मध्य प्रदेश
प्रदेश में इंजीनियर्स रिसर्च एण्ड ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट होगा स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
15 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अभियंताओं को नवीन तकनीक और कार्यपद्धति का प्रशिक्षण देकर कार्यक्षमता में वृद्धि करने के उद्देश्य से इंजीनियर्स रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पीएम गति शक्ति जैसे अनेक कार्यों से इंजीनियर्स को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में इंजीनियर्स का उत्साहवर्धन किया है। देश के अभियंताओं ने चिनाब ब्रिज जैसे निर्माण कर हर अवसर पर अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की है। प्रदेश में लोक निर्माण विभाग ने लोक कल्याण की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में लोक कल्याण से लोक निर्माण के संकल्प के साथ आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सर विश्वेश्वरैया के चित्र पर माल्यार्पण किया।
भारतीय संसद के दोनों भवन मध्यप्रदेश की प्राचीन संरचनाओं से प्रेरित हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियंता का अर्थ है आरंभकर्ता और हमारे इंजीनियर शुभारंभकर्ता हैं। सृष्टि का सबसे बड़ा अभियंता ईश्वर है, उन्होंने ही यह संसार रचा है। सृष्टि की इस संरचाना के संचालन को अभियंताओं ने ही संभव बनाया है। भारतीय ज्ञान परम्परा में हमें कई अभियंताओं के योगदान की जानकारी प्राप्त होती है। भगवान विश्वकर्मा को तकनीक और अभियांत्रिकी का आराध्य माना जाता है। भारतीय संसद के दोनों भवन भी मध्यप्रदेश की प्राचीन संरचनाओं से प्रेरित हैं। इंजीनियर्स एक प्रकार से हनुमान जी के समान है, जो कठिन से कठिन कार्य को सरल बनाने की क्षमता और योग्यता रखते हैं। सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने 20वीं शताब्दी में देश के कठिन समय में अभियांत्रिकी के नए कीर्तिमान गढ़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु के योगदान का भी स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मानित होने वाले सभी अभियंताओं और संविदाकारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
सर विश्वेश्वरैया को भारतीय अभियंता समाज का सदैव मार्गदर्शक माना जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान अभियंता, आधुनिक भारत के विश्वकर्मा, 'भारत रत्न' डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने तकनीक को विकास और जनकल्याण का सशक्त माध्यम बनाया। उनके योगदान से देश को विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग दृष्टिकोण प्राप्त हुआ। सर विश्वेश्वरैया को भारतीय अभियंता समाज का सदैव मार्गदर्शक माना जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वेश्वरैया की दूरदर्शिता, परिश्रम एवं अभियांत्रिकी कौशल, सशक्त व समृद्ध राष्ट्र निर्माण के संकल्प के लिए प्रेरणादायी है।
दो डिजीटल प्लेटफार्म का लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के दो महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म "लोक निर्माण सर्वेक्षण ऐप" और लोक परियोजना प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग की उपलब्धियों, योजनाओं और नवाचारों पर केंद्रित विभाग के न्यूज लेटर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट और गुणवत्तापूर्ण कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं और संविदाकारों का सम्मान किया। इसके अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के सुनील कौरव तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, बुधनी, प्रीति यादव एवं प्रमेश कोरी सहायक यंत्री जबलपुर, संजीव कालरा सहायक यंत्री (भवन) रीवा, सुभुवना जोशी अनुविभागीय अधिकारी सेतु उपसंभाग शिवपुरी, राजीव श्रीवास्तव महाप्रबंधक एमपीआरडीसी, ग्वालियर, दीपक शर्मा सहायक महाप्रबंधक एमपीआरडीसी, उज्जैन तथा विक्रम सोनी, उप महाप्रबंधक मध्यप्रदेश बिल्डिंग कॉरपोरेशन, भोपाल को मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार मेसर्स एनसीसी लिमिटेड हैदराबाद, मेसर्स निविक कंस्ट्रक्शन, मेसर्स रानीघाटी इन्फ्राटेक प्रा.लि. गुरूग्राम, मेसर्स हरगोविन्द गुप्ता छतरपुर को विश्वकर्मा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। रानी दुर्गावती पर्यावरण हितैषी पुरस्कार डॉ. दीपक पाण्डेय को प्रदान किया गया।
नियमित निरीक्षण व्यवस्था से पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि हुई : मंत्री राकेश सिंह
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया केवल महान अभियंता ही नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी समाज सुधारक भी थे। उन्होंने सदैव यह संदेश दिया कि अभियंता का दायित्व केवल संरचनाएँ खड़ी करना नहीं, बल्कि एक सशक्त और बेहतर समाज का निर्माण करना भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ने आधारभूत संरचना के विकास में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यह पहल न केवल तकनीकी उन्नति की दिशा में एक कदम है, बल्कि जनसुलभता और पारदर्शिता को भी मजबूत बनाने का प्रयास है।
अभियंता राष्ट्र निर्माण की धुरी हैं
प्रसिद्ध इंजीनियर एवं लेखक प्रशांत पॉल ने अभियंताओं के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया। उन्होंने प्राचीन भारत की इंजीनियरिंग परंपराओं का उल्लेख करते हुए बताया कि हजारों वर्ष पहले हमारे पूर्वजों ने ऐसे चमत्कारिक निर्माण किए जिनकी मिसाल आज भी दुनिया देती है। चाहे वह विशाल मंदिर हों, उन्नत जल प्रबंधन प्रणालियाँ हों या खेल संरचनाएँ। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया के सबसे पुराने स्टेडियम और जटिल हाइड्रो पावर प्रणालियाँ भारत में विकसित की गईं। राजा भोज जैसे महान शासकों ने जिस वैज्ञानिक दृष्टि से नगरों और संरचनाओं का निर्माण कराया, वह आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
सर विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय विचारों से ओतप्रोत थे
कार्यक्रम को प्रमुख सचिव लोक निमार्ण सुखवीर सिंह ने संबोधित किया। मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग संजय मसके ने सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में तिगरा बांध के निर्माण में सर विश्वेश्वरैया की महत्वपूर्ण भूमिका बताया। उन्होंने देश में अधोसंरचना विकास में कई उल्लेखनीय कार्य किए। सर विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय विचारों से ओतप्रोत थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन में भारतीयों की उपेक्षा के कारण इंजीनियर की शासकीय नौकरी से त्यागपत्र दे दिया था। सर विश्वेश्वरैया ने जीवन में कभी स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
