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अब फोन बंद रहेगा…’ – हरियाणा के दो युवकों ने भेजा आखिरी संदेश, रूस द्वारा जबरन यूक्रेन युद्ध में शामिल किए जाने का आरोप
13 Sep, 2025 04:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद: हरियाणा के फतेहाबाद जिले के कुम्हरिया गांव के दो युवक रूस-यूक्रेन युद्ध की आग में धकेल दिए गए हैं। इनमें से एक युवक अंकित जांगरा ने गुरुवार रात अपने भाई रघुबीर को एक वॉइस नोट भेजा। इसमें उसने बताया कि शुक्रवार सुबह 5 बजे उसे युद्ध क्षेत्र में भेजा जा रहा है और उसके बाद उसका फोन भी बंद हो जाएगा। यह संदेश टेलीग्राम के जरिए भेजा गया, क्योंकि कुछ दिन पहले ही रूसी सेना ने उनका व्हाट्सएप अकाउंट डिलीट कर दिया था। रघुबीर ने बताया कि भाई ने कहा कि अब वह हमसे संपर्क नहीं कर पाएगा। उसके बाद हमारी कोई खबर नहीं मिलेगी।
रूसी भाषा का कोर्स करने गया था अंकित
रघुबीर ने बताया कि उसका भाई अंकित रूस में रूसी भाषा का कोर्स करने गया था और वहां केएफसी में नौकरी कर रहा था। इसी दौरान एक महिला ने उसे सुरक्षा गार्ड की नौकरी का झांसा दिया। उसी दौरान जबरन समझौता करवाकर उसे सेना में धकेल दिया गया। रघुबीर ने हाल ही में दिल्ली में विदेश मंत्रालय का रुख किया था, जहां अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि युवाओं को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अंकित के परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद खराब है। घर गिरवी रखकर उन्होंने 4.75 लाख रुपये का कर्ज लिया था। उनके पास कोई ज़मीन नहीं है। पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं और रघुबीर खुद मज़दूरी करता है। रघुबीर का कहना है किअब घर में केवल मैं, मां और पिता बचे हैं। मेरा भाई धोखे से फंस गया और हमें नहीं पता कि वह लौटकर आएगा भी या नहीं।
फेसबुक के माध्यम से संदेश भेजा
दूसरे युवक, विजय पूनिय ने बुधवार रात अपने दोस्त रमेश कुमार को फेसबुक के माध्यम से संदेश भेजा। इसमें उसने लिखा कि रूसी सेना ने उनके व्हाट्सएप पर वीडियो शेयर करने की जानकारी पाकर अकाउंट डिलीट करवा दिए और उन्हें मजबूर किया गया कि वे किसी से संपर्क न रखें। बता दें कि इस सप्ताह कुछ वीडियो सामने आए थे, जिनमें अंकित और विजय समेत उत्तर प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के अन्य युवाओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें झूठे वादों के साथ रूस बुलाया गया। उन्हें नौकरी का लालच देकर वहां ले जाया गया और बाद में जबरन रूसी सेना में शामिल कर लिया गया। युवाओं का कहना है कि उन्हें धमकाकर रूसी भाषा में कागज़ों पर हस्ताक्षर कराए गए और सेना की वर्दी पहनाई गई। इसके बाद उन्हें 10 दिन का हथियार चलाने का प्रशिक्षण देकर युद्ध में भेजने की तैयारी की गई। कांग्रेस महासचिव और सिरसा से सांसद कुमारी शैलजा ने भी विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
कंगना रनौत के विवादित बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराज़गी, कहा – ‘आपने तड़का लगाया’, जानिए कोर्ट ने क्या कहा
13 Sep, 2025 04:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/चंडीगढ़: 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान किए गए एक ट्वीट को लेकर बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का मामला चल रहा है। कंगना ने इस मामले को रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कंगना को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि कंगना ने सिर्फ रीट्वीट नहीं किया था, बल्कि उसमें 'मसाला' भी जोड़ा था। कोर्ट ने यह भी कहा यह मामला रद्द करने योग्य नहीं है और इसका निर्णय अब ट्रायल कोर्ट में ही होगा।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कंगना के वकील ने इस मामले में दलील देते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ इस ट्वीट को रीट्वीट किया था। इस पर जस्टिस मेहता ने कहा कि आपने पेज 35 पर जो कमेंट्स किए हैं, उसके बारे में क्या कहेंगे? यह सिर्फ एक रीट्वीट नहीं है, जैसा कि आप कह रही हैं। आपने इसमें कुछ जोड़ा है, आपने मौजूदा चीज में मसाला डाला है। उन्होंने आगे कहा कि उस रीट्वीट का क्या मतलब है? यह ट्रायल का विषय है।
कंगना के वकील ने दी ये दलील
कंगना के वकील ने कहा कि उन्होंने मामले को रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी और कंगना ने स्पष्टीकरण भी दिया था। जस्टिस मेहता ने कहा कि स्पष्टीकरण ट्रायल कोर्ट में दिया जा सकता है, न कि मामले को रद्द करने की कार्यवाही में। इस पर वकील ने कहा कि आज मेरे लिए ऐसी स्थिति है कि मैं पंजाब में यात्रा नहीं कर सकती। बेंच ने कहा कि वह पेशी से छूट मांग सकती हैं। वकील ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने कंगना को समन जारी करते समय उनके स्पष्टीकरण पर विचार नहीं किया। इस पर बेंच ने कहा कि शिकायतकर्ता ने इसे दाखिल नहीं करने का फैसला किया होगा। यह आपके लिए एक वैध बचाव हो सकता है।
क्या है मामला
