मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में होगी CGBM की चमचमाती सड़कें, उखड़े रोड और गड्ढों से मिलेगा छुटकारा
22 Sep, 2025 06:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: जल भराव के कारण बार-बार खराब होने वाली सड़कों से निजात पाने के लिए अब सीमेंट ग्राउटेड बिटुमिनस मिक्स (CGBM) तकनीक से मध्य प्रदेश में सड़क बनाने पर विचार किया जा रहा है. इस नई तकनीक से बनने वाली सड़कों पर लगातार पानी बहने के बाद भी यह खराब नहीं होती, साथ ही उच्च तापमान और ट्रैफिक का भारी दबाव झेलने में भी यह सक्षम होती हैं. इस तकनीक से गुजरात के सूरत में बनाई गई सड़क बारिश के 8 सीजन झेल चुकी है, लेकिन अब तक तस की तस है. सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट ने नगरीय क्षेत्रों की सड़कों के लिए नगरीय प्रशासन विभाग को अपना प्रजेंटेशन दिया है.
किस तरह सीमेंट की सड़क से अलग होगी है यह
सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट के क्वालिटी मैनेजमेंट के एचओडी और चीफ साइंटिस्ट मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि "आमतौर पर बिटोमिन यानी डामर की सड़कें बनाई जाती हैं, लेकिन बारिश के मौसम में डामर एग्रीगेट को छोड़ देता है, जिससे सड़क पर गड्ढे हो जाते हैं. वहीं कंक्रीट की सड़क बनाने की बात होती है, लेकिन इसकी थिकनेस ज्यादा होती है और इसके लिए करीबन 28 दिन तक क्योरिंग करनी होती है, लेकिन सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट ने सीमेंट ग्राउटेड बिटुमिंस मिस्क तकनीक तैयार की है.
इसमें अगर बिटुमिंस लेयर को पोरस लेयर बनाकर उसकी ग्राउटेड कर दें, सिमेंटीसिस मटेरियल से तो वह सड़क बहुत टिकाउ हो जाती है. इस पर पानी भराव का कोई असर नहीं होता. इस तरह से देश के अलग-अलग क्षेत्र के अलग-अलग कंडीशन्स के लिए सड़क बनाई हैं. जैसा जहां बहुत ज्यादा तापमान होता है, जहां ट्रैफिक का बहुत दबाव होता है, जहां सर्दी ज्यादा होती है. इस तरह गुजरात, उत्तर प्रदेश, गुवाहाटी, श्रीनगर, जम्मू में सड़कें बनाई गई है. सभी जगह के बेहतर रिजल्ट सामने आए हैं. सूरत में बनाई गई सड़क को ही लें, तो इसे बारिश के 8 सीजन पूरे हो गए हैं और यह तस की तस है."
40 एमएम की बिछाई जाती है लेयर
सीमेंट ग्राउटेड बिटुमिनस मिक्स तकनीक टॉप सरफेस कोर्स के लिए होती है. मनोज कुमार शुक्ला बताते हैं कि "इस तकनीक के रिजल्ट को देखते हुए इंडियन रोड कांग्रेस ने भी इसे मान्यता दी है और इसका कोड बनाया है. साथ ही इसके लिए गाइडलाइन भी बना दी है. अर्बन रोड के लिए इसका सफल परीक्षण हो चुका है. हालांकि यह डामर की सडक से महंगी पड़ती है. सड़क की टॉप सरफेस पर डामर की 40 एमएम की लेयर बिछाने में यदि 100 रुपए का खर्च आता है, तो इस तकनीक में करीबन 125 रुपए का खर्च आता है.
वे बताते हैं कि जल्द ही इस तकनीक में आगे और प्रयोग करने की तैयारी की जा रही है. हम इस तकनीक को कोल्ड मिक्स प्रोसेस से भी विकसित करना चाह रहे हैं, ताकि इमल्शन के साथ इसका उपयोग किया जा सके. इससे यह और टिकाऊ हो सकती है."
मध्य प्रदेश में अभी तीन तकनीक से बन रही सड़कें
प्रदेश में अभी सीमेंट ग्राउटेड बिटुमिनस मिक्स तकनीक का उपयोग सड़क निर्माण में नहीं हो रहा. प्रदेश में सड़क निर्माण में तीन तकनीकों का उपयोग हो रहा है. कंसल्टेंट आशीष पाठक बताते हैं कि "प्रदेश में अभी थिन व्हाइट टॉपिंग तकनीक, बेस्ट प्लास्टिक तकनीक और कोल्ड मिक्स तकनीक का ही उपयोग हो रहा है. व्हाइट टॉपिंग तकनीक का उपयोग कर पीडब्ल्यूडी 475 किलोमीटर सड़क बना रहा है. प्रदेश के आगर मालवा, गुना, बैतूल में इस तकनीक से सड़क बनी है."
कमिश्नर बोले नई तकनीक को अपना रहे
नगरीय प्रशासन विभाग के कमिश्नर संकेत भौंडवे बताते हैं कि "नगरीय क्षेत्रों की सड़कें अच्छे और टिकाऊ बने, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं. साथ ही बारिश से बार-बार सड़कों को खराब होने से बचाने के लिए सड़क निर्माण की नई तकनीकों के उपयोग पर भी विचार किया जा रहा है. हमारी कोशिश है कि सड़क ऐसी बनें, जो कई सालों तक खराब न हो."
