मध्य प्रदेश
बहन का अश्लील वीडियो बनाकर पति को भेजा, फरार भाई ने साधु का भेष धरकर लिया संतों के बीच शरण, पुलिस ने पकड़ा
24 Sep, 2025 04:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: अंदरगंज थाना पुलिस ने रिश्ते की बहन के साथ गलत काम करने वाली आरोपी को मथुरा वृंदावन से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी वहां भेष बदलकर साधु संतों के बीच रह रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे बताए स्थान से गिरफ्तार किया है। साथ ही उससे पूछताछ की जा रही है।
पति को भेज दिया था पत्नी का अश्लील वीडियो
बीते 29 अगस्त को फरियादी मीनू (परिवर्तित नाम)निवासी भांडेर जिला दतिया ने थाना इंदरगंज में शिकायत की थी। उसके दूर के रिश्ते में बुआ के लड़के अर्जुन राजपूत ने उसे काम दिलवाने के लिए ग्वालियर बुलाया। इसके बाद अपने साथ होटल सिटी प्लाजा शिंदे की छावनी पर कमरे में लेकर गया। मैंने कमरे मे जाने से मना किया तो अर्जुन ने कहा कि ये मेरा कमरा है, कल तुझे अलग कमरा दिलवा दूंगा। फिर कमरे में अर्जुन राजपूत ने मुझसे गलत काम करने के लिए कहा।
जबरदस्ती किया गलत काम
महिला ने मना किया तो आरोपी अर्जुन राजपूत ने जबरदस्ती महिला के साथ संबंध बनाए। इस दौरान उसने अश्लील वीडियो भी बना लिए। साथ ही धमकी दी कि अगर आगे तुम संबंध बनाने से मना किए तो मैं तुझे बदनाम कर दूंगा। इसके बाद से आरोपी फोन कर परेशान करने लगा। महिला ने मना किया तो आरोपी ने तीन सितंबर को उसके पति और अन्य रिश्तेदारों को अश्लील वीडियो भेज दिया। साथ ही अपनी इंस्ट्राग्राम आईडी की स्टोरी में अश्लील वीडियो लगाया। फरियादी की शिकायत पर इंदरगंज पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोपी की तलाश इसके बाद शुरू हुई थी।
संतों के बीच छिपा था आरोपी
पुलिस ने तफ्तीश के दौरान अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। ग्वालियर पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी युवक मथुरा वृंदावन में संतों के बीच देखा गया है। सूचना पर से पुलिस टीम को वृंदावन जिला मथुरा उत्तरप्रदेश के लिए रवाना किया गया। जहां मुखबिर के बताए अनुसार फरार आरोपी की तलाश इस्कॉन मंदिर, वृंदावन जिला मथुरा के पास की गई। मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार एक व्यक्ति पुलिस को मिला। वहीं, पुलिस ने जब उससे पूछताछ शुरू की तो उसने नाम नाम अर्जुन सिंह राजपूत, निवासी भांडेर दतिया का बताया। पकड़े गए आरोपी से प्रकरण के संबंध में पूछताछ करने पर उसने अपना अपराध स्वीकार किया है। पुलिस अभिरक्षा में उसे ग्वालियर लाया गया। अब आगे की कार्रवाई जारी है।
शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव की लगातार मुलाकात, भोपाल से दिल्ली तक चली चर्चा – सामान्य या राजनीतिक रणनीति का इशारा?
