मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 जून को गाडरवारा में करेंगे 80 करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन
8 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 जून को नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एक भव्य आयोजन में 80 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत के 135 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 56 करोड़ 58 लाख रुपये के 67 कार्यों का लोकार्पण और 23 करोड़ 88 लाख रुपये के 68 कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल जीवन मिशन के अंतर्गत 396 लाख रुपये की लागत से देवरी से बनवारी पिपरिया तक 8.27 किमी सड़क, साईंखेड़ा में सीवरेज मलजल योजना तथा पुस्तकालय एवं प्रतीक्षालय जैसे शहरी विकास से जुड़े कार्यों का लोकार्पण और 23 करोड़ 88 लाख रुपये के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। जिले में सामुदायिक भवन, अमृत सरोवर 2.0, आंगनबाड़ी भवनों और अन्य बुनियादी संरचनात्मक सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है।
समाजसेवियों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों, शिक्षकों और विद्याथियों का सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहपुर जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, शिक्षकों और विकास कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभागीय कर्मचारियों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान करेंगे।
मिशन कर्मयोगी में नगरीय प्रशासन एवं विकास के 43 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी पंजीकृत
8 Jun, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रदेश में राष्ट्रीय मिशन कर्मयोगी की अवधारणा और कार्य-प्रणाली को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने क्षमता निर्माण नीति तैयार की है। इस नीति में प्रत्येक विभाग के बजट में मिशन कर्मयोगी के लिये बजट का एक प्रतिशत आरक्षित किया गया है। इस व्यवस्था से कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास के लिये आवश्यक संसाधन सुनिश्चित हो रहे हैं। यह व्यवस्था संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास में भी लागू की गयी है।
मिशन कर्मयोगी डिजिटल पोर्टल पर अब तक 43 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को पंजीकृत किया जा चुका है। ये कुल कर्मचारियों का लगभग 70 प्रतिशत है। संचालनालय के 8816 प्रतिभागी पाठ्यक्रमों में पंजीकृत हैं, जिनमें से 6843 अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्राप्त किया जा चुका है। विभाग द्वारा विशेषज्ञों के माध्यम से 4 ई-लर्निंग मॉड्यूल निर्मित किये गये हैं। इनमें आश्रय-स्थल प्रबंधन, स्व-सहायता समूह गठन एवं प्रबंधन, राजस्व प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 शामिल हैं।
प्रदेश की क्षमता निर्माण नीति मिशन कर्मयोगी के आदर्शों पर आधारित एक ठोस एवं दायित्वपूर्ण रणनीति है। इससे राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों की कौशल और नेतृत्व क्षमता लगातार बढ़ेगी। राज्य सरकार की यह पहल केन्द्र सरकार की नीति से मेल खाती है। प्रशिक्षित प्रशासन तंत्र से सक्षम उत्तरदायी सुशासन व्यवस्था को साकार किया जा रहा है।
जब तक जल सुरक्षित है-तब तक कल सुरक्षित है
8 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में 30 मार्च को उज्जैन से शुरू हुए जल गंगा संवर्धन अभियान को दो माह से अधिक हो गए है। अभियान का समापन 30 जून को होगा। जन सहभागिता से आगे बढ़ रहे इस अभियान से जल संरक्षण के क्षेत्र में खंडवा जिले को देश में पहला स्थान मिला है, जबकि केन्द्रीय जल संसाधन विभाग की एजेंसी के आकलन में प्रदेश को राज्यों की श्रेणी में चौथा स्थान मिला है। अभियान के अंतर्गत रिकार्ड खेत तालाब और अमृत सरोवर बनाये गए हैं। प्रदेश में 5 जून तक 2139 बावड़ियों और 4254 तालाबों की सफाई की गई है। अभियान में 3468 नदी घाटों की सफाई की गई है, 15 913 जल संगोष्ठी, 1677 नुक्कड़ नाटक और 12878 दीवार लेखन के कार्य किये गए हैं। इस अवधि में अभियान में 36 लाख नागरिकों ने सहभागिता की है, इस तरह अभियान जनांदोलन बन गया है। आने वाली वर्षा ऋतु में अभियान के अंतर्गत बने खेत तालाबों, पुनरुद्धरित बावड़ियों और तालाबों में करोड़ों लीटर वर्षा जल सहेजा जा सकेगा। इससे भूजल स्तर में भी सुधार आयेगा और किसानों को फसल के लिए वर्ष भर पानी उपलब्ध रहेगा।
जन सहभागिता से हुई कुओं, बावड़ियों की सफाई और सौंदर्यीकरण
देवास में जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। नदी, नालों, कुएं, बावड़ियों और कुंड की साफ-सफाई की जा रही है तथा उनमें से गदंगी और गाद बाहर निकाली जा रही है। इसके साथ ही खेत तालाबों का भी निर्माण किया जा रहा है। अभियान के तहत कुएं, बावड़ियों की साफ-सफाई कर उनका सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है। मप्र जन अभियान परिषद ने जिले के बागली विकासखंड के कमलापुर गांव की 450 वर्ष प्राचीन हाथी बावड़ी साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण किया गया। इस प्राचीन बावड़ी में हाथी पानी पीते थे। सहभागिता करने वाले नागरिकों ने जल संरक्षण की शपथ भी ली।
दीवारों पर पेंटिंग बना कर जल संरक्षण का संदेश
‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत बुरहानपुर जिले की नगर परिषद शाहपुर में अमरावती नदी किनारे स्थित अधो-संरचनाओं के आस-पास जल ही ‘जीवन की आस, इसे बचाने करो प्रयास’, ‘बोलेगी चिड़िया डाली-डाली, फैलाओ तो तुम हरियाली’, ‘दूषित नहीं करना जल, बर्बाद हो जायेगा कल’, ‘सांसें हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम’, ‘सबका हो एक ही नारा, वर्षा जल बचाओ सारा’, और ‘साफ सुथरा पानी, अच्छे स्वास्थ्य की निशानी, जैसे जल संरक्षण के संदेश लिखे गए। कलात्मकता का परिचय देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का संदेश देती आकर्षक पेंटिंग्स भी बनाई गईं। जिले में ये प्रेरणादायक स्लोगन और आकर्षक पेंटिंग्स नागरिकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं।
300 वर्ष पुरानी बावड़ी की साफ-सफाई औऱ सौंदर्यीकरण
जल संरक्षण के उद्देश्य से सीहोर जिले में चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद के सदस्यों ने गांव लीलाखड़ी और आममाय में स्थित लगभग 300 वर्ष पुरानी बावड़ी पर श्रमदान कर साफ सफाई की गई और ‘बावड़ी उत्सव’ मनाया गया। प्राचीन जल स्त्रोंतों के संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से बावड़ी पर 51 फिट लम्बी चुनरी ओढ़ाई गई और दीप प्रज्ज्वलन कर आकर्षक रंगोली से बावड़ी की साज सज्जा की गई। जन अभियान परिषद के सदस्यों औऱ ग्रामवासियों ने आरती की और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधारोपण भी किया।
मध्यप्रदेश बना पर्यटन क्षेत्र में असीम क्षमता और निवेश का आकर्षण केंद्र : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
8 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि किसी क्षेत्र में यदि औद्योगिक क्रांति, हरित क्रांति और पर्यटन क्रांति आ जाये तो उस क्षेत्र का विकास तीव्र गति से होता है। ऐसे क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर सृजित होते हैं और बेरोज़गारी तथा गरीबी वहाँ ढूँढ़ने से भी नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में अधोसंरचना विकास, पारंपरिक संस्कृति का संरक्षण एवं प्रोत्साहन और पर्यटन क्षेत्र में निजी सहभागिता को बढ़ावा देकर सुनियोजित एवं एकीकृत प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से आज मध्यप्रदेश पर्यटन क्षेत्र में असीम क्षमता और निवेश का आकर्षक क्षेत्र बन गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ट्रेवल एवं टूरिज्म के क्षेत्र में पिछले दो दशकों से सक्रिय ट्रेवल इंडिया टूरिज्म प्राइवेट लिमिटेड के भोपाल स्थित नवीन कार्यालय का शुभारंभ किया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अधोसंरचना विकास और अन्य आवश्यक प्रोत्साहनों के साथ ब्रांडिंग के लिए भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश की समृद्ध पर्यटन धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने के लिये सतत जागरूकता गतिविधियाँ की जा रही हैं। प्रदेश में पर्यटन के सांस्कृतिक, एडवेंचर, लेजर, धार्मिक, आध्यात्मिक, हेल्थ एंड वेलनेस, सेंटर, फ़िल्म आदि क्षेत्रों में आकर्षक वातावरण का निर्माण किया जा रहा है। पर्यटक मध्यप्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, धरोहर स्थल, संस्कृति और सुविधाओं के प्रति जागरूक होंगे तब पर्यटन क्षेत्र में विकास को तेजी मिलेगी। पर्यटन क्षेत्र की उपलब्ध संभावनाओं पर सशक्त प्रयास से देश ही नहीं, विदेशों से भी अधिकाधिक सैलानियों को आकर्षित करने में हम सफल होंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नवीन संस्थान के शुभारंभ पर ट्रेवल इंडिया टूरिज्म प्रा. लि. के प्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ दीं।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में भी शासन विभिन्न मॉडल्स पर कार्य कर रही है। अधोसंरचना विकास के लिए सब्सिडी एवं निवेश प्रोत्साहन की नीतियाँ लागू की गई हैं। ट्रेवल इंडिया टूरिज्म प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कंपनी की 20वीं वर्षगांठ में पल्लवी नगर में नवीन कार्यालय की स्थापना की गई है। कार्यक्रम में पर्यटन, ट्रेवल एवं आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े विशिष्टजन, गणमान्य नागरिक एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
"सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना" से प्रदेश के छोटे निवेशकों को भी मिलेगा लाभ : मंत्री शुक्ला
8 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार अब छोटे निवेशकों के साथी किसानों को भी बिजली उत्पादन का अवसर मुहैया कराने जा रही है। छोटे निवेशकों के साथ किसान सौर ऊर्जा अभियान में "सूर्य मित्र कृषक फीडर योजना" में निवेश करके बेहतर लाभ अर्जित कर सकते हैं। इस योजना का लाभ लेकर किसान सौर ऊर्जा के माध्यम से "बिजली उत्पादक" बन सकते है। मंत्री शुक्ला ने रविवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि "सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना" से प्रदेश के छोटे निवेशकों के साथ किसान भी लाभान्वित होंगे।
मंत्री शुक्ला ने बताया कि योजना में विद्युत सब स्टेशन की 100% क्षमता तक की सौर परियोजनाओं को स्थापित करने का सरकार ने निर्णय लिया है। इस योजना से वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर मिलेंगे। शासन के साथ 25 वर्षों तक का विद्युत क्रय अनुबंध किया जाएगा। मंत्री शुक्ला ने बताया कि योजना से किसानों को दिन में भी सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी। किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में भी योजना कारगर साबित होगी।
