मध्य प्रदेश
प्रदेश में पेयजल स्रोतों की सफाई के साथ जनजागरूकता अभियान भी जारी
11 Jun, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से जारी है। अभियान के दौरान ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाकर सुखद भविष्य के बारे में बताया जा रहा है। अभियान के दौरान जिले भर में प्राचीन बावड़ियों को चिन्हित कर उनकी मरम्मत और सफाई कार्य हाथ में लिया गया है। प्रदेश में लगातार जल यात्राएं निकाली जा रही हैं। वर्षा के मौसम को देखते हुए व्यापक पौधरोपण की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है।
उत्कृष्ट कार्य करने वालो किया सम्मानित
सिंगरौली जिले में नौगढ़ में जन अभियान परिषद द्वारा हनुमान मंदिर के पास बावड़ी में साफ-सफाई वृक्षारोपण व दीप प्रज्ज्वलित कर बावड़ी उत्सव मनाया गया। जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाली नवांकुर संस्था को विधायक राम निवास शाह और कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में पानी की बचत को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जल यात्रा का आयोजन किया गया। इसी के साथ जल स्रोतों की साफ-सफाई जनभागीदारी से की गई। जल चौपाल में जन सामान्य को नदी-तालाबों के किनारों पर निरंतर सफाई करते रहने की समझाइश दी गई। सामूहिक भागीदारी में महिला कार्यकर्ताओं के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी करने के लिये जन जागरूकता अभियान चलाया गया।
19 तालाबों का होगा सौंदर्यीकरण
कटनी जिले में कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने 5 जनपद पंचायतो में 19 तालाबों के मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए एक करोड़ 83 लाख रूपये की स्वीकृति जारी की। कलेक्टर ने कहा कि जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के सभी कार्य आने वाले 15 दिनों में हर हाल में पूरे किये जायें। उन्होंने कहा कि जिले में मानसून की बारिश के दौरान व्यापक स्तर पर पौधरोपण की कार्ययोजना तैयार की जाये। पौधरोपण में स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाये। उन्होंने बताया कि जिले में चिन्हित की गई प्राचीन बावड़ियों की सफाई का कार्य आगे भी लगातार चलता रहे, यह व्यवस्था भी की जानी चाहिए।
जनभागीदारी से होगा प्राचीन जल स्रोतों का संरक्षण
जबलपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद द्वारा बावड़ी उत्सव कार्यक्रम का आयोजन कर पनागर में जयप्रकाश वार्ड स्थित प्राचीन बावड़ी की साफ-सफाई की गई। विधायक सुशील तिवारी "इंदु" की उपस्थिति में हुए कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। विधायक सुशील तिवारी ने बावड़ी संरक्षण के कार्यों में जनसमुदाय की भागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि पनागर विधानसभा क्षेत्र में जल संवर्धन के कार्यों तथा बावड़ी, तालाब और कुओं जैसे जल स्त्रोतों के सरंक्षण में शासन-प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता का भी सहयोग लिया जायेगा।
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय समीक्षा
डिण्डोरी जिले में कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या की अध्यक्षता में जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति का समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत राज्य स्तर से समस्त जिलों की समीक्षा खेत तालाब, निर्माण कार्य, पुराने प्रगतिरत कार्यो की पूर्णता, कूप रिचार्ज, अमृत सरोवर निर्माण पर लक्ष्य निर्धारित कर पूर्णताः के आधार पर की जा रही है। जिले को किसानों के खेत में 2171 खेत तालाब निर्माण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरूद्ध जिले में 2321 कार्यों की स्वीकृति जारी कर 2200 कार्य निर्माण प्रारंभ किये जा चुके हैं। अभियान के दौरान जिले को 1500 कुओं का जल स्तर बढाने के लिये रिचार्ज संरचनाएं बनाने का लक्ष्य दिया गया था। जिले में 1570 कूपों में रिचार्ज संरचना निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया है। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि समस्त कूपों में 15 जून तक गुणवत्तापूर्ण रिचार्ज संरचना शत-प्रतिशत निर्मित करते हुये नियमानुसार मजदूरी एवं सामग्री का मूल्यांकन कर एफटीओ किया जाए। जिले में जनपद पंचायत में 187 सार्वजनिक तालाब का निर्माण किया जा रहा है।
पेयजल स्त्रोतों में किया गया क्लोरिनेशन
मंडला जिले में कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्ता पूर्ण शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिये पेयजल स्रोतों में जर्मेक्स डालकर क्लोरिनेशन कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों को पानी को उबालकर, छानकर, शुद्ध पानी पीने एवं ताजा भोजन करने की समझाइश दी गई। जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में किये जा रहे कार्यों की निरंतर समीक्षा की जा रही है। जिले में जनसमुदाय की उपस्थिति में बावड़ी उत्सव का भी आयोजन किया गया है। बावड़ियों की पूजन कर ग्रामीणों को पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई की शपथ भी दिलाई गई।
आदर्श ग्राम कन्हान वनग्राम में बोमली नाला में साफ-सफाई
छिन्दवाड़ा जिले में जन अभियान परिषद के तत्वाधान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर 30 मार्च से निरंतर पेजयल स्रोतों की साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्राम के बोमली नाला में सामूहिक जन-भागीदारी से बोमली खेत तालाब जल स्त्रोत की साफ-सफाई और गहरीकरण किया गया। यह कार्य निरंतर चलता रहेगा। सफाई कार्य के दौरान ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिले में ग्रामीणों क्षेत्रों में जल चौपालों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। ग्रामीणों को पानी की बर्बादी रोकने के लिये शपथ दिलाई जा रही है।
स्वतत्रंता आंदोलन में गौरवमयी संघर्ष की याद दिलाती है कोल जनजाति: मंत्री डॉ. शाह