नवरात्रि की शुरुआत पर लेडी कलेक्टर का सख़्त अंदाज़, मीटिंग में पति-पत्नी की उपस्थिति पर जताई नाराज़गी
22 Sep, 2025 06:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: नवरात्रि के पहले ही दिन ग्वालियर में लेडी कलेक्टर रुचिका चौहान ने रौद्र रूप दिखाया है। उनके तेवर देखकर मीटिंग रूम में सन्नाटा पसर गया था। कलेक्टर रुचिका चौहान शहर की समस्याओं को लेकर मीटिंग कर रही थीं। मीटिंग में कुछ महिला पार्षदों की जगह उनके पति पहुंचे थे। यह देखकर कलेक्टर मैडम का पारा चढ़ गया। उन्होंने मीटिंग में ही सभी को सुना दिया।
सबको पीछे बैठा दिया
मीटिंग में कलेक्टर रुचिका चौहान सख्त तेवर अख्तियार करते हुए सभी पार्षद पतियों को खरीखोटी सुनाई है। साथ ही उन्हें दो टूक शब्दों में कहा कि आपलोग उठकर पीछे बैठो। बताया जा रहा है कि मीटिंग में चार महिला पार्षदों के पति पहुंचे थे। कलेक्टर के तेवर के सामने उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। सभी को दर्शक दीर्घा में बैठा दिया था।
पत्नियों को काम करने दीजिए
पार्षद पतियों को खरीखोटी सुनाने के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि अब महिलाएं सबल हैं। पत्नियों को ही उनके काम करने दीजिए। दरअसल, इस मीटिंग में शहर की स्वच्छता, पानी की सप्लाई, सड़कों की मरम्मत समेत अन्य समस्याओं पर चर्चा होनी थी। महिला पार्षदों की गैरमौजूदगी में उनके पतियों को खूब सुनाया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में आए दिन यह समस्या सामने आते रहती है कि महिला जनप्रतिनिधियों के पति ही उनका काम करते हैं। चंबल इलाके में ही एक मीटिंग के दौरान महिला जनप्रतिनिधि घूंघट में पहुंची थी। उस समय भी यह सवाल उठा था कि महिलाएं सशक्त कैसे होंगी, जब उन्हें काम करने की आजादी ही नहीं मिलेगी। अब देखना होगा कि ग्वालियर कलेक्टर के इस कदम से कितना बदलाव आता है।
तीन लोगों के साथ महिला ने चपरासी को फंसाया, डर्टी वीडियो बनाकर वसूली का आरोप
22 Sep, 2025 05:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी: जिले के करैरा थानांतर्गत एक महिला ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर नरवर तहसील में पदस्थ चपरासी को हनीट्रैप में फंसाकर उसका अश्लील वीडियो बनाया है। साथ ही अब दो लाख रुपए की मांग कर रहा है। पीड़ित चपरासी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। इसके बाद शिवपुरी पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है। वहीं, दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
करैरा में कमरे पर बुलाकर फंसाया
बताया जाता है कि नरवर तहसील में चपरासी के पद पर कार्यरत मुलायम सिंह पुत्र नारायण रावत 42 साल निवासी इमलिया थाना सुभाषपुरा के पास कुछ दिन पहले एक महिला कमलेश रजक का फोन आया। वह महिला, चपरासी से फोन पर बात करने लगी। साथ ही उसे विश्वास में लेकर मिलने के लिए करैरा बुला लिया। 19 सितंबर को जब मुलायम सिंह करैरा पहुंचा तो कमलेश उसे अपने साथ कमरे में ले गई। इसी दौरान कल्ला जाटव, उषा जाटव और अनिकेत जाटव ने महिला के साथ चपरासी का अश्लील वीडियो बना लिया।
अश्लील वीडियो बनाकर दो लाख रुपए की मांग
अश्लील वीडियो बनाने के बाद इन सभी पांचों लोगों ने मुलायम को धमकी दी कि वह उन्हें दो लाख रुपए दे, नहीं तो उसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर देगा। पांचों आरोपी उसे पिछोर के एसबीआई बैंक में ले गए, जहां उससे खाते में से पैसे निकालने के लिए कहा। इसी दौरान मुलायम वहां से मौका पाकर भाग आया और करैरा थाने आकर मामले की शिकायत दर्ज करवाई।
महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया
मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश की। कमलेश पत्नी अजब सिंह रजक निवासी गनियार थाना सीहोर को तहसील के सामने वाली गली से गिरफ्तार कर लिया। शेष आरोपितों की तलाश की जा रही है। साथ ही पुलिस वह वीडियो भी जब्त करने में जुटी है कि आगे की कार्रवाई की जा सके।
एक राष्ट्र और एक चुनाव का प्रस्ताव पारित किया रायसेन जिले ने
22 Sep, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । रायसेन जिले मे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पहुंचे थे। यहां पर जनप्रतिनिधियों का एक सम्मेलन आयोजित किया गया था।दावा किया जा रहा है, इस सम्मेलन में जिला पंचायत, 521 ग्राम पंचायत, 3 नगर पालिका 7 जनपद पंचायत तथा 9 नगर परिषद ने एक प्रस्ताव पारित किया है।
इस प्रस्ताव में एक राष्ट्र एक चुनाव के समर्थन में सभी ने अपने प्रस्ताव को पारित करते हुए समर्थन दिया है। रायसेन जिला देश का पहला ऐसा जिला बन गया है। जिसने एक राष्ट्र और एक चुनाव के लिए अलग-अलग प्रस्ताव पारित किए हैं। इस प्रस्ताव को पारित करने की पहल जन प्रतिनिधियों ने स्वयं की है। ऐसा कहा जा रहा है।
'गरबा पंडालों के गेट पर रखा जाए गौमूत्र, उनको गरबा में नहीं आना चाहिए': छतरपुर में बोले धीरेंद्र शास्त्री
22 Sep, 2025 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर: नवरात्रि के समय सभी गरबा पंडालों के प्रवेश द्वार पर गौमूत्र रखना चाहिए और उन (मुस्लिम) लोगों को गरबा पंडालों में नहीं आना चाहिए. ये बातें बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कही. धीरेंद्र शास्त्री रविवार को छतरपुर स्थित प्रसिद्ध बंबरबेनी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे. नवरात्रि शुरू होने से एक दिन पहले यहां पहुंचे बाबा बागेश्वर का भव्य स्वागत किया गया. लोगों ने उन पर पुष्प वर्षा की और आरती के साथ स्वागत किया.
