मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के मुलताई में रात में भूकंप के झटके, 2.8 तीव्रता से दहशत में लोग
21 May, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई में शनिवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. इससे आधी रात को इलाके में हड़कंप मच गया. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि घरों में रखे बर्तन, पंखे और फर्नीचर हिलने लगे, जिसके बाद लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए. भूकंप का असर खास तौर पर इंदिरा गांधी वार्ड में ज्यादा महसूस किया गया. भूकंप का केंद्र मुलताई से कुछ किलोमीटर दूर जमीन के अंदर बताया जा रहा है. हालांकि, हल्की तीव्रता वाले इस भूकंप से किसी तरह के नुकसान या जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लोगों में दहशत का माहौल है. ताजा जानकारी के मुताबिक, भूकंप रात साढ़े नौ बजे आया. मुलताई के स्थानीय निवासी रमेश वर्मा ने बताया, 'अचानक भूकंप के झटके लगे और सोफा, फ्रिज और बिस्तर जैसे घरेलू सामान हिलने लगे. हम डर गए और तुरंत बाहर भागे.'
क्यों आया भूकंप:
जूलॉजिकल स्टडी ऑफ इंडिया के निदेशक सत्येंद्र सिंह के अनुसार बैतूल मध्य भारत टेक्टोनिक जोन में आता है, जहां टेक्टोनिक डिस्टर्बेंस के कारण छोटे-मोटे भूकंप आने की संभावना बनी रहती है। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद बेसाल्टिक क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन अगर यह टेक्टोनिक गतिविधि का नतीजा है तो भविष्य में बड़ी गतिविधि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रशासन हरकत में:
प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लिया है और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि प्रशासनिक अमला भूगर्भशास्त्रियों की राय ले रहा है और जल्द ही आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय अधिकारियों को दें।
म्यांमार की यादें ताजा:
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब 28 मार्च को म्यांमार में 7.7 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई थी। वैज्ञानिकों ने भी हिमालय क्षेत्र में बड़े भूकंप की चेतावनी दी है। बैतूल में पिछले साल सितंबर में 4.2 तीव्रता का भूकंप भी आया था, जिसके बाद से इलाके में भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से भूकंप रोधी उपाय अपनाने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है।
हाथी उत्पात: मोहन यादव ने जांच के दिए निर्देश, शहडोल में बढ़ी सतर्कता
21 May, 2025 09:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शहडोल: ब्यौहारी वनपरिक्षेत्र अंतर्गत सोमवार को जंगली हाथियों का आतंक देखने को मिला, जिसमें 2 हाथियों ने अलग-अलग जगह पर 3 लोगों को एक ही दिन में कुचलकर मौत के घाट उतार दिया. उसके बाद अब वन विभाग की टीम हाई अलर्ट मोड पर आ गई है. सोमवार को सनौसी और डोडा के जंगल में हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी जांच के निर्देश दिए हैं.
घटना वाले इलाके में बढ़ाई गई गश्त
शहडोल जिले के ब्यौहारी वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों के हमले से 3 ग्रामीणों की मौत के बाद वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. जिन इलाकों में हाथियों ने आतंक मचाया और ये घटना घटी वहां पर गश्ती बढ़ा दी गई है. इसके साथ ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया से 30 सदस्यीय रेस्क्यू दल भी भेजा गया है, जिसमें 2 हाथी दल और पिंजरा भी शामिल है.
वन विभाग ने जांच के लिए बनाई स्पेशल टीम
वन विभाग ने 8 सदस्यीय विशेष टीम गठित की है, जिसमें संजय गांधी टाइगर रिजर्व और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, उपसंचालक और डॉक्टर शामिल हैं. टीम ने रेस्क्यू के लिए 2 हाथियों को चिन्हित भी कर लिया है. संजय टाइगर रिजर्व की टीम इन हाथियों पर निगरानी रख रही है. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक पी के वर्मा ने बताया, "रेस्क्यू टीम पूरी तरह तैयार है और सतर्क है. निगरानी के साथ रेस्क्यू अभियान भी चलाया जाएगा."
विकसित मध्यप्रदेश @2047 दृष्टिपत्र पर मंत्रि-परिषद का मंथन
20 May, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष पर राजवाड़ा इंदौर में विकसित मध्यप्रदेश @2047 दृष्टिपत्र पर मंत्रि-परिषद ने मंथन किया। लोकमाता देवी अहिल्याबाई के आदर्शो और मूल्यों अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश बनाने के लक्ष्यों और प्रक्रिया पर सदस्यों की विस्तृत चर्चा हुई। वर्ष 2047 तक प्रदेश का समेकित विकास करते हुए सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को 15.03 लाख करोड़ से बढ़ाकर 250 लाख करोड़ (2 ट्रिलियन डॉलर) करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को एक लाख 60 हजार रूपये से बढ़ाकर 22 लाख रूपये करने का भी लक्ष्य रखा गया है।
अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि दृष्टि पत्र में वर्ष 2047 में एक समृद्ध मध्यप्रदेश की परिकल्पना की गयी है जो कि सभी के सामूहिक प्रयासों से संपन्न, सुखद और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश की नींव पर निर्मित होगा। इस प्रकार वर्ष 2047 का मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणा मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास के अनुसरण से निर्मित होगा। मध्यप्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने एवं प्रदेश के समग्र सामाजिक आर्थिक विकास के उद्देश्य से हितधारक परामर्श एवं जन सहयोग से विकसित मध्यप्रदेश@2047 दृष्टि पत्र को तैयार किया गया है। दृष्टि पत्र को धरातल पर वास्तविक रूप से साकार करने के लिए रोडमैप का मंत्रि-परिषद के सदस्यों के समक्ष सम्बंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन दिया।
दृष्टि पत्र में वर्ष 2047 में अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों के बारे में विस्तृत रूप से मंत्रि-परिषद के सदस्यों को अवगत कराया गया। 8 थीमैटिक ग्रुप्स में उद्योग, कृषि एवं सम्बंधित क्षेत्र तथा वनोत्पाद, सेवाएं और अधोसंरचना एवं नगरीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुशासन एवं नागरिक सेवाओं का प्रदाय और वित्तीय नियोजन एवं संवर्धन पर प्रेजेंटेशन दिया गया। मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
