मध्य प्रदेश
सूरत में आज होगा ‘मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर’ पर इंटरएक्टिव सेशन
29 Jun, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 29 जून को गुजरात प्रांत के सूरत स्थित होटल मैरियट में आयोजित मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर इंटरएक्टिव सेशन में शामिल होंगे। यह आयोजन “उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025” अभियान की श्रृंखला में बेंगलुरु के बाद दूसरा बड़ा संवाद होगा। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर औद्योगिक समूहों से जुड़ाव बढ़ाना, रोजगार के अवसर सृजित करना और निवेश को सुगम बनाना।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राज्य के औद्योगिक विकास का दीर्घकालिक दृष्टिकोण, अधोसंरचना विस्तार और निवेशकों के लिए बनाए गए भरोसेमंद वातावरण को रेखांकित करेंगे। साथ ही उद्योगपतियों से वन-टू-वन मुलाकात करेंगे, जिसमें निवेश-विशेष साझेदारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इंटरएक्टिव सेशन का मुख्य फोकस उन सेक्टरों पर रहेगा, जिनमें मध्यप्रदेश की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त स्पष्ट रूप से सामने आती है। इसमें वस्त्र एवं परिधान, पेट्रोकेमिकल्स और रसायन, बल्क ड्रग्स, फार्मास्यूटिकल्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग एवं संबद्ध निर्माण इकाइयां शामिल है। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की निवेश-उन्मुख परियोजनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही प्रदेश की 18 नवीन सेक्टोरल नीतियों और औद्योगिक सहयोग के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी निवेशकों को दी जाएगी।
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम दक्षिण गुजरात के सशक्त औद्योगिक तंत्र से मध्यप्रदेश की रणनीतिक साझेदारी को सशक्त बनाने और राज्य को निवेश के लिए एक विश्वसनीय गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें प्रमुख उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ कॉर्पोरेट नेताओं और उद्योग संगठनों की भागीदारी रहेगी। कार्यक्रम में साउथ गुजरात जोनल काउंसिल के चेयरमैन एवं प्रवीन लैबोरेट्रीज़ प्रा. लि. के निदेशक श्री हेतुल मेहता स्वागत भाषण देंगे। मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, अधोसंरचना और नीतिगत नवाचारों पर केन्द्रित फिल्म ‘इनफिनिट पॉसिबिलिटीज इन एमपी’ का प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह राज्य में उपलब्ध भूमि, हालिया औद्योगिक नीतियों और निवेश की दिशा में उठाए गए प्रभावी कदमों पर एक विशेष प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर उन उद्योगपतियों के अनुभव भी साझा किए जाएंगे, जो पहले से ही मध्यप्रदेश में सफलतापूर्वक परिचालन कर रहे हैं। देश और विदेश के विभिन्न शहरों में सतत संवाद और केंद्रित प्रयासों के माध्यम से मध्यप्रदेश, भारत में औद्योगिक निवेश के लिए एक अग्रणी गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति लगातार सुदृढ़ कर रहा है।
मप्र भाजपा के नए अध्यक्ष का ऐलान दो जुलाई को
29 Jun, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल।मप्र भाजपा को दो जुलाई को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा। चुनाव के लिए एक जुलाई को नाम निर्देशन पत्र दाखिल होंगे। अगले दिन भाजपा की वृहद कार्यसमिति की बैठक होगी, जिसमें नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया जाएगा। संगठन ने मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की जगह नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए निर्वाचन कार्यक्रम तय कर लिया है। चुनाव की प्रक्रिया चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में होगी। वे एक जुलाई को भोपाल पहुंचेंगे। मप्र में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारों में आदिवासी वर्ग के नेताओं में बैतूल सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके के नाम पर मंथन तेजी से शुरू हुआ है। वे बैतूल से दूसरी बार के सांसद और केंद्र सरकार में राज्यमंत्री हैं।
डीडी के नाम पर चर्चा इसलिए है कि मप्र में 22 फीसदी आदिवासी आबादी है। इनमें से 13 फीसदी आदिवासी गोंड समाज के हैं। दुर्गादास उईके संघ की विचारधारा से जुड़े रहे हैं। राजनीति में आने से पहले वे सरकारी शिक्षक थे। आदिवासी वर्ग में संघ की विचारधारा के निर्विवाद नेताओं में डीडी उईके का नाम आता है। एमपी में सत्ता और संगठन के साथ ही संघ भी उनके नाम पर सहमति दे सकता है। मप्र के पड़ोसी राज्य गुजरात में सीआर पाटिल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। पाटिल केंद्र सरकार में जल शक्ति मंत्री भी हैं। ऐसे में एमपी में उईके को भी दोहरी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
प्रदेश अध्यक्ष के दावेदार
मप्र को भाजपा के संगठन की प्रयोगशाला माना जाता है। भाजपा यहां जो भी प्रयोग करती है, उसमें सफलता मिलती है। मप्र में 2028 में विधानसभा के चुनाव होंगे। वो भी नए परिसीमन और महिला आरक्षण के साथ। ऐसे में भाजपा महिला नेता को भी मप्र में कमान देने पर मंथन कर रही है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष के जो दावेदार है उनमें ब्राह्मण वर्ग से डॉ. नरोत्तम मिश्रा, राजेन्द्र शुक्ल , रामेश्वर शर्मा का नाम चर्चा में है। वहीं वैश्य वर्ग से हेमंत खंडेलवाल, क्षत्रिय वर्ग से अरविंद भदौरिया, अनुसूचित जाति से लाल सिंह आर्य, हरिशंकर खटीक, अनुसूचित जनजाति से गजेन्द्र सिंह पटेल, दुर्गादास उईके, फग्गन सिंह कुलस्ते, सुमेर सिंह सोलंकी का नाम शामिल हैं।