अपर मुख्य सचिव, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने योजना के संबंध में विस्तार से पत्रकारों को जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश के छोटे निवेशकों और किसानों को इससे होने वाले लाभों के बारे में अवगत कराया। पत्रकार वार्ता में मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के एमडी अमनवीर सिंह बैंस भी उपस्थित रहे।
सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना
मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना में ग्रिड से जुड़े हुए कृषि पम्पों को सौर ऊर्जा से बिजली देने के लिए फीडर पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के विस्तार का शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। यहाँ पर सिंचाई सुविधाओं के लिए लगभग 8000 पृथक कृषि फीडर्स स्थापित किये गए हैं, जिन पर लगभग 35 लाख कृषि पम्प हैं। इन पृथक कृषि फीडर्स एवं मिश्रित फीडर्स भी जिन पर कृषि पम्प हैं को शीघ्र सौर ऊर्जा से बिजली देने के लिए फीडर पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जाएगी।
इन परियोजनाओं के मुख्य उद्धेश्य
सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का उद्देश्य कृषि लोड का दिन में प्रबंध कर किसान को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराना है। इससे किसानों की जीवन शैली को व्यवस्थित किया जा सकेगा। योजना से सीधे 11 किलो वोल्ट साईड पर बिजली देने से सब- स्टेशन के सभी फीडरों को दिन में एक साथ बिजली दी जा सकेगी। इस व्यवस्था के लिए विद्युत सबस्टेशन के सुधार / नए ट्रांसफार्मर पर होने वाले तात्कालिक खर्चे कम हो सकेंगे।
योजना से म.प्र.पॉवर मेनेज़मेंट कंपनी लिमिटेड को कम दर पर विद्युत उपलब्ध करवाना है ताकि कृषि क्षेत्र में विद्युत सब्सिडी का भार कम हो सके। साथ ही सीधे विद्युत खपत स्थल पर ऊर्जा प्रदाय कर पारेषण हानि को कम करना, 33/11 किलोवोल्ट विद्युत वितरण उप- केन्द्रों पर स्थापित पावर ट्रांसफार्मर पर ओवर- लोडिंग. लो-वोल्टेज एवं पावर कट की समस्या कम करना , रिएक्टिव पॉवर के उपयोग से ग्रिड स्टेबिलिटी का प्रबंधन किया जा सकेगा।
"सूर्य-मित्र कृषि फीडर"- क्रियान्वयन के मुख्य बिंदु -
योजना के अंतर्गत विद्युत् सब-स्टेशंस की 100 प्रतिशत क्षमता तक की सौर परियोजनाओं की स्थापना की जा सकेगी। वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
शासन के साथ 25 वर्षों तक विद्युत् क्रय अनुबंध किया जाएगा। वर्तमान में 1900 से अधिक सब-स्टेशंस पर 14500 मेगावाट क्षमता परियोजनाओं के चयन हेतु उपलब्ध हैं।परियोजनाओं को एग्रीकल्चर इन्फ्रा फंड से 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत ब्याज में छूट का प्रावधान है। परियोजनाओं की स्थापना उचित ढंग से हो सके, परियोजनाओं को सरलता से ऋण प्राप्त हो सके, स्थापना के बाद परियोजनाएं बेहतर से ढंग से संचालित हों ताकि अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके इसके लिये शासन ने बैंकों, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ एमओयू किये हैं। विगत 4 से 8 जून के दौरान जीआईज़ेड के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया जिसमे 100 से अधिक विकासकों एवं संयंत्र स्थापना कर्ता ईकाईयों ने भाग लिया।
उपलब्धि एवं वर्तमान निविदा
प्रदेश में अद्यतन 80 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे 16000 से अधिक कृषि पम्पों को सौर उर्जा से उर्जीकृत किया जा चुका है। 240 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के विद्युत क्रय अनुबंध होकर स्थापनाधीन हैं एवं 200 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं प्रक्रियाधीन हैं। इस प्रकार इन 520 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं की स्थापना से एक लाख से अधिक कृषि पम्पों को सौर उर्जा से उर्जीकृत किया जा सकेगा। पीएम कुसुम योजनान्तर्गत 3.45 लाख पम्पस का लक्ष्य प्राप्त है। शेष 2.45 लाख पम्प के सोलाराईज़ेशन सहित "सूर्य-मित्र कृषि फीडर" के अतर्गत परियोजनाओं के विकासकों के चयन हेतु म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा निविदा जारी की गयी है। इसमें पीएम् कुसुम योजनान्तर्गत 1200 मेगावाट क्षमता तक की सौर परियोजनाओं को अनुदान प्राप्त करने का विकल्प होगा। वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
सूर्य मित्र कृषक फीडर योजना समिट 10 जून को
परियोजना के विकासकों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स को निगम द्वारा इस निविदा, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी जानकारी देने की दृष्टि से सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट आगामी 10 जून को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशनल हाल में आयोजित होगी।
“CM मोहन यादव के छोटे बेटे की सगाई, सादे समारोह में हुई रिंग सेरेमनी, जानिए कौन हैं होने वाली छोटी बहू?
8 Jun, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉक्टर अभिमन्यु यादव विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं. भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर रविवार को डॉ. यादव के बेटे की सगाई डॉक्टर इशिता यादव के साथ हुई. इशिता खरगोन जिले के सेल्दा निवासी दिनेश यादव की बेटी हैं. इस समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और सरकार के कई मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक्स पर पोस्ट करके सगाई समारोह की जानकारी दी.
