मध्य प्रदेश
देवी अहिल्याबाई के योगदान को सम्मानित करने के लिए सरकार की पहल : विष्णुदत्त शर्मा
20 May, 2025 03:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने देवी अहिल्याबाई होल्कर के सुशासन, शासन की व्यवस्था जैसा आदर्श शासन मध्यप्रदेश में कैसे बनाया जा सकता है, उसकी शुरूआत और तैयारी के लिए मंगलवार को इंदौर के राजवाड़ा में मध्यप्रदेश की कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई। मध्यप्रदेश में हमारी सरकार देवी अहित्याबाई होल्कर के शासनकाल जैसा सुशासन धार्मिक, सांस्कृतिक, किसानों सहित हर क्षेत्र में लाने के लिए इंदौर के राजवाडा में केबिनेट बैठक आयोजित की गयी। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूरी कैबिनेट का आभार प्रकट करते हुए अभिनंदन व धन्यवाद करता हूं। देवी अहिल्या बाई नारी शक्ति, जनकल्याण और न्यायप्रिय शासन की प्रतीक थीं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सत्ता सेवा का माध्यम होनी चाहिए। आज जब सरकार उनके पदचिन्हों पर चलकर गरीब, वंचित, और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के लिए काम कर रही है, तब यह आयोजन एक आध्यात्मिक और वैचारिक प्रेरणा का कार्य करता है। इंदौर, मालवा और समूचा मध्यप्रदेश के लिए यह आयोजन स्मरणीय और प्रेरक है। यह केवल एक कैबिनेट बैठक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का उत्सव और विरासत का सम्मान है। देवी अहिल्या बाई नारी शक्ति जनकल्याण और न्यायप्रिय शासन की प्रतीक थीं, उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सत्ता सेवा का माध्यम होना चाहिए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज मध्यप्रदेश कैबिनेट ने नए विकास की परिकल्पना को साकार करने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर इन पांच शहरों के अंदर मेट्रोपॉलिटन शहर में एक काउंसिल बनाकर शहरी विकास की नई परिकल्पना को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है। अब वृहन्न मुम्बई नगरपालिका की तर्ज पर पूरे मध्यप्रदेश के समग्र विकास के लिए यह निर्णय एक ऐतिहासिक कदम है। मां अहिल्याबाई होल्कर ने सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना के लिए देश में उल्लेखनीय कार्य किया था। आज उसी संकल्पना पर आगे बढ़ते हुए ओंकारेश्वर में 2200 करोड़ से अद्वैत लोक संग्रहालय बनाने का निर्णय किया है। यह एक वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित होगा और आदि शंकराचार्य पर अध्ययन से लेकर अन्य बिंदुओं का समावेश होगा। केबिनेट का यह निर्णय हमारी पूर्ववर्ती सरकार की संकल्पना के तहत है जिसमें ओंकारेश्वर में आदिशंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित की है। देवी अहिल्याबाई होल्कर की राह पर पर चलते हुए आज हमारी सरकार सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना के केंद्र विकसित करने का कार्य कर रही है। देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती को लेकर 21 से 31 मई तक मध्यप्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी 31 मई को लगभग दो लाख नारी शक्ति को भोपाल में संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन में स्व सहायता समूह, ड्रोन दीदी सहित आत्मनिर्भर व सशक्त नारी के तौर पर कार्य करने वाली बहनें शामिल होंगी। सम्मेलन में शहीदों की विधवाओं हमारी माताओं-बहनों को सम्मानित भी किया जाएगा। प्रधानमंत्री जी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। देवी अहिल्याबाई होल्कर ने भी अपने शासन व्यवस्था में सैनिकों की विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महेश्वर साड़ी की शुरूआत की थी। कैबिनेट ने एक और बड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत एक्सीडेंट में घायल को समय पर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने, मदद करने वालों को पुरस्कृत करने का भी निर्णय लिया है। यह निर्णय घायलों को समय पर मदद पहुंचाने में बहुत कारगर साबित होगा।
1692 करोड़ की सिक्सलेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ी, इंदौर-उज्जैन सड़क का नया स्वरूप जल्द
20 May, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन: स्टेट हाईवे क्रमांक 59, उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने ठेकेदार से चार माह में 14 फीसदी काम पूरा करवा लिया है। फिलहाल, शिप्रा नदी पर त्रिवेणी क्षेत्र में पुल बनाने के लिए नींव का काम बारिश का मौसम शुरू होने (15 जून) से पहले पूरा करना चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण स्थल पर अगर एक माह तक शिप्रा नदी सूखी रहती है तो काम में कोई दिक्कत नहीं आएगी। समाधान के तौर पर शिप्रा में एक माह तक पानी का बहाव रोकने के लिए जल संसाधन विभाग को पत्र लिखा गया है। मालूम हो कि मध्य प्रदेश सरकार 46.475 किलोमीटर लंबी उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क को सिक्स लेन में तब्दील कर रही है। यह परियोजना 1692 करोड़ रुपए की है। इसकी शुरुआत के लिए 19 सितंबर 2024 को उज्जैन आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भूमिपूजन किया था। तब कहा गया था कि 623 करोड़ रुपए में सिविल वर्क होगा।
