महाराष्ट्र
रिश्ते का दर्दनाक अंत, पति पर पत्नी की बेरहमी से हत्या का आरोप
9 Jul, 2026 02:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोल्हापुर। महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के पेठवडगांव इलाके से दिनदहाड़े एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां चरित्र पर शक के चलते एक सनकी पति ने बीच सड़क पर अपनी ही पत्नी की धारदार हथियार (कोयते) से बेरहमी से हमला कर हत्या कर दी। इस खौफनाक हमले में मृत महिला की पहचान अमृता कांबले के रूप में हुई है, जबकि वारदात को अंजाम देने के बाद भाग रहे आरोपी पति दीपक कांबले को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हिरासत में ले लिया है।
वारदात से पहले मोबाइल पर लगाया था खौफनाक स्टेटस
इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम देने से पहले आरोपी पति ने एक सोची-समझी साजिश के तहत अपने मोबाइल पर एक बेहद डरावना स्टेटस लगाया था। आरोपी दीपक ने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर लिखा था कि 'आज मेरा अंत, नहीं तो किसी और का'। इस स्टेटस को लगाने के कुछ ही देर बाद उसने अपनी पत्नी को निशाना बनाया और सार्वजनिक स्थान पर उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मूंछों पर ताव देकर बोला 'विषय खत्म कर दिया'
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद जरा भी पछतावा नहीं दिखाया। पत्नी को मौत के घाट उतारने के बाद उसने बेहद क्रूरता और बेखौफ अंदाज में चिल्लाकर कहा कि 'विषय खत्म कर दिया' और अपनी मूंछों पर ताव देते हुए वहां से भागने की कोशिश करने लगा। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए घेराबंदी करके आरोपी को तुरंत दबोच लिया।
प्रेम विवाह के आठ साल बाद उपजा था गंभीर विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, दीपक और अमृता का रिश्ता पुराना था और दोनों ने करीब आठ साल पहले प्रेम विवाह किया था। दोनों की दो छोटी बेटियां भी हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से उनके वैवाहिक जीवन में कड़वाहट आ गई थी। पति के शक करने की आदत के कारण दोनों के बीच लगातार तनाव और घरेलू झगड़े बढ़ रहे थे, जिसका अंत इस खौफनाक रूप में हुआ।
वकील से मिलने पहुंची पत्नी पर किया जानलेवा हमला
वारदात वाले दिन बुधवार को अमृता एसटी बस स्टैंड के पीछे स्थित एक कॉम्प्लेक्स में कानूनी सलाह के लिए एक वकील से मिलने गई थीं। इसी दौरान आरोपी दीपक भी वहां पहुंच गया और दोनों के बीच सड़क पर ही भारी बहस होने लगी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि दीपक ने अपने पास छिपाकर रखा कोयता निकाला और अमृता पर हमला कर दिया। जब कुछ स्थानीय युवकों ने महिला को बचाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उन्हें यह कहकर पीछे हटा दिया कि 'यह मेरी पत्नी है, बीच में मत पड़ो' और फिर से वार कर उसकी जान ले ली।
विधानसभा में गरमाया माहौल, देवेंद्र फडणवीस के बयान से मची सियासी हलचल
9 Jul, 2026 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महानगर और उसके आस-पास के क्षेत्रों के विकास को लेकर विधानसभा में नियम 293 के तहत आयोजित बहस के दौरान एक बड़ा सियासी टकराव देखने को मिला। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए सदन में तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने विपक्षी नेताओं की बयानबाजी पर पलटवार किया और सोशल मीडिया पर प्रोजेक्ट को लेकर चलाए जा रहे विमर्श की आलोचना की। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जनहित के इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पेड ट्रोलर्स और सोशल मीडिया की आलोचना पर बरसे मुख्यमंत्री
सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और प्रोजेक्ट के खिलाफ लिखे जा रहे संदेशों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने वरिष्ठ नेता जयंत राव पाटिल के एक बयान का हवाला देते हुए अबू आजमी से कहा कि कुछ लोग सिर्फ सोशल मीडिया पर आकर सबको गालियां देने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बकायदा पैसा लेकर इस महत्वपूर्ण 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई महाराष्ट्र की छवि को नुकसान पहुंचाएगा या उसका अपमान करेगा, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
भारी बारिश और भूस्खलन के बाद मिसिंग लिंक पर खड़ा हुआ विवाद
लगभग 7,000 करोड़ रुपए की भारी लागत से तैयार हुए मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन की घटना सामने आई थी। इस मलबे के कारण करीब 18 घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिसने एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया। विपक्ष ने इस घटना को लेकर सरकार पर भ्रष्टाचार और संरचनात्मक कमियों के गंभीर आरोप लगाए। इस तीखी आलोचना का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने विरोधियों को आड़े हाथों लिया और उन पर सरासर झूठ बोलने तथा जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
पिछली सरकार की फाइलों और वर्तमान सरकार की हिम्मत का जिक्र
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरते हुए दावा किया कि पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन सरकार के समय इस बेहद जरूरी प्रोजेक्ट को लगभग बंद करने की तैयारी कर ली गई थी। उन्होंने सदन को बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने दो पन्नों का एक नोट लिखकर 14 ऐसे कारण गिनाए थे जिनकी वजह से 'मिसिंग लिंक' का निर्माण असंभव बताया गया था और फाइल को बंद कर दिया गया था। उन्होंने गर्व से कहा कि यह महायुति सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति और हिम्मत थी, जिसके कारण इस बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा जा सका।