बता दें कि ये सारा विवाद 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी के बारे में उनकी टिप्पणी वाले रीट्वीट से उपजी थी। शिकायतकर्ता महिंदर कौर (73) पंजाब के बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जंडियन गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने जनवरी 2021 में बठिंडा में शिकायत दर्ज कराई थी. बठिंडा कोर्ट में उनकी शिकायत में दावा किया गया था कि अभिनेत्री ने एक रीट्वीट में उनके खिलाफ झूठे आरोप और टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा था कि वह वही दादी हैं जो शाहीन बाग विरोध का हिस्सा थीं।
पुतिन का मास्टरस्ट्रोक: करीबी उप-प्रधानमंत्री पात्रुशेव भारत दौरे पर
13 Sep, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: रूस के उप-प्रधानमंत्री और पुतिन के करीबी सहयोगी दिमित्री पात्रुशेव सितंबर 2025 में भारत दौरे पर आ सकते हैं। उनकी यात्रा का मुख्य एजेंडा भारत से झींगा आयात बढ़ाना और उर्वरक आपूर्ति पर चर्चा करना होगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 50% टैरिफ लगाने से भारतीय झींगा निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
रूस बनेगा नया बाजार
भारत अमेरिका को झींगे का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, लेकिन टैरिफ के बाद भारतीय निर्यातकों को इक्वाडोर, इंडोनेशिया, वियतनाम और चीन जैसी प्रतिस्पर्धा झेलनी पड़ रही है। ऐसे में रूस का बाजार भारतीय झींगा उद्योग के लिए बड़ा अवसर बन सकता है।
यात्रा का एजेंडा
पात्रुशेव नई दिल्ली में शीर्ष भारतीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर जोर देंगे। उनका मानना है कि कृषि और खाद्य क्षेत्र में भारत-रूस साझेदारी दोनों देशों को आर्थिक मजबूती देगी।
अमेरिका का दबाव
ट्रंप प्रशासन भारत पर लगातार दबाव बना रहा है। झींगा निर्यात पर 58% तक का संयुक्त टैरिफ लगाया जा सकता है। हाल ही में G-7 विदेश मंत्रियों की बैठक में अमेरिका ने सहयोगी देशों से भारत और चीन के खिलाफ भी टैरिफ बढ़ाने की मांग की।
भारत का रुख
अमेरिका का आरोप है कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीदकर पुतिन के युद्ध को फंडिंग कर रहा है। हालांकि भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसकी नीति राष्ट्रीय हित, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक बाजार की स्थिरता पर आधारित है।
ट्रंप के नोबेल पुरस्कार पर......नोबेल कमेटी का बयान, हमारे ऊपर कोई दबाव नहीं चलता
13 Sep, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने 7 युद्ध रुकवाए हैं, उन्हें इसके लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। ट्रंप के बयानों से साफ होता हैं कि वे नोबेल पुरस्कार के लिए आतुर दिख रहे हैं, लेकिन नोबेल कमेटी पर इसका कोई असर नहीं लगता। नॉर्वे की नोबेल कमेटी का कहना है कि हम पर किसी तरह का दबाव नहीं चलता है। हम पूरी स्वायत्तता और स्वतंत्रता के साथ फैसले लेते हैं। ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि वह नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं। वे बराक ओबामा का जिक्र कर चुके हैं कि उन्हें यह सम्मान बहुत जल्दी मिल गया था।
उनका कहना है कि वह 6 से 7 जंग रुकवा चुके हैं और वे नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं। इतना ही नहीं उनका कहना है कि मैं रूस और यूक्रेन के अलावा इजरायल और हमास के बीच की जंग भी रुकवाने के लिए तत्पर हूं। नोबेल कमेटी के सचिव क्रिस्टियन बर्ग हार्पविकेन ने कहा, यह सही है कि किसी खास कैंडिडेट को लेकर मीडिया में काफी चर्चा है। लेकिन सच है कि इससे हमारे फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हम अपने मानकों के अनुसार ही निर्णय लेते हैं। इसमें कोई बाहरी फैक्टर काम नहीं करता और ना ही किसी तरह का दबाव चलता है।
इस साल नोबेल पुरस्कारों का ऐलान 10 अक्तूबर को होना है। ट्रंप का कहना है कि उनके नाम की सिफारिश बेंजामिन नेतन्याहू और अजरबैजान के इलहाम अलियेव ने की है। इसके अलावा पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भी कहा था कि ट्रंप को नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। हालांकि ट्रंप को इस बार यह पुरस्कार मिलने की संभावना बहुत कम है।
नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 31 जनवरी ही थी, जबकि 11 दिन पहले ही ट्रंप ने पद संभाला था। इसकारण माना जा रहा है कि यदि ट्रंप के नाम पर विचार भी होगा, तब वह अगले साल होगा। इस बार उनके नाम के ऐलान की कोई संभावना नहीं है। जुलाई में ही नेतन्याहू ने कहा था कि उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का नाम आगे बढ़ाया है। इसके लिए उन्होंने नॉर्वे की नोबेल समिति को लेटर भी भेजा था।
काठमांडू के कुमारी देवी मंदिर में इंद्र जात्रा उत्सव मनाने के लिए भक्तों की भारी भीड़
13 Sep, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू । नेपाल में सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध के बाद प्रदर्शनों को देखकर कर्फ्यू लगा दिया गया था। इसी बीच, काठमांडू के कुमारी देवी मंदिर में इंद्र जात्रा उत्सव मनाने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कर्फ्यू में ढील मिलने के बाद हजारों लोग प्राचीन और महत्वपूर्ण पर्व को मनाने के लिए मंदिर पहुंचे। इंद्र जात्रा, काठमांडू घाटी का एक प्रमुख और आठ दिवसीय उत्सव है जो सितंबर में मनाया जाता है। यह पर्व वर्षा के देवता, इंद्र, को समर्पित है। मान्यता है कि इस उत्सव को मनाने से अच्छी बारिश होती है और फसलें समृद्ध होती हैं। इस पर्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कुमारी देवी की पूजा है, जिन्हें नेपाल की जीवित देवी माना जाता है। इस दौरान एक छोटी बच्ची को देवी के रूप में चुना जाता है। उत्सव के दौरान कुमारी देवी को एक विशेष रथ पर बैठाकर पूरे शहर में झांकी निकाली जाती है। भक्तों का मानना है कि कुमारी देवी के दर्शन करना सौभाग्य लाता है और जीवन की परेशानियों को दूर करता है।
