मध्य प्रदेश
रेलवे ने 1 जुलाई 2025 से यात्री रेल सेवाओं के लिए मूल किराया तर्कसंगत बनाया
30 Jun, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। साधारण श्रेणी में 500 किलोमीटर तक कोई वृद्धि नहीं; 501 से 1500 किलोमीटर की दूरी के लिए 5 रुपये और 2500 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 10 रुपये तथा 2501 से 3000 किलोमीटर की दूरी के लिए 15 रुपये की वृद्धि
किराया ढांचे को सुव्यवस्थित करने और यात्री सेवाओं की वित्तीय स्थिरता को बढ़ाने के उद्देश्य से, रेल मंत्रालय ने 01 जुलाई 2025 से प्रभावी, यात्री ट्रेन सेवाओं के मूल किराए को युक्तिसंगत बनाया है। संशोधित किराए भारतीय रेलवे सम्मेलन संघ (आईआरसीए) द्वारा जारी अद्यतन यात्री किराया तालिका पर आधारित हैं।
किराया युक्तिकरण की मुख्य विशेषताएं (1 जुलाई 2025 से प्रभावी):
उपनगरीय एकल यात्रा किराए और सीज़न टिकटों (उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों मार्गों के लिए) में कोई बदलाव नहीं।
साधारण गैर-एसी क्लास (गैर-उपनगरीय रेलगाड़ियाँ) के लिए:
द्वितीय श्रेणी: प्रति किलोमीटर आधा पैसा बढ़ाया गया, बशर्ते कि
500 किलोमीटर तक कोई वृद्धि न हो
501 से 1500 किलोमीटर की दूरी के लिए 5 रुपये की वृद्धि
1501 से 2500 किलोमीटर की दूरी के लिए 10 रुपये की वृद्धि
2501 से 3000 किलोमीटर की दूरी के लिए 15 रुपये की वृद्धि
स्लीपर श्रेणी: प्रति किलोमीटर 0.5 पैसे की वृद्धि
प्रथम श्रेणी: प्रति किलोमीटर 0.5 पैसे की वृद्धि
मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों (गैर-एसी) के लिए:
द्वितीय श्रेणी: 01 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि
स्लीपर श्रेणी: 01 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि
प्रथम श्रेणी: 01 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि
एसी क्लास (मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें) के लिए:
एसी चेयर कार, एसी 3-टियर/3-इकोनॉमी, एसी 2-टियर और एसी फर्स्ट/एग्जीक्यूटिव क्लास/एग्जीक्यूटिव अनुभूति: 02 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी
किराए में संशोधन राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, तेजस, हमसफर, अमृत भारत, महामना, गतिमान, अंत्योदय, जन शताब्दी, युवा एक्सप्रेस, एसी विस्टाडोम कोच, अनुभूति कोच और साधारण गैर-उपनगरीय सेवाओं जैसी प्रीमियर और विशेष ट्रेन सेवाओं पर भी लागू होता है, जो संशोधित श्रेणी-वार किराया संरचना के अनुसार है।
सहायक शुल्कों में कोई बदलाव नहीं:
आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट अधिभार और अन्य शुल्क अपरिवर्तित रहेंगे।
जीएसटी लागू नियमों के अनुसार लगाया जाता रहेगा।
किराया राउंडिंग सिद्धांत मौजूदा मानदंडों के अनुसार बने रहेंगे।
कार्यान्वयन
संशोधित किराया 01.07.2025 को या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर लागू होगा। इस तिथि से पहले जारी किए गए टिकट बिना किसी किराया समायोजन के मौजूदा किराए पर वैध रहेंगे। पीआरएस, यूटीएस और मैनुअल टिकटिंग सिस्टम को तदनुसार अपडेट किया जा रहा है।
रेल मंत्रालय ने संशोधित किराया संरचना के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सभी क्षेत्रीय रेलवे को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। क्षेत्रीय रेलवे को सभी स्टेशनों पर किराया डिस्प्ले अपडेट करने का भी निर्देश दिया गया है।
रेलवे ट्रैक बना राह, बाइक और पैदल चल पड़े लोग; जरा सी चूक बन सकती थी मौत का कारण
30 Jun, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्योपुर। श्योपुर जिले में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सैकड़ों लोग अपनी बाइकें रेलवे ट्रैक पर चलते हुए नजर आ रहे हैं। यह मामला चंबल नदी के ऊपर बने रेलवे ट्रैक का है, जहां लोगों ने अपनी बाइकें निकालकर जोखिम भरा सफर तय किया। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहां सड़क मार्ग बेहद खराब स्थिति में है। लोगों के पास कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है, जिस कारण लोगों को मजबूरीवश रेल पटरी का सहारा लेना पड़ा।
वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि लोग पुल के ऊपर बाइकें चला रहे हैं। यह वीडियो श्येापुर-माधोपुर हाइवे में सलापुरा पुलिया के आसपास का बताया जा रहा है। ऐसी स्थिति में जरा सी चूक भी बड़े हादसे को जन्म दे सकती थी। गनीमत रही कि इस दौरान कोई ट्रेन नहीं आई, वरना बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल से होकर निकलना उनकी मजबूरी है, क्योंकि सड़क मार्ग जर्जर है और पुल पार करने का कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है।
अब सवाल यह उठता है कि ऐसी स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है? रेलवे ट्रैक केवल ट्रेनों के आवागमन के लिए होता है। आम लोगों और वाहनों की आवाजाही न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह जानलेवा भी है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द वैकल्पिक सड़क मार्ग बनाया जाए या पुराने रास्ते की मरम्मत की जाए, ताकि उन्हें ऐसे खतरनाक रास्तों का सहारा न लेना पड़े। वहीं, प्रशासनिक अमला और रेलवे विभाग अब तक इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। यदि कोई हादसा होता, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता- इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।
लापरवाह अधिकारियों पर होगी सख्त कार्यवाही: राज्यमंत्री गौर
30 Jun, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि समय पर काम नहीं करने वाले लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही होगी। राज्यमंत्री गौर सोमवार को गोविंदपुरा क्षेत्र के वार्ड 66 में जनसंपर्क के दौरान जनता की समस्याओं को सुन रही थी। उन्होंने गोविंदपुरा क्षेत्र में जे.के. रोड स्थित गोयल अपार्टमेंट क्षेत्र के रहवासियों द्वारा नाली सफाई, जर्जर सर्विस रोड और रात्रि के समय अंधेरे के कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए निर्देश दिए।
राज्यमंत्री गौर ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इंद्रपुरी -ए- सेक्टर में जनसंपर्क के दौरान पार्क की स्वच्छता, घास की कटाई एवं सौंदर्यीकरण के लिये आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही नाली में जमा कचरे की शीघ्र सफाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। छत्तीसगढ़ लेबर कॉलोनी का निरीक्षण कर रहवासियों से संवाद किया। स्थानीय समस्याओं विशेषकर नाली सफाई, नाली निर्माण और सीवेज लाइन से संबंधित प्रकरणों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
