मध्य प्रदेश
तेज रफ्तार में काली शीशे वाली कार का कहर, नाबालिग ने 300 मीटर तक मारी टक्कर पर टक्कर, 10 वाहन क्षतिग्रस्त, ट्रैफिक पुलिसकर्मी बोनट पर लटका
11 Sep, 2025 06:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: शहर की सड़कों पर बेखौफ कार सवार एक नाबालिग ने ऐसा तांडव मचाया कि लोग दहशत में आ गए। काली फिल्म चढ़ी कार चला रहे इस नाबालिग चालक ने पुलिस और आमजन को रौंदते हुए कई जगह हादसों को अंजाम दिया। इस दौरान कार ने करीब 8 से 10 वाहनों को टक्कर मार दी, जिसमें 15 लोग घायल हो गए। इनमें से 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने रोकी कार तो बढ़ा दी स्पीड
घायलों में एक महिला और ट्रैफिक पुलिस का आरक्षक भी शामिल है। घटना बुधवार सुबह की है जब पड़ाव थाना क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस ने एक संदिग्ध काले शीशे वाली कार को रोकने की कोशिश की। ट्रैफिक जवान अतुल शर्मा कार को रोकने के लिए उसके बोनट पर चढ़ गए। लेकिन चालक रफ्तार कम करने की बजाय लगभग 200 मीटर तक बोनट पर लटकाए ले गया और गाड़ी तेज कर दी, जिससे जवान बुरी तरह जख्मी हो गया।
बेकाबू चलाता गया कार
इसके बाद कार चालक ने बेकाबू होकर भागते हुए महिला को टक्कर मारी और रास्ते में खड़े कई लोगों को टक्कर मार दी। आरोप है कि एक नाबालिग कार चला रहा था। पुलिस के रोकने पर वह घबराया और नियंत्रण खो बैठा। करीब आधे किलोमीटर तक अनियंत्रित तरीके से कार दौड़ाने के बाद वह घटनास्थल से भागने की फिराक में था, लेकिन लोगों ने उसे पकड़कर पहले तो जमकर खातिरदारी की ओर फिर पुलिस के हवाले कर दिया।
300 मीटर तक मचाया आतंक
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार ने लगभग 300 मीटर तक आतंक मचा दिया। जहां-जहां से कार गुजरी वहां चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। लोग सुरक्षित जगह भागते नजर आए। हादसे में घायल आरक्षक अतुल शर्मा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके सिर और हाथ में भी चोटें आई हैं। वहीं, घायल महिला को भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने नाबालिग चालक को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वह परिजन की कार लेकर बिना अनुमति सड़क पर निकल गया था। मामले में किशोर के परिजनों पर भी लापरवाही का प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।
एक्शन में आई पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि काले शीशे और बिना नंबर की कार चलाने वालों पर विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। मामले की जानकारी देते हुए पड़ाव थाना आलोक परिहार ने बताया कि कार चालक नाबालिग है, उसे चेकिंग के दौरान रोका गया। जिसके कारण उसने एकदम कार की रफ्तार को बढ़ा दिया। इस घटना में एक सिपाही सहित अन्य लोग भी घायल हुए हैं। जिन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। वहीं नाबालिग को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है।
बाघ की मौत के बाद सबूतों को डीज़ल से जलाकर मिटाया, हाईकोर्ट ने सख़्ती दिखाते हुए फॉरेस्ट ऑफिसर की बेल याचिका खारिज की
11 Sep, 2025 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने वन अधिकारी टीकाराम हनोते की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिन पर बाघ के शव को गुप्त रूप से जलाकर सबूत नष्ट करने का आरोप है। न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल ने अपराध की गंभीरता और आवेदक की कथित सक्रिय भागीदारी को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। यह मामला राज्य बाघ हड़ताल बल (एसटीएसएफ) क्षेत्रीय इकाई, जबलपुर द्वारा दर्ज किया गया था।
वकील ने बताया निर्दोष
हनोते के वकील ने तर्क दिया कि वह निर्दोष हैं, उन्हें झूठा फंसाया गया है। सह-आरोपी व्यक्तियों के ज्ञापन बयानों के अलावा कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते, उनके भागने का कोई खतरा नहीं है। हिरासत में पूछताछ अनावश्यक है, और मुकदमे को समाप्त होने में काफी समय लगेगा।
सबूत मिटाने का आरोप
राज्य के वकील ऋत्विक पाराशर ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि एक वन अधिकारी के रूप में, हनोते का कर्तव्य था कि वे बाघ की मौत के बारे में तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित करें। इसके बजाय उन्होंने इसके अवैध निपटान में सक्रिय रूप से भाग लिया। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि हनोते और अन्य ने सबूत नष्ट करने के लिए डीजल का उपयोग करके बाघ के शव को जला दिया।
हिरासत में पूछताछ जरुरी
अधिकारी के मोबाइल फोन रिकॉर्ड से पता चला कि वह कवर-अप के दौरान सह-आरोपी व्यक्तियों के साथ लगातार संपर्क में थे। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 50(8) के तहत दर्ज बयानों ने उन्हें आगे फंसाया, और राज्य ने तर्क दिया कि साजिश को पूरी तरह से उजागर करने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
वायरल हुई थी बाघिन की मौत की खबर
यह आदेश सोशल मीडिया पर लीक होने के बाद आया है, जिसने बालाघाट के जंगलों में एक बाघिन की मौत के कवर-अप को उजागर कर दिया। 27 जुलाई को, एक बाघिन सोनवानी संरक्षण रिजर्व के बहियातिकुर बीट में पोटुटोला नहर के पास मृत पाई गई थी। जांचकर्ताओं का मानना है कि शव को राख में बदलने के लिए डीजल का इस्तेमाल किया गया था और संदिग्धों ने उंगलियों के निशान छोड़ने से बचने के लिए दस्ताने पहने थे।
वनकर्मी ने खींची थी तस्वीर
एक वनकर्मी को गड़बड़ी का संदेह हुआ, उसने गुप्त रूप से शव की तस्वीरें खींची। ये तस्वीरें आंतरिक व्हाट्सएप समूहों में प्रसारित हुईं और फिर अगस्त की शुरुआत में सार्वजनिक हो गईं। जब तक मामला सामने आया, तब तक राख को एक नाले में डाल दिया गया था। जांचकर्ताओं ने बाद में अवशेषों से हड्डियां बरामद कीं, जिन्हें बाघिन की पहचान स्थापित करने और यह निर्धारित करने के लिए डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया है कि क्या इसमें शिकार शामिल था।
एसटीएसएफ ने घोषित किया कार्यक्रम
एसटीएसएफ ने बाद में दो फरार अधिकारियों - डिप्टी रेंजर टीकाराम हनोते और वन रक्षक हिमांशु घोरमारे - दोनों के बारे में जानकारी के लिए 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया, जो घोटाले के बाद से लापता हैं। तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया, छह वनकर्मियों को हिरासत में लिया गया और वन अपराध कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया।
किसी भी नियम का पालन नहीं किया
वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने इस कृत्य को सबूत मिटाने का स्पष्ट प्रयास बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाघिन के पंजे गायब थे और चेतावनी दी कि मामले की रिपोर्ट एनटीसीए और अन्य एजेंसियों को की जाएगी। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि इस मामले में एनटीसीए प्रोटोकॉल - साइट की घेराबंदी, फोरेंसिक नमूनाकरण, या वरिष्ठ अधिकारियों और एनटीसीए प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम - में से किसी का भी पालन नहीं किया गया।
राष्ट्र के निर्माण में भाषाओं के योगदान पर केन्द्रित दो दिवसीय भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान का आयोजन 14-15 सितंबर को
11 Sep, 2025 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विज्ञान एवं अन्य क्षेत्रों में हिन्दी के योगदान के लिए स्थापित बहुविध राष्ट्रीय अलंकरण समारोह 15 सितंबर को, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे सम्मानित
भोपाल। राष्ट्र के निर्माण में भाषाओं के योगदान पर केन्द्रित दो दिवसीय भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान का आयोजन 14-15 सितंबर 2025 को रवीन्द्र भवन, भोपाल में किया जा रहा है। भारतीय मातृभाषाएँ सभ्यता, संस्कृति और अस्मिता का सूत्र हैं। माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान का मार्गदर्शन करेंगे। इस अनुष्ठान में खड़ी बोली हिन्दी में अवधी, ब्रज, भोजपुरी, मैथिली, बुंदेली, मालवी, छत्तीसगढ़ी व बघेली तथा कन्नड़, मलयालम, तेलुगु, बांग्ला, तमिल और हिन्दी का अंतरसंबंध, भाषा और संचार प्रौद्योगिकी, हिन्दी साहित्य और प्रौद्योगिकी, नाटक और सिनेमा की भाषा, नृत्य और संगीत की भाषा, जनजातीय एवं धूमंतु भाषा-संचार, राष्ट्र की प्राणधारा लोकभाषाएँ जैसे विविध विषयों पर केन्द्रित वैचारिक समागम में देश-प्रदेश के भारतीय भाषाओं के विशेषज्ञ-विद्वान सम्मिलित होंगे। इसके साथ भारतीय भाषाओं एवं बोलियों में काव्य गोष्ठी, प्रकाशन लोकार्पण तथा प्रदर्शनियाँ शामिल है। यह जानकारी माननीय मुख्यमंत्रीजी के संस्कृति सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी एवं संस्कृति संचालनालय के संचालक एन. पी. नामदेव ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी। वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने कहा कि भाषाएँ किसी भी राष्ट्र की आत्मा और निर्माता होती हैं। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में भाषाओं की भूमिका केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान की धरोहर भी हैं। राष्ट्र निर्माण में भाषाएँ वह सूत्र हैं जो समाज के विभिन्न वर्गों, प्रांतों और पीढ़ियों को एक साथ जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम भारतीय भाषाओं के अध्ययन, लेखन, शोध और व्यवहार को प्रोत्साहित करें ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी सांस्कृतिक अस्मिता के साथ गर्वपूर्वक आगे बढ़ें। भाषाओं का संरक्षण और संवर्धन ही आत्मनिर्भर, सशक्त और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र निर्माण का आधार है।
न्यासी सचिव ने कहा कि रवीन्द्र भवन, भोपाल में 14 और 15 सितंबर 2025 को दो दिवसीय भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भारतवर्ष के विकास में भाषाओं के अवदान पर केन्द्रित विविध वैचारित गोष्ठियाँ, प्रकाशन लोकार्पण, प्रदर्शनियों के शुभारंभ के साथ स्वदेशी जागरण अंतर्गत देशहित में The Sootr का अभियान Be इंडियन Buy इंडियन हमारी लक्ष्मी, हमारे पास का शुभारंभ होगा। इसके साथ ही विक्रमोत्सव 2025 को लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर का अवार्ड ईमैक्स ग्लोबल टीम द्वारा माननीय मुख्यमंत्रीजी को समर्पित किया जायेगा। संस्कृति संचालनालय के संचालक एन.पी. नामदेव ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा विज्ञान एवं अन्य क्षेत्रों में हिंदी भाषा के विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अमूल्य योगदान के लिए पाँच राष्ट्रीय हिंदी भाषा सम्मानों की स्थापना की गयी। माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 सितंबर को शाम 5:00 बजे देश-विदेश के विद्वानों को हिन्दी भाषा सम्मान से अलंकृत करेंगे। श्री प्रशांत पोळ, जबलपुर और श्री लोकेन्द्र सिंह राजपूत, भोपाल को 'राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान' सुश्री रीता कौशल, ऑस्ट्रेलिया एवं डॉ. वंदना मुकेश, इंग्लैण्ड को 'राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान', डॉ. इंदिरा गाजिएवा, रूस और श्रीमती पदमा जोसेफिन वीरसिंघे को 'राष्ट्रीय फादर कामिल बुल्के सम्मान, डॉ. राधेश्याम नापित, शहडोल और डॉ. सदानंद दामोदर सप्रे, भोपाल को 'राष्ट्रीय गुणाकर मुले सम्मान' तथा डॉ. के.सी. अजय कुमार, तिरुवनंतपुरम् एवं डॉ. विनोद बब्बर, दिल्ली को राष्ट्रीय हिन्दी सेवा सम्मान प्रदान किया जाएगा। ये सम्मान वर्ष 2024-25 के लिए प्रदान किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान के संस्थापक विजयदत्त श्रीधर ने कहा कि आज वैश्वीकरण के युग में भारतीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन का कार्य राष्ट्र निर्माण की नई चुनौती है। नई पीढ़ी को अपनी भाषा और बोली से जोड़े बिना आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की परिकल्पना अधूरी रहेगी। भाषा ही वह शक्ति है जो समाज को जोड़ती है, संस्कार देती है और राष्ट्र को स्थायी दिशा प्रदान करती है। भारत में भाषायी सौहार्द, परस्पर सम्मान और सामंजस्य का सूत्र मातृभाषाएँ हैं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता में भाषा का योगदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। भाषा केवल संवाद का साधन भर नहीं, बल्कि समाज की चेतना, संस्कृति और मूल्यों की वाहक है। पत्रकारिता के माध्यम से जब विचार और तथ्य जनता तक पहुँचते हैं तो उनकी विश्वसनीयता, प्रभावशीलता और सार्थकता भाषा की सटीकता और सहजता पर निर्भर करती है।
इस अवसर पर दत्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान, भोपाल के निदेशक मुकेश मिश्रा ने कहा कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में भाषाएँ हमारी एकता को मजबूती प्रदान करती हैं। मातृभाषा और भारतीय भाषाओं ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक समाज को जागरूक करने और जनमानस को संगठित करने का कार्य किया है। साहित्य अकादमी के निदेशक विकास दवे ने कहा कि दो दिवसीय आयोजन में साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश के माध्यम से वरिष्ठ साहित्यकारों का दो दिवसीय विमर्शात्मक संगम भी होगा। इस युवा भाषा कुम्भ में भी रचनाकार अपनी भाषा बोलियों के सौष्ठव से परिचित होंगे। दो दिवसीय इस आयोजन का सबसे महत्त्वपूर्ण आकर्षण रहेगा, भारतीय भाषाओं और बोलियाँ से जुड़ा कवि सम्मेलन। इसमें संविधान में अनुसूचित भारतीय भाषाओं के साथ-साथ मध्य प्रदेश की अनुसूचित 6 बोलियों के कवि भी अपना रचना पाठ करेंगे।
