महाराष्ट्र
पुणे की लड़की ने गर्लफ्रेंड के साथ की लेस्बियन शादी, फिर युवक से गुपचुप शादी की, बाथरूम में वीडियो कॉल ने सब उजागर किया
24 Sep, 2025 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासिक: महाराष्ट्र के नाशिक जिले में अजीबोगरीब घटना हुई है। एक युवती ने अपनी समलैंगिक शादी की बात छिपाकर एक युवक से शादी कर ली। अब उस युवती और उसके माता-पिता के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज हुआ है। शिकायत में बताया गया है कि शादी के बाद लड़के को पत्नी का व्यवहार अजीब लगा। युवक ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी उसे छूने पर आत्महत्या करने की धमकी देती थी। फिलहाल नासिक रोड पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
क्या है पूरा मामला?
सिन्नर फाटा के समनगांव रोड निवासी युवक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उसकी शादी एक युवती से हुई थी। हालांकि युवक को युवती का व्यवहार अजीब लगने लगा था। पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि युवती ने युवक को धमकी दी थी कि अगर उसने उसे छुआ तो वह आत्महत्या कर लेगी। इसके अलावा युवती शादी के बाद लगातार किसी से फोन पर बात करती थी। वह वीडियो कॉल और चैट भी करती थी।
लेस्बियन मैरिज का कैसे चला पता?
शिकायत में कहा गया है कि जब युवती 'एम.कॉम' की परीक्षा देने अपनी मां के घर गई थी, तब उसने युवक को बताया कि शादी में उसे दिया गया तीन तोला सोने का कंगन भी खो गया है। जब वह लौटी तो युवक ने उसका मोबाइल फोन चेक किया और लड़की के लेस्बियन मैरिज के बारे में जानकर हैरान रह गया। जब उसने इस बारे में युवती के पिता से पूछा तो उन्होंने उसे गाली दी और धमकाया। ऐसा पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया गया है। पुलिस कांस्टेबल मोरे अपराध की आगे की जांच कर रहे हैं।
युवक ने पत्नी के मोबाइल में क्या देखा?
युवक को पत्नी के मोबाइल से पता चला कि उसने पुणे में अपनी महिला मित्र से लेस्बियन मैरिज की थी। मोबाइल में युवती और उसकी महिला मित्र के अश्लील चैट, बाथरूम में न्यूड वीडियो कॉल और शारीरिक संबंध के वीडियो मिले। एक वीडियो कॉल में युवती अपनी महिला मित्र से कह रही थी कि पति का कैसे गेम करते हैं देख।
उसे पुरुषों में कोई दिलचस्पी नहीं
पत्नी की मां को भी इस बारे में पहले से पता था। युवती ने खुद कबूल किया कि उसने अपनी मर्जी से लेस्बियन मैरिज किया है। उसने बताया कि उसे पुरुषों में कोई दिलचस्पी नहीं है। युवती ने यह भी बताया कि उसके माता-पिता को इस बारे में पता था। उन्होंने जबरदस्ती उसकी शादी युवक से करा दी। युवती ने बताया कि वह इस शादी से खुश नहीं थी। इसलिए उसने घर छोड़ दिया था और जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी। युवती को सिगरेट और हुक्का पीने की भी आदत है।
जीनत शबरीन बनी मुंबई यूथ कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष, जानें उनकी कहानी और 10,076 वोटों की ऐतिहासिक जीत
23 Sep, 2025 02:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई में यूथ कांग्रेस को पहली बार महिला अध्यक्ष मिल गई है। जीनत शबरीन ने संगठन के हाल ही में संपन्न आंतरिक चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने अध्यक्ष पद पर सर्वाधिक 10,076 वोट हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया और अपने आठ अन्य प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। बता दें कि कांग्रेस की युवा इकाई में पदाधिकारियों के चुनाव 16 मई से 17 जून के बीच आयोजित किए गए थे। इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए नौ उम्मीदवार मैदान में थे। रविवार को नतीजे घोषित किए गए, जिसमें ज़ीनत शबरिन ने बाजी मारी। सोमवार को पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उनकी जीत की पुष्टि की गई।
कौन है जीनत शबरीन
जीनत शबरीन की खासियत यह है कि वे राजनीतिक परिवार से नहीं आतीं। अपनी जीत के बाद उन्होंने कहा कि मुंबई यूथ कांग्रेस को वे मुंबई के युवाओं की आवाज बनाने की दिशा में काम करेंगी। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा कांग्रेस ने मुझे, जो कि गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से हूं, इतना बड़ा मंच दिया है। इसके लिए मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, मुंबई कांग्रेस , महाराष्ट्र कांग्रेस और मुंबई यूथ कांग्रेस परिवार की आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। शबरीन ने आगे कहा कि संगठन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और आईवाईसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा। साथ ही संगठन को और मजबूत बनाने के लिए वे निरंतर प्रयास करेंगी।
युवाओं के मुद्दों पर फोकस
शबरीन ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता मुंबई के युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाना होगी। रोजगार, शिक्षा और शहर में युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर वे सक्रिय भूमिका निभाने का इरादा रखती हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज़ को सशक्त बनाना ही उनका मकसद है। जीनत शबरीन की जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है।
