मध्य प्रदेश
09029/09030 विश्वामित्री-बलिया-विश्वामित्री महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (01-01 ट्रिप)
1 Jan, 2025 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: रेल प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाकुंभ मेला विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 09029/09030 विश्वामित्री - बलिया - विश्वामित्री महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन 01-01 ट्रिप चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंजबासौदा एवं बीना स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी।
गाड़ी संख्या 09029 विश्वामित्री-बलिया महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (01 ट्रिप)
गाड़ी संख्या 09029 विश्वामित्री-बलिया महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 17 फरवरी 2025 को विश्वामित्री स्टेशन से सुबह 08.35 बजे प्रस्थान कर, 19.10 बजे संत हिरदाराम नगर, 20.40 बजे विदिशा, 21.10 बजे गंजबासौदा, 23.05 बजे बीना एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए अगले दिन शाम 19.00 बजे बलिया स्टेशन पहुंचेगी।
भोपाल मंडल के संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंजबासौदा एवं बीना स्टेशन से होकर गुजरेगी
गाड़ी संख्या 09030 बलिया-विश्वामित्री महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (01 ट्रिप)
गाड़ी संख्या 09030 बलिया-विश्वामित्री महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 18 फरवरी 2025 को रात्रि 23.30 बजे बलिया स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन 21.55 बजे बीना, 22.36 बजे गंजबासौदा, 23.06 बजे विदिशा, 00.15 बजे संत हिरदाराम नगर एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 10.05 बजे विश्वामित्री स्टेशन पहुंचेगी।
गाड़ी के हाल्ट
रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में वडोदरा जंक्शन, गोधरा जंक्शन, दाहोद, रतलाम जंक्शन, नागदा जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंजबासौदा, बीना जंक्शन, लालितपुर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन, उरई, गोविंदपुरी, फतेहपुर, प्रयागराज जंक्शन, मिर्जापुर, चुनार, वाराणसी, जौनपुर जंक्शन, औंरीहार जंक्शन, गाजीपुर सिटी स्टेशनों पर रुकेगी।
कोच संरचना
इस विशेष ट्रेन में 12 शयनयान श्रेणी, 02 सामान्य श्रेणी, 03 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी एवं 01 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के डिब्बे सहित कुल 20 डिब्बे होंगे।
यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें।उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।
09371/09372 डॉ. अंबेडकर नगर-बलिया-डॉ. अंबेडकर नगर महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (04-04 ट्रिप)
1 Jan, 2025 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: रेल प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाकुंभ मेला विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 09371/09372 डॉ. अंबेडकर नगर - बलिया - डॉ. अंबेडकर नगर महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन 04-04 ट्रिप चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंजबासौदा एवं बीना स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी।
गाड़ी संख्या 09371 डॉ. अंबेडकर नगर-बलिया महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (04 ट्रिप)
गाड़ी संख्या 09371 डॉ. अंबेडकर नगर-बलिया महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 22, 25 जनवरी 2025 एवं 8, 22 फरवरी 2025 को डॉ. अंबेडकर नगर स्टेशन से दोपहर 13.45 बजे प्रस्थान कर, 19.10 बजे संत हिरदाराम नगर, 20.40 बजे विदिशा, 21.10 बजे गंजबासौदा, 23.05 बजे बीना एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए अगले दिन शाम 19.15 बजे बलिया स्टेशन पहुंचेगी।
भोपाल मंडल के संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंजबासौदा एवं बीना स्टेशन से होकर गुजरेगी
गाड़ी संख्या 09372 बलिया-डॉ. अंबेडकर नगर महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (04 ट्रिप)
गाड़ी संख्या 09372 बलिया-डॉ. अंबेडकर नगर महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 23, 26 जनवरी 2025 एवं 9, 23 फरवरी 2025 को रात्रि 23.45 बजे बलिया स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन 21.55 बजे बीना, 22.36 बजे गंजबासौदा, 23.06 बजे विदिशा, अगले दिन 00.15 बजे संत हिरदाराम नगर एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 05.30 बजे डॉ. अंबेडकर नगर स्टेशन पहुंचेगी।
गाड़ी के हाल्ट:
रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में इंदौर जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंजबासौदा, बीना जंक्शन, लालितपुर जंक्शन, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन, उरई, गोविंदपुरी, फतेहपुर, प्रयागराज जंक्शन, मिर्जापुर, चुनार, वाराणसी, जौनपुर जंक्शन, औंरीहार जंक्शन, गाजीपुर सिटी स्टेशनों पर रुकेगी।
कोच संरचना:
इस विशेष ट्रेन में 12 शयनयान श्रेणी, 02 सामान्य श्रेणी, 03 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी एवं 01 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के डिब्बे सहित कुल 20 डिब्बे होंगे।
यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें।उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या एनटीईएस ऐप डाउनलोड करें।
09031/09032 उधना-बलिया-उधना महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (02-02 ट्रिप)
1 Jan, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: रेल प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाकुंभ मेला विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 09031/09032 उधना - बलिया - उधना महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन 02-02 ट्रिप चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंजबासौदा एवं बीना स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी।
गाड़ी संख्या 09031 उधना-बलिया महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (02 ट्रिप)
