मध्य प्रदेश
एमपी सरकार ने पुलिस अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां तय कीं
8 Sep, 2025 09:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। भारतीय पुलिस सेवा के 20 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। इनमें से 7 डीआईजी रेंज के अफसर भी शामिल हैं। छतरपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, इंदौर ग्रामीण, भोपाल ग्रामीण, रतलाम और सागर रेंज में नए DIG तैनात किए गए हैं।
भोपाल और इंदौर टीम में बदलाव
इंदौर और भोपाल की टीम में बदलाव किया गया है। मोनिका शुक्ला को भोपाल एडीसीपी की जिम्मेदारी दी गई है।वहीं राजेश कुमार सिंह को इंदौर क्राइम एडीसीपी पद पर नियुक्ति दी गई है। दोनों शहर प्रदेश के दो बड़े नगर हैं जहां क्राइम की दर भी अन्य जिलों की अपेक्षा ज्यादा है। ललित शाक्यवार को पुलिस मुख्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक के पद पर तैनात किया गया है। वहीं बालाघाट रेंज में तैनात मुकेश कुमार श्रीवास्तव को मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग में DIG के पद पर तैनात किया गया है।
मयंक अवस्थी धार एसपी बनाए गए
मयंक अवस्थी को धार जिले के पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर तैनात थे। वहीं राजीव कुमार मिश्रा को पुलिस मुख्यालय (सहायक पुलिस महानिरीक्षक) के पद से स्थानांतरित करके अशोकनगर जिला पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। राजेश सिंह भोपाल रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक बनाए गए हैं।
मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने वाला देश का पहला राज्य
8 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन परिवहन के भविष्य का प्रतिनिधित्व करने के लिये तैयार हो रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। जलवायु परविर्तन से लड़ने के वैश्विक जनादेश और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण लक्ष्यों को हासिल करना मध्यप्रदेश की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व ईवी दिवस पर लोगों से कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है। इलेक्ट्रिक वाहन जनसहयोग से कार्बन उत्सर्जन को कम करने में तेजी लाने के लिए सबसे प्रभावी समाधान हैं।
मध्यप्रदेश में जल्दी ही इलेक्ट्रिक वाहन संवर्धन बोर्ड का गठन किया जायेगा। यह अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने और विभिन्न मुददों का समाधान निकालने के लिए जिम्मेदार होगा। मध्यप्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में आदर्श राज्य बनाने और इस क्षेत्र में उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित करने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश की इलेक्ट्रिक वाहन नीति में रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिये वित्तीय प्रोत्साहन दिया जायेगा। चार्जिंग और स्वैपिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर लगाने में तेजी लाने के प्रयासों को भी प्रोत्साहन दिया जायेगा।
ईवी और ईवी संबंधित पाठयक्रम होंगे शुरू
प्रदेश में ईवी उदयोग के लिए आवश्यक कौशल के साथ कार्यबल तैयार करने के लिए नीति में इंजीनयिरिंग कालेजों और आईटीआई में ईवी और ईवी संबंधित पाठयक्रम भी शुरू किये जायेंगे। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के रूप में स्थापित किया जायेगा।
मध्यप्रदेश का लक्ष्य है कि 2070 तक भारत को अपने शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग करे और स्वयं को कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने वाले राज्यों में पहला स्थान हासिल करे।
प्रदेश में वायु गुणवत्ता के सुधार एवं पेट्रोल, डीजल वाहनों पर निर्भरता को कम करने तथा इलेक्ट्रिक चार्जिंग अधोसंरचना के निर्माण के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा मध्य्प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीरकल नीति-2025 का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत वर्ष 2030 तक प्रदेश में कुल पंजीकृत 02 पहिया, 03 पहिया, चार पहिया वाहन एवं बस के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकृत के लिए क्रमश: 40%, 80%, 15% एवं 40% का लक्ष्य रखा गया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टे्शन जैसे:- स्माल, मीडियम और लार्ज चार्जिंग स्टेशन के लिए 10 लाख रूपये तक, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के लिए 2 करोड़ रूपये, बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिये 5 लाख रूपये तक और 02 पहिया, 03 पहिया एवं कार के लिए रेट्रोफिटिंग अंतर्गत 25 हजार रूपये तक के वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थांन भोपाल द्वारा 9 सितंबर को विश्व ईवी दिवस पर लोगों में जागरूकता लाने ईवी कार्यशाला विद्युत 25 और इलेक्ट्रिक आटो एक्सपो का आयोजन मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में किया जा रहा है।
ईवी उद्योग के विकास को बढ़ावा देने में मध्यप्रदेश अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। ईवी सेगमेंट को बढ़ता देख आम लोगों में उत्साह है कि भविष्य में मध्यप्रदेश ईवी मैन्यूफैक्चरिंग हब बनेगा। मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण का केंद्र बनने की क्षमता है। यहां सभी प्रकार की सहयोगी अधोसंरचनाएं मौजूद हैं। निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर की मौजूदगी जरूरी है, जिसमें बैटरी निर्माण सुविधाएं, असेंबली प्लांट और सप्लाई चैन नेटवर्क शामिल हैं। मध्यप्रदेश में इसकी भरपूर सभावनाएं हैं।
भारत में लिथियम खनन का काफी विकास हुआ है। देश के भीतर लिथियम की उपलब्धता से मौजूदा हालात पूरी तरह बदल सकते हैं। यह इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी का सबसे महत्वपूर्ण घटक है। भारत में हाल ही में खोजे गए लिथियम के भंडार से आयात पर निर्भरता में कमी आने के साथ-साथ पूरे ईवी सप्लाई चैन को मजबूती मिलने की संभावना है। इसका सबसे बड़ा लाभ मध्यप्रदेश को होगा।
ईवी का उपयोग न केवल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और उपयोग की लागत को कम करता है बल्कि वितरण दक्षता भी बेहतर बनाता है। प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण के लिए ईवी को अपनाना प्रासंगिक है। मध्यप्रदेश में इसके रूझान दिख रहे हैं। समुदायों और ग्राहकों में जागरूकता बढ़ रही है।