यह आयोजन संस्कृति संचालनालय, वीर भारत न्यास, स्वराज संस्थान संचालनालय, माधवराव सप्रे समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, दत्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान द्वारा भारत भवन, साहित्य अकादमी, मराठी साहित्य अकादमी, सिन्धी अकादमी, भोजपुरी अकादमी, उर्दू अकादमी, पंजाबी अकादमी, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, निराला सृजनपीठ, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, एलएनसीटी विश्वविद्यालय, जागरण लेकसिटी विश्वविद्यालय, सेज विश्वविद्यालय, सैम ग्लोबल विश्वविद्यालय, मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की सहभागिता में आयोजित किया जा रहा है।
ट्रेन के सामान्य सफ़र को भी खास बना दिया मामा शिवराज ने, यात्रियों को दिया आशीर्वाद, दुआ-सलाम और दर्जनों सेल्फ़ियां
11 Sep, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: शिवराज सिंह चौहान का क्रेज अभी कम नहीं है। उन्हें देखते ही उनके चाहने वाले लोग उमड़ पड़ते हैं। ऐसा ही नजारा देर रात देखने को मिला है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल से ट्रेन में सवार होकर सतना के लिए निकले थे। ट्रेन में सवार होते ही वह अपने अंदाज में लोगों से मिलने लगे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उनके पास सेल्फी के लिए जमा होने लगे। शिवराज सिंह चौहान ने भी किसी को निराश नहीं किया है।
सबसे राम-राम
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने चिर परिचित अंदाज में सभी लोग से मिलते रहे। छोटे बच्चों को आशीर्वाद तो बहनों पर प्यार लुटाते रहे। वहीं, बड़े लोगों के साथ राम-राम और दुआ-सलाम करते नजर आए हैं। शिवराज सिंह चौहान लोगों का प्यार देखकर अभिभूत हो रहे थे। वह किसी को निराश नहीं कर रहे थे। करीब आने वाले लोगों से उनका हालचाल जान रहे थे। इसी तरह से लोगों से मिलते हुए वह ट्रेन में आगे बढ़ते जा रहे थे।
सेल्फी लेने के लिए उमड़ रहे थे लोग
अपने बीच में मध्य प्रदेश के लोग मामा को देखकर हैरान थे। साथ ही लोगों के पास उनसे बात करने के लिए यह बेहतरीन मौका था। ऐसे में लोग उनके साथ सेल्फी लेने से भी नहीं चूक रहे थे। ट्रेन की बोगी में लोग रुक-रुककर मामा के साथ सेल्फी ले रहे थे। मामा भी किसी को मना नहीं कर रहे थे। शिवराज सिंह चौहान जब मध्य प्रदेश के सीएम थे, तब लोगों को निराश नहीं करते थे। इसी अंदाज में लोगों से उनका मिलना होता था। एक बार फिर से ट्रेन सफर के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने लोगों का दिल जीत लिया है। गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान अभी विदिशा से सांसद हैं। साथ ही केंद्र में कृषि मंत्री हैं। वहीं, मध्य प्रदेश से उनका लगाव कम नहीं हुआ है। वह दिल्ली से फुर्सत मिलते ही मध्य प्रदेश में सक्रिय हो जाते हैं। शिवराज सिंह चौहान करीब 18 वर्षों तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं।
पीएम-जनमन कार्यक्रम : आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में म.प्र. देश में अव्वल
10 Sep, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया समुदाय के लिये स्वीकृत 217 आंगनवाड़ी भवनों में से 100 भवनों का तय समय-सीमा से पहले निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश योजना के क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। निर्धारित लक्ष्य की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए प्रथम चरण में बड़ी प्रगति दर्ज करते हुए शेष 117 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण 31 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
पीएम जन-मन का लक्ष्य और महत्व
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 से 2026 के बीच संचालित बहुउद्देशीय पीएम-जनमन अभियान का मुख्य उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं से जोड़ना है। इस अभियान में नये आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण, पक्के भवनों की व्यवस्था और पूरक पोषण आहार का नियमित प्रदाय सुनिश्चित किया जा रहा है। इन आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा एवं पोषण मिलेगा, साथ ही जनजातीय समुदायों के समग्र विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
जिलेवार निर्माण और निवेश
शिवपुरी जिले में 39, श्योपुर में 37, शहडोल में 29, उमरिया में 23, गुना में 14, डिंडौरी में 12, अशोकनगर में 11, अनूपपुर में 7, मंडला एवं दतिया में 6-6, विदिशा, बालाघाट, ग्वालियर एवं सीधी में 5-5, जबलपुर एवं छिंदवाड़ा में 4-4, मुरैना में 2 तथा कटनी, भिंड और रायसेन में 1-1 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक भवन पर लगभग 12 लाख रुपये का व्यय किया जा रहा है।
सामाजिक-आर्थिक विकास का मजबूत आधार
यह पहल जनजातीय बहुल इलाकों में नई उम्मीद और बदलाव की शुरुआत है। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण केवल भौतिक संरचना नहीं बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास का मजबूत आधार भी है। इनके माध्यम से जहां बच्चों को बेहतर पोषण और शिक्षा उपलब्ध होगी, वहीं महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय अभियान का यह चरण देश में जनजातीय कल्याण के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में देखा जा रहा है और मध्यप्रदेश ने इसे लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
फार्मेसी पंजीयन प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन, पूरी पारदर्शिता से करें प्रकरणों का निराकरण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
