महाराष्ट्र
लंबित मामला गरमाया, डेढ़ साल बाद मशीनों की जांच का आदेश
16 Apr, 2026 12:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। विधासभा चुनाव परिणाम और विजयी बीजेपी गठबंधन सरकार को लगभग डेढ़ साल हो गए. लेकिन डेढ़ साल बाद चुनाव में एक सीट की EVM-VVPAT की जांच होगी. कांग्रेस नेता नसीम खान ने हाई कोर्ट में याचिका कर पुनः गिनती और EVM जांच की मांग की थी. जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर चांदीवली विधानसभा सीट पर पुन EVM और VVPAT जांच के आदेश दिए है. आज सुबह 9:30 बजे से EVM की जांच शुरू हो गई है.
मुंबई के चांदिवली विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम मशीनों की जांच शुरू हो गई है. इस पूरी प्रक्रिया को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कांग्रेस नेता नसीम खान स्वयं मौके पर मौजूद हैं. उन्होंने पहले चांदिवली विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया.
ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की होगी जांच
जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय ने अहम निर्देश जारी किए थे. अदालत ने ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. खास बात यह है कि पहली बार उम्मीदवारों की मौजूदगी में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रत्यक्ष जांच की जा रही है. ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
हाल ही में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) प्रणालियों की बर्न मेमोरी (या माइक्रोकंट्रोलर) के सत्यापन के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है. यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के 2024 के फैसले एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स बनाम भारत निर्वाचन आयोग के बाद उठाया गया है. इस आदेश के अनुसार, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले उम्मीदवारों के लिखित अनुरोध पर विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 5% तक EVM और VVPAT माइक्रोकंट्रोलरों का सत्यापन किया जा सकता है.
मशीन पर कराया जाएगा 1,400 वोट तक का मॉक पोल
इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक मशीन पर 1,400 वोट तक का मॉक पोल कराया जाएगा. यदि इसके परिणाम VVPAT पर्चियों से मेल खाते हैं, तो यह माना जाएगा कि बर्न मेमोरी के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है और मशीन सत्यापित है. हालांकि, यदि किसी प्रकार की विसंगति सामने आती है तो उससे निपटने की स्पष्ट प्रक्रिया अभी तय नहीं है.
यह तकनीकी SOP इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन बनाने वाली दो सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) द्वारा तैयार की गई है. चांदीवाली विधानसभा में 400 पोलिंग बूथ पर 400 EVM मशीन का उपयोग हुआ था जिसका 5% यानी 20 EVM और VVPAT मशीन की जांच की जाएगी. ये सभी मशीन कांग्रेस नेता नसीम खान ने खुद चयन की है.
ऑफिस मीटिंग विवाद पर कोर्ट की टिप्पणी, घूरना नहीं माना गया अपराध
15 Apr, 2026 02:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बॉम्बे। हाई कोर्ट ने वॉयरिज्म से जुड़े एक मामले पर बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना गलत है, लेकिन इसे वॉयरिज्म का अपराध नहीं माना जा सकता है. यह फैसला कोर्ट ने 8 अप्रैल (बुधवार) को सुनाया था. यह मामला अभिजीत बसवंत निगुडकर बनाम महाराष्ट्र राज्य से जुड़ा है, जिसमें आवेदक ने 2015 में दर्ज FIR को चुनौती दी थी. यह FIR मुंबई के बोरिवली पुलिस स्टेशन में उसके महिला सहकर्मी की शिकायत पर दर्ज की गई थी. इस मामले की सुनवाई जस्टिस अमित बोरकर की एकल पीठ ने की और FIR को रद्द कर दिया।
कोर्ट ने 354-C (वॉयरिज्म) को समझाते हुए कहा, धारा 354-C तभी लागू होती है जब कोई महिला ‘प्राइवेट एक्ट’ में हो यदि कोई आदमी उसकी निजता में दखल दे, या उसकी फोटो/वीडियो ले या फिर उस फोटो/वीडियो को दूसरों को भेजता है, तो यह अपराध है और इसके लिए सजा हो सकती है.” यहां ‘प्राइवेट एक्ट’ का मतलब है ऐसी स्थिति जहां महिला को प्राइवेसी की उम्मीद होती है, जैसे वो टॉयलेट का इस्तेमाल कर रही हो।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने कहा, "आरोप केवल इतना है कि वह ऑफिस मीटिंग्स के दौरान महिला के चेस्ट की तरफ घूरता था. यह गलत आचरण है लेकिन सिर्फ घूरना वॉयरिज्म (धारा 354-C) जैसा अपराध नहीं है." कोर्ट ने आगे कहा कि कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार या अपमान अलग तरह के विवाद हो सकते हैं, लेकिन ऑफिस की हर शिकायत को वॉयरिज्म (धारा 354-C) जैसा अपराध नहीं माना जा सकता है. कोर्ट ने माना कि ऑफिस का माहौल असहज हो सकता है, लेकिन केवल ऐसी शिकायतों के आधार पर धारा 354-C के तहत आपराधिक केस नहीं चलाया जा सकता है।
क्या है मामला?