भारत दुनिया में दो पहिये वाले वाहनों का सबसे बड़ा निर्माता हैं। विद्युत वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ़्टवेयर का मिश्रण है और मध्यप्रदेश का इन दोनों में अच्छा प्रदर्शन है। मध्यप्रदेश में प्रतिभा, अच्छा वातावरण और सरकार के समर्थन से इलेक्ट्रिक वाहन हब बनने को तैयार हो रहा है।
गौ-शालाऔं को स्वावलंबी बनाना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
8 Sep, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आत्मनिर्भर गौशाला, प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। गौ-शालाएं गोबर, गौमूत्र आदि अपशिष्ट से धन अर्जित कर संपन्न बन सकती हैं। स्वावलंबी गौशालाएं विकसित करने के लिए दुग्ध उत्पादों सहित गौमूत्र-गोबर आदि से निर्मित सामग्री के विक्रय की व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही गौशालाओं में उपलब्ध स्थान का उपयोग सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के लिए भी किया जाए। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में स्थानीय परिवेश के अनुरूप देसी नस्ल के गौपालन को प्रोत्साहित किया जाए। गौशालाओं के प्रबंधन में धार्मिक संस्थाओं और दानदाताओं को जोड़े। प्रदेश में उपलब्ध पशुधन के अनुपात में पशु चिकित्सकों की संख्या कम है। गौवंश के बेहतर प्रबंधन और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए पशु चिकित्सकों की संख्या में बढ़ोतरी आवश्यक है। इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड की मंत्रालय में सोमवार को हुई बैठक में दिए। पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुसार प्रदेश में देसी नस्ल के गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए गिर, साहीवाल, मालवी और नागौरी नस्ल के पशुधन को प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश के जनजातीय अंचलों में भी गौपालन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए आवश्यक नवाचार किए जाएं। प्रदेश में पशुपालन-कृषि-उद्यानिकी तथा नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में समन्वित रूप से कार्य करने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी और दुग्ध उत्पादन की दिशा में भी प्रदेश, देश के शीर्षस्थ राज्यों में शामिल हो सकेगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि गौसंवर्धन बोर्ड द्वारा गौशाला समितियों के बैंक खातों में राज्य स्तर से सीधे राशि अंतरित की जा रही है। बोर्ड द्वारा 937 नवीन गौशालाओं की स्थापना उपरांत पंजीयन किया गया है, जिसमें एक लाख 10 हजार गौवंश को आश्रय प्राप्त है। वर्ष 2024-25 में विदिशा, देवास, आगर-मालवा, ग्वालियर, दमोह, सतना तथा रीवा में बायोगैस सह जैविक खाद निर्माण संयंत्र स्थापित किए गए। नगर निगम ग्वालियर, इंदौर तथा उज्जैन ने वृहद गौशालाओं का संचालन आरंभ किया गया है। भोपाल और जबलपुर में गौशालाओं की स्थापना का कार्य जारी है। बैठक में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति की प्रगति पर भी समीक्षा हुई।
माता-पिता, गुरुजनों के योगदान के प्रति हमेशा रहें कृतज्ञ : राज्यपाल पटेल
8 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरूजनों के योगदान के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहें। सफलता के बाद भी उनका हमेशा सम्मान करें। दीक्षांत शपथ का प्रतिदिन मनन करें और जीवन भर उसका अनुसरण भी करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नए, डिजिटल और "विकसित भारत" के सपने को साकार करने में विश्वविद्यालयों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। दीक्षांत, वह अवसर है जब शैक्षणिक यात्रा की पूर्णता के साथ, समाज और राष्ट्र की सेवा यात्रा का शुभारंभ होता है। यह केवल डिग्री प्राप्त करने का उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के वर्षों की मेहनत, अनुशासन और गुरुजनों के सफल मार्गदर्शन का प्रतिफल है। राज्यपाल पटेल सोमवार को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। विश्वविद्यालयीन स्मारिका और पुस्तक का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल व कुलाधिपति पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अगुवाई में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की शोभा यात्रा ने मंत्रोच्चार के बीच सभागार में प्रवेश किया। राज्यपाल पटेल का विश्वविद्यालय के कुलगुरु सुरेश कुमार जैन ने पौधा, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कुलगुरु जैन ने दीक्षित विद्यार्थियों को दीक्षांत उपदेश दिया और दीक्षांत शपथ दिलाई।
डिग्री और स्वर्ण पदक प्राप्त कर खिले विद्यार्थियों के चेहरे
राज्यपाल पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं के लिए उनके कौशल, रुचि और क्षमता के अनुसार शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर अनेक अवसर विद्यमान है। आज देश में कृषि, खाद्य, फिजिकल एजुकेशन, साइबर सिक्योरिटी, फोरेंसिक साइंस, ड्रोन तकनीक और विधि आदि विषयों में कैरियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ी है। राज्यपाल पटेल ने युवाओं से अपने ज्ञान और कौशल से समाज और राष्ट्र उत्थान के लिए आगे आने का आह्वान किया है। राज्यपाल पटेल ने समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री और स्वर्ण पदक प्रदान किए। दीक्षित विद्यार्थियों और स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय को शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के बेहतर प्रयासों के लिए नैक से "ए" ग्रेड प्राप्त करने और ग्लोबल वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिग में प्रदेश के एक मात्र विश्वविद्यालय के रूप में स्थान बनाने के लिए शुभकामनाएं दी।