29 गांवों से होकर गुजरेगी सड़कः
उज्जैन के हरिफाटक ब्रिज से इंदौर के अरविंदो अस्पताल के सामने तक छह लेन की सड़क 15 साल तक संचालन-संधारण के साथ बनेगी। निर्माण हाइब्रिड एन्युटी पद्धति से पेव्ड शोल्डर से होगा। सड़क 29 गांवों से होकर गुजरेगी, जिसमें 20 गांव इंदौर जिले के और 9 गांव उज्जैन जिले के हैं। एमपीआईडीसी ने सिविल वर्क की कमान उदयपुर की रवि इंफ्राबिल्ड कंपनी को सौंपी है।
8 किमी तक डामरीकरण हो चुका हैः
सर्वे और ड्राइंग-डिजाइन के बाद 15 जनवरी 2025 को जमीन पर निर्माण शुरू हो पाया। पिछले चार महीने में कई हिस्सों में सड़क को चौड़ा करने के लिए खुदाई, मुरुम बिछाने के साथ डामरीकरण का काम किया जा रहा है। बताया गया है कि अब तक 14 प्रतिशत काम हो चुका है। 46.475 किलोमीटर सड़क में से 8 किलोमीटर सड़क पर डामरीकरण हो चुका है। पूरे मार्ग का 8 किलोमीटर हिस्सा सीमेंट-कंक्रीट का बनेगा। विभिन्न रिहायशी इलाकों में 11 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी सीमेंट-कंक्रीट की बनेगी। निनोरा टोलनाका क्षेत्र में सीमेंट-कंक्रीट की सड़क बनाई गई है। बरसात के मौसम में भी निर्माण कार्य जारी रहेगा, रुकेगा नहीं। निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए पहली बार नई तकनीक आधारित जर्मन निर्मित एफडीआर और मल्टीप्लेक्स मशीन वाली मशीन का उपयोग किया जा रहा है। दिसंबर 2026 तक पूरी होगी परियोजना: दिसंबर 2026 तक छह लेन की परियोजना को पूरा करने के लिए अनुबंध किया गया है। योजना के अनुसार मुख्य सड़क डामर की बनेगी और आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच मार्ग सीमेंट-कंक्रीट का बनेगा। मार्ग पर 8 फ्लाईओवर और 70 कल्वर्ट बॉक्स बनाए जाएंगे। त्रिवेणी घाट के पास शिप्रा नदी पर एक नया पुल भी बनाया जाएगा।
पहले चरण में शहर के दोनों ओर 14-14 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। सड़क का प्रत्येक हिस्सा 12.50-12.50 मीटर चौड़ा होगा। इस तरह मार्ग कुल मिलाकर 25 मीटर चौड़ा होगा। फिलहाल फोरलेन सड़क पर 8.5 मीटर चौड़ी दो सड़कें हैं। यानी सड़क कुल मिलाकर 17 मीटर चौड़ी है। इस परियोजना से सरकार को 112 करोड़ रुपए की बचत हुई है। ऐसा इसलिए क्योंकि रवि इंफ्राबिल्ड ने एसओआर से 15 फीसदी कम दर पर काम करने का ठेका लिया है।
तबादला नीति बनी घोटालों की जड़? एमपी सरकार पर कांग्रेस का हमला
20 May, 2025 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस विधायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार तबादल नीति में पक्षपात और भेदभाव का रवैया अपना रही है। सरकार न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन कर रही है। बल्कि संवैधानिक प्रावधानों और जनप्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है।
कांग्रेस विधायक ने सरकार पर उठाए सवाल
सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तबादला नीति की बैठक की जानकारी उन्हें जानबूझकर नहीं गई। जबकि जबकि अन्य विधायकों और सांसदों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने इसे साजिश करार देते हुए कहा कि यह उपेक्षा केवल मेरी नहीं, बल्कि सेमरिया की जनता का अपमान है। विधायक जनता का प्रतिनिधि होता है, न कि किसी राजनीतिक दल का गुलाम। इस प्रकार की तानाशाही रवैया लोकतंत्र के लिए खतरा है।
तबादला नीति भ्रष्टाचार का खेल- अभय मिश्रा
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की तबादला नीति पूरी तरह से जाति, वोट बैंक और आर्थिक लेन-देन पर आधारित है। स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता और निष्पक्षता का अभाव है। यह नीति जनहित के लिए नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के हितों को साधने और अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सेमरिया क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए एक वसूली अभियान चलाया जा रहा है, जो पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है वह तबादला नीति में पारदर्शिता सुनिश्चित करें और भेदभावपूर्ण रवैया बंद करें।
विजय शाह मामले की जांच करेगी एसआईटी, सागर IG प्रमोद वर्मा टीम में शामिल
20 May, 2025 10:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय सेना की अफसर कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने वाले मंत्री कुंवर विजय शाह के मामले में जांच के लिए एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार इसके आदेश दिए थे। जिसके बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने सोमवार रात को जांच के लिए एसआईटी का गठन कर इसका आदेश जारी कर दिया।तीन सदस्यीय एसआईटी में 1. प्रमोद वर्मा, आईजी सागर जोन, 2. कल्याण चक्रवर्ती, डीआईजी, 3. एसएएफ, वाहिनी सिंह, एसपी, डिंडौरी शामिल हैं। ये तीनों आईपीएस अधिकारी विजय शाह मामले की जांच करेंगे।
