मध्य प्रदेश
जल संरक्षण का जन आंदोलन बना जल गंगा संवर्धन अभियान
29 Jun, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : "क्षिति, जल, पावक, गगन, समीरा,पंचतत्व से बना शरीरा" रामचरित मानस की इस चौपाई के पंचतत्वों में से एकजल, जीवन का आधार है।हमें जीवन के अस्तित्व के लियेजल को संरक्षित करना ही होगा। इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाना जरूरी है।ऋग्वेद की ऋचाओं में जल के महत्व, विशेषताओं और संरक्षण का संकेत है। रामायण और महाभारत में प्रकृति के संरक्षण का उल्लेख है। जल संरक्षण हमारी पुरातन संस्कृति है। यह अपनी परंपरा और संस्कारों की ऐतिहासिक विरासत है जिसे हमें अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है।
माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की विरासत से विकास की दृष्टि समग्र कल्याण के लिए है जो प्रकृति संवर्धन से लेकर विकास के हर पक्ष में समाहित है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने लंबे समय तक जल संरक्षण का अभियान चलाया था उन्हीं से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश में हमने जल गंगा संवर्धन अभियान की संकल्पना की। इस अभियान का शुभारंभ 30 मार्च गुड़ी पड़वा, नववर्ष विक्रम संवत अवसर पर महाकाल की नगरी उज्जयिनी के शिप्रा तट से किया गया।यह अभियान जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और जन-जागरुकता को समर्पित रहा है। जल संग्रह के कई कीर्तिमान रचने के साथ आज हम जल संरक्षण की समृद्धि का उत्सव मना रहे हैं।
मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि इस 90 दिन तक चले अभियान में पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर जलसंरचनाओं पर काम हुआ है। इस अभियान में खंडवा जिले ने 1.29 लाख संरचनाओं का निर्माण किया है इस विशेष उपलब्धि के लिए खंडवा को भू-गर्भ जल भंडारण की दृष्टि से प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल सुरक्षा और प्रभावी जल प्रबंधन के लिए कैच द रेन अभियान शुरूकिया। इसी से प्रेरणा से लेकर मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वर्षा के एक-एक बूंद को सहेजने का प्रयास किया गया। प्रदेश में पहली बार वर्षा जल को सहेजने का बड़े स्तर पर अभियान चला इससे भविष्य में भू-जल की निर्भरता कम होगी और पानी की हर बूंद का उपयोग होगा।
हमने प्रधानमंत्री जी के मिशन लाइफ मंत्र को आत्मसात किया और अपनी जीवन शैली में बदलाव करके पर्यावरण रक्षा का सूत्र हाथ में लिया है। इससे जन-जन में पर्यावरण मित्र के रूप में जीवन जीने की परंपरा निर्मित हुई है। प्रदेशवासी मिशन लाइफ के अनुसार प्रकृति के साथ प्रगति पथ पर आगे बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में पहली बार रि-यूज वाटर पोर्टल निर्मित किया जा रहा है। यह पहल प्रदेश में जल संरक्षण और पुनः उपयोग की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस तरह प्रदेश जल प्रबंधन के लिए तीन सिद्धांत री-यूज, रीड्यूज और री-साइकल पर आधारित रणनीति बनाकर काम कर रहा है।
यह हमारा सौभाग्य है कि मध्यप्रदेश की धरती प्रकृति की विपुल सम्पदा से समृद्ध है। यह मां नर्मदा, शिप्रामईया, ताप्ती और बेतवा सहितलगभग 267नदियों का मायका है। प्रदेश में पहली बार नदियों को निर्मल और अविरल बनाने के लिए 145 से अधिक नदियों के उद्गम को चिन्हित किया गया और साफ-सफाई के साथ पौधरोपण की शुरुआत हुई है। नदियों के तट पर पौधरोपण की यह पहलनदियों को उनके मायके में हरि चुनरी ओढ़ाने का प्रयास है।
प्रदेश में पहली बार जल सरंक्षण के साथजल समृद्धि की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की पहल की गई। इसके तहत राजाभोज ने बसाये भोपाल की ऐतिहासिक धरोहर बड़े बाग की बावड़ी को सहेजने और पुनर्जीवित करने का कार्य किया गया। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि इस अभियान के अंतर्गत हमने 200 वर्ष पहले लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा बनाई गई होलकर कालीन बावड़ी को जीर्णोद्धार उपरांत नया स्वरूप प्रदान किया है। इस बावड़ी का लोकर्पण करते हुएमुझे यह महसूस हुआ कि हम माता अहिल्या के लोक कल्याण के युग में पहुंच गये हैं। बावड़ियां हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर हैं, इसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लियेप्रदेश भर मेंदो हजार से अधिक बावड़ियों को पुनर्जीवित करते हुए बावड़ी उत्सव मनाया गया।
माननीय प्रधानमंत्री जी ने हमारी युवा शक्ति को जल सैनिक बनाने का आह्वान किया था। इस अभियान में, मध्यप्रदेश में पहली बार 2.30 लाख जल दूत बनाये गये।मुझे पूर्ण विश्वास है कि पानी बचाने के लिए यह अमृत मित्र भविष्य में जल सुरक्षा के अग्रदूत बनेंगे।
प्रदेश में पहली बार डेढ़ लाख से अधिक कृषकों ने सभी विकासखंडों में 812 पानी चौपाल का आयोजन किया। इसमें किसानों ने अपने गांव के खेतों, जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और पुरानी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर विचार विमर्श किया।
प्रदेश में पहली बारखेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में रोकने केलिए खेत तालाबों का चयन सिपरी सॉफ्टवेयर से किया गया। अभियान में 83 हजार से अधिक बनने वाले खेत-तालाबों से प्रदेश के अन्नदाता में नई उम्मीद जागी है। अब वे अपने खेत में एक नहीं कई फसलें ले सकते हैं। खेत तालाब के अलावा अमृत सरोवर और डगवेल रिचार्ज बनाने में भी सिपरी सॉफ्टवेयर, एआई और प्लानर सॉफ्टवेयर जैसी तकनीक का उपयोग किया गया है। इस तकनीक से निर्धारित लक्ष्य को समय रहते प्राप्त करने में आसानी हुई है और गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए नियमित जानकारी प्राप्त करने के लिए डेशबोर्ड डाटा को एआई के माध्यम के उपयोग से अभियान की प्रगति में सुधार और गति दी गई।
इस अभियान में प्रदेश के नगर-नगर और गांव-गांव में जल स्रोतों को शुद्ध और उपयोगी बनाने का कार्य चला, अनेक पोखर और बावड़ियों को पुनर्जीवनप्राप्त हुआ। यह सरकार और समाज का संयुक्त प्रयास है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि पानी की बूंद-बूंद सहेजने का जो प्रयत्न किया गया है वह हमारे किसान भाईयों के लिए पारस पत्थर का काम करेगा। सूखे खेत हरे-भरे होंगे, सुनहरी फसलें लहलहायेंगी। हमारा किसान समृद्ध होगा और मध्यप्रदेश की धरती समृद्ध होगी।
वर्षा के जल को संग्रहित करने और पुराने जल स्रोतों के जीर्णोद्धारके लिए यह अभियान चलाया गया। इस अभियान की सफलता का सबसे बड़ा आधार है जनभागीदारी। सरकार,शासन-प्रशासन, समाजसेवी और प्रदेश के आमजन ने इस अभियान में सहभागिता निभाई है।जल गंगा संवर्धन अभियान के बाद अब पौधरोपण का व्यापक अभियान चलाया जायेगा।
