मध्य प्रदेश
रेलवे स्टेशन की हाईटेक सुरक्षा के लिये लगाये जा रहे 150 हाई टेक्नोलॉजी के सीसीटीवी कैमरे
10 Sep, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संदिग्धो, आपराधियो की पहचान कर सुरक्षा अधिकारियों को भेजेंगे अलर्ट
भोपाल। भोपाल रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक चाक चौबंद करने के लिए बेहद हाई टेक्नोलॉजी वाले 150 सीसीटीवी कैमरों को लगाने का काम शुरू हो गया है। इनमें से प्लेटफार्म नंबर 1 और 6 पर लगाये जा रहे पॉच फिक्स्ड कैमरे संदिग्ध लोगों और आपराधिक रिकॉर्ड वालों की पहचान करेंगे और रेल सुरक्षा अधिकारियों को अलर्ट भेजेंगे। इसके साथ ही यात्रियों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन भी लगाए जा रहे हैं। इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत लोकेशन पर मदद पहुंचाई जा सकेगी। नए कैमरे आरडीएसओ की गाइडलाइन, नीति आयोग के दिशा-निर्देशों और मानकों का पालन करते हुए स्टेशन पर लगाए जा रहे हैं। रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ द्वारा इनके लिये ऐसे स्पॉट चिह्नित कर कैमरों का इंस्टालेशन किया जा रहा है, जहॉ से स्टेशन पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा सके। इन कैमरो में 13 ऐसे कैमरे भी होंगे जिन्हें एनालिटिकल सर्वर से जोड़ा गया है। ये स्टेशन पर भीड़ का विश्लेषण और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करेंगे। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग किया जाएगा। सभी 150 कैमरों की रिकॉर्डिंग को कम से कम 30 दिनों तक सर्वर में स्टोर किया जा सकता है। जिससे किसी भी मामले की शिकायत किन्ही कारणो से यदि फरियादी देर से भी करता है तब भी स्टोर रखे गये फुटेज को चैक कर तेजी से जांच और कार्रवाई की जा सकेगी। अफसरो का कहना है की भोपाल स्टेशन पर अक्टूबर तक सभी कैमरों का इंस्टालेशन कर लिया जाएगा। इसके बाद भोपाल स्टेशन सुरक्षा के मामले में बेंगलुरु, पुणे जैसे प्रमुख स्टेशनों में शामिल हो जाएगा।
मप्र प्रमोशन आरक्षण विवाद: नई पॉलिसी पर रोक जारी !
10 Sep, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल/जबलपुर । मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में मंगलवार को जवाब पेश किया है। इसमें पुरानी और नई प्रमोशन पॉलिसी के बीच अंतर बताया है। वहीं, याचिकाकर्ताओं ने अधूरा जवाब पेश करने का आरोप लगाया है।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा है कि इसमें क्रीमी लेयर, क्वांटिफायबल डेटा पर जवाब नहीं है। हाईकोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद तय की है। ऐसे में अब 16 सितंबर को एमपी प्रमोशन में आरक्षण मामले में अंतरिम राहत पर हाईकोर्ट सुनवाई करेगी।
नई प्रमोशन पॉलिसी लागू नहीं करने का वादा
बता दें कि राज्य सरकार ने कोर्ट के अंतरिम राहत की मांग की है। साथ ही नई प्रमोशन पॉलिसी लागू करने की इजाजत भी मांगी है। इस मामले पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से एक अंडरटेकिंग ली है, जिसके तहत नई पॉलिसी का क्रियान्वयन रुका हुआ है। आसान भाषा में कहे तो सरकार ने नई प्रमोशन पॉलिसी को तब तक लागू नहीं करने का वादा किया है जब तक कोर्ट से इस मामले में को अंतिम फैसला नहीं आ जाता।
मप्र निवेश को लेकर कोलकाता में सीएम की वन-टू-वन बैठकें
10 Sep, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को कोलकाता में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें करेंगे। साथ ही टेक्सटाइल, वस्त्र एवं परिधान, आई टी, ईएसडीएम, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी सहित सभी प्रमुख सेक्टर में संभावित निवेश अवसरों और व्यावसायिक साझेदारी पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
कोलकाता में होने वाले इंटरएक्टिव सेशन में पीएम मित्रा पार्क की निवेश संभावनाओं को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही निवेश-उपयुक्त परियोजनाएं, इंटीग्रेटेड लैंड बैंक, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और हाल ही में लागू की गई 18 नई निवेश नीतियों की जानकारी साझा की जाएगी। इज ऑफ डुईंग बिजनेस के तहत निवेशकों के लिए सुगम वातावरण और राज्य की मजबूत आधारभूत संरचना को भी उजागर किया जाएगा।
इनफिनिटी पॉसिबिलिटीज इन मध्य प्रदेश फिल्म प्रदर्शित होगी
कार्यक्रम के दौरान "इनफिनिटी पॉसिबिलिटीज इन मध्य प्रदेश" फिल्म प्रदर्शित की जाएगी, जिसमें प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना और निवेश-अनुकूल माहौल को दिखाया जाएगा। यह फिल्म उद्योग जगत को निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों और लाभों से परिचित कराएगी। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह निवेशकों को विस्तृत प्रस्तुति देंगे, जिसमें निवेश-उपयुक्त परियोजनाओं, औद्योगिक क्षेत्रों में अवसरों और नीतिगत सुविधाओं की जानकारी दी जायेगी।
जीएसटी सुधार, आम आदमी को सुविधा और समृद्धि देने वाला उपहार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