गाड़ी संख्या 09031 उधना-बलिया महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 17 जनवरी 2025 एवं 16 फरवरी 2025 को उधना स्टेशन से सुबह 06.40 बजे प्रस्थान कर, 19.10 बजे संत हिरदाराम नगर, 20.40 बजे विदिशा, 21.10 बजे गंजबासौदा, 23.05 बजे बीना एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए अगले दिन शाम 19.00 बजे बलिया स्टेशन पहुंचेगी।
भोपाल मंडल के संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंजबासौदा एवं बीना स्टेशन से होकर गुजरेगी
गाड़ी संख्या 09032 बलिया-उधना महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (02 ट्रिप)
गाड़ी संख्या 09032 बलिया-उधना महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 18 जनवरी 2025 एवं 17 फरवरी 2025 को रात्रि 23.30 बजे बलिया स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन 21.55 बजे बीना, 22.36 बजे गंजबासौदा, 23.06 बजे विदिशा, तीसरे दिन 00.15 बजे संत हिरदाराम नगर एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए दोपहर 12.45 बजे उधना स्टेशन पहुंचेगी।
गाड़ी के हाल्ट
रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में भरूच जंक्शन, विश्वामित्री, वडोदरा जंक्शन, गोधरा जंक्शन, दाहोद, रतलाम जंक्शन, नागदा जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंजबासौदा, बीना जंक्शन, लालितपुर जंक्शन, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन, उरई, गोविंदपुरी, फतेहपुर, प्रयागराज जंक्शन, मिर्जापुर, चुनार, वाराणसी जंक्शन, जौनपुर जंक्शन, औंरीहार जंक्शन, गाजीपुर सिटी स्टेशनों पर रुकेगी।
कोच संरचना
इस विशेष ट्रेन में 12 शयनयान श्रेणी, 02 सामान्य श्रेणी, 03 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी एवं 01 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के डिब्बे सहित कुल 20 डिब्बे होंगे।
यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें।उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।
भोपाल के लिए नया साल उद्घाटनो से भरा, जीजी फ्लाईओवर मेट्रो समेत कई नई सौगातें
1 Jan, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: नए उत्साह और उम्मीद के साथ साल 2025 का आरंभ हो गया है। यह नूतन वर्ष भोपाल के लिए रफ्तार का साल होगा। इस बार ऐसे प्रोजेक्ट्स पूरे होने जा रहे हैं, जिनका शहरवासियों को लंबे समय से इंतजार था। नए साल में भोपाल को कौन-सी सौगातें और सुविधाएं मिलेंगी आइए जानते हैं।
भोपाल मेट्रो
भोपाल मेट्रो के पहले चरण के 6.2 किमी रूट पर इस साल मेट्रो दौड़ना शुरू हो जाएगी। सुभाष नगर से एम्स तक आठ स्टेशनों का काम लगभग हो गया है। इस रूट पर जून से कमर्शियल रन शुरू होगा। अगले दो महीने में ट्रैक का लोड टेस्ट और इलेक्ट्रिकल टेस्ट किया जाएगा।
जीजी फ्लाईओवर
गायत्री मंदिर और गणेश मंदिर के बीच 148 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जीजी फ्लाईओवर को जनवरी में जनता के लिए खोला जाएगा। यह फ्लाईओवर 2734 मीटर लंबा है, जो शहर का सबसे लंबा फ्लाईओवर है। इसकी लोड और लाइट टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। इसके चालू होने के बाद वल्लभ भवन चौराहा से गायत्री मंदिर तक 60 प्रतिशत ट्रैफिक इस फ्लाईओवर के माध्यम से संचालित होगा, जिससे बोर्ड ऑफिस चौराहा, व्यापमं, प्रगति और मानसरोवर पर ट्रैफिक में आधी कमी आएगी।
कोलार 6 लेन
कोलार गेस्ट हाउस तिराहे से गोल जोड़ तक 15 किलोमीटर लंबी कोलार सिक्स लेन का निर्माण पूरा हो चुका है। यह शहर की पहली सीसी सिक्स लेन सड़क है, जिसमें पार्किंग जोन भी शामिल है। इस सड़क के निर्माण से कोलार और उससे जुड़े कॉलोनियों के निवासियों को ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलेगी। फरवरी तक इस परियोजना का पूरा कार्य संपन्न हो जाएगा।
निशातपुरा रेलवे स्टेशन
नए वर्ष में निशातपुरा रेलवे स्टेशन का उद्घाटन होने जा रहा है, जो शहर के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान करेगा। इस स्टेशन के चालू होने से भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में कमी आएगी, जिससे यात्रा करना अधिक सुगम होगा। निशातपुरा रेलवे स्टेशन के निर्माण से क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली में भी सुधार देखने को मिलेगा।
संत हिरदाराम रेलवे स्टेशन
संत हिरदाराम रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यात्रियों की सुविधाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। 26 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस स्टेशन का कार्य शीघ्र ही पूरा होने की उम्मीद है।
स्मार्ट मीटर
एमपी विद्युत वितरण कंपनी उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अब स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली आपूर्ति की प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल पर बिल से संबंधित जानकारी प्राप्त होगी, जिससे उन्हें बिल भुगतान के लिए कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
बड़ी खुशखबरी, MPPSC ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के लिए जारी किया नोटिफिकेशन, शेड्यूल जारी
1 Jan, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. अगर आप भी सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं तो आपको बता दें कि एमपी पीएससी ने उच्च शिक्षा विभाग के जरिए सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. खास बात यह है कि ठीक दो साल पहले 30 दिसंबर को देर रात असिस्टेंट प्रोफेसर के 1669 पदों पर वैकेंसी आई थी. 2024 में भी 30 दिसंबर को देर रात असिस्टेंट प्रोफेसर के 1928 पदों पर वैकेंसी जारी की गई है.
एमपी पीएससी ने जारी किया नोटिफिकेशन
बता दें कि इसके लिए एमपी पीएससी ने नोटिफिकेशन जारी किया है. जिसके मुताबिक इस बार भी लाइब्रेरी और स्पोर्ट्स ऑफिसर के पदों पर भर्ती निकाली गई है. इस बार सबसे ज्यादा पद केमिस्ट्री के 199 हैं. परीक्षा 1 जून और 27 जुलाई को दो चरणों में होगी. हालांकि 2022 में वैकेंसी के तहत अभी तक एक भी नियुक्ति नहीं हुई है. इंटरव्यू का दौर जरूर शुरू हो गया है. संभावना है कि जनवरी के अंत तक कम से कम एक या दो विषयों के लिए नियुक्तियां जारी कर दी जाएंगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने किया पदभार ग्रहण ..
