मध्य प्रदेश
“तय तारीख से पहले आएगा मानसून, 50 दिन बरसेगा कहर”
11 Jun, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Monsoon Update: इस बार मानसून ने देश के कुछ हिस्सों में समय से पहले दस्तक दी। मानसूनी सीजन की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन सनानत परंपरा में वर्षाकाल की शुरुआत सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही मानी जाएगी। सूर्य 22 जून को आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
पं. लेखराज शर्मा ने बताया, आर्द्रा से हस्त नक्षत्र तक कुल 8 नक्षत्रों पुनर्वसु, पुष्य, अश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी और हस्त में बारिश होती है। हर नक्षत्र 15 दिन का होता है। इस तरह 4 माह बारिश के हैं। इस बार जो स्थितियां बन रही हैं, उसके हिसाब से सामान्य से अच्छी बारिश होगी। फसलों के लिहाज से यह अच्छा रहेगा। सावन और भादौ में लगातार बारिश के आसार हैं। भादौ के बाद थोड़ा विराम आ सकता है। पूरे वर्षाकाल में 50 दिन से अधिक बारिश की तिथियां हैं।
अच्छी बारिश के योग
पं. रामनारायण आचार्य ने बताया, आर्द्रा प्रवेश तुला लग्न में है। सूर्य, बुध और गुरु की युति मिथुन राशि में रहेगी। अच्छी वर्षा के योग हैं। ज्यादातर भागों में वर्षा सामान्य होगी। उत्तर-दक्षिण में सामान्य से अधिक तो पश्चिम वायव्य कोण में अच्छी वर्षा होगी। तेज हवा, आंधी जैसी स्थिति भी बनेगी।
बारिश के योग
8 नक्षत्रों की शुरुआत आर्द्रा से होती है। इसके बाद पुनर्वसु, पुष्य, अश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र हैं। हर नक्षत्र 15 दिन का होता है। वर्षा के नक्षत्रों में पुनर्वसु, पुष्य, अश्लेषा और मघा में अच्छी बारिश होती है। सबसे अधिक बारिश मघा नक्षत्र में होती है।
किस माह बारिश के योग
जून -8 दिन
जुलाई- 18 दिन
अगस्त- 15 दिन
सितंबर- 07 दिन
अक्टूबर- 02 दिन
नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये वेब आधारित ई-नगरपालिका 2.0
10 Jun, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केन्द्रीकृत वेब आधारित ई-नगरपालिका 2.0 योजना प्रारंभ की है। यह योजना डिजिटल इण्डिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी और त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से लागू की गयी है। यह योजना ई-गवर्नेंस का अनूठा उदाहरण है। ई-नगरपालिका 1.0 द्वारा नगरीय निकायों द्वारा प्रदत्त समस्त नागरिक सेवाओं, जन-शिकायत सुविधा, निकायों की आंतरिक कार्य-प्रणाली, समस्त भुगतान और बजट प्रक्रिया को एकीकृत कर ऑनलाइन सुविधा प्रदाय की जा रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहाँ प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है।
ई-नगरपालिका 2.0 का विभिन्न विभागों जैसे उद्योग, राजस्व, पंजीयन विभाग आदि एवं भारत सरकार के महत्वपूर्ण मोबाइल ऐप जैसे उमंग से भी एकीकृत किया गया है। प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को प्रदाय करने के लिये एकीकृत एकल एसएपी, ईआरपी प्लेटफार्म आधारित ई-नगरपालिका 1.0 लागू की गयी थी। इसके बाद ई-नगरपालिका 2.0 नगरीय निकायों में लागू कर दी गयी है। इसके अंतर्गत 16 मॉड्यूल तथा 24 नागरिक सेवाएँ शामिल हैं। भौतिक अवसंरचना को क्लाउड सेवाओं द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है। ई-नगरपालिका 2.0 में जीआईएस एकीकरण और ऑर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का भी उपयोग किया जा रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर, एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर और भुगतान गेटवे के साथ ई-नगरपालिका 2.0 का एकीकरण किया जा रहा है। ई-नगरपालिका 2.0 ओपन सोर्स प्लेटफार्म टेक्नोलॉजी पर आधारित है। ई-नगरपालिका 2.0 पोर्टल का विकास 2 वर्ष तथा 5 वर्ष के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कार्य वेंडर द्वारा किया जायेगा। विभाग द्वारा अपनी वेबसाइट भी प्रारंभ की गयी है, जिसका यूआरएएल www.mpurban.gov.in है। वेबसाइट पर विभाग द्वारा नगरीय निकायों से संबंधित आवश्यक जानकारी स्टेटिक और डॉयनेमिक रूप में उपलब्ध करायी गयी है।
प्रदेश की 20 हजार 600 सुदूर बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति
10 Jun, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत प्रदेश के सुदूर बसाहटों मजरा/टोला/धोनी/पुरा इत्यादि को बारहमासी सम्पर्कता प्रदान करने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार योजना का क्रियान्वयन 2 चरणों में किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहले चरण एवं वित्तीय वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में कुल अनुमानित 30 हजार 900 कि.मी. मार्ग का निर्माण होगा। योजना का क्रियान्वयन राज्य मद से किया जायेगा। योजना के संबंध में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को निर्णय लिये जाने के लिए अधिकृत किया गया है।
स्वीकृति अनुसार न्यूनतम 20 आवास और 100 से अधिक जनसंख्या वाले 6 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्र, जिसके 50 मीटर की दूरी में पूर्व से बारहमासी सड़क न हो, को बसाहट के अंतर्गत लिया जायेगा। इसके लिए बसाहट की जनसंख्या के घटते क्रम में विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकता सूची तैयार की जायेगी। सांसद, क्षेत्रीय विधायक और जिला पंचायत सदस्यों के परामर्श पर ग्रामीणजनों की स्थानीय आवश्यकता जैसे - सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के आधार पर बसाहटों की प्राथमिकता में कलेक्टर द्वारा लिपिबद्ध कारणों से सूची में परिवर्तन किया जा सकेगा। अंतिम प्राथमिकता सूची का राज्य स्तर पर प्रकाशन किया जायेगा। योजना अंतर्गत 20 हजार 600 बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जायेगा।
प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में तुअर दाल उद्योगों की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रदेश में बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया। छूट दिए जाने से प्रदेश में तुअर दाल की पर्याप्त उपलब्धता होगी। साथ ही परिवहन बढेगा और रोजगार में वृद्धि होगी।
झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन
मंत्रि-परिषद द्वारा झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से SASCI (स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट) 2024-25 योजना अंतर्गत स्वीकृत 350 सीट्स की क्षमता वाले 4 वर्किंग वूमन हॉस्टल के निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया है। योजना पी.पी.पी मोड में संचालित की जायेगी। योजना पर 40 करोड़ 59 लाख रूपये खर्च होंगे।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ''जिला विकास सलाहकार समिति" के गठन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा जिले के विकास योजना के लिए रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में "जिला विकास सलाहकार समिति" का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया गया। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किये जाने संबंधी निर्देश दिये गये थे।