11 Jun, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया है कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिये वचनबद्ध है। प्रदेश की प्रमुख पिछड़ी जनजाति में कोल जनजाति तीसरी प्रमुख पिछड़ी जनजाति है। उन्होंने कहा कि कोल जनजाति स्वतत्रंता आंदोलन में गौरवमयी संघर्ष की याद दिलाती है। संघर्षमयी इतिहास, उनकी शैली और संस्कृति स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान के लिये जानी जाती है। मध्यप्रदेश में 10 लाख से भी ज्यादा कोल जनजाति के लोग निवासरत है। रीवा, सीधी, सिंगरौली, सतना, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, नरसिंहपुर, जबलपुर और डिण्डौरी में मुख्यत: निवासरत है। बढ़ी आबादी कोल जनजाति केवल मध्यप्रदेश ही नहीं देश के उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्य में भी निवास करती है। यह खरवार समूह की एक प्राचीन जनजाति है। ये स्वयं को शबरी माता का वंशज मानते है। कोल शब्द कुल से निकला है, जो समस्त का रूप है।
ग्रामीण सांस्कृति की धड़कन है वाद्ययंत्र
मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि कोल जनजाति का मुख्य जीविकोपार्जन वनोपज संग्रहण, कृषि और मजदूरी पर आधारित है। प्रकृति की पूजा करने वाली यह जनजाति जंगल, नदियों और पहाड़ों से गहरा नाता रखती है। कोल समाज के पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और वाद्ययंत्र आज भी ग्रामीण संस्कृति की धड़कन है। सरकार और समाज मिलकर कोल जनजाति के उत्थान और सम्मान के लिये कार्य कर रहे है। सरकार द्वारा जनजातियों के विकास के लिये संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने से और औद्योगिकरण के विकास से कोल जनजाति भी विकास की और अग्रसर है।
शिक्षा और रोजगार पर शासन का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजाति वर्ग के चहुँमुखी उत्थान के लिये राज्य और केन्द्र सरकार के द्वारा छात्र-छात्राओं के विकास के लिये किये जा रहे समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि कोल जनजाति के छात्र-छात्राएँ आज उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे है। राज्य शासन द्वारा म.प्र. प्रदेश लोक सेवा आयोग तथा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में सफल होने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में विभिन्न स्तरों पर सफल होने वाले अभ्यर्थियों को देय राशि प्रारम्भिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 40 हजार मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 60 हजार एवं साक्षात्कार उपरांत सफल होने पर 50 हजार की राशि प्रदान की जाती है। इसमें प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने की पात्रता के लिए आय सीमा का बंधन नहीं है।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में विभिन्न स्तरों पर सफल होने वाले जनजातीय वर्ग के सफल अभ्यार्थी जिनके माता-पिता / अभिभावक की वार्षिक आय रुपये 8 लाख से अधिक न हो को प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 20 हजार मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 30 हजार साक्षात्कार उपरांत सफल होने पर 25 हजार की राशि प्रदान की जाती है। दूसरी बार सफलता प्राप्त करने पर अभ्यर्थी को उपरोक्त उल्लेखित राशि की 50 प्रतिशत राशि एवं तीसरी बार योजना का लाभ प्रदान नहीं किया जाता।
अंगेजी हुकुमत के विरूद्ध हुआ कोल विद्रोह
मंत्री डॉ. विजय शाह ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम में कोल समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कोल जनजाति ने अंग्रेजी हुकुमत के अन्याय के विरूद्ध 1831 में अंग्रेजों से लोहा लिया, जिसे कोल विद्रोह के रूप में याद किया जाता है। बुधू भगत और मदारा महतो के नेतृत्व में कोल विद्रोह असमानता, शोषण और अत्याचार के विरूद्ध अन्य जनजातियों के लिये प्रेरणा का स्त्रोत बना। कोल विद्रोह से प्रभावित होकर इसका अनुसरण करते हुए अन्य कई जनजातियों ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
सिपरी साफ्टवेयर की बारीकियां सीखने गुरूवार को भोपाल आएगा महाराष्ट्र का 9 सदस्यीय दल
11 Jun, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : जल गंगा संवर्धन अभियान में मनरेगा परिषद द्वारा किए गए नवाचार का अध्ययन करने महाराष्ट्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का 9 सदस्यीय दल दो दिवसीय दौरे पर मध्यप्रदेश आएगा। यह दल 12 जून को भोपाल आएगा। साथ ही फील्ड में जाकर सिपरी साफ्टवेयर खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थल चयन में किस तरह से काम करता है, दल के सदस्य इसकी बारीकियां सीखेंगे। इसके साथ ही मनरेगा परिषद द्वारा कार्ययोजना को लेकर तैयार किए गए प्लानर ऐप के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। इस दौरान दल के सदस्य 12 जून को भोपाल एवं 13 जून को रायसेन जिले के सांची विकासखंड का भ्रमण करेंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत बारिश के पानी को बचाने के लिए बनाए जा रहे खेत तालाब, अमृत सरोवर और कूप रिचार्ज पिट का कार्य देखेंगे।
केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय भूमि संसाधन विभाग द्वारा बीते दिनों राष्ट्रीय समीक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। समीक्षा कार्यक्रम में मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन अवि प्रसाद ने मध्य प्रदेश में “जल संरक्षण व संवर्धन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के कार्यों के चयन तथा मॉनिटरिंग के लिए किए गए नवाचार सिपरी SIPRI सॉफ्टवेयर (A Decision Support System) का प्रस्तुतीकरण किया था, जिसकी भारत सरकार द्वारा प्रशंसा की गई थी। साथ ही भारत सरकार ने मध्य प्रदेश के इस नवाचार को समीक्षा कार्यवाही विवरण में रेखांकित किया। राष्ट्रीय समीक्षा में आए हुए अन्य राज्यों के प्रमुख सचिवों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने भी सिपरी (SIPRI) की उपयोगिता की सराहना की और अपने राज्यों में भी इसके उपयोग की रुचि दिखाई थी। अन्य राज्यों से भी सिपरी (SIPRI) के अध्ययन के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त हो रहे है। इसी के अंतर्गत महाराष्ट्र सरकार के वाटरशेड विभाग के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलाकर रानादेवी के नेतृत्व में 9 सदस्यों का दल 12 और 13 जून को मध्य प्रदेश प्रवास पर आ रहा है। वे यहां आकर SIPRI सॉफ्टवेयर के संबंध में जानकारी प्राप्त करेंगे। साथ ही इसे कैसे बनाया गया है, इसमें किस-किस तरह के डेटाबेस का उपयोग किया जा रहा है इसका गहन अध्ययन करेंगे। साथ ही यह भी जानेंगे कि इसका उपयोग वे किस तरीके से महाराष्ट्र में प्राकृतिक संसाधन संरक्षण के कार्यों के लिए कर सकते हैं। इस दल में महाराष्ट्र शासन के मंत्रालय, जिला और विकास खंड स्तर के अधिकारी शामिल है।