मंत्रि-परिषद के सदस्यों को बताया गया कि मध्यप्रदेश @2047 दृष्टिपत्र के क्रियान्वयन के लिए उच्च स्तरीय क्रियान्वयन समिति का गठन किया जायेगा। राज्य के सभी विभागों की योजनाओं, लक्ष्यों एवं कार्य बिंदुओं की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी। साथ ही लाइव डैशबोर्ड भी बनाया जाएगा।
शत-प्रतिशत साक्षरता , नवकरणीय ऊर्जा को 75 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य
मध्यप्रदेश @2047 दृष्टिपत्र अनुसार वर्तमान में राज्य की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। सकल घरेलू उत्पाद में कृषि 43%, सेवाएं 36 और उद्योग 21% योगदान देते हैं। वर्ष@2047 तक उद्योगों और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देकर, रोजगार के अवसर सृजित कर अर्थव्यवस्था को संतुलित करते हुए जीडीपी में कृषि का योगदान 24-28%, उद्योग का योगदान 21-25% और सेवाओं का योगदान 49-53 % तक लाने का प्रयास किया जायेगा। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए प्रति व्यक्ति औसत आयु को 67.4 वर्ष से बढ़ाकर वर्ष @ 2047 तक 84 वर्ष से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया। साथ ही साक्षरता दर को 75.2% से बढ़ाकर वर्ष@ 2047 तक 100 प्रतिशत करने का प्रयास किया जाएगा। ऊर्जा के क्षेत्र में कुल ऊर्जा स्त्रोत में नवकरणीय ऊर्जा का प्रतिशत 22.5 से बढ़ाकर 75% से अधिक किया जाएगा।
मध्यप्रदेश@2047 दृष्टि पत्र के निर्माण का कालक्रम
देश के 75 वें स्वतंत्रता दिवस भाषण में, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने का प्रयास किये जाने का आह्वान किया गया था। इसे साकार करने के लिए विकसित मध्यप्रदेश @2047' दृष्टि पत्र बनाने का निर्णय लिया गया था। विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मध्यप्रदेश के योगदान को सुनिश्चित करने, मध्यप्रदेश संकल्प पत्र-2023' के लक्ष्यों की पूर्ति करने एवं राज्य के समग्र विकास को दिशा देने के लिए विकसित मध्यप्रदेश @2047 दृष्टिपत्र तैयार किया गया।
"विकसित मध्यप्रदेश @ 2047" विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने में अप्रैल 2024 में नीति आयोग, भारत सरकार से प्रारम्भिक चर्चा की गयी। माह मई से सितम्बर 2024 के मध्य अपर मुख्य सचिव / प्रमुख सचिव/ सचिव स्तर के 8 थीमेटिक समूहों में व्यापक परिचर्चा के बाद विकसित भारत@2047 के लिए मध्यप्रदेश के सुझाव और अभिमत नीति आयोग को प्रेषित किये गए। नवंबर 2024 में सीईओ नीति आयोग एवं मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भोपाल में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में लिए गए निर्णय अनुसार और नीति आयोग के मार्गदर्शन में राज्य स्तर पर व्यापक विचार-विमर्श प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इसमें जनप्रतिनिधियों के सुझाव, विषय विशेषज्ञों के साथ चर्चा, जिलों में जनसंवाद कार्यक्रम, निबंध प्रतियोगिता, नागरिक सर्वेक्षण, उद्योग संगठनों के साथ चर्चा, शिक्षाविदों के साथ चर्चा और फील्ड विजिट शामिल रही।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार समिति गठित की गई, जिसके मार्गदर्शन में 8 थीमैटिक ग्रुप्स का गठन किया गया। 8 थीमैटिक गुप्स में उद्योग, कृषि एवं सम्बंधित क्षेत्र तथा वनोत्पाद, सेवाएं, अधोसंरचना एवं नगरीय विकास, शिक्षा, स्वास्थय, सुशासन एवं नागरिक सेवाएं प्रदाय और वित्तीय नियोजन एवं संवर्धन को शामिल किया गया। प्रत्येक ग्रुप द्वारा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता और अन्य हितधारकों के सुझावों का समावेशन सुनिश्चित करते हुए दृष्टि पत्र तैयार किया गया है।
प्रदेश में जल संवर्धन अभियान में जनता और प्रशासन की संयुक्त भागीदारी
20 May, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं के निर्माण और साफ-सफाई के कार्य में निरंतर तेजी आती जा रही है। अभियान में जन-भागीदारी और प्रशासनिक अमला संयुक्त रूप से मिलकर भागीदारी कर रहा है। नदी, तालाबों और चेकडेम की सफाई के साथ बोरी-बंधान के कार्य भी किये जा रहे हैं।
कलेक्टर ने बोरी बंधान कार्य में निभाई सहभगिता
शहडोल जिले के मुड़ना नदी में ग्राम जोधपुर में स्टाप डैम में बोरी बंधान से नदी का जल क्षेत्र 12 घंटे के अंदर हुआ लबालब। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तहसील सोहागपुर के ग्राम जोधपुर से बहने वाली मुड़ना नदी की जलधारा सूख सी गई थी। पूर्व से बनाए गए स्टाप डैम में जन अभियान परिषद की ग्राम जोधपुर की प्रस्फुटन समिति तथा ग्राम पंचायत ने स्टाप डैम में बोरी बंधान करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों के निर्णय से प्रभावित होकर कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, एसडीएम सोहागपुर अरविंद शाह और जन सामान्य ने गांव में पहुंचकर श्रमदान किया। बोरी बंधान से धीरे-धीरे मुड़ना नदी के बहाव क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने लगा जिसे देखकर ग्रामीण जन प्रसन्न हो गए। पानी भर जाने से गांव के पशु-पक्षियों को पीने का पानी तथा ग्रामीण जनों को निस्तार के लिये पानी की सुविधा उपलब्ध हो गई है।
जल का अपव्यय रोकने को किया प्रेरित
श्योपुर जिले में कलेक्टर अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पीएचई विभाग द्वारा गांव-गांव में लोगों को नलो में टोटियां लगाकर जल का अपव्यय रोकने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत छीताखेडली में नल कनेक्शन में टोटी लगाकर पानी व्यर्थ न फैलाने के लिए ग्राम वासियों को प्रेरित किया गया। ऐसे नल जिनमें टोटियां नही लगी थी, उनमें टोटियां लगाई गई। इस अवसर पर जल संरक्षण के लिए शपथ भी दिलाई गई।
जल की एक-एक बूंद बचाने का दिया जा रहा संदेश
देवास जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान’’ में नगर निगम देवास द्वारा मीठा तालाब की सफाई की गई। नगरीय निकायों एवं प्रत्येक ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जिले में जल की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए 30 जून 2025 तक अभियान जारी रहेगा। अभियान के माध्यम से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम देवास द्वारा देवास के राजोदा स्थित मीठा तालाब की साफ-सफाई की गई तथा तालाब सौंदर्यीकरण भी किया गया। इसी क्रम में नगर निगम देवास द्वारा आलोट पायगा स्कूल के कुएं की साफ-सफाई की गई। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों से जिले में बारिश के दिनों में पानी संग्रहित होगा तथा वाटर लेवल भी बढ़ेगा।