यह सब तब हो रहा है जब नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ युवा सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
चिड़ियाघर में अचानक से कर्मचारी पर टूट पड़े शेर
13 Sep, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैंकाक । थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के सफारी वर्ल्ड जू में एक भयानक हादसा हुआ। यहाँ शेरों के बाड़े में एक कर्मचारी, 58 वर्षीय जियान रंगखरासमी, पर शेरों ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब जियान अपने वाहन से बाहर निकले और दरवाजा खुला छोड़ दिया। अचानक पीछे से एक शेर ने उन पर हमला कर दिया और देखते ही देखते कई और शेर भी उन पर टूट पड़े। इस दौरान कई पर्यटक अपनी गाड़ियों में मौजूद थे और उन्होंने अपनी आँखों से यह भयावह दृश्य देखा। जियान को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। पुलिस के अनुसार, उस वक्त शेरों को खाना खिलाया जा रहा था। यह माना जा रहा है कि शायद किसी शेर का मूड खराब था, जिसके कारण जियान पर हमला किया।
इस घटना के तुरंत बाद, सफारी वर्ल्ड जू के ड्राइव-इन ज़ोन को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि जब तक पर्यटकों की सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित नहीं हो जाती, इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा। जांच में यह भी पता चला कि जू को 45 शेर रखने का लाइसेंस मिला था, जिनमें से 13 पहले ही मर चुके थे। अब सभी लाइसेंस और रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी। जू प्रबंधन ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और उन्हें पूरी मदद का आश्वासन दिया है। कंपनी ने कहा है कि वे अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं की फिर से समीक्षा करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
नेतन्याहू ने दी वेस्ट बैंक में ई1 सेटलमेंट प्रोजेक्ट को मंजूरी, कहा- नहीं बनेगा फिलिस्तीनी देश
13 Sep, 2025 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेलअवीव। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि फिलिस्तीनी देश का गठन कभी नहीं होगा। उन्होंने यह बयान वेस्ट बैंक के माले अदुमिम सेटलमेंट में एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए दिया। इस समझौते के तहत विवादित ई1 सेटलमेंट परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा, जिसके अंतर्गत पूर्वी यरुशलम के पास 12 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में हजारों नए घर, सडक़ें और बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 1 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 8,400 करोड़ रुपए) है। नेतन्याहू ने कहा कि यह जमीन हमारी है। हमअपनी विरासत और जमीन की रक्षा करेंगे। ई1 (ईस्ट 1) को इजराइल की रक्षा मंत्रालय की योजना समिति ने हाल ही में अंतिम मंजूरी दी है। यह परियोजना पहले 2012 और 2020 में अमेरिका और यूरोपीय देशों के विरोध के कारण रुकी थी, लेकिन अब इसे फिर से शुरू किया गया है। ई1 परियोजना को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में विवाद है। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों का कहना है कि यह वेस्ट बैंक को दो हिस्सों में बांट देगी, जिससे इसका उत्तरी और दक्षिणी हिस्सा अलग हो जाएगा। साथ ही, यह पूर्वी इजराइल को बाकी वेस्ट बैंक से अलग-थलग कर देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे फिलिस्तीनी राज्य बनाना लगभग असंभव हो जाएगा। फिलिस्तीनी लोग पूर्वी यरुशलम को अपनी राजधानी के रूप में देखते हैं।
वेस्ट बैंक में इजराइल के सभी सेटलमेंट अवैध
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, वेस्ट बैंक में इजराइल के सभी सेटलमेंट अवैध माने जाते हैं। चौथा जेनेवा कन्वेंशन कहता है कि कोई भी कब्जा करने वाली शक्ति अपनी नागरिक आबादी को कब्जे वाले क्षेत्र में स्थानांतरित नहीं कर सकती। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कई प्रस्तावों में इस बात को दोहराया है कि ये सेटलमेंट कानूनी रूप से मान्य नहीं हैं। हालांकि, इजराइल इसको खारिज करता है। उसका दावा है कि 1967 के छह-दिवसीय युद्ध से पहले वेस्ट बैंक किसी मान्यता प्राप्त राज्य के अधीन नहीं था, इसलिए चौथा जेनेवा कन्वेंशन लागू नहीं होता। साथ ही, इजराइल का कहना है कि सेटलमेंट में लोग अपनी मर्जी से बस रहे हैं, न कि सरकार द्वारा जबरन भेजे जा रहे हैं।
सुशीला कार्की नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने दिलाई शपथ
13 Sep, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू: सुप्रीम कोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की ने शुक्रवार रात नेपाल के अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 73 साल की कार्की को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई.
