मध्य प्रदेश
पनीर, घी समेत ढेरों प्रोडक्ट 22 सितंबर से हो रहे सस्ते, सामान सस्ता ना मिलने की शिकायत कहां करें?
17 Sep, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जबलपुर : 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू हो रही हैं लेकिन यदि किसी व्यापारी ने किसी ग्राहक को फायदा नहीं दिया तो ग्राहक इसकी शिकायत कहीं नहीं कर पाएगा. दरअसल, जीएसटी ने शिकायत करने वाला सिस्टम बंद कर दिया है. वहीं, 22 सितंबर के बाद आम उपभोक्ताओं से जुड़े बहुत से प्रोडक्ट सस्ते हो जाएंगे लेकिन लोगों को एमआरपी का ध्यान रखना होगा क्योंकि फिलहाल बाजार में पुरानी एमआरपी के प्रोडक्ट बिक रहे हैं, जिसमें ज्यादा जीएसटी दरें हैं.
बीते दिनों भारत सरकार की जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी की दरों में भारी कटौती की हैं. यह परिवर्तन 22 सितंबर से लागू हो जाएगा और लोगों को बाजार में बिकने वाला सामान 5 से 10% तक सस्ता मिलेगा. 22 सितंबर को नवरात्रि शुरू होते ही जीएसटी की नई दरें लागू हो जाएंगी.
आईसक्रीम और पनीर होगा सस्ता
22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू होते ही पैक्ड पनीर, मक्खन और दही का दाम पांच प्रतिशत कम हो जाएगा क्योंकि जीएसटी की नई दरों में इन सभी मिल्क प्रोडक्ट से जीएसटी खत्म कर दी गई है. हालांकि, खुले या पाउच वाले दूध के दाम पर फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि इसपर पहले भी जीएसटी लागू नहीं थी, केवल टेट्रा पैक मिल्क पर जीएसटी काम की गई है. इनके दामों में एक से दो रुपए तक का फर्क हो सकता है.
आइसक्रीम 13 प्रतिशत सस्ती
खाद्य पदार्थ में सबसे बड़ा फर्क आइसक्रीम पर देखने को मिलेगा. आइसक्रीम पर अभी तक 18% टैक्स था, जिसे घटाकर 5% कर दिया है. इसलिए अब आइसक्रीम 13% कम दाम पर मिलेगी.
एमआरपी पर टकराव
अभी बाजार में काफी माल मौजूद है, जिसमें एमआरपी बड़ी हुई दरों पर हैं. ऐसी स्थिति में ग्राहक को जीएसटी की नई दरों का फायदा लेने के लिए खुद सतर्क होना होगा और व्यापारियों से मोलभाव करना होगा.
किसानों को जीएसटी से बंपर फायदा
जबलपुर के व्यापारी रजत भार्गव ने बताया, '' ट्रैक्टर के टायर पर पहले 18% जीएसटी था, यह घटकर 5% हो गया है. एक जानकार किसान हमसे टायर खरीदने के लिए आए थे लेकिन उन्होंने 22 सितंबर के बाद टायर खरीदने का निर्णय लिया है क्योंकि अभी जो टायर उन्हें 42000 में मिल रहा था वह 22 सितंबर से लगभग 37000 में मिलेगा. इसी तरह खेती के कई दूसरे सामानों से जीएसटी 18 से घटकर 5% कर दी गई है.''
मुनाफाखोरी की शिकायत वाला पोर्टल बंद
जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने पोर्टल बंद होने पर चिंता जाहिर की है. मंच के सदस्य डॉक्टर पीजी नाज पांडे ने कहा, '' भले ही 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू हो रही हैं लेकिन यदि कोई विक्रेता किसी ग्राहक को घटी हुई जीएसटी पर सामान देने को तैयार नहीं होता है तो उपभोक्ता क्या करेगा? ऐसी स्थिति में जीएसटी काउंसिल ने anti profiteering जांच सिस्टम चालू किया था. इस सिस्टम पर जाकर कोई भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता था लेकिन यह सिस्टम 31 मार्च से ही बंद पड़ा हुआ है. ऐसी स्थिति में आम आदमी के पास शिकायत करने का कोई फोरम नहीं बचा है.''
मोबाइल फोन महंगा होगा
भले ही जीएसटी के नए बदलावों के बाद बहुत सी चीजें सस्ती हो रही हैं लेकिन मोबाइल फोन पर जीएसटी बढ़ा दी गई है और 22 तारीख के बाद मोबाइल फोन 12% की बजाय 18% जीएसटी के दायरे में आ जाएगा. ब्रांडेड कपड़े भी जिनकी कीमत 1000 से ज्यादा है उन पर 12 की बजाय 18% जीएसटी देना होगा.
जीएसटी की दरों में परिवर्तन बाजार में बिक्री को बढ़ाएगा. एक ओर जीएसटी की दरें कम करने से सरकार को टैक्स कम मिलेगा लेकिन दूसरी ओर यदि बिक्री बढ़ गई तो भी सरकार का खजाना भर जाएगा. बाजार के लिए बिक्री बढ़ाना जरूरी है. बिक्री बढ़ने से ही उत्पादन बढ़ेगा और इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
राष्ट्रीय पोषण माह अभियान 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक
16 Sep, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मिशन पोषण 2.0 के तहत मध्यप्रदेश में 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर 2025 तक राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाएगा। इस वर्ष का आयोजन आठवाँ पोषण माह होगा, जिसमें राज्य, जिला, परियोजना और आंगनबाड़ी स्तर तक सामुदायिक सहभागिता से थीम-आधारित गतिविधियाँ संचालित होंगी।
पोषण माह की प्रमुख थीम हैं मोटापा नियंत्रण (कम नमक, कम चीनी, कम तेल), प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (पोषण भी पढ़ाई भी), शिशु एवं बाल आहार प्रथाएँ (IYCF), पुरुष सहभागिता (Men-streaming) और एक पेड़ माँ के नाम एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा।
पोषण माह के दौरान आईवाईसीएफ परामर्श सत्र, व्यंजन प्रतियोगिता, फिटनेस चैलेंज, योग दिवस, किचन गार्डन अभियान तथा स्थानीय उत्पादों का प्रचार जैसी गतिविधियाँ होंगी। “पोषण भी पढ़ाई भी” थीम के तहत आंगनबाड़ियों में स्टोरी टेलिंग, पपेट शो और एक्टिविटी आधारित शिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे।
जन-जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक, रेडियो जिंगल्स, सोशल मीडिया अभियान (#PoshanMaah2025) और सामुदायिक रेडियो का उपयोग किया जाएगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, कृषि, खाद्य, आयुष, जल जीवन मिशन, खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों और स्थानीय अशासकीय संगठनों की सहभागिता से यह अभियान सुपोषित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
भारत के स्वाभिमान को जगाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
16 Sep, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भारत के नागरिक भाग्यशाली हैं कि वे भारत का नवनिर्माण होता देख रहे हैं। हर क्षेत्र में नया भारत बन रहा है। इन गौरवशाली क्षणों का श्रेय यशस्वी, सशक्त और विश्व दृष्टि सम्पन्न प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। उन्होंने भारत के स्वाभिमान को जगाया है और आत्म-विश्वास को मजबूत किया है।
माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्म दिवस पर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से कोटि-कोटि बधाइयां और शुभकामनाएं। वे दीर्घायु हों और हमेशा हमें नेतृत्व प्रदान करते रहें। वे अपने जन्म दिवस पर मध्यप्रदेश को ऐसा उपहार देने आये हैं, जिससे प्रदेश और देश के इतिहास में एक नया पन्ना जुड़ रहा है। देश की महत्वाकांक्षी "पीएम मित्र पार्क परियोजना" का भूमि-पूजन हो रहा है। यह पार्क मध्यप्रदेश के लिये अनमोल उपहार साबित होगा। हमारे कपास उत्पादक किसानों का जीवन बदलेगा और समृद्धि के नये द्वार खुलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी भारत के लिए वरदान साबित हुए हैं। भारत निराशा में डूबा राष्ट्र बनता जा रहा था। युवाओं में भी निराशा थी। व्यापार डूब रहा था। भ्रष्टाचार फैल रहा था। हमारी कोई वैश्विक पहचान नहीं थी। अर्थव्यवस्था में हम पिछड़ गये थे। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते ही उन्होंने अविलंब विकासोन्मुखी कार्यों की शुरूआत कर दी। राष्ट्रवादी मूल्यों और संस्कृति में वे अच्छी तरह पल्लवित थे। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत बदल रहा है। हर क्षेत्र में नये परिवर्तन हो रहे हैं। हमारी नीचे जाती अर्थव्यवस्था अब विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