दीक्षांत समारोह अब भारतीय परंपरा के अनुरूप आयोजित किए जा रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय अपनी क्षमता से विश्व में पहचान बना रहे हैं। अतीत की गलतियों को सुधारते हुए दीक्षांत समारोह अब भारतीय परंपरा के अनुरूप आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश में सबसे पहले वर्ष 2020 में शिक्षा नीति लागू की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सभी भाषाओं के अध्ययन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी राज्यों में बोली जाने वाली भाषाएं हमारी राष्ट्रभाषा हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने राष्ट्रभाषा हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई कराने की पहल की है, जिसे काफी सराहना मिल रही है। शिक्षा को केवल नौकरियों से न जोड़ा जाए, यह समाज में ज्ञान के सतत प्रसार का माध्यम है। राज्य में कुलपति को कुलगुरु की नई संज्ञा मिली है, जिसे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली ने भी अपनाया है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में नवाचारों के साथ कृषि संकाय और फैशन डिजाइनिंग जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराई जा रही है।
नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में विश्वविद्यालयों की बड़ी भूमिका
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के माध्यम से आज 54 हजार से अधिक विद्यार्थियों को स्नातक, 23 हजार विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर, 190 विद्यार्थियों को पीएचडी, 21 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, इस प्रकार कुल 78 हजार विद्यार्थियों के सपने साकार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्राइवेट कॉलेज और शासकीय विश्वविद्यालयों को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के लिए सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय इंदौर के सहयोग से जनजातीय बहुल झाबुआ जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में सुशासन की नई बयार आई है। देश के युवा, किसान, गरीब सभी वर्गों के कल्याण के साथ सरकार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी देश के स्वाभिमान और समाज के सभी वर्गों के हितरक्षक हैं। 21वीं सदी भारत की होगी और भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।
प्रदेश के विश्वविद्यालयों में डिजिटल वैल्यूएशन होगा शुरू : मंत्री परमार
तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आज विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। हमें जीवनभर समाज और परिवार का ऋण उतारने के लिए कार्य करना चाहिए। देश में भारतीय परंपरा के अनुसार दीक्षांत समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए सबसे पहले प्रदेश में शिक्षा नीति लागू की गई। राज्य सरकार सभी विश्वविद्यालयों में डिजिटल मूल्यांकन शुरू करेगी। विद्यार्थियों को ऑनलाइन कॉपी उपलब्ध कराएंगे। शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के साथ प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में 1 या 2 भाषाओं की पढ़ाई शुरू करेंगे। मध्यप्रदेश हृदय प्रदेश है। यहां भाषाओं को जोड़ने का कार्य शुरू होगा।
विद्यार्थी अपनी ऊर्जा राष्ट्र और समाज के कल्याण में लगाएं
कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार जैन ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाते हुए कहा कि आप कही भी जाएं अपने विश्वविद्यालय और अपने शहर को कभी न भूलें। हमेशा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलें और स्वाध्याय करें। साथ ही अपनी ऊर्जा समाज और राष्ट्र के कल्याण में लगाएं। दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डी.लिट, पीएचडी और स्नातकोत्तर की उपाधि प्रदान की गईं। इस दौरान विभिन्न संकायों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, आयुक्त प्रबल सिपाहा, कुल सचिव अनिल शर्मा, कार्यपरिषद के सदस्य, विभिन्न संकायों के अध्यक्ष, विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहें।
मोहन यादव लेंगे मंत्रियों-विधायकों की परीक्षा, विस्तार से पहले होगी छंटनी
8 Sep, 2025 06:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल दिखाई दे रही है. दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सभी मंत्रियों के अलावा विधायकों की अब तक की परफॉर्मेंस रिपोर्ट पर चर्चा शुरू करने जा रहे हैं. इसमें पिछले 20 माह के दौरान मंत्रियों के परफॉर्मेंस पर चर्चा की जाएगी और इसके आधार पर मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा. मुख्यमंत्री के इस कदम को आगामी मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि मंत्रिमंडल में अभी 4 पद खाली हैं.
मुख्यमंत्री करेंगे वन टू वन चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार का लगभग 20 महीने का समय पूरा हो गया है. मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों के विभागों से जुड़े कामकाज, उनमें किए गए नवाचारों, विकास योजनाओं की प्रगति और विभानसभा क्षेत्रों में जुड़े विकास के कामों का आकलन शुरू किया जा रहा है. इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा सभी विभागों से रिपोर्ट बुलाई जाएगी साथ ही मंत्रियों से वन टू वन चर्चा भी शुरू की जाएगी.
मंत्रियों के अलावा विधायकों के साथ भी मुख्यमंत्री बैठक करेंगे. इसमें विधानसभा क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत और जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों और प्रशासन के बीच समन्वय की स्थिति के बारे में भी चर्चा की जाएगी.
अगले महीने से शुरू हो सकती है चर्चा
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा यह वन टू वन चर्चा अक्टूबर माह में शुरू की जाएगी. इस बैठक के दौरान मंत्री विभाग द्वारा किए गए कामों का लेखा-जोखा पेश करेंगे, साथ ही भविष्य की योजनाओं और आने वाली चुनौतियों को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा. बैठक में मंत्रियों द्वारा पिछले 20 माह में किए गए नवाचारों की जानकारी भी दी जाएगी. सभी मंत्रियों से चर्चा के बाद मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा. बताया जा रहा है कि जहां भी सुधार की जरूरत होगी मुख्यमंत्री अपने सुझाव देंगे.
मंत्रिमंडल विस्तार के लगाए जा रहे कयास
मुख्यमंत्री द्वारा की जाने वाली इस चर्चा को लेकर मंत्रिमंडल विस्तार का भी कयास शुरू हो गया है. दरअसल, मंत्रिमंडल में अभी 4 पद खाली हैं, जिसे भरा जाना है. हालांकि राजनीतिक जानकारों की मानें तो फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना मुश्किल दिखाई देती है. वरिष्ठ पत्रकार केडी शर्मा के मुताबिक "बीजेपी में मंत्रिमंडल विस्तार की कोई जरूरत दिखाई नहीं दे रही. अभी ऐसे कोई हालात नहीं हैं, जिसको देखते हुए मंत्रियों के पदों को भरा जाए."
एमपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सजा पूरी होने के बावजूद जेल में रहे सोहन सिंह को 25 लाख रुपए मुआवजा मिलेगा
8 Sep, 2025 04:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को एक आदमी को 25 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है। उस व्यक्ति को सजा पूरी होने के बाद भी चार साल और सात महीने तक जेल में रहना पड़ा था। जस्टिस जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की बेंच ने एमपी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य की सभी जेलों में एक सर्वे करने का भी आदेश दिया है। कोई भी कैदी अपनी सजा पूरी करने या जमानत मिलने के बाद भी जेल में नहीं रहे।
चौंकाने वाला है मामला
दरअसल, बेंच ने पहले सोहन सिंह नाम के रेप के दोषी को लंबे समय तक जेल में रखने को काफी चौंकाने वाला बताया था। इसके साथ ही बेंच ने राज्य की व्यवस्था की नाकामी के लिए कड़ी आलोचना की है। बेंच ने कहा कि इस तरह किसी को ज्यादा समय तक जेल में रखना मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इसे माफ नहीं किया जा सकता है।
इस साल की शुरुआत में कोर्ट के सामने आया
यह मामला इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट के सामने आया था। सोहन सिंह ने 2017 में एमपी हाईकोर्ट के एक आदेश के बावजूद अपनी लंबी कैद के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने उसकी उम्र कैद की सजा को घटाकर सात साल कर दिया था। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सिंह ने अपनी कानूनी अवधि से लगभग आठ साल अधिक जेल में बिताए हैं। कोर्ट राज्य सरकार से इसे लेकर जवाब मांगा था।
4.7 साल अधिक जेल में बिताए
सोमवार को राज्य सरकार के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता नचिकेता जोशी ने बताया कि सिंह कुछ समय के लिए जमानत पर थे। इसलिए, अतिरिक्त कारावास लगभग 4.7 साल का था।
कोर्ट ने जताई नाराजगी
वहीं, सोहन सिंह के वकील महफूज अहसन नाजकी ने आंकड़ों की पुष्टि की और जवाबदेगी की मांग की है। कोर्ट ने इस मामले में सरकार की तरफ दायर भ्रामक हलफनामों पर नाराजगी जताई है। इन हलफनामों में अतिरिक्त कारावास की अवधि को बढ़ाकर बताया गया था।
रेप के मामले में ठहराया था दोषी
गौरतलब है कि सोहन सिंह की परेशानी दो दशक पहले शुरू हुई थी। खुरई, जिला सागर की एक सत्र अदालत ने जुलाई 2005 में उसे बलात्कार, घर में जबरन घुसने और आपराधिक धमकी के आरोप में दोषी ठहराया था। उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 376(1), 450 और 506-बी के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, अपील पर, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अक्टूबर 2017 में अभियोजन पक्ष के मामले में कमियां पाईं। इसमें FIR दर्ज करने में देरी और सहायक चिकित्सा साक्ष्य की कमी शामिल थी। कोर्ट ने सजा को घटाकर सात साल की कठोर कारावास कर दिया, जबकि दोषसिद्धि को बरकरार रखा। सजा में स्पष्ट बदलाव के बावजूद, सिंह 6 जून, 2025 तक जेल में रहे। यह हाई कोर्ट के आदेश के लगभग आठ साल बाद और अधिकतम सजा से बहुत अधिक था जो वह कानूनी रूप से काट सकते थे। सुप्रीम कोर्ट में मामला आने के बाद ही यह बात सामने आई।
ASI और कॉन्स्टेबल का डांस वीडियो बना विवाद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने की सख्त कार्रवाई
8 Sep, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दतिया: पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो 2 सितंबर का बताया जा रहा है। सिविल लाइन थाने में पदस्थ एएसआई संजीव गौड़ और कुछ युवक निजी होटल में पार्टी कर रहे हैं। दो महिलाओं के साथ फिल्मी गानों पर अश्लील डांस करते दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह पार्टी सिविल लाइन थाने में तैनात आरक्षक राहुल बौद्ध के जन्मदिन के उपलक्ष्य में रखी गई थी। इसमें कथित तौर पर बार डांसर बुलाए गए थे और देर रात तक कार्यक्रम चलता रहा।
वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप
वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। पुलिसकर्मियों के इस तरह के आचरण ने न केवल विभागीय अनुशासन पर सवाल खड़े किए, बल्कि आम जनता में पुलिस की छवि पर भी गहरा असर डाला। लोग पुलिस के प्रति भरोसे को लेकर सवाल उठाने लगे कि जो लोग कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं, वही अगर इस तरह के कृत्य करें तो अनुशासन और नैतिकता का संदेश कैसे जाएगा।
दोनों को एसपी ने किया निलंबित
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, दतिया एसपी सूरज वर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई संजीव गौड़ और आरक्षक राहुल बौद्ध को निलंबित कर दिया। एसपी वर्मा ने सख्त लहजे में कहा कि पुलिस की छवि खराब करने वाले किसी भी कृत्य को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभागीय जांच जारी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी
अश्लील हरकत कर रहा है एएसआई
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि पार्टी के दौरान एएसआई बेकाबू हो जाते हैं। वह फिल्मी गानों की धुन पर महिला डांसर के साथ जमीन पर लोट जाता है। इस दौरान कुछ लोग हटाने की कोशिश करते हैं लेकिन एएसआई अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। बड़ी मशक्कत के बाद एएसआई को डांसर के पास से हटाया गया है। फिलहाल, जांच पूरी होने तक दोनों पुलिसकर्मी निलंबित रहेंगे और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
एमपी विधानसभा में मंत्री का जवाब बना मुद्दा: साक्षरता आंकड़ों की सच्चाई जानने की मांग तेज
8 Sep, 2025 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य विधानसभा में स्वीकार किया है कि उसके पास राज्य की साक्षरता दर या बेरोजगार युवाओं की संख्या पर कोई अपडेट डेटा नहीं है। इसके बाद अब सामाजिक-आर्थिक मुद्दों के आंकलन और समाधान की क्षमता पर चिंता जताई जा रही है। सरकार साक्षरता के आंकड़ों के लिए 2011 की जनगणना पर निर्भर है और अपने रोजगार पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत बेरोजगार व्यक्तियों को ट्रैक नहीं करती है।