9 Sep, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नये जनरेशन का जीएसटी रिफॉर्म लाकर जो सुधार किया है, वह आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं के जीवन को स्वावलंबी बनायेगा। यह आम आदमी के जीवन को सुविधा देने वाला उपहार है। अब की बार पूरा देश स्वदेशी से समृद्धि के संकल्प के साथ दीपावली मनाएगा। स्वदेशी से स्वावलंबन के दीप घर-घर जलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से कहा कि हम सब को जीएसटी सुधारों की जानकारी जन-जन तक पहुँचानी चाहिए। संचार के सभी माध्यमों से इसका प्रचार-प्रसार किया जाये।
स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार की थीम पर होगा कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को धार जिले के बदनावर में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार, स्वदेशी, एक पेड़ मां के नाम, एक बगिया मां के नाम, पीएम-जनमन योजना, धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान और मिशन कर्मयोगी की थीम पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
अस्वच्छ क्षेत्रों का चिह्नांकन कर उन्हें स्वच्छ बनाने के लिए होंगी गतिविधियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा की थीम पर सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। स्वच्छोत्सव की थीम पर शहरी और ग्रामीण इलाकों में अस्वच्छ क्षेत्रों का चिह्नांकन कर उन्हें स्वच्छ बनाने के लिए गतिविधियां होंगी। पखवाड़े के अंतर्गत सफाई मित्र सुरक्षा शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन गतिविधियों में स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों को भी सहभागी बनाया जाए। मंत्रीगण प्रशासनिक, अधिकारी और राजनीतिक पदाधिकारी का सहयोग लेते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता- सेवा गतिविधियों का अधिक से अधिक विस्तार करें।
आगामी वर्षों की कार्य योजना और विजन डॉक्यूमेंट पर होगी चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे के बाद भोपाल में दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर, एसपी, कमिश्नर, आईजी और पुलिस कमिश्नर भाग लेंगे। कॉन्फ्रेंस में आगामी वर्षों की कार्ययोजना और विजन डॉक्यूमेंट पर भी चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को इससे पहले अपने-अपने विभागों की विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश दिए।
पीएम जनमन योजना में सरकार के साथ समाज भी जुड़े : राज्यपाल पटेल
9 Sep, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय वर्ग के कल्याण की अभूतपूर्व योजना है और यह समाज के वंचित वर्गों के उत्थान का प्रयास है। समरस समाज के निर्माण की इस पहल में सरकार के साथ समाज को भी सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। राज्यपाल ने आहवान किया कि पीएम जनमन आवास योजना के आवासों को और अधिक बेहतर बनाने के लिये समाज के समृद्ध वर्ग का सहयोग प्राप्त किया जाना चाहिए।
राज्यपाल पटेल पीएम जनमन योजना की प्रगति की मंगलवार को राजभवन में समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि प्रशासनिक स्तर पर निर्माण कार्य की मज़बूती के लिए सामग्री की गुणवत्ता के साथ निर्माण की देख-रेख के प्रयासों में मैदानी सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण सामग्री की लागत को कम करने, कीमतों में समन्वय, स्थानीय और हरित निर्माण सामग्री के उपयोग की संभावनाओं को तलाशा जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आवास की मज़बूती से कोई समझौता नहीं हो।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय समुदाय को समग्रता में लाभान्वित करने की योजना है। हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दृष्टि से सबसे गरीब को सबसे पहले प्राथमिकता देना चाहिए और आवास मजबूत और सुविधा जनक हो। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आवास निर्माण स्थल का निरीक्षण निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सहयोग की दृष्टि से किया जाना चाहिए। स्थल चयन, आकार और निर्माण के दौरान लगने वाली सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्ता संबंधी विभिन्न पहलुओं पर हितग्राहियों को सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए।
बैठक में राज्यपाल पटेल को बताया गया कि आवास निर्माण के लिए स्थानीय सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की गई है। ईंट निर्माण में स्व-सहायता समूहों को जोड़ा गया है। पर्यावरण अनुकूल निर्माण प्रयासों की भी पहल की गई है। निर्माण सामग्री की दर को कम करने के लिए जिला स्तर पर मूल्य निर्धारण की कार्यवाही भी की गई है।
समीक्षा बैठक में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती जमुना भिड़े और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
जीएमसी भोपाल का प्लेटिनम जुबिली कार्यक्रम गरिमामय हो : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
