मध्य प्रदेश
ग्वालियर में सनसनी: पति ने पत्नी की गोली मारकर हत्या की, शव के पास बैठा रहा आरोपी
12 Sep, 2025 07:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर में शुक्रवार दोपहर को एक महिला की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। घटना रूप सिंह स्टेडियम के सामने की है। यहां बदमाश ने उसे रोका और उसके चेहरे पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। हत्या के बाद आरोपी शव के पास सड़क पर ही बैठा रहा।
लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी ने पुलिस पर भी पिस्टल तान दी। पुलिस ने उसे काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। कड़ी मशक्कत के बाद उसे पकड़ा। उसकी पिटाई भी की। फिर उसे उठाकर थाने ले गई।
बताया जा रहा है कि महिला को 4-5 गोली लगी है। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है। यहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पता चला कि पीड़ित महिला और आरोपी पति-पत्नी है। दोनों ने लव मैरिज की थी। दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था।
लड़की पर एक-एक कर कई गोलियां चलाई प्रत्यक्षदर्शी एडवोकेट एमपी सिंह ने बताया कि मैं न्यायालय से आ रहा था। तरुण पुष्कर तक पहुंचा था कि गोली चलने की आवाज सुनाई दी। इधर आकर देखा तो एक साइको टाइप का व्यक्ति था, उसने एक बच्ची पर एक-एक कर कई गोलियां चलाईं।
तीन गोलियां तो मेरे सामने चली हैं। लड़की सड़क पर बेसुध पड़ी थी। यहां भीड़ लगी थी कोई उसे नियंत्रित नहीं कर सकता था। इसलिए पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम के आने के बाद आंसू गैस के गोले छोड़े तब आरोपी को पकड़ा जा सका।
सीएसपी बोले- पुलिस को भी डराने की कोशिश की सीएसपी नागेंद्र सिकरवार ने बताया कि विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में एक युवक ने युवती को दिनदहाड़े गोली मार दी। घटना के वक्त कई लोग मौजूद थे। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गोली चलाने के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। घटना के दौरान आरोपी ने पुलिस को डराने की भी कोशिश की, लेकिन कम बल का प्रयोग कर उसे काबू कर लिया गया। आरोपी के पास से हथियार भी जब्त कर लिया गया है। मौके पर वरिष्ठ अधिकारी और एफएसएल की टीम जांच के लिए पहुंची।
झूठ बोलकर शादी की, पहले भी कर चुका हमला
आरोपी शादीशुदा, झूठ बोलकर दूसरी शादी की थी गोली चलाने वाले का नाम अरविंद परिहार है। अरविंद ने नंदिनी परिहार से आर्य समाज मंदिर से शादी की थी। पिछले मंगलवार (9 सितंबर) को नंदिनी ने अरविंद के खिलाफ एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की थी। नंदिनी ने आरोप लगाया था कि अरविंद ने धोखे से उससे शादी की। अरविंद पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं।
नंदिनी ने बताया था कि जब इसका विरोध किया तो 16 नवंबर 2024 को अरविंद और उसकी दोस्त पूजा परिहार ने उस पर हमला किया। जिसकी शिकायत उसने थाने में दर्ज कराई थी और अभी यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
इसके बाद सिरोल थाने के पास जब वह अपने बेटे और माता-पिता के साथ पैदल जा रही थीं, तब पीछे से तेज गति से कार के नीचे कुचलकर मारने का प्रयास किया था। उस दौरान उसे गंभीर चोट भी आई थी। इसके बाद उसने पति अरविंद के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया था।
नंदिनी ने जनसुनवाई में यह भी बताया था कि अब अरविंद और पूजा सोशल मीडिया पर उनकी फर्जी अश्लील फोटो और वीडियो वायरल कर रहे हैं। ये सामग्री उनके परिवार को भी भेजी जा रही है। विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
अरविंद ने कहा था कि अगर वह उसके पास वापस नहीं आई तो उसे जान से मार देगा। नंदिनी ने आरोप लगाया था कि अरविंद उनके सहयोग करने वाले परिवारजनों को भी परेशान कर रहा है। सोशल मीडिया पर किसी भी पुरुष के साथ उनकी फोटो देखकर अश्लील टिप्पणियां करता है। नंदिनी ने पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की थी।
भाई-भतीजावाद के खिलाफ BJP की मुहिम, पार्टी में तीन रिश्तेदारों ने छोड़ा पद, टिकट की उम्मीदें भी खत्म
12 Sep, 2025 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: बीजेपी में जिला कार्य समितियों की नियुक्ति के बाद बड़ा विवाद शुरू हो गया। कुछ जिलों में प्रभावशाली नेताओं के रिश्तेदारों या परिवार के सदस्यों की नियुक्ति हो गई है। ऐसे तीन मामले सामने आए हैं, जिनकी नियुक्तियां रद्द हो सकती है। इनमें पीएचई मंत्री संपतिया उइके की बेटी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम के बेटे और पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते की बहन शामिल हैं। पार्टी इनकी नियुक्तियां रद्द कर सकती हैं। हालांकि गिरीश गौतम के बेटे ने खुद ही अपना इस्तीफा भेज दिया है।
14 जिलों में हुई थी नियुक्ति
दरअसल, पिछले हफ्ते, राज्य BJP ने 62 में से 14 ज़िला संगठनों में कार्य समिति के सदस्यों की नियुक्ति की। इनमें मंडला, शाजापुर, शहडोल, दमोह, बेतूल, बालाघाट और भोपाल (ग्रामीण) शामिल हैं। विवाद तब शुरू हुआ जब नियुक्ति लिस्ट में तीन नाम ऐसे लोगों के थे जो पहले से ही महत्वपूर्ण पदों पर बैठे पार्टी कार्यकर्ताओं के करीबी रिश्तेदार थे।
नहीं चलेगा भाई-भतीजावाद