जिला विकास सलाहकार समिति में जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाज सेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे।
समिति के उद्देश्यों में जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार जिले के दीर्घकालीन विकास की योजनाएँ बनाना है। साथ ही समिति जिले के परंपरागत कौशल को चिन्हित कर प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल" के सिद्धांत के दृष्टिगत उन्हें राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देते हुए जिले की समृद्धि का रोडमैप तैयार करेगी। जिले की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के सुझावों पर समिति विचार करेगी।
जिले में स्थानीय प्रयासों से प्रचलित नवाचारों को एक योजना के रूप में मूर्त रूप देना। जिले में रोजगार सृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों के संबंध में सुझाव, उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज आदि क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना के लिए सुझाव देना शामिल है।
मध्यप्रदेश के 20 उत्पादों के जीआई टैगिंग प्रक्रिया के लिये एमओयू हुआ
10 Jun, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत राज्य नोडल एजेंसी, मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा विश्व बैंक समर्थित आरएएमपी योजना के अंतर्गत जीआई टैगिंग के लिए राज्य स्तरीय परामर्श बैठक मंगलवार को लघु उद्योग निगम के कान्फ्रेंस हॉल में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम और ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन वाराणसी के बीच जीआई टैगिंग प्रक्रिया संबंधी एमओयू किया गया।
कार्यशाला में राज्य के पारंपरिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें जीआई टैग दिलवाने हेतु आवश्यक विभागीय समन्वय स्थापित करने पर चर्चा हुई। इन उत्पादों को कानूनी संरक्षण, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुंच और ब्रांडिंग के ज़रिये व्यापक पहचान दिलवाने पर भी विमर्श हुआ। आयुक्त एमएसएमई श्री दिलीप कुमार ने विभागों से योजना के तहत बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया तथा देश को होने वाले फायदों पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में कृषि, हस्तशिल्प, वनोपज, वस्त्र एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में पारंपरिक उत्पादों की जीआई टैगिंग के लिए पहचान करना, जीआई पंजीकरण प्रक्रिया संबंधी आवश्यक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दस्तावेजों का संकलन और विभागीय समन्वय के माध्यम से एक साझा कार्य योजना बनाने के साथ आगामी वर्ष में 20 उत्पादों की जीआई फाइलिंग करने पर चर्चा हुई। जीआई उत्पादों को एक जिला-एक उत्पाद नीति से जोड़ते हुए बाज़ार और ब्रांडिंग के अवसरों को बढ़ावा देने पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत में जीआई टैगिंग विशेषज्ञ एवं ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन, वाराणसी के कार्यकारी निदेशक डॉ. रजनीकांत ने जीआई टैगिंग की प्रक्रिया, कानूनी ढांचा, और देशभर में हुए सफल जीआई पंजीकरणों की जानकारी साझा की। बनारसी साड़ी, चंदेरी वस्त्र और मधुबनी पेंटिंग जैसे उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने बताया कि जीआई टैगिंग से कैसे न केवल उत्पादों को सुरक्षा मिलती है बल्कि कारीगरों और किसानों की आजीविका भी सशक्त होती है।
कार्यशाला में राज्य के विभिन्न विभागों और संस्थानों से वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें वन विभाग, सिडबी, मत्स्य विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, हस्तशिल्प एवं हथकरघा संचालनालय, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर, अनुसूचित जाति विकास, मध्यप्रदेश लघु वनोपज संघ, पशुपालन, रेशम संचालनालय आदि ने सहभागिता की। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के विशिष्ट उत्पादों की सूची साझा की, जो जीआई पंजीकरण के योग्य है। एमओयू राज्य के लगभग 20 पारंपरिक उत्पादों के जीआई टैगिंग के लिये तकनीकी सहयोग, दस्तावेज़ीकरण, आवेदन प्रक्रिया, प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। रैंप नोडल अधिकारी श्री अनिल थागले ने सभी विभागों से अनुरोध किया कि वे ऐसे विशिष्ट उत्पादों के नाम बताये जिन्हें जीआई टैगिंग प्रक्रिया में आगे बढाया जा सकता हो।
बावड़ियों में पूर्वजों की जल के साथ जल संरक्षण के प्रति विवेकपूर्ण सोच
10 Jun, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : बावड़ियां प्राचीन काल के श्रेष्ठ जल संरक्षण और प्रबंधन का सजीव उदाहरण हैं। पूर्वजों की इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीड़ी को सौंपना हम सभी की जिम्मेदारी है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद ने जल गंगा संवर्धन अभियान में बावड़ी महोत्सव मनाकर पूर्वजों की बुद्धिमत्ता और उनके प्रकृति से घनिष्ट संबंधों की स्मृतियों को जीवंत कर दिया। जल गंगा अभियान का संचालन 30 मार्च से 30 जून तक किया जा रहा है। अभियान में श्रमदान से जल स्रोतों की सफाई, गहरीकरण, नई संरचनाओं का निर्माण और प्राचीन जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में बावड़ी उत्सव का आयोजन एक अभिनव प्रयास सराहनीय हैI
प्रति वर्ष ‘बावड़ी-उत्सव’ मनाने का जन संकल्प
जल गंगा संवर्धन अभियान जन अभियान परिषद की झाबुआ इकाई ने जल स्त्रोतों को सहेजने के प्रयासों को उत्सव का रूप देते हुए थांदला के अष्ट भंजन हनुमान मंदिर में 300 वर्ष प्राचीन बावड़ी में ‘बावड़ी-उत्सव’ का आयोजन किया गया। “एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के अंतर्गत बावड़ी के समीप पौधरोपण भी किया गया। ‘बावड़ी-उत्सव’ में भजन कीर्तन और संगोष्टी और आरती का आयोजन किया गया। ‘बावड़ी-उत्सव’ में सहभागिता कर रहे स्थानीय नागरिकों ने गंगा दशहरा पर्व पर प्रति वर्ष ‘बावड़ी-उत्सव’ मनाने का संकल्प लिया।
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की जबलपुर इकाई ने बावड़ी, तालाब और कुओं जैसे जल स्त्रोतों के सरंक्षण में शासन-प्रशासन के साथ जन प्रतिनिधियों एवं नागरिकों का भी सहयोग लिया गया। जन-सहभागिता से बावड़ी महोत्सव मना कर जल संरक्षण का संकल्प लिया गया।
प्राचीन बावड़ी को सहेजने एकजुट हुए
मंडला के महाराजपुर संगम घाट स्थित बावड़ी में "बावड़ी उत्सव" का आयोजन किया गया। इस अवसर पर काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल के आचार्य संत भीमदेव और मां नर्मदा गौशाला जिलहरी घाट, गाजीपुर से प्रवास कर रहीं साध्वी मनीषा दीदी और स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए। उत्सव में मां नर्मदा के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। बावड़ी को रंग-रोगन, रंगोली, दीपों एवं लाइट से सजाया गय। बावड़ी पूजन के बाद मां नर्मदा की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। बावडी का निर्माण वर्ष 1890 में हुआ था। इस बावड़ी की संरचना इस तरह से की गई है कि इसमें नर्मदा जलधारा हमेशा बनी रहती है।
प्लास्टिक कचरे से होने वाले प्रदूषण के प्रति जागरुकता
मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद की छिंदवाड़ा इकाई ने तामिया विकासखंड में प्लास्टिक पॉल्यूशन होने वाले हानिकारक परिणामों को बताकर जागरूक किया। पर्यावरण को प्रभावित करने वाले कारक जैसे जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिये समुदाय की भागीदारी के बारे में बताया गया। जल संरक्षण, स्वच्छता, पौधारोपण करने के लिये ग्रामीणों को प्रेरित किया गया। तामिया के शनि मंदिर प्रांगण में पौधारोपण किया गया और प्लास्टिक, बॉटल व कचरे की सफाई की गई।
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के 11 गौरवशाली वर्ष भारत के पुनर्जागरण, नव निर्माण और वैश्विक प्रतिष्ठा की गौरव गाथा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
10 Jun, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 11 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने की यह अवधि केवल शासन के वर्षों की गणना नहीं, बल्कि भारत के पुनर्जागरण, नव निर्माण और वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भारत में नेतृत्व का संकट, नीतिगत जड़ता और व्यापक निराशा का वातावरण था। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को उस अंधकार से बाहर निकालकर एक उज्ज्वल, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रसर किया है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘गरीब, युवा, नारी और अन्नदाता’ को विकास की मुख्य धारा में शामिल करते हुए, जन-कल्याण की योजनाओं को तीव्रता से धरातल पर उतारा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जनधन योजना, हर घर बिजली योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन जैसे क्रांतिकारी प्रयासों ने सामाजिक संरचना को सशक्त और समावेशी बनाया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि देश में अब तक 58 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। देश में 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 7 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त इलाज की सुविधा सुनिश्चित की गई है। करोड़ों परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनका जीवन गरिमा और सुरक्षा से भर गया है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी का ही साहसिक नेतृत्व था, जिसने वर्षों से लंबित ऐतिहासिक और संवेदनशील मुद्दों को निर्णायक रूप से सुलझाया—चाहे धारा 370 का हो, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं का अंत हो या संसद में महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने “विकसित भारत - 2047” का जो विज़न प्रस्तुत किया है, वह भारत को आने वाले वर्षों में जर्मनी, जापान को पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज भारत चौथे स्थान पर है, और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास उसके नेतृत्व में स्पष्ट दिखाई देता है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को चरितार्थ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को वैश्विक मंचों पर सशक्त आवाज दी है। जी-20 की अध्यक्षता से लेकर वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) की चिंता तक, उन्होंने भारत को केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि विश्व कल्याण का मार्गदर्शक बनाया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह 11 वर्ष केवल “शासन के वर्ष” नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की गौरवगाथा है, जिसमें हर भारतीय को गर्व है कि उसे नरेन्द्र मोदी जैसा मजबूत, संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व मिला।
सिलाई कला मंडल को गुड गवर्नेंस मॉडल के रूप में करें विकसित
10 Jun, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश राज्य सिलाई कला मंडल के संचालक मंडल की बैठक मंगलवार को भोपाल के शिवाजी नगर स्थित पालिका भवन में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सिलाई कला मंडल के अध्यक्ष मनोहर लाल महेश्वरी, सदस्य सुरेश माहेश्वरी, मांगीलाल सोलंकी सहित नगरीय निकायों से आए हुए सिलाई व्यवसाय से जुड़े हितग्राही मौजूद थे।
बैठक में आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास भोंडवे ने निर्देश दिए कि सिलाई कला मंडल को "गुड गवर्नेंस मॉडल" के रूप में विकसित करने के लिये एक पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को मंडल से शत-प्रतिशत जोड़ने एवं इससे जुड़ी समस्त जानकारी को पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाये। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय स्तर पर शिक्षित युवाओं की कौशल वृद्धि के लिए सिलाई एवं अन्य व्यवसायों से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किये जायें। उन्होंने कहा कि सिलाई व्यवसाय से जुड़ी जानकारी देने के लिये संभाग स्तर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाये। बैठक में सचिव सचिव बी.डी. भुमरकर ने सिलाई कला मंडल की गतिविधियों की जानकारी दी। सिलाई कला मंडल के अध्यक्ष माहेश्वरी ने आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 जून को आएंगी मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आगामी 19 जून को मध्यप्रदेश आगमन प्रस्तावित है। राष्ट्रपति मुर्मु विश्व सिकल सेल दिवस पर बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत तालून में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में शासकीय सेवकों के स्थानांतरण अब 17 जून तक किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के संबंध में मंत्रीगण से विचार विमर्श किया।
केंद्र सरकार के 11 वर्ष और राज्य सरकार के डेढ़ वर्ष के कार्यकाल पर होंगे कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल कार्यकाल के 11 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्रि-परिषद प्रसन्नता व्यक्त करती है। सुशासन के संकल्प के प्रति मंत्रि-परिषद प्रधानमंत्री का अभिनंदन का प्रस्ताव पारित करती है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अन्नदाता, नारी, युवा और गरीब सहित विभिन्न वर्गों का जीवन बदलने के लिए और उन्हें अधिक से अधिक रोजगार एवं विकास के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इस अवधि में केंद्र सरकार द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सभी मंत्रीगण केंद्र की 11 वर्ष की योजनाओं की उपलब्धियां और मध्यप्रदेश शासन की डेढ़ वर्ष की उपलब्धियां नागरिकों तक पहुंचाएंगे। इस संबंध में संकल्प से सिद्धि अभियान भी संचालित होगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों को दायित्व सौंपे जाएंगे।