मुख्य ढांचे की मजबूती का दावा और सुरक्षा प्रणालियों की सराहना
प्रोजेक्ट की मजबूती को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने सदन के सामने घटना की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि अत्यधिक बारिश के कारण पहाड़ का एक बड़ा मलबा बाहरी आर्च (मेहराब) पर आ गिरा था, जो उस भारी दबाव को न झेल पाने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ कहा कि मुख्य सुरंग के ढांचे में कोई दरार नहीं आई है और यह पूरी तरह सुरक्षित है। इसके अलावा, सुरंग के भीतर लगे इंटीग्रेटेड सेफ्टी सिस्टम ने बेहतरीन काम किया, जिसके तहत इमरजेंसी बटन दबाते ही महज तीन मिनट के भीतर क्रेनें मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू हो गया।
डॉक्टर पर हमला पड़ा भारी, शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को पुलिस ने दबोचा
8 Jul, 2026 05:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल सामने आई है। डोंबिवली इलाके के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के स्थानीय पार्षद रमेश म्हात्रे को हिरासत में ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से इलाके की राजनीतिक सरगर्मी अचानक काफी बढ़ गई है।
डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में शाम के वक्त भड़की हिंसा
यह पूरी घटना डोंबिवली क्षेत्र में स्थित शास्त्री नगर अस्पताल की है, जिसका संचालन कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KDMC) द्वारा किया जाता है। बताया जा रहा है कि 6 जुलाई की शाम को किसी बात को लेकर अस्पताल परिसर में विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि वहां मौजूद मेडिकल स्टाफ और ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों के साथ तीखी बहस के बाद मारपीट शुरू हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों में भारी रोष फैल गया।
डॉक्टरों की सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल, मेडिकल एसोसिएशन ने जताया विरोध
सरकारी अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हुई इस तरह की हिंसा ने एक बार फिर चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय चिकित्सा संगठन और अस्पताल के कर्मचारियों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की मांग की। डॉक्टरों का कहना है कि भयमुक्त माहौल के बिना आपातकालीन सेवाएं देना बेहद मुश्किल है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस, कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश
शिकायत दर्ज होने के बाद स्थानीय थाना पुलिस ने बिना किसी राजनीतिक दबाव के तुरंत एक्शन लिया और आरोपी पार्षद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्रशासन ने अस्पताल परिसर और आस-पास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस अधिकारी अब चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रहे हैं और अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालकर मामले की आगे की कानूनी तफ्तीश में जुट गए हैं।
अखिलेश यादव पर सवाल उठाने वालों को संजय राउत का जवाब, रामभक्ति पर छिड़ी बहस
8 Jul, 2026 02:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद देश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मंदिर में हुई इस कथित धांधली को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सीधे तौर पर राजनीतिक और वैचारिक संगठनों की भूमिका को कटघरे में खड़ा किया है।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों और एकतरफा विचारधारा पर तीखा हमला
सांसद संजय राउत ने राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की संरचना पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इस पूरे प्रबंधन तंत्र में शामिल हर व्यक्ति एक ही ढर्रे पर काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के अध्यक्ष से लेकर कोषाध्यक्ष तक सभी पदाधिकारी एक ही विशेष राजनीतिक और सामाजिक विचारधारा से जुड़े हुए हैं, जिसके कारण वहां पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भगवान राम किसी राजनीतिक दल या संगठन की निजी जागीर बन चुके हैं और क्या देश के बाकी नागरिक रामभक्त होने की पात्रता नहीं रखते हैं।
विपक्षी नेताओं की आस्था और बीजेपी-आरएसएस पर सीधा निशाना
राउत ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एकाधिकार वाले दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने देश के अन्य प्रमुख विपक्षी क्षत्रपों का नाम लेते हुए पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भगवान राम की भक्त नहीं हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सत्तापक्ष खुद को राम का एकमात्र ठेकेदार साबित करने की कोशिश कर रहा है, जबकि इस देश का हर नागरिक अपनी-अपनी आस्था के अनुसार प्रभु राम से जुड़ा हुआ है।
विभिन्न धार्मिक स्थलों के प्रबंधन पर लगाया लूट का बड़ा आरोप
राम मंदिर में सुरक्षा और प्रबंधन की लापरवाही के चलते हुई इस कार्रवाई के बाद ट्रस्ट द्वारा दो कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की घटना को उन्होंने महज एक दिखावा करार दिया। विपक्षी नेता ने आरोप लगाया कि केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि देश के जितने भी प्रमुख और पौराणिक मंदिर वर्तमान में बीजेपी के प्रभाव या उनके नियंत्रण में हैं, वहां बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां और घोटाले सामने आ रहे हैं। उन्होंने अयोध्या से लेकर बदरीनाथ और सोमनाथ मंदिर तक का उदाहरण देते हुए दावा किया कि इन पावन धामों में आस्था के नाम पर सिर्फ राजनीतिक और आर्थिक लूट का खेल चल रहा है।
मंदिरों की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच को लेकर देशव्यापी बहस की मांग