छत्रसाल नगर फेस- 1 के रहवासियों ने बताया कि आसपास की कॉलोनियों में जल भराव हो जाता है। सड़के जर्जर हो चुकी हैं, पेयजल की भी समस्या है। राज्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सड़क बनाने और पानी की टंकी का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। रविदास नगर के पार्क में पौधरोपण किया और रहवासियों की मांग पर गणेश उत्सव के पहले शेड निर्माण, पेपर ब्लॉक व फ्लोरिंग कार्य कराए जाने के लिये निर्देश दिए। साथी ही नर्मदा जल के लिए बल्क कनेक्शन दिए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। भारत नगर में जर्जर हो गई सड़कों के निर्माण, पार्क की बाउंड्री वॉल और सौंदर्यकरण के निर्देश दिए। नैनागिरी आजाद पार्क में नाले पर से अतिक्रमण हटाने और नाले की सफाई के निर्देश दिए। बार-बार बिजली जाने और वोल्टेज कम होने की शिकायत को दूर करने अधिकारियों को निर्देशित किया। छत्रसाल नगर फेज -2 में शहीद मनोज सोनी स्मृति पार्क के सौंदर्यकरण, हाईमास्ट लगाने और पेड़ों की छटाई के निर्देश दिए। कॉलोनियों की नालियां चौक हो गई है, उन्हें साफ करने, सीवेज लाइन की मरम्मत और जर्जर सड़कों को बनाने के निर्देश भी दिए। कर्मवीर नगर पार्क में नवनिर्मित कम्युनिटी हॉल का निरीक्षण कर अधूरे कार्य को जल्द पूरा करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान पार्षद शिरोमणि शर्मा, उर्मिला मोर्य, लवकुश यादव, सुभाष पगारे, भीकम सिंह बघेल, राकेश राजपूत, छोटू पंडित और अधिकारी मौजूद रहे।
अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश की भागीदारी और उपलब्धियां बढ़ाना राज्य सरकार का लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
30 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश की भागीदारी और उपलब्धियां बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग दे रही है। वर्ष 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक सहित सभी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और बड़ी संख्या में पदक लाएं, इस लक्ष्य के साथ प्रदेश में खेल गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। राज्य सरकार प्रदेश में खेल अधोसंरचना विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण के साथ-साथ अन्य सहायता व प्रोत्साहन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। राज्य शासन मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ की जबलपुर में आयोजित वार्षिक बैठक को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय वर्चुअली शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवक कल्याण मनु श्रीवास्तव इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ वर्ष 1952 से अर्थात् 73 साल से खेल के क्षेत्र में लगातार कार्यरत है। मध्यप्रदेश का 38वें राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड में प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा और प्रदेश ने पहली बार तीसरा स्थान प्राप्त किया। मध्यप्रदेश में खेलों का इंफ्रास्ट्रक्चर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में 22 से ज्यादा हॉकी के एस्ट्रोटर्फ हैं और 15 एथलेटिक ट्रैक हैं, जो कि देश में किसी भी प्रदेश में नहीं है। मध्यप्रदेश में 18 एक्सीलेंस एकेडमी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओलंपिक संघ के सभी पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। जबलपुर में हुई बैठक में मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।
नर्सिंग संवर्ग के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
30 Jun, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि नर्सिंग संवर्ग के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन कर कर्मचारी चयन मण्डल को त्वरित रूप से मांग पत्र प्रेषित किए जाएं। फार्मासिस्ट ग्रेड-2, नेत्र सहायक तथा ओ.टी. टेक्नीशियन के पदों की पूर्ति के लिये भी भर्ती प्रक्रिया शीघ्र आरंभ करने के भी निर्देश दिए गए। मेडिकल कॉलेजों में आउटसोर्स से नियुक्ति संबंधी वर्तमान व्यवस्था में केवल अकुशल पदों की स्वीकृति है, जबकि विभागीय समिति द्वारा कुशल पदों की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है। इस विषय में व्यावहारिक आवश्यकताओं के दृष्टिगत प्रस्ताव तैयार कर केबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिससे उच्च स्तरीय सेवाओं का विधिवत एवं गुणवत्तापूर्ण प्रदाय सुनिश्चित हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में विभागीय योजनाओं, भर्ती प्रक्रिया, अधोसंरचना विकास, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता की वृहद समीक्षा कर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बंधपत्रधारी चिकित्सकों की बेहतर उपयोगिता के लिए ओरिएंटेशन के निर्देश
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग की स्थापना के लिये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे हृदय रोगों विशेष रूप से बायपास सर्जरी की सुविधा ग्वालियर संभाग में सुलभ हो सके। इसी प्रकार इंदौर मेडिकल कॉलेज में नवजात एवं बाल चिकित्सा (पीडियाट्रिक्स/नियोनेटोलॉजी) विभाग की स्थापना की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पूर्व की निवेश नीति के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिये। बंधपत्रधारी चिकित्सकों की जिला स्तर पर कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की उपस्थिति में अभिमुखीकरण (ओरिएंटेशन) करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को सेवा की महत्ता, दायित्व एवं प्रभावी संचालन के लिए प्रेरित करना और ज़िम्मेदारियों से अवगत होना आवश्यक है जिससे उनकी उपयोगिता को बेहतर बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके।
फार्मेसी काउंसिल में पंजीयन एवं नियामक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने के दिए निर्देश
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एचआरपी (हाई रिस्क प्रेगनेंसी) केंद्रों पर धात्री महिलाओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही कक्ष में उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिससे उनकी देखभाल सहज, सुरक्षित और समेकित रूप में संभव हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने फार्मेसी काउंसिल में पंजीयन एवं नियामक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में आवश्यक परिवर्तन की कार्यवाही की समीक्षा की और शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत 600 आयुष मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति की प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला अस्पतालों में फोरेंसिक विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे कानूनी प्रकरणों एवं पोस्टमार्टम संबंधी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