24 Sep, 2025 04:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों हलचल तेज है। भोपाल से दिल्ली तक नई खिचड़की को लेकर अटकले हैं। बीते एक सप्ताह से प्रदेश के अलग-अलग कद्दावर नेताओं से सीएम मोहन यादव की मुलाकात हो रही है। इन मुलाकातों को सामान्य बताया जा रहा है लेकिन जानकारों का कहना है कि यह मुलाकात सामान्य नहीं है। ये सारी कवायद बोर्ड और निगमों में नियुक्ति को लेकर चल रही है।
शिवराज सिंह चौहान से दो बार की मुलाकात
दरअसल, सीएम मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से दो बार मुलाकात की है। पहले भोपाल में दोनों की सौजन्य मुलाकात हुई थी। इसके बाद दिल्ली में भी शिवराज सिंह चौहान के आवास पर जाकर सीएम मोहन यादव ने उनसे मुलाकात की है। मुलाकात के दौरान सीएम मोहन यादव ने उन्हें वैदिक घड़ी भेंट की है। सरकार की तरफ से इस मुलाकात को सामान्य ही बताया गया है।
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष से भी मिले
यही नहीं, एमपी में बीते एक सप्ताह से मेल और मुलाकातों का दौर चल रहा है। इससे पहले सीएम मोहन यादव ने भोपाल में विधानसभा अध्यक्ष के घर गए थे। उनसे उनकी मुलाकात हुई थी। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
सबको साधने की कोशिश
मध्य प्रदेश में बोर्ड और निगम अध्यक्षों के पद खाली हैं। इन जगहों पर सियासी नियुक्तियां होनी हैं। कई बड़े नेता भी इसके इंतजार में बैठे हैं। अब अटकलें हैं कि जल्द ही इन जगहों पर नियुक्तियां होंगी। इन्हीं नियुक्तियों को लेकर सारी कवायद चल रही है। सीएम मोहन यादव और संगठन की कोशिश है कि सभी खेमे के लोगों को साधा जाए। ये सारी कवायदें इसी को लेकर है। सबकी सहमति मिलने के बाद ही फाइनल सूची जारी की जाएगी।
संगठन के साथ भी चल रहीं बातें
इन अटकलों के बीच बीते दिनों सीएम हाउस में पार्टी के तमाम सीनियर नेताओं की बैठक हुई थी। इस बैठक में सरकार और संगठन के तमाम सीनियर नेता मौजूद थे। कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में भी नियुक्तियों को लेकर ही चर्चा हुई थी। साथ ही यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि मोहन कैबिनेट का भी विस्तार हो सकता है। कुछ नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
बीएमएचआरसी हॉस्टल के खराब भोजन से नर्सिंग छात्रा की मौत
24 Sep, 2025 01:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही के आरोप
भोपाल । भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की नर्सिंग छात्रा सुभांगिनी (23) की हॉस्टल के खराब भोजन से मौत हो गई। बालाघाट निवासी प्रथम वर्ष की इस छात्रा का इलाज पहले बीएमएचआरसी और फिर बालाघाट व एम्स भोपाल में चला, जहां सोमवार को उसकी आईसीयू में मौत हो गई। छात्रा के मौत के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा उन्होंने आरोप लगाया कि यह मौत अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण हुई। नर्सिंग स्टूडेंट सोना पटेल ने कहा कि प्रबंधन संवेदनहीनता के साथ-साथ छात्राओं के चरित्र पर सवाल उठाने का काम रहा है। एक अन्य नर्सिंग स्टूडेंट खुशान्श का कहना है कि छात्रा को हॉस्टल में मिले खराब भोजन और दूषित पानी से बीमार होने के बावजूद क्लिनिकल ड्यूटी करने पर मजबूर किया गया। हालत बिगड़ने पर भी समय पर इलाज नहीं दिया गया और छुट्टी पर भेज दिया गया।
छात्रों ने संस्थान की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने प्रदर्शन कर निदेशक हटाने और निष्पक्ष जांच की मांग की।