प्राचीन बावड़ी का हो रहा है कायाकल्प
उज्जैन जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरुप जिले में जल गंगा जल संवर्धन अभियान का योजनाबद्ध क्रियान्वयन किया जा रहा है। गौरतलब है की जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य जन भागीदारी से जल संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है। इस अभियान के अंतर्गत समाज की भागीदारी एवं विभिन्न सहभागी विभागों की समेकित पहल से मुख्यतः नवीन जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण, भू-जल संवर्धन, पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में स्थित प्राचीन जल के स्रोत- बावड़ी, कुए और कुंड की साफ-सफाई कर उनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसी क्रम में तराना जनपद की ग्राम पंचायत कायथा में स्थित प्राचीन बावड़ी का भी अभियान के अंतर्गत कायाकल्प किया जा रहा है।
इस बावड़ी का निर्माण देवी अहिल्या बाई होल्कर द्वारा लगभग 300 वर्ष पूर्व कराया गया था। इस निर्माण में किसी भी प्रकार के चूना, सीमेंट और केमीकल का उपयोग नहीं किया गया था। बावड़ी निर्माण में पत्थरों की जमावट विशिष्ट तरीके से कि गई जिससे बावड़ी अपने मूल स्वरूप में आज भी सुरक्षित है। बावड़ी प्राचीन होने के बावजूद भी अपने वर्तमान स्वरूप में अच्छी स्थिति में है। प्राचीन समय में बावड़ी में उपलब्ध पानी का उपयोग पेयजल के लिए किया जाता था साथ ही बावड़ी के समीप ग्रामीणजन पूजा भी करते है। कायथा बावड़ी के जीर्णोद्धार के लिये 50 हज़ार रुपए की लागत से गाद निकालने और मुण्डेर की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है।
मल्हारगढ में पेयजल पाईप लाईन दुरुस्ती का कार्य
मंदसौर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य नदी, तालाब, पुरानी बावड़ी सार्वजनिक कुंआ की स्वच्छता और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में नगर परिषद मल्हारगढ में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वार्ड क़मांक-2 में ईदगाह मार्ग पर पेयजल पाईप लाईन दुरुस्ती और शिप्टिंग का कार्य किया गया।
ग्राम ठकुर्रा में स्वच्छता गतिविधि
छतरपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिले में जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, संरक्षण और जल संवर्धन के लिए सामूहिक रूप से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में जिलेभर में गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड गौरिहार के ग्राम ठकुर्रा में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कैल नदी में साफ-सफाई एवं शपथ का आयोजन किया गया।
घुघरी में जल संरक्षण कार्यों का किया गया निरीक्षण
मंडला जिले में सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कूमट ने विकासखंड घुघरी के ग्राम पंचायत डोंगर मंडला का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत चल रहे विभिन्न जल संरक्षण कार्यों का जायजा लिया। सीईओ जिला पंचायत कूमट ने निर्माणाधीन खेत तालाब, डग वेल रिचार्ज और कूप मरम्मत कार्यों को देखा। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण के कार्यों में सामुहिक श्रमदान की अपील की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय को दी किंग कोबरा (मेल) की सौगात
20 May, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की नगरी इंदौर में आयोजित होने वाली मंत्री परिषद की बैठक से पहले आज सुबह कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय का भ्रमण किया। उन्होंने यहां पर किंग कोबरा (मेल) की सौगात भी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्नाटक के पीलीकुला बायोलॉजिकल पार्क से लाए गए किंग कोबरा (मेल) को स्नैक पार्क में छोड़ा। इंदौर किंग कोबरा का प्राकृतिक आवास नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिड़ियाघर प्रबंधन द्वारा किंग कोबरा (मेल) के लिए बनाए गए आवास की सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार बेहतर इको-सिस्टम के लिए सर्प संरक्षण करने को किंग कोबरा की ब्रीडिंग हेतु चिड़ियाघर में विशेष फेसिलिटी बनाई गई हैं। अभी तक प्राणी संग्रहालय में मादा किंग कोबरा थी, अब नर किंग कोबरा के आने से प्राकृतिक रूप से ब्रीडिंग हो सकेगी जो इको-सिस्टम के लिए लाभप्रद सिद्ध होगी।
किंग कोबरा अपनी लंबाई, ज़हर और अनोखे व्यवहार के लिए जाना जाता है। किंग कोबरा दुनिया का सबसे लंबा विषैला सर्प है, जिसकी लंबाई 18 फीट तक हो सकती है। किंग कोबरा को सबसे बुद्धिमान साँपों में से एक माना जाता है, क्योंकि यह परिस्थितियों के अनुसार अपने शिकार करने की रणनीति बदलता है। मादा किंग कोबरा अन्य साँपों से अलग होती हैं क्योंकि वे घोंसला बनाकर अंडों को सेती हैं। किंग कोबरा जैव विविधता और इको-सिस्टम के लाभदायक होते है और किसानों के मित्र कहे जाते हैं।
बर्ड पार्क का भ्रमण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राणी संग्रहालय में स्थित बर्ड पार्क का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री बर्ड पार्क में पक्षियों की विविधता और विभिन्न प्रजातियों को देख कर प्रसन्न हुए। उन्होंने पक्षियों को स्वयं दाना खिलाया। इसके अतिरिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिड़ियाघर के भ्रमण के दौरान शुतुरमुर्ग, पॉकेट मंकी और अन्य प्राणियों को निहारा।
चिड़ियाघर के भ्रमण में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, अन्य जनप्रतिनिधि और चिड़ियाघर निदेशक डॉ. उत्तम यादव एवं उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होल्कर साइंस कॉलेज के विद्यार्थियों से किया संवाद
20 May, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर के राजवाड़ा में होने वाली ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक के पहले होल्कर साइंस कॉलेज का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने हार्टिकल्चर लैब का अवलोकन एवं फिजिकल एजुकेशन विंग के विद्यार्थियों से चर्चा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होल्कर साइंस कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद किया। यह क्षण विद्यार्थियों के लिए शुभाशीष से कम नहीं था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने सामने पाकर विद्यार्थियों के चेहरे की खुशी अलग ही दिख रही थी, चारों तरफ खुशी का माहौल था।