जानिए, कौन हैं एसआईटी टीम के ये सदस्य
प्रमोद वर्मा, आईजी सागर रेंज: 2001 बैच के आईपीएस प्रमोद वर्मा सागर रेंज के आईजी हैं। फरवरी 2018 में उन्हें सागर का आईजी बनाया गया था। 2022 में केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने उत्कृष्ट सेवा पदक मिला था। कल्याण चक्रवर्ती, डीआईजी, एसएएफ: 2010 बैच के आईपीएस डी कल्याण चक्रवर्ती भोपाल में पुलिस मुख्यालय में एसएएफ (विशेष सशस्त्र बल) के डीआईजी हैं। वे केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी गए थे। 2020 में उन्हें सीबीआई में एसपी बनाया गया था। वे दतिया, खरगोन के एसपी भी रह चुके हैं। वाहिनी सिंह, एसपी डिंडौरी: 2014 बैच की आईपीएस अफसर वाहिनी सिंह वर्तमान में डिंडौरी जिले की एसपी हैं। मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली वाहिनी सिंह की गिनती ईमानदार महिला पुलिस अफसरों में होती है। वे पहले निवाड़ी जिले की एसपी भी रह चुकीं हैं।
मंत्री शाह ने एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती
बता दें कि मंत्री विजय शाह ने 12 मई को महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताया था। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर मंत्री के खिलाफ 14 मई को महू के मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके खिलाफ विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विजय शाह के वकील ने कहा कि उनके क्लाइंट ने माफी मांग ली है। इस पर कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि आप लोगों के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। आप पब्लिक फिगर हैं। आपको बोलते समय अपने शब्दों पर विचार करना चाहिए।
आईजी रैंक के अफसर को एसआईटी चीफ बनाने का दिया था आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने के आदेश दिए थे। जिसमें कहा था कि इसमें तीन IPS अधिकारी शामिल होंगे। एक IG और बाकी दो SP लेवल के अफसर होंगे। इनमें एक अधिकारी महिला होना अनिवार्य होगा। सभी अफसर मध्य प्रदेश कैडर के हो सकते हैं, लेकिन राज्य के मूल निवासी नहीं होने चाहिए। SIT 28 मई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी।
MP में बदला मौसम का मिजाज: 40 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, लू की जगह अब बरसात
20 May, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में सात सिस्टम सक्रिय हैं। एक ट्रफ रेखा प्रदेश के बीच से गुजर रही है। इसके चलते आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। आंधी-बारिश का दौर मंगलवार को भी जारी रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत 40 जिलों में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, ग्वालियर-चंबल में पहले लू का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन सिस्टम के सक्रिय होने से अगले 4 दिन बारिश की संभावना है। सोमवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई।
आज इन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर शामिल हैं। खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चल सकते हैं। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होगी।
खजुराहो में तापमान 46 डिग्री तक पहुंचा
राज्य में सोमवार को भीषण गर्मी, तूफान और बारिश हुई. छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. इस सीजन में यह पहला मौका है जब तापमान इतना अधिक पहुंचा है। नौगांव में 44.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 44.6 डिग्री और शिवपुरी में 44 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इसी तरह सतना में 43.2 डिग्री, ग्वालियर में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, सीधी में 42.8 डिग्री, गुना में 42.7 डिग्री, सागर में 41.7 डिग्री, रीवा में 41.4 डिग्री, मंडला में 41 डिग्री, शाजापुर में 40.8 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, रतलाम में 40.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 40.2 डिग्री, इंदौर में 38.6 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री और जबलपुर में 40.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश में अगले चार दिन ऐसा रहेगा मौसम
20 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन में बारिश की संभावना है। बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच। यहां हवा की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है.
21 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम में बारिश की संभावना है। मंदसौर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी और नीमच। इन जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है. 22 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट में बारिश का अलर्ट है। सिवनी, पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनुपपुर, डिंडोरी और नीमच। हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है.