सुभांगिनी की तबीयत 16 सितंबर को बिगड़ी थी। पहले बीएमएचआरसी में उसका इलाज चला, लेकिन सुधार न होने पर परिजन उसे बालाघाट ले गए। वहां स्थानीय अस्पताल में तीन-चार दिन इलाज के बाद उसे एम्स भोपाल रेफर किया गया। आईसीयू में भर्ती होने के बावजूद सोमवार को उसकी जान नहीं बच सकी।
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि बीएमएचआरसी की हालत बद से बदतर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अस्पताल की सेवाओं पर ध्यान देने की बजाय निदेशक का झुकाव टेंडरों और निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रचार-प्रसार की ओर है। इसके विरोध में और छात्रा को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंपस में कैंडल मार्च निकाला गया।
छात्रों ने दावा किया कि खराब भोजन और दूषित पानी से तीन और छात्राओं की तबीयत बिगड़ी है। शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अस्पताल में इमरजेंसी में इलाज की पर्याप्त व्यवस्था तक मौजूद नहीं है।
भोपाल में 2300 साल पुरानी मां दुर्गा की प्रतिमा, 12 भुजाओं से माता करती थीं शत्रुओं का संहार
24 Sep, 2025 12:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मां दुर्गा की आराधना के पर्व नव दुर्गा के दौरान देश भर में जगह-जगह देवी की प्रतिमा को स्थापित किया गया है. मां दुर्गा की उपासना सदियों से चली आ रही है, इसके प्रमाण मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के राज्य पुरातत्व संग्रहालय में आज भी मौजूद हैं. यहां मां दुर्गा की ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी की भी प्रतिमा मौजूद है. मां दुर्गा की इस प्रतिमा की लंबाई 12 सेंटीमीटर है, जिसे पत्थर पर उकेरा गया था. पुरातत्वविदों के मुताबिक यह प्रतिमाएं बताती हैं कि प्राचीन काल में मातृ शक्ति को देवी के रूप में पूजा जाता रहा है.
नर्मदा किनारे मिली थी सबसे प्राचीन प्रतिमा
राज्य पुरातत्व संग्रहालय में मौजूद करीबन 2 इंच की दुर्गा प्रतिमा दिखाते हुए पुरातत्वविद बालकृष्ण लोखंडे बताते हैं कि "यह प्रतिमा सीहोर में स्थित निनोर से खुदाई से मिली थी. निनोर में वर्ष 1996 से लेकर 1999 के बीच पुरातत्व विभाग द्वारा उत्खनन किया गया था. इसमें मैं भी शामिल था. यह प्रतिमा बहुत छोटी है. इसकी लंबाई 12 सेंटीमीटर, चौड़ाई 6 सेंटीमीटर ओर मोटाई 1 सेंटीमीटर ही है.
माना जाता है कि देवी की यह प्रतिमा धुमक्कड़ या खानाबदोस लोग अपने साथ पूजा के लिए रखते थे. इस प्रतिमा को ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी का माना जाता है. इसके अलावा एक और प्रतिमा मिली थी, जो खंडित है. इन दोनों प्रतिमाओं मां दुर्गा का महिषासुर मर्दिनी का स्वरूप दिखाई देता है."
11वीं सदी की दुर्गा प्रतिमा
पुरातत्वविद बताते हैं कि "मध्य प्रदेश की नर्मदा नदी के किनारे पाषाण काल से लेकर गुप्तकाल तक की मानव सभ्यताओं के प्रमाण मिलते रहे हैं. इसी तरह मध्य प्रदेश के मंदसौर के हिंगलाजगढ़ से भी गुप्त काल से लेकर परमार काल तक की प्रतिमाएं मिलती रही हैं, जो इस क्षेत्र के पुरातात्विक महत्व को बताती हैं.
हिंगलाजगढ़ से 11वीं सदी की मां दुर्गा की प्रतिमाएं मिली हैं, जो राज्य पुरातत्व संग्रहालय में मौजूद हैं. पुरातत्वविद बालकृष्ण लोखंड़े ऐसी ही एक प्रतिमा को दिखाते हैं, जिसमें एक ही प्रतिमा में मां दुर्गा के सभी रूपों को पत्थर पर उकेरा गया है. यह चारभुजी प्रतिमा है. इस प्रतिमा की कलात्मकता बेहद सुंदर है."
