महाराष्ट्र
बारिश से बेहाल मुंबई: सड़कों पर जलभराव, लोगों की बढ़ी मुश्किलें
3 Jul, 2026 08:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मायानगरी मुंबई एक बार फिर आसमानी आफत के सामने बेबस नजर आ रही है। पिछले कई घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मुंबई के शहरी इलाकों और उपनगरों में हालात बिगड़ गए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों तक राहत मिलने के आसार नहीं हैं और शहर में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ-साथ अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की हिदायत दी है।
लोकल ट्रेनें प्रभावित, सेंट्रल लाइन पर लगा लंबा ट्रैफिक जाम
इस भारी बारिश का सीधा असर मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों पर पड़ा है। पटरियों पर पानी भर जाने के कारण ट्रेनें अपनी तय समय सीमा से काफी देरी से चल रही हैं, जिससे कामकाजी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, मुंबई की सेंट्रल लाइन के कई प्रमुख रास्तों पर जलभराव के चलते वाहनों के पहिए थम गए हैं और मीलों लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है।
BMC के दावों की खुली पोल, जनता में भारी नाराजगी
हर साल की तरह इस बार भी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मानसून से निपटने के दावे खोखले साबित हुए हैं। हालांकि बीएमसी की टीमें सड़कों से पानी निकालने के काम में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के आगे सारे इंतजाम नाकाफी दिख रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकारें बदल जाती हैं, लेकिन हर साल मानसून में मुंबई की यह दुर्दशा जस की तस बनी रहती है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
कहां कितनी बरसी आफत? (बारिश के आंकड़े)
बीएमसी द्वारा जारी की गई ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 22 घंटों में मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है:
मुंबई मुख्य शहर: सबसे ज्यादा पानी मांडवी फायर स्टेशन (150.2 मिमी) और मालाबार हिल (145.8 मिमी) में बरसा। इसके बाद बी वार्ड ऑफिस में 140.8 मिमी और मेमनवाड़ा में 140.2 मिमी बारिश हुई।
पश्चिमी उपनगर: अंधेरी के मालपा डोंगरी इलाके में 136.6 मिमी, के-ईस्ट वार्ड में 134.6 मिमी और वर्सोवा पंपिंग स्टेशन पर 128.8 मिमी पानी रिकॉर्ड किया गया।
पूर्वी उपनगर: पवई के पसपोली इलाके में 124 मिमी, मानखुर्द में 117.8 मिमी और गावनपाड़ा में 115.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अंधेरी सब-वे पूरी तरह बंद, मैनहोल हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट
अंधेरी इलाके में स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। यहां रातभर हुई भारी बारिश के कारण सुरक्षा के लिहाज से पूर्वी और पश्चिमी हिस्से को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण 'अंधेरी सब-वे' को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
गौरतलब है कि साकीनाका इलाके में एक खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय बुजुर्ग असलम इसाक शेख की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस भयावह हादसे के बाद अब बीएमसी प्रशासन जागा है और एहतियात के तौर पर संवेदनशील जलभराव वाले इलाकों में नगर निगम के कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
महाराष्ट्र के कई जिलों के लिए मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी
आईएमडी ने केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं:
रेड अलर्ट: पालघर जिले के लिए अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
ऑरेंज अलर्ट: ठाणे, पुणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सतारा, अमरावती, अकोला, नागपुर, गोंदिया और चंद्रपुर जैसे जिलों में बिजली कड़कने और भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है।
येलो अलर्ट: सिंधुदुर्ग, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), अहमदनगर, वर्धा और नासिक में तेज आंधी और बारिश का येलो अलर्ट है।
किशोर-लता की जादुई आवाज, अमिताभ का यह बारिश वाला गाना आज भी है एवरग्रीन
2 Jul, 2026 04:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के युगपुरुष अमिताभ बच्चन ने अपने पांच दशक से अधिक के सुनहरे करियर में फिल्म जगत को एक से बढ़कर एक सुपरहिट और कालजयी गाने दिए हैं। अभिनय के साथ-साथ अपनी भारी और दमदार आवाज के लिए पहचाने जाने वाले बिग बी का एक विशेष गीत आज भी वर्षा ऋतु के आते ही हर संगीत प्रेमी की जुबान पर तैरने लगता है। मौसम की पहली फुहार के साथ ही यह क्लासिक रचना आज की युवा पीढ़ी से लेकर पुराने गानों के शौकीनों की प्लेलिस्ट में शीर्ष स्थान पर अपनी जगह बना लेती है।
आधी सदी बीतने के बाद भी बरकरार है जादू
इस सदाबहार गीत की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रिलीज होने के करीब 57 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भी इसका जादू जरा भी कम नहीं हुआ है। समय बदलने के साथ जहाँ संगीत की विधा और लोगों की पसंद में भारी बदलाव आया है, वहीं इस पारंपरिक और मेलोडियस धुन का आकर्षण आज भी वैसा ही बना हुआ है। संगीत के जानकारों का मानना है कि इस गाने के बोल और अमिताभ बच्चन का खास अंदाज इसे हर दौर के श्रोताओं के लिए प्रासंगिक बनाए रखता है।
हर पीढ़ी के संगीत प्रेमियों की पहली पसंद
आज के डिजिटल और स्ट्रीमिंग के दौर में जब हर दिन सैकड़ों नए रीमिक्स गाने रिलीज होते हैं, तब भी मानसून के दस्तक देते ही इस पारंपरिक गीत के व्यूज और डाउनलोड्स में अचानक भारी उछाल देखने को मिलता है। बुजुर्गों से लेकर आज के हेडफोन लगाने वाले युवाओं तक, सभी इस जादुई धुन के दीवाने हैं। संगीत प्रेमियों का कहना है कि जो सुकून और भीगी मिट्टी की सोंधी खुशबू इस पुराने गाने को सुनने से मिलती है, वह आधुनिक दौर के शोर-शराबे वाले गानों में ढूंढ पाना नामुमकिन है।
सिनेमाई इतिहास का एक अमूल्य रत्न
अमिताभ बच्चन द्वारा अभिनीत और स्वरबद्ध किए गए इस तरह के गीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये भारतीय सिनेमाई इतिहास की एक अमूल्य धरोहर बन चुके हैं। फिल्म समीक्षकों के अनुसार, बिग बी के गानों की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि वे सिर्फ पर्दे पर गाए नहीं जाते, बल्कि उनके किरदारों के माध्यम से जीवंत हो उठते हैं। यही कारण है कि दशकों पुराना होने के बावजूद यह विशिष्ट ट्रैक आज भी हर बारिश के मौसम को और अधिक खुशनुमा और यादगार बना देता है।
