मध्य प्रदेश
सिंहस्थ 2028 : उज्जैन और अन्य शहरों में 2675 करोड़ के विकास कार्य, दिसंबर 2027 तक होंगे पूरे
3 Sep, 2025 02:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल/इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 महापर्व की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने निर्देश दिए कि सिंहस्थ से जुड़े सभी निर्माण कार्य दिसंबर 2027 तक अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएं। साथ ही, भीड़ प्रबंधन, धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों और आवागमन की व्यवस्थाओं को भी समय पर सुनिश्चित किया जाए।
इस मंत्रीमंडलीय समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों में स्थानीय निवासियों को भागीदार बनाया जाए। उन्होंने पदयात्रियों की सुविधा, वाहनों की पार्किंग और कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान देने को कहा। उज्जैन को बेहतर प्रबंधन के लिए सात जोन में बांटा जाएगा, जिनमें पेयजल, स्वच्छता, आवागमन और स्वास्थ्य जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी।
:: 33 नए कार्यों को मिली मंजूरी ::
बैठक में कुल 2675 करोड़ रुपये की लागत वाले 33 कार्यों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 25 कार्य उज्जैन, 3 खंडवा, 2 मंदसौर और 3 खरगोन में होंगे। इनमें नगरीय विकास, लोक निर्माण, रेलवे, पर्यटन और गृह विभाग के कार्य शामिल हैं।
:: प्रमुख परियोजनाएं ::
- उज्जैन : 194 करोड़ की लागत से 12 किलोमीटर लंबा 6 लेन का मार्ग बनेगा, जो सभी घाटों को जोड़ेगा। इस मार्ग का उपयोग सिंहस्थ के दौरान बस रैपिड ट्रांजिट के रूप में भी हो सकेगा। इसके अतिरिक्त, नरसिंहघाट, भैरवगढ़, गढ़कालिका और महाकाल मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। लगभग 9 किलोमीटर लंबी क्षिप्रा नदी के घाटों का भी उन्नयन होगा।
- खंडवा (ओंकारेश्वर) : 48.37 करोड़ की लागत से वर्तमान झूला पुल के समानांतर एक नया पुल बनाया जाएगा। इसके अलावा, पुराने पुल से मंदिर तक के रास्ते के लिए अतिरिक्त पुल और प्रतीक्षालय का निर्माण होगा।
- मंदसौर : पशुपतिनाथ मंदिर में शिवना नदी के घाटों के निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए 12.32 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
- खरगोन (महेश्वर) : श्रद्धालुओं को मां अहिल्या के कार्यों की जानकारी देने के उद्देश्य से अहिल्या लोक का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए 110 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। धामनोद से बड़वाह तक 61.85 किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 1441.85 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं।
बैठक में क्षिप्रा नदी में जल का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करने वाली योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए ताकि सिंहस्थ-2028 का आयोजन भव्य और सफल हो सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित करने पर कैबिनेट के सदस्यों ने माना आभार
2 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित किए जाने पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। मंत्रियों ने कहा कि यह पहल भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाली है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगी।
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम है। यह घड़ी केवल समय बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और चंद्रमा की स्थिति जैसी जानकारी भी उपलब्ध कराती है। इसमें वैदिक समय के साथ-साथ भारतीय मानक समय और ग्रीनविच मानक समय का तुलनात्मक अध्ययन भी संभव है। इस अनूठी घड़ी के साथ मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जो 189 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है और विश्वभर के 7000 से अधिक स्थानों के लिए समय व पंचांग की जानकारी देता है।
मंत्रियों ने कहा कि उज्जैन की वैदिक और सांस्कृतिक परंपरा से प्रेरित यह घड़ी मुख्यमंत्री निवास में स्थापित होना गर्व की बात है। यह पहल प्रदेश की गौरवशाली धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के साथ युवाओं को वैदिक विज्ञान और गणना प्रणाली से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।
इस अवसर पर परिवहन, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पवार सहित अन्य मंत्री शामिल थे।
शहरी क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में रखी जाये पारदर्शिता : मंत्री विजयवर्गीय