10वीं सदी की 12 भुजी प्रतिमा
संग्रहालय में मां चामुण्डा की प्रतिमा भी मौजूद है, जो 10वीं सदी की है. यह प्रतिमा मंदसौर से मिली थी. इस बेहद खूबसूरत प्रतिमा में मां दुर्गा के 12 भुजी रूप को दिखाया गया है. उनके हाथों में खप्पर और तमाम तरह के अस्त्र-शस्त्र हैं, तो वेद और पुष्प भी लिए दिखाई दे रही हैं. यह प्रतिमा करीबन 5 फीट की है.
18 भुजाओं वाली दुर्गा की प्रतिमा
संग्रहालय में 18 भुजाओं वाली मां दुर्गा की प्रतिमा भी हैं, जो छतरपुर के श्रवणकाल नाछला से मिली थी. यह परमार कालीन प्रतिमा मानी जाती है और इसमें मां दुर्गा को तमाम अस्त्र-शस्त्र के साथ दिखाया गया है. यह प्रतिमा 10वीं-11वीं सदी की मानी जाती है.
नौनिहालों की जान बचाने में मध्य प्रदेश फिसड्डी, टॉप पर केरल, चौंकाने वाला आंकड़ा
24 Sep, 2025 11:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग का बजट केरल से दोगुना अधिक है. यह छत्तीसगढ़ और उड़ीसा से भी अधिक है. लेकिन नौनिहालों की जान बचाने में मध्य प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग फिसड्डी साबित हो रहा है. शून्य से 4 साल तक के बच्चों की मृत्यु के मामले में मध्य प्रदेश देश में उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर है. जबकि 4 साल तक के बच्चों की मृत्यु के मामले में छत्तीसगढ़, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल की स्थिति मध्य प्रदेश से बेहतर है.
4 साल तक के बच्चों की सबसे कम मृत्यु केरल में
सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम स्टेटिकल रिपोर्ट 2023 के अनुसार केरल में 4 साल तक के उम्र के बच्चों की मृत्यु सबसे कम दर्ज की गई. यहां 4 साल तक की उम्र के बच्चों की मृत्यु का प्रतिशत 1.3 रही है. वहीं 4 साल तक की उम्र के नौनिहालों की जान बचाने के मामले में केरल के बाद हिमाचल प्रदेश और पंजाब का नंबर आता है. दोनों राज्यों में डेथ रेट 2.3 प्रतिशत है. जबकि कर्नाटक में 3.7 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 3.8 प्रतिशत और पंजाब में 3.9 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु 4 साल की उम्र से पहले हो जाती है.
शहरी क्षेत्रों में मृत्यु के मामले में एमपी टॉप पर
कुल मौतों के मामलों में भले ही मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में 4 साल तक के बच्चों के मृत्यु मामले में 10.5 प्रतिशत के साथ एमपी देश में पहले स्थान पर है. जबकि उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर हैं. यहां शहरी क्षेत्रों में 10.1 प्रतिशत 4 साल तक के बच्चों की मृत्यु होती है. तीसरे नंबर पर राजस्थान है, यहां का डेथ रेट 9.4 प्रतिशत है. इसी तरह बिहार में 9.4 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में 7.4 प्रतिशत बच्चे 4 साल तक का जीवन भी पूरा नहीं कर पाते हैं.
ग्रामीण क्षेत्रों में डेथ के मामले में दूसरा स्थान
ग्रामीण क्षेत्रों में 4 साल की उम्र तक के बच्चों की मृत्यु के मामले में भी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर है. उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों का डेथ रेट 16.1 प्रतिशत, जबकि मध्य प्रदेश का 15.5 प्रतिशत है. राजस्थान तीसरे और चौथे स्थान पर झारखंड है. वहीं ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सबसे कम डेथ रेट के मामले में केरल देश में प्रथम स्थान पर है.
