन को देंगे मान्यता
11 Aug, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बानीज ने ऐलान किया है कि उनका देश सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीनी राज्य को औपचारिक मान्यता देगा। यह कदम दो हफ्ते पहले उनकी उस बात से उलट है, जिसमें उन्होंने कहा था कि निकट भविष्य में वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे। अल्बानीज ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि फिलिस्तीनी प्राधिकरण (पीए) की प्रतिबद्धताओं के आधार पर हम फिलिस्तीनी लोगों के अधिकार को स्वीकार करेंगे। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर इसे साकार करने के लिए काम करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएम एंथनी अल्बानीज ने इस कदम को एक वैश्विक प्रयास का हिस्सा बताया जो मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने में मददगार साबित होगा। उन्होंने साफ कहा कि हमास को किसी भी फिलिस्तीनी राज्य में कोई जगह नहीं दी जाएगी। साथ ही उन्होंने इजराइल पर गाजा में मानवाधिकारों के उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी करने का आरोप लगाया। गाजा की स्थिति को उन्होंने दुनिया की सबसे भयानक स्थिति से भी ज्यादा बदतर बताया है।
पीएम अल्बानीज ने कहा कि फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने कुछ अहम वादे किए हैं, जिनके आधार पर यह फैसला लिया गया है। इनमें हमास को सरकार से बाहर रखना, गाजा का विसैन्यीकरण और 2006 के बाद से लंबित चुनाव कराना शामिल है। इसके अलावा, फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने इजराइल के शांति और सुरक्षा के अधिकार को स्वीकार करने, उकसावे पर रोक लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय निगरानी और आतंकवादियों के परिवारों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता को बंद करने का आश्वासन दिया है।
अल्बानीज का मानना है कि मध्य पूर्व में हिंसा के चक्र को तोड़ने और गाजा में संघर्ष, पीड़ा और भुखमरी को खत्म करने का सबसे बेहतर रास्ता है। उन्होंने पिछले दो हफ्तों में ब्रिटेन, फ्रांस, न्यूजीलैंड, जापान, इजराइल और फिलिस्तीनी प्राधिकरण अध्यक्ष महमूद अब्बास के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की। नेतन्याहू के साथ उनकी चर्चा सभ्य और लंबी रही, लेकिन उन्होंने कहा कि इजराइली पीएम के तर्क पुराने हैं। इससे पहले, नेतन्याहू ने रविवार को कुछ यूरोपीय देशों की इस पहल की आलोचना की थी।
इक्वाडोर के नाइट क्लब में गोलीबारी, 8 की मौत, 3 घायल
11 Aug, 2025 05:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
क्विटो। इक्वाडोर के तटीय प्रांत गुआयास के ग्रामीण क्षेत्र सांता लूसिया स्थित एक नाइट क्लब में रविवार को हुई गोलीबारी में आठ लोगों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह इलाका देश के सबसे खतरनाक क्षेत्रों में से एक माना जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि हमलावर भारी हथियारों से लैस थे और मोटरसाइकिलों व दो वाहनों पर सवार होकर आए थे। गोलीबारी में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतकों की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि नाइट क्लब में गोलीबारी का कारण क्या था। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और हमलावरों की तलाश जारी है।
फतेहपुर में विवाद : पुरातन मकबरे को मंदिर बताकर पूजा की मांग, पुलिस तैनात
11 Aug, 2025 02:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोमवार को फतेहपुर जिले के रेडईया मोहल्ले में एक सैकड़ों वर्ष पुराने मकबरे को लेकर दो समुदायों में तनाव उत्पन्न हो गया। इस मकबरे को हिंदू संगठन ठाकुर जी का स्थान होने को लेकर पूजा करने की चेतावनी दी हैं।सोमवार को बीजेपी जिला अध्यक्ष, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने इस मकबरे को मंदिर बताकर वहां पूजा-पाठ करने की धमकी दी।