स्पिरिचुअल एवं वैलनेस समिट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गत 5 जून को उज्जैन में स्पिरिचुअल एंड वैलनेस समिट का आयोजन हुआ, जिसमें स्वामी चिदानंद सरस्वती सहित अनेक वैलनेस के क्षेत्र में कार्य कर रहे आध्यात्मिक गुरुओं ने हिस्सा लिया। विभिन्न निवेशकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों सहित 300 से अधिक प्रतिनिधि इस समिट में शामिल हुए। समिट के माध्यम से वैलनेस हॉस्पिटैलिटी और स्वास्थ्य क्षेत्र में लगभग 2000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। केरल, उत्तराखंड आदि राज्यों के प्रतिनिधि इसमें विशेष रूप से शामिल हुए। मध्यप्रदेश में यह अपने तरह की प्रथम समिट थी जो सरकार के प्रत्येक सेक्टर में निवेश की संभावनाओं और विकास की परिकल्पना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 11 आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये जाने का निर्णय लिया गया था। इनमें से पांच कॉलेज की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो चुकी है। शेष महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए भी राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। यह कॉलेज वैलनेस केंद्र के रूप में भी कार्य करेंगे।
धार्मिक लोक का निर्माण और विकास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न धार्मिक स्थानों पर 13 लोक के निर्माण और विकास का कार्य चल रहा है। इन कार्यों की समय-समय पर समीक्षा भी की जा रही है। प्रदेश के पर्यटन विकास में यह लोक भी महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।
वर्षा काल में आवश्यक व्यवस्थाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी वर्षाकाल में बाढ़ और अतिवृष्टि की आशंका के दृष्टिगत मंत्रीगण को अपने प्रभार के जिलों में आवश्यक परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयारी के निर्देश दिए। मंत्रीगण द्वारा जिला स्तर पर सभी संभावित परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी।
कृषक कल्याण और नवकरणीय ऊर्जा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल में सौर ऊर्जा पर विशेष समिट का सौर ऊर्जा उत्पादन के संबंध में राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया जा रहा है। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना आय के एक नए साधन के रूप में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। इसमें निवेशक की अपनी स्वयं की भूमि अथवा कृषि भूमि होना चाहिए। ऊर्जा उत्पादन में भागीदार बनाने की यह महत्वपूर्ण योजना है जो ऊर्जा की उपलब्धता और उसकी वृद्धि के साथ निवेशक और राज्य की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषकों के हित में संचालित गतिविधियों पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्र सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने पर मध्य प्रदेश में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा शव वाहन के संचालन का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अस्पतालों में किसी नागरिक की मृत्यु के बाद उनके घर तक पार्थिव देह ले जाने की नि:शुल्क व्यवस्था प्रदान की जाएगी। संकट की स्थिति में राज्य सरकार नागरिकों के साथ है। इस योजना का क्रियान्वयन शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया संदर्भ पुस्तक का विमोचन
10 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में "विश्व गुरु की ओर बढ़ते कदम.. मोदीज भारत @2047" संदर्भ पुस्तक का विमोचन किया। विमोचन के अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट सहित पुस्तक के संकलन कर्ता ऊनमीत सिंह नारंग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदर्शनी का उद्घाटन कर पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया
10 Jun, 2025 08:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
- मोदी जी के नेतृत्व में भारत चुनौतियों को अवसर में बदलता है
- जो काम अर्थव्यवस्था के डॉक्टर नहीं कर सके वे काम प्रधानमंत्री जी ने कर दिखाया
- आर्थिक, सामरिक, कूटनीतिक सहित हर क्षेत्र में भारत का डंका बज रहा है
- प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ऐसे ऐतिहासिक कार्य हुए कि दुनिया को अपने मापदंड बदलने पड़े
- मोदी जी ने लिये कड़े फैसले, तुष्टिकरण की राजनीति समाप्त की
- डॉ. मोहन यादव
- प्रधानमंत्री जी के 11 साल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए समर्पित रहे
- मोदी जी के नेतृत्व में देश में जनकल्याण और विकास में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं
- मोदी सरकार के कल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों का जीवन बदलने का कार्य किया
- श्री विष्णुदत्त शर्मा
भोपाल, 10/06/2025। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने पर पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 2014 में पद संभालने के बाद से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी देश के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार रहे हैं। उन्होंने कई कड़े फैसले लिये और तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर दिया। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ऐतिहासिक फैसले लिए जो पहले कभी नहीं हुए। जो काम अर्थव्यवस्था के डॉक्टर नहीं कर सके वे काम मोदी जी ने कर दिखाया। आज आर्थिक, सामरिक, कूटनीतिक सहित हर क्षेत्र में भारत का डंका बज रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पिछले 11 वर्षों में एक स्वर्णिम युग के रूप में दर्ज हो चुकी है। यह वह कालखंड है, जब देश ने युगपुरुष मोदी जी के कुशल, दूरदर्शी और जन-समर्पित नेतृत्व में विकास, समावेशन और आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिखी है। सरकार की नीतियां आज 140 करोड़ भारतीयों के जीवन को न सिर्फ आसान बना रही हैं, बल्कि उन्हें नए अवसर, नई उम्मीदें और नया आत्मविश्वास भी दे रही हैं। भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह देश अब चुनौतियों से पीछे नहीं हटता, बल्कि उन्हें अवसर में बदलता है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में हमारी सरकार ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ी है। यह सफलतम 11 साल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए समर्पित रहे हैं। इसका परिणाम है कि भारत ने जनकल्याण और विकास की दृष्टि से कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, पीएम उज्जवला योजना जन-धन योजना, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, ड्रोन दीदी, स्व-सहायता समूह जैसे कई कल्याणकारी कदम करोड़ों हितग्राहियों के जीवन बदलने में महत्वपूर्ण साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने देशवासियों के लिए अपने समर्पण से हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाया है और जन-जन में आत्मविश्वास का संचार किया है। बीते 11 वर्षों में सरकार के कामों को समर्थन देने के साथ ही संपूर्ण देश मोदी जी के साथ विकसित भारत निर्माण के पथ पर चल पड़ा है।