"स्वस्थ नारी सशक्त परिवार" अभियान महत्वपूर्ण
15 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार" अभियान का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश से करेंगे। अभियान में महिलाओं का सम्पूर्ण स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 20 हज़ार से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाये जाएँगे। इन शिविरों में निःशुल्क जाँच और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जायेंगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है और एक चुनौती भी है। मध्यप्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में विगत वर्षों में सकारात्मक सुधार हुआ है। अभी भी हमें लंबी दूरी तय करनी है और इसके लिए आवश्यक है कि हर ज़िला, हर विकास खंड, प्रत्येक स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूरे मनोयोग से संकल्प लेकर प्रयास करे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता सुनिश्चित की जाये, ताकि अभियान का लाभ अधिक से अधिक नागरिक उठा सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सोमवार को निवास कार्यालय भोपाल से वीसी के माध्यम से 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार' अभियान की तैयारियों की समीक्षा की।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि "स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार" अभियान की सफलता के लिए सबको मिलकर कार्य करना होगा। अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा एवं एएनएम घर-घर जाकर परिवारों को अभियान के उद्देश्य से अवगत कराएँ। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संगठनों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की सक्रिय सहभागिता इस अभियान की सफलता की कुंजी है, उन्हें अभियान में सहभागी बनाया जाए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर निर्धारित पोर्टल्स और ऐप्स पर समयबद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। हम सबका समन्वित और समर्पित प्रयास इस जनकल्याणकारी अभियान को सफल बनाएगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित मेडिकल कॉलेज के डीन, समस्त जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन वीसी के माध्यम से और विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा यादव ने बताया कि "स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार" अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी चुनौतियों की पहचान कर उनका त्वरित समाधान करना है। इसके अंतर्गत मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, अनमोल 2.0 में प्रविष्टि, टीकाकरण स्तर की समीक्षा और छूटे हुए टीकाकरण को पूरा किया जाएगा। किशोरियों में एनीमिया स्क्रीनिंग, उपचार और आहार संबंधी परामर्श पर विशेष बल दिया जाएगा। साथ ही किशोरियों और महिलाओं को पोषण एवं मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी जानकारी दी जाएगी।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे सम्मानित
एमडी एनएचएम डॉ. सिडाना ने बताया कि अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 ज़िले, 5 विकासखंड, 15 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 10 अशासकीय संगठनों को सम्मानित किया जाएगा।
गैर-संचारी एवं संचारी रोगों की स्क्रीनिंग
अभियान में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुख–स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर, एनीमिया और सिकल सेल रोग जैसी गैर-संचारी बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही क्षय रोग और कुष्ठ रोग जैसे संचारी रोगों की स्क्रीनिंग व इलाज की भी व्यवस्था होगी। मानसिक स्वास्थ्य, मोतियाबिंद, कांचबिंद, दंत रोग और श्रवण विकारों की जांच भी इस पहल का हिस्सा है। अभियान में रोग निदान शिविर और रक्तदान शिविर जिला अस्पतालों एवं संग्रहण रक्त केन्द्रों में आयोजित होंगे। सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में विशेषज्ञता शिविर और जागरूकता कार्यक्रम होंगे। आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उप-स्वास्थ्य केन्द्र, शहरी एवं ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक/पॉली क्लीनिक में स्क्रीनिंग एवं निदान सेवाएँ प्रदान की जाएंगी।
सही पोषण की दी जायेगी जानकारी, वेलनेस गतिविधियों का होगा आयोजन
ईट-राइट अभियान, पोषण माह गतिविधियाँ और योग जैसे वेलनेस कार्यक्रम भी संचालित होंगे। खाद्य तेल की खपत 10 प्रतिशत कम करने जैसे व्यवहार परिवर्तन पर भी विशेष ध्यान रहेगा।
क्षय रोग उन्मूलन के होंगे सशक्त प्रयास
अभियान में क्षय रोग उन्मूलन के लिए निःक्षय मित्र चिन्हांकन किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों, शासकीय-अशासकीय संगठनों, उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कॉर्पोरेट समूहों को टीबी रोगियों को गोद लेकर उनके पोषण, देखभाल और भावनात्मक सहयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। इसके तहत फूड बास्केट का वितरण भी किया जाएगा। संभावित रोगियों की स्क्रीनिंग एक्स-रे और नाट टेस्टिंग के माध्यम से होगी।
प्रदेशव्यापी रक्तदान शिविर होंगे आयोजित
17 सितम्बर 2025 को विशेष स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का आयोजन होगा। सभी रक्त संग्रहण केन्द्रों और अन्य शिविर स्थलों पर 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक रक्तदान शिविर संचालित किए जाएंगे। ई-रक्तकोष पोर्टल पर अधिक से अधिक रक्तदाताओं का पंजीयन और शपथ दिलाई जाएगी। इस गतिविधि में रेडक्रॉस सोसायटी, राष्ट्रीय सेवा योजना, जनअभियान परिषद, स्काउट-गाइड और अन्य स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इंदौर के सांदीपनि मालव कन्या विद्यालय को मिला एक्सीलेंस स्कूल अवार्ड
15 Sep, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सांदीपनि मालव कन्या विद्यालय इंदौर ने फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) का एक्सीलेंस राष्ट्रीय स्तर का स्कूल अवार्ड जीता है। अलायंस फॉर री-इमेजिनिंग स्कूल एजुकेशन अवार्ड (अराइज) फिक्की का प्रतिष्ठित अवार्ड है।