1 Jan, 2025 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग श्री मनोज श्रीवास्वत ने 1 जनवरी को पदभार ग्रहण किया। श्री श्रीवास्तव ने पदभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियों की बैठक लेकर आयोग की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री अभिषेक सिंह ने आयोग द्वारा स्थानीय निकायों के चुनाव में किये जा रहे नवाचारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान आयोग के उप सचिव श्री मनोज मालवीय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मयंक अवस्थी, पुलिस अधीक्षक, सीहोर को पांच हजार रूपये का जमानती वारंट जारी
1 Jan, 2025 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा वर्ष 2023 के एक मामले में अब तक जवाब न देने के कारण मयंक अवस्थी, पुलिस अधीक्षक, सीहोर को धारा 32(क) व्यवहार प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत 5000/- रूपये (पांच हजार रूपये) का जमानती वारंट एवं 29 जनवरी, 2025 को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश जारी किये। सूचना पत्र एवं जमानती वारंट पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल (म.प्र.)के माध्यम से तामील करवाकर दिनांक 29.01.2025 के पूर्व किया जाना है।
आयोग के प्रकरण क्रमांक 2077/सीहोर/2023 के अनुसार दिनांक 14.03.2023 को आवेदक कमल सिंह आत्मज शंकर लाल, निवासी- ग्राम रामपुराकलां, तहसील, आष्टा, जिला सीहोर ने अनावेदक गोपाल आत्मज कैलाश विश्वकर्मा के द्वारा आवेदक की पुत्री निशा को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने के संबंध में आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग ने प्रकरण दर्ज कर पुलिस अधीक्षक, सीहोर से मामले की जांच कराकर प्रतिवेदन चाहा। आयोग ने मामले में निरंतर सुनवाई की।
उक्त मामले में आयोग ने मयंक अवस्थी, पुलिस अधीक्षक, सीहोर को दिनांक 10.04.2023, 18.07.2023, 17.10.2023, 05.01.2024 एवं 05.04.2024 को पत्र एवं स्मरण पत्र जारी किये गये थे, लेकिन अवस्थी की ओर से प्रतिवेदन अप्राप्त हुये। तत्पश्चात दिनांक 27.08.2024 को श्री मयंक अवस्थी, पुलिस अधीक्षक, सीहोर को व्यक्तिगत नाम से पत्र जारी कर आयोग के समक्ष दिनांक 26.09.2024 तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने अन्यथा 26.09.2024 को आयोग के समक्ष उपस्थित रहने हेतु सूचना पत्र भी जारी किया गया था, परंतु उनके द्वारा न तो प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया और न ही अवस्थी दिनांक 26.09.2024 को आयोग के समक्ष उपस्थित हुये।
मयंक अवस्थी, पुलिस अधीक्षक, सीहोर को व्यवहार प्रक्रिया संहिता की धारा 32(ग) के प्रावधान अंतर्गत प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने में एवं आयोग के समक्ष दिनांक 26.09.2024 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने में असफल होने के कारण अवस्थी को धारा 32(क) व्यवहार प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत 5000/- रूपये (पांच हजार रूपये) का जमानती वारंट करने एवं दिनांक 29.01.2025 को आयोग में व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति होने के निर्देश दिये गये हैं।
आज से 8 ट्रेनों का हाल्ट बढ़ा, भोपाल रेल मंडल ने जारी किया शेड्यूल
1 Jan, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: 1 जनवरी से भोपाल रेल मंडल के अंतर्गत चलने वाली कई ट्रेनों के ठहराव के समय में वृद्धि की गई है। रेलवे के अनुसार, गुना और बीना रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली 6 ट्रेनों का ठहराव समय 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बेंगलुरु-नई दिल्ली एक्सप्रेस सहित आठ अन्य ट्रेनों का ठहराव भी अब 5 मिनट के बजाय 10 मिनट होगा। यह नई व्यवस्था 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगी। इसके साथ ही, उधना-प्रयागराज कुंभ मेला ट्रेन को भोपाल से चलाने का निर्णय लिया गया है, जो संत हिरदाराम नगर, विदिशा और बीना स्टेशनों पर रुकेगी। उधना-प्रयागराज ट्रेन 31 दिसंबर को शाम 7.10 बजे संत हिरदाराम नगर पहुंचेगी।
इन ट्रेनों का समय बढ़ाया गया
- गाड़ी संख्या-14319 इंदौर-बरेली साप्ताहिक एक्सप्रेस का बीना स्टेशन पर ठहराव बढ़ा दिया गया है।
- गाड़ी संख्या-14320 बरेली-इंदौर साप्ताहिक एक्सप्रेस का बीना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट कर दिया गया है।
- गाड़ी संख्या-22468 गांधी नगर कैपिटल-वाराणसी एक्सप्रेस का बीना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट किया जाएगा।
- गाड़ी संख्या-22830 शालीमार-भुज एक्सप्रेस का बीना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट किया जाएगा।
- गाड़ी संख्या-19306 कामाया-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस का बीना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट कर दिया गया है।
- गाड़ी संख्या-12181 जबलपुर-अजमेर दयोदय एक्सप्रेस का गुना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट किया गया है।
- गाड़ी संख्या-12182 अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस का गुना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट किया गया है।
- गाड़ी संख्या-12627 बेंगलुरु-नई दिल्ली एक्सप्रेस का भोपाल स्टेशन पर ठहराव बढ़ा दिया गया है।
कुंभ मेला के लिए विशेष ट्रेन इटारसी स्टेशन पर ठहरेगी
गाड़ी संख्या 09009, जो वलसाड़ से प्रयागराज के लिए एकतरफा विशेष ट्रेन है, 1 जनवरी को सुबह 8:40 बजे वलसाड़ से रवाना होगी। यह ट्रेन इटारसी स्टेशन पर रात 10:55 बजे रुकेगी और इसके बाद अन्य मार्ग के स्टेशनों से होते हुए 2 जनवरी को प्रयागराज स्टेशन पहुंचेगी।
सभी ट्रेनों के ठहराव में यह वृद्धि यात्रियों की सुविधा के लिए की गई है। यह निर्णय रेलवे द्वारा यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में वीडी सबसे आगे