राज्य BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से इस बारे में शिकायत की गई। शिकायत में कहा गया कि जब PM नरेंद्र मोदी ने भाई-भतीजावाद के खिलाफ सलाह दी है, तो कुछ परिवारों को दो पदों का लाभ क्यों मिल रहा है? इस साल की शुरुआत में, PM मोदी ने कहा था कि राजनीति में जमींदारी संस्कृति खत्म होनी चाहिए। राजनीति में भाई-भतीजावाद की कोई संभावना नहीं होनी चाहिए। राज्य BJP के प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि जिला कार्य समितियों में नियुक्त किए गए सभी लोग जमीनी स्तर से जुड़े कार्यकर्ता हैं। वे विश्वसनीय और सक्षम लोग हैं। पार्टी ज्यादा से ज्यादा मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए जगह बनाना चाहती है। लेकिन कुछ विवाद के बाद पार्टी कुछ नियुक्तियों की समीक्षा कर रही है। ज़िला कार्य समितियों की नियुक्ति के लिए कोई विशेष मापदंड नहीं बनाया गया है और इस्तीफे अभी तक आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किए गए हैं।
इन्हें मिला पद
कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके की बेटी श्रद्धा उइके को ज़िला कार्य समिति में सचिव बनाया गया था। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने राज्य BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को एक त्याग पत्र भेजा। उन्होंने कहा कि वह ग्राम पंचायत टिकरवाड़ा की सरपंच हैं और उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारी से मुक्त किया जाना चाहिए। मंडला से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते की बहन प्रिया धुर्वे को मंडला ज़िला कार्य समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने उन्हें पद छोड़ने के लिए कहा है। पूर्व स्पीकर और MLA गिरीश गौतम के बेटे राहुल गौतम को मऊगंज ज़िला कार्य समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। हालांकि, उन्होंने भी पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी सूत्रों ने यह भी कहा कि संभावना है कि तीनों इस्तीफे पार्टी द्वारा स्वीकार कर लिए जाएंगे। इसका मुख्य कारण यह है कि 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान, कुछ प्रमुख नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट से वंचित कर दिया गया था क्योंकि पार्टी हाईकमान ने भाई-भतीजावाद को मंजूरी नहीं दी थी।
नेता-पुत्रों की राह आसान नहीं
वहीं, पार्टी के रूख से साफ है कि आगे भी नेता पुत्रों की राह आसान नहीं है। बीते कई सालों से बीजेपी के बड़े नेताओं के पुत्र इंतजार में हैं लेकिन मौका नहीं मिल रहा है। इसमें शिवराज सिंह चौहान से लेकर नरेंद्र सिंह तोमर तक के बेटे शामिल हैं। अगर किसी नेता पुत्र को टिकट मिला भी तो पिता की छुट्टी हो गई।
रोज़ाना सरकारी दफ्तरों के चक्कर और अपमान, बुज़ुर्ग ने कमिश्नर ऑफिस में लगाई आग, मचा हड़कंप
12 Sep, 2025 01:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बुजुर्ग का सिस्टम के खिलाफ गुस्सा फूटा है। गुरुवार को संभागायुक्त कार्यालय में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब एक शख्स ने वहां आग लगा दी। उस समय संभागायुक्त अपने ऑफिस में ही मौजूद थे। आग की खबर से हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया है। इसके बावजूद वेटिंग रूम के सोफे, टेबल, कुर्सियां और परदे जलकर राख हो चुके थे। बुजुर्ग इस बात को लेकर नाराज था कि उसकी सुनवाई नहीं हो रही थी।
बुजुर्ग ने गुस्से में लगा दी आग
जांच में पता चला कि यह आग विदिशा जिले के गंजबासौदा तहसील के सियारी गांव के निवासी रामसिंह अहिरवार (65 वर्ष) ने गुस्से में पेट्रोल छिड़ककर लगाई थी। पुलिस ने उन्हें मौके से हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू कर दी है। चारों से काट रहा है चक्कर
वहीं, रामसिंह ने अपनी पूछताछ के दौरान बताया कि उनकी मां शक्करिया के नाम पर मिला भूमि पट्टा 2021 में रद्द कर दिया गया था। उनकी जमीन पर जबरन रास्ता बना दिया गया। पिछले चार सालों से वे तहसील, एसपी और कलेक्टर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि मैं गरीब हूं, कोर्ट का खर्चा नहीं उठा सकता। सुबह ही मन बना लिया था कि अगर आज भी काम नहीं बना तो दफ्तर में आग लगा दूंगा। इसलिए पेट्रोल लेकर आया था। इंतजार करते-करते गुस्सा भड़क गया और मैंने सोफे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
कमिश्नर से मिलने नहीं दिया
बुजुर्ग रामसिंह का आरोप है कि उन्हें कमिश्नर से मिलने नहीं दिया गया। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि उनका नंबर तीसरा था, लेकिन वे पहले जाने की जिद करने लगे। जब उन्हें रोका गया तो उन्होंने गुस्से में बिजली के बॉक्स पर डंडा मार दिया। इसके बाद वे चैंबर में पहुंचे, लेकिन सुनवाई होने से पहले ही आगजनी कर दी। मीडिया से बात करते हुए पुलिस ने कहा कि रामसिंह की जमीन गंजबासौदा के एक गांव में थी, जिस पर उनका पट्टा था। कुछ समय पहले सरकार ने इस जमीन का अधिग्रहण कर लिया था। इसी से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया। हम शिकायत की जांच कर कार्रवाई कर रहे हैं।
बाहर निकलने लगे थे लोग
घटना के तुरंत बाद वेटिंग रूम धुएं से भर गया। वहां मौजूद लोग चीखते-चिल्लाते बाहर भागने लगे और पूरा कमिश्नर कार्यालय खाली हो गया। इस भवन में जनसंपर्क विभाग, कृषि विभाग और तहसील कार्यालय भी चलते हैं, जिससे अफरा-तफरी और बढ़ गई।
गोरखधंधे में फंसा टाइपिस्ट कामरान, ज़ाकिर नाइक के वीडियो से हुआ कट्टरपंथी, शादी की तैयारी में था घर
12 Sep, 2025 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजगढ़: दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने राजगढ़ के ब्यावरा से कामरान कुरैशी को गिरफ्तार किया है। वह 26 साल का है। साथ ही ब्यावरा में टाइपिस्ट का काम करता है। कामरान के लिंक आईएसआईएस से जुड़ रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कामरान का नाम दानिश से पूछताछ के दौरान सामने आया है। अशर दानिश को रांची से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से विस्फोटक बनाने के सामान भी मिले हैं।