सांसद बने बाढ़ के हीरो, महिला-बच्चे को बचाने की अद्भुत पहल पर उद्धव ठाकरे ने जताई खुशी और गर्व
23 Sep, 2025 02:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के बीड़, धाराशिव में भारी बारिश से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है तो वहीं दूसरी तरफ धाराशिव से लोकसभा सदस्य ओमप्रकाश निंबालकर ने बतौर जनप्रतिनिधि एक बड़ी मिसाल पेश की है। धाराशिव (उस्मानाबाद) जिले की परांदा तहसील के वडनेर में एक बुजुर्ग महिला और दो साल के बच्चे को बचाने के लि सांसद जी भी बाढ़ में पानी उतर गए। शिवसेना सांसद ओमराजे निंबालकर ने एनडीआरएफ कर्मियों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें सुरक्षित बचाया। सोशल मीडिया पर मुश्किल वक्त पर लोगों के साथ खड़े होने के लिए सांसद निंबालकर की तारीफ हो रही है। भयानक बाढ़ में अब चार लोगों की मौत हुई है। भारी बारिश के बीच 27 अन्य लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया। बीड़, शिरूर पटोदा, आष्टी और गेवराई तालुका में बादल फटने जैसी घटना सामने आई है।
सांसद बोले-मैं संतुष्ट हूं
सांसद ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया है इसमें उन्होंने लिखा है कि आज वडनेर तालुका परांदा में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में एक दादी, एक 2 साल का बच्चा और एक ही परिवार के दो लोग रात 2 बजे से पानी से पूरी तरह घिरे हुए थे और बिना खाने-पीने के अपने ही घर में फंसे हुए थे, मदद का इंतज़ार कर रहे थे। एनडीआरएफ कर्मियों की मदद से, मैंने स्वयं इस कार्य में भाग लिया और आज रात 8 बजे परिवार को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहा। मैं बहुत संतुष्ट हूं। मैं इस कार्य में एनडीआरएफ कर्मियों और ग्रामीणों की कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए सभी का तहे दिल से धन्यवाद और बधाई देता हूं और सफलतापूर्वक बचाव अभियान चलाया।
शिवसैनिक बनने पर खुद हुए UBT
शिवसेना यूबीटी के सांसद ओमप्रकाश निंबालकर के लोगों के साथ खड़े होने खुद को रेस्क्यु ऑपरेशन में जोड़ने पर पार्टी ने खुशी व्यक्त की है। शिवसेना यूबीटी ने एक्स पर लिखा है कि बालासाहेब कितने शिवसैनिक हैं, इसका प्रमाण आज धाराशिव जिले में देखने को मिला। धाराशिव जिले के तालुका परांदा के वडनेर में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में एक दादी, एक 2 साल का बच्चा और एक ही परिवार के दो लोग रात से ही अपने घर की छत पर फंसे हुए थे। शिवसेना सांसद ओमराजे निंबालकर ने एनडीआरएफ कर्मियों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें सुरक्षित बचाया।
कौन हैं ओमप्रकाश निंबालकर?
42 साल के ओमप्रकाश निंबालकर धाराशिव से शिवसेना यूबीटी (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की पार्टी के सांसद हैं। वह 2009 में उस्मानाबाद विधानसभा से विधायक चुने गए थे। इसके बाद वह 2019 में पहली बार सांसद बने थे। वह पूर्व सांसद पदम सिंह पाटिल के भतीजे हैं। ओमप्रकाश निंबालकर अपने क्षेत्र में काफी सक्रिय रहे हैं। निंबालकर 2011 में संयोजनी के साथ विवाह बंधन में बंधे थे।
जस्टिस चंद्रशेखर बनेंगे नई सुनवाई के मुख्य न्यायाधीश, जानें उनके करियर और मराठा आरक्षण मामले में OBC याचिकाओं पर भूमिका
23 Sep, 2025 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए 31 जनवरी 2026 की की डेडलाइन तय कर दी है। ऐसे में जब राज्य में चुनावी सरगर्मियां बढ़ रही हैं तब मराठा आरक्षण और ओबीसी की नाराजगी का मुद्दा सरकार के लिए चिंता विषय बना हुआ है। यह मुद्दा बॉम्बे हाईकोर्ट भी पहुंचा हुआ है। ओबीसी समाज की तरफ सरकार के उस फैसले को चुनौती दी गई है। जिसमें राज्य सरकार ने मराठा समाज के लोगों के हैदराबाद गैजेट के आधार पर कुणबी सर्टिफिकेट देने की बात कही है। सोमवार को जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस संदेश पाटिल की बेंच ने ओबीसी की पांच याचिकाओं पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। दो जजों के पीछे हटने के बाद अब बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस चंद्रशेखर इस मामले पर सुनवाई करेंगे। उनके साथ जस्टिस गौतम अखंड भी होंगे।
किसने दाखिल की हैं ये याचिकाएं?
हैदराबाद गैजेट पर महाराष्ट्र सरकार के जीआर (शासनादेश) को चुनौती देने वाली ये याचिकाएं ओबीसी संगठनों ने दायर की हैं। इनमें कुणबी सेना, महाराष्ट्र माली समाज महासंघ, अहीर सुवर्णकार समाज संस्था, सदानद मांडलिक और महाराष्ट्र नाभिक महामंडल शामिल हैं। याचिकाओं में दलील दी गई है कि महायुति सरकार का अन्य पिछड़ा वर्ग से मराठा समुदाय को जाति प्रमाण पत्र देने का फैसला भ्रामक और अस्पष्ट है। मराठा समाज के लोगों को कुणबी प्रमाण पत्र देने से पूरी तरह से अराजकता फैलेगी। ओबीसी समाज का आरोप है कि मराठा समुदाय के पात्र सदस्य कुणबी जाति प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद ओबीसी श्रेणी के अंर्तगत आरक्षण का दावा करेंगे। जो उनके अधिकारों पर चोट होगी। सरकार के फैसले पर मंत्री छगन भुजबल भी नाराज हैं।
कौन हैं जस्टिस चंद्रशेखर ?