1 Jan, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भाजपा का संगठन चुनाव अंतिम चरण में पहुंच गया है। बूथ के बाद ब्लॉक अध्यक्षों के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिलाध्यक्षों के निर्वाचन के लिए रायशुमारी हो चुकी है। ज्यादातर जिलों में रायशुमारी से ही जिलाध्यक्ष तय होंगे। इसी हफ्ते भाजपा के सभी संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष तय हो जाएंगे। इसके बाद प्रदेशाध्यक्ष के लिए चुनाव होगा। केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेशाध्यक्ष के लिए 15 जनवरी की दिन निर्धारित किया है। ज्यादातर राज्यों में इस दिन तक प्रदेशाध्यक्ष तय हो जाएंगे। मप्र में प्रदेशाध्यक्ष के लिए जिन नेताओं के नाम दौड़ में है उनमें वर्तमान अध्यक्ष वीडी शर्मा की दावेदारी सबसे तगड़ी है। इसके अलावा नरोत्तम मिश्रा, लाल सिंह आर्य, हेमंत खंडेलवाल, आलोक शर्मा, रामेश्वर शर्मा, सुमेर सिंह सोलंकी के नाम भी शामिल हैं।
भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष के लिए कई दावेदार नेताओं के नाम हैं। जिनमें से एक नाम मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा का भी है। शर्मा प्रदेशाध्यक्ष के दावेदारों में शामिल हैं। वीडी शर्मा को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा 15 फरवरी 2020 को हुई थी। उनके नेतृत्व में 2020 में भाजपा की सरकार बनी। फिर 2023 में विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल की और 2024 में लोकसभा की सभी 29 सीटों पर पार्टी प्रत्याशी जीते। शर्मा करीब 5 साल तक प्रदेशाध्यक्ष का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। इसके अलावा आधा दर्जन से ज्यादा नाम चर्चा में हैं। हालांकि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष का फैसला केेंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। जिसमें किसी अजा, अजजा वर्ग से आने वाले नेता के नाम पर भी प्रदेशाध्यक्ष की मुहर लग सकती है। भाजपा में ज्यादातर जिलाध्यक्षों के नाम पर रायशुमारी हो चुकी है। कुछ जिलों में अध्यक्षों के नाम पर पेंच फंसा है। जिसकी वजह बड़े नेता अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष बनाना चाहते हैं। जबकि कुछ जिलों में नेता अपने करीबियों को फिर से जिलाध्यक्ष बनवाना चाहते हैं। प्रदेश संगठन चुनाव समिति के पदाधिकारी के अनुसार जिलाध्यक्षों के नाम केंद्रीय नेतृत्व से अनुमोदन के बाद घोषित होंगे। संभवत: किसी भी जिले में चुनाव की नौबत नहीं आएगी।
15 तक हो सकता है प्रदेशाध्यक्ष का ऐलान
गौरतलब है कि प्रदेश भाजपा में संगठन चुनाव की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरणों में पहुंच रही है। बूथ, मंडल के चुनाव के बाद अब जिलाध्यक्षों को लेकर रायशुमारी का काम भी पूरा हो गया है। इसी हफ्ते अधिकांश जिलों के अध्यक्षों का ऐलान कर दिया जाएगा। जिलाध्यक्ष के बाद जिस चुनाव पर प्रदेश के आला नेताओं की नजरें लगी है वह है प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव। भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा इसे लेकर सियासी गलियारों में हलचल है। माना जा रहा है कि नए अध्यक्ष का नाम मकर सक्रांति तक सामने आ जाएगा। जिन नेताओं के नाम प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में है उनमें वर्तमान अध्यक्ष वीडी शर्मा की दावेदारी सबसे तगड़ी है। इसके अलावा नरोत्तम मिश्रा, लाल सिंह आर्य, हेमंत खंडेलवाल, आलोक शर्मा, रामेश्वर शर्मा, सुमेर सिंह सोलंकी के नाम भी शामिल हैं। भाजपा में पिछले एक महीने से अधिक समय से निर्वाचन की प्रक्रिया चल रही है। पार्टी ने इसे संगठन महापर्व का नाम दिया है। लोकसभा चुनाव निपटने के बाद से केन्द्रीय संगठन ने पहले सदस्यता अभियान शुरू किया फिर संगठन चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी। भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा केन्द्रीय मंत्री भी हैं। भाजपा एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धान्त पर काम करती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति जल्दी होना है। यही वजह ह है कि प्रदेश अध्यक्षों का निर्वाचन भी जल्द कराया जाएगा। संगठन का नियम है कि आधे से अधिक जिलों में अध्यक्षों का ऐलान हो जाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन हो सकता है। इसी तरह आधे से अधिक प्रदेश अध्यक्षों के ऐलान के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। इस बार जिलाध्यक्षों के लिए पार्टी ने सभी की राय से पैनल तैयार किया है। इन नामों को केन्द्रीय नेतृत्व को भेजा गया है। कई जिलों में सिंगल नामों पर सहमति बन गई है लिहाजा एक ही नाम है। जहां पैनल हैं वहां नए साल के एक दो दिनों में एक नाम तय कर लिया जाएगा। माना जा रहा है कि चार और पांच जनवरी को अधिकांश जिलों के अध्यक्षों का नाम सामने आ जाएगा।
वीडी और नरोत्तम में प्रतिस्पर्धा
प्रदेश अध्यक्ष के लिए वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बीच प्रतिस्पर्धा है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष के लिए केन्द्रीय नेतृत्व आधा दर्जन से अधिक नामों पर विचार कर रहा है। इसके अलावा किसी महिला नेत्री को भी प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। संभावना यह भी है कि वीडी शर्मा को फिर से रिपीट कर दिया जाए। वे पार्टी के लिए शुभंकर रहे हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी ने विधानसभा चुनाव जीता तो लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया। संगठन के सदस्यता अभियान में भी उन्होंने अपनी सफलता के झंडे गाड़े है। उनके अलावा पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भी सबसे ज्यादा चर्चा में है। मिश्रा पार्टी की न्यू ज्वायनिंग टोली के मुखिया है और उन्होंने लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस और अन्य दलों के हजारों नेताओं को भाजपा में शामिल कराया है। उनके दिल्ली में भी सम्पर्क बेहतर है। इसके अलावा संगठन कौशल को देखते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष और भोपाल के सांसद आलोक शर्मा का नाम भी है। विधायक रामेश्वर शर्मा, हेमंत खंडेलवाल का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में चल रहा है। ये सभी नेता सामान्य वर्ग से आते हैं। पार्टी ने अगर अनुसूचित जनजाति वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष बनाने का तय किया तो सांसद सुमेर सिंह सोलंकी और फग्गन सिंह कुलस्ते दावेदार हो सकते हैं। अनुसूचित जनजाति चेहरे पर दांव लगा तो लाल सिंह आर्य की लाटरी भी खुल सकती है हालांकि आर्य दो चुनाव हार चुके हैं। महिला नेत्री को मौका दिया गया तो अर्चना चिटनिस, हिमाद्री सिंह, रीति पाठक और लता वानखेड़े जैसे नेताओं के नाम पर संगठन विचार कर सकता है।