बिजली खपत कम करेंगे तो बिल भी कम ही आएगा, रीडिंग में भी कोई गड़बड़ी नहीं हो रही
11 Jun, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की पहल पर भोपाल सहित पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में घरेलू स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। भोपाल शहर वृत्त में लगभग तीन माह पहले लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से जब बातचीत की तो अनेक सकारात्मक पहलू सामने आए। अधिकतर स्मार्टमीटर उपभोक्ताओं ने फायदा होने की बात कही है। मकान नंबर 23, देवीनगर कॉलोनी करोंद भोपाल के उपभोक्ता श्री महेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि उनके यहां तीन महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा था। शुरू में उन्हें डर था की कहीं स्मार्ट मीटर से बिल तो अधिक नहीं आएगा, लेकिन जैसे ही अगले महीने बिल आया तो देखा कि कोई ऐसी गड़बड़ी नहीं आई। बल्कि अब तो ऐप के माध्मय से अपने घर के बिजली उपयोग को भी नियंत्रित करना सीख गए हैं, क्योंकि जो उपकरण हम अधिक समय चलाते थे, उन पर नियंत्रण करने से बिल में अब कमी आई है।
इसी तरह करोंद के ही देवकी नगर की उपभोक्ता देव कुमारी ने बताया कि स्मार्ट मीटर से रीडिंग लेने में कोई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि अब तो अपने आप रीडिंग हो रही है और सटीक रीडिंग हो रही है। अब तो न कोई रीडिंग लेने आता है, बल्कि अपने आप दूरसंचार प्रणाली से रीडिंग हो रही है और निर्धारित तिथि को सही रीडिंग का बिल मोबाइल पर दिया जा रहा है।
एक अन्य स्मार्ट मीटर उपभोक्ता मकान नंबर 87, गांधीनगर निवासी श्री शेरू रजक ने बताया कि अब हमें बिजली की खपत की हर पंद्रह मिनट में जानकारी मिल रही है। इससे अंदाजा लगाना आसान हो गया कि हम किस समय कितनी बिजली की खपत करते हैं। इससे एक तो बिजली की बचत करने में आसानी हो रही है, दूसरी बात यह कि बिल में पूरी पारदर्शिता आ गई है, क्योंकि रीडिंग में गलती होने की अब जरा सी भी गुंजाइश नहीं है।
मकान नंबर 53, एकतापुरी निवासी अमित सेमल ने बताया कि वे जिस किराए के मकान में रहते हैं, वहां स्मार्ट मीटर लगा है। हमें डर था कि कहीं बिल अधिक आया तो कैसे भरेंगे। लेकिन नया मीटर लगने के बाद पहले ही महीने में हमने देखा कि सब्सिडी घटाकर बिल तो 82 रूपये ही आया है। इसके बाद लगातार तीन माह हो गए 100 रुपये से कम ही बिल आ रहा है, क्योंकि हमारी बिजली खपत कम है। इसलिए हमारे लिए तो यह मीटर फायदेमंद है।
घरेलू स्मार्ट मीटर के फायदे
ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है।
बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती।
एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं।
ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं।
ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा मिलती है।
ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।
ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद कर सकता है।
सर्वेक्षण गुणात्मक एवं प्रमाणिकता के साथ करें : उप मुख्यमंत्री देवड़ा
11 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु जातियों के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इन जातियों के कल्याण की गतिविधियों को पावन कार्य बताते हुए कहा कि यह गर्व करने योग्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिये इन समुदायों का सर्वेक्षण के माध्यम से डाटा इक्कठा किया जायेगा। इस डाटा के आधार पर कार्यक्रम बनाये जायेगें और राज्य एवं केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से इन समुदायों को लाभांवित किया जायेगा। राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान में उप मुख्यमंत्री देवड़ा विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के सर्वेक्षण-2025 पर बुधवार को हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि जन अभियान परिषद और विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण विभाग के बीच सर्वेक्षण के लिये एमओयू हुआ है। सर्वेक्षण प्रमाणिकता के साथ होगा। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में लगे कार्य समन्वयक पूरी ईमानदारी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करेंगे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि घुमन्तु समाज के उत्थान का यह पुण्य एवं पवित्र कार्य है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण विभाग के कार्य की सराहना भी की।
पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदायों के परिवारों के समेकित विकास के दृष्टिगत सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में प्रदेश के 12 जिलों में सर्वेक्षण का कार्य होगा और यह कार्य तय समय सीमा 3 माह में पूरा किया जायेगा। सितम्बर में सर्वेक्षण का प्रथम चरण पूरा होने के बाद दूसरे चरण में प्रदेश के शेष जिले में सर्वेक्षण होगा। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण से इन समुदायों की जानकारी एकत्र की जायेगी और जानकारी के आधार पर इन समुदायों के विकास के लिये कार्यक्रम बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण दल यह सुनिश्चित करें कि सर्वेक्षण से एक भी परिवार नहीं छूटे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सर्वेक्षण के लिये दिये गये प्रस्ताव पर तुरंत सहमति दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
