मध्य प्रदेश
खाद के कट्टों पर कब्जे के लिए MP में किसानों में मारामारी, 650 किसान भिड़े, एक-दूसरे के कपड़े तक फाड़ डाले
23 Sep, 2025 05:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरीः मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शासन प्रशासन भले ही पर्याप्त खाद होने का दावा कर रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि खाद किसानों की आवश्यकता से काफी कम है। यही कारण है कि आए दिन खाद गोदामों में किसान आपस में ही उलझ रहे हैं। उनका झगड़ा हो रहा है। प्रशासन इन व्यवस्थाओं को संभालने में नाकाम साबित हो रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण करैरा के बाद अब कोलारस में भी नजर आया। यहां कृषि उपज मंडी स्थित डबल लाक गोदाम में खाद लेने के लिए पहुंचे किसान आपस में भिड़ गए।
एक आधारकार्ड पर मिलना थी 5 बोरी खाद
बताया जाता है कि कोलारस में प्रशासनिक अमले ने डीएपी के वितरण के लिए दो दिन पहले 650 किसानों को टोकन वितरण किया था। अभी तक किसानों को एक आधार कार्ड पर पांच कट्टे दिए जा रहे थे। ऐसे में अनुमान था कि 650 किसानों के लिए कम से कम 3250 कट्टों की आवश्कयता होनी चाहिए। हालांकि गोदाम में खाद के कट्टे सिर्फ एक हजार थे। ऐसे में किसानों को इस बात का आभास हो चुका था कि जो पहले खाद गोदाम के गेट तक पहुंच जाएगा वह पहले खाद पाएगा। वहीं, जो पीछे रह जाएगा उसे खाद नहीं मिलेगी। यही कारण रहा कि भीड़ में मौजूद हर किसान लाइन में सबसे आगे लगना चाहता था।
किसानों में धक्का-मुक्की और कपड़े फाड़े
खाद पाने की चाहत में किसान लाइन में आगे लगना चाहता था। इसी के चलते किसानों ने आपस में धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इस धक्का-मुक्की में जो किसान लाइन में आगे से पीछे हुए वह आपस में मारपीट पर उतर आए। कई किसानों ने आपस में एक दूसरे की पिटा तो है ही। साथ ही एक दूसरे के कपड़े भी फाड़ दिए। जब इस बात की जानकारी पुलिस को लगी तो पुलिस मौके पर पहुंच गई।
650 में से 350 किसान निराश लौटे
पुलिस ने किसी तरह मशक्कत कर किसानों को अलग करवा कर मामला शांत करवाया। वहीं, प्रशासन ने खाद कट्टों की संख्या कम देख एक आधारकार्ड पर एक किसान को पांच की जगह तीन-चार कट्टे बांटे। जिससे 650 किसानों में से करीब 300 किसानों को ही खाद मिल पाया।
क्या बोले अधिकारी अधिकारी
करैरा में खाद वितरण को लेकर किसानों के बीच हंगामा होने के बाद कोलारस तहसीलदार सचिन भार्गव ने बताया कि हमने करीब तीन सौ किसानों को एक हजार कट्टे खाद का वितरण कर दिया है। इसके अलावा जो किसान बचे हैं, उन्हें अगली बार रैक आने पर खाद का वितरण किया जाएगा।
कानून पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: दोबारा विवाह करने वालों को नहीं मिलेगी तलाक को चुनौती देने की छूट
23 Sep, 2025 04:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने एक महिला की याचिका खारिज कर दी। महिला ने पारिवारिक न्यायालय के तलाक के फैसले को चुनौती दी थी। यह तलाक उसके पूर्व पति द्वारा दूसरी शादी करने के बाद दायर किया गया था। अदालत ने कहा कि अब इस याचिका का कोई मतलब नहीं है। हालांकि, अदालत ने महिला को अपने पति से गुजारा भत्ता मांगने के लिए निचली अदालत में अलग से मुकदमा दायर करने की अनुमति दी है।
130 दिनों की देरी से दायर की अपील
अदालत ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने में 130 दिनों की देरी हुई है। हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 15 के तहत अपील दायर करने की अवधि के दौरान किसी भी पक्ष द्वारा शादी करने पर रोक है। लेकिन एक बार वह अवधि समाप्त हो जाने के बाद, दोबारा शादी करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है। उच्च न्यायालय (HC) ने कहा कि अगर अपील पर सुनवाई होती है, तो इससे उस महिला के वैवाहिक अधिकारों को खतरा होगा, जिसने अपने तलाकशुदा पति से शादी कर ली है।
सुनवाई का कोई मतलब नहीं
अदालत ने यह भी कहा कि अपील दायर करने में बहुत देर हो चुकी है। इसलिए अब इस मामले पर सुनवाई करने का कोई मतलब नहीं है। लेकिन महिला चाहे तो अपने पूर्व पति से गुजारा भत्ता पाने के लिए अलग से केस कर सकती है।
गुजारा भत्ता क्या होता है
तलाक या कानूनी रूप से अलग होने के बाद, एक साथी को दूसरे को आर्थिक मदद देनी होती है। इसे गुजारा भत्ता कहते हैं। इसका मकसद यह है कि कमजोर साथी भी सम्मान से जी सके। यह मदद कोर्ट तय करती है। कोर्ट पति-पत्नी की कमाई, जरूरतें और बच्चों की जिम्मेदारी देखती है। कुछ मामलों में, जैसे पत्नी का व्यभिचार या आत्मनिर्भर होना, गुजारा भत्ता नहीं मिलता। गुजारा भत्ता कई तरह का होता है। अस्थायी गुजारा भत्ता तलाक की प्रक्रिया के दौरान दिया जाता है। स्थायी गुजारा भत्ता तलाक के बाद दिया जाता है।
गरबा पंडालों में प्रवेश सिर्फ ID के साथ, भोपाल कलेक्टर के आदेश के बाद मंत्री विश्वास सारंग का बड़ा बयान
23 Sep, 2025 04:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपालः शारदीय नवरात्रि की शुरूआत के साथ ही दुर्गा उत्सव पर्व 2025 में जिले में गरबा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू हो गया है। इस पर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। गरबा, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए गाइडलाइन जारी किए हैं। साथ समितियों के इसके अनुसार प्रबंधन करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर की इस गाइडलाइन पर बीजेपी मंत्री ने भी समर्थन दिया है। जिला प्रशासन की तरफ जारी निर्देश के अनुसार गरबा, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने वाली समिति किसी भी व्यक्ति को उनके बगैर आईडी और बिना वेरिफिकेशन के कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश नहीं देगी। साथ ही आयोजन समिति कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरा जरूर लगाए। पंडालों में फायर सेफ्टी के पूरे इंतजाम हो।
धारदार हथियार की एंट्री पर बैन
गरबा पंडालों और कार्यक्रम स्थलों पर आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था रखना अनिवार्य होगा। वहीं, कोई व्यक्ति कार्यक्रम स्थल तक आपत्तिजनक वस्तु और धारदार हथियार लेकर नहीं जाए। कार्यक्रम आयोजन समिति बिजली सुरक्षा से संबंधित समस्त कार्य पहले से सुनिश्चित करें। साथ ही इसका सर्टिफिकेट भी विद्युत विभाग से लेना सुनिश्चित करें। कलेक्टर के तरफ जारी आदेश की अनदेखी करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एमपी मंत्री विश्वास सारंग ने दिया समर्थन