'35 करोड़ देकर तोड़े जा रहे TVK विधायक', संजय राउत के बयान से सियासी हलचल
2 Jul, 2026 03:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के मौजूदा सियासी घटनाक्रम और जारी राजनीतिक घमासान के बीच शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्षी दलों को तोड़ने की राजनीति पर कड़ा ऐतराज जताते हुए दावा किया कि सत्ता पक्ष में दूसरों को तोड़ने का ऐसा नशा है कि एक दिन यह प्रवृत्ति खुद उनके अपने ही गठबंधन के भीतर नजर आने लगेगी। संजय राउत ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि लोकतंत्र का स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जिसे लेकर आने वाली पीढ़ी को भी सचेत करना होगा।
विपक्षी दलों को तोड़ने का आरोप और केंद्रीय एजेंसियों पर तीखा तंज
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग केंद्रीय जांच एजेंसियों और भारी-भरकम धनबल का दुरुपयोग करके विपक्षी पार्टियों को लगातार कमजोर करने और उन्हें तोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस दिन यह लोग सत्ता से बाहर होंगे और सुरक्षा एजेंसियां उनके नियंत्रण में नहीं रहेंगी, उस दिन स्थितियां पूरी तरह बदल जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि अगर केवल एक घंटे के लिए ईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियां विपक्ष को सौंप दी जाएं, तो विपक्षी दलों को तोड़ने वाले गुटों और दलों का वजूद बिखरने में दस मिनट का समय भी नहीं लगेगा।
तमिलनाडु की राजनीति को लेकर लगाया विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप
महाराष्ट्र की राजनीति के साथ-साथ संजय राउत ने दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु के सियासी हालात को लेकर भी एक बड़ा दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां टीवीके (तमिलागा वेत्री कड़गम) के विधायकों को तोड़ने के लिए करीब 35-35 करोड़ रुपये का बड़ा खेल खेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 15 विधायकों को अपने पाले में करके वहां की चुनी हुई सरकार को गिराने की पुरजोर कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीति का स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि बिना किसी को तोड़े कुछ लोगों को चैन की नींद भी नहीं आती।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बड़े पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग
राजनीतिक उठापटक के अलावा संजय राउत ने अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े हालिया विवाद को लेकर भी केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में अब तक केवल छोटे स्तर के लोगों पर ही कार्रवाई की गाज गिरी है, जबकि इस मामले के मुख्य और गंभीर आरोपियों को अभी तक छुआ भी नहीं गया है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसमें शामिल ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई पूरी तरह से सामने आ सके।
मुंबई में मौसम का रेड अलर्ट, पालघर और रायगढ़ में स्कूलों पर ताला
2 Jul, 2026 10:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश की वित्तीय राजधानी मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में अगले तीन से चार दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मुंबई के पश्चिमी हिस्से में समुद्र के ऊपर एक अत्यधिक तीव्र बारिश पट्टी (वेरी इंटेंस रेन बैंड्स) सक्रिय हो गई है। इसके प्रभाव से आने वाले कुछ ही घंटों में शहर के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश शुरू होने की पूरी संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
सांताक्रूज और अंधेरी समेत कई इलाकों में मूसलाधार का अनुमान
मौसम विभाग की ओर से जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार, आने वाले समय में सांताक्रूज, अंधेरी, खार, बांद्रा, पवई और कुर्ला जैसे प्रमुख इलाकों में बारिश का सबसे भीषण असर देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में बादलों की सघनता को देखते हुए 50 से 60 मिमी प्रति घंटे की अत्यधिक तेज रफ्तार से पानी बरसने की आशंका जताई गई है। अचानक होने वाली इस तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया गया है।
बीते 24 घंटों में 200 मिमी से ऊपर पहुंचा बारिश का आंकड़ा
अगर पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मुंबई के शहरी और उपनगरीय इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की जा चुकी है। शहरी क्षेत्र के एफ साउथ वार्ड ऑफिस में सबसे ज्यादा 222.4 मिमी और जी साउथ वार्ड में 220.4 मिमी वर्षा हुई है, जबकि वडाला और लोअर परेल के स्कूलों में भी आंकड़ा 200 मिमी के पार रहा। वहीं पश्चिमी उपनगर के सांताक्रूज वर्कशॉप में 238.4 मिमी और अंधेरी फायर स्टेशन में 225.4 मिमी बारिश मापी गई है। पूर्वी उपनगर की स्थिति भी ऐसी ही रही, जहां एस वार्ड ऑफिस में सबसे अधिक 238.8 मिमी और पवई म्युनिसिपल स्कूल के पास 234.6 मिमी पानी बरसा है।
पालघर और रायगढ़ में एहतियातन बंद किए गए सभी स्कूल
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी को देखते हुए पालघर और रायगढ़ के जिला प्रशासनों ने एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रशासन की ओर से जारी आदेश के तहत जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों सहित प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पूरी तरह से अवकाश घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही जिला अधिकारियों ने आम नागरिकों से बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है और जलभराव वाले रास्तों व समुद्र तटीय इलाकों से पूरी तरह दूर रहने की हिदायत दी है।