'ऐसा लगा मानों वैष्णों देवी के दर्शन हो गए'
छतरपुर के राजनगर विधानसभा क्षेत्र में स्थित है मां बंबरबेनी का एक प्रसिद्ध मंदिर. यहां पूरे सालभर श्रद्धालुओं का आगमन रहता है. रविवार को धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी मां बंबरबेनी के दर्शन करने पहुंचे. वे 7 नवंबर से शुरू होने वाली अपनी 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' के लिए मां को निमंत्रण देने पहुंचे थे. मां की अलौकिकता से प्रसन्न धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "यहां आकर ऐसा लग रहा है मानों वैष्णो देवी के दर्शन हो गए. मां बंबरबेनी का यह बहुत अलौकिक और दिव्य धाम है." उन्होंने कहा कि वे जल्द यहां कथा करने आएंगे.
गरबा पंडालों के प्रवेश द्वार पर गौमूत्र रखने की सलाह
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "मैंने मां से प्रार्थना कि है लवकुशनगर क्षेत्र हमेशा समृद्ध बना रहे. बहुत जल्द बंबरबेनी मंदिर तक पहुंचने के लिए रोड का निर्माण भी होने वाला है." गरबा पंडालों में मुस्लिमों के प्रवेश को लेकर उन्होंने कहा कि "जब सनातन धर्म के लोग हजयात्रा में नहीं जाते तो उनको (मुस्लिमों) को भी गरबा पंडालों में नहीं आना चाहिए. मैं तो कहता हूं कि हर गरबा पंडाल के प्रवेश द्वार पर गोमूत्र रखना चाहिए." इस अवसर पर राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया भी मौजूद रहे.
त्रेतायुग से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
मां बंबरबेनी का यह मंदिर लवकुशनगर की पहाड़ी पर स्थित है. इस मंदिर का इतिहास त्रेतायुग से भी जुड़ा है. मंदिर के जानकार हनुमान दास बताते हैं "भगवान राम द्वारा माता सीता का निष्कासन किए जाने के बाद सीता मां यहीं पर स्थित वाल्मीकि आश्रम में रही थीं. यहीं पर उन्होंने लव और कुश को जन्म दिया था. तभी से इस स्थान का नाम लवकुश नगर हो गया. वैसे तो साल भर यहां भक्तों की भीड़ रहती है, लेकिन शारदीय और चैत्र नवरात्रि के समय यहां माता रानी के भक्तों का मेला लगता है."
नवरात्रि पर धीरेंद्र शास्त्री बड़ा संकल्प, सनातन धर्म की बेटियों को बचाने का लिया प्रण
22 Sep, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर: नवरात्रि में हर जगह जय माता दी, जय माता दी के जयकारे लगते हैं, लेकिन वृद्ध आश्रम में बच्चे अपने मां-बाप को छोड़ जाते हैं. यह सवाल पंडित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो संदेश के माध्यम से समाज से सामने उठाया है. नवरात्रि पर्व की पूर्व संध्या पर उन्होंने कहा कि "हर स्त्री में मां का स्वरूप देखें, तभी मां भगवती की कृपा मिलेगी. साथ ही अपने अनुयायियों को सनातन और बहन बेटियों की रक्षा का संकल्प दिलाया.
भक्तों को बाबा बागेश्वर दिलाया संकल्प
अपने बयान से सुर्खियां से रहने वाला धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नवरात्रि पर्व के एक दिन पहले बड़ा बयान दिया है. इस बार उन्होंने लव जिहाद बंद कराने को लेकर बड़ा प्रण लिया है. बागेश्वर सरकार ने कहा कि "यदि हमारे मन में किसी भी स्त्री के प्रति कु-भावना है, तो हम मां भगवती की कृपा से वंचित रहेंगे. स्त्री और माता के प्रति सच्चे, पवित्र भाव के बिना की गई पूजा अपवित्र है." बागेश्वर महाराज ने वेदों और सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता' यानी जहां नारियों का पूजन होता है, वहां देवताओं का वास होता है.
लव जिहाद रोकने का लिया प्रण
धीरेंद्र शास्त्री ने नवरात्रि के पावन पर्व पर संकल्प दिलाते हुए कहा कि "सनातन की रक्षा के लिए हमें प्रण लेना होगा कि भारत में हो रहे लव जिहाद को रोंके, ताकि सनातन धर्म की बेटियां सुरक्षित रहें और हमारी परंपराओं पर कोई आंच न आए. सनातन धर्म के प्रति कुभाव रहने वाली विदेशी ताकते उपद्रव न कर पाएं. " उन्होंने कहा कि "यदि हम अपनी मां के प्रति मन में सच्चा भाव नहीं रख पाते तो हमारी दुर्गा पूजा व्यर्थ है."
9 दिनों तक उपवास रखेंगे बाबा बागेश्वर
देश के जाने माने कथा वाचक बागेश्वर सरकार धीरेन्द्र शास्त्री इन दिनों धाम पर मौजूद है. वे रोजाना भक्तों की अर्जी सुनकर समस्याओं का समाधान कर रहे हैं. सोमवार से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्रि पर बाबा बागेश्वर 9 दिनों तक माता की भक्ति में लीन रहने वाले हैं. वे पूरे 9 दिनों तक व्रत करने के साथ रोजाना दोपहर में भक्तों को कथा सुनाएंगे. इसके अलावा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भक्तों को हर दिन दोपहर में देवी की उपासना, आराधना कैसे की जाए इसको लेकर चर्चा करेंगे. भक्तों पर माता की कृपा कैसे होगी इसके बारे में भी बागेश्वर सरकार समझाएंगे.