बीजेपी मंत्री विश्वास सारंग ने जिला कलेक्टर के निर्देश का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि विशुद्ध रूप से हिंदू परंपरा का सनातन धर्म का एक धर्मिक अनुष्ठान है। जो लोग हिंदू धर्म का पालन करते हैं। उन्हीं को गरबे में जाना चाहिए। जो हिंदू हैं उन्हीं को गरबे में जाना चाहिए। विशुद्ध रूप से आराधना है देवी मा की। जो लोग जा रहे हैं, वो अपनी आइडेंटिटी बताएं। मुझे लगता है कि जो हिंदू धर्म का पालन नहीं करते हैं, वो जाते क्यों है। यह कोई इंटरेटेनमेंट का शो थोड़ी है। यह मां की स्तुति है, मां की प्रार्थना है, मां का अनुष्ठान है।
लक्जरी कार वाला रसूखदार खुले में पेशाब करता पकड़ा गया, ठेले वालों ने रोकने पर दिखाई पिस्टल की ताकत, VIDEO वायरल
23 Sep, 2025 04:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियरः शहर में आए दिन विवाद और दबंगई की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ताजा मामला सिरोल थाना क्षेत्र का सामने आया। यहां एक अज्ञात आरोपी पर ठेले वाले परिवार को गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोमवार देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अपने साथ हुई घटना की शिकायत लेकर मुंशी लाल पुत्र राम सिंह जाटव (38) थाने पहुंचे। पीड़ित फूटी कॉलोनी थाना सिरोल के पास रहता है। वह सचिन तेंदुलकर मार्ग पर अपने परिवार के साथ ठेला लगाकर गुजारा करता है। रात में उसके साथ ऐसी घटना हुई जिसकी उन्होंने सोचा भी नहीं था।
परिवार ने रोका तो हुआ आग बबूला
घटना 21 सितंबर 2025 की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। उसी समय एक इनोवा कार (क्रमांक एमपी 07 बीए 5474) से आरोपी वहां पहुंचा। वह ठेले के पास ही खुले में पेशाब करने लगा। जब फरियादी, उसकी पत्नी और बेटी ने इस पर आपत्ति जताई और रोकने का प्रयास किया। तब आरोपी आग-बबूला हो गया। उसने परिवार के साथ मां-बहन की गंदी गालियां दीं। फिर दबंगई दिखाते हुए कमर में लगी पिस्टल निकाल ली। आरोपी ने तकरीबन 20 मिनट तक पिस्टल लहराते हुए धमकाते हुए कहा कि तेरा ठेला बंद करवा दूंगा। आरोपी ने फरियादी को जान से मारने की धमकी देते हुए गाली-गलौज जारी रखी।
सोशल मीडिया में वायरल वीडियो
जब आरोपी परिवार को धमका रहा था। तब फरियादी की बेटी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। सोमवार देर रात घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बाद पुलिस भी हरकत में आई। सिरोल थाना पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है। कार को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सूत्रों की माने तो आरोपी रसूखदार भाजपा नेता है, जो दतिया जिले का रहने वाला है। वीडियो में अभद्र भाषा का उपयोग किया गया है। इसलिए जारी नहीं किया जा सकता है। आपको बता दें कि ग्वालियर में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जहां दबंग तत्व मामूली बात पर हथियार दिखाकर दहशत फैलाने से नहीं चूकते। हाल ही में कुछ नवयुवकों का भी बाइक पर कट्टा चलाते हुए रील वायरल हुई थी। जिनकी तलाश की जा रही है।
भोपाल में दुर्गा उत्सव पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश जारी
23 Sep, 2025 09:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। दुर्गा उत्सव पर्व 2025 के दौरान भोपाल जिले में गरबा, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश जारी किए हैं।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट भोपाल द्वारा जारी आदेश में आयोजक समितियों को आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निम्नानुसार निर्देश जारी किये हैं।
1. गरबा, डांडिया एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने वाली आयोजन समिति द्वारा किसी भी व्यक्ति को उनके बिना पहचान पत्र के सत्यापन किये बिना आयोजन स्थल पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
2. आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाना अनिवार्य होगा।
3. आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर स्थापित पंडालों में अग्नि से बचाव हेतु अग्निशमन यंत्रों का पर्याप्त व्यवस्था तथा Fire Safety Norms का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।
4. आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था रखना अनिवार्य होगा।
5. आयोजन समिति द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाये कि किसी भी व्यक्ति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर आयोजन के दौरान किसी भी संदिग्ध/आपत्तिजनक वस्तु/घातक हथियार नहीं ले जाया सकेगा और न ही उसका प्रयोग/प्रदर्शन कर सकेगा।
6. आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर विद्युत सुरक्षा से संबंधित समस्त कार्य कराया जाना सुनिश्चित करेंगे एवं इस आशय का प्रमाण पत्र विद्युत विभाग से लिया जाना अनिवार्य होगा।
उपरोक्तानुसार व्यवस्थाएँ सुनिश्चित नहीं किये जाने की स्थिति में नियम अनुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है नया मानक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
22 Sep, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुझे गर्व है कि मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के शुभारंभ के साथ ही नवकरणीय ऊर्जा में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नया मानक स्थापित किया है। यह भारत की पहली परियोजना है, जो रिकार्ड न्यूनतम 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ पर स्थिर और डिस्पैचेबल नवकरणीय ऊर्जा प्रदान कर रही है। मध्यप्रदेश में ऊर्जा के विभिन्न स्त्रोतों की स्थापित क्षमता तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2025 तक सौर क्षमता लगभग 5 हजार मेगावाट पर पहुंच चुकी है, जिसे वर्ष 2035 बढ़ाकर 33 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा इंडस्ट्रियल प्रमोशन पालिसी, रिन्यूएबल एनर्जी पालिसी 2025 और पम्प हाइड्रो पालिसी 2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित सीआईआई अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी, मालदीव के पर्यावरण एवं पर्यटन राज्यमंत्री मुवियाथ मोहम्मद, सीआईआई और ई.वाय इंडिया के पदाधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगला अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन मध्यप्रदेश में आयोजित करने के लिए सभी को आमंत्रित किया।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम नेट जीरो के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल भारत का दिल नहीं, बल्कि निर्माण गतिविधियों का केन्द्र भी बन रहा है। यह समय हमारे लिए निर्णायक है, वैश्विक परिस्थितियाँ बदल रही हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। 'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करते हुए एक ऐसे भारत की नींव रखी जा रही है जो सुरक्षित, सक्षम और विश्व को मार्गदर्शन प्रदान करने की सामर्थ्य रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम सभी नेट जीरो के लक्ष्य की ओर दृढ़ संकल्पित होकर कदम बढ़ा रहे हैं। आने वाले वर्षों में भारत और मध्यप्रदेश विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा।