मेडिकल फील्ड से जुड़ें हैं नवयुगल
मोहन यादव के छोटे बेटे अभिमन्यु सर्जन हैं. उन्होंने मास्टर ऑफ सर्जरी (एमएस) की पढ़ाई की है. इसके साथ उनकी पहचान एक समाजसेवी के रूप में भी है वहीं इशिता ने भी एमबीबीएस की पढ़ाई की है. इस तरह दोनों मेडिकल की दुनिया में नाम कमा रहे हैं. मुख्यमंत्री निवास में दोनों ने पारंपरिक पूजन के बाद एक दूसरे को अंगूठी पहनाकर सगाई की रस्में पूरी की. सगाई समारोह के बाद राज्य सरकार के मंत्रियों, सीनियर आईएएस और बीजेपी पदाधिकारियों ने नवयुगल को शुभकामनाएं और अपना आशीर्वाद दिया.
मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट कर दी जानकारी
इस समारोह की जानकारी खुद मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दी. उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "बाबा श्री महाकाल और श्री गोपाल कृष्ण की परम कृपा और पूज्य पिताश्री और माताश्री के आशीर्वाद से पुत्र चिरंजीवी डॉक्टर अभिमन्यु यादव की सगाई, खरगोन के दिनेश यादव जी की सुपुत्री डॉक्टर इशिता यादव के साथ संपन्न हुई. इस पुनीत, पावन मंगल बेला पर सभी वरिष्ठजनों ने आशीर्वाद प्रदान किया, स्वजनों ने बधाइयां दीं, आप सभी का हृदय से आभार, अभिवादन."
सादे समारोह में हुई थी बड़े बेटे की शादी
डॉ. मोहन यादव की बेटी और बड़े बेटे की शादी पहले ही हो चुकी है. बड़े बेटे की शादी मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद हुई थी. यह शादी बेहद सादगीपूर्ण तरीके से की गई थी. इस समारोह में परिवार के करीबी लोग ही शामिल हुए थे. इसमें कोई बड़ा आयोजन नहीं किया गया था. वहीं, छोटे बेटे की शादी की तारीख फिलहाल तय नहीं हुई है. माना जा रहा है कि इसी साल दोनों की शादी होगी.
पन्ना में बारातियों से भरी पिकअप पलटी, 24 से अधिक लोग घायल
8 Jun, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक भीषण सड़क हादसा हो गया है। यहां एक बारातियों से भरी पिकअप डिवाइडर से टकरा गई और बीच सड़क पर पलट गई। इस हादसे में 24 से अधिक बाराती घायल हो गए, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायल बारातियों को अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि पिकअप के ओवरलोड होने की वजह से यह हादसा हुआ है। हादसे के बाद पिकअप का ड्राइवर मौके से फरार हो गया।
तिलहा इंटवा जा रही थी बारात
यह हादसा जिले के ककरहटी चौकी के अंतर्गत हुआ है। बताया जा रहा है कि यह हादसा 7 और 8 जून की दरमियानी रात को हुआ था। एक पिकअप में बारातियों से खचाखच भरे हुए थे, जो बांधी कला के रहने वाले चंद्रभान आदिवासी की बारात लेकर तिलहा इंटवा जा रहे थे। इस दौरान पिकअप अपनी स्पीड लिमिट से काफी अधिक रफ्तार पर चल रही थी। इस बीच अचानक पिकअप का बैलेंस बिगड़ा और ड्राइवर ने गाड़ी पर कंट्रोल खो दिया। इसकी वजह से पिकअप सड़क के डिवाइडर से जा टकराई और पलटकर सड़क पर गिर गई।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। जिसे सुनकर स्थानीय लोगों और राहगीरों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने घायलों को वाहन से बाहर निकाला। इतने में सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस भी मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। घायलों में महिलाएं, बच्चे और पुरुष शामिल हैं। हादसे में 24 बाराती घायल हुए हैं, जिसमें से करीब 10 घायलों की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है।
शिलांग हनीमून कपल मामले में बड़ा खुलासा, जिंदा है सोनम रघुवंशी, किसकी साजिश ?
8 Jun, 2025 11:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: हनीमून मनाने शिलांग गए कपल के मामले एक के बाद एक अपडेट सामने आ रहे हैं. शिलांग में मौजूद सोनम के भाई गोविंद ने बड़ा दावा किया है. वहीं शिलांग में पुलिस लगातार सोनम को तलाशने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है. जबकि गायब होने के 10वें दिन राजा का शव मिल गया था. पोस्टमार्टम के बाद राजा के शव को इंदौर लाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया है. जबकि घटना के 15वें दिन भी सोनम लापता है.
जिंदा है सोनम रघुवंशी
बहन की तलाश में शिलांग पहुंचे गोविंद बीते 15 दिनों से सोनम की तलाश में जुटे हैं. मीडिया से बात करते हुए गोविंद रघुवंशी ने शिंलाग प्रशासन पर कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि दिन के समय हम पुलिस के साथ रहते हैं. जहां-जहां पुलिस तलाश कर रही है. मैं भी अपनी बहन को तलाश रहा हूं. गोविंद ने कहा कि पुलिस जंगलों में सोनम की डेड बॉडी रही है. बीते दिनों राजा की डेडबॉडी मिलने के बाद उन्हें लग रहा है कि सोनम की भी मौत हो गई होगी. लिहाजा वे सोनम को जिंदा नहीं बल्कि उसकी डेडबॉडी की तलाश कर रहे हैं.