मेडिकल कॉलेजों में ऑन्को सर्जरी विभाग की स्थापना के निर्देश
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आउटसोर्स मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब की स्थापना के लिए दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (पीएम-अभीम) अंतर्गत स्वीकृत राशि का उपयोग वर्ष 2026 तक पूर्ण रूप से सुनिश्चित किए जाने के लिए समयबद्ध योजना तैयार कर आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रदेश के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में ऑन्को सर्जरी विभाग की स्थापना के लिए कार्य योजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। जिससे प्रदेश के हर क्षेत्र में कैंसर रोगियों को उत्कृष्ट उपचार सुविधा मिल सके। बैठक में प्रमुख सचिव संदीप यादव एवं आयुक्त तरुण राठी उपस्थित रहे।
पर्यटकों के लिए मॉन्यूमेंट गुरु है 'गाइड'- प्रमुख सचिव शुक्ला
30 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा है कि पर्यटन स्थलों पर गाइड पर्यटकों के 'मॉन्यूमेंट गुरु' होते हैं। पर्यटन स्थल के बारे में जितनी जानकारी गाइड देते हैं उतना ही पर्यटक जान पाते हैं। इसलिए गाइड द्वारा किया पर्यटकों को प्रामाणिक और शोध की गई जानकारी दी जानी आवश्यक है। प्रमुख सचिव शुक्ला आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में गाइड उन्मुखीकरण और कौशल विकास कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। प्रमुख सचिव शुक्ला ने गाइड्स को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि टूरिस्ट गाइड रेटिंग सिस्टम (RGTS) के अंतर्गत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आने वाले गाइड को आगामी वर्ष से पुरस्कार स्वरूप क्रमश: 2 लाख रुपये, 1 लाख रुपये एवं 50 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
प्रमुख सचिव शुक्ला ने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए गाइड विभिन्न भाषाओं का ज्ञान प्राप्त करें और मधुर व्यवहार रखें। प्रेरक के रूप में कार्य करते हुए पर्यटकों को स्वच्छता के लिए प्रेरित भी करें। पर्यटन स्थल की जानकारी के साथ प्रदेश की उपलब्धियों और विशेषताओं की जानकारी दें। आसपास के पर्यटन स्थलों से पर्यटकों को अवगत कराएं। इससे मध्यप्रदेश के प्रति पर्यटकों में रुचि बढ़ेगी और वह फिर से पर्यटन के लिए मध्यप्रदेश आयेंगे। सभी गाइड किसी भी पर्यटक के लिए केयर टेकर की भूमिका निभाएं, इससे निश्चित ही पर्यटक सुखद और अविस्मरणीय अनुभव अपने साथ ले जाएंगे। प्रमुख सचिव शुक्ला ने बताया कि आगामी समय में गाइड की संख्या में वृद्धि किए जाने के साथ गाइड को दी जाने वाली सुविधाओं में वृद्धि की जायेगी। साथ ही उनके कौशल को निखारने के लिए तकनीक आधारित वर्कशॉप और ऑनलाइन सेशन लिए जायेगे।
अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड सुबिदिशा मुखर्जी ने कहा कि गाइड्स, पर्यटन विभाग और पर्यटकों के बीच ब्रिज के रूप में कार्य करते हैं। वे ही प्रदेश और देश के गौरवशाली इतिहास को पर्यटकों से साझा करते हैं। उनकी कुशलता से ही आगंतुकों को हमारी समृद्ध परंपराओं और संस्कृति का ज्ञान होता है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में 72 गाइड अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जल्द ही 313 पदों पर गाइड की भर्ती शुरू की जाएगी। सुमुखर्जी ने कहा कि गाइड्स की दक्षता को बढ़ाने के लिए आगे भी कार्यशालाएं आयोजित जाएगी। गाइड्स को अलग–अलग भाषाओं के ज्ञान के साथ ही तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा हैं।
आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के रीजनल डायरेक्टर भुवन विक्रम सिंह ने कहा कि गाइड्स स्थानीय संस्कृति के परिचायक हैं। वे पर्यटकों के दिग्दर्शक हैं, जो उनकी यात्रा को अविस्मरणीय बनाते हैं। भारतीय संस्कृति से विश्व भर के पर्यटकों को अवगत कराते हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कार्यरत लाइसेंसधारी राज्य स्तरीय एवं स्थानीय गाइड्स के प्रशिक्षण, कार्यकुशलता में वृद्धि एवं व्यवहारिक दक्षता को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, राज्य पुरातत्व संग्रहालय एवं अभिलेखागार भोपाल, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, IITTM ग्वालियर एवं विषय विशेषज्ञों के सहयोग से किया जा रहा है। इस दौरान विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों में पर्यटन स्थलों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, प्रस्तुतिकरण कौशल, नई तकनीक, पर्यटकों के साथ संवाद शैली तथा पर्यटन संबंधी विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर टूरिस्ट गाइड रेटिंग सिस्टम (RGTS) से चयनित गाइड्स ओरछा से शशि भूषण सिंह-प्रथम, सांची से सुरेंद्र सिंह भदौरिया–द्वितीय और खजुराहो से राजेश अवस्थी–तृतीय को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भोपाल मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद् मनोज कुर्मी उपस्थित थे।
हैरिटेज वॉक में ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण
कार्यक्रम के दूसरे दिन 1 जुलाई, मंगलवार को सुबह 7 बजे से हैरिटेज वॉक का आयोजन भी किया जाएगा। कमला पार्क से सदर मंजिल तक आयोजित होने वाली इस हैरिटेज वॉक में गाइड्स को ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर उनकी विरासत, सांस्कृतिक महत्व एवं स्थानीय कहानियों को व्यावहारिक रूप में समझने का अवसर मिलेगा। इस कार्यशाला से गाइड्स को अपने ज्ञान व कौशल में नवाचार करने का मंच मिलेगा, जिससे वे पर्यटकों को और अधिक रोचक, तथ्यपरक एवं प्रभावी जानकारी प्रदान कर सकेंगे।
पीएम-अभीम सहित 15वें वित्त आयोग के कार्यों को समय सीमा में करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
30 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों की नियमित और समयबद्ध मॉनिटरिंग की जाये और उपलब्ध बजट का पूर्णतः पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों के लिए बजट की कमी नहीं होने देगी, आवश्यकता इस बात की है कि मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार समयसीमा में हो। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में विभागीय अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभीम) एवं 15वें वित्त आयोग अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की एजेंसी-वार गहन समीक्षा की।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सिंगरौली एवं बुधनी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी कार्य में प्रशासनिक अथवा तकनीकी अड़चनें हैं, तो उन्हें शीघ्र निराकृत किया जाए। उन्होंने मैहर एवं मऊगंज जिला चिकित्सालयों की विस्तार योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली और कहा कि जनहित की इन योजनाओं में समय पर गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण हो।