मातृ-शिशु मृत्यु दर रोकने के किए जा रहे प्रयास
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त तरुण राठी ने बताया कि "मध्य प्रदेश में मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं. इसके लिए शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षित डाक्टरों की संख्या बढ़ाई जा रही है. समय पर रेफरल और एंबुलेंस सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है. इसके लिए ब्लॉक स्तर पर समर्पित मातृ-शिशु केंद्रों की स्थापना की जा रही है. पोषण, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जा रही है."
सीएम ने किया ऐलान, चयन वेतनमान हुआ लागू, डॉक्टर्स को मोहन सरकार की बड़ी सौगात
24 Sep, 2025 10:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के आयुष विभाग के डॉक्टर्स को बड़ी सौगात दी है. विभाग के सभी चिकित्सा अधिकारियों को वरिष्ठ पदनाम देकर प्रथम श्रेणी का दर्जा दिया जाएगा. राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में राज्य स्तरीय 10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आयुष डॉक्टर्स को भी कई सौंगातें दीं. कार्यक्रम में आयुष और पर्यटन विभाग के बीच एमओयू भी हुआ.
सीएम ने कहा कि न सिर्फ प्रदेश बल्कि विश्व भर से लोग आयुष वेलनेस टूरिज्म के लिए मध्यप्रदेश आएंगे. इसके लिए उज्जैन, खजुराहो सहित 12 जिलों में वेलनेस हॉस्पिटल खोले जा रहे हैं.
सीएम ने डॉक्टर्स को दी सौगात
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐलान किया कि आयुष विभाग के सभी चिकित्सा अधिकारियों को वरिष्ठ पदनाम के साथ प्रथम श्रेणी का दर्जा दिया जाएगा. आयुष विभाग के विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों के लिए चयन वेतनमान लागू किया जाएगा. इससे 1453 आयुष चिकित्सा अधिकारी, 228 होम्योपैथी और 85 यूनानी चिकित्सक सहित 2698 अधिकारियों को लाभ मिलेगाृ. पोस्ट ग्रेजुएट कर चुके मेडिकल ऑफिसर्स के स्टाइपेंड में तीन वेतनमान वृद्धि और सभी कॉलेजों में पीजी की पए़ाई कराने का भी ऐलान किया.
सीएम आयुर्वेद की वजह से ही स्वस्थ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, '' आज मैं जितना स्वस्थ हूं उसका श्रेय आयुर्वेद को ही जाता है. मुझे आज न बीपी है, न शुगर, न चश्मे की जरूरत और न ही कोई दूसरी गंभीर बीमारी है. जबकि देखा जाए तो मेरी उम्र अब 60 साल से ज्यादा हो चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐलोपैथी तो तब काम आती है, जब बीमारी हो जाती है, लेकिन आयुर्वेद व्यक्ति को बीमार ही नहीं होने देती. यह आयुर्वेद की असली ताकत है.''
प्रदेश के 12 जिलों में खुलेंगे वेलनेस सेंटर
कार्यक्रम में आयुष विभाग और पर्यटन विभाग के बीच एमओयू किया गया है. इसमें उज्जैन और खजुराहो में 50-50 बिस्तरों के दो वेलनेस हॉस्पिटल खोले जाएंगे. इसी तरह पचगढ़ी, मंदसौर, आगर मालवा सहित 10 जिलों में 10-10 बिस्तरों का अस्पताल खोले जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे न सिर्फ देशभर बल्कि पूरे विश्व से लोग वेलनेस टूरिज्म के लिए मध्यप्रदेश आएंगे.