10 Sep, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि अब ऑनलाइन प्रणाली से घर बैठे पंजीयन प्रमाणपत्र मेल और डिजिलॉकर के माध्यम से उपलब्ध होंगे। इससे पंजीयन प्रक्रिया सुव्यवस्थित हुई है और लंबित मामलों का निपटारा तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 50 प्रतिशत विद्यार्थियों के आवेदन अपूर्ण हैं, जिन्हें समय पर पूरा करवाना आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल होटल पलाश भोपाल में मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी परिषद की बैठक में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्राइवेट विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे सभी विद्यार्थियों की सही जानकारी उपलब्ध कराएँ। यदि गलती छात्रों की है तो उन्हें सुधार के लिये सूचित किया जाए और यदि संस्थान की लापरवाही है तो मान्यता एवं एफिलिएशन पर कार्रवाई करें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मासिस्ट, पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। विकसित और स्वस्थ भारत के लिए गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में जून 2025 से अगस्त 2025 तक की कार्यप्रगति की समीक्षा की गई। इसमें 3500 से अधिक नए पंजीयन सफलतापूर्वक पूर्ण हुए, 5800 आवेदन प्रक्रिया में लंबित रहे तथा 1650 आवेदन निजी विश्वविद्यालयों की सूची उपलब्ध न होने के कारण शेष रहे। बताया गया कि संपूर्ण कार्यप्रणाली को अब डिजिटल मोड पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसमें समग्र आईडी, डिजिलॉकर, विवाह एवं निवास प्रमाणपत्र तथा एफडीए का एकीकरण किया गया है। नई प्रणाली से स्लॉट बुकिंग एवं परिषद कार्यालय में उपस्थित होकर सत्यापन कराने की आवश्यकता समाप्त होगी और सिस्टम आधारित ऑटो वेरिफिकेशन से प्रमाणपत्र सीधे डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगे। यह पहल परिषद को डिजिटल गवर्नेंस में देश की अग्रणी परिषद बनाएगी।
बैठक में परिषद अध्यक्ष संजय कुमार जैन, सदस्य राजू चतुर्वेदी, गौतमचंद धींग, रामरतन गर्ग, सत्येन्द्र सिंह चौहान, देवेंद्र कुमार बजाजत्य, अशोक जैन एवं डॉ. पवन दुबे सहित दिनेश मौर्य (ड्रग कंट्रोलर, म.प्र.), आत्री मुख्य विश्लेषक और चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि शामिल हुए। परिषद की रजिस्ट्रार भव्या त्रिपाठी ने प्रगति और आगामी योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
टीकमगढ़ परीक्षण संभाग को एम.पी. ट्रांसको की सर्वोत्तम दक्षता ट्रॉफी
10 Sep, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के टीकमगढ़ परीक्षण संभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए टीकमगढ़ को राज्य स्तरीय सर्वोत्तम दक्षता ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
जबलपुर मुख्यालय में आयोजित समारोह में एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने यह ट्रॉफी टीकमगढ़ टीम को प्रदान की। टीकमगढ़ की ओर से कार्यपालन अभियंता आर.पी. कान्यकुब्ज, सहायक अभियंता जी.पी. राय और श्रीमती चंदा यादव ने यह सम्मान ग्रहण किया।
प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद टीकमगढ़ की टीम की यह उपलब्धि सभी के लिए प्रेरणा है।
पीएम मित्रा पार्क से टेक्सटाइल सेक्टर में मध्यप्रदेश को मिलेगा नया आयाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उत्पादित आर्गेनिक कॉटन की मांग अनेक देशों में है। प्रदेश टेक्सटाइल का हब बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में 7 पीएम मित्रा पार्क स्वीकृत किये, उसमें से पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमि-पूजन करने प्रधानमंत्री मोदी 17 सितम्बर को धार जिले में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों का आहवान किया कि वे मध्यप्रदेश आये, राज्य सरकार निवेशकों को पीएम मित्रा पार्क में हर संभव सहायता और सुविधा उपलब्ध करवायेगी। धार का पीएम मित्रा पार्क भारत के औद्योगिक विकास की यात्रा में महत्वपूर्ण आयाम जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को कोलकाता के.जे. डब्ल्यू मैरियट होटल में निवेश संभावनाओं पर इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों के इंटरैक्टिव सेशन में मध्यप्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के लिए सबसे भरोसेमंद और अवसरों से भरा राज्य बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, देश के मध्य में स्थित होने के कारण उत्तम कनेक्टिविटी, विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा और औद्योगिक शांति इसे उद्योगपतियों के लिए आदर्श निवेश स्थल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पार्क राज्य के टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को वैश्विक मानकों तक पहुंचाने के साथ रोजगार और आर्थिक विकास में नए आयाम खोलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की शुद्ध और ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता इसे टेक्सटाइल निवेश के लिए विशेष बनाती है। पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से राज्य में उत्पादन और प्रोसेसिंग के उच्च मानक स्थापित होंगे, जिससे निवेशकों को लाभ के साथ रोजगार के अवसर भी सुनिश्चित होंगे। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि राज्य में निवेश स्थिर, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों का आहवान किया कि आइये हम संकल्प लें कि स्वदेशी अपनायेंगे, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के 'मेक इन इंडिया' और विकसित भारत के संकल्प को पूरी शक्ति के साथ साकार करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोलकाता की समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा का सम्मान करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महापुरुषों ने देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि यह प्रेरक इतिहास और बौद्धिक परंपरा उद्योग जगत के लिए प्रेरक है और मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश के दृष्टिकोण से साथ जुड़ती है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कहा कि कोलकाता जैसे ऐतिहासिक और बौद्धिक केंद्र से संवाद करना राज्य में निवेश के लिए उत्साह और नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि राज्य में विकसित औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशकों को मजबूत प्रतिस्पर्धी लाभ देते हैं। सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क के माध्यम से पूरे देश में उत्पाद और सेवाओं की आपूर्ति सरल और त्वरित रूप से की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेशकों को सरल प्रक्रियाओं, सुलभ नीतियों और सक्रिय सरकारी सहयोग के माध्यम से व्यवसाय का विस्तार करने का पूर्ण अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की निवेश नीतियों पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में उद्योगपतियों को हर प्रकार की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक शांति सुनिश्चित है और किसी प्रकार की हड़ताल या व्यवधान के कारण निवेश प्रभावित नहीं होता। उन्होंने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश में फैक्ट्री लगाना और संचालन करना सहज है, और राज्य के मध्य में होने के कारण पूरे देश में अपने उत्पाद और सेवाओं की आपूर्ति आसानी से की जा सकती है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को बताया कि पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में राज्य की औद्योगिक क्षमता और रोजगार सृजन को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों का उद्देश्य किसानों, उद्योगपतियों और युवाओं को समान रूप से लाभ पहुंचाना है। राज्य में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और प्रोसेसिंग का सही अवसर मिलता है, उद्योगपतियों को व्यवसाय विस्तार की सुविधा है और युवाओं को रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग जगत को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश केवल व्यावसायिक विस्तार नहीं है, बल्कि सतत विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भागीदारी का अवसर है। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि पीएम मित्रा पार्क और अन्य औद्योगिक हब राज्य की टेक्सटाइल, गारमेंट और अन्य सेक्टरों में निवेशकों के लिए लाभकारी और सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और वितरण की सुव्यवस्था निवेशकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देती है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों को यह भरोसा भी दिलाया कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में निवेश करने से वे सिर्फ व्यावसायिक लाभ ही नहीं, बल्कि राज्य की स्थिरता, सतत विकास और आर्थिक समृद्धि में भी भागीदार बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 से अधिक उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की। सेशन में 300 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की।
निवेशक-हितैषी नीतियों से मध्यप्रदेश बना आकर्षक निवेश स्थल
इन्वेस्ट इन एमपी इंटरएक्टिव सेशन में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक संपदा और निवेशक-हितैषी नीतियों के कारण उद्योगों का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख एकड़ से अधिक का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक, मजबूत एयर कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कॉपर, मैंगनीज और डायमंड का सबसे बड़ा उत्पादक है और सीमेंट उत्पादन में भी अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2030 तक भारत को 500 गीगावाट से अधिक ग्रीन एनर्जी उपलब्ध कराने के संकल्प में प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रमुख सचिव ने बताया कि नर्मदापुरम के पास स्थापित औद्योगिक क्षेत्र की सफलता के बाद उसे 880 एकड़ तक विस्तारित किया गया है, जिसे हाल ही में कैबिनेट की स्वीकृति भी मिली है। राज्य सरकार ग्रीन इंडस्ट्रीज़ को 100% छूट, एक्सपोर्ट यूनिट्स को 50% प्रोत्साहन और कस्टमाइज्ड पैकेज पॉलिसी जैसी विशेष सुविधाएं दे रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे सस्ती बिजली लगभग 4 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट उपलब्ध है। पानी, रॉ मटेरियल और सुरक्षित श्रम वातावरण निवेशकों को प्रतिस्पर्धी लाभ प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश न केवल भारत का हृदय है बल्कि औद्योगिक विकास का धड़कता केंद्र बनकर उभर रहा है।
"मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देश के सबसे शिक्षित और दूरदर्शी नेताओं में से एक" : रूइया
रुइया ग्रुप के सीएमडी पवन कुमार रुइया ने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश की औद्योगिक प्रगति और आर्थिक परिवर्तन का नया केंद्र बन रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को देश के सबसे शिक्षित, सरल और दूरदर्शी मुख्यमंत्रियों में से एक बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश उद्योग और विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।
रुइया ने कहा कि रणनीतिक स्थिति, उत्कृष्ट आधारभूत संरचना, दक्ष मानव संसाधन और प्रगतिशील नीतियों ने मध्यप्रदेश को निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक स्थान बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत विज़न के अनुरूप मध्यप्रदेश आज वैश्विक निवेश का केंद्र बन रहा है। उन्होंने घोषणा की कि रुइया ग्रुप मध्यप्रदेश में अपने निवेश का विस्तार करेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल निवेश नहीं, बल्कि राज्य के साथ एक दीर्घकालिक साझेदारी होगी, जो रोजगार, कौशल विकास और वर्ल्ड क्लास मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगी।
मध्यप्रदेश में कृषि, माइनिंग और ऊर्जा सेक्टर में हैं अपार संभावनाएं : पुष्कर अग्रवाल
श्याम मेटालिक्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक तथा इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पुष्कर अग्रवाल ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से निवेश का आकर्षक केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी, सोलर, विंड एनर्जी, मिनरल्स, एग्रीकल्चर और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश के अवसर मौजूद हैं। प्रदेश में आयरन, मैंगनीज, बॉक्साइट और रेयर अर्थ मिनरल्स की समृद्ध उपलब्धता है। कृषि क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग के 4000 करोड़ रूपये से अधिक के प्रस्ताव और बागवानी को 27 से 32 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने की योजनाएँ प्रदेश की क्षमता को और मजबूत कर रही हैं। अग्रवाल ने कहा कि उनकी कंपनी ने हाल के वर्षों में प्रदेश में उत्पादन दोगुना किया है और 1000 से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। वे जल्द ही 4000 करोड़ रु. से अधिक का नया निवेश करने जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश स्थिरता, भरोसे और सतत विकास का है प्रतीक : हर्ष अग्रवाल
प्रताप ग्रुप के डायरेक्टर हर्ष अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश आज भारत में बिजनेस और इंडस्ट्री के लिए सबसे आकर्षक स्थलों में गिना जाता है। देश के हृदय में स्थित यह राज्य बेहतर कनेक्टिविटी, प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और कुशल जनशक्ति के साथ निवेश के लिए उपयुक्त वातावरण उपलब्ध कराता है। उन्होंने बताया कि निवेश नीति, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना जैसे औद्योगिक कॉरिडोर और पीएम मित्रा पार्क राज्य की दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। सरकार का सक्रिय सहयोग निवेशकों को न सिर्फ विश्वास देता है बल्कि राज्य की प्रगति में सहभागी बनने का अवसर भी प्रदान करता है।