दीपावली, छठ पूजा के लिए 4 स्पेशल ट्रेन शुरू, मध्य प्रदेश के इन स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज
22 Sep, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: दशहरा, दीपावली और छठ पूजा त्योहारों को देखते हुए अभी से ट्रेनों में वेटिंग शुरू हो गई है. इसके चलते उन यात्रियों के सामने ज्यादा परेशानी है, जिन्हें लंबी यात्रा कर बिहार, उत्तर प्रदेश जाना है. यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए रेलवे ने 4 स्पेशन ट्रेनें चलाई हैं, जो त्योहार में यात्रियों की यात्रा को आसान कर सकती हैं. यह सभी स्पेशल ट्रेनें भोपाल मंडल के स्टेशनों से होकर गुजरेंगी. आइए जानते हैं त्योहारों पर कौन-सी 4 स्पेशन ट्रेनें चलाई जा रही हैं.
इन 4 ट्रेन से पहुंच सकते हैं बिहार-यूपी
मध्य प्रदेश के विभिन्न बड़े शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए सीधे ट्रेन मिल सकती हैं. इन स्पेशन ट्रेन में भी रिजर्वेशन के ऑप्शन मौजूद हैं.
1.उधना-बरौनी-उधना स्पेशल ट्रेन
ट्रेन नंबर-09033/09034 उधना-बरौनी-उधना स्पेशल (09033) यह स्पेशल ट्रेन सप्ताह में 2 दिन मंगलवार और शनिवार को उधना जंक्शन (सूरत) से रवाना होगी. उधना से यह रात 8 बजकर 35 मिनट पर रवाना होगी और एक दिन बाद सुबह 5 बजे बरौनी (बेगूसराय) पहुंचेगी. यह ट्रेन 20 सितंबर से शुरू हो गई है और 7 अक्टूबर तक चलेगी.
इसी तरह बरौनी से उधना के लिए हर गुरूवार और सोमवार को ट्रेन नंबर 09034 बरौनी से 06ः45 पर रवाना होगी और अगले दिन 19ः00 बजे उधना पहुंचेगी. यह ट्रेन 09 अक्टूबर तक चलेगी. यह ट्रेन नंदुरबार, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पं. दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर और शाहपुर पटोरी स्टेशन पर रुकेगी.
2.उधना-जयनगर-उधना स्पेशल ट्रेन
ट्रेन नंबर-09067/09068 उधना-जयनगर-उधना स्पेशल (09067) यह ट्रेन हर रविवार को उधना जंक्शन (सूरत) से 12:20 बजे चलेगी और अगले दिन 20:30 बजे जयनगर (बिहार) पहुंचेगी. यह ट्रेन 5 अक्टूबर तक चलेगी.
इसी प्रकार ट्रेन नंबर 09068 जयनगर-उधना स्पेशल हर सोमवार को जयनगर से 23:30 बजे चलकर बुधवार को 12:30 बजे उधना पहुंचेगी. यह ट्रेन नंदुरबार, भुसावल, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी स्टेशनों पर रुकेगी.
3.उधना-समस्तीपुर-उधना स्पेशल ट्रेन
ट्रेन नंबर- 09069/09070 उधना-समस्तीपुर-उधना स्पेशल ट्रेन नंबर 09069 उधना-समस्तीपुर स्पेशल हर रविवार को उधना से 20:35 बजे चलेगी और एक दिन बाद 02:00 बजे समस्तीपुर पहुंचेगी. यह ट्रेन 5 अक्टूबर तक चलेगी.
इसी तरह ट्रेन नंबर 09070 समस्तीपुर-उधना स्पेशल हर मंगलवार को समस्तीपुर से 05ः00 बजे चलकर अगले दिन 14ः00 बजे उधना पहुंचेगी. यह ट्रेन चलथान, नंदुरबार, भुसावल, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर स्टेशनों पर रुकेगी.
4.उधना-बलिया-उधना स्पेशल ट्रेन
ट्रेन नंबर 09041/09042 उधना-बलिया-उधना स्पेशल ट्रेन नंबर 09041 उधना- बलिया स्पेशल हर गुरुवार को 06ः40 बजे उधना से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 20ः15 बजे बलिया पहुंचेगी
इसी प्रकार ट्रेन नंबर 09042 बलिया-उधना स्पेशल हर शुक्रवार 23ः30 बजे बलिया से रवाना होगी और रविवार को 12.45 बजे उधना पहुंचेगी।.यह ट्रेन सूरत, भरूच, विश्वामित्री, वडोदरा, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंज बासौदा, बीना, ललितपुर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, गोविंदपुरी, फतेहपुर, प्रयागराज जंक्शन, मिर्जापुर, चुनार, वाराणसी, जौनपुर, औंड़िहार और गाजीपुर स्टेशनों पर रुकेगी.
सागर की पुरव्याऊ टौरी माई की स्थापना का 121वां साल, 80 फीट पर विराजेंगी मां जगतजननी
22 Sep, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: बुंदेलखंड में शारदेय नवरात्र में जगह-जगह माता की स्थापना की जाती है. एक से बढ़कर एक झांकिया और पंडाल बनाए जाते हैं. इनमें अगर सागर शहर की 121 साल पुरानी पुरव्याऊ टौरी पर स्थापित होने वाली माता की चर्चा ना हो, तो कुछ अधूरा सा लगता है. जी हां शहर में पुरव्याऊ टौरी की माता का अपना विशेष आकर्षण होता है. एक तो मां टौरी पर विराजती हैं और उससे बड़ा उनका पंडाल होता है.
खास बात ये है कि 1905 में मां की मूर्ति जैसी बनाई गई थी, आज भी वैसी ही बनाई जाती है. इसके अलावा माता जी पहली साल की तरह 120 साल बाद भी अपने भक्तो के कंधों पर सवार होकर जाती हैं और सागर शहर जय माई के जयकारों से गूंज उठता है.