2 Sep, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि आगामी त्यौहारों के सीजन को देखते हुए सड़क मरम्मत से जुड़े कार्यों को विभाग प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में सड़क पर बोर्ड के माध्यम से निर्माण एजेंसी और निविदा शर्तों के बारे में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को उससे जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जाये। मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि शहरी क्षेत्रों पर लगातार आबादी का दबाव बढ़ रहा है। इसका असर शहरी क्षेत्र की अधोसंरचना पर पड़ रहा है। उन्होंने इस बात को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 2 करोड़ 50 लाख से ज्यादा परिवार शहरी परिधि में निवास कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहे हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र में 8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती घर बनकर तैयार हो चुके हैं और 10 लाख मकान निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में अक्टूबर 2019 से अब तक लगभग 51 हजार करोड़ रूपये के निवेश से शहरी कल्याण के कार्य चल रहे हैं। इस सब को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
सड़क निर्माण को लेकर दिये दिशा-निर्देश
विभागीय मंत्री के निर्देश के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सड़क निर्माण कार्य से जुड़े अमले को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में कहा गया है कि सड़क निर्माण कार्य की निविदाएं केवल ई-निविदा के माध्यम से ही जारी की जायें। सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार करते समय परियोजना प्रबंधन का भी प्रावधान किया जाये। इसी के साथ सड़क निर्माण कार्य की कार्ययोजना तैयार करते समय 3 वर्ष का मेंटनेंस प्रावधान आवश्यक रूप से रखा जाये। कांक्रीट सडक निर्माण के वक्त विभागीय अधिकारी आवश्यक प्रक्रिया का पालन कराया जाना सुनिश्चित करें। प्रत्येक कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व एवं समाप्ति के बाद जियो टैग फोटो का संधारण अनिवार्य रूप से किया जाये। निविदा की शर्तों का डिजिटाइजेशन किया जाये।
नागरिकों की सुविधा का रखें ध्यान
नगरीय निकायों को दिये गये निर्देश के अनुसार सड़क निर्माण के बाद संकेतक अनिवार्य रूप से लगाये जायें। नगरीय निकायों को शहरी क्षेत्रों में सड़कों के आस-पास पौधरोपण पर भी विशेष ध्यान देने के लिये कहा गया है। सड़कों की सुरक्षा एवं स्पीड ब्रेकर निर्धारित मापदंड के अनुसार हो, यह सुनिश्चित किया जाये।
"जल जीवन मिशन" की पुनरीक्षित योजनाओं में 2,813 करोड़ रूपये वृद्धि का अनुमोदन
2 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश में 'जल जीवन मिशन" अंतर्गत पुनरीक्षित योजनाओं में प्रस्तावित लागत में वृद्धि राशि 2,813 करोड़ 21 लाख रूपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का अनुमोदन किया, जो लगभग 13.55 प्रतिशत है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 20 हजार 765 करोड़ रूपये लागत की 27 हजार 990 एकल ग्राम नल जल योजनाओं और 60 हजार 786 करोड़ रूपये लागत की 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत 27 हजार 990 योजनाओं में से 15 हजार 947 ग्रामों की योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और 12 हजार 43 योजनाओं के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगतिरत हैं। अभी तक कुल 8 हजार 358 योजनाओं के पुनरीक्षण की आवश्यकता हुई है। पुनरीक्षण कार्यवाही के अंतर्गत 7 लाख ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए समस्त परिक्षेत्र के जिलों की प्रस्तुत 8,358 पुनरीक्षित परियोजनाओं के विस्तृत परीक्षण के उपरान्त कुल पुनरीक्षित लागत 9026 करोड़ 97 लाख रूपये की स्वीकृति दिये जाने की अनुशंसा की गई। इन योजनाओं की मूल स्वीकृत लागत 6,213 करोड़ 76 लाख रूपये है।
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग निर्माण की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग, लंबाई 48.10 कि.मी. का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर एवं दोनों ओर दो लेन सर्विस रोड सहित, हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) योजनांतर्गत निर्माण कार्य के लिए भू-अर्जन सहित कुल राशि 2 हजार 935 करोड़ 15 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। पूर्व में जारी लोक निर्माण विभाग को प्रदान की गई प्रशासकीय स्वीकृति को निरस्त करते हुए परियोजना को "हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल" पर किए जाने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गयी परियोजना के अंतर्गत 34 अंडर पास, 02 फ्लाई ओवर, 01 आर.ओ.बी., 07 मध्यम पुल एवं 02 वृहद जंक्शन का निर्माण सहित सभी जंक्शन का सुधार, सड़क सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग आदि कार्य किये जायेंगे। मार्ग के निर्माण एवं संधारण के लिए कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी।
उज्जैन मे नवीन रेलवे ओवर ब्रिज की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिहंस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन शहर में हरिफाटक रेलवे क्रासिंग पर 4 लेन और हरिफाटक चौराहे से नीलकंठ द्वार तक 980 मीटर लंबाई के नवीन रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति सिहंस्थ मद अंतर्गत प्रदान की गई।
नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग कुल लंबाई 72.18 किलोमीटर के दो लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण के लिये "हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM)" योजनांतर्गत भू-अर्जन सहित राशि 972 करोड़ 16 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना के अंतर्गत 2 अंडर पास, 4 बड़े पुल, 37 मध्यम पुल, 14 वृहद जंक्शन एवं 52 मध्यम निर्माण कार्य किये जायेंगे। इसके अतिरिक्त जंक्शन सुधार, सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग और रोड फर्नीचर का कार्य भी किया जायेगा। मार्ग निर्माण और संधारण की कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी।
विधायक सुदेश राय के अशोभनीय शब्दों पर विपक्ष का हंगामा
2 Sep, 2025 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर। सीहोर के बीजेपी विधायक सुदेश राय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे मां की गाली देते हुए साफ-साफ नजर आ रहे हैं। यह मामला सोमवार का बताया जा रहा है, जब बीजेपी ने पूरे प्रदेश में कांग्रेस के खिलाफ विराेध प्रदर्शन किया था। दरअसल, बिहार के दरभंगा में कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस के मंच से पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल हुआ था। इसी को लेकर मध्य प्रदेश में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया, सीहोर में भी बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के सामने राहुल गांधी का पुतला दहन किया। इसी दौरान कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं में जमकर भिड़ंत हो गई। धक्का-मुक्की में एक बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गया, इसी झड़प के बीच विधायक सुदेश राय का गाली देते हुए वीडियो सामने आया।
कांग्रेस ने बोला हमला
कांग्रेस नेताओं ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बीजेपी पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजीव गुजराती और इच्छावर से पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि बीजेपी खुद को संस्कार और संस्कृति का ठेकेदार बताती है, लेकिन उसके अपने विधायक खुलेआम गालियां बकते नजर आ रहे हैं। पटेल ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब बीजेपी अपने ही विधायक का पुतला दहन करेगी या उन्हें संरक्षण देगी। पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने लिखा कि बीजेपी का दोहरा चेहरा जनता के सामने आ चुका है। एक तरफ कांग्रेस पर आरोप लगाकर नारेबाजी और पुतला दहन, दूसरी तरफ खुद के नेताओं की गालीबाजी। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और बीजेपी की असलियत अब छिपने वाली नहीं है।
दोनों दलों ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
झड़प के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बीजेपी जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने कहा कि यह महिला मोर्चा का शांतिपूर्ण प्रदर्शन था, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर उसमें बाधा डाली। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और बीजेपी कार्यकर्ताओं से मारपीट भी की। वहीं, कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजीव गुजराती ने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस दफ्तर के बाहर नारेबाजी की, गालियां दीं और यहां तक कि कार्यालय को आग लगाने की धमकी भी दी। उन्होंने कहा कि घटना की फोटो और वीडियो सबूत के तौर पर मौजूद हैं, कांग्रेस ने पुलिस को तीन दिन का समय दिया है और चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में एसपी ऑफिस का घेराव किया जाएगा।
मेडिकल सर्जिकल सामान बनाने वाले कारोबारी राजेश गुप्ता के घर पर ED की रेड
2 Sep, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से मंगलवार सुबह कार्रवाई की दो बड़ी खबरें सामने आईं। पहली खबर ED के छापे से जुड़ी हुई है, शहर के लालघाटी में पंटवटी पार्क स्थित राजेश गुप्ता के घर पर ED ने छापा मारा है। राजेश गुप्ता मेडिकल सर्जिकल सामान बनाने का काम करते हैं, उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में फोर्स को तैनात किया गया है। दूसरी कार्रवाई इनकम टैक्स विभाग ने की है। कंप्यूटर के थोक व्यापारी समेत 6 से ज्यादा ठिकानों पर आईटी ने रेड की है, अयोध्या बाईपास समेत कई इलाकों में आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है।
अमीरों की गरीबी पर कार्रवाई: 25 हजार फर्जी राशन कार्ड निरस्त
2 Sep, 2025 11:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: सरकार गरीबों के लिए मुफ्त राशन मुहैया करा रही है. इस योजना के तहत सरकार मध्य प्रदेश में करीब 5 करोड़ 27 लाख लोगों को सरकार राशन भी मुहैया करा रही है. ये जानकर आपको अचरज होगा कि करीब 1 लाख 65 हजार से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जो राशन के हकदार नहीं है. लेकिन गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं.
ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा तय गाइडलाइन के तहत इन अपात्र लोगों के नाम काटे जाने का काम शुरू हो चुका है और अब तक करीब 25 हजार से ज्यादा लोगों के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि, ''इस सूची में ऐसे लोग हैं, जो इनकम टैक्स पेयर है और बड़े-बड़े सरकारी पदों पर नौकरी कर रहे हैं. जिनकी आय 25 लाख से ऊपर है, फिर भी वह गरीबों के नाम का राशन ले रहे हैं.''
केंद्र सरकार ने जारी किए निर्देश
दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को दिए जाने वाले राशन की योजना के पंजीबद्ध हितग्राहियों का सर्वे कराया था. जिसमें मध्य प्रदेश में 1 लाख 65 हजार से ज्यादा ऐसे राशन के हितग्राही सामने आए, जो नियमानुसार राशन के पात्र नहीं हैं, फिर भी राशन ले रहे हैं. केंद्र सरकार ने अपात्र हितग्राहियों की इस सूची के साथ एक गाइडलाइन भेजी है.
उसके अनुसार, इन अपात्र लोगों को हटाया जाना है. राशन योजना का लाभ उसे व्यक्ति को नहीं मिल सकता है, जो आयकर दाता है. इसके अलावा सरकारी नौकरी करने वाले और 25 लाख से ज्यादा सालाना आय वालों को सूची से हटाया जा रहा है.
विभागीय जानकारी के अनुसार, कई ऐसे लोग सामने आए हैं, जिनके पास बड़े-बड़े बंगले, फोर व्हीलर और कई एकड़ जमीन है. फिर भी उनका नाम गरीबी रेखा के राशन कार्ड में जुड़ा हुआ है. कई लोग तो बड़े-बड़े सरकारी पदों पर मोटी तनख्वाह पा रहे हैं. फिर भी गरीबों के हक के राशन पर डाका डाल रहे हैं. केंद्र सरकार के निर्देश के चलते अब तक करीब 25 हजार से ज्यादा लोगों को सूची से हटा दिया गया है.
क्या कहना है मंत्री का
मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि, ''भारत सरकार ने करीब 1 लाख 65 हजार का डेटा दिया है, जो कि अपात्र हैं और जिनके नाम काटा जाना है. अधिकांश लोग इनमें ऐसे हैं, जो टैक्सपेयर, सरकारी नौकरी, कंपनी एक्ट के तहत डायरेक्टर हैं और जिनकी सालाना आय 25 लाख रूपए से अधिक है, ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं. इन लोगों के नाम काटने के निर्देश भारत सरकार ने दिए हैं और अब तक करीब 25 हजार लोगों के नाम कट भी चुके हैं. ये कार्यवाही पूरे मध्य प्रदेश में चल रही है.''
''इस प्रक्रिया में जो अपात्र है, उनके नाम काटने की कार्यवाही की जा रही है. जो पात्र हैं, उनके नाम शामिल रहेंगे. जो पैसे वाले हैं, जिनको गरीबी रेखा के नीचे राशन लेने का अधिकार नहीं है. ऐसे सक्षम लोगों के नाम काटे जा रहे हैं, जो इनकम टैक्स पेयर है, बडे़-बडे़ सरकारी पदों पर नौकरी कर रहे हैं. तो ऐसे लोगों को गरीबों को दिए जाने वाला राशन क्यों दिया जाए, इसलिए भारत सरकार के निर्देश पर ऐसे नाम काटे जा रहे हैं.''
टैरिफ विवाद में विरोध का अनूठा अंदाज़: ट्रंप की अर्थी निकाल कर किया सांकेतिक प्रदर्शन
2 Sep, 2025 10:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने का राजधानी भोपाल में भी विरोध शुरू हो गया है. राजधानी भोपाल में टैरिफ का अनोखा विरोध किया गया. भारतीय गणवार्ता पार्टी ने 50 फीसदी टैरिफ के विरोध में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सांकेतिक शवयात्रा निकाली. शवयात्रा के पहले डोनाल्ड ट्रंप की तेरहवीं के कार्ड भी बांटे गए.
