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एपस्टीन से रिश्तों के लिए राजदूत बर्खास्त
12 Sep, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। अमेरिका में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के मामले में चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी सिलसिले में अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। इसके तहत स्टार्मर ने अमेरिका में तैनात ब्रिटिश राजदूत पीटर मैंडेलसन को बर्खास्त कर दिया है। यह फैसला उस वक्त लिया गया जब पीटर मैंडेलसन और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच हुई ईमेल पर बातचीत सार्वजनिक हुई। गुरुवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में विदेश मंत्रालय के मंत्री स्टीफन डाउटी ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन नए ईमेल्स से यह साफ होता है कि मैंडेलसन और एपस्टीन के रिश्ते पहले की जानकारी से कहीं ज्यादा गहरे थे।
लैरी एलिसन दुनिया में सबसे अमीर
12 Sep, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ओरेकल के को-फाउंडर लैरी एलिसन अब दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। कंपनी के शेयर में एक ही दिन में 41 प्रतिशत से ज्यादा के उछाल के कारण उनकी नेटवर्थ करीब 9 लाख करोड़ बढ़ गई, जो भारत के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी की नेटवर्थ के करीब है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, टेस्ला के फाउंडर इलॉन मस्क अब दूसरे नंबर पर खिसक गए हैं। लैरी एलिसन की नेटवर्थ 393 अरब डॉलर यानी, करीब 34.60 लाख करोड़ रुपए हो गई है। जबकि इलॉन मस्क की नेटवर्थ 385 अरब डॉलर यानी, करीब 33.90 लाख करोड़ रुपए है।
नेपाल में अंतरिम पीएम के लिए जेन-जेड प्रदर्शनकारियों में झड़प
12 Sep, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एक गुट बोला- सुशीला कार्की भारत समर्थक, हमें मंजूर नहीं, बालेन शाह का समर्थन किया
काठमांडू। नेपाल में अंतरिम पीएम के नाम को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। गुरुवार को इसे लेकर जेन-जेड दो ग्रुप में बंट गया। इसके बाद सेना मुख्यालय के बाहर दोनों गुटों में हाथापाई हो गई। इसमें कई युवक घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने अंतरिम पीएम के लिए सुशीला कार्की के नाम को खारिज कर दिया है। गुट का आरोप है कि सुशीला कार्की भारत समर्थक हैं और उन्हें यह स्वीकार नहीं हैं। गुट मांग कर रहा है कि काठमांडू मेयर बालेन शाह पीएम बने। अगर बालेन नहीं बनते हैं तो धरान मेयर हरका सपांग उनके पीएम उम्मीदवार होंगे।
पीएम के नाम को लेकर सेना मुख्यालय में 2 दिन से प्रदर्शनकारी गुटों के साथ बातचीत चल रही है। एक गुट बातचीत को सेना मुख्यालय की जगह राष्ट्रपति भवन में करने की मांग कर रहा है। नेपाल के काठमांडू में तख्तापलट के दो दिन बाद गुरुवार को जेन-जेड नेता सामने आए। अनिल बनिया और दिवाकर दंगल ने कहा कि युवाओं ने यह विरोध-प्रदर्शन बुजुर्ग नेताओं से तंग आकर किया है। हमारा मकसद संविधान नहीं, संसद भंग करना है।
सुशीला कार्की के बाद अब कुलमान घीसिंग का नाम
अंतरिम पीएम के नाम को लेकर बुधवार शाम तक पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की के नाम पर सहमति बनने की खबर आई थीं, लेकिन गुरुवार दोपहर तक लाइट मैन कहे जाने वाले कुलमान घीसिंग का नाम सामने आ गया। उधर, आर्मी ने एहतियातन राजधानी और उससे सटे इलाकों में तीसरे दिन कफ्र्यू जारी रखा है। नेपाल हिंसा में अब तक 34 मौतें हुई है, जबकि 1300 से ज्यादा लोग घायल हैं।
किर्क के गले में लगी गोली, मंच पर ढेर हुए
11 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी चार्ली किर्क की यूटा वैली यूनिवर्सिटी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना उनके अमेरिकन कम बैक टूर के पहले कार्यक्रम में हुई जहां वे तीन हजार लोगों के बीच थे। स्नाइपर ने दूर की इमारत से गोली चलाई। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस घटना के पीछे कट्टर वामपंथियों को जिम्मेदार ठहराया है। किर्क की मौन सभा में भी हंगामा हुआ।
ट्रंप के करीबी चार्ली किर्क की गोली मारकर हत्या।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और कंजरवेटिव इंफ्लुएंसर चार्ली किर्क की यूटा वैली यूनिवर्सिटी परिसर में बुधवार को उनके 'अमेरिकन कम बैक' टूर के तहत पहले कार्यक्रम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उस समय वह तीन हजार लोगों की बीच मौजूद थे। लोगों ने केवल एक गोली चलने की आवाज सुनी, जो सीधे किर्क के गले में लगी और वो ढेर हो गए। घटना से जुड़ा वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो गया। वीडियो में किर्क को अपना दायां हाथ गले की तरफ ले जाते देखा जा रहा है, जहां से खून निकल रहा था। इसके बाद कुर्सी पर बैठे किर्क गिर पड़ते हैं। हत्या करने वाले स्नाइपर ने गोली चलाने के बाद छत से कूदकर भागने की कोशिश की। एफबीआई ने घोषणा की है कि हत्यारे की हाई-पावर्ड राइफल मिल गई है।
दूर की इमारत से मारी गई किर्क को गोली