महाराष्ट्र के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों के लिए अगले चार दिनों का पूर्वानुमान जारी किया है। कोंकण, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश के आसार को देखते हुए रत्नागिरी और पुणे के घाट क्षेत्रों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है, जहां अत्यधिक तीव्र वर्षा हो सकती है। इसके अलावा पालघर, सतारा, रायगढ़, कोल्हापुर, सिंधुदुर्ग, अमरावती और नागपुर जैसे जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर प्रशासन को मुस्तैद रहने को कहा गया है, जबकि नासिक और जलगांव जैसे क्षेत्रों में 'येलो अलर्ट' के साथ तेज हवाएं चलने की बात कही गई है।
महंगी कार बनी तस्करी का जरिया, पुलिस ने 28.88 लाख का गुटखा किया जब्त
1 Jul, 2026 04:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहिल्यानगर। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के श्रीगोंदा तालुका में पुलिस ने अवैध गुटखा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में सफलता हासिल की है। स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर लग्जरी गाड़ियों के जरिए प्रतिबंधित गुटखे की सप्लाई कर रहे तीन तस्करों को रंगे हाथों दबोच लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गाड़ियों सहित करीब 28,88,330 रुपये मूल्य का माल और अन्य कीमती सामान जब्त किया है।
खुफिया जानकारी पर पुलिस ने मारा छापा
यह पूरी कार्रवाई श्रीगोंदा पुलिस थाना क्षेत्र में उस समय हुई जब स्थानीय अपराध शाखा की टीम इलाके में गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि मुंढेकरवाड़ी का रहने वाला अमोल जाधव बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित गुटखा और सुगंधित तंबाकू की तस्करी के धंधे में लिप्त है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए संदिग्ध अमोल जाधव के घर और उसके आसपास के इलाके की कड़ी घेराबंदी कर दी और सही मौके का इंतजार करने लगी।
लग्जरी कारों से माल बदलते पकड़े गए तस्कर
निगरानी के दौरान पुलिस ने देखा कि एक सफेद रंग की महंगी लग्जरी कार आकर रुकी और उसमें से तीन लोग गुटखे से भरी बोरियां निकालकर दूसरी स्विफ्ट कार में शिफ्ट कर रहे थे। तस्करों को लगा कि वे रात के अंधेरे में इस काम को अंजाम दे देंगे, लेकिन पहले से घात लगाए बैठी पुलिस टीम ने उसी वक्त छापा मार दिया। अचानक हुई इस छापेमारी से मौके पर हड़कंप मच गया और पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया, जिनकी पहचान अमोल जाधव, अनिल कुरुमकर और फरहान बेपारी के रूप में हुई है।
लाखों का प्रतिबंधित गुटखा और गाड़ियां बरामद
पुलिस ने जब दोनों गाड़ियों और आरोपियों की तलाशी ली, तो उनके पास से भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद हुई। इसमें लगभग 6,03,200 रुपये की कीमत का आरएमडी, विमल पान मसाला, गुटखा और वी-1 सुगंधित तंबाकू शामिल था। इसके अलावा पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल हो रही 22 लाख रुपये मूल्य की एमजी ग्लॉस्टर और स्विफ्ट कार, 30,130 रुपये की नकदी और 55,000 रुपये के तीन मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ श्रीगोंदा थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।
सेहत के दुश्मन गुटखा माफिया पर चौतरफा नकेल
राज्य में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की कड़ाई के बाद अब पुलिस महकमा भी गुटखा माफियाओं के खिलाफ पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। चूंकि गुटखा और सुगंधित तंबाकू सेहत के लिए बेहद जानलेवा हैं और इनके सेवन से कैंसर जैसी घातक बीमारियां होती हैं, इसलिए प्रशासन इस अवैध धंधे को जड़ से मिटाने का संकल्प ले चुका है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पकड़े गए आरोपी एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा हो सकते हैं और रिमांड के दौरान पूछताछ में इस रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की पूरी उम्मीद है।
फर्जी IVF नेटवर्क पर सरकार सख्त, अनधिकृत सेंटरों के खिलाफ होगी बड़ी कार्रवाई
1 Jul, 2026 04:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र में बिना रजिस्ट्रेशन और अवैध रूप से पैर पसार रहे इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) तथा सोनोग्राफी सेंटरों पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाया है। विधानसभा के भीतर स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर चर्चा के दौरान सार्वजनिक आरोग्य विभाग के मंत्री प्रकाश आबिटकर ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि ऐसे अवैध केंद्रों द्वारा मरीजों के साथ की जा रही धोखाधड़ी और इलाज के नाम पर हो रही ठगी को पूरी तरह रोकने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा।
विधानसभा में उठा फर्जी चिकित्सा केंद्रों का मुद्दा
सदन की कार्यवाही के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने प्रदेश में बिना मंजूरी के धड़ल्ले से चल रहे आईवीएफ और सोनोग्राफी क्लीनिकों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसी सवाल का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने साफ किया कि पूरे राज्य में बिना जरूरत और नियमों को ताक पर रखकर ऐसे फर्जी केंद्र खोले जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य और भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए ही अब विशेष जांच दल को मैदान में उतारने का फैसला किया गया है।
अपराधियों पर मकोका लगाने की तैयारी और कड़ा कानून
चिकित्सा क्षेत्र में फैले इस अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सरकार केवल सामान्य कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि इन केंद्रों के संचालकों और इसमें शामिल माफियाओं के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी मकोका (MCCOCA) के तहत मामला दर्ज करने पर बेहद गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आगामी विधानसभा सत्र तक इस विषय में एक बेहद कड़ा और प्रभावी कानून पेश कर दिया जाएगा, ताकि कोई भी दोषी बच न सके।
पूरे प्रदेश में औचक छापेमारी करेगी विशेष टीम
सरकार द्वारा गठित की जाने वाली यह एसआईटी अत्यंत प्रभावी ढंग से काम करेगी और इसे पूरे महाराष्ट्र में स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने के अधिकार होंगे। यह विशेष टीम राज्य के अलग-अलग जिलों और कस्बों में औचक निरीक्षण तथा छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम देगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन सभी अनधिकृत केंद्रों को चिन्हित करना है जो बिना किसी वैध डिग्री, लाइसेंस या तय मानकों के चिकित्सा सेवाएं दे रहे हैं, ताकि उनके गैरकानूनी धंधे को हमेशा के लिए बंद किया जा सके।
