मध्य प्रदेश
विंध्य क्षेत्र में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए उप मुख्यमंत्री शुक्ल और एलायंस एयर के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक
27 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से दिल्ली में एलायंस एयर के चेयरमैन अमित कुमार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजर्षी सेन ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर विंध्य क्षेत्र सहित मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार एवं संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा, सतना और विंध्य क्षेत्र के महत्वपूर्ण नगरों में एयर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में हवाई सेवाएं आमजन के लिए सुलभ और सस्ती बनाई जा रही हैं, और मध्यप्रदेश सरकार इस दिशा में हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एलायंस एयर को रीवा एवं विंध्य क्षेत्र की आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक विशेषताओं की जानकारी दी और कहा कि यहां एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं निवेश के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति होगी। बैठक में रीवा से महानगरों के लिए सीधी उड़ानों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
आपातकाल लगाना संविधान की हत्या थी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
27 Jun, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आपातकाल लागू करना तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा संविधान की हत्या थी। आपातकाल लागू करने के संबंध में न केंद्रीय कैबिनेट ने स्वीकृति दी थी न ही राज्यों की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया था। जिम्मेदार लोगों ने ही संविधान का पालन नहीं किया। अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आपातकाल लागू किए जाने के प्रसंग पर प्रश्न पूछे और उन्हें मौजूदा दौर की विशेषताओं पर विचार व्यक्त करने का अवसर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे इंटर स्टेट बस टर्मिनल स्थित नगर निगम भोपाल के सभाकक्ष में शुक्रवार को आयोजित युवा संसद कार्यक्रम में युवाओं से संवाद करते हुए उक्त बात कही।
युवा संसद को वरिष्ठ सांसद वी.डी. शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को इमरजेंसी का प्रसंग बताया जाना आवश्यक है। अनेक युवाओं ने आपातकाल की बुराइयों पर विचार व्यक्त किए और आपातकाल लागू करने को लोकतंत्र विरोधी कदम बताया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने संविधान हत्या दिवस 25 जून 2025 से निरंतर एक वर्ष तक विभिन्न गतिविधियों के संचालन के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में मध्यप्रदेश में लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान के साथ ही विभिन्न स्पर्धाओं और वैचारिक गोष्ठियों के कार्यक्रम, विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगातार किए जा रहे हैं।
वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानी विभीषण सिंह का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। आयोजक संस्था की ओर से प्रदेश पदाधिकारी वैभव पवार और राष्ट्रीय पदाधिकारी रोहित चहल ने अतिथियों का स्वागत किया और युवा संसद में विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर भोपाल की महापौर मालती राय नगर निगम भोपाल के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
भविष्य की विद्युत जरूरतों के दृष्टिगत अरुणाचल प्रदेश से 252 मेगावाट बिजली लेने का समझौता
27 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में शुक्रवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आवंटित 252 मेगावाट विद्युत क्रय अनुबंध पर एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी (एमपीपीसीएल) और एनएचपीसी के मध्य हस्ताक्षर हुए और एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। अनुबंध के आधार पर एनएचपीसी की अरुणाचल प्रदेश के लोअर दि बांग वैली जिले में स्थित बहुउद्देशीय जल विद्युत परियोजना से मध्यप्रदेश को केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आवंटित 252 मेगावाट विद्युत मिलेगी। विद्युत क्रय अनुबंध (पीपीए) पर एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक राकेश ठुकराल और एनएचपीसी के महाप्रबंधक ओंकार यादव ने हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अनुबंध को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भविष्य की मांग को देखते हुए पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों के अलावा विभिन्न नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से भी विद्युत क्रय अनुबंध आवश्यक हैं। मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। मध्यप्रदेश में घरेलू और औद्योगिक आवश्यकताओं के साथ ही कृषि क्षेत्र में बिजली की खपत निरंतर बढ़ रही है। ऐसे में भविष्य की जरूरत का आकलन भी किया जा रहा है। इस नाते आने वाले वर्षों में विद्युत की मांग में वृद्धि की संभावनाओं को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश से विद्युत क्रय करने का निर्णय लिया गया।
लगातार बढ़ती विद्युत मांग
मध्यप्रदेश मेंऔद्योगिक एवं कृषि क्षेत्रों में विद्युत खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। वर्तमान विद्युत मांग में वृद्धि के दृष्टिगत यह आकलन किया जा रहा है कि चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक मांग 20,000 मेगावाट हो सकती है। इस मांग में आने वाले वर्षों में लगातार बढ़ोत्तरी भी होगी।
कहां स्थित है बहुउद्देश्यीय जल विद्युत परियोजना
अरुणाचल प्रदेश में डिवांग नदी पर एक बड़ी बहुउद्देश्यीय जलविद्युत परियोजना विकसित की जा रही है। इस परियोजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके वित्तीय वर्ष 2031-32 तक पूर्ण होकर चालू होने की संभावना है।
अनुबंध से मध्यप्रदेश को मिलेगा लाभ
इस परियोजना से प्राप्त विद्युत रबी के महीनों में अधिकतम मांग की अवधि के दौरान 3 घंटे से अधिक और शेष समय में लगभग 9 से 19 घंटे तक की मांग को पूरा करने में सहायता करेगी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई, एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक अविनाश लवानिया, एनएचडीसी के प्रबंध संचालक राजीव जैन उपस्थित थे।
"एमपी राइज 2025 कॉन्क्लेव" रतलाम में आये 30,402 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
27 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश के साथ-साथ अब मध्यप्रदेश भी बदल रहा है। यहां विकास के सभी क्षेत्रों में नवाचार हो रहे हैं। हर क्षेत्र में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास का यह कारवां रूकेगा नहीं, बल्कि अब और तेज गति से आगे बढ़ेगा। रतलाम पहले सेव, साड़ियों और सोने के लिए जाना जाता था लेकिन अब यही रतलाम स्किल, स्केल और स्टार्टअप्स के लिए जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रतलाम की राइज कॉन्क्लेव में 30402 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं, जिससे 35 हजार 520 रोजगार का सृजन होगा।