वकील का टाइपिस्ट है कामरान
वहीं, कामरान कुरैशी पिछले तीन सालों से राजगढ़ में एक वकील के साथ टाइपिस्ट का काम कर रहा था। पुलिस को हथियारों के संबंध में उसकी तलाश थी। पुलिस ने मंगलवार की रात यह छापेमारी शुरू की थी। जांच टीम ने पहले दिल्ली और अन्य जगहों से संदिग्ध को पकड़ा है।
कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं
स्थानीय पुलिस के मुताबिक कामरान कुरैशी का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। वह टाइपिस्ट के तौर पर ही काम कर रहा है। उसकी हिरासत एक बड़ी जांच का हिस्सा है।
एमपी पुलिस को नहीं दी गई थी जानकारी
स्पेशल सेल की टीम ने दानिश के बारे में एमपी पुलिस को पहले से ज्यादा जानकारी नहीं थी। कुरैशी की गिरफ्तारी के बाद उन्हें जानकारी दी गई है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने एमपी में कहां-कहां अपना नेटवर्क तैयार किया था। वहीं, किन-किन लोगों से जुड़ा हुआ था। यह भी जांच चल रही है कि क्या कुरैशी इस ग्रुप गतिविधियों से भी जुड़ा था।
जाकिर नाइक से था प्रभावित
वहीं, यह भी जानकारी मिली है कि जाकिर नाइक से प्रभावित था। जाकिर के वीडियो देखकर ही टेरर ग्रुप से जुड़ा था। साथ ही इसके वीडियोज को दूसरे व्हाट्सएप ग्रुप में बढ़ाता था। पुलिस को कुछ संदिग्ध चैट भी मिले हैं। कामरान के पिता ने कहा है कि वह ज्यादा किसी से बात नहीं करता था। कुछ समय पहले ही जमात के संपर्क में आया था। साथ ही कहा कि वह गलत काम करता था तो रुपए हमसे क्यों मांगता। उसे जरूरत पड़ती थी तो वह 100 रुपए भी हमसे मांगता था। उसे जाल बिछाकर फंसाया गया है।
आतंकियों से करता है बातचीत
पिता अब्दुल रशीद ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस की टीम सुबह साढ़े पांच बजे हमारे घर आई थी। इस दौरान वे लोग मुंह ढके हुए थे। मेरे बेटे को बेड से उठा लिया। हमने पूछा कि क्यों ले जा रहे हैं तो बताया कि आपका बेटा ऑनलाइन आतंकियों से बात करता है। मुझे पता होता कि वह गलत कर रहा है तो मैं उसे रोकता।
कामरान की होनी वाली थी शादी
वहीं, घर में टेरर कनेक्शन वाले कामरान की शादी की तैयारी चल रही थी। पिता ने बताया कि हमलोगों ने उसके लिए लड़की देखी थी। बातचीत चल रही थी फाइनल होने से पहले ही ऐसी घटना घट गई है।
MP में 1500 रुपए की अगली किस्त से पहले लाड़ली बहनों की होगी लिस्ट क्लीनिंग, अपात्रों को बाहर किया जाएगा
12 Sep, 2025 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में अभी सरकार लाडली बहनों को हर महीने 1250 रुपए दे रही है। वहीं, दीवाली से लाडली बहनों को प्रदेश में हर महीने 1500 रुपए मिलेंगे। अभी मध्य प्रदेश में लाडली बहनों की संख्या करीब एक करोड़ 26 लाख है। सरकार 1500 रुपए देने से पहले लाभार्थियों की सूची की जांच करेगी। जांच के दौरान अयोग्य महिलाओं के नाम उस लिस्ट से हटाए जाएंगे। सरकार ये सब कुछ इसलिए कर रही है, ताकि पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंच सके।
खुद से भी नाम वापस ले सकती हैं महिलाएं
वहीं, मध्य प्रदेश सरकार पहले लोगों से सार्वजनिक रूप से अपील करेगी। अयोग्य महिलाओं को खुद को अपना नाम वापस लेने को कहा जाएगा। इसके बाद , सरकारी विभाग के लोग इसकी जांच करेंगे और अयोग्य नामों को हटा दिया जाएगा। शहरी विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 9 सितंबर को कहा था कि योजना में कुछ अयोग्य नाम जुड़ गए हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि योजना का लाभ केवल योग्य महिलाओं को मिले।
1500 रुपए दिवाली से मिलेंगे
वहीं, सीएम मोहन यादव ने 19 जून को घोषणा की थी कि दिवाली से हर लाभार्थियों को 1500 रुपए मिलेंगे। भाई दूज के बाद महिलाओं को बढ़ी हुई राशि दी जाएगी। दरअसल, इस योजना की शुरुआत जब हुई थी, तब महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए मिलते थे। अक्टूबर 2023 से महिलाओं को 1250 रुपए मिलने लगे थे। वहीं, प्रदेश की सरकार इस योजना को अभी भी चला रही है। साथ ही महिलाओं से वादा किया है कि आगे चलकर हम इसे 3000 रुपए करेंगे।
अभी 1.26 करोड़ महिलाओं के नाम हैं दर्ज
वहीं, अभी योजना का लाभ प्रदेश की 1.26 करोड़ महिलाओं को मिल रहा है। यह राज्य में सबसे बड़ा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रोग्राम है। सरकार हर महीने में लगभग 1550 करोड़ रुपए खर्च करती है। कहा यह भी जाता है कि इसी योजना के कारण राज्य में बीजेपी सरकार की वापसी हुई है। इसके बाद कई राज्यों में अलग-अलग नाम से इस योजना की शुरुआत की गई है।
मौसम विभाग ने दी चेतावनी – इन जिलों में शुक्रवार को भारी बारिश के बीच सावधानी बरतें
12 Sep, 2025 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मानूसन के दूसरे दौर में भारी और तूफानी बारिश से प्रदेश को हलाकान करने वाला सिस्टम कुछ कमजोर पड़ा है। बीते 15 दिन से प्रदेश में एमएम के बजाय इंच में बारिश दर्ज हो रही थी। दो दिन से हल्की राहत है। कई जिलों में धूप खिली तो कहीं धूप—छांव का खेल चल रहा है। इधर शुक्रवार को प्रदेश के चार जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के चार-पांच जिलों को छोड़कर कहीं भी ज्यादा या भारी बारिश की आशंका नहीं है। अनूपपुर, बालाघाट, डिंडौरी और मंडला में शुक्रवार को भारी बारिश की संभावना बनी है। केवल इन्हीं जिलों के लिए यलो अलर्ट दिया गया है। बाकी जगह या तो सामान्य वर्षा होगी या मौसम खुला रह सकता है। बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
अमरकंटक में सबसे ज्यादा, सागर में सबसे कम बारिश
