मध्य प्रदेश
बांधवगढ़ में पर्यटकों को मिलेंगे पहले से ज्यादा ट्रेंड गाइड, सफारी का मजा होने जा रहा दोगुना
5 Sep, 2025 10:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उमरिया: मानसून सीजन चल रहा है और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इन दिनों कोर जोन में सफारी पूरी तरह से बंद है. एक तरह से ऑफ सीजन चल रहा है, अब टाइगर रिजर्व के कोर जोन में एक अक्टूबर से फिर से सफारी की शुरुआत होगी. उससे पहले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है. उसी के तहत इन दिनों बांधवगढ़ के गाइडों को लेकर स्पेशल ट्रेनिंग चल रही है.
बांधवगढ़ के गाइड होंगे और ट्रेंड
किसी भी टाइगर रिजर्व की जान होते हैं वहां के गाइड, क्योंकि जो बाहर से पर्यटक आते हैं, उन्हें जंगल की असली सैर तो यही गाइड करवाते हैं. इन्हीं गाइडों के भरोसे कई पर्यटक जंगल सफारी का आनंद लेते हैं, ऐसे में टाइगर रिजर्व के बढ़ते पर्यटन में इनकी भी अहम भूमिका होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जितने भी गाइड हैं और वन कर्मचारी, अधिकारी हैं, उन्हें स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है. ये ट्रेनिंग 4 सितंबर से 17 सितंबर तक चलेगी, जो कि बांधवगढ़ के ताला स्थित ईको सेंटर में आयोजित की जा रही है.
कितने गाइड होंगे शामिल?
ये स्पेशल ट्रेनिंग 7 बैच में संचालित की जा रही है, जिसमें टोटल 197 गाइड शामिल होंगे, जिसमें 26 महिला और 171 पुरुष गाइड शामिल हैं. इस ट्रेनिंग का प्रमुख मकसद गाइडों को पर्यटकों के लिए मार्गदर्शक के रूप में मजबूत बनाना है. उन्हें जैव विविधता संरक्षण, वन प्रबंधन और स्थानीय समुदायों और ईको-टूरिज्म के बीच सेतू के रुप में तैयार करना भी है.
बता दें कि गाइड, पर्यटक और वन्यजीव संरक्षण संदेश के बीच एक अहम कड़ी होते हैं. इसलिए इस ट्रेनिंग के माध्यम से उनकी भूमिका और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है.
कौन दे रहा ये ट्रेनिंग?
बांधवगढ़ के गाइडों को ये ट्रेनिंग पुणे के वन्यजीव विशेषज्ञ और महाराष्ट्र वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य अनुज खरे, राजीव पंडित और डॉक्टर उमेश उन्नीकृष्णन देंगे.
ट्रेनिंग सेशन में क्या खास?
इस ट्रेनिंग सेशन में गाइडों को बहुत कुछ खास बातें बताई जाएंगी. वन्य जीव एवं ईको टूरिज्म की जानकारी दी जाएगी. जिससे पर्यटक को वैज्ञानिक तथ्यों और संरक्षण के महत्व से अवगत कराया जा सके. इस दौरान फील्ड विजिट भी कराया जाएगा, जिससे गाइड प्रत्यक्ष रुप से वन्य प्राणियों के व्यवहार, उनके आवास और वन प्रबंधन की बारीकियों को समझ सकेंगे.
इसके अलावा व्यक्तित्व विकास, प्रभावी संवाद, कौशल और समय प्रबंधन पर विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे. जिससे गाइडों का व्यवहार, प्रजेंटेशन पर्यटकों के साथ संवाद और बेहतर हो सके. इसके अलावा संरक्षण एवं जागरुकता से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की जाएगी. जिससे गाइड संरक्षण संदेश को आमजन तक पहुंचाने में सक्षम हो सकें.
'टाइगर रिजर्व में गाइड हैं खास'
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि "गाइडों की ट्रेनिंग बहुत अहम है, क्योंकि गाइड ही वो पहला व्यक्ति होता है, जिनसे पर्यटक सीधा संवाद करते हैं. ट्रेंड गाइड पर्यटकों को वन्य जीवों की सटीक जानकारी तो देंगे ही, इसके अलावा प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से
भी जोड़ेंगे. जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आयोजित ये ट्रेनिंग प्रोग्राम गाइडों की क्षमता निर्माण में एक मजबूत कदम साबित होगा. ये ट्रेनिंग फ्यूचर में जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय जागरुकता और सतत ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने में अहम भूमिका अदा करेगी."
AI से 11th की स्टूडेंट की बना दी अश्लील वीडियो, शहडोल में इंजीनियरिंग छात्र गिरफ्तार
5 Sep, 2025 09:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शहडोल : AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीक बेहद मददगार होने के साथ दिनों दिन खतरनाक होती जा रही है. इसका ताजा मामाला शहडोल जिले से आया है, जिसमें एक इंजीनियरिंग के छात्र ने एक छात्रा का AI के जरिए फेक वीडियो बना दिया, और उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया. जब छात्रा को यह बात पता चली तो उसके होश उड़ गए. इसके बाद छात्रा द्वारा थाने में इसकी शिकायत की गई.
क्राइम का बढ़ता ग्राफ, AI से अश्लील वीडियो
दरअसल, मामला शहडोल जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र का है, जहां 11th में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ इंजीनियरिंग कर रहे एक युवक ने पहले छेड़खानी की थी. छेड़खानी के साथ आरोपी युवक ने छात्रा के साथ कुछ फोटो खींच लिए थे. बाद में AI टूल का इस्तेमाल करते हुए उसने छात्रा का अश्लील वीडियो बना लिया और इस वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल भी कर दिया.
16 साल की स्टूडेंट को परेशान करता था इंजीनियरिंग छात्र
बताया जा रहा है कि इंजीनियरिंग कर रहा छात्र उस नाबालिग छात्रा को लगातार परेशान करता था, छात्रा की उम्र 16 वर्ष है. इंजीनियरिंग छात्र पहले उसका पीछा किया करता था और उसके साथ अश्लील हरकतें करता था. छात्रा के मुताबिक आरोपी जबरन बातचीत करने की कोशिश करता था. इन हरकतों को लेकर जब छात्रा ने विरोध किया तो आरोपी ने गुस्से में AI का सहारा लेकर उसका फेक वीडियो बना दिया.
AI से वीडियो बनाकर छात्रा के पिता को भेजा
पुलिस के मुताबिक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के साथ आरोपी ने वीडियो को व्हाट्सएप के माध्यम से उसके पिता को भी भेज दिया. साथ ही आरोप हैं कि फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से भी उसे बदनाम करने की कोशिश की.
छात्रा की शिकायत पर आरोपी गिरफ्तार
इस पूरे घटनाक्रम से परेशान छात्रा परिजनों के साथ थाने पहुंच गई और धनपुरी पुलिस को पूरी बात बताई. पुलिस ने इस मामले में इंजीनियरिंग छात्र के खिलाफ छेड़छाड़ के साथ गंभीर धाराओं के तहत मामला किया है. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है.
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर धनपुरी थाना प्रभारी खेम सिंह पेन्द्रो ने कहा, '' एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला आया है, अश्लील फोटो वीडियो एडिट कर वायरल करने की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है. आगे जांच कर कार्रवाई की जाएगी.''
एमपी सरकार की दमदार योजना, महीने के लाखों रुपये कमाने का मौका
4 Sep, 2025 07:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के बाद युवाओं को अपने करियर कि चिंता सताने लगती है। कई बार स्किल ना होने के कारण युवाओं को नौकरी नहीं मिल पाती है। व्यवसाय शुरू करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। युवाओं की चिंता दूर करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के जरिए महीने के लाखों रुपये तक कमा सकते हैं, इनमें से एक स्कीम है, मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना।
क्या है मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना?
मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना, मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी स्कीम है. इस योजना के माध्यम से युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही उन्हें स्टाइपेंड दिया जाता है, आकांक्षी युवाओं को नौकरी करने और व्यवसाय के लिए सक्षम बनाया जाता है पेशे के अनुसार ट्रेनिंग दी जाती है।
2 साल पहले हुई थी शुरुआत
इस योजना का शुभारंभ 15 जून 2023 को पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किया था. इस योजना के तहत 18 से 29 वर्ष के युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है. 1 अगस्त 2023 से विभिन्न प्रतिष्ठानों में युवाओं का प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया. युवाओं को अलग-अलग क्षेत्र में ट्रेनिंग के बाद नौकरी दिलाने में मदद की जाती है.
एक लाख रुपये तक मिलता है स्टाइपेंड
औपचारिक शिक्षा यानी स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के बाद युवाओं को पंजीकृत औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में On-the-Job-Training (OJT) की सुविधा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’ लागू की गई है. इस योजना के तहत हर साल 1 लाख युवाओं को लाभ मिलता है. जरूरत के अनुसार इस संख्या को बढ़ाया भी जा सकता है. प्रत्येक युवा को राज्य शासन द्वारा 1 लाख रुपये तक का स्टाइपेंड भी दिया जाता है.
इन सेक्टर्स में दी जाती है ट्रेनिंग
योजना के तहत इंजीनियरिंग, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म एंड ट्रेवल, हॉस्पिटल, रेलवे, ITI, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, सिविल, मैनेजमेंट एंड मार्केटिंग फील्ड, बैंकिंग, बीमा, चार्टर्ड एकाउंटेंट, वित्तीय सेवाओं, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट क्षेत्र और उद्योग में ट्रेनिंग दी जाती है.
योजना के लिए क्या है पात्रता?
जिन युवाओं की आयु 18 से 29 वर्ष है
मध्य प्रदेश के स्थानीय निवासी होने चाहिए
एजूकेशन- 12वीं पास/आईटीआई उत्तीर्ण या कॉलेज
किसे कितना स्टाइपेंड मिलेगा?
ट्रेनिंग के दौरान मध्य प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रशिक्षु को स्टाइपेंड देती है
12वीं उत्तीर्ण पास – 8000 रुपये
IIT उत्तीर्ण पास – 8500 रुपये
डिप्लोमा उत्तीर्ण पास – 9000 रुपये
स्नातक उत्तीर्ण या उच्च शैक्षणिक योग्यता – 10000 रुपये
इस योजना से युवाओं को क्या लाभ मिलेगा?
बिजनेस ऑरिएंटेड ट्रेनिंग
लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और लेटेस्ट प्रोसेस के जरिए ट्रेनिंग
वोकेशनल ट्रेनिंग के दौरान स्टाइपेंड
मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा State Council for Vocational Training (SCVT) से प्रमाणन
रोजगार के लिए स्किल विकसित होगी
एक बगिया मां के नाम’ परियोजना से महिलाओं को मिलेगा आर्थिक लाभ
4 Sep, 2025 03:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त के बीच महिलाओं को ‘एक बगिया मां के नाम’ परियोजना से भी मिलेगा लाभ
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार इस महीने लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त 10 से 15 सितंबर के बीच जारी करने जा रही है। इसी बीच महिलाओं को एक और बड़ी सौगात मिलने वाली है। सरकार ने नई परियोजना ‘एक बगिया मां के नाम’ शुरू की है, जिसके तहत फलदार पौधे लगाने पर महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
1000 करोड़ खर्च करेगी सरकार
राज्य सरकार इस योजना पर 1000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके तहत स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को अपनी निजी भूमि पर फलदार पौधों की बगिया तैयार करनी होगी। सरकार पौधारोपण, खाद-पानी, फेंसिंग, और 50 हजार लीटर का पानी संग्रहण कुंड बनाने के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराएगी।
40 हजार से ज्यादा पंजीयन
‘एक बगिया मां के नाम’ योजना का संचालन मनरेगा परिषद और MPSEDC के माध्यम से बनाए गए एप से हो रहा है। महिलाओं का चयन इसी एप के जरिए किया गया है। लक्ष्य 31,300 पंजीयन का था, लेकिन अब तक 40 हजार से ज्यादा महिलाएं रजिस्टर कर चुकी हैं।
15 सितंबर तक चलेगा अभियान
15 अगस्त से शुरू हुआ पौधारोपण अभियान 15 सितंबर तक जारी रहेगा। ड्रोन से मॉनिटरिंग और सॉफ्टवेयर आधारित ट्रैकिंग की जा रही है।
30 लाख पौधों का लक्ष्य
परियोजना के तहत राज्यभर की 9,662 ग्राम पंचायतों में 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य है। ये बगिया महिलाओं की आर्थिक समृद्धि का आधार बनेंगी। बेहतर काम करने वाले जिलों को सरकार की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।
जल संसाधन विभाग में जांच का नया दौर, ACS के हाथ में कमान
4 Sep, 2025 02:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। महानियंत्रक लेखा परीक्षक सरकारी महकमों में ऑडिट आपत्ति निकलते हैं, लेकिन जल संसाधन विभाग में निचले स्तर पर इन आपत्तियों का निराकरण नहीं हो पा रहा है।अब जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने खुद उनकी पुर्नविलोकन और त्वरित निराकरण करने की जिम्मेदारी उठाई है। जल संसाधन विभाग में ऑडिट में निकाली गई कमियों पर जल संसाधन विभाग का निचला अमला समय पर जवाब नहीं देता है।
विभागीय ऑडिट समिति का गठन किया गया
एजी की सिफारिश पर अमल नहीं हो रहा है। गलतियां सुधारी नहीं जा रही है. इसके चलते अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने आडिट आपत्तियों को समय पर देखने और त्वरित निराकरण करने के लिए एक विभागीय ऑडिट समिति का गठन किया है। वे स्वयं में समिति की अध्यक्ष रहेंगे और उनके साथ जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता, आयुक्त कमांड क्षेत्र विकास जल संसाधन विभाग, अपर सचिव उपसचिव वित्त को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
क्या है जल संसाधन विभाग का काम?