शिवराज, हेमंत की मुलाकात ने बढ़ाया सियासी पारा, निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर चर्चा
24 Sep, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की निुयक्ति के बाद से पार्टी के नेताओं को निगम-मंडलों में नियुकित का इंतजार है इसको लेकर कई बार कयास भी लगाए जा चुके है। कि जल्द ही निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियां की जा सकती है। इस बात को मंगलवार को उस समय और बल मिला जब केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की । शिवराज और हेमंत की इस मुलाकत को लेकर राजनीतिक सरगर्मिया बढ़ गई हेै। सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच प्रदेश के निंगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर ाी चर्चा की गई है।
प्रदेश भाजपा की कार्यकारिणी की घोषणा दशहरे के बाद कभी भी हो सकती है । इसके बाद निगम-मंडलों में नियुक्तियां की जाएगी। इसके लिए कई नेता पिछले दो वर्षो से इंतजार भी कर रहे है। कांग्रेस से भाजपा में आए कई नेता तो इसी आस में बैठे है। इसके लिए वह कई बार भेापाल से लेकर दिल्ली तक अपने आकाओं की चौखट पर दस्तक भी दे चुके हे। मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष से केन्द्रीय मंत्री की मुलाकात ने इस बात को बल दिया हे कि जल्द ही यह राजनीतिक नियुक्तियों की जा सकती है। इसके अलावा प्रदेश कार्यसमिति में शिवराज अपने लोगों को एडजस्ट कराने में लगे हे। शिवराज भले ही केन्द्र में मंत्री बन गए है लेकिन प्रदेश की राजनीति में इनका प्रभाव पहले जैसा ही है। इसलिए प्रदेश संगठन और निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर उनसे रायशुमारी की जा रही है। प्रदेश कार्यालय के बंद कमरे में दोनों नेताओं की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष इस मुलाकात को सेवा पखवाडे से जोडक़र बता रहे है। लेकिन भाजपा की चौकाने वाली राजनीति से राजनीति के जानकार भली-भाङ्क्षत परिचित है।
प्रदेश में 2 नए मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र जबलपुर और ग्वालियर को मंजूरी शीघ्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
23 Sep, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। प्रदेश में 2 मेट्रोपॉलेटिन क्षेत्र भोपाल और इंदौर की स्वीकृति के बाद 2 नए मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र जबलपुर और ग्वालियर को शीघ्र मंजूरी दी जाएगी। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र अधोसंरचना को सशक्त बनाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को होटल जहांनुमा पैलेस के सभाकक्ष में फ्री प्रेस के 42 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 16 नगर निगमों के महापौर का सम्मान किया। सम्मानित महापौर में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय और इंदौर के महापौर पुष्प मित्र भार्गव भी उपस्थित थे। इस अवसर पर भोपाल के उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षद भी पुरस्कृत किए गए।
स्वच्छता, मेट्रो रेल और स्मार्ट सिटी के विकास में प्रदेश की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता का संदेश दिया है। मध्यप्रदेश ने स्वच्छता के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की हैं। अनेक नगरीय निकाय स्वच्छता क्षेत्र में प्रतिवर्ष श्रेष्ठ कार्य के लिए पुरस्कृत हो रहे हैं। प्रदेश में भोपाल और इंदौर के साथ अन्य नगरों के नागरिक भी शीघ्र ही मेट्रो रेल सुविधा का लाभ प्राप्त करेंगे। शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए कायाकल्प अभियान में 1550 करोड़ रुपए के निवेश से सड़कों का स्वरूप बदल रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन-2 के माध्यम से जबलपुर और उज्जैन के नगरीय निकायों के लिए 370 करोड़ रुपए देने की पहल की गई। स्मार्ट सिटी की संकल्पना को जमीन पर उतारते हुए महाकाल परिसर उज्जैन के विकास सहित अनेक कार्य हुए हैं। प्रदेश में आठ एयरपोर्ट संचालित हैं और अन्य विमानतल भी शीघ्र प्रारंभ होंगे।
खजुराहो नगर परिषद का विशेष उल्लेख
नगरीय निकायों को समर्थ और सुविधा संपन्न बनाने की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में एक ऐसी अनोखी नगर परिषद है जिसका उल्लेख आवश्यक है। छतरपुर जिले की खजुराहो नगर परिषद की विशिष्ट स्थिति है जहां खजुराहो विश्व धरोहर स्थल है, वहीं खजुराहो में एयरपोर्ट भी है और रेलवे स्टेशन भी है। जनसंख्या कम होने के बाद भी खजुराहो विश्व स्तरीय पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाता है।