इस पूरे घटनाक्रम के बाद देश के प्रतिष्ठित और आस्था से जुड़े बड़े मंदिरों की सुरक्षा तथा उनके चढ़ावे के पारदर्शी ऑडिट को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। संजय राउत के इस तीखे बयान के बाद विपक्षी खेमा अब इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में और अधिक आक्रामक रुख अख्तियार करने की तैयारी में है। विपक्ष की मांग है कि आस्था के इन केंद्रों को राजनीतिक प्रभाव से पूरी तरह मुक्त रखा जाए और चढ़ावे में हुई चोरी की इस पूरी घटना की किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष केंद्रीय एजेंसी से गहन जांच कराई जाए ताकि सच देश के सामने आ सके।
मुंबई में भारी बारिश बनी आफत, छह दिनों में 1100 पेड़ गिरे और 4 लोगों की मौत
8 Jul, 2026 01:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में चक्रवाती रफ्तार से चल रही तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। मॉनसून की इस शुरुआती आसमानी आफत के कारण मायानगरी में पेड़ों और उनकी भारी-भरकम शाखाओं के धराशायी होने का एक नया और डरावना रिकॉर्ड बन गया है। महज छह दिनों के भीतर आर्थिक राजधानी में ग्यारह सौ से अधिक पेड़ जड़ से उखड़ चुके हैं, जिसने पिछले तीन वर्षों के पूरे मॉनसून सीजन के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है। इस बेकाबू प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से अब तक चार मासूम नागरिकों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर विभिन्न अस्पतालों में जीवन और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
चक्रवाती हवाओं के भयंकर वेग ने पेड़ों को किया जमींदोज
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मुंबई में पिछले कुछ दिनों से सामान्य मॉनसूनी हवाओं के विपरीत बहत्तर से अठहत्तर किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। आम तौर पर बारिश के मौसम में हवा की गति महज बीस से तीस किलोमीटर प्रति घंटा ही दर्ज की जाती है, लेकिन इस बार सक्रिय हुए अत्यंत मजबूत वेदर सिस्टम ने हवा की ताकत को तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा है कि इस अप्रत्याशित तूफानी वेग के सामने दशकों पुराने और मजबूत पेड़ भी टिक नहीं पाए और ताश के पत्तों की तरह बिखर गए, जिसके चलते उन्होंने आम जनता से खराब मौसम में केवल आपातकालीन स्थिति में ही घरों से बाहर निकलने का पुरजोर आग्रह किया है।
उपनगरीय इलाकों से लेकर दक्षिण मुंबई तक मची तबाही
बीते चौबीस घंटों के भीतर मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में पांच सौ से अधिक पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसने पूरे शहर की परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया। आपदा प्रबंधन कक्ष से मिले आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा नुकसान पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों के साथ-साथ दक्षिण मुंबई यानी आइलैंड सिटी के रिहायशी इलाकों में देखने को मिला है। सड़कों, बिजली के तारों और वाहनों पर विशालकाय पेड़ों के गिरने से कई मुख्य मार्गों पर मीलों लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे दफ्तर जाने वाले कामकाजी लोगों और आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में गई चार मासूमों की जान
इस बेकाबू आपदा ने शहर के कई परिवारों को कभी न भूलने वाला गम दिया है, जिसमें अलग-अलग हादसों के दौरान चार लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई। मीरा-भायंदर इलाके में चलती मोटरसाइकिल पर अचानक एक भारी नारियल का पेड़ गिरने से पैंतीस वर्षीय राहुल अशोक पाटिल की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि कुर्ला और आरे कॉलोनी में भी पेड़ की टहनियों की चपेट में आने से बुजुर्ग यूनुस कुंडावाला और अठारह वर्षीय युवा हसन रजा ने दम तोड़ दिया। इससे पूर्व चेंबूर इलाके में एक स्कूल बस पर पीपल का पेड़ गिरने से ग्यारह साल के मासूम विहान श्रीवास्तव की जान चली गई थी, वहीं जोगेश्वरी की एक आवासीय इमारत और गोरेगांव में ऑटो रिक्शा पर पेड़ गिरने से दस से अधिक लोग गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं।
राहत कार्यों में जुटी बीएमसी ने उद्यानों को किया पूरी तरह बंद
लगातार आ रही आपातकालीन कॉल्स और शिकायतों के कारण बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आपदा प्रबंधन और उद्यान विभाग के कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव देखा जा रहा है। गिरे हुए भारी तनों को रास्तों से हटाने के लिए उन्हें कटर मशीनों की मदद से शाखा-दर-शाखा काटना पड़ रहा है, जिसमें काफी समय लग रहा है। आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बीएमसी प्रशासन ने शहर के सभी सार्वजनिक पार्कों और उद्यानों को अस्थायी रूप से आम जनता के लिए पूरी तरह बंद करने का बड़ा फैसला लिया है, साथ ही एडवाइजरी जारी कर लोगों को भारी बारिश के दौरान किसी भी पेड़ या कमजोर ढांचे के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है।
केतन मर्डर केस में नया खुलासा, सोनम रघुवंशी कनेक्शन की जांच; गूगल सर्च हिस्ट्री आई सामने
7 Jul, 2026 12:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। महाराष्ट्र के हाई-प्रोफाइल केतन अग्रवाल हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, पुलिस तफ्तीश में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इस मामले में जांच टीम को पूर्व के राजा रघुवंशी मर्डर केस और इस नए मर्डर मिस्ट्री के बीच कई हैरान करने वाली समानताएं मिली हैं। दोनों ही मामलों में पीड़ितों को उनके ही बेहद करीबी पार्टनर द्वारा ऊंची पहाड़ी से नीचे धकेल कर मौत के घाट उतारा गया। तफ्तीशकर्ताओं का अनुमान है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके साथी चेतन चौधरी ने संभवतः सोनम रघुवंशी द्वारा अपने पति की हत्या के लिए अपनाए गए घटनाक्रम से ही प्रेरणा ली थी।