विद्यालय को अवार्ड बच्चों में अकादमिक विषयों से आगे बढ़कर भविष्य के लिये स्किल्स डेव्हलपमेंट के क्षेत्र में नवाचार किये जाने केलिये दिया गया है। विद्यालय के बच्चों को कम्प्यूटर में कोडिंग सिखाई जा रही है। इसी के साथ कम्युनिकेशन और क्रिएटिव की नई तकनीक सिखाई जा रही है। सरकारी स्कूल के बच्चों में स्किल डेवलप कर भविष्य के लिये तैयार किया जा रहा है। नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में हुए कार्यक्रम में अनेक शिक्षाविद् के साथ हाल ही में भारत से स्पेस स्टेशन पर गये ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी मौजूद थे।
प्रदेश के लिये गौरव की बात है कि देश के एक हजार स्कूलों में इंदौर के सांदीपनि विद्यालय ने अपने नवाचार कार्यक्रम के जरिये यह पुरस्कार जीता है। पुरस्कार प्राचार्य श्री रामकृष्ण कोरी और उनकी टीम ने प्राप्त किया। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पीपल फाउंडेशन की मदद से बच्चों में कम्प्यूटर में दक्षता के लिये यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ज्यूरी सदस्यों में केन्द्र सरकार की पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर एजुकेशन के चेयर पर्सन प्रो. पंकज अरोरा भी शामिल थे।
जैसे मां के चरणों में चारधाम, वैसे ही मातृभाषा की गोद में आनंदधाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
15 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां और मातृभाषा से ऊपर दूसरा कोई नहीं है। मां और मातृभाषा ही हमारी सबसे बड़ी पालक हैं। इनका स्थान कोई नहीं ले सकता है, जैसे मां के चरणों में चारधाम है, उसी प्रकार मातृभाषा की गोद में आनंदधाम है। जितना सटीक हमारी मातृभाषा का व्याकरण है, उतना ही समृद्ध हिन्दी साहित्य है। उन्होंने कहा कि 52 वर्णों में गुंथी हुई हिन्दी की वर्णमाला ही हमारी पहली पाठशाला है। जो अ से अनपढ़ बच्चे की अंगुली पकड़कर ज्ञ से ज्ञानी बना दे, वही हिन्दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हिन्दी विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। अंग्रेजी और मंदारिन के बाद हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। हिन्दी हमारी संस्कृति को जोड़ती है। हिन्दी के बिना हमारा साहित्य, हमारी भावनाएं और हमारी संवेदनाएं यकीनन अधूरी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में हिन्दी दिवस के अनुक्रम में आयोजित भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में हिन्दी साहित्य लेखन और हिंदी के व्यापक स्तर पर लोकव्यापीकरण में योगदान देने वाले देश-विदेश के हिन्दी के 10 मूर्धन्य साहित्यकारों को विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी भाषा सम्मानों से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न साहित्यिक पुस्तकों का विमोचन/लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम के दौरान ही महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित विक्रमोत्सव 2025 को एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में वॉव अवार्ड एशिया की टीम द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सम्मान स्वरूप गोल्ड अवार्ड भेंट किया गया। कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण अभियान अंतर्गत देश हित में द सूत्र का अभियान Be इंडियन, Buy इंडियन, हमारी-लक्ष्मी-हमारे पास का शुभारंभ किया गया। आरएनटीयू के विश्व हिंदी ओलंपियाड एवं विश्वरंग के पोस्टर का लोकार्पण भी इस अवसर पर किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज ही अभियंता दिवस भी मनाया गया है। उन्होंने सभी को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत एकमात्र देश है, जहां सर्वाधिक मातृभाषा हिंदी बोली जाती है। भगवान श्रीराम ने हजारों साल पहले मातृभाषा की गरिमा का उल्लेख किया था। आल्हा-ऊदल के महाकाव्य में हिंदी की सुंदरता देखने को मिलती है। रानी लक्ष्मीबाई और रानी दुर्गावती पर काव्य लिखकर इसे पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। राजाभोज के काल में कविता के रचनाकारों को स्वर्ण मुद्राएं देकर सम्मानित किया जाता था। महाकवि कालिदास की रचनाओं से मालवी, भीली, कोरकू जैसी अनेक भाषाएं निकली हैं। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने हिंदी काव्य रचनाओं को अलग स्थान दिलाया। उन्होंने 50 वर्ष के राजनीतिक जीवन में सर्वाधिक समय नेता प्रतिपक्ष के पद को सुशोभित किया। वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के हर बड़े मंच पर हिंदी भाषा में संबोधन के जरिए भारत को गौरवान्वित करते हैं। उनके पहुंचने मात्र से ही मंच प्रकाशमय हो जाता है।
कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि हिंदी विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में तीसरे स्थान पर है। हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना और हमारे विचारों को दर्शाने वाली भाषा है। सभी सम्मानित 10 विभूतियों को मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से बधाई देता हूं। हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में कराने की शुरुआत हुई है।
आरएनटीयू के कुलगुरु डॉ. संतोष चौबे ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा कला, संस्कृति के क्षेत्र में शुरू हुए कार्य देशभर में पहचान बना रहे हैं। विश्वरंग दुनिया के कई देशों तक फैल चुका है। मॉरीशस सहित अनेक देशों में हिंदी पढ़ाई जाती है। विश्व हिंदी ओलंपियाड 50 देशों में आयोजित हो रहा है और करीब 4 से 5 लाख लोग इसमें शामिल होंगे। विश्वरंग का समापन श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम मुख्यमंत्री जी को विश्व हिंदी ओलंपियाड के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करते हैं।
अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि भारतीय भाषा अनुष्ठान हिंदी के सम्मान का एक उल्लास पर्व है। मध्यप्रदेश सरकार हिंदी को सर्वोच्च स्थान दिलाने में योगदान करने वाली विभूतियों, लेखकों, साहित्यकारों और रचनाकारों को सम्मानित कर स्वयं गौरवान्वित हो रही है।
सम्मान एवं अलंकरण
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन 10 विभूतियों को विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी भाषा सम्मान से अलंकृत किया।
राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान
प्रशांत पोळ-जबलपुर (2024)
लोकेन्द्र सिंह राजपूत- भोपाल (2025)
राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान
सुरीता कौशल-ऑस्ट्रेलिया (2024)
डॉ. वंदना मुकेश- इंग्लैण्ड (2025)