खेल के प्रति किया प्रोत्साहित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगा कर पढ़ाई करने एवं खेल कूद गतिविधियों में सहभागिता करने के लिये प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं, विद्यार्थियों के लिए विभिन्न खेल गतिविधियों में सुविधाओं का विस्तार कर रही है। हमारे होनहार खिलाड़ियों ने प्रदेश का नाम रोशन किया है।
कृषि विकास में अग्रणी राज्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि विकास और विस्तार की संभावनाओं से भी विद्यार्थियों को रू-ब-रू कराया। उन्होंने शासन की कृषि संबंधी मुख्य योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश कृषि विकास में अग्रणी राज्य की भूमिका अदा करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद के दौरान महाविद्यालयीन विद्यार्थियों से सवाल-जवाब भी किए। विद्यार्थियों द्वारा बड़े उत्साह के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब भी दिया गया। विद्यार्थियों ने बताया कि महाविद्यालय की ओर से खेल गतिविधियों के तहत हमें पचमढ़ी और मनाली शिविर में ट्रैकिंग सहित अन्य गतिविधियां करवाई गई। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाया।
3 हजार 867 करोड़ रूपये की योजना और निर्माण कार्यों की स्वीकृति
20 May, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के 300 वें जयंती वर्ष पर उनके आदर्शो और मूल्यों को समर्पित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक इंदौर में राजवाड़ा के दरबार हॉल में हुई। मंत्रि-परिषद ने 3 हजार 867 करोड़ रूपये की योजना और निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर प्रशिक्षण कार्यकम योजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दी। इसमें युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जायेगे। योजना में जरूरतमंद व्यक्ति बैंक ब्याज में एक हजार रुपए प्रतिवर्ष छूट के साथ पूरे जीवनकाल के लिए अधिकतम 10 हजार रूपये प्रति व्यक्ति ऋण के ब्याज पर छूट प्राप्त कर सकेगा। प्रतिवर्ष योजना पर लगभग 100 करोड़ रूपए का व्यय किया जायेगा।
मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम- 2025 की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने "मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम-2025" को स्वीकृत करने का निर्णय लिया हैं। अधिनियम-2025 लागू होने के बाद "महानगर योजना समिति" एवं "महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण" का गठन किया जा सकेगा। साथ ही प्रदेश में "इंदौर-उज्जैन-देवास-धार" एवं "भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़)" के लिए महानगर योजना समिति एवं महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन राज्य सरकार द्वारा किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भारतीय संविधान में विहित प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों का क्षेत्रीय स्तर पर समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए "महानगर योजना समिति" एवं "महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण" गठित करने के लिए घोषणा की गई थी। महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा "महानगर क्षेत्र" के लिए विकास योजना प्रारूप तैयार कर महानगर योजना समिति से विकास योजना अनुमोदन हेतु राज्य सरकार को प्रेषित की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा महानगर क्षेत्र की विकास योजना को अनुमोदन प्रदान करने के बाद विकास योजना का क्रियान्वयन महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। महानगर क्षेत्र की विकास योजना में ऐसे क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकता अनुसार शैक्षणिक, औद्योगिक, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में विकास हो सकेगा, जिससे कि रोजगार एवं आर्थिक विकास संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता मिशन कार्यक्रम की वित्तीय वर्ष-2028-29 तक निरंतरता की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता मिशन कार्यक्रम की वित्तीय वर्ष-2028-29 तक निरंतरता की स्वीकृति दी। इसमें आगामी 4 वित्तीय वर्षों 2025-26, 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए राज्यांश राशि 167 करोड़ 74 लाख रूपये और निकाय अंशदान राशि 59 करोड़ 31 लाख रूपये, कुल राशि 227 करोड़ 5 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। योजना में राशि का प्रयोग प्रदेश के नगरीय निकायों में सेप्टिक टैंक से निकलने वाले स्लज के परिवहन के लिए डी-स्लजिंग वाहन, सीवर लाईन की सफाई के लिए सफाई उपकरणों, ठोस अपशिष्ट के संग्रहण एवं परिवहन के लिए वाहन तथा नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई मित्रों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण एवं पीपीई किट के लिए अनुदान प्रदान कर तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जायेगा। राज्य स्तर पर संचालित नगरीय स्वच्छता की समस्त गतिविधियों को समेकित कर मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता कार्यक्रम का आरम्भ 28 अगस्त 2012 को किया गया था।
प्रदेश के 04 औद्योगिक क्षेत्र में 249 करोड़ 66 लाख रूपये की लागत से वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में महिला श्रम शक्ति भागीदारी दर को बढ़ाने , बेहतर वातावरण प्रदान करने और महिलाओं के कामकाजी जीवन को आसान बनाने के लिए प्रदेश के 04 औद्योगिक क्षेत्र में 249 करोड़ 66 लाख रूपये की लागत से वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण की स्वीकृति दी है। विक्रम उद्योगपुरी जिला उज्जैन, पीथमपुर सेक्टर-1 एवं 2 जिला धार, मालनपुर घिरौंगी (भिंड) एवं मंडीदीप (रायसेन) में कामकाजी महिला छात्रावासों अन्तर्गत कुल 26 हॉस्टलों और भवनों का निर्माण किया जायेगा। प्रत्येक में 222 बेड की क्षमता होगी। इस प्रकार कुल 5 हजार 572 बेड क्षमता के हॉस्टलों का निर्माण भारत सरकार के सहयोग से औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अन्तर्गत एमपीआईडीसी लि. द्वारा किया जायेगा। भारत सरकार द्वारा "स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस फॉर कैपिटल इंवेस्टमेंट 2024-25" स्कीम में वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण किया जाना है।