महालेखाकार कार्यालय ग्वालियर के वरिष्ठ उप महालेखाकार, उप महालेखाकार को इसमें सदस्य सचिव बनाया गया है। जल संसाधन विभाग का मूल काम किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध सुनिश्चित करना है। यदि भ्रष्टाचार अनियमिताओं पर रोक लगेगी, काम समय पर होंगे तो किसानों को पर्याप्त सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और प्रदेश में किसानों का फायदा होगा जिससे उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी इसके साथ ही किसानों की आय भी बढ़ेगी।
कमेटी करेगी जांच
यह समिति नियंत्रक महालेखाकार परीक्षा की ओर से आने वाली सभी आडिट आपत्तियों को देखेगी। उनका पुनर्विलोकन करेगी और इन आपत्तियों का निराकरण भी करेगी, साथ ही उनका जवाब भी महानियंत्रक लेखा परीक्षक को समय पर भेजेगा। इससे विभाग में महानियंत्रक लेखा परीक्षा में ऑडिट में जो कमियां निकाली है, उनका समय पर निराकरण हो सकेगा और विभाग में जहां कमियां है वह दूर होगी। नियमितताओं पर अंकुश लगेगा भ्रष्टाचार को पनपना से रोका जा सकेगा काम भी गुणवत्ता पूर्ण होगा, मेहनत और ईमानदारी से जो लोग काम कर रहे हैं उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा और कामचोर लापरवाह तथा भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर अंकुश लगेगा।
उमंग सिंघार के बयान पर बवाल: बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने
4 Sep, 2025 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में बयानों का दौर लगातार जारी है. कभी कांग्रेस के नेता महिलाओं को नशेड़ी बताते हैं, तो कभी बीजेपी विधायक मां की गाली देते नज़र आते हैं। इसी बीच बुधवार को छिंदवाड़ा में आयोजित एक सभा में विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के “हम आदिवासी हैं, हिंदू नहीं” वाले बयान पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी नेता सिंघार के इस बयान के बाद उन पर हमलावर हो गए हैं, बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने उमंग सिंघार के बयान को सोनिया गांधी को प्रसन्न करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि सिंघार के इस बयान से सोनिया गांधी खुश हो सकती हैं, लेकिन हिंदुस्तान की जनता नाराज़ हो जाएगी। भारत का आदिवासी कभी क्रॉस नहीं जाएगा, वह सनातन धर्म के साथ ही रहेगा। वहीं, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने भी सिंघार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि “उमंग सिंघार का बयान बहुत ही गलत है। आदिवासी हमारे भाई हैं और वे बिल्कुल भी अलग नहीं हैं, सिंघार का बयान समाज को बांटने की एक बड़ी साजिश है और मैं इसकी निंदा करता हूं।
5 बांधों के गेट खुले, जिलों में अलर्ट
4 Sep, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से मप्र में बुधवार को भी अति भारी या भारी बारिश का दौर जारी है। भोपाल में सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर करीब दो बजे मौसम ने करवट ली और तेज बारिश हुई। जबलपुर में दोपहर करीब 12 बजे बरगी बांध के 9 गेट खोले गए। डैम में कुल 21 गेट हैं। इनमें से 9 खोले गए हैं, शेष 12 से भी पानी लीक हो रहा है। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के तीन गेट, शिवपुरी में अटल सागर बांध मडीखेड़ा के दो, ग्वालियर में तिघरा डैम के 7 जबकि तवा डैम के 5 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। हरदा में बारिश के चलते अजनाल, मटकुल, देदली, माचक और गंजाल नदियां उफान पर हैं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से सम्पर्क टूट गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, मप्र में अब तक 38.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 104 प्रतिशत है जबकि अब तक 31.5 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश से दो ट्रफ गुजर रही हैं। इनमें से एक मानसून ट्रफ है। बालाघाट जिले में रुक-रुककर बारिश हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव जैसे हालत हैं। लालबर्रा तहसील बांदरी में तालाब की मेढ़ फूटने से जलभराव की स्थिति बन गई है। पंचायत भवन, माध्यमिक शाला भवन, निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य भवन सहित कई इमारतों में 1.5 फीट पानी भर गया है।
निचले इलाकों में पानी भरा
रायसेन में बुधवार सुबह से बारिश जारी है। निचले इलाकों में पानी भर गया है। पुल-पुलियाओं के डूबने से कई रास्ते बंद हो गए हैं। गांवों को मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। श्योपुर में दोपहर बाद तेज बारिश हुई। निचले इलाकों में जलजमाव हो गया। चूड़ी मार्केट में दुकानों में इतना पानी भर गया कि बाइक तक डूब गई।
संजय गांधी डैम के तीन गेट खुले
उमरिया में लगातार हो रही बारिश से संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम में पानी की आवक बढ़ गई है। इसके मद्देनजर बांध के तीन गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।
बरगी डैम के 9 गेट खोले
जबलपुर का बरगी बांध सौ फीसदी भर गया है। पानी की आवक को देखते हुए बुधवार दोपहर 12 बजे डैम के 9 गेट खोल दिए गए। तटीय क्षेत्रों में रहने वालों से नर्मदा नदी से दूरी बनाकर रखने की अपील की गई है। बुधवार सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 422.85 मीटर दर्ज किया गया, जो इसकी कुल क्षमता का 100.80त्न है। बांध में फिलहाल 1001 क्यूमेक पानी की आवक हो रही है। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोले गए हैं। इनसे 1097 क्यूमेक जल निकासी होगी। इससे पहले बरगी बांध के 9 गेट 25 अगस्त को खोले गए थे और 28 अगस्त को बंद किए गए थे।
मडीखेड़ा बांध के दो गेट खोले
शिवपुरी में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब एक बजे अटल सागर बांध मडीखेड़ा के 6 गेट खोल दिए गए। इनसे 1194 क्यूमेक पानी छोड़ा गया। बुधवार सुबह 8 बजे 4 गेट बंद कर दिए गए। फिलहाल, दो गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने सिंध नदी के पास बसे गांवों के लोगों को नदी के पास न जाने का अलर्ट जारी किया है।
तवा डैम के 5 गेट खुले
नर्मदापुरम में मंगलवार रात से बारिश जारी है। 24 घंटे में नर्मदापुरम तहसील में ढाई इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। तवा डैम के 5 गेट खोल दिए गए हैं। पिपरिया में भी बारिश हो रही है।
तिघरा डैम के 7 गेट खोले
ग्वालियर में बुधवार सुबह से रिमझिम बारिश हो रही है। मंगलवार रात से तिघरा डैम के 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। डैम के गेट 13वीं बार खोले गए हैं। तिघरा से छोड़े जा रहे पानी से कैथा, तालपुरा, महिदपुर, पृथ्वीपुर, कुलैथ, अगरा भटपुरा,दुगनावली और तिलघना गांव में अलर्ट जारी किया गया है।
अफसरों पर बरसे मुख्यमंत्री, कहा- कलेक्टरों को हटाना पड़ेगा
4 Sep, 2025 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CM Mohan Yadav- मध्यप्रदेश में खाद के लिए जबर्दस्त हाहाकार मचा हुआ है। प्रदेशभर में किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। हालांकि सरकार पर्याप्त स्टाक होने का दावा कर रही है पर जगह जगह हो रहे किसानों के प्रदर्शनों, उन पर लाठीचार्ज आदि की कार्रवाइयों से पोल खुल रही है। हकीकत यह है कि प्रशासनिक दावों और व्यावहारिक स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर है। रीवा में मंगलवार को पुलिस ने खाद के लिए परेशान किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया। इससे कई किसान घायल हो गए। किसानों पर लाठियां बरसाने की घटना पर जहां कांग्रेस हमलावर हो गई वहीं सरकार भी सक्रिय हुई। सीएम मोहन यादव ने अचानक बैठक बुलाई और कलेक्टरों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खाद का समुचित वितरण कराना कलेक्टर का दायित्व है, इसमें गड़बड़ी या अव्यवस्था के लिए वे सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
रीवा के करहिया मंडी में खाद के लिए परेशान किसानों पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं। मंगलवार को देर रात खाद के लिए अड़े और नारेबाजी कर रहे किसानों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस घटना में कई किसान घायल हुए हैं।
बताया जाता है कि कई किसान 48 घंटे से इंतजार में यहीं जमे थे। शाम को काउंटर बंद कर दिया तो हालात बिगड़ गए।
गुस्साए किसानों पर लाठीचार्ज किया हालांकि पुलिस का कहना है कि हल्का बल प्रयोग किया था।
इधर रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दावा किया कि जिले में खाद का भरपूर स्टॉक है। अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी और एसडीएम वैशाली जैन ने भी कृषि उपज मंडी रीवा में किसानों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही है।
उद्योगपतियों को राहत, पीएम मित्र पार्क के लिए 12,508 करोड़ की स्वीकृति
4 Sep, 2025 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच टैक्सटाइल सेक्टर का पीएम मित्र पार्क बनाया जा रहा है. इसके संचालन के लिए प्रदेश में कच्चे माल से लेकर सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं. मध्य प्रदेश निवेशकों की अपेक्षाओं पर हमेशा खरा उतरे, इसके लिए हर संभव व्यवस्थाएं विकसित कर रहे हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, ''मध्य प्रदेश नहीं, अब यह मॉडल प्रदेश हो गया है.''
डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली में इंवेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन पीएम मित्र पार्क के इंटरेक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि, ''जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद उद्योगपतियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी. मध्य प्रदेश में उद्योगों के लिए सारी सुविधाएं मौजूद हैं. देश के 7 पीएम मित्र पार्क से एक लाख करोड़ का निवेश और 10 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा.''
मध्य प्रदेश स्थित धार का पीएम मित्र पार्क को लेकर हुए इंटरेक्टिक सेशन में 12 हजार 508 रुपए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. दिल्ली के होटल आईटीसी मौर्या में हुए इंवेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज के इंटरेक्टिव सेशन को संबांधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि, ''आप कारोबार में आगे बढ़े, व्यापार-व्यवसाय की सफलता की गारंटी हमारी सरकार है. जहां इंडस्ट्री लग रही है वहां ताला चाबी का भी काम नहीं है. धार के पीएम मित्र पार्क का जल्द ही भूमि पूजन होगा. यह पार्क देश को विश्व की टैक्सटाइल केपिटल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.''
पीएम मित्र पार्क से आएंगी बम्पर नौकरियां
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि, ''प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आयात शुल्क में छूट मिलना उद्योगों को पुनर्स्थापित करने के लिए एक मदद है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, ''पीएम मित्र पार्क युवाओं के लिए रोजगार और प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए अहम सिद्ध होगा. वर्तमान में समय थोड़ा कठिन है, लेकिन यही समय है सही समय है निवेश का.''
उद्योगपतियों के सुझावों पर गंभीरता से विचार
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि, ''कपड़ा मंत्रालय उद्योगपतियों की ओर से आ रहे सुझावों पर संवेदनशीलता से विचार कर रहा है. जीएसटी काउंसिल की बैठक और मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उद्योगपतियों को खुशखबरी मिल सकती है. दुनिया में टैक्सटाइल सेक्टर का 800 बिलियन डॉलर का मार्केट है. मंत्रालय ने 40 देशों में निर्यात के लिए कार्ययोजना तैयार की है. पिछले दिनों इंदौर में टैक्सटाइल सेक्टर के उद्यमियों से मिला था. आज भी उद्योगपतियों का वही उत्साह नजर आ रहा है.''
धार में बनेगा क्राफ्ट विलेज, 2000 करोड़ का पीएम मित्र पार्क
केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय सचिव नीलम शमी राव ने कहा कि, ''मध्य प्रदेश देश का पहला ग्रीन फील़्ड राज्य है. राज्य ने पीएम मित्र पार्क में औद्योगिक जमीन आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित करना शुरू कर दिया है. प्रदेश में लॉजिस्टिक की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं. धार का बाघ प्रिंट मशहूर है. इस प्रिंट को पूरी तरह से नदी के पानी का उपयोग कर प्राकृतिक तरीके से बनाया जाता है. राज्य सरकार यहां एक क्राफ्ट विलेज बनाने के लिए कार्य कर रही है.''
प्रदेश की चंदेरी और महेश्वरी साड़ियां भी प्रसिद्ध हैं. काफी चर्चाओं के बाद 2000 करोड़ रुपए की पीएम मित्र पार्क की योजना तैयार की गई है. कपड़ा मंत्रालय अतिरिक्त सचिव रोहित कंसल ने बताया कि, ''देश के अलग-अलग राज्यों में अभी 7 पीएम मित्र पार्क बनाए जा रहे हैं. इनमें मध्य प्रदेश के बदनावर (धार) का पीएम मित्र पार्क भी शामिल है. इन सभी में मध्य प्रदेश पहला राज्य है, जिसने पीएम मित्र पार्क के भूमि आवंटन के लिए निवेशकों से आवेदन बुलाए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5-एफ विजन पर काम कर रहे हैं.''
उद्योगों के लिए एमपी में सारी सुविधाएं
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह ने कहा कि, ''धार में देश का सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क बनेगा. यहां 52 लाख रुपए प्रति एकड़ दर पर जमीन उपलब्ध है. यहां 12 मेगावॉट का सोलर पावर स्टेशन भी बनेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईज ऑफ डूइंग पर विशेष जोर दे रहे हैं. इसी आधार पर प्रदेश सरकार 30 दिन में उद्योग शुरू करने के लिए कार्य कर रही है.''
''प्रदेश में निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम तैयार है. राज्य सरकार ने पिछले साल 5100 करोड़ का औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन दिया है. मुख्यमंत्री उद्योग संबंधित कैबिनेट कमेटी के अध्यक्ष हैं. गारमेंट सेक्टर में प्रति श्रमिक 5 हजार रुपए प्रति माह की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जो 10 साल तक उद्योग समूह को मिलेगी.''
15 कंपनियों ने दिए निवेश के प्रस्ताव
इंटरैक्टिव सेशन में टेक्सटाइल से जुड़ी 15 कंपनियों ने निवेश को लेकर रूचि दिखाई है. इन कंपनियों ने 12 हजार 508 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं. इनमें 18 हजार से ज्यादा रोजगार पैदा होंगे.
- ट्राइडेंट ने 4500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया.
- ए.बी. कॉटस्पिन इंडस्ट्रीज ने 1300 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया.
- अरविंद मिल्स ने 1024 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया.
- सनातन टेक्सटाइल्स ने 1000 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया.
- बीएसएल सदस्यों ने 1000 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव.
- बेस्ट कॉर्पोरेशन तिरूपुर ने 832 करोड़ रुपए का प्रस्ताव.
- शर्माजी यार्न प्रा. लि. ने 800 करोड़ रुपए.
- आरएसवीएम (एलएनजे भीलवाड़ा) ने 700 करोड़ रुपए.
- आर. आर. जैन इंडस्ट्रीज ने 550 करोड़ रुपए.
- फेबयान टेक्सटाइल प्रा. लि. ने 308 करोड़ रुपए.
- वंश टेक्नोफैब प्रा. लि. ने 237 करोड़ रुपए.
- मोहिनी एक्टिव लाइफ प्रा. लि. ने 141 करोड़ रुपए.
- अनीका टेक्सफैब ने 100 करोड़ रुपए.
- वेदांत कॉटन प्रा. लि और एनटीपी सॉल्यूशन्स प्रा. लि. ने 8-8 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दिए हैं.
बड़े लोग संस्थाओं को बपौती बना रहे हैं: उमंग सिंघार का बयान
4 Sep, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिन्दवाड़ा : नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छिंदवाड़ा में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महा आर्यमन सिंधिया को लेकर जमकर भड़ास निकाली है. हाल ही में महाआर्यमन सिंधिया को एमपीसीए का अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर उन्होंने सिंधिया परिवार पर निशाना साधा और ये तक कह डाला कि मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) को अपनी बपौती समझ लिया है.
भाजपा नेताओं ने संस्थाओं को बना रखा है बपौती : सिंघार
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार छिंदवाड़ा पहुंचे. इस दौरान मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया को मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का निर्विरोध अध्यक्ष बना दिया गया है इससे साफ जाहिर होता है कि कुछ बड़े लोगों ने संस्थाओं को बपौती बना लिया है. अगर इन संस्थानों में निष्पक्ष चुनाव होंगे, तो संस्थाओं का भविष्य अच्छा रहेगा. खेल में राजनीति को नहीं लाना चाहिए. राजनेताओं को इन संस्थाओं से दूर रहना चाहिए और ऐसी संस्थाओं में खिलाड़ी ही आगे आए तो अच्छा रहेगा.