19 राज्यों के चुनावों के बाद होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव
अब तक भाजपा के करीब 14 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है। शुक्रवार 27 जून को भाजपा ने तीन राज्यों के चुनाव अधिकारियों के नामों का ऐलान किया है। भाजपा ने महाराष्ट्र में केंद्रीय मंत्री किरन रिरिजू, उत्तराखंड में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और पश्चिम बंगाल में रविशंकर प्रसाद को अपना प्रदेश चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। 19 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा।
एमपी समेत इन राज्यों में होना है चुनाव
मप्र के साथ उत्तरप्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तराखंड जैसे राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना है। जबकि असम, सिक्किम, बिहार, अरुणाचल, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, गोवा, केरल, लक्ष्यद्वीप, मेघालय, नागालैंड, राजस्थान और जम्मू कश्मीर में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा हो चुकी है।
बच्चा चोरी के संदेह में भीड़ ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को खंभे बंधकर पीटा
28 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर। सीहोर में बच्चा चोरी के संदेह में दो संदिग्ध व्यक्तियों की पिटाई का मामला सामने आया है। दोनों व्यक्तियों को खंभे से बांधकर भीड़ ने पीटा गया, जिसमें से एक व्यक्ति ने महिलाओं के कपड़े पहन रखे थे। पुलिस के पहुंचने के बावजूद भीड़ ने पिटाई जारी रखी। यह घटना सायलो के पास जमुनिया मार्ग की बताई जा रही है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार जमुनिया रोड पर गेहूं के सायलो केंद्र के पास शुक्रवार को लोगों ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को घूमते हुए देखा था। बताया जाता है कि इनमें से एक व्यक्ति ने महिलाओं के कपड़े पहन रखे थे। इस दौरान लोगों ने दोनों संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़कर एक खंभे से बांध दिया और जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान मौके पर पुलिस भी पहुंची, लेकिन पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में भी भीड़ की पिटाई जारी रही। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
चार हजार रुपये लेने के बाद छोड़ था बच्चा
इस मामले में लोगों ने बताया कि दो दिन पहले कुछ युवक आए थे, जिनमें महिला के कपड़ों वाला व्यक्ति भी शामिल था। इन लोगों में से एक व्यक्ति भगवान ने जबरदस्ती एक बच्चे को गोद में उठा लिया था और चार हजार रुपये लेने के बाद ही बच्चे को छोड़ा था। आज फिर ये लोग क्षेत्र में दिखे तो लोगों ने उनको खंभे से बांधकर जमकर इस कृत्य को अंजाम दिया।
बोले- हम बहरूपिए
मामले में पुलिस की पूछताछ में पीड़ितों ने अपना नाम चांदबढ़ निवासी भगवान सिंह (35) और सुनील नाथ (32) बताया है। उन्होंने कहा कि वो बहरूपिए हैं। पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला है कि दोनों व्यक्तियों में से भगवान नाम का एक व्यक्ति दो दिन पहले क्षेत्र में आया था और एक बच्चे को ले जा रहा था। उसे छोड़ने की एवज में चार हजार रुपये ले गया था। शुक्रवार को इसी तरह का प्रयास करने की फिराक में घूम रहे थे। इस दौरान लोगों की भीड़ ने दोनों को पकड़ कर बांध दिया और जमकर मारपीट कर दी।
पुलिस ने किया क्रॉस केस कायम
मंडी टीआई माया सिंह के अनुसार पीड़ित चांदबढ़ गांव के रहने वाले हैं। दोनों संदिग्ध व्यक्तियों में से एक व्यक्ति दो दिन पहले जमुनिया रोड क्षेत्र से एक बच्चे को ले जा रहा था। जिसे छोड़ने की एवज में चार हजार रुपये लेकर गया था। पुलिस ने जितेंद्र विश्वकर्मा की रिपोर्ट पर दोनों व्यक्तियों के खिलाफ मामला कायम किया है। इसके अलावा इन लोगों से मारपीट करने वाले जितेंद्र विश्वकर्मा सहित अन्य लोगों के खिलाफ भी क्रॉस केस कायम किया है। वहीं एडिशनल एसपी सुनीता रावत ने कहा कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
हाल ही में दोराहा में आया था अमानवीयता का वीडियो
सीहोर में दिल को झकझोरने वाला अमानवीयता का वीडियो दो दिन पहले भी आया था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भीड़ ने दो लोगों को बांधकर उन्हें महिलाओं के पकड़े पहना दिए थे और गोबर खाने पर मजबूर किया जा रहा था। दोनों युवकों से अभद्र भाषा में बात की जा रही है। भीड़ ने उनके बाल काटकर भी बेइज्जत किया था। उसके बाद आज शुक्रवार को फिर से दो लोगों को खंबे से बांधकर मारपीट किए जाने का वीडियो सामने आया है।
भोपाल में सांची नारियल पानी का प्रयोग हुआ फेल, 2 हजार से ज्यादा बोतलें हुई एक्सपायरी
28 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। अक्टूबर 2024 में भोपाल दूध संघ ने भोपाल में 'सांची नैचुरल नारियल पानी' बाजार में उतारा था। लेकिन भोपाल की जनता ने इसे पसंद नहीं किया और दुग्ध संघ को भारी नुकसान हुआ है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि 2 हजार से ज्यादा बोतलें एक्सपायरी हो गई हैं। दुग्ध संघ कि अधिकारियों का कहना है कि कहना है कि एक भी बोतल के ग्राहक नहीं मिलते हैं। इसी कारण पार्लर संचालक इसे लेने से इन्कार कर रहे हैं। जानकारी के लिए बता दें कि सांची का यह उत्पाद (नारियल पानी) तमिलनाडु के पोलाची संयंत्र से पैक होकर आता है। जानकारी के मुताबिक अब कंपनी के साथ अनुबंध समाप्त करने की तैयारी दुग्ध संघ कर रहा है।
इसलिए फेल हुआ यह प्रोजेक्ट