13 दिन बाद कराया जाएगा मृत्यु भोज
भारतीय गणवार्ता पार्टी ने भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर विरोध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंका. इसके बाद उनकी शव यात्रा निकाली. पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि शवयात्रा के 13 दिन बाद ट्रंप की तेरहवीं भी की जाएगी. इसमें लोगों को मृत्युभोज कराया जाएगा. पार्टी के अध्यक्ष शिवकांत शुक्ला ने कहा कि "डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ दोस्ती के नाम पर गद्दारी की है. 50 फीसदी टैरिफ और ट्रंप द्वारा भारत के साथ धोखा दिया गया है.
पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा दिया गया है. अब 13 दिन बाद मृत्यु भोज भी कराया जाएगा. इसके बाद स्वदेशी अपनाओ का अभियान भी चलाया जाएगा.
अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ का विरोध
दरअसल, अमेरिका ने भारत पर पहले 25 फीसदी टैरिफ लगाया गया था. बाद में समझौता न होने पर 27 अगस्त से टैरिफ को बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया है. भारत से अमेरिका को कुल 7 लाख 59 हजार करोड़ का निर्यात किया जाता है. इसमें सबसे ज्यादा 22 फीसदी निर्यात मशीनरी आयटम किए जा रहे हैं. यह करीबन 1 लाख 68 हजार करोड़ रुपए है.
टैरिफ के विरोध में स्वदेशी अपनाने की अपील
अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चर्चा अंतराष्ट्रीय स्तर पर है. कई विदेशी लीडर्स ने इस टैरिफ को गलत बताया है. वहीं भारत में अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ लोगों ने नाराजगी बढ़ रही है. स्वदेशी अपनाने की अपील की जा रही है. वहीं पीएम मोदी ने भी देशवासियों से स्वदेशी अपनाने की अपील की है. उन्होंने कहा था कि भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हर नागरिक को स्वदेशी वस्तुएं खरीदने का संकल्प लेना चाहिए. स्वदेशी वस्तुएं खरीदें, जिसे बनाने में भारतीयों ने पसीना बहाया है.
मध्य प्रदेश में मौसम का कहर: 15 जिलों में तूफानी बारिश का रेड अलर्ट
2 Sep, 2025 10:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP Weather Update : मध्य प्रदेश पर इस बार इंद्रदेव इस कदर मेहरबान हैं कि राहत की बारिश अब आफत में तब्दील हो चुकी है. जुलाई और अगस्त के बाद सितंबर में भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने तीन मौसमी सिस्टम के एकसाथ सक्रिय होने से प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है. ऐसे में सितंबर की शुरुआत भी झमाझम बारिश के साथ हो रही है और आने वाले दिनों में भी यही हाल रहेगा.
आज इन 15 जिलों में होगी भारी बारिश
आज मंगलवार को मध्य प्रदेश के जिन 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी और धार शामिल हैं. इन जिलों में अगले 24 तक 2 से 4 इंच तक बारिश हो सकती है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नदी नाली भी उफान पर आ सकते हैं.
बता दें कि मध्य प्रदेश में पिछले 48 घंटों में कई जिलों में जमकर बारिश हुई है, जिसमें राजधानी भोपाल के साथ-साथ जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर शामिल हैं. मौसम विभाग के मुताबिक इन जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है.
दमोह में रिकॉर्ड तोड़ बारिश से हाहाकार
मध्य प्रदेश में सितंबर की शुरुआत भारी बारिश से हुई है. यहां सोमवार को दमोह में रिकॉर्ड तोड़ 2.5 इंच पानी गिर गया. इसके अलावा रतलाम-दतिया में डेढ़ इंच और भोपाल में आधा इंच बारिश हुई. भारतीय मौसम विभाग के डायरेक्टर मृत्युंजय महापात्रा के मुताबिक, '' इस बार सितंबर में औसत से ज्यादा बारिश होने की संभावना बनी हुई है. इसी वजह से देश के अलग-अलग क्षेत्रों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो रही है.''
सितंबर में तबाही मचाएगा मॉनसून?
मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश के ऊपर से होते हुए एक ट्रफ लाइन दक्षिण पूर्व से बढ़कर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है. इसके साथ ही कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं, जिसकी वजह से फिर भारी बारिश का दौर देखने मिलेगा. मौसम विभाग ने आगे बताया कि बंगाल की खाड़ी में बन रहा एक और सिस्टम का असर 4 सितंबर से दिखने लगेगा. माना जा रहा है कि इसकी वजह से इस बार सितंबर की बारिश रिकॉर्डतोड़ सकती है. ऐसे में प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात फिर बन सकते हैं.