9 Sep, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) भोपाल देश की गौरवशाली धरोहर है। अब तक हजारों डॉक्टर और विशेषज्ञ तैयार हुए हैं और चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कॉलेज की प्लेटिनम जुबिली एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसका सुव्यवस्थित और गरिमामय आयोजन होना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्थाओं में हर स्तर पर आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से मंत्रालय में जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को प्लेटिनम जुबिली समारोह में आमंत्रित किया और इस अवसर पर आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र संस्थान की परिस्थितियों और जरूरतों से भली-भांति परिचित होते हैं, उनके सुझाव सशक्तिकरण में अत्यंत सहायक होंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि को सामान्य सभा की बैठकों में शामिल किया जाए, जिससे उनके अनुभव और सुझावों का लाभ कॉलेज प्रशासन को निरंतर मिलता रहे।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जीएमसी भोपाल की प्लेटिनम जुबिली के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश और देश भर के पूर्व छात्रों को जोड़ने का एक अवसर बनेगा और संस्थान की गौरवशाली परंपरा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कॉलेज परिसर में पूर्व छात्रों द्वारा किए जा रहे विकास कार्य और अन्य गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने संस्थान की व्यवस्थाओं के उन्नयन, अधोसंरचना और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी रखे तथा शासन से सहयोग की अपेक्षा की। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, एम.डी. एम.पी. पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड मयंक अग्रवाल सहित जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
संबल योजना सच्चे अर्थों में श्रमिक भाई-बहनों का सहारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
9 Sep, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति में मान्यता है कि 'परहित सरिस धर्म नहिं भाई' यानी दूसरों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है और संबल योजना दूसरों की सेवा करने की इसी भावना को चरितार्थ करने का मार्ग है। राज्य सरकार की इस पहल का ही परिणाम है कि संबल योजना सच्चे अर्थों में श्रमिक भाई-बहनों का सहारा बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय से संबल योजना के 7 हजार 953 हितग्राहियों के खातों में 175 करोड़ रुपये अंतरित कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि यह राशि श्रमिक भाई-बहनों के लिए बड़ी मदद साबित होगी। प्रदेश में 1 करोड़ 77 लाख से अधिक श्रमिक इस योजना में पंजीकृत हैं। पंजीयन की प्रक्रिया लगातार जारी है। इस अवसर पर पंचायत और ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल उपस्थित थे। कार्यक्रम से सभी जिले वर्चुअली रूप से जुड़े।
श्रमिकों के कल्याण के लिए "श्रीपहल" को मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना की शुरूआत वर्ष 2018 में हुई थी, तब से अब तक कुल 7 लाख 60 हजार 886 प्रकरणों में 7 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि हितग्राहियों को वितरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीबी देखी है, इसलिए वे गरीबों का दुख और उनकी जरूरतें समझते हैं। संबल योजना उसी मुश्किल वक्त के साथी का नाम है। इसी क्रम में श्रमिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार में मदद के लिए को "श्रीपहल" को मंजूरी प्रदान की गई है। इसका एक और उद्देश्य श्रमिकों के जीवन स्तर को उन्नत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
गिग एवं प्लेटफार्म श्रमिकों की नई श्रेणी बनाकर संबल योजना में किया शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सबका साथ और सबका विकास की राह पर अग्रसर है। मार्च 2024 से घर-घर जाकर सामान और सेवायें देने वाले गिग एवं प्लेटफार्म श्रमिकों की नई श्रेणी बनाकर संबल योजना में शामिल किया गया है। अब ये श्रमिक भाई-बहन अधिकाधिक संख्या में संबल योजना में रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं और सभी आर्थिक हितलाभ ले रहे हैं। इसी क्रम में पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, पापड़-अचार बनाने वाले, खाना बनाने वाले, घरों में काम करने वाले मजदूर या तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले सभी श्रमिक और उनके परिवार इस योजना से जुड़कर आर्थिक मदद पा रहे हैं। संबल योजना के जरिए श्रमिक भाई-बहनों और उनके परिवार के जीवन को आसान और बेहतर बनाने तथा उनका बेहतर भविष्य गढ़ने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना में रजिस्टर्ड श्रमिकों के आंशिक स्थाई रूप से अपंग होने पर 01 लाख रुपये और स्थाई रूप से अपंग होने पर 02 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। दुर्घटना में संबल हितग्राही भाई-बहन की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 4 लाख रुपये और सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये अनुग्रह सहायता दिये जाने का प्रावधान है। संबल हितग्राही के परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रुपये की अंत्येष्टि सहायता राशि देने का भी प्रावधान है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। इसमें पांच लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज की सुविधा का प्रावधान किया गया है।
कम से कम समय में प्रभावितों को उपलब्ध कराया जाएगा हितलाभ : मंत्री पटेल