कार्यशाला में क्षेत्रीय प्रमुख घुमन्तु कार्य गौरेलाल ने सर्वेक्षण कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदायों के बीच में पिछले कई वर्षों से कार्य कर रहे है। उन्होंने कार्य के दौरान हुए अनुभवों पर आधारित इन समुदायों की समास्याओं से जुड़े अनेक संस्मरण सुनाये और कहा कि इन समुदायों के विकास के लिये व्यवस्थित कार्य योजना जरूरी है और सर्वेक्षण का डाटा महत्वपूर्ण होगा। कार्यशाला को मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, अध्यक्ष विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विकास अभिकरण बाबूलाल बंजारा ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में प्रमुख सचिव विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विकास विभाग ई. रमेश कुमार और कार्य पालक निदेशक जन अभियान परिषद डॉ. बकुल लाड ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर जानकारी दी। कार्यशाला में जनअभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड और संचालक विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तुसमुदाय विकास विभाग नीरज वशिष्ठ ने एमओयू का दस्तावेज एक दूसरे को सौंपा। इस अवसर पर विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विभाग द्वारा तैयार किये गये पोस्टर का विमोचन भी किया गया।
ऊर्जा मंत्री ने बिजली संबंधी शिकायतों के निपटारे में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की
11 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली संबंधी शिकायतों के निपटारे पर हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रबंध संचालक से लेकर कार्यपालन स्तर तक के सभी अधिकारी रात्रि के समय क्षेत्रों का भ्रमण कर बिजली की वास्तविक स्थिति का आंकलन करें। साथ ही निरीक्षण रिपोर्ट मेरे कार्यालय में प्रस्तुत करें। तोमर ने बुधवार को विद्युत आपूर्ति में आ रहे अवरोध एवं कॉल-सेंटर के माध्यम से प्राप्त हो रही शिकायतों के निराकरण की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये।
मंत्री तोमर ने कहा कि शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिये टीम की संख्या बढ़ायें। उन्होंने कहा कि विद्युत अवरोध एवं उसके निराकरण से संबंधित जानकारी जन-प्रतिनिधियों, स्थानीय मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित करें। मैदानी स्तर के अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं के फोन अटेंड करना सुनिश्चित हो। विद्युत कनेक्शन में भार वृद्धि के संबंध में जागरूक किया जाये।
ऊर्जा मंत्री के कार्यालय में बना कॉल-सेंटर
ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि वर्षाकाल में बिजली की शिकायतों के मद्देनजर मेरे कार्यालय में भी आगामी 3 माह के लिये एक अस्थाई कॉल-सेंटर स्थापित किया गया है। कॉल-सेंटर का नम्बर 0755-4344299 है। उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि इस नम्बर पर सम्पर्क करने के पूर्व बिजली कम्पनी के मुख्य कॉल-सेंटर 1912 पर शिकायत जरूर दर्ज करायें और उसका क्रमांक साझा करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में प्रबंध संचालक एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी अवनीश लवानिया, सभी विद्युत कम्पनियों के एमडी, क्षेत्रीय मुख्य अभियंता और मुख्य महाप्रबंधक शामिल हुए।
कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह के भाई को पार्टी से निकाला
11 Jun, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और मध्य प्रदेश के राधोगढ़ से पूर्व विधायक और पांच बार के सांसद रहे लक्ष्मण सिंह को कांग्रेस ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है। विधायक लक्ष्मण सिंह कांग्रेस से बाहर हो गए हैं। लक्ष्मण सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लिया फैसला
पार्टी ने लक्ष्मण सिंह के राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा और उमर अब्दुल्ला पर किए गए बयानों को गलत माना है। इसके मद्देनजर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ये फैसला लिया है। पार्टी ने कहा लक्ष्मण सिंह की अपमानजनक टिप्पणियों ने सारी हदें पार कर दी हैं।
क्या था लक्ष्मण सिंह का बयान?
लक्ष्मण सिंह ने 25 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद रॉबर्ट वाड्रा और राहुल गांधी पर बयान दिया था। उन्होंने रॉबर्ट वाड्रा के नमाज वाले बयान पर टिप्पणी की थी। रॉबर्ट वाड्रा ने कहा था, मुसलमानों को सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने देते इसलिए आतंकवादियों ने हमला किया। इसके जवाब में लक्ष्मण सिंह ने कहा था, ये बचपना हम लोग कब तक झेलेंगे। राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा नादान हैं, राहुल गांधी सोच समझकर बात करें, वो नेता प्रतिपक्ष हैं।
उमर अब्दुल्ला पर लगाया था आरोप
साथ ही उन्होंने उमर अब्दुल्ला को आतंकवादियों से मिले होने का भी आरोप लगाया था। लक्ष्मण सिंह ने ये भी कहा था, हमारे नेताओं को थोड़ा सोच-समझकर बोलना चाहिए।
दमोह में ग्रामीणों ने पुलिस पर बोला हमला
11 Jun, 2025 03:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के मगरोन थाना अंतर्गत ग्राम पैरवारा में मंगलवार की देर रात्रि जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच टकराव हो गया। डायल 100 को मिली सूचना पर आरक्षक और डायल हंड्रेड के पायलट मौके पर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उन्हें बंधक बनाकर उनके साथ काफी मारपीट की और जबरदस्ती शराब पिलाकर ट्रैक्टर में आग लगाते हुए उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की। काफी प्रयासों के बाद आरक्षक और पायलट अपनी जान बचाकर भाग सके।
क्या है पूरा मामला?
इस घटना के संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा ने बताया कि मंगलवार की देर रात्रि को जिले के मगरोन थाना अंतर्गत सुनवाहा गांव में दो पक्षों के बीच जमीन के कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। एक पक्ष जमीन की जुताई के लिए ट्रैक्टर लेकर पहुंच गया। इसके विरोध में दूसरे पक्ष के व्यक्ति ने डायल 100 को सूचना दी। सूचना मिलते ही मगरोन थाना की गाड़ी में तैनात आरक्षक और पायलट घटनास्थल पर पहुंच गए और जब उन्होंने घटना की स्थिति की जानकारी लेने का प्रयास किया तो हालत बिगड़ गए।
पुलिस वालों को मारने की कोशिश