पीड़ित मरीजों के हितों की रक्षा को दी प्राथमिकता
इस पूरी मुस्तैदी का सबसे बड़ा लक्ष्य उन हजारों सीधे-सादे मरीजों को न्याय दिलाना और सुरक्षित रखना है, जो संतान सुख की चाह में या रूटीन जांच के नाम पर इन फर्जी सेंटरों के जाल में फंस जाते हैं। सरकार का मानना है कि ये केंद्र न सिर्फ लोगों से मोटी रकम वसूल कर आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि गलत तरीकों से इलाज कर उनके जीवन को भी खतरे में डाल रहे हैं। इस नई मुहिम और कड़े कानूनी प्रावधानों के बाद अब मरीजों को केवल प्रामाणिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं ही मिल सकेंगी।
अब चेहरे से होगी पहचान, मुंबई के 150 रेलवे स्टेशनों पर बढ़ी सुरक्षा
1 Jul, 2026 03:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। आर्थिक राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में पिछले कुछ समय से आपराधिक वारदातों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पिछले महज छह महीनों के भीतर चलती ट्रेनों में दो यात्रियों की बेरहमी से हत्या किए जाने के बाद अब महाराष्ट्र सरकार और पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इन गंभीर घटनाओं को देखते हुए महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सदानंद दाते ने मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क के अंतर्गत आने वाले 150 रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था का तत्काल प्रभाव से कड़ा ऑडिट कराने का फैसला किया है।
सुरक्षा को लेकर हुई हाई-लेवल बैठक और कड़े निर्देश
लगातार होती वारदातों के बाद पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अधिकारियों को कड़े लहजे में हिदायत दी गई कि यात्रियों की जानमाल की सुरक्षा के साथ किसी भी सूरत में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान हाल ही में चर्चगेट-नालासोपारा लोकल ट्रेन के भीतर हुई खौफनाक वारदात पर भी गहन चर्चा की गई, जहां बोगी का दरवाजा बंद करने जैसी मामूली बात पर भड़के विवाद में एक बेगुनाह यात्री को मौत के घाट उतार दिया गया था। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से ही ट्रेनों में आम जनता के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए नए सिरे से योजना तैयार की जा रही है।
डेढ़ सौ स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था का होगा कायाकल्प
सुरक्षा के नए ब्लूप्रिंट के तहत मुंबई के पश्चिम रेलवे के 42 और मध्य रेलवे के 108 स्टेशनों की कमियों को बारीकी से परखा जाएगा। इस व्यापक ऑडिट का मुख्य मकसद स्टेशनों पर मौजूद सुरक्षा खामियों को उजागर कर उन्हें तुरंत ठीक करना है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि अब हर स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ और संवेदनशीलता के अनुपात में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही स्टेशनों के मुख्य एंट्री और एग्जिट गेट पर चेकिंग को बेहद आधुनिक और सख्त बनाया जा रहा है, ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति अंदर न आ सके। महिला डिब्बों की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देते हुए वहां लगाए जा रहे पैनिक बटनों को भी जल्द से जल्द चालू करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाई-टेक कैमरों और तकनीकों से लैस होगा रेलवे नेटवर्क
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब पारंपरिक सुरक्षा के बजाय आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। स्टेशनों पर लगे पुराने और सामान्य सीसीटीवी कैमरों की जगह अब चेहरे की पहचान करने वाले यानी 'फेशियल रिकग्निशन' सॉफ्टवेयर से लैस अत्याधुनिक कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे। इसके अलावा रेलवे पुलिस उन सभी अनधिकृत रास्तों को भी हमेशा के लिए सील करने की तैयारी में है, जिनके जरिए असामाजिक तत्व बिना किसी डर के स्टेशन परिसर में दाखिल हो जाते थे। इन सभी संवेदनशील और अवैध प्रवेश द्वारों पर अब चौबीसों घंटे सुरक्षाकर्मियों का पहरा रहेगा।
समय से पहले बैठक बुलाकर उठाए गए सख्त कदम
नियमों के मुताबिक रेल यात्रियों की सुरक्षा की समीक्षा केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के आधार पर हर तीन महीने में की जाती है। इस कड़ी में पिछली बैठक बीते अप्रैल महीने में आयोजित की गई थी और अगली बैठक के लिए अभी वक्त बाकी था। लेकिन मुंबई लोकल में सफर करने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पैदा हुए गंभीर हालात और हालिया हत्याओं की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने समय से पहले ही यह विशेष आपातकालीन बैठक बुलाकर कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
एक दिन में बदला सियासी रुख, MVA छोड़ शिंदे गुट में पहुंचे सचिन अहिर
30 Jun, 2026 02:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र विधानपरिषद के उपसभापति चुनाव को लेकर राज्य का सियासी तापमान अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है. महाविकास आघाड़ी (MVA) की ओर से जे.एम. अभ्यंकर को मैदान में उतारे जाने के बीच, उद्धव ठाकरे के बेहद खास माने जाने वाले विधान परिषद सदस्य सचिन अहिर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में महायुति के उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाखिल कर दिया है. इस चौंकाने वाले घटनाक्रम के बाद राज्य में बयानों और तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शैख ने इस पर अपनी गंभीर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सचिन अहिर का इस तरह जाना महाविकास आघाड़ी के लिए एक बहुत बड़ा सेटबैक यानी करारा झटका है. उन्होंने खुलासा किया कि सोमवार, 29 जून तक सचिन अहिर खुद एमवीए की महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल थे. इसके साथ ही उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) को आत्मचिंतन करने की सलाह देते हुए आरोप लगाया कि राज्य में पैसे के दम पर विधायकों को खरीदने का खेल चल रहा है.