रूपा इंडस्ट्री के केव्ही अग्रवाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में गारमेंट, टेक्सटाईल एवं माइनिंग सहित हर सेक्टर में अपार संभावनाएं है। सेशन में मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों, सुविधाओं, नीतियों, आधारभूत संसाधनों सहित अन्य निवेश प्रोत्साहन पर आधारित शॉट फिल्म प्रदर्शित की गई।
उल्लेखनीय है कि धार, मध्यप्रदेश में स्थापित पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क, भारत को वैश्विक वस्त्र महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है। यह पार्क 2,158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला और ₹2,000 करोड़ से अधिक की अनुमानित लागत वाला यह पार्क अत्याधुनिक अधोसंरचना, सतत विकास और रणनीतिक नीति समर्थन के माध्यम से टेक्सटाइल हब बनने की ओर अग्रसर है। यह पार्क लगभग 3 लाख नौकरियों का सृजन करेगा, जिनमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
पीएम मित्रा पार्क को राज्य प्राधिकरण द्वारा ग्रीनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है जिसमें स्ट्रॉर्म वॉटर ड्रेनेज, जल आपूर्ति प्रणाली, अपशिष्ट और सीवेज संग्रह, 220 KVA सबस्ट्रेशन, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज़ और सुव्यवस्थित स्ट्रीट लाइटिंग और सुविधाएं जैसी आधुनिक अवसंरचना शामिल हैं। मजबूत सहायक अधोसंरचना में 20 MLD की कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP), श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास, 10 MVA सौर ऊर्जा संयंत्र और 95,750 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स शामिल हैं। इसके अलावा, दो केंद्रीकृत स्ट्रीम बॉयलर और पाइपलाइन नेटवर्क भी उद्योग इकाइयों में होंगे।
माँ नर्मदा की उद्गम स्थली में कपिलधारा पहुँच मार्ग का भूमिपूजन
10 Sep, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने अमरकंटक में कपिलधारा पहुँच मार्ग का भूमिपूजन किया। माँ नर्मदा की उद्गम स्थली को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि यह मार्ग केवल सड़क नहीं बल्कि श्रद्धा और आस्था को आधुनिकता से जोड़ने वाला पथ बनेगा।
कपिलधारा जलप्रपात, जिसे ऋषि कपिल की तपोभूमि माना जाता है, हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। मंत्री सिंह ने बताया कि पाँच किलोमीटर लंबे इस नए पहुँच मार्ग को ऐसा रूप दिया जाएगा, जिससे यह केवल सड़क न लगकर एक पर्यटन स्थल जैसा अनुभव प्रदान करेगा।इस दो लेन चौड़े मार्ग पर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ, छायादार आश्रय स्थल, कम्पोस्ट शौचालय और सौर ऊर्जा से संचालित दीपक लगाए जाएँगे। मार्ग की बाउंड्री पर कपिल मुनि की तपस्या, राजा सगर के पुत्रों और माँ गंगा के अवतरण की गाथाएँ उकेरी जाएँगी। मंत्री सिंह ने कहा कि यह मॉडल भीमबेटका और भोजपुर जैसे स्थलों पर भी लागू किया जाएगा।
समीक्षा बैठक में विभागीय निर्णय
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के मुख्य अभियंता उपस्थित रहे। बैठक में विभागीय प्रस्तुतियाँ दी गईं। मंत्री सिंह ने गुणवत्ता पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों ने औचक निरीक्षणों में सख़्ती दिखाई है, वहीं कुछ ने बिल्कुल भी कार्रवाई नहीं की। यह रवैया अब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने घोषणा की कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान और लापरवाही करने वालों को दंड मिलेगा।
लोक कल्याण सरोवर योजना पर जोर
बैठक में लोक कल्याण सरोवर योजना पर चर्चा हुई। मंत्री सिंह ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परिक्षेत्र में 10-10 सरोवरों का चयन कर मुख्य अभियंता स्वयं उनका भौतिक निरीक्षण करें। इन सरोवरों पर सूचना पट्टिकाएँ लगाई जाएँ और इन्हें स्थानीय समाज के लिए उपयोगी धरोहर बनाया जाए।
टेक्नोलॉजी आधारित नवाचार
मंत्री सिंह ने बताया कि 18 से 20 सितम्बर तक प्रदेश की सभी सड़कों और पुलों का सर्वेक्षण रोड़ ट्रेकिंग एंड सर्वे मोबाइल ऐप से किया जाएगा। यह ऐप मुख्यमंत्री द्वारा अभियंता दिवस पर लोकार्पित किए जाने का प्रस्ताव है। भास्कराचार्य संस्थान द्वारा तैयार मास्टर प्लान रोड मैपिंग टूल पर भी चर्चा हुई, जिसे 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री सिंह ने कहा कि इस टूल से सड़क योजना वैज्ञानिक और डेटा आधारित होगी।
नर्मदा परिक्रमा पथ का विकास
बैठक में नर्मदा परिक्रमा पथ पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। मंत्री सिंह ने कहा कि यह पथ श्रद्धालुओं के लिए केवल एक रास्ता नहीं होगा, बल्कि आस्था और संस्कृति का अनुभव बनेगा। इसमें ठहरने, भोजन और शौचालय जैसी सुविधाएँ होंगी। घाटों और मंदिरों का जीर्णोद्धार होगा तथा पूरी योजना ईको-फ्रेंडली सिद्धांतों पर आधारित रहेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि संत समुदाय और स्थानीय समाज की राय लेकर ही इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल
समीक्षा बैठक में मंत्री सिंह ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता पारदर्शिता और जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि “जनता को हर सड़क और भवन में गुणवत्ता और पारदर्शिता का अनुभव होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी के धार आगमन पर स्वास्थ्य गतिविधियों की तैयारी की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की समीक्षा
10 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित धार आगमन पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सभी कार्य योजनाबद्ध रूप से किए जाएँ ताकि विशेष स्वास्थ्य सेवाओं से अधिक से अधिक लक्षित समूह लाभान्वित हो सके। उन्होंने आगामी 17 सितंबर से “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान” पखवाड़े को सुव्यवस्थित रूप से आयोजित कर अधिक से अधिक नागरिकों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अभियान की सतत मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाये।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मेडिकल टीचर्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सेवा शर्तों, मानदेय और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी, मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना और सीईओ आयुष्मान मध्यप्रदेश डॉ. योगेश भरसट उपस्थित थे।
मध्यप्रदेश को मिला ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड’ अवॉर्ड