सोनम की कमियों को सुधार कर सिया ने बुना चक्रव्यूह
भले ही दोनों सनसनीखेज मामलों का तरीका एक जैसा नजर आता है, मगर पुलिस का मानना है कि सिया गोयल ने सोनम रघुवंशी की पूर्व में पकड़ी गई रणनीतिक गलतियों का बारीकी से अध्ययन किया था। उसने अपनी योजना को अधिक सटीक बनाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए और वारदात के समय खुद को बेकसूर साबित करने के लिए मजबूत 'अलीबी' (घटनास्थल से दूर होने का साक्ष्य) तैयार किया। यही वजह रही कि शुरुआत में पुलिस को इस गुत्थी को सुलझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जांच टीम के मुताबिक, आरोपी के कबूलनामे तक पहुंचने के लिए उन्हें मनगढ़ंत दलीलों और झूठ के कई मुखौटों को एक-एक कर हटाना पड़ा, जिसके बाद ही मर्डर की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सका।
शादी से बचने की हताशा और मर्डर की लाइव स्क्रिप्ट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, केतन अग्रवाल से तय होने वाली शादी से पीछा छुड़ाने के लिए सिया गोयल के दिमाग में केवल हत्या का ही विचार घूम रहा था। वह मन ही मन इस साजिश का ताना-बाना बुन रही थी और आखिरकार उसने इसे हकीकत में बदल दिया। मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह पूरी वारदात अत्यधिक हताशा और मानसिक द्वंद्व में अंजाम दी गई थी, जिसमें दोनों परिवारों के बीच होने वाले आर्थिक लेन-देन की बात ने भी उत्प्रेरक की भूमिका निभाई। आरोपियों ने राजा रघुवंशी हत्याकांड की मीडिया रिपोर्टों को खंगालकर पूरी रिसर्च की थी। राजा की लाश को सुनसान चट्टान से नीचे फेंका गया था, लेकिन यहां सिया ने पक्का करने के लिए अपने बॉयफ्रेंड चेतन के साथ मिलकर केतन को खाई में धक्का दिया ताकि कोई कसर न बचे।
मोबाइल सर्च हिस्ट्री और डिलीटेड डेटा से खुलेगा राज
जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिया गोयल के पास से जो मोबाइल फोन जब्त किया है, उसकी इंटरनेट ब्राउजिंग हिस्ट्री से यह पुख्ता हुआ है कि वह लगातार मेघालय के राजा रघुवंशी मर्डर केस की कानूनी बारीकियों को सर्च कर रही थी। इसके अलावा उसने गूगल पर यह भी खोजा था कि क्या पुलिस हिरासत में महिला अपराधियों के साथ मारपीट की जाती है और महिला कैदियों के कानूनी अधिकार क्या होते हैं। पुलिस ने उसके ठिकाने से एक दूसरा स्मार्टफोन भी बरामद किया है, जिसे इस पूरी साजिश के डिजिटल साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है। दूसरी तरफ, राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि ऐसे संगीन मामलों में आरोपियों को जमानत मिलना अन्य अपराधियों के हौसले बुलंद करता है।
महाराष्ट्र के नासिक में मौसम का कहर, बादल फटने की आशंका; शिक्षण संस्थान रहेंगे बंद
7 Jul, 2026 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक और त्र्यंबकेश्वर अंचल में हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत अगले 24 घंटों के भीतर 300 मिलीमीटर तक अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने त्र्यंबकेश्वर और नासिक के मध्यवर्ती पहाड़ी इलाकों में बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) जैसी अप्रिय घटना की भी आशंका व्यक्त की है, जिससे प्रशासनिक अमला पूरी तरह चौकन्ना हो गया है।
आधी रात को आपदा प्रबंधन मंत्री ने संभाला मोर्चा
अतिवृष्टि से उपजे हालातों पर काबू पाने के लिए जिला प्रशासन और सरकार रात से ही मुस्तैद है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने आधी रात को खुद प्रभावित क्षेत्र त्र्यंबकेश्वर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने रात 11 बजे घोटी इगतपुरी का निरीक्षण करने के बाद देर रात 12 बजे त्र्यंबकेश्वर के मेटघर गांव का जायजा लिया। तेज हवाओं के साथ बढ़ती बारिश को देखते हुए मंत्री ने संवेदनशीलता बरतते हुए मेटघर फोर्ट और आस-पास के निचले इलाकों में रह रहे 27 परिवारों के 100 से अधिक ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया।
स्कूल-कॉलेजों में अवकाश और प्रमुख आस्था केंद्र बंद
सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए जिला कलेक्टर ने नासिक संभाग के सभी सरकारी व निजी स्कूल-कॉलेज और शिक्षण संस्थानों में तात्कालिक छुट्टी घोषित कर दी है। इसके साथ ही सुप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर और साढ़े तीन शक्तिपीठों में शुमार सप्तश्रृंगी माता मंदिर को भी आज के लिए श्रद्धालुओं के वास्ते पूरी तरह बंद रखा गया है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। पुलिस प्रशासन ने विशेषकर गोदावरी और अन्य सहायक नदियों के तट पर बसी बस्तियों के नागरिकों को हाई अलर्ट पर रहने और बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की हिदायत दी है।
पालघर और वसई-विरार में भी भारी तबाही, रेस्क्यू टीमें तैनात
नासिक के अलावा सूबे के पालघर और वसई-विरार जिलों में भी कुदरत का कहर देखने को मिला है, जहां अब तक रिकॉर्ड 350 से 400 मिलीमीटर तक पानी बरस चुका है। पालघर क्षेत्र में एक स्थानीय बांध (डैम) की पिचिंग वॉल का कुछ हिस्सा ढहने के कारण आस-पास के रिहायशी इलाकों में पानी भरने का खतरा पैदा हो गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर करीब 1,000 नागरिकों को सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट किया गया है। वर्तमान में नासिक, इगतपुरी, डिंडोरी और पेठ तालुकों में स्थानीय प्रशासन के साथ पुलिस और एसआरपीएफ (स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स) की टुकड़ियां मुस्तैदी से राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