भारतीय अर्थव्यवस्था अब दुनिया की आशा और भरोसे का केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज भारत को वैश्विक स्तर पर नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता। हमारी मातृभूमि भारत अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की आशा और भरोसे का केंद्र बन चुकी है। भारत आज ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा, टेक्सटाइल, आईटी, कृषि, फार्मा, रक्षा और अंतरिक्ष हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है एवं भारत को स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। भारत ने 2070 तक नेट-ज़ीरो और 2030 तक 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता का लक्ष्य रखा है। देश 251.5 गीगावाट नॉन-फॉसिल ऊर्जा क्षमता को पार कर चुका है और सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता में 100 गीगावाट की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में से एक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन मिशन', 'पीएम-कुसुम योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और स्मार्ट ग्रिड जैसी पहलों के माध्यम से भारत ने ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर, स्वच्छ और सतत् दिशा प्रदान की है। परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिला है। मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अनूठी उपस्थिति के साथ देश के प्रमुख राज्यों में से एक बन चुका है। यहाँ देश का सबसे बड़ा 'सौर पार्क' रीवा में स्थापित है, जो दिल्ली मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण उपक्रमों को ऊर्जा प्रदान करता हैं। साथ ही सांची शहर को देश का पहला सोलर सिटी बनाया गया है और ओमकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट कार्यरत है। नीमच में भारत का सबसे बड़ा पंप हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट विकसित किया गया है, जो ऊर्जा संग्रहण क्षमता के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाता है।
घटी जीएसटी, मिला बचत का मीठा उपहार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
22 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत का स्वप्न केवल संकल्प नहीं, बल्कि जल्द ही साकार होने वाला यथार्थ है। इसके लिए देश के हर नागरिक को बराबर का सहयोगी और साथी बनना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जीएसटी दरों में कटौती कर देशवासियों को बचत का मीठा उपहार दिया है। केंद्र सरकार की बचत संबंधी यह पहल देशवासियों को दीपावली की सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल के ऐतिहासिक चौक बाजार में नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के प्रचार कार्यक्रम "बचत उत्सव" के तहत व्यापारियों और आमजन से संवाद कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवारा क्षेत्र की पुलिस चौकी से दीपाली साड़ी हाउस तक बाजार में पैदल भ्रमण कर दुकानों में जीएसटी बचत उत्सव के स्टीकर्स चिपकाए। दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीयतापूर्ण चर्चा की। जीएसटी दरों में कटौती होने से महिलाएं सबसे अधिक खुश नजर आईं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मिष्ठान खिलाकर अपनी खुशी जाहिर भी की। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से स्वदेशी वस्त्रों और परिधानों की खरीददारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार में खरीददारी करने आए ग्राहकों और आमजनों से भी आत्मीय भेंट की। बाजार में पैदल भ्रमण एवं भेंट के दौरान दुकानदार और आमजन ने मुख्यमंत्री का पुष्पवर्षा कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानों में व्यापारियों से संवाद करते हुए कहा कि आज से देशभर में लागू हुई नई जीएसटी कटौती दरें जनता के जीवन में बचत और समृद्धि लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन से शुरू हुआ यह कदम देशवासियों के लिए ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की तरह मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग तभी प्रशस्त होगा, जब हम अपने स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक और दूरगामी पहल है, जो भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यापारियों के साथ जीएसटी कटौती पर चर्चा की और उन्हें मिठाई खिलाकर जीएसटी बचत उत्सव की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौक बाजार में विजयवर्गीय ज्वेलर्स पहुंचे। यहां प्रतिष्ठान स्वामी ने मिष्ठान खिलाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भ्रमण के दौरान मान्यवर, रिवाज, जानकी साड़ी, धरा ज्वेलर्स, सत्यम फैब्रिक्स ओर दीपाली साड़ी हाउस पहुंचे और सभी दुकानों में जीएसटी बचत उत्सव के स्टीकर्स चिपकाए। उन्होंने दुकान स्वामियों को जीएसटी की नई दरों के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानदारों और ग्राहकों को नवरात्रि और दशहरा की शुभकामनाएं दीं और त्यौहारी सीजन में अपने लिए कुछ कपड़े भी खरीदे, पक्का बिल बनवाया और यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर सभी को डिजिटल पेमेंट से जुड़ने का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से नई जीएसटी दरों का प्रचार-प्रसार करने और जन-जन तक जीएसटी में कटौती का संदेश पहुंचाने के अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों से संवाद