मोदी जी के साहसिक निर्णयों से आई अनुकूलता-डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने 11 वर्षों के कार्यकाल में अनेक साहसिक निर्णय लिए। 2014 के पहले की सरकारें भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी थी और देश की जनता में नकारात्मकता, निराशा और अविश्वास का माहौल था। प्रधानमंत्री मोदी जी के आने के बाद राजनीतिक व्यवस्था में सकारात्मकता, पारदर्शिता और परिणाम का समावेश हुआ। देश आशावाद से भर गया, लोगों में भरोसा जगा कि “मोदी है, तो मुमकिन है। ”यह केवल नारा नहीं, बल्कि जनमानस की धारणा बन गई है। राज्यसभा में बहुमत न होते हुए भी पूरे देश में जीएसटी लागू किया। शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद कांग्रेस की राजीव गांधी सरकार ने कदम पीछे खींच लिए थे, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने तीन तलाक विरोधी कानून बनाकर मुस्लिम बहनों को परेशानियों से मुक्ति दिलाई। न्यायालय की महत्ता को स्थापित करते हुए उन्होंने सदियों पुराने राम मंदिर विवाद का पटाक्षेप किया और अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन से लेकर उसका लोकार्पण भी किया। जबकि सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के भूमिपूजन कार्यक्रम में जाने से तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. नेहरू ने इनकार कर दिया था। डॉ. यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 देश के माथे पर विभाजन की लकीर की तरह थी। विरोधी दल ये धमकी दे रहे थे कि अगर धारा 370 हटाई गई, तो देश में आग लग जाएगी, खून की नदियां बह जाएंगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और मोदी जी ने बड़ी सहजता से धारा 370 समाप्त कर दी। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने आतंकवादियों पर जो प्रहार किए, उसके बाद पाकिस्तान की भाषा बोलने वाले लोग देश हित की बात करने लगे हैं। जब नायक शक्ति संपन्न हो, सरकार सक्षम हो तो ऐसी ही अनुकूलता आती है। मोदी जी ने अपने साहस से वातावरण बदल दिया।
विदेशों में बज रहा भारत का डंका
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के जमाने में देश कहने भर को गुटनिरपेक्ष रहा, लेकिन वास्तविक गुटनिरपेक्षता मोदी जी के कार्यकाल में आई है। पड़ोसी देशों और दुनिया में भारत की छवि बदली है। हम अमेरिका से अपनी जरूरत का सामान लेते हैं और हर तरह के विरोध को नकारते हुए रूस से भी सस्ता तेल खरीदते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हम अपने छात्रों को वहां से निकालते हैं और भारत माता की जय बोलते हुए कई पाकिस्तानी छात्र भी वहां से निकलने में कामयाब हो जाते हैं। हम ईरान से उसके बंदरगाह का उपयोग करने का समझौता करते हैं, तो श्रीलंका को मदद देकर कर्ज से उबारते हैं और भूटान की रक्षा के लिए चीन के सामने अंगद के पैर की तरह जम जाते हैं। नेपाल में जब भूकंप आया, तो मानवीय सहायता पहुंचाने वाला भारत ही पहला देश था। पाकिस्तान से संबंध सुधारने के लिए भी प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने कई बार प्रयास किए, लेकिन यह बात उसे समझ नहीं आई। यह भारत की नीतियों का ही परिणाम है कि पाकिस्तान के साथ हालिया विवाद के दौरान अफगानिस्तान हमारे साथ खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल में मुस्लिम देशों में भी भारत के प्रति अनुकूलता आई है।
प्रधानमंत्री जी ने देश की अर्थव्यवस्था को ऐतिहासिक गति दी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 1947 में आजादी के समय भारत दुनिया की 15 वें नंबर की अर्थव्यवस्था वाला देश था। श्रद्धेय अटलजी की गठबंधन वाली सरकार ने अपने स्तर पर अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रयास किए। इसके बाद डॉक्टर मनमोहन सिंह की सरकार आई, जो पहले वित्त मंत्री भी थे, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था 11 वें नंबर से आगे नहीं बढ़ सकी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 2014 के बाद अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम किया। उनके कार्यकाल में प्रति व्यक्ति आय में 67 प्रतिशत, विदेशी मुद्रा भंडार में 135 प्रतिशत, टैक्स पेयर आधार में 127 प्रतिशत और टैक्स कलेक्शन में 238 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश के स्वर्ण भंडार में 100 टन की वृद्धि की है और बैंक ऑफ इंग्लैंड में देश का अब सिर्फ 300 टन सोना रह गया है। बाकी सोना वापस भारत पहुंच चुका है। पहले हम विमान वाहक पोत से लेकर अन्य हथियार तक विदेशों से खरीदते थे। लेकिन आज हम 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के प्रोत्साहन के फलस्वरूप हमारे वैज्ञानिक काफी कम समय में कोविड की वेक्सीन बनाने में सफल रहे, वहीं चंद्रयान की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग भी इसका उदाहरण है। मोदी सरकार की भारत को आत्मनिर्भर बनाने की नीति का असर हम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देख चुके हैं, जब रूस निर्मित एस-400 डिफेंस सिस्टम ने देशी तकनीक के बल पर रूस से भी अच्छा प्रदर्शन भारत में किया। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने कार्यकाल में आतंक का फन कुचलने का काम किया है। अमेरिका और इजराइल के बाद भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन गया है, जो आतंकवादियों को उनके घर में घुसकर मारता है।
मोदी जी ने हर असंभव कार्य को संभव करके दिखाया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार के दौरान ऐसे काम हो रहे हैं, जो पहले कभी नहीं हुए। आज भारत में हुए कामों के आधार पर दुनिया अपने मापदंड बदल रही है। माता-बहनों की समस्याओं को देखते हुए मोदी सरकार ने देश में 6 करोड़ शौचालय बनाए। करोड़ों गरीब बहनों को उज्जवला योजना में गैस कनेक्शन दिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की सरकार ने गरीब आदमी का अपना पक्का घर होने का सपना साकार किया है। डिजिटल पेमेंट के मामले में भारत अमेरिका से भी आगे है। वहीं, डीबीटी के माध्यम से भ्रष्टाचार पर रोक लगी है और गरीब आदमी के हक का पूरा पैसा उसके खाते में पहुंच रहा है। आयुष्मान योजना में 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिल रहा है, वहीं अब इस योजना में 70 साल से अधिक के किसी भी वर्ग के बुजुर्गों को भी शामिल कर लिया गया है। 100 प्रतिशत विद्युतीकरण मोदी सरकार में ही संभव हो सका है, वहीं जल जीवन मिशन में घर-घर नल से स्वच्छ जल पहुंचाया जा रहा है। कृषि के बजट में पांच गुना वृद्धि की गई है साथ ही करोड़ों किसानों को किसान सम्मान निधि दी जा रही है। डॉ. यादव ने कहा कि कई देश ऐसे हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 80 करोड़ नहीं है। लेकिन मोदी सरकार देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दे रही है। एससी, एसटी, ओबीसी के अलावा मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग के गरीबों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है। वहीं, महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके अलावा बेटियों के लिए सैनिक स्कूल, सेना, एनडीए में जाने के दरवाजे खोल दिए हैं। हमारी बेटियां आज पायलट और सेना अधिकारी बन रही हैं।