रतलाम का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। रतलाम की देश में केन्द्रीय स्थिति इसे और भी विशेष बनाती है। बहुत जल्द प्रदेश में एयर कार्गो के जरिए हवाई मार्ग से माल की आवाजाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य की बेहतरी और युवाओं को रोजगार देने के लिए हमारी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी प्रदेश बनाने तक हमारी कोशिशें जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिये जहां से भी हो सकेगा, वहां से निवेश लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए वे 29 जून को सूरत में रोड-शो करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रतलाम में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राईस) कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पूर्व स्थापित एमएसएमई इकाइयों द्वारा यदि केवल नवकरणीय संयंत्र की स्थापना के लिये पृथक से निवेश किया जाता है तो इन इकाइयों को भी नवकरणीय ऊर्जा संयंत्र में किये गये निवेश पर उद्योग विकास अनुदान की सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम में मेगा इन्वेस्टमेंट रीजन से लगे लगी 6 ग्राम बिबड़ौद, पलसोड़ी, रामपुरिया, सरवनीखुर्द, जामथुन एवं जुलवानिया क्षेत्र एवं आबादी में स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिये मार्ग निर्माण, सामुदायिक भवन एवं आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिये प्रति ग्राम पंचायत 50 लाख की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने निवेश क्षेत्र इण्डस्ट्रीयल पार्क एवं रतलाम क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों की सुविधा के लिये नवीन क्षेत्र में 220 केवी विद्युत लाईन की व्यवस्था करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि रतलाम के पोलो ग्राउंड में अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर हॉकी का एस्ट्रो टर्फ बनाया जायेगा। साथ ही रतलाम में बड़ी हवाई पट्टी का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि कालिका माता परिसर के विकास के लिये सैटेलाइट टाउन बनाया जायेगा।
4 लाख से अधिक हितग्राहियों को मिला 3861 करोड़ रूपए का ऋण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राईस) कॉन्क्लेव में प्रदेश के 4 लाख से अधिक हितग्राहियों को स्व-रोजगार के लिए 3861 करोड़ रूपए की ऋण राशि सिंगल क्लिक के जरिए उनके खातों में हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने 6000 करोड़ रूपए से अधिक निवेश करने और 17600 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली 35 वृहद औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन पत्र भी प्रदान किए। साथ ही 2012 करोड़ रूपए से अधिक लागत की 94 औद्योगिक इकाइयों और क्लस्टर्स का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के जरिए ही 288 एमएसएमई इकाइयों को 270 करोड़ रूपए की प्रोत्साहन राशि और 140 वृहद औद्योगिक इकाइयों को 425 करोड़ रूपए की वित्तीय सहायता राशि हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने 538 एमएसएमई इकाइयों को भू-खंड आवंटन पत्र भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में हर महीने इन्वेस्टर समिट के साथ उद्योग और रोजगार को बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम हो रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश और देश के अलग-अलग शहरों में निवेशकों के लिए रोड शो और अन्य कार्यक्रम आयोजित कर रही है। सरकार व्यापार-व्यवसाय के लिए अपनी नीतियों के बल पर ठोस कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर में दीवाली पर हर व्यापारी लाखों की संपत्ति रखते हैं आज यहां भी निवेश की बारिश हो गई। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर उद्यमियों और अधिकारियों का अभिनंदन है। बदलते दौर में प्रदेश को प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा अनेक सौगातें मिल रही हैं। रतलाम की कनेक्टिविटी अन्य राज्यों के साथ बेहतर है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस के माध्यम से यहां से 6 घंटे में दिल्ली और 6 घंटे में मुंबई पहुंच सकते हैं। आगामी वर्षों में व्यापारियों को माल परिवहन के लिए एयर कार्गों सेवा प्रदान करेंगे। गुड्स को हवाई मार्ग से बाहर भेजेंगे। महाराष्ट्र सरकार से पोर्ट पर मध्यप्रदेश के व्यापारियों के लिए सुविधाएं शुरू करने के लिए चर्चा की है। सरकार के लिए छोटे से छोटा निवेशक अहम है। दुनिया हमारी अर्थव्यवस्था को देखकर दंग है। आपके कारखानों से कई लोगों के घरों का चूल्हा जलता है। फैक्ट्रियां भगवान के मंदिर की तरह है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 11 साल के कार्यकाल में भारत को दुनिया के आगे खड़ा कर दिया है। आज हर तरह की विश्व स्तरीय सुविधाएं भारत में उपलब्ध हैं। हमारी सरकार रेल यात्रियों के साथ माल परिवहन में भी अहम भूमिका निभा रही है। रेलमंत्री ने रतलाम को 4 ट्रैक रेल-लाइन की सौगात दी है। प्रदेश में जीआईएस के माध्यम से 30.77 लाख करोड़ से अधिक निवेश प्राप्त हुआ, जिससे करीब 21 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार ने उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर विकसित करने के लिए 18 नई नीतियां फरवरी में लागू की हैं। प्रदेश में 340 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र 10 फूड पार्क, 5 एसईजेड, 2 स्पाइस पार्क संचालित हैं। मध्यप्रदेश में पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है, नए निवेशकों को उद्योग शुरू करने के लिए सरकार पूरी मदद दे रही है। राज्य में बिजली भी सरप्लस है। लेदर पार्क, फार्मा पार्क, टैक्सटाइल पार्क, आईटी और सर्विस सेक्टर में नए अवसर बने हैं। आईटी सेक्टर में प्रदेश में 220 से अधिक और 150 से अधिक ईएसडीएम कंपनियां संचालित हैं, जहां 2 लाख से अधिक आईटी प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं। कपड़ा उद्योग में खरगोन, मंदसौर, उज्जैन, बुधनी, पीथमपुर बड़े केंद्र हैं। जल्द ही धार में टैक्सटाइल सेक्टर में पीएम मित्र पार्क तैयार होने वाला है। प्रदेश में खनिज संपदा भरपूर है। पन्ना में हीरा मिल ही रहा है, वहीं सिंगरौली जिले में सोने की खदान मिली है।
हमारी नीति है जहां कॉन्क्लेव करते हैं, वहां इंडस्ट्री का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करते हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी नीति है कि जहां कॉन्क्लेव करते हैं, वहां इंडस्ट्री का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करते हैं। राइज कॉन्क्लेव नए उद्यमी तैयार करने का अभिनव प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा, सागर, अलीराजपुर, धार, रतलाम के उद्यमियों एवं जनप्रतिनिधों से वर्चुअली संवाद किया। यहां फूड प्रोसेसिंग, टैक्सटाइल, डेयरी इंडस्ट्री, विद्युत उपकरण निर्माण यूनिट स्थापित करने वाले उद्यमियों से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसआरएफ ग्रुप को भूमि आवंटन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने एमएसएमई स्वरोजगार क्रेडिट में ऋण प्रदान करने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तरण सिंह जीरा को वर्ष 2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ इंडिया का भी इसी श्रेणी में सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आजीविका स्वसहायता समूहों को ऋण राशि के चेक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई विभाग अंतर्गत 73.43 हेक्टेयर के 104 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले 10 राज्य क्लस्टर एवं अलीराजपुर सीएफसी का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। साथ ही एमएसएमई विभाग के अंतर्गत निवाड़ी, आगर मालवा एवं रायसेन जिले के नवीन डीटीआईसी कार्यालयों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग-एमपीआईडीसी के अंतर्गत 80.26 हेक्टेयर रकबे में 61.26 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले नवीन औद्योगिक क्षेत्र, सेमरी कांकड़, जिला मंदसौर का भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 202 करोड़ रुपए की लागत के 8 विकास कार्यों का लोकार्पण कर रतलाम जिलों को अनुपम सौगातें दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कौशल विकास विभाग द्वारा 263 आकांक्षी युवाओं को रोजगार के ऑफर लेटर भी प्रदान किए। साथ ही एमएसएमई विभाग अंतर्गत उद्यमियों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए।