चौक बाजार में पैदल भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोतीलाल मन्नूलाल धर्मशाला में विभिन्न व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से रूबरू होकर आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को आने वाले सभी त्यौहरों सहित दीपावली की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कमी से देशवासियों की बचत बढ़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति में वृद्धि होगी। बढ़ी हुई क्रय शक्ति से बाजार गुलजार होंगे और अंततः सरकारों को जनकल्याण एवं विकास कार्यक्रमों के लिए अधिक आर्थिक संसाधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इस सुधार से व्यापारी और उद्योगपति बंधु भी राहत महसूस करेंगे, क्योंकि अब उन्हें अलग-अलग कर दरों की दुविधाओं से भी मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में आज से जीएसटी की नई दरें लागू हो चुकी हैं। अब 5 और 18 प्रतिशत के सिर्फ 2 स्लैब हैं। दैनिक जरुरतों की लगभग सभी वस्तुएं 5 प्रतिशत स्लैब में रखी गई हैं। केवल विलासितापूर्ण वस्तुओं (लग्जरी आईटम्स) को ही 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को बड़ी सौगात दी है। नवरात्रि के पहले ही दिन से देश में जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो चुका है। हम सभी को स्वदेशी को बढ़ावा देना चाहिए। स्वदेशी अपनाकर ही हम अपने देश को दुनिया में अग्रणी राष्ट्र बनाएंगे। उन्होंने कहा कि जीएसटी घटने से बाजारों की रौनक कई गुना बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आम जनता के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जीएसटी घटाकर व्यापारियों के साथ ही आम जनता को दीपावली का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी ही देश और प्रदेश के विकास का मूल आधार है। स्वदेशी हमारी आजादी के दौर का कारगर हथियार था। अब इसी स्वदेशी को अपनाकर भारत दुनिया की चौथी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। राज्य सरकार की मंशा है कि स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों की खपत स्थानीय स्तर पर ही हो, यही हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी कटौती से पहले आयकर सुधारों से आम जनता को राहत दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी व्यापारी बंधुओं से 'गर्व से कहो-यह स्वदेशी है' का उद्घोष कराया। मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज सहित सभी को सोमवार को ही महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं भी दीं। भोपाल चेंबर ऑफ कामर्स द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।
कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन पूजन भी किये
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चौक बाजार में अपने भ्रमण की शुरूआत कर्फ़्यू वाली माता मंदिर से की। मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्र की घट स्थापना के अवसर पर कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया और कन्या पूजन कर देवी स्वरूपा कन्याओं का शुभाशीष भी प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार भ्रमण के दौरान डमरू बजाकर अपना आह्लाद प्रकट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानों पर जीएसटी की कम हुई दरों के उपहार का पोस्टर लगाया। मुख्यमंत्री का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
जीएसटी की नई दरों के संदर्भ में बाजार में पैदल भ्रमण से जनजागरण तथा व्यापारिक, सामाजिक संगठनों एवं आमजनों से संवाद कार्यक्रम के दौरान भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक दक्षिण-पश्चिम भगवान दास सबनानी, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, समाजसेवी रविन्द्र यति, राहुल कोठारी सहित जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न व्यापारी एवं वाणिज्यिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने व्यापारियों व विक्रेताओं को दी जीएसटी में छूट के लाभ की जानकारी
22 Sep, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि आज देश में बचत उत्सव का शुभारंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी की दरों में कमी की घोषणा की है जिसके कारण 90 प्रतिशत से अधिक चीजें सस्ती हो गई हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा शहर के व्यापारियों व खरीददारों से संवाद कर जीएसटी में छूट से मिलने वाले लाभ की जानकारी दी।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा शहर के शिल्पी प्लाजा में दुकानों में पहुंचकर व्यापारियों, आमजनों व खरीददारों से कहा कि नवरात्रि के प्रथम दिन से आपकी जरूरतों की सभी चीजें सस्ती हो गई हैं। जीएसटी में कटौती की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बाद दवाइयाँ, दैनिक उपयोग की वस्तुओं सहित देश में 375 से ज्यादा वस्तुएँ सस्ती हो गई हैं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में 99 प्रतिशत वस्तुओं में सिर्फ 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा जिससे सभी को काफी राहत मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने व्यापारियों व खरीददारों से संवाद करते हुए स्वदेशी वस्तुएँ बेचने व खरीदने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अपने देश की बनी वस्तुएँ खरीदने से देश का पैसा देश में ही रहेगा और हमें गर्व होगा कि हम अपने देश के बने उत्पाद खरीद रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने दुकानों में बचत उत्सव, हर घर स्वदेशी व घर-घर स्वदेशी के पोस्टर लगाकर लोगों को स्वदेशी वस्तुएँ अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान पूर्व महापौर वीरेन्द्र गुप्ता एवं शिल्पी प्लाजा के व्यवसायी उपस्थित रहे।
वैश्विक स्वर्ण खनन मानचित्र पर उभरा कटनी जिला
22 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : कटनी जिले ने खनन क्षेत्र में नया इतिहास रचा है। जिले के स्लीमनाबाद के इमलिया गोल्ड ब्लॉक की खदान से जल्द ही स्वर्ण खनन शुरू हो जायेगा। सोमवार को कलेक्टर आशीष तिवारी और प्रोस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्रायवेट लिमिटेड कम्पनी के डायरेक्टर अविनाश लांडगे के मध्य गोल्ड ब्लॉक की माइनिंग लीज का एमओयू हुआ। मध्यप्रदेश का कटनी जिला वैश्विक स्वर्ण खनन मानचित्र पर प्रतिष्ठित हो गया है।