प्रधानमंत्री मोदी एक युग-दृष्टा हैं। वे भविष्य को पहचान लेते हैं और आने वाली चुनौतियों से निपटने की रणनीतियां तैयार रखते हैं। उन्होने विश्वपटल पर भारत की पहचान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। मोदी जी का जीवन हमें निरंतर प्रेरणा देता है। साधारण परिवार में जन्म लेकर देशहित को सर्वोपरि मानते हुए वे जिस तरह जनसेवा के पथ पर अग्रसर हुए, वह असाधारण है। बचपन से ही राष्ट्रप्रेम और सेवा-भावना उनकी शक्ति रही। आज जब हम 21वीं सदी के भारत की कल्पना करते हैं, तब मोदी जी का व्यक्तित्व और कार्यशैली एक मार्गदर्शक दीपस्तंभ के रूप में सामने आते हैं।
प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने भारत को केवल ‘विकास’ की दिशा में आगे नहीं बढ़ाया, बल्कि ‘विश्वगुरु’ बनने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए। स्वच्छ भारत अभियान से लेकर स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत तक मोदी जी की हर पहल जनता के कल्याण और देश को मजबूत बनाने का सशक्त कदम है। उन्होंने स्वदेशी अपनाने के लिये समस्त भारतीयों को प्रेरित किया है। मोदी को देश की युवा शक्ति और उनके कार्य कौशल पर अटूट भरोसा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत की साख को इतना ऊँचा उठाया है कि आज पूरा विश्व भारत के नेतृत्व को सम्मान की दृष्टि से देखता है। G20 की अध्यक्षता, अंतरिक्ष विज्ञान में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ, सीमा सुरक्षा की सुदृढ़ता और गरीब कल्याण की योजनाएँ उनके नेतृत्व की गाथा को अमर कर रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर से विश्व पटल पर भारत की एक अलग छवि बनी है।
मध्यप्रदेश में भी मोदी जी की नीतियों और दूरदर्शिता का सीधा लाभ जनता को मिला है। प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि नि:शुल्क राशन, जैसी योजनाओं ने करोड़ों परिवारों का जीवन बदला है। गाँव-गाँव तक सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी पहुँचाना मोदी जी के संकल्प और अथक परिश्रम का परिणाम है। वे केवल राजनेता नहीं, बल्कि एक संकल्प और नवाचार के अद्वितीय प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि ईमानदारी, राष्ट्रनिष्ठा और कठोर परिश्रम से असंभव को भी संभव किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी वैश्विक लोकप्रियता साबित करते हुए दुनिया के सबसे पसंदीदा नेता बनने का गौरव हासिल किया है। एक अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण में पीएम मोदी को 75 प्रतिशत ‘अप्रूवल रेटिंग’ मिली है। यह रेटिंग उन्हें 20 देशों के शीर्ष नेताओं की सूची में सबसे ऊपर रखती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोदी की लोकप्रियता का कारण उनकी मजबूत अंतरराष्ट्रीय छवि, निर्णय लेने की क्षमता और भारत के घरेलू और वैश्विक हितों पर आधारित स्पष्ट नीतियां हैं। यह इस बात का संकेत है कि भारत न केवल वैश्विक राजनीति में तेजी से उभर रहा है बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी स्वीकृति मिल रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर और जीएसटी सुधार से पूरे विश्व में भारत के प्रति दृष्टिकोण बदल गया है। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होने सबका विश्वास जीता है। हर वर्ग को राष्ट्र निर्माण के लिये प्रेरित और प्रोत्साहित करने के कई कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के निर्णयों का परिणाम अब हमारे सामने आने लगा है। उदाहरण के लिए भारत अब डिजिटल इंडिया के रूप में जाना जाने लगा है। लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के लिये उठाये गये कदमों का सकारात्मक प्रभाव दिखने लगा है। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक हुई है। 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020' देश के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव है जिसे पूरे भारत में सराहा गया है। नीति में बुनियादी शिक्षा में सुधार, स्कूल संरचनाओं में बदलाव, चार वर्षीय अंतःविषय स्नातक कार्यक्रम और देश में शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकृत करने का प्रस्ताव है। ये सब भारत को एक वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विकास का हर क्षेत्र बदल रहा है। अभी भारत को विश्व गुरू बनने का सपना पूरा करना है। हम सब संकल्प लें कि प्रधानमंत्री मोदी जी के आदर्शों पर कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। मध्यप्रदेश की जनता की ओर से एक बार फिर हमारे लोकप्रिय यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्म दिवस की कोशिट: शुभकामनाएं।
स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग, भोपाल वासियों को स्वदेशी वस्तुओं की आत्मीयता का कराएगा अनुभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
16 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्म दिवस पर सेवा का संकल्प लेते हुए सेवा पखवाड़े के माध्यम से 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उनकी प्रतिबद्धता के अनुरूप देश में स्वदेशी के अभियान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 02 अक्टूबर तक सबका साथ-सबका विकास के भाव से जन भागीदारी, स्वच्छता और कल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। भोपाल हाट में लगा स्व-सहायता समूहों का 'स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग', इन गतिविधियों की शुरूआत है। मेले में 40 स्व-सहायता समूह भाग ले रहे हैं। इससे लगभग 3 हजार 600 से अधिक परिवार लाभान्वित होंगे। आगामी तीज-त्यौहारों के दृष्टिगत यह स्वदेशी मेला महत्वपूर्ण है, इससे भोपाल वासी स्वदेशी उत्पादों की आत्मीयता का अनुभव ले सकेंगे। इसके माध्यम से गांवों में घर-घर में बनने वाली वस्तुओं को बाजार और प्लेटफार्म उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इन गतिविधियों से ही आदि काल से भारत की पहचान रहे, स्वावलंबन के भाव को प्रोत्साहन मिलेगा। स्वदेशी के उत्पाद अपने गांव, जिले और प्रदेश के गौरवान्वित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को "स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग" का भोपाल हाट में शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी मेला में लगे स्टॉल्स का अवलोकन किया, विक्रेताओं तथा सामग्री निर्माताओं से चर्चा की और वॉटर बॉटल बैग सहित अन्य सामग्री भी खरीदी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम भोजपुर के सिद्धी विनायक आजीविका स्व-सहायता समूह द्वारा लगाए गए चाट के स्टॉल पर पानी-पुरी का आनंद भी लिया।
सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे पर प्रदेश में धूम-धाम से शस्त्र पूजन किया जाएगा। यह सौभाग्य का विषय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। स्वतंत्रता से पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कल्पना कर ली थी कि आजादी तो मिलेगी, लेकिन इसके बाद देश को आजाद रखने के लिए सभी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में देश भक्त नागरिकों की आवश्यकता होगी। वर्तमान में जीवन के सभी क्षेत्रों में स्वदेशी के भाव के साथ सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के परिणामस्वरूप भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी अन्नदाता, युवा, नारी सशक्तिकरण और गरीब सहित सभी वर्गों के लिये समर्पित भाव से निरंतर सक्रिय हैं।