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में नामांकन, उद्धव गुट ने जताई हैरानी
सचिन अहिर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सुनेत्रा पवार जैसे महायुति के शीर्ष नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति में उपसभापति पद के लिए अपना आधिकारिक नामांकन पत्र जमा किया. इस अप्रत्याशित कदम से उद्धव खेमे में भारी खलबली मची हुई है. शिवसेना (यूबीटी) के विधायक महेश सावंत ने इस पूरे घटनाक्रम पर दुख और हैरानी जताते हुए कहा कि सचिन अहिर का जाना निश्चित रूप से पार्टी के लिए एक बड़ा आघात है, क्योंकि उद्धव ठाकरे ने उन्हें हमेशा सब कुछ दिया और उच्च सम्मान प्रदान किया. अब वे किन कारणों से पार्टी छोड़कर गए हैं, इसका जवाब सिर्फ वही दे सकते हैं. महेश सावंत ने यह भी साफ किया कि वर्ली विधानसभा क्षेत्र में भले ही आदित्य ठाकरे के सामने अब एक नया राजनीतिक समीकरण खड़ा हो गया हो, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि सचिन अहिर कभी सीधे तौर पर आदित्य ठाकरे के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेंगे.
सदन में महायुति का पलड़ा भारी, 'ऑपरेशन टाइगर' के अगले चरण का दावा
दूसरी तरफ, सचिन अहिर के आने से उत्साहित शिंदे गुट के खेमे में जश्न का माहौल है. शिवसेना विधायक मुरजी पटेल ने इस राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा कि उन्होंने शिवसेना के स्थापना दिवस पर ही यह भविष्यवाणी कर दी थी कि बहुत जल्द राज्य में 'ऑपरेशन टाइगर 3 और 4' देखने को मिलेगा. उन्होंने सचिन अहिर का पार्टी में गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है और जल्द ही अगला चरण भी सामने आएगा, जिसके बाद उद्धव ठाकरे के पास गिने-चुने लोग ही शेष रह जाएंगे. गौरतलब है कि आगामी बुधवार, 1 जुलाई को होने वाले इस उपसभापति चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन की अंतिम प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. चूंकि विधानपरिषद के सदन में इस समय महायुति गठबंधन के पास बेहद मजबूत और स्पष्ट संख्याबल मौजूद है, इसलिए इस बेहद महत्वपूर्ण पद पर सचिन अहिर की जीत को पूरी तरह सुनिश्चित माना जा रहा है.
डिनर के बाद बिगड़ी तबीयत, नाशिक में बुजुर्ग महिला की मौत, पति अस्पताल में भर्ती
30 Jun, 2026 02:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासिक: महाराष्ट्र के नासिक जिले के अंतर्गत आने वाले बागलान तालुका के आखतवाडे गांव से एक बेहद हैरान और डरा देने वाला मामला प्रकाश में आया है. यहां रविवार की रात को एक बुजुर्ग दंपति के लिए उनका रात का खाना जानलेवा साबित हुआ. घर पर बने मटन के साथ दही का सेवन करने के कुछ ही समय बाद दोनों की तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई. उन्हें तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी और घबराहट जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं ने घेर लिया. हालत बिगड़ती देख परिजनों ने बिना वक्त गंवाए दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला द्वारकाबाई ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया है.
निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती पति की स्थिति बेहद नाजुक
इस दर्दनाक हादसे में मृतका के 78 वर्षीय पति शांताराम की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है. उन्हें इलाज के लिए फौरन मालेगांव के एक निजी अस्पताल के आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) में शिफ्ट किया गया है, जहां डॉक्टर लगातार उनकी गंभीर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. इस अजीबोगरीब और दुखद घटना के बाद से आखतवाडे गांव और उसके आसपास के पूरे इलाके में डर और सनसनी का माहौल व्याप्त हो गया है. स्थानीय ग्रामीण इस संभावित फूड पॉइजनिंग की घटना को लेकर काफी डरे हुए हैं और हर तरफ इसी बात की चर्चा हो रही है.
पुलिस ने दर्ज किया केस, खाने के सैंपल जांच के लिए पुणे लैब भेजे
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया है. पुलिस अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर बुजुर्ग दंपति के घर से रात के बचे हुए मटन, इस्तेमाल में लाए गए बर्तनों और दही के अवशेषों को अपने कब्जे में लेकर पूरी तरह सील कर दिया है. इन सभी खाद्य पदार्थों के नमूनों को रासायनिक विश्लेषण के लिए पुणे स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेज दिया गया है. पुलिस ने फिलहाल इस मामले में दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा दी है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक लैब की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी. इस बीच स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम भी गांव पहुंची है जो लोगों को खान-पान के सही तरीकों के प्रति जागरूक कर रही है.
उद्धव ठाकरे को बड़ा राजनीतिक झटका, पुराने भरोसेमंद नेता ने थामा शिंदे का दामन
30 Jun, 2026 02:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बहुत बड़ा सियासी भूचाल आ गया है. राज्य विधानपरिषद के उपसभापति पद के चुनाव के लिए जहां महाविकास आघाड़ी (MVA) ने रणनीति तैयार करते हुए अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा की, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष को एक अप्रत्याशित और करारा झटका लगा है. एमवीए और उद्धव ठाकरे गुट की ओर से विधानपरिषद सदस्य व जाने-माने शिक्षाविद् जेएम अभ्यंकर को आधिकारिक तौर पर मैदान में उतारा गया है. लेकिन इस घोषणा के तुरंत बाद उद्धव ठाकरे के सबसे भरोसेमंद और बेहद करीबी नेताओं में शुमार सचिन अहिर ने पाला बदलकर सभी को हैरान कर दिया. सचिन अहिर ने उद्धव कैंप को तगड़ा झटका देते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट की तरफ से इसी उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. यह वही सचिन अहिर हैं जिन्होंने कभी आदित्य ठाकरे के चुनावी सफर को आसान बनाने के लिए अपनी पारंपरिक वरली विधानसभा सीट तक छोड़ दी थी, और आज उनका यह कदम उद्धव ठाकरे के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है.