25 मई, 1965 के जन्मे जस्टिस चंद्रशेखर पिछले महीने बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने हैं। 25 अगस्त, 2025 को सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद के लिए उनका नाम भेजा था। चंद्रशेखर ने 5 सितंबर, 2025 को शपथ ली। चंद्रशेखर ने 1993 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने एक लंबे अधिवक्ता के रूप में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में 3,500 से अधिक मामलों में पैरवी की। उन्हें 2013 में झारखंड हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद उन्होंने इसके कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया और जुलाई 2025 में बॉम्बे उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया। चंद्रशेखर ने डीयू के लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है।
कॉमेडियन साइरस ब्रोचा का बयान सुर्खियों में, कहा – ‘फिरोज गांधी पारसी थे…’ राहुल गांधी के धर्म पर की मजाकिया टिप्पणी
22 Sep, 2025 04:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मशहूर कॉमेडियन साइरस ब्रोचा ने मजाक में राहुल गांधी के धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया है। एएनआई के साथ बातचीत में साइरस ने पारसी परिवार और उनके नियमों के बारे में बताया। राहुल गांधी के धर्म को लेकर उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के पिता फिरोज गांधी पारसी थे। राहुल गांधी का भी पारसियों का धार्मिक दीक्षा संस्कार नवजोत हो सकता था। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि राहुल! अभी देर नहीं हुई है। मैं एक दातुरजी को जानता हूं, जो नवजोत दीक्षा संस्कार करा सकता है। दातुरजी पारसियों के धार्मिक नेता होते हैं, जो धर्म के अनुसार कम्यूनिटी में संस्कार कराते हैं।
राहुल गांधी ने भी पारसी होने का दावा नहीं किया
मुंबई के पारसियों के बारे में साइरस ब्रोचा ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि लोग धर्म परिवर्तन को लेकर परेशान है। मगर पारसी एक महान धर्म है, जो कह रहा है कि हमारे पास मत आओ। हैरानी की बात है कि राहुल गांधी ने भी इस पर दावा नहीं किया। इस इंटरव्यू में उन्होंने फिटनेस, भारतीयों की खान-पान की आदत समेत कई मुद्दों पर बात रखी, मगर उनका राहुल गांधी के पारसी कनेक्शन पर जो टिप्पणी की, उसकी काफी चर्चा हो रही है।
बीजेपी नेता करते रहे हैं राहुल के धर्म पर टिप्पणी
बता दें कि राहुल गांधी के धर्म को लेकर बीजेपी के कई नेता पहले भी टिप्पणी कर चुके हैं। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने जातीय जनगणना की मांग पर सवाल किया था कि राहुल गांधी अपनी जाति और धर्म क्या बताएंगे। 2024 में संसद में बहस के दौरान बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी की जाति को लेकर सवाल किया था। उन्होंने कहा था कि लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर राहुल गांधी की जाति क्या है? 2014 में जब राहुल गांधी की जाति और धर्म का विवाद हुआ था, तब उन्होंने खुद को कौल ब्राह्मण बताया था। उन्होंने अपना गोत्र दत्तात्रेय बताया था। 2014 के चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें जनेऊधारी हिंदू बताया था। 2021 की जयपुर रैली में कांग्रेस नेता ने कहा था कि वह हिंदू हैं, मगर हिंदुत्ववादी नहीं।
मुंबई मेट्रो-3 अब पहली बार ठाणे तक पहुँची, 30 सितंबर को PM मोदी देंगे इसकी सौगात, जानिए पूरी डिटेल
22 Sep, 2025 04:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के सोमवार का दिन बड़ी गुड न्यूज लेकर आया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मेट्रो मार्ग-4 व 4-अ के पहले चरण के ट्रायल रन को शुरू किया। मेट्रो पहली बार मुंबई से निकलकर ठाणे में दाखिल हुई। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे काफी खुश दिखाई दिए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मेट्रो 4 और मेट्रो 4ए के शुरू होने पर एक अनुमान के तौर पर रोजाना 13 से 14 लाख लोग इसमें यात्रा करेंगे। फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महाराष्ट्र में मेट्रो के निर्माण की जो शुरुआत हमने की थी। उसको एक बड़ी गति मिली है। फडणवीस ने यह ट्रायल ऐसे नवरात्रि के पहले दिन शुरू किया।
30 को खुलेगी मेट्रो-3 की पूरी लाइन
सीएम फडणवीस ने डिप्टी सीएम के साथ नवरात्रि के पहले दिन दो रूट पर ट्रायल रन शुरू किया। आने वाले दिनों में 30 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री मोदी पूरी तरह से बनकर तैयार मेट्रो-3 एक्वा लाइन का उद्घाटन करेंगे। कोलाबा-आरे खंड का अभी कुछ हिस्सा ही खुला है। फडणवीस ने यह गुड न्यूज बीएमसी चुनावों से पहले वर्ली एनएससीआई में आयोजित मुंबई भाजपा के महाधिवेशन के दौरान की थी। मुंबईकर अब पूरी तरह से बनकर तैयार और बहुप्रतीक्षित भूमिगत मेट्रो-3 (एक्वा लाइन) के 33.5 किलोमीटर लंबे कोलाबा-आरे खंड पर यात्रा कर सकेंगे।
मुंबई दौरे में देंगे बड़ी सौगात
ऐसा संभावना है कि पीएम मोदी अपने मुंबई दौरे में यह बड़ी सौगात देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ली से कफ परेड तक भूमिगत मेट्रो 3 के दूसरे चरण का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 30 सितंबर को आएंगे और मेट्रो 3 के शेष चरण का उद्घाटन करेंगे।मुंबई मेट्रो 3 से दक्षिण मुंबई और उपनगरों के बीच दैनिक यात्रा आसान होने की उम्मीद है। अभी वर्ली में आरे और आचार्य अत्रे चौक के बीच 22.46 किलोमीटर लंबे खंड पर सेवाएं चालू हैं। कफ परेड तक अंतिम चरण पर अप्रैल से परीक्षण चल रहे हैं। अंतिम चरण में 11 और स्टेशन जोड़े जाएंगे, जिससे यह लाइन पूरी तरह से चालू हो जाएगी।
मुंबई में लैंबॉर्गिनी चालक ने कोस्टल रोड को बना दिया रेसिंग ट्रैक, खतरनाक रफ्तार का कहर वीडियो में कैद
22 Sep, 2025 04:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई में एक बार फिर से रफ्तार का कहर देखने को मिला है। मुंबई की कोस्टल रोड पर एक लेम्बोर्गिनी चालक ने सड़क को रेसिंग ट्रैक बना डाला। चालक के सनकीपन का वीडिया भी सामने आया है। कोस्टल रोड पर खतरनाक तरीके से कार चलाने पर वर्ली पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वर्ली पुलिस के पूरे मामले की जांच की जा रही है। इसमें चालक के डीएल की वैधता और कार मालिक के बारे में लगाया जा रहा है।
कब क्या हआ?