पीएम मित्र पार्क से खुलेंगे प्रदेश की समृद्धि के द्वार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का प्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को शुभागमन हो रहा है। वे पीएम मित्र पार्क की नीव रखेंगे। गरीब परिवार से निकले मोदी के प्रधानमंत्री बनने से देश गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने अपने जन्म दिन पर सेवा पखवाड़े में माताओं-बहनों के लिए सेवा का संकल्प लिया है। 'स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार' अभियान में प्रदेश भर में महिलाओं की सभी प्रकार की जांच होंगी, महिला के स्वस्थ होने से परिवार सशक्त होंगे। साथ ही रोजगार के अवसरों के साथ ही प्रदेश में विकास के लिए सभी क्षेत्रों में कार्य हो रहा है। बड़ी संख्या में प्रदेश के किसान कपास उत्पादक हैं, कपास पर केन्द्रित उद्योगों से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। राज्य सरकार कपास उत्पादन और इससे जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मित्रा पार्क की नींव रखेंगे। पीएम मित्र पार्क धार-झाबुआ अंचल में एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और सबकी समृद्धि के द्वार भी खुलेंगे। यहां बने वस्त्र विश्व के सभी प्रमुख देशों तक जाएंगे। प्रदेश में होने वाले जैविक कॉटन की बेहतर गुणवत्ता के कारण सम्पूर्ण विश्व में इसकी मांग है। स्थापित हो रहे पीएम मित्र पार्क के परिणामस्वरूप प्रदेश के जैविक कॉटन को वैश्विक स्तर पर उचित महत्व मिल सकेगा।
भारत के दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने में स्व-सहायता समूहों की भी होगी भूमिका
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्व-सहायता समूह तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में भी फूड प्रोसेसिंग हो रही है। समूह की हमारी बहनों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। जिला स्तर पर स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के मेले लगाए जाएंगे। भोपाल हाट को दिल्ली हाट के रूप में विकसित करने की योजना पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। भारत जब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा तो इसमें सबसे बड़ी भूमिका स्व-सहायता समूहों की होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिवस की बधाई भी दी।
स्वदेशी मेले से करें त्यौहारों के लिए खरीददारी
विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर जिले में उद्योग केंद्र की स्थापना हो रही है। गरीब कल्याण हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिन स्वदेशी अभियान को समर्पित है। इस स्वदेशी बाजार में हुजूर विधानसभा के 40 स्व-सहायता समूहों की बहनों ने यहां अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। दीपावली सहित सभी त्यौहार आ रहे हैं। अब विदेशी एलईडी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है, स्वदेशी मेले में गांव की बहन-बेटियों द्वारा बनाई गई एलईडी भी मिलेगी। यह स्वदेशी मेला 4 दिन तक चलेगा। विधायक शर्मा ने नगरवासियों को दीपावली, नवरात्र और दशहरा के दृष्टिगत स्वदेशी मेले से खरीददारी करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, महापौर मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष रामकुंवर गुर्जर, रवींद्र यति, कीरत सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिला सदस्य उपस्थित थीं।
चीता परियोजना के सफल तीन वर्ष
16 Sep, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ते चीतों के परिवार के साथ मध्यप्रदेश एशिया का गौरव बन गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 3 वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश को चीता परियोजना की सौगात मिली थी। प्रधानमंत्री मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को अपने जन्म दिवस पर पहले पालपुर कूनो में चीते छोड़कर प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। आज चीतों के परिवारों में वृद्धि हो रही है। 'प्रोजेक्ट चीता को ‘इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार हाल ही में नई दिल्ली में आईएफएस एसोसिएशन और इंडियन मास्टरमाइंड्स द्वारा आयोजित तीसरे इको वॉरियर अवॉर्ड्स कार्यक्रम में प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अवॉर्ड मिलने पर चीता परियोजना से जुड़ी प्रबंधन टीम को बधाई दी है।
तीन वर्षों की साहसिक पहल
प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाकर हुई। इसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तत्काल ध्यान आकर्षित किया। कई शंकाएँ भी उठीं कि भारतीय वातावरण चीता के लिए उपयुक्त नहीं है। इस अवधारणा को तोड़ते हुए कूनो पालपुर और गांधी सागर अभयारण में चीते फर्राटे भर रहे है और उनकी संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।
चीतो को भायी म.प्र. की आवोहवा
चीता ने भारतीय वातावरण को आश्चर्यजनक रूप से तेज़ी से अपना लिया है। पिछले तीन वर्षों में पाँच चीता मादाओं द्वारा 6 बार शावकों को जन्म देना इस परियोजना की सफलता और लचीलापन का परिचायक है। वे भारतीय शिकार जैसे चीतल के प्रति अच्छी अनुकूलता दिखा रहे हैं। शुरुआत में डर था कि तेंदुओं से संघर्ष होगा, लेकिन प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र ने खुद को संतुलित किया, और शिकारी प्रजातियाँ अपने-अपने क्षेत्र में सीमित हो गईं।
नवाचार, संकल्प और आशा का प्रतीक प्रोजेक्ट चीता
प्रोजेक्ट चीता की तीन वर्ष की यात्रा चुनौतीपूर्ण होने के साथ प्रेरणादायक भी रही है। यह परियोजना अब और अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। पिछले तीन वर्षों में चीता परियोजना प्रबंधन टीम ने कभी हार नहीं मानने का पाठ सीखा।
चीता प्रबंधन के हर पहलू से ऐसी मूल्यवान जानकारियाँ मिलीं हैं, जिससे अनुभव रखने वाले और नए दोनों पेशेवरों की समझ में वृद्धि हुई है। किसी जीवित प्राणी के साथ काम करते समय जोखिम अनिवार्य होते हैं। पिछले तीन वर्षों में केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, फील्ड मैनेजर्स, पशु चिकित्सकों और फ्रंटलाइन स्टाफ का आत्मविश्वास मज़बूत हुआ। इन वर्षों में यह भी साबित हो गया कि मध्यप्रदेश आपात स्थितियों और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम है। प्रोजेक्ट चीता की सफलता टीमवर्क का प्रतीक है जहाँ सभी पेशेवर एक ही उद्देश्य के लिए प्रतिबद्धता और कौशल के साथ कार्य कर रहे हैं।
तीन वर्षों की सीख और सफलता
प्रोजेक्ट चीता की टीम के अथक प्रयासों के परिणाम सामने हैं। चीते न केवल जीवित रहे बल्कि सफलतापूर्वक अपना परिवार भी बढ़ाया। उनकी उपस्थिति ने घास के मैदानों और खुले जंगलों की ओर फिर से ध्यान आकर्षित किया। ऐसे परिस्थितिकी तंत्र पहले उपेक्षित थे। कूनो में घास के मैदानों में सुधार, जैव विविधता में वृद्धि और स्थानीय समुदायों को पर्यटन के माध्यम से लाभ पहुँचना इस चीता परियोजना की बड़ी उपलब्धियाँ हैं। चीतों की पुन:र्स्थापना से पारिस्थितिकी को कोई नुकसान नहीं हुआ। हर चीते की बारीकी से निगरानी, पेशेवर पशु चिकित्सकों द्वारा देखभाल, और सुरक्षित वातावरण ने चीता परियोजना को वैश्विक मानकों के बराबर खड़ा कर दिया है।