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमएसएमई विभाग एवं वॉलमार्ट कम्पनी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान भी हुआ। इस एमओयू के बाद अब छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर मार्केट कनेक्टिविटी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई विभाग द्वारा प्राकशित सफल उद्यमी-समृद्ध प्रदेश पुस्तिका, (कौशल विकास विभाग) द्वारा प्रकाशित आईटीआई एंड इंडस्ट्री कनेक्ट पत्रिका एवं युवा संगम ब्रोशर का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी अनेक सौगातें
4.15 लाख से अधिक हितग्राहियों को 3861 करोड़ रुपये का ऋण वितरण।
140 औद्योगिक इकाइयों को 425 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता।
एमएसएमई की 880 औद्योगिक इकाइयों को 269 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता।
एमएसएमई विभाग अंतर्गत 329 हेक्टेयर के 242 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले 16 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण।
एमएसएमई विभाग अंतर्गत 73.43 हेक्टेयर के 104 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले 10 राज्य क्लस्टर एवं अलीराजपुर सीएफसी का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण।
एमएसएमई विभाग अंतर्गत निवाड़ी, आगर-मालवा, रायसेन के नवीन डीटीआईसी कार्यालयों का लोकार्पण।
एमपीआईडीसी अंतर्गत 80.26 हेक्टेयर के 26 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले नवीन औद्योगिक क्षेत्र सेमरी कांकड़ जिला मंदसौर का भूमि-पूजन।
रतलाम जिले में लोक निर्माण विभाग 222 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन।
263 आकांक्षी युवाओं को रोजगार ऑफर लेटर का वितरण।
एमएसएमई विभाग द्वारा नवीन नियम-2025 लागू होने के पश्चात ऑनलाइन पारदर्शी हुआ। 250 करोड़ से अधिक का निवेश।
10 हजार से अधिक रोजगार सृजन करने वाली 538 इकाइयों को भूमि-आवंटन।
एमपीआईडीसी द्वारा 6 हजार करोड़ से अधिक निवेश करने वाली एवं 17 हजार 600 से अधिक रोजगार देने वाली 35 औद्योगिक इकाइयों को आशय-पत्र का वितरण।
15 प्रमुख उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से देश के 15 प्रमुख उद्योगपतियों ने वन-टू-वन चर्चा कर निवेश प्रस्ताव दिये और मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने की इच्छा व्यक्त की। उद्योगपतियों ने निवेश क्षेत्र और विभिन्न औद्योगिक सुविधाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को प्रदेश में बेहतर निवेश अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री से विशेषत: एमडी शक्ति पंप्स दिनेश पाटीदार, जैक्शन ग्रुप के एमडी संदीप गुप्ता, ओरियाना पॉवर के कार्यकारी उपाध्यक्ष ओमकार पांडे, एसआरएफ के निदेशक प्रशांत मेहरा और बीबा फैशन के एमडी सिद्धार्थ बिन्द्रा ने प्रमुख रूप से चर्चा की।
तीन सेक्टोरल सत्र हुए
एमपी राइज के दौरान निवेश, रोजगार और कौशल विकास पर तीन सामान्तर सेक्टोरल सत्र भी आयोजित किये गये। डीआईपीआईपी द्वारा निवेश नीतियों एवं ईओडीबी पर केन्द्रित सत्र का आयोजन किया गया, जबकि एमएसएमई विभाग द्वारा रेसिंग एंड एक्सीलेटरिंग विषय पर सत्र आयोजित किया गया। कौशल विकास विभाग द्वारा तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार पर केन्द्रित सत्र आयोजित किया गया। इन सत्रों में उक्त विषयों में रूचि रखने वाले निवेशकों और विभागों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि आज रतलाम के लिए ऐतिहासिक दिन है। इस कॉन्क्लेव का नाम एमपी राइज 2025 रखा गया है। मालवा क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति भी समागम में शामिल हुए हैं। उद्योग के साथ कौशल विकास भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेशभर में उद्योग एवं कौशल विकास के लिए सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। रीजनल कॉन्क्लेव के माध्यम से पर्यटन की अपार संभावनाओं को गति मिली है। मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में अग्रणी है। देश की जीडीपी में प्रदेश का हिस्सा लगभग 30 प्रतिशत है। पिछले वर्ष तक 2100 करोड़ रुपए की सब्सिडी बांटी जा चुकी है। राज्य सरकार के सहयोग से प्रदेश के 4 लाख 85 हजार युवाओं को बैंक ऋण स्वीकृत हुए हैं। कंपनियों ने 27 हजार युवाओं को नौकरी के ऑफर दिए हैं। देश के विकास में मध्यप्रदेश बड़ा भागीदार है।
सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निरंतर प्रयासों ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार रखा कि समावेशी और संतुलित औद्योगिक विकास के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए जाएं। इसी सोच के तहत प्रदेश के संभागों में आरआईसी का सफल आयोजन किया गया, जिससे समग्र विकास की अवधारणा को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्रदेश में उद्योग-फ्रेंडली वातावरण बना है, जिससे निवेशकों का भरोसा और भागीदारी दोनों बढ़े हैं। इन पहलों ने प्रदेश की औद्योगिक गति को तेज किया है और रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।
उद्योगपतियों ने भी रखे अपने विचार
कॉन्क्लेव में आए वरिष्ठ उद्योगपतियों ने भी अपने विचार रखे। जील एंटरप्राइजेस के फाउंडर दीनबंधु त्रिवेदी ने कहा कि जील ग्रुप ने 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया है। इनमें से 10 हजार को जील ग्रुप की कंपनियों में नौकरी मिल चुकी है। बाकी प्रशिक्षित युवा स्वरोजगार या अन्य कंपनियों के साथ जुड़े हुए हैं। मध्यप्रदेश और राजस्थान की यूनिट में महिलाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि हम सरकार को भरोसा दिलाते हैं कि अपनी एक यूनिट रतलाम में भी लगाएंगे।
इप्का लैबोरेटरीज के एमडी अजीत जैन ने कहा कि महाराष्ट्र के बाद इप्का ने 1983 में रतलाम में पहली यूनिट स्थापित की। मध्यप्रदेश में 2500 करोड़ का निवेश है। आगे 1000 करोड़ का निवेश होने वाला है। पीथमपुर में 250 करोड़ के निवेश से नई बायोटेक यूनिट स्थापित की है, जहां 6 ड्रग पर क्लीनिक रिसर्च होगा। जब हम मध्यप्रदेश आए, तब यहां सड़कों की हालत ठीक नहीं थी और प्रदेश को बीमारू राज्य समझा जाता था। आज स्थिति तेजी से बदली है। वर्तमान सरकार और प्रशासन अति संवेदनशील और सक्रिय है। यहां की कानून व्यवस्था अच्छी है। तकनीकी में प्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन की सरकार में प्रदेश आगे बढ़ रहा है।
एसआरएफ लिमिटेड रतलाम के प्रेसिडेंट एंड सीईओ प्रशांत मेहरा ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए एक बेहतरीन प्रदेश है। सरकार के साथ मिलकर हम प्रदेश को एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी कंपनी को राज्य सरकार ने हर कदम पर सहयोग प्रदान किया है। मध्यप्रदेश में हम 9.5 हजार करोड़ रूपए का निवेश करेंगे। इससे 4 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में इंडस्ट्री फ्रैंडली वातावरण बना है। हमारी कंपनी में 9000 से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं। कंपनी केमिकल सहित अन्य क्षेत्रों में काम कर रही है। देश में 16 यूनिट हैं, इनमें से 5 मध्यप्रदेश में हैं। रतलाम में भी हम अपनी आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी कौशल और रोजगार प्रदान करेंगे।
कॉन्क्लेव में मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक दिलीप सिंह परिहार, विधायक चिंतामन मालवीय, गुमान सिंह सोलंकी, डॉ. राजेन्द्र पाण्डे सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति, निवेशक एवं हितग्राही उपस्थित थे।
शोले का सीन रिक्रिएट! एक ओर ठाकुर कैलाश, दूसरी तरफ शिवराज – पिक्चर अभी बाकी है
27 Jun, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्यप्रदेश की राजनीति की दो तस्वीरें बता रही हैं कि सियासत में सीन ऐसे भी बदलते हैं. जिन नेताओं की अदावत की सूबे की सियासत में मिसालें दी जाती हों. उनकी दोस्ती में बढ़े हाथ और बंद कमरे में हुई बैठकें बता रही हैं कि सियासत में वक्त के साथ दांव भी बदल जाते हैं और दुश्मनी दोस्ती भी बदल जाती है.