मुंबई लोकभवन सुरक्षा में तैनात SRPF कांस्टेबल ने उठाया आत्मघाती कदम, वजह तलाशने में जुटी पुलिस
7 Jul, 2026 12:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी के वीवीआईपी और अत्यंत सुरक्षित माने जाने वाले मालाबार हिल क्षेत्र स्थित महाराष्ट्र लोकभवन परिसर से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां सुरक्षा व्यवस्था में तैनात स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स (एसआरपीएफ) के एक जवान ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर मौत के घाट उतार लिया। इस आत्मघाती कदम के बाद पूरे लोकभवन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर दौड़ीं और पूरे घटना स्थल को अपने नियंत्रण में ले लिया।
टावर पर तैनात थे जवान, सहकर्मी के पहुंचने पर खुला राज
मृतक जवान की पहचान कोल्हापुर के एसआरपीएफ ग्रुप-16 से जुड़े कॉन्स्टेबल कौस्तुभ सांगले के रूप में हुई है, जिनकी तैनाती लोकभवन के टावर नंबर 2 पर की गई थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कौस्तुभ की ड्यूटी शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक की शिफ्ट में थी, जहां हर तीन घंटे में जवानों को बदला जाता है। इस खौफनाक वारदात का खुलासा तब हुआ जब रात 9 बजे उनकी शिफ्ट खत्म होने पर उनका दूसरा साथी उन्हें रिलीव करने (ड्यूटी बदलने) टावर पर पहुंचा। वहां एक कमरे नुमा केबिन में कौस्तुभ को खून से लथपथ हालत में देख उसने तुरंत बाकी सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
सरकारी एसएलआर राइफल से खुद पर दागी गोली
प्राथमिक जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों के मुताबिक, कॉन्स्टेबल कौस्तुभ के पास ड्यूटी के लिए सरकारी एसएलआर (सेल्फ लोडिंग राइफल) दी गई थी। उन्होंने इसी भारी-भरकम हथियार से खुद पर एक राउंड फायर किया, जिसकी 7.62 एमएम की गोली उनके शरीर के आर-पार हो गई और मौके पर ही उनके प्राण पखेरू उड़ गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस के संयुक्त आयुक्त (कानून व्यवस्था) मनोज शर्मा भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को घटना स्थल या मृतक के पास से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के वास्तविक कारणों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
डिप्रेशन और निजी कारणों के एंगल से तफ्तीश शुरू
मामले की जांच कर रही मालाबार हिल थाना पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही है। विभाग के कुछ अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि मृतक जवान पिछले कुछ समय से अत्यधिक मानसिक तनाव (डिप्रेशन) के दौर से गुजर रहा था और उसे शराब की लत भी थी, जिसके चलते वह परेशान रहता था। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना विस्तृत जांच और परिजनों के बयानों के किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की कड़ियों को जोड़ना शुरू कर दिया है।
पुणे में बारिश का तांडव, भूस्खलन में 3 की जान गई; नवी मुंबई में दो लोगों की डूबकर मौत
6 Jul, 2026 04:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश अब लोगों के लिए बड़ी आफत बन चुकी है। इस साल देरी से पहुंचे मानसून ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही इस भारी बारिश के बीच पुणे जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है।
पुणे में भीषण भूस्खलन, मलबे में दबे मकान
सोमवार सुबह पुणे जिले में एक बड़ा भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ। पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में कई मकान आ गए। देखते ही देखते ये मकान मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन मलबे की मात्रा इतनी ज्यादा थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की असमय मौत हो गई। मलबे से निकाले जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रशासन के मुताबिक, मृतकों की पहचान 60 वर्षीय नंदू टिकोने, 30 वर्षीय माउली टिकोने और 55 वर्षीय अनीता टिकोने के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर यातायात ठप
भूस्खलन का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा है। पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। रास्तों पर लंबा जाम न लगे और कोई दूसरा हादसा न हो, इसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इन दोनों मुख्य मार्गों को बंद कर दिया है।
राहत कार्य जारी, प्रशासन की अपील
रास्तों से मलबा हटाने और एक्सप्रेसवे को दोबारा शुरू करने के लिए भारी मशीनें तैनात की गई हैं। मौसम विभाग द्वारा आगे भी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए, प्रशासन ने लोगों से बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने और संवेदनशील पहाड़ी इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
बाढ़ में फंसी मरीज की कार, ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर किया रेस्क्यू
6 Jul, 2026 03:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, पुणे और पालघर सहित कई जिलों में पिछले चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही इस अतिवृष्टि (भारी बारिश) के कारण कई रिहायशी इलाके और मुख्य सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। इस संकट के बीच पालघर जिले से एक बेहद हैरान और रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जहां स्थानीय लोगों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।
सैलाब के बीच फंसी मरीज और परिजनों की जान