अमरकंटक में सबसे ज्यादा 41 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इसी प्रकार केसली में 34.2 एमएम, मोहगांव में 32.52, बिछिया में 28.8, जैतपुर में 26 एमएम, डिंडौरी में 25.1 एमएम, करांकिजया में 25 एमएम बारिश हुई है। इसके अलावा प्रदेश 60 से अधिक स्थानों में एक इंच से नीचे बारिश दर्ज हुई हे। सबसे कम बारिश सागर में दर्द की गई है।
एमपी में कहां कितनी बारिश हुई
मध्यप्रदेश में तेज बारिश का सिलसिला रुक गया है। हालांकि कुछ जिलों में हल्की से लेकर तेज बारिश तक हो रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, शिवपुरी, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा सहित एक दर्जन से अधिक जिलों में बारिश हुई। प्रमुख जिलों में बारिश की आंकड़े को देखें तो नर्मदापुरम में 0.6, पचमढ़ी में दो, छिंदवाड़ा में 11.4, मंडला में पांच, नरसिंहपुर में एक, टीकमगढ़ में एक और बालाघाट में 22.8 मिलीमीटर पानी बरसा। गुरुवार दिनभर बारिश का आंकड़ा देखें तो बालाघाट में 24, नरसिंहपुर में दो, मंडला में 10, नर्मदापुरम में 11 मिलीमीटर पानी बरस गया।
यहां बारिश थमते ही बड़ी पारे की रफ्तार
अधिकतम तापमान की स्थिति को देखें तो भोपाल में 31.4, ग्वालियर में 34.2, उज्जैन में 32.2, जबलपुर में 32.1, सतना में 33.5, खजुराहो में 35, टीकमगढ़ में 34 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ।
PM मोदी MP में 8वीं बार, मोहन सरकार की योजनाओं का देंगे नया विज़न और मनाएंगे जन्मदिन
12 Sep, 2025 12:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपालः देश के प्रधान मुखिया होने के चलते पीएम नरेंद्र मोदी का हर दिन काफी व्यस्त होता है। बावजूद इसके वे पिछले 20 महीने में 7 बार मध्यप्रदेश की धरती पर कदम रख चुके हैं। उनका 8वां दौरान 17 सितबंर को है, जो कि उनके जन्मदिन की तारीख है। इस तैयारी की पूरी रिपोर्ट लेकर सीएम डॉ मोहन यादव गुरुवार रात को नई दिल्ली पहुंच गए। दरअसल, 20 महीने में मध्यप्रदेश में हर बड़े कार्यक्रम या प्रोजेक्ट के भूमिपूजन या शिलान्यास में पीएम नरेंद्र मोदी शामिल हुए हैं। इतना ही नहीं 5 बार पीएम ने वीसी के जरिए मध्य प्रदेश सरकार के किसी न किसी कार्यक्रम में सहभागिता की है। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद एक दर्जन से अधिक बार दिल्ली का दौरा कर चुके हैं और प्रधानमंत्री से भी कई बार मिले हैं।
पीएम मोदी के दौरे को लेकर क्या है खास
राजनीतिक गलियारों के सूत्रों का कहना है कि सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में बनी डबल इंजन की सरकार सटीक रूप से दौड़ रही है। पीएम मोदी समय समय पर दौरा कर यह बात और सुदृढ़ करते हैं। कई विश्लेषकों का कहना है कि इस समय मध्यप्रदेश और केंद्र सरकार में बेहतर समन्वय के साथ काम किया जा रहा है। पीएम का यह दौरा इसलिए भी खास है कि वे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास एमपी में करेंगे। देश में ऐसे 7 पार्क बनने हैं।
कब-कब और क्यों आए पीएम मोदी
- पीएम मोदी का पहला दौरा 13 दिसंबर 2023 को हुआ था। तब भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का शपथ ग्रहण समारोह था।
- दूसरी बार 11 फरवरी 2024 को एमपी दौरा हुआ। पीएम मोदी ने झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन में जनसभा को संबोधित किया।
- तीसरा दौरा 25 दिसंबर 2024 को हुआ। इस दौरे में पीएम मोदी छतरपुर में केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना की आधारशिला रखने के लिए आए थे।
- चौथी बार 23 फरवरी 2025 को पीएम मोदी एमपी दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने छतरपुर के बागेश्वर धाम में मेडिकल कॉलेज व रिसर्च इंस्टीट्यूट की आधारशिला रखने पहुंचे।
- 24 फरवरी 2025 को उनका पांचवां दौरा था। इस दौरान वह भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन करने पहुंचे थे। साथ ही पहली बार रात में भी यहीं रुके।
- 11 अप्रैल 2025 को पीएम मोदी ईसागढ़ (अशोकनगर) के आनंदपुर धाम के कार्यक्रम में शामिल होने मध्य प्रदेश दौरे पर आए थे।
- सातवां दौरा 31 मई 2025 को हुआ था। इसमें पीएम भोपाल में आयोजित नारी सशक्तिकरण सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे।
- अब 8वां दौरा 17 सितंबर 2025 को उनके जन्मदिन के दिन होने जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी धार जिले में टेक्सटाइल पार्क (पीएम मित्रा पार्क) का उद्घाटन करने आने वाले हैं।
सीएम ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया
17 सितंबर के दिन पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे के लिए सीएम मोहन यादव धार पहुंचे। उन्होंने ग्राम भैंसोला में कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही कहा कि पीएम मोदी का 17 सितंबर को धार जिले के भैंसोला में प्रस्तावित आगमन गौरवपूर्ण क्षण है।
बस ने तीन श्रमिकों को कुचला, शव देख भड़का गुस्सा, तोड़फोड़ कर बस में लगाई आग
12 Sep, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नीमच: रामपुरा के खीमला गांव में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया. एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार तीन श्रमिकों को टक्कर मार दी. इस हादसे में अमरपुरा निवासी 28 वर्षीय लच्छूराम की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए. घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने ग्रीनको कंपनी प्लांट के बाहर चक्का जाम कर जमकर विरोध किया और प्लांट परिसर में तोड़फोड़ व बस में आगजनी की. हालात पर काबू पाने भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ.