इसके साथ ही नेपाल में कई दिनों से जारी राजनीतिक अनिश्चितता का अंत हो गया क्योंकि कथित भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों के खिलाफ युवाओं के हिंसक प्रदर्शन के चलते मंगलवार को के पी शर्मा ओली को अचानक प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.
राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि नयी कार्यवाहक सरकार को छह महीने के भीतर नए संसदीय चुनाव कराने का दायित्व सौंपा गया है. नई प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में नेपाल के प्रधान न्यायाधीश, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सुरक्षा प्रमुख और राजनयिक समुदाय के सदस्य शामिल हुए.
इससे पहले दिन में, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, नेपाल के शीर्ष सैन्य अधिकारियों और जेन जेड के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद कार्की को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना गया. सूत्रों ने बताया कि अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में कार्की विभिन्न हितधारकों के बीच बनी सहमति के अनुसार राष्ट्रपति को संसद भंग करने की सिफारिश कर सकती हैं.
राष्ट्रपति पौडेल ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त करने का फैसला करने से पहले प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं, कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक संस्थाओं के सम्मानित व्यक्तियों से भी अलग-अलग विचार-विमर्श किया.
केपी शर्मा ओली सरकार के खिलाफ विरोध करने वाले जेन जी (Gen Z) की मांग थी कि वर्तमान संसद को भंग कर दिया जाए. उन्होंने ही सुशीला कार्की के नाम का प्रस्ताव दिया था. सुशीला कार्की नेपाल के सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं. उनकी छवि स्वच्छ रही है. उन्हें एक ईमानदार न्यायाधीश माना जाता रहा है. उन्होंने बीएचयू से पढ़ाई की है.
सुशीला कार्की ने बीएचयू से डिग्री ली है. उन्होंने यहां से 1974 में पॉलिटिकल साइंस में पीजी किया. उनका जन्म 7 जून 1952 को विराटनगर नेपाल में हुआ है. वह नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश हैं, जिन्होंने जुलाई 2016 से जून 2017 तक सेवा दी. वह अपनी ईमानदारी, संक्रमणकालीन न्याय तथा चुनावी विवादों पर ऐतिहासिक निर्णयों के लिए जानी जाती हैं.
उन्होंने 1979 में वकालत शुरू की, 2007 में वरिष्ठ अधिवक्ता बनीं और 2009 से सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश के रूप में कार्य किया. नेपाल के जेन जी आंदोलन ने उनकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता के लिए उनका समर्थन किया.
आज दिन भर जेन जी के प्रतिनिधियों, सेना और राष्ट्रपति के बीच बातचीत चलती रही. राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल हैं, जबकि अशोक राज सेना प्रमुख हैं. बातचीत के दौरान संसद भंग करने को लेकर बाधा उत्पन्न हो गई थी, लेकिन जेन जी अपनी मांग पर अड़े रहे. उन्होंने कहा कि संविधान में संशोधन कर संसद को जनता की इच्छा के अनुरूप बनाया जाना चाहिए. नेपाल में चल रहे राजनीतिक संकट के मद्देनजर प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष और नेशनल असेंबली के अध्यक्ष ने शुक्रवार को संयुक्त बयान जारी किया.
इस बयान में कहा गया है, "हम जेन-जेड विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए जान-माल के नुकसान से स्तब्ध हैं. हम विरोध प्रदर्शनों के दौरान अपनी जान गंवाने वाले सभी युवाओं और कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान गंवाने वाले पुलिस अधिकारियों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं, और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं. हम विरोध प्रदर्शनों के दौरान घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं और संबंधित राज्य तंत्र से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं कि उपचार में कोई कमी न हो."