मुंबई की कोस्टल रोड पर यह घटना रविवार सुबह करीब 9:20 बजे हुई। एक शख्स नेनमन बिल्डिंग के पास दक्षिण की ओर जाने वाली कोस्टल रोड पर खतरनाक ढंग से कार को ड्राइव किया। पुलिस ने इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जांच शुरू की। इसमें सामने आया है कि भगवा रंग की लेम्बोर्गिनी कार के चालक ने आतंक मचाया और नियमों का उल्लंघन किया। पुलिस ने MH 01 EW 8010 के चालक के खिलाफ जान जोखिम में डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
घटना ने खड़े किए सवाल
कोस्टल रोड पर यह घटना ऐसे वक्त पर सामने आई है जब मुंबई पुलिस ने लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर तत्पर है। पूर्व में हिट एंड रन की कई घटनाओं में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की थी। वर्ली में हिट एंड रन की घटना भी हुई थी। पुलिस के अनुसार चालक लग्जरी स्पोर्ट्स कार को लापरवाही से चला रहा था, जिससे उसकी और अन्य यात्रियों की जान को खतरा था। इस लापरवाही से वाहन को भी नुकसान पहुंचने का खतरा था। वर्ली पुलिस ने चालक के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार आगे की जांच जारी है।
ठाकरे ब्रदर्स का मिलकर बीजेपी पर प्रहार, 60:40 फॉर्मूले में सीटों का बंटवारा तय, ऐलान की तारीख बनी चर्चा का विषय
22 Sep, 2025 03:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में ठाकरे ब्रदर्स के एक मंच पर आने के बाद गठबंधन को लेकर काफी समय से इंतजार हो रहा है। विजयादशमी के मौके पर होने वाली रैली की काफी अहम माना जा रहा है। इसमें उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे भी मौजूद होंगे। ऐसे में यूबीटी और मनसे के बीच गठबंधन को बड़ा संकेत मिल सकता है। ठाकरे ब्रदर्स के गठबंधन पर बीजेपी के साथ एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना की नजरें लगी हुई है। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि ठाकरे ब्रदर्स के साथ आने वाले मुंबई के साथ कुछ अन्य नगर निगमों में समीकरण बदल सकते हैं। इस बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है इसमें दावा किया गया है। इसमें कहा गया है कि दोनों भाईयों के पार्टियों के बीच 60:40 का फॉर्मूला हो सकता है। बीएमसी की 227 सीटों में से ठाकरे गुट 147 और मनसे 80 पर चुनाव लड़ सकती है।
ताकत के हिसाब तय होंगी सीटें
यह दावा सूत्रों के हवाले ऐसे वक्त पर सामने आया है कि जब शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के गठबंधन के आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। कहा जार सूत्रों की मानें तो उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच गठबंधन की सहमति बनती नजर आ रही है। कुछ सूत्रों का कहना है कि गठबंधन का ऐलान आगे बढ़ सकता है। इसकी दिवाली के आस-पास इसकी घोषणा हो सकती है। दोनों दलों के नेताओं के बीच 60:40 के फॉर्मूले पर मंथन चल रहा है। दोनों पार्टियों अपनी-अपनी ताकत के अनुसार सीटें साझा कर सकती हैं। दोनों दलों के बीच दिक्कत वहां पर आ रही है जहां दोनों का दबदबा है। इन स्थानों में दादर-माहिम, लालबाग, परेल, शिवड़ी, विक्रोली, डिंडोशी, घाटकोपर पश्चिम, दहिसर, और भांडुप जैसे क्षेत्र हैं। यहां पर 50-50 फॉर्मूला सीट शेयरिंग में हो सकता है।
कांग्रेस का हाथ छोड़ेंगे उद्धव ठाकरे?