दरअसल, साल 2014 में महिला सहकर्मी ने आरोप लगाया था कि ऑफिस में एक मीटिंग के दौरान आरोपी आंखों में देखकर बात करने की बजाय उसके चेस्ट को घूरता था और अनुचित टिप्पणियां करता था. इस मामले में कंपनी की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने भी जांच की थी और जांच के बाद पहले ही आरोपी को इस आरोप से दोषमुक्त कर दिया था. इसके बाद महिला ने साल 2015 में धारा 354-C (Voyeurism) के तहत आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी. साल 2015 में ही आरोपी ने इस केस को चुनौती दी थी और FIR रद्द करने की मांग की थी. अब 8 अप्रैल को सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस FIR को रद्द कर दिया है।
मुंबई के व्यापारी से बड़ी ठगी, स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट का झांसा
15 Apr, 2026 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोवा। सीएम और जिला कलेक्टर के साथ अच्छे संबन्ध होने की तस्वीर दिखाकर, गोवा में ‘स्मार्ट विलेज’ परियोजना के नाम पर एक बड़े आर्थिक घोटाले का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इस घोटाल में एक व्यापारी के साथ कुल 1 करोड़ 13 लाख रुपये की ठगी होने की शिकायत पुलिस में दर्ज की गई है. पुलिस ने आरोपी डॉ. साजिद एन. सय्यद को गिरफ्तार कर लिया है. शिकायतकर्ता देवेशानंद दिगंबर शिरोडकर (उम्र 50 वर्ष) स्पीडकॉम इंटरनेट सर्विसेज प्रा. लि. कंपनी के निदेशक हैं। देवेशानंद दिगंबर शिरोडकर की शिकायत के अनुसार, आरोपी डॉ. साजिद एन. सय्यद ने खुद को “भारत CSR नेटवर्क” संस्था का अध्यक्ष और गोवा ‘स्मार्ट विलेज’ परियोजना से जुड़ा हुआ बताकर उनका विश्वास जीता.. अगस्त 2024 में पहचान होने के बाद आरोपी ने दावा किया कि गोवा राज्य में गोवा के सीएम के साथ मिलकर एक बड़ा प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है।
आरोपी ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो दिखाकर किया गुमराह
इस परियोजना में शामिल होने के लिए शुरुआत में 50 लाख रुपये जमा करने की बात कही गई. शिकायतकर्ता ने आरोपी पर भरोसा करते हुए सितंबर 2024 में एक्सिस बैंक के दो चेक के माध्यम से कुल 50 लाख रुपये दिए. इसके बाद आरोपी ने विभिन्न सरकारी अधिकारियों के साथ और गोवा के मुख्यमंत्री के साथ बैठकों के फोटो और वीडियो दिखाकर परियोजना को सरकारी समर्थन प्राप्त होने का भ्रम पैदा किया।
पीड़ित की कंपनी ने गोवा में इंटरनेट हॉटस्पॉट सेवा की शुरू
आरोपी के कहने पर शिकायतकर्ता की कंपनी ने गोवा के फोंडा, शिरोडा और कोलवाले में प्रायोगिक आधार पर इंटरनेट हॉटस्पॉट सेवा शुरू की. इस कार्य पर जुलाई 2025 तक लगभग 58 लाख रुपये खर्च हुए. इसके अलावा मुंबई में चिन्मय जेट्टी से बांद्रा पुलिस पुलिस स्टेशन तक 8 किलोमीटर फाइबर बिछाकर 7 CCTV कैमरे लगाने का काम भी किया गया, जिस पर करीब 5 लाख रुपये खर्च हुए।
एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का आरोप
हालांकि, काम पूरा होने के बावजूद आरोपी ने कोई भुगतान नहीं किया..बार-बार मांग करने पर भी आरोपी टालमटोल करता रहा, जिससे शिकायतकर्ता को शक हुआ...कुल जमा राशि और काम के खर्च को मिलाकर 1,13,04,586 रुपये की ठगी होने का आरोप लगाया गया है।
आरोपी ने ‘लेटर ऑफ एम्पैनलमेंट’ जैसे दस्तावेज देकर परियोजना को आधिकारिक दिखाने की कोशिश की, लेकिन आगे की जांच में ये दस्तावेज संदिग्ध पाए गए.. साथ ही, आरोपी द्वारा अब तक कोई आधिकारिक समझौता (MOU) नहीं किए जाने का भी आरोप है . प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी ठगने की आशंका जताई जा रही है..इस मामले में संबंधित दस्तावेज, बिल और लेन-देन के सबूत पुलिस को सौंप दिए गए हैं और आगे की जांच जारी है। इस घटना ने ‘CSR’ और सरकारी परियोजनाओं के नाम पर होने वाली ठगी पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं..व्यापारियों को ऐसे प्रोजेक्ट्स में निवेश करते समय अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
शिवसेना UBT में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा, आदित्य ठाकरे पर नजर