चीता की लगातार बढ़ती संख्या
चीता परियोजना की सबसे उत्साहजनक उपलब्धि रही है कि भारत में शावकों का जन्म हुआ। वर्तमान में 25 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में हैं। दो नर गांधी सागर सेंचुरी में सफलतापूर्वक पुनर्वासित हो चुके हैं। इस प्रकार कुल 27 चीते है। कूनो के परिदृश्य में एक आत्मनिर्भर और मुक्त विचरण करने वाली चीता आबादी स्थापित करना निकट भविष्य का लक्ष्य है।
तीन वर्षों की सफलता के साथ प्रोजेक्ट चीता का यह संदेश है कि यह केवल एक प्रजाति की वापसी नहीं है, बल्कि वैश्विक प्रकृति संरक्षण में भारत के समर्पित नेतृत्व का प्रतीक है। चीता की वापसी यह सिद्ध करती है कि विलुप्ति अंतिम नहीं होती और दूरदृष्टि तथा संकल्प के साथ खोई विरासत को वापस लाया जा सकता है।
मानवता की सेवा के लिये रक्तदान जरूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
16 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गंभीर मरीजों को समय पर रक्त मिल सके इसके लिये जरूरी है कि समाज में रक्तदान करने के लिये जगरूकता कार्यक्रम चलाए जायें। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को इस कार्य के लिये प्रोत्साहित किये जाने की जरूरत है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल मंगलवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में दामोदर युवा संगठन के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रक्तदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार अपने साधनों से बेहतर से बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रही है। इस क्षेत्र में सेवा के विस्तार के लिये स्वयं सेवी संगठनों की अधिक से अधिक मदद की जरूरत है। उन्होंने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलाये जाने वाले सेवा पखवाड़ा की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी. नरहरि ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति समाज की भलाई के लिये मन में भाव रखता है, लेकिन इस भाव को स्वयं सेवी संगठनों से जुड़कर पूरा किया जा सकता है।
दामोदर युवा संगठन के संस्थापक अशोक नायक ने बताया कि इंदौर में देश का नि:शुल्क ब्लड कॉल सेंटर है। जहाँ देश के किसी भी स्थान से फोन आने पर संगठन द्वारा मरीज को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराये जाने का प्रयास किया जाता है। संगठन से देशभर के 4 लाख युवा जुड़े हुए है। संगठन ने अभी तक 2 लाख जरूरत मंदों को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराया है। उन्होंने बताया कि रियर ब्लड ग्रुप "ओ बॉम्बे पॉजिटिव" जिसके दानदाता देशभर में 180 है। इस ग्रुप का ब्लड भी 5 जरूरत मंदों को उपलब्ध कराया गया है। संगठन के 2 हेल्प लाइन नबंर 92002-50000 और 70245-12345 है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक के.पी. त्रिपाठी भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : स्वदेशी का संकल्प और राष्ट्र निर्माण के प्रेरक
16 Sep, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : यह उद्घोष करने वाले हमारे प्रेरक, मार्गदर्शक और भारत निर्माण के दृष्टा यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को उनके जन्मदिवस पर अनंत शुभकामनाएं। हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री जी आज इस विशेष दिवस पर मध्यप्रदेश आ रहे हैं। उनकी इस यात्रा से प्रदेश को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वे धार जिले के भैंसोला ग्राम में देश के पहले "पीएम मित्र पार्क" की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही वे ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार और पोषण अभियान’ तथा ‘स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े का शुभारंभ करेंगे। मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के साथ प्रधानमंत्री जी का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता हूँ।
प्रधानमंत्री जी का संपूर्ण जीवन परिश्रम, पुरुषार्थ और सेवा के प्रेरणादायी संकल्प की यात्रा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से राष्ट्र और समाज सेवा का संकल्प लेकर उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा आरंभ की, जो प्रधानमंत्री के रूप में भी ध्येयनिष्ठ रही है। उनके लिए राष्ट्र प्रथम और सर्वोपरि है। यह उनके राष्ट्र निर्माण और देशहित में लिए गए निर्णयों और नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम है कि आज भारत की गणना विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में हो रही है।
उनके प्रत्येक निर्णय में राष्ट्र की नींव को सशक्त करने की झलक है। कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करना और उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद श्रीरामलला को अपने जन्म स्थान अयोध्या में प्रतिष्ठित करने में उनकी पहल अविश्वसनीय है। उन्होंने एक राष्ट्र, एक पहचान के लिए विभाजनकारी प्रवृत्तियों को समाप्त किया और समाज में एकत्व का भाव स्थापित किया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व आधुनिक भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रेरित कर रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि उनके मार्गदर्शन में जनकल्याण, आर्थिक सुदृढ़ीकरण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत को अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं।
प्रधानमंत्री के रूप में दायित्व संभालते ही सबसे पहले उन्होंने देशवासियों के स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता अभियान छेड़ा। वे स्वयं हाथ में झाड़ू लेकर दिल्ली के प्रगति मैदान पहुँचे। गांव-गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर मध्यप्रदेश की जनता भी इस अभियान में जुट गई और गांव से लेकर नगर तक स्वच्छता अभियान में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य बना। इंदौर ने लगातार 8 बार देश में स्वच्छ शहर के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मोदी जी ने आम नागरिक को आधुनिक चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की, जिससे गरीब और असहाय परिवारों को उपचार में सहायता मिली। इस योजना से 40 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। समाज को अपने सांस्कृतिक गौरव के प्रति आत्मविश्वास उत्पन्न कराने के लिये प्रधानमंत्री जी ने हमें ‘विरासत के साथ विकास’ का नारा दिया। भारतीय संस्कृति के गौरव और आधुनिकता के संतुलन को साधते हुए उन्होंने लोगों में आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई।