टीबी मुक्त भारत अभियान में भागीदारी का किया आह्वान
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विधायकों, सांसदों, जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, औद्योगिक समूहों, स्वयंसेवी संगठनों एवं समाजसेवियों से "निक्षय मित्र" के रूप में जुड़ने की अपील की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि टीबी से ग्रसित मरीजों के उपचार एवं पोषण में सहयोग देने के लिए ‘निक्षय मित्र’ बनकर समाज का हर व्यक्ति समाज के प्रति संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का निर्वहन कर सकता है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि पीड़ित मानवता की सेवा का माध्यम है।
हर माह 9 और 25 तारीख को महिलाओं की जांच की विशेष व्यवस्था की जाए
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी महिलाओं की देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर माह की 9 और 25 तारीख को चिन्हित महिलाओं की जांच की विशेष व्यवस्था की जाए ताकि कोई भी गर्भवती महिला उचित सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने जिला एवं ब्लॉक स्तर पर सघन निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि जिला कलेक्टर्स एवं सीएमएचओ को भी इसमें प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी करनी चाहिए।
आशा सुपरवाइजर को प्रोत्साहन राशि शीघ्र करायें उपलब्ध
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि मंत्रिपरिषद के निर्णयानुसार आशा सुपरवाइजरों को शीघ्र प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं के अंतिम छोर तक पहुंच में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है, ऐसे में उनकी प्रेरणा और प्रोत्साहन अनिवार्य है। संचालक प्रोजेक्ट नीरज सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक डॉ. सलोनी सिडाना भी इस मौके पर उपस्थित थे।
सीवेज मेंटेनेंस घोटालाः PHE के इंजिनियर ने बगैर तकनीकी स्वीकृति कर दी 14.79 करोड़ का पेमेंट
30 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य यंत्रकी (PHE) विभाग राजधानी परियोजना खंड 2 भोपाल में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 सीवेज मेंटेनेंस में बगैर तकनीकी स्वीकृति लिए कार्यपालन यंत्री बृजराज सेंगर ने 14.79 करोड़ का भुगतान कर दिया। जबकि भुगतान से पहले विभाग के सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति लेना अनिवार्य होता है, लेकिन सेंगर ने इसे उचित नहीं समझा। खास बात यह है कि प्रमुख अभियंता से इसकी शिकायत विभाग के ही अधीक्षण यंत्री सुनील कुमार चतुर्वेदी ने की है। उन्होंने अपने शिकायत में कहा है कि हमने पिछले 5 साल में किए गए सीवेज मेंटेनेंस के कार्य की तकनीकी स्वीकृत जानकारी मांगी थी, जिसमें कार्यपालन यंत्री बृजराज सेंगर ने 2024- 25 के समय किए गए काम की जानकारी नहीं दी। जांच में पता चला कि इस काम की तकनीकी अनुमति नहीं ली गई थी। इससे साबित होता है कि इसमें बड़ा गड़बड़ झाला किया गया है। अधीक्षण यंत्री ने मांग की है कि बृजराज सेंगर की जांच करवा कर उनको पद से हटाया जाए।
जाने क्या है नियम
कार्य विभाग के मैन्युअल की धारा 2004, 2005 एवं 2006 के प्रावधान के अनुसार कार्यपालन यंत्री के द्वारा भुगतान के पहले यह सुनिश्चित किया जाता हैं कि संबंधित कार्य की सक्षम अधिकारी द्वारा तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई हैं। लेकिन बृजराज सेंगर ने बगैर सुकृति लिए पेमेंट कर दिया जो कि नियम का उल्लंघन है।
यह है शिकायत
मुख्य अभियंता को किए गए शिकायत में लिखा गया है कि कार्यपालन यंत्री के द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में सक्षम अधिकारी की तकनीकी स्वीकृति के बिना ही 14.79 करोड़ का व्यय कर दिया गया जोकि कार्य विभाग के मैन्युअल के प्रावधानों का उल्लघंन हैं, जो कि गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता हैं। सम्पूर्ण वर्ष में इनके द्वारा लापरवाही की गई हैं। भुगतान के पूर्व इन्होने सक्षम अधिकारी की स्वीकृत की जांच नही की एवं न ही इनके द्वारा सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने की किसी भी तरह की कोई कार्यवाही की हैं।
नियम का किया उल्लंघन
अधीक्षण यंत्री सुनील कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि राजधानी परियोजना भोपाल खंड 2 में पदस्थ प्रभारी कार्यपालक यंत्री बृजराज सेंगर 2024-25 में सीवेज मेंटेनेंस कार्य की तकनीकी स्वीकृति नहीं ली है। इसलिए हमने प्रमुख अभियंता को पत्र लिखकर इनकी जांच और इन्हें निलंबित करने की मांग की है। इन्होंने नियम का उल्लंघन किया है।
मामले की कर रहे हैं जांच
पीएचई के मुख्य अभियंता आरके हिरोड़िया ने बताया कि हमारे पास शिकायत आई है। हम जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही क्या कार्रवाई होगी इस पर जवाब दे पाएंगे। अगर जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले में बृजराज सेंगर से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और ना ही टैक्स मैसेज का जवाब दिया।
म.प्र. में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जन-भागीदारी से जल गंगा संवर्धन अभियान बना जन-आंदोलन : प्रधानमंत्री मोदी
30 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी टीम के जल संवर्धन और संचयन के कार्यों से जल गंगा संवर्धन अभियान को जन-आंदोलन बनते देखना सुखद अनुभूति है। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के लाखों लोगों के परिश्रम, समर्पण और आस्था से संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन अवसर पर प्रेषित अपने संदेश में प्रदेशवासियों, विशेषत: जलदूतों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं और किसानों को शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पानी की एक-एक बूँद बचाने के लिये 90 दिन तक चले जल गंगा संवर्धन अभियान में जन-भागीदारी से हुए कार्यों को ऐतिहासिक बताते हुए प्रदेशवासियों को उनके योगदान के लिये धन्यवाद दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के लाखों लोगों के परिश्रम, समर्पण और आस्था से संचालित 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के समापन अवसर पर जारी अपने संदेश में यह बात कही। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित प्रदेशवासियों को इस सफलता के लिये बधाई भी दी।