विधानसभा में किया स्वीकार
13 मार्च को, सरकार ने स्वीकार किया कि वह 2011 के बाद से साक्षरता में सुधार पर डिटेल नहीं दे सकती है, जबकि बेरोजगारी पर एक जवाब में पुष्टि की गई कि एमपी रोजगार पोर्टल केवल नौकरी चाहने वालों का रिकॉर्ड रखता है, वास्तविक बेरोजगारी के आंकड़े नहीं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता प्रदान करने की कोई योजना नहीं है।
बीजेपी विधायक ने पूछा था सवाल
भाजपा विधायक अभिलाष पांडे ने स्कूल शिक्षा मंत्री से पूछा कि मध्य प्रदेश में वर्तमान साक्षरता दर क्या है और वर्ष 2011 में साक्षरता दर क्या थी? उन्होंने यह भी पूछा कि वर्ष 2011 से साक्षरता दर में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई है? विधायक ने यह भी जानना चाहा कि राज्य को 100% साक्षर बनाने के लिए विभाग की कार्य योजना क्या है और राज्य कब तक 100% साक्षर राज्य बन जाएगा? समय-सीमा बताएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जवाब
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़े जारी किए गए हैं। उनके अनुसार, वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य की साक्षरता दर 69.3 प्रतिशत है। मंत्री ने आगे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के प्रावधानों के अनुसार, केंद्र सरकार वर्तमान में 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों को बुनियादी साक्षरता ज्ञान के साथ-साथ वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, कानूनी साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल प्रदान करने के लिए 'उल्लास - भारत साक्षरता कार्यक्रम' चला रही है।
कांग्रेस विधायक ने भी पूछा था सवाल
11 मार्च को, कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने विधानसभा में पूछा कि जनवरी 2025 तक राज्य के रोजगार कार्यालय में कितने बेरोजगार पंजीकृत हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि वर्ष 2015, 2018, 2021, 2024 में इसी महीने में यह संख्या कितनी थी और 2015 की तुलना में 2025 में कितने प्रतिशत की कमी या वृद्धि हुई? कौशल विकास रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने अपने जवाब में कहा कि एमपी रोजगार पोर्टल पंजीकृत बेरोजगारों की जानकारी नहीं रखता है, लेकिन इच्छुक युवाओं की जानकारी रखता है। यह जवाब बेरोजगारी पर एक प्रश्न का हिस्सा था।
रोजगार मेलों की संख्या में गिरावट
जवाब के साथ दिए गए आंकड़ों में कहा गया है कि मध्य प्रदेश में रोजगार मेलों की संख्या में वर्षों से गिरावट आ रही है और युवाओं को दिए जाने वाले नौकरी प्रस्ताव पत्रों की संख्या में भी गिरावट आई है। सरकार ने अपने जवाब में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता प्रदान करने की कोई योजना नहीं है। राज्य में रोजगार मेलों की संख्या 2021-22 में 861 से घटकर 2023-24 में 563 हो गई। जॉब फेयर में युवाओं को दिए जाने वाले ऑफर लेटर 2021-22 में 121178 थे, जो 2023-24 में घटकर 52846 हो गए।
रोजगार मेले से मिलते हैं प्राइवेट क्षेत्र में नौकरी के अवसर
युवाओं को सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलते हैं। एमपी रोजगार पोर्टल के अनुसार गुरुवार तक 29,25,353 युवा पंजीकृत थे। यह मध्य प्रदेश में बेरोजगार युवाओं का सटीक आंकड़ा नहीं है, लेकिन इसे राज्य में बेरोजगारी का अनुमान लगाने का आधार माना जाता है।
नशे के कारोबार का खुलासा: झोपड़ी वाले ढाबे को दो मंजिला होटल बनाने वाला निकला चरस तस्कर
8 Sep, 2025 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी: देहात थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 करोड़ 21 लाख रुपए से ज्यादा की कीमत की चरस जैसा नशीला पदार्थ बरामद किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 30 किलो 295 ग्राम चरस जब्त की है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय कीमत लगभग 6 करोड़ 21 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने इस मामले में शिवपुरी जिले के कोलारस के रमतला के रहने वाले संदीप सिंह सिक्ख को गिरफ्तार किया है। सूत्र बताते हैं कि इस आरोपी का कोलारस क्षेत्र के कुछ भाजपा नेताओं के साथ भी कनेक्शन है और भाजपा नेताओं के साथ वाले कुछ फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हालांकि पुलिस सीधे तौर पर इस बारे में कुछ भी कहने से बच रही है।
नशा कारोबार का बड़ा नेटवर्क
शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि पकड़े गए आरोपी ने नेपाल से इंडिया में यह चरस मंगवाई और अब इसे शिवपुरी से राजस्थान भेजा जाना था। नेपाल से चरस की खेप टमाटर के व्यापारी के माध्यम से एक ट्रक में छुपाकर शिवपुरी लाई गई थी लेकिन पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर इसे फोरलेन हाईवे से जब्त किया। इस मामले में पकड़े गए आरोपी पर विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर और आगामी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया है कि आरोपी संदीप सिंह पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस, आबकारी एक्ट और गुना-कोलारस थानों में अपराध शामिल हैं। पिछले वर्ष उससे 03 करोड़ 49 लाख रुपए की 17 किलो चरस भी जब्त हुई थी।
दो बैगों में रखे 60 पैकेट चरस और एक कार जब्त की गई
एक पत्रकारवार्ता के दौरान शिवपुरी के एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई को सूचना मिली कि मझेरा गांव, कोटा-झांसी फोर लेन पर एक युवक बड़ी खेप लेकर पहुंचने वाला है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। उसके पास से दो बैगों में रखे 60 पैकेट चरस और एक नई किओ कार जब्त की गई। एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि जांच में सामने आया कि संदीप सिंह ने यह खेप नेपाल से मंगवाई थी। नेपाल से टमाटर का व्यापार करने वाला मोहन ठाकुर यह खेप ट्रक में छुपाकर लाया और संदीप को सौंप दी। राजस्थान की पार्टी से सौदा तय हुआ था, लेकिन पुलिस की दबिश से आरोपी पहले ही पकड़ लिया गया।