बीजेपी व कांग्रेस के दिग्गज आपस में मिले
साल 2019 में कमलनाथ सरकार के दौर में अपनी ही पार्टी के नेता दिग्विजय सिंह को माफिया बताने वाले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार उनके घर पहुंचे. ये दो नेताओं की सौजन्य मुलाकात भर नहीं है. इत्तेफाक है कि इसी दिन बीजेपी के दिग्गज नेताओं में शुमार कैलाश विजयवर्गीय ने अपने घर पर केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगवानी की. बता दें कि एक वक्त था कि कैलाश ने शिवराज सरकार के दौर में खुद को शोले का ठाकुर बताया था.
उमंग सिंघार दिग्विजय सिंह के द्वार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की दिग्विजय सिंह से मुलाकात की तस्वीरें सिर्फ तस्वीरें नहीं हैं. ये मध्यप्रदेश में कांग्रेस की राजनीति का एक बेहद महत्वपूर्ण टर्निंग पाइंट है. टर्निंग पाइंट इसलिए भी कि दिग्विजय सिंह को लेकर उमंग सिंघार ये आरोप तक लगा चुके हैं कि वे उनको राजनीति नहीं करने दे रहे. 2019 में अपनी ही सरकार के दौर में उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह को पहले माफिया कहा था और फिर यहां तक कहा कि मुख्यमंत्री बेशक कमलनाथ हैं लेकिन पर्दे के पीछे से सरकार दिग्विजय सिंह ही चला रहे हैं.
क्या उमंग सिंघार का कद बढ़ने वाला है
इसके बाद में दिग्विजय सिंह के बंगले सिंघार माफी मांगने भी पहुंचे थे. लेकिन हुई इस मुलाकात ने कांग्रेस की सियासत में कई नेताओं के लिए अलार्म बजा दिया है. वो इसलिए भी कि इसे उमंग सिंघार की अपनी ताकत बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषक प्रकाश भटनागर सिंघार की दिग्विजय सिंह से हुई इस मुलाकात पर कहते हैं "दिग्विजय सिंह के लिए कहा जाता है कि जिसके कंधे पर दिग्गी राजा हाथ रख देते हैं, यूं समझिए कि फिर उसका नंबर लग गया."
कांग्रेस नेताओं की बीच कई प्रकार की चर्चा
प्रकाश भटनागर कहते हैं "ये तो नहीं कहा जा सकता है कि दिग्विजय सिंह भूलते कुछ नहीं है तो उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह के लिए कांग्रेस की ही सरकार में जो कुछ कहा था वे नहीं भूले होंगे. लेकिन राजनीति में वक्त बहुत मायने रखते हैं और उसी हिसाब से समीकरण बदल दिए जाते हैं. तो सिंघार की दिग्विजय सिंह के साथ हुई इस आत्मीय मुलाकात को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए. राजनीति में नेताओं का हर एक अंदाज मायने रखता है और एक संदेश देता है. जिस तरह से दिग्विजय सिंह उमंग सिंघार को बाहर तक छोड़ने आए. दिग्विजय सिंह ने उस विदाई से भी बाकी कांग्रेसियों को संदेश दिया है."
कैलाश के शिवराज के साथ वो 18 मिनट
2011 में डिप्टी सीएम बने बगैर शिवराज कैबिनेट में नंबर दो की पॉजीशन पर रहे कैलाश विजयवर्गीय का दर्द इंदौर के एक कार्यक्रम में फूटा था. उन्होंने कहा था कि मैं इंदौर के मामले में शोले का ठाकुर हूं. मुख्यमंत्री ने इंदौर छोड़कर मुझे पूरे प्रदेश के विकास की जवाबदारी दी है. ये मामला खूब गर्माया था. और इस घटनाक्रम के बाद कभी दोस्त रहे शिवराज और कैलाश विजयवर्गीय की दोस्ती में उभरी सियासी रंजिश के तौर पर देखा गया था.
आखिर बंद कमरे में बात क्या हुई
खैर, उसके बाद कैलाश राष्ट्रीय राजनीति का रुख कर गए. और शिवराज अंगद के पांव की तरह मध्यप्रदेश में जम गए. लेकिन अब लंबे अंतराल के बाद शिवराज और कैलाश विजयवर्गीय की ऐसी आत्मीय तस्वीरें दिखाई दी. और सियासी गलियारों में कैलाश-शिवराज की 18 मिनट की बंद कमरे में मुलाकात के साथ इस बात के चर्चे हैं कि मुलाकात हुई तो क्या बात हुई.
डीजीपी मकवाना का प्रदेशव्यापी समीक्षा अभियान,उज्जैन और इंदौर जोन में बैठकें कल और रविवार को
27 Jun, 2025 07:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नीमच मंदसौर रतलाम जिले के एसपी सहित उज्जैन जोन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, डीआईजी होंगे शामिल
भोपाल। मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना प्रदेश की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। इसी कड़ी में वह कल शुक्रवार को उज्जैन जोन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, पुलिस उपमहानिरीक्षकों (डीआईजी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) की महत्वपूर्ण बैठक लेंगे। इसके बाद रविवार को इंदौर जोन के पुलिस अधिकारियों के साथ भी बैठक प्रस्तावित है।
उज्जैन जोन की बैठक कल
डीजीपी श्री मकवाना ने बताया कल उज्जैन पहुंच कर, उज्जैन जोन के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, डीआईजी और एसपी के साथ गहन समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में अधिकारियों के पिछले कार्यों का विस्तृत रिव्यू किया जाएगा और उन्हें आगामी कार्ययोजना के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। डीजीपी मकवाना का जोर सीधे संवाद और स्पष्ट निर्देशों पर रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर पुलिसिंग में अपेक्षित गति लाई जा सके।
रविवार को इंदौर जोन की बैठक
उज्जैन के बाद रविवार को डीजीपी मकवाना इंदौर का रुख करेंगे। यहां वे इंदौर पुलिस आयुक्त, जोनल आईजी इंदौर ग्रामीण और इंदौर जोन के समस्त डीआईजी व एसपी के साथ बैठक करेंगे। इंदौर, प्रदेश के सबसे बड़े शहरों में से एक होने के कारण, यहां की कानून-व्यवस्था की समीक्षा विशेष महत्व रखती है। इस बैठक में भी विभिन्न अपराधों की रोकथाम, लंबित मामलों के निराकरण और पुलिस बल की दक्षता बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
निरंतर जारी है समीक्षा का दौर
डीजीपी कैलाश मकवाना का यह प्रदेशव्यापी समीक्षा अभियान लगातार जारी है। इससे पहले उनके द्वारा जबलपुर जोन, बालाघाट जोन, पुलिस आयुक्त भोपाल और भोपाल ग्रामीण जोन की रिव्यू बैठकें सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी हैं। इन बैठकों के माध्यम से डीजीपी स्वयं विभिन्न जिलों और जोन के पुलिसिंग पैटर्न, चुनौतियों और आवश्यकताओं को समझ रहे हैं।
सीधे निर्देशों से आ रही कार्य में गति
डीजीपी कैलाश मकवाना ने इस बात पर जोर दिया है कि उनके सीधे निर्देश देने से पुलिस के कामकाज में अपेक्षित गति आ रही है। उनका मानना है कि मैदानी स्तर पर अधिकारियों के साथ सीधा संवाद और समस्याओं का त्वरित समाधान पुलिस तंत्र को अधिक क्रियाशील बना रहा है। उनका यह दौरा प्रदेश भर में पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
“अशोकनगर में सिंधिया बोले‑ ‘मैं कोलारस‑बदरवास का कोटवार’ – जनता की सुरक्षा मेरी जिम्मेदारी!”