गौरतलब हो कि कुछ दिन पहले संजय राउत ने यह भी कह दिया था कि शिवसेना यूबीटी और मनसे मुंबई के बाहर भी एक होकर उतरेंगे। मुस्लिम बहुल्य इलाकों में भी इसे फार्मूले पर सीटें साझा होंगी. राज ठाकरे स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी पार्टी कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेगी। यूबीटी और मनसे का मुंबई, ठाणे, नाशिक और कल्याण-डोंबिवली क्षेत्रों में प्रभाव है। अब देखना यह है कि महायुति का मुकाबल ठाकरे भाई के साथ मिलकर करते हैं या फिर महाविकास आघाड़ी को भी साथ में रखते हैं। कांग्रेस कह चुकी है कि उसे राज ठाकरे से कोई दिक्कत नहीं है। मुंबई के बीएमसी चुनावों को उद्धव ठाकरे के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं। बीएमसी में ताकत घटने पर उद्धव ठाकरे के लिए आगे का सफर कठिन हो सकता है। ऐसे में उद्धव ठाकरे बीएमसी चुनावों को व्यूहरचना में जुटे हुए है। संजय राउत, अनिल परब और अनिल देसाई जैसे नेता रणनीति तय कर रहे हैं।
एकनाथ शिंदे ने दी बड़ी चेतावनी, BMC और सभी नगर पालिका चुनावों को बताया ‘महायुद्ध’, हर जगह लहराएगा भगवा झंडा
22 Sep, 2025 03:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई के जोगेश्वरी उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र में शिवसेना की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक सांसद रवींद्र वायकर के नेतृत्व में हुई। इसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ( Eknath Shinde) ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में मुंबई महापालिका सहित अन्य नगरपालिकाओं में महायुति की जीत निश्चित है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र को प्राथमिकता दे रही है और राज्य में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं।
शिंदे ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मीडिया वार्ता के दौरान कहा कि उत्तर-पश्चिम लोकसभा क्षेत्रों की बैठक में विधानसभा स्तर की समस्याओं पर चर्चा हुई और जनता ने अपनी बातें रखीं। उन्होंने बताया कि यह बैठक संगठनात्मक समीक्षा के लिए थी, जिसमें साफ हुआ कि आईटी क्षेत्र में शिवसेना-बीजेपी का वर्चस्व है। शिंदे ने कहा कि आने वाले विधानसभा और मुंबई महापालिका चुनाव में यह क्षेत्र बेहद ताकतवर साबित होगा और इसके नतीजे महायुद्ध जैसे होंगे।
पालिका में लहराएगा महायुति का भगवा झंडा
शिंदे ने याद दिलाया कि ढाई साल मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने मुंबई के विकास के लिए कई काम किए और अब देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में भी विकास कार्य जारी हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई महापालिका सहित अन्य नगर पालिका में महायुति का भगवा झंडा लहराएगा। पहले के लोग पेमेंट वाले थे, लेकिन हम विकास वाले हैं। उन्होंने 2014 से पहले और बाद की स्थिति का अंतर बताते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश का नाम और आर्थिक शक्ति वैश्विक स्तर पर बढ़ी है। विकसित भारत 2047 का सपना अब साकार होता दिख रहा है।
डबल इंजन सरकार के कारण विकास
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महाराष्ट्र में अनेक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है। तामदे सागरी प्रकल्प, मेट्रो कार्य, बुलेट ट्रेन जैसी योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र को लगातार प्राथमिकता दे रही है और डबल इंजन सरकार के कारण विकास की गति तेज हुई है।
राहुल गांधी के आरोपों पर देवेंद्र फडणवीस का करारा पलटवार: ‘वोट चोरी नहीं हुआ, राहुल का दिमाग चोरी हो गया’ कहकर विपक्ष पर साधा निशाना
19 Sep, 2025 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला। राहुल गांधी के जेनरेशन Z वाले पोस्ट पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मैं पहले भी कह चुका हूँ कि ये वोट चोरी का मामला नहीं है। राहुल गांधी का दिमाग चुराया गया है और जब दिमाग चुराया जाता है तो लोग ऐसी बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि इन्हें देश के संविधान पर भरोसा नहीं है। ये देश के संविधान की सभी तैयार व्यवस्थाओं को नकारते हैं। अब इन्होंने अर्बन नक्सली होने का सबूत भी दे दिया है।
अर्बन नक्सली की तरह बोलते हैं राहुल गांधी: फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर अर्बन नक्सली की तरह बयान देने का आरोप लगाया और दावा किया कि कांग्रेस नेता ने ‘जेन-जेड’ को लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को उखाड़ फेंकने को कहा। दरअसल जेन-जेड वे युवा हैं जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी के सलाहकारों की सोच भी ‘अर्बन नक्सली’’ जैसी है।
वोट चोरी के आरोपों पर आया बयान
उनकी यह टिप्पणी गांधी की ओर से देश के निर्वाचन आयोग पर नए सिरे से हमला करने और वोट चोरी के आरोपों को दोहराने के एक दिन बाद आई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने गुरुवार शाम को पोस्ट कर कहा कि देश के युवा, देश के छात्र, देश के ‘जेन-जेड’ संविधान को बचाएंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे। मैं उनके साथ हमेशा खड़ा हूं। जय हिंद!
राहुल गांधी पर लगाए आरोप
जब पत्रकारों ने कांग्रेस नेता के इस पोस्ट पर फडणवीस की प्रतिक्रिया मांगी तो मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने ‘जेन-जेड’ से अपील की है कि वे एक साथ आकर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को उखाड़ फेंकें... यह ‘वोट चोरी’ नहीं है, बल्कि राहुल गांधी के दिमाग की चोरी हो गई है। उन्हें न तो संविधान पर भरोसा है और न ही वे संस्थाओं को मानते हैं। उन्होंने जिस तरह से कहा कि ‘जेन-जेड’ को एकजुट होकर चुनी हुई सरकार को गिराना चाहिए, वह ‘अर्बन नक्सली’ जैसी भाषा है।
‘राहुल गांधी के सलाहकारों की मानसिकता अर्बन नक्सली’
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के सलाहकारों की मानसिकता ‘अर्बन नक्सली’ जैसी है। लेकिन भारत के ‘जेन-जेड’ संविधान में विश्वास रखते हैं। इसी ‘जेन-जेड’ ने स्टार्टअप ‘इकोसिस्टम’ की शुरुआत की है और प्रौद्योगिकी को समझती है। राहुल गांधी न तो ‘जेन-जेड’ को समझते हैं, न ही देश के युवाओं को और न ही बुजुर्गों को।
रेलवे की शान रही सुरेखा यादव का रिटायरमेंट: 36 साल की सेवा के बाद अंतिम ट्रेन पर मिला भावुक विदाई समारोह और रिकॉर्ड तोड़ने वाला दिन
19 Sep, 2025 06:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: भारतीय रेलवे की पहली महिला ट्रेन ड्राइवर सुरेखा यादव इस महीने अपने 36 साल की सेवा को अलविदा कहेंगी। सुरेखा यादव इंडियन रेलवे के साथ एशिया में पहली महिला ट्रेन ड्राइवर हैं। वह 30 सितंबर को रिटायर हो जाएंगी। भारतीय रेलवे में इतने सालों तक ट्रेन ड्राइवर रहीं सुरेखा यादव के रिटायरमेंट की जानकारी सेंट्रल रेलवे ने दी है। सेंट्रल रेलवे ने एक बयान में कहा है कि एशिया की पहली महिला रेल चालक श्रीमती सुरेखा यादव, 36 वर्षों की शानदार सेवा के बाद 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होंगी। सेंट्रल रेलवे ने सुरेखा यादव को एक सच्ची पथप्रदर्शक, उन्होंने बाधाओं को तोड़ा, अनगिनत महिलाओं को प्रेरित किया और साबित किया कि कोई भी सपना अधूरी नहीं है। उनकी यात्रा भारतीय रेलवे में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक सदैव बनी रहेगी।
नवरात्रि में होंगी रिटायर
यह महज संयाेग है कि जब सुरेखा यादव रेलवे से रिटायरमेंट लेंगी तब देश में नवरात्रि का पर्व चल रहा होगा। 30 सितंबर को उनका आखिरी दिन होगा। ऐसे में नारी शक्ति की आराधना के बीच सुरेखा यादव भारतीय रेलवे को अलविदा कहेंगी। एशिया की पहली महिला रेल पायलट सुरेखा यादव मूलरूप से महाराष्ट्र की रहने वाली हैं। उनका जन्म महाराष्ट्र में 2 सितंबर 1965 को हुआ था। उन्होंने राज्य के सतारा में स्थित सेंट पॉल कॉन्वेंट हाई स्कूल से अपनी शुरुआती शिक्षा हासिल की। इसक बाद आगे की पढ़ाई के लिए सुरेखा ने वोकेशनल ट्रेनिंग कोर्स किया और बाद में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हासिल किया।
कैसे बनीं ट्रेन की ड्राइवर?