वर्किंग वीमेन हॉस्टल्स में आधुनिक सुविधाएं, पर्याप्त पार्किंग, फूड कोर्ट और मनोरंजन तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए स्थान उपलब्ध होगा। कामकाजी महिला छात्रावासों में महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और नौकरी के अवसरों की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जायेगी। रियायती दरों पर भोजन एवं न्यूनतम किराये पर बेड उपलब्ध कराया जायेगा। बुनियादी अधोसंरचनाओं जैसे-पार्किंग, रिक्रिएशनल रूम, पेन्ट्री, डायनिंग एरिया, कॉमन टॉयलेटस, कॉमर्शियल दुकानें इत्यादि सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। कार्यरत महिलाओं के बच्चों की उचित देखभाल के लिए झूला घर का भी प्रावधान किया गया है।
आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण के लिए 2195 करोड़ रूपये से अधिक की पुनरीक्षित स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने 'ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों हेतु सूचकांक में छूट प्रदाय किये जाने और आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत राशि 2195 करोड़ 54 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदाय की है। इस राशि से अद्वैत लोक (संग्रहालय), आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदान्त संस्थान, अद्वैत निलयम, परियोजना सूचना केंद्र, शंकर सेतु और अभय घाट का निर्माण किया जाएगा।
महाराजा यशवंत राव चिकित्सालय परिसर इंदौर और श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा के उन्नयन के लिए 1095 करोड़ रूपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने महाराजा यशवंत राव चिकित्सालय परिसर इंदौर और चिकित्सा महाविद्यालय रीवा के उन्नयन के लिए 1095 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर से संबद्ध महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय परिसर में 773 करोड़ 7 लाख रूपये से प्रस्तावित नवीन चिकित्सालय भवन, मिनी ऑडिटोरीयम, नर्सिंग हॉस्टल, पार्किंग एवं बाह्य विकास कार्य आदि का निर्माण किया जाएगा। रीवा में श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय में ओ.पी.डी. ब्लॉक, मेटरनिटी ब्लॉक, स्टॉफ क्वार्टर, नर्सिंग कॉलेज तथा हॉस्टल एवं अन्य कार्य के लिए 321.94 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
लालबाग के ऐतिहासिक स्थल के सौंदर्यीकरण व पर्यटन संवर्धन हेतु 24 महीने में होगा पुनर्निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
20 May, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इंदौर के ऐतिहासिक स्थल लालबाग पैलेस पहुंचकर होल्कर राजवंश के संस्थापक सूबेदार मल्हारराव होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने 47.59 करोड़ रूपये लागत से लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने लालबाग पैलेस का भ्रमण भी किया, जहां उन्होंने महल की ऐतिहासिक संरचना और सौंदर्य का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के प्रयास कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए बैठक कक्ष, क्राउन हॉल, बैंकेट हॉल, दरबार हॉल, किंग्स ऑफिस, मंत्रणा कक्ष, पश्चिमी बैठक कक्ष, भारतीय भोजन कक्ष पुरुष एवं महिला, बॉल रूम आदि की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। आर्किटेक्ट पुनीत सोहल द्वारा लालबाग पैलेस परियोजना का प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उन्होंने लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास के लिए किए गए कार्य एवं आगामी कार्य योजना से अवगत करवाया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वाकांक्षी कार्य के सफलतापूर्वक पूर्ण होने की कामना व्यक्त की। यह कार्य लालबाग के समृद्ध इतिहास और उसकी पुनः प्रतिष्ठा के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उद्यान और होल्कर्स की विरासत को जीवंत रखने, उद्यान को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधि स्थल के रूप में विकसित करने एवं ऐतिहासिक अवधारणा पर आधारित रचना अनुसार पुनःविकसित करने के उद्देश्य से यह कार्य किया जाएगा। इसके लिए 47.59 करोड़ की स्वीकृति सिंहस्थ मद अंतर्गत प्राप्त हुई है। यह कार्य मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जाएगा। कार्य की समय सीमा 24 माहअर्थात मई 2027 निर्धारित है। इसमें बाउंड्री वाल, पाथवे, पार्किंग, सॉफ्ट स्केपिंग एवं सिंचाई, जनसुविधा, टिकिट काउंटर, उद्यान कैफे, मुक्ताकाश मंच, मंडप,रानी अहिल्या बाई आत्मरक्षा केंद्र (बालिकाओं के लिए), वनस्पति रक्षा ग्रह, बाहरी विद्युतीकरण, सजावटी प्रकाश खंभे, बगीचे के लिए पाइप संगीत प्रणाली, सीसीटीवी आदि का कार्य किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर मंत्रि-परिषद के सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने परियोजना की महत्वता और विकास के प्रति सरकार के संकल्प का समर्थन किया।
प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन 31 मई को भोपाल में