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस घटना पर बौखलाहट जाहिर करते हुए इसके पीछे कट्टर वामपंथियों को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही किर्क को शहीद भी बताया है। गोली की आवाज और किर्क के गले से खून बहता देख घटनास्थल पर भगदड़ और अफरातफरी मच गई। किर्क को क्यों निशाना बनाया गया, इस बारे में अब तक कुछ सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि इस हत्याकांड में केवल एक ही व्यक्ति ने दूर स्थित इमारत से अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि उसने गहरे रंग के कपड़े पहन रखे थे। इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने वीडियो संदेश में हत्या के आरोपित को जल्द से जल्द पकड़ने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि किर्क सच्चाई और स्वतंत्रता के लिए शहीद हुए हैं।
किर्क की मौन सभा में मचा हंगामा
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने किर्क के लिए एक मिनट का मौन रखने का प्रयास किया, लेकिन वहां भी हंगामा मच गया। उनके शोक में अमेरिका में रविवार तक राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका रहेगा। बंदूक हिंसा पर सवाल जवाब के दौरान लगी गोली विडंबना ही कही जाएगी कि गोली लगने से कुछ सेकंड पहले किर्क अमेरिका में बंदूक हिंसा से जुड़े एक सवाल का जवाब देने जा रहे थे।
किर्क से पूछे गए थे ये सवाल
घटना से जुड़े एक वीडियो में एक दर्शक ने किर्क से पूछा था कि क्या आप जानते हैं कि अमेरिका में पिछले 10 वर्षों में कितने ट्रांसजेंडर अमेरिकियों ने भीड़ पर गोलीबारी की है। क्या आप बता सकते हैं कि अमेरिका में भीड़ पर गोलीबारी करनेवाले कितने मास शूटर हैं। इस पर किर्क ने पूछा कि क्या आप गिरोह हिंसा को जोड़कर पूछ रहे हैं या इससे अलग। इसके कुछ ही सेकेंड बाद किर्क को गोली लगी।
कौन थे ट्रंप समर्थक चार्ली किर्क
किर्क ने एरिजोना से टर्निंग प्वाइंट यूएसए नाम का एक रूढि़वादी युवा संगठन शुरू किया था और ट्रंप के समर्थन युवा मतदाताओं का समर्थन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ट्रंप ने इसके लिए किर्क की प्रशंसा भी की थी। किर्क के एक्स पर 53 लाख से ज्यादा फालोअर थे। वह एक लोकप्रिय पॉडकास्ट और रेडियो कार्यक्रम- द चार्ली किर्क शो- भी चलाते थे। इसके अलावा किर्क फॉक्स न्यूज के फाक्स एंड फ्रेंडंस कार्यक्रम में भी नजर आते थे।
डेमोक्रेट्स का प्रयास विफल, सीनेट ने ठुकराया एपस्टीन फाइलें सार्वजनिक करने का प्रस्ताव
11 Sep, 2025 06:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका: अमेरिका की सीनेट में बुधवार को एक बेहद करीबी वोटिंग में रिपब्लिकन पार्टी ने डेमोक्रेट्स के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें जेफरी एपस्टीन से जुड़े यौन तस्करी मामले की केस फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की गई थी। यह प्रस्ताव सालाना रक्षा नीति में शामिल करने की कोशिश की गई थी। वोटिंग में 51-49 का नतीजा आया। दिलचस्प बात यह रही कि रिपब्लिकन पार्टी के दो सीनेटर, जोश हॉली (मिसौरी) और रैंड पॉल (केंटकी), डेमोक्रेट्स के साथ खड़े हुए, लेकिन बाकी रिपब्लिकन सीनेटरों ने इसका विरोध किया।
डेमोक्रेट्स का जोरदार दबाव
पिछले कई महीनों से डेमोक्रेट्स लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उनका कहना है कि एपस्टीन के मामले से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि सच सामने आ सके और पीड़ितों को न्याय मिले। सीनेट में डेमोक्रेट्स के नेता चक शूमर ने वोटिंग से पहले रिपब्लिकन सांसदों को सीधा संदेश दिया, 'आपने वर्षों तक पारदर्शिता और जवाबदेही की बात की। अब जब सच सामने लाने का मौका है तो आप हां क्यों नहीं कह रहे?' शूमर ने रणनीतिक तरीके से इस प्रस्ताव को सालाना डिफेंस बिल में जोड़ने की कोशिश की, ताकि रिपब्लिकन सांसदों को मजबूरन इस पर वोट करना पड़े।
रिपब्लिकन का तर्क- गलत तरीका
रिपब्लिकन नेताओं ने शूमर की चाल को राजनीतिक खेल करार दिया। सीनेटर माइक राउंड्स (साउथ डकोटा) ने कहा, 'यह सही तरीका नहीं है। रक्षा कानून में ऐसे राजनीतिक मुद्दे नहीं जोड़ने चाहिए।' सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून का कहना था कि 'न्याय विभाग पहले ही बहुत सारी फाइलें सार्वजनिक कर चुका है और हम उन पर भरोसा करते हैं कि वे पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करते हुए जानकारी जारी करेंगे।' हालांकि रिपब्लिकन पार्टी का बड़ा हिस्सा इस मामले में न्याय विभाग की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। कई पीड़ित भी मानते हैं कि अभी तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आई है।
वर्षों से विवादों में एपस्टीन मामला
जेफरी एपस्टीन एक करोड़पति फाइनेंसर था, जिस पर किशोरियों को यौन शोषण और यौन तस्करी में शामिल करने का आरोप था। 2019 में एपस्टीन को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मैनहटन जेल में मुकदमे का सामना करने से पहले उसने खुदकुशी कर ली। इससे पहले 2008 में उसने फ्लोरिडा में संघीय अभियोजकों के साथ गुप्त सौदा किया था, जिससे गंभीर आरोपों से बच निकला था। उस पर आरोप था कि वह नाबालिग लड़कियों को मसाज के नाम पर पैसे देकर यौन शोषण करता था। एपस्टीन की मौत के बाद से यह मामला अमेरिकी राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया। कई लोग मानते हैं कि उसकी मौत संदिग्ध हालात में हुई और असली गुनहगारों को बचाया गया।
कौन था जेफरी एपस्टीन?