मुझे खुशी है कि जल गंगा संवर्धन अभियान शासन के साथ जनता के लिए, जनता का अभियान बन गया है। इस अभियान ने जनआंदोलन का स्वरूप ले लिया है।प्रदेश ने यह प्रमाणित किया है कि यदि सरकार और जनता मिलकर कार्य करेंतो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।किसानों, महिलाओं, युवाओं और विद्यार्थियों ने जल संरक्षण को जीवन का मंत्र बना लिया है।इससे समाज में जल संरक्षण का भाव और भागीदारी का मानस विकसित हुआ है।इस अभियान ने हम सभी के मन को एक नये संकल्प और ऊर्जा से भर दिया है। यह अभियान केवल जल संरक्षण का कार्य नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और भविष्य की सुरक्षा का वह सूत्र है, जिससे प्रदेश की समृद्धि जुड़ी है।
“अद्भिः सर्वाणि भूतानि जीवन्ति प्रभवन्ति च।”
महाभारत के शांति पर्व का यह श्लोक जल के महत्व और जीवन में इसकी भूमिका को दर्शाता है।
मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता से पानी की बूंद-बूंद बचाने और जल समृद्ध राज्य बनाने का आह्वान करता हूं।
आईये, हम सब मिलकर पानी की हर बूंद बचाने का संकल्प लें, जल संरक्षण और संवर्धन के कार्य को आगे बढ़ायें। मुझे उम्मीद है कि जल गंगा संवर्धन अभियान प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगी।
अहमदाबाद में स्थापित होगा मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम का कार्यालय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
29 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : रविवार, जून 29, 2025, 19:18 IST
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने तथा प्रदेश में निवेश प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम का एक कार्यालय अहमदाबाद में आरंभ किया जाएगा। मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने की पहल सूरत में रंग लाई जहां निवेशकों से 15,710 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए हैं। इन प्रस्तावों के फलीभूत होने पर 11,250 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। औद्योगिक तथा व्यापार गतिविधियों को विस्तार देने के लिए प्रक्रियाओं में सरलता, सुगमता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और समय सीमा का पालन महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार इन सभी बिंदुओं के साथ प्रदेश में पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाते हुए प्रदेश भारी उद्योग, एमएसएमई सहित लघु और कुटीर उद्योगों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सूरत ऐतिहासिक रूप से देश- दुनिया में उद्योग और व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से औद्योगिक समूहों से जुड़ाव बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा यह इन्टरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर होटल मेरियट सूरत में आयोजित इन्टरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में राज्य के औद्योगिक विकास के दीर्घकालिक दृष्टिकोण, अधोसंरचना विस्तार और निवेशकों के लिए बनाए गए भरोसेमंद वातावरण पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के भौगोलिक विस्तार, औद्योगिक क्षमताओं, अधोसंरचना और नीतिगत नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश की 39 प्रतिशत कृषि विकास दर, विभिन्न उद्योगों के लिए आवश्यक स्क्लिस से युक्त मानव संसाधन और पर्याप्त खनिज उपलब्धता राज्य को सभी सेक्टर्स के लिए उपयुक्त बनाते हैं। प्रदेश में वस्त्र उद्योग, फार्मास्युटिकल, स्वास्थ्य,पर्यटन सहित सभी क्षेत्रों में विस्तार की पर्याप्त संभावना है। हमारी सरकार ने संकल्प लिया है कि सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से सीधे संबंधित के बैंक खाते में पहुंचनी चाहिए। सरकार ने छोटे और बड़े सभी कारोबारियों को उनके हक का एक-एक रुपया भेजने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात भारत ही नहीं दुनिया में सिरमौर है। उन्होंने महात्मा गांधी और सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत कुछ ही वर्षों में विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में शामिल हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज सुरक्षित और समृद्ध है। अयोध्या में बना भव्य श्रीराम मंदिर, महाकाल महालोक और वाराणसी का बदला स्वरूप प्रधानमंत्री मोदी की आभा का विस्तार कर रहा है। गुजरात ने ही देश को सरदार वल्लभ भाई पटेल और अमित शाह जैसे विलक्षण गृह मंत्री दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात वासियों ने अपनी क्षमता, योग्यता और प्रबंधन के बलबूते पर व्यापार, उद्योग और तकनीक के क्षेत्र में श्रेष्ठता स्थापित की है। गुजरात वासियों ने देश-दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाई है। न्यूनतम संसाधनों में श्रेष्ठतम जीवन जीने और व्यापार- उद्योग संचालन के उनके कई उदाहरण सभी के सामने हैं। मध्यप्रदेश के पन्ना से निकला हीरा गुजरात के सूरत में ही तराशा जाता है, इसी प्रकार मध्यप्रदेश भले ही कॉटन केपिटल हो लेकिन कपड़ा और साड़ी उद्योग तो सूरत से ही संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सूरत सहित गुजरात के उद्योग समूहों की गतिविधियों का विस्तार मध्यप्रदेश में भी हो इसी उद्देश्य से यह इन्टरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया है। राज्य सरकार उद्योग-व्यापार तथा निवेश गतिविधियों के विस्तार में हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेक्सटाइल, केमिकल, फार्मा, इंजीनियरिंग और जेम्स और ज्वैलरी सेक्टर के 18 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों/कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से वन-टू-वन बैठक में विस्तृत चर्चा की।
शानदार ईको-सिटम और निवेश फ्रेंडली वातावरण युक्त आदर्श स्थल है मध्यप्रदेश
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में निवेश संवर्धन के लिए देश विदेश में कई कार्यक्रम किये गए है और अभी तक लगभग 1 लाख किलोमीटर की यात्रा की गई है। देश के केंद्र में मध्यप्रदेश स्थित सबसे खूबसूरत और संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य है, जो हर प्रकार के उद्योग के लिए उपयुक्त ईको-सिस्टम उपलब्ध कराता है। राज्य में 1 लाख एकड़ से अधिक लैंड बैंक, 340 से अधिक इंडस्ट्रियल पार्क और हर सेक्टर के लिए विशेषीकृत क्लस्टर विकसित किए गए हैं – जिनमें आईटी पार्क, फूड प्रोसेसिंग, गारमेंट्स, प्लास्टिक, टेक्सटाइल और फार्मा पार्क शामिल हैं। यहाँ की इंडस्ट्रियल पॉलिसी और लॉजिस्टिक नेटवर्क देश में सर्वश्रेष्ठ हैं, जिससे न केवल मैन्युफैक्चरिंग बल्कि निर्यात के लिए भी मजबूत आधार प्राप्त होता है।