20 May, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर का जीवन समाज, संस्कृति और राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व भारत की अमोल निधि है। लोकमाता के सुशासन के साथ ही न्याय, शिक्षा, समाज कल्याण, धर्म कल्याण, जल संरक्षण और संवर्धन आदि के कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके जीवन से प्रेरणा लेने के लिए इंदौर में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई है। मालवा का गौरवशाली और स्वर्णिम इतिहास रहा है। इसे रेखांकित करने के आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मालवा के ऐतिहासिक व्यक्तित्व मल्हार राव होल्कर, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, बाजीराव आदि को स्मरण करते हुए मालवा की धरती को नमन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के राजवाड़ा के दरबार हाल में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणा वाक्य "विरासत से विकास की ओर" से प्रेरणा लेकर विरासत के संरक्षण और संवर्धन करते हुए विकास की अवधारणा को मूर्त रूप दिया जा रहा है। मंत्रि-परिषद की पहली बैठक जनजातीय वीरांगना रानी दुर्गावती की स्मृति में जबलपुर में आयोजित की गई थी। आज लोकमाता अहिल्याबाई को समर्पित मंत्रि-परिषद की बैठक की जा रही है। उन्होंने कहा कि आगामी 3 जून को पचमढ़ी में जनजातीय राजा भभूत सिंह की स्मृति में मंत्रि-परिषद की बैठक का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में देश में अग्रणी प्रदेश है। कृषि और कृषि उत्पाद को बढ़ावा देने के साथ कृषकों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। खेत में उपज से कारखाने और कारखाने से उद्योग तक की संकल्पना को चरितार्थ करते हुए उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में नरसिंहपुर में 26 से 28 मई की अवधि में कृषि-उद्योग समागम का आयोजन किया जा रहा है। म.प्र. सरकार किसानों तक नवीनतम तकनीक पहुंचाने, खाद्य प्र-संस्करण उद्योगों को बढावा देने तथा किसानों को अपने उत्पाद का सही मूल्य दिलाने के हर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में 31 मई को भोपाल में महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन आयोजित होगा। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के साथ भोपाल के जम्बूरी मैदान में महिला उद्यमियों, कामगारों, महिला स्व-सहायता समूहों, लाड़ली बहनों का महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश से 2 लाख से अधिक महिलाओं की सहभागिता होगी। महा सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी इंदौर मेट्रो का लोकार्पण तथा सतना एवं दतिया एयरपोर्ट का वर्चुअल लोकार्पण भी करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 20 मई से 31 मई 2025 तक कई भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और अन्य स्थानों पर सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजन होंगे। 22 मई को कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर पर केंद्रित महानाट्य "अहिल्याकथान संनादति" का मंचन किया जाएगा। 23 मई को ग्राम-महिदपुर, उज्जैन में देवी अहिल्या पर केंद्रीत महिला कवि सम्मेलन आयोजित होगा। ग्वालियर में 24 मई को नर्मदापुरम में 26 मई को, 27 मई को भोपाल में और बैतूल में 28 मई को महानाट्य "अहिल्याकथान संनादति" का मंचन होगा।
इंदौर में 28 मई को लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर पर केंद्रीत एकल कविता पाठ और सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी, वहीं 29 मई को लता मंगेशकर ऑडिटोरियम, इंदौर में देवी अहिल्या केंद्रीत महानाट्य "शिवयोगिनी अहिल्या" का मंचन होगा। अंतिम दिन, 31 मई को राजवाड़ा परिसर, इंदौर में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के साथ प्रदेशव्यापी आयोजन का समापन होगा। यह आयोजन लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के योगदान को याद करने और उनकी विरासत को सम्मान देने का एक प्रयास है।
प्रधानमंत्री मोदी को राहवीर योजना को लागू किए जाने के लिए मंत्रि- परिषद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक्सीडेंट में घायल प्रत्येक व्यक्ति के लिए "108 एम्बुलेंस, एयर एम्बुलेंस" तो शुरू की ही है, इसके साथ ही भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा "राहवीर योजना” प्रारंभ की गई है। इस योजना को भी प्रदेश में लागू कर दिया है, इसके क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर को आदेशित कर दिया है। योजना में प्रावधान है कि यदि कोई नागरिक सड़क दुर्घटना में किसी घायल व्यक्ति को उसके गोल्डन-ऑवर (प्रारंभिक 1 घंटे) में चिकित्सा हेतु अस्पताल तक पहुंचाता है, और उसकी जान बच जाती है, उस स्थिति में उसे 25 हजार रूपये का ईनाम दिया जाएगा, जो पूर्व में 5 हजार रूपये था । साथ ही यदि कोई नागरिक घायल व्यक्ति को सीधा अस्पताल ले जाता है, उस स्थिति में अस्पताल द्वारा पुलिस को सूचना दी जाएगी। संबंधित व्यक्ति को भी इस पत्र की प्रति दी जाएगी, साथ ही पुलिस द्वारा कलेक्टर को भी इस संबंध में एक पत्र लिखा जायेगा। परिवहन विभाग द्वारा व्यक्ति के खाते में सीधे राशि ट्रांसफर की जावेगी।
मुख्यमत्री डॉ. यादव को मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने इस वर्ष प्रदेश के 9 लाख किसानों से लगभग 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जाने पर धन्यवाद दिया। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 30 लाख) मीट्रिक टन अधिक (लगभग 62% अधिक) रहा है। गेहूं खरीद पर इस वर्ष लगभग 20 हजार करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को किया गया है। प्रदेश के जिन् 9 लाख किसानों से गेहूं खरीदा गया है उसमें से 1 लाख 25 हजार महिला किसान है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने परंपरागत धोती पहनकर मंत्रि-परिषद की बैठक में भाग लिया। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर और सम्मान स्वरूप प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को देवी अहिल्या बाई होल्कर स्मारक के निर्माण से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया। लालबाग पैलेस में 3 एकड़ की भूमि पर लगभग 100 करोड़ रूपये से स्मारक का निर्माण किया जाएगा। स्मारक में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के जीवन चरित्र, आदर्श, मूल्यों और योगदानों को रेखांकित किया जाएगा।
लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को नमन से हुई मंत्रि-परिषद बैठक की शुरुआत
20 May, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : इंदौर के राजवाड़ा में आयोजित मंत्रि-परिषद की महत्वपूर्ण बैठक का शुभारंभ लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के नमन के साथ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजवाड़ा के समीप स्थित उद्यान में देवी अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल तथा जगदीश देवड़ा सहित मंत्रीगण प्रहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट और अन्य मंत्रीगणों ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित मंत्रि-परिषद के सदस्यों का मालवी परम्परा के अनुरूप पगड़ी पहनाकर स्वागत-सत्कार किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्रीगणों ने इस स्मृति को चिर स्थायी बनाये रखने के लिये सामूहिक फोटो भी खिंचवाये।