तेजी से विकास के रास्ते पर बढ़ रहा मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल के दौरान मध्यप्रदेश भी विकास के रास्ते पर तेजी से कदम बढ़ रहा है। तीसरी के बाद अब चौथी रेल लाइन का काम शुरू हो चुका है। वहीं, प्रदेश के इंदौर से मनमाड़ तक अठ्ठारह हजार करोड़ की रेल परियोजना पर काम शुरू हो चुका है, जिससे मुंबई जाने वाले गाड़ियों का लगभग 250 किलोमीटर का फेर बचेगा। सतना और दतिया को मिलाकर हमारे पास 8 एयरपोर्ट हैं, वहीं कई अन्य अभी पाइपलाइन में हैं। नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत केन-बेतवा लिंक परियोजना का भूमिपूजन हो चुका है। जिस तरह से उत्तरप्रदेश सरकार के साथ मिलकर इस परियोजना का निर्माण हो रहा है, वैसे ही समझौते राजस्थान और महाराष्ट्र सरकार के साथ भी हुए हैं। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 11 सालों में जो काम हुए हैं, वह अद्वितीय, अकल्पनीय और स्वर्णाक्षरों में लिखे जाने योग्य हैं।
प्रधानमंत्री जी गरीबों के जीवन बदलने का कार्य कर रहे हैं-श्री विष्णुदत्त शर्मा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी गरीबों के जीवन बदलने का कार्य कर रहे हैं। 9 जून का दिन हम सबके लिए गर्व, उत्साह और आनंद का लेकर आया है। विकसित भारत की अमृत यात्रा के हम सब साक्षी रहे हैं। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के प्रधान सेवक के पद की शपथ ली, उसके बाद हर निर्णय में प्रधानमंत्री जी ने यह साबित किया कि योजनाओं के माध्यम से भारत के हर व्यक्ति के जीवन को बदलने का कार्य किया जा रहा है। आजादी के 70 साल बाद तक लाखों की संख्या में गरीब के सिर पर पक्की छत नसीब नहीं थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने चार करोड़ से अधिक पक्के आवास बनाकर गरीबों को पक्की छत देने का कार्य किया है। गरीबों के साथ 70 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान योजना के माध्यम से पांच लाख तक के निःशुल्क इलाज की गारंटी देकर उनका जीवन खुशहाल बनाया है। संकल्प से सिद्धि का यह अभियान गरीब, युवा, नारी और अन्नदाता के साथ समाज के सभी वर्गों के कल्याण के साथ देश की जनता के मन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मन में विश्वास पैदा करता है। विकसित भारत की अमृत यात्रा सुशासन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ हर गरीब के जीवन को बदलने का कार्य कर रही है।
सुरक्षित अर्थव्यवस्था और टेक्नालॉजी को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सुरक्षित अर्थव्यवस्था की मजबूती और टेक्नोलॉजी को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार रेस्पॉन्सिव गवर्नमेंट, रिस्पांसिबल गवर्नमेंट, अकाउंटेबल गवर्नमेंट और पब्लिक पार्टिसिपेशन वाली सरकार दे रही है। 2014 के पहले देश में भ्रष्टाचार, घोटाले और तुष्टिकरण की परसेप्शन वाली सरकारें रही हैं। आज हमें बहुत खुशी है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में देश में विकास, आविष्कार और नवाचार को बढ़ावा देने वाली सरकार कार्य कर रही है। मुझे बताने में गर्व हो रहा है कि केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार की योजनाओं ने किस प्रकार से गरीबों का जीवन बदल रहा है। सरकार अब सहभागी है और सुशासन अब संस्कृति बन गई है। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना, यह इतिहास रचने का कार्य प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ही हो सका है। विश्व बैंक द्वारा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में गरीबी दर 27.1 से घटकर 5.3 पर आ गई है। यह इतिहास अगर किसी के नेतृत्व में बना है तो वह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी हैं। ऑपरेशन सिंदूर में विश्व ने भारत की ताकत को देखा है। ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि भारत एक आर्थिक शक्ति के साथ सक्षम सामरिक शक्ति वाला देश है। तीन तलाक को समाप्त करना हो या जीएसटी कानून लागू करना, सांस्कृतिक पुनरूद्धार और धार्मिक जागरण के मुद्दे हो इस विषयों पर ऐतिहासिक निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ही ले सकते थे। प्रधानमंत्री जी ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया, आज भारत में 49 प्रतिशत ट्रांजेक्शन अब डिजिटली हो रहा है। प्रधानमंत्री जी ने गरीबी हटाने से लेकर 55 करोड़ जन-धन बैंक खाते खोलकर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना के माध्यम से भ्रष्टाचार पर शत-प्रतिशत रोक लगाई है।
मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश के समग्र विकास की परिकल्पना को साकार कर रहे हैं
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जिस प्रकार विकसित भारत बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं, उसी प्रकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश को विकसित मध्यप्रदेश बनाने की ओर तेजी से अग्रसर हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरी संवेदनशीलता के साथ मध्यप्रदेश का समग्र विकास को जमीन पर उतारने का कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में रीजनल इंडिस्ट्रियल समिट और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट करके भोपाल इंदौर ही नहीं संपूर्ण मध्यप्रदेश के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यकर्ता केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार की सभी जन हितैषी और कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाकर लोगों का जीवन बदलने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सफलतम 11 साल पूर्ण होने पर मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी सहित केंद्र सरकार और पार्टी के संपूर्ण केंद्रीय नेतृत्व को बधाई देने के साथ हृदय से अभिनंदन करता हूं। इस दौरान पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक श्री भगवानदास सबनानी, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल एवं जिला अध्यक्ष श्री रविंन्द्र यति मंच पर उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश संगठन महामंत्री ने प्रदर्शनी किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के विकसित भारत के अमृतकाल-सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 11 साल पर आधारित प्रदर्शनी का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन कर अवलोकन किया। इस दौरान पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक श्री भगवानदास सबनानी, वरिष्ठ नेता श्री सुरेश पचौरी, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, प्रदेश मंत्री श्री लोकेन्द्र पाराशर, प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल, जिला प्रभारी श्री महेन्द्र यादव एवं जिला अध्यक्ष श्री रविंन्द्र यति सहित पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
MP कैबिनेट का मास्टरस्ट्रोक: तुअर दाल किसानों को राहत, आदिवासी विकास को नई गति
10 Jun, 2025 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 10 जून को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. सरकार ने आदिवासियों के विकास के लिए मजरा-टोला सड़क योजना, तुअरदाल उत्पादकों को मंडी टैक्स से छूट देने का फैसला किया है. कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के 11 साल पूरे होने पर भी बधाई दी. प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया.