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में गुड़ीपड़वा से आरंभ हुए जल गंगा संवर्धन अभियान का सोमवार को खण्डवा में समारोहपूर्वक समापन हुआ। इस दौरान वॉटर शेड सम्मेलन भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में 1568 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास के तहत पंचायतों में हुए 578 करोड़ लागत के 57207 कार्यों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वॉटर-शेड विकास घटक के अंतर्गत प्रदेशभर के 888 जल संरक्षण कार्यों का लोकार्पण और खण्डवा जिले की जावर माइक्रो सिंचाई परियोजना एवं 3 अन्य सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान प्रदेश की जीर्णोद्धार की गई 74 जल संरचनाओं का लोकार्पण भी हुआ। समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भेजे गये संदेश का वाचन पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में आदिकाल से जल की वंदना होती आई है और हमारी संस्कृति में नदियों, कुओं, तालाबों और बावडियों को पूजनीय मानकर उनके संरक्षण की परम्परा रही है। इस विरासत को समृद्ध करते हुए 'जल गंगा संवर्धन अभियान' नदियों को निर्मल, अविरल और सदानीरा बनाने के लिए जन-जागरूकता की दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास रहा है। जन भागीदारी की शक्ति से ऊर्जित यह एक उत्कृष्ट अभियान बना जिसमें मध्यप्रदेश के सामर्थ्यवान व प्रकृति प्रेमी साथियों का योगदान प्रशंसनीय रहा है। जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण में खंडवा की उपलब्धि लोगों को प्रेरित करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पर्यावरण के साथ जुड़ाव और भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ व सुंदर धरा सुनिश्चित करने का हमारा संकल्प जन-जन के भागीरथ प्रयासों से ही संभव हो पाएगा। इस कड़ी में 'वॉटरशेड सम्मेलन' का आयोजन जल संरक्षण के क्षेत्र में विभिन्न हितधारकों के अनुभव साझा करने और हर स्तर पर जल प्रबंधन की रणनीतियों को सशक्त करने का माध्यम बनेगा। 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में तीस हज़ार एकड़ से अधिक भूमि पर फलोद्यान विकसित करने की योजना, मातृभक्ति-पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण को एक साथ जोड़ने की सराहनीय पहल है। यह कार्यक्रम नदियों के किनारे हरियाली बढ़ाने और भू-जल स्तर सुधारने में सहायक सिद्ध होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में विभिन्न योजनाओं और निर्णयों में जल संरक्षण से जुड़े पहलुओं को अभूतपूर्व प्राथमिकता दी गई है। नमामि गंगे मिशन हो, केन-बेतवा लिंक परियोजना हो या नर्मदा-क्षिप्रा पुनर्जीवन की पहल, हम जल संरक्षण व पर्यावरण को सुरक्षित करने के लिए कृतसंकल्पित हैं। जल संरक्षण आज हमारी सामाजिक और आर्थिक जरूरत भी है, क्योंकि जल संरक्षित रहेगा तो हमारे किसान खुशहाल रहेंगे, उद्योग चलेंगे और सभी प्राणियों का जीवन सुरक्षित रहेगा। अमृतकाल में एक भव्य व विकसित भारत के निर्माण की ओर अग्रसर हमारे प्रयासों को देश की सामूहिकता की शक्ति एक नई ऊंचाई देगी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि वर्षा ऋतु में जल संरक्षण व वृक्षारोपण के लिए देशवासियों के प्रयास देश की उन्नति में सहायक होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी आधुनिक युग के भागीरथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश को एक नहीं, तीन राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात दी है, जो भविष्य में देश-प्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन की नई दिशा तय करेंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को वर्तमान युग का भागीरथ बताया। उनके नेतृत्व और दृष्टि ने जल संरक्षण को राष्ट्रीय चेतना में बदल दिया है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में गुड़ी पड़वा 30 मार्च से 30 जून तक सभी जिलों में जल स्रोतों के संरक्षण के लिए नवाचार किए गए। अभियान में मनरेगा योजना के अंतर्गत खेत तालाब, अमृत सरोवर और कूप रिचार्ज पिट का निर्माण एवं जल संरचाओं का जीर्णोद्धार किया गया। जल स्त्रोतों के संरक्षण में 2 लाख 39 हजार जलदूतों का सहयोग मिला, वे जल संवर्धन के संवाहक बने हैं। कुल 38 हजार नए खेत तालाब बनाए गए हैं। अकेले खंडवा जिले में 254 करोड़ की लागत से 1 लाख से अधिक कुएं रिचार्ज किए गए। इसके लिए खंडवा को देश में प्रथम स्थान मिला है। आज इंदौर संभाग स्वच्छता और जल संरक्षण में नंबर-एक है। प्रदेशभर में 70 हजार कुओं, बावड़ियों, नदियों और तालाबों का संरक्षण किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 57 से ज्यादा नदियों में मिलने वाले 140 बड़े नालों को चिह्नित किया गया है। प्रदेश के 36 जिलों में 91 वाटर-शेड परियोजनाएं विकसित हो चुकी हैं। खेतों की सिंचाई के लिए 9 हजार जल रचनाएं तैयार की गई हैं। आज 1568 करोड़ के लोकार्पण और भूमि-पूजन किए गए हैं। खंडवा में 4 सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। विभिन्न कार्यों की वजह से निमाड़ के अधिकतम तापमान में 4 डिग्री की कमी आई है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है। बुंदेलखंड को केन-बेतवा लिंक नदी जोड़ो परियोजना, मालवा-चंबल क्षेत्र को पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) और निमाड़ को तापी मेगा रिचार्ज परियोजना का लाभ मिलेगा। आगामी वर्षों में प्रदेश का सिंचाई क्षेत्र 55 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करेंगे।
एक बगिया मां के नाम से संचालित होता रहेगा अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से जल गंगा संरक्षण अभियान नए रूप में शुरू होगा। प्रदेशभर में एक पेड़ मां के नाम का शुभारंभ हुआ है। उद्यानिकी विभाग के सहयोग से 30 जून से 15 अगस्त तक शासकीय भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा। इसके बाद 15 अगस्त से 15 सितंबर तक निजी भूमि पर पौधारोपण कार्य होगा। प्रदेशवासियों को हरियाली विकसित करने और बागवानी के लिए प्रोस्ताहित करने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने नई योजना तैयार की है, जिसके अंतर्गत प्रदेश की 30 हजार महिलाओं को एक एकड़ जमीन पर फलदार पेड़ लगाकर बगिया विकसित करने के लिए 3 लाख रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि पौधारोपण, फेंसिंग, सिंचाई सुविधा सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए हर वर्ष 3 चरण में दी जाएगी। इस प्रकार आगामी 3 वर्ष में प्रदेश की 30 हजार एकड़ जमीन पर एक बगिया मां के नाम तैयार होंगी। इस अभियान में राज्य सरकार पर कुल 900 करोड़ रुपए का व्यय भार आएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। यहां से लगभग 300 नदियां निकलती हैं। प्रदेश से निकली ये नदियां अन्य पड़ौसी राज्यों को भी जीवन देती हैं। नर्मदा, चंबल, सोन, ताप्ती जैसी नदियां दूसरी नदियों और समुद्र को समृद्ध करती हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नदियों के घाटों का जीर्णोद्धार किया गया। नर्मदा देश की एक मात्र नदी है, जिसकी परिक्रमा की जाती है। बड़े दादा गुरु ने करीब 100 साल पहले शरीर छोड़ दिया था। नर्मदांचल सहित मालवा के लोग उन्हें नमन करते हैं। वे पूर्ण रूप से जल पीकर ही जीवन यापन करते थे। उन्होंने तीन बार जल के बल पर नर्मदा परिक्रमा की हैं। यह मेडिकल साइंस के लिए एक चुनौती है। साधु-संतों के जीवन को समझना अत्यंत कठिन है। जगदगुरु आदि शंकराचार्य ने अद्वैतवाद का दर्शन दुनिया को दिया था।