राज्य की एमएसएमई नीति और लॉजिस्टिक्स पॉलिसी ने उद्यमिता को नई गति दी है। नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी, 1000 मिलियन क्यूबिक मीटर जल आपूर्ति क्षमता, निर्बाध पॉवर की सप्लाई और 10 से 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी राज्य को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है। गुजरात के सूरत जैसे औद्योगिक शहरों के निवेशकों ने मध्यप्रदेश को अपनी दूसरी कर्मभूमि के रूप में अपनाया है। लैंड अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, तेज और हेजल-फ्री है, जिससे निवेशकों को बिना किसी रुकावट के प्रोजेक्ट शुरू करने का अवसर मिलता है।
मध्यप्रदेश के धार में प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क का शुभारंभ अगले दो माह में प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा। यह पार्क 2 हजार एकड़ में 2 हजार करोड़ रूपये के निवेश के साथ प्लग एंड प्ले सुविधा, सोलर प्लांट, सेंट्रलाइज्ड स्टीम बॉयलर के साथ स्थापित किया जा रहा है।
गुजरात के प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश में अपने औद्योगिक अनुभव साझा किए। मिलेनियम बेबी केयर और केयर फिट इंडस्ट्रीज के ओनर एवं फाउंडर राम प्रकाश बेरिया ने मध्यप्रदेश में अपने उद्योग स्थापना एवं संचालन के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि मैं वर्ष 2016 से मध्यप्रदेश में कार्य कर रहा हूं और इस दौरान मैंने महसूस किया है कि यहां का औद्योगिक वातावरण बेहद सकारात्मक, सहयोगपूर्ण और नीति-समर्थ है। राज्य सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को प्रभावी बनाया है। उन्होंने बताया कि कंपनी मिलेनियम बेबी केयर लिमिटेड ने इंदौर में 400 करोड़ रु. का निवेश किया है और वर्तमान में 200 करोड़ रु. की एक्सपेंशन प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त, हमारे ग्रुप की अन्य कंपनियां भी राज्य में 600 करोड़ रु. के नए निवेश की योजना पर कार्य कर रही हैं।
वेलस्पन वर्ल्ड के ग्रुप प्रेसिडेंट चिंतन ठाकर ने मध्यप्रदेश को उद्योग के लिए विश्वसनीय स्थान बताया और लॉजिस्टिक व एमएसएमई नीति की सराहना की। टोरेंट पावर के डायरेक्टर जिगेश भाई मेहता ने राज्य में उत्कृष्ट अधोसंरचना और प्रशासनिक सक्रियता की सराहना की। एसआरके ग्रुप के अध्यक्ष गोविन्दभाई धोलकिया ने कहा कि गुजरात के कई उद्योगपति मध्यप्रदेश को अपना दूसरा घर मानते हैं और यहां निवेश को लेकर उन्हें पूरी सहूलियत, पारदर्शिता और भरोसा मिलता है। सभी वक्ताओं ने मुख्यमंत्री और प्रशासन की सकारात्मक सोच को प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का मूल आधार बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विभिन्न उद्योग घरानों के उद्योगपतियों ने भी वन-टू-वन चर्चा कर मध्यप्रदेश के विभिन्न हिस्सों में निवेश करने और उद्योग स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने निवेशकों का मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए स्वागत किया और कहा कि सरकार उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्टरैक्टिव सेशन का दीप प्रज्जवलित कर उदघाटन किया। सूरत में आयोजित 'इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' संवाद सत्र में उद्योग जगत के 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी), साउथ गुजरात चैम्बर ऑफ कॉमर्स और मेटाक्सिल के सदस्यों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।
बालाघाट की सुमा दीदी बनीं बिजनेस वुमन
29 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : "जज़्बा हो तो हमारी माताएं-बहनें भी बिज़नेस वुमन बन सकती हैं", प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में ये बात कहते हुए मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले की एक महिला उद्यमी, सुमा उईके का विशेष रूप से उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि कटंगी विकासखंड के ग्राम भजियापार की रहने वाली सुमा उईके ने कैसे अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और आजीविका मिशन की मदद से खुद को न सिर्फ आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ में नाम का ज़िक्र होने के बाद से सुमा उईके के साथ साथ पूरे बालाघाट में उत्साह का माहौल है।
गृहिणी से बनीं सफल उद्यमी
सुमा उईके कभी सिर्फ अपने घर-गृहस्थी के कामों तक सीमित थीं, लेकिन आजीविका मिशन के कर्मियों से मिले मार्गदर्शन से उन्हें स्व-सहायता समूह का महत्व पता चला। इसके बाद उन्होंने आस-पास की महिलाओं को संगठित कर 'आदिवासी आजीविका विकास स्व-सहायता समूह' का गठन किया, जिसकी वह अध्यक्ष बनीं। समूह के माध्यम से उन्होंने आर-सेटी (RSETI) से ऑर्गेनिक मशरूम उत्पादन और CTC से पशुपालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ष 2021 में उन्होंने 2000 रुपये की ऋण सहायता से मशरूम उत्पादन की शुरुआत की। हालांकि लॉकडाउन के कारण यह कार्य बाधित हुआ, लेकिन सुमा दीदी ने हार नहीं मानी।
दीदी केंटीन से थर्मल थैरेपी तक, दोगुनी से ज़्यादा हुई आय
वर्ष 2022 में उन्हें जनपद पंचायत कटंगी परिसर में 'दीदी केंटीन' संचालन का अवसर मिला, जिससे उनकी मासिक आय लगभग 8000 रुपये होने लगी। यहां उन्होंने अपने समूह की ही एक अन्य महिला को भी रोजगार दिलाया। बाद में, थर्मल थैरेपी के क्षेत्र में उन्होंने प्रशिक्षण लेकर नया व्यवसाय प्रारंभ किया। आजीविका मिशन से जुड़ी होने के कारण उन्हें मुद्रा योजना के अंतर्गत बैंक से 6 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने थर्मल थैरेपी सेंटर की स्थापना की इससे उन्हें मासिक 11000 रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त होने लगी और एक अन्य युवती को भी रोजगार मिला।
आत्मनिर्भर बनीं सुमा दीदी, अन्य महिलाओं को भी कर रहीं प्रेरित
मशरूम उत्पादन, दीदी केंटीन और थर्मल थैरेपी सेंटर जैसे विभिन्न उपक्रमों से जुड़कर सुमा दीदी की मासिक आय अब 19,000 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, उनके परिवार की कुल मासिक आय लगभग 32,000 रुपये हो गई है। सुमा दीदी आज ग्राम स्तर पर आजीविका मिशन की सशक्त प्रतिनिधि के रूप में काम कर रही हैं और अन्य महिलाओं को समूह से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में उनके कार्यों की सराहना किया जाना, न केवल सुमा दीदी के लिए बल्कि पूरे बालाघाट और प्रदेशभर के लिए गौरव की बात है। सुमा उईके अब उन हजारों महिलाओं की प्रतीक बन गई हैं जो सीमित संसाधनों के बावजूद सपने देखती हैं और उन्हें साकार भी करती हैं।