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आखिरी वक्त पर बड़ा उलटफेर कर सबको चौंकाया
सचिन अहिर का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में दल-बदल और नेताओं के पाला बदलने की अटकलें पहले से ही चरम पर हैं. पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा आम थी कि शिवसेना (यूबीटी) के कई बड़े नेता और जनप्रतिनिधि लगातार मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं. इस चुनावी दांव के जरिए एकनाथ शिंदे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे अपने फैसलों से विरोधियों को चौंकाने में माहिर हैं. राजनीतिक हलकों में यह कयास लगाए जा रहे थे कि शिंदे गुट की तरफ से डॉ. नीलम गोरहे को उम्मीदवार बनाया जा सकता है, लेकिन आखिरी क्षणों में सचिन अहिर को आगे करके मुख्यमंत्री ने विपक्ष के खेमे में बड़ी सेंधमारी कर दी है. इस फैसले को महायुति गठबंधन की प्रतिष्ठा और राजनीतिक ताकत को और बढ़ाने वाले मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है.
बुधवार को होगा उपसभापति पद के लिए मतदान, टिकीं सबकी नजरें
महाराष्ट्र विधानपरिषद के इस बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल उपसभापति पद के लिए बुधवार, 1 जुलाई को मतदान होना तय हुआ है. विधानपरिषद के सदस्य राम शिंदे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस चुनाव के लिए नामांकन से जुड़ी तमाम जरूरी प्रक्रियाएं मंगलवार, 30 जून को ही पूरी कर ली जाएंगी. राज्य में पहले ही शिवसेना और एनसीपी जैसी बड़ी पार्टियों में ऐतिहासिक टूट देखने को मिल चुकी है, ऐसे में सचिन अहिर के इस अचानक उठाए गए कदम ने कई नए गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. राजनीतिक विश्लेषक अब इस बात का आकलन करने में जुट गए हैं कि क्या यह सिर्फ इस इकलौते चुनाव तक सीमित कोई तात्कालिक रणनीति है, या फिर यह शिवसेना (यूबीटी) के भीतर किसी नई और बड़ी टूट की शुरुआत का संकेत है. फिलहाल, आने वाले दिनों में इस बड़े घटनाक्रम के दूरगामी असर महाराष्ट्र की राजनीति पर दिखने तय माने जा रहे हैं.
महाराष्ट्र की सियासत में हलचल, शिवसेना की पार्षद पूजा भोईर की सदस्यता रद्द
29 Jun, 2026 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, इसी बीच ठाणे जिले के उल्हासनगर से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के लिए एक बेहद बुरी खबर सामने आई है। यहां की उल्हासनगर महानगरपालिका में पार्टी को उस वक्त एक बड़ा नुकसान उठाना पड़ा, जब अनुसूचित जनजाति महिला आरक्षित सीट से चुनी गईं नगरसेविका पूजा सचिन भोईर की सदस्यता को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया। यह पूरी कार्रवाई उनके जाति प्रमाणपत्र की जांच के बाद सामने आई रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसने स्थानीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
प्रमाणपत्र जांच समिति की रिपोर्ट के बाद गिरी गाज
इस पूरे मामले की शुरुआत पूजा भोईर के चुनाव जीतने के बाद हुई थी, जब नियमानुसार उनके जाति प्रमाणपत्र को बारीकी से जांचने के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र जांच समिति (कोंकण विभाग, ठाणे) के पास भेजा गया था। समिति ने गहन जांच-पड़ताल करने के बाद बीती 24 जून को अपना अंतिम फैसला सुनाया, जिसमें पूजा भोईर के दस्तावेज को पूरी तरह अवैध करार दिया गया। इस फैसले के तुरंत बाद हरकत में आते हुए महानगरपालिका आयुक्त ने अगले ही दिन यानी 25 जून को एक आधिकारिक आदेश जारी किया, जिसके तहत महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम के कड़े प्रावधानों को लागू करते हुए पूजा भोईर को नगरसेविका के पद के लिए पूरी तरह अयोग्य ठहरा दिया गया।
राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और बदला समीकरण
अगर इस वार्ड के चुनावी इतिहास पर नजर डालें, तो पूजा भोईर ने उल्हासनगर के प्रभाग क्रमांक 1(ब) से बेहद दिलचस्प मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार को शिकस्त देकर जीत हासिल की थी। इस बार उन्होंने मुख्यमंत्री के गुट वाली शिवसेना के टिकट पर मैदान मारा था, लेकिन दस्तावेज सही न पाए जाने के कारण उनकी यह जीत अब कानूनी अड़चनों की भेंट चढ़ गई है।
15 दिनों के भीतर दूसरा बड़ा नुकसान
उल्हासनगर नगर निगम में शिवसेना शिंदे गुट के लिए मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं, बल्कि पिछले दो हफ्तों के भीतर पार्टी को लगा यह दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले भी पार्टी के एक कद्दावर पार्षद विक्की लबाना को अपनी सदस्यता गंवानी पड़ी थी। महज 15 दिनों के भीतर बैक-टू-बैक दो पार्षदों की कुर्सी छिन जाने से उल्हासनगर के भीतर सियासी समीकरण पूरी तरह से गड़बड़ा गए हैं। इस फैसले के बाद से ही क्षेत्र का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है, जहां एक तरफ विपक्षी खेमा इस मुद्दे को लेकर हमलावर है, वहीं दूसरी तरफ अचानक पैदा हुए इस संकट से पूजा भोईर के समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी निराशा देखी जा रही है।
मासूम से दुष्कर्म और हत्या मामले में कोर्ट का सख्त फैसला, दोषी को मिली मौत की सजा
29 Jun, 2026 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे: महाराष्ट्र के नसरपुर में साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत और उसकी बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुणे की स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने एक बड़ा और नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने इस दिल दहला देने वाले मामले के मुख्य आरोपी, 65 वर्षीय भीमराव कांबले को उसके जघन्य अपराध के लिए सीधे मौत की सजा (फांसी) सुनाई है। बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले कड़े पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत चले इस बेहद संवेदनशील मुकदमे में कोर्ट ने महज 55 दिनों के भीतर ही सुनवाई पूरी कर अपना अंतिम फैसला सुना दिया, जिससे पीड़ित परिवार को बहुत कम समय में न्याय मिल सका है।