जानकारी के मुताबिक, पालघर के एक ग्रामीण इलाके में सड़क पर बाढ़ का पानी बेहद तेज रफ्तार से बह रहा था। इसी दौरान एक कार इस उफनते पानी को पार करने की कोशिश में बीच मझधार में फंस गई। इस कार में एक गंभीर रूप से बीमार मरीज और उनके परिवार के दो अन्य सदस्यों समेत कुल तीन लोग सवार थे। पानी का स्तर और बहाव इतनी तेजी से बढ़ा कि कार पूरी तरह जाम हो गई और बहने की कगार पर पहुंच गई।
देवदूत बनकर आगे आए ग्रामीण, जोखिम में डाली जान
कार को पानी के तेज बहाव के बीच असहाय फंसा देख आसपास के गांवों के लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए। हालात बेहद खतरनाक थे और पानी का करंट इतना ज्यादा था कि जरा सी चूक किसी की भी जान ले सकती थी। लेकिन अपनी जान की परवाह न करते हुए करीब 8 से 10 साहसी ग्रामीण उफनते पानी के बीच सड़क पर उतर गए।
रस्सी के सहारे खींची कार, सुरक्षित बचाई तीनों जानें
ग्रामीणों ने तुरंत एक मोटी और मजबूत रस्सी का इंतजाम किया। कुछ युवकों ने सूझबूझ दिखाते हुए रस्सी का एक सिरा कार के अगले हिस्से में बांधा और फिर सभी ने मिलकर अपनी पूरी ताकत से कार को पानी के विपरीत बहाव से बाहर खींचना शुरू किया। ग्रामीणों की इस भारी मशक्कत के बाद कार को सुरक्षित सूखी जमीन पर लाया गया, जिससे कार में सवार मरीज और अन्य दोनों लोगों की जान समय रहते बच सकी।
महाराष्ट्र के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
इस बीच, मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और पालघर सहित राज्य के तटीय इलाकों में अगले 24 से 48 घंटों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले रास्तों या उफनते नालों-नदियों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं और बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
रत्नागिरी रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला, भारी बारिश में छत का हिस्सा गिरा
6 Jul, 2026 01:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश का कहर लगातार जारी है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। आर्थिक राजधानी मुंबई और इसके आस-पास के इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और भारी जलभराव के कारण लोकल ट्रेनें, सड़क यातायात और हवाई यात्राएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसी बीच कोंकण क्षेत्र के रत्नागिरी रेलवे स्टेशन से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां भारी बारिश के दबाव के चलते स्टेशन की छत का लगभग 50 फीट लंबा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत यह रही कि खराब मौसम की वजह से उस समय वहां यात्रियों की भीड़ कम थी, जिसके चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया और कोई हताहत नहीं हुआ।
मात्र दो साल पहले बनी छत ढही, निर्माण पर उठे सवाल
रत्नागिरी रेलवे स्टेशन पर हुए इस हादसे ने रेल प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, स्टेशन की छत के जिस हिस्से को भारी बारिश का पानी भी नहीं झेल पाया, उसका जीर्णोद्धार (नवीनीकरण) महज दो साल पहले ही किया गया था। इतनी जल्दी नए ढांचे का ढह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री में बड़ी लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यातायात और उड़ानों पर ब्रेक, थम गई रफ्तार
मुंबई और कोंकण क्षेत्र में हो रही इस रिकॉर्डतोड़ बारिश का सीधा असर परिवहन सेवाओं पर पड़ा है। रेल पटरियों पर पानी भर जाने से कई लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट बदले गए हैं और कुछ को रद्द करना पड़ा है। इसके साथ ही, विजिबिलिटी (दृश्यता) कम होने और जलभराव के चलते मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानों में देरी हो रही है। सड़कों पर गाड़ियां रेंगने को मजबूर हैं, जिससे दफ्तर आने-जाने वाले कामकाजी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन अलर्ट, यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी
इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने रत्नागिरी स्टेशन पर मलबे को हटाने और मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें और यात्रा करने से पहले ट्रेनों व उड़ानों की लाइव स्थिति (स्टेटस) जरूर चेक कर लें। संवेदनशील और जलभराव वाले इलाकों में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है।
आखिरी सेकंड में पायलट ने रोका विमान, रनवे पर कुत्ता आने से टला बड़ा हादसा
4 Jul, 2026 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार दोपहर एक बहुत बड़ा विमान हादसा होने से बाल-बाल बच गया। पुणे से जयपुर (Rajasthan) के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रही 'एअर इंडिया एक्सप्रेस' की फ्लाइट (IX-2458) रनवे पर टेक-ऑफ के लिए पूरी रफ्तार पकड़ चुकी थी। विमान आसमान में उठने ही वाला था कि तभी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की पैनी नजर रनवे पर आ गए एक आवारा कुत्ते पर पड़ी। एटीसी ने बिना एक सेकंड गंवाए तुरंत इमरजेंसी वॉर्निंग (चेतावनी) जारी की, जिसके बाद मुस्तैद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए आखिरी सेकंड में विमान के इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए।
एटीसी की तत्परता और पायलट के कड़े फैसले से बची 120 यात्रियों की जान
यह खौफनाक वाकया शुक्रवार दोपहर ठीक 3 बजकर 15 मिनट पर हुआ। जब एअर इंडिया एक्सप्रेस की जयपुर जाने वाली फ्लाइट रनवे पर अपनी पूरी गति में थी। अचानक लगे तेज झटके और इमरजेंसी ब्रेक के कारण विमान में सवार सभी 120 यात्री बुरी तरह सहम गए और केबिन के अंदर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अगर एटीसी सही समय पर कुत्ते को नहीं देखता या पायलट ब्रेक लगाने में एक सेकंड की भी देरी करता, तो तेज रफ्तार विमान रनवे से फिसलकर बड़े हादसे का शिकार हो सकता था।
पार्किंग बे में वापस ले जाया गया विमान, तकनीकी जांच के बाद भरी उड़ान