जेल में बनी योजना, लेकिन हो गई फेल
बताया जाता है कि कुछ महीने पहले गुना की कैंट पुलिस ने आरोपी संदीप सिंह को 650 ग्राम अफीम के साथ पकड़कर जेल भेज दिया था। यहीं जेल में उसकी मुलाकात बंटी नाम के कैदी से हुई। बंटी ने संदीप को भरोसा दिलाया कि वह उसे राजस्थान की बड़ी पार्टी से मिलवा सकता है, जो चरस की भारी खेप खरीदने को तैयार है। इसके बाद करीब एक माह पहले जब दोनों जेल से बाहर आए, तो बंटी ने संदीप की मुलाकात राजस्थान के नशा कारोबारियों से कराई। इसके बाद योजना बनी। आरोपी संदीप सिंह ने नेपाल से चरस की यह खेप मंगवाई। मोहन ठाकुर नाम का टमाटर व्यापारी यह खेप नेपाल से ट्रक में छुपाकर अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पार करके शिवपुरी लाया और संदीप सिंह को सौंप दी। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में नशा कारोबारियों से यह तय हुआ था कि राजस्थान की पार्टी चरस लेने शिवपुरी आएगी और मझेरा गांव (कोटा-झांसी फोर लेन) पर डिलीवरी पॉइंट तय किया गया। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने दबिश देकर संदीप सिंह को पकड़ लिया।
कुछ साल पहले ढ़ाबा खोला और फिर कमाया पैसा
बताया जाता है कि नशा कारोबार से जुड़ने के बाद आरोपी ने एकाएक पैसा कमाया। पिछले दिनों यह आरोपी एक नई किया कार खरीदकर लाया जिसका उपयोग नशा डिलीवरी देने में करता था। पुलिस सूत्रों ने बताया है कि संदीप सिंह के माता-पिता मूलत: पंजाब के रहने वाले हैं। कई साल पहले वे कोलारस आकर बस गए और 10 बीघा जमीन लेकर खेती करने लगे। संदीप दो भाइयों में से एक है। कोरोना काल के दौरान संदीप ने कोलारस बायपास पर एक छोटी झोपड़ी में ढाबा खोला। इसी ढाबे से उसने अवैध नशे का कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे वह अफीम, गांजा और चरस बेचने और सप्लाई करने लगा। सिर्फ 7 साल में जिस झोपड़ी में ढाबा था, वहां अब दो मंजिला होटल खड़ा है।
हजारों स्टूडेंट्स को लाभान्वित करेगा प्रोजेक्ट दीप, 9 सितंबर से होगी शुरुआत
8 Sep, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने इसके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे आगे चलकर अपने पैरों पर खड़े हो सकें। प्रोजेक्ट दीप में विद्यार्थियों को तीन प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। पहला सूचना प्रौद्योगिकी (IT), जिसमें प्रोग्रामिंग, डेटा एनालिसिस और डिजिटल स्किल्स सिखाई जाएंगी। दूसरा खेती और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जिसमें बताया जाएगा कि स्मार्ट खेती कैसे की जा सकती है और आधुनिक तकनीक के साथ-साथ एआई का उपयोग किस तरह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे सकता है। तीसरा स्पोकन इंग्लिश, जिससे बच्चे आत्मविश्वास के साथ इंग्लिश बोल और समझ सकें।
MKCL करेगी संचालन
इस प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (MKCL) संचालित करेगी। यह संस्था पहले भी करोड़ों विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध करा चुकी है। वैज्ञानिक और सुपर कंप्यूटर के जनक माने जाने वाले पद्म विभूषण विजय भटकर भी इसके मार्गदर्शकों में शामिल हैं।
बच्चों को होगा फायदा
विधायक सखलेचा का कहना है कि भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है और जावद भी इसमें अपना योगदान देगा। प्रोजेक्ट दीप के जरिए हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी हासिल करें और खुद को दुनिया के सामने आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत कर सकें। इससे ग्रामीण इलाकों के बच्चों को विश्वस्तरीय कौशल सीखने का मौका होगा।
ब्रह्म नदी में बुजुर्ग और पोती बहे, छतरपुर में किशोर की डूबकर मौत
8 Sep, 2025 09:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: मध्य प्रदेश में मानसून का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक हल्की बारिश की भविष्यवाणी की है, लेकिन बारिश के साथ-साथ प्रदेश में हादसों का सिलसिला भी जारी है। रविवार सुबह भोपाल के बैरसिया में ब्रह्म नदी में एक बुजुर्ग और उनकी 12 साल की पोती के बहने की दिल दहलाने वाली घटना सामने आई।
उधर, छतरपुर में थरा बांध में एक किशोर की डूबने से मौत हो गई। रायसेन में हलाली डैम के गेट खुले होने से नदी-नालों में जलस्तर बढ़ा हुआ है। इस बीच, मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश के 22 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, और अब तक 40.6 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 111% अधिक है।
बैरसिया में त्रासदी: दादा-पोती को निगल गई ब्रह्म नदी
भोपाल के बैरसिया तहसील के खजुरिया रामदास गांव में रविवार सुबह 9 बजे एक हृदयविदारक हादसा हुआ। बाबूलाल साहू (70) अपनी 12 साल की पोती चिंको और एक पोते के साथ ब्रह्म नदी में पितृ तर्पण करने गए थे। पितृपक्ष के दौरान यह एक सामान्य धार्मिक अनुष्ठान था, लेकिन तेज बहाव ने इस परिवार के लिए त्रासदी ला दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, और चिंको का पैर फिसलने से वह तेज धारा में बहने लगी। उसे बचाने के लिए बाबूलाल तुरंत पानी में कूद पड़े, लेकिन तेज बहाव में दोनों बह गए। उनके पोते ने शोर मचाकर आसपास के ग्रामीणों को बुलाया, जिसके बाद SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम को सूचित किया गया।
करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद घटनास्थल से आधा किलोमीटर दूर बाबूलाल का शव बरामद हुआ। SDRF की टीमें चिंको की तलाश में रविवार देर शाम तक जुटी रहीं, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। बैरसिया थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया, "नदी का प्रवाह बहुत तेज है। हमने अतिरिक्त गोताखोरों और ड्रोन्स की मदद ली है। बच्ची को जल्द ढूंढने की कोशिश जारी है।"
इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। बाबूलाल के पड़ोसी रामलाल प्रजापति ने बताया, "बाबूलाल बहुत सज्जन व्यक्ति थे। उनकी पोती को बचाने के लिए उन्होंने अपनी जान जोखिम में डाल दी। यह बहुत दुखद है।" स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी के किनारे सुरक्षा रेलिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।
छतरपुर में हादसा: पार्टी बन गई मातम
छतरपुर जिले के बराजखेरा गाँव में एक और दुखद हादसे ने एक परिवार को तोड़कर रख दिया। अंकित पटेल (15), पिता तुलसीदास पटेल, अपने दोस्तों के साथ थरा बांध पर पार्टी करने गया था। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे अंकित और उसके दोस्त बांध के पास नहाने उतरे। नहाते समय अंकित का पैर फिसला, और वह गहरे पानी में चला गया।
उसके दोस्तों ने शोर मचाया और स्थानीय ग्रामीणों को बुलाया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने अंकित को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अंकित अपने परिवार का इकलौता बेटा था, और इस हादसे ने उसके माता-पिता को गहरे सदमे में डाल दिया।
छतरपुर SP अगम जैन ने बताया, "यह एक दुखद घटना है। हमने मामले की जांच शुरू कर दी है। बांध के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।" स्थानीय लोगों ने बांध के पास लाइफगार्ड्स और सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल उठाए हैं।
हलाली डैम के गेट खुले, बढ़ा खतरा
रायसेन जिले में सम्राट अशोक सागर हलाली डैम के दो गेट रविवार को भी खुले रहे। इन गेटों को 0.75 मीटर तक खोलकर 112.97 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। भारी बारिश के कारण डैम का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे नदी-नालों में पानी का बहाव तेज हो गया है। रायसेन कलेक्टर मोहनलाल मीणा ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
SDRF और होमगार्ड की टीमें डैम के आसपास तैनात की गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने नदी के किनारे बसे गाँवों में मुनादी करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। बैरागढ़ गाँव के निवासी किशनलाल ने बताया, "हर साल बारिश में डैम के गेट खुलते हैं, लेकिन इस बार पानी का बहाव बहुत तेज है। हमें डर है कि गाँव में पानी घुस सकता है।"
बारिश का रिकॉर्ड: 22 जिलों में कोटा पूरा
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 40.6 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत 37 इंच से 111% अधिक है। सामान्य तौर पर इस समय तक 32.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। पिछले साल इस अवधि में 44 इंच बारिश हुई थी।
प्रदेश के 22 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, जिनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम, धार, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, और शहडोल शामिल हैं। भोपाल में अब तक 38 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे से केवल 2 इंच कम है।
मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया, "स्ट्रांग सिस्टम कमजोर पड़ने के कारण अब भारी बारिश की संभावना नहीं है। अगले चार दिन हल्की फुहारें और रिमझिम बारिश होगी, जिससे मौसम ठंडा बना रहेगा।" भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, और जबलपुर में रविवार को भी हल्की बारिश दर्ज की गई।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और भविष्य के कदम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन हादसों पर गहरा दुख जताया और ट्वीट किया, "बैरसिया और छतरपुर की घटनाएँ अत्यंत दुखद हैं। प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। लापता बच्ची की तलाश के लिए सभी संसाधन लगाए गए हैं।"
भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा, "हमने नदी-नालों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। SDRF की टीमें 24 घंटे निगरानी कर रही हैं।" छतरपुर कलेक्टर संदीप जीआर ने बांधों और जलाशयों के पास सुरक्षा गार्ड तैनात करने और जागरूकता अभियान चलाने की बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवतालाब शिव मंदिर में भगवान शिव की पूजा अर्चना और रुद्राभिषेक किया
7 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मऊगंज जिले के देवतालाब शिव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान आशुतोष का रुद्राभिषेक भी किया। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव से प्रदेश की निरंतर प्रगति और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवकुंड का अवलोकन किया और इसका सौंदर्यीकरण कराए जाने की बात कही। मंदिर परिसर में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार बांकेलाल के शहनाई वादन की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, विधायक देवतालाब गिरीश गौतम, विधायक सिरमौर दिव्यराज सिंह, विधायक त्योंथर सिद्धार्थ तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी सहित स्थानीय जन उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि विंध्य की धरा में मऊगंज जिले के देवतालाब शिव मंदिर का विशिष्ट स्थान है। कहा जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने केवल एक रात में एक ही पत्थर से शिव मंदिर का निर्माण किया था। रीवा-बनारस हाईवे पर स्थित देवतालाब शिव मंदिर में साल भर भक्तों की भीड़ रहती है। विंध्य में परंपरा रही है कि बद्रीनाथ और चारोंधाम की यात्रा का फल तभी मिलता है जब देवतालाब में भगवान शिव के दर्शन किए जाएं। चारधाम यात्रा के बाद भी लोग देवतालाब अवश्य जाते हैं।
राज्यमंत्री गौर की पहल पर सिविल हॉस्पिटल गोविंदपुरा में प्रसूति वार्ड शुरू, बिटिया की गूंजी किलकारी