गौरतलब है कि सांची द्वारा नारियल पानी की 200 मिलीलीटर की बोतल 50 रुपये में बेंची जा रही है और आम उपभोक्ताओं को यह कीमत रास नहीं आ रही। बाजार में 300 से 400 मिलीलीटर तक का नारियल पानी 40-50 रुपए में मिल जाता है। यह बोतलबंद पेय की तुलना में अधिक विश्वसनीय है। ऐसे में सांची का यह उत्पाद ग्राहकों को महंगा लगने लगा। ग्राहकों की बेरुखी के चलते सांची पार्लरों में ये बोतलें खराब होने लगी हैं। पार्लर संचालकों का कहना है कि सांची नारियल पानी की एक पेटी में 36 बोतल होती हैं। इसकी कुल लागत 1,680 रुपये है। बिक्री न होने के कारण वे लोग 35 रुपये या उससे भी कम दाम पर भी बेच रहे हैं, ताकि बड़े नुकसान से बचा जा सके। अभी हालात ऐसे हैं कि यह उत्पाद इस कीमत पर भी नहीं बिक रहा है। इसकी वजह से दुकानदारों को सीधा नुकसान हो रहा है। कई पार्लर संचालकों ने पिछले दो महीनों से स्टाक लेने से इन्कार कर दिया है।
कंपनी से तीन साल के लिए किया था करार
जानकारी के लिए बता दें कि दुग्ध संघ ने अगस्त 2024 से अगस्त 2027 तक तीन साल के लिए एक निजी कंपनी से करार किया था। लेकिन अब बिक्री नहीं होने के कारण यह करार समय से पहले समाप्त करने की तैयारी की जा रही है। दुग्ध संघ ने कंपनी को पत्र भेजकर बचे हुए माल को वापस लेने की मांग की है। अगर कंपनी ने माल वापस नहीं लिया तो दुग्ध संघ इसे नो प्राफिट-नो लास के आधार पर बेचेगा। वर्तमान में सांची 25 तरह के उत्पाद बाजार में बेच रहा है।
कंपनी की भी थी जिम्मेदारी
भोपाल दुग्ध संघ के सीईओ प्रीतेश जोशी ने बताया कि नारियल बेचने का अनुबंध मेरे समय नहीं हुआ था। हालांकि जिस कंपनी से अनुबंध हुआ है उसमें कहा गया था की मार्केट में इसे बेचने में कंपनी भी मदद करेगी अब कंपनी भाग रही है। संघ जल्द ही यह करार समाप्त करेगा, ताकि पार्लर संचालकों को और नुकसान न उठाना पड़े। उन्होंने बताया कि हमारे पास 2000 से बोतलें एक्सपायरी हो गई है जिससे संघ को नुकसान हो रहा है हमने कंपनी से कहा है कि यह वाटल वापस ले जाएं।
PCC चीफ के समर्थन में उत्तरी कांग्रेस, CM हाउस जा रही NSUI को पुलिस ने किया गिरफ्तार
28 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर को लेकर पूरी कांग्रेस उनके समर्थन में उत्तर आई है। शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह एफआईआर विपक्ष की आवाज को दबाने का एक राजनीतिक हथकंडा है। जीतू पटवारी ने सिर्फ एक पीड़ित को न्याय दिलाने की कोशिश की थी, लेकिन सत्ता पक्ष ने उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज करा दिया। वहीं कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई हाथों में कागज की तलवार लेकर सड़क पर उतर आए और मुख्यमंत्री कार्यालय जाने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक कर हिरासत में ले लिया। इधर भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक नौटंकी करने का आरोप लगाया है।
पीसीसी में प्रेसवार्ता
न्याय की लड़ाई लड़ने वालों पर हो रहा हमला
कांग्रेस ने कहा कि जिस व्यक्ति ने शुरुआत में अपनी आपबीती बयान की थी। जैसे उसे मल खिलाया गया, बंदूक तानी गई, मोटरसाइकिल छीनी गई। वही अब दबाव में बयान बदल रहा है। 10 जून से लेकर 18 जून तक उसने यही बातें सार्वजनिक रूप से कहीं, लेकिन अब सरकार के दबाव में उसे पीछे हटने पर मजबूर किया गया। कांग्रेस ने कहा कि जब पीड़ित को इंसाफ नहीं मिला, तो उसने आत्महत्या की भी कोशिश की, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने समझाकर उसे रोका। इसके बावजूद प्रशासन ने असली दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की और अब उल्टा जीतू पटवारी पर ही एफआईआर दर्ज कर दी। युवक खुद जीतू पटवारी के दौरे का पता चलने पर उनके मिलने आया था।
NSUI प्रदेश अध्यक्ष सहित 30 को किया गिरफ्तार
NSUI नेता कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर दर्ज FIR का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री को कागज की तलवार भेंट करने जा रहे थे, इस दौरान पुलिस ने NSUI प्रदेश अध्यक्ष सहित 30 को गिरफ्तार किया। NSUI अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि तलवार शक्ति, साहस और नेतृत्व का प्रतीक है” और वर्तमान परिस्थितियों में सत्ता को जनतंत्र की रक्षा हेतु साहसिक निर्णय लेने की आवश्यकता है परन्तु सरकार आज शक्ति हीन कागज की तलवार की तरह है ना उसमें न्याय का तेज है, ना ही निर्णय का साहस। यह सरकार केवल दिखावे की ‘काग़ज़ की तलवार है, जो लोकतंत्र की लड़ाई से डरकर विपक्ष की आवाज दबा रही है। चौकसे ने कहा कि यह लड़ाई केवल जीतू पटवारी के सम्मान की नहीं, बल्की शोषितों, वंचितों, दलितों और लोकतंत्र की आवाज की है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार का समर्थन
मध्य प्रदेश नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए लिखा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के विरुद्ध हुई एफआईआर, विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास है। चाहे सरकार कितनी भी कोशिश कर ले, मध्य प्रदेश कांग्रेस का हर सिपाही जनता के हितों के लिए निरंतर लड़ता रहेगा।
छवि बचाने के लिए राज्य को बदनाम कर रही कांग्रेस
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि अपनी खोई हुई साख को वापस पाने के लिए कांग्रेस मध्यप्रदेश की छवि को खराब कर रही है। जीतू पटवारी अब राजनीतिक तौर पर अप्रासंगिक हो चुके हैं। उन्हें अपने अध्यक्ष पद पर भी विचार करना चाहिए।
मोटरसाइकिल और अन्य प्रलोभन देकर रची साजिश
बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पीसीसी चीफ की राजनीतिक को अप्रासंगिक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भोले-भाले युवाओं को बरगलाकर मोटरसाइकिल और अन्य प्रलोभन देकर साजिश रची है। आशीष अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस के ही एक अकाउंट से झूठा वीडियो वायरल किया गया और अब वे उसी को सच बताकर मीडिया को भी गुमराह कर रहे हैं।
लोकायुक्त ने सालों पहले रिटायर्ड हुए अफसरों की मांगी डिटेल, जल संसाधन के एक दर्जन इंजीनियरों की पड़ताल शुरू
28 Jun, 2025 07:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। प्रदेश में दो दशक पहले वर्ल्ड बैंक की सहायता से सिंचाई परियोजनाओं का मेंटेनेंस, नवीनीकरण और नई परियोजनाओं के निर्माण आदि कार्यों के लिए 1900 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई थी। तत्कालीन समय में यह काम कराने वाले अफसर रिटायर्ड हो चुके हैं और अब लोकायुक्त संगठन ने इनकी पड़ताल शुरू कर दी है। इसके लिए जल संसाधन विभाग से इनकी डिटेल रिपोर्ट मांगी गई है। मप्र के 29 जिलों में बांधों की मरम्मत, संधारण और नए बांधों का निर्माण कराने के लिए राज्य सरकार ने वर्ल्ड बैंक से 1900 करोड़ का कर्ज लिया था। तत्कालीन समय में उक्तराशि से करीब 300 से अधिक बांधों पर काम कराया गया। बाद में यह राशि बढ़कर 2300 करोड़ हो गई थी। तत्कालीन समय में हुए इन कामों में भ्रष्टाचार को लेकर शिकवा, शिकायतें भी हुई थीं और कुछ इंजीनियरों को निलंबित भी किया गया। लेकिन दो दशक बाद लोकायुक्त द्वारा इस मामले की जांच-पड़ताल करना सवाल खडेÞ कर रहा है, क्योंकि तत्कालीन समय में जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता पीके तिवारी हुआ करते थे, जिनके पास वर्ल्ड बैंक के कामों की भी जिम्मेदारी थी। तिवारी को रिटायर्ड हुए करीब 15 साल गुजर गए हैं और उनके कार्यकाल के दौरान फील्ड में या मुख्यालय में मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री के रूप में पदस्थ रहे इंजीनियरों की भी डिटेल रिपोर्ट लोकायुक्त द्वारा मांगी जाने पर किसी बडेÞ भ्रष्टाचार या मामले की आशंका को बल दे रही है।
लोकायुक्त ने इनकी मांगी रिपोर्ट
तत्कालीन ईएनसी पीके तिवारी, तत्कालीन चीफ इंजीनियर जेएस ठाकुर, एनआर खरे, अधीक्षण यंत्री डीजी पाटीदार, कार्यपालन यंत्री आरके शर्मा, आरपी खरे, उपयंत्री एलएस घोषी, डब्ल्यू डी गव्हाडेÞ, अनुविभागीय अधिकारी केआर धारे, सचिव एवं लेखाधिकारी एमएल रघुवंशी, अधीक्षक जीपी दक्ष, लेखाअधिकारी बरन सिंह आदि के बारे में रिपोर्ट तलब की है। लोकायुक्त ने इन अधिकारियों, कर्मचारियों की सेवा पुस्तिक, प्रथम नियुक्ति, किस श्रेणी के अधिकारी, कर्मचारी है। प्रथम नियुक्ति आदेश, पदस्थापना के दौरान कार्य आंवटन आदेश की प्रति भी मांगी गई है।
शराब के नशे में कुर्सी पर सोते शिक्षक का वीडियो वायरल, जिला शिक्षा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश
28 Jun, 2025 04:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टीकमगढ़। मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से सरकारी स्कूलों की लापरवाह व्यवस्था का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय स्कूल में शराब के नशे में कुर्सी पर सोते हुए नजर आए। यह मामला मोहनगढ़ संकुल अंतर्गत प्राथमिक शाला हरिजन बस्ती पड़वार गांव का है। दरअसल, स्कूल में पदस्थ शिक्षक सुमनलाल बंशकार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में शिक्षक सुमनलाल कुर्सी पर बैठे नशे की हालत में सो रहे हैं, जबकि छात्र कक्षा में इधर-उधर घूम रहे हैं और एक-दूसरे के साथ खेल रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति एक दिन की नहीं, बल्कि रोज की है। शिक्षक स्कूल तो आते हैं, लेकिन नशे में होते हैं और आते ही सो जाते हैं। कई बार स्थानीय लोगों ने शिकायत की, लेकिन शिक्षक की आदत में कोई सुधार नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि सुमनलाल बंशकार कई वर्षों से इसी स्कूल में पदस्थ हैं और नजदीकी गांव के रहने वाले हैं। वे अपनी मर्जी से स्कूल बंद कर देते हैं और घर चले जाते हैं। गांव में रहने वाले बालकिशन ने बताया कि सभी ग्रामीण आर्थिक रूप से कमजोर हैं, अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए उनके पास सरकारी स्कूल ही एकमात्र विकल्प है। लेकिन, शिक्षक की इस लापरवाही से अब बच्चों का भविष्य अधर में है। शिक्षक पर बार-बार शिकायतों का कोई असर नहीं पड़ा, इसलिए उन्होंने खुद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिससे जिम्मेदार इस ओर ध्यान देंद्ध। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति केवल एक स्कूल की नहीं, बल्कि जिले के कई प्राथमिक स्कूलों की है, जहां शिक्षकों की मनमानी चलती है। जब मन हुआ स्कूल आए और जब चाहा बंद कर दिया। इसी कारण मोहनगढ़ संकुल के कई स्कूलों का परीक्षा परिणाम भी इस वर्ष शून्य रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी (प्रभारी) हरिशंकर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, वायरल वीडियो में शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं।
नौकरी दिलाने का झांसा देकर नाबालिग को बुलाया, चार युवकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म
28 Jun, 2025 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिहोर। सिहोर जिले में एक नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। नौकरी दिलाने के बहाने चार युवकों ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। यह घटना बुधनी तहसील के ग्राम पीली करार है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात 26 जून को हुई।