स्कूल में दिनों में सुरेखा आम लड़कियों की तरह भी अपने करियर और भविष्य को लेकर सपने देखती थीं। उन दिनों वह लोको ड्राइवर नहीं, बल्कि टीचर बनना चाहती थीं। उन्होंने टीचर बनने के लिए बी-एड की डिग्री प्राप्त करने की योजना बनाई थी। लेकिन शायद किस्मत को कुछ और मंजूर था। बाद में उनका चयन रेलवे में हुआ है। सुरेखा यादव ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें टेक्निकल बैकग्राउंड काफी इंटरेस्ट था। इसीलिए उन्होंने पायलट के लिए फॉर्म भरा था। साल 1986 में उनकी लिखित परीक्षा हुई, जिसमें पास होने के बाद इंटरव्यू भी क्लियर कर लिया। सुरेखा कल्याण ट्रेनिंग स्कूल में सहायक चालक के तौर पर नियुक्त हुईं। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद 1989 में सुरेखा यादव नियमित सहायक ड्राइवर के पद पर प्रमोट हुईं।
रेलवे में तय किया लंबा सफर
सुरेखा ने सबसे पहले मालगाड़ी के ड्राइवर के तौर पर करियर की शुरुआत की। धीरे-धीरे उनकी ड्राइविंग स्किल्स बेहतर होती गई। साल 2000 में मोटर महिला के पद पर उनका प्रमोशन हुआ। उसके बाद साल 2011 में सुरेखा एक्सप्रेस मेल की पायलट बनीं। इसी साल महिला दिवस के मौके पर सुरेखा यादव को एशिया की पहली महिला ट्रेन ड्राइवर होने का खिताब हासिल हुआ। सुरेखा ने सबसे खतरनाक रेलवे रूट माने जाने वाले पुणे के डेक्कन क्वीन से सीएसटी रूट पर ट्रेन ड्राइविंग की है। सुरेखा के पिता एक किसान थे, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से एक बड़ा मुकाम हासिल किया। पिछले बार सुरेखा तब सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने मार्च 2023 में सेमी-हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाई थी। वह ऐसा करने वाली पहली महिला बनीं थी। उन्होंने सोलापुर से मुंबई छत्रपति शिवाजी टर्मिनस तक 455 किलोमीटर की दूरी तय की थी। सुरेखा यादव के पति महाराष्ट्र पुलिस में हैं।
BMC चुनाव को उद्धव ठाकरे ने बताया शिवसेना के लिए ‘अग्निपरीक्षा’, बोले- यह सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं बल्कि विचारधारा की परीक्षा है
19 Sep, 2025 06:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीएमसी चुनावों को अपनी पार्टी के लिए अग्निपरीक्षा करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं बल्कि शिवसेना (यूबीटी) की ताकत और अस्तित्व की भी परीक्षा है। ठाकरे ने अपने शाखा प्रमुखों की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्यकर्ता और नेता 227 वार्डों में पूरी ताकत से तैयारी करें और कोई भी वार्ड नजरअंदाज न किया जाए। बैठक में उद्धव ठाकरे ने साफ किया कि जो पूर्व पार्षद शिंदे गुट में चले गए थे और अब वापसी करना चाहते हैं, उन्हें टिकट देने की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के हित को देखते हुए ही टिकट वितरण किया जाएगा और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को महत्व नहीं दिया जाएगा।
क्या एमएनएस के साथ होगा गठबंधन
ठाकरे ने बताया कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के साथ बातचीत चल रही है और समय आने पर गठबंधन पर औपचारिक घोषणा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, एमएनएस करीब 90 से 95 सीटों की मांग कर रही है, लेकिन सीट-टू-सीट बातचीत के बाद यह संख्या व्यावहारिक रूप से तय की जाएगी। शिवसेना (यूबीटी) के एक पदाधिकारी ने कहा कि उद्धवजी ने सभी को तैयारी शुरू करने को कहा है। उन्होंने यह चुनाव अग्निपरीक्षा बताया है और कहा कि किसी भी हालत में बीएमसी में शिवसेना (यूबीटी) का महापौर बैठना चाहिए। गठबंधन की घोषणा समय आने पर होगी, लेकिन अभी हर वार्ड में तैयारी शुरू करनी होगी।
पूर्व पार्षदों की वापसी की चर्चा
बीएमसी के कई पूर्व पार्षद, जिन्होंने पहले शिंदे गुट का साथ दिया था, अब उद्धव कैंप में लौटने की इच्छा जता रहे हैं। हालांकि, उद्धव ठाकरे ने इस पर सख्त रुख अपनाया है और कहा है कि टिकट देने का कोई वादा नहीं किया जाएगा। पूर्व शिवसेना (यूबीटी) पार्षद सुरेश पाटिल ने कहा कि मराठी लोग चाहते हैं कि शिवसेना और एमएनएस में गठबंधन हो। अगर यह हुआ तो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। हमने उद्धवजी से यही आग्रह किया है, अब अंतिम फैसला वे ही लेंगे
बीड, हिंगोली, धाराशिव, परभणी और लातूर में कुनबी प्रमाणपत्र वितरण पर सियासत गर्माई; अजित पवार-फडणवीस की ‘दूरी’ पर नजरें