कलेक्टर तिवारी ने बताया कि ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से प्रोस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्रायवेट लिमिटेड कम्पनी नरीमन प्वाइंट मुम्बई को 50 वर्ष की अवधि के लिये स्लीमनाबाद क्षेत्र के ग्राम इमलिया में 6.510 हेक्टेयर क्षेत्र का खनि पट्टा प्रदान किया गया है। तिवारी ने बताया कि इमलिया गोल्ड माइंस में उत्खनन कार्य शुरू होने से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही जिले को क्षेत्रीय स्तर पर अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। जिससे जिले और समूचे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि पूरे देश में अभी तक केवल कर्नाटक से ही गोल्ड माइनिंग हो रही थी। अब इस एमओयू से मध्यप्रदेश में भी सोने का खनन शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि कटनी खनिज सम्पदा से समृद्ध जिला है और यहाँ पर चूना, बॉक्साइट, लाइम स्टोन और क्रिटिकल मिनरल्स बहुतायात में उपलब्ध हैं।
उप संचालक माइनिंग ने कहा कि कटनी जिले में नये खनिज स्रोतों के रूप में सोने की खदान में सोने के साथ बेसमेटल, चाँदी, लेड (सीसा) और कॉपर भी निकलेगा। जल्द ही कम्पनी इमलिया गोल्ड माइंस से सोना निकालने के लिये मशीनरी सिस्टम इंस्टाल करेगी। भू-गर्भ शास्त्रियों के प्राथमिक अन्वेषण रिपोर्ट में इमलिया गोल्ड माइंस से 14 लाख टन मिनरल्स मिलना संभावित है इससे अलग ग्रेड और मात्रा में संधारण के बाद धातु निष्कर्षण हो सकेगा।
प्रधानमंत्री जन-मन योजना से सहरिया समुदाय को मिला नव जीवन : राज्यपाल पटेल
22 Sep, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान कार्ड की सुविधाओं से जनजातीय समुदाय को नव जीवन मिला है। उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान उन्होंने आवास हितग्राहियों से चर्चा की है। सभी का कहना है कि उनके मकान पक्के होंगे, सोचा भी नहीं था। लोक शक्ति रथ के यात्रियों ने आयुष्मान भारत योजना को सभी के लिए जीवन दायिनी बताया है। राज्यपाल पटेल सोमवार को मुरैना विकासखंड के ग्राम धनेला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने टीबी रोगियों से मुलाकात की और रोगियों को निक्षय मित्र के रूप में फलों की टोकरी भेंट की।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवा पीढ़ी को समाज सेवा के कार्यों में सहभागिता करनी चाहिए। वंचितों और गरीबों की सेवा के लिए अपना कर्तव्य समझकर आगे आना चाहिए। समाज की सेवा का सबसे प्रभावी तरीका शिक्षा है। शिक्षित युवाओं का आव्हान किया है कि सेवा पखवाड़े के दौरान सेवा के कार्यों में आगे बढ़कर सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि टी.बी. एक रोग मात्र है और नियमित दवाएं, उचित पोषण से मरीज 6 माह में ठीक हो सकते हैं। जरूरत रोग के बारे में सही जानकारी होने और उचित दवाएं लेने की है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा चलाए गए सेवा पखवाड़े के दौरान 2 अक्टूबर तक स्वास्थ्य शिविर लग रहे हैं। जाँच के साथ ही जरूरत के अनुसार दवाएं भी निःशुल्क दी जा रही है।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि सरकार द्वारा जनजातीय आबादी के कल्याण और विकास के लिए प्रदेश में धरती आबा योजना लागू की है। अत्यंत पिछड़े जनजातीय समूह बैगा, भारिया और सहरिया के विकास और कल्याण के लिए क्रांतिकारी पहल प्रधानमंत्री जन-मन योजना के द्वारा की गई है। योजना के लिए केन्द्र सरकार ने 24 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। जनजातीय बहनों, भाईयों के लिए विकास और कल्याण के सभी कार्य और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का क्रियान्वयन सुनियोजित तरीके से किया जाए। सबसे वंचित को सबसे पहले लाभान्वित करने के लिए प्राथमिकता निर्धारित कर हितग्राहियों को लाभान्वित करना चाहिए।
राज्यपाल ने श्रीअन्न से बने हलवे का स्वाद चखा
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और आजीविका मिशन की प्रदर्शिनी का अवलोकन किया। आगनवाड़ी कार्यक्रर्ताओं द्वारा पोषण अभियान के तहत बाटे जाने वाले विभिन्न व्यंजनों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने श्रीअन्न (मोटे अनाज) से बने हलवे का स्वाद भी चखा और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में उपस्थित महिलाओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। स्व-सहायता समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों का अवलोकन किया।
हितग्राहियों के गृह प्रवेश में शामिल हुए
राज्यपाल पटेल ने ग्राम धनेला में हितग्राही दिलीप, बंटी एवं पप्पू सहरिया को नये आवास में प्रवेश कराया। दिलीप सहरिया की पत्नी ने अपने घर की सुखद अनुभूतियां राज्यपाल के साथ साझा की। इस अवसर पर सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर, सबलगढ़ विधायक श्रीमती सरला रावत एवं प्रशासनिक अधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
शिक्षा की सार्थकता तभी जब वंचित और गरीब लोगों को साथ लेकर चलेंगे : राज्यपाल पटेल
22 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा केवल कौशल और विशेषज्ञता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शिक्षा की सार्थकता तभी है जब विद्यार्थी अपने जीवन पथ पर वंचित और गरीब व्यक्तियों को साथ लेकर चलें। स्वस्थ व सभ्य समाज वही होता है, जिसमें पिछड़े लोगों के प्रति सहानुभूति व संवेदनशीलता हो। राज्यपाल पटेल ग्वालियर मेंजीवाजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपाधि प्राप्त सभी विद्यार्थियों, पालकों व गुरुजनों को बधाई व शुभकामनायें दीं।
राज्यपाल पटेल की अध्यक्षता एवं विद्या भारती के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुए दीक्षांत समारोह में 89 विद्यार्थियों को पीएचडी, 43 विद्यार्थियों को 61 गोल्ड मैडल एवं 132 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर उपाधि प्रदान की गईं।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांतसमारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का दिन नहीं है, यह जीवन के नए अध्याय का शुभारंभ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी सफलता की ऊँचाईयों पर भी अपने पालकों व गुरुजनों के सहयोग को भूलेंगे नहीं और उनके प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। साथ ही संस्कारित और विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। राज्यपाल पटेल ने विद्यार्थियों को सीख दी कि जीवन में सुख-समृद्धि आने पर अभिमान मत करना और कठिनाई आने पर निराश मत होना।