15 Apr, 2026 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) गुट में संगठनात्मक स्तर पर एक बड़ी हलचल होने जा रही है. ठाकरे गुट के विधायक और युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे को जल्द ही पार्टी की ओर से बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना है. सूत्रों के अनुसार, उन्हें शिवसेना के कार्याध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. सियासी गलियारों में चर्चा है कि 19 जून को पार्टी के स्थापना दिवस पर आदित्य ठाकरे को यह पद दिया जा सकता है. इससे पार्टी में उनका महत्व और अधिकार काफी बढ़ जाएंगे।
आदित्य ठाकरे को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
साल 2003 में जिस तरह उद्धव ठाकरे को शिवसेना में कार्याध्यक्ष बनाया गया था, उसी तरह अब आदित्य ठाकरे को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है. इसके लिए पार्टी की कार्यकारिणी बैठक बुलाकर प्रस्ताव पारित किया जा सकता है. पिछले कुछ वर्षों से आदित्य ठाकरे संगठनात्मक फैसलों से लेकर चुनाव तक कई अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं. इसलिए कई बड़े पार्टी नेताओं का मानना है कि अब आदित्य को भी बड़ी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए. उनके नेतृत्व में शिवसेना में नई ऊर्जा और नई टीम तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
शिवसेना की सौंपी जा सकती है कमान
अगर आदित्य ठाकरे कार्याध्यक्ष बनते हैं तो यह उनके राजनीतिक करियर का अगला बड़ा कदम होगा. इससे पार्टी में उनका प्रभाव और अधिकार बढ़ेगा. साथ ही यह भी माना जा रहा है कि यह फैसला धीरे-धीरे पार्टी की कमान उद्धव ठाकरे से आदित्य ठाकरे की ओर स्थानांतरित होने की प्रक्रिया की शुरुआत हो सकता है।
इस मुद्दे पर संजय राउत ने कहा कि जैसे उद्धव ठाकरे समय के साथ कार्याध्यक्ष बने थे, वैसे ही अगर आदित्य ठाकरे का नाम सामने आता है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब नेतृत्व युवा पीढ़ी को देना जरूरी है और भविष्य की राजनीति युवाओं के हाथ में होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव में आदित्य ठाकरे और उनकी टीम ने अच्छा काम किया है।
बिहार सियासत गरम, नीतीश कुमार के बाद CM फेस पर उठे सवाल
14 Apr, 2026 12:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज (मंगलवार) को मुख्यमंती पद से इस्तीफा देने वाले हैं. वहीं, बुधवार (15 अप्रैल) को बिहार में नई सरकार का गठन हो जाएगा, लेकिन राज्य का नया सीएम कौन होगा इसको लेकर अभी तक कोई नाम फाइनल नहीं हो सका है. इसको लेकर अब महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इतने दिन बीत गए हैं, लेकिन अगला सीएम कौन होगा अभी तक नहीं बताया गया. संजय राउत ने एक प्रेस कांफ्रेस में कहा, "पहली बात यह है कि नीतीश कुमार आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं. अब वे राज्यसभा में जाएंगे और एक बार फिर राष्ट्रीय नेता के रूप में सक्रिय होंगे. अब सवाल यह है कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इतने दिन बीत गए, लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री का चयन नहीं हुआ है. हम दिल्ली में नितीश कुमार का स्वागत करते हैं. वो हमारे अनुभवी नेता हैं और राज्यसभा में उनके आने का हम स्वागत करते हैं।"
I-PAC पर ED की कार्रवाई पर उठाए सवाल
राउत ने कहा, "I-PAC के मामले में जिस प्रकार से प्रवर्तन नेदेशालय (ED) ने कार्रवाई की है, वह निष्पक्ष नजर नहीं आती. पश्चिम बंगाल में चुनाव का माहौल है और सभी लोग चुनाव में व्यस्त हैं, लेकिन ED ने केवल बीजेपी के विरोधियों पर ही कार्रवाई की है. यह उनका पुराना तरीका रहा है. मुझे लगता है कि ममता बनर्जी खुद इस मामले में सक्रिय रही हैं और ED कार्यालय तक गई थीं, लेकिन पश्चिम बंगाल में अंततः जीत ममता दीदी की ही होगी।
इसके अलावा राउत ने 90 लाख मतदाताओं के मतदान अधिकार पर न्यायपालिका की खामोश पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा, "अब सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट अंतरिम आदेश क्यों नहीं दे रहा? क्या बीजेपी जो चाहती है वही होगा? अगर 90 लाख मतदाताओं को वोट देने का अधिकार नहीं मिल रहा है, तो संविधान का क्या हुआ? सुप्रीम कोर्ट के पास पूरा अधिकार है कि वह इस पूरे मामले की जांच करें और संबंधित अधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर जवाब मांगे।"
बच्चों के खेल के मैदानों पर भी फाइव स्टार होटल क्यों?