पंचायत और ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि 5वीं बार श्रमिकों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे राशि अंतरित की जा रही है। आज अंतरित हुई राशि में 28 दिसम्बर 2024 तक के सभी प्रकरणों का निराकरण हो गया है। दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में कम से कम समय में संबंधित श्रमिक या उनके परिजन को हितलाभ अंतरित कराने की दिशा में विभाग निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर सचिव रघुराज राजेन्द्रन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
नए वाहनों पर "सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉजिट" से मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की छूट दिये जाने का निर्णय
9 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार कोमंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रेपिंग सुविधा में स्क्रेपिंग को बढ़ावा देने के लिए बीएस-I और पूर्ववती तथा बीएस-॥ व्यापक उत्सर्जन मानक मानदंडों वाले वाहनों को जारी "सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉजिट" के विरुद्ध पंजीकृत किये जाने वाले नए गैर परिवहन यानों तथा नए परिवहन वाहनों पर 50 प्रतिशत की मोटरयान कर में छूट प्रदान किये जाने की स्वीकृति शर्तों के अधीन प्रदान की गयी है।
स्वीकृति अनुसार समस्त यान जो व्यापक उत्सर्जन मानक भारत चरण 1 (बीएस-1) मानक और पूर्ववती व्यापक उत्सर्जन मानक मानदंडों अनुसार विनिर्मित किये गए है तथा मध्यम मालयान/भारी मालयान/ मध्यम यात्री मोटरयान/भारी पात्री मोटरयान जो व्यापक उत्सर्जन मानक भारत चरण 2 (बीएस-।।) मानदंडों के अनुसार विनिर्मित किये गए हैं, को इसके तहत छूट प्रदान की गयी हैं।
प्रदेश में वर्ष 2024-25 में 1563 नए वाहन पंजीकरण पर लगभग 17 करोड़ 5 लाख रूपये की छूट प्रदान की गई है। वर्तमान में BS-1 एवं BS-II श्रेणी के लगभग 99 हजार मोटरयान ऑनरोड है। इनको मोटरयान कर में 50% छूट दिए जाने पर 100 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आएगा। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रेपिंग सुविधा में स्क्रेपिंग को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश को 200 करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्राप्त होगी। भारत में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भारत स्टेज (बीएस-1) उत्सर्जन मानदण्डों को सबसे पहले अप्रैल 2000 में लाया गया था।
स्वीकृति अनुसार जिस व्यक्ति के नाम से तत्समय "Certificate of Deposih धारित होगा उसी व्यक्ति के नाम पर नया वाहन क्रय किये जाने पर मोटर यान कर में छूट प्रदान की जाएगी। वाहन स्वामी दवारा नया वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन और लाभ प्राप्त करने के लिए, "Certificate of Deposit एक आवश्यक और पर्याप्त दस्तावेज होगा, इस प्रमाण-पत्र की वैधता जारी होने की तिथि से 3 वर्ष होगी।
"सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉज़िट" इलेक्ट्रॉनिक रूप से विनिमय योग्य होगा। प्रत्येक नए मालिक को "Certificate of Deposit" का हस्तांतरण फॉर्म 2 डी के अनुसार ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। "Certificate of Deposit" का एक बार उपयोग हो जाने पर, उस क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय या डीलर दवारा उसे वाहन डेटाबेस में "रद्द" के रूप में चिह्नित कर दिया जाएगा, जिसके द्वारा उक्त प्रमाण-पत्र के धारक को लाभ प्रदान किया गया है।
मोटरयान कर में छूट तभी प्रदान की जाएगी, जब नया वाहन मध्यप्रदेश राज्य में पंजीकृत किसी आर.वी.एस.एफ द्वारा ही जारी "Cerificate of Deposit के विरुद्ध पंजीकृत किया जाये। यदि "Certificate of Deposit" मध्यप्रदेश राज्य के अलावा किसी अन्य राज्य में स्थित आर.वी.एस.एफ. दवारा जारी किया गया हो तो मोटरयान कर में छूट प्रदान नहीं की जाएगी।
जिस श्रेणी का वाहन स्क्रैप किया गया है उसी श्रेणी का नया वाहन क्रय करने पर मोटर यान कर में छूट प्रदान की जाएगी। जीवनकाल कर जमा किये जाने की स्थिति में गैर-परिवहन/परिवहन यानों पर 50% मोटरयान कर में एकमुश्त छूट प्रदान की जाएगी। जिन वाहनों पर मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक आधार पर कर उद्ग्रहित किया जाता है, उन्हें मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक कर में 8 वर्ष तक 50% की छूट प्रदान की जाएगी।
मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग द्वारा 8 सितंबर 2022 को जारी अधिसूचना के अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली मोटरयान कर की छूट उन वाहनों पर लागू नहीं होगी, जिन्हें इस अधिसूचना के अंतर्गत मोटर यान कर छूट प्रदान की गई है।
मध्यप्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की नगर पालिका परिषद नगर परिषदों के अध्यक्ष पद का निर्वाचन आगामी आम-निर्वाचन में प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराये जाने के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों के अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा वर्ष 1999 से 2014 तक लगातार किया जाता रहा है। कोविड महामारी के आ जाने से वर्ष 2019 में निर्वाचन नहीं हो सके। इसके बाद वर्ष 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रणाली से किया गया। वर्ष 2027 के नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाना है। उपरोक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की संबंधित धाराओं में संशोधन के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