सोनम का हुआ अपहरण
गोविंद रघुवंशी ने कहा कि मेघालय सरकार से निवेदन है कि मैं सोनम का सगा भाई हूं, मुझे पूरा यकीन है कि वह जिंदा है. लिहाजा पुलिस डेडबॉडी नहीं बल्कि उसको जिंदा समझकर तलाश करे. उन्होंने कहा मुझे शक है कि मेरी बहन सोनम का अपहरण कर लिया गया है. आज 15 से 16 दिन हो चुके हैं. पुलिस लगातार एक जंगल दो जंगल सर्च कर रही है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम दोनों सर्च कर चुकी है. राजा की बॉडी जहां पर मिली, वहां पर भी दोनों ही टीमों ने जांच पड़ताल कर ली है, लेकिन अभी तक सोनम का न कोई मोबाइल और न कोई सामान मिला है.
इंस्टाग्राम और फोन की लोकेशन अलग-अलग
उन्होंने बताया कि सोनम का काफी सामान है. जो अभी तक नहीं मिला है. वहीं सोनम और राजा के मोबाइल की लास्ट लोकेशन डबल डेकर बता रहा है. जबकि इंस्टाग्राम की लास्ट लोकेशन जहां राजा की बॉडी मिली, वहां की है. यदि मोबाइल लोकेशन के आधार पर शिलांग पुलिस जांच करे तो काफी कुछ मिल सकता है. गोविंद ने बताया कि सोनम पहली बार ही शिलांग घूमने आई थी. सोनम और राजा की प्लानिंग मात्र असम और गुवाहाटी तक घूमने की थी, लेकिन यह बाद में डायवर्ट होकर शिलांग तक पहुंचे.इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जिस जगह राजा की बॉडी मिली है, उस जगह पर दो महीने पहले भी इसी तरह की एक बॉडी मिल चुकी है. यह बात मुझे वहां के लोकल लोगों ने बताई है. इसके साथ ही वहां पर 200 से 300 फीट नीचे कचरा पड़ा है.
ज्योतिष ने गायब होने को लेकर किए दावे
वहीं इंदौर के रहने वाले ज्योतिष एनके पांडेय ने सोनम और राजा के अचानक गायब होने पर कुछ दावे किए हैं. उन्होंने कहा कि हनुमान ज्योतिष के अनुमान के मुताबिक पूर्व दिशा में दोनों गए हैं. ज्योतिष ने दावा किया कि इस पूरे मामले में किसी महिला का हाथ है. एनके पांडेय ने कहा कि हमने 23 मई को ही घटनाक्रम को लेकर परिजनों को बता दिया था. वहीं सोनम को लेकर ज्योतिष का कहना है कि अभी तो हम नहीं बता सकते, लेकिन उस समय यह लोग पूर्व दिशा में गए थे.
मोहन यादव ने देंगे बड़ा गिफ्ट, रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों की राशि होगी डबल
8 Jun, 2025 10:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जबलपुर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार को जबलपुर के कुंडम विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम में शामिल हुए. जहां उन्होंने एक बार फिर प्रदेश की लाड़ली बहनों को लेकर एक बार फिर घोषणा की. सीएम ने कहा कि रक्षाबंधन के मौके पर वे मध्य प्रदेश की महिलाओं को तोहफा देने वाले हैं. आने वाले रक्षाबंधन पर महिलाओं को लाड़ली बहना योजना के तहत मिलने वाली राशि कुछ बढ़कर मिलेगी. वहीं मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में बीते ढाई महीने में 70000 से ज्यादा तालाब खोदे गए हैं, यह सभी तालाब योजना के तहत खोदे गए हैं.
लाड़ली बहनों को मिलेगा तोहफा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि "लाड़ली बहनों चिंता मत करना, आपकी राशि भी इस रक्षाबंधन पर बढ़ने वाली है. यह हमारी सरकार ने तय किया है. सीएम ने कहा कि उन्होंने चुनाव के दौरान यह वादा किया था, जो वह जरूर पूरा करेंगे. उन्होंने कहा कि अगर बहन-बेटियों के हाथ में पैसे आते हैं, तो वह घर के लिए जहां जरूरत होती है, वहां उन पैसों को लगाता हैं. बहन-बेटी कभी पैसे नहीं बिगाड़ती. सीएम ने कहा कि हमने कहा था कि 5 साल में हम राशि को 3 हजार बढ़ा देंगे. लिहाजा रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाई जाएगी. सीएम ने कहा अगर हमारी बहन-बेटियों की जिंदगी अच्छी हो जाए, तो इससे अच्छी बात और क्या होगी.
मध्य प्रदेश में 70000 तालाब बनाए गए
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि "उन्होंने मध्य प्रदेश में 75000 के तालाब बनाने की योजना बनाई थी और अभी ढाई महीने ही नहीं बीते, हमने 70000 तालाब बना भी दिए. मुख्यमंत्री मोहन यादव का दावा है कि यह खेत तालाब योजना के तहत बनाए गए हैं. अब किसान अपने खेत में इकट्ठा किया पानी अपनी ही फसल में इस्तेमाल करेगा.
1400 करोड़ की लागत से सिंचाई परियोजना को हरी झंडी
सीएम का कहना है कि कांग्रेस के शासनकाल में मात्र 7 लाख हेक्टेयर जमीन पर ही सिंचाई की सुविधा थी. मोदी सरकार के आने के बाद यह सुविधा 55 लाख हेक्टेयर जमीन तक पहुंच गई है. हमारा लक्ष्य इसे 100 लाख हेक्टेयर जमीन तक पहुंचाने का है. उन्होंने कहा कि हर किसान के खेत तक पानी पहुंचना चाहिए. सरकार इसी को लेकर काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने 1400 करोड़ रुपए की लागत की एक बड़ी परियोजना को हरी झंडी दिखाई. जिसमें जबलपुर का लगभग 15000 हेक्टेयर और मंडल का लगभग 10000 हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई होगी.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो रहे सांदीपनि विद्यालय
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि "मध्य प्रदेश के दो सांदीपनि विद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुए हैं. इनमें एक रतलाम तो दूसरा झाबुआ का है. इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग मामलों में सम्मानित किया गया है. मोहन यादव ने कहा कि सरकारी स्कूल अपने मापदंड बदल रहे हैं. अब सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों से अच्छी सुविधाएं हैं. जबलपुर की कुंडम में भी उन्होंने एक सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया. यह विद्यालय 17 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है.