मुख्यमंत्री ने राजवाड़ा के दरबार हाल के जीर्णोद्धार कार्य का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के गौरव राजवाड़ा के प्रसिद्ध दरबार हाल के संरक्षण एवं पुनर्स्थापना कार्य का शुभारंभ किया। यह कार्य संस्कृति विभाग के पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा प्रदेश की समृद्ध, सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के संरक्षण की दिशा में कराया जा रहा है। इससे दरबार हॉल के गौरव को पुन: लौटाया जायेगा। दरबार हॉल के लिये 11 करोड़ 21 लाख रूपये सिंहस्थ मद के तहत स्वीकृत किये गये हैं। यह कार्य होने से इंदौर की पहचान होल्करकालीन स्थापत्य की कला को उसका मूल भव्य स्वरूप प्राप्त होगा। सांस्कृतिक गतिविधियों, धरोहर भ्रमण और विरासत पर्यटन के एक सक्रिय केन्द्र के रूप से पुनः: विकसित किया जायेगा।
लोक निर्माण विभाग में इंजीनियर्स के तबादले, राज्य शासन ने जारी किये पदस्थापना आदेश
20 May, 2025 08:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रतिनियुक्ति पर तैनात 60 कर्मचारी लौटेंगे मूल विभाग, हाई कोर्ट का नगर निगम को निर्देश
20 May, 2025 08:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने नगर निगम में प्रतिनियुक्ति से जुड़े एक मामले में मंगलवार को अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने ग्वालियर नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर लगे 60 अधिकारी/कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर आईएएस संघप्रिय गौतम की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए और उसे रद्द कर शासन को नियमानुसार दोबारा आदेश भेजने के निर्देश दिए।
मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने पशु चिकित्सक डॉ. अनुज शर्मा को ग्वालियर नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर स्वास्थ्य अधिकारी पदस्थ करने के मामले की सुनवाई की। मामले की सुनवाई जस्टिस जीएस अहलूवालिया की सिंगल बेंच में हुई, जिसमें जस्टिस अहलूवालिया ने सख्त आदेश दिए।
ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर की नियुक्ति रद्द
जस्टिस जीएस अहलूवालिया की बेंच ने ग्वालियर नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर लगे 60 अधिकारी/कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि आयुक्त की नियुक्ति धारा 54 के तहत होनी चाहिए थी, जो नहीं की गई, इसलिए इसे रद्द किया जाता है।
इस कारण कोर्ट ने आईएएस संघप्रिय गौतम की नियुक्ति रद्द की
गौरतलब है कि नगर निगम आयुक्त पद के लिए सरकार को धारा 54 के तहत उन्हें प्रतिनियुक्ति पर भेजने का आदेश जारी करना था, जो नहीं किया गया, हाईकोर्ट ने इसी आधार पर निगम आयुक्त की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने सरकार को संशोधित आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं और 60 अधिकारियों/कर्मचारियों को उनके मूल विभागों में भेजने के लिए 15 दिन का समय भी दिया है, ताकि कोई काम प्रभावित न हो।
ग्वालियर हाईकोर्ट के आदेश का पूरे प्रदेश के नगर निगमों पर असर
आपको बता दें कि कोर्ट ने धारा 54 का हवाला देते हुए नगर निगम आयुक्त संघप्रिय गौतम की नियुक्ति रद्द कर दी है, जिससे पूरे प्रदेश के नगर निगम आयुक्तों को बदलने या नए सिरे से उनकी नियुक्ति के आदेश जारी करने की स्थिति बन गई है।
60 अधिकारियों/कर्मचारियों को मूल विभागों में वापस भेजने के आदेश
ग्वालियर नगर निगम में 60 अधिकारियों/कर्मचारियों को मूल विभागों में वापस भेजने के आदेश के कारण रिक्त हो रहे पदों और काम प्रभावित होने के सवाल पर जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने नगर निगम से कहा है कि वह कुछ तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को रख सकता है, लेकिन 8 महीने के भीतर सीधी भर्ती करनी होगी और रखे जाने वाले कर्मचारियों की सूची हाईकोर्ट को सौंपनी होगी और बताना होगा कि वह इन कर्मचारियों को क्यों रखना चाहता है।
पशु चिकित्सक को स्वास्थ्य अधिकारी बनाया गया
दरअसल ग्वालियर नगर निगम में पशु चिकित्सक को स्वास्थ्य अधिकारी बनाए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आया और हाईकोर्ट पहुंचा, जब याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि ग्वालियर नगर निगम प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारियों/कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है, जिस पर कोर्ट ने सूची मांगी तो कमिश्नर समेत 61 नाम सामने आए, जिसके बाद कोर्ट ने आज यह सख्त आदेश जारी किया।
'श्रेया सिलावट' बनकर रचाई शादी, अब धर्म परिवर्तन का दबाव — भोपाल में लव जिहाद का नया मामला उजागर
20 May, 2025 07:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: राजधानी भोपाल से लव जिहाद का एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक मुस्लिम युवती ने हिंदू नाम 'श्रेया सिलावट' अपनाकर एक युवक को प्रेमजाल में फंसाया, उससे शादी की और अब उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रही है। मामला अशोका गार्डन थाना क्षेत्र का है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आर्य मंदिर में जबरन शादी
इस पूरे मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि युवती पहले से शादीशुदा है और तीन बच्चों की मां है। अब वह पीड़ित युवक (शेखर) पर इन बच्चों का पिता बनने का दबाव बना रही है। शेखर सिलावट ने यह भी आरोप लगाया है कि युवती ने उसके घर गुंडे भेजकर उसका मोबाइल और सोने की अंगूठी छीन ली। इसके बाद युवती शेखर को आत्महत्या करने या दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगी। जिसके चलते शेखर ने आर्य समाज मंदिर में जाकर शादी कर ली।
पुलिस कर रही जांच
अशोका गार्डन पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन ले लिए गए हैं। शेखर सिलावट का आवेदन प्राप्त हुआ है और इसकी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
व्यापम घोटाला: पूर्व क्रिस्प प्रमुख के खिलाफ दर्ज चार एफआईआर रद्द