गौरतलब है कि महाआर्यमन सिंधिया को हाल ही में मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिशन का अध्यक्ष बनाया गया है. 29 साल की उम्र में वे MPCA के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष बन चुके हैं.
'सिंधिया घराने का इतिहास सबको पता है'
इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को चरित्रहीन पार्टी बताया था, इस पर उमंग सिंघार ने पलटवार करते हुए कहा, '' उन्होंने ऐसा क्यों कहा यह वे खुद जानते हैं. पहले वे कांग्रेस में थे, उनकी कथनी और करनी में काफी अंतर है. क्योंकि सिंधिया परिवार का इतिहास महारानी लक्ष्मीबाई के समय से सभी को पता है मैं इस बारे में कुछ ज्यादा नहीं कहना चाहता.''
'आदिवासियों की जमीन छीन रही सरकार, सदन में नहीं कर रही चर्चा'
प्रदेश भर में आदिवासियों की जमीन कन्वर्ट होने के कई मामले आ रहे हैं. मीडिया के इस सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि हमने इस मामले में सदन में कई बार प्रश्न भी लगाए हैं लेकिन सरकार इस पर चर्चा नहीं करना चाहती है. इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार आदिवासियों की जमीन छीन रही है कलेक्टरों के माध्यम से कन्वर्ट कर रही है जबकि आदिवासियों को उनका हक मिलना चाहिए सरकार सदन में चर्चा से सरकार पल्ला झाड़ती है.''
जिलों में उर्वरक वितरण में अव्यवस्था के लिए कलेक्टर होगें उत्तरदायी - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
3 Sep, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिलों में उर्वरक वितरण के संबंध में जिला प्रशासन आवश्यक व्यवस्था बनाए। उपलब्ध उर्वरक की उचित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से निरंतर संवाद और संपर्क में रहे। उर्वरक वितरण की व्यवस्था में किसान संगठन के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए। जिलों में यदि उर्वरक वितरण को लेकर अव्यवस्था होती है तो उसके लिए जिला कलेक्टर उत्तरदायी होंगे। राज्य सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण की स्थिति की बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अधिकारी उपस्थित थे। सभी जिले के कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारी वर्चुअली जुड़े।
किसानों को जिले में उपलब्ध उर्वरक की वास्तविक स्थिति से निरंतर करावाये अवगत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में उर्वरक उपलब्धता की सघन समीक्षा की जाए। साथ ही जिले में उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक की जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी साझा करें, इससे किसानों को जिले में उर्वरक उपलब्धता की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन डबल लॉक, पैक्स और निजी विक्रय केंद्रों का आकस्मिक सत्यापन और उनकी मॉनिटरिंग अनिवार्य रूप से करें। अतिरिक्त विक्रय केन्द्र की आवश्यकता होने पर उनका संचालन तत्काल आरंभ किया जाए। कृषि, सहकारी बैंक, विपणन संघ के अधिकारी निरंतर सम्पर्क में रहें।
उर्वरक से संबंधित अवैध गतिविधियों के लिए हुईं 53 एफ.आई.आर और 88 लायसेंस किए निरस्त
बैठक में खरीफ 2025 के लिए यूरिया, डी.ए.पी, एन.पी.के, एस.एस.पी, एम.ओ.पी तथा डी.ए.पी + एन.पी.के की उपलब्धता, ट्रांजिट की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही नेनो एवं जैविक उर्वरक वितरण कार्यक्रम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बताया गया कि उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अवैध परिवहन और नकली उर्वरक आदि से संबंधित प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए 53 एफ.आई.आर दर्ज की गई और 88 लायसेंस निरस्ती, 102 लायसेंस निलंबन सहित 406 विक्रय प्रतिबंधित की कार्यवाही की गई।
उर्वरक की बेहतर वितरण व्यवस्था में हुए नवाचारों का करें अनुसरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उर्वरक वितरण व्यवस्था के संबंध में धार, दमोह, जबलपुर और रीवा जिले के कलेक्टरों से चर्चा की। दमोह कलेक्टर ने बताया कि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से सतत् सम्पर्क और संवाद सुनिश्चित करते हुए वितरण व्यवस्था में उनका सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही टोकन वितरण और उर्वरक वितरण को अलग-अलग किया गया है। टोकन तहसील कार्यालय से बांटे जा रहे हैं और वितरण विक्रय केन्द्रों से किया जा रहा है। जबलपुर कलेक्टर ने बताया कि किसानों के लिए टोकन वितरण की व्यवस्था फोन कॉल द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उर्वरक वितरण केन्द्रों पर डिस्पले बोर्ड लगाए गए हैं। बोर्ड न पर टोकन नंबर प्रदर्शित कर उर्वरक वितरण किया जा रहा है। डिस्पले बोर्ड पर जिले में उपलब्ध उर्वरकों की मात्रा भी प्रदर्शित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य जिलों को भी इस प्रकार के नवाचार अपनाने के निर्देश दिए।
बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति में सजग और सक्रिय रहे पुलिस प्रशासन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन-जिन क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को क्षति हुई है, वहां राहत के लिए तत्काल कार्रवाई आरंभ की जाए। साथ ही जनहानि और पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलबध कराई जाए। बाढ़ के दौरान अस्थाई कैम्प व्यवस्था, राशन वितरण, भोजन वितरण आदि की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री सभी संभावित स्थानों पर उपलब्ध हो। आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। सभी जिलों में पुलिस प्रशासन सक्रिय और सजग रहते हुए पुल-पुलिया में बैरिकेटिंग और बाढ़ की स्थिति में पुल क्रास न करने की चेतावनी की व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करें।
प्रदेश में दर्ज की गई औसत से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 जून से 2 सितम्बर तक 971.5 एमएम अर्थात् 38.24 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो औसत से 21 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 21 जिलों में भिण्ड, छतरपुर, श्योपुर, ग्वालियर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, अलीराजपुर, सिंगरौली, राजगढ़, मण्डला, सीधी, टीकमगढ़, गुना, नरसिंहपुर, दतिया, रतलाम, उमरिया, रायसेन और सिवनी में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक वर्षा गुना, मण्डला, श्योपुर, रायसेन और अशोकनगर में दर्ज हुई। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जलभराव की स्थित की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
प्रभावित 17,500 कृषकों के लिए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राहत राशि स्वीकृत
बैठक में बताया गया कि बाढ़ और अतिवृष्टि में कुल 394 जनहानि हुई और 5 हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए। बाढ़ से 1814 पशुहानि भी दर्ज की गई। शिवपुरी, बुरहानपुर, दमोह, अशोकनगर, धार, छतरपुर, रायसेन, उमरिया, बड़वानी, मंडला और कटनी जिलों का कुल 12 हजार हेक्टेयर रकबा अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित हुआ है। प्रभावित 17 हजार 500 कृषकों के लिए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राहत राशि स्वीकृत की गई है।
पुरातन काल से, भारतीय शिक्षा पद्धति एवं न्याय पद्धति विश्व में सर्वश्रेष्ठ : मंत्री परमार
3 Sep, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : विद्यार्थियों की परीक्षाओं के मूल्यांकन की पारदर्शिता के लिए, डिजिटल मूल्यांकन की कार्ययोजना बना रहे हैं। इससे विद्यार्थियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक हो सकेगी। साथ ही विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की सार्वजनिक उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने भोपाल स्थित होटल पलाश रेसीडेंसी के सभाकक्ष में, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित "विद्यार्थी संवाद" कार्यक्रम में सहभागिता कर कही।