इमरजेंसी ब्रेक लगाए जाने के बाद विमान को रनवे पर ही सुरक्षित रोक लिया गया। इसके बाद प्रोटोकॉल के तहत एअर इंडिया एक्सप्रेस के इस विमान को वापस रनवे से हटाकर पार्किंग बे (पार्किंग एरिया) में ले जाया गया। चूंकि इतनी तेज रफ्तार में अचानक ब्रेक लगाने से विमान के टायरों और ब्रेक सिस्टम पर भारी दबाव पड़ता है, इसलिए इंजीनियरों की टीम ने पूरे एयरक्राफ्ट की गहन तकनीकी जांच (Technical Inspection) की।
सभी सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरा उतरने और ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद, फ्लाइट ने अपने निर्धारित समय से लगभग 100 मिनट (पौने दो घंटे) की देरी से जयपुर के लिए सुरक्षित उड़ान भरी। इस घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट परिसरों में सुरक्षा और आवारा जानवरों की आवाजाही को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेड अलर्ट पर मुंबई, मूसलाधार बारिश के साथ तूफानी हवाओं और हाई टाइड का खतरा
4 Jul, 2026 11:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महानगर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार के लिए 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए मुंबई और उसके सैटेलाइट शहरों में अत्यंत भारी वर्षा, 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की गंभीर चेतावनी दी है। मौसम के इस आक्रामक रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन एडवाइजरी जारी की है, जिसमें नागरिकों से बेहद सतर्क रहने और बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की गई है।
मौसम विभाग का रेड अलर्ट और भारी बारिश के आंकड़े
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, सप्ताहांत के दौरान मुंबई के शहरी और उपनगरीय इलाकों में मूसलाधार से अति-मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। बीते 24 घंटों में ही महानगर के कई हिस्सों में 100 मिलीमीटर से अधिक पानी बरस चुका है। बीएमसी के नियंत्रण कक्ष से मिले डेटा के अनुसार, आइलैंड सिटी में औसतन 99 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 98 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 94 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। सबसे ज्यादा असर बांद्रा के एच-वेस्ट वार्ड में देखा गया, जहां रिकॉर्ड 150.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि परेल, विक्रोली और घाटकोपर जैसे निचले इलाकों में भी भारी जलभराव का संकट मंडरा रहा है।
समुद्र में हाई टाइड की चुनौती और यातायात की स्थिति
बारिश के इस कहर के बीच मुंबई के सामने सबसे बड़ी चुनौती समुद्र में उठने वाला हाई टाइड है। शनिवार दोपहर को समुद्र में 4.26 मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है, जिसके भारी बारिश के साथ मिलने पर निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि वर्तमान में मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनें और बेस्ट की बस सेवाएं संचालित हो रही हैं। इसके बावजूद, पटरियों पर पानी जमा होने के कारण उपनगरीय ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है और वे अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जिससे कामकाजी यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक मुस्तैदी और नागरिकों को सलाह
इस मौसमी संकट से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। प्रशासन ने समुद्र तटीय पर्यटन स्थलों और चौपाटी पर लोगों के जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाले रास्तों, खुले मैनहोल और बिजली के खंभों से दूर रहें। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ घंटों तक बारिश का यह आक्रामक दौर थमता नजर नहीं आएगा, इसलिए किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना और घरों के भीतर सुरक्षित रहना ही सबसे बेहतर उपाय है।
मेयर बनाम पूर्व मेयर! ऋतु तावड़े और किशोरी पेडणेकर के विवाद ने पकड़ा तूल
4 Jul, 2026 11:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी के सियासी गलियारों में उस समय सरगर्मी बढ़ गई, जब मुंबई की वर्तमान महापौर ऋतु तावड़े ने पूर्व मेयर और मुंबई महानगरपालिका (BMC) में नेता प्रतिपक्ष किशोरी पेडणेकर पर बेहद गंभीर आरोप मढ़े। महापौर ऋतु तावड़े का दावा है कि पूर्व मेयर किशोरी पेडणेकर कुछ लोगों के साथ अनधिकृत रूप से उनके सरकारी दफ्तर में दाखिल हुईं और वहां रखे अत्यंत महत्वपूर्ण व गोपनीय शासकीय दस्तावेजों की वीडियो रिकॉर्डिंग करने के साथ-साथ उनकी तस्वीरें खींचने का प्रयास किया। इस कथित सुरक्षा चूक और मर्यादा उल्लंघन को लेकर वर्तमान महापौर ने आजाद मैदान पुलिस थाने में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया है।
महापौर की अनुपस्थिति में कार्यालय में प्रवेश और बहस का आरोप
मेयर ऋतु तावड़े ने घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार दोपहर लगभग 3:45 बजे वे जमीनी स्तर पर मानसून की तैयारियों और मैनहोल के निरीक्षण कार्यों की निगरानी के लिए दफ्तर से बाहर थीं। इसी दौरान उनकी गैर-मौजूदगी में विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर अपने सहयोगियों के साथ वहां पहुंचीं। तावड़े ने आरोप लगाया कि पेडणेकर ने वहां तैनात दफ्तर के कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा में बहस की, उन्हें डराने का प्रयास किया और पूरे कार्यालय परिसर की वीडियोग्राफी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही प्रतिपक्ष की नेता मुख्य केबिन में न जाने का दावा करें, परंतु प्रवेश द्वार से लगा पूरा परिसर महापौर कार्यालय का ही हिस्सा है जहां बेहद संवेदनशील सरकारी फाइलों पर काम होता है, और उनकी तस्वीरें लेना पूरी तरह गैर-कानूनी है।
पूर्व मेयर ने आरोपों को बताया निराधार और बचकाना