1905 में हुई थी दुर्गा स्थापना की शुरुआत
पुरव्याऊ टौरी वाली माता को लेकर स्थापना समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राजपूत बताते हैं कि "1905 में हमारे पूर्वज हीरा सिंह राजपूत ने मां दुर्गा की स्थापना की शुरूआत की थी. तब से लेकर आज तक चाहे कोरोना जैसी महामारी आई हो या फिर कोई प्राकृतिक आपदा, लेकिन हमारी मां दुर्गा की स्थापना का क्रम नहीं रूका. इस साल 121 वां साल है, इसलिए कई विशेष तैयारियां की हैं.
मंडप की ऊंचाई बढ़ाने के साथ डिजाइन भी इस साल बदल दी है. माता रानी की मूर्ति का इस बार विशेष श्रृंगार होगा. मूर्ति हमारी तैयार है और कमेटी के लोग सब मेहनत कर रहे हैं. मातारानी के लिए विशेष मुकुट बनवाए गए हैं. इस साल माता रानी हर साल की तरह और हर साल से और बेहतर सभी व्यवस्थाएं देखने मिलेंगी."
'आयोजक नवरात्रि में आ जाते हैं सागर'
इस आयोजन समिति के ज्यादातर सदस्य सागर से बाहर हैं. कोई बिजनेसमैन है, तो कोई नौकरी करता है. लेकिन नवरात्रि पर्व के लिए सभी करीब 15 से 20 दिन के लिए सागर आ जाते हैं. इसके अलावा साल भर संपर्क में रहते हैं कि अगले साल की माता की स्थापना के लिए क्या क्या करना है.
राजेन्द्र सिंह बताते हैं कि "सब लोगों को पता है कि हम अपनी परम्पराओं से जुड़े हुए हैं तो जो जिस शहर में हैं, वहां की विशेष चीजें माता के श्रृंगार के लिए लाता है. जैसे कोई जयपुर में है, तो हमारे गणेश जी के लिए पगड़ी बनवाता है. जो जहां होता है, वहां की खास चीजें हमारे आयोजन के लिए लाता है. हम लोग साल भर चीजें इकट्ठा करते हैं और फिर यहां लाकर जो बेहतर होती है, उनका उपयोग करते हैं."
आज भी कंधे पर निकलती हैं माता रानी
आपको जानकर हैरानी होगी कि आज के युग में जब एक से एक बढ़कर एक वाहन आ गए हैं और लाइटिंग में भी काफी वैरायटी है. लेकिन पुरव्याऊ वाली माता जब दशहरे के दिन शहर के भ्रमण पर निकलती हैं तो उसी परंपरा के अनुसार निकलती हैं, जैसी स्थापना के पहले साल में निकली थीं.
राजेन्द्र सिंह बताते हैं कि "जब 1905 में हीरा सिंह राजपूत ने पहली बार माता की स्थापना की, तो उस समय बिजली नहीं थी और वाहन काफी कम थे. ऐसे में माता जी को कंधे वाली पालकी पर निकालते थे. उस समय लाइट नहीं होती थी, तो एक विशाल मशाल बनाई जाती थी, जिसे लेकर लोग आगे-आगे चलते थे. लोग तो बदलते गए, लेकिन हम लोगों ने अपनी परम्पराओं को नहीं बदला और उसी को आगे बढ़ा रहे हैं. आज भी मशाल ही माता के आगे-आगे चलती है."
'121वें साल में 80 फीट से ज्यादा ऊंचा पंडाल'
राजेन्द्र सिंह राजपूत बताते हैं कि "जब हम लोगों ने शताब्दी वर्ष मनाया था, तब हमारे कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव था. उस समय हम लोगों ने पंडाल बहुत ऊंचा बनाया था. इस साल भी हम लोग उतना ही ऊंचा पंडाल बना रहे हैं, क्योकिं बीच में कोरोना के कारण हम लोगों को ऊंचाई काफी कम करनी पड़ी थी. इस साल पंडाल की ऊंचाई 80 फीट से ज्यादा रखी गई है. इस साल माता जी का 121वां साल होने के कारण रोजाना विशेष श्रृंगार किया जाएगा."
माता सती के रक्त से प्रकट हुई तुलजा भवानी और माता चामुंडा, दिन में 3 बार बदलती हैं रूप
22 Sep, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देवास: पहाड़ों की टेकरी पर विराजित बड़ी माता तुलजा भवानी और छोटी माता चामुंडा भवानी के दरबार में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. खास कर नवरात्रि पर रोजाना लाखों भक्त माता के दर्शन करने पहुंचते हैं. यहां नवरात्र के पूरे 9 दिनों तक दिन भर माता की विशेष पूजा अर्चना चलती रहती है. अष्टमी और नवमी के मौके पर देवास रियासत के राजपरिवार द्वारा शाही हवन किया जाता है. 22 सितंबर आज से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्रि के महापर्व पर तड़के से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरु हो गया है.
आस्था का केंद्र है मां चामुंडा धाम
माता चामुंडा व माता तुलजा भवानी आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां दूर दराज से भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. देवास को मां चामुंडा व तुलजा भवानी की नगरी भी कहकर पुकारा जाता है. यहां चामुंडा माता के अलावा बजरंग, भेरू, कालिका, गणेश, अष्ट भुजा, खो-खो, अन्नपूर्णा माता सहित अन्य मंदिर भी मौजूद हैं. देवास का इतिहास माता टेकरी से जुड़ा हुआ है, बताया जाता है कि यहां पर कई साधकों ने तपस्या कर अपनी साधना को उच्च शिखर पर पहुंचाया है. जानकारों का ऐसा दावा है कि माता सती के रक्त की 2 बूंद से तुलजा भवानी और चामुंडा देवी प्रकट हुई थीं.