एमपी एग्रो नये कार्यक्षेत्र विकसित कर आय वृद्धि के प्रयास करे : उद्यानिकी मंत्री कुशवाह
9 Sep, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि द एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड नये कार्य क्षेत्र विकसित कर आय वृद्धि के प्रयास करे। उन्होंने यह निर्देश एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कार्पोरेशन के संचालक मंडल की 200वीं बैठक में दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण अनुपम राजन, आयुक्त उद्यानिकी प्रीति मैथिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री कुशवाह ने कहा कि एमपी एग्रो राज्य शासन के कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के लिये कार्य करने वाली महत्वपूर्ण एजेन्सी है। उद्यानिकी विभाग द्वारा अनेक योजनाओं के लिये एमपी एग्रो को नोडल एजेन्सी बनाया गया है। इसके काम में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के माध्यम से कलस्टर विकसित करने की जिम्मेदारी भी एमपी एग्रो को दी गई है। यह काम समय-सीमा में किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम जिला स्थित बाबई कृषि फार्म की आय वृद्धि के लिये विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाये। फार्म स्थित मशीनरी और उपकरणों के उपयोग के लिये विशेष एजेन्सी की सेवाएँ ली जा सकती है।
अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि एमपी एग्रो अनुउत्पादन व्ययों को नियंत्रित करें। उन्होंने कहा कि परम्परागत प्रक्रिया के स्थान पर एग्रो विशेष एजेन्सियों की सेवाएँ लेकर बेहतर प्रोजेक्ट तैयार करें। उन्होंने कहा कि एग्रो लिमिटेड को अपनी टेण्डर प्रक्रिया में गति लाने की आवश्यकता है इससे समयानुसार योजनाओं का लाभ किसानों को मिल सकेगा।
आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण प्रीति मैथिल ने कहाकि एमपी एग्रो को व्यवसाय वृद्धि के लिये ड्रोन टेक्नोलॉजी, एग्रीपीवी कृषि जैसे क्षेत्रों में नवीन प्रयोग करने की आवश्कता है। उन्होंने एग्रो द्वारा टेण्डर प्रक्रिया की समय-सीमा में सुधार कराये जाने का सुझाव भी दिये।
प्रबंध संचालक अरविंद दुबे ने बताया कि एमपी एग्रो ने इस वर्ष 2025-26 में लिक्विड बायो फर्टिलाइजर उत्पादन का लक्ष्य एक लाख 25 हजार लीटर रखा है। इसमें एक करोड़ लाख 96 लाख रूपये की सकल आय अनुमानित है। 2024-25 में निगम को 2470 बायो गैस संयंत्र का लक्ष्य के विरूद्ध 1840 संयंत्रों का निर्माण कराया गया है। बैठक में निगम के अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन भत्तो से संबंधित प्रस्ताव भी पारित किये गये।
नवाचार की अद्भुत क्षमता है सचिव अभिषेक सिंह में
9 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सचिव राज्य निर्वाचन आयोग अभिषेक सिंह में नवाचार करने की अद्भुत क्षमता है। उनकी क्रिएटिविटी और प्रशासनिक दक्षता प्रशंसनीय है। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने यह बात मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयोग में सचिव राज्य निर्वाचन आयोग अभिषेक सिंह को स्थानांतरण पर भावभीनी विदाई देते हुए कही।
ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने में निभाई अहम भूमिका
राज्य निर्वाचन आयोग श्रीवास्तव ने कहा कि सिंह ने आयोग में ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर फाइलों से मुक्ति दिलायी। पदोन्नति नियम-2025 लागू होते ही प्रदेश में पहला पदोन्नति आदेश आयोग में जारी करवाया। उन्होंने कहा कि सिंह ने पेपरलेस बूथ की कल्पना को साकार करने का असंभव सा कार्य करके दिखाया। अन्य राज्यों के साथ ईवीएम शेयरिंग की शुरूआत की। इससे आयोग की आय में वृद्धि हुई। श्रीवास्तव ने सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सचिव राज्य निर्वाचन आयोग सिंह ने कहा कि आयोग का पूरा स्टॉफ समर्पित भाव से कार्य करता है। उन्होंने कहा कि जो भी नवाचार हुए, उनमें सभी कर्मचारियों का भरपूर सहयोग मिला। सिंह ने व्यक्तिगत रूप से हर एक अधिकारी-कर्मचारी के नामों का उल्लेख करते हुए उनकी खूबी बतायी। इस दौरान आयोग के उप सचिव सहित अधिकारी और कर्मचारियों ने भी विचार व्यक्त कर शुभकामनाएँ दीं।
सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर के उन्नयन का प्रभावी माध्यम हैं पंचायतें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