रतलाम का सिपावरा बनेगा रीलिजियस टूरिस्ट हब, भस्मासुर से बचने यहीं छिपे थे भगवान शिव
8 Jun, 2025 09:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रतलाम: आलोट में शिप्रा और चंबल नदी के संगम स्थल सिपावरा की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है. प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने आलोट में आयोजित कार्यक्रम में सिपावरा तीर्थ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और शिप्रा नदी में क्रूज चलाए जाने की बात कही है. लेकिन यह अति प्राचीन विरासत वर्षों से गुमनामी में रहा है.
यह पवित्र संगम स्थल सप्त ऋषि में से एक पुलस्त्य ऋषि की तपोभूमि और भगवान शिव के ठहरने का स्थान बताया जाता है. यहां भगवान शिव का दीपेश्वर महादेव मंदिर है. अब पुरातात्विक महत्व और इस पावन तीर्थ की सुध प्रदेश सरकार ने ली है. आईए जानते हैं सिपावरा संगम स्थल की कहानी.
रतलाम जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर चंबल और शिप्रा नदी के संगम स्थल सिपावरा में अति प्राचीन तीर्थ स्थल है. यहां 3200 साल पुरानी ताम्राश्म युगीन सभ्यता से जुड़े कई अवशेष मिले हैं. राजा भोज के काल के मंदिर भी यहां मिले हैं. यहां करीब 100 फीट ऊंचा एक प्राचीन टीला है जिसके आसपास अति प्राचीन अवशेष मिलते हैं.
दीपेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी रमेश पूरी गोस्वामी ने बताया "सप्त ऋषि में से एक और रावण के दादा पुलस्त्य ऋषि ने यहां वर्षों तक तपस्या की थी. पुराणों में पुलस्त्य ऋषि के द्वारा मेरु पर्वत और प्राचीन टीले पर तपस्या करने का उल्लेख है. जिसे स्थानीय लोग सिपावरा का प्राचीन टीला भी बताते हैं. संगम स्थल पर ही नदी के पानी में एक कुंड है. जिसे पौराणिक काल का बताया जाता है."
यहां स्थित प्राचीन दीपेश्वर मंदिर को लेकर किंवदंती है कि जब भगवान शिव ने भस्मासुर को वरदान दिया था तो वह अहंकार में चूर होकर शंकर भगवान को ही भस्म करने के लिए निकल पड़ा था. तब भगवान शिव ने सिपावरा में संगम स्थल पर अपना पड़ाव बनाया था. इसके बाद भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर भस्मासुर का संहार किया था.
इसके बाद भगवान विष्णु सभी देवी-देवताओं के साथ दीपक लेकर भगवान शंकर को ढूंढने के लिए निकले तो यहां उन्हे भगवान शिव मिले. बताया जाता है कि सभी देवताओं ने अपने हाथों में लिए दीपक यहां उल्टे रख दिए थे. मंदिर के पुजारी रमेश पुरी गोस्वामी बताते हैं "आज भी यहां उल्टे रखे हुए दीपक खुदाई में मिलते हैं."
अति पुरातात्विक महत्व के इस प्राचीन संगम स्थल पर ध्यान नहीं दिए जाने और नदियों में आने वाली बाढ़ की वजह से इस टापू का लगातार क्षरण हो रहा है. मंदिर तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़क न होना भी इस तीर्थ स्थल की गुमनामी का अहम कारण है. लेकिन इस प्राचीन तीर्थ स्थल के दिन अब बदलने वाले हैं और धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर जल्दी ही यह संगम स्थल सिपावरा दिखने जा रहा है.
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आलोट में आयोजित कार्यक्रम में इस तीर्थ स्थल के कायाकल्प का जिक्र किया है. इससे पूर्व मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से डीपीआर तैयार कर करीब 23.8 करोड़ रुपए प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें मंदिर के जीर्णोद्धार सहित करीब 7 एकड़ क्षेत्र में पर्यटन केंद्र विकसित किया जाएगा. इसके साथ ही सिंहस्थ 2028 के पूर्व दीपेश्वर महादेव मंदिर और संगम स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर लिया जाएगा. वहीं, नदी के तटों को विकसित कर क्रूज चलाने की बात भी प्रदेश के मुखिया ने कही है.
अशोकनगर में पत्थर दिल मां, कड़क धूप में बीच सड़क पर लेटा रहा बच्चा
8 Jun, 2025 08:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अशोकनगर: वैसे तो मां शब्द अपने आप में एक पूरी दुनिया है. बड़े से बड़े लेखक और शायरों ने मां पर बहुत कुछ लिखा है, और उनकी शक्ति बताई है. लेकिन कहते हैं कभी-कभी माता भी कुमाता बन जाती है. ऐसा ही कुछ नजारा अशोकनगर के बहादुरपुर थाना क्षेत्र में देखने मिला. जहां 38 डिग्री सेल्सियस में एक महिला अपने दो साल के बच्चे को तपती धूप में बीच सड़क पर छोड़कर चलती बनी. सड़क पर पड़े बच्चे को कई लोग तड़पता देखते रहे, लेकिन वहां से गुजरने वाला एक शख्स जिसका नाम अमित पाल है, उसने बच्चे को उठाया. यह सीन सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया है.