नेपाल में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 51 लोग मारे गए. छात्रों ने नेपाल में फैले भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सोशल मीडिया पर बैन को लेकर विरोध किया. उनका कहना है कि जब से नेपाल में प्रजातंत्र को अपनाया गया है, कुछ ही नेताओं के पास बदल-बदल कर सत्ता आती है और सभी के सभी करप्ट हैं. उनके अनुसार इन नेताओं ने अपने परिवारों के लिए बड़ी-बड़ी संपत्ति जमा कर ली है, लेकिन नेपाल के युवाओं के लिए कुछ नहीं किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नेपाल के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे देश जाना पड़ता है.
नेपाल में 12,500 से ज्यादा कैदी फरार, पुलिस के हाथ खाली
12 Sep, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नेपाल (Nepal) में हाल ही में हुए Gen-Z विरोध प्रदर्शनों के दौरान देशभर में जमकर हिंसा हुई। इस हिंसा के चलते नेपाल की सरकार गिर गई और अब जल्द ही अंतरिम सरकार बन सकती है। विरोध प्रदर्शनों के दौरान तोड़फोड़ और आगजनी भी हुई। देश में मची इस उथलपुथल का फायदा उठाकर करीब 14,000 से 15,000 कैदी नेपाल में अलग-अलग जेलों से भाग निकले। इससे नेपाल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में अब पुलिस की तरफ से अपडेट दिया गया है।
12,500 से ज़्यादा कैदी अभी भी जेल से फरार
जेल से भागे हुए कैदियों को पुलिस पकड़ने की कोशिश कर रही है और काफी कैदियों को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी भी मिली है। हालांकि अभी भी 12,500 से ज़्यादा कैदी जेल से फरार हैं, जो देश की कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं।
प्रमुख जेलों से भागे कैदी
प्रदर्शनकारियों ने कई जेलों में घुसकर कैदियों को आज़ाद कराया, जबकि कुछ जगहों पर कैदियों ने ही विद्रोह कर दिया और जेल से भाग निकले। इनमें काठमांडू की दिल्लीबाज़ार जेल, ललितपुर की नखु जेल, दक्षिण-पूर्वी नेपाल की राजबिराज जेल, काठमांडू के पूर्व में रामेछाप जेल, बागमती प्रदेश की सिंधुली जेल, दक्षिणी नेपाल की नवलपरासी पश्चिम जेल, पश्चिमी नेपाल की जुमला जेल, पश्चिमी नेपाल के बैंके का नौबस्ता सुधार गृह शामिल हैं।
पुलिस कर रही है तलाश
नेपाल की पुलिस फरार कैदियों की तलाश कर रही है। जेल से फरार कैदियों को फिर से पकड़ने के लिए पुलिस 'पुनः गिरफ्तार अभियान' चला रही है, जिससे सभी कैदियों को फिर से जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके।
Gen-Z आंदोलन की आग में झुलसा नेपाल, लग्जरी होटल हादसे में भारतीय महिला की जान गई
12 Sep, 2025 02:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नेपाल में Gen-Z आंदोलन हिंसक हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू स्थित एक लग्जरी होटल में आग लगा दी, जिसमें उत्तर प्रदेश की एक महिला पर्यटक की मौत हो गई। मृतका की पहचान राजेश गोला (58), निवासी गाजियाबाद के रूप में हुई है।
धार्मिक यात्रा बनी त्रासदी
राजेश गोला अपने पति रामवीर सिंह गोला के साथ 7 सितंबर को पशुपतिनाथ मंदिर दर्शन के लिए काठमांडू गई थीं। 9 सितंबर की रात प्रदर्शनकारियों ने जिस 5 स्टार होटल में वे ठहरे थे, उसे आग के हवाले कर दिया। दर्जनों भारतीय अभी भी वहां फंसे हुए हैं।
कैसे गई जान?
परिवार के अनुसार, दंपती होटल की ऊपरी मंजिल पर ठहरे थे। जब आग लगी तो रामवीर ने पर्दे और चादर की मदद से पत्नी को नीचे उतारने की कोशिश की। इस दौरान राजेश का हाथ फिसल गया और वे गिर गईं। गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उनका पार्थिव शरीर गाजियाबाद लाया गया।
बेटे ने सुनाई आपबीती
मृतका के बेटे विशाल गोला ने बताया – “भीड़ ने होटल पर धावा बोला और उसे आग के हवाले कर दिया। सीढ़ियों पर धुआं भर गया तो पापा ने खिड़की तोड़ी, चादरें बांधीं और गद्दे पर कूद गए। मां उतरते समय फिसल गईं और पीठ के बल गिर गईं।”
भारतीय दूतावास पर सवाल
विशाल ने आरोप लगाया कि नेपाल में भारतीय दूतावास से बहुत कम मदद मिली। उन्होंने कहा कि नेटवर्क ठप होने की वजह से संपर्क नहीं हो पाया और दो दिन तक माता-पिता की लोकेशन का पता नहीं चला। अंततः उनके पिता राहत शिविर में मिले, जबकि मां की मौत हो चुकी थी।
कब और क्यों शुरू हुआ आंदोलन?