7 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : गोविंदपुरा के हताईखेड़ा स्थित सिविल अस्पताल को आदर्श चिकित्सालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाल ही में अस्पताल में पहली बार हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने जल्द से जल्द प्रसूति वार्ड शुरू करने के निर्देश दिए थे। जिसके परिपालन में सिविल हॉस्पिटल में प्रसूति वार्ड शुरु किया गया जिसमें शनिवार को पहली बिटिया की किलकारी गूंजी। यहां पर सेक्टर-बी पटेल नगर रायसेन रोड निवासी सोनल बंसल पति सुनील बंसल ने सुबह 6:38 पर बेटी को जन्म दिया।
हथाईखेड़ा क्षेत्र स्थित गोविंदपुरा शासकीय सिविल अस्पताल पांच लाख से अधिक आबादी के लिए आधुनिक और समर्पित स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। राज्यमंत्री गौर ने बैठक में कहा था कि अस्पताल का विस्तार कर इसे एक आदर्श चिकित्सालय के रूप में विकसित किया जाए, जिससे आमजन को बेहतर इलाज और सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने निर्देश दिए थे कि महिला मरीजों की चिकित्सा और देखभाल को प्राथमिकता दी जाए और अस्पताल स्टाफ मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखें।
10 रुपए में ओपीडी पंजीयन
सिविल अस्पताल में 10 रुपए में ओपीडी पंजीयन और आईपीडी का पंजीयन सिर्फ 30 रुपए में होता है। सभी वार्डों में नर्सिंग स्टेशन और स्टोर रूम के साथ-साथ मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था जैसी कई सुविधाएं यहां मिल रही हैं।
राज्य मंत्री टेटवाल ने किया मिशन त्रिनेत्रम् का शुभारंभ
7 Sep, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने शनिवार को राजगढ़ जिले के सारंगपुर में थाना परिसर से मिशन त्रिनेत्रम् के अंतर्गत अत्याधुनिक सीसीटीवी सर्विलांस प्रणाली का शुभारंभ किया।
राज्य मंत्री टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर के नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यह आधुनिक निगरानी तंत्र कानून-व्यवस्था को और मजबूत करेगा तथा सारंगपुर को स्मार्ट और सुरक्षित शहर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से इस प्रणाली के सुचारु संचालन और समय-समय पर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को मिली यह सौगात सुरक्षा और सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मिशन त्रिनेत्रम् में नई प्रणाली के तहत शहर में 111 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जो शहर के 36 प्रमुख स्थानों को कवर करेंगे। प्रत्येक कैमरा 8 मेगापिक्सल क्षमता का है और इनमें वैरिफोकल तथा पीटीजेड तकनीक के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित फीचर्स भी जोड़े गए हैं। इनसे न केवल वाहन के नंबर प्लेट आसानी से पढ़े जा सकेंगे, बल्कि अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी भी प्रभावी ढंग से संभव होगी।
शहरवासियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अत्याधुनिक सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था से सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और शहर का वातावरण अधिक सुरक्षित और अनुशासित बनेगा।इस अवसर पर बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया मऊगंज के बहुती जल प्रपात का अवलोकन
7 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मऊगंज जिले के प्रवास पर नई गड़ी जनपद पंचायत के बहुती जल प्रपात का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वाटरफॉल के नजदीक जाकर व्यू प्वाइंट से जलप्रपात की गिरती हुई दूधिया जल धारा और वहा बनने वाले इंद्रधनुष की आभा को देखा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहुती जल प्रपात के समीप कार्यक्रम स्थल पर गौपूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जंगल में विचरण करने वाली गौमाताओं को अपनी एक आवाज में अपने पास बुलाने की कला रखने वाले रकरी गांव के गौसेवक सौखीलाल यादव ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम की दीदीओं द्वारा सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहुती में हुआ पारंपरिक स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहुती पहुंचने पर पारंपरिक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मऊगंज की लोक कला की छात्राओं ने बघेली शैली नृत्य और स्थानीय लोक कलाकारों के दल ने अहिरहाई लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर स्वागत किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पशुपालन डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिले के प्रभारी मंत्री लखन पटेल, विधायक सर्वगिरीश गौतम, दिव्यराज सिंह और प्रदीप पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कमिश्नर रीवा बी.एस. जामोद, आई.जी. गौरव राजपूत, कलेक्टर संजय जैन एवं पुलिस अधीक्षक प्रजापति सहित नागरिक मौजूद थे।
पर्यटक स्थल के रूप में किया जा रहा है विकसित
कलेक्टर मऊगंज संजय जैन ने बताया कि बहुती जल प्रपात को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने एवं जन सुविधाओं के विकास के लिए 10 करोड़ रुपए लागत की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है। कलेक्टर ने बातया कि बहुती प्रपात के अप स्ट्रीम में स्टॉप डैम का निर्माण प्रस्तावित है। स्टॉप डैम में जल का संचय होने से वाटर फॉल की जल धारा का बारह माह सदा अविरल प्रवाह बना रहेगा।
प्रदेश का सबसे ऊँचा बहुती जल प्रपात
बहुती जल प्रपात रीवा से 75 किलोमीटर दूर मऊगंज जिले में स्थित है। यह विन्ध्य क्षेत्र ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। बहुती में सेलर नदी 650 फिट की ऊंचाई से दो धाराओं में विभक्त होकर गिरती है। नीचे सुंदर कुंड और चारों ओर घने वन हैं। बहुती में अनंत जलराशि लंबवत चट्टानों पर गिरती है। जुलाई से सितम्बर माह तक इस प्रपात का सौंदर्य अपने चरम पर होता है। प्रपात के समीप ही अष्टभुजा देवी का प्रसिद्ध मंदिर भी स्थित है। प्रयागराज और बनारस से सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा होने से उत्तरप्रदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ पहुंचते हैं। इसके पास भैंसहाई में प्रागैतिहासिक काल के भित्ति चित्र मिले हैं।
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