राज्य सरकार खिवनी अभयारण्य के प्रभावितों के साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
29 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खिवनी अभयारण्य के लिए वन विभाग द्वारा खातेगांव इछावर क्षेत्र मे की गई कार्यवाही से प्रभावित क्षेत्र के जनजातीय समुदाय के लोगों के साथ समत्व भवन में भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता से शिकायतों और पीड़ा को सुना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्रवाई पर खेद व्यक्त करते हुए, स्थिति का उचित समाधान निकालने, शिकायतों की जांच करवाने, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्यवाही करने और क्षेत्र के लोगों को सभी शासकीय योजनाओं का लाभ दिलवाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावितों के साथ है। यह सुनिश्चित किया जाएगा की बरसात में किसी को कोई तकलीफ ना हो। राहत के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जांएगी।
प्रधानमंत्री मोदी जी की बातों से विद्यार्थियों को मिलता उत्साह और प्रेरणा: राज्यपाल
29 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री की मन की बात ज्ञान की बातों का कार्यक्रम है। इसमें ज्ञान और संस्कार की बातें होती है। देश के कोने-कोने में हो रहे प्रेरक कार्यों और प्रसंगों की जानकारी होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की बातों से विद्यार्थियों को नया उत्साह और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतें बड़े बदलाव का कारण बनती है। कार्यक्रम ज्ञान की बातों का खजाना है। इसलिए जरूरी है कि प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम सुनना आदत बनाई जाए। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के सभी छात्र-छात्राओं और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 9 से लेकर 12 वीं तक के सभी विद्यार्थी प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम में शामिल हो। कोई छात्र-छात्रा कार्यक्रम से वंचित नहीं हो।
राज्यपाल पटेल ने यह बात भोपाल में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ चर्चा में कहीं। राज्यपाल एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मन की बात कार्यक्रम को बच्चों के साथ सुनने के लिए पहुँचे थे। इस अवसर पर राज्यपाल पटेल ने विद्यालय के बालिका छात्रावास का निरीक्षण भी किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की मन की बातें गागर में सागर के समान होती है। उसमें अच्छे जीवन के मंत्र होते हैं। उत्कृष्ट कार्यों का बखूबी जिक्र होता है। नवाचार और सफलता के किस्से होते हैं। विभिन्न विषयों की वृहद जानकारियां अल्प अवधि में उपलब्ध हो जाती है, जो हमें जीवन की सही दिशा दिखाती है। अनेक चुनौतियों और समस्याओं के समाधान भी हमें कार्यक्रम में मिल जाते हैं।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में ग्रामीण आजीविका, विकास और जन कल्याणकारी कार्यों का विवरण मिलता है। अत्यंत प्रेरणादायी और मार्गदर्शी विकास की नई पहल और सफलता की कहानियों का पता चलता है। उन्होंने प्रदेश की समस्त पेसा ग्राम सभाओं के पदाधिकारियों से अपील की है कि प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम प्रसारण दिवस पर ग्राम सभाओं का आयोजन करने का प्रयास करें। कार्यक्रम में सहभागिता से ग्राम सभा सदस्यों को ग्राम विकास और कल्याण प्रयासों का दिशा का दर्शन होगा। विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की प्रेरणा मिलेगी।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि सार्थक ज्ञान वही है जो संस्कार युक्त हो। उच्च शिक्षित होना पर्याप्त नहीं है। अच्छा जीवन जीना महत्त्वपूर्ण है, जिसमें दायित्व का बोध हो। उन्होंने कहा कि संस्कारित जीवन के लिए बचपन से ही प्रयास किए जाना जरुरी है। उन्होंने आवासीय विद्यालय के शिक्षकों, प्रबंधकों और विद्यार्थियों को मिलकर संकल्प के साथ इस दिशा में प्रयास करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दिन की अच्छी शुरुआत, अच्छे जीवन का सबक है। सूर्योदय के साथ प्रातः विधि के बाद कक्ष की सफाई और उसे सुव्यवस्थित करें। उसके बाद स्नान ध्यान कर नाश्ते के बाद अध्ययन प्रारम्भ करना चाहिए।
राज्यपाल पटेल ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पहुँचने पर जनजातीय नायक एकलव्य की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया। राज्यपाल का तुलसी का पौधा और पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। जनजातीय कलाकृति स्मृति स्वरूप भेंट की गई। शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत की संगीतमय प्रस्तुति दी।
स्वागत उद्बोधन अपर संचालक जनजातीय कार्य सुधीर कुमार जैन ने दिया। उन्होंने बताया कि देश के 690 एकलव्य विद्यालयों में 63 विद्यालय मध्यप्रदेश में है। विद्यालय में संचालित नीट, जे.ई.ई. परीक्षा तैयारी कार्यक्रम के 63 बच्चें नीट में और 6 बच्चें जे.ई.ई. में चयनित हुए है। आभार प्रदर्शन विद्यालय के प्राचार्य अमृत झारिया ने किया।
जल गंगा संवर्धन अभियान
29 Jun, 2025 08:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून 2025 तक “जलगंगा संवर्धन अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से प्रदेशभर के जलस्रोतों को पुनर्जीवित कर जल संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया। छिंदवाड़ा जिले के विकासखण्ड परासिया के ग्राम शालीवाडा शारदा ने इसी अभियान में भागीदारी कर वह कर दिखाया, जो वर्षों से केवल एक सपना था।
"सूखा था जो तालाब कभी, अब वो जल से भरा हुआ है, प्रयास जो मिलकर किए थे, गाँव को हरियाली से भर दिया है।"
पी.एच.ई विभाग और ग्रामवासियों के साझा प्रयासों से बदली तस्वीर- गाँव के मध्य स्थित वर्षों पुराना तालाब गंदगी, झाड़ियों और प्लास्टिक कचरे के कारण उपयोगहीन हो गया था। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के संभाग परासिया की पहल, ग्राम पंचायत के नेतृत्व और ग्रामीणों की भागीदारी ने इस तालाब की तकदीर बदल दी है।
तकनीकी टीम ने पहले तालाब का सर्वे कर आवश्यक सुधार बिंदु तय किए इसके बाद प्राकृतिक नालों की सफाई कर वर्षा जल को तालाब की ओर मोड़ा गया। तालाब की खुदाई कर उसकी गहराई और जल संग्रहण क्षमता बढ़ाई गई। ग्रामवासियों ने भी श्रमदान कर सफाई और निर्माण में पूर्ण योगदान दिया।
जलभराव से जीवन तक असर
आज वही सूखा और गंदगी से पटा तालाब पानी से लबालब है। खेतों में सिंचाई संभव हो गई है, हैंडपंप व कुएँ रीचार्ज हो चुके हैं, और भूजल स्तर में सुधार के स्पष्ट संकेत दिख रहे हैं। गाँव में हरियाली लौट आई है और किसान प्रसन्न हैं।
"धरती माँ मुस्काई है, जब पानी ने उसकी प्यास बुझाई है।