राष्ट्रीय फादर कामिल बुल्के सम्मान
डॉ. इंदिरा गाजिएवा-रूस (2024)
पदमा जोसेफिन वीरसिंघे (2025)
राष्ट्रीय गुणाकर मुले सम्मान
डॉ. राधेश्याम नापित-शहडोल (2024)
डॉ. सदानंद दामोदर सप्रे-भोपाल (2025)
राष्ट्रीय हिन्दी सेवा सम्मान
डॉ. के.सी. अजय कुमार-तिरुवनंतपुरम् (2024)
डॉ. विनोद बब्बर-दिल्ली (2025)
साहित्यिक पुस्तकों/प्रकाशनों का हुआ लोकार्पण/विमोचन
भारतीय भाषा आलोक - राजेश्वर त्रिवेदी
समाज की भाषा का संकल्प - विजयदत्त श्रीधर
भोजपुरी प्रतिभाएं - डॉ. धर्मेन्द्र पारे
शिवगीता, दत्तात्रेयगीता, कपिलगीता, अवधूतगीता, भागवतगीता, यमगीता, हरिहरगीता, भृगुगीता, श्रीकृष्ण चरित्र - बंकिमचन्द्रम चट्टोपाध्याय
श्रीराधा द्वापर युग की महानायिका - अशोक शर्मा एवं
लोक में वेदांत - डॉ. सरोज गुप्ता
कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, विधायक भगवानदास सबनानी, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी, संचालक संस्कृति एमपी नामदेव, वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी सहित सम्मानित हुए साहित्यकारों के परिजन, विद्वतजन सहित बड़ी संख्या में हिंदी भाषा एवं साहित्य के सुधिजन और संस्कृति प्रेमी उपस्थित थे।
जैसे मां के चरणों में चारधाम है, वैसे ही मातृभाषा की गोद में आनंदधाम है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
15 Sep, 2025 08:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल जी और प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वैश्विक मंचों पर बढ़ाया है हिन्दी का मान
वॉव अवार्ड एशियन टीम द्वारा मुख्यंमंत्री डॉ. यादव को सौंपा गया गोल्ड अवार्ड
हिन्दी साहित्य लेखन के लिए 10 मूर्धन्य साहित्यकार राष्ट्रीय हिंदी भाषा सम्मान से अलंकृत
रविन्द्र भवन में हुआ भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान कार्यक्रम
भोपाल : 15 सितम्बर, 2025। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां और मातृभाषा से आगे दूसरा कोई नहीं है। मां और मातृभाषा ही हमारी सबसे बड़ी पालक हैं। इनका स्थान कोई नहीं ले सकता है, जैसे मां के चरणों में चारधाम है, उसी प्रकार मातृभाषा की गोद में आनंदधाम है। जितना सटीक हमारी मातृभाषा का व्याकरण है, उतना ही समृद्ध है हिन्दी साहित्य। उन्होंने कहा कि 52 वर्णों में गुंथी हुई हिन्दी की वर्णमाला ही हमारी पहली पाठशाला है। जो अ से अनपढ़ बच्चे की अंगुली पकड़कर ज्ञ से ज्ञानी बना दे, वही हिन्दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। अंग्रेजी और मंदारिन के बाद हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। हिन्दी हमारी संस्कृति को जोड़ती है। हिन्दी के बिना हमारा साहित्य, हमारी भावनाएं और हमारी संवेदनाएं यकीनन अधूरी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रविन्द्र भवन के हंसध्वञनि सभागार में हिन्दी दिवस (14 सितम्बर) के अनुक्रम में आयोजित भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में हिन्दी साहित्य लेखन और हिंदी के व्यापक स्तर पर लोकव्यापीकरण में योगदान देने वाले देश-विदेश के हिन्दी के 10 मूर्धन्य साहित्यकारों को विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी भाषा सम्मानों से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न साहित्यिक पुस्तकों का विमोचन/लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम के दौरान ही महाराजा विक्रमादित्य् शोधपीठ द्वारा आयोजित विक्रमोत्सरव 2025 को एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में वॉव अवार्ड एशिया की टीम द्वारा मुख्यिमंत्री डॉ. यादव को सम्माानस्वरूप गोल्डो अवार्ड भेंट किया गया। कार्यक्रम में स्वददेशी जागरण अभियान अंतर्गत देश हित में द सूत्र का अभियान Be इंडियन, Buy इंडियन, हमारी-लक्ष्मीट-हमारे पास का शुभारंभ किया गया। आरएनटीयू के विश्व हिंदी ओलंपियाड एवं विश्वरंग के पोस्टर का लोकार्पण भी इस अवसर पर किया गया।
मुख्यसमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज ही अभियंता दिवस भी मनाया गया है। उन्होंने सभी को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत एकमात्र देश है, जहां सर्वाधिक मातृभाषा हिंदी बोली जाती है। भगवान श्रीराम ने हजारों साल पहले मातृभाषा की गरिमा का उल्लेख किया था। आल्हा-ऊदल के महाकाव्य में हिंदी की सुंदरता देखने को मिलती है। रानी लक्ष्मीबाई और रानी दुर्गावती पर काव्य लिखकर इसे पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। राजाभोज के काल में कविता के रचनाकारों को स्वर्ण मुद्राएं देकर सम्मानित किया जाता था। महाकवि कालिदास की रचनाओं से मालवी, भीली, कोरकू जैसी अनेक भाषाएं निकली हैं। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने हिंदी काव्य रचनाओं को अलग स्थान दिलाया। उन्होंने 50 वर्ष के राजनीतिक जीवन में सर्वाधिक समय नेता प्रतिपक्ष के पद को सुशोभित किया। वर्तमान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के हर बड़े मंच पर हिंदी भाषा में संबोधित के जरिए भारत को गौरवान्वित करते हैं। उनके पहुंचने मात्र से ही मंच प्रकाशमय हो जाता है। कार्यक्रम में संस्कृतति एवं पर्यटन राज्यामंत्री (स्वातंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि हिंदी विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में तीसरे स्थान पर है। हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना और हमारे विचारों को दर्शाने वाली भाषा है। सभी सम्मानित 10 विभूतियों को मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से बधाई देता हूं। हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में कराने की शुरुआत हुई है। आरएनटीयू के कुलगुरु डॉ. संतोष चौबे ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा कला, संस्कृति के क्षेत्र में शुरू हुए कार्य देशभर में पहचान बना रहे हैं। विश्वरंग दुनिया के कई देशों तक फैल चुका है। कई मॉरीशस सहित अनेक देशों में हिंदी पढ़ाई जाती है। विश्व हिंदी ओलंपियाड 50 देशों में आयोजित हो रहा है और करीब 4 से 5 लाख लोग इसमें शामिल होंगे। विश्वरंग का समापन श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम मुख्यमंत्री जी को विश्व हिंदी ओलंपियाड के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करते हैं। अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि भारतीय भाषा अनुष्ठान हिंदी के सम्मान का एक उल्लास पर्व है। मध्यप्रदेश सरकार हिंदी को सर्वोच्च स्थान दिलाने में योगदान करने वाली विभूतियों, लेखकों, साहित्यकारों और रचनाकारों को सम्मानित कर स्वयं गौरवान्वित हो रही है। सम्मान एवं अलंकरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन 10 विभूतियों को विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी भाषा सम्मान से अलंकृत किया।
राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान
श्री प्रशांत पोळ-जबलपुर (2024)
श्री लोकेन्द्र सिंह राजपूत- भोपाल (2025)
राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान
सुश्री रीता कौशल-ऑस्ट्रेलिया (2024)
डॉ. वंदना मुकेश- इंग्लैण्ड (2025)
राष्ट्रीय फादर कामिल बुल्के सम्मान
डॉ. इंदिरा गाजिएवा-रूस (2024)
श्रीमती पदमा जोसेफिन वीरसिंघे (2025)
राष्ट्रीय गुणाकर मुले सम्मान
डॉ. राधेश्याम नापित-शहडोल (2024)
डॉ. सदानंद दामोदर सप्रे-भोपाल (2025)
राष्ट्रीय हिन्दी सेवा सम्मान
डॉ. के.सी. अजय कुमार-तिरुवनंतपुरम् (2024)
डॉ. विनोद बब्बर-दिल्ली (2025)
इन साहित्यिक पुस्तकों/प्रकाशनों का हुआ लोकार्पण/विमोचन
भारतीय भाषा आलोक - श्री राजेश्वर त्रिवेदी
समाज की भाषा का संकल्प(पोस्टर) - श्री विजयदत्त श्रीधर
भोजपुरी प्रतिभाएं - डॉ. पूजा शुक्ला
शिवगीता, दत्तात्रेयगीता, कपिलगीता, अवधूतगीता, भागवतगीता, यमगीता, हरिहरगीता, भृगुगीता
श्रीकृष्ण चरित्र - श्री बंकिमचन्द्रम चट्टोपाध्याय
श्रीराधा द्वापर युग की महानायिका - श्री अशोक शर्मा एवं
लोक में वेदांत - डॉ. सरोज गुप्ता
कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री विजय मनोहर तिवारी, संचालक संस्कृति श्री एमपी नामदेव, वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी सहित सम्मानित हुए साहित्यकारों के परिजन, विद्वतजन सहित बड़ी संख्या में हिंदी भाषा एवं साहित्य के सुधिजन तथा संस्कृति प्रेमी उपस्थित थे।
खून से लिखेंगे पीएम को पत्र, 7 दिन में समाधान की दी चेतावनी
15 Sep, 2025 08:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है। मजबूर कर्मचारियों ने अब आंदोलन करने की चेतावनी दी है। साथ ही सोमवार से कर्मचारी एक सप्ताह तक अलग-अलग जिलों में अपने खून से प्रधानमंत्री और भारत सरकार को पत्र लिखकर अपनी मांग उठाएंगे।
मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों को कई जिलों में वेतन नहीं मिल पा रहा है। नेताओं से लेकर अधिकारियों तक लगातार चक्कर काटने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूर कर्मचारी अब प्रदेश की राजधानी भोपाल में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। साथ ही कर्मचारियों ने कहा है कि वह सोमवार से एक सप्ताह तक अलग-अलग जिलों में अपने खून से प्रधानमंत्री और भारत सरकार को पत्र लिखकर अपनी संवेदना व्यक्त करेंगे। जिसमें उत्तर प्रदेश की तरह नीति तैयार करने सहित अन्य प्रमुख मांगें उठाएंगे।
अलग-अलग दिया जा रहा वेतन
बता दें कि प्रदेश में करीब 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आउटसोर्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि निजी आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा सभी जिलों में मनमर्जी अनुसार अलग-अलग वेतन दिया जा रहा है। पिछले 8 वर्षों से प्रदेश के सभी जिलों में निजी आउट सोर्स एजेंसियों द्वारा श्रम विभाग द्वारा निर्धारित वेतन नहीं दिया गया। और 4 से 6 माह वेतन भुगतान नहीं किया जाता है। केवल 60 से 70% वेतन दिया जाता है। फिर भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एव सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षकों द्वारा निजी आउटसोर्स कंपनियों को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि निजी फायदे को देखते हुए निरंतर नियम विरोध अनुबंध किया जा रहे हैं। जिसमें श्रम विभाग के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
कंपनियों पर करोड़ों के घोटाला का आरोप
कोमल सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा है कि आउटसोर्स कर्मचारी के वेतन के नाम पर निजी आउटसोर्स कंपनियों द्वारा करोड़ों रुपए का घोटाला किया जा रहा है। जिसको लेकर संगठन द्वारा निरंतर मांग की गई की कोषालय अधिकारी द्वारा जांच कराई जाए। लेकिन आज तक कोई जांच नहीं कराई गई। जिससे निजी कंपनियों के हौसले पूरी तरह से बुलंद है।
इन जिलों में नहीं हुआ वेतन का भुगतान
1. जिला श्योपुर में 11 माह से वेतन नहीं दिया गया है .
2. जिला कटनी में 6 माह से वेतन नहीं दिया गया है ।
3. जिला जबलपुर में 3 माह से वेतन नहीं दिया गया ।
4. जिला मुरैना में 2 माह से वेतन नहीं दिया गया ।
5. जिला सागर में 4 माह से वेतन नहीं दिया गया ।
6. जिला शहडोल में 5 माह से वेतन नहीं दिया गया।
7. जिला उज्जैन महिदपुर ब्लॉक में 7 माह से वेतन नहीं दिया गया।
8. जिला सीधी में 4 माह से वेतन नहीं दिया गया है।
9. जिला नर्मदा पुरम में 2 माह से वेतन नहीं दिया गया है।
7 दिन में संज्ञान नहीं लिया तो होगा उग्र आंदोलन
कोमल सिंह ने कहा है कि विगत 8 वर्षों से प्रदेश के सभी जिलों में निजी आउटसोर्स कंपनियों द्वारा बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। आउटसोर्स श्रमिकों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। जिस पर संज्ञान लिया जाए निजी आउटसोर्स एजेंसियों की निष्पक्ष कोषालय अधिकारी से जॉच कराकर दोषी अधिकारियों एवं निजी कंपनियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और ब्लैक लिस्ट किया जाए। आउटसोर्स कर्मचारी के परिवारों के रोजी-रोटी का भरण पोषण को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा सीधा खातों में भुगतान कराया जाए। या उत्तर प्रदेश शासन की तरह नीति तैयार की जाए। सात दिवस में विभाग द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया जाता है तो संघ द्वारा बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिसकी जवाबदारी शासन एवं विभाग की होगी।
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में अब केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियां और साइकिल से होगा सफर
15 Sep, 2025 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान को अब पूरी तरह से नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। अब उद्यान में पर्यटक अपने निजी दोपहिया या चारपहिया वाहन लेकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके स्थान पर वे केवल उद्यान प्रबंधन की इलेक्ट्रिक गाड़ियों और साइकिल से ही भ्रमण कर पाएंगे।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को सुरक्षित रखने और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लिया गया है। इसके लिए वन विहार प्रबंधन ने 40 नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां मंगाई हैं, जिनके जरिए जल्द ही पर्यटन की सुविधा शुरू की जाएगी।