राज्यपाल पटेल ने जीवाजी विश्वविद्यालय को नैक से A++ ग्रेड एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से श्रेणी-1 मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही कहा खुशी की बात है कि विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक व प्रशासनिक उन्नयन के लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के साथ 4 एमओयू किए हैं। अति पिछड़ी जनजातियों के सहयोग के लिये विश्वविद्यालय द्वारा की गई “ट्रायबल चेयर” की स्थापना एवं पाँच जनजातीय गाँवों को गोद लेकर सिकल सेल स्वास्थ्य जाँच शिविर, औषधि वितरण और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने की पहल भी सराहनीय है। विश्वविद्यालय प्रबंधन को विद्यार्थियों को साथ लेकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने और सायबर अपराधों के खिलाफ जनजागरूकता लाने की पहल भी करनी चाहिए।
विद्याभारती के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष एवं समारोह के मुख्य अतिथि अवनीश भटनागर ने दीक्षांत भाषण दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप सबने अब तक जो सीख लिया है वह अंतिम नहीं है। पुस्तकीय ज्ञान के बाद अब जीवन का ज्ञान प्राप्त करने का आरंभ है। आज जो उपाधियां मिली हैं, उन्हें वास्तविक रूप से आप सबको प्रमाणित करना है। भटनागर ने कहा कि अब तक आप सबको समाज, देश व प्रकृति ने सब कुछ दिया है, अब देने की बारी आपकी है। बिना अहंकार एवं श्रद्धाभाव के साथ राष्ट्र निर्माण में आपना योगदान दें।
भटनागर ने पूर्वराष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा कही गईं बातों का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों का आह्वान किया कि आप सबको उन तकनीकों के लिये भी काम करना है, जिनका अब तक आविष्कार नहीं हुआ है। उन चुनौतियों के समाधान के लिये भी तैयार होना है, जो भविष्य में आ सकती हैं। जॉब मार्केट में टिके रहने के लिये आप सबको सक्षम बनना होगा। भटनागर ने विद्यार्थियों से यह भी कहा कि वे भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप विश्व के कल्याण, राष्ट्र की प्रगति और स्वयं के व्यक्तित्व निर्माण के लिये संकल्पबद्ध होकर जीवन पथ पर आगे बढ़ें।
जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. राजकुमार आचार्य ने स्वागत उदबोधन व दीक्षोपदेश दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्त सभी विद्यार्थियों को प्रतिज्ञा दिलाई। समारोह का संचालन कुलसचिव राकेश कुशवाह ने किया। शोभा-यात्रा के साथ सभी अतिथि मंच पर आसीन हुए।
आरंभ में राज्यपाल एवं कुलाधिपति पटेल तथा मुख्य अतिथि भटनागर ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया। समारोह के आरंभ और समापन अवसर पर राष्ट्रगान हुआ। कार्यक्रम में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी, विश्वविद्यालय के गुरुजन, विद्यार्थी व उनके अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
राज्यपाल पटेल ने जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में रोपा पौधा
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने जीवाजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अवसर परविश्वविद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधा भी रोपा। साथ ही सभी से पर्यावरण के संरक्षण के लिये वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। साइबर अपराधों के खिलाफ जनजागरूकता लाने की पहल भी करना चाहिए
इस अवसर पर जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. राजकुमार आचार्य, विद्या भारती के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर, विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्यगण व कुलसचिव प्रो. राकेश कुशवाह उपस्थित थे।
शहडोल अस्पताल में महिला की मौत, घंटों शव वाहन का इंतजार करते रहे परिजन, नहीं मिली मदद
22 Sep, 2025 07:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिला अस्पताल से मानवता को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है. यहां रविवार को इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई. मृतका के परिजन शव घर ले जाने के लिए अस्पताल के बाहर घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन वहां उनकी कोई सुनने वाला नहीं था. यह सब तब हुआ, जब शव वाहन पास में खड़ा था पर ड्राइवर नहीं आया. वैसे तो मध्य प्रदेश सरकार गरीब-असहाय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का वादा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां करती है.
मानवता को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर
प्रदेश सरकार के द्वारा मध्य प्रदेश के सभी जिलों में शव वाहन उपलब्ध करवाएं गए हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन व जिम्मेदारों के लापरवाह रवैये के चलते गरीब जरूरतमंद को समय पर इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है. ऐसा ही वाकया रविवार को शहडोल जिला अस्पताल परिसर पर घटा, जिसकी वजह से एक बार फिर सवालों के घेरे में पूरा स्वास्थ्य विभाग का सिस्टम खड़ा नजर आ रहा है. शहडोल जिला अस्पताल में टेंघा गांव की रहने वाली अगस्या कुशवाहा नाम के महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई थी.
शव वाहन के इंतजार में बैठा रहा परिवार
महिला की मौत होते ही परिजन उसके शव को घर ले जाने के लिए शव वाहन की तलाश में इधर-उधर घूमने लगे, लेकिन इंसानियत तब शर्मसार हो गई. जब शव को ले जाने वाली शव वाहन सेवा पूरी तरह से ठप नजर आई. परिवार शव वाहन के इंतजार में शव के साथ अस्पताल कैंपस में ही 4 से 5 घंटे तक बैठा रहा, लेकिन उन्हें पार्थिव शरीर को ले जाने के लिए शव वाहन नहीं मिल सका था. जबकि शव वाहन अस्पताल परिसर में खड़ा था, बस परेशानी इतनी थी कि उसका ड्राइवर नहीं आया था. परिजन शव को ले जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन से मदद करने के गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई उनकी बात सुनने वाला नहीं था.
'गरीब को मरने के बाद भी इज्जत नहीं'
मृत महिला के दामाद दुर्गेश कुशवाहा ने प्रशासन की इस व्यवस्था से दुखी होकर कहा कि "गरीबों को जीते जी न इलाज की सुविधा मिलती है और न ही मरने के बाद इज्जत मिलती है. यही कारण है कि सरकारी योजना होने के बाद भी हमें शव प्राइवेट वाहन से ले जाना पड़ रहा है."
दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी
इस पूरे घटनाक्रम पर शहडोल सीएमएचओ डॉक्टर राजेश मिश्रा का कहना है कि "मामला संज्ञान में आया हैं. मृतक के परिवार को शव वाहन क्यों नहीं मिला. इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी." फिलहाल जिम्मेदार अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है.