23 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर में बारिश की संभावना है। खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी और नीमच।
मध्य प्रदेश को मिलेगी नई धार्मिक पहचान, पीएम मोदी देने जा रहे हैं ऐतिहासिक तोहफा
20 May, 2025 09:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: रामराजा सरकार की नगरी ओरछा का स्वरूप, वातावरण और परिदृश्य की झलक अब नए स्वरूप में तैयार ओरछा रेलवे स्टेशन पर भी देखने को मिलेगी. अयोध्या की तरह ही इस रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों को अध्यात्म का अहसास होगा. ओरछा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूरा हो चुका है. 22 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करने वाले हैं.
नए लुक में ओरछा का रेलवे स्टेशन
देश भर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है. इस लिस्ट में मध्य प्रदेश के भी कुछ रेलवे स्टेशन शामिल हैं. इन्हीं में से रामराजा सरकार की नगरी ओरछा में स्थित रेलवे स्टेशन का चयन भी इस योजना के तहत हुआ था. यह रेलवे स्टेशन भी अब पुनर्विकास के बाद बनकर पूरी तरह नए स्वरूप में तैयार हो गया है. धार्मिक नगरी ओरछा का रेलवे स्टेशन भी अब इस क्षेत्र के महत्व की तरह भव्य दिखने लगा है.
स्टेशन पर दिखाई देगी संस्कृति की झलक
रामराजा सरकार की वजह से ओरछा नगरी में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में खूबसूरत और सांस्कृतिक स्वरूप के साथ ही नए रेलवे स्टेशन में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का बहुत ख्याल रखा गया है, जो यहाँ पहुचने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा. स्टेशन में आकर्षक और आधुनिक डिजाइन के साथ ही स्टेशन की साजसज्जा में स्थानीय कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी. इस स्टेशन को ओरछा के रामराजा सरकार मंदिर की तर्ज पर ही तैयार किया गया. लाल पत्थर का उपयोग और रामराजा सरकार और राम भक्त हनुमान जी की मूर्ति भी स्थापित की गई है. स्टेशन की बाउंड्रीवॉल पर चितेरी कला के जरिए रामायण को भी दर्शाया गया है.
यात्री सुविधाओं के साथ आधुनिकता का समावेश
यहां पहुंचने वाले यात्रियों को अब स्टेशन तक पहुंचने में समस्या ना हो, इसके लिए सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार किया गया है. साथ ही यहां पार्किंग एरिया भी अलग से बनाया गया है. संस्कृति के साथ प्रकृति का तालमेल बनाने के लिए एक सुंदर उद्यान भी यहां बनाया गया है. इसके साथ ही नवीनीकृत स्टेशन भवन आधुनिक और आकर्षक बनाया गया है. यह यात्रियों को एक सुखद अनुभव प्रदान करेगा. सुविधाजनक और आधुनिक टिकट काउंटर से यात्री आसानी से टिकट खरीद सकेंगे और लाइन से बचने के लिए यहां ऑटोमेटेड टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) भी लगाई गई है.
यात्रियों के आराम का रखा गया पूरा ख्याल
सुविधाओं के मामले ओरछा रेलवे स्टेशन कम नहीं है. यहां रेल यात्रियों के लिए आधुनिक आरामदायक वेटिंग रूम बनाया गया है. वहीं तेज धूप और बारिश से बचने के लिए भी सुंदर मिनी कवर शेड्स लगाए गए हैं, जो देखने में तो आकर्षक हैं ही साथ ही आरामदायक भी हैं. दिव्यांगजनों के लिए भी शौचालय और रैंप का निर्माण भी किया गया है, जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी ना उठाना पड़े.
पीएम मोदी करेंगे वर्चुअली उद्घाटन
कई सुविधाओं के साथ अब ओरछा रेलवे स्टेशन नए स्वरूप में तैयार है. अब इंतजार है इसके आधिकारिक लोकार्पण का और ये इंतजार भी जल्द ही खत्म होने जा रहा है. झांसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि " 22 मई यानी गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओरछा के पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे. हालांकि वे यह सौगात वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़कर देंगे." अब शासन और प्रशासन के साथ भारतीय रेल विभाग तैयारियों में जुटा हुआ है.
राजवाड़ा की सुरक्षा सख्त: हर कोने पर नजर, बॉडी वॉर्न कैमरों की तैनाती
20 May, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर : मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार को इंदौर में आयोजित होने वाली है. ये पहला मौका होगा जब कैबिनेट की सुरक्षा के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएंगा. इंदौर के राजवाड़ा पर आयोजित होने वाली इस कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित तमाम मंत्री उपस्थित रहेंगे. ऐसे में उनकी सुरक्षा में किसी भी तरह की कोई चूक न हो इसके लिए इंदौर पुलिस ने व्यापक स्तर पर सिक्योरिटी प्लानिंग की है.