सितंबर में ओवर फ्लो होंगे डैम, बोनस की बारिश
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, '' मध्य प्रदेश में मॉनसून का कोटा लगभग पूरा हो चुका है. कई जिलों में यह सितंबर की शुरुआत में ही पूरा हो जाएगा. दरअसल, सितंबर के शुरुआती दिनों में बारिश के कई सिस्टम एक्टिव रहेंगे. इस वजह से भारी बारिश का दौर बना रहेगा.''
VIP एंट्री विवाद पर कोर्ट का अहम निर्णय: महाकाल मंदिर में लागू रहेगा कलेक्टर का आदेश
2 Sep, 2025 09:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक और वीआईपी प्रवेश की अनुमति के खिलाफ दायर याचिका पर कोर्ट का फैसला आ गया है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने फैसला सुनाते हुए कलेक्टर के आदेश को सही माना है और यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. यानी आम भक्तों को गर्भगृह में अभी प्रवेश नहीं मिलेगा और निर्णय लेने का अधिकार कलेक्टर के पास ही रहेगा.
वीआईपी कल्चर के खिलाफ दायर की गई थी याचिका
दरअसल, इस तथाकथित 'वीआईपी कल्चर' को चुनौती देते हुए इंदौर के निवासी दर्पण अवस्थी ने 18 अगस्त को अपने वकील चर्चित शास्त्री के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिकाकर्ता का कहना था कि देशभर से लाखों भक्त उज्जैन महाकाल के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें केवल बाहर से ही दर्शन करना पड़ता है. वहीं वीआईपी लोगों को सीधे गर्भगृह में एंट्री मिल जाती है और वो परिवार सहित वहां जाकर पूजा-अर्चन करते हैं. याचिकाकर्ता ने इसे आम भक्तों के साथ भेदवाभ और अन्याय बताया था.
हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत बताकर रद्द की याचिका
हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सोमवार को इस याचिका पर फैसला सुनाया. हाईकोर्ट ने ये कहते हुए इस याचिका को रद्द कर दिया कि याचिकाकर्ता ने अपनी व्यक्तिगत समस्या को लेकर याचिका लगाई गई है. कोर्ट ने कहा, "मंदिर के गर्भगृह में किसे प्रवेश मिलना चाहिए और किसे नहीं मिलना चाहिए ये उज्जैन कलेक्टर के विवेकाधिकार में है. इसपर कलेक्टर और मंदिर प्रशासन ही अंतिम फैसला लेंगे." यानी पहले जैसे व्यवस्था थी वही जारी रहेगी. इसका मतलब है कि अभी आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिलेगी.
सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं याचिकाकर्ता
इंदौर बैंच द्वारा याचिका खारिज होने पर तर्पण अवस्थी इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करने की तैयारी में हैं. याचिकाकर्ता के वकील चर्चित शास्त्री ने बताया, "हाईकोर्ट ने याचिका को व्यक्ति विशेष का मामला बताकर खारिज कर दिया. जबकि ये व्यक्ति विशेष का मामला नहीं है. ये याचिका उन सभी आम भक्तों के लिए थी जिन्हें मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश नहीं मिलता, जबकि वीआईपी, नेता पुत्रों को बड़ी आसानी से प्रवेश मिल जाता है. कलेक्टर द्वारा भक्तों से भेदभाव किया जाता है. हम फैसला का स्वागत करते हैं, लेकिन हम इसको लेकर सर्वोच्च न्यायालय जाएंगे."
2023 से गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक
बता दें कि अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने भी याचिका का समर्थन किया था और कोर्ट से कहा था कि गर्भगृह दर्शन के लिए नीति बनाई जाए. महासंघ ने सुझाव दिया था कि चाहे शुल्क निर्धारित किया जाए या समय, लेकिन आम भक्तों को भी बाबा महाकाल के समीप जाने का अवसर मिलना चाहिए. महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर 4 जुलाई 2023 से प्रतिबंध लगा हुआ है. हाल ही में कई नेता पुत्रों द्वारा जबरदस्ती बैरिकेडिंग फांदकर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने के मामले भी सामने आए हैं.