27 Jun, 2025 06:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अशोकनगर: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर बेंगलुरु ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के लिए अशोकनगर पहुंचे थे. वहीं आम सभा को संबोधित करते हुए जनता के बीच उन्होंने स्वयं को जनता का कोटवार बताया. उन्होंने कहा कि आपकी हर मांग के लिए मैं हर मंत्रालय के दरवाजे पर कोटवार की तरह खड़ा रहूंगा.
4 साल की मांग अब हुई पूरी
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को ग्वालियर-बेंगलुरु ट्रेन से अशोकनगर पहुंचे. स्टेशन पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके बाद मंच से आमसभा को संबोधित किया. सिंधिया ने कहा कि "बेंगलुरु ट्रेन की मांग पिछले 4 साल से रेल मंत्री से कर रहे थे. हर कैबिनेट मीटिंग के बाद पूछते थे कि ट्रेन कब शुरू होगी. आखिरकार सुनवाई हुई और ग्वालियर से बेंगलुरु ट्रेन शुरू हो गई."
20 सालों से ला रहा हूं ट्रेनों की सौगात
सिंधिया ने कहा, "पिछले 20 वर्षों से ट्रेनों की सौगात ला रहे हैं. पहली बार जब अशोकनगर स्टेशन आए थे, तब यहां सन्नाटा रहता था. ट्रेन की आवाज तक नहीं सुनाई देती थी. इसके बाद ग्वालियर-इंदौर, ग्वालियर-भोपाल, बीना-गुना सटल ट्रेन शुरू करवाई. इस लाइन का विद्युतीकरण भी करवाया. हाल ही में बीना-गुना सटल को रुठियाई तक बढ़ाया गया. इससे इंदौर और कोटा जाने वालों को सुविधा मिली. उदयपुर की ट्रेन भी शुरू करवाई."
सिंधिया हुए चोटिल, दर्द से करहाते आए नजर
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस बार ट्रेन की जनरल क्लास की बोगी में यात्रियों के साथ अशोनगर तक सफर किया. इस दौरान ट्रेन में भारी उमस थी. अशोकनगर में पहुंचे के बाद सिंधिया ने स्टेशन पर समर्थकों से मिले. इस दौरान उनको मधुमक्खी ने काट लिया, जिससे समर्थकों में हड़कंप की स्थिति बन गई. तत्काल डॉक्टर को मौके पर बुलाया गया और उनका उपचार किया गया. जिसके बाद उनके समर्थकों ने चैन की सांस ली. इस दौरान वे मंच पर उंगुली पकड़कर बैठे रहे और उनके चहरे पर दर्द साफ साफ दिखाई दे रहा था.
मंच से सिंधिया ने गुनगुनाया गाना
कार्यक्रम में शामिल जनता को संबोधित करने के बाद सिंधिया ने मंच से गाना भी गाया. "सुहाना सफर और ये मौसम हसीं, हमें डर है कि हम खो न जाएं कहीं." जनता से भी इस गाने को दोहराने की अपील की. जनता ने उनका साथ दिया. सिंधिया ने कहा कि "रात 10:30 बजे अपने घर लौटे हैं, परिवार के बीच आए हैं. सभी को धन्यवाद और बधाई दी." आगे उन्होंने कहा, "आज खाली हाथ नहीं आया हूं, 22 बोगी वाली ट्रेन लेकर आया हूं. यह मांग अशोकनगर, गुना और शिवपुरी की थी. अब इन जिलों को दक्षिण भारत से जोड़ा जा रहा है."
सिंधिया का गर्व: बुंदेलखंड की मोड़ियाँ बनीं प्रेरणा की मिसाल
27 Jun, 2025 05:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: बुंदेलखंड की लड़कियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए बुंदेलखंड का लोहा मनवाया है. दरअसल ग्वालियर में हाल ही में संपन्न हुए मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग टूर्नामेंट में महिला वर्ग में बुंदेलखंड की टीम ने फाइनल मैच जीतकर बता दिया है कि हम किसी से कम नहीं हैं. खास बात ये है कि बुंदेलखंड गर्ल्स की टीम पहली बार में ही विजेता बनी है, जिसने चंबल की टीम को हराते हुए नया इतिहास रच डाला. बुंदेलखंड की लड़कियों के शानदार प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुंदेली में बधाई दी है. उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की मोड़ियों ने कमाल कर दओ, ग्वालियर की धरती पर धमाल कर दओ.
फाइनल मैच में चंबल को हराया
दरअसल मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग में पहली बार महिलाओं की टीम को भी मौका दिया गया था और बुंदेलखंड की लड़कियों की टीम इस टूर्नामेंट में पहली बार पहुंची थी. टूर्नामेंट का फाइनल मैच 24 जून को खेला गया. जिसमें बुंदेलखंड की टीम ने चंबल की टीम के खिलाफ शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए इस साल का खिताब अपने नाम पर कर लिया. बुंदेलखंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 117 रन बनाए, दूसरी तरफ चंबल की टीम 96 रनों पर सिमट गई. फाइनल मैच में आयुषी मैन ऑफ द प्लेयर और अनुष्का मैन ऑफ द मैच चुनी गई.
महारानी प्रियदर्शनी और सिंधिया हुए मुरीद
बुंदेलखंड गर्ल्स टीम के टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी पत्नी महारानी प्रियदर्शनी ने बुंदेलखंड की गर्ल्स टीम की जीत पर बधाई दी है. वहीं युवराज महाआर्यमन सिंधिया और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी बुंदेलखंड की लड़कियों के खेल की एक अलग अंदाज में तारीफ की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है और लिखा है कि बुंदेलखंड की मोड़ियों ने कमाल कर दऔ, ग्वालियर की धरती पर धमाल कर दऔ. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अगले टूर्नामेंट में चयन प्रक्रिया में शामिल होने की भी बात कही है.
बुंदेलखंड की टीम में सागर का दबदबा
वैसे तो बुंदेलखंड की गर्ल्स क्रिकेट टीम में बुंदेलखंड के ज्यादातर जिलों की लड़कियों को मौका मिला लेकिन इस टीम में सागर से सबसे ज्यादा 5 खिलाड़ी शामिल थीं. इसके अलावा दमोह, पन्ना, टीकमगढ़ और गुना की खिलाड़ी भी इस टीम की हिस्सा बनीं. इसके साथ इंटरनेशनल क्रिकेट में हिस्सा ले चुकीं अनुष्का,आयुषी और वैशाली भी महिला टीम का हिस्सा थीं.
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की आकाश की तारीफ
पहली ही बार में एमपी क्रिकेट लीग में बुंदेलखंड की गर्ल्स टीम के शानदार प्रदर्शन के चलते केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने युवा नेता आकाश सिंह राजपूत की तारीफ की. उन्होंने कहा कि आकाश के प्रयासों से टूर्नामेंट में बुंदेलखंड के लड़के और लड़कियों को मौका मिला. पहली बार में लड़कियों ने धमाल कर दिया. आकाश सिंह राजपूत ने सभी खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेरी मेहनत सफल हुई.