9 Sep, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंचायतें सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर के उन्नयन का प्रभावी माध्यम हैं। शासन की कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन में पंचायतराज संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता और उनकी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आवश्यक है। प्रदेश की सभी पंचायतों में सभी लोगों को मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन कराते हुए विकास गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्यौहारों से पहले सभी गांवों में साफ-सफाई सुनिश्चित करें। साथ ही धार्मिक पर्वों पर होने वाले भंडारों और धार्मिक आयोजनों को प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने में ग्राम पंचायतें पहल करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए हों गतिविधियां संचालित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम स्तर की जरूरतों, प्राथमिकताओं और सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर सहभागी नियोजन और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर कार्य कर रहे पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए भी गतिविधियां संचालित की जाएं। प्रदेश में हो रहे नगरीय विस्तार को देखते हुए नगरों के पास के ग्रामों और ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना विकास प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।
स्वावलंबी गौशालाओं के प्रबंधन का दस्तावेजीकरण किया जाए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे आवासों का निर्माण जलवायु की अनुकूलता और ग्रीष्म ऋतु के प्रभाव का आकलन करते हुए किया जाए। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे पीएम आवास काडिजाइन ऐसा हो, जिससे इनकी विशेष पहचान बनी रहे। उन्होंने कहा कि स्वावलंबी रूप में संचालित हो रही गौशालाओं के प्रबंधन का दस्तावेजीकरण किया जाए तथा अन्य जिलों के गौशाला संचालक भी स्वावलंबी प्रबंधन प्रक्रिया का अनुसरण करें। गौशालाओं के प्रबंधन को धार्मिक संस्थाओं और समाज की दान-पुण्य गतिविधियों से जोड़ा जाए। इसके साथ ही जिन स्व-सहायता समूहों के सभी सदस्य लखपति हैं, उन समूहों को प्रदेश में रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए। स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को एमएसएमई तथा बड़े उद्योग समूहों से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास हो।
परम्परागत आवास निर्माण तकनीकों का कराया रहा रहा है अध्ययन
बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मनरेगा, आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों और उनकी प्रगति पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के अंतर्गत आवास पूर्णता में देश में प्रदेश प्रथम स्थान पर है। योजना के अंतर्गत स्वीकृत 49 लाख 42 हजार आवासों में से 39 लाख 5 हजार आवास पूर्ण हो गए हैं। योजना के अंतर्गत निर्मित हो रहे आवास स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बने, इस उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आवास निर्माण के लिए प्रचलित परम्परागत तकनीकों का भी अध्ययन स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्टिटेक्चर द्वारा कराया गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान सहित जल संरक्षण कार्यों में सामूहिक भागीदारी के बेहतर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। वार्षिक लेबर बजट के अंतर्गत आवास कार्यों से 324 लाख मानव दिवस सृजित किए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान से 350 लाख मानव दिवस सृजित करते हुए 826 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया। मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार देने में देश में प्रथम स्थान पर है।
एक बगिया मां के नाम योजना में 5 जिलों ने दर्ज की बेहतर उपलब्धि
बैठक में बताया गया कि एक बगिया मां के नाम योजना के अंतर्गत सिंगरौली, खण्डवा, बैतूल, देवास और आगर-मालवा जिलों ने बेहतर उपलब्धि दर्ज की है। मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों की भूमि पर पौधरोपण के साथ फेंसिंग से पौधों को सुरक्षित रखने में मदद मिली है। प्रदेश में 11 संस्थाओं द्वारा बिना आर्थिक सहायता के 85 गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 5 हजार 393 अद्यतन जल संग्रहण संरचनाएं निर्मित की गईं। योजना से नदी पुनर्जीवन की दिशा में भी खण्डवा जिले में घोड़ापछाड़ नदी और रतलाम जिले में मलेनी नदी पर हुए कार्य से अप्रैल-मई माह तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सफलता मिली है। बेहतर जल प्रबंधन से क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन आय का बेहतर विकल्प सिद्ध हो रहा है और किसान फल-सब्जी उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत अतिरिक्त आय प्राप्त कर रहे हैं।
आजीविका मिशन की गतिविधियों का अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ईप्लेटफार्म तक हुआ विस्तार
आजीविका मिशन के अंतर्गत कृषि और पशुपालन आधारित गतिविधियों से 30 लाख और गैर कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों से 11 लाख परिवार जुड़े हैं। लखपति दीदी इनिशिएटिव के अंतर्गत 11 लाख 26 हजार दीदीयों ने उपलब्धि दर्ज कराई है। आजीविका मिशन की गतिविधियों का विस्तार अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ईप्लेटफार्म तक भी हुआ है। बैठक में एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, स्व-सहायता समूहों और प्रायवेट कम्पनी/स्टार्टअप के माध्यम से पार्टनरशिप के लिए की जा रही पहल की भी जानकारी दी गई।
नवीन अटल सेवा सदन और अटल ई-सेवा केन्द्र स्थापना का कार्य जारी
