भंडारा। महाराष्ट्र के भंडारा जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और घिनौनी वारदात सामने आई है। यहाँ एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर पहले "लव ट्रैप" (प्रेम जाल) में फंसाया गया और फिर उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। संवेदनशीलता की सारी हदें पार करते हुए आरोपी ने इस घिनौने कृत्य का अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद मुख्य आरोपी ने अपने साथी की मदद से उस वीडियो को पीड़िता के ही परिवार वालों के मोबाइल फोन पर भेजकर उसे वायरल कर दिया। इस शर्मनाक घटना के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश और माता-पिता के बीच गहरी चिंता का माहौल है।

रिश्तेदारी का उठाया फायदा, पड़ोसी जिले से दबोचे गए दोनों आरोपी

भंडारा पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पड़ोसी जिले गोंदिया से गिरफ्तार कर लिया है। जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि पीड़िता और मुख्य आरोपी दोनों एक ही समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और आपस में दूर के रिश्तेदार हैं। इसी पारिवारिक संबंध और जान-पहचान का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी ने लड़की को अपने जाल में फंसाया और बाद में डरा-धमकाकर गलत काम करने पर मजबूर किया।

केस दर्ज कर पुलिस ने इन दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान भंडारा पुलिस ने सार्वजनिक कर दी है, जिनका विवरण इस प्रकार है:

  • अहमद रज़ा अखिल शेख (उम्र 20 वर्ष, निवासी गोंदिया): यह इस मामले का मुख्य आरोपी है, जिसने नाबालिग को हवस का शिकार बनाया और पूरी वारदात का वीडियो रिकॉर्ड किया।

  • साहिल अब्दुल शकील शेख (उम्र 27 वर्ष, निवासी गोंदिया): इस सह-आरोपी ने अश्लील वीडियो को पीड़िता के रिश्तेदारों के मोबाइल पर भेजने और उसे सोशल मीडिया पर फैलाकर वायरल करने में मुख्य आरोपी की मदद की।

POCSO, BNS और IT एक्ट के तहत मुकदमा, साइबर सेल की ली जा रही मदद

नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले को देखते हुए भंडारा पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता ($BNS$), यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण ($POCSO$) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी ($IT$) अधिनियम की विभिन्न गैर-जमानती व कठोर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की साइबर सेल टीम अब इस बिंदु की बारीकी से जांच कर रही है कि इन अश्लील वीडियो को परिजनों के अलावा इंटरनेट पर और किन-किन लोगों या ग्रुप्स में साझा किया गया है, ताकि डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।

पीड़िता को सदमे से उबारने के लिए की जाएगी काउंसलिंग

इस खौफनाक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाली घटना के बाद नाबालिग पीड़िता गहरे सदमे (ट्रॉमा) में है। चूंकि यह अपराध किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं बल्कि एक जानने वाले रिश्तेदार ने ही किया है, इसलिए पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़िता की मदद के लिए कदम उठाए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पीड़िता को इस मानसिक आघात से बाहर निकालने और सामान्य स्थिति में लाने के लिए महिला विशेषज्ञों द्वारा उचित काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।