न्यूयॉर्क शहर में जन्मे और पले-बढ़े एपस्टीन ने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत डाल्टन स्कूल में एक शिक्षक के रूप में की। 1976 में स्कूल से निकाले जाने के बाद उन्होंने बैंकिंग और वित्त क्षेत्र में प्रवेश किया, जहां उसने कई पदों पर काम किया। 2005 में फ्लोरिडा पुलिस ने जेफरी एपस्टीन के खिलाफ जांच शुरू की। दरअसल, एक माता-पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एपस्टीन ने उनकी 14 वर्षीय बेटी का यौन शोषण किया। जांच से पता चला कि एपस्टीन ने 36 लड़कियों का यौन शोषण और उत्पीड़न किया था, जिनमें से कुछ 14 साल की थीं। उसने दो मामलों में दोषी होने की दलील दी और 2008 में उसे दोषी ठहराया गया। हालांकि, एपस्टीन ने केवल 13 महीने जेल में बिताए, जिसके बाद उसे कथित तौर पर एक विवादास्पद सौदे के कारण रिहा कर दिया गया, क्योंकि उस पर केवल दो अपराधों के लिए आरोप लगाया गया था। वर्षों बाद जुलाई 2019 में उसे फिर से गिरफ्तार किया गया, इस बार न्यूयॉर्क और फ्लोरिडा में नाबालिगों की यौन तस्करी के आरोप में। मुकदमे के दौरान सीरियल यौन अपराधी ने अगस्त में अमेरिकी जेल में आत्महत्या कर ली।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में नई हलचल
सीनेट में प्रस्ताव खारिज होने के बावजूद डेमोक्रेट्स ने हार नहीं मानी है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में इसी तरह का एक प्रस्ताव आगे बढ़ रहा है। अब इस प्रयास को आगे बढ़ाने के लिए डेमोक्रेट्स को 218 हस्ताक्षरों की जरूरत है। अभी तक चार रिपब्लिकन सांसद भी डेमोक्रेट्स के साथ आ गए हैं। इसे पास कराने के लिए बस एक और हस्ताक्षर की जरूरत है। इस महीने के अंत तक एरिजोना में होने वाले एक विशेष चुनाव के बाद यह समर्थन हासिल हो सकता है।
ट्रंप का रुख बदलता दिखा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान संकेत दिया था कि वे एपस्टीन की पूरी फाइल सार्वजनिक करने के पक्ष में हैं। लेकिन अब वे इसे 'डेमोक्रेट्स की साजिश' कहकर खारिज कर रहे हैं। ट्रंप के रुख ने रिपब्लिकन सांसदों पर सीधा असर डाला है और वे इस मुद्दे पर पार्टी लाइन से बाहर नहीं जाना चाहते। फिलहाल डेमोक्रेट्स फिलहाल इस मामले को जिंदा रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। अगर हाउस में प्रस्ताव पास हो गया, तो रिपब्लिकन नेतृत्व पर दबाव और बढ़ेगा। इस बीच, पीड़ितों और उनके परिवारों की मांग है कि सच्चाई को पूरी तरह सार्वजनिक किया जाए और जिम्मेदार लोगों को सजा मिले।
पीएम कीर स्टार्मर का सख्त रुख, एपस्टीन से रिश्तों के आरोप में राजदूत को हटाया
11 Sep, 2025 06:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका: अमेरिका में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के मामले में चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी सिलसिले में अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। इसके तहत स्टार्मर ने अमेरिका में तैनात ब्रिटिश राजदूत पीटर मैंडेलसन को बर्खास्त कर दिया है। यह फैसला उस वक्त लिया गया जब पीटर मैंडेलसन और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच हुई ईमेल पर बातचीत सार्वजनिक हुई।
विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
गुरुवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में विदेश मंत्रालय के मंत्री स्टीफन डाउटी ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन नए ईमेल्स से यह साफ होता है कि मैंडेलसन और एपस्टीन के रिश्ते पहले की जानकारी से कहीं ज्यादा गहरे थे।
साथ ही विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में ये भी कहा गया कि इन नए तथ्यों के आधार पर प्रधानमंत्री स्टार्मर ने विदेश सचिव से कहा है कि वे पीटर मैंडेलसन को राजदूत पद से हटा दें। बता दें कि पीटर मैंडेलसन की एपस्टीन से करीबी पहले भी चर्चा में रही थी, लेकिन हाल ही में सामने आए ईमेल्स से उनके रिश्तों की गंभीरता और स्पष्ट हो गई है। इसी वजह से यह सख्त कदम उठाया गया।
क्या है एपस्टीन का मामला, समझिए
गौरतलब है कि जेफ्री एपस्टीन एक करोड़पति फाइनेंसर था, जिस पर किशोरियों को यौन शोषण और यौन तस्करी में शामिल करने का आरोप था। 2019 में एपस्टीन को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मैनहटन जेल में मुकदमे का सामना करने से पहले उसने खुदकुशी कर ली।
हालांकि इससे पहले 2008 में उसने फ्लोरिडा में संघीय अभियोजकों के साथ गुप्त सौदा किया था, जिससे गंभीर आरोपों से बच निकला था। उस पर आरोप था कि वह नाबालिग लड़कियों को मसाज के नाम पर पैसे देकर यौन शोषण करता था। एपस्टीन की मौत के बाद से यह मामला अमेरिकी राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया। कई लोग मानते हैं कि उसकी मौत संदिग्ध हालात में हुई और असली गुनहगारों को बचाया गया।