बैठक में बताया गया कि सभी पंचायतों में भवन उपलब्ध कराने के लिए नवीन अटल सेवा सदन का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर अटल ई-सेवा केन्द्र स्थापना, प्रदेश के प्रत्येक ग्राम के शमशान घाट तक पहुंच मार्ग और शमशान घाट की व्यवस्था की दिशा में कार्य जारी है। सभी ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत यूपीआई आधारित भुगतान प्राप्ति व्यवस्था स्थापित की गई है। उल्लेखनीय है कि ऑनलाइन कर अधिरोपण और संग्रहण प्रबंधन प्रणाली 2021 से लागू है। पंचायतों द्वारा आदर्श सौर ग्राम-पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, मुख्यमंत्री दुग्ध प्रदाय योजना, स्वच्छ भारत मिशन तथा ग्रामीण अभियांत्रिकी योजना की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई।
MP कैबिनेट बैठक: डायरेक्ट चुनाव का निर्णय और स्क्रैप पॉलिसी को हरी झंडी
9 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे बड़ा निर्णय नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर रहा। अब नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्षों का चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाएगा, जबकि पहले यह प्रक्रिया पार्षदों के माध्यम से होती थी।
अध्यक्ष पद पर अविश्वास प्रस्ताव की नई व्यवस्था
बैठक में तय किया गया कि अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए अब तीन-चौथाई पार्षदों को अविश्वास प्रस्ताव लाना होगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ चुनाव कराएगा। इसमें जनता ही यह निर्णय करेगी कि अध्यक्ष पद पर रहेंगे या हटेंगे।
वाहन स्क्रैप पॉलिसी को मंजूरी
कैबिनेट ने वाहन स्क्रैप पॉलिसी को भी स्वीकृति दी। अब वाहन स्क्रैप करने वाली संस्थाओं को उद्योग का दर्जा मिलेगा। इन्हें वही प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जो अन्य उद्योगों को मिलते हैं। वाहन स्क्रैप कराने वाले व्यक्तियों को नया वाहन खरीदते समय मोटरयान कर में 50% की छूट प्रदान की जाएगी।
सेवा सप्ताह और पीएम मोदी का दौरा
बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा सप्ताह में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और आमजन से मिलकर कार्य करें। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धार जिले के बदनावर में पीएम मित्रा का भूमिपूजन और अन्य कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे।
अब किसान और निजी लोग भी कर पाएंगे टाउनशिप डेवेलपमेंट, MP में नई व्यवस्था लागू
9 Sep, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में अब शहरों के आसपास किसान, किसानों के समूह या निजी व्यक्ति लैंड पुलिंग करके टाउनशिप बना सकेंगे। ग्रीन बेल्ट जैसे जैसे प्रविधानों से छूट मिलेगी।
कुल क्षेत्र के 15 प्रतिशत क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी आवास बनाने होंगे। इसके लिए भूमि दिलाने के लिए डेवलपर या विकासकर्ता विकास प्राधिकरण या अन्य एजेंसियों से अनुरोध कर सकेंगे। वह आपसी सहमति के आधार पर भूमि दिलाने में भूमिका निभाएगी।
अगर परियोजना क्षेत्र में सरकारी भूमि आती है तो अधिकतम 8 हेक्टेयर सीमा की छूट दी जा सकेगी। इसमें लैंड पुलिंग का प्रविधान रखा गया है। नियम सरल बनाए गए हैं।
यह प्रविधान विकास प्राधिकरण सहित अन्य हाउसिंग प्रोजेक्ट करने वाली एजेंसियों के लिए भी लागू होंगे। मध्य प्रदेश नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मध्य प्रदेश एकीकृत टाउनशिप नीति-2025 के नियम जारी कर दिए हैं।
एकीकृत टाउनशिप नीति के तहत किसान के साथ मिलकर टाउनशिप बनाने के लिए सरकार प्रोत्साहित करेगी। महाराष्ट्र और गुजरात में यह व्यवस्था पहले से है। बता दें कि अभी तक बिल्डर और कालोनाइजर टाउनशिप का विकास करते थे। नए नियम जारी होने से अब कोई भी या व्यक्तियों का समूह किसान के साथ मिलकर टाउनशिप बना सकेगा।
एकीकृत टाउनशिप नीति में शहरों का होगा नियोजित विकास
एकीकृत टाउनशिप नीति के तहत स्थानीय निकाय सीमा या योजना क्षेत्र के भीतर पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए भूमि की न्यूनतम अर्हता 10 हेक्टेयर और पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए भूमि की न्यूनतम अर्हता 20 आवश्यक होगी तथा मार्ग चौड़ाई 24.0 मीटर से कम न हो।
40 हेक्टेयर और उससे अधिक क्षेत्र वाले बड़ी टाउनशिप के लिए मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 30.0 मीटर आवश्यक होगी। कुल क्षेत्र के 15 प्रतिशत क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस, एलआइजी आवास बनाने होंगे। किफायती आवास बनाने पर अलग से अनुदान मिलेगा। लैंड पूलिंग के माध्यम से सार्वजनिक और निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
जिले की साधिकार समिति कलेक्टर की अध्यक्षता में बनाकर अनुमति देंगे। वहीं प्रदेश स्तर पर प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाएंगे। आवेदन करने पर 60 दिन के अंदर अनुमति देनी होगी। एक से अधिक आवेदन आते हैं तो ई बिडिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
यहां लागू नहीं होंगे नियम
अधिसूचित वनक्षेत्र जल निकाय जैसे नदी, नाला, जलाशय, बांध आदि। अधिसूचित राष्ट्रीय उद्यान तथा वन्यजीव अभयारण्य। रक्षा संपदा क्षेत्र, छावनी बोर्ड। अधिसूचित पर्यावरण ईको संवेदनशील क्षेत्र।
खदान, खनन क्षेत्र, विशेष आर्थिक क्षेत्र, वन्यजीव गलियारा। ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों से प्रभावित स्थल। कोई अन्य क्षेत्र जिसे राज्य शासन द्वारा प्रतिबंधित घोषित किया गया हो।