शिवसेना उद्धव गुट के नेता ने आगे कहा, "महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार का स्तर गिर चुका है. एकनाथ शिंदे और केंद्र सरकार बच्चों के खेल के मैदानों पर भी फाइव स्टार होटल बनाने की योजना बना रहे हैं. बच्चों के पास खेलने के लिए मैदान नहीं बचेंगे, और दूसरी तरफ बड़े-बड़े होटल बनाए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री कहते हैं 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा', लेकिन यह यहां लागू होता नहीं दिख रहा. अगर ऐसी ही नीति रही तो शिवाजी पार्क जैसे ऐतिहासिक मैदानों पर भी निर्माण किया जाएगा क्या? क्या आजाद मैदान और कामगार मैदान भी सुरक्षित नहीं रहेंगे? उन्होंने आगे कहा, "खदान मालिक खुलेआम काम कर रहे हैं और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं. लोगों के पीने के पानी तक पर असर पड़ रहा है. मैंने मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्र लिखा है. रॉयल स्टील कंपनी बीजेपी को बड़ा चंदा देने वाली बताई जाती है. क्या नक्सलवाद इसलिए खत्म किया गया कि खदान मालिकों को खुली छूट मिल सके?"
म्यूजिक इवेंट बना मातम, ओवरडोज से 2 स्टूडेंट्स की जान गई
14 Apr, 2026 11:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। मुंबई में आयोजित लाइव कॉन्सर्ट में ड्रग्स पार्टी की गई. इस दौरान ड्रग्स ओवरडोज लेने की वजह से 2 छात्रों की मौत हो गई है. इस मामले में पुलिस ने आयोजक समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. मृतकों में एक लड़का और एक लड़की शामिल हैं. गिरफ्तार आरोपियों में आकाश सामाल, विनोद जैन, प्रतीक पांडे, आनंद पटेल, रौनक खंडेलवाल और बालकृष्ण कुरूप के नाम शामिल हैं।
वहीं पुलिस ने 15 से 20 लोगों के बयान दर्ज किए है. दोनों पीड़ितों की उम्र 20-22 साल की है. अपने दोस्तों के साथ रविवार (12 अप्रैल) रात लाइव कॉन्सर्ट देखने मुंबई के गोरेगांव इलाके के नेस्को ग्राउंड में आए थे. पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. जिसमें पीड़ित के दोस्त और आयोजक शामिल हैं।
नेस्को प्रवक्ता ने जताया दुख
नेस्को के प्रवक्ता की तरफ से दोनों छात्रों की मौत पर बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हम प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं. हम स्थिति की गंभीरता को समझते हैं और संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है. उन्होंने कहा कि हम लोग जांच में अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं. यह सुनिश्चित करने के लिए कि तथ्यों का पता जल्द से जल्द चल सके, सभी प्रासंगिक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि अभी मामले में जांच की जा रही है, इसलिए इस पर आगे कोई टिप्पणी करना सही नहीं होगा. हम अधिकारियों का सहयोग करने और सभी सुरक्षा तथा अनुपालन मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कॉन्सर्ट के दौरान किया था ड्रग्स का सेवन
बताया जा रहा है कि दोनों छात्रों ने कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग्स का सेवन किया था. कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी, जिसके बाद तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद की जा सकेगी. मामले में पुलिस ने घटनास्थल से अन्य छात्रों के बयान दर्ज किए हैं. साथ ही आयोजकों और संचालकों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुणे में ‘चमत्कार’ के नाम पर ठगी, महिला से 50 लाख लूटे
14 Apr, 2026 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। पुणे में एक ओर नाशिक में अशोक खरात मामला चर्चा अभी जारी ही है, वहीं अब महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पारिवारिक विवादों को सुलझाने और नौकरी दिलाने का लालच देकर एक 42 साल की महिला के साथ बार-बार यौन उत्पीड़न और धोखाधड़ी करने का एक मामला उजागर हुआ है. इस मामले में स्वारगेट पुलिस ने एक ढोंगी बाबा को गिरफ्तार किया है, जिसने महिला से करीब 50 लाख 55 हजार रुपये की ठगी भी की। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को दिव्य शक्ति वाला “देवऋषि” का नाटक करता था. इसी बात का फायदा उठाकर झांसे में उसने कई महिला के साथ गंभीर अपराध को अंजाम दिया. इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने शिकायत दर्ज करवाया।
पांच साल तक चला शोषण और धोखाधड़ी का खेल