तेज रफ्तार बस में 3 श्रमिकों को मारी टक्कर
रामपुरा थाना क्षेत्र के खीमला गांव में बड़ा सड़क हादसा हो गया. यहां एक तेज रफ्तार एलएनटी कंपनी की बस ने बाइक सवार तीन श्रमिकों को टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि अमरपुरा निवासी 28 वर्षीय लच्छूराम की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि गोविंद (27) गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे नीमच जिला अस्पताल रेफर किया गया. वहीं, तीसरे श्रमिक अनिल मीणा (18) को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई. इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल फेल गया.
गुस्साए ग्रामीण और परिजनों ने किया हंगामा
हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए. देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और ग्रीनको कंपनी के प्लांट के बाहर चक्का जाम कर दिया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी से जुड़े वाहन अक्सर तेज रफ्तार से चलते हैं, जिसकी वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं. इस लापरवाही ने एक श्रमिक की जान ले ली, जिससे गुस्से का माहौल और बढ़ गया.
प्लांट में तोड़फोड़ कर बस में की आगजनी
गुस्साई भीड़ यहीं नहीं रुकी, बल्कि उन्होंने घटनास्थल पर खड़ी बस को आग के हवाले कर दिया. साथ ही ग्रीनको प्लांट परिसर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की और कई हिस्सों में आग लगा दी. अचानक हुई इस आगजनी और तोड़फोड़ से अफरा-तफरी मच गई और हालात पूरी तरह बिगड़ गए. कंपनी परिसर से उठता धुआं पूरे इलाके में दिखाई देने लगा.
मैहर में शिवराज, मां शारदा के दर्शन कर किसानों से संवाद, बोले- किसानी में स्वदेशी फॉर्मूला अपनाएं
12 Sep, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मैहर : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को एमपी के मैहर पहुंचे. शिवराज ने मैहर शक्तिपीठ में मां शारदा का पूजन करने के बाद किसानों से संवाद किया. इस दौरान शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह चौहान भी साथ नजर आईं. दोनों ने मिलकर मां शारदा देवी के दरबार में विधिवत पूजा-अर्चना की. कृषि मंत्री ने प्रदेश की उन्नति और किसानों की समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि मां शारदा का आशीर्वाद प्रदेशवासियों को नई ऊर्जा देता है.
कृषक संवाद कार्यक्रम में हुई चर्चा
मैहर प्रवास के दौरान कृषि मंत्री गहरवारा स्थित बेयर हाउस पहुंचे, जहां कृषक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद थे. केंद्रीय कृषि मंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जहां नई तकनीकों और स्वदेशी उत्पादों का प्रदर्शन किया गया था. उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेती में स्वदेशी सामग्री का उपयोग समय की जरूरत है. इससे लागत में कमी आएगी और पैदावार भी बेहतर होगी.
किसानों की सुनी समस्याएं
संवाद कार्यक्रम में किसानों ने खाद संकट, सिंचाई व्यवस्था, फसल बीमा और मंडियों में समर्थन मूल्य जैसी समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा. शिवराज सिंह चौहान ने धैर्यपूर्वक सभी किसानों की बात सुनी और समाधान का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि किसानों की प्रत्येक समस्या को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा.
'केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता किसान'
कृषि मंत्री ने किसानों से चर्चा करते हुए कहा, '' किसानों की आय दोगुनी करना केंद्र और राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. इसके लिए निरंतर योजनाएं लागू की जा रही हैं. आने वाले समय में खेती को और लाभकारी बनाने के लिए कई नई योजनाएं शुरू की जाएंगी.'' उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों और जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि खेती को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ठोस कदम उठा रही है.
खेती में स्वदेशी सामग्री पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने खेती में स्वदेशी सामग्री के इस्तेमाल पर करा, '' खेती में स्वदेशी सामग्री का अधिक उपयोग जरूरी है. इससे लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा. केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और जल्द ही कई नई योजनाएं लागू होंगी.''
मध्य प्रदेश में 50.9 प्रतिशत महिलाएं-पुरुष अविवाहित, बिहार में सबसे ज्यादा, सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट ने चौंकाया
12 Sep, 2025 09:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में अविवाहित रहने वाले युवक-युवतियों का आंकड़ा चौंकाने वाला है. प्रदेश में कुल 50.9 फीसदी महिलाएं पुरुष ऐसे हैं, जिन्होंने शादी ही नहीं की. इसमें पुरुषों का आंकड़ा 54.7 फीसदी है, जबकि अविवाहित रहने वाली महिलाएं 46.8 फीसदी हैं. चौंकाने वाला यह आंकड़ा सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम 2023 के हैं.