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विश्वविद्यालय, आवंटित भारतीय भाषाओं जैसे कन्नड़, गुजराती, तमिल, तेलगु, बांग्ला, असमिया आदि को सिखाने की कार्ययोजना पर क्रियान्वयन कर रहे हैं। इससे हिंदी भाषी मध्यप्रदेश से, देश भर में सभी भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान के भाव का संदेश जाएगा। परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति वर्ष 2020 के अनुसरण में, शिक्षा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं। परमार ने कहा कि भारत का ज्ञान, सार्वभौमिक था। हमारी संस्कृति में ज्ञान का दस्तावेजीकरण नहीं था। हमारे पूर्वजों ने शोध एवं अध्ययन कर, ज्ञान को परंपरा के रूप में समाजव्यापी बनाया था। अतीत के विभिन्न कालखंडों में, योजनाबद्ध रूप से हमारे ज्ञान को दूषित करने का कुत्सित प्रयास किया गया। परमार ने कहा कि भारतीय समाज में विद्यमान परंपरागत ज्ञान को पुनः शोध एवं अनुसंधान के साथ, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के सापेक्ष युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में दस्तावेजीकरण से समृद्ध करने की आवश्यकता हैं। मंत्री परमार ने कहा कि हर क्षेत्र हर विषय में, भारत विश्वमंच पर अग्रणी और सर्वश्रेष्ठ था। हमारे पूर्वजों के पास समृद्ध ज्ञान एवं तकनीक थी। उन्होंने भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़े विविध उदाहरण प्रस्तुत कर, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समृद्ध भारतीय ज्ञान पर विस्तृत प्रकाश डाला। मंत्री परमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों के ज्ञान पर गर्व का भाव जागृत कर, वर्ष 2047 के विकसित भारत की संकल्पना सिद्धि में सहभागिता करने की आवश्यकता है। मंत्री परमार ने कहा कि पुरातन काल से, भारतीय शिक्षा पद्धति एवं न्याय पद्धति विश्व में सर्वश्रेष्ठ रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारत के दर्शन के आधार पर, भारत केंद्रित शिक्षा की ओर अग्रसर होने का महत्वपूर्ण अवसर दिया है।
मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। इसके लिए आवश्यक संसाधनों, शिक्षकों एवं अन्य समस्त आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। मंत्री परमार ने विद्यार्थियों के मन की बात सुनी और उनके सुझावों पर नियमानुरूप क्रियान्वयन के लिए उन्हें आश्वस्त भी किया।
कार्यक्रम में भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग के शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सहभागिता कर, अपनी जिज्ञासा, अपेक्षाएं एवं महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसरण में पाठ्यक्रम की उपलब्धता, संकाय वृद्धि, स्नातकोत्तर में उन्नयन, कैम्पस प्लेसमेंट, संसाधनों की उपलब्धता, छात्राओं के लिए आवागमन की सुविधा, संस्थान परिसर की सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। इस दौरान छात्रा सुरोशनी मालवीय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में आयोजित कार्यशाला में सीखी ब्राम्ही लिपि में, स्वलिखित रचना भेंट की।
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने कार्यक्रम के उद्देश्य से विद्यार्थियों को अवगत कराया एवं उनके सुझावों को सुना। राजन ने कहा कि विद्यार्थियों के समस्त सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार मंथन कर, आवश्यक क्रियान्वयन करेंगे। राजन ने कहा कि उच्च शिक्षा के परिवेश को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए, विद्यार्थियों से संवाद का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
कार्यक्रम में आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा सहित छात्र प्रतिनिधि के रूप में छात्र अक्षत राजौरिया एवं छात्रा दिशा शिवहरे मंचासीन थे। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारीगण एवं प्राध्यापकगण भी उपस्थित थे।
39 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी (मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे (गुरूवार सुबह 8.30 बजे तक) के लिए भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।)
3 Sep, 2025 10:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को प्रदेश के अधिकतर जिलों में अच्छी बारिश हुई। रतलाम, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम के पचमढ़ी में करीब एक इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि इंदौर, खरगोन, भोपाल, ग्वालियर-शिवपुरी, उज्जैन, दमोह और रायसेन में आधा इंच से अधिक पानी गिरा। गुना, बैतूल, दतिया, छिंदवाड़ा, मंडला, सागर, सिवनी, बालाघाट, नर्मदापुरम, शाजापुर, उमरिया समेत कई जिलों में भी बारिश हुई।
IMD का अलर्ट: मौसम विभाग ने प्रदेश के 39 जिलों में अगले 24 घंटों (गुरुवार सुबह 8.30 बजे तक) भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
ऑरेंज अलर्ट: नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा।
येलो अलर्ट: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, श्योपुर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर।
बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय:
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ट्रफ बीकानेर, जयपुर, दमोह, पेंड्रा रोड होते हुए ओडिशा तट से दूर बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। एक निम्न दबाव क्षेत्र अगले 24 घंटे में उत्तरी ओडिशा और संलग्न झारखंड से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ सकता है। इसके साथ ही विदर्भ और निकटवर्ती क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। वहीं, दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में 1.5 किमी ऊंचाई पर भी चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है।
निवेशकों के व्यापार-व्यवसाय की सफलता की गारंटी हमारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
3 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम सब बदलते दौर के साथी हैं। उम्मीदों और अवसरों का विराट क्षितिज हमारे सामने है। अपने सुनहरे भविष्य के निर्माण के लिए निवेश का एक स्वर्णिम अवसर आप सबके सामने है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आग्रह किया कि वे बेहिचक मध्यप्रदेश में पूंजी लगाएं। निवेश आपका, बिजनेस आपका, प्रॉफिट भी आपका और सरकार की सभी सुविधाएं भी आपके लिए ही हैं। उन्होंने निवेशकों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि आप सभी अपने कारोबार में आगे बढ़ें, आपके व्यापार-व्यवसाय की सफलता की गारंटी हमारी सरकार है। मध्यप्रदेश पूंजी निवेश के लिए देश का मॉडल स्टेट बन रहा है। शीघ्र ही धार के पीएम-मित्रा पार्क का भूमि-पूजन होगा। यह पार्क भारत को विश्व की टेक्सटाइल केपिटल बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। हम मिलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी अभियान अंतर्गत मेक इन इंडिया और विकसित भारत के संकल्प को साकार करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली के होटल आईटीसी मौर्या में मध्यप्रदेश के धार स्थित पीएम-मित्रा पार्क में इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज के इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। इंटरैक्टिव सेशन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद रहे। सेशन में देश के टेक्सटाइल सेक्टर के बिजनेस टायकून्स, कॉमर्शियल हाउसेस और इन्वेस्टर्स शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार जिले के बदनावर के समीप स्थापित होने वाले पीएम-मित्रा पार्क में निवेश की अपार संभावनाओं पर कपड़ा उद्योग से जुड़े विभिन्न उद्योगपतियों से विचार-विमर्श भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम-मित्रा पार्क युवाओं के लिए रोजगार और प्रदेशों के आर्थिक विकास के लिए अहम सिद्ध होगा।