मस्क को पछाड़कर नए नंबर-1 की हुई एंट्री
11 Sep, 2025 01:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुनिया के सबसे अमीर शख्स का ताज अब बदल चुका है. जिससे टेक जगत में अचानक भूचाल आ गया है. ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन ने एक ही दिन में 101 अरब डॉलर (करीब 8.5 लाख करोड़ रुपये) की रिकॉर्ड वृद्धि के साथ एलन मस्क को पछाड़ते हुए दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब हासिल कर लिया. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, 81 वर्षीय एलिसन की कुल संपत्ति अब 393 अरब डॉलर (लगभग 32.9 लाख करोड़ रुपये) पहुंच गई है, जबकि मस्क की 385 अरब डॉलर रह गई. यह उछाल ओरेकल के शेयरों में 41% की तूफानी तेजी का नतीजा है, जो AI और क्लाउड बिजनेस की धमाकेदार ग्रोथ पर सवार है. मस्क का लगभग एक साल पुराना ‘ताज’ अब एलिसन के सिर पर चमक रहा है. इस अभूतपूर्व उछाल ने टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क को पीछे छोड़ते हुए लैरी एलिसन को दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति की कुर्सी पर बिठा दिया.
ओरेकल के शेयरों में 41% की तूफानी तेजी
ओरेकल कॉर्पोरेशन के शेयरों में बुधवार को 41% की जबरदस्त उछाल देखने को मिली, जो 1992 के बाद कंपनी का सबसे बड़ा एकल-दिवसीय लाभ है. इस तेजी का मुख्य कारण कंपनी के शानदार तिमाही नतीजे और क्लाउड व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बिजनेस में आक्रामक वृद्धि का ऐलान रहा. ओरेकल का मार्केट कैपिटलाइजेशन 947 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिससे कंपनी ट्रिलियन-डॉलर क्लब में शामिल होने की दहलीज पर है.
101 अरब डॉलर की रिकॉर्ड वृद्धि
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, एलिसन की संपत्ति में 101 अरब डॉलर की वृद्धि अब तक की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय वृद्धि है. यह वृद्धि ओरेकल के शेयरों में आए उछाल और कंपनी के 40% हिस्सेदारी के मालिक एलिसन की संपत्ति में सीधे प्रभाव के कारण हुई. इससे पहले, दिसंबर 2023 में एलन मस्क की संपत्ति में एक दिन में 63 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड था.
AI और क्लाउड बिजनेस ने बदला खेल
ओरेकल ने अपनी पहली तिमाही की आय रिपोर्ट में 14.9 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 12% अधिक है. इसमें क्लाउड बिजनेस से 7.2 अरब डॉलर की आय हुई, जो 28% की वृद्धि दर्शाती है.
कंपनी ने 455 अरब डॉलर के रिमेनिंग परफॉर्मेंस ऑब्लिगेशंस (RPO) की घोषणा की, जो भविष्य की मांग और निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है. ओरेकल ने चार बड़े मल्टी-बिलियन डॉलर क्लाउड कॉन्ट्रैक्ट्स साइन किए, जिनमें चैटजीपीटी की पैरेंट कंपनी ओपनएआई के साथ 300 अरब डॉलर की डील शामिल है.कंपनी ने अनुमान लगाया है कि इस वित्तीय वर्ष में उसका क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर राजस्व 77% बढ़कर 18 अरब डॉलर तक पहुंचेगा, और 2030 तक यह 144 अरब डॉलर तक जा सकता है.
एलन मस्क की बादशाहत खत्म!
एलन मस्क, जो 2021 में पहली बार दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने थे, ने पिछले चार सालों में ज्यादातर समय यह खिताब अपने पास रखा. हालांकि, टेस्ला के शेयरों में इस साल 13% की गिरावट और ओरेकल के शानदार प्रदर्शन ने मस्क को दूसरे स्थान पर धकेल दिया. मस्क की संपत्ति मुख्य रूप से टेस्ला, स्पेसएक्स, और एक्स जैसी कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी से आती है. ब्लूमबर्ग और फोर्ब्स की रैंकिंग में अंतर के कारण, फोर्ब्स अभी भी मस्क को 439 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ शीर्ष पर रखता है.
लैरी एलिसन: एक प्रेरणादायक सफर
81 वर्षीय लैरी एलिसन का जन्म न्यूयॉर्क में एक अविवाहित यहूदी मां के घर हुआ था. जन्म के बाद उनकी मां ने उन्हें रिश्तेदारों को गोद दे दिया था. उन्होंने शिकागो यूनिवर्सिटी में पढ़ाई शुरू की, लेकिन डिग्री पूरी किए बिना ही छोड़ दी. 1977 में उन्होंने बॉब माइनर और एड ओट्स के साथ ओरेकल की स्थापना की, जो आज दुनिया की सबसे बड़ी डेटाबेस मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है. एलिसन ने 1986 में ओरेकल को सार्वजनिक किया और 2005, 2010, और 2016 में क्रमशः पीपलसॉफ्ट, सन माइक्रोसिस्टम्स, और नेटसूट जैसे बड़े अधिग्रहण किए. उनकी रणनीति और AI-क्लाउड बिजनेस में निवेश ने ओरेकल को टेक उद्योग में एक मजबूत खिलाड़ी बनाया है.