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला और उसके पति पारिवारिक विवादों के कारण अलग-अलग रह रहे थे. करीब पांच साल पहले महिला की मुलाकात ढोंगी औदुंबर मनोहर गडदे (निवासी तरटगांव, पंढरपुर) से हुई थी, जिसकी उम्र करीब 43 साल थी। आरोपी बाबा ने खुद को 'देवऋषि' बताकर महिला को फंसाया और उसके पारिवारिक समस्याओं को दूर करने का दावा किया. इसी का फायदा उठाकर उसने महिला को स्वारगेट इलाके के एक लॉज में बुलाया, जहां उसने पहले महिला के साथ बलात्कार किया. इसके बाद भी यह सिलसिला रुका नहीं और ढोंगी बाबा ने लोणेरे, उत्तेखोल और माणगांव जैसे स्थानों पर भी ले जाकर बार-बार यौन शोषण किया।
अत्याचार के साथ ढोंगी बाबा ने की 50 लाख की ठगी
यह न सिर्फ शारीरिक अत्याचार थी, बल्कि आरोपी ने महिला से आर्थिक लूट भी की. उसने पीड़ित महिला को निर्माण व्यवसाय में निवेश करने पर भारी मुनाफे का लालच दिया. इसी बहाने मई 2021 से लगातार उससे नकद और गहनों के रूप में काफी पैसे ऐंठे गए। कुल मिलाकर ढोंगी बाबा ने महिला से 50 लाख 55 हजार रुपये वसूले. जब महिला को अपने साथ हुए ठगी और शोषण का एहसास हुआ, तो आखिरकार महिला ने हिम्मत दिखा कर 11 अप्रैल को स्वारगेट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के अनुसार, पुलिस ने तुरंत कारवाई कर आरोपी बाबा को गिरफ्तार कर लिया है।
अशोक खरात मामले में बड़ा अपडेट, फंड ट्रेल की जांच तेज
13 Apr, 2026 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। नासिक में खुद को ‘गॉडमैन’ बताने वाले अशोक खरात की मुश्किलें बढ़ गई हैं. मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मुंबई ज़ोन-II टीम ने सोमवार (13 अप्रैल) की सुबह से बड़ी कार्रवाई शुरू की है. यह कार्रवाई PMLA, 2002 की धारा 17 के तहत की जा रही है।
यह मामला 6 अप्रैल 2026 को दर्ज ECIR पर आधारित है, जो नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR (25 मार्च 2026) से जुड़ा है. FIR में खरात पर जबरन वसूली, धार्मिक भावनाओं का गलत इस्तेमाल और महिलाओं समेत कई लोगों के साथ गंभीर अपराध करने के आरोप लगे हैं।
कैसे चलता था पूरा खेल
जांच में सामने आया है कि अशोक खरात ने नासिक की दो को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी में कई फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे. ये खाते अलग-अलग लोगों के नाम पर थे, लेकिन उनमें नॉमिनी खुद खरात ही था. इतना ही नहीं, सभी खातों में उसका मोबाइल नंबर लिंक था, जिससे वह इन खातों को कंट्रोल करता था। बताया जा रहा है कि वह आम चीजों को ‘आशीर्वाद वाली वस्तु’ बताकर बेचता था और दावा करता था कि उनमें इलाज करने की ताकत है. इसी बहाने लोगों से मोटी रकम वसूली जाती थी. बता दें कि बीते दिनों अशोक खरात के लगभगग 58 से ज्यादा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. इन वीडियो से हड़कंप मच गया था।
पैसों का क्या हुआ?
ED की शुरुआती जांच में पता चला है कि ठगी और वसूली से जुटाए गए पैसों को जमीनों में निवेश किया गया. इसमें उसका चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश पोफले और उसके बेटे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
कहां-कहां हो रही है छापेमारी
आज ED की टीम ने एक साथ कई जगहों पर रेड मारी है. नासिक में 5 ठिकाने पर जिसमें पुणे में 3 ठिकाने, शिर्डी में 3 ठिकाने है. इनमें खरात, उसके CA और उनके रिश्तेदारों के घर-ऑफिस के साथ-साथ संबंधित को-ऑपरेटिव सोसायटी की शाखाएं भी शामिल हैं।
ठाणे हादसे से हड़कंप, कई परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़
13 Apr, 2026 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ठाणे। महाराष्ट्र (Maharashtra) में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे ( Horrific Road Accident) की खबर सामने आई है। महाराष्ट्र पुलिस ने बताया कि राज्य के ठाणे (Thane) जिले में एक पुल पर सीमेंट मिक्सर से एक वाहन टकराने से नौ लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं। घायलों को पुलिस ने तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस की ओर से दुर्घटनास्थल पर बचाव एवं राहत कार्य जारी है। हादसे के बाद पुल पर ट्रैफिक जाम हो गया था। पुलिस उसे भी खुलवाने की कोशिश में जुटी है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बचाव दल और चिकित्सा टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। घायलों को अस्पताल ले जाने और शवों को निकालने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