धार पीएम-मित्रा पार्क में 15 कंपनियों ने दिखाई रूचि, दिए निवेश के प्रस्ताव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज दिल्ली में हुए इंटरैक्टिव सेशन में शामिल उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश की रूचि दिखाई है। इससे 15 बड़ी कंपनियों से 12,508 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इनमें लगभग 18 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। निवेश करने वाली कंपनियों में ट्राइडेंट ने 4500 करोड़ रूपये, ए.बी. कॉटस्पिन इंडस्ट्री ने 1300 करोड़ रूपये, अरविंद मिल्स ने 1024 करोड़ रूपये, सनातन टेक्सटाइल्स ने 1000 करोड़ रूपये, बीएसएल सदस्यों ने 1000 करोड़ रूपये, बेस्ट कॉर्पोरेशन तिरूपुर ने 832 करोड़ रूपये, शर्माजी यार्न प्रा. लि. ने 800 करोड़ रूपये, आरएसवीएम (एलएनजे भीलवाड़ा) ने 700 करोड़ रूपये, आर. आर. जैन इंडस्ट्रीज ने 550 करोड़ रूपये, फेबयान टेक्सटाइल प्रा. लि. ने 308 करोड़ रूपये, वंश टेक्नोफैब प्रा. लि. ने 237 करोड़ रूपये, मोहिनी एक्टिव लाइफ प्रा. लि. ने 141 करोड़ रूपये, अनीका टेक्सफैब ने 100 करोड़ रूपये, वेदांत कॉटन प्रा. लि और एनटीपी सॉल्यूशन्स प्रा. लि. ने 8-8 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिए।
प्रधानमंत्री की पहल पर मध्यप्रदेश को मिली बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर देश का पहला पीएम-मित्रा पार्क धार जिले में स्थापित किया जा रहा है, जिसका भूमि-पूजन शीघ्र ही होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 5एफ विजन 'फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन' को मध्यप्रदेश सरकार ने एक मिशन के रूप में अपनाया है। हमारा उद्देश्य है कि स्वदेशी कपड़े की गुणवत्ता को वर्ल्ड क्लास का बनाकर इन्हें वैश्विक बाजारों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सम्पूर्ण वैल्यू चेन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हर स्तर पर किसान, बाजार और परंपराओं को गति प्रदान करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में टेक्सटाइल सेक्टर को नया विजन और नई दिशा मिल रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत प्राचीनकाल से कपड़ा उद्योग, मसाला व्यापार और स्वर्ण आभूषण के मामले में दुनिया में अग्रणी रहा। तकनीक के अभाव में किसी समय व्यापार के माध्यम से हमारी क्षमता को प्रभावित करने का कुत्सित प्रयास किया गया। केंद्र सरकार कठिन समय में सभी उद्योगपतियों के साथ है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आयात शुल्क में छूट मिलना उद्योगों को पुनर्स्थापित करने के लिए एक प्रकार की मदद है, सरकार उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में देश में 7वें स्थान पर है। पहले स्थान पर चल रहे गुजरात और मध्यप्रदेश के बीच टेक्सटाइल सेक्टर का पीएम-मित्रा पार्क बनाया जा रहा है, जिसके संचालन के लिए मध्यप्रदेश में कच्चे माल की उपलब्धता से लेकर अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सम्राट विक्रमादित्य के न्याय से पोषित धरती है। यहां हमेशा ही बेहतर कानून व्यवस्था की स्थापना रही है।
निवेश के लिए आदर्श राज्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के केंद्र में स्थित है और निवेशकों के लिए अनेक अनुकूलताएं उपलब्ध कराता है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर मध्यप्रदेश से होकर गुजरता है। मध्यप्रदेश में 8 एयरपोर्ट हैं। विस्तृत रेल नेटवर्क हमारे राज्य को देश के सभी बड़े शहरों से जोड़ता है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि आप मध्यप्रदेश में जहां भी उद्योग स्थापित करना चाहें, वहां भूमि, बिजली, पानी, एप्रोच रोड, नियर-टू-डोर कनेक्टिविटी, सस्ती श्रम दरें, कुशल श्रम शक्ति सहित अन्य सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का संभवतः ऐसा पहला राज्य है, जहां कभी औद्योगिक हड़ताल (इन्डस्ट्रियल अनरेस्ट) भी नहीं होतीं। उन्होंने निवेशकों से कहा कि आपके बिजनेस के विकास में सरकार हर घड़ी आपके साथ खड़ी है। आपको यहां समुचित रूप से बिजनेस करने की पूरी छूट, मिलेगी साथ ही गारंटी सहित निवेश प्रोत्साहन के लिए इन्सेंटिव (अनुदान) भी हमारी सरकार देगी।
‘मॉडल स्टेट’ के रूप में उभरता मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश को लेकर पूरे देश में आज सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा है, वह है मध्यप्रदेश। उन्होंने कहा कि निवेश के मामले में हमारा प्रदेश देश का मॉडल स्टेट बनकर उभरा है। प्राकृतिक सौंदर्य, विभिन्न प्रकार की वनस्पति और जलीय एवं वन्य जीवों की मौजूदगी से समृद्ध मध्यप्रदेश की पावन धरती पर सभी निवेशकों का हृदय से स्वागत है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी हर अपेक्षा पर खरी उतरेगी और उनके सपनों को साकार करने में सहयोगी बनेगी। इसके लिए हम सभी प्रबंध कर रहे हैं।
“पीएम-मित्रा पार्क भारत के टेक्सटाइल सेक्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में देगा नई बढ़त” : केंद्रीय वस्त्र मंत्री सिंह
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के ऊर्जावान मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी की दृष्टि और संकल्प के साथ कदम मिलाकर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में धार का पीएम-मित्रा पार्क केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि वस्त्र उद्योग की दशकों पुरानी मांग का समाधान है। यह पार्क भारत को वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में एक नई पहचान देगा और देश का सबसे बड़ा एकीकृत टेक्सटाइल हब बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच यही रही है कि भारत केवल उत्पादन केंद्र तक सीमित न रहे, बल्कि सस्टेनेबिलिटी, नवाचार और क्वालिटी के आधार पर टेक्सटाइल सेक्टर में अग्रणी भूमिका निभाए, यह पार्क उसी सोच का प्रतिफल है। इस पार्क में कपास उत्पादन से लेकर तैयार वस्त्र निर्यात तक की संपूर्ण वैल्यू चेन उपलब्ध होगी, जिससे उद्योगों की लागत कम होगी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता कई गुना बढ़ेगी।
केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि भारत के सामने लगभग 800 बिलियन डॉलर का वैश्विक टेक्सटाइल बाजार अवसर के रूप में मौजूद है और केन्द्र सरकार इसे हासिल करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने विशेष रूप से भारत टेक्स (BharatTex) आयोजन का उल्लेख किया, जिसमें 170 से अधिक देशों ने भाग लिया और जहाँ रिसाइकल्ड फाइबर, न्यू एज फाइबर, सस्टेनेबिलिटी और क्वालिटी पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का बड़ा अवसर है और पीएम-मित्रा पार्क इसमें अहम भूमिका निभाएगा।
केंद्रीय मंत्री सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने कॉटन पर आयात शुल्क में रियायत, एडवांस ऑथराइजेशन, MSME सेक्टर को बढ़ावा और उद्योग जगत के सुझावों के आधार पर नीति सुधार जैसे ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार निर्यात को प्रोत्साहित करने, नए बाजार खोलने और वैश्विक स्तर पर उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त देने के लिए सतत और सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने उद्योग जगत से आह्वान किया कि वे आक्रामक रूप से निर्यात बढ़ाएँ और भरोसा दिलाया कि केन्द्र सरकार हर समय उद्योगों के साथ खड़ी है। पीएम-मित्रा पार्क भारत के टेक्सटाइल सेक्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नई ऊर्जा देगा और मध्यप्रदेश को इस अभियान का अग्रदूत बनाएगा।
“माहेश्वरी-चंदेरी जैसी विरासत को आधुनिक औद्योगिक ढाँचे से जोड़ा जा रहा है” : केन्द्रीय सचिव राव