गुना में पानी से फैल रही बीमारी, दो की मौत, 47 लोग बीमार
27 Jun, 2025 04:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुना। जिले के बमोरी क्षेत्र की मुहाल कॉलोनी में गत शाम अचानक बीमारी का ऐसा प्रकोप फैला कि गांव में अफरा-तफरी मच गई। उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ एक के बाद एक ग्रामीण बीमार पड़ते चले गए। देखते ही देखते यह संख्या 24 से ऊपर पहुंच गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
गंभीर हालात में कई मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, जबकि कुछ को निजी अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। अभी तक 47 लोगों की सूची तैयार की गई है जो बीमार हुए हैं। इस बीमारी की चपेट एक महिला उर्मिला बाई की मौत हो गई है, जबकि तीन-चार दिन पहले एक अन्य बुजुर्ग की भी मौत हुई थी। गांव में अचानक बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। स्वास्थ्य विभाग की टीम को तत्काल गांव भेजा गया, जहां उन्होंने पानी के स्रोतों की जांच शुरू की और सैंपल भी लिए। शुरुआती अनुमान में बीमारी का कारण दूषित पेयजल को माना जा रहा है। बड़ी बात ये है कि स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने किसी भी मौत से साफ इंकार कर दिया। जो मौतें हुई हैं उन्हें उन्होंने सामान्य मौतें बताईं।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कॉलोनी में सप्लाई हो रहा पानी गंदा आ रहा था, लेकिन शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब एक के बाद एक लोग बीमार होने लगे तो मामला गंभीर हो गया। गांव में स्वास्थ्य अमले की मौजूदगी से फिलहाल लोगों में कुछ राहत जरूर है, लेकिन भय का माहौल अभी भी बना हुआ है। प्रशासन ने पेयजल के वैकल्पिक इंतजाम के साथ-साथ स्वच्छता अभियान शुरू करने की बात कही है। फिलहाल सभी ग्रामीणों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी गई है और मेडिकल टीम लगातार निगरानी में जुटी हुई है।
पत्नी की चाकू मारकर हत्या के बाद शव फेंक दिया था झाड़ियों में
27 Jun, 2025 04:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर। चार साल पुराने प्रकरण में बुधनी कोर्ट से बड़ा फैसला आया है। पति ने अपनी ही पत्नी की चाकू से निर्ममता से हत्या करने के बाद शव को बुधनी क्षेत्र की घनी झाड़ियों में फेंक दिया था, ताकि किसी को शंका नहीं हो। जांच उपरांत पुलिस ने चालान बुधनी कोर्ट में पेश किया था। अपर सत्र न्यायाधीश बुधनी वैभव विकास शर्मा ने मामले में हत्या के आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं आठ हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
मीडिया सेल प्रभारी केदार सिंह कौरव ने बताया गया कि अभियोजन की घटना इस प्रकार हैं कि पीड़िता के पिताजी ने 16 अक्टूबर 2021 को थाना कोलार जिला भोपाल में गुमशुदगी की रिपोर्ट लेख कराई थी। मेरी लड़की नैना उर्फ शिखा पासवान ने नारियल खेडा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जिला भोपाल निवासी रजत कैथवाथ पिता रविशंकर कैथवास (30) निवासी से आपसी सहमति से मार्च 2021 में मंदिर में शादी कर ली थी, जिसको हम लोगों ने भी सहमति दे दी थी। इसके कुछ दिन बाद दोनों आपस में लड़ने लगे जिसे हम लोगों ने कई बार समझाइश दी, किन्तु शिखा आए दिन रजत द्वारा मारपीट करने व परेशान करने की शिकायत करती थी। 15 अक्टूबर 2021 को करीब 6.30 बजे मेरी लड़की शिखा अपनी स्कूटी से दुर्गा जी की झांकी देखने व दादी रामकली बाई के घर रुकने का कहकर घर से निकली थी। मेरी पत्नी ने रात करीब 10 बजे लड़की शिखा को फोन लगाकर पूछा तो उसने बताया कि अभी झांकी देख रही हूं। इसके बाद हम लोग खाना खाकर सो गए।
पिता ने बताया कि दूसरे दिन दिनांक 16 अक्टूबर को 11 बजे दिन को थाना निशातपुरा से मेरे पति के पास फोन आया कि आपकी स्कूटी पीपुल्स माल के पास में जली अवस्था में मिली है फिर हमने थाना कोलार में बच्ची शिखा के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में हमें लड़की शिखा का शव बुधनी के जंगल में मिलने की सूचना प्राप्त हुई। जांच के दौरान मृतका के पिता शारदा प्रसाद पासवान ने मृतका के शव की पहचान अपनी पुत्री शिखा पासवान (24) निवासी राजहंस कालोनी सस्ता भंडार के पास कोलार भोपाल के रूप में की थी। इसके बाद मृतका के शव का पीएम बुधनी अस्पताल में कराया जाकर शार्ट पीएम रिपोर्ट प्राप्त की गई। जिसमें डॉक्टर शुभम गौतम ने मृतका शिखा पासवान की मौत धारदार हथियार से आई विभिन्न चोटों के कारण खून ज्यादा बह जाने से होना लेख किया गया।
जांच के उपरांत मृतका शिखा को किसी अज्ञात व्यक्ति ने 15 अक्टूबर 2021 के शाम 6.30 बजे से दिनांक 17 अक्टूबर 21 के 14.50 बजे के बीच धारदार हथियार से मारपीट कर उसके पेट में बाएं तरफ, गले, सिर, सीने व शरीर के विभिन्न अंगों में चोट पहुंचाना और उसकी मौत होना सामने आया था। मामले में आरोपी एनएच 69 रोड किनारे झरने के पास मिडघाट सेक्शन बुधनी में झाडिय़ों में शव फेंककर चला गया था। पुलिस अनुसंधान पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण को शासन स्तर पर जघन्य एवं सनसनीखेज श्रेणी में रखा गया था। डीपीओ अनिल बादल के निर्देशन में अभियोजन का संचालन विशेष लोक अभियोजक पंकज रघवुंशी ने किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होते हुए मृतका के पति आरोपी रजत कैथवास को दोषी पाते हुए धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं धारा 201 भादवि में 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल आठ हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।
आकाशीय बिजली गिरने से पेड़ के नीचे खड़ी 27 बकरियों की मौत, 13 घायल
27 Jun, 2025 04:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमोह। दमोह जिले की जबेरा तहसील अंतर्गत आकाशीय बिजली गिरने से जंगल में चरने गईं 27 बकरियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं 13 बकरियां घायल हो गई हैं। घटना गुरुवार शाम करीब चार बजे की है। बकरियों की मौत होने के बाद पशुपालक पर आर्थिक संकट भी आ गया है। जानकारी के अनुसार नयागांव निवासी खेमचंद पिता गोकल पाल बकरी पालक अपनी बकरियों को लेकर नयागांव के जंगल में रोज की तरह चराने ले गए थे। अचानक मौसम परिवर्तित हो गया और तेज बारिश होने लगी बारिश से बचने के लिए 40 बकरियां एक पेड़ के नीचे खड़ी हो गईं। तभी आकाशीय बिजली पेड़ पर गिरी जिसमें 27 बकरियों की मौत हो गई और 13 घायल हो गई। वहीं पेड़ बिजली में झुलस गया। इस हादसे में बकरी पालक बाल बाल बच गया।
खेमचंद पाल ने बताया कि उसकी आजीविका का साधन बकरियां ही थीं। एक साथ इतनी सारी बकरियों की मौत हो गई जिससे परिवार का भरण-पोषण मुश्किल होगा। बकरी पालक ने अपनी जमीन बेचकर यह बकरियां खरीदी थी जो एक पल में आकाशीय बिजली गिरने से मृत हो गई और बकरी पालक को लाखों का नुकसान हुआ। घटना की सूचना बीट गार्ड द्वारा नोहटा पुलिस को दी गई है।