1 जनवरी से होंगे 3 बड़े बदलाव, महीने के पहले शनिवार को भी रहेगी छुट्टी
1 Jan, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: आज 1 जनवरी से नया साल शुरू हो गया है. नए साल में बड़े बदलाव भी होने जा रहे हैं. नए साल से जिला अदालतों की छुट्टियों में 12 दिन और जुड़ जाएंगे. इससे न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और वकीलों को राहत मिलने जा रही है. मप्र हाईकोर्ट ने नए साल का अवकाश कैलेंडर जारी करते हुए हर महीने के पहले शनिवार को अवकाश को भी मंजूरी दे दी है. यह व्यवस्था 1 जनवरी 2025 से लागू होगी. यानी इस महीने के पहले शनिवार यानी 4 जनवरी को जिला अदालतों में अवकाश रहेगा. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत के इस आदेश का अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने स्वागत किया है. इससे पहले जिला अदालतों में सिर्फ महीने के तीसरे शनिवार को ही अवकाश रहता था. इसे लेकर जिला अधिवक्ता और कर्मचारी संघों की ओर से मांग की जा रही थी। अब हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को जिला अदालतों में काम नहीं होगा।
15 जनवरी तक दाखिल किए जा सकेंगे आयकर रिटर्न
आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2024-25 के लिए विलंबित और संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जनवरी 2025 कर दी है। पहले यह तिथि 31 दिसंबर तय की गई थी। यह निर्णय केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने लिया है। इस संबंध में टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मृदुल आर्य ने आयकर सॉफ्टवेयर में बदलाव को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका के कारण तिथि बढ़ाए जाने की संभावना जताई है।
आज से सुबह 10 से शाम 4 बजे तक काम करेंगे बैंक
नए साल में बैंकिंग सेवाओं में बदलाव होने जा रहा है। अब ग्राहक राज्य के बैंकों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक (लंच टाइम को छोड़कर) बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके बाद बैंक कर्मचारी शाम 5 बजे एक घंटे के लिए अन्य शेष कार्य करेंगे। यह निर्णय राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की पूर्व में हुई बैठक में लिया गया था। राजधानी में सरकारी बैंकों की संख्या 938 और राज्य में 7,613 है। यूनियन बैंक के क्षेत्रीय महाप्रबंधक बिरजा प्रसाद दास ने कहा कि एक ही समय होने से ग्राहकों को सुविधा होगी।
मप्र में फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी करने वालों की बहार
1 Jan, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । फर्जी सर्टिफिकेट को लेकर महाराष्ट्र की ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर पर जिस तरह ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई, वह नजीर बन गया है। लेकिन मप्र में इस कार्रवाई का कोई असर पड़ेगा, ऐसा लगता नहीं है। क्योंकि मप्र में फर्जी सर्टिफिकेट पर काम करने वालों की भरमार है। आलम यह है कि अगर कभी किसी के खिलाफ शिकायत हो भी जाती है तो जांच में ही उसकी पूरी नौकरी गुजर जाती है। यानी मप्रमें फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी करने वालों की बहार ही बहार है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र की ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी जाति और दिव्यांग प्रमाण-पत्र लगाकर नौकरी हासिल की है। मप्र में भी फर्जी प्रमाण-पत्र लगाकर नौकरी करने वाले अधिकारी कम नहीं हैं। इनमें कई आईपीएस और आईएएस भी शामिल हैं। आईपीएस ऑफिसर रघुवीर सिंह मीणा का जाति प्रमाण-पत्र गलत पाया जा चुका है। इसी तरह एक एडिशनल एसपी के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नौकरी पाने के मामले में एफआईआर तक दर्ज हो चुकी है। मप्र में करीबन 1000 अधिकारी-कर्मचारी जाति प्रमाण-पत्र संदेह के घेरे में हैं। जिनमें से करीब 90 प्रतिशत मामलों में अब तक विभागीय जांच ही पूरी नहीं हो सकी। जिससे दागी अधिकारी-कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और वो धड़ल्ले से सरकारी नौकरियों पर जमे हुए हैं।
प्रथम श्रेणी के 600 अधिकारी संदेह में
मप्र में हलवा जाति का प्रमाण-पत्र भी फर्जी मानकर निरस्त किया जा चुका है। विदिशा जिले के सिरोंज में मीणा जाति अनुसूचित जनजाति में आती थी, जबकि राजस्थान में मीणा सामान्य जाति में आते हैं। इसी का फायदा उठाकर सिरोंज से बड़ी संख्या में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का खेल चला। जिसमें कई अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, उधर कई जांच के घेरे में हैं। मध्यप्रदेश में करीबन 600 क्लास वन अधिकारियों के जाति प्रमाण पत्र संदेह के घेरे में हैं। इस मामले में मप्र के सेवानिवृत्त डीजी अरुण गुर्टू ने कहा कि, आईएएस, आईपीएस और आईएफएस इन तीनों में पद के दुरूपयोग के सबसे ज्यादा मामले हैं, क्योंकि इन पर किसी तरह का सरकार का अंकुश नहीं है। इसके अलावा मध्यप्रदेश में राज्य सरकार के विभागों में भी कई अधिकारी-कर्मचारी फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नौकरी कर रहे हैं। लेकिन ऐसे मामलों में जांच की गति बेहद धीमी है। ऐसे कर्मचारी अधिकारी सालों नौकरी करके रिटायर्ड भी हो जाते हैं और जांच ही खत्म नहीं हो पाती। विधानसभा के शीत कालीन सत्र में कांग्रेस विधायक डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह द्वारा पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि 2020 के बाद पिछले चार साल में 24 अधिकारी कर्मचारियों के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त किया जा चुका है। इसी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर इन कर्मचारी-अधिकारियों ने सरकारी नौकरी प्राप्त की थी। वहीं जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने इसकी लिखित जानकारी विधानसभा में दी है। जिसमें कहा गया है कि प्रदेश में 232 कर्मचारी अधिकारियों के जाति प्रमाण पर की जांच की जा रही है। इन 232 कर्मचारी-अधिकारियों के खिलाफ अलग-अलग लोगों द्वारा शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
छानबीन समिति के पास लंबित हैं मामले