नेपाल में 8 सितंबर को Gen-Z आंदोलन शुरू हुआ था। इनकी मुख्य मांग थी कि सरकार सोशल मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध हटाए। धीरे-धीरे यह प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने संसद में घुसने की कोशिश की और कई सरकारी व निजी प्रतिष्ठानों को आग के हवाले कर दिया।
पुलिसवालों को सबक सिखाने की कोर्ट की नई मिसाल – बुलाने पर न आने वाले SHO को एक घंटे के लिए जेल में डाल दिया
12 Sep, 2025 01:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैथल: हरियाणा के कैथल जिले की विशेष अदालत ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसकी चर्चा पूरी प्रदेश में हो रही है। कोर्ट ने एक इंस्पेक्टर को एक घंटे तक जेल में रहने की सजा सुनाई। जेल में बंद इंस्पेक्टर की एक फोटो भी सामने आई है। इस तस्वीर में वो मायूस होकर सलाखों के पीछे बैठे हुए दिखाई दे रहा है। अब आप सोच रहे होंगे की कोर्ट ने इंस्पेक्टर को सिर्फ एक घंटे के लिए सलाखों के पीछे रखने की सजा क्यों सुनाई। आइए जानते हैं आखिरकार पूरा मामला क्या है....
जानें क्या है मामला
दरअसल अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश मोहित अग्रवाल की कोर्ट ने जांच अधिकारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार को कोर्ट में बार-बार गैर हाज़िर रहने के चलते एक घंटे तक हिरासत में लेने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेशों पर इंस्पेक्टर को 10:30 बजे से लेकर 11:30 बजे तक कोर्ट परिसर में बंदियों के लिए बने बक्शी खाना (सलाखों) के पीछे रखा। इस दौरान पुलिस इंस्पेक्टर वर्दी में थे। कोर्ट ने इस फैसले से पुलिस महकमा नाराज है। वो कोर्ट की इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इंस्पेक्टर पर थे ये आरोप
बता दें कि इंस्पेक्टर राजेश इंस्पेक्टर राजेश कुमार वसिरसा जिले के बड़ाबूढ़ा थाने में बतौर एसएचओ तैनात हैं। राजेश कुमार पर आरोप है कि वह गवाही के लिए कई तारीखों पर कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए। कोर्ट ने 29 अगस्त को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए थे। वारंट जारी होने के बाद इंस्पेक्टर साहबजब वह गवाही देने पहुंचे तो कोर्ट ने उन्हें एक घंटे सलाखों के पीछे रखने का आदेश दे दिया। आ
घर से 35 लाख चोरी कर 7वीं के छात्र ने दिए थे किसे? सनसनीखेज़ खुलासे में 19 साल का लड़का चढ़ा पुलिस के हत्थे
12 Sep, 2025 01:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सातवीं कक्षा के छात्र को डरा धमकाकर 35 लाख रुपये लेने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में पैसे लेने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी युवक का नाम अमन है और उसकी उम्र सिर्फ 19 साल है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेशकर 2 दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस उससे उसके साथियों के बारे में पूछताछ करेगी।
पुलिस ने क्या बताया
पुलिस ने मामले के जानकारी देते हुए बताया कि 8 सितम्बर को राजपाल वासी भगत सिंह कालोनी ने थाना शहर बल्ल्भगढ में दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसके भतीजे की एक लड़के के साथ स्कूल में धक्का मुक्की हो गई थी। जिसके बाद उस लड़के ने अपने साथी हर्ष ठाकूर और अमन के साथ उसके भतीजे से झगडा सुलझाने के नाम पर पैसे मांगने शुरु कर दिए। पैसे ना देने पर उसे डराने धमकाने लगे। इस पर उसके भतीजे ने दवाब में आकर अपने घर की अलमारी में रखे 35 लाख रुपये निकालकर अलग- अलग समय पर उस लड़के, अमन और हर्ष ठाकूर को दे दिये। जिस शिकायत पर थाना शहर बल्लभगढ में जबरन वसूली से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
ऐसे करते थे छात्र को ब्लैकमेल
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामलें में कार्रवाई करते हुए क्राईम ब्रांच सेक्टर 65 की टीम ने अमन(19) वासी भीकम कॉलोनी बल्लबगढ़ फरीदाबाद को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि शिकायतकर्ता के भतीजे का स्कूल में एक लडके के साथ झगडा हुआ था। झगड़े को सुलझाने और घर पर न बताने की एवज में उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता के भतीजे को डरा धमका कर 35 लाख रुपये ले लिए थे। आरोपी अमन के हिस्से में 9 लाख रुपये आए थे। आरोपी को माननीय न्यायलय में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
ओरल सेक्स किया, कनाडा में मरीजों से यौन संबंध रखने की दोषी भारतीय मूल की डॉक्टर