मुझे यह बताते हुए गर्व का अनुभव हो रहा है कि मोदी जी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। जब उन्होंने कार्यभार संभाला था तब भारत विश्व की ग्यारहवीं अर्थव्यवस्था था। केवल ग्यारह वर्षों में भारत चौथे स्थान पर पहुंचा और अब तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। तेल आयात, व्यापार, रक्षा उत्पादन और तकनीकी नवाचार में भारत ने नई मिसाल कायम की है। आयुध निर्यातक देश के रूप में भी भारत ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। 'स्पेस टेक्नोलॉजी' में भारत ने चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर तिरंगा फहराकर विश्व को चकित कर दिया और विज्ञान तथा तकनीक में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है कि वे जो कहते हैं उसका क्रियान्वयन भी करते हैं। उन्होंने इसी वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से जीएसटी रिफॉर्म की घोषणा की थी और एक माह के भीतर इसे लागू करने का निर्णय ले लिया। इस फैसले से देश की कर-प्रणाली सरल होगी, महंगाई कम होगी और आर्थिक न्याय के साथ समावेशी विकास को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री जी की आर्थिक नीतियों ने निवेश, उत्पादन और रोज़गार के क्षेत्र में नई संभावनाएं निर्मित की हैं। ये नीतियाँ देशवासियों को राहत देने के साथ वैश्विक स्तर पर भारत के आत्म-सम्मान का प्रतीक बनी। अमेरिका जैसी आर्थिक महाशक्ति ने भारत पर भारी टैरिफ लागू कर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन मोदी जी की रणनीति ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। रूस और चीन के साथ सहयोग कर नए व्यापारिक मार्ग स्थापित करना और जीएसटी जैसे आर्थिक सुधार लागू करना उनकी कुशल और निर्णायक नेतृत्व क्षमता का परिणाम है।
प्रधानमंत्री जी का लक्ष्य है कि देश का युवा आत्मनिर्भर बने और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाए। युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप रोज़गार देने के लिए उन्होंने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना’ लागू की। इसका उद्देश्य साढ़े तीन करोड़ से अधिक युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में युवाओं को कौशल विकास, स्वरोज़गार, स्टार्टअप, तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत लगभग 52.5 करोड़ छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके व्यवसाय को गति दी गई।
प्रधानमंत्री जी का मानना है कि किसी भी परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उज्ज्वला योजना से 10.33 करोड़ से अधिक महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ और उन्हें सम्मान जनक जीवन जीने का अवसर भी मिला। प्रधानमंत्री आवास योजना से 4 करोड़ से अधिक लोगों को संपत्ति का अधिकार मिला। महिला आरक्षण लागू कर उन्होंने महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता को बढ़ावा दिया। 'लखपति दीदी अभियान' के माध्यम से 3 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। पिछले 10 वर्षों में उन्होंने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने जनकल्याण की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए। 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत 81 करोड़ से अधिक नागरिकों को निःशुल्क खाद्यान्न दिया गया। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य में सुधार हुआ। 'जल जीवन मिशन' के तहत 15 करोड़ से अधिक घरों तक नल से जल पहुंचाया गया। इन योजनाओं ने देश के हर वर्ग को सीधे लाभ पहुँचाया।
रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ से वे देश के हर जन-मन से जुड़े, हरेक की समस्या को जाना और समाधान पहुँचाने का प्रयास किया। उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवाद का सामना और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए उन्होंने अनेक निर्णय लिए। 'ऑपरेशन सिंदूर' से भारत ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया और विश्व को भारत की शक्ति से परिचित कराया। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व सेवा, त्याग, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। उनके द्वारा चलाए गए कार्यक्रमों ने आम नागरिक को राहत दी, स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की, आर्थिक विकास की राह दिखाई, सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा दिया। उनके नेतृत्व में भारत ने संघर्ष से समाधान, संकट से अवसर और सीमित संसाधनों से वैश्विक प्रतिष्ठा की यात्रा तय की है।
आज प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस पर हम यह संकल्प लें कि उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए राष्ट्रहित में कार्य करेंगे और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। देश को विश्व शक्ति बनाने के लिए प्रधानमंत्री जी ने सेवा और स्वदेशी का आह्वान किया है। मुझे विश्वास है कि प्रदेश के कपास उत्पादक क्षेत्र में टैक्सटाइल उद्योग के लिए स्थापित होने वाला 'पीएम मित्र पार्क' प्रधानमंत्री जी की स्वदेशी की संकल्पना को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश को मिलने वाले इस आशीर्वाद से हम सभी अभिभूत हैं। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका कल्याण' करने वाले युगदृष्टा माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को पुनः जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ...।
इंदौर की सड़क दुर्घटना बेहद दुखद, घटना की पुर्नरावृति रोकने के होंगे पुख्ता प्रबंध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
16 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में सोमवार की शाम हुई सड़क दुर्घटना बेहद दुखद है। राज्य शासन ने घटना को पूरी गंभीरता के साथ लिया है। दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। घटना की पुर्नरावृति भविष्य में न हो, इसके पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। घटना की जांच अपर मुख्य सचिव गृह द्वारा कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे और भी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही घायलों को एक-एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। घटना के दौरान बचाव कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में पहुँचकर घायलों से मिलने के बाद कलेक्टर कार्यालय में जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने कहा कि यह घटना विचलित करने वाली बेहद दु:खद है। मैं इस घटना से स्वयं व्यथित हूं। मुझे रातभर बैचेनी रही, मैं ठीक से सो भी नहीं पाया। आज के सारे कार्यक्रम रद्द कर सीधे इंदौर पहुँचा और घायलों से मिलने विभिन्न अस्पतालों में गया। उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। चिकित्सकों से चर्चा कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही उपचार व्यवस्थाओं को भी देखा। घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए। घायलों के इलाज में कोई कमीं नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार घटना को लेकर अत्यंत गंभीर है। घटना की पुनर्रावृति नहीं हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला को इस संबंध में परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। उन्हें इस संबंध में आवश्यक प्रबंधन जैसे ड्रोन, अनियंत्रित वाहनों को रोकने की व्यवस्था, यातायात नियंत्रण आदि के बारे में भी रिपोर्ट देने को कहा गया है। एलिवेटेड ब्रिज सहित अन्य निर्माण की संभावनाएं भी पता करने के निर्देश दिए गए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुझाव देने के लिए जल्द ही जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम आदि की संयुक्त बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