उग्र हिंदू संगठन के लोग बैरीकेडिंग तोड़ किए पूजा की कोशिश
मकबरे को लेकर तनाव बढ़ता देख जिला प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा कड़ी कर दी। बैरिकेडिंग के जरिए मकबरे तक किसी को भी जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद भी उग्र हिंदू संगठनों ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए वहां पूजा करने की कोशिश की। राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद आमिर रशादी ने इसे राष्ट्रीय संपत्ति करार दिया है और इस मुद्दे को हल करने की मांग की है।
मकबर के पास भारी मात्रा में फोर्स तैनात
मकबरे के आसपास सुरक्षा के लिए भारी फोर्स तैनात है। पुलिस प्रशासन ने दोनों समुदायों से संयम बरतने की अपील की है। एक तय कार्यक्रम के मुताबिक बीजेपी के जिला अध्यक्ष मुखलाल पाल अपने समर्थकों के साथ कर्पूरी ठाकुर चौराहा पहुंचे, जहां भारी पुलिस बल तैनात है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर 3 किमी पहले से बैरिकेडिंग लगाकर इलाके की घेराबंदी कर दी थी, ताकि किसी भी विवादित स्थिति से बचा जा सके।
प्रशासन से हिंदू संगठनों ने बैरीकेडिंग हटाने की किए मांग
भाजपा जिला अध्यक्ष ने 10 अगस्त को इस मकबरे को ठाकुर जी का मंदिर बताते हुए 11 अगस्त को सफाई कर पूजा करने की घोषणा की थी। इसके बाद हिंदू संगठन के सैकड़ों समर्थक कर्पूरी ठाकुर चौराहे और नंदी चौराहे पर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए प्रशासन से बैरिकेटिंग हटाने की मांग किया। इसके बाद शंख बजाकर ठाकुर जी मंदिर में पूजा करने का आवाहन किया। इलाके में पुलिस की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।
रुस-यूक्रेन युद्ध रोकने में भारत करे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मदद: ग्राहम
11 Aug, 2025 10:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने भारत से कहा है कि वह यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मदद करे। सांसद ने यह बात पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करने के कुछ घंटों बाद कही। ग्राहम ने कहा कि यह वाशिंगटन और दिल्ली के बीच संबंधों को बेहतर बनाने में अहम होगा।
ग्राहम ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा- मैं भारत में अपने दोस्तों से कहता रहा हूं, भारत-अमेरिका संबंधों को बेहतर बनाने के लिए सबसे अहम काम जो वे कर सकते हैं, वह है राष्ट्रपति ट्रंप की यूक्रेन में इस खूनखराबे को खत्म करने में मदद करना। ग्राहम ने कहा कि भारत रूस से सस्ते तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है, जो पुतिन की युद्ध मशीन को ईंधन देता है। अमेरिकी सांसद ग्राहम ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि पीएम मोदी ने पुतिन के साथ हालिया फोन कॉल के दौरान यूक्रेन में इस युद्ध को खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया होगा। मेरा मानना है कि इस मामले में भारत का प्रभाव है और मुझे उम्मीद है कि वे इसका समझदारी से इस्तेमाल करेंगे
पाक आर्मी चीफ का दो महीने में दूसरा अमेरिका दौरा, शीर्ष जनरल्स से की मुलाकात
11 Aug, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर दो महीने के भीतर दूसरी बार आधिकारिक अमेरिकी यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें कीं। पाकिस्तानी सेना के बयान के अनुसार, मुनीर ने टैम्पा में यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर जनरल माइकल ई. कुरिला के रिटायरमेंट समारोह और नए कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शिरकत की।