ग्रामीण और पायलट में बहस होने लगी। जिस पर वहां पर उपस्थित कुछ लोगों ने आरक्षक बलराम सिंह और डायल हंड्रेड के पायलट मनोज सिंह के साथ काफी मारपीट की और गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों को बंधक बनाकर जबरदस्ती शराब पिलाने का प्रयास किया। इस दौरान वहां पर खड़े हुए ट्रैक्टर में आग लगा दी और दोनों को आग में जिंदा जलाने की कोशिश की गई। दोनों के काफी प्रयासों के बाद वहां से मुक्त हो सके और वापस मगरोन थाना आए।
ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया रिश्वत लेने का आरोप
थाना प्रभारी बृजलाल पटेल के साथ पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी के निवास पर देर रात्रि पहुंचे। इस दौरान एक पक्ष ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने पैसे लेकर एक पक्ष का साथ देने और ट्रैक्टर में आग लगाने का आरोप लगाया। वहीं ग्रामीणों का दावा है कि पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे इस कारण से पुलिस और ग्रामीणों के बीच बहस हुई।
हवाई फायर भी किया
जिला अस्पताल पहुंचे आरक्षक बलराम सिंह और पायलट मनोज सैनी ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा उन्हें बंधक बना लिया था और मारपीट करते हुए जिंदा जलाने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ ने हवाई फायर भी किए थे, घायल आरक्षक बलराम सिंह ने कहा-
अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। मध्य प्रदेश की पुलिस को उत्तर प्रदेश की पुलिस की तरह काम करने की जरूरत है। अन्यथा स्थिति काफी नाजुक होगी।
25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस द्वारा अभी तक इस मामले में 25 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज करते हुए कल्याण उर्फ बबली तथा शालिग्राम नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं जिले के अनेक पुलिस थानों की पुलिस को तैनात करते हुए आरोपियों की तलाश की जा रही है।
तत्काल टिकट बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव: अब आधार प्रमाणीकरण और ओटीपी अनिवार्य
11 Jun, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भारतीय रेलवे द्वारा तत्काल टिकट योजना में पारदर्शिता, निष्पक्षता और आम यात्रियों को अधिक लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से तत्काल बुकिंग प्रक्रिया में महत्त्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। ये संशोधन 01 जुलाई 2025 से प्रभावी होंगे और चरणबद्ध रूप से लागू किए जाएंगे। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि तत्काल योजना के अंतर्गत बुकिंग प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए निम्नलिखित निर्णय लिए गए हैं।
1. ऑनलाइन तत्काल बुकिंग हेतु आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य
01 जुलाई 2025 से तत्काल योजना के अंतर्गत टिकट केवल उन्हीं यात्रियों को उपलब्ध होंगे जो आईआरसीटीसी की वेबसाइट अथवा मोबाइल ऐप के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण द्वारा लॉगिन करेंगे। इसके अतिरिक्त, 15 जुलाई 2025 से सभी यात्रियों के लिए आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण भी अनिवार्य कर दिया जाएगा।
2. पीआरएस काउंटर और अधिकृत एजेंटों के लिए ओटीपी सत्यापन आवश्यक
तत्काल टिकट अब रेलवे के कंप्यूटरीकृत पीआरएस काउंटर या अधिकृत एजेंटों के माध्यम से भी तभी बुक किए जा सकेंगे जब यात्री द्वारा दर्ज मोबाइल नंबर पर भेजे गए सिस्टम जनरेटेड ओटीपी का सत्यापन किया जाएगा। यह नियम भी 15 जुलाई 2025 से लागू किया जाएगा।
3. अधिकृत एजेंटों पर बुकिंग के पहले तीस मिनट में प्रतिबंध
रेलवे के अधिकृत टिकटिंग एजेंट अब तत्काल टिकट बुकिंग के पहले तीस मिनट (वातानुकूलित क्लास के लिए 10:00 से 10:30 बजे तक और गैर-वातानुकूलित क्लास के लिए 11:00 से 11:30 बजे तक) टिकट नहीं बुक कर सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य आम यात्रियों को पहले अवसर प्रदान करना है ताकि दलाल प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाया जा सके।
रेलवे प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि वे समय रहते इन संशोधित नियमों की जानकारी प्राप्त कर लें और यात्रा योजना बनाते समय इन दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह पहल तत्काल टिकट प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जनहितैषी बनाएगी।
"मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार की योजनाओं में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश: जीतू पटवारी का आरोप"
11 Jun, 2025 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल, 11 जून 2025 : मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोदी सरकारके 11 वर्ष पूरे होने पर केंद्र सरकार की मध्यप्रदेश में संचालित योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा हमला बोला है। एक दिन पूर्व मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मोदी सरकार की उपलब्धियाँ बताई थीं, अब कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के फर्जी दावों की पोल खोल कर रख दी है। जीतू पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं, जो गरीबों, किसानों और ग्रामीण जनता के उत्थान के लिए शुरू की गई थीं, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं। जल जीवन मिशन से लेकर स्वच्छ भारत मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं में अरबों रुपये का गबन, फर्जी बिलिंग, और कागजी प्रगति का घिनौना खेल सामने आया है। शर्मनाक बात यह है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ी बेशर्मी से मोदी सरकार के 11 साल की उपलब्धियों का बखान किया, जबकि हकीकत यह है कि मध्यप्रदेश में केंद्र की हर योजना भ्रष्टाचार के दलदल में फंस चुकी है। यह भ्रष्टाचार न केवल जनता के विश्वास को ठेस पहुंचा रहा है, बल्कि गरीबों, किसानों और ग्रामीणों के हक को छीन रहा है।
भ्रष्टाचार का काला सचः
1. जल जीवन मिशनः
जिलों में गड़बड़ीः रीवा, मऊगंज, झाबुआ, छतरपुर, भोपाल, सतना, सीधी, पन्ना, सिंगरौली, भिंड, और बुंदेलखंड क्षेत्र (छतरपुर, पन्ना, दमोह)। भष्टाचार का तरीकाः रीवा में फोटोकॉपी और टाइपिंग के नाम पर ₹25 लाख की फर्जी बिलिंग। ठेकेदारों और अधिकारियों ने फर्जी फर्मों (जैसे सुनील कम्प्युटर, हरिओम फोटोकापी) के जरिए फंड हड़पे। झाबुआ में 100% नल कनेक्शन का दावा, लेकिन 40% घरों में पानी नहीं। घटिया सामग्री से पाइपलाइन और टंकियां बेकार। ₹31,000करोड़ खर्च, फिर भी अधूरे प्रोजेक्ट्स