18 Sep, 2025 05:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीड : महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को मराठा समुदाय के युवाओं को कुनबी जाति प्रमाण पत्र सौंपने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी। मराठवाड़ा मुक्ति दिवस के आधिकारिक समारोह के दौरान मराठवाड़ा क्षेत्र के आठ में से पांच ज़िलों में यह वितरण किया गया। यह कदम आरक्षण के लिए लंबे आंदोलन के बाद उठाया गया है। मनोज जरांगे के आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने मराठा युवाओं को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने का फैसला किया था। इन पांच ज़िलों के युवाओं ने प्रमाण पत्र दिए गए तो उन्होंने इसका श्रेय आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को दिया। इन प्रमाण पत्रों से मराठों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में शामिल किया जा सकेगा, जिससे वे शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे।
बीड में अजित पवार ने बांटे प्रमाणपत्र
बीड में, मुक्ति दिवस कार्यक्रम के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मराठा समुदाय के युवाओं को प्रमाण पत्रों का पहला बैच स्वयं सौंपा। अन्य ज़िलों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिलों के संरक्षक मंत्रियों ने ये प्रमाणपत्र वितरण किए।
पालक मंत्रियों ने अपने जिलों में दिए सर्टिफिकेट
हिंगोली के संरक्षक मंत्री नरहरि ज़िरवाल, परभणी के संरक्षक मंत्री मेघना बोर्डिकर, धाराशिव के संरक्षक मंत्री प्रताप सरनाईक और लातूर के संरक्षक मंत्री शिवेंद्रराजे भोंसले ने अपने-अपने जिलों में युवाओं को प्रमाण पत्र सौंपे। जिरवाल ने कहा कि फ़िलहाल, मैं यह नहीं कह सकता कि ये कुनबी प्रमाणपत्र कानूनी जांच में टिक पाएंगे या नहीं। ये प्रमाणपत्र जारी हो चुके हैं और निश्चित रूप से जांच प्रक्रिया से गुज़रे होंगे। मेरे लिए यह अनुमान लगाना अनुचित होगा कि कानूनी तौर पर इनका क्या होगा। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रतीकात्मक था, जिससे प्रमाणपत्र वितरण अभियान की आधिकारिक शुरुआत हुई। आने वाले दिनों में स्थानीय प्रशासनिक कार्यालयों के माध्यम से पूर्ण पैमाने पर प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे।
देवेंद्र फडणवीस ने बनाई दूरी
हालांकि, छत्रपति संभाजीनगर, जालना और नांदेड़ ज़िलों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे और ओबीसी कल्याण मंत्री अतुल सावे जैसे वरिष्ठ राजनेताओं की मौजूदगी के बावजूद, मुक्ति दिवस समारोहों के दौरान सार्वजनिक रूप से कोई कुनबी प्रमाणपत्र वितरित नहीं किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि इन ज़िलों में प्रमाणपत्र वितरण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी, लेकिन बुधवार के कार्यक्रम केवल आधिकारिक समारोहों तक ही सीमित रहे।
राजनीतिक रूप में अहम कदम
कुनबी प्रमाणपत्रों के वितरण को राजनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर मराठवाड़ा में, जहां आरक्षण की मांग ज़ोरदार रही है। सरकार का यह निर्णय महीनों तक चले विरोध प्रदर्शनों, भूख हड़तालों और कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा समुदाय के नेताओं के साथ बातचीत के बाद आया है।
मुंबई: पत्नी ने ‘हनीट्रैप’ में फंसाकर कर्ज के बहाने ठगे 1.73 करोड़, ‘सोनम रघुवंशी’ के मामले से भी बड़ा खुलासा
18 Sep, 2025 05:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: भांडुप इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक महिला ने अपने तीन साथियों की मदद से पति को करीब एक करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। पीड़ित विशाल अशोक रोडे ने भांडुप थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद पत्नी पूनम रोडे और उसके तीन सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस के मुताबिक पूनम एक निजी कंपनी में काम करती हैं जहां उसकी दोस्ती आरोपियों से हुई थी। 2019 में पूनम ने अपने पति को कर्ज दिलाने के नाम पर अपने इन दोस्तों से मिलवाया और भरोसा दिलाया कि वे आर्थिक मदद करेंगे। पूनम के पति विशाल को कर्ज चाहिए था। इसलिए उसने शर्त स्वीकार कर लिया। पत्नी की हरकत ने इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी केस की याद दिला दी है। इस मामले में पत्नी ने पति को चूना लगाकर हनीट्रैप में फंसा दिया।
प्रोसेसिंग फीस के नाम लिए लाखों
आरोप है कि विशाल द्वारा प्रोसेसिंग फीस 6.92 लाख रुपये चुकाने के बाद भी उसको कर्ज नहीं मिला। इस बारे में पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपने कंपनी में काम करने वाली एक महिला को विशाल से कर्ज के बारे में ऑनलाइन बातचीत करने के लिए कहा। लेकिन बातचीत के दौरान महिला ने विशाल से नजदीकी बढ़ा ली और विशाल और खुद के बीच अश्लील तस्वीरों को साझा करने लगी। आरोप है कि इन्हीं तस्वीरों के जरिए आरोपी विशाल को ब्लैकमेल करने लगी। पीड़ित द्वारा पुलिस को दिए बयान और दर्ज रिपोर्ट के अनुसार 2022 से अब तक पूनम ने हर महीने 2.20 लाख रुपये पति के खाते से अपने खाते में ट्रांसफर करवाए। इससे उसके खाते में कुल 82.23 लाख रुपये पहुंचे।