भक्तों की उमड़ी भीड़, नवरात्रि का महाउत्सव उज्जैन, देवास और नलखेड़ा में हुआ शानदार आयोजन, कतारें लगी लंबी
22 Sep, 2025 07:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों उज्जैन, देवास और नलखेड़ा में नवरात्रि का उल्लास छाया हुआ है, जहां मां हरसिद्धि, चामुंडा, तुलजा भवानी और बगलामुखी के दर्शन के लिए भक्त उमड़ रहे हैं। मंदिरों में विजय और मनोकामना पूर्ति के लिए श्रद्धालु आ रहे हैं। मालवा क्षेत्र के इन मंदिरों में 9 दिनों तक लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, खासकर सप्तमी और अष्टमी को अधिक भीड़ रहेगी।
सुबह से ही शुरु हो गई थी पूजा
शारदीय नवरात्र के 9 दिनों में माता मंदिरों में विशेष शृंगार ओर आरती की जाएगी। शक्ति की भक्ति का महापर्व शारदीय नवरात्र आज से आरंभ हो गए हैं। शास्त्रोक्त विधि से माता के मंदिरों के साथ कई घरों में घटस्थापना और पूजन सुबह से ही शुरू हो गया है। नंगे पैर चलकर भक्त माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। भक्तवत्सला, कृपामयी देवी की वंदना में भक्त जुटे हैं। नौ दिनों तक शक्ति की भक्ति होगी और जन-मन उल्लासित रहेगा।
दर्शन की विशेष व्यवस्था
प्रमुख शक्तिपीठों के साथ ही प्रसिद्ध माता मंदिरों में विशेष व्यवस्था की गई है। प्रात: व संध्या आरती के साथ ही प्रतिदिन माता के शृंगार होगा। नए आभूषण अर्पित किए जाएंगे। देवास में तुलजा भवानी और चामुंडा माता के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। माता टेकरी पर तुलजा भवानी और चामुंडा माता विराजमान हैं। दोनों को बहनें भी कहा जाता है। चामुंडा माता पवार राजपरिवार की कुलदेवी हैं जबकि तुलजा भवानी होलकर राजशंव की कुलदेवी कही जातीं हैं। मान्यता के अनुसार सती के रक्त की बूंदें यहां गिरी थीं, जिस कारण इसे रक्तपीठ कहा जाता है।
9 दिन तक होगा श्रंगार
प्रतिदिन शृंगार के साथ प्रात: व संध्या आरती होगी। माता तुजला भवानी को चांदी का मुकुट अर्पित किया गया है। चामुंडा माता को स्वर्ण कड़े अर्पित किए गए हैं। नौ दिनों तक यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। सप्तमी-अष्टमी को भीड़ अधिक होती है। नवरात्र में पूरी रात मंदिर के पट खुले रहते हैं। उज्जैन में शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर में भी नवरात्रि का उल्लास छाया हुआ है। सोमवार सुबह पांच बजे ब्रह्म मुहूर्त में घट स्थापना हुई। प्रतिदिन माता का शृंगार किया जाएगा।
9 दिन होगी शयन आरती
प्रतिदिन शाम दीपमालिका प्रज्वलित होगी। इसके बाद संध्या आरती की जाएगी, लेकिन नौ दिन शयन आरती नहीं होगी। पुजारी रामचंद्र गिरि ने बताया कि मंदिर कि पूजन परंपरा में प्रतिदिन सुबह सूर्योदय के समय मंगला, सूर्यास्त के समय संध्या तथा रात्रि 11 बजे शयन आरती होती है। नौ दिन सुबह व शाम की आरती तो अपने समय व विधिविधान से होती है, लेकिन रात्रिकालीन आरती में शयन के मंत्र नहीं बोले जाते हैं अर्थात माता नौ दिन जागती हैं और रात्रि में विशेष पूजा–अर्चना की जाती है।
तांत्रिकों की नजर में कीमती सफेद उल्लू सागर में पाया गया, पांच लाख से ज्यादा कीमत होने के बावजूद सुरक्षित
22 Sep, 2025 07:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: दीपावली के पहले MP में ' हिमालयन वुड आउल ' दुर्लभ प्रजाति का सफेद उल्लू मिला है। उल्लू को किसी व्यक्ति ने बंधक बनाकर रखा था। उसके पंखों पर गोंद और टेप चिपकाया गया था, ताकि वह उड़ न सके। आशंका जताई जा रही है कि कोई व्यक्ति् करोड़पति बनने की चाहत में उसे तिजोरी समझकर उसकी बलि चढ़ाने या उसे लाखों रुपए में बेचने की फिराक में था। हालांकि तांत्रिक के मंसूबे पूरे होते उससे पहले ही उल्लू को बचा लिया गया है। सागर के शास्त्री नगर वार्ड में दुर्लभ प्रजाति का सफेद उल्लू मिला है। वन्य जीवों के जानकार इसे सफेद उल्लू बता रहे हैं जो दुर्लभ प्रजाति का और हिमालय से लेकर कोरिया और ताइवान तक पाया जाता है। यह बेहद बुरी हालत में मिला था। किसी ने उसके पंखों को गोंद और टेप से बेरहमी से चिपका दिया था, ताकि वह उड़ न सके। आशंका जताई जा रही है कि दीपावली या नवरात्र में कोई इसे तांत्रिक को बेचने की फिराक में था, इसकी बलि देने की मंशा से इसे बंधक बनाया गया था।
एक ने पंख चिपकाए, दूसरे ने दी नई उड़ान
शास्त्री नगर स्थित सरकारी स्कूल के एक शिक्षक की नजर परिसर में पड़े इस उल्लू पर पड़ी तो वे चौंक गए। उन्होंने इस दर्द से तड़पते उल्लू को देखा, तो वे हैरान रह गए। यह उड़ने की कोशिश करता, लेकिन चिपके हुए पंख इसे जमीन पर गिरा दे रहे थे। उन्होंने जाने-माने पक्षी प्रेमी और रेस्क्यूअर शैलेंद्र जैन को सूचित कर स्कूल बुला लिया था।
बेचने या तंत्र क्रिया के लिए बंधक
शैलेंद्र जैन के अनसयार जब मैंने उसे देखा तो स्तब्ध था। उल्लू के दोनों पंख बुरी तरह चिपकाए गए थे। यह साफ था कि इसे किसी ने अवैध रूप से पकड़कर रखने या बेचने के लिए ऐसा किया था, लेकिन यह किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर स्कूल तक पहुंच गया होगा।
तीन दिन बाद मिला खुला आसमान
शैलेंद्र जैन ने उल्लू की देखभाल की और पहले दिन से ही पानी, साबुन और शैम्पू से पंख साफ करने की कोशिश की, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो केरोसिन का इस्तेमाल करना पड़ा। इस मुश्किल प्रक्रिया के बाद जब उल्लू के पंख आजाद हुए और उसे उसे नई जिंदगी मिल गई। तीसरे दिन पूरी तरह स्वस्थ होने पर जंगल में छोड़ दिया।
हिमालय का मेहमान सागर में क्या कर रहा है?