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 से पहले ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम को उज्जैन के बाबा महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। ओंकारेश्वर तक ट्रेन कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ट्रैक का विस्तार किया जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए जल्द ही हेलीकॉप्टर सेवा की भी शुरुआत होगी। प्रदेश को 18 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत से इन्दौर -मनवाड रेल लाइन की सौगात मिली है।
4 जुलाई को मेधावी विद्यार्थियों को दिए जाएंगे लैपटॉप
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना की पात्र हितग्राहियों को रक्षाबंधन से पहले अतिरिक्त 250 रुपए शगुन के रूप में मिलेंगे। दीपावली के बाद भाई-दूज से लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए दिए जाएंगे। राज्य सरकार संकल्प पूरा करते हुए आगामी चुनाव तक 3000 रुपए बहनों के खातों में भेजेगी। वहां 4 जुलाई को मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी की राशि वितरित की जाएगी। शासकीय स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों को किताब-कॉपी के साथ साइकिलें भी बांटी जा रही हैं। सांदीपनि विद्यालय के रूप में हमारी शिक्षा व्यवस्था को एक अनुपम सौगात मिल रही है। राज्य सरकार धूमधाम से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाएगी, वहां विजयादशमी पर शस्त्र पूजन भी भव्यता के साथ होगा। महेश्वर में लोकमाता के कार्यों का स्मरण करते हुए गत वर्ष शस्त्र पूजन किया गया था। यह आयोजन इस वर्ष भी होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं। प्रदेश के शासकीय अधिकारियों-कर्मचारी की 9 साल से अटकी पदोन्नति की प्रक्रिया को प्रारंभ करने की मंजूरी दी गई है। लगभग 2 लाख नए शासकीय पदों पर भर्ती की संभावना बनेगी। इसी के साथ प्रदेश स्तर पर 1 लाख पदों के लिए नई भर्तियों का अभियान चल रहा है। राज्य सरकार ने सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वालों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की योजना शुरू की है। प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा दी जा रही है।
कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, जनजातीय कार्य विभाग मंत्री कुंवर विजय शाह, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, प्रभारी मंत्री खण्डवा एवं संस्कृति पर्यटन धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेन्द्र लोधी, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह, सांसद खंडवा ज्ञानेश्वर पटेल, बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनीस, संत दादा गुरु सहित क्षेत्र के नगरीय निकायों और पंचायतों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
भोपाल मंडल में गुना-बीना सेक्शन और बीना स्टेशन का एसएजी स्तर की टीम द्वारा संरक्षा ऑडिट निरीक्षण
30 Jun, 2025 08:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भोपाल मंडल में रेल संरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी श्री प्रवीन खोराना के नेतृत्व में एसएजी लेवल सेफ्टी ऑडिट टीम ने गुना-बीना सेक्शन और बीना स्टेशन का गहन संरक्षा निरीक्षण किया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक भोपाल एवं मंडल के सभी वरिष्ठ अधिकारी और निरीक्षक भी उपस्थित रहे और निरीक्षण कार्य में सक्रिय भागीदारी
निभाई।
निरीक्षण के दौरान एसएजी लेवल की टीम ने गुना-बीना सेक्शन पर स्थित इंजीनियरिंग गेट, ट्रैफिक गेट, महत्वपूर्ण पुल, प्वाइंट एवं क्रॉसिंग, कर्व और विभिन्न स्टेशनों तथा यार्डों का गहन निरीक्षण कर संरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की। टीम द्वारा संरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लिया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बीना स्टेशन पर विशेष रूप से गार्ड एवं लोको पायलट लॉबी, रनिंग रूम, दुर्घटना राहत गाड़ी तथा दुर्घटना राहत मेडिकल वैन की व्यवस्था एवं कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया गया। टीम ने उपलब्ध सुविधाओं एवं संरक्षा उपकरणों की स्थिति की जांच करते हुए दुर्घटना से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि पश्चिम मध्य रेलवे संरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देते हुए समय-समय पर इस प्रकार के निरीक्षण कर संरक्षा में निरंतर सुधार सुनिश्चित करता है। इस निरीक्षण के माध्यम से प्राप्त सुझावों को शीघ्र ही अमल में लाया जाएगा ताकि संरक्षा स्तर को और सुदृढ़ बनाया जा सके।
सेवानिवृत्त 53 रेलकर्मियों को दी गई भावभीनी विदाई
30 Jun, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । भोपाल मंडल में आज दिनांक 30 जून 2025 को रेल सेवा से निवृत्त हुए 53 रेल कर्मचारियों को मंडल कार्यालय में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी की अध्यक्षता में सेवानिवृत्त कर्मियों को उनके बहुमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अंतिम निपटान राशि का भुगतान एनईएफटी के माध्यम से किया गया। साथ ही, उन्हें गोल्ड मेडल, पेंशन भुगतान आदेश (आई-पास पोर्टल से), मानार्थ पास, परिचय पत्र एवं उदारीकृत चिकित्सा सुविधा कार्ड भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में अपर मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती रश्मि दिवाकर, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी, सहायक मंडल कार्मिक अधिकारी (कल्याण), सहायक मंडल वित्त प्रबंधक सहित रेलवे यूनियन, संघ एवं एसोसिएशन के पदाधिकारी, ऑल इंडिया रिटायर्ड रेलवेमेन्स फेडरेशन के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। उक्त अवसर पर SBI बैंक एवं PNB बैंक की ओर से सेवानिवृत कर्मचारियों को पेंशन स्कीम के बारे में अवगत कराया गया। भोपाल मंडल अपने समर्पित कर्मचारियों की दीर्घकालिक सेवा को ससम्मान याद रखता है और उनके जीवन के नए चरण के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करता है।