पुलिस के अनुसार नर्मदापुरम निवासी पीड़िता 16 साल की है। वह पहले एक दुकान पर काम करती थी। जहां, उसकी पहचान 20 साल के करण से हुई थी। करण ने किसी से उसका मोबाइल नंबर लेकर बात करना शुरू किया। पीड़िता ने बताया कि कम पैसे मिलने के कारण उसने 18 जून को नौकरी छोड़ दी थी। 26 जून को करण ने उसे फोन कर भोपाल चौराहे पर बुलाया, वहां मिलने पर करण ने कहा कि वह उसे नौकरी दिला देगा। इसके लिए पहले बुधनी में स्थित पीली करार अपने किराए के मकान में चलने को कहा। पीड़िता उसकी बातों में आ गई और उसके साथ कमरे पर चली गई। जहां उसे जबरदस्ती शराब पिलाई और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसके तीन दोस्त धर्मेन्द्र कीर, प्रदीप कीर, प्रियांशु सराठे कमरे में आए और तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद धर्मेन्द्र कीर उसे अपनी बाइक से नर्मदापुरम छोड़ आया।
घर पहुंचकर परिजनों को बताई आपबीती
पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई। पीड़ित अपनी मां के साथ रात 1 बजे थाने पहुंची, जहां उसने पूरी घटना के बारे में बताया। पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता की धारा, अनुसूचित जनजाति अधिनियम और पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी करन कीर निवासी बालाभेंट, धर्मेन्द्र कीर निवासी बालाभेंट जिला नर्मदापुरम एवं प्रदीप कीर, प्रियांशु सराठे निवासी ग्राम डोंगर वाड़ा जिला नर्मदापुरम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने न्यायालय से चारों को जेल भेज दिया गया है। इस संबंध में एसडीओपी रवि शर्मा का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट से जेल वारंट के बाद उन्हें जेल भिजवा दिया गया है।
कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी पर युवक को फंसाने का आरोप FIR दर्ज
28 Jun, 2025 01:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अशोकनगर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश में युवक को मानव मल खिलाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। एमपी के कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र पटवारी (जीतू पटवारी) पर आरोप है कि उन्होंने पीड़ित शख्स को पैसे देकर झूठ फैलाने के लिए कहा था। मध्य प्रदेश पुलिस ने जीतू पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है एसपी विनीत कुमार जैन के अनुसार, जितेंद्र पटवारी ने ग्रामीण गजराज लोधी को मुंगवाली सरपंच पर जबरन मल खिलाने का झूठा इल्जाम लगाने के लिए उकसाया था।
युवक ने खोली पोल
एसपी विनीत कुमार जैन ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, "कल गजराज लोधी अशोकनगर के कलेक्टर से मिले और उन्हें एक एफिडेविट दिया। इसमें लिखा था कि कुछ कांग्रेस नेता उन्हें ओरछा लेकर गए। वहां गजराज पर सरपंच के खिलाफ झूठा बयान देने का दबाव बनाया गया और इसके लिए उसे रिश्वत भी दी गई।"
एसपी विनीत कुमार जैन ने बताया-
गजराज ने कबूल किया है कि उसने सरपंच पर गलत आरोप लगाए थे। ऐसा उसने जीतू पटवारी के कहने पर किया था। गजराज के बयान के आधार पर जीतू के खिलाफ बीएनएस के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
FIR पर जीतू पटवारी का बड़ा बयान
FIR पर बात करते हुए जीतू पटवारी ने कहा, "जहां भी दलितों और किसान भाइयों पर अत्याचार होता है, वहां विपक्ष को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। सरकार को संज्ञान लेना चाहिए, जांच करनी चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन सरकार इसके विपरीत करती है, जो उसे शोभा नहीं देता। मेरे खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए उनका धन्यवाद, उन्हें साधुवाद, ढेर सारी शुभकामनाएं।"
बीजेपी ने साधा निशाना
बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने भी सोशल मीडिया पर जितेंद्र को घेरा है। एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने इसे "सस्ती सियासत के लिए प्रदेश की साख गिराने का षड्यंत्र" करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि अशोकनगर के रहने वाले गजराज लोधी ने मुंगवाली सरपंच पर जबरन मल खिलाने का आरोप लगाया था। वहीं, कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया। जीतू पटवारी की पोस्ट के बाद मामला तूल पकड़ने लगा और पुलिस इसकी तहकीकात में जुट गई।
मध्य प्रदेश में सिरफिरे ने जिला अस्पताल में नर्सिंग छात्रा का गला रेता
28 Jun, 2025 11:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिला अस्पताल परिसर में शुक्रवार दोपहर एकतरफा प्रेम में पड़े सिरफिरे युवक ने नर्स का प्रशिक्षण ले रही 18 वर्षीय युवती की गला रेतकर हत्या कर दी। दिन-दहाड़े अंजाम दी गई इस दुस्साहसिक घटना के समय डॉक्टर रूम के बाहर अनेक लोग मौजूद थे।
घटना के दौरान अस्पताल परिसर में भगदड़ मच गई
इसके बावजूद युवक ने कुर्सी पर बैठी युवती को जमकर पीटा फिर चाकू से दनादन वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अधिक खून बहने से युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में भगदड़ मच गई। युवक मौके से भाग निकला। बाद में पुलिस ने अस्पताल परिसर से कुछ दूर उसे गिरफ्तार कर लिया।
दोपहर करीब तीन बजे अस्पताल परिसर में सबकुछ सामान्य चल रहा था। इसी बीच 22 वर्षीय आरोपित युवक अभिषेक कोष्ठी डॉक्टर्स रूम नंबर 22 में नर्सिंग छात्रा संध्या चौधरी के पास पहुंचा और उसे अचानक से पीटने लगा।
अभिषेक ने संध्या के गले पर साथ लाए चाकू से लगातार वार किए