घोटाले की राशिः रीवा में ₹300 करोड़, राज्य में अनुमानित ₹21,000 करोड तक।
2. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण):
जिलों में गड़बड़ीः बैतूल, रीवा, मंडला, डिंडोरी।
भ्रष्टाचार का तरीकाः बैतूल में डिजिटल सिग्नेचर के दुरुपयोग से ₹13.21 करोड़ का अनधिकृत भुगतान। कागजों पर शौचालय बने, जमीनी हकीकत शून्य। फर्जी ऑडिट से फंड का गबन ।
घोटाले की राशिः बैतूल में ₹13.21 करोड़राज्य में अनुमानित ₹21,000करोड़ तक।
3. प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY):
जिलों में गड़बड़ीः ग्वालियर, सागर , छिंदवाड़ा, मुरैना, भोपाल, इंदौर।
भ्रष्टाचार का तरीकाः अपात्र व्यक्तियों को मकान, रिश्वतखोरी, और फंड का गबन अधूरे मकानों को कागजों पर पूरा दिखाया ।
घोटाले की राशिः लाखों रुपये का गबन ।
4. आयुष्मान भारत योजनाः
जिलों में गड़बड़ीः भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सतना।
भ्रष्टाचार का तरीकाः निजी अस्पतालों में फर्जी बिलिंग, अनावश्यक सर्जरी, और कार्डके लिए रिश्वत। अपात्र व्यक्तियों को कार्ड।और कार्ड के लिए रिश्वत ।
घोटाले की राशिः करोड़ों रुपये की फर्जी बिलिंग।
5. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA):
जिलों में गड़बड़ीः शिवपुरी, श्योपुर, बैतूल, मंडला।
भ्रष्टाचार का तरीकाः फर्जी जॉब कार्ड, बिना काम के मजदूरी भुगतान, और सामग्री का गबन ।
घोटाले की राशिः ₹300 करोड़।
6. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN):
जिलों में गड़बड़ीः रीवा, सतना, शिवपुरी।
भ्रष्टाचार का तरीकाः अपात्र व्यक्तियों को भुगतान, फर्जी दस्तावेज, और रिश्वत ।
घोटाले की राशिः लाखों रुपये का गबन।
7. मुद्रा योजना (PMMY):
जिलों में गड़बड़ीः भोपाल, इंदौर, ग्वालियर
भ्रष्टाचार का तरीकाः ऋण स्वीकृति में रिश्वत, फर्जी आवेदन, और कमीशनखोरी।*
घोटाले की राशिः लाखों रुपये का गबन।
8. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY):
जिलों में गड़बड़ीः मुरैना, भिंड, शिवपुरी।
भ्रष्टाचार का तरीकाः घटिया सामग्री, फर्जी बिलिंग, और अनावश्यक
प्रोजेक्ट्स ।
घोटाले की राशिः करोड़ों रुपये का गबन ।
9. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM):
जिलों में गड़बड़ीः सागर, दमोह, रीवा।
भ्रष्टाचार का तरीकाः सब्सिडी में रिश्वत, बीज-उर्वरक की कालाबाजारी, और अपात्र लाभार्थी।
घोटाले की राशिः लाखों रुपये का गबन।
10. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओः
जिलों में गड़बड़ीः मुरैना, भोपाल।
भ्रष्टाचार का तरीकाः फर्जी जागरूकता कार्यक्रम, रिश्वत, और स्कूल सुविधाओं के फंड का गबन ।
घोटाले की राशिः लाखों रुपये का गबन।
11. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY):
जिलों में गड़बड़ीः रीवा, सतना, छतरपुर।
भ्रष्टाचार का तरीकाः फर्जी दावे, प्रीमियम का गबन, और रिश्वत ।
घोटाले की राशिः करोड़ों रुपये का गबन ।
हकीकत और मुख्यमंत्री की बेशर्मीः
जब ग्रामीण महिलाएं पानी के लिए मीलों पैदल चल रही हैं, गरीब बेघर हैं, और किसान कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं, तब ठेकेदारों, अधिकारियों, और बिचौलियों की जेबें भर रही हैं। जल जीवन मिशन में ₹21,000 करोड़ तक का अनुमानित घोटाला और स्वच्छ भारत मिशन में ₹13.21 करोड़ का खुलासा इस भ्रष्ट तंत्र की पोल खोलता है। फिर भी, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बेशर्मी से मोदी सरकार के 11 साल की उपलब्धियों का ढोल पीटा, जबकि मध्यप्रदेश में केंद्र की हर योजना भ्रष्टाचार के दलदल में डूब चुकी है। यह न केवल जनता के साथ विश्वासघात है, बल्कि गरीबों और जरूरतमंदों के हक पर डाका है।
हमारी मांगः
मध्यप्रदेश में इन योजनाओं में हुए भ्रष्टाचार की तत्काल उच्चस्तरीय जांच हो।
फर्जी बिलिंग, कागजी प्रगति, और गबन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।
जनता के हक का पैसा वापस लौटाया जाए और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे।
भ्रष्टाचार रोकने के लिए पारदर्शी ऑडिट और डिजिटल ट्रैकिंग लागू हो।
यह भ्रष्टाचार नहीं, जनता के साथ खुला अन्याय है। मुख्यमंत्री की बेशर्मी और भ्रष्ट तंत्र को बेनकाब करने का समय आ गया है!
मोदी सरकार के 11 सालों में हर योजना में भारी घोटाले सामने आए हैं। गरीब, किसान, महिला, मजदूर – सबके नाम पर पैसा बंटा, लेकिन जेब में पहुंचा सिर्फ भ्रष्ट तंत्र के। इसलिए जीतू पटवारी ने सवाल करते हुए कहा कि – मोदी जी, 11 साल में एक भी योजना ईमानदारी से क्यों नहीं चली? क्या आप जवाब देंगे?
थानों में कर्मचारियों की पदस्थापना पर पीएचक्यू सख्त — 5 साल से ज्यादा एक पद पर नहीं, दोबारा उसी पद पर वापसी पर रोक
11 Jun, 2025 12:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी और पुलिस आयुक्तों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पदस्थापना की अवधि और प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जाए। यह आदेश 10 जून 2025 को विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) आदर्श कटियार द्वारा जारी किया गया है। इसमें पुराने आदेशों का हवाला देते हुए कुछ मुख्य बिंदुओं को दोहराया और पुनर्निर्देशित किया गया है।
1. एक पद पर अधिकतम 5 वर्ष की पदस्थापना
किसी भी कर्मचारी को थाने में एक ही पद पर सामान्यतः 4 वर्ष तथा अधिकतम 5 वर्ष से अधिक पदस्थ नहीं किया जाएगा।
2. उपरोक्त अवधि पूरी होने के बाद पुनः उसी थाने में पदस्थ नहीं किया जाएगा
कोई भी अधिकारी या कर्मचारी, जिसकी उपरोक्त अवधि पूरी हो चुकी है, उसे दोबारा उसी थाने में पदस्थ नहीं किया जाएगा।
3. पूर्व पद पर दोबारा पदस्थापना से पूर्व कम से कम 2 वर्ष का अंतराल आवश्यक
यदि किसी कर्मचारी को उसी पूर्व पद पर फिर से नियुक्त करना हो, तो कम से कम दो वर्ष का गैप अनिवार्य होगा।
4. आसक (ASAK) से उपनिरीक्षक तक के पदों पर कुल पदस्थापना अवधि 10 वर्ष से अधिक नहीं होगी
एक ही अनुविभाग में कार्यरत कर्मचारियों की कुल अवधि 10 वर्ष से अधिक नहीं रखी जाएगी।
5. स्थानांतरण में अटैचमेंट की समयावधि भी शामिल मानी जाएगी।