नीलम शमी राव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने औद्योगिक विकास के लिए ग्रीनफील्ड भूमि उपलब्ध कराकर देश में एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। धर का पीएम-मित्रा पार्क 2,158 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है और यह देश का सबसे बड़ा व सबसे लागत-प्रभावी टेक्सटाइल पार्क होगा। इस पार्क की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ ‘फार्म-टू-फैशन’ की पूरी वैल्यू चेन उपलब्ध कराई जाएगी। कपास उत्पादन से लेकर वस्त्र निर्माण और तैयार परिधान तक की सभी प्रक्रियाएँ एक ही स्थान पर होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य ने अपनी पारंपरिक ताकत को आधुनिक ढाँचे से जोड़ने का निर्णय लिया है। माहेश्वरी और चंदेरी जैसी धरोहरों को आधुनिक औद्योगिक संरचना और वैश्विक बाजार से जोड़कर मध्यप्रदेश ने एक नया अध्याय लिखा है। इस पार्क के लिए लगभग 2,000 करोड़ रूपये की विस्तृत योजना तैयार की गई है और इसका पर्यावरणीय मंजूरी पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है, जिससे निवेशकों को अतिरिक्त औपचारिकताओं से मुक्त रहना होगा।
राव ने बताया कि पार्क में ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज CETP, SCADA आधारित यूटिलिटीज़, कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर, टेस्टिंग एवं ट्रेनिंग सेंटर, औद्योगिक आवास और प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि यह सब उद्योगों को उच्चतम मानकों के साथ काम करने का अवसर देगा और उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले 14–16 महीनों में पार्क पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा। यह केवल उद्योगों को राहत ही नहीं देगा, बल्कि मध्यप्रदेश के किसानों और बुनकरों को भी सीधे जोड़कर उन्हें स्थायी लाभ पहुँचाएगा।
म.प्र. पहला राज्य जिसने पीएम-मित्रा पार्क के लिये निवेशकों से आवेदन लेना किया प्रारंभ : केन्द्रीय एडी. सचिव कंसल
केन्द्रीय अतिरिक्त सचिव वस्त्र मंत्रालय रोहित कंसल ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पीएम-मित्रा पार्क के लिये निवेशकों के आवेदन लेना प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पीएम-मित्रा पार्क में स्केल, साइज एवं कॉम्प्रिहैंसिवनेस, ग्लोबल स्टैंडर्ड और राज्य एवं केन्द्र सरकार का सपोर्ट, पेरोल के साथ ओवरऑल एक्सपेंसेज पर इन्सेंटिव और ऑल प्री-अप्रूवल इसकी यूएसपी हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल बेंच मार्किंग वाले पीएम-मित्रा पार्क स्मार्ट और सस्टेनेबल सिद्ध होंगे।
“पीएम-मित्रा पार्क से निवेश, निर्यात और रोजगार को नई ऊँचाई मिलेगी” : प्रमुख सचिव सिंह
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह ने कहा कि यह पार्क केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए गेमचेंजर साबित होगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश विश्व का 24 प्रतिशत नॉन-जीएमओ ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन करता है और एक्स्ट्रा लॉन्ग स्टेपल कॉटन के लिए जाना जाता है। वर्ष 2024–25 में राज्य से 9,200 करोड़ रूपये से अधिक के टेक्सटाइल निर्यात हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश नई औद्योगिक नीति-2025 के अंतर्गत पूंजीगत अनुदान, ब्याज पर सब्सिडी और निर्यात प्रोत्साहन जैसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे निवेशकों को मज़बूत आधार मिलेगा। राज्य के पास 31 GW से अधिक बिजली क्षमता है, जिसमें 30% नवीकरणीय ऊर्जा है और 1,000 MCM से अधिक औद्योगिक जल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। निफ्ट भोपाल, एनआईडी भोपाल और ग्लोबल स्किल्स पार्क जैसे संस्थान पार्क को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराते रहेंगे। सिंह ने कहा कि इस परियोजना से लगभग दो लाख रोजगार सृजित होंगे और 10 हजार करोड़ रूपये से अधिक निवेश आकर्षित होगा। यह पार्क निवेश, निर्यात और रोजगार—तीनों क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को नई ऊँचाई देगा और वैश्विक टेक्सटाइल मानचित्र पर राज्य की अग्रणी स्थिति सुनिश्चित करेगा।
उद्योगपतियों से की वन-टू-वन चर्चा
इंटरैक्टिव सेशन में टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर के उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की गई। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन सिंह ने पीएम मित्रा पार्क धार, राज्य की नीतियों, निवेश प्रोत्साहन से अवगत कराया। वन-टू-वन चर्चा में विशेष रूप से ट्रायडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता, वर्धमान ग्रुप के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज जैन, सनातन टेक्सटाइल लिमिटेड के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अजय दत्तानी, शर्मनजी यॉर्नस प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर आशु जैन, एलएनजे भीलवाड़ा ग्रुप के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव गुप्ता, जैन कॉर्ड इंडस्ट्रीज़ के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल जैन, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स के सदस्य, अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के सदस्य तथा बीएसएल सदस्यगण जैसे प्रतिष्ठित समूहों ने सक्रिय भागीदारी की और निवेश व सहयोग की संभावनाओं पर सार्थक विमर्श किया।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से शुरू होगा सेवा पखवाड़ा
3 Sep, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में बुधवार को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के खेल और युवा कल्याण मंत्रियों की वर्चुअल बैठक आयोजित हुई। आगामी सितंबर से दिसंबर 2025 तक निर्धारित कार्यक्रमों को लेकर आयोजित बैठक में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहभागिता की। बैठक के बाद मंत्री सारंग ने भोपाल स्थित टीटी नगर स्टेडियम के मेजर ध्यानचंद हॉल में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा 17 सितंबर से प्रारंभ होने वाले विविध कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक आयोजन व्यापक स्तर पर हो और उसकी पहुंच प्रदेश के हर जिले, हर ब्लॉक और विशेषकर युवाओं तक सुनिश्चित की जाए। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह, उप-सचिव अजय श्रीवास्तव, संचालक खेल एवं युवा कल्याण राकेश गुप्ता, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिये बनेगी टीम
बैठक में मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यक्रम के लिये गतिविधियों का समयबद्ध और क्रियान्वयन योग्य विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। कार्यक्रमों के संचालन और समन्वय के लिए विभागीय स्तर पर समर्पित टीम का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर वर्चुअल बैठकों के माध्यम से भी अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिये, जिससे सभी कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें।
मंत्री सारंग ने कहा कि कार्यक्रमों की सफल क्रियान्विति के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और आईटी, सोशल मीडिया एवं मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, इससे इन आयोजनों का संदेश आमजन और विशेषकर युवाओं तक प्रभावी रूप से पहुंचे।
सितंबर–दिसंबर तक होंगे युवा केंद्रित कार्यक्रम
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सितंबर से दिसंबर 2025 तक युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार विविध आयोजन होंगे। सितंबर–अक्टूबर में “नमो पदयात्रा” और 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक “सेवा पखवाड़ा” मनाया जाएगा, जिसमें सेवा, स्वच्छता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर देश के 75 विश्वविद्यालयों में विशेष आयोजन होंगे। जिसमें मध्यप्रदेश के चिन्हित विश्वविद्यालय भी प्रतिभागी करेंगे। अक्टूबर–नवंबर में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर सांस्कृतिक व खेलकूद गतिविधियाँ और तीन दिवसीय पदयात्रा होगी। नवंबर–दिसंबर में “संविधान पदयात्रा” तथा “विकसित भारत युवा कनेक्ट” के तहत संवादात्मक कार्यक्रम होंगे। 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर विशेष आयोजन किया जाएगा।
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