12 Sep, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ओटावा । कनाडा में भारतीय मूल की चिकित्सक सुमन खुलबे का मेडिकल लाइसेंस रद्द किया गया है। उन पर एक पुरुष मरीज के साथ यौन शोषण और दो अन्य मरीजों के साथ अनुचित व्यवहार के आरोप सिद्ध हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, खुलबे ने इन मरीजों के प्रति प्रेम व्यक्त किया और इसके साथ व्यक्तिगत और कारोबारी संबंध स्थापित किए, जो चिकित्सा नैतिकता के खिलाफ माने गए।
जांच समिति ने खुलबे के व्यवहार की जांच कर निष्कर्ष निकाला कि उन्होंने अपने मरीजों को केवल मरीज के रूप में नहीं देखा। पैनल ने कहा, वे उन्हें अपने दोस्त, सामाजिक जीवन का हिस्सा, खेल गतिविधियों में सहयोगी और बिजनेस पार्टनर मानती थीं।” समिति ने कहा कि संस्था की नीति डॉक्टर और मरीज के बीच यौन संपर्क के प्रति शून्य सहनशीलता की है, भले ही वे सहमति से हो। पैनल के फैसले में कहा गया कि खुलबे का एक मरीज के साथ सेक्स संबंध था और अन्य मरीजों के साथ गहरे करीबी संबंध थे। इसके अलावा, उन्होंने दो मरीजों के साथ व्यावसायिक साझेदारी भी की थी। खुलबे ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने की इच्छा जाहिर है।
खुलबे ने अपने क्लिनिक में मरीजों के साथ सामाजिक आयोजन किए, जहां शराब का सेवन और प्रोकेन का उपयोग हुआ। प्रोकेन का उपयोग सामान्यतः एनेस्थीसिया, पेरिफेरल नर्व ब्लॉक और स्पाइनल नर्व ब्लॉक के लिए किया जाता है। एक जिम ट्रेनर ने आरोप लगाया कि खुलबे ने इन आयोजनों के दौरान उस पर डीप टिश्यू फिजिकल थेरेपी की।
जिम ट्रेनर के गंभीर आरोप
ट्रेनर ने बताया कि शुरू में उन्हें खुलबे से विटामिन थेरेपी मिली, जो बाद में मांसपेशियों की रिकवरी के लिए फिजिकल थैरेपी में बदल गई। कोर्ट दस्तावेजों के अनुसार, ट्रेनर ने आरोप लगाया कि खुलबे ने “उसके निजी पार्ट पर हाथ रखकर सांस लेने के व्यायाम कराए।” ट्रेनर ने यह भी दावा किया कि यौन कृत्यों में ओरल सेक्स, चुंबन और मैनुअल स्टिमुलेशन शामिल थे, और ये घटनाएं तब हुईं जब वह प्रोकेन के प्रभाव में था।
खुलबे का करियर और विवाद
2018 में खुलबे ने फैमिली प्रैक्टिस छोड़ दी और एक कार्यकारी क्लिनिक शुरू किया, जिसमें मरीजों को समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती थीं। उन्होंने और ट्रेनर ने एक स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन बिजनेस शुरू करने पर भी चर्चा की थी। अन्य मरीजों ने दावा किया कि खुलबे ने उन्हें प्रोकेन दिया और उनसे प्रेम व्यक्त किया। खुलबे ने इस मामले को “विच हंट” और ब्लैकमेल की रणनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि जिम ट्रेनर के साथ उनका करीबी रिश्ता था और उसके बयानों को “मामले में हथियार बनाया गया।” खुलबे ने फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बनाई है।
अमेरिका के नक्शेकदम पर इजराइल...
12 Sep, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
72 घंटों में गाजा समेत सीरिया, लेबनान, कतर, यमन और ट्यूनीशिया पर धड़ाधड़ हमले
6 देशों पर हमला: 200 की मौत, 1000 घायल
-अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने हमलों को लेकर इजराइली पीएम नेतन्याहू से जताई नाराजगी
-पाकिस्तानी रक्षामंत्री बोले- मुस्लिम देश इजराइल के खिलाफ साथ आएं
यरुशलम। इजराइल ने पिछले 72 घंटों में 6 देशों पर हमला किए हैं। इसमें गाजा (फिलिस्तीन) समेत सीरिया, लेबनान, कतर, यमन और ट्यूनीशिया शामिल हैं। इन हमलों में 200 से ज्यादा लोग मारे गए और 1000 से ज्यादा घायल हुए हैं। ये हमले सोमवार से बुधवार के बीच में किए गए। इजराइल का कहना है कि वो इन देशों में आतंकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे लेकर इजराइली पीएम नेतन्याहू से नाराजगी जताई है। हालांकि इजराइली पीएम नेतन्याहू ने कतर की राजधानी दोहा में हमास के अधिकारियों पर किए गए हमले का बचाव किया। उन्होंने इस हमले की तुलना 9/11 के हमलों के बाद अमेरिका की कार्रवाई से की। उन्होंने कहा इजराइल ने भी वही किया जो अमेरिका ने उस वक्त किया था।
इजराइली सेना ने मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा पर हवाई हमला किया था। यह हमला हमास के चीफ खलील अल-हय्या को निशाना बनाकर किया गया था। इसमें अल-हय्या का बेटा, ऑफिस डायरेक्टर, तीन गार्ड और एक कतरी सुरक्षा अधिकारी समेत छह लोग 6 लोगों की मारे गए थे। इस हमले के वक्त हमास नेता अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव पर आपस में चर्चा कर रहे थे। इस हमले के बाद हमास ने युद्ध विराम से इनकार कर दिया। इजराइल ने सोमवार को पूर्वी लेबनान के बेका और हरमेल जिलों में हवाई हमले किए, जिसमें 5 लोगों की जान गई। इजराइली सेना ने दावा किया कि इस हमले में हिजबुल्लाह के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि हिजबुल्लाह ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। मंगलवार को इजराइली ड्रोन ने हिजबुल्लाह के एक सदस्य पर हमला किया था। नवंबर 2024 में इजराइल और लेबनान में सीजफायर हुआ था। लेकिन इसके बाद भी इजराइल लेबनान के दक्षिणी हिस्से पर हमले करता रहता है।