तालाब की कोख भरी, हरियाली बनकर आशा उग आई है।"
जल गंगा संवर्धन अभियान ने केवल एक तालाब को नहीं, बल्कि एक पूरे गाँव की सोच और भविष्य को बदल दिया है। "जहाँ जल, वहाँ कल" की भावना को साकार करते हुए ग्राम शालीवाडा शारदा एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है और ग्रामीणों ने जल संरक्षण के महत्व को अच्छी तरह समझ लिया है।
‘मन की बात’ देश की आत्मा से जुड़ाव का माध्यम: प्रेरणा, दिशा और विश्वास का स्रोत : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
29 Jun, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि ‘मन की बात’ सिर्फ संवाद नहीं, यह देश की आत्मा से जुड़ाव का माध्यम है — प्रेरणा, दिशा और विश्वास का स्रोत है। प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन सदैव प्रेरणादायक होता है। ‘मन की बात’ की 123वीं कड़ी ने जन-मन में नई ऊर्जा का संचार किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धियों, योग और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों के साथ-साथ आपातकाल की विभीषिका को भी याद किया। आपातकाल का दौर लोकतंत्र के लिए एक काली रात था, जिसे देशवासियों ने अपने साहस और दृढ़ संकल्प से समाप्त किया। यह हमारी लोकतांत्रिक चेतना की अमिट मिसाल है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा के बूथ क्रमांक 111 स्थित निवास में प्रधानमंत्री मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम "मन की बात" का श्रवण किया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश के बालाघाट की बेटी सुसूमा उइके, जिन्होंने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मशरूम उत्पादन, पशुपालन और ‘दीदी केंटीन’ जैसे उद्यमों से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की। प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में सुसूमा उइके का उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। साथ ही यह अन्य महिलाओं को प्रेरित और प्रोत्साहित करेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि भारत का ‘ट्रेकोमा मुक्त’ घोषित होना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न केवल हमारे स्वास्थ्य कर्मियों की सतत मेहनत का परिणाम है वरन् यह ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और ‘जल जीवन मिशन’ की सामूहिक सफलता का भी परिचायक है। यह जनसहभागिता आधारित स्वास्थ्य सुधार मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ‘फिटनेस के लिए 10% तेल कम’ जैसे छोटे लेकिन प्रभावशाली सुझाव हर घर को स्वस्थ जीवनशैली की ओर ले जाने का सरल मंत्र हैं। फिटनेस और वेलबीइंग के लिए यह सतर्कता, न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे राष्ट्र को सशक्त बनाती है। ‘योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’ की भावना को वैश्विक मंच पर जिस गरिमा से प्रस्तुत किया गया, वह भारत की प्राचीन जीवन पद्धति की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। 10 वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का विस्तार, लाखों लोगों की सहभागिता और विशाखापत्तनम से हिमालय तक की प्रेरक झलकियाँ, भारत की ‘जनभागीदारी से जनस्वास्थ्य’ की दिशा में अद्वितीय यात्रा को दर्शाती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में बालाघाट जिले की सूमा उइके की पहल को सराहा
29 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में बालाघाट जिले के कटंगी ब्लॉक की सूमा उइके का उल्लेख करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार, महिलाओं- युवाओं -गरीबों और किसानों के जीवन में बदलाव लाने और उन्हें आत्मनिर्भरता के मार्ग पर अग्रसर करने की दिशा में समर्पित भाव से प्रयासरत है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में राज्य के इन प्रयासों का उल्लेख करने से प्रदेशवासियों का उत्साह बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि बालाघाट जिले के कटंगी विकासखंड के ग्राम भजियापार की सूमा उइके ने स्व सहायता समूह से जुड़कर मशरूम की खेती और पशुपालन की ट्रेनिंग ली और आय बढ़ने पर थर्मल थेरेपी और दीदी केंटीन से आय अर्जित कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयनगर लालघाटी क्षेत्र में रमेश विजयवर्गीय के निवास पर श्रवण किया।
मध्यप्रदेश वेयरहाउस ऑनर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को दिया ज्ञापन
29 Jun, 2025 04:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वेयरहाउस पर मूँग की समर्थन मूल्य पर शासकीय खरीदी में आने वाली समस्याओं से कराया अवगत।आज दिनाँक 29/6/2025 को मध्यप्रदेश वेयरहाउस ऑनर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भोपाल निवास पर ज्ञापन दिया।एसोसिएशन ने बताया कि मूँग के भंडारण में प्राकृतिक रूप से 1.50℅ की सूखत आती है जिसके कारण वेयरहाउस संचालकों को नुकसान उठाना पड़ता है इस सूखत के हिसाब से संचालकों को छूट प्रदान की जाए, कई वर्षों से लंबित गेहू,चना, मूंग,धान,सोयाबीन आदि के किराए का भुगतान भी शीघ्र किया जाए।
भण्डार नीति का निर्धारण करते समय मध्यप्रदेश वेयरहाउस एसोसिएशन की सलाह को भी प्राथमिकता दी जाए,नाबार्ड द्वारा कई वेयरहाउसो की सब्सिडी कई वर्षों से लंबित है उनको भी सब्सिडी तुरंत प्रदान की जाए ताकि बैंक डिफाल्टर न हो आदि समस्याओं पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन एसोसिएशन को प्रदान किया।प्रतिनिधि मंडल में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नवनीत रघुवंशी, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक जैन,प्रदेश सह कोषाध्यक्ष अजय
ऑनलाइन बनाए जा रहे नकली जन्म प्रमाण-पत्र
29 Jun, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भोपाल नगर निगम में सामने आया एक मामला यह साफ करता है कि फर्जीवाड़े का नया तरीका अब फर्जी वेबसाइट और डिजिटल हस्ताक्षरों के जरिए अपनाया जा रहा है। अगर आपने किसी दलाल के माध्यम से जन्म प्रमाण-पत्र बनवाया है, तो आपको तुरंत उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए। एक महिला द्वारा दिए गए फर्जी सर्टिफिकेट ने पूरे सिस्टम में हडक़ंप मचा दिया है। भोपाल के कोलार क्षेत्र की एक महिला अपने बेटे के जन्म प्रमाण-पत्र में सरनेम में संशोधन के लिए नगर निगम पहुंची थी। जब संबंधित दस्तावेज को निगम के आधिकारिक पोर्टल पर स्कैन किया गया, तो चौंकाने वाला सच सामने आया कि सर्टिफिकेट फर्जी वेबसाइट से बना था। नगर निगम के जन्म-मृत्यु प्रमाण शाखा के रजिस्ट्रार सत्यप्रकाश बडग़ैंया ने बताया कि यह दस्तावेज दिखने में असली जैसा था, लेकिन पोर्टल पर रिकॉर्ड ही नहीं मिला।
जांच में क्या सामने आया?