मोहन कैबिनेट की सुरक्षा में 1 हजार जवान
एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया, '' 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा पर कैबिनेट मीटिंग का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ ही मंत्रिमंडल के समस्त मंत्री भी इंदौर आएंगे. कैबिनेट मीटिंग की सुरक्षा व्यवस्था या किसी भी तरह की स्थिति को लेकर इंदौर पुलिस काफी अलर्ट है. राजवाड़ा क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाया गया है साथ ही यहां 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए सक्षम होंगे.''
पहली बार बॉडी वॉर्न कैमरा का इस्तेमाल
एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने आगे बताया, '' कैबिनेट मीटिंग जिस क्षेत्र में होगी, उस क्षेत्र में ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज के साथ अलग-अलग तरह से निगरानी रखी जाएगी. पहली बार इंदौर पुलिस के द्वारा बॉडी वॉर्न कैमरा के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी. इससे पुलिस को रियल टाइम और लाइव फुटेज कंट्रोल रूम में मिलेंगे और किसी भी स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा.''
क्या होता है बॉडी वॉर्न कैमरा?
जैसा की नाम है बॉडी वॉर्न कैमरा इस तरह का कैमरा होता है, जिसे शरीर पर पहना जा सकता है. ये हाथ, चेस्ट, सिर आदि जगहों पर यूनिफॉर्म के साथ फिट किए जा सकते हैं, जिससे लाइव स्ट्रीमिंग भी होती है. आमतौर पर पुलिस के द्वारा बॉडी वॉर्न कैमरे का प्रयोग वाहन चेकिंग सहित अन्य जगहों पर किया जाता है लेकिन पहली बार कैबिनेट बैठक की सुरक्षा में इनका इस्तेमाल हो रहा है.
विश्वविद्यालय सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण का प्रतीक बनें: राज्यपाल श्री पटेल
19 May, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय बाबा साहब के सामाजिक न्याय और अधिकारिता की विरासत का प्रतीक बनें। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियाँ बाबा साहब के विचारों और जीवनी से प्रेरित हो। परिसर सामाजिक समरसता का जीवंत आदर्श प्रस्तुत करें। राज्यपाल श्री पटेल राजभवन में डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू की शासी निकाय की पाँचवीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. रामदास गोमाजी आत्रम उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्र-छात्राओं को केवल उपाधि प्रदान करना नहीं है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य भारत रत्न बाबा साहब अम्बेडकर के जीवन मूल्यों, उनके सामाजिक न्याय और समानता के संघर्ष और वंचितों के उत्थान के कार्यों के प्रति भावी पीढ़ी की अभिरुचि को बढ़ाना है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय वित्तीय संसाधनों के लिए सरकार पर आश्रित नहीं रहें। वित्तीय स्वावलंबन के लिए प्रयास किए जाए। विश्वविद्यालय विकास योजनाओं को सरकार के साथ समन्वय कर क्रियान्वित करें।
कार्य परिषद के निर्णय अनुमोदन के लिए प्रस्तुत
विश्वविद्यालय कार्य परिषद द्वारा कुलगुरु चयन समिति में कार्य परिषद द्वारा निर्वाचित सदस्य के प्रावधान को संशोधित कर, राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्य के निर्णय का शासी निकाय की बैठक में सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। इसी तरह कार्य परिषद के विश्वविद्यालय के कुलपति और प्रति कुलपति के पदनाम को कुलगरु एवं प्रति कुलगुरु किये जाने के निर्णय का भी बैठक में अनुमोदन किया गया।
पाँचवीं शासी निकाय की बैठक में प्रमुख सचिव जनजाति कार्य श्री गुलशन बामरा, प्रमुख सचिव विधि विधायी कार्य श्री एन. पी. सिंह, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण श्री ई. रमेश कुमार, अपर सचिव राजभवन श्री उमाशंकर भार्गव, शासी निकाय के सदस्य, निदेशक, सामाजिक विज्ञान, शोध एवं प्रशिक्षण श्री दीपक कुमार वर्मा, संकाय अध्यक्ष सुश्री मनीषा सक्सेना, शासी निकाय के सचिव श्री कौशलेन्द्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
साड़ी शो रुम में लगी भीषण आग, 15 फीट ऊंची ऊठी लपटें
19 May, 2025 10:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाखो का माल खाक,3 घंटे में पाया काबू
भोपाल। राजधानी के टीटी नगर इलाके के मालवीय नगर में एक साड़ी दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते तेजी से फैली आग ने भीषण रुप धारण कर लिया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की आग की लपटें 15 फीट ऊंची उठ रही थी। वहीं कई किलोमीटर दूर से धुआं नजर आ रहा था। जानकारी के मुताबिक मालवीय नगर स्थित होटल जौहरी पैलेस के पास पंकज जैन की साड़ी की दुकान मालविका है। इस साड़ी शॉप में अचाक आग लग गई। सूचना मिलते ही नगर निगम की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तब तक आग ने विकराल रुप धारण रुप ले लिया था। पास में दो दुकान और है, जिन्हें आग की चपेट में आने से बचाते हुए फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने के प्रयास शुरु किये ओर करीब 3 घंटे की मश्क्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड में पकंज जैन की दुकान आग की चपेट में आकर पूरी तरह से जल गई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। जिसकी जॉच की जा रही है।
पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अभियांत्रिकी और सीओजीएचएस
19 May, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी जबलपुर के मुख्यालय स्थित कार्यपालक निदेशक अभियांत्रिकी व संयुक्त निदेशक सेंट्रल ऑफिस ऑफ जनरेशन एंड हायडल स्टेशन (COGHS) कार्यालय को अंतर्राष्ट्रीय क्वालिटी स्टैण्डर्ड आईएसओ 9001:2015 सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया है। इन कार्यालयों को यह प्रमाण पत्र उच्च स्तर के अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों का पालन करने के लिये प्राप्त हुआ है।
इससे पूर्व पॉवर जनरेटिंग कंपनी के तीन कार्यालयों मुख्य अभियंता उत्पादन भंडार, मुख्य अभियंता संचालन संधारण-जल विद्युत व मुख्य अभियंता फ्यूल मैनेजमेंट को अंतर्राष्ट्रीय क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम 9001:2015 प्रमाणीकरण प्राप्त हो चुका है। सभी पांच कार्यालय अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मानदंडों का पालन करते हुए कार्य कर रहे हैं।
सामंजस्य एवं विभागीय सक्रियता की कमी से निर्माण कार्यों में विलंब अस्वीकार्य : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
19 May, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि निर्माण एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करें और अंतर्विभागीय समन्वय से संबंधित विषयों को तत्काल रेखांकित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्थलों पर निर्माण एजेंसियों को भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है अथवा अन्य कोई प्रशासनिक विभागीय अवरोध या असमंजस की स्थिति है, उसकी स्थिति उच्च अधिकारियों को तुरंत अवगत कराई जाए, ताकि उनका प्राथमिकता से निराकरण कार्य को गति दी जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सामंजस्य एवं विभागीय सक्रियता की कमी से कार्यों में विलंब पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को समय से पूर्ण करना स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) द्वारा किए जा रहे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना विकास कार्यों की गहन समीक्षा की।
भुगतान में विलंब विभागीय उदासीनता
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि किए गए कार्यों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। भुगतान में विलंब से कार्य की गति प्रभावित होती है और यह विभागीय उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारी स्वयं मैदानी निरीक्षण कर कार्यों की सघन मॉनिटरिंग करें तथा 15वें वित्त आयोग और पीएम-अभीम योजना के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूर्ण किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, अंडर ग्रेजुएट/पोस्ट ग्रेजुएट सीट अपग्रेडेशन, सीसीबी सहित सभी अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की एवं स्पष्ट निर्देश दिए कि बजट का योजनाबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, और उपकरण एवं फर्नीचर की खरीदी का कार्य समानांतर रूप से किया जाए। जिससे निर्माण कार्य पूर्ण होने और सेवा प्रदाय में विलम्ब न हो।
बैठक में बताया गया कि सिवनी, नीमच और मंदसौर में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और ये संस्थान सेवा में आ चुके हैं। वहीं छतरपुर, दमोह, राजगढ़ और सीआईएमएस छिंदवाड़ा में कार्य प्रगतिरत हैं। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में यूजी सीट्स अपग्रेडेशन के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में मेडिकल कॉलेज में कार्य पूर्ण हो चुके हैं। सागर में कार्य प्रगतिरत है। पीजी सीट्स के अपग्रेडेशन के लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा में निर्माण एवं संसाधन उन्नयन कार्य प्रगतिरत हैं। बैठक में यह जानकारी दी गई कि पीआईयू द्वारा राज्य में वर्तमान में 217 कार्य प्रगतिरत हैं, जिनके लिए 1054 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 24 कार्यों के लिए 283 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, परंतु वे अभी प्रारंभ नहीं हो पाए हैं। 5 कार्य विभिन्न कारणों से अवरुद्ध हैं। कुल 246 कार्यों के लिए 1027 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी जानी शेष है।