मुख्यालय ने जिलों के सभी एसपी और आयुक्तों से कहा है कि वे अपने जिले के प्रत्येक थाने में पदस्थ ASAK से लेकर उपनिरीक्षक तक के कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करें और 16 जून 2025 तक ईमेल के माध्यम से विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें। इस निर्देश से साफ है कि पुलिस मुख्यालय अब थानों में लंबे समय तक जमे रहने वाले कर्मचारियों पर शिकंजा कसना चाहता है। यह व्यवस्था न केवल थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाएगी, बल्कि राजनीतिक या व्यक्तिगत प्रभावों को भी सीमित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है
वानसुझारा जलाशय टीकमगढ़: निविदा प्रक्रिया में अनियमितता और फर्जी फॉर्म का मामला, निष्पक्ष जांच की मांग तेज
11 Jun, 2025 12:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल/टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में प्रस्तावित वानसुझारा जलाशय की निविदा प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि दिनांक 20 मई 2025 को जलाशय निर्माण से जुड़ी निविदा आधे में ही खोल दी गई, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में फर्जी फॉर्म के ज़रिए ठेकेदार को फायदा पहुँचाने और पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत एक पक्ष विशेष को लाभ दिलाने की कोशिश का आरोप लगाया गया है।
बोली प्रक्रिया में घपले का आरोप
मध्य महासंघ की रिपोर्ट के अनुसार, 20 मई को निविदा की प्रक्रिया अधूरी रही। उसी दिन Bid (बोली) नहीं खोली गई, जो निविदा प्रक्रिया के नियमों के विरुद्ध है। बाद में दिनांक 22 मई को दूसरी बार निविदा खोली गई, जिसमें 7 निविदाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 3 निविदाएं एक ही संस्था चौधरी फिश सेंटर के नाम से भरी गई थीं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि चौधरी फिश सेंटर द्वारा तीनों फॉर्म में से एक में जरूरी दस्तावेज, जैसे दस्तावेज़ित पहचान पत्र या पंजीयन प्रमाणपत्र, नहीं लगाया गया था। यही नहीं, एक निविदा में किसी मृत व्यक्ति के नाम से दस्तावेज लगाए गए, जिससे उसकी वैधता स्वतः संदिग्ध हो जाती है।
प्रशासनिक मिलीभगत का संदेह
रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि महासंघ के कुछ अधिकारियों ने सांठगांठ कर चौधरी फिश सेंटर के पक्ष में निविदा पारित करवाई। दस्तावेजों की पुष्टि के बिना उसे वैध माना गया, जो प्रक्रिया और नियमानुसार पूरी तरह गलत है।
परिशिष्ट में साफ निर्देश
संलग्न परिशिष्ट-3 में निविदा प्रक्रिया के दौरान आवश्यक दस्तावेजों की सूची स्पष्ट रूप से दी गई है। चाहे वह व्यक्तिगत बोलीदाता हो, संस्था या फर्म — आधार कार्ड, पैन कार्ड, रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, GST प्रमाणपत्र, और बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज़ अनिवार्य हैं। परंतु, चौधरी फिश सेंटर की फॉर्म में इनमें से कई दस्तावेज या तो अधूरे थे या फर्जी।
न्यायिक कार्रवाई की चेतावनी
प्रभावित पक्ष ने शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि इस प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच करवाई जाए। उनका कहना है कि अन्य निविदाकारों के साथ अन्याय हुआ है और यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो वे न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगे।
सवालों के घेरे में निविदा प्रबंधन
1. अधूरी निविदा खोलने की अनुमति किसने दी?
2. मृत व्यक्ति के दस्तावेज़ कैसे मान्य माने गए?
3. एक ही संस्था के नाम से तीन निविदाएं भरना क्या नियमों का उल्लंघन नहीं है?
4. दस्तावेज़ सत्यापन में लापरवाही क्यों बरती गई?
निष्कर्ष:
प्रशासन और जल संसाधन विभाग के लिए यह मामला एक महत्वपूर्ण परीक्षा की घड़ी है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सिर्फ एक बोली प्रक्रिया नहीं, बल्कि संस्थागत पारदर्शिता पर सीधा प्रहार होगा। शिकायतकर्ता की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए और निविदा प्रक्रिया को दोबारा निष्पक्ष रूप से संचालित किया जाए।
खजुराहो एयरपोर्ट पर प्लेन की क्रैश लैंडिंग, बाल-बाल बचे यात्री
11 Jun, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खजुराहो (छतरपुर): मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के खजुराहो एयरपोर्ट के पास एक बड़ा हादसा हुआ. ट्रेनी एयरक्राफ्ट हवाई अड्डे पर ही जाकर गिर गया. इस क्रैश लैंडिंग में ट्रेनर एयरक्राफ्ट के कई हिस्से टूट गए. हादसे में पायलट सुरक्षित बताया जा रहा है. यह विमान ट्रेनिंग के लिए उड़ा था और इस दौरान किसी तकनीकी खराबी की वजह से एयरपोर्ट पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई.
ट्रेनी एयरक्राफ्ट हुआ क्रैश
क्रैश लैंडिग के दौरान दोनों पायलट सेफ बताए जा रहे हैं. हालांकि इस मामले में जल्द जांच शुरु होगी. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रेनिंग प्लेन का हवा में ही संतुलन बिगड़ा और हिचकोले खाने लगा. तत्काल पायलट ने ATC से प्लेन के लैंडिंग की अनुमति मांगी. इमरजेंसी लैंडिंग के लिए एयरपोर्ट ने ग्रीन सिग्नल दिया और जैसे ही प्लेन ने टच डाउन किया जोर से फिसलकर पास के घास वाले इलाके में चला गया.
हालांकि जो जानकारी अब तक सामने आ रही है, उसमें प्लेन के लैंडिंग गियर में खराबी की बात सामने आई है. पूरी जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि असल तकनीकी खराबी क्या थी. किन हालात में इसकी इमरजेंसी लैंडिंग हुई. प्लेन में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं.
एयरक्राफ्ट के पीछे के व्हील में आई समस्या
वहीं जब खजुराहो एयरपोर्ट के एयर एथोटी संतोष सिंह से बात हुई तो उन्होंने बताया "खजुराहो में फ्लाइंग क्लब के द्वारा बच्चों को उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है. लेंडिंग करते समय प्लेन रजिस्ट्रेशन नंबर बै VT-VPI के पीछे का व्हील में दिक्कत हो गई. जिस कारण वह नहीं खुला.
अच्छी बात यह है कि कोई जान माल की दिक्कत नहीं हुई. सब कुछ सेफ है, इंक्वायरी के बाद पता चलेगा किसकी गलती थी, एयरपोर्ट के अंदर ही लेंडिंग हुई है. हमारे पास सारी सुविधाएं हैं, लेकिन एयरक्राफ्ट को क्षति पहुंची है."