यह कदम मध्य प्रदेश में पहली बार उठाया गया है, जब किसी राष्ट्रीय उद्यान में केवल इलेक्ट्रिक वाहन चलाए जाएंगे। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और पर्यटकों को भी प्रदूषण मुक्त अनुभव।
ऑपरेशन रैट किल’ शुरू: डॉक्टरों को पकड़ने का दिया टास्क
15 Sep, 2025 02:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर। इंदौर के महाराजा यशवंतराव होलकर (एमवाय) अस्पताल में चूहों के काटने से दो नवजातों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने कलेक्टर को नोटिस जारी कर 3 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। यह कार्रवाई यूरेशिया-अफ्रीका वाणिज्य मंडल के वैश्विक अध्यक्ष डॉ. रोहित गुप्ता की शिकायत के आधार पर की गई। इससे पहले मध्य प्रदेश जन स्वास्थ्य अभियान ने भी आयोग से शिकायत की थी।
हाई कोर्ट में आज पेश होगी रिपोर्ट
मामले का संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सरकार को नोटिस देकर जवाब मांगा था। कोर्ट ने 5 दिन का समय दिया था, जिसकी अवधि सोमवार (15 सितंबर) को पूरी हो रही है। न्यायमूर्ति विवेक रुसिया और न्यायमूर्ति जे.के. पिल्लई की डबल बेंच ने इसे मौलिक अधिकार और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना था। कोर्ट ने पूछा है कि अब तक क्या कार्रवाई हुई, जिम्मेदारों पर क्या एक्शन लिया गया और अस्पताल की मौजूदा स्थिति क्या है।
अस्पताल में ‘ऑपरेशन रैट किल’ शुरू
घटना के बाद एमवाय अस्पताल प्रबंधन ने ‘ऑपरेशन रैट किल’ शुरू कर दिया है। डॉक्टर महेश कछारिया को असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट बनाकर पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है। चूहों को पकड़ने के लिए पिंजरे, स्ट्रॉन्ग ग्लू ट्रैप और दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। डॉक्टर्स को हर 24 घंटे में पकड़े गए चूहों की रिपोर्ट भी देनी होगी।
कार्रवाई: HoD हटाए गए, कंपनी पर जुर्माना
सरकार ने लापरवाही मानते हुए डॉक्टर मनोज जोशी को निलंबित कर दिया है और पीडियाट्रिक विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HoD) को पद से हटा दिया गया है। अस्पताल की साफ-सफाई और रखरखाव की जिम्मेदार कंपनी एजाइल पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का अनुरोध किया गया है।
लव जिहाद आरोपी फरहान का घर हथौड़ों से ढहाने की तैयारी, पुलिस बल रहेगा तैनात
15 Sep, 2025 12:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लव जिहाद मामले के मुख्य आरोपी फरहान के घर पर जिला प्रशासन कार्रवाई की तैयारी में है। संकरी गली में बने मकान तक बुलडोज़र नहीं पहुंच सकता, इसलिए घर को हथौड़ों से तोड़ा जाएगा।
जिला प्रशासन ने 13 सितंबर को आरोपी साद, साहिल और फरहान को नोटिस भेजा था। साद और साहिल के घरों पर पहले ही बुलडोज़र चल चुका है, लेकिन फरहान को जिला कोर्ट से स्टे मिल गया था। अब प्रशासन हाई कोर्ट में जाकर स्टे हटवाने की तैयारी कर रहा है।
कोर्ट में मामला
13 सितंबर को प्रशासन ने अर्जुन नगर स्थित साद और साहिल के घरों को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहा दिया था। तीसरे आरोपी फरहान की कोर्ट पेशी और स्टे आदेश के कारण उस पर कार्रवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने कलेक्टर और एसडीएम से जवाब मांगा था। अब हाई कोर्ट से स्टे हटने के बाद फरहान के घर पर भी कार्रवाई होगी।
फरहान के पिता का आरोप
आरोपी फरहान के पिता रिज़वान ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने उनसे 10 लाख रुपये मांगे थे। वे सिर्फ 2 लाख रुपये ही दे पाए, शेष 8 लाख रुपये की व्यवस्था नहीं कर सके। उनका आरोप है कि पुलिस ने 15 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की और बाद में मिसरोद थाने में FIR दर्ज की।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला भोपाल के एक निजी कॉलेज का है, जहां छात्राओं के साथ दुष्कर्म कर उनके वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। इसमें फरहान, साद, साहिल के अलावा नबील, अली और अबरार भी शामिल हैं। फरहान को इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड बताया गया है। नबील बिहार और अबरार कोलकाता का रहने वाला है, दोनों की तलाश जारी है।
सिंगरौली में 2 नाबालिग बहनों संग दरिंदगी, जंगल में घसीट ले गए 3 आरोपी
15 Sep, 2025 10:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिंगरौली: मध्य प्रदेश की ऊर्जाधानी के नाम से मशहूर सिंगरौली से दरिंदगी का मामला सामने आया है. यहां शनिवार को बाइक सवार अज्ञात 3 युवकों ने 2 नाबालिग लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है. वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और उसके बाद ओडगढ़ी जंगल में हैवानियत की घटना को अंजाम दिया. इसके बाद तीनों आरोपी लड़कियों के मोबाइल फोन छीन कर वहां से फरार हो गए. लड़कियों ने ग्रामीणों की मदद से बरगवां थाने में सूचना दी.
2 बालिकाओं संग हुई घिनौनी हरकत
मोरवा एसडीओपी गौरव पांडे से मिली जानकारी के अनुसार,"दोनों नाबालिग लड़कियां अपने रिश्तेदार के साथ बाइक पर सवार होकर मौसी के घर जा रही थी. तभी बाइक सवार 3 युवक उनका पीछा करने लगे. जैसे ही लड़कियों की बाइक ओडगढी जंगल के पास सुनसान रास्ते पर पहुंची. बाइक सवार युवकों ने उनकी मोटरसाइकिल के सामने बाइक लगाकर रास्ता रोक दिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. इसके बाद तीनों युवक दोनों लड़कियों को जंगल की ओर खींच ले गए और बारी-बारी से उनके साथ दुष्कर्म किया. वारदात को अंजाम देकर तीनों युवक उनके मोबाइल फोन छीनकर वहां से फरार हो गए."
रिश्ते में बहन हैं दोनों बालिकाएं
वहीं स्थानीय लोगों की सूचना पर बरगवां थाना पुलिस घटना स्थल पर पहुंची, तो देखा कि दोनों लड़कियां बेहोशी की हालत में पड़ी हुई थी. पुलिस ने उन्हें तत्काल 112 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल बैढन पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ट्रामा सेंटर में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. उपचार के दौरान बालिकाओं ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उनकी उम्र 16 व 17 साल है. लड़कियों के बयान के आधार पर महिला थाना में बीएनएस की गंभीर धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. वारदात का शिकार हुईं दोनों नाबालिक लड़कियां रिश्ते में बहन लगती हैं.
तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों की संघन जांच शुरू कर दी. वहीं पुलिस ने बालिकाओं के बताए अनुसार हुलिया, तकनीकी टीम की मदद और स्थानीय लोगों की पूछताछ के आधार पर 3 संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. फिलहाल, पुलिस पकड़े गए तीनों संदिग्धों से गहनता से पूछताछ कर रही है. पुलिस जांच और पूछताछ के बाद कड़ी कार्रवाई की बात कर रही है. लेकिन इस घटना ने सिंगरौली जिले में डर का माहौल बनाकर रख दिया है.वहीं इस घटना से महिला सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं
कृषि आधारित उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए लगाएं बहुउद्देशीय कृषि मेले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
14 Sep, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग द्वारा आपसी तालमेल से बहुउद्देशीय कृषि मेले आयोजित किए जाएं। इन मेलों में किसानों को उनकी फसल सहित अन्य सहायक उत्पादों के लाभयुक्त विक्रय एवं मार्केटिंग की जानकारियां भी दी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले के भैंसोला गांव में निर्मित हो रहे पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने के साथ 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं 2 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रुचि व्यक्त की है। जिस तेजी से पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए कंपनियां आ रही हैं, यह हमें और बेहतर करने के लिए उत्साहित करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार की देर रात मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क बनने से मालवा क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित कपास की खपत लोकल लेवल पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और रॉ-मैटेरियल सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी। पीएम मित्रा पार्क प्रदेश के किसानों के लिए वरदान की तरह है। प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक सभी निवेशकों का सरकार पलक पावड़े बिछाकर स्वागत करेगी। हम निवेशकों को सभी जरूरी मदद और सहयोग भी उपलब्ध कराऐंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सार्वजनिक/लोक उपक्रमों में निजी भागीदारी से ही देश का विकास संभव है। पीएम मित्रा पार्क में निवेशकों द्वारा किए जाने वाले पूंजी निवेश से जितनी उच्च कोटि के परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं, हर संभव प्रयास कर हम यह करके दिखाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क का प्रचार-प्रसार इस तरह किया जाए कि प्रदेश में मौजूद सभी प्रकार के कृषि आधारित उद्योग को भी भरपूर प्रोत्साहन मिले।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में कुल 7 पीएम मित्रा पार्क मंजूर किए गए हैं। जहां दूसरे राज्य पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के लिए प्राथमिक तैयारियां ही कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से हमारी सरकार 17 सितंबर को धार जिले के भैंसोला गांव में देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन कराने जा रही है। उन्होंने कहा कि हम इसे देश का मॉडल पीएम मित्रा पार्क बनायेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क प्रदेश की कॉटन इंडस्ट्री को पुनर्स्थापित करेगा। यहां कपास से धागा, धागे से कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स, होजियरी आइटम्स सहित ऑल वेदर वियरिंग्स तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के बारे में प्रदेश के किसानों को हर तरीके से जानकारी दी जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि देश के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल पार्क (पीएम मित्रा पार्क) में भूमिपूजन होने से पहले ही लैंड एलॉटमेंट की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटन के लिए 114 कंपनियों के आवेदन मिले थे। इन कंपनियों ने पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने की प्रबल रुचि व्यक्त कर लैंड अलॉटमेंट के लिए के लिए आवेदन किया है। आवेदन करने वाली कंपनियों में से 91 कंपनियों के आवेदन मंजूर कर इन्हें लैंड एलॉटमेंट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क में लैंड अलॉटमेंट कमेटी द्वारा विभिन्न कंपनियों और निर्माण इकाइयों को कुल 1294.19 एकड़ भूमि आवंटित करने की अनुशंसा कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में अधोसंरचना विकास के लिए सभी जरूरी निर्माण कार्य जारी हैं। इन निर्माण कार्यों के साथ लैंड अलॉटमेंट पाने वाली कंपनियों द्वारा अपने कारखाने और निर्माण इकाइयां भी समानांतर रूप से निर्मित की जाएंगी। इससे आने वाले एक से डेढ़ साल के दौरान ही निवेशक कंपनियों की निर्माण इकाइयों में उत्पादन भी प्रारंभ हो जाएगा।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव वन, पर्यावरण अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय एवं ऊर्जा नीरज मंडलोई, सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास निशांत बरवड़े, आयुक्त जनसंपर्क दीपक कुमार सक्सेना सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
एमपी ट्रांसको के 412 सब स्टेस्शन में कैपेसिटर बैंक क्रियाशील : ऊर्जा मंत्री तोमर
14 Sep, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) अपने अधिकांश एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशनों में कैपेसिटर बैंकों की स्थापना कर चुकी है। कंपनी के 417 सबस्टेशन में से 412 सबस्टेशन में विभिन्न क्षमताओं के कैपेसिटर बैंक क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त पुराने सबस्टेशनों में भी आवश्यकता अनुसार नए कैपेसिटर बैंकों की स्थापना के साथ मौजूदा क्षमता में वृद्धि की जा रही है। उन्होंने एमपी ट्रांसको के इस अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज की गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
9278.5 एम.व्ही.ए.आर.की स्थापित क्षमता
वर्तमान में राज्य में स्थित एम.पी. ट्रांसको के 220 के.व्ही. सबस्टेशनों पर 145 के.व्ही. स्तर के 32 कैपेसिटर बैंक एवं 132 के.व्ही. सबस्टेशनों पर 36 के.व्ही. स्तर के 719 कैपेसिटर बैंक क्रियाशील हैं। कुल मिलाकर प्रदेश में एम.पी. ट्रांसको 751 कैपेसिटर बैंकों तथा 9278.5 एम.व्ही.ए.आर. की संयुक्त स्थापित क्षमता के साथ उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति उपलब्ध करा रही है।
52 पुराने कैपेसिटर बैंकों की क्षमता वृद्धि
ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश में 52 ऐसे पुराने कैपेसिटर बैंकों की पहचान की है, जिनकी समयावधि आयु पूर्ण हो चुकी है और वे अब अपेक्षित कैपेसिटिव लोड प्रदान करने में सक्षम नहीं हैं। इन सबस्टेशनों में अधिक एमवीएआर क्षमता के कैपेसिटर बैंकों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस आवश्यकता की पूर्ति के लिये कंपनी ने अभियान चलाकर इन स्थानों पर कैपेसिटर बैंकों का प्रतिस्थापन एवं क्षमता वृद्धि की जा रही है, ताकि एमपी ट्रांसकों के सभी सबस्टेशनों से गुणवत्तापूर्ण और मानक वोल्टेज में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
कैपेसिटर बैंक से मिलता है लाभ
एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों से विद्युत आपूर्ति के दौरान पॉवर ट्रांसफार्मर्स पर प्रायः इंडक्टिव लोड (सिंचाई मोटरें एवं घरेलू उपकरण) होता है, जिससे वोल्टेज में कमी आती है और विद्युत गुणवत्ता प्रभावित होती है। इस समस्या के समाधान के लिये कैपेसिटर बैंक लगाए जाते हैं, जो अपने कैपेसिटिव लोड के माध्यम से उस इंडक्टिव प्रभाव को संतुलित कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप पॉवर फैक्टर में सुधार होता है और उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति होती है।
भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थलों पर हम बना रहे हैं श्रीकृष्ण पाथेय तीर्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
14 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमारे पूर्वजों ने लोकतंत्र रूपी पौधे की जड़ों को इतनी खूबसूरती से सींचा है कि अब यह विशाल वटवृक्ष बन चुका है। भगवान श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक व्यवस्था के पक्षधर थे। उन्होंने अपने राजकाज में लोकतांत्रिक मूल्यों और सभी के विचारों को महत्व दिया। हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर ही चल रही है। उनके विचार हमारे लिए अमूल्य पूंजी और हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए मध्यप्रदेश एवं देश में उनकी लीला स्थलों को चिन्हित कर श्रीकृष्ण पाथेय विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को पटना (बिहार) में भगवान श्रीकृष्ण के विचारों का जन समरस 'सांस्कृतिक सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर की बिहार इकाई द्वारा आयोजित नियमित समाज सुधार श्रृंखला में भी सहभागिता की और समाज सुधार की दिशा में अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक सम्मेलन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण यदुकुल के महान गौरव हैं। वे योगीराज थे। सभी ललित कलाओं में निपूण थे। उन्होंने मात्र 11 साल की उम्र में कंस जैसे शक्तिशाली एवं आततायी राजा से युद्ध कर तत्समय लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व को गीता का ज्ञान देने वाले भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान में हमारी सरकार मध्यप्रदेश के हर नगरीय निकायों में गीता भवनों का निर्माण करने जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि के नाम पर हम मध्यप्रदेश में 300 से अधिक स्थानों पर सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना कर गुरुकुल शिक्षा पद्धति को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पाटलिपुत्र (पटना) और अवन्तिका (उज्जैन) देश के सबसे पुराने नगर हैं। कभी पाटलिपुत्र में सम्राट, तो अन्वतिका (उज्जैन) में युवराज विराजते थे। बौद्ध धर्म के विचारों का प्रवाह बिहार से ही पूरे विश्व में फैला। इस मायने में बिहार ने पूरे विश्व को शांति, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना की दिशा दी है। उन्होंने कहा कि भारत की मूल पहचान हमारी समृद्ध संस्कृति है। यदि आप विदेश में भारत का नाम लिए बगैर सिर्फ इतना कह दें कि आप राम-कृष्ण-बुद्ध की धरती से आएं हैं, तो भी विदेशी यह समझ जाएंगे कि हम भारतीय हैं। यही हमारी मूल पहचान है। उन्होंने कहा कि भगवान गोपाल श्रीकृष्ण की इस पावन धरती पर हम अपनी संस्कृति, अपने मूल्यों और अपने विचारों पर दृढ़ता से आगे बढ़ें, यही हमारा संकल्प होना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार राज्य के नागरिकों को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने हमारे प्रदेश में अपना बाल्यकाल बिताया। यहीं सांदीपनि आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। श्रीकृष्ण-सुदामा की अजर-अमर दोस्ती की नींव भी यहीं पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में हम परम सौभाग्यशाली हैं कि मध्यप्रदेश के कण-कण में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां और उनकी लीलाएं समाई हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबका समग्र विकास ही लोक कल्याणकारी राज्य का मूल उद्देश्य है। यह शासन का लक्ष्य भी है और कर्तव्य भी। सबके विकास की चिंता कर शासन की सुव्यवस्था (सुशासन) के जरिए हर जरूरतमंद को सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए मध्यप्रदेश तेजी से अग्रसर है। हम विरासत से विकास की अवधारणा को हृदय से आत्मसात कर देश के विकास में योगदान के लिए समर्पित हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान श्रीकृष्ण का पूजन कर सांस्कृतिक सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में बिहार राज्य के विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव, छत्तीसगढ़ राज्य के मंत्री हरिलाल यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामप्रकाश यादव, गजेन्द्र यादव, हंसराज यादव, अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांस्कृतिक सम्मेलन के सूत्रधार डॉ. अशोक यादव सहित बड़ी संख्या में यादव समाजजन उपस्थित थे।
शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति और विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण : उप मुख्यमंत्री देवड़ा
14 Sep, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति और विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटक है। ऐसे में जीनगर समाज द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिये किए जा रहे कार्य प्रशंसनीय और सराहनीय हैं। समाजहित में किये जा रहे इस कार्य में राज्य सरकार आपके साथ है।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने रविवार को भोपाल में अखिल भारतीय जीनगर समाज द्वारा आयोजित प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह में सहभागिता की। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया एवं उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा समाज बंधुओं को संबोधित किया। सामाजिक बंधुओं ने उप मुख्यमंत्री देवड़ा का भी सम्मान किया।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि समाज के बच्चों से मैं यह विशेष तौर पर कहना चाहता हूँ कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के लिए पूर्ण समर्पित और संकल्पित है। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रदेश में कचरे के निष्पादन के लिये नगरीय निकायों को किया जा रहा है प्रोत्साहित
14 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगरीय निकायों को कचरे के उचित निष्पादन के लिये लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। प्रदेश के अनेक नगरीय निकायों ने इस दिशा में अभिनव पहल भी की है। इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। भोपाल नगर निगम ने कपड़े के रूप में अपशिष्ट प्रबंधन के लिये पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मॉडल) टेक्सटाइल रिकवरी फेसिलिटी (टीआरएफ) सेंटर स्थापित किया है। यह पहल वस्त्र अपशिष्ट प्रबंधन और पुनर्चक्रण (रिसायकल) को बढ़ावा देने दी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नगर निगम भोपाल की इस परियोजना का संपूर्ण खर्च कंपनी द्वारा वहन किया गया है और लगभग 2 करोड़ रूपये की लागत से यह अत्याधुनिक प्लांट तैयार किया गया है। निगम को इसके एवज में प्रति माह 22 हजार रूपये की रायल्टी प्राप्त होगी। यह टीआरएफ यूनिट प्रति घंटा एक टन बेकार कपड़ा अपशिष्ट प्रोसेस करने की क्षमता रखता है। इस यूनिट में एकत्रित पुराने कपड़ों को छटाई और 7-स्टेज डीथ्रेडिंग यूनिट की आधुनिक प्रक्रिया से गुजार कर उच्च गुणवत्ता का कॉटन और फाइबर तैयार किया जा रहा है। इस प्लांट के सॉफ्ट टायज, किक बैग्स, क्रिकेट पैड्स, रंगीन कॉटन, सफेद कॉटन और पॉलीएस्टर फाइबर जैसे उपयोगी उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं। इससे न केवल राजधानी भोपाल में केवल कपड़ा अपशिष्ट का पुन: उपयोग संभव हुआ है, बल्कि अनेक लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।
पर्यावरण संरक्षण
फाइबर सायकल टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह परियोजना भोपाल को स्वच्छ और हरित शहर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह यूनिट प्रदेश के अन्य नगरों के लिये भी एक प्रेरक मॉडल बन गयी है। इस इकाई की कुल क्षमता 10 टन प्रति दिन है। भोपाल नगर निगम महापौर मालती राय ने भी इकाई का दौरा कर इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की है। इस इकाई को नगर निगम ने सिर्फ जमीन उपलब्ध कराई है। सारा निवेश कंपनी की तरफ से किया गया है।
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