एलन मस्क के लिए चुनौतियां
टेस्ला के शेयरों में गिरावट के बावजूद, मस्क के लिए उम्मीद बाकी है. टेस्ला बोर्ड ने उनके लिए एक विशाल पे पैकेज प्रस्तावित किया है, जिसके तहत वे महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को पूरा करने पर दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन सकते हैं. मस्क की कंपनियां, विशेष रूप से स्पेसएक्स और एक्स, अभी भी निवेशकों के बीच लोकप्रिय हैं, लेकिन टेस्ला के शेयरों में स्थिरता की कमी उनकी संपत्ति को प्रभावित कर रही है.
नेपाल से भागे कैदियों की धरपकड़ तेज, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
11 Sep, 2025 01:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू । नेपाल में जन आंदोलन और जेल तोड़ने की घटनाओं के बीच सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल सीमा पर अब तक 35 फरार कैदियों को गिरफ्तार किया है. इनमें 22 उत्तर प्रदेश, 10 बिहार और 3 पश्चिम बंगाल में पकड़े गए. अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल की जेलों से सैकड़ों कैदी फरार हो चुके हैं, और यह संख्या अभी बढ़ रही है. SSB ने सीमा पर सुरक्षा और सख्त कर दी है, जबकि नेपाल में कर्फ्यू और हिंसा जारी है. नेपाल में Gen-Z के नेतृत्व वाले जन आंदोलन और भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के कारण हाल के दिनों में कई जेलों में हिंसा और जेलब्रेक की घटनाएं हुई हैं. काठमांडू की दिल्लीबाजार जेल, रौतहट की गौर जेल, कपिलवस्तु जेल और अन्य सुविधाओं से सैकड़ों कैदी फरार हो गए. 10 सितंबर को गौर जेल से 13 कैदी भागे, जबकि दिल्लीबाजार जेल से 5 कैदी 9 सितंबर को फरार हुए. नेपाल सरकार ने कर्फ्यू लगाया है, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर है. नेपाल की सशस्त्र पुलिस ने भारतीय सीमा पार करने पर रोक लगाई है.
SSB की सतर्कता से कैदियों पर नकेल
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात SSB ने त्वरित कार्रवाई कर 35 फरार कैदियों को पकड़ा.
उत्तर प्रदेश: 22 कैदी सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में पकड़े गए. इनमें दिल्लीबाजार जेल से 5 और कपिलवस्तु जेल से 7 शामिल हैं. 10 सितंबर को सिद्धार्थनगर में 7 नेपाली कैदियों को रोका गया.
बिहार: 10 कैदी सितामढ़ी, सुरसंड और भिट्ठा जैसे जिलों में गिरफ्तार. इनमें कुछ भारतीय नागरिक भी हैं, जैसे मोहन कुमार.
पश्चिम बंगाल: 3 कैदी दार्जिलिंग के पनीतांकी और पशुपति क्षेत्रों में पकड़े गए.
SSB ने सभी को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया, और पूछताछ जारी है. कैदी बता रहे हैं कि नेपाल में स्थिति खराब है, लोग मारे जा रहे हैं.
सीमा सुरक्षा में वृद्धि
1,751 किमी लंबी भारत-नेपाल सीमा पर SSB ने हाई अलर्ट जारी किया है. 26 व्यापारिक रास्ते, 15 यातायात मार्ग, 6 एकीकृत चेक-पोस्ट और 11 सीमा चेक-पोस्ट पर कड़ी जांच हो रही है. बिना आईडी वाले संदिग्धों को रोका जा रहा है. SSB की साइबर विंग सोशल मीडिया पर अफवाहों पर नजर रख रही है. बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के सीमावर्ती जिलों में अतिरिक्त बल तैनात. ‘चेक-एंड-गो’ नीति के तहत हर संदिग्ध की स्कैनिंग हो रही है.
नेपाल की अशांति और भारत का प्रतिक्रिया
नेपाल में सरकार विरोधी प्रदर्शन काठमांडू और अन्य शहरों तक फैल चुके हैं. पीएम केपी शर्मा ओली पर दबाव बढ़ा है. कर्फ्यू के बावजूद हिंसा जारी, जिसमें पुलिस फायरिंग में मौतें हुईं. भारत ने नेपाल के साथ सूचना साझा बढ़ाई है. काठमांडू-मैत्री बस सेवा अस्थायी रूप से बंद. नेपाल की APF ने नागरिकों के भारत आने पर पाबंदी लगाई है.
भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित
नेपाल में फंसे भारतीयों को लाने के लिए SSB ने हेल्पडेस्क खोले हैं. कई भारतीय पैदल सीमा पार कर लौट रहे हैं. बिहार और उत्तर प्रदेश में विशेष हेल्पलाइन शुरू की गई है. अधिकारी बताते हैं कि नेपाल से हजारों कैदी फरार हो सकते हैं, इसलिए संख्या 35 से बढ़ेगी. SSB और नेपाल APF के बीच समन्वय बढ़ा है. भारत सरकार ने सीमा पर ड्रोन और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तेज कर दिया है. स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
नेपाल संकट गहराया, पूर्व पीएम प्रचंड की बेटी के घर शव बरामद; कोर्ट में आग से हजारों फाइलें राख
10 Sep, 2025 07:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी आंदोलन का आज तीसरा दिन है। हिंसक प्रदर्शन रोकने के लिए सेना ने मंगलवार रात 10 बजे से पूरे देश का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है। इसके बाद भी कई इलाकों में हिंसा जारी है।
आज CPN अध्यक्ष पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' की बेटी गंगा दहल के जले हुए घर से एक शव बरामद किया गया। ललितपुर के SSP श्याम कृष्ण अधिकारी ने बताया कि शव ढोलाहिटी में स्थित गंगा के आवास से मिला। फिलहाल, शव की पहचान नहीं हो पाई है।
वहीं, प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार शाम को सुप्रीम कोर्ट में आग लगा दी थी, जिसके चलते 25 हजार से ज्यादा केस फाइलें राख में बदल गईं। वहीं, आज सेना ने 27 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। यहां हिंसक प्रदर्शन में अब तक 24 लोगों की मौत हुई, जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल हैं।
3 पूर्व प्रधानमंत्रियों के घर जलाए
आंदोलनकारियों ने कल नेपाल के 3 प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, झालानाथ खलान और पुष्प कमल दहल प्रचंड के घर में आग लगा दी।
पूर्व पीएम झालानाथ खनाल के घर में आग लगाने से उनकी पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार गंभीर रूप से जल गईं। उन्हें तुरंत कीर्तिपुर बर्न अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को उनके घर में घुसकर पीटा, जबकि वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को काठमांडू में उनके घर के पास दौड़ा-दौड़ाकर मारा।
हरियाणा के नूंह में 22 करोड़ का घोटाला उजागर – महिला बीडीपीओ ठेकेदार संग रिश्वतखोरी में गिरफ्तार, विभाग में हड़कंप
10 Sep, 2025 12:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद : तिगांव क्षेत्र के गांव मुजेड़ी में विकास कार्यों के नाम पर 22 करोड़ रुपए की गड़बड़ी करने के एक मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने नूंह जिले के पुन्हाना में तैनात बीडीपीओ पूजा शर्मा और एक ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी की टीम आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है। आरोप है कि बीडीपीओ पूजा शर्मा ने बगैर प्रशासनिक मंजूरी लिए ही गलत तरीके से ठेकेदार के बिलों का भुगतान किया था। पकड़े गए ठेकेदार की पहचान यूपी के रायबरेली जिला के गांव पूरेबी का पूरवा निवासी हीरालाल के रूप में हुई है।
एसीबी के प्रवक्ता ने बताया कि बीडीपीओ पूजा शर्मा और ठेकेदार हीरालाल पर आरोप है कि 9 अक्टूबर 2020 को बनाए गए कार्यवाहक सरपंच ब्रहमपाल के द्वारा ग्राम सचिव जोगेंद्र व तिगांव क्षेत्र की तत्कालीन बीडीपीओ पूजा शर्मा के साथ मिलकर बगैर प्रशसनिक मंजूरी लिए ही फर्जी विकास कार्य दिखाकर करीब 22 करोड़ रुपए की गड़बड़ी की गई थी। इनमें से 17 करोड़ 14 लाख रुपए की अदायगी ठेकेदार हीरालाल के विभिन्न कंपनियों को की गई थी। जांच में ये भी पता चला कि बीडीपीओ ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मिलीभगत करके बगैर विकास कार्य कराए ही विभिन्न फर्म मालिकों के खाते में करीब 28 करोड़ रुपए ट्रांसफर कराए थे।
9 करेाड़ 20 हजार रुपए रिश्वत ली
आरोपी पूजा शर्मा द्वारा निदेशक विकास एवं पंचायत विभाग पंचकूला द्वारा पूर्व सरपंच रानी के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद ग्राम पंचायत मुजेड़ी के सभी बैंक खातों को फ्रीज करवा दिया था। इसके बाद बीडीपीओ ने फ्रीज किए गए खातों को बगैर कोई उच्च अधिकारियों की अनुमति के अपने स्तर पर खुलवा लिया और एक कंपनी रसिक बिहारी कंट्रक्शन कंपनी को भुगतान कराया। इसके बाद अपने बैंक खाता में 9 करेाड़ 20 हजार रुपए बतौर रिश्वत ली थी।
ठेकेदार ने की थी 43 लाख की धोखाधड़ी
एसीबी अधिकारियों के मुताबिक आरेापी ठेकेदार हीरालाल ने बीडीपीओ और तत्कालीन मुजैड़ी के सरंपच के साथ मिलीभगत करके नवंबर 2020 में गांव में पेड़ पौधों को लगाने के नाम पर करीब 43 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। जबकि नवंबर दिसंबर में पेड़ पौधे नहीं लगाए जा सकते। इन पेड़ पौधों काे लगाने का बिल जून 2021 के बाद काटने पाए गए थे। इस केस को सरकार ने साल 2023 में एंटी करप्शन ब्यूरो को जांच के लिए सौंप दिया था। एसीबी की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
हरियाणा में खाद्य विभाग का बड़ा घोटाला: इंस्पेक्टर ने 2,427 क्विंटल सरकारी गेहूं 68 लाख में बेचकर किया गबन, खुलासा होते ही मचा हड़कंप