ऋषि-मुनियों ने यहां सालों तक की तपस्या
गुरु गोरखनाथ, राजा विक्रमादित्य के भाई राजा भर्तहरि व सद्गुरु योगेंद्र शीलनाथ महाराज की यह तपोभूमि रही है. जहां पर कई वर्षों तक इन साधकों ने माता के चरणों में घोर तपस्या की है. यहां स्थित माता टेकरी पर हर वर्ष नवरात्रि में 9 दिन का उत्सव मनाया जाता है. इसके साथ शहर में माता के बड़े-बड़े पंडाल लगते हैं, जो आकर्षण का केंद्र होते हैं. जगह जगह पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे आयोजित किये जाते हैं. यह क्रम पूरे 9 दिन तक चलता है.
पूरे साल भक्तों का लगा रहता है तांता
यूं तो साल के 12 महीने माता टेकरी पर श्रद्धालु मां चामुंडा दर्शन के लिए पहुंचते है. दूर दराज से भक्त अपनी मनोकामना लेकर मंदिर पहुंचते हैं और मां भक्तों की मनोकामना पूरी करती हैं. नाथ सम्प्रदाय के लोग यहां सुबह शाम माता की आरती कर पूजा करते हैं. सुबह 6 बजे बड़ी माता की आरती व 7 बजे छोटी माता की आरती की जाती है. यही क्रम शाम को भी दोहराया जाता है.
मंदिर छोड़कर जा रहीं थी माताएं
मान्यताओं के अनुसार, यहां देवी मां के दोनों स्वरूप अपनी जागृत अवस्था में हैं. इन दोनों स्वरूपों को छोटी मां और बड़ी मां के नाम से जाना जाता है. बड़ी मां को तुलजा भवानी और छोटी मां को चामुण्डा देवी का स्वरूप माना गया है. उसके अलावा भी यहां पर 9 देवियों का वास है. पुजारी मुकेश नाथ बताते हैं कि "बड़ी और छोटी मां के मध्य बहन का रिश्ता है. एक बार दोनों में किसी बात को लेकर अनबन हो गई थी, जिससे क्षुब्ध होकर दोनों माताएं अपना स्थान छोड़कर जाने लगी. बड़ी मां पाताल में समाने लगीं और छोटी माँ अपने स्थान से उठ खड़ी हुई और टेकरी छोड़कर जाने लगीं थी."
अन्य देवताओं के मनाने पर रुकी मां
"उस समय हनुमान जी और भेरू बाबा ने माताओं के क्रोध को शांत कर रुकने की विनती की. इस समय तक बड़ी माँ का आधा धड़ पाताल में समा चुका था, वे वैसी ही स्थिति में टेकरी में रुक गईं. वहीं छोटी माता टेकरी से नीचे उतर रही थीं. वे मार्ग अवरुद्ध होने से और भी कुपित हो गईं और जिस अवस्था में नीचे उतर रही थीं, उसी अवस्था में टेकरी पर रुक गईं. इस तरह आज भी माताएं अपने उन्हीं स्वरूपों में विराजमान हैं."
उल्टा साथिया बनाकर लोग मांगते हैं मन्नत
देवास के लोगों का मानना है कि "माताओं की ये मूर्तियां स्वयंभू हैं और जागृत स्वरूप में हैं. यहां जो भी भक्त सच्चे मन से मन्नत मांगता है, उसकी हमेशा मन्नत पूरी होती है. मान्यता है कि जिन महिलाओं के संतान नहीं होते हैं. अगर वे लगातार 5 दिनों तक माता को पान का बीड़ा खिलाए तो संतान सुख की प्राप्त होती है. साथ ही यहां उल्टा स्वास्तिक बनाकर मन्नत मांगने की प्रथा है. जब मन्नत पूरी पर लोग परिवार के साथ मंदिर पहुंचते हैं और सीधा स्वास्तिक बनाते हैं.
मां दिन में 3 बार बदलती हैं स्वरूप
पुजारी मुकेश नाथ के अनुसार यहां हर नवरात्रि में अष्टमी और नवमी को हवन यज्ञ का आयोजन होता है, जिसमें दोनों राजवंश के लोग उपस्थित होते हैं. मंदिर को लेकर किवदंतियां है कि माता दिन में तीन रूप बदलती हैं. सुबह को बाल अवस्था, दोपहर को युवावस्था व रात होते हुए मां को वृद्धावस्था रूप देखा जा सकता है.
ब्रह्ममुहूर्त में मैहर की मां शारदा का श्रृंगार और पूजा, माई का आशीर्वाद लेने भक्त चढ़े 1063 सीढ़ियां
22 Sep, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मैहर: शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 22 सितंबर सोमवार से पूरे देशभर में धूमधाम के साथ हो गया है. मां शारदा की नगरी मैहर में भी नवरात्रि का पर्व आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. सोमवार की सुबह ब्रह्ममुहूर्त में मां शारदा देवी का भव्य श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना की गई. इस अवसर पर मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित पवन पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के साथ मां का पूजन संपन्न कराया.
मां का भव्य श्रृंगार
नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मां शारदा देवी को विशेष श्रृंगार से सजाया गया. रत्न जटित आभूषणों, फूलों और चुनरी से सुसज्जित मां का दरबार भक्तों के लिए अद्भुत और अलौकिक आस्था का केंद्र बना. मां की आरती और पूजन के बाद श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोले गए. सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें दर्शन के लिए लग चुकी थीं. त्रिकुटा पर्वत पर बने इस मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को 1063 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं.
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
नवरात्रि के शुभारंभ पर मैहर मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचे. मंदिर प्रांगण में भक्तों द्वारा "जय माता दी" के गगनभेदी नारों से वातावरण गूंज उठा.
मेले का शुभारंभ
नवरात्रि के अवसर पर मैहर में पारंपरिक मेला भी प्रारंभ हो गया है. शहर की गलियों से लेकर मंदिर परिसर तक दुकानें सज गई हैं. झूले, प्रसाद, खिलौने और धार्मिक सामग्री की दुकानों पर सुबह से ही चहल-पहल देखी जा रही है. मेले में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.