महाराष्ट्र पुलिस ने बताया कि महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सोमवार को एक भयावह सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक वैन और सीमेंट मिक्सर की टक्कर हो गई। यह हादसा सुबह करीब 11:30 बजे मुरबाड के गोविली गांव में रैता पुल पर हुआ। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, विपरीत दिशा से आ रहे एक सीमेंट मिक्सर से वैन की सीधी टक्कर हो गई। इस टक्कर की भयावहता इतनी अधिक थी कि वैन में सवार कम से कम नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार को दुर्घटना का एक संभावित कारण माना जा रहा है।
केयरटेकर को बंद कर रेस्क्यू संस्था से भागीं लड़कियां
13 Apr, 2026 10:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। हडपसर के मोहम्मदवाड़ी रोड स्थित रेस्क्यू फाउंडेशन नाम की संस्था से 13 बांग्लादेशी लड़कियां फरार हो गईं. जानकारी के अनुसार भागने से पहले केयरटेकर को बंधक बना लिया था. इसके बाद सुरक्षा गार्ड पर हमला कर फरार हो गईं, जिससे महिला संरक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. मामले की सूचना मिलते ही लड़कियों की खोज शुरू कर दी गई है, लेकिन 2 लड़कियां ही मिल पाई हैं, अन्य अभी भी फरार हैं. मिली जानकारी के अनुसार, एक बांग्लादेशी लड़की ने दवा लेने के बहाने केयरटेकर लक्ष्मी कांबले से दरवाजा खुलवाया. दरवाजा खुलते ही अन्य चार लड़कियों ने कांबले पर हमला कर उन्हें मेडिकल रूम में बंद कर दिया. इसी दौरान परिसर में सफाई के वक्त सुरक्षा गार्ड से मुख्य दरवाजा गलती से खुला रह गया था. मौके का फायदा उठाकर 13 लड़कियों ने गार्ड को धक्का दिया, उसे दांत काटा और वहां से फरार हो गईं. इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
मार्च में संस्था से ली गई थी पलिस सुरक्षा वापस
घटना की जानकारी मिलते ही संस्था ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने सैयदनगर और हडपसर इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाकर दो लड़कियों को हिरासत में लिया है, जबकि बाकी 11 अब भी फरार हैं. हैरानी की बात यह है कि इस मामले में कालेपडळ पुलिस ने जनरल डायरी (जीडी) में एंट्री की है. ‘रेस्क्यू फाउंडेशन’ मानव तस्करी से बचाई गई महिलाओं और लड़कियों के पुनर्वास के लिए काम करती है. संस्था के अनुसार, 16 मार्च 2024 से उन्हें दिया गया पुलिस सुरक्षा हटा लिया गया था।
लड़कियों की तलाश जारी
जिला प्रशासन और पुलिस आयुक्त से बार-बार अनुरोध के बावजूद सुरक्षा दोबारा नहीं दी गई. वर्तमान में संस्था में क्षमता से अधिक महिलाएं रह रही हैं. फरार लड़कियां बांग्लादेश की नागरिक हैं और उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया काफी धीमी है, जिसमें 1 से 2 साल का समय लगता है. इस कारण लड़कियों में मानसिक तनाव बढ़ता है और वे ऐसे कदम उठाने को मजबूर हो जाती हैं. फिलहाल, संस्था CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस की मदद से लापता लड़कियों की तलाश कर रही है. कालेपडळ पुलिस द्वारा 11 लड़कियों की तलाश जारी है।
ड्यूटी के दौरान बिना हेलमेट दिखे पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई, नए निर्देश लागू
11 Apr, 2026 02:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। महाराष्ट्र में अब पुलिसकर्मियों को भी हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा. महाराष्ट्र के डीजीपी ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया है. इस संबंध में पूरे राज्य के सभी पुलिस आयुक्तालयों और जिला पुलिस इकाइयों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. यह फैसला हाल ही में नागपुर में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया. बैठक में डीजीपी ने साफ कहा कि कानून लागू करने वाली पुलिस यदि खुद नियमों का पालन नहीं करेगी, तो आम नागरिकों में जागरूकता लाना संभव नहीं होगा।
इस आदेश का पालन न करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस विभाग द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, पिछले दस वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए लोगों में 35 से 40 प्रतिशत दोपहिया चालक शामिल हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, हेलमेट का सही उपयोग सिर की गंभीर चोटों और मौत के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है. इसके बावजूद राज्य के अधिकांश जिलों में हेलमेट के नियमों की अनेदेखी की जाती है।