10 Sep, 2025 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल: हरियाणा के करनाल जिले के कुंजपुरा में 68 लाख का गेहूं गबन करने वाले आरोपी इंस्पेक्टर अशोक शर्मा को पुलिस ने मंगलवार को शाहबाद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि कुंजपुरा सेंटर पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर अशोक शर्मा ने विभाग को 68 लाख 61 हजार 358 रुपए का चूना लगाया। यह गबन अप्रैल और मई 2025 में खरीदे गए गेहूं के स्टॉक से किया गया। जांच में सामने आया कि इंस्पेक्टर ने 50 किलो के बैगों की जगह 20 से 25 किलो के बैग भरकर स्टॉक दिखाया। वहीं शेष गेहूं मार्केट में बेचकर मुनाफा कमा लिया। विभाग के मुताबिक, अप्रैल में गेहूं स्टॉक किया गया और 10 जून तक करीब 2427 क्विंटल गेहूं मार्केट में बेच दिया गया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब शिकायत मिली कि बैगों का वजन पूरा नहीं है कुंजपुरा थाना पुलिस ने इस मामले में इंस्पेक्टर अशोक शर्मा के खिलाफ गबन की धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस के अनुसार 2427 क्विंटल गेहूं का गबन हुआ है, जिसकी कीमत 68 लाख से अधिक है। करनाल के डीएफएससी अनिल कुमार ने बताया कि जांच में साफ हुआ कि गेहूं की खरीद के समय ही कम वजन के बैग स्टॉक में लगाए गए। किसी बैग में 10 किलो कम था, तो किसी में 15 किलो कम। जब यह चोरी पकड़ में आई तो 34 कट्टों की जांच की गई, जिसमें 4902 बैग कम निकले।
50 किलो का बैग सिर्फ 25 किलो का निकला
गेहूं गबन की जांच हेड ऑफिस चंडीगढ़ की तरफ से गठित कमिटी ने की। इसमें अंबाला के डीएफएसओ जीतेश गोयल, कुरुक्षेत्र के एएफएसओ बृज मोहन, यमुनानगर के निरीक्षक राजीव सैनी, अंबाला के एचए संजीव के अलावा स्थानीय एएफएसओ और निरीक्षक शामिल थे। 12 अगस्त को जांच शुरू हुई। 5 सितंबर को रिपोर्ट सौंपी गई। कमिटी की रिपोर्ट के अनुसार सेंटर पर खुले में रखे गेहूं के बैग आधे वजन के थे। आरोप है कि 50 किलो का बैग सिर्फ 25 किलो का निकला। कई बैग फटे हुए भी मिले, जिनसे गेहूं निकालकर बेच दिया गया।
आरोपी ने विभाग में कुछ पैसे जमा करवाए
जांच यह भी सामने आया है कि आरोपी ने विभाग में कुछ पैसे जमा करवाए हैं, लेकिन कितने रुपए जमा करवाए गए हैं। विभाग का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद साफ हो जाएगा कि कितनी रकम वापस की गई है और कितना घाटा अब भी बाकी है। आरोपी को पहले ही निलंबित किया जा चुका था और अब गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच में पता चला कि जब सरकार को गेहूं की डिलीवरी दी जाती थी, तो बैगों का वजन पूरा दिखाने के लिए गेहूं को पानी में भिगो दिया जाता था। इससे वजन बढ़ जाता और चोरी पकड़ी नहीं जाती। डीएफएससी अनिल कुमार ने कहा कि 4902 बैग गेहूं कम पाया गया। उन्होंने कहा कि आरोपी को पहले ही निलंबित कर दिया गया था। अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
ट्रंप के सुर बदले, भारत को लेकर दी खुशखबरी
10 Sep, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर भारत के प्रति अब धीरे-धीरे बदल रहे हैं। दरअसल, ट्रंप ने पीएम मोदी को 'सबसे अच्छा दोस्त' बताकर एक गुड न्यूज दे दी है।
तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ट्रंप ने घोषणा की कि उनके प्रशासन ने भारत के साथ व्यापार वार्ता फिर से शुरू कर दी है।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत चल रही है।
ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपना 'बहुत अच्छा दोस्त' बताया और कहा कि वह आने वाले हफ्तों में उनसे बात करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि दोनों देशों को एक सफल निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होगी।
पहले भी ट्रंप ने पीएम मोदी को बताया था 'दोस्त'
ट्रंप का यह नवीनतम बयान अमेरिका की ओर से हाल ही में आई नरमी के बाद आया है। इससे पहले शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि मैं हमेशा प्रधानमंत्री मोदी का दोस्त रहूंगा। ट्रंप ने इस दौरान पीएम मोदी को 'महान प्रधानमंत्री' तक कह दिया।
ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच विशेष संबंध हैं। चिंता की कोई बात नहीं है। उनकी टिप्पणी के कुछ घंटों बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं की सराहना करते हैं और उनका पूरा सम्मान करते हैं।
पीएम मोदी ने भी दी थी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और हमारे संबंधों के सकारात्मक आकलन की मैं तहे दिल से सराहना करता हूं और उनका पूरा सम्मान करता हूं। भारत और अमेरिका के बीच एक बहुत ही सकारात्मक और दूरदर्शी व्यापक और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है।
सोमवार को, अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा ने अमेरिका की राजनीतिक मामलों की उप-विदेश मंत्री एलिसन हुकर से भी मुलाकात की।
राजदूत क्वात्रा ने मंगलवार को एक्स पर बैठक की एक तस्वीर पोस्ट की और कहा कि एलिसन हुकर के साथ उनकी सार्थक चर्चा हुई।
बता दें कि 27 अगस्त को, ट्रंप ने अमेरिका में भारतीय आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था। तब से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
ट्रंप को मानहानि मामले में 732 करोड रुपए देने के आदेश
10 Sep, 2025 09:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयॉर्क । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फेडरल कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। फेडरल कोर्ट ने अपने आदेश में लेखिका ई. जीन केरोल की मानहानि मामले में डोनाल्ड ट्रंप को भारतीय मुद्रा में 732 करोड रुपए हरजाने के रूप में देने के आदेश दिए हैं।