यह था मामला
दरअसल, शुक्रवार दोपहर 12 बजे नया बाजार स्थित नेशनल हाइवे पर एक महिला अपने दो साल के बच्चे को कड़क धूप में सड़क पर छोड़कर चली गई. उस समय मौसम का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस था. महिला का टैक्सी चालक से कोई विवाद हुआ था. गुस्से में आकर उसने बच्चे को मस्जिद मार्ग की सड़क पर छोड़ दिया और चली गई. बच्चा धूप में तड़पता रहा.
सीसीटीवी कैमरे में हुई घटना कैद
वहीं बच्चे को तड़पता देख वहां से गुजर रहे युवक अमित पाल ने मदद की. बच्चे को सड़क से उठाया. जबकि बच्चा लगातार रो रहा था. यह पूरी घटना पास की दुकान में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई. जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
अमित पाल की सोशल मीडिया पर को रही तारीफ
महिला द्वारा जब 2 साल के बच्चे को सड़क पर छोडा गया, इस दौरान कई लोग सड़क पर इस दृश्य को देख रहे थे, लेकिन किसी ने भी ना तो उस महिला को रोकने की कोशिश की और ना ही उस बच्चे को तपती सड़क से उठाने की हिम्मत जुटाई, जबकि युवक अमित पाल ने बच्चे को उठाया. युवक के इस अच्छे काम की सोशल मीडिया पर तारीफ हो रही है. घटना की जानकारी बहादुरपुर थाना प्रभारी अरविंद कछुवाह को दी गई.
बहादुरपुर थाना प्रभारी अरविंद कुशवाहा ने बताया "महिला और उसके परिजनों को खोजकर दो पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर भेजा था. बच्चे को मां के सुपुर्द किया गया है. उस समय महिला संभवतः नशे में थी. उसे चेतावनी दी गई है कि आगे से ऐसा किया तो आपराधिक कार्रवाई की जाएगी."
प्रदेश के 8 जिलों में आज फिर आंधी-बारिश का अलर्ट, मौसम रहेगा बदला-बदला
8 Jun, 2025 08:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दक्षिण-पश्चिम मानसून एक सप्ताह से मुंबई के आसपास ही स्थिर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार हवाओं के साथ कुछ नमी आने से प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश हो रही है। हालांकि अब दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी होने लगी है। अगले तीन-चार दिन तक उमस भी रेशान करेगी। मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होगी। इससे पहले प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ लू भी चलेगी। रविवार को दक्षिणी हिस्से के 8 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है, जबकि 9 और 10 जून को ग्वालियर-चंबल में लू भी चल सकती है। शनिवार को इंदौर, नर्मदापुरम-बड़वानी MP Weather Forecastमें बारिश हुई। वहीं, 13 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा।
आज इन जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट
बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट है। वहीं, सोमवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना में लू का अलर्ट है। सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी में गरज-चमक और बारिश वाला मौसम रह सकता है।
प्रदेश के 10 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार
प्रदेश में शनिवार को मौसम के दो रंग देखने को मिले। इंदौर, नर्मदापुरम और बड़वानी के सेंधवा में हल्की बारिश हुई। वहीं, ग्वालियर समेत 10 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार रहा। मौसम विभाग के अनुसार, खजुराहो और गुना में पारा 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, ग्वालियर, नौगांव, शाजापुर, सतना, टीकमगढ़ और शिवपुरी में 41 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। उज्जैन, सीधी, रीवा, सागर और रतलाम में तापमाान 40.2 से 40.8 डिग्री तक रहा।
इसलिए बदला मौसम
आईएमडी की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, साइक्लोनिक सकुर्लेशन की एक्टिविटी की वजह से मौसम बदला हुआ है। बनी हुई है। इस वजह से आंधी-बारिश वाला मौसम है। अगले 4 दिन ऐसा ही मौसम बना रहेगा। इस बार भीषण गर्मी में भी आंधी-बारिश वाला मौसम रहा। प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 7 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 43 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिर रहा है, या आंधी चल रही है। शनिवार को भी कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा।
अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम
8 जून : बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट है।
9 जून : ग्वालियर, भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना में लू का अलर्ट है। सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी में गरज-चमक और बारिश वाला मौसम रह सकता है।
10 जून : ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना में हीट वेव यानी, लू का अलर्ट है। अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, बड़वानी, खरगोन और खंडवा में हल्की बारिश हो सकती है।
11 जून : जबलपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पांढुर्णा, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बुरहानपुर एवं आसपास के इलाके।
करोड़ों के व्यापम घोटाले में 'बड़ी चूक': हैंडराइटिंग की आड़ में बच रहे गुनहगार, CBI पर उठते सवाल
7 Jun, 2025 11:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
व्यापमं कांड (Vypam Scam) की जांच में एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है। दरअसल आरोपी हैंडराइटिंग को बचने का जरिया बना रहे हैं। पीएमटी फर्जीवाड़े में पुराने केसों की जांच की गई। बचाव पक्ष दलील दे रहा है कि 10 साल पहले किए गए हस्ताक्षर व नमूना हस्ताक्षर में समय का अंतर अधिक है। इतना अधिक समय बीत जाने के बाद स्वाभाविक रूप से हस्ताक्षर में अंतर आ जाएगा।
2015 में सौंपी गई थी जांच