मृतकों के परिजन और घायलों को मिलेगी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घटना दुखद है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये तथा घायलों को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की है। पुलिस उपायुक्त यातयात अरविन्द तिवारी को हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच करने के निर्देश दिए। इसी तरह प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने पर आठ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। सुदेश सिंह (सहायक पुलिस आयुक्त), प्रेम सिंह (प्रभारी एएसआई बिजासन प्रभारी), चन्द्रेश मरावी (प्रभारी सूबेदार सुपर कोरिडोर चौराहा प्रभारी), दीपक यादव (निरीक्षक सुपर कोरिडोर से एरोड्रम प्रभारी) तथा ड्यूटी पर तैनात सभी चार कांस्टेबल निलंबित किए गए हैं।
मदद करने वाले होंगे सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कान्सटेबल पंकज यादव और आटो रिक्शा चालक अनिल पिता लाल सिंह कोठारी सहित अन्य को पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुँचाने जैसे अच्छा काम करने के लिये सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने अपर मुख्य सचिव गृह को घटना की विस्तृत जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता तथा आकाश विजयवर्गीय, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, जनप्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
आईआरसीटीसी वेबसाइट/ऐप के ज़रिए ऑनलाइन सामान्य आरक्षित टिकटों की बुकिंग के लिए, 1 अक्टूबर से शुरूआती 15 मिनट के दौरान आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि आम उपयोगकर्ताओं को लाभ मिल सके और बेईमान तत्वों द्वारा दुरुपयोग को रोका जा सके
16 Sep, 2025 07:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय रेलवे के कम्प्यूटरीकृत पीआरएस काउंटरों पर सामान्य आरक्षित टिकटों की बुकिंग के वक्त में कोई बदलाव नहीं
प्राधिकृत टिकट एजेंटों द्वारा पहले दिन आरक्षित टिकट बुक करने के लिए, सामान्य आरक्षण खुलने के 10 मिनट के प्रतिबंध में कोई बदलाव नहीं
भोपाल। आरक्षण व्यवस्था का लाभ सबसे पहले आम उपयोगकर्ताओं तक पहुँचाने के लिए और बेईमान तत्वों द्वारा इस सुविधा के दुरुपयोग को रोकने के लिए, यह फैसला लिया गया है कि 01.10.2025 से, सामान्य आरक्षण खुलने के पहले 15 मिनट के दौरान, आरक्षित सामान्य टिकट, केवल आधार-प्रमाणित उपयोगकर्ता ही भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट/इसके ऐप के ज़रिए बुक कर सकेंगे।
हालांकि, मौजूदा वक्त में भारतीय रेलवे के कम्प्यूटरीकृत पीआरएस काउंटरों के ज़रिए, सामान्य आरक्षित टिकटों की बुकिंग के समय में कोई बदलाव नहीं होगा। सामान्य आरक्षण खुलने के 10 मिनट के प्रतिबंध के समय में भी कोई बदलाव नहीं होगा, जिसके दौरान भारतीय रेलवे के अधिकृत टिकट एजेंटों को पहले दिन आरक्षित टिकट बुक करने की अनुमति नहीं होगी।
एमपी सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में किया बड़ा फेरबदल
16 Sep, 2025 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 20 IAS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसमें कई जिलों और विभागों के अहम पद बदले गए हैं।
सबसे अहम बदलाव में 2009 बैच की IAS अधिकारी वंदना वैद्य को मध्य प्रदेश वित्त निगम, इंदौर का प्रबंध संचालक (MD) बनाया गया है। वे इससे पहले आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना की संचालक थीं और कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
किसे मिली नई जिम्मेदारी?
विशेष गढ़पाले (2008 बैच) – सचिव, ऊर्जा विभाग
वंदना वैद्य (2009 बैच) – प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश वित्त निगम इंदौर
गजेंद्र सिंह नागेश (2016 बैच) – CEO, जिला पंचायत नरसिंहपुर
गुरु प्रसाद (2017 बैच) – उप सचिव, मुख्य सचिव कार्यालय
दिव्यांक सिंह (2017 बैच) – अपर आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल
तपस्या परिहार (2018 बैच) – आयुक्त, नगर पालिक निगम कटनी
शिशिर गेमावत (2018 बैच) – अपर आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल
डॉ. नेहा जैन (2018 बैच) – उप संचालक, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, इंदौर
श्रेयांस कूमट (2019 बैच) – CEO, जिला पंचायत उज्जैन
तन्मय वशिष्ठ शर्मा (2019 बैच) – अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम भोपाल
दलीप कुमार (2019 बैच) – आयुक्त, नगर पालिक निगम भोपाल
पवार नवजीवन विजय (2019 बैच) – अपर कलेक्टर, इंदौर
अनिल कुमार राठौर (2020 बैच) – कार्यकारी संचालक, औद्योगिक विकास निगम, क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर
अंशुमन राज (2020 बैच) – CEO, स्मार्ट सिटी इंदौर एवं अपर आयुक्त नगर पालिक निगम इंदौर
अरविंद कुमार शाह (2021 बैच) – अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम जबलपुर
टी. प्रतीक राव (2021 बैच) – अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम ग्वालियर
अनिशा श्रीवास्तव (2021 बैच) – कार्यकारी संचालक, औद्योगिक विकास निगम, क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर
अंजू अरुण कुमार (2017 बैच) – CEO, स्मार्ट सिटी भोपाल
तन्वी हुड्डा (2014 बैच) – अपर आयुक्त, वाणिज्यिक कर
कूनो प्रोजेक्ट को 3 साल होने से ठीक पहले दुख भरी खबर, मृत मिली मादा चीता
16 Sep, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्योपुर/ग्वालियर: मध्य प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को 17 सितंबर को तीन साल पूरे होने जा रहे हैं लेकिन इससे ठीक पहले सोमवार को एक बार फिर दुख भरी खबर कूनो नेशनल पार्क से आई है. कूनो की धरती पर मादा चीता नभा के बाद अब मादा चीता ज्वाला की एक शावक की मौत की बात सामने आई है.
कूनो से आई चीते की मौत की खबर
भारत में चीता पुनर्वास परियोजना के तहत 2022 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी. मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में 70 साल बाद भारत की धरती पर चीतों की बसाहट हुई. तीन वर्षों में चीतों ने भारत के वातावरण में ढल कर इसे अपना घर बनाया और इसके बाद भारत में ही चीता शावकों ने भी जन्म लिया लेकिन इस बीच कई बार चीतों की मौत ने निराश किया और एक बार फिर सोमवार को ऐसी ही निराशा भरी खबर सामने आई. कूनो प्रबंधन ने मादा चीता ज्वाला की मादा शावक की मौत की पुष्टि की है.
सोमवार शाम जंगल में मिला शव
चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर की ओर से डीएफओ थिरुकुरल आर से मिली जानकारी के अनुसार, ''सोमवार शाम करीब 6:30 बजे जंगल में मादा चीता ज्वाला की एक शावक मृत पाई गई है. ये शावक 20 महीने की थी, जिसे उसकी मां मादा चीता ज्वाला और उसके तीन सिबलिंग (भाई बहनों) के साथ 21 फरवरी 2025 को जंगल में आजाद छोड़ा गया था.''
एक माह से अकेले सफर कर रही थी मादा शावक
बताया जा रहा है कि यह मादा शावक बीते एक माह से अपनी मां ज्वाला को और कुछ दिनों पहले जंगल में अपने भाई बहनों को छोड़कर अकेले निकल गई थी. ऐसे में प्राथमिक जांच में उसकी तेंदुए के साथ जंगल में हुई लड़ाई के दौरान घायल होने से मौत की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, ज़्यादा जानकारी उसके पोस्टमॉर्टम के बाद ही सामने आएगी.
कूनो में अब चीतों की संख्या 25
आपको बता दें कि इससे पहले 12 जुलाई को कूनो में मादा चीता नभा की भी मौत हुई थी. अब इस मादा शावक की मौत के बाद कूनो में 25 चीते बचे हैं जिनमे 9 वयस्क और 16 भारत में जन्मे शावक हैं. चीता प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक बाकी सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं.