10 Sep, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को प्रतिष्ठित बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान नई दिल्ली के ली मेरिडियन में 9 सितम्बर को भव्य इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स 2025 समारोह में प्रदान किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान ने भारत के पर्यटन क्षेत्र में नवाचार, उत्कृष्टता और सतत विकास को लेकर मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया है।
पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि यह सम्मान मध्यप्रदेश की जनता और यहां की संस्कृति के गौरव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यटन को विकास की धुरी बनाने का संकल्प लिया है। प्रदेश की धरोहर, प्राकृतिक संपदा और लोक-परंपराओं को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं। यह अवॉर्ड हमें और ऊर्जा देता है कि हम पर्यटन को न केवल राज्य की पहचान, बल्कि रोज़गार और आत्मनिर्भरता का मज़बूत साधन भी बनाएं।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि यह अवॉर्ड हमारी टीम की साझा मेहनत और विजन का परिणाम है। हमारा लक्ष्य सिर्फ नए पर्यटन स्थल बनाना नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना, महिलाओं को नए अवसर प्रदान करना, हमारी संस्कृति और परंपराओं को संजोना, प्राकृतिक धरोहर को बचाना और पर्यटन को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है। यह सम्मान हमें और प्रेरित करता है कि हम मध्यप्रदेश को ऐसा खास पर्यटन स्थल बनाएं, जहां परंपरा, प्रकृति और आधुनिकता एक साथ दिखाई दें।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने, इको-टूरिज्म सर्किट विकसित करने, सामुदायिक होमस्टे को बढ़ावा देने, साहसिक और अनुभवात्मक पर्यटन को विस्तार देने के साथ-साथ आतिथ्य सत्कार और विज़िटर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में बोर्ड सतत रूप से कार्यरत है। लक्ष्य पर्यटकों को विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभव प्रदान करना है।
हाट बाजार में सिकल सेल और टीबी की स्क्रीनिंग कराएं: राज्यपाल पटेल
10 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हाट बाजारों में सिकल सेल और टीबी की स्क्रीनिंग शिविर लगाए जाने चाहिए जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की विरल आबादी तक पहुंच हो सके। उन्होंने कहा कि सिकल सेल जाँच के 100 दिवसीय अभियान की उपलब्धियां प्रभावी है और अभियान को 125 दिन तक बढ़ाया जाना चाहिए।
राज्यपाल पटेल राजभवन के जवाहर खण्ड में बुधवार को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर भी मौजूद थे।
राज्यपाल पटेल ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आगनबाड़ियों के साथ सतत संपर्क पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के प्रभावी संचालन में आगनबाड़ी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिलों के प्रवास के दौरान वह पीएम जनमन, धरती आबा अभियान, सिकल सेल और टी.बी. रोग की समीक्षा अनिर्वायत: करेंगे। उन्होंने अपेक्षा की है कि जिलों में राज्यपाल के प्रवास के दौरान कार्यक्रम स्थल पर टी.बी., सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जन प्रतिनिधियों का सहयोग प्राप्त करने की भी जरूरत बताई है। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सांसद और विधायक निधि से वित्तीय सहयोग प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि वे सहयोग की जनप्रतिनिधियों से भी अपील करेंगे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सफलता में स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम कड़ी तक पहुंच बहुत महत्वपूर्ण है। समुदाय के बीच पहुंच कर स्वास्थ्य शिक्षा के प्रयास बहुत प्रभावी होते हैं। उन्होंने एकलव्य विद्यालयों में सिकल सेल जांच शिविरों के आयोजन की पहल की सराहना की। जनजातीय छात्रावास के प्राचार्य और शिक्षकों को सिकल सेल रोग के संबंध में सेंसेटाईज करने के प्रयास करने के लिए कहा है।
राज्यपाल पटेल ने आयुर्वेदिक औषधियों की वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की जरूरत बताई। उन्होंने सिकल सेल रोगियों को आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध करवाने को कहा। बताया गया कि विभाग द्वारा चयनित पायलट जिले धार में 1546 और बड़वानी में 1015 रोगियों को सिकल सेल की आयुर्वेदिक औषधियाँ दी जा रही है। प्रदेश में 17 सितम्बर से स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान चलाया जाएगा। सिकल सेल के लिए संचालित 100 दिवसीय अभियान के दौरान सिकल सेल रोगियों को जेनेटिक कार्ड वितरण कार्य बहुत तेज गति से हुआ है। अभियान अवधि में 12 लाख से अधिक कार्ड वितरित हुए है। विभाग द्वारा 1 करोड़ वां कार्ड प्रधानमंत्री द्वारा वितरित करावाने की योजना है। प्रदेश में टी.बी. और सिकल सेल रोग प्रबंधन प्रयासों के परिणामों के बेहतर संकेत मिल रहे हैं। टी.बी. रोगियों के ड्रॉप आउट और मृत्यु दर में कमी दिख रही है। सिकल सेल प्रबंधन से मातृ मृत्यु दर में भी कमी होने की जानकारी मिली है।
बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संदीप यादव, आयुक्त आयुष उमा महेश्वरी, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुसलोनी सिडाना, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव और जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव जमुना भिड़े मौजूद थीं।
कूनो जंगल का शेर नहीं, चीता! भारत का गौरव, जंगल से निकलकर गांव में दिखाई दिया, सड़क पर शान से चलता नजर आया
10 Sep, 2025 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरैना: सबलगढ़ क्षेत्र में एक बार फिर चीते की मौजूदगी से लोगों में दहशत फैल गई है। घाटी नीचे के इलाके सालई गांव में सुबह अचानक सड़क पर एक चीता टहलता हुआ नजर आया। इस नजारे को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने चीते को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
शावक के होने की आशंका
जानकारी के मुताबिक यह वही मादा चीता ‘केपी-1’ का शावक होने की आशंका है, जो कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकलकर लंबे समय से मुरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र में घूम रहा है। वन विभाग का मानना है कि यह चीता अपने सुरक्षित क्षेत्र से भटक कर घाटी नीचे के इलाके में पहुंच गया है। यह रामपुर कला और सालई गांव के पास देखा गया। ग्रामीणों ने जैसे ही सड़क पर चीते को देखा, आसपास के लोगों को सतर्क कर दिया। कुछ देर के लिए गांव में दहशत का माहौल बन गया।
वन विभाग की टीम रख रही है नजर