भोर तहसील में हुई थी दरिंदगी, कोर्ट ने माना 'रेरेस्ट ऑफ रेयर' केस
यह पूरा खौफनाक मामला पुणे जिले की भोर तहसील के अंतर्गत आने वाले नसरपुर इलाके का है, जहां इस बुजुर्ग आरोपी ने एक मासूम और लाचार बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया था और बाद में पहचान छुपाने के इरादे से उसकी अत्यंत बेरहमी के साथ हत्या कर दी थी। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में भारी जनाक्रोश फैल गया था और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठ रही थी। पुलिस द्वारा तेजी से जुटाई गई वैज्ञानिक कड़ियों और पुख्ता सबूतों के आधार पर स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने भीमराव कांबले को पहले ही इस मामले में मुख्य दोषी करार दे दिया था, जिसके बाद अदालत को उम्रकैद या फिर मौत की सजा में से किसी एक पर अपना अंतिम मुहर लगानी थी।
55 दिनों में आया अंतिम फैसला, समाज में कड़ा संदेश देने की कोशिश
अदालत ने अपराध की गंभीरता और क्रूरता की सीमा को देखते हुए इसे 'दुर्लभ से दुर्लभतम' (रेरेस्ट ऑफ रेयर) मामला माना और साफ किया कि ऐसे नरपिशाचों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। फैसले के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि मासूम बच्चों के खिलाफ ऐसे घिनौने और अमानवीय कृत्य करने वालों के मन में कानून का खौफ होना बेहद जरूरी है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट द्वारा मात्र 55 दिनों के रिकॉर्ड समय के भीतर सुनवाई पूरी कर फांसी की सजा सुनाए जाने के इस ऐतिहासिक कदम की चारों तरफ सराहना हो रही है, जिससे न्याय प्रणाली पर जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
बारिश ने भिवंडी की खोली पोल, सड़कों पर नदी जैसा नजारा, घरों में भरा पानी
29 Jun, 2026 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवंडी: महाराष्ट्र में मानसून के कदम रखते ही आसमान से मूसलाधार आफत बरसने का सिलसिला शुरू हो चुका है। मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई संवेदनशील हिस्सों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। इसी बीच बीती रात हुई जबरदस्त बारिश ने ठाणे और भिवंडी के कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ पानी का साम्राज्य नजर आया। भिवंडी महानगरपालिका प्रशासन हर साल मॉनसून से पहले जलजमाव से निपटने के जितने भी बड़े-बड़े दावे करता है, वो सारे दावे महज एक घंटे की जोरदार बारिश में पूरी तरह बह गए। शहर के रिहायशी मोहल्ले, घनी आबादी वाली सड़कें और मुख्य व्यापारिक बाजार देखते ही देखते पूरी तरह टापू में तब्दील हो गए, जिससे प्रशासनिक तैयारियों की पोल खुलकर सामने आ गई है।
सड़कें बनीं नदियां और दुकानों में घुसा नाले का गंदा पानी
महज कुछ देर की इस तेज रफ्तार बारिश ने भिवंडी की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। निचले इलाकों में पानी का बहाव इतना तेज था कि शहर की मुख्य सड़कें उफनती हुई नदियों जैसी दिखने लगीं। बीच सड़क पर पानी भरने के कारण दर्जनों गाड़ियां और दोपहिया वाहन अचानक बंद हो गए, जिसके चलते लोग बीच राह में फंसकर अपने वाहनों को धक्का लगाते हुए दिखाई दिए। हालात इस कदर बदतर हो गए कि सड़कों पर घुटनों तक गंदा पानी भर जाने की वजह से आम लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। शहर का मुख्य बाजार पूरी तरह जलमग्न हो चुका है और पानी का स्तर बढ़ने से बाजार की तमाम दुकानों और बेसमेंट में पानी घुस गया है, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
अगले कुछ दिन और सताएगी आफत, मौसम विभाग ने दी बड़ी चेतावनी
आने वाले दिनों में भी महाराष्ट्र के लोगों को इस मानसूनी आफत से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के एक बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही पश्चिमी भारत के कई अन्य तटीय इलाकों में तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने स्थानीय प्रशासन और आम जनता को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और इस खराब मौसम के दौरान बेहद सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
महाराष्ट्र में TET परीक्षा पर ब्रेक, पेपर लीक मामले में 3 आरोपी पकड़े गए
27 Jun, 2026 04:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवंडी:महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पेपर लीक करने वाले एक बड़े रैकेट के खिलाफ भिवंडी में पुलिस ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कोनगांव पुलिस की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए जाल बिछाया और पेपर लीक गिरोह से जुड़े तीन मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए इन आरोपियों के पास से टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल बरामद हुए हैं। पुलिस तीनों आरोपियों को पकड़कर भिवंडी ले आई है और कोनगांव पुलिस स्टेशन में इनके खिलाफ सख्त धाराओं के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
होटल में छापे के बाद एयरपोर्ट इलाके से दबोचे गए आरोपी