आरोप है कि, फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वाले अधिकतर अधिकारी-कर्मचारियों की जांच उच्च स्तरीय छानबीन समिति के पास लंबित है। जिन प्रकरणों की जांचें पूरी हो चुकी हैं, उन मामलों में भी विभागीय स्तर से कोई एक्शन नहीं हो रहा है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले अधिकारी-कर्मचारी बदस्तूर अपनी नौकरी कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी भी इन्हें न तो नौकरी से हटा पा रहे हैं और न ही फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर अर्जित किए गए लाभ की वसूली करा रहे हैं। आरोप है कि, एक तरफ प्रदेश में हजारों लोग फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरियां कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं, एक मामले में जबलपुर में सहकारिता विभाग में कार्यरत एक महिला ने कार्यालय में काम करने वाली एक अन्य सहयोगी की जानकारी आरटीआई में मांगी। जिस महिला की जानकारी मांगी गई उसने जानकारी मांगने वाली महिला के विरुद्ध एससीएसटी एक्ट में मामला भी दर्ज करा दिया। हालांकि राज्य सूचना आयोग ने इस मामले में कहा कि, शासकीय कार्यालय में काम करने वाली महिला के जाति प्रमाण पत्र की जानकारी व्यक्तिगत कैसे हो सकती है।
सालों बाद भी विभागीय कार्रवाई नहीं
इधर, एक अन्य मामले में फर्जी प्रमाण पत्र लगातार नौकरी पाने वाले अधिकारी के खिलाफ विभागीय स्तर से तो 11 साल पहले पुलिस थाने में स्नढ्ढक्र के लिए पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई आज तक नहीं हो पाई है। ऐसे अफसरों से वसूली की बात तो भूल ही जाइए। एक मामला जहां मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकास्ट) का है तो वहीं 8 मामले हथकरघा विभाग से जुड़े हैं। आरोप है कि, इनमें एक में भी दोषी अधिकारी-कर्मचारी पर एक्शन नहीं हुआ। विभागीय अधिकारियों की ओर से मामले को लंबे समय से दबाया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि बड़ी संख्या में लोग फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर अपनी नौकरी पूरी करके रिटायर तक हो चुके हैं और ऐसे अधिकारियों के संबंध में तो कोई जांच करना ही नहीं चाहता है। बता दें कि, प्रमाण पत्र के दो चर्चित मामलों में सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग है। इसमें पहला माधुरी पाटिल बनाम एडिशनल कमिश्नर ट्राइबल डिपार्टमेंट महाराष्ट्र और दूसरा डायरेक्टर ट्राइबल वेलफेयर आंध्रप्रदेश बनाम लावेदी गिरी। इसमें कहा गया है कि यदि उच्च स्तरीय छानबीन समिति जाति प्रमाणपत्र को फर्जी पाती है, तो आरोपी को नियोक्ता सीधे बर्खास्त कर सकता है। संबंधित कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
अफसरों-कारोबारियों की सांठ-गांठ की खुलेंगी परतें
1 Jan, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मप्र में रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन से जुड़ी तीन कंपनियों पर आयकर की छापेमारी में अफसरों और कारोबारियों के काले कारोबार की परतें खुलने वाली हैं। दरअसल, त्रिशूल कंस्ट्रक्शन के कॉल डिटेल्स (सीडीआर) आयकर विभाग को मिल चुकी है। आयकर विभाग इसकी पड़ताल में जुट गया है। दावा किया जा रहा है कि इसकी पड़ताल से चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। गौरतलब है कि रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन से जुड़ी कंपनियों पर आयकर की छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आयकर विभाग ने दस्तावेजों में एंट्री की है कि चंदनपुरा में 54 एकड़ जमीन खरीदने के लिए रायपुर के खनन कारोबारी महेंद्र गोयनका ने बिल्डर राजेश शर्मा को 45 करोड़ रुपए कैश दिया था। यह जमीन तीन अलग-अलग कंपनियों के जरिए खरीदी गई। राजेश शर्मा के घर से मिले दस्तावेजों में यूरो पायलेट प्रा.लि. नामक कंपनी सामने आई, जो गोयनका की बताई जा रही है। जमीन का सौदा 65 करोड़ रु. में हुआ था। बाद में कीमत 110 करोड़ हो गई। भुगतान तीन किश्तों में 25 करोड़, 55 करोड़ और 30 करोड़ रुपए के रूप में हुआ।
लगातार बातचीत करने वालों की सूची बन रही
जानकारी के अनुसार त्रिशूल कंस्ट्रक्शन के कॉल डिटेल्स (सीडीआर) आयकर विभाग को मिल चुकी है। इससे पहले महेंद्र गोयनका की डायरी से भी कई क्लू मिले हैं। सूत्रों की मानी जाए तो राजेश शर्मा के यहां से मिले मोबाइल फोन की सीडीआर का दस महीने ने निकाल लिया है। जिसमें उसने कई अफसरों से सीधे बातचीत की। इनमें लगातार टू वे कम्युनिकेशन करने वाले की सूची बन रही है। उनकी सीडीआर की जांच में मनी लांड्रिंग के बड़े खुलासे हो सकते हैं। आयकर के निशाने पर आए राजेश शर्मा की कई अफसरों से एक दिन में कई बार बात हुई। जबकि कुछ अफसरों से उसकी लगातार बातें होती रही हैं। आयकर विभाग को शक है कि इन अफसरों से इतनी बातचीत इंवेस्टमेंट को लेकर हो सकती है। यह भी सामने आया है कि कुछ अफसरों तक उसकी पहुंच अपने दलाल के जरिए थी। वल्लभ भवन, पुलिस मुख्यालय और वन विभाग में उसके दलाल मौजूद थे, जो अफसरों से जान पहचान और इंवेस्टमेंट करवाने के लिए राजेश शर्मा के संपर्क में लाए जाते थे। क्वालिटी बिल्डर्स के मुन्ना-विनोद अग्रवाल, ईशान बिल्डर्स के तेजेंदर और बलविंदर पाल पर आयकर विभाग के बाद अब मध्य प्रदेश कॉडर के कुछ आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती है। राजेश शर्मा ने दलालों के जरिए अपना जाल वल्लभ भवन, पुलिस मुख्यालय और वन विभाग में फैला लिया था। आयकर विभाग को जांच के दौरान इस संबंध में अहम जानकारी लग गई है। इस जानकारी की और पुख्ता करने के बाद इस विभाग की जद में प्रदेश के कई ब्यूरोक्रेटस और नेता आ सकते हैं।
अब होंगे चौंकाने वाले खुलासे
राजेश शर्मा सहित क्वालिटी बिल्डर्स के मुन्ना विनोद अग्रवाल, ईशान बिल्डर्स के तेजेंदर और बलविंदर पाल के 52 ठिकानों पर आयकर विभाग के छापों में मिली संपत्ति और दस्तावेजों के प्रारंभिक आंकलन में ही बड़ी मात्रा में बेनामी संपत्ति, शैल कंपनीज और बोगस खातों से फंड रोटेशन की आशंका को बल मिला है। आयकर की जांच इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि किन लोगों की काली कमाई को सफेद करने के लिए किन किन कानूनों का उल्लंघन हुआ है। उन पर आयकर विभाग जिम्मेदारी फिक्स करेगा। आयकर विभाग ने राजेश से ने आठ करोड़ से ज्यादा की नकदी और करोड़ो रुपए की ज्वेलरी के जमीन के कागजात जप्त किये थे। आयकर विभाग ने इन सभी के यहां के मिले मोबाइल और अन्य दस्तावेजों और अलग- अलग बैंक खातों, लॉकर्स के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाया। दस्तावेजों में कई अफसरों के नाम और जिक्र मिला है। इनकी सीडीआर मिलने और उनकी जांच के बाद बड़े खुलासे होने की संभावना है।