वन विभाग और चीता मित्रों की टीम लगातार इस इलाके पर नजर बनाए हुए है। टीम ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले खेतों में न जाएं, बच्चों को भी खुले में न छोड़ें। चीते के पास जाने या उसे परेशान करने की कोशिश बिल्कुल न करें। साथ ही ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि किसी भी तरह की गतिविधि या चीते के मूवमेंट की सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि उसकी सुरक्षित ट्रैकिंग की जा सके।
कई बार पार्क की सीमा से निकल जाते हैं बाहर
कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीते पिछले कुछ महीनों में कई बार पार्क की सीमाओं से बाहर निकलकर आसपास के गांवों में देखे गए हैं। हालांकि अब तक किसी तरह की जनहानि या नुकसान की खबर नहीं आई है। वन विभाग के मुताबिक चीते आमतौर पर इंसानों से दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा और ग्रामीणों की सावधानी बेहद जरूरी है।
लोगों में है उत्सुकता
सबलगढ़ क्षेत्र में चीते के आने से जहां दहशत का माहौल है, वहीं लोग इसे नजदीक से देखने के लिए उत्सुक भी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वन विभाग की गाइडलाइन का पालन किया जाए तो किसी भी तरह के खतरे से बचा जा सकता है। ग्रामीणों से लगातार शांति और सतर्कता बनाए रखने की अपील की जा रही है।
चेक बाउंस मामले में पूर्व मंत्री फंसे – बीजेपी विधायक सुरेंद्र पटवा के खिलाफ अदालत ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
10 Sep, 2025 01:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायसेनः मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम सुंदरलाल पटवा के भतीजे और रायसेन जिले की भोजपुर सीट से बीजेपी एमएलए सुरेंद्र पटवा की मुश्किलें बढ़ गई है। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। यह वारंट इंदौर की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने जारी किया है। उन पर चेक बाउंस के कई मामले चल रहे हैं। कोर्ट ने सुरेंद्र पटवा को गिरफ्तार कर 24 सितंबर को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। यह आदेश सीबीआई और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को भेजा गया है। पटवा के खिलाफ यह वारंट तीसरी बार जारी हुआ है। इससे पहले भी कोर्ट ने 29 अगस्त 2025 को वारंट जारी किया था। इसमें 8 सितंबर को पेश होना था। लेकिन वह नहीं गए। इसके बाद 9 सितंबर को गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
इस मामले में दर्ज हुआ मामला
दरअसल, यह कार्रवाई चेक बाउंस से जुड़े मामले में की गई है। इस मामले में सुरेंद्र पटवा के अलावा उनकी पत्नी मोनिका पटवा और फर्म 'पटवा इंटरप्राइजेस' के खिलाफ भी केस दर्ज है। पटवा इंटरप्राइजेस ने इंदौर की एक फर्म से 67.5 लाख रुपए का कर्ज लिया था। इस कर्ज के भुगतान के लिए पटवा ने 10-10 लाख रुपए के चेक दिए थे। लेकिन बाद में बाउंस हो गए। बार-बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी कोर्ट में पेश नही हुए।
सीबीआई और ईओडब्ल्यू को आदेश
बार बार आदेश के बाद पेश नहीं होने पर विशेष न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता ने पटवा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने सीबीआई और ईओडब्ल्यू को आदेश दिया है कि वे पटवा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करें। कोर्ट की तरफ जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि आरोपी कोर्ट में 16 सितंबर को उपस्थित नहीं होता है तो बिना जमानत के गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
पूर्व सीएम के भतीजे हैं विधायक
विधायक पटवा पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे हैं और भोजपुर सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। वे शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार में पर्यटन और संस्कृति मंत्री भी रह चुके हैं। इस घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सीबीआई और ईओडब्ल्यू इस गिरफ्तारी वारंट को कैसे तामील करती है। इस मामले में आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
ढाबे पर काम करने वाले के खाते में 46 करोड़ का लेन-देन! इनकम टैक्स की टीम भी रह गई दंग, शुरू हुई गहन जांच
10 Sep, 2025 12:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिंड: जिले के गांधी नगर निवासी और ग्वालियर के एक ढाबे पर खाना बनाने वाले रवींद्र सिंह चौहान के सामने जिंदगी का सबसे बड़ा संकट तब खड़ा हो गया, जब आयकर विभाग से करोड़ों रुपये के लेनदेन का नोटिस उनके घर पहुंचा। सरकारी विभाग के इस नोटिस में लिखा था कि रवींद्र के बैंक खाते में 46 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ है। गरीब खानसामा रवींद्र यह सुनकर दंग रह गया, क्योंकि उसकी मासिक आमदनी से घर का खर्च ही मुश्किल से चलता है।
अप्रैल में आया था पहला नोटिस
रवींद्र के मुताबिक, पहला नोटिस अप्रैल में आया था। उस समय वह पुणे में हेल्पर की नौकरी कर रहे थे और घरवाले अंग्रेज़ी में आए पत्र को समझ नहीं पाए। जुलाई में दोबारा नोटिस आने के बाद मामला गंभीर लगने लगा और रवींद्र नौकरी छोड़कर घर लौटे। मोहल्ले के वकील प्रद्युम्न सिंह भदौरिया को दिखाए गए नोटिस में करोड़ों के लेनदेन का जिक्र था।
जांच में निकला एक और खाता
जांच के लिए रवींद्र ने अपने पंजाब नेशनल बैंक (भिंड) खाते का पांच साल का स्टेटमेंट निकलवाया, जिसमें तीन लाख रुपये तक का भी लेनदेन नहीं मिला। लेकिन आगे पता चला कि दिल्ली के उत्तम नगर शाखा में उनके नाम से एक और खाता है, जिसमें 12.5 लाख रुपये जमा हैं और वही खाता एक कंपनी 'शौर्य ट्रेडर्स' से जुड़ा है, जिसके माध्यम से 46 करोड़ से अधिक का लेनदेन हुआ।
सुपरवाइजर ने खुलवाया था खाता
रवींद्र ने खुलासा किया कि कुछ साल पहले ग्वालियर के मेहरा टोल प्लाजा पर मेस हेल्पर के रूप में काम करते समय उनके सुपरवाइजर शशिराय भूषण ने उनके नाम पर बैंक खाता खुलवाया था। रवींद्र ने आपत्ति जताई थी, लेकिन उन्हें झांसा देकर खाता बंद हो गया है, यह कहकर बात दबा दी गई। अब वही खाता बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल हुआ।
साइबर सेल में दर्ज कराई शिकायत
इस मामले में रवींद्र ने ग्वालियर के सिरोल थाना, एसपी जनसुनवाई और स्टेट साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। वकील प्रद्युम्न सिंह भदौरिया ने कहा कि सभी साक्ष्य पुलिस व आयकर विभाग को सौंप दिए गए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। गरीब खानसामा न्याय की गुहार लगा रहा है और चाहता है कि पुलिस जल्द से जल्द दोषियों पर कार्रवाई करे, ताकि उस पर लगाए गए भारी-भरकम टैक्स के झूठे आरोप से मुक्ति मिल सके।
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