सीरिया में हताहतों की जानकारी नहीं
इजराइली फाइटर जेट ने सोमवार को सीरिया के एयरफोर्स बेस और सेना के कैंप पर हमले किए। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक इसमें किसी के हताहत की सूचना नहीं मिली है। इन हमलों को सीरिया के विदेश एवं प्रवासी मंत्रालय ने देश के संप्रभुता का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि इजराइल राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। सीरिया और इजराइल में 1974 में सैन्य वापसी समझौते के तहत एक दूसरे पर हमला न करने पर सहमति बनी थी। लेकिन पिछले साल दिसंबर में सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के पतन के बाद से इजराइली सेना लगातार सीरिया के सैन्य ठिकानों और इंफ्रास्ट्रक्टर को निशाना बना रही है। रिपोर्ट बताती है कि इस साल इजराइल ने सीरिया पर 86 हवाई और 11 जमीनी हमले किए हैं। इसमें 61 लोग मारे गए और 135 जगहों को निशाना बनाया गया है। इजराइली ड्रोन ने सोमवार को रात में ट्यूनीशिया के पोर्ट पर फैमिली बोट पर हमला दिया। इस जहाज में 6 लोग सवार थे, जो पुर्तगाली झंडा लगाकर यात्रा कर रहे थे। इस हमले में किसी की जान नहीं गई। इजराइली ड्रोन ने मंगलवार को भी ब्रिटेन का झंडा लगाकर यात्रा कर रहे जहाज को निशाना बनाया था। 2010 से अब तक गाजा के इलाके में घुसने की कोशिश करने वाले जहाजों पर इजराइली ड्रोन हमला कर रहे हैं।
गाजा में सबसे अधिक मौत
इजराइली हमलों से सोमवार को गाजा में करीब 150 लोग मारे गए हैं और 540 घायल हुए। गाजा में 2023 से अब तक कुल 64,600 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके है। गाजा में अब तक 400 लोग भुखमरी से और हजारों लोग मलबे में दबकर मारे जा चुके है। गाजा का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा इजराइल के कब्जे में है। इजराइल ने बुधवार को यमन की राजधानी सना पर 15 दिनों में दूसरा हमला किया। इसमें हूती ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह हमला सना हवाई अड्डे पर किया गया था। इससे पहले 28 अगस्त को इजराइल ने सना पर हमला किया था, जिसमें हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी समेत 10 लोग मारे गए थे और 90 लोग घायल हुए थे।
मुस्लिम देश एक हों
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कतर की राजधानी दोहा पर इजराइली हमलों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम देशों को अपनी आर्थिक ताकत से इजराइल का मुकाबला करना चाहिए। आसिफ ने कहा- इजराइल मुस्लिम देशों को कमजोर करना चाहता है। यह सोचना गलत है कि इजराइल के सामने झुकने से कोई सुरक्षित रहेगा। ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर लिखा कि मुस्लिम देशों को अब इजराइल के खिलाफ एक साथ आना होगा। उनका मकसद मुस्लिम दुनिया की ताकत खत्म करना है। इजराइल के साथ नरमी बरतना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने, जो आर्थिक रूप से कमजोर है, फिर भी अपने से 5 गुना बड़े भारत को को सबक सिखाया। उन्होंने कहा- सुरक्षा कोई बाहर से नहीं देता। दूसरों की मदद मायने रखती है, लेकिन ताकत अपने अंदर से आती है। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी दोहा पर हमले की निंदा की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान की जनता और मेरी तरफ से मैं इजराइल के दोहा में आम लोगों पर किए गए गलत हमले की निंदा करता हूं। यह कतर की आजादी का उल्लंघन है और क्षेत्र की शांति को खतरे में डाल सकता है।
काठमांडू जा रही फ्लाइट की टेल में आग
12 Sep, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली से काठमांडू जा रही स्पाइसजेट फ्लाइट एसजी041 की टेल (पिछले हिस्से) में गुरुवार को आग लग गई। इसके बारे में एक दूसरे विमान के पायलट से पता चला। यह घटना तब हुई जब विमान रनवे पर उड़ान भरने के लिए खड़ा था। काठमांडू जा रही स्पाइसजेट फ्लाइट में 100 से ज्यादा यात्री सवार थे। प्लेन को सुबह 8:10 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरनी थी। काठमांडू पहुंचने का समय 9:55 का था, लेकिन पिछले हिस्से की पाइप में आग लगने की वजह से प्लेन ने दोपहर 3 बजे उड़ान भरी। एयरलाइंस के मुताबिक, आग की खबर मिलते ही सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। सभी यात्री सुरक्षित हैं। टेल पाइप इंजन का पिछला हिस्सा होता है। यहां से गर्म हवा और धुआं बाहर निकलता है।
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