14 मिमी बारिश दर्ज
दमोह में गुरुवार को काफी तेज बारिश हुई। इससे जिले में पिछले 24 घंटे में 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। गुरुवार दोपहर शहर में करीब एक घंटे तक बारिश हुई। उसके पहले सुबह से आसमान पर बादल छाए रहे। दोपहर 3 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ जो शाम 4 बजे तक जारी रहा। इसके बाद हल्की बूंदाबांदी होती रही। दिन का तापमान 30.2 डिग्री एवं रात का तापमान 25.6 डिग्री दर्ज किया गया।
टीकमगढ़ कांग्रेस कमेटी के महामंत्री ने की व्यक्ति की पिटाई
27 Jun, 2025 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टीकमगढ़। कांग्रेस कमेटी के जिला महामंत्री लक्ष्मण रैकवार ने बताया कि गुरुवार शाम जब वह तालाब का निरीक्षण करने पहुंचे तो एक व्यक्ति उनके तालाब में अवैध तरीके से मछली का शिकार कर रहा था। उन्होंने बताया कि उसने करीब 60 से लेकर 70 किलो तक मछली मार ली थी, जिसको लेकर उसको समझाया गया, पर वो विवाद करने लगा। उन्होंने बताया कि यह व्यक्ति कौन है, कहां का रहने वाला है इस बात की जानकारी नहीं है।
लक्ष्मण रैकवार का कहना है कि टीकमगढ़ शहर का महेंद्र सागर तालाब उनकी मछुआ समूह को मिला हुआ है, जहां पर वह मछली पालन का काम करते हैं लेकिन कई लोग इधर-उधर से आकर के मछली का शिकार करते हैं। इससे मछुआ समूह को नुकसान होता है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष बोले मुझे नहीं जानकारी
इस संबंध में जब कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नवीन साहू से दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि लक्ष्मण रैकवार जिला कांग्रेस कमेटी में महामंत्री के पद पर तैनात हैं, लेकिन मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि उन्होंने किसी व्यक्ति के साथ मारपीट की है। उन्होंने कहा कि मैं इस बात की जानकारी करता हूं। टीकमगढ़ पुलिस कोतवाली के प्रभारी उपेंद्र छारी ने बताया कि यह मामला गुरुवार शाम उनके संज्ञान में आया था, लेकिन पिटने वाले की पहचान नहीं हुई है और ना ही उसने कोतवाली जाकर के आवेदन दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस आज इस मामले में पिटने वाले व्यक्ति की तलाश कर रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
एमपी बोर्ड स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी! स्कूटी-लैपटॉप की राशि ट्रांसफर होने वाली है
27 Jun, 2025 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : एमपी बोर्ड एग्जाम में शानदार प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म होने जा रहा है. मोहन यादव सरकार इन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को स्कूटी, लैपटॉप और साइकिल देने जा रही है. राज्य सरकार ने इसकी तारीख तय कर दी है. 4 जुलाई को मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के पात्र छात्र-छात्राओं को सौगातें मिलेंगी. इसके लिए सूची को पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है. इस योजना के तहत प्रदेश के 4 लाख 41 हजार 832 बच्चों को स्कूटी, लैपटॉप और साइकिल दी जाएगी.
पहले 1 रुपए की राशि पहुंचेगी अकाउंट में
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य सरकार हर साल परीक्षा में 75 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को साइकिल, स्कूटी और लैपटॉप देती है. इस बार राज्य सरकार ऐसे सभी बच्चों को प्रोत्साहित करने जा रही है. इसके लिए राज्य सरकार ने सभी प्रतिभाशाली बच्चों को रिकॉर्ड इकट्ठा कर लिया है. ऐसे सभी बच्चों के नाम, बैंक का नाम, उनका अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड को मंगा लिया गया है. अब इनके अकाउंट को वैरीफाई कियाजा रहा है. इसके लिए जल्द ही सभी बच्चों के अकाउंट में 1 रुपए की राशि भेजकर अकाउंट को वैरीफाई किया जाएगा. इस दौरान यदि किसी बच्चे के अकाउंट में राशि नहीं पहुंचेगी तो उसे फिर से अपडेट किया जाएगा.
कक्षा 12 के स्टूडेंट्स को लैपटॉप और स्कूटी
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत कक्षा 6 वीं से 9 वीं के बच्चों को साइकिल और कक्षा 12 के छात्र-छात्राओं को लैपटॉप और स्कूटी दी जाती है. बच्चों को साइकिल दिए जाने की शुरुआत साल 2004-25 से हुई थी. शुरुआत में बच्चों को साइकिल खरीदने के लिए उनके अकाउंट में 2400 रुपए की राशि भेजी जाती थी, लेकिन साल 2016-17 में बच्चों को लघु उद्योग निगम से साइकिल खरीदकर बच्चों को दिए जाने की व्यवस्था शुरू हुई.
क्या है मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य सरकार हर साल कक्षा 6 वीं और 9 वीं क्लॉस की छात्राओं को साइकिल देगी है। यह साइकिल उन छात्राओं को दी जाती है, जिनके स्कूल की घर से दूरी 2 किलोमीटर और उससे ज्यादा है। ऐसी सभी छात्राओं को यह साइकिल मुफ्त में दी जाती है, ताकि घर से दूरी की वजह से बच्चियां स्कूल जाना न छोड़ें। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 215 करोड़ का बजट रखा है। राज्य सरकार बच्चियों को साइकिल खरीदकर देगी।
किन स्टूडेंट्स को मिलेगा लैपटॉप
राज्य सरकार कक्षा 12 वीं 75 फीसदी से ज्यादा अंक लाने वाले एमपी बोर्ड के छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देती है. इसकी शुरुआत साल 2009-10 से की गई थी. योजना के तहत ऐसे सभी छात्र-छात्राओं के अकाउंट में लैपटॉप के लिए 25 हजार रुपए की राशि उनके खातों में डाली जाती है. साल 2023-24 में राज्य सरकार ने ऐसे 90 हजार प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स के खातों में लैपटॉप की राशि डाली थी. हालांकि जब योजना शुरू हुई थी, तब 85 फीसदी और उससे ज्यादा अंक लाने वाले बच्चों को इसका लाभ दिया जाता था, लेकिन बाद में इस क्राइटेरिया को 85 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी कर दिया गया.
कब मिलेगी बच्चों को स्कूटी
अब राज्य सरकार प्रतिभाशाली बच्चों को लैपटॉप ही नहीं, बल्कि स्कूटी भी दे रही है. 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इसका ऐलान किया था. साल 2023 में इस योजना की शुरूआत की और 2022-23 के 7 हजार 778 स्टूडेंट्स को स्कूटी दी गई थी. स्कूटी उन छात्र-छात्राओं को दी जाती है, जिन्होंने अपने स्कूल में कक्षा 12 वीं में टॉप किया है. यदि कोई को-एड स्कूल है तो उसमें एक छात्र और एक छात्रा दोनों को स्कूटी दी जाती है.
ई-स्कूटी या पेट्रोल स्कूटी में से कोई एक लेने का विकल्प
बच्चों को ई-स्कूटी या पेट्रोल स्कूटी में से कोई एक लेने का विकल्प होता है. ई-स्कूटी के लिए 1 लाख 25 हजार रुपए और पेट्रोल स्कूटी के लिए 90 हजार रुपए की राशि देती है. मोहन सरकार ने फरवरी 2025 में साल 2023-24 के सत्र के स्टूडेंट्स को लैपटॉप और स्कूटी वितरित की थी.