अलीराजपुर अब आलीराजपुर, मध्यप्रदेश के एक और जिले का नाम बदला
16 Sep, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश में जिलों, कस्बों और कई स्थानों के नाम बदले जाने का क्रम जारी है. अभी तक कई स्थानों के नाम बदले जा चुके हैं. अब प्रदेश के एक और जिले का नाम बदल दिया गया है. प्रदेश के छोटे जिलों में शामिल अलीराजपुर का नाम बदलकर अब आलीराजपुर कर दिया गया है. इसे लेकर केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अनापत्ति पत्र जारी कर दिया गया था और इसके बाद राज्य सरकार ने नाम बदले जाने की अधिसूचना जारी कर दी है.
अलीराजपुर हुआ आलीराजपुर, सभी स्थानों पर होगा बदलाव
राजस्व विभाग द्वारा जिला अलीराजपुर का नाम बदलाकर आलीराजपुर किए जाने की अधिसूचना जारी कर दी गई है. इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. अब इसके बाद सभी सरकारी दस्तावेजों में इसका नाम बदल दिया जाएगा. इसके अलावा जिले के अंदर भी शासकीय इमारतों पर लिखे गए नामों को भी बदला जाएगा.
इससे पहले बदला था होशंगाबाद जिले का नाम
अलीराजपुर के पहले राज्य सरकार ने 2022 में प्रदेश के होशंगाबाद जिले का नाम बदला था. इसका नया नाम नर्मदापुरम किया गया था. होशंगाबाद जिले के बाद होशंगाबाद संभाग का नाम भी बदलकर नर्मदापुरम संभाग किया गया था. यह फैसला नर्मदा नदी के सम्मान में किया गया था.
उज्जैन में भी बदले गए नाम
मुख्यमंत्री मोहन यादव 2025 में उज्जैन जिले के तीन गांवों के नाम बदल चुके हैं. मौलाना गांव का नाम विक्रम नगर, जहांगीरपुर का नाम जगदीशपुर और गजनी खेड़ी का नाम चामुंडा माता नगरी रखा गया था.
राजधानी भोपाल में भी बदले कई नाम
4 साल पहले राजधानी भोपाल के हबीबगंज रेल्वे स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति रेल्वे स्टेशन किया गया था. इसके अलावा राजधानी भोपाल के ईदगाह हिल्स को गुरुनानक टेकरी, पीरगेट को भवानी चौक, शैतान सिंह चौराहे को अहिल्याबाई होल्कर तिराहा मार्ग, मिंटो हॉल को कुशाभाऊ ठाकरे कंनवेंशन हॉल किया गया है. इस्लाम नगर का नाम जगदीशपुर किया जा चुका है. भोपाल शहर का नाम बदलकर भोजपाल करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा चुका है.
पीएम मोदी के दौरे को लेकर हाई अलर्ट, आईजी ने ली अधिकारियों की हाई लेवल मीटिंग
16 Sep, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन : 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश दौरे पर होंगे, वे धार जिले में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे. पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खास निर्देश दिए हैं, जिसके बाद राजधानी भोपाल के साथ-साथ अलग-अलग संभाग के पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर के अधिकारियों की मीटिंग के दौर शुरू हो गए हैं. वहीं, पीएम को धार दौरे को लेकर उज्जैन जोन के आईजी उमेश जोगा में भी अधिकारियों की हाई लेवल मीटिंग बुलाई. मीटिंग में उज्जैन रेंज के डीआईजी नवनीत भसीन भी शामिल हुए.
होटल, लॉज, धर्मशालाओं पर रहेगी पैनी नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े से कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं. होटल, लॉज, धर्मशाला, किराएदारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत सभी महत्वपूर्ण स्थलों पर पैनी नजर रखी जाएगी. इसके साथ ही आईजी ने तमाम पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आगामी त्योहारो पर उज्जैन में प्रसिद्ध देवी मंदिरों, आगर मालवा में बगलामुखी माता, देवास में चामुंडा माता समेत तमाम धार्मिक स्थलों पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए जाएं.
त्योहारों पर भी अलर्ट रहने के निर्देश
आईजी उमेश जोगा ने बताया, '' नवरात्र में भी कई गरबा पंडाल लगाए जाएंगे, कई जगह रावण दहन कार्यक्रम और फिर दीपावली का त्योहार होगा. ऐसे में एक के बाद एक पर्वों को देखते हुए सभी वर्ग के प्रबुद्धजनों के साथ शांति समिति आदि की बैठक ली जाए, वालंटियर, सुरक्षा कर्मी, बीट व्यवस्था में लगे अधिकारी कर्मचारियों के बीच समन्वय स्थापित रहे ऐसे दिशा निर्देश जारी किए है.''
असामाजिक तत्वों पर त्वरित कार्रवाई
आईजी ने इस दौरान कहा कि अपहरण संबंधित प्रकरण, असामाजिक तत्वों पर नजर, संदिग्धों को चिन्हित करने का अभियान भी शुरू करें. रोड, गश्त, पेट्रोलिंग पर भी ध्यान दें. आईजी ने साथ ही 1 जनवरी 2025 से 31 अगस्त 2025 तक हुए हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, संपत्ति अपराध, एनडीपीएस एक्ट, महिलाओं, नाबालिगों से संबंधित अपराध आदि की समीक्षा की और जरूरी दिशा निर्देश जारी किए.
मध्य प्रदेश में ला नीना लाएगा भीषण ठंड, मॉनसून जाते ही सक्रिय होगा ये वेदर पैटर्न
16 Sep, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP Winter Prediction : इस वर्ष मॉनसून के बाद ठंड का मौसम भी कई रिकॉर्ड तोड़ सकता है. दरअसल, मॉनसून के बाद 'ला नीना' वेदर सिस्टम अब ठंड पर अपना असर दिखाने के लिए तैयार है. ऐसे में मॉनसून की विदाई के साथ ही ठंड का मौसम तेजी से आगे बढ़ेगा और पूरे देश के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी हाड़कंपा देने वाली ठंड पड़ेगी.
मध्य प्रदेश में पड़ेगी भीषण ठंड
वैदर एक्सपर्ट्स ने एक बार फिर 'ला नीना' (La Nina) को लेकर अलर्ट जारी किया है. एक्सपर्ट्स ने अनुमान लगाया है कि साल के अंत में ला नीना सक्रिय होगा, जिससे पूरे भारत में सामान्य से ज्यादा ठंड पड़ने के आसार हैं. ऐसे में मॉनसून की मार झेलने के बाद देश के विभिन्न राज्यों के साथ मध्य प्रदेश को भी भीषण शीतलहर के लिए तैयार रहना होगा.
अक्टूबर से शुरू होगा ला नीना इफेक्ट
अमेरिकी के जलवायु पूर्वानुमान केंद्र ने हाल ही में एक रिपोर्ट भी जारी की है, जिसमें कहा गया है, '' अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच ''ला नीना'' के सक्रिय होने की प्रबल संभावना है. दिसंबर 2025 और फरवरी 2026 के बीच यह संभावना थोड़ी कम होकर 54% रह जाती है, लेकिन इस बार ये संभावना 71 प्रतिशत है.''
मॉनसूनी बारिश की वजह से नहीं बढ़ा तापमान
आईएमडी के मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, '' इस वर्ष मॉनसून की जबर्दस्त बारिश की वजह से मॉनूसन के धीमे पड़ने के बाद भी तापमान नियंत्रित हैं. वहीं अक्टूबर-दिसंबर के बीच ला नीना के सक्रिय होने की ज्यादा संभावना बन रही है. ला नीना का असर भारत में पड़ने वाली ठंड को पूरी तरह प्रभावित करता है. ऐसे में संभावना है कि सर्दी का असर इस वर्ष ज्यादा रहेगा.''