वूसली के बाद बनाया संपत्ति पर दबाव
पीड़ित द्वारा पुलिस को दिए बयान और दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, 2022 से अब तक पूनम ने हर महीने 2.20 लाख रुपये पति के खाते से अपने खाते में ट्रांसफर करवाए। इससे उसके खाते में कुल 82.23 लाख रुपये पहुंचे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने विशाल से उसकी संपत्ति के दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर भी कराए। आखिरकार लंबे समय तक चुप रहने के बाद विशाल ने पत्नी और उसके साथियों की प्रताड़ना से तंग आकर साहस जुटाया और भांडुप पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ विशाल से करीब 1.73 करोड़ की ठगी का मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सबको नोटिस जारी कर दिया गया है।
हिंदी-मराठी विवाद के बीच महाराष्ट्र सरकार का कदम, त्रिभाषा समिति की पहली बैठक में होगा बड़ा फैसला
18 Sep, 2025 05:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में हिंदी बनाम मराठी भाषा विवाद के मुद्दे पर गठित त्रिभाषा समिति आम लोगों के साथ ठाकरे ब्रदर्स (उद्धव ठाकरे-राज ठाकरे) से भी राय लेगी। प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में शामिल करने या नहीं करने के लिए गठित त्रिभाषा समिति की पहली बैठक बुधवार को मंत्रालय में हुई। बैठक में समिति ने तय किया है कि वह आम लोगों के साथ-साथ, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे से राय लेगी। इसके लिए समिति ने प्रश्नावली भी तैयार की है। समिति अलग से एक वेबसाइट भी बनवाएंगी, ताकि लोग वहां भी अपने विचार रख सके। अंत में समिति एक रिपोर्ट तैयार कर 5 दिसंबर तक सरकार को सौंपेगी। इसके बाद में सरकार उचित निर्णय लेगी। सीएम देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने इस समिति का गठन किया था।
समिति ने दिया था त्रिभाषा का सुझाव
गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 महाराष्ट्र में लागू करने के लिए डॉ. रघुनाथ माशेलकर के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कक्षा पहली से मराठी, अंग्रेजी और हिंदी की पढ़ाई शुरू करने का सुझाव दिया था। उन्हीं के सुझाव पर ही महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में त्रिभाषा फार्मूला लागू करते हुए कक्षा पहली से मराठी, अंग्रेजी और हिंदी की पढ़ाई को अनिवार्य कर दिया। इसे लागू करने के लिए सरकार ने शासनादेश जारी किया जिसका ठाकरे बंधुओं सहित कांग्रेस ने भी विरोध किया था। विरोध के चलते सरकार ने वह जीआर वापस ले लिया। हालिया मॉनसून सत्र की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने त्रिभाषा नीति तय करने के लिए डॉ. नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। समिति को 5 दिसंबर तक रिपोर्ट सौंपना है।
समिति ने तैयार की प्रश्नावली
बुधवार को मंत्रालय में त्रिभाषा समिति की पहली बैठक हुई। बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र जाधव ने बताया कि हम लोगों ने कामकाज की रूपरेखा तय की गई। हमने प्रश्नावली तैयार की है। इसमें सवाल होंगे कि त्रिभाषा फार्मूले को कब से लागू किया जाए ? कक्षा पहली से, तीसरी से या पांचवीं से? दूसरी प्रश्नावली मराठी भाषा के लिए काम कर रहे संस्थाओं, राजनेताओं, कार्यकर्ताओं, लेखकों, उद्यमी और विचारवंत लोगों के लिए होगी। डॉ. जाधव ने कहा कि समिति के सदस्य उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे सहित अन्य नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। साथ प्रश्नावली सभी कॉलेज, संगठनों को भेंजेंगे। हम उनसे उम्मीद रखते हैं कि वे भी हमें फीडबैक दें।
पूरे राज्य में जाएगी समिति
समिति राज्य भर में अलग-अलग जगह जाकर त्रिभाषा फार्मूले को लेकर फीडबैक लेगी। जाधव ने बताया कि वे अगले 10-15 दिनों में इन नेताओं से प्रत्यक्ष मुलाकात कर उनका पक्ष जानने की कोशिश करेंगे। समिति के अध्यक्ष डॉ. जाधव ने बताया कि हम काम पूरा कर 5 दिसंबर तक सरकार को रिपोर्ट सौंप देंगे। उन्होंने ने कहा कि हम सिफारिश करेंगे, लेकिन अंतिम निर्णय लेने का अधिकार सरकार का होगा।
नवंबर अंत में मुंबई में बैठक
समिति के अध्यक्ष डॉ. जाधव ने बताया कि राज्य के आठ बड़े शहरों में भी समिति के सदस्य जाएंगे। उनसे भी फीडबैक लेंगे। उनकी भी राय जानेंगे। डॉ जाधव ने बताया कि वे लोग 8 अक्टूबर को संभाजीनगर, 10 अक्टूबर को नागपुर, 30 अक्टूबर को कोल्हापुर, 31 अक्टूबर को रत्नागिरी, 11 नवंबर को नासिक, 13 नवंबर को पुणे, 21 नवंबर को सोलापुर जाएंगे और अंत में नवंबर के अंतिम सप्ताह में मुंबई में बैठक होगी। इसके अलावा समिति अन्य राज्यों में लागू त्रिभाषा फार्मूले का भी अध्ययन करेगी।
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