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन
1 Sep, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सितम्बर माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस सोमवार को मंत्रालय वल्लभ भवन क्रं. 1 के कक्ष क्रं 506 में राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन हुआ। वंदेमातरम गायन में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण,विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, संजय कुमार शुक्ल, दीपाली रस्तोगी सहित मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
1 Sep, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उप मुख्यमंत्री ने मंत्रालय भोपाल में चिकित्सकीय मैनपॉवर भर्ती प्रक्रिया, अधोसंरचना विकास कार्यों और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे हों जिससे जनता को समय पर सुविधाएं और युवाओं को रोजगार एवं शिक्षा के अवसर मिल सकें।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती, उन्हें उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं एवं मानदेय से संबंधित विषयों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर भर्ती के लिए नियमों में संशोधन की चल रही प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने अंतर्विभागीय समन्वय और आवश्यक औपचारिकताओं को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रक्रिया 15 सितम्बर तक पूरी कर शीघ्र भर्ती की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने एएनएम काउंसलिंग, फार्मासिस्ट नियुक्ति परीक्षा और हॉस्पिटल असिस्टेंट भर्ती की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की और समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। चिन्हित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में आउटसोर्सिंग के माध्यम से एफआरयू संचालन की कार्यवाही की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मरीजों को मानक अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चिकित्सा अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पीपीपी मोड पर धार, बैतूल, कटनी और पन्ना में मेडिकल कॉलेज स्थापना की कार्यवाही पर विस्तार से चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संबंधित अधिकारियों को भूमि आवंटन और अन्य आवश्यक सहयोग समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण होना चाहिए, जिससे शीघ्र चिकित्सा शिक्षा सत्र प्रारंभ हो सके और नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। नर्सिंग कॉलेज निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग हो, गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी तथा सीईओ आयुष्मान मध्यप्रदेश डॉ. योगेश भरसट उपस्थित रहे।
मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने की मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक की समीक्षा
1 Sep, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को अपेक्स बैंक, भोपाल में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक की गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नियुक्तियों, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों की वित्तीय स्थिति, खरीफ 2025-26 में अल्पावधि फसल ऋण वितरण, शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना सहित कई विषयों पर विस्तृत चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मजबूत आर्थिक आधार देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ 2025-26 के लिए समय पर अल्पावधि फसल ऋण वितरण सुनिश्चित हो तथा किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण की सुविधा समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पैक्स समितियों में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और पैक्स कंप्यूटरीकरण की प्रक्रिया को गति देने पर विशेष बल दिया।
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड संचालन को और सरल एवं सुलभ बनाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री सारंग ने कहा कि किसान हितैषी नीतियों का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब जिला सहकारी बैंक मजबूत स्थिति में कार्य करें। इसलिए कमजोर जिला बैंकों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और उसे जल्द लागू किया जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता डी.पी. आहूजा, नाबार्ड की सीजीएम श्रीमती सी. सरस्वती, आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक) मनोज गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बच्चों में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करें : मंत्री सिंह