प्रशासन की तैयारी
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही विशेष इंतजाम किए हैं. मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग, चिकित्सा दल, पेयजल व्यवस्था और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की गई है. नगर पालिका और मंदिर समिति ने परिसर की सफाई और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है. इसके साथ ही 22 सितंबर से 2 अक्टूबर नवरात्रि समापन तक नगर क्षेत्र में मांस, मछली और अंडे के विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है. ताकि नगर की धार्मिक और पवित्र छवि बनी रहे.
त्रिकुटा पर्वत पर मौजूद है शक्तिपीठ
मां शारदा मंदिर मध्य प्रदेश के सतना जिले के मैहर नगर में त्रिकुटा पर्वत पर स्थित एक प्राचीन और प्रसिद्ध शक्तिपीठ है. यह मंदिर विद्या और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां शारदा को समर्पित है. पौराणिक मान्यता है कि जब सती माता का शरीर खंड-खंड हुआ था, तब उनके हार का अंश इस स्थान पर गिरा, इसलिए इसका नाम पड़ा "मैहर" (मां का हार). मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को 1063 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, हालांकि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां रोपवे और वाहन सेवा भी उपलब्ध है.
वीर योद्धा आल्हा और ऊदल ने ही मंदिर की खोज!
कहा जाता है कि वीर योद्धा आल्हा और ऊदल ने ही इस मंदिर की खोज की थी. आल्हा ने यहां 12 वर्षों तक कठोर तप किया और मां को "माई" कहकर पुकारा. तभी से यहां की देवी शारदा माई के नाम से जानी जाने लगीं. एक अन्य परंपरा के अनुसार, यहां सर्वप्रथम पूजा आदि शंकराचार्य ने की थी, और विक्रम संवत 559 में देवी की प्रतिमा की स्थापना की गई थी. यह मंदिर न केवल आस्था और श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि इतिहास, अध्यात्म और लोककथाओं का भी अनमोल संगम है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को चौक बाजार में करेंगे व्यापारियों से संवाद
21 Sep, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार (22 सितंबर को) भोपाल के ऐतिहासिक 'चौक बाजार में' नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के प्रचार अभियान में शामिल होंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 2:30 बजे भवानी मंदिर, सोमवारा चौक पर होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जीएसटी प्रचार अभियान का स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शारदीय नवरात्र की घट स्थापना अवसर पर यहां कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर शुभाशीष प्राप्त करेंगे।
इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौक बाजार में ही पुलिस चौकी से दीपाली साड़ी प्रतिष्ठान तक पैदल भ्रमण करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री बाजार में खरीददारी करने आये ग्राहकों और व्यापारियों से जीएसटी के बारे में चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव व्यापारियों को जीएसटी रेजोल्यूशन की प्रतियां वितरित करेंगे और व्यापारियों को समझाइश देकर जीएसटी को लेकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रचार अभियान के दौरान स्वदेशी हैंडलूम्स और खादी कपड़े से बने परिधानों की खरीददारी करेंगे। साथ ही विभिन्न भुगतान माध्यमों के बारे में जानकारी देकर आमजन को डिजिटल पेमेंट प्रणाली अपनाने का संदेश भी देंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपरान्ह 3 बजे मोतीलाल मन्नूलाल धर्मशाला पहुंचेंगे, जहां वे व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों के करीब 300 प्रतिनिधियों से रूबरू होकर संवाद करेंगे। संवाद के दौरान केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी की दरों में कटौती किए जाने से क्रेता-विक्रेता को होने वाले लाभों की जानकारी दी जायेगी।
नवरात्रि से प्रारंभ बचत उत्सव का लाभ सभी वर्गों को मिलेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
21 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी की दरें कम करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया, जिसके माध्यम से 5 प्रतिशत की जीएसटी के दायरे में 99 प्रतिशत वस्तुएँ आ गई हैं। सोमवार 22 सितम्बर नवरात्रि के दिन से यह हमारे लिए एक तरह से बचत उत्सव के रूप में मनेगा। इसका लाभ समाज के सभी वर्गों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने आहवान किया कि सभी नागरिक गर्व से स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार की शाम प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के पश्चात मीडिया को दिए संदेश में कहा कि नवरात्रि का शुभारंभ जीएसटी बचत उत्सव से हो रहा है। यह समस्त राष्ट्रवासियों के हित में है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश में विस्तारपूर्वक जीएसटी बचत उत्सव की जानकारी दी है। राष्ट्रवासियों को यह बहुत बड़ी सौगात है। भारत को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। कमजोर से कमजोर वर्ग की आय में वृद्धि के साथ विकास में उन सभी की सहभागिता सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों के माध्यम से निर्मित वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। गर्व के साथ स्वदेशी के भाव को बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' और 'मेड इन इंडिया' को प्रोत्साहित करें। स्वदेशी के मंत्र को नवरात्रि के समय से लागू किए जाने से अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा क्योंकि रोजमर्रा की चीजों के क्रय किए जाने से किसान, महिला, युवा सभी के जीवन में बेहतरी आएगी।
पहला सुख निरोगी काया, फिट रहें, नशे से बचें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