जूलॉजिस्ट डॉ. मनीष जैन के अनुसार शैलेंद्र ने जिस उल्लू का रेस्क्यू किया है उसे सामान्य भाषा में सफेद उल्लू बोला जाता है। यह दुर्लभ 'हिमालयन वुड आउल' है, जो सामान्यतः बुंदेलखंड या मध्य प्रदेश की जलवायु में नहीं पाया जाता। इसका प्राकृतिक आवास हिमालय से लेकर कोरिया और ताइवान तक है। संभव है कोई वन्य जीव तस्कर गिरोह का काम हो सकता है।
लाखों होती है कीमत, दीपावली पर तस्कर सक्रिय
देश के कई इलाकों में उल्लू से जुड़ी कुछ मान्यताएं और किवदंतियां प्रचलित हैं। सफेद उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। यही धार्मिक मान्यता उसके लिए जानलेवा बन जाती है। दिवाली के दौरान तांत्रिक क्रियाओं के लिए इसकी मांग चरम पर होती है। माना जाता है कि इसकी बलि देने से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। इसके पंख, चोंच और नाखूनों का इस्तेमाल तंत्र-मंत्र में किया जाता है, जिसके लिए तस्कर और तांत्रिक लाखों रुपये देने को तैयार रहते हैं।
GST 2.0 के लाभ बताने के लिए बाजार पहुंचे CM मोहन यादव, त्योहार के लिए कुर्ता खरीदी और किया यूपीआई पेमेंट
22 Sep, 2025 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: भारत में 22 सितंबर से वस्तु एवं सेवा कर 2.0 की शुरुआत हो गई। इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के चौक बाजार में खरीदारी की और यूपीआई से उसका पेमेंट भी किया। उन्होंने चौक बाजार में घूम-घूमकर व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और जनता से मुलाकात की और बात की। सीएम यादव ने व्यापारियों को स्वदेशी मंत्र अपनाने को कहा और उन्हें जीएसटी 2.0 की बधाई दी। इस दौरान खरीदारी कर रही महिलाओं ने सीएम को बताया कि उन्हें जीएसटी 2.0 का बड़ा फायदा मिला है।
बचत उत्सव है यह
खरीदारी के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जीएसटी 2.0 के मद्देनजर आज का दिन एक बचत उत्सव है। मैं खुद बाजार में संवाद करने आया हूं। मुझे यहां बहनों ने बताया कि उन्होंने नवरात्रि के साथ-साथ करवाचौथ-दशहरे-दीपावली की शॉपिंग की है। एक महिला ने बताया कि उसकी बहन का पहला करवाचौथ है, उसने उसके लिए एक साड़ी पसंद की है। उसे जीएसटी 2.0 का लाभ मिला है। मैंने खुद भी दशहरे के लिए कुर्ता खरीदा है। हम और हमारे मित्र बाजार में खरीदारी कर रहे हैं।
उद्योगों को बढ़ावा दे रही प्रदेश सरकार
खरीदारी के बाद सीएम ने व्यापारियों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश समृद्ध हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी छोटे उद्यमियों, व्यापारियों और जनता के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। हमारी सरकार ने भी उद्योग-धंधों को बढ़ावा देने के लिए व्यवस्थाओं में लगातार बदलाव किया है। राज्य समृद्ध होगा तो यहां का रुपया यहीं रोटेट होगा। हम स्वदेशी के मंत्र के भरोसे दुनिया के सामने पूरी शक्ति के साथ खड़े हो सकते हैं। स्वदेशी के भरोसे ही हमारा देश आजाद हुआ। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था से तीसरी अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लगाई भ्रष्टाचार पर लगाम
सीएम मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी के आधार पर हम विश्व में नंबर-1 बनेंगे। हम हर चीज मेक इन इंडिया खरीदें। हमारा भाव है कि यहीं बना हुआ उत्पाद यहीं बिके, यहां से बने उत्पाद दुनिया में निर्यात हों। प्रधानमंत्री मोदी ने व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किए हैं। उन्होंने इनकम टैक्स में भी बदलाव किया। इन सुधारों से देश में भ्रष्टाचार कम हुआ और ब्लैक मनी पर नियंत्रण किया जा सका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर सेक्टर के लिए बजट बढ़ाया। इससे सरकार के पास गरीब-युवा-अन्नदाता-नारी के लिए धन की कोई कमी नहीं है। मैं आप सभी को धनतेरस और दीपावली बधाई देता हूं। हम अपने घर में स्वदेशी अपनाएं और देश को आगे बढ़ाएं।
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दिलीप घोष बोले- बंगाल में खिलेगा कमल, BJP की जीत का भरोसा
लेमरू में दौड़ी जिंदगी की नई रफ्तार, संजीवनी 108 सेवा से ग्रामीणों को मिल रहा त्वरित उपचार
छत के नेट से टीम इंडिया की कैप तक का सफर
केदारनाथ धाम में उत्सव का माहौल, कल सुबह खुलेंगे कपाट
सुपर सकर मशीन द्वारा लगातार चौथे दिन तानसेन नगर में सीवर सफाई कार्य जारी
रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में सूरजपुर बना प्रदेश में प्रथम स्थान पर
पारिवारिक संस्कृति व प्रेम, शांति, सद्भावना रथ को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई हरी झण्डी
हीटवेव का असर गहरा, MP में रात का अलर्ट; मजदूर दोपहर में नहीं करेंगे काम