यह फैसला जनवरी 2024 में जूरी ने सुनाया था। उसके बाद इसकी अपील तीन जजों की जूरी बेंच में की गई थी। इस अपील को फेडरल कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी याचिका में कहा था। 2019 में जब वह राष्ट्रपति थे। उस समय का यह मामला है। राष्ट्रपति पद पर होने के कारण उन्हें इस मामले में छूट मिलनी चाहिए। अदालत ने उनके इस दलील को नहीं माना। ट्रंप पर 8.33 करोड डॉलर का हर्जाना देने का फैसला फेडरल कोर्ट ने बरकरार रखा है।
मैक्सिको में ट्रेन और डबल-डेकर बस की टक्कर.....10 लोगों की मौत
10 Sep, 2025 09:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मैक्सिको। मैक्सिको के अटालाकोमुल्को में एक ट्रेन और डबल-डेकर बस की टक्कर हो गई। यह हादसा तब हुआ जब बस ने रेलवे क्रॉसिंग पर एक चलती मालगाड़ी के सामने से निकलने की कोशिश की। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 7 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। कम से कम 60 लोग घायल हुए हैं, जिसमें से कुछ की हालत गंभीर है।
हादसे के वीडियो फुटेज में दिख रहा है कि बस ट्रैक पर सबसे आगे थी और अचानक ट्रेन के आने से ठीक पहले आगे बढ़ी। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि ट्रेन बस को घसीटते हुए काफी दूर तक ले गई, जिससे बस का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही आपातकालीन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे से बचे हुए लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया।
रिपोर्ट में मैक्सिको में सड़क हादसों की स्थिति पर भी प्रकाश डाला गया है। 2023 में संघीय राजमार्गों पर 12,099 दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 1,900 लोगों की मौत हुई और 6,400 लोग घायल हुए।
प्रदर्शनकारियों का तांडव: पीएम-राष्ट्रपति आवास जला, देश में आपात हालात
10 Sep, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू : नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी आंदोलन का आज तीसरा दिन है। हिंसक प्रदर्शन रोकने के लिए सेना ने मंगलवार रात 10 बजे से पूरे देश का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है।
नेपाली सेना ने कहा कि मुश्किल समय का फायदा उठाकर कुछ उपद्रवी आम लोगों और सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लूटपाट और आग लगाने जैसी हरकतें हो रही हैं। ऐसी गतिविधियां बंद कर दें।
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा देखते हुए केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर काठमांडू छोड़ दिया है। इससे पहले आंदोलनकारियों ने केपी ओली के निजी घर, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में आग लगा दी।
राजधानी काठमांडू और आसपास के इलाकों में झड़पों और आगजनी में अब तक 22 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल हैं।
3 पूर्व प्रधानमंत्रियों के घर जलाए
आंदोलनकारियों ने कल नेपाल के 3 प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, झालानाथ खलान और पुष्प कमल दहल प्रचंड के घर में आग लगा दी।
पूर्व पीएम झालानाथ खनाल के घर में आग लगाने से उनकी पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार गंभीर रूप से जल गईं। उन्हें तुरंत कीर्तिपुर बर्न अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को उनके घर में घुसकर पीटा, जबकि वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को काठमांडू में उनके घर के पास दौड़ा-दौड़ाकर मारा।
प्रदर्शनकारियों और सेना के बीच आज बातचीत होगी
नेपाल में आज राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल की मौजूदगी में नेपाल सेना और प्रदर्शनकारी युवाओं के बीच औपचारिक बातचीत होगी। हालांकि, अभी इसका समय तय नहीं किया गया है।
इसका मकसद आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म करना है। मंगलवार रात को राष्ट्रपति भवन, शीतल निवास में युवा प्रतिनिधियों और सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई थी। इसके बाद आज सुबह से औपचारिक बातचीत की तैयारी की गई है।
इस बातचीत का मुख्य एजेंडा नागरिक सरकार का गठन, संसद भंग करना और नए चुनाव कराना होगा। प्रदर्शनकारी युवा मांग कर रहे हैं कि पार्टियों को सत्ता से हटाकर जनता के नेतृत्व में नई सरकार बनाई जाए। काठमांडू महानगर के प्रमुख बालेन शाह ने भी संसद भंग करने की शर्त पर बात करने का समर्थन किया है।
पशुपतिनाथ मंदिर जा रहे यात्री बिना दर्शन के लौट रहे
प्रदर्शन के चलते कई फ्लाइट कैंसिल कर दी गईं हैं। जिससे पशुपतिनाथ मंदिर जा रहे कई यात्री अब बिना दर्शन के ही अपने-अपने घरो को लौट रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने वकीलों के ऑफिस जलाए, कई डाक्यूमेंट्स खाक हुए
नेपाल के चितवन जिले में प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार रात जिला प्रशासन कार्यालय और चुनाव कार्यालय में आग लगा दी। आग इतनी भयानक थी की बुधवार सुबह तक इसे नहीं बुझाया जा सका।
पुलिस के अनुसार, जिला अदालत और सरकारी वकीलों के ऑफिस में भी आग लगाई गई, जिससे कई कागजात नष्ट हो गए।
भारतपुर और दूसरे क्षेत्रों में नगरपालिका और वार्ड कार्यालयों पर भी हमला हुआ। नेपाली कांग्रेस, UML और माओवादी सेंटर के कार्यालयों को भी आग के हवाले कर दिया गया।
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