नर्सिंग कॉलेज मंदसौर में बाउंड्री वॉल निर्माण, छिंदवाड़ा में होस्टल और कॉलेज भवन का कार्य, सतना एवं राजगढ़ में लैंड डेवलपमेंट कार्य प्रगतिरत है। नीमच में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज के लिए टेंडर की स्वीकृति शासन स्तर पर लंबित है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 352.5 करोड़ रुपए की मांग प्रस्तुत की गई थी, जिसके विरुद्ध अब तक 40.5 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से ₹12.81 करोड़ रुपए का व्यय किया गया है, 52.32 करोड़ रुपए के बिल लंबित हैं। राजगढ़ और छिंदवाड़ा के लिए 22.13 करोड़ एवं 14 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। दमोह, छतरपुर में आंशिक राशि व्यय की गई है, जबकि जबलपुर को पूरी मांग के अनुरूप राशि प्राप्त हुई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मांग अनुसार बजट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, संचालक प्रोजेक्ट नीरज कुमार सिंह, एमडी एनएचएम डॉ सलोनी सिडाना, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, पीआईयू के अधिकारी एवं निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
प्रदेश में 1 लाख से अधिक कुओं को किया जा रहा रिचार्ज
19 May, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान अभियान को मजबूती देने एवं प्रकृति, पर्यावरण व जल संरक्षण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार मिशन के रूप में कार्य कर रही है। प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान जारी है। अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा योजना के तहत प्रदेश के 1 लाख कुओं को बारिश के पानी से रिचार्ज करने का लक्ष्य तय किया है। कुओं के पास कूप रिचार्ज पिट (डगवेल रिचार्ज विधि) बनाये जा रहे हैं। कूप रिचार्ज पिट को बनवाने में प्रदेश के कृषकों ने भी जागरूकता दिखाई है। कुओं के रिचार्ज होने से भू-जलस्तर बढ़ेगा, साथ ही कृषकों को सिंचाई व पीने के लिए पर्याप्त पानी भी उपलब्ध होगा।
1 लाख 3 हजार कुओं को रिजार्च करने का रखा गया है लक्ष्य, 75 हजार से अधिक में काम शुरू
जल गंगा संवर्धन अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश में 1 लाख 3 हजार कुओं को रिचार्ज करने का लक्ष्य तय किया है। इसमें से 75 हजार से अधिक कुओं के पास कूप रिचार्ज पिट बनाने का कार्य शुरू हो गया है। खंडवा जिले में कूप रिचार्ज पिट बनाने को लेकर दिए गए लक्ष्य से अधिक का निर्माण कर दिया गया है। कूप रिचार्ज पिट बन जाने से भू-जल स्तर में वृद्धि होगी। साथ ही गर्मियों में कुओं के सूखने की संभावना भी कम हो जाएगी।
कूप रिचार्ज पिट बनाने की विधि
कूप रिचार्ज पिट बनाने के लिए एक खास संरचना तैयार की गई है। जिसमें पत्थर और मोटी रेत की परतें होंगी। पिट का निर्माण कुएं से 3 से 6 मीटर की दूरी पर किया जाएगा। इसके लिए 3 मीटर लंबा, 3 मीटर चौड़ा और 8 मीटर गहर गड्ढ़ा खोदा जा रहा है। गड्ढ़े में 8 इंच का पाइप डालकर इसे कुएं के अंदर डाला जाएगा। फिर कुएं में पाइप के छोर पर एल्बो लगाकर 1 फिट का पाइप नीचे की तरफ लगाया जाएगा। इसके बाद पाइपलाइन के जरिए कुएं तक पहुंचाया जाएगा।
प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। अभियान में बारिश के पानी को सहेजने व पुराने जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार करने का कार्य किया जा रहा है। तीन माह तक चलने वाले इस अभियान के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बारिश के पानी का संयचन करने व पुराने जल स्त्रोतों को नया जीवन देने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में खेत-तालाब, कूप रिचार्ज पिट, चैक, डैम, अमृत सरोवर सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को समर्पित थीं देवी अहिल्या बाई होल्कर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
19 May, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर ने सुशासन, क्षेत्रीय विकास और न्याय प्रबंधन के अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किए। उनके द्वारा जनसामान्य के कल्याण और महिलाओं के स्वावलम्बन के लिए गए कार्य अनुकरणीय हैं। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर ने देश भर में धर्म और संस्कृति के उत्थान के कार्यों के माध्यम से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की दिशा में कार्य किया। उनके इस सपने को साकार करने के लिए लोकमाता के 300 वें जयंती समारोह के अंतर्गत वर्ष इन विषयों पर केंद्रित गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300 वीं जयंती के आयोजन के लिए गठित समारोह समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, संस्कृति, पर्यटन धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के अवदान पर अध्ययन और शोध को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न राज्यों में देवी अहिल्या द्वारा निर्मित मंदिरों, पूजा घरों, धर्मशालाओं और अन्य सामुदायिक उपयोग की संरचनाओं के रख-रखाव के लिए संबंधित राज्य सरकारों से समन्वय कर आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या द्वारा निर्मित देव स्थानों में धार्मिक स्वरूप की गतिविधियों के निरंतर आयोजन के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के महाराष्ट्र स्थित मूल