1 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि देश में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिये बच्चों में "एक भारत-श्रेष्ठ भारत'' की भावना को मजबूत किया जाना जरूरी है। हमारी विविधता भरी सांस्कृतिक विरासत पूरी दुनिया में भारत को अलग पहचान दिलाती है। मंत्री सिंह सोमवार को भोपाल में सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गोविंदपुरा, भेल की वार्षिक पत्रिका "वीथिका'' का विमोचन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में संचालित हो रहे सांदीपनि विद्यालयों में बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को तराशने का कार्य बेहतर तरीके से किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। सांदीपनि विद्यालय में बच्चों की सुविधा के लिये नि:शुल्क बस सेवा भी उपलब्ध करायी जा रही है।
वार्षिक पत्रिका वीथिका
विद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूनम अवस्थी ने बताया कि वार्षिक पत्रिका वीथिका में संविधान के 75वें वर्ष के मौके पर संविधान से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियों का समावेश किया गया है। उन्होंने बताया कि भेल सांदीपनि विद्यालय का स्वयं का भवन लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से जल्द बनकर तैयार हो जायेगा। विद्यालय में के.जी. से 12वीं तक करीब 1080 बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को हिन्दी और इंगलिश मीडियम में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। विद्यालय में पिछले वर्ष विभिन्न राज्यों की संस्कृति के आदान-प्रदान के लिये नागालैण्ड राज्य के बच्चों ने दौरा किया था। भेल विद्यालय के बच्चों ने मंत्री सिंह को ट्रायबल पेंटिंग भी भेंट की।
प्रदेश में रीवाइल्डिंग से संतुलित होगी वाइल्डलाइफ इकोलॉजी
1 Sep, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश में स्वैम्प डियर (बारहसिंगा) सहित कई प्रजातियों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए पुनर्वास एवं पुनर्प्रवेश कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वैज्ञानिक पद्धति से इन प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित करने का प्रयास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिये 'रीवाइल्डिंग'की अभिनव पहल की गई है। रीवाइल्डिंग का उद्देश्य वाइल्डलाइफ इकोलॉजी को संतुलित कर लुप्त होती प्रजातियों को पुनर्जीवित करना, संकटग्रस्त प्रजातियों का संरक्षण करना और जैव विविधता को बढ़ावा देना है। प्रदेश में की गई यह पहल अन्य राज्यों के लिए वन संरक्षण का मॉडल बनेगी।
रीवाइल्डिंग का अर्थ है प्रकृति को उसकी मूल अवस्था में लौटाना। इसके लिये जंगलों में उन प्रजातियों को पुनः बसाया जाता है, जिनके बिना पारिस्थितिकी तंत्र अधूरा है। इसमें शिकारी प्रजातियों और शिकार प्रजातियों को शामिल किया जाता है। माना जाता है कि इन प्रजातियों के बिना जंगल का आहार-संतुलन बिगड़ता है और नेचुरल लाइफ साइकिल टूट जाती है।
‘टाइगर स्टेट’ कहलाने वाला मध्यप्रदेश जैव विविधता से समृद्ध है। इसके बावजूद कई प्रजातियाँ विलुप्ति की कगार पर हैं। प्रदेश के वनों में स्वैम्प डियर (बारहसिंगा) की संख्या लगातार घट रही है। साथ ही बाघ और तेंदुए का संतुलन भी प्रभावित हुआ है। विलुप्त होती प्रजातियों को समय रहते पुनर्स्थापित कर जंगलों के साथ प्राकृतिक संतुलन को बनाये रखा जा सकता है।
वन विभाग ने रीवाइल्डिंग को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई है। स्वैम्प डियर और अन्य प्रजातियों को पुनः प्राकृतिक आवास में बसाया जाएगा। केवल किसी एक जानवर पर नहीं, बल्कि पूरे जंगल में घास-भूमि और नदी के परिदृश्य पर ध्यान देकर जानवरों को बसाया जाएगा। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), वन अनुसंधान संस्थान और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ भी रीवाइल्डिंग के इस मिशन में सहयोग कर रहे हैं। जनजातीय और ग्रामीण समुदायों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें वन्यजीव पर्यटन के साथ ही आजीविका के नए अवसर मिल सकें। वन्यजीव वैज्ञानिकों का कहना है कि रीवाइल्डिंग केवल जानवरों को बचाने का कार्यक्रम नहीं है। यह जलवायु परिवर्तन से निपटने का सशक्त उपाय भीहै, क्योंकि जंगल कार्बन भंडारण बढ़ाने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने में मदद करते हैं। इससे जंगलों के साथ ही जल एवं मृदा संरक्षणभी होता है, क्योंकि इकोलॉजी के संतुलन से प्राकृतिक संसाधन भी सुरक्षित रहते हैं। रीवाइल्डिंग वन्य पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्थाको सशक्त बनाने का भी माध्यम है। इससे जंगल में बिना मानवीय हस्तक्षेप के प्राकृतिक चक्र सक्रिय बना रहेगा।
राज्य सरकार की यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब तक वन संरक्षण की नीतियाँ एक प्रजाति तक सीमित रहती थीं, किंतु रीवाइल्डिंग का फोकस पूरी तरह वाइल्डलाइफ इकोलॉजी पर है। यह प्रक्रिया देश के अन्य राज्यों में भी इकोलॉजी संतुलन के लिए मॉडल बन सकती है।
प्रदेश में रीवाइल्डिंग का प्रयास इस बात का संकेत है कि सरकार और समाज के प्रयास अब वन और वन्यजीव संरक्षण से आगे जा कर प्रकृति को उसकी मूल अवस्था में लौटाने की ओर अग्रसर हैं। इस पहल से मध्यप्रदेश वन्य जीवन संरक्षण में अग्रणी राज्य बनेगा।
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