आखिर क्या है ला नीना और इसका सर्दी से कनेक्शन?
आसान शब्दों में 'ला नीना' प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह पर होने वाली एक घटना या वेदर पैटर्न है. भूमध्य रेखा के पास समुद्र की सतह का पानी जब ठंडा होने लगता है, तो इसे 'ला नीना इफेक्ट' भी कहते हैं. इसी ला नीना पैटर्न की वजह से दुनियाभर का मौसम प्रभावित होता है, जिसमें भारत भी शामिल है. जब-जब ला नीना सक्रिय होता है, तब भारत में सामन्य से ज्यादा बारिश होती है, जैसा इस वर्ष हुआ. इसके साथ ही ये सामान्य से ज्यादा ठंड पड़ने के लिए भी यही जिम्मेदार होता है.
स्काईमेट ने ला नीना को लेकर क्या कहा?
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर के अध्यक्ष जीपी शर्मा ने ला नीना को लेकर कहा, '' इस समय प्रशांत महासागर पहले से ही सामान्य से ज्यादा ठंडा है, फिलहाल ये ला नीना की सीमा तक नहीं आया है लेकिन कुछ समय के ला नीना पैटर्न की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. अगर समुद्र की सतह का तापमान -0.5°C से नीचे गया और कम से कम 3 क्वार्टर तक बना रहा तो इसे ला नीना घोषित कर दिया जाएगा. पिछले वर्ष के अंत में ठीक ऐसी ही स्थिति बनी थी.''
प्रदेश में आदि सेवा पर्व 17 सितम्बर से दो अक्टूबर तक मनाया जायेगा
15 Sep, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को धार जिले के भैसोला में आयोजित कार्यक्रम में आदि कर्म योगी अभियान अंतर्गत “आदि सेवा पर्व” का शुभारंभ करेंगे। जनजातीय गौरव और राष्ट्र निर्माण के संगम का प्रतीक आदि “आदि सेवा पर्व” 2 अक्टूबर तक चलेगा। “आदि सेवा पर्व” के दौरान जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, जल-संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवात्मक गतिविधियाँ आयोजित होंगी। हर गतिविधि के केन्द्र में सेवा का भाव और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प होगा ।
आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत रीजनल प्रोसेस लैब में मध्यप्रदेश के 12 राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को पहले चरण में तैयार किया गया है। इसी क्रम में स्टेट प्रोसेस लैब में 41 जिलों के 272 डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनर्स, डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब में 242 विकासखण्डों के 1210 ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स तैयार किये गये हैं, जिनके माध्यम से ब्लॉक स्तर पर 18150 क्लस्टर मास्टर ट्रेनर्स, 41 जिला स्तरीय एनजीओ पार्टनर्स, 20 विकासखण्ड स्तरीय एनजीओ कर्मी, 56470 आदि सहयोगी (शिक्षक / डॉक्टर / यूथ-लीडर्स / सामाजिक कार्यकर्ता), 203292 आदि साथी (स्वसहायता समूह सदस्य, जनजातीय जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवक, सांस्कृतिक हस्तियां), 22588 आदि विद्यार्थी, इस प्रकार 303233 चेन्ज लीडर्स तैयार करने का लक्ष्य है।
ट्राईबल विलेज विज़न-2030
इस अभियान के अंतर्गत “ट्राईबल विलेज एक्शन प्लान एवं ट्राईबल विलेज विज़न 2030” पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक गाँव के लिए विकास का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जा रहा है, साथ ही 02 अक्टूबर 2025 को विशेष ग्राम सभा में “विलेज एक्शन प्लान” का अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा। ग्राम स्तर पर बनाये जाने वाले आदि सेवा केन्द्रों के माध्यम से सेवा वितरण, संतुष्टिकरण एवं शिकायत निवारण तंत्र का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
आदि सेवा पर्व के दौरान कर्मयोगियों के माध्यम से जनजातीय बहुल ग्रामों में जनजातीय कार्य विभाग के अतिरिक्त पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, वन, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं शिक्षा आदि विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा ग्राम स्तरीय गतिविधियाँ, जनजागरण यात्राएं, क्षेत्र-भ्रमण, ग्रामीणों का उन्मुखीकरण, ग्राम विकास आवश्यकताओं के लिये विषय वार समूह चर्चाएं, ग्राम अपेक्षाओं के प्रदर्शन के लिए दीवार-लेखन, ग्राम विकास योजना तैयार करना, ग्राम विकास योजना के क्रियान्वयन के लिए विभाग वार जिम्मेदारियों का निर्धारण, ग्राम विकास योजना क्रियान्वयन कैलेण्डर का निर्माण, आदि सेवा केन्द्र का निर्धारण, आदि सेवा केन्द्र में शिकायत निवारण पंजी एवं अन्य आवश्यक पंजियों का संधारण आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष ग्राम सभा में ग्राम विकास कार्ययोजना का अनुमोदन भी किया जायेगा।
आदि-कर्मयोगी अभियान
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा इसी वर्ष आरंभ किया गया “आदि कर्मयोगी अभियान” देशभर में जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम स्तर पर नेतृत्व क्षमता का विकास करना, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और शासन को अधिक उत्तरदायी बनाना है। यह अभियान सेवा, संकल्प और समर्पण जैसे मूल्यों पर आधारित है, जो जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अभियान का लक्ष्य लगभग तीन लाख “आदि कर्मयोगियों” को प्रशिक्षित कर तैयार करना है। इन कर्मयोगियों में ग्राम स्तर के युवा, महिलाएँ, शिक्षक, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव और अन्य स्थानीय प्रतिनिधि शामिल हैं। इस अभियान के अंतर्गत “ट्राईबल विलेज विज़न 2030” पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक गाँव के लिए विकास का दीर्घकालिक रोड मैप तैयार किया जा रहा है। इस रोड मैप में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शुध्द पेयजल की उपलब्धता, पोषण संबंधी योजनाओं का क्रियान्वयन, महिला एवं बाल विकास योजनाओं का लाभ, आजीविका के साधनों का सृजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का पूर्ण कवरेज सुनिश्चित किया जा रहा है।
आदि सेवा केन्द्र की पहल
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए “आदि सेवा केंद्र” जैसी पहल शुरू की गई है। इनके माध्यम से गाँव में ही शिकायत निवारण और सेवा वितरण को समयबद्ध किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों - जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल जीवन मिशन, और कृषि विभाग - के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं के तालमेल पर विशेष बल दिया जा रहा है।
अभियान से ग्राम स्तर पर नेतृत्व का विकास, सरकारी योजनाओं की जागरूकता में वृद्धि, लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि और विभागों के बीच बेहतर समन्वय होगा। इससे जनजातीय समाज में आत्मविश्वास बढ़ेगा और शासन के प्रति विश्वास गहरा होगा। अभियान का दीर्घकालिक प्रभाव जनजातीय क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन, बालिका शिक्षा में वृद्धि, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी तथा सतत् आजीविका के साधनों में वृद्धि होगा।
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