जनरल कुरिला की “उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता” की सराहना करते हुए मुनीर ने कहा कि उनके कार्यकाल में द्विपक्षीय सैन्य सहयोग मजबूत हुआ। उन्होंने एडमिरल कूपर को बधाई देते हुए साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए निरंतर सहयोग की आशा जताई। फील्ड मार्शल मुनीर ने जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन से भी मुलाकात की, जिसमें आपसी पेशेवर हितों के मुद्दों पर चर्चा हुई और उन्हें पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया। इसके अलावा, उन्होंने मित्र देशों के रक्षा प्रमुखों के साथ भी विचार-विमर्श किया।
अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के लोगों (पाकिस्तानी डायस्पोरा) के साथ संवाद सत्र में मुनीर ने उन्हें पाकिस्तान के उज्ज्वल भविष्य पर भरोसा रखने और विदेशी निवेश आकर्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। डायस्पोरा ने पाकिस्तान के विकास और प्रगति में सहयोग का आश्वासन दिया। यह यात्रा जून में उनकी पांच दिवसीय अमेरिका यात्रा के बाद हो रही है, जिसमें उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ निजी डिनर में भाग लिया था। उस मुलाकात के बाद ट्रंप ने तेल सौदों समेत कई क्षेत्रों में अमेरिका-पाकिस्तान सहयोग बढ़ाने की घोषणा की थी। इस यात्रा की खास बात यह भी है कि असीम मुनीर की मौजूदा यात्रा के दौरान उनके अमेरिका में ठहरने या पाकिस्तान लौटने की तारीख के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
ईरान बिना जांच किए अफगान शरणार्थियों को निकाल रहा
11 Aug, 2025 08:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान अफगान शरणार्थियों को उनके कानूनी दर्जे की जांच किए बिना देश से निकाल रहा है। यह आरोप ईरान के सोशल वर्कर्स ने स्थानीय प्रशासन पर लगाया है। इससे कई मामलों में गलत पहचान, परिवार बिछडऩे और डिपोर्टेशन के दौरान दुव्र्यवहार की घटनाएं सामने आई हैं।
तेहरान के गवर्नर मोहम्मद सादिक मोतमेदीयान ने बताया कि पिछले 100 दिनों में 10 लाख से ज्यादा अफगानों को निकाला गया है। इनमें से 4 लाख सिर्फ तेहरान प्रांत से हैं। ईरान के सोशल वर्कर्स एसोसिएशन के प्रमुख हसन मूसेवी चेलिक ने बताया कि हाल के दिनों में अफगान शरणार्थियों को निकालते वक्त अधिकारियों ने कानूनी और गैरकानूनी प्रवासियों में फर्क नहीं किया। ईरान ने मार्च 2025 में ऐलान किया था कि अवैध रूप से रह रहे अफगान प्रवासी 6 जुलाई तक देश छोड़ दें, नहीं तो उन्हें जबरन निकला जाएगा। ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि अफगानी इजराइल और अमेरिका के लिए जासूसी, आतंकी हमले और ड्रोन बनाने में शामिल हैं।
हमें कूड़े की तरह फेंक दिया गया
लोगों ने बताया कि उनके पास न तो पर्याप्त सामान है और न ही भविष्य की कोई उम्मीद। 42 साल तक ईरान में मजदूरी करने वाले मोहम्मद अखुंदजादा ने कहा कि मैंने 42 साल तक ईरान में मेहनत की, मेरे घुटने टूट गए और अब मुझे क्या मिला? ईरान से निर्वासित हुए एक अफगान शरणार्थी बशीर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अधिकारियों ने उससे 17 हजार रुपए मांगे। फिर दो दिन डिटेंशन सेंटर में रखा। इस दौरान न खाना दिया गया और न ही पानी। बशीर के मुताबिक अधिकारी उसे गालियां देते थे। एक दूसरे युवक ने बताया कि उसके पिता को जासूसी के आरोप में पकडक़र कैद कर दिया गया। उन्हें खाना-पानी नहीं दिया गया और बाद में डिटेन करके अफगानिस्तान भेज दिया। एक अफगान महिला ने बताया कि, ईरानी अधिकारी रात में आए। उन्होंने बच्चों के कपड़े तक नहीं लेने दिए। हमें कूड़े की तरह फेंक दिया। रास्ते में बैंक कार्ड से पैसे निकाल लिए। पानी की बोतल के 80 रुपए और सैंडविच के 170 रूपए वसूले।
ईरान में अफगानों के खिलाफ नस्लीय हमले बढ़े