20 May, 2025 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: व्यापम घोटाले की जांच के बाद सीबीआई ने डॉ. सुधीर शर्मा के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें उन्हें चार मामलों में आरोपी बनाया गया था। इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चार याचिकाएं दायर की गई थीं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की डबल बेंच ने याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई करते हुए चारों एफआईआर निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। फिलहाल विस्तृत आदेश का इंतजार है।
एसआईटी ने जांच में सुधीर शर्मा को पाया था दोषी:
दरअसल, व्यापम घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने प्रारंभिक जांच में डॉ. सुधीर शर्मा को दोषी पाया था। इसके बाद उन्हें चार मामलों में दोषी पाते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसके बाद व्यापम घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
चार परीक्षाओं से जुड़े थे मामले:
व्यापम घोटाले के तहत 2011 से 2013 के बीच आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं - संविदा शिक्षक वर्ग-2 (2011), उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा (2012), पुलिस आरक्षक परीक्षा (2012) और वनरक्षक परीक्षा (2013) में कथित अनियमितताओं के लिए सुधीर शर्मा के खिलाफ चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे।
दो साल जेल में रहे सुधीर शर्मा:
बता दें कि व्यापम घोटाले का खुलासा साल 2013 में हुआ था। आरोपी बनाए जाने के बाद खनन कारोबारी और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सुधीर शर्मा ने जुलाई 2014 में भोपाल जिला न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। करीब दो साल जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और विज्ञान भारती जैसे संगठनों से भी जुड़े रहे हैं।
सीबीआई को सौंपी गई थी जांच:
व्यापम घोटाले की प्रारंभिक जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही थी, लेकिन बढ़ते दबाव और राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा उठने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। शर्मा पर परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी की नियुक्ति में संस्तुति करने और परीक्षा प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का भी आरोप था, लेकिन कोर्ट ने पाया कि इन आरोपों के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत नहीं है।
इन मामलों में बनाया गया था आरोपी:
सीबीआई ने उनके खिलाफ सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2012, पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2012, संविदा शाला शिक्षक भर्ती वर्ग 2 परीक्षा 2011 और वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2013 में हुई धांधली में आरोपी बनाते हुए कोर्ट में चालान पेश किया था। इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
याचिकाकर्ता के वकील की दलील:
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता कपिल शर्मा ने खंडपीठ को बताया कि याचिकाकर्ता का चारों मामलों में किसी भी व्यक्ति से कोई वित्तीय लेन-देन नहीं हुआ है। सीबीआई की चार्जशीट और एक्सेल शीट में कहीं भी इसका उल्लेख नहीं किया गया है। याचिकाकर्ता ने कोई वित्तीय लाभ अर्जित किया है। दर्ज मामले कुछ गवाहों के ज्ञापन के आधार पर दर्ज किए गए हैं। दर्ज एफआईआर रद्द करने योग्य है क्योंकि वित्तीय लाभ अर्जित करने का कोई सबूत नहीं है। मामले में सबूतों के अभाव में डिवीजन बेंच ने सभी चार मामलों में एफआईआर रद्द करने के आदेश जारी किए हैं।
सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लालबाग ऐतिहासिक स्थल का 24 माह में होगा पुनर्निर्माण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
20 May, 2025 03:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इंदौर के ऐतिहासिक स्थल लालबाग पैलेस पहुंचकर होल्कर राजवंश के संस्थापक सूबेदार मल्हारराव होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने 47.59 करोड़ रूपये लागत से लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने लालबाग पैलेस का भ्रमण भी किया, जहां उन्होंने महल की ऐतिहासिक संरचना और सौंदर्य का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के प्रयास कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए बैठक कक्ष, क्राउन हॉल, बैंकेट हॉल, दरबार हॉल, किंग्स ऑफिस, मंत्रणा कक्ष, पश्चिमी बैठक कक्ष, भारतीय भोजन कक्ष पुरुष एवं महिला, बॉल रूम आदि की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। आर्किटेक्ट श्री पुनीत सोहल द्वारा लालबाग पैलेस परियोजना का प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उन्होंने लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास के लिए किए गए कार्य एवं आगामी कार्य योजना से अवगत करवाया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वाकांक्षी कार्य के सफलतापूर्वक पूर्ण होने की कामना व्यक्त की। यह कार्य लालबाग के समृद्ध इतिहास और उसकी पुनः प्रतिष्ठा के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उद्यान और होल्कर्स की विरासत को जीवंत रखने, उद्यान को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधि स्थल के रूप में विकसित करने एवं ऐतिहासिक अवधारणा पर आधारित रचना अनुसार पुनःविकसित करने के उद्देश्य से यह कार्य किया जाएगा। इसके लिए 47.59 करोड़ की स्वीकृति सिंहस्थ मद अंतर्गत प्राप्त हुई है। यह कार्य मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जाएगा। कार्य की समय सीमा 24 माहअर्थात मई 2027 निर्धारित है। इसमें बाउंड्री वाल, पाथवे, पार्किंग, सॉफ्ट स्केपिंग एवं सिंचाई, जनसुविधा, टिकिट काउंटर, उद्यान कैफे, मुक्ताकाश मंच, मंडप,रानी अहिल्या बाई आत्मरक्षा केंद्र (बालिकाओं के लिए), वनस्पति रक्षा ग्रह, बाहरी विद्युतीकरण, सजावटी प्रकाश खंभे, बगीचे के लिए पाइप संगीत प्रणाली, सीसीटीवी आदि का कार्य किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर मंत्रि-परिषद के सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने परियोजना की महत्वता और विकास के प्रति सरकार के संकल्प का समर्थन किया।
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