दरअसल जुलाई 2015 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर व्यापमं कांड की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआइ ने सभी केसों की जांच खत्म कर न्यायालय में चालान पेश कर दिए हैं। अब विचारण पूरे होने के बाद न्यायालय ने फैसले सुनाए हैं, लेकिन पीएमटी कांड में सीबीआइ जिन परिक्षार्थियों के सॉल्वर को गिरफ्तार नहीं कर सकी है, उन केसों के परीक्षार्थी, मीडियेटर, दलाल दोषमुक्त हुए हैं। पीएमटी कांड में अब तक चार प्रकरण में आरोपियों को न्यायालय ने दोषमुक्त करार दिया है। इसमें सॉल्वर के नहीं मिलने से पूरी कहानी संदिग्ध हो गई, इसका फायदा आरोपियों को मिला है।
अभियोजन ने भी लगाए आरोप
अभियोजन ने जो आरोप लगाए हैं, उन्हें साबित करने की जिमेदारी भी अभियोजन की होती है। सॉल्वर से परीक्षा पास करना बताया गया। ऐसे केस में सॉल्वर का खुलासा जरूरी है। सॉल्वर नहीं मिला तो आरोपी दोषमुक्त होंगे।- जगदीश शर्मा, पूर्व लोक अग्नियोजक
नहीं टिक पाए सीबीआई के आरोप
व्यापमं के केसों के लिए बनाए गए विशेष न्यायालय ने 23 मई, 2025 को पीएमटी कांड के आरोपी राहुल शर्मा के मामले में फैसला सुनाया था। सीबीआइ ने जांच के बाद जो खुलासा किया था और आरोप लगाए थे, वह बचाव पक्ष के सामने नहीं टिक पाए। सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास करना बताया गया, लेकिन सॉल्वर को नहीं पकड़ा गया। पत्रिका ने पीएमटी कांड के केसों की पड़ताल की तो सामने आया कि 2009 के पहले के फर्जीवाड़े में दस्तावेज नहीं हैं। इस कारण सॉल्वर नहीं मिल पाए। सिर्फ बयान पर केस चल रहे हैं, दस्तावेज साक्ष्य नहीं है। ग्वालियर में 46 केसों में फैसला हो चुका है, 23 में फैसला होना शेष है।
ऑपरेशन सतर्क के अंतर्गत रेल परिसर में अवैध शराब परिवहन पर आरपीएफ-जीआरपी की संयुक्त कार्यवाही
7 Jun, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
17 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार, आबकारी अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज
भोपाल। रेल परिसरों में सुरक्षा एवं निगरानी को सशक्त बनाने हेतु चलाए जा रहे "ऑपरेशन सतर्क" के अंतर्गत पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल की रेल सुरक्षा बल और राज्य पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त टीम द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यवाही को अंजाम दिया गया। भोपाल पोस्ट से सहायक उपनिरीक्षक श्री राघवेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक जितेंद्र उपाध्याय, प्रधान आरक्षक सर्वेश सिंह तथा जीआरपी के प्रधान आरक्षक दीपक खेड़कर द्वारा भोपाल स्टेशन के बीना की साइड आउटर क्षेत्र में संयुक्त चेकिंग के दौरान बाबूराम पुत्र कालपी (उम्र 55 वर्ष, निवासी शिवपुरी, नई दिल्ली) को संदिग्ध रूप में पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद तीन बैगों से कुल 17 बोतल अंग्रेजी शराब (रॉयल स्टैग – 14 बोतल, ब्लैक डॉग – 03 बोतल), प्रत्येक 750 एमएल, कुल मात्रा 12.750 लीटर, जिसकी अनुमानित कीमत ₹21,800/- पाई गई, को बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी शराब परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। तत्पश्चात जीआरपी द्वारा मौके पर ही कार्यवाही करते हुए शराब को जप्त कर आरोपी के विरुद्ध जीआरपी थाना भोपाल पर धारा 34 मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि "ऑपरेशन सतर्क" के अंतर्गत रेल परिसरों में अवैध गतिविधियों की रोकथाम हेतु आरपीएफ-जीआरपी की टीमें निरंतर सतर्कता अभियान चला रही हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा रेलवे परिसरों को अपराध मुक्त बनाना विभाग की प्राथमिकता है। रेल प्रशासन आमजन से अपील करता है कि रेल परिसर में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी आरपीएफ या जीआरपी पोस्ट को दें, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सोनम की तलाश जारी, राजा की मौत की गुत्थी सुलझाएगी CBI: CM मोहन यादव ने गृह मंत्री से बात की
7 Jun, 2025 09:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्यप्रदेश की सीएम डॉ मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राजा-सोनम मामले पर बात की। उन्होंने इस केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। दो जून को मेघालय पुलिस को सर्चिंग में राजा का शव खाई में मिला था, लेकिन अभी तक सोनम का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी गृह मंत्री अमित शाह के फोन पर बात की थी।
सीएम ने एक्स पर ट्वीट करके दी जानकारी
सीएम डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि संकट की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सोनम रघुवंशी के परिवार के साथ खड़ा है। मैंने इस संबंध में मेघालय के मुख्यमंत्री से चर्चा की है। मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मेघालय के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। इस प्रकरण में सीबीआई जाँच आदेशित करने हेतु मैंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया है। सोनम रघुवंशी की सुरक्षित वापसी हेतु हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
शिवराज सिंह ने भी गृह मंत्री को किया था फोन
शिवराज सिंह चौहान ने सोनम रघुवंशी के बड़े भाई गोविंद रघुवंशी से फोन पर बातचीत की और हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर चर्चा की और पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने मेघालय के सीएम और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से भी बातचीत की और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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