हेल्मेट न पहनने पर होई कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई और नागपुर जैसे बड़े शहरों में जहां 80 प्रतिशत से अधिक दोपहिया चालक हेलमेट पहनते हैं. वहीं, अन्य जिलों में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत से भी कम है. नए आदेश के तहत अब ड्यूटी के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194(डी) के तहत जुर्माना लगाया जाएगा. इतना ही नहीं, अगर किसी पुलिसकर्मी की बिना हेलमेट की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आती है, तो इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उसकी सेवा पुस्तिका में भी दर्ज किया जाएगा, जिससे उसके करियर पर असर पड़ सकता है. डीजीपी कार्यालय ने सभी यूनिट्स को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित करें और इसकी अनुपालन रिपोर्ट जल्द से जल्द मुख्यालय को भेजें. पुलिस विभाग के इस फैसले को सड़क सुरक्षा की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है, अधिकारियों का मानना है कि जब पुलिस खुद नियमों का पालन करेगी, तो आम जनता भी हेलमेट पहनने के प्रति अधिक जागरूक होगी।
नाबालिग छात्र के साथ दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने आरोपी को तुरंत दबोचा
11 Apr, 2026 02:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। एक प्राइवेट कोचिंग क्लास में 8वीं क्लास के छात्र के यौन शोषण का मामला सामने आया है. साथ ही पीड़ित के निजी पार्ट की तस्वीर भी खींची है. कोचिंग क्लास के 'ऑफिस बॉय' ने छात्र को स्टोर रूम में बहला-फुसलाकर बुलाया और उसका यौन उत्पीड़न किया. यह कोचिंग क्लास पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में स्थित है।
पुलिस ने ऑफिस बॉय को गिरफ्तार कर लिया है, 35 साल के इस ऑफिस बॉय की पहचान विकास गायकवाड़ के तौर पर हुई है. छात्र के प्राइवेट पार्ट्स की तस्वीरें भी ली गईं. पुलिस ने आरोपी ऑफिस बॉय के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
2-3 सालों से इसी कोचिंग में क्लास ले रहा था छात्र
8वीं क्लास का यह छात्र मार्केट यार्ड इलाके में स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में क्लास लेने जाता था. वह पिछले दो-तीन सालों से रोजाना इसी कोचिंग क्लास में जा रहा था. इस दौरान, ऑफिस बॉय ने 8वीं क्लास के इस छात्र को स्टोर रूम में ले जाकर उसके साथ गलत तरीके से शारीरिक संपर्क बनाना शुरू कर दिया।
ऑफिस बॉय ने छात्र के प्राइवेट पार्ट्स की तस्वीरें भी लीं. यह पूरी घटना होने के बाद, छात्र घर गया और अपने माता-पिता के सामने फूट-फूटकर रोने लगा. जब छात्र ने क्लास जाने से मना करना शुरू कर दिया, तो उसके पिता ने इस मामले की गहराई से जांच करने का फैसला किया।
छात्र ने परिजनों को सुनाई आपबीती
पीड़ित के पितना ने पूछताछ करने के लिए कोचिंग इंस्टीट्यूट का दौरा किया. इसके बाद, छात्र ने खुद ही अपने माता-पिता को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. ये घटनाएं जनवरी से ही हो रही थीं. मार्केट यार्ड पुलिस ने ऑफिस बॉय के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने इस मामले में अब आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मां ने ही उजाड़ा अपना घर, 6 साल के मासूम की जान ली
11 Apr, 2026 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसी घटना सामने आई है, जहां एक कलयुगी मां ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही 6 साल के बेटे की हत्या कर दी. इस कलयुगी मां ने अपने बच्चे की हत्या केवल इसलिए कर दी क्योंकि वह उसके प्रेम संबंधों में रोड़ा बन रहा था. हत्या के बाद आरोपी मां ने दिल का दौरा पड़ने की झूठी कहानी रचकर शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की. अब पुलिस ने इस मामले की परतें खोल दीं हैं और पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है।
यह घटना पुणे के खेड़ तालुका स्थित कुरुली गांव की है. यहां आरोपी महिला बसरीन मेहबूब शेख (27 वर्ष) का आरोपी राम विनायक कजेवाड के साथ प्रेम प्रसंग था. बसरीन का 6 साल का बेटा, आवेज महबूब शेख इन दोनों के संबंधों के बीच बाधा बन रहा था. ऐसे में दोनों ने बच्चे को ठीकाने लगाने की साजिश रची।
कैसे आवेज की हत्या की गई?
आरोपी महिला और उसे प्रेमी ने 4 अप्रैल (शनिवार) की रात करीब 11:30 बजे आवेज की हत्या की साजिश रची. दोनों ने मासूम का सिर बाथरूम में पानी से भरी बाल्टी में डुबोया और फिर उसके सिर को दीवार और जमीन पर पटक-पटक कर उसे बेरहमी से मार डाला. हत्या के बाद गुनाह छुपाने के लिए आरोपियों ने इसे प्राकृतिक मौत का रूप देने की कोशिश की. दोनों आवेज के शव को अर्टिगा कार से बीड़ जिले के परली क्षेत्र के धर्मापुरी ले गए. यहां बसरीन का मायका है. उसने अपने घरवालों को बताया कि आवेज की मौत 'हार्ट अटैक' (दिल का दौरा) आने से हुई है।
कैसे खुला राज?
अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान शिकायतकर्ता इसाक अहमद शेख (49 वर्ष) को संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत परली ग्रामीण पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दी. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संदिग्ध हरकतों के आधार पर पुलिस ने बसरीन शेख से कड़ाई से पूछताछ की. शुरुआत में वह टालमटोल करती रही, लेकिन पुलिसिया सख्ती के आगे वह टूट गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया, इस मामले में दक्षिण म्हालुंगे पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 103(1), 238, 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपी मां बसरीन शेख को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके प्रेमी राम कजेवाड की तलाश जारी है।
महाराष्ट्र की राजनीति में फिर शुरू हुई जोड़-तोड़ की चर्चा
10 Apr, 2026 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। सियासी पारा तब हाई हो गया, जब खबरें आईं कि 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत एकनाथ शिंदे ने बड़ा कदम उठाया है और उद्धव ठाकरे गुट के 9 में से 8 सांसदों ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात की है. अटकलें लगने लगीं कि महाराष्ट्र में उद्धव गुट पर बड़ा संकट आने वाला है. हालांकि, खुद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बड़ा बयान देकर इन अटकलों पर विराम लगा दिया। एकनाथ शिंदे ने कहा, "उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों के साथ हुई कथित बैठक की खबरें पूरी तरह निराधा हैं. ऐसी खबरें दुर्भावनापूर्ण और भ्रम पैदा करने वाली हैं." एकनाथ शिंदे का दावा है कि ऐसी कोई बैठक हुई ही नहीं है।
'डेढ़ साल से चल रहीं ऐसी अफवाहें'
इतना ही नहीं, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के सांसद टूटकर शिवसेना में शामिल होने वाले हैं, ऐसी अफवाहें बीते एक-डेढ़ साल से फैलाई जा रही हैं. इनमें किसी प्रकार की सच्चाई नहीं है. ये महज अफवाहें हैं. एकनाथ शिंदे ने सलाह दी है कि सनसनी फैलाने के लिए इस तरह की खबरें देना मीडिया को टालना चाहिए।
उद्धव गुट में बड़ी टूट की थीं अटकलें
दरअसल, सुबह से ये खबरें चल रही थीं कि एकनाथ शिंदे ने ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के साथ एक गुप्त बैठक की थी. यह भी चर्चा थी कि उद्धव गुट का एक धड़ा टूटकर शिंदे गुट में शामिल हो सकता है. जानकारी के लिए बता दें कि उद्धव ठाकरे गुट के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें लोकसभा के 9 और राज्यसभा के एक सदस्य शामिल हैं. साल 2022 में एकनाथ शिंदे ने बाल ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना के भीतर बगावत की अगुवाई की और विधायकों के एक समूह के साथ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व से अलग हो गए. इसके बाद उन्हें पार्टी का नाम और उसका चुनाव चिह्न ‘धनुष-बाण’ भी मिल गया. जहां शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना राज्य में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की सहयोगी है, वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी का हिस्सा है।
CCTV में कैद हुई तेंदुए की गतिविधियां, सतर्क हुए लोग
10 Apr, 2026 04:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महानगर। गोरेगांव पूर्व (दिंडोशी) स्थित रिहायशी और पॉश सोसायटी 'रहेजा हाइट्स' में इन दिनों खौफ का माहौल है. करोड़ों रुपये के आलीशान घरों में रहने वाले लोग एक तेंदुए की वजह से दहशत में हैं. बीते एक महीने के भीतर सोसायटी में तीसरी बार तेंदुए की एंट्री से हड़कंप मच गया है. मंगलवार तड़के करीब 3 बजे तेंदुआ सोसायटी के पार्किंग एरिया में शिकार की तलाश में बेखौफ घूमता हुआ सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हुआ है।
जंगल से निकलकर रहेजा सोसायटी अब इस तेंदुए का नया अड्डा बनती दिख रही है. 7 अप्रैल की इस घटना से पहले 17 और 18 मार्च को भी यहां तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई थी. सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि कुत्तों के लगातार भौंकने पर उसे शक हुआ था. जब वह मौके पर पहुंचा, तो उसने तेंदुए को एक कुत्ते को मुंह में दबाकर ले जाते हुए देखा. गार्ड के शोर मचाने पर तेंदुआ शिकार छोड़कर भाग गया. अब तक तीन बार की एंट्री में तेंदुए ने एक स्ट्रीट डॉग का शिकार किया है और एक को बुरी तरह घायल कर दिया है।
सोसायटी ने उठाए सुरक्षा के सख्त कदम
लगातार हो रही तेंदुए की घुसपैठ को देखते हुए स्थानीय निवासियों ने अपनी तरफ से सख्त एहतियाती कदम उठाए हैं: सोसायटी की बाउंड्री वॉल पर ऊंचे टीन के शेड लगा दिए गए हैं. तेंदुए को दूर रखने के लिए तेज आवाज वाले म्यूजिक स्पीकर और ज्यादा लाइट्स की व्यवस्था की गई है. सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी (CCTV) की निगरानी और सिक्योरिटी गार्ड्स की गश्त बढ़ा दी गई है. पास के जिस पार्क को तेंदुए के आने-जाने का रास्ता माना जा रहा था, उसे फिलहाल बंद कर दिया गया है।
वन विभाग ने लगाया पिंजरा, जागरूकता अभियान शुरू
इस घटना के बाद वन विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है. अधिकारियों ने पास के रहेजा पब्लिक पार्क में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है. इसके साथ ही, वन अधिकारियों ने सोसायटी के लोगों के बीच एक जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें तेंदुए से बचने और रात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
संजय गांधी नेशनल पार्क के करीब है इलाका
यह पूरा इलाका संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) के बेहद करीब स्थित है, जिसके कारण यहां अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही का खतरा बना रहता है. सोसायटी में लगातार तेंदुए के दिखने से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं. फिलहाल वन विभाग स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और जल्द ही तेंदुए के सुरक्षित रेस्क्यू की उम्मीद जताई जा रही है।
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