2 जुलाई को मिल सकता है बीजेपी को नया प्रदेश अध्यक्ष
30 Jun, 2025 06:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्यप्रदेश भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की तारीखें तय कर दी हैं। पार्टी की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, 1 जुलाई को नामांकन भरे जाएंगे और जरूरत पड़ी तो 2 जुलाई को मतदान और परिणाम की घोषणा होगी।
मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए औपचारिक चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। पार्टी के संविधान और केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार यह प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। राज्य निर्वाचन अधिकारी विवेक शेजवलकर द्वारा सोमवार को यह अधिसूचना जारी की गई। जारी कार्यक्रम के अनुसार, 1 जुलाई 2025 को शाम 4:30 बजे से 6:30 बजे तक नामांकन पत्र जमा किए जाएंगे। इसके तुरंत बाद, 6:30 बजे से 7:30 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच और 7:30 बजे से 8:00 बजे तक नामांकन वापसी की प्रक्रिया होगी। उसी दिन 8:30 बजे रात को नामांकन पत्रों की अंतिम सूची घोषित की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो 2 जुलाई 2025 को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक मतदान कराया जाएगा और मतदान की समाप्ति के तुरंत बाद दोपहर 2:00 बजे मतगणना एवं परिणामों की घोषणा की जाएगी। संगठन पर्व के राज्य निर्वाचन अधिकारी विवेक नारायण शेजवलकर ने बताया कि आवश्यक होने पर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दो जुलाई को प्रातः 11 बजे से 2 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतों की गिनती के पश्चात दोपहर 2 बजे चुनाव परिणाम की घोषणा की जाएगी। राष्ट्रीय परिषद के 44 सदस्यों की निर्वाचन प्रक्रिया भी पूर्ण की जाएगी।
345 सदस्य करेंगे प्रदेश अध्यक्ष का चयन
भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए पहले ही 345 सदस्यीय प्रदेश परिषद का गठन कर लिया है। दो विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर एक क्लस्टर बनाया गया है, जिसके आधार पर ये सदस्य चुने गए हैं। आरक्षित वर्गों के लिए सीटों के अनुरूप उन्हीं वर्गों से परिषद सदस्य बनाए गए हैं। इसके अलावा महिलाओं और ओबीसी वर्ग को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है। प्रदेश भाजपा में अधिकांश बार अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से हुआ है। अब तक केवल दो बार ही मतदान की नौबत आई - एक बार 1990 में लखीराम अग्रवाल और कैलाश जोशी के बीच, और दूसरी बार 2000 में शिवराज सिंह चौहान और विक्रम वर्मा के बीच, जिसमें वर्मा ने जीत हासिल की थी।
अध्यक्ष पद के लिए आधा दर्जन से ज्यादा दावेदार
प्रदेश अध्यक्ष की रेस में कई वरिष्ठ नेता और सांसद सक्रिय हैं। मौजूदा अध्यक्ष वीडी शर्मा भी फिर से दावेदारी में हैं। इनके अलावा पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला, बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, सांसद सुधीर गुप्ता और अरविंद भदौरिया के नाम चर्चा में हैं।
वर्गीय संतुलन और संभावनाएं
अगर महिला अध्यक्ष की संभावना बनती है तो अर्चना चिटनीस, कविता पाटीदार, लता वानखेड़े और सावित्री ठाकुर जैसे नाम चर्चा में हैं। अनुसूचित जाति वर्ग से अध्यक्ष बनाए जाने की स्थिति में लाल सिंह आर्य और विधायक प्रदीप लारिया को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। भाजपा आदिवासी समाज को साधने के लिए ट्राइबल नेता को अध्यक्ष बना सकती है। इस विकल्प में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, खरगोन सांसद गजेन्द्र पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते और राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं।
मध्य प्रदेश पर अगले 3 दिन भारी, तीन अलग-अलग साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव
30 Jun, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून आने के बाद से तेज बारिश का दौर जारी है. पूरे प्रदेश में जोरदार बारिश हो रही है. रविवार को भी भोपाल-इंदौर समेत 25 से अधिक जिलों में बारिश हुई. प्रदेश के 15 जिलों में आज सुबह से ही हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है. लेकिन मौसम में बन रहे अलग-अलग सिस्टम की वजह से अगले तीन दिनों में मध्य प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है. सोमवार को भी प्रदेश के 3 जिलों में अति से भारी बारिश का आरेंज अलर्ट और 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
2 जून तक मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम
मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी भाग तथा उससे लगे हुए पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों पर लो प्रेशर एरिया बना हुआ है. इससे संबंधित एक साइक्लोन सर्कुलेशन भी ऊपरी हवा में 7.6 किलोमीटर की उंचाई पर बना हुआ है.
वहीं पूर्व-पश्चिमी एक ट्रफ लाइन दक्षिण राजस्थान और गुजरात के ऊपरी हवा में बने साइक्लोन सर्कुलेशन से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए ओडिशा में बने लो प्रेशर एरिया तक फैली हुई है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्यों के आसपास ऊपरी हवा में बन रहे तीन अलग-अलग साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण अगले 2 जून तक प्रदेश में मानसून का सिस्टम स्ट्रांग है.
आज रीवा, कटनी और डिंडौरी में अति से भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार को रीवा, कटनी और डिंडौरी में अति से भारी बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया है. यहां 4.5 इंच से 8 इंच तक पानी गिर सकता है. इसके साथ ही गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. इस दौरान इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. जबकि प्रदेश के बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा.
1 जून को 13 जिलों में आरेंज अलर्ट, अति भारी बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश में एक जून को 13 जिलों में बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इनमें नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, कटनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले शामिल हैं. इसके साथ ही विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, खंडवा, खरगौन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, अशोकनगर, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, दमोह, सागर और मैहर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. इन जिलों में 4.5 इंच तक बारिश हो सकती है.