लोगों ने रोकना चाहा तो आरोपित ने धमकाया कि अगर कोई बीच में आया तो उसे खत्म कर देगा। अभिषेक ने संध्या के गले पर साथ लाए चाकू से लगातार वार किए। पुलिस अधीक्षक मृगाखी डेका के अनुसार, हत्यारोपित अभिषेक कोष्ठी ने पूछताछ में बताया है कि उसकी संध्या से दो साल से बात चल रही थी। जांच में पाया गया कि कुछ समय से वह युवती को परेशान कर रहा था, लेकिन उसने यह बात परिवार में किसी को नहीं बताई थी।
डॉक्टर बनना चाहती थी संध्या
मृतका संध्या नरसिंहपुर के सांकल रोड निवासी हीरालाल चौधरी की बेटी थी। दादी हक्की बाई ने बताया कि संध्या डॉक्टर बनना चाहती थी। परिवार में सब नौकरी करते हैं। संध्या इकलौती बेटी थी।
भू-जल स्तर बढ़ाने के लिये खेत-तालाब और अन्य तालाबों को प्राथमिकता
27 Jun, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रदेश में 30 मार्च से शुरू हुए जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं के निर्माण के कार्य लगभग पूरे किये जा चुके हैं। अभियान के दौरान जिलों में तैयार की गयी जल संरचनाओं से आसपास के क्षेत्र में जल स्तर बढ़ेगा। इस व्यवस्था से ग्रामीणों को पर्याप्त जल आपूर्ति होगी, इसके साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिये जिलों में पहले से मौजूद बगीचों के संधारण के कार्य भी किये जा रहे हैं।
जलदूतों को दिया गया प्रशिक्षण
सीहोर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल के महत्व को केन्द्रित करते हुए विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इसी श्रृंखला में आष्टा जनपद पंचायत सभाकक्ष में माय भारत पोर्टल पर पंजीकृत जलदूतों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जलदूतों को जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। वाटरशेड आजीविका मॉडल, जल बजट की जानकारी, जल संरक्षण संगठनों एवं पंचायतों की भूमिका, जल संरक्षण कार्यों को ट्रैक करना सहित अन्य बिंदुओं के बारे में बताया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं के माध्यम से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना है। जलदूतों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
तालाब बनने से बढ़ेगा भू-जल स्तर
रायसेन जिले में जल संरक्षण के माध्यम से भू-जल स्तर बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। गैरतगंज जनपद में स्वीकृत हुए 400 खेत-तालाब का निर्माण 90 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। ग्राम रजपुरा में 18 खेत-तालाब बना लिये गये हैं। खेत-तालाब बनने से इस गाँव में भू-जल स्तर बढ़ेगा और किसानों को सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी मिलेगा। गैरतगंज जनपद में 56 ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर जल-स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के कार्य किये जा रहे हैं। खेत-तालाबों के निर्माण पर करीब एक लाख 40 हजार मानव दिवस का रोजगार सृजन हुआ है। जिले में कूप रिचार्ज स्ट्रक्चर के 207 कार्य पूर्ण किये गये है। जिले में चल रहे जल संरक्षण के कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिये गये है।
तालाबों के बंड पर लगाये घास और पौधे
ग्वालियर जिले में बनाये जा रहे तालाबों की पार-बंड पर काली मिट्टी डालकर घास लगवाई जा रही है। यह व्यवस्था सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार ने जिले के ग्रामीण अंचल में तैयार किये गये अमृत सरोवर, खेत-तालाब, निस्तारी तालाब, डगवेल एवं अन्य जल संरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत मेहदपुर के अंतर्गत महेश्वरा में स्थित बड़े तालाब का निरीक्षण किया। जिले के मैदानी अमले को जल संरक्षण के कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिये गये है। हरियाली अमावस्या के अवसर पर जिले के आनंद पर्वत पर वृहद स्तर पर सामूहिक पौध-रोपण किया गया। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के नेतृत्व में आनंद पर्वत को हरा-भरा बनाने के लिये सभी वर्गों के सहयोग से कार्य किया जा रहा है।
तुलसी सरोवर का निरीक्षण
अशोकनगर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियाँ की गयी हैं। अभियान में जिले में स्थित बगीचों में संधारण के कार्य भी किये जा रहे हैं। कलेक्टर आदित्य सिंह ने तुलसी सरोवर पार्क पहुँचकर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिये कि नागरिकों की सुविधा के लिये सभी बगीचों का रख-रखाव उचित तरीके से किया जाये। इसी के साथ बगीचों में सुरक्षित रूप से जल संरचनाओं का निर्माण किया जाये। जल संरचना बनने से आसपास के क्षेत्र में भू-जल स्तर बढ़ेगा। उन्होंने इस कार्य से जुड़ी सभी एजेंसियों से समन्वय रखकर गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के लिये भी कहा।
नेशनल को-ऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमि. के साथ सहकारी संघ एवं मंडी बोर्ड के बीच हुआ एमओयू
27 Jun, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारी आंदोलन को मजबूत करने और इसके माध्यम से किसानों को उनकी फसल का और अधिक लाभ उपलब्ध कराने की मंशा से राष्ट्रीय स्तर पर को-ऑपरेटिव सेक्टर में निर्यात की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए नेशनल को-ऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड (एनसीईएल) का गठन किया। इसके माध्यम से किसानों को उनके उत्पाद में अधिक से अधिक लाभ मिल सकेगा। मंत्री सारंग प्रदेश के विभिन्न उत्पादों विशेष रूप से मसालों एवं हैंडीक्राफ्ट उत्पादों के एक्सपोर्ट को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मसालों के निर्यात को संस्थागत रूप से बढ़ावा देने के लिए नेशनल एक्सपोर्ट को-ऑपरेटिव लिमिटेड के साथ मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ और कृषि मंडी बोर्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गये।