बता दें कि भारत में जन्म और मृत्यु से संबंधित डाटा जुटाने के लिए 1969-70 में सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम यानी एसआरएस की शुरूआत हुई थी, ताकि सरकार को नीतियां बनाने में मदद मिल सके. मध्य प्रदेश में इस सर्वे के लिए 4 लाख लोगों को शामिल किया गया था.
देश की कुल आबादी के 50.5 फीसदी लोग अविवाहित
सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक देश की कुल आबादी के 50.5 फीसदी लोगों ने कभी विवाह ही नहीं किया. इसमें महिलाओं का प्रतिशत 45.3 फीसदी जबकि पुरुषों का प्रतिशत 55.4 फीसदी है. इसके अलावा 3.6 फीसदी विधवा, तलाकशुदा हैं.
देश में बिहार में सबसे ज्यादा अविवाहित
सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा बिहार राज्य में 58.3 फीसदी अविवाहित हैं. जम्मू-कश्मीर में अविवाहितों का प्रतिशत 57.5 फीसदी है जबकि तमिलनाड़ु में सबसे कम 41.3 फीसदी अविवाहित महिला-पुरुष हैं.
2022 के मुकाबले 2023 मध्य प्रदेश में घटे अविवाहित
सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में विवाहितों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है. साल 2022 में प्रदेश में औसतन अविवाहितों का प्रतिशत 51.4 था, जो 2023 में घटकर 50.9 फीसदी आ गया.
तलाकशुदा महिलाओं की संख्या बढ़ी
सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में 45.2 फीसदी पुरुष शादीशुदा हैं, जबकि महिलाओं का प्रतिशत 42.9 फीसदी है. हालांकि मध्य प्रदेश में तलाकशुदा, विधवा और अलग होने वालों का प्रतिशत भी बढ़ा है. साल 2022 में ऐसे लोगों का कुल औसत 3.6 फीसदी था, जो 2023 में बढ़कर 3.9 फीसदी पहुंच गया है. इसमें महिलाओं का आंकड़ा पुरुषों से कमोवेश दोगुना है. 100 में से 5.6 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं जो तलाक ले चुकी हैं या अलग रह रही हैं.
16.8 फीसदी लड़कियों की शादी 18 साल के पहले
मध्य प्रदेश के शहरों में लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ रही है. मध्य प्रदेश में 18 साल के होने के पहले ही 16.8 फीसदी युवतियों की शादी कर दी जाती है. मध्य प्रदेश में कम उम्र में लड़कियों की शादी करने का आंकड़ा बढ़ा है. 18 से 20 साल की उम्र के दौरान 19.2 फीसदी लड़कियों की शादी हो जाती है.
मध्य प्रदेश में 18 से 20 साल के बीच ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरों में लड़कियों का विवाह का परसेंटेज बढ़ा है. ग्रामीण इलाकों में 19.2 फीसदी लड़कियों की शादी हो जाती है, जबकि शहरी इलाकों में 19.5 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 से 20 साल के बीच हो रही है.
शहरों में शादी की औसत उम्र 23.9 साल
मध्य प्रदेश में औसत शादी की उम्र 22.1 साल है जबकि शहरी इलाकों में यह प्रतिशत 23.9 साल है. मध्य प्रदेश में 62.5 फीसदी लड़कियों की शादी 21 साल से ज्यादा उम्र में हो जाती है. यह प्रतिशत बढ़ रहा है. शहरी के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी शादी की उम्र बढ़ रही है. 21 साल से ज्यादा उम्र में लड़कियों की शादी का परसेंटेज भी बढ़ा है. 100 में से 23.8 फीसदी लड़कियों की शादी 21 साल के बाद ही हो रही है जो देश के औसत 24.4 फीसदी से भी ज्यादा है.
अपनी ही विधायक के खिलाफ अब हाईकोर्ट पहुंचे उमंग सिंघार, सदस्यता रद्द कराने की जुगत
12 Sep, 2025 08:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर : कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा चुनाव के वक्त बीजेपी का दामन थामने वाली विधायक निर्मला सप्रे का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है. विधायक की सदस्यता रद्द करने का मामला पहले हाईकोर्ट की इंदौर बैंच में चल रहा था. लेकिन पिछले दिनों खंडपीठ ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर का मामला बात कर इसे खारिज कर दिया था. वहीं, अब बीना विधानसभा सीट से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई है.
निर्मला सप्रे के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे नेता प्रतिपक्ष
दरअसल, निर्मला सप्रे द्वारा भाजपा की सदस्यता लिए जाने के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर के समक्ष आवेदन दिया था और स्पीकर से निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी. लेकिन स्पीकर ने तय अवधि 90 दिन में कोई फैसला नहीं किया. इसी वजह से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका लगाई.
पहली याचिका खारिज, अब हाईकोर्ट जबलपुर में सुनवाई
याचिका लगाते समय हाई कोर्ट खंडपीठ इंदौर ने याचिका स्वीकार कर ली. बाकायदा सुनवाई की और फैसला सुरक्षित रखा. लेकिन जब एक सितंबर को हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया, तो जस्टिस प्रणय वर्मा ने कहा है कि इंदौर खंडपीठ के क्षेत्राधिकार में मामला विचारणीय ना होने के कारण याचिका खारिज की जाती है. हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जबलपुर हाईकोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र होने की बात भी कही थी. नेता प्रतिपक्ष ने विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता निरस्त करने रिट पिटीशन दायर की थी. नेता प्रतिपक्ष ने संविधान की 10वीं अनुसूची के अनुसार सदस्यता रद्द की जाने की मांग की थी.
अब हाइकोर्ट जबलपुर में लगाई याचिका
इंदौर खंडपीठ में मामला खारिज होने के बाद आज नेता प्रतिपक्ष द्वारा हाईकोर्ट जबलपुर में याचिका पेश की गई है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक बिलगैंया ने बताया, '' नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर इंदौर खंडपीठ द्वारा याचिका खरीफ किए जाने और जबलपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाने के निर्देश के बाद नेता प्रतिपक्ष ने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका पेश की है और निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द किए जाने का निवेदन किया है.''