प्रमाण-पत्र में रजिस्ट्रार के हूबहू डिजिटल हस्ताक्षर मौजूद थे। यह प्रमाण-पत्र किसी फर्जी पोर्टल से बना था, जो सरकारी पोर्टल जैसा दिखता है। हैरानी की बात ये कि इस वेबसाइट पर कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाता। मात्र 20 रुपये ऑनलाइन भुगतान करने पर कुछ मिनटों में नकली सर्टिफिकेट मिल रहा है। नगर निगम ने मामले को गंभीर मानते हुए गोविंदपुरा थाना में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दे दिया है। अधिकारियों को आशंका है कि इस तरह के कई और नकली प्रमाण-पत्र पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
आमजन के लिए नगर निगम की चेतावनी
नगर निगम ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे केवल सरकारी वेबसाइट का ही उपयोग करें। किसी भी दलाल या एजेंट से दस्तावेज न बनवाएं। अगर कोई प्रमाण-पत्र संदिग्ध लगे, तो पोस्ट स्कैनिंग जरूर कराएं। नकली सर्टिफिकेट इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई संभव है।
90 डिग्री वाले ब्रिज मामले में मोहन यादव का एक्शन, रिपोर्ट देखते ही 7 इंजीनियर सस्पेंड
29 Jun, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: राजधानी भोपाल के ऐशबाग रेलवे क्रॉसिंग पर 90 डिग्री वाले ओवर ब्रिज को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्शन लिया है. 90 डिग्री वाला रोड ओवर ब्रिज बनाकर सरकार की किरकिरी कराने के मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य शासन ने सख्त कार्रवाई की है. राज्य शासन ने इस मामले में लोक निर्माण विभाग के 7 इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया है. जबकि एक रिटायर्ड हो चुके इंजीनियर की जांच कराई जा रही है. इसके अलावा ब्रिज बनाने वाली एजेंसी पुनीत चड्ढा और डिजाइन बनाने वाली फर्म डायनामिक कंसल्टेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. यह कार्रवाई जांच में लापरवाही मिलने के बाद की गई है.
इन अधिकारियों पर की गई कार्रवाई
यह पहला मौका है जब किसी एक मामले में एक साथ इतने इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की गई हो. जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें दो चीफ इंजीनियर रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. जांच में सामने आया है कि इंजीनियरों ने रेलवे की अनुमति के बिना ही ब्रिज के डिजाइन को पास कर दिया और इस पर काम भी शुरू कर दिया गया.
हालांकि बाद में रेलवे ने इस ब्रिज की डिजाइन को लेकर आपत्ति भी उठाई, लेकिन इसके बाद भी इंजीनियरों ने काम को रोका नहीं. बाद में 16 दिसंबर 2021 को इसकी जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग को भी मंजूरी दे दी गई. गड़बड़ी को लेकर अब इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
तत्कालीन चीफ इंजीनियर ब्रिज संजय खाड़े को सस्पेंड किया गया है. यह अधिकारी अभी रीवा में पदस्थ हैं.
मौजूदा चीफ इंजीनियर ब्रिज जीपी वर्मा को भी सस्पेंड किया गया. संजय खाड़े के ट्रांसफर के बाद इन्हें चीफ इंजीनियर बनाया गया था.
तत्कालीन प्रभारी एक्जीक्युटिव इंजीनियर डिजाइन शबाना रज्जाक को सस्पेंड किया गया. यह अभी चीफ इंजीनियर ऑफिस में पदस्थ हैं.
असिस्टेंट इंजीनियर डिजाइन शानुल सक्सेना को निलंबित किया गया. यह अभी भी इसी पद पर हैं.
तत्कालीन ईई ब्रिज जावेद शकील को भी निलंबित किया गया. यह अभी एसई पीडब्ल्यूडी एनएच हैं.
तत्कालीन एसडीओ रवि शुक्ला को भी निलंबित किया गया. यह पहले जीजी फ्लाईओवर में भी सस्पेंड हो चुके हैं.
तत्कालीन सब इंजीनियर ब्रिज उमाशंकर मिश्रा को भी निलंबित किया गया. यह अभी एसई ऑफिस में पदस्थ हैं.
तत्कालीन सुपरिटेंडिंग इंजीनियर एमपी सिंह को सस्पेंड किया गया. यह अधिकारी रिटायर्ड हो चुके हैं. यह इंजीनियर अभी जांच के घेरे में हैं.
सीएम ने ट्वीट कर दी जानकारी
90 डिग्री वाला ब्रिज बनकर तैयार हुआ, तो इसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इंजीनियरिंग के इस बेहूदा मिशाल बने इस ब्रिज को लेकर जमकर सवाल उठाए गए. मामला चर्चा में आने के बाद विभागीय मंत्री ने जांच के आदेश दिए थे. गड़बड़ी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्रवाई की जानकारी ट्वीट कर दी. उन्होंने लिखा कि "ऐशबाग आरओबी के निर्माण में गंभीर लापरवाही सामने आई है. जांच रिपोर्ट के आधार पर 8 इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई है. 7 सस्पेंड और एक रिटायर्ड पर जांच होगी."