दूसरी तरफ, विपक्ष की नेता और पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर ने अपने ऊपर लगे इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से निराधार और बचकाना करार दिया है। उन्होंने अपने बचाव में तर्क दिया कि वर्तमान महापौर से उनका कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि वे केवल अपने एक पुराने पत्र की स्थिति (स्टेटस) जानने के लिए वहां गई थीं। पेडणेकर के मुताबिक, उन्होंने मुंबई में मानसून के दौरान होने वाले हादसों और जलजमाव की स्थिति पर चर्चा के लिए बीएमसी की एक विशेष जनरल बॉडी मीटिंग (सदन की बैठक) बुलाने का आग्रह करते हुए मेयर को पत्र लिखा था, जिसका लंबे समय से कोई जवाब न मिलने के कारण उन्हें स्वयं दफ्तर जाना पड़ा।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी और मानसून बैठकों पर विवाद
किशोरी पेडणेकर ने पूर्व मेयर होने के नाते अपने अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि सामान्यतः किसी भी जनप्रतिनिधि के पत्र का उत्तर आठ दिनों के भीतर मिल जाना चाहिए, परंतु नागरिक प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण वे सिर्फ जवाबदेही तय करने वहां पहुंची थीं। इस पलटवार पर कड़ा रुख अपनाते हुए मेयर ऋतु तावड़े ने कहा कि मानसून प्रबंधन और जलापूर्ति जैसे गंभीर विषयों पर बीएमसी सदन में पहले ही देर रात तक चली बैठक में विस्तृत चर्चा की जा चुकी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पत्र के बारे में जानकारी हासिल करना किसी भी नेता का अधिकार हो सकता है, लेकिन मेयर कार्यालय की आंतरिक व्यवस्था और गोपनीय फाइलों की तस्वीरें कैमरे में कैद करना नियमों का घोर उल्लंघन है, जिसके खिलाफ वे कानूनी कदम उठाने जा रही हैं।
हत्याकांड की सुनवाई के बीच सिया गोयल के कथित व्यवहार पर फिर उठे सवाल
3 Jul, 2026 11:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। महाराष्ट्र के हाई-प्रोफाइल केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल एक बार फिर देश भर में चर्चा का विषय बन गई है। इस बार सुर्खियां पुलिस की जांच को लेकर नहीं, बल्कि मीडिया के साथ किए गए उसके बेहद आपत्तिजनक और असंवेदनशील व्यवहार के कारण हैं। पुलिस कस्टडी के दौरान जब आरोपी सिया को ले जाया जा रहा था, तब उसने कैमरे की तरफ देखकर अश्लील इशारा किया। यह पूरी अभद्र घटना वहां मौजूद कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पुणे के मार्केट यार्ड में जांच के दौरान हुई घटना
यह वाकया उस समय का है जब पुलिस टीम जांच के सिलसिले में सिया गोयल को पुणे के मार्केट यार्ड स्थित उसके आवास पर लेकर पहुंची थी। चेहरे पर प्रिंटेड स्कार्फ बांधे और काले रंग की टी-शर्ट पहने सिया को जब पुलिस घर से बाहर निकाल रही थी, तभी उसने सामने खड़े मीडियाकर्मियों को देखकर कैमरों के सामने यह अमर्यादित हरकत कर दी। हत्या जैसे संगीन मामले की आरोपी होने के बावजूद उसके चेहरे पर न तो कोई पछतावा था और न ही कानून का कोई डर, जिसकी इंटरनेट पर लोग कड़ी निंदा कर रहे हैं।
हादसे की झूठी कहानी और लोहगढ़ किले का खूनी सच
पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून को पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहगढ़ किले की पहाड़ी से धकेलकर मशहूर कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या कर दी थी।
शुरुआत में सिया ने इसे एक साधारण हादसा बताते हुए दावा किया था कि केतन का पैर फिसल गया था। पुलिस ने पहले इसे एक्सीडेंटल डेथ (आकस्मिक मौत) के रूप में दर्ज किया था, लेकिन पूछताछ के दौरान सिया के बयानों में आए विरोधाभास और उसके संदिग्ध रवैये ने पुलिस का शक बढ़ा दिया। कड़ाई से की गई जांच और पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने इस मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश करते हुए सिया और चेतन को सोची-समझी साजिश के तहत हत्या करने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया।
नवंबर में होनी थी शादी, प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश
पुलिस की तफ्तीश में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। मृतक केतन अग्रवाल और आरोपी सिया गोयल की सगाई हो चुकी थी और दोनों परिवारों की रजामंदी से इसी साल नवंबर में उनकी शादी होने वाली थी। हालांकि, सिया का प्रेमी चेतन चौधरी इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था। वह केतन को अपने और सिया के बीच का कांटा समझता था, जिसके बाद दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान तैयार किया।
झाड़ियों की वजह से पहली बार बच गई थी जान
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह केतन को मारने की दूसरी कोशिश थी। इससे पहले 14 जून को भी सिया ने केतन को उसी किले से नीचे गिराने की कोशिश की थी, लेकिन तब किस्मत अच्छी थी और केतन पहाड़ी के किनारे उगी झाड़ियों को पकड़कर लटक गया और उसकी जान बच गई। उस समय पकड़े जाने के डर से सिया ने वहां सांप होने का नाटक किया और केतन को यह भरोसा दिलाने में कामयाब रही कि वह सिर्फ उसे बचा रही थी।
आज वडगांव कोर्ट में होगी दोनों आरोपियों की पेशी
विश्वास जीतने के बाद सिया दोबारा केतन को उसी लोहगढ़ किले पर ले गई, जहां उसका प्रेमी चेतन चौधरी पहले से घात लगाकर बैठा था। मौका मिलते ही दोनों ने मिलकर केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस बर्बर हत्याकांड के दोनों आरोपियों को अब वडगांव कोर्ट में पेश किया जाएगा। जहां एक तरफ पुणे ग्रामीण पुलिस आरोपियों की रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी, वहीं बचाव पक्ष उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील कर सकता है।
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