हाइकोर्ट जबलपुर में लगाई याचिका
इंदौर खंडपीठ में मामला खारिज होने के बाद आज नेता प्रतिपक्ष द्वारा हाई कोर्ट जबलपुर में याचिका पेश की गई है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक बिलगैंया ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर इंदौर खंडपीठ द्वारा याचिका खरीफ किए जाने और जबलपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाने के निर्देश के बाद नेता प्रतिपक्ष ने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका पेश की है और निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द किए जाने का निवेदन किया है.
बइरबी–सायरंग रेल परियोजना: पूर्वोत्तर भारत को प्रगति से जोड़ती ऐतिहासिक पहल
11 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल 11 सितम्बर। भारतीय रेल ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए, आजादी के बाद पहली बार मिजोरम की राजधानी आइजोल को देश के रेल मानचित्र से जोड़ा है। बइरबी–सायरंग रेल परियोजना के पूरा होने से पूर्वोत्तर भारत की चौथी राजधानी को रेल संपर्क प्राप्त हुआ है। यह परियोजना न केवल भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, बल्कि इंजीनियरिंग और निर्माण की दृष्टि से भी भारतीय रेल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पूर्वोत्तर में नई रेल क्रांति
अब तक पूर्वोत्तर क्षेत्र की तीन राजधानियाँ—गुवाहाटी (असम), ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) और अगरतला (त्रिपुरा)- सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ी थीं। मई 2025 में सायरंग तक सफल ट्रायल रन के साथ आइजोल इस सूची में चौथी राजधानी बन गई। यह ऐतिहासिक कदम न केवल मिजोरम के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त करता है।
परियोजना का स्वरूप और लागत
बइरबी–सायरंग रेल परियोजना की कुल लंबाई 51.38 किलोमीटर है। यह बइरबी से शुरू होकर आइजोल के निकट स्थित सायरंग तक जाती है। परियोजना को चार प्रमुख सेक्शनों में बांटा गया है:
-बइरबी–हरतकी सेक्शन- 16.72 किमी
-हरतकी–कावनपुई सेक्शन– 9.71 किमी
-कावनपुई–मुअलखांग सेक्शन– 12.11 किमी
-मुअलखांग–सायरंग सेक्शन– 12.84 किमी
पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग ₹8071 करोड़ रुपये से अधिक है। इस परियोजना के तहत चार नए स्टेशन- हरतकी, कावनपुई, मुअलखांग और सायरंग का निर्माण किया गया है।
इंजीनियरिंग और निर्माण की चुनौतियाँ
मिजोरम का भौगोलिक स्वरूप कठिन और पहाड़ियों वाला है। यहाँ रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए अनेक पुलों और सुरंगों की आवश्यकता थी। इस परियोजना में कुल 55 बड़े पुल और 87 छोटे पुल बनाए गए हैं। इसके अलावा 48 सुरंगों का निर्माण किया गया है, जिनकी कुल लंबाई 12.8 किलोमीटर से अधिक है। परियोजना का सबसे उल्लेखनीय इंजीनियरिंग चमत्कार है पुल संख्या 196 का पियर P-4, जिसकी ऊँचाई 114 मीटर है। यह कुतुब मीनार से भी 42 मीटर ऊँचा है। इसके अतिरिक्त, यात्रियों और माल ढुलाई की सुगमता के लिए 5 रोड ओवरब्रिज (ROB) और 6 रोड अंडरब्रिज (RUB) का भी निर्माण किया गया है।
निर्माण कार्य की उपलब्धियाँ
रेलवे इंजीनियरों ने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इस परियोजना को पूरा किया। नरम मिट्टी, बरसात से भरे मौसम और दुर्गम पहाड़ियों पर काम करना बिल्कुल भी आसान नहीं था। इसके बावजूद, ऑटोमैटिक टनलिंग मेथड जैसी आधुनिक तकनीकों, सुरक्षा उपायों और सटीक निर्माण योजना की मदद से सुरंगों की ड्रिलिंग, पुलों की नींव डालने तथा ऊँचाई पर विशाल संरचनाएँ खड़ी करने जैसे जटिल कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए, ताकि यात्रियों की रेल यात्रा न केवल तेज और आरामदायक हो, बल्कि सुरक्षित भी हो।
मिजोरम को मिलने वाले लाभ
बइरबी–सायरंग रेल परियोजना मिजोरम की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
-कृषि और स्थानीय उद्योग के लिए नए बाजार: मिजोरम के किसान, बुनकर और स्थानीय उद्योग अब अपने उत्पादों को आसानी से देश के अन्य हिस्सों तक पहुँचा पाएंगे।
-माल ढुलाई की दक्षता: रेल मार्ग से माल परिवहन तेज और सस्ता होगा, जिससे व्यापार और उद्योग को बल मिलेगा।
-समय की बचत: सड़क मार्ग पर ज्यादा समय लेने वाली यात्रा अब ट्रेनों के जरिए कम समय में पूरी होगी।
-पर्यटन को बढ़ावा: मिजोरम की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर तक पहुँच आसान होगी, जिससे पर्यटन उद्योग को गति मिलेगी।
पूर्वोत्तर का भविष्य और रेल संपर्क
भारतीय रेल की यह परियोजना केवल मिजोरम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वोत्तर भारत के लिए एक नई विकास गाथा लिखती है। बेहतर रेल संपर्क से इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएँ बढ़ेंगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह परियोजना ‘कनेक्टिंग नॉर्थईस्ट टू द नेशन’ के संकल्प को मजबूत करती है। बइरबी–सायरंग रेल परियोजना भारतीय रेल की इंजीनियरिंग दक्षता, दूरदर्शी योजना और विकास के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है। कठिन पहाड़ियों और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों को पार करते हुए यह परियोजना पूर्वोत्तर भारत की जीवनधारा को नई गति देती है। आइजोल का रेल मानचित्र से जुड़ना मिजोरम के साथ पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
भिंड जिले के स्कूल में सांपों ने मचाई अफरा-तफरी, गड्ढे से निकलते ही बच्चों और स्टाफ में डर का माहौल