इजराइल के साथ युद्ध के बाद ईरान में अफगानों के खिलाफ नस्लीय हमले बढ़ गए हैं। कई अफगानों ने बताया कि उन्हें गालियां दी गईं, चाकू से हमले हुए और उनकी मजदूरी तक छीन ली गई। बैंकों, स्कूलों, अस्पतालों और दुकानों ने भी अफगानों को सेवा देने से मना कर दिया है। एब्राहिम कादेरी ने मीडिया को बताया कि वो तेहरान में एक कार्डबोर्ड फैक्ट्री में काम करते थे, वहां कुछ लोगों ने उन्हें गंदा अफगान कहकर पीटा और चाकू से घायल कर दिया। उनकी मां गुल दास्ता फजिली ने कहा कि चार अस्पतालों ने उनके बेटे का इलाज करने से इनकार कर दिया, क्योंकि वह अफगान था। 35 साल की फराह, जो तेहरान में कंप्यूटर इंजीनियर हैं, ने बताया कि पड़ोस के युवकों ने उन पर और उनके 4 साल के बेटे पर हमला किया।
अजीत डोभाल ने की रुस के प्रथम उपप्रधानमंत्री से मुलाकात, द्विपक्षीय सैन्य-तकनीकी संबंधों पर की बात
10 Aug, 2025 11:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मास्को। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रूस के प्रथम उपप्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ द्विपक्षीय सैन्य-तकनीकी संबंधों और रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर बात की। डोभाल द्विपक्षीय ऊर्जा और रक्षा संबंधों पर महत्वपूर्ण चर्चा करने और इस साल के आखिर में राष्ट्रपति पुतिन के भारत आने की तैयारी के लिए रूस में हैं।
मीडिया रिपोर्ट में रुसी दूतावास ने पोस्ट में कहा कि बैठक में भारत-रूस के बीच सैन्य-तकनीकी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। साथ ही असैन्य विमान निर्माण, धातु उद्योग और रासायनिक उद्योग जैसे अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं को लागू करने पर भी चर्चा हुई। बता दें डोभाल ने गुरुवार को क्रेमलिन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने बाहरी दबाव के बावजूद रूस के साथ सभी मोर्चों पर सहयोग जारी रखने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
बता दें अजीत डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी कर रूस से तेल खरीदने पर भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। इसके बाद कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया है। सूत्रों के मुताबिक डोभाल ने पीएम मोदी की ओर से राष्ट्रपति पुतिन को इस साल के आखिर में भारत आने का निमंत्रण दिया। पुतिन ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
चाँद पर एक छोटा न्यूक्लियर रिएक्टर स्थापित करेगा नासा
10 Aug, 2025 10:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयार्क। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 2030 तक चाँद पर एक छोटा न्यूक्लियर रिएक्टर स्थापित करने की योजना बनाई है, ताकि वहाँ इंसानों के रहने के लिए लगातार और विश्वसनीय बिजली मिल सके। चाँद पर एक दिन 14 पृथ्वी दिनों के बराबर होता है, जिस वजह से वहाँ 14 दिनों तक धूप रहती है और फिर 14 दिनों तक अंधेरा रहता है। इस लंबे अंधेरे में सौर ऊर्जा काम नहीं कर सकती, इसलिए नासा ने न्यूक्लियर रिएक्टर को एक बेहतर और भरोसेमंद विकल्प माना है। यह रिएक्टर 100 किलोवाट बिजली पैदा करेगा, जो कि अंतरिक्ष मिशन के लिए काफी है। यह रिएक्टर पृथ्वी पर इस्तेमाल होने वाले आम रिएक्टरों की तुलना में करीब 20 गुना छोटा होगा। नासा का मानना है कि यह कदम चाँद पर अमेरिका की मौजूदगी को मज़बूत करेगा, क्योंकि उन्हें डर है कि रूस और चीन भविष्य में चाँद के कुछ हिस्सों को नो एंट्री जोन घोषित कर सकते हैं। इस मिशन में कुछ चुनौतियां भी हैं, जैसे कि अंतरिक्ष में रेडियोएक्टिव पदार्थ भेजना और लांच के दौरान दुर्घटना होने पर विकिरण (रेडिएशन) फैलने का खतरा। अगर यह मिशन सफल हो जाता है, तब 2030 के दशक में चाँद पर इंसानों के रहने के लिए स्थायी बस्तियां बन सकती हैं।
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