दस्तावेजों में अफसरों के भी नाम
जानकारी के अनुसार दस्तावेजों में अफसरों के भी नाम आने लगे हैं। पहला नाम आईएफएस निवेदिता का है, जिन्होंने मंदिर में चांदी का मुकुट चढ़ाने के लिए राजेश को नकद पैसा दिया। यह कितना था, इसका जिक्र नहीं है। निवेदिता कौन है, इसकी जानकारी के बाद आयकर उन्हें पूछताछ के लिए बुला सकता है। आयकर छापों में दस्तावेजों में दलालों का भी जिक्र आया है। इसमें बताया गया कि भोपाल कलेक्ट्रेट व तहसील दफ्तर के लिए दलाली अरविंद दुबे करता था। पीएचक्यू में सब इंस्पेक्टर सोलंकी और वल्लभभवन में फॉरेस्ट के काम अजीत शर्मा देखता था। जानकारी के अनुसार 982602**01, 930102**01 और 748945**82 भी आयकर विभाग को मिले हैं, अब इनकी पड़ताल की जाएगी। गिट्टी का कारोबार करने वाली ट्राइडेंट इंटरप्राइजेज कंपनी के कागज मिले हैं, जिसे राजेश शर्मा की पत्नी चलाती है। त्रिशुल कंस्ट्रक्शन में भी पत्नी पार्टनर है। अवधेश सिंह, नान सिंह और धर्मेंद्र के आधार कार्ड मिले हैं। विभाग को शक है कि इनके नाम से भी रजिस्ट्री हुई। सेंट्रल पॉर्क की प्रॉपर्टी में राजेश ने बलविंदर उर्फ सोनू और बॉबी के साथ पार्टनरशिप की। वर्ष 2020-21 में निवेश किया। सेंट्रल पार्क के आठ प्लॉट जिन्हें 40 लाख रुपए में खरीदना बताया गया, उसके कागज बिल्डर राजेश के पास मिले हैं। सेंट्रल पार्क की 31 एकड़ जमीन के कई दस्तावेज मिले हैं, जिनमें नगद लेन-देन हुआ है। महेंद्र गोयनका के साथ सेंट्रल पार्क मामले में लिखित एग्रीमेंट नहीं मिला, लेकिन ऐसा बताया गया कि 15 प्रतिशत की प्रॉफिट शेयर वाली बात मौखिक हुई।
साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का टोल-फ्री नंबर 1930 का स्टीकर जारी
1 Jan, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर। पुलिस ग्राउंड में चेतना जागरूकता अभियान के तहत, चेतना विरुद्ध साइबर अपराध के तारतम्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों के प्रति जन-जागरूकता फैलाना और नागरिकों को इससे बचाव के उपाय सिखाना था। इस अवसर पर साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के टोल-फ्री नंबर 1930 के स्टीकर जारी किए गए, जो लोगों को साइबर अपराध की रिपोर्टिंग के लिए प्रोत्साहित करेंगे। इन स्टीकर्स को पुलिस अधिकारियों ,पेट्रोलिंग के वाहन, चेतन मित्रों, मीडियाकर्मियों तथा आमजन के निजी वाहनों पर लगाया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने इस अवसर पर कहा कि साइबर अपराधों का बढ़ता खतरा हमारे समाज और व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। जागरूकता और सतर्कता से ही हम इस खतरे को कम कर सकते हैं। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे किसी भी साइबर अपराध का सामना करने पर तुरंत 1930 पर संपर्क करें।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु आईपीएसड़सुमित कुमार ने आमजन को साइबर अपराधों के विभिन्न रूपों जैसे डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल्स से बचने के लिए जरूरी उपायों की जानकारी दी। साथ ही, यह सुनिश्चित किया गया कि सभी वर्गों तक यह संदेश पहुंचे।
इस अभियान में शहर के प्रमुख सामाजिक संस्थानों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे जनजागरूकता को व्यापक स्तर पर फैलाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती अर्चना झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार, नगर पुलिस अधीक्षक (कोतवाली) अक्षय प्रमोद सभद्रा, नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) निमितेश सिंह, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (कोटा) नूपुर उपाध्याय, उप पुलिस अधीक्षक यातायात संजय साहू, प्रशिक्षु आईपीएस सुमित कुमार, प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक रोशन आहुजा सहित शहर के सभी थानों के थानाप्रभारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
नेता पुत्रों की कब खुलेगी किस्मत?
1 Jan, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मप्र भाजपा की राजनीति में नेता पुत्रों के राजनीतिक भविष्य पर तथाकथित तौर पर ताला लगा हुआ है। परिवारवाद पर भाजपा और विशेषकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रोक ने मप्र के उन नेता पुत्रों को मायूस कर दिया है, जो राजनीतिक विरासत पाकर अपना भविष्य संवारना चाहत थे। आलम यह है कि चुनावी राजनीति के साथ ही संगठन में भी नेता पुत्रों के लिए फिलहाल दरवाजे बंद हैं। ऐसे में हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि नेता पुत्रों की किस्मत का ताला कब खुलेगा?गौरतलब है कि मप्र में नेता पुत्रों की बड़ी पौध राजनीति में हाथ आजमान को तैयार है। लेकिन पीएम मोदी के सख्त रुख के चलते विधानसभा से लेकर लोकसभा चुनाव तक में नेता पुत्रों को टिकट नहीं मिला, बल्कि विधायक बेटे आकाश का टिकट कटने पर पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और मप्र सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को चुनाव लडऩा पड़ा। वहीं अब संगठन चुनाव में भी उनकी पूछपरख नहीं हो रही है। चनावों में टिकट न मिलने के बाद अब संगठन चुनाव में भी इन नेता पुत्रों की कोई पूछपरख नहीं है। बता दें, पिछले दिनों लोकसभा चुनाव और कई राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली जीत को पार्टी ने परिवारवाद को बढ़ावा न देने की उपलब्धि भी करार दिया। यही वजह है कि जो नेता पुत्र हमेशा से राजनीति में आगे दिखाई देते थे, वे अब मैदान से ही गायब हैं।
राजनीति में सक्रिय नहीं नेताओं के पुत्र