यात्रियों को बड़ी राहत: ग्वालियर-बेंगलुरु के बीच डायरेक्ट तूफानी एक्सप्रेस शुरू
27 Jun, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: ग्वालियर से लेकर गुना, शिवपुरी और अशोक नगर के यात्रियों को एक बड़ी सौगात देश के रेलमंत्री ने दी है. गुरुवार को ग्वालियर से बेंगलुरु के लिए नई ट्रेन की शुरुआत हुई है. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ साथ स्थानीय सांसद भारत सिंह कुशवाह, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया और अनूप मिश्रा भी मौजूद रहे. जिन्होंने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े.
ग्वालियर से बेंगलुरु रवाना हुई ट्रेन
ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में इस वीकली ट्रेन (गाड़ी क्र.- 11086/85) को हरी झंडी दिखाई गई. कार्यक्रम में मौजूद सभी नेताओं ने चंबल के विकास को लेकर बात रखी. वहीं, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, "जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक को जोड़ने का काम कर रहे हैं और इसी कड़ी में इस ट्रेन के जरिए ग्वालियर को बेंगलुरु से जोड़ने की शुरुआत हो रही है.''
30 घंटे से बेंगलुरु पहुंचेगी ट्रेन
नई ट्रेन हर सप्ताह दोपहर 3 बजे ग्वालियर से बेंगलुरु के लिए रवाना होगी. ट्रेन के शिवपुरी, गुना,अशोकनगर, बीना, विदिशा और भोपाल में स्टॉप रहेंगे. यहां से नागपुर होते हुए काचीगुडा, महबूबनगर से तीसरे दिन सुबह 7.35 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी. यह 30 घंटे में यह दूरी पूरी होगी. बता दें कि नई नवेली ट्रेन में 22 कोच हैं. इसमें स्लीपर, एसी, जनरल और इकोनॉमी क्लास शामिल हैं. ट्रेन में यात्रियों का सफर आरामदायक होने वाला है. क्योंकि पहले बेंगलोर जाने में 36 से 38 घंटे लगते थे. अब 8 घंटे की दूरी कम हो जाएगी.
'150 साल पहले दो करोड़ के निवेश से रखी थी नींव'
मंत्री सिंधिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, ''ग्वालियर में ट्रेन का इतिहास बहुत पुराना है. 1872 में उनके परदादा जियाजी राव ने भारत के मिडलैंड रेलवेज की स्थापना की थी, ग्वालियर से आगरा को जोड़ने के लिए. उस समय 150 साल पहले 2 करोड़ रुपये निवेश किए थे. उनके बेटे माधव महाराज ने ग्वालियर लाइट रेलवे की शुरुआत की थी, वह भी उस जमाने में उस समय के शासकों ने सोची तक नहीं थी. उन्होंने ग्वालियर को भिंड, श्योपुर, शिवपुरी से जोड़ा.''
रेलवे क्षेत्र में रही सिंधिया राजघराने की सहभागिता
उसी क्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने पिता स्व. माधवराव सिंधिया का जिक्र करते हुए कहा कि, "मेरे पूज्य पिता ने रेलमंत्री रहते गुना इटावा रेलवे लाइन जिसे लोग सपना बताते थे शुरू की. अपने कार्यकाल में शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत की. आज इस बात की खुशी है की बेंगलुरु और ग्वालियर को जोड़ा जा रहा है.''
सांसद बोले, क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगी ट्रेन
कार्यक्रम के समापन के साथ ही केंद्रीय मंत्री इसी नई ट्राई में सवार होकर शिवपुरी रवाना हुए. वहीं, कार्यक्रम में शामिल रहे सांसद भरत सिंह कुशवाहा ने बातचीत के दौरान खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि, ''यह ट्रेन ग्वालियर चंबल अंचल के लिए एक बड़ी सौगात है. ये यहां के युवाओं के भविष्य और व्यापार की सौगात है. क्योंकि बैंगलोर IT हब है और अब इस अंचल के युवाओं को इस हादसे जुड़ने का मौका मिलेगा, ग्वालियर के विकास और तरक्की के लिए यह ट्रेन अहम भूमिका निभाएगी.''
अब तक गुना, शिवपुरी अशोकनगर के लिए नहीं थी ट्रेन
गौरतलब है कि, ट्रेन की रवानगी के दिन अधिकांश सीटें खाली पड़ी थीं. सामान्य दिनों में बेंगलुरु के लिए लोगों में टिकटों की मारामारी रहती है लेकिन गुरुवार को इस नई ट्रेन की शुरुआत की जानकारी कम लोगों को मिली, जिसके कारण लोग कम संख्या में इस ट्रेन से रवाना हुए. यह ट्रेन खास करके शिवपुरी, गुना, अशोकनगर के यात्रियों की सुविधा को लेकर ग्वालियर से चलाई गई है. क्योंकि पूर्व में बेंगलुरु के लिए इन शहरों से कोई सीधी ट्रेन की सुविधा नहीं थी.
ओबीसी आरक्षण पर सियासी संग्राम: कांग्रेस ने MP सरकार को घेरा
27 Jun, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है. बीते एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई हुई है, अब आखिरी फैसला 4 जुलाई को होना है. इससे पहले ही कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरने की योजना बना ली है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर ओबीसी समुदाय के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग की है.
मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर में होंगे आंदोलन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि, ''यदि बीजेपी सरकार ने इस मांग को अनसुना किया या फिर से कोर्ट का बहाना बनाया, तो मध्य प्रदेश कांग्रेस ओबीसी समाज के साथ मिलकर आंदोलन शुरू करेगी. हम हर जिले, हर तहसील और हर गांव में बीजेपी के इस ओबीसी विरोधी चेहरे को उजागर करेंगे. बीजेपी को इसका जवाब देना होगा, और यह जवाब जनता की ताकत से आएगा.''
कमलनाथ ने 14 से बढ़ाकर किया था 27 प्रतिशत आरक्षण
पटवारी ने कहा कि, ''भाजपा सरकार अपनी ओबीसी विरोधी साजिश को अंजाम देने में जुटी है. साल 2019 में कांग्रेस सरकार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में ओबीसी आरक्षण को 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का फैसला लिया था.'' पटवारी ने कहा कि, ''यह निर्णय विधानसभा और कैबिनेट से मंजूरी पाकर लागू हुआ था, ओबीसी समाज के उत्थान और समानता का प्रतीक था. लेकिन बीजेपी ने सत्ता हथियाने के बाद इस हक को छीनने का घिनौना षड्यंत्र रचा.''
6 साल से 27 प्रतिशत आरक्षण नहीं कर रही सरकार
बता दें कि, मध्य प्रदेश विधानसभा द्वारा 14 अगस्त 2019 को ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून पारित किया गया था. इस पर स्थगन का कोई आदेश भी नहीं है. इसके बाद भी राज्य सरकार मार्च 2019 के अंतरिम आदेश के आधार पर ओबीसी को निर्धारित आरक्षण लागू नहीं कर रही है.
हालांकि इस मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना है कि, ''ओबीसी आरक्षण को लेकर उनकी सरकार का रुख स्पष्ट है, उन्होंने कहा कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के स्टैंड पर हम कायम भी हैं.''
सुप्रीम कोर्ट में होगी 4 जुलाई को सुनवाई
दरअसल, मध्य प्रदेश विधानसभा द्वारा कानून बना दिए जाने के बाद भी आरक्षण लागू नहीं किए जाने से ओबीसी वर्ग में नाराजगी है. ओबीसी उम्मीदवारों ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर तत्काल राहत देने की मांग की है. अब इस मामले में निर्णायक फैसला आना बाकी है. जो 4 जुलाई को आएगा. बता दें कि ओबीसी आरक्षण पर स्पष्टता नहीं होने की वजह से एमपीपीएससी सहित प्रदेश की अन्य सरकारी भर्तियों में चयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.
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