11 Sep, 2025 07:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिंड: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक स्कूल में सांपों का जखीरा मिला है। पढ़ाई के दौरान एक सांप दिखाई दिया। जिसके बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल हो गया। टीचरों ने तत्काल स्कूल को खाली कराया और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर भेजा। दरअसल, भिंड जिले के मेहगांव के मानहड़ गांव में स्थित शासकीय मिडिल स्कूल में सुबह 10.30 क्लास में एक सांप दिखाई दिया। जिसे देखकर शिक्षक और बच्चे दोनों डर गए। सूचना मिलते ही गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और उस सांप मार दिया। लेकिन कुछ देर बाद एक और सांप दिखाई दिया। और कुछ देर बाद एक-एक करके 11 सांप निकल गए। सभी को गांव वालों ने मार दिया।
सांप के 30 अंडे भी मिले
ग्रामीणों ने बताया कि ये सांप दीवार की नींव के पास बने एक गड्ढे से निकल रहे थे। इतने सांप निकलने के बाद गड्ढे की खुदाई की गई, तो वहां से लगभग 30 अंडे और एक सांप मिला। इस घटना के बाद से लोग दहशत में आ गए। लोगों ने सर्पमित्र जग्गू परिहार इसकी सूचना दी।
अंडे को सुरक्षित स्थान पर मिट्टी में दबाया
मौके पर पहुंचे सर्पमित्र ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया और सांप के अंडों को डब्बे में भरकर नदी किनारे ले जाकर मिट्टी में दबा दिया। जिससे आने वाले समय में लोगों को खतरा न रहे। स्कूल के टीचरों ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत स्कूल बंद कर दिया गया।
गांव में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद ग्रामीण चिंतित हैं। उनका कहना है कि इतने सांप का एक साथ मिलना स्कूल में खरते से खाली नहीं है। गांव के बुजुर्गों ने भी बताया कि इस क्षेत्र में सांपों की संख्या पहले भी अधिक रही है, लेकिन स्कूल परिसर से इतने सांप और अंडे मिलना पहली बार हुआ है।
रेरा और हाईकोर्ट के आदेशों पर प्रशासन की सख्ती
11 Sep, 2025 07:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल के ग्राम बोरदा में न्यायालय रेरा एवं हाईकोर्ट के आदेशों के पालन में राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सर्वेश बिल्डर्स एंड डेवलपर्स की दो डुप्लेक्स संपत्तियों को सील कर दिया। दोनों संपत्तियों की अनुमानित कीमत लगभग 40-40 लाख रुपये आँकी गई है और उनकी नीलामी की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
\न्यायालय रेरा एवं हाईकोर्ट के आदेशों के पालन में प्रशासनिक कार्रवाई के तहत भोपाल के ग्राम बोरदा स्थित सर्वेश बिल्डर्स एंड डेवलपर्स की दो संपत्तियों को राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सील कर दिया। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी आदित्य जैन एवं तहसीलदार यशवर्धन सिंह के मार्गदर्शन में की गई। पहला प्रकरण (M-BPL-19A0936),9 सितम्बर 2025 का है। इसमें भागीदार विवेक मिश्रा आत्मज आर.सी. मिश्रा (कॉसमॉस रागा) की बिल्डर ऑफिस डुप्लेक्स क्रमांक 46, क्षेत्रफल 1000 वर्ग फीट को सील किया गया। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 40 लाख रुपये आँकी गई है। दूसरा प्रकरण (M-BPL-21-0200),10 सितम्बर 2025 का है। इसमें ग्राम बोरदा स्थित डुप्लेक्स क्रमांक 51, क्षेत्रफल 1000 वर्ग फीट को सील किया गया। इसकी अनुमानित कीमत भी करीब 40 लाख रुपये है। राजस्व टीम ने बताया कि दोनों संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।
भोपाल मंडल के संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर 'किलाबंदी' टिकट चेकिंग अभियान
11 Sep, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेकिंग के दौरान 100 यात्री पकड़े गए, ₹59,380 जुर्माना वसूला
भोपाल 11 सितम्बर। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया के निर्देशन में भोपाल मंडल द्वारा अधिकृत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने तथा रेल राजस्व में वृद्धि करने हेतु सतत प्रयास किये जा रहे है। इसी क्रम में भोपाल मंडल के संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर 8 मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में औचक टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया इस किलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान में 13 टिकट चेकिंग स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। पर्यवेक्षक टिकट चेकिंग स्टॉफ की निगरानी में चलाये गए इस टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशन के बाहर निकलने वाले रास्ते की घेराबंदी की गई, ताकि कोई भी यात्री बिना जाँच के स्टेशन के बाहर न जा सकें।
इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 08 गाड़ियों जिनमें गाडी संख्या 22829, 12920, 09190, 19344, 11703, 19323, 19711 व 19340 के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 68 यात्री पकड़े गए, अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 31 यात्री पाए गए व बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे 01 यात्री पाए गए। यात्रियों के पकड़े गए कुल 100 मामलों से कुल रुपये 59,380/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ।
वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक श्री सौरभ कटारिया नें बताया कि यह अभियान यह सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया कि सभी यात्री उचित टिकट के साथ यात्रा करें। अनियमित यात्राओं को रोकने से जहां रेल राजस्व में वृद्धि होती है, वहीं यह यात्रियों के लिए सुगम, सुरक्षित और स्वच्छ यात्रा सुनिश्चित करता है। साथ ही उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें। प्रतिक्षा सूची ई-टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट पर यात्रा करने की अनुमति नहीं है। प्लेटफॉर्म पर प्रवेश के लिए यात्रा टिकट या प्लेटफॉर्म टिकट होना आवश्यक है। यात्री IRCTC वेबसाइट/एप एवं UTS एप का उपयोग कर स्वयं भी टिकट बुक कर सकते है।
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