मंत्री सारंग ने कहा कि एनसीईएल के साथ राज्य संघ और मंडी बोर्ड का एमओयू मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक नया प्लेटफार्म उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से किसान अपने उत्पाद का निर्यात कर सकेंगे। अब किसानों के उत्पादों को उचित दाम तो मिलेगा ही साथ ही सहकारिता आंदोलन को मजबूती मिलेगी। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश की 1578 सोसाइटियों ने एनसीईएल की मेंबरशिप ली है। इससे किसानों के उत्पाद निर्यात होंगे। मध्यप्रदेश किसानों के उत्पाद के लिए भी दुनिया में निर्यातक बनने का कीर्तिमान स्थापित करेगा और मध्यप्रदेश देश में नंबर एक होगा।
सहकारिता कृषि का महत्वपूर्ण अंग -मंत्री कंषाना
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एंदल सिंह कंषाना ने सहकारिता को कृषि का महत्वपूर्ण अंग बताया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से ही लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है। हिंदुस्तान कृषि प्रधान देश है और मध्यप्रदेश देश में कृषि क्षेत्र में अग्रणी है। मध्य प्रदेश को सात बार कृषि कृर्मण अवार्ड भी मिला है।
उत्पाद को डिमांड के अनुसार पहुंचाने पर मिलेगा सही दाम-एसीएस वर्णबाल
अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णबाल ने कहा कि एमओयू के जरिये किसानों के उत्पाद को डिमांड के अनुसार पहुंचाने पर सही दाम मिल सकेगा। देश पहले उत्पादों का आयात करता था, अब निर्यात के जरिए इंटरनेशनल मार्केट तक उत्पाद पहुंचाकर सही दाम प्राप्त कर सकेगा। मध्यप्रदेश की धान, मसाले, धनिया, मिर्ची, केले आदि का काफी निर्यात होता है, अब किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।
एनसीईएल के एमडी अनुपम कौशिक ने कहा कि मध्यप्रदेश के विशिष्ट उत्पादों और किसानों को अब सीधे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ेंगे, जिसके जरिए उनकी आय में वृद्धि होगी। सहकारिता से समृद्धि और निर्यात से उन्नति की दिशा में हम प्रयासरत है। मध्यप्रदेश सरकार एवं उनके विभिन्न विभाग के सहयोग और समर्थन से हम आगे बढ़ेंगे।
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष समारोह के अंतर्गत यह आयोजन एनसीईएल और मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला में ‘मध्यप्रदेश के किसानों को निर्यात के लिये सक्षम बनाना’ विषयक संयुक्त उत्पाद संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया।
कार्यशाला में प्रदेश भर से लघु एवं मध्यम स्तर के मिर्च, धनिया, लहसुन आदि मसाला उत्पादक किसान, हस्तशिल्प निर्माता, सहकारी समितियाँ, एफपीओ तथा अन्य उत्पादक समूह ने भाग लिया। विशेषज्ञों द्वारा निर्यात प्रक्रिया, अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्धता जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए गये।
कार्यशाला में प्रबंध संचालक विपणन संघ आलोक कुमार सिंह, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरूषोत्तम सहित सहकारिता एवं कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। अंत में सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक मनोज पुष्प ने आभार माना।
देश में पहली बार तैयार किया जा रहा है री-यूज वॉटर पोर्टल.....(संशोधित)
27 Jun, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय शुक्ला ने कहा है कि भारत में पहली बार री-यूज वॉटर पोर्टल का निर्माण किया जा रहा है, जो प्रदेश में जल संरक्षण और पुन: उपयोग की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिये ज्ञान, संसाधन और इच्छा-शक्ति तीनों का होना आवश्यक है। प्रमुख सचिव शुक्ला शुक्रवार को इंदौर में दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला और जल संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि नगरीय सेवाओं में कार्य करना एक चुनौती है, जिसमें समर्पण के साथ तकनीकी और प्रशासनिक दक्षता की आवश्यकता होती है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि इंदौर की कार्यशाला में प्राप्त निष्कर्षों का क्रियान्वयन इंदौर के साथ-साथ प्रदेश के अन्य नगरीय क्षेत्रों में श्रेष्ठ नवाचार के रूप में पहचाना जायेगा। आयुक्त नगरीय विकास एवं प्रशासन संकेत भोंडवे ने बताया कि जल प्रबंधन के लिये 3 सिद्धांत री-यूज, रीड्यूज और री-साइकल पर आधारित रणनीति अपनायी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में अपना नाम देशभर में स्वच्छता के श्रेष्ठ मॉडल के रूप में स्थापित किया है, उसी तरह इस कार्यशाला के विचार-विमर्श के बाद नवाचार के माध्यम से इंदौर उपयोगित जल प्रबंधन पर अन्य शहरों के लिये अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करेगा। उन्होंने प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में जल गंगा संवर्धन अभियान में किये गये कार्यों की जानकारी दी।
कार्यक्रम को कलेक्टर इंदौर आशीष सिंह और नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने भी संबोधित किया। तकनीकी सत्र में सीएसआईएस के डॉ. राजेश बीनीवाले, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के डॉ. शैलेश खरकवाल, आईआईटी रुड़की के प्रो. संजेश प्रजापति, प्रो. राजेश गुप्ता और सीएसई की चक्रवर्ती ने उपयोगित जल के उचित प्रबंधन के संबंध में विचार व्यक्त किये।
इन बिन्दुओं पर हुई चर्चा