कैबिनेट मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि वर्षा काल की पूर्व तैयारी के मद्देनजर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को निर्देशित किया है कि आगामी वर्षा ऋतु के लिए अपने-अपने क्षेत्रों और विभागों में आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित करें. नगरीय निकायों को नाले एवं जल निकासी की सफाई तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों और जल स्रोतों के कैचमेंट एरिया की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.
20 हजार से ज्यादा बसाहटों को जोड़ने का लक्ष्य
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आदिवासियों के लिए सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है. “मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना” को कैबिनेट की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है. यह योजना आदिवासी और दूरस्थ छोटे-छोटे गांवों (फली-मजरे-टोले) को मुख्य सड़कों से जोड़ने के उद्देश्य से प्रारंभ की जा रही है. योजना के तहत 30,900 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा. इस पर अनुमानित 21,630 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
इस योजना से लगभग 20,600 बसाहटों को जोड़ने का लक्ष्य है. यदि किसी बसाहट में 20 आवास हैं, 100 से अधिक जनसंख्या है और 50 मीटर की दूरी पर सड़क नहीं है, तो वह पात्र मानी जाएगी. योजना से लगभग 80% लाभ आदिवासी क्षेत्रों को मिलेगा. जिला कलेक्टर, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों की सलाह से गांव चिन्हित किए जाएंगे.
प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत
सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्राप्त सहायता से झाबुआ, सिमरौली, देवास आदि चार औद्योगिक क्षेत्रों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल की स्थापना का फैसला किया है. इन हॉस्टलों में कुल 350 सीटें होंगी और इनके निर्माण की लागत 40.59 करोड़ रुपये होगी. इसका संचालन पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप) मॉडल पर होगा. इसके अलावा सरकार ने किसानों और दाल मिलरों को राहत देने हेतु महाराष्ट्र से आयातित तुअर दाल पर मंडी टैक्स समाप्त करने का निर्णय लिया गया है. इससे प्रदेश में दाल मिलों की संख्या बढ़ेगी, रोजगार सृजन होगा और किसानों को दाल की अच्छी कीमत मिल सकेगी. यह निर्णय राज्य के कृषि, व्यापार और रोजगार, तीनों के हित में है.
जिला विकास सलाहकार समिति का गठन
सरकार ने हर जिले में जिला विकास सलाहकार समिति के गठन का निर्णय लिया है. इसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे और उपाध्यक्ष संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री होंगे. समिति जिले के विकास का रोडमैप तैयार करेगी और आवश्यकता अनुसार संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी इसमें आमंत्रित किया जा सकेगा. राज्य सरकार इन समितियों की सिफारिशों पर आवश्यकतानुसार फंड भी प्रदान करेगी.
12 जून से शुरू होगी एमपीएल, खिलाड़ियों को मिल रहा सुनहरा मंच
10 Jun, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय क्रिकेट में मध्य प्रदेश ने अहम योगदान दिया है. महानआर्यमन सिंधिया ने कहा, लंबे समय से इस राज्य को क्रिकेट में अहम भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है. हालांकि, अब राष्ट्रीय क्रिकेट केंद्र बनने की दिशा में यह साहसिक कदम उठा रहा है. इसके पीछे की वजह है मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (एमपीएल) जोकि 12 जून से शुरू हो रही है. यह लीग 12 जून से 24 जून तक चलेगी.
समय के साथ लोगों के बीच में MPL का क्रेज बढ़ता जा रहा है. यह मैच इस साल ग्वालियर में खेले जाएंगे. एमपीएल के लोकप्रियता हासिल करने और अनिकेत वर्मा जैसे खिलाड़ियों के आईपीएल में दाखिल होने के साथ ही एमपी एक नया क्रिकेट अध्याय लिखा जा रहा है.
क्रिकेट में MP का योगदान
मध्य प्रदेश के इतिहास को देखे तो क्रिकेट को लेकर यहां का क्रेज साफ दिखाई देता है. साथ ही एमपी ने भारत को कई क्रिकेटर्स भी दिए. ऐतिहासिक रूप से, एमपी भारत के कुछ शुरुआती क्रिकेट दिग्गजों का घर रहा है. 1940 और 50 के दशक की होल्कर टीम, जिसका नेतृत्व सी.के. नायडू और सैयद मुश्ताक अली ने किया. वो डोमेस्टिक क्रिकेट में सबसे मजबूत टीमों में से एक थे. इंदौर में उनके आधार ने राज्य की क्रिकेट संस्कृति की नींव रखी, जिसके बाद के दशकों में भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर में क्लब और अकादमियां बनाई गईं. इसी के जरिए लोगों के बीच क्रिकेट न सिर्फ देखने बल्कि खेलने का क्रेज बढ़ा.
हाल के सालों में, नरेंद्र हिरवानी, नमन ओझा, वेंकटेश अय्यर और रजत पाटीदार जैसे नामों ने मध्य प्रदेश की तरफ सभी का ध्यान खींचा है. पाटीदार के विस्फोटक आईपीएल शतक और अय्यर के भारतीय टी20 टीम में उभरने से मध्य प्रदेश को क्रिकेट की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए नए रास्ते मिले हैं. लेकिन साथ ही जो चीज एमपी के लिए क्रिकेट की दुनिया में अगले अध्याय लिख रही है वो है एमपीएल, जो कई प्लेयर्स को बड़ा मौका दे रहा है.
MPL क्यों है इतना खास?
एमपीएल पर बात करते हुए महानआर्यमन सिंधिया ने कहा, सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं है- यह एक प्रतिभा इंजन है. अपनी फ्रेंचाइजी-आधारित संरचना और जमीनी स्तर पर खोज के जरिए एमपीएल अनसुनी आवाजों और अनदेखी प्रतिभाओं के लिए एक मंच बन गया है. इस आंदोलन के ब्रेकआउट स्टार अनिकेत वर्मा हैं, जो पहले एक अज्ञात नाम था, जिसने फिर एमपीएल में अपनी एक पहचान बनाई और स्टेज का भरपूर इस्तेमाल किया. आज एमपीएल से निकलकर अनिकेत वर्मा इंडियन प्रीमियर लीग में शामिल है.