विकासकर्ताओं के लिए वित्तीय मापदंड
10-20 हेक्टेयर- न्यूनतम नेटवर्थ 5 करोड़, औसत वार्षिक टर्नओवर 6 करोड़
20-40 हेक्टेयर- न्यूनतम नेटवर्थ 10 करोड़, औसत वार्षिक टर्नओवर 12 करोड़
40-100 हेक्टेयर- न्यूनतम नेटवर्थ 20 करोड़, औसत वार्षिक टर्नओवर 20 करोड़
100-300 हेक्टेयर- न्यूनतम नेटवर्थ 50 करोड़, औसत वार्षिक टर्नओवर 40 करोड़
300 हेक्टेयर से अधिक- न्यूनतम नेटवर्थ 250 करोड़, औसत वार्षिक टर्नओवर 200 करोड़
टाउनशिप विकासकर्ताओं के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। इन नियमों के अनुसार, विकासकर्ताओं को अपने टर्नओवर और नेटवर्थ के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा।
लाश उठाने की तैयारी में जुटी पुलिस, तभी उठ खड़ा हुआ आदमी, बोला ‘साहब मैं ज़िंदा हूं’
9 Sep, 2025 07:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक ऐसी घटना घटी, जिसने सभी को हैरान कर दिया। लगभग 6 घंटे तक मृत पड़ा व्यक्ति अचानक से उठ खड़ा हुआ। उसे देखकर हर कोई चौंक गया। यह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सड़क किनारे पड़े व्यक्ति की सभी ने नब्ज देखी और उसे मरा हुआ मान लिया। पुलिस को घटना की सूचना दी गई। लगभग 6 घंटे बीत गए। गांव के लोग शव को उठाने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक वो व्यक्ति उठकर खड़ा हो गया और कहा, "मैं अभी जिंदा हूं।"
ग्रामीणों ने पुलिस को किया फोन
यह घटना मध्य प्रदेश के सागर स्थित खुरई ग्रामीण पुलिस स्टेशन क्षेत्र की है। दोपहर के करीब पुलिस को सूचना मिली कि धनोरा से बंखिरिया जाने वाली सड़क के किनारे एक व्यक्ति पड़ा है। स्थानीय लोगों का दावा था कि सड़क किनारे पड़ा व्यक्ति कई घंटों से नहीं हिला है और शायद वो मर चुका है। मामले की सूचना मिलते ही थाना इंचार्ज हुकुम सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को ले जाने वाली गाड़ी भी मंगवा ली। घटनास्थल पर कई लोगों की भीड़ जमा थी। पुलिस ने पूरे मामले की तहकीकात की और इसके बाद शव को उठाने का फैसला किया।
उठ खड़ा हुआ व्यक्ति
पुलिसकर्मी और गांव के लोग जैसे ही व्यक्ति के पास पहुंचे वो उठ खड़ा हुआ। उसने कांपते हुए कहा, "साहब मैं जिंदा हूं।" इतना सुनने के बाद न सिर्फ गांव वालों बल्कि पुलिस के भी होश उड़ गए। ऐसे में कई लोग डर से थर-थर कांपने लगे और फौरन वहां से भाग खड़े हुए।
ग्रामीणों में डर का माहौल
कुछ लोग हिम्मत करके व्यक्ति के पास गए और उसके हाथ-पैर रगड़ना शुरू किया। पूछताछ में पता चला कि व्यक्ति ने बहुत शराब पी ली थी। नशे में धुत्त होने के कारण वो बाइक नहीं चला पा रहा था, इसलिए बाइक सड़क पर खड़ी करके जमीन पर लेट गया। नशा इतना ज्यादा था कि उसे घंटों तक होश नहीं आया। ग्रामीणों को काफी देर तक इस घटना पर यकीन नहीं आया। स्थानीय लोगों के अनुसार, "व्यक्ति को अचानक उठते और बोलते देखकर हमें लगा जैसे कोई डरावनी कहानी सच हो गई हो।" पुलिस ने व्यक्ति को सुरक्षित घर पहुंचा दिया है।
एमपी सरकार का नया फैसला: निकाय अध्यक्ष के लिए मतदाताओं से सीधा चुनाव, वाहन स्क्रैपिंग पर 50% टैक्स छूट
9 Sep, 2025 05:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में एमपी कैबिनेट की मीटिंग हुई है। मीटिंग में कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन अध्यादेश-2025 को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही वाहनों के स्क्रैप के बाद नए वाहनों की खरीद पर टैक्स में 50 फीसदी की छूट देने का निर्णय लिया है।
नए वाहनों की खरीद पर मिलेगी छूट
दरअसल, इसका लाभ बीएस-1 और बीएस-2 के मानदंडों के अनुसार निर्मित वाहनों को स्क्रैप में देने पर यह छूट मिलेगी। प्रदेश सरकार ने 2024-25 में 1563 नए वाहन पंजीकरण पर लगभग 17 करोड़ पांच लाख रुपए की छूट प्रदान की है। अभी एमपी में बीएस-1 और बीएस-2 श्रेणी के लगभग 99 हजार गाड़ियां ऑनरोड हैं। इन्हें राहत देने में सरकार पर 100 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। दरअसल, भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा में स्क्रैपिंग को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश को 200 करोड़ रुपए की विशेष सहायता मिलेगी।
वहीं, भारत में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले बीएस-1 को अप्रैल 2000 में लाया गया था। साथ ही पॉलिसी में यह है कि जिस व्यक्ति के नाम पर गाड़ी स्क्रैप में जाएगी। उसी व्यक्ति के नाम पर खरीद में छूट मिलेगी। लाभ पाने के लिए स्क्रैप सर्टिफिकेट जमा करना होगा। साथ ही वाहन का रजिस्ट्रेशन मध्य प्रदेश में ही होगा। नियम यह भी है कि जिस श्रेणी का वाहन स्क्रैप किया जाएगा, उसी श्रेणी के वाहन पर छूट मिलेगी।
नगरीय निकायों में अब अध्यक्ष के चुनाव सीधे होंगे
वहीं, अब प्रदेश के सभी नगर पालिका और नगर परिषद में अध्यक्ष के चुनाव सीधे होंगे। इसके लिए एमपी कैबिनेट ने मध्य प्रदेश नगरपालिका संशोधन अध्यादेश 2025 को मंजूरी दी है। एमपी में नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव 1999-2014 तक सीधे होते रहे हैं। 2022 में यह चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से हुआ था। 2027 में अध्यक्ष पद के चुनाव सीधे मतदाता करेंगे।
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