2 जून को भी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
प्रदेश के 12 जिलों में 2 जून को भी अति भारी बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इनमें विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, रतलाम, देवास, शाजापुर, कटनी, जबलपुर, मंडला, पन्ना और दमोह शामिल हैं. इनके साथ ही नर्मदापुरम, बैतूल, खंडवा, खरगौन, उज्जैन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, सतना, अनुपपुर, उमरिया, डिंडोरी, बालाघाट, सागर और मैहर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. वहीं 3 जून को तेज बारिश में कमी आने की संभावना है. लेकिन हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा.
रविवार को ग्वालियर में हुई सबसे अधिक बारिश
रविवार को प्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत 25 जिलों में तेज बारिश हुई. इनमें सबसे अधिक पानी ग्वालियर में 3 इंच दर्ज किया गया जबकि नर्मदपुरम में डेढ़ इंच, भोपाल में सवा इंच और बैतूल में आधा इंच बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा बालाघाट, शाजापुर, विदिशा, बड़वानी, सिवनी, नरसिंहपुर और सागर जिलों में भी बारिश हुई. जबकि सोमवार सुबह से विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल,हरदा, नरसिंहपुर, सागर, खंडवा और छिंदवाड़ा समेत 15 से अधिक जिलों में बारिश का दौर जारी है.
MP बोर्ड के कल जमा होंगे परीक्षा फॉर्म, 13 साल से कम उम्र के विद्यार्थी नहीं ले पाएंगे 9वीं में प्रवेश
30 Jun, 2025 05:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। नई शिक्षा नीति आने के बाद एमपी बोर्ड ने कई बदलाव किए हैं।1 जुलाई मंगलवार से बोर्ड परीक्षा फॉर्म जमा किए जाएंगे। बोर्ड ने वर्ष 2025-26 के लिए 9वीं से 12वीं तक की प्रवेश नीति जारी कर दी है। इसके अनुसार 9वीं कक्षा में 13 साल से कम उम्र के विद्यार्थी प्रवेश नहीं ले पाएंगे। इसी के साथ एमपी बोर्ड ने अपने परीक्षा फॉर्म में अपार आईडी अनिवार्य कर दी है। 10वीं और 12वीं के परीक्षा फॉर्म एक जुलाई से 15 सितंबर तक भरे जाएंगे। इसके लिए 1200 रुपए ऑनलाइन जमा होंगे। जबकि कक्षा 9वीं का ऑनलाइन नामांकन एक जुलाई से 30 सितंबर तक होगा। विद्यार्थियों को सामान्य शुल्क के तौर पर 350 रुपए जमा करना होंगे। 10वीं-12वीं के परीक्षा फॉर्म ऑनलाइन आवेदन जमा करने की तिथि एक जुलाई से 15 सितंबर रखी गई है।
पहले गी मिल जाएगा डमी प्रवेश पत्र
एमपी बोर्ड ने इस साल छात्रों की सहूलियत के लिए बड़ा बदलाव किया है। परीक्षा फॉर्म या नामांकन फॉर्म भरने की अंतिम तारीख के सात दिन बाद बोर्ड डमी प्रवेश पत्र उपलब्ध कराएगा। हर शाला प्राचार्य डमी प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से डाउनलोड कर यह सुनिश्चित करेंगे विषय तथा माध्यम में कोई गलती तो नहीं हुई है। इसका सत्यापन विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकों से अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।
परीक्षा फॉर्म में कोई त्रुटि हुई तो प्रिंसिपल होंगे जिम्मेदार
मान्यता प्राप्त संस्था प्रिंसिपल यह सुनिश्चित करेंगे कि संस्था में अध्ययनरत सभी विद्यार्थी के परीक्षा फॉर्म में कोई त्रुटि तो नहीं हुई है। सभी प्राचार्यों को छात्रों के आवेदनों में कोई गलती नहीं है, ऐसा घोषणा-पत्र ऑनलाइन अपलोड करना होगा। घोषणा-पत्र अपलोड नहीं होने पर संस्था के विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र अपलोड नहीं किए जाएंगे। अगर कोई गलती पाई जाती है तो इसके जिम्मेदार प्रिंसिपल होंगे। इसलिए इस वर्ष सभी स्कूल प्राचार्याओं ने प्रवेश को लेकर पहले से तैयारी शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश बीजेपी में बदलाव की आहट, नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान जल्द
30 Jun, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश बीजेपी में अगले 24 घंटे बाद तय हो जाएगा कि प्रदेश बीजेपी की कमान किसके हाथ में होगी. तय कार्यक्रम के मुताबिक 2 जुलाई को मध्य प्रदेश बीजेपी को अपना नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा. अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या प्रदेश अध्यक्ष का नाम भी दिल्ली से आई पर्ची से तय होगा. मध्य प्रदेश बीजेपी में ये पहली बार है कि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नेताओं की लंबी कतार है. निगाहें इस पर की पार्टी इन्हीं कतार में से किसी नाम पर मुहर लगाती है या नए नाम के साथ चौंकाती है. मध्य प्रदेश में चुनाव में अभी लंबा वक्त है. लिहाजा माना जा रहा है कि पार्टी की प्राथमिकता इस दौरान सत्ता और संगठन के बीच समन्वय की होगी.
क्या पर्ची से निकलेगा नए प्रदेश अध्यक्ष का नाम
मध्य प्रदेश का अगला बीजेपी अध्यक्ष कौन होगा? कांग्रेस सवाल उठा रही है कि क्या मुख्यमंत्री की तरह अध्यक्ष का एलान भी पर्ची से होगा. कांग्रेस की प्रवक्ता संगीता शर्मा का कहना है कि "बीजेपी में इस बार जिस तरह से एक अनार सौ बीमार का हाल है. उसमें पर्ची से जिस नेता की लॉटरी निकलेगी. सब निगाहें उसी पर हैं. भले बीजेपी खुद को कार्यकर्ता आधारित दल कहे, लेकिन जिस तरह मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी के कई दिग्गज नेता कतार में ही रह गए. वैसा ही मामला इस बार भी हो सकता है."
फिलहाल मध्य प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में पूर्व मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा पूर्व मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया के अलावा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, केन्द्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, हेमंत खंडेलवाल के नाम हैं. जिनमें हेमंत खंडेलवाल को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का नजदीकी मानते हुए उनका नाम लंबे समय से इस रेस में सबसे आगे बना हुआ है.
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