हंगामेदार होगा मप्र विधानसभा का मानसून सत्र
29 Jun, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से प्रारंभ होगा। यह सत्र हंगामेदार होगा। इसके लिए कांग्रेस ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। कांग्रेस इस सत्र में एससी-एसटी के मुद्दों पर सरकार को घेरगी, वहीं कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार आदि को भी उठाया जाएगा। इसके लिए कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को तैयारी करने का निर्देश दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस अनुसूचित जाति वर्ग पर हो रहे अत्याचार के मामलों को उठाएगी। इसके लिए सागर, छतरपुर, दमोह सहित अन्य जिलों में हुईं हत्या-मारपीट जैसी घटनाओं पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। साथ ही ग्वालियर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के मामले में सरकार की चुप्पी, लगातार लिए जा रहे कर्ज, खाद की कमी सहित अन्य मुद्दों को भी उठाने की तैयारी है।
गौरतलब है कि विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से प्रारंभ होगा। 10 दिन सदन चलेगा। इसमें सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस सागर जिले के रहली क्षेत्र में ओंकार अहिरवार और छतरपुर जिले के लवकुश नगर में पंकज प्रजापति की हत्या का मामले को आधार बनाकर सरकार से जवाब मांगेगी। इसी तरह दमोह के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में गुंडागर्दी के साथ बुरहानपुर जिले के नेपानगर में आदिवासियों के पट्टे निरस्त करने का मुद्दा उठाने की तैयारी है। पार्टी का आरोप है कि प्रदेश के तीन लाख से अधिक पात्र आदिवासियों की पात्रता होने के बाद भी अब तक वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत पट्टे नहीं दिए हैं। दूसरी ओर आदिवासियों की जमीन बड़े पैमाने पर अधिकारियों द्वारा सांठगांठ करके गैर आदिवासियों को बेची जा रही है। प्रदेश के ऊपर कर्ज सवा चार लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसे कम करने के स्थान पर सरकार लगातार कर्ज ले रही है। वहीं, विभागों में पूंजीगत कामों की गति धीमी है, जिसके कारण अधोसंरचना विकास के काम प्रभावित हो रहे हैं।
भाजपा संविधान और दलित विरोधी
कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों से कहा है कि वे विधानसभा में इस बात को पूरी ताकत के साथ रखें कि भाजपा संविधान और दलित विरोधी है। ग्वालियर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना से जुड़े विवाद पर अब तक न तो मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने समाधान निकालने की कोई पहल ही और न ही पार्टी की ओर से अपना पक्ष स्पष्ट किया गया। इससे साफ है कि भाजपा संविधान विरोधी है। दलितों पर अत्याचार के मामले में प्रदेश अव्वल है। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।
मप्र की नौकरशाही में होंगे बड़े बदलाव
29 Jun, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
4 महीने में सीएस समेत कई अधिकारी होंगे रिटायर
भोपाल। मप्र की ब्यूरोक्रेसी में अगले 4 महीने में बड़ा बदलाव होने वाला है। जिसमें प्रदेश के मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव, ग्रह विभाग के अपर मुख्य सचिव और लोक निर्माण विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी समेत अन्य अधिकारी बदल जाएंगे। इनकी जगह नए अधिकारियों को जिम्मा दिया जाएगा। इनमें अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा समेत एक दर्जन आईएएस शामिल हैं।
बता दें कि मुख्य सचिव अनुराग जैन 1989 कैडर के आईएएस हैं। वो अगस्त महीने में रिटायर हो रहे हैं। उनके सेवानिवृत्त के बाद सीएस का पद रिक्त हो जाएगा। ऐसे में नए अफसरों को मुख्य सचिव के वेतनमान में प्रमोट होने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही सागर के संभागायुक्त वीरेंद्र सिंह रावत जून और उज्जैन के संभागायुक्त संजय गुप्ता जुलाई में रिटायर हो रहे हैं। इनके बाद जुलाई में माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी और फिर अगस्त में सीएस अनुराग जैन का रिटायरमेंट है।
अगले 4 महीने में ये होंगे रिटायर
अगले 4 महीने में जिन आईएएस अधिकारियों को रिटायर होना है उनमें संभागायुक्त सागर वीरेंद्र सिंह रावत जून में, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार कौल जुलाई में, उज्जैन संभागायुक्त संजय गुप्ता जुलाई में, सचिव माध्यमिक शिक्षा मंडल केडी त्रिपाठी जुलाई में, मुख्य सचिव अनुराग जैन अगस्त में, एसीएस ग्रह विभाग जेएन कंसोटिया अगस्त में, प्रतिनियुक्ति पर भावना वालिंबे सितंबर में, डिप्टी सेक्रेटरी पीडब्लयूडी नियाज अहमद खान अक्टूबर में रिटायर होंगे।
सीएस पर सस्पेंस
वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन के रिटायरमेंट होने के बाद प्रदेश का अगला सीएम कौन होगा। इसको लेकर अभी संशय बरकरार है। लेकिन सीनियरिटी के हिसाब से जेएन कंसोटिया हैं, लेकिन वो भी अगस्त में रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में उनके सीएस बनने की उम्मीद कम ही है। एक और अधिकारी मोहम्मद सुलेमान भी काफी सीनियर थे, लेकिन वो पहले ही वीआरएस ले चुके हैं। अब इन वरिष्ठ अधिकारियों के रिटायरमेंट के बाद अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सबसे सीनियर आईएएस होंगे। ऐसे में मुख्य सचिव के पद पर इनकी दावेदारी अधिक मानी जा रही है।
ये अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर
मप्र कैडर के 43 आईएएस वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इनमें अलका उपाध्याय, मनोज गोविल, पंकज अग्रवाल, अशीष श्रीवास्तव, वीएल कांताराव, नीलम शमी राव, दीप्ति गौड़ मुखर्जी, विवेक अग्रवाल, हरि रंजन राव, पल्लवी जैन गोविल, नितेश कुमार व्यास, फैज अहमद किदवई, कैरालीन खोंगवार देशमुख, आकाश त्रिपाठी, निकुंज श्रीवास्तव, पवन कुमार शर्मा, अजीत कुमार, ग्यानेश्वर बी। पाटिल, राहुल जैन, जीवी रश्मि, स्वाति मीणा नायक, शशांक मिश्रा, छवि भारद्वाज, जीपी आईरीन सिंथिया, विकास नरवाल, विशेष गढ़पाले, वी किरण गोपाल, नंद कुमारम, एस। विश्वनाथन, भावना वालिंबे, तरुण पिथोड़े, प्रियंका दास, तेजस्वी एस नायक, गणेश शंकर मिश्रा, शनमुग प्रिया मिश्रा, विजय कुमार जे।, अनुग्रह पी, विजय दत्ता, पंकज जैन, चंद्र मोहन ठाकुर, प्रवीण सिंह, बक्की कार्तिकेयन और हर्ष दीक्षित का नाम शामिल है। जबकि आईएएस मनीष सिंह स्टडी लीव पर हैं।
पूरे प्रदेश में लागू हो सकती है ‘रेवा शक्ति’ योजना
29 Jun, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एक या दो बेटियों वाले माता-पिता का बनेगा कीर्ति कार्ड, मिलेगी छूट