कार्यशाला में घरेलू अपशिष्ट जल से जुड़ी अर्थव्यवस्था, जल शोधन की कम लागत वाली तकनीक, पुन: उपयोग जल के मानक, राज्य की जल नीति, नाला टेपिंग, एसटीपी और पीपीपी मॉडल पर बिन्दुवार चर्चा हुई।
जनसेवा ही हमारा परम कर्तव्य जनहित सर्वोपरि है : राज्यमंत्री गौर
27 Jun, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि जनसेवा ही हमारा परम कर्तव्य है और जनहित सर्वोपरि है। राज्यमंत्री गौर शुक्रवार को गोविंदपुरा क्षेत्र के वार्ड-60 में जनसंपर्क कर क्षेत्रवासियों से उनकी समस्याएं सुन कर समस्याओं का निराकरण कर रही थी। गौर ने कहा कि जन आकांक्षाओं के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करते हुए विकास कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
राज्यमंत्री गौर ने प्रगति नगर में रहवासियों की नाली निर्माण की मांग को प्राथमिकता से करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने वार्ड-60 के अंतर्गत अवंतिका एवेन्यू सेक्टर-सी में जल निकासी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए नाले की सफाई और मरम्मत कार्य के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। युगान्दर कॉलोनी में रहवासियों द्वारा कॉलोनी में पानी निकासी न होने की समस्या से अवगत कराए जाने पर, तत्काल प्रभाव से अधिकारियों को पुरानी सीवेज की समुचित सफाई के निर्देश दिए।वर्धमान ग्रीन वैली एक्सटेंशन एवं बीडीए कॉलोनी के रहवासियों से भेंट कर क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं पर चर्चा की। कॉलोनी के नगर निगम को हस्तांतरित होने के बावजूद आवश्यक विकास कार्यों में हो रही देर पर इसे जल्द कराने के लिए कहा। पार्षद वी शक्ति राव, सुरेंद्र धोटे, शिवलाल मकोरिया, विनोद चौकसे, राकेश मालवीय, मलखान सिंह, नवीन गुर्जर, रुपेश पाटिल, गणेश राम नागर, किशन बंजारे, संजय शिवनानी सहित सैकड़ों की संख्या में रहवासी, अधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश में 9 साल बाद बड़ी सौगात: 50 हजार कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन
27 Jun, 2025 10:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारी अधिकारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ होने के साथ ही पुलिस मुख्यालय में प्रमोशन की तैयारियां शुरू हो गई हैं. पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की 7 दिन में सीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं. उधर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने निर्देश दिए हैं कि, सभी कर्मचारी अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली समयसीमा में लिखें. साथ ही विभागीय पदोन्नत समिति की बैठक कर 31 जुलाई तक पदोन्नति दे दें.
7 दिन का मिला अल्टीमेटम
मध्य प्रदेश में पदोन्नति नीति 2025 जारी हो गई है. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने भी इसके संबंध में निर्देश जारी कर दिया है. इसके बाद अब सभी विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू होनी है. उधर पुलिस विभाग ने पदोन्नति को देखते हुए सबसे पहले सभी कर्मचारी-अधिकारियों की एसीआर दुरूस्त करना शुरू कर दी है, ताकि एसीआर के अभाव में किसी कर्मचारी अधिकारी का प्रमोशन न अटके.
स्पेशल डीजी आदर्श कटियार ने इसको लेकर सभी जिलों के एसपी और सभी पुलिस इकाईयों के प्रमुख को निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि है, ''सभी पुलिस अधीक्षक और अलग-अलग इकाइयों के प्रमुख अगले 7 दिन में सभी कर्मचारी अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय चरित्रावली तैयार कर लें.''
50 हजार कर्मचारियों को मिलेगी पदोन्नति
उधर, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने हाईलेवल बैठक कर प्रमोशन की प्रक्रिया को तेज गति से निपटाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों को प्रमोशन के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया है. इस दौरान सभी विभाग एसीआर तैयार कर लें और विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक कर प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी कर लें. ताकि कर्मचारियां को प्रमोशन के लिए और ज्यादा इंतजार न करना पड़े.
बताया जा रहा है कि जुलाई के आखिर तक करीबन 50 हजार कर्मचारियां को पदोन्नति का लाभ मिलेगा. बता दें कि पिछले 9 सालों से मध्य प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नति का रास्ता देख रहे थे. इस दौरान हजारों कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही रिटायर्ड हो गए. लेकिन अब जुलाई के अंत में कर्मचारियों को मोहन यादव सरकार बड़ी राहत देने जा रही है.
मध्यप्रदेश में प्रमोशन के रूल्स
मध्य प्रदेश में पदोन्नति के लिए खाली पदों को एससी (16 प्रतिशत), एसटी (20 प्रतिशत) और अनारक्षित में बांटा जाएगा. क्लास-1 अधिकारी के लिए लिस्ट मेरिट कम सीनियोरिटी के आधार पर, जबकि क्लास-2 और नीचे के पदों के लिए सीनियोरिटी कम मेरिट के आधार पर दावेदारों की सूची बनेगी.
पूर्व में प्रमोशन पा चुके कर्मचारियों को रिवर्ट नहीं किया जाएगा, न रिटायर्ड कर्मचारियों को लाभ मिलेगा. वहीं, पदोन्नति से भरे जाने वाले हर संवर्ग के पद अलग से तय होंगे. डीपीसी में एससी-एसटी वर्ग का एक-एक अधिकारी शामिल होगा. सीआर उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में पदोन्नति नहीं मिलेगी. पदोन्नति के लिए हर साल सितंबर से लेकर नवंबर के बीच डीपीसी (Departmental Promotion Committee) की बैठक की जाएगी.
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