गांव चौड़ी में विशेष दल भेजकर आवश्यक जानकारियों का एकत्रिकरण कराया जाए। प्रदेश के विभिन्न भागों में अहिल्या यात्रा के आयोजन, शाला व महाविद्यालय स्तर पर देवी अहिल्या पर केन्द्रित शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई के त्रिशताब्दी समारोह का मुख्य र्कायक्रम 31 मई को भोपाल के जम्बूरी मैदान में होगा। महिला सशक्तिकरण पर केन्द्रित इस कार्यक्रम में लगभग एक लाख प्रतिभागियों की उपस्थिति अपेक्षित है। कार्यक्रम में भारत सरकार की ओर से लोकमाता देवी अहिल्या को समर्पित डाक टिकट और सिक्के का लोकार्पण भी प्रस्तावित है। बैठक में प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति शिव शेखर शुक्ला, समिति की सदस्य मेघा पवार तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। समिति सदस्य माला ठाकुर, सुविनिता धर्म, ज्योति तोमर और राकेश देनिया बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।
जर्मनी वित्त पोषित ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजनाओं में एमपी ट्रांसको के कार्य उच्चस्तरीय : वाल्टर क्लोट्रज
19 May, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : जर्मनी के के.एफ.डब्ल्यू. डेवलपमेंट बैंक के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय की मॉनिटरिंग में पूरी की गई उन परियोजनाओं का निरीक्षण किया, जिन्हें ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-1 योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा निर्धारित लक्ष्य से पूर्व सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया था।
जर्मनी से आए बैंक के तकनीकी अधिकारी वाल्टर क्लोट्ज ने इस परियोजना के अंतर्गत निर्मित मंदसौर 400 केवी सबस्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने एमपी ट्रांसको द्वारा कराए गए कार्यों की उच्च गुणवत्ता और उत्कृष्ट तकनीकी तरीकों की सराहना की।
अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य
जर्मन प्रतिनिधि वाल्टर क्लोट्ज ने निरीक्षण के दौरान कहा कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के अंतर्गत के.एफ.डब्ल्यू. डेवलपमेंट बैंक द्वारा वित्त पोषित कार्य अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किए गए हैं और अब इनका संचालन एवं संधारण एमपी ट्रांसको की कुशल टीम द्वारा प्रभावी रूप से किया जा रहा है।
सब स्टेशन का सूक्ष्म निरीक्षण
क्लोट्ज ने सब स्टेशन के रखरखाव, स्काडा सिस्टम के माध्यम से डेटा मॉनिटरिंग, जैसे कार्यों का सूक्ष्म निरीक्षण कर उन्हें अत्यंत उत्कृष्ट बताया। उन्होंने स्वयं भी परिसर में वृक्षारोपण किया।
निरीक्षण के दौरान के.एफ.डब्ल्यू. बैंक के भारतीय प्रतिनिधि रमन रेड्डी, एमपी ट्रांसको के वाय.आर. मांडलेकर, मनीष महावर, पंकज कुमार राय एवं राजेश भूरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
प्राकृतिक जल संसाधनों का संरक्षण और संवर्धन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी– मंत्री टेटवाल
19 May, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : जल संरक्षण के प्रति प्रदेश सरकार के संकल्प को मूर्तरूप देते हुए कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजगढ़ जिले के सारंगपुर के ग्राम मगराना में काई नदी के गहरीकरण एवं स्वच्छता कार्य में श्रमदान किया। इस अवसर पर उन्होंने श्रमदान कर उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और जन-अभियान परिषद के सदस्यों के साथ जल स्रोतों की संरक्षा के प्रति सामाजिक चेतना बढाने का संदेश दिया।
जन सहयोग से जल गंगा संवर्धन अभियान बन रहा जन-आंदोलन
मंत्री टेटवाल ने कहा कि जल संरक्षण कोई एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के सामूहिक प्रयासों से संचालित होने वाला दीर्घकालिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणजन इस अभियान में सक्रिय सहभागिता कर रहे हैं। इससे यह अभियान एक महा-अभियान का स्वरूप ले चुका है। नदी तट पर श्रमदान के उपरांत उन्होंने उपस्थित जनसमूह को जल संरक्षण की शपथ दिलाई।
स्वच्छता और गहरीकरण कार्य समय सीमा में करें पूर्ण
मंत्री टेटवाल ने कहा कि जल गंगा अभियान का उद्देश्य केवल सफाई या गाद निकासी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अभियान प्रकृति के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी को समझने और निभाने का माध्यम है। मंत्री टेटवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्थानीय नागरिकों से आहवान किया कि आगामी 45 दिनों में जल गंगा संवर्धन के तहत चिन्हित सभी कार्य समय सीमा में पूर्ण किए जाएं, जिससे यह प्रयास परिणामकारी सिद्ध हो।
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
यात्रियों को झटका, कुछ ट्रेनें रद्द तो कुछ का बदला शेड्यूल
नियमों को ठेंगा दिखाकर निजी कंपनी का प्रमोशन, सरगुजा के दो स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस
हनुमानताल पुलिस को भनक तक नहीं, CSP ने मारा छापा