राज से शिलांग में टकराई सोनम! तीन युवक—आनंद, विशाल, आकाश भी फ्लाइट से निकले साथ
11 Jun, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: शिलांग में राजा रघुवंशी की मौत मामले में एक बाद एक खुलासे हो रहे हैं. वहीं मामले में गिरफ्तार हत्या के चारों आरोपियों को शिलांग पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड पर लिया है. सोनम शिलांग पहुंच गई है और बाकी आरोपियों के पहुंचते ही सभी का आमना सामना होगा और उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा. कोर्ट में पेशी के साथ शिलांग पुलिस पूरे हत्याकांड का खुलासा करेगी.
ट्रांजिट रिमांड के बाद चारों आरोपी शिलांग रवाना
इंदौर पुलिस ने 4 आरोपियों राज कुशवाह, विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को 7 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मेघालय पुलिस को सौंपा है. मंगलवार को इन सभी आरोपियों को फ्लाइट से शिलांग ले जाया गया. जबकि 8 और 9 जून की दरमियानी रात सोनम रघुवंशी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे के पास मिली. जिसके बाद पुलिस ने सोनम को अपनी हिरासत में लेकर पहले वन स्टाप सेंटर में रखा था. सोनम को बिहार के पटना फिर गुवाहाटी होते हुए शिलांग ले जाया गया है.
आरोपियों को कई जगहों पर लेकर गई शिलांग पुलिस
वहीं ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद और शिलांग जाने से पहले पुलिस बारीकी से जांच की. जहां शिलांग पुलिस ने इंदौर पुलिस के साथ मिलकर पकड़े गए आरोपियों को विभिन्न जगहों पर लेकर गई. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने अपने घर से नजदीक ही इस पूरे मामले की योजना बनाई थी. संभवत उसी के चलते पुलिस ने मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के लिए उन जगहों पर भी गई हो. मामले में एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया का कहना है कि "शिलांग पुलिस के द्वारा जो जानकारी हमसे ली गई थी, उसी के आधार पर इंदौर के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर शिलांग पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है.
तीन आरोपी सोमवार तो चौथा मंगलवार को कोर्ट में पेश
साथ ही जिन तीन आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश किया था. उनकी 7 दिन की ट्रांजिट डिमांड कोर्ट के द्वारा दे दी गई है. साथ ही एक आरोपी को मंगलवार को कोर्ट के समय पेश किया गया, जिसके बाद उसकी भी ट्रांजिट रिमांड शिलांग पुलिस को मिल गई है. बता दें आनंद को सोमवार को बीना के पास से गिरफ्तार किया गया था. जिसे मंगलवार को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया.
हो सकते हैं कई और बड़े खुलासे
पकड़े गए चारों आरोपी और सोनम से शिलांग पुलिस पूछताछ करेगी. जिसके बाद कहा जा रहा है कि मामले में कई और खुलासे हो सकते हैं. वहीं पकड़े गए एक आरोपी विशाल को लेकर पुलिस उसके घर भी गई थी. इस दौरान विशाल के घर में लगे हुए ताले को तोड़कर पुलिस ने उसके घर में प्रवेश किया.
शिलांग केस से सबक लें: सीएम मोहन यादव बोले- शादी से पहले सोच-समझकर फैसला लें
11 Jun, 2025 09:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Mohan yadav on Sonam case : शिलांग हनीमून मनाने गए राजा रघुवंशी की हत्या ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. पत्नी द्वारा हनीमून पर मर्डर प्लानिंग करने के खुलासे ने हर किसी को सोच में डाल दिया है. ऐसी घटनाओं ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है, आखिर ऐसी घटनाओं की क्या वजहें हो सकती हैं. इसी बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस सनसनीखेज मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
शादी फाइनल करने से पहले सावधानी जरूरी : मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिलांग में राजा रघुवंशी की हत्या को दर्दनाक बताते हुए सभी को विशेष सलाह दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि शादी फाइनल करने से पहले दोनों परिवारों को बेहद सतर्कता बरतनी चाहिए. उन्होंने कहा कि विवाह के लिए हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखना ही चाहिए और बच्चों पर निगाह भी रखना बेहद जरूरी है.
शिलांग हनीमून हत्याकांड को बताया समाज के लिए सबक
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिलांग हनीमून हत्याकांड को लेकर आगे कहा, '' इंदौर की ये घटना हमारे के लिए एक बहुत बड़ा सबक है. सोनम रघुवंशी-राजा रघुवंशी की घटना समाज के लिए एक सबक होने के साथ एक पीड़ादायक घटना है. जब दो परिवार शादी के जरिए एक साथ आते हैं, तो हर चीज का बहुत बारीकी से ध्यान रखने की जरूरत होती है. शादी के बाद बच्चों को इतनी दूर भेजने के पहले भी सोचने की जरूरत है."
नए जमाने के हनीमून कल्चर पर बोले मोहन यादव
सीएम मोहन यादव ने आगे कहा कहा, " इन्हीं वजहों से पुराने दौर में लोग शादी के तुरंत बाद नए दूल्हा-दुल्हन को बाहर जाने देने से डरा करते थे. कम से कम एक महीने तक तो ये सावधानी बरती जाती थी. ये नया कल्चर इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा देता है. हमें इस घटना से सबक लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है.''
मोहन यादव ने गृह मंत्री शाह से लगाई थी गुहार
इससे पहले इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मेघालय के मुख्यमंत्री से बात की थी. इसके साथ ही उन्होंने सोनम की खोज और मामले की सीबीआई जांच के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह भी किया था. सीएम समेत पूरा प्रदेश सोनम की सलामती की दुआ कर रहा था लेकिन 9 जून को हुए खुलासे ने सीएम मोहन यादव को भी चौंका दिया.
क्या है शिलांग हनीमून मर्डर केस?
दरअसल, इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी इंदौर की ही सोनम से 11 मई को हुई थी. इसके बाद दोनों का परिवार से 23 मई को संपर्क टूट गया था. माना जा रहा था कि दोनों हादसे का शिकार हो गए हैं, इसी बीच 2 जून को गहरी खाई में राजा की लाश मिली थी, जिसमें धारदार हथियार से हत्या की पुष्टि हुई थी. वहीं उसकी नई दुल्हन सोनम गायब थी. ठीक एक हफ्ते बाद 9 जून को सोनम के साथियों के पकड़े जाने के बाद उसने यूपी में सरेंडर कर दिया. शिलांग पुलिस ने खुलासा किया राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम ने ही उसे हनीमून पर कत्ल करवाने की पूरी प्लानिंग की थी. सभी आरोपियों ने गुनाह कबूल लिया है.
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