पुलिस को इस गिरोह के बारे में एक बेहद पुख्ता और गुप्त सूचना मिली थी कि कोनगांव स्थित डायमंड होटल में पेपर लीक से जुड़े कुछ संदिग्ध ठहरे हुए हैं और वे वहां से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत होटल पर छापेमारी की, लेकिन शातिर आरोपी पुलिस के पहुंचने से ठीक पहले ही वहां से रफूचक्कर हो चुके थे। इसके बाद पुलिस ने हार नहीं मानी और तकनीकी सर्विलांस व खुफिया नेटवर्क को सक्रिय करते हुए आरोपियों का पीछा किया। आखिरकार पुलिस ने तीनों संदिग्धों को सहारा एयरपोर्ट इलाके से घेराबंदी करके सफलतापूर्वक अपनी हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे रैकेट की जड़ों को खंगालने और इसमें शामिल अन्य सफेदपोश लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
चार लाख से अधिक अभ्यर्थियों की मेहनत पर फिरा पानी, परीक्षा रद्द
इस पेपर लीक कांड का सबसे बड़ा और दर्दनाक असर उन लाखों युवाओं पर पड़ा है जो पिछले कई महीनों से दिन-रात इस परीक्षा के लिए पसीना बहा रहे थे। राज्य भर में यह परीक्षा 28 जून को आयोजित होने वाली थी, जिसमें करीब 4 लाख 28 हजार उम्मीदवार शामिल होने वाले थे। सरकार ने इस परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रदेश भर में 1028 परीक्षा केंद्र भी बनाए थे। लेकिन परीक्षा से ठीक पहले पेपर लीक होने की पुख्ता जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने परीक्षा को तुरंत प्रभाव से रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा, लेकिन इस अप्रत्याशित फैसले से प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों को गहरा मानसिक झटका लगा है।
विवादों के साए में घिरी थी परीक्षा, पहले बुर्के पर मचा था घमासान
यह पहली बार नहीं है जब इस बार की टीईटी परीक्षा सुर्खियों में आई है, इससे पहले यह आयोजन ड्रेस कोड को लेकर भी बड़े विवादों के साए में घिर चुका था। दरअसल, महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (एमएससीई) द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस में महिला अभ्यर्थियों को अपनी पसंद की पोशाक, बुर्का या हिजाब पहनकर आने की स्वतंत्रता तो दी गई थी, लेकिन सुरक्षा और पारदर्शिता के मद्देनजर परीक्षा के दौरान गर्दन के ऊपर का हिस्सा पूरी तरह खुला रखने का सख्त निर्देश दिया गया था। इस नियम को लेकर सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक काफी विवाद और बहस देखने को मिली थी, और अब पेपर लीक ने इस पूरी परीक्षा की तैयारियों पर पानी फेर दिया है।
नीट के बाद टीईटी का पर्चा आउट, बड़े रैकेट की ओर इशारा
टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होना इस बात की ओर भी गंभीर इशारा कर रहा है कि महाराष्ट्र में पेपर लीक करने वाले गिरोहों का जाल कितनी गहराई तक फैला हुआ है। इससे पहले देश को हिला देने वाले नीट (NEET) पेपर लीक मामले के तार भी महाराष्ट्र से ही जुड़े पाए गए थे, जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में यह खुलासा हुआ था कि नीट का प्रश्न पत्र सबसे ज्यादा महाराष्ट्र के इलाकों में ही बेचा गया था। उस मामले में भी लातूर में कोचिंग सेंटर चलाने वाले शिवराज मोटेगांवकर और प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी समेत कई लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं। अब टीईटी का भी पर्चा आउट होने के बाद महाराष्ट्र पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस पूरे संगठित अपराध तंत्र का पूरी तरह भंडाफोड़ करने के लिए कमर कस चुकी हैं।
पेपर लीक से मचा हड़कंप, महाराष्ट्र TET परीक्षा आखिरी वक्त पर रद्द
27 Jun, 2026 02:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली:महाराष्ट्र में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए एक बेहद हैरान और परेशान कर देने वाली खबर सामने आई है। राज्य भर के विभिन्न केंद्रों पर 28 जून, 2026 को आयोजित होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर परीक्षा से ठीक एक दिन पहले ही लीक हो गया है। तमाम विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने से महज 24 घंटे पहले ही पेपर ठाणे इलाके से लीक हुआ है। इस बड़ी धांधली का खुलासा होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में इस बेहद महत्वपूर्ण परीक्षा को पूरी तरह से रद्द (कैंसिल) करने का बड़ा फैसला लिया गया है।
ठाणे से जुड़े हैं पेपर लीक के तार, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ कंटेंट
प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, शनिवार को अचानक यह बात सामने आई कि रविवार को होने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र कुछ वॉट्सऐप ग्रुपों और सोशल मीडिया के माध्यम से लीक हो चुका है। जांच की सुई ठाणे क्षेत्र की तरफ घूम रही है, जहां से इस गड़बड़ी की शुरुआत होने की आशंका जताई जा रही है। परीक्षा नियामक प्राधिकरण और शिक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आपातकालीन बैठक बुलाई। जब यह पूरी तरह साफ हो गया कि गोपनीयता भंग हो चुकी है, तब छात्रों के हित और परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने के लिए इसे तुरंत प्रभाव से स्थगित और रद्द कर दिया गया।
लाखों उम्मीदवारों को लगा झटका, पुलिस और एसटीएफ जांच में जुटी
इस परीक्षा के लिए राज्य भर के हजारों केंद्रों पर लाखों अभ्यर्थियों ने महीनों से कड़ी तैयारी की थी, जिन्हें इस फैसले से बहुत बड़ा झटका लगा है। सरकार ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और पेपर लीक करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को भी अलर्ट कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर सेल की मदद से उन कड़ियों को जोड़ा जा रहा है जहां से यह पेपर सबसे पहले बाहर आया। सरकार की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही परीक्षा की नई तारीखों का एलान किया जाएगा।
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