भाजपा में आधे दर्जन से अधिक दिग्गज नेताओं ने कई वर्षों पहले से अपनी राजनीतिक विरासत को अगली पीढ़ी को सौंपने की तैयारी शुरू कर दी थी। लेकिन परिवारवाद के कारण कईयों की मंशा पूरी नहीं हो पाई है। पहले राजनीतिक और सामाजिक कार्यों में अपनी उपस्थिति का लोहा मनवाने वाले नेता पुत्र अब राजनीति में सक्रिय नहीं हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर पार्टी के कोई भी नेता खुल कर बोलना नहीं चाहते हैं। हर किसी का यह कहना है कि राजनीतिक विरासत पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्पष्ट संदेश के बाद कहने के लिए कुछ नहीं बचता। इसका असर दिखने लगा है। पहले नेताओं के पुत्र सक्रिय रहते थे वे अब नजर नहीं आ रहे हैं। यदि परिवारवाद पर रोक का असर टिकट वितरण पर भी नजर आया तो दिग्गजों और उनके पुत्रों के राजनीतिक अरमान ठंडे हो जाएंगे। उधर, चुनावों में किस्मत आजमाने की आस लगाए बैठे नेता-नेता पुत्रों को पार्टी का यह दावा भी निराश करने वाला है कि पिछले दिनों जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए, वहां भाजपा को मिली जीत परिवारवाद को बढ़ावा नहीं देने की वजह से हुई है।
चुनाव लडऩे की मंशा धरी की धरी रह गई
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, जयंत मलैया, गौरीशंकर बिसेन और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा जैसे राजनेताओं के पुत्र-पुत्री पहले राजनीति में जमकर सक्रिय थे, वे अब कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में मप्र में पार्टी के दिग्गजों पर अपनी राजनीतिक विरासत पुत्रों को देने की मंशा पर संकट गहरा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के पहले से सक्रिय हैं। इस लोकसभा चुनाव में उन्होंने विदिशा में जनसभाएं की भी कीं। शिवराज सिंह चौहान ने यहां से चुनाव लड़ा है। हालांकि, पहले उन्होंने कहा था कि जनता योग्य समझेगी तभी टिकट की दावेदारी के बारे में सोचूंगा। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री व विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के पुत्र देवेंद्र सिंह तोमर (रामू) भी लगभग 10 वर्ष से राजनीति में सक्रिय हैं। विधानसभा चुनाव 2023 में उन्हें टिकट मिलने की अटकलें थी पर पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने नरेंद्र सिंह तोमर को ही प्रदेश की राजनीति में लाकर विधानसभा चुनाव लड़ाया। सागर जिले की रहली विधानसभा सीट से नौ बार के विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी बेटे अभिषेक को स्थापित करना चाहते हैं। वह दमोह या खजुराहो से इस बार लोकसभा चुनाव के टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे, पर पार्टी ने दमोह से राहुल सिंह लोधी का उतारा। उधर, दमोह से वर्ष 2023 में सातवीं बार विधायक बने और पूर्व मंत्री जयंत मलैया के पुत्र सिद्धार्थ वर्ष 2021 के उपचुनाव में यहां भाजपा से टिकट की दावेदारी भी कर रहे थे, पर पार्टी ने कांग्रेस से आए राहुल लोधी को उतारा। राहुल चुनाव हारे तो मलैया परिवार पर भितरघात का आरोप लगा। सिद्धार्थ को पार्टी से निकाल दिया गया था। वह दोबारा अप्रैल 2023 में पार्टी में शामिल तो हो गए, पर पार्टी ने उनकी जगह फिर जयंत मलैया हो ही यहां से टिकट दिया। बालाघाट से विधायक व पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन अपनी बेटी मौसम को आगे बढ़ा रहे थे। उन्हें विधानसभा का टिकट भी मिला था, पर लडऩे से मना कर दिया तो अंतत: गौरीशंकर को ही चुनाव लडऩा पड़ा। अब नेता पुत्रों की किस्मत कब खुलेगी इसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
मोहन सरकार के नए साल का लक्ष्य निर्धारित
1 Jan, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार ने नए साल के लिए लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए रोड मैप बनाया है। चार साल और विजन का बड़ा खाका तैयार किया गया है। आइए जानते है एमपी सरकार के रोड मैप के अहम बिंदु प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना किया जाएगा। एक लाख 25 हजार अस्थाई विद्युत कनेक्शन लेने वाले कृषकों को सौर ऊर्जा के पम्प प्रदाय किये जाएंगे। अगले 4 वर्ष में सौर ऊर्जा पम्प प्रदाय कर किसानों को विद्युत आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। कृषि फसलों के विविधीकरण की पहल की जाएगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ौत्तरी हो। अधिक दाम प्रदान करने वाली फसलों की ओर किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
सिंचाई, एजुकेशन को लेकर
एमपी में वर्तमान में 50 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र है..अगले पांच वर्षों में इसे दोगुना एक 1 करोड़ हेक्टेयर किया जाएगा। वर्तमान में 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज है और 13 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज है। पीपीपी मोड पर 12 और 8 शासकीय मेडिकल कॉलेज चालू किये जाएंगे। प्रदेश में दुग्ध समितियों का विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में प्राथमिक दुग्ध समितियां 8,500 गांवों में ही है। एक वर्ष में 15 हजार गांवों तथा 4 वर्षों में प्रदेश के समस्त गांवों तक दुग्ध समितियां गठित की जाएंगी।
एक लाख सरकारी भर्तियां
महिला स्व-सहायता समूह को जन आंदोलन बनाया जाएगा। वर्तमान में 25 लाख महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़ी है यह संख्या चार वर्ष में 50 लाख तक बढ़ाई जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रदेश में बसों के लिये परिवहन कंपनी बनाकर संचालन किया जाएगा। वर्ष-2025 को उद्योग एवं रोजगार-वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। जिसमें युवाओं को शासकीय नौकरी के साथ स्व-रोजगार से जोडऩे का वृहद स्तर पर कार्य होगा। एक लाख सरकारी भर्तियां की जाएंगी।
मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का गठन
प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (महानगर) का गठन किया जाएगा। इंदौर-उज्जैन-देवास-धार को मिलाकर एक और भौपाल-सीहोर रायसेन विदिशा-ब्यावरा (राजगड) को मिलाकर दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाया जाएगा। संभाग, जिला, तहसीलों और अनुविभागों का पुनर्गठन किया जाएगा। भारत सरकार के विजन के अनुरूप राज्य के सभी संभाग मुख्यालयों जैसे ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदपुरम, शहडोल आदि को भी क्षेत्रीय आर्थिक विकास केंद्र के रूप में विकसित करने की अवधारणा के साथ कार्य योजना बनाई जाएगी। प्रदेश में संतुलित नगरीय विकास को गति देने और आर्थिक विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पुनर्घनत्वीकरण और पुनर्विकास नीति के अतिरिक्त एकीकृत टाउनशिप नीति तैयार की जाएगी। इसमें निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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