21 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तन और मन की शुचिता के साथ इनका स्वस्थ रहना भी हम सबके लिए बेहद जरूरी है। मनुष्य को पहला सुख निरोगी काया से ही मिलता है। इसलिए हमेशा फिजिकली फिट रहने की कोशिश करें और किसी भी प्रकार के नशे के सेवन से बचें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार की सुबह अटल पथ पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के सभी नागरिकों विशेषत: युवाओं से यह अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्र सरकार द्वारा संचालित फिट इंडिया मूवमेंट और नशामुक्त भारत अभियान के संकल्प पूर्ति एवं जन-जागरूकता के लिए आयोजित नमो युवा रन (मैराथन दौड़) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। इस पखवाड़े के दौरान नमो युवा रन का आयोजन हम सबको देश की सेवा के लिए आगे आने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में नमो युवा रन के मोमेंटों (लोगो) का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने स्वयं स्पोर्ट्स ट्रेक सूट में मैराथन दौड़ में शिरकत कर हजारों की संख्या में नमो युवा रन में शामिल प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। हम सदैव अपनी सोच में, अपने विचारों में, अपने मूल्यों में 'देश सबसे पहले' की भावना रखें। हमेशा स्वदेशी वस्तुओं का ही उपयोग करें, तभी हमारा राष्ट्र पूरी दुनिया का सिरमौर बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व पटल पर एक अलग प्रतिष्ठा स्थापित की है। मध्यप्रदेश ने भी प्रधानमंत्री मोदी की सोच और उनके विजन से कदम से कदम मिलाते हुए देश-दुनिया में अपनी अलग जगह और नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने खेलों के मामले में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। देश के साथ मध्यप्रदेश का भी खेल स्पर्धाओं में प्रदर्शन दिनों-दिन सुधर रहा है। मध्यप्रदेश के हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर, ऑलिम्पिक में पदक विजेता टीम के सदस्य रहे। यह हमें खेल के क्षेत्र में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आह्वान किया कि यह संकल्प लें कि हम खुद को फिट रखेंगे, नशे से दूर रहेंगे और अपने-अपने काम और कर्तव्यों में भी हमेशा अव्वल रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा फिट इंडिया मूवमेंट और नशामुक्त भारत अभियान के संबंध में एक वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने देश के सभी युवाओं से फिट रहने और नशा नहीं करने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत के लिए हमने राष्ट्रीय योजना तैयार की है। जो एडिक्ट्स हो चुके हैं उन्हें शिक्षित कर उनके उपचार और पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स, केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकारों के सभी विभाग भारत को नशामुक्त बनाने की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं। वीडियो संदेश में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं केन्द्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी देश के सभी युवाओं से शरीर की तंदरूस्ती के लिए रोजाना व्यायाम करने और नशे से बचने का विशेष आह्वान किया।
नमो युवा रन मैराथन दौड़ कार्यक्रम में खेल एवं युवक कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर मालती राय, हितानंद शर्मा, वैभव पंवार, रविन्द्र यति, रणजीत चौहान, महेन्द्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दतिया शक्तिपीठ में की माँ पीताम्बरा की पूजा अर्चना
21 Sep, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल रविवार को दतिया प्रवास पर थे। उन्होंने प्रसिद्ध शक्तिपीठ पहुंचकर माँ पीताम्बरा के दर्शन किए। विधि विधान से पूजा अर्चना की। उन्होंने वनखण्डेश्वर बाबा का जलाभिषेक भी किया।
राज्यपाल पटेल ने माँ पीताम्बरा से प्रदेश और देश की सुख समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी स्मृतियों को संजोकर तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है राज्य सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
21 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी स्मृतियों को संजोने और उनसे जुड़े स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के लिये अनुकूल समय है, जब राष्ट्र के हित में सही निर्णय हो रहे हैं। विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को वृंदावन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे भगवान कृष्ण कन्हैया की पावन धरा पर पहुंचे हैं। यहां पहुंचने पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं याद आती हैं जो आज भी समसामयिक हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने विशाल दृष्टिकोण और गरीबों के प्रति उदार भाव रखने की शिक्षा दी। मध्यप्रदेश की धरती पर सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने से लेकर सुदामा के साथ मैत्री, रुकमणी से विवाह और भगवान परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त करने के प्रसंग घटित हुए। इस नाते मध्यप्रदेश भी गौकुल का आनंद प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृंदावन धाम स्थित केशव नगर पहुंचकर साध्वी सरस्वती दीदी की श्रीमद भागवत कथा का श्रवण किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। साध्वी सरस्वती दीदी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा मध्यप्रदेश में गौवंश संरक्षण, कृष्ण पाथेय के विकास के लिए की गई पहल और वैदिक घड़ी की स्थापना, भारतीय संस्कृति से युवा पीढ़ी को अवगत करवाने के प्रयासों की सराहना की। साध्वी सरस्वती दीदी ने सैनिक सहायता कोष के लिए साध्वी सरस्वती फाउंडेशन, वृंदावन की ओर से 11 लाख रुपए की राशि का चेक मुख्यमंत्री डॉ यादव को प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सैनिक सहायता कोष के लिए मध्यप्रदेश सरकार की ओर से 11 लाख रुपए की राशि शामिल करते हुए कोष में कुल 22 लाख रुपए देने को कहा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. जनक सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगरा के निकट ग्राम बाकंदा पहुंचकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मध्यक्षेत्र के "क्षेत्र सेवा प्रमुख" ओम प्रकाश सिसोदिया के पिता जनक सिंह सिसोदिया के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनक सिंह सिसोदिया की बाकंदा आगरा स्थित समाधि परिसर में पौध रोपण भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आगरा एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री द्वय केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उप मुख्यमंत्री द्वय का हृदय से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वृंदावन पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
मनरेगा की ‘डबरी’ और ‘बिहान’ के सहयोग से सविता बनीं आत्मनिर्भर
दिलीप घोष बोले- बंगाल में खिलेगा कमल, BJP की जीत का भरोसा
लेमरू में दौड़ी जिंदगी की नई रफ्तार, संजीवनी 108 सेवा से ग्रामीणों को मिल रहा त्वरित उपचार
छत के नेट से टीम इंडिया की कैप तक का सफर
केदारनाथ धाम में उत्सव का माहौल, कल सुबह खुलेंगे कपाट
सुपर सकर मशीन द्वारा लगातार चौथे दिन तानसेन नगर में सीवर सफाई कार्य जारी
रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में सूरजपुर बना प्रदेश में प्रथम स्थान पर
पारिवारिक संस्कृति व प्रेम, शांति, सद्भावना रथ को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई हरी झण्डी
हीटवेव का असर गहरा, MP में रात का अलर्ट; मजदूर दोपहर में नहीं करेंगे काम