भोपाल । मप्र में बेटियों का वरदान बनाने के लिए प्रदेश सरकार कई योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में एक और योजना को प्रदेशभर में लागू करने पर विचार किया जा रहा है। वह योजना है ‘रेवा शक्ति’। यह योजना कुछ जिलों में लागू की गई है। योजना के उद्देश्य को देखते हुए प्रदेश सरकार इसे प्रदेशभर में लागू करने की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि सबसे पहले हरदा में इस अभियान को शुरू किया गया था। हरदा जिले में बेटियों के प्रति सामाजिक जागरूकता और लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए तत्कालीन कलेक्टर आदित्य प्रताप सिंह ने रेवा शक्ति अभियान की पहल की थी। यह अभियान बेटियों के जन्म, शिक्षा, और सम्मान को बढ़ावा देने के लिए कई अभिनव कदम उठाने पर केंद्रित है। इस अभियान की सफलता को देखते हुए कहा जा सकता है कि हरदा प्रदेश का पहला जिला है, जहां बेटियों के लिए इतने व्यापक और अभिनव कदम उठाए गए हैं। अब बेटियों को बढ़ावा देने के लिए अशोकनगर कलेक्टर आदित्य प्रताप सिंह ने भी रेवा शक्ति योजना शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना के तहत एक या दो बेटियों वाले माता-पिता को कीर्ति कार्ड दिया जा रहा है। कार्डधारकों को किराना दुकान, प्राइवेट स्कूल और अस्पतालों में छूट मिलेगी। सरकारी दफ्तरों में इन्हें लाइन में नहीं लगना होगा। इनके कामों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बेटियों को बढ़ावा देना योजना का उद्देश्य
योजना का उद्देश्य घटते लिंगानुपात को सुधारना है। जिले का लिंगानुपात 887 है, जो 1000 की तुलना में काफी कम है। योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है। ज्यादातर किराना दुकानों ने विशेष छूट देने का वादा किया है। कुछ स्कूल और अस्पताल पूरी फीस माफ करने को तैयार हैं।
इन विभागों में कीर्ति कार्ड धारकों को मिलेगी छूट
योजना को लागू करने के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी प्राइवेट अस्पतालों में छूट पर नजर रखेंगे। परिवहन विभाग किराए में छूट सुनिश्चित करेगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी किराना दुकानों की निगरानी करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी स्कूलों में फीस और किताबों में छूट दिलवाएंगे। खेल और पर्यटन विभाग खेलों में भागीदारी बढ़ाएगा और पर्यटन स्थलों पर छूट देगा। इसमे भोपाल में भी संस्थानों से चर्चा की जाएगी, जिससे राजधानी स्तर पर भी कीर्ति कार्ड धारकों को छूट मिल सकेगी।
अशोकनगर में 29 जून से होगी योजना की शुरुआत
29 जून को अशोकनगर से चंदेरी तक साइकिल रैली निकाली जाएगी। इसमें करीब 100 साइकिलिस्ट शामिल होंगे। यह पहली बार है जब प्रशासनिक स्तर पर इस तरह की रैली हो रही है। अभियान के तहत पालकों को कीर्ति कार्ड दिए जाएंगे। कार्ड धारकों को जनसुनवाई में प्राथमिकता मिलेगी। बैठने की व्यवस्था भी रहेगी। समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाएगा। जिले के अलग-अलग कार्यालयों में कीर्ति कॉर्नर बनाए जाएंगे। अब तक अशोनगर जिले में 9 हजार 228 पालक चिह्नित किए जा चुके हैं। इनमें वे लोग शामिल हैं जिनकी एक या दो बेटियां हैं और तीसरी डिलीवरी नहीं हुई। साथ ही वे पिता भी शामिल हैं, जिनकी बेटियां शादी योग्य हो चुकी हैं। आगे इस योजना में ओर भी बदलाव किए जाएंगे।
रेवा शक्ति अभियान का उद्देश्य
कलेक्टर आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूलों, अस्पतालों और दुकानों से सहयोग मांगा गया है। सभी ने खुशी से मदद करने की बात कही है। हम बेटियों के माता-पिता को खास एहसास दिलाना चाहते हैं, जिससे और लोग बेटियों को लेकर जागरूक हो सकें। रेवा शक्ति अभियान का उद्देश्य बेटियों के पिता को सम्मान देना और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच बढ़ाना है।
प्रदेशभर के सभी पेट्रोल पंपों का होगा वेरिफिकेशन
29 Jun, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीएम के काफिले वाले वाहनों में डीजल के साथ पानी भरने का मामला, सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट
भोपाल।रतलाम में मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल होने वाले वाहनों की टंकियों में डीजल के साथ पानी भरने के बाद हुई किरकिरी को देखते हुए अब सरकार इस मामले में अलर्ट हो गई है। खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में मौजूद पेट्रोल पंपों की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। कलेक्टरों से कहा है कि पेट्रोल पंपों में क्वालिटी वाले पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता के साथ इंडियन ऑयल के नियमों के हिसाब में दी जाने वाली सभी सुविधाएं मौजूद रहनी चाहिए।
खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रतलाम में हुई घटना पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि उपभोक्ताओं को हर हाल में गुणवत्तायुक्त पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध कराया जाए। राजपूत ने वरिष्ठ अधिकारियों को ऑयल कंपनियों के साथ बैठक कर जरूरी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
एसीएस ने ली अधिकारियों की बैठक
अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरुण शमी ने इस घटना के बाद 27 जून को ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड एवं हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने घटना के संबंध में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश बीपीसीएल को दिए। वर्तमान में वर्षा के मौसम को देखते हुए ऑयल कंपनियों को प्रदेश के समस्त पेट्रोल पंपों का निर्धारित चेकलिस्ट अनुसार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। एसीएस रश्मि शमी ने कहा कि निरीक्षण में यह आवश्यक रूप से देखा जाएगा कि पेट्रोल पंपों के भूमिगत टैंकों में पानी का रिसाव तो नहीं हो रहा है। ऐसा पाया जाता है तो पानी के रिसाव को रोकने संबंधी एवं उपभोक्ताओं को सही गुणवत्ता का डीजल और पेट्रोल प्रदाय करने की कार्यवाही करें। किसी भी स्थिति में किसी भी उपभोक्ता को पानी मिश्रित अथवा खराब गुणवत्ता का पेट्रोलियम उत्पाद प्रदाय नहीं किया जाए। जांच में पम्प के नोजल से सही और पूरा डीजल एवं पेट्रोल दिए जाने का रिपोर्ट दी जानी है। हर पेट्रोल पंप की जांच की जाएगी। जिसमें रोज सुबह किए जाने वाला निरीक्षण एवं समय-समय पर किए जाने वाले नियमित निरीक्षणों की जांच रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की जाए। इस संबंध में जरूरी साफ्टवेयर का निर्माण भी किया जाएगा। पेट्रोल पंपों पर आवश्यक नागरिक सुविधाओं जैसे नि:शुल्क हवा, पेय जल मिलना चाहिए। महिला एवं पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था हो और शौचालयों की रोज साफ-सफाई होनी चाहिए।
कंपनियों ने दिया आश्वासन- कोई समस्या नहीं आएगी
एसीएस शमी ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में आने वाले सभी पेट्रोल पंप की खाद्य, राजस्व, नापतौल एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों का दल बनाकर जांच कराएं। एसीएस के साथ बैठक के दौरान सभी आयल कंपनी के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में उनकी तरफ़ से कोई समस्या नहीं आएगी और पेट्रोल पंपों की संघन जांच की जाएगी।
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