एमपीएल कस्बों और गांवों के खिलाड़ियों को प्रोफेशनल क्रिकेट के लिए दिशा दे रहा है, कुछ ऐसा जो दशकों से नहीं मिल रहा था. बढ़ते बुनियादी ढांचे, उत्साही फ्रेंचाइजी के साथ मध्य प्रदेश अब क्रिकेट की दुनिया में शांति से योगदान करने वाला प्रदेश नहीं रह गया है. यह अपने आप में क्रिकेट का पावरहाउस बनता जा रहा है, ठीक उसी तरह जैसे कुश्ती में हरियाणा है.
जैसे-जैसे यह आंदोलन रफ्तार पकड़ रहा है, एक बात तय है कि भारतीय क्रिकेट में मध्य प्रदेश का वक्त आ गया है.
याचिका समिति की बैठक में विधायकों ने रखे जनहित के विषय
10 Jun, 2025 02:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मप्र विधानसभा की याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की आज विधानसभा भवन में कक्ष क्र 7 में बैठक सम्पन्न हुई । समिति के सदस्य के रूप में आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर उक्त बैठक में शामिल हुए । विधानसभा भवन में याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में प्राप्त याचिकाओं पर सुनवाई की गई एवं सम्बंधित विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गये ।
बेटियाँ अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं: राज्यमंत्री जायसवाल
9 Jun, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने सेवा भारती माधव मंडल, भोपाल द्वारा बालिकाओं के आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर सहभागिता की। उन्होंने बालिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए काम किया जा रहा है। बालिकाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि सेवा भारती द्वारा 13 वर्ष से 18 वर्ष की बालिकाओं को जूडो, मार्शल आर्ट एवं कराटे का प्रशिक्षण देकर आत्मरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जायसवाल ने कहा कि सेवा भारती का यह प्रयास बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। बालिकाओं को तुलसी का पौधा भेंट कर प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में माधव मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मंजुलता शर्मा, मंडल प्रभारी राम रघुवंशी, समाजसेवी उमेश और बड़ी संख्या मं छात्राएं उपस्थित थीं।
चैक-लिस्ट बनाकर करें बाढ़-राहत और बचाव संबंधी निर्देशों का पालन : मुख्य सचिव जैन
9 Jun, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बाढ़ राहत एवं बचाव संबंधी राज्य स्तरीय समिति की बैठक में निर्देश दिये हैं कि बाढ़ राहत और बचाव संबंधी निर्देशों के दृष्टिगत एक चेक लिस्ट बनाई जाये और उक्त अनुसार सभी विभाग अगले 15 दिनों के अंदर सौंपे गये दायित्वों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि उड़ीसा में आपदा प्रबंधन पर हुए अच्छे कार्यों को मॉडल बनाकर राज्य में उसी तरह का सिस्टम विकसित किया जाये, जिससे जनहानि से बचा जा सके। उन्होंने राजस्व, गृह, कृषि, जल संसाधन, और मौसम विभाग को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। बैठक मेंगृह विभाग को बाढ़ राहत संबंधी कार्यों का नोडल विभाग बनाये जाने का निर्णय लिया गया।
मुख्य सचिव जैन ने विभिन्न विभागों को बाढ़ से बचाव और राहत संबंधी अनेक दायित्व सौंपे हैं। मानसून पूर्व बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने के लिए हुई राज्य स्तरीय समिति की बैठक में गृह विभाग को सेना से समन्वय, बाढ़ बचाव उपकरणों की तैयारी, प्रशिक्षित तैराकों की सूची और नियंत्रण कक्ष से समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। राजस्व विभाग को सभी कलेक्टर को चैक-लिस्ट अनुसार तैयारी, आपदा की स्थिति में क्षति आकलन और समय पर राहत वितरण सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अस्थायी शिविरों के लिए भवन चयन, जर्जर भवनों के चिंहांकन की कार्रवाई, निचले क्षेत्रों से आबादी का स्थानांतरण और खुले बोरवेल/कुओं की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभागको पुलों पर बैरियर, जर्जर भवनों की मरम्मत और चेतावनी बोर्ड लगाने का कार्य सौंपा गया है। परिवहन विभागको बसों की फिटनेस जांच, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और बाढ़ में सुरक्षित यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित करने का दायित्व मिला है। नगरीय विकास विभाग को नालों की सफाई, निचली बस्तियों को खाली कराने और जर्जर भवनों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जल संसाधन विभाग को बांधों की मजबूती, जल निकासी, पूर्वानुमान और बाढ़ संभावित गांवों का चिन्हांकन करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चिकित्सा, दवाएं, टीकाकरण और महामारी रोकथाम के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था के साथ सर्पदंश के उपचार में प्रयुक्त एंटीवेनम की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को स्वच्छ पेयजल, शुद्धिकरण, क्लोरीन टैबलेट वितरण और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। कृषि विभाग को खाद-बीज का भंडारण, समय पर वितरण और कीट-व्याधि पर निगरानी का दायित्व दिया गया है। पशुपालन विभाग को पशुचिकित्सा दल, दवाएं, चारे का भंडारण और मृत पशुओं के सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खाद्य विभाग को खाद्यान्न और आवश्यक राहत सामग्री का भंडारण, मूल्य निर्धारण और वितरण की व्यवस्था करना होगी। नर्मदा घाटी विकास विभागको बड़े बांधों से पानी छोड़ने का समन्वय, कंट्रोल रूम संचालन और बाढ़ की चेतावनी संबंधी प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है। ऊर्जा विभाग को राहत स्थलों पर विद्युत आपूर्ति, वैकल्पिक व्यवस्था, फील्ड टीम गठन और पब्लिक सूचना की जिम्मेदारी दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, परामर्शदाताओं की मदद से सुरक्षित निष्क्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग को मानसून के दौरान वर्षा की दैनिक जानकारी और मौसम का पूर्वानुमान प्रतिदिन गृह, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकारण को नियमित रूप से देनी होगी। दूरदर्शन तथा आकाशवाणी को भारी वर्षा तथा बाढ़ की स्थिति में जिला प्रशासन या राज्य शासन के निर्देश पर पूर्व चेतावनी और स्थानीय लोगों को सही जानकारी देते हुए सचेत करने में सहयोग करना है।
उच्च स्तरीय समिति की बैठक में अपर मुख्य सचिव जे.एन. कंसोटिया, डॉ. राजेश राजौरा, संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल, संदीप यादव, एम. सेल्वेन्द्रन, आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव के अतिरिक्त मौसम विभाग, आर्मी के अधिकारी उपस्थित थे। अन्य विभागों के अधिकारी-वर्चुअल उपस्थित रहे।
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