भविष्य की रूपरेखा बनाएं नगरीय निकाय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फ्री प्रेस अखबार द्वारा नगरीय निकायों के महापौर सम्मानित किए गए हैं। यह प्रशंसनीय पहल है। नगरीय विकास और आवास विभाग नगरीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की राज्य स्तरीय बैठक और कार्यशाला आयोजित कर नगरों के समग्र विकास के लिए भविष्य की रूपरेखा निर्धारित करे। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास के संकल्प की पूर्ति के लिए विभाग सक्रिय है। प्रदेश में नगरीय निकायों ने स्वच्छता सहित अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया है।
प्रारंभ में फ्री प्रेस संस्थान की ओर से अध्यक्ष अभिषेक करनानी और भोपाल संस्करण के एसोसिएट एडीटर नितेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक भगवान दास सबनानी के अलावा हितानंद शर्मा, आशीष अग्रवाल, डॉ. हितेश वाजपेयी सहित मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल से जल समृद्धि रणनीति पर की चर्चा
23 Sep, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान राज्य हित के विषयों पर उच्च स्तरीय बैठक में मंत्रणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल एवं गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के साथ बैठक में सहभागिता कर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की।
जलशक्ति मंत्री ने मध्यप्रदेश के कार्यों को सराहा
केंद्रीय मंत्री पाटिल ने मध्यप्रदेश द्वारा केंद्रीय योजनाओं का लाभ लेने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में मध्यप्रदेश ने अच्छा काम किया है। प्रदेश में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था और हर घर जल पहुंचाने का भी प्रशंसनीय कार्य हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जल समृद्धि बढ़ाने के मध्यप्रदेश के प्रयासों को पूरा सहयोग देने की बात की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की नई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की और केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक में जनहित के महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की गई। इस अवसर पर संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्रि-परिषद ने सार्वजनिक निजी भागीदारी से हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की दी स्वीकृति
23 Sep, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की स्वीकृति प्रदान गई है। संपूर्ण प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी।
हैलीकॉप्टर का संचालन तीन सेक्टरों में किया जाएगा। सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-2 में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-3 में जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जायेगा।
इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा।
सतपुड़ा ताप विद्युत गृह , सारणी की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन
मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये (नॉन EPC सहित) का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 684 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 431 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 50 करोड़ 62 लाख रूपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी।
अमरकंटक ताप विद्युत गृह , चचाई की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन
मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 699 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड दवारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन दवारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 365 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 66 करोड़ 98 लाख रुपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी।
सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में इन पदों का सृजन किया गया हैं। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे।
सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें : राज्यपाल पटेल
23 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि महिलाएं सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त करें। सरकार स्वास्थ्य शिविर के द्वारा चिकित्सा सेवाओं को उनके पास पहुंचाने का कार्य कर रही है। यह समझना जरूरी है कि माँ स्वस्थ रहेगी, तो परिवार भी स्वस्थ रहेगा। उन्होंने शिविर की सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि टीबी रोग उपचार के लिए पोषण आहार एवं दवाइयां नियमित रूप से लेनी चाहिए। रोग बचाव और सुरक्षा के उपायों का भी कड़ाई के साथ पालन करना चाहिए।
राज्यपाल पटेल मंगलवार को निवाड़ी जिले में सेवा पखवाड़ा अंतर्गत स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान राज्यपाल पटेल ने ओरछा में रामराजा सरकार के दर्शन कर प्रदेश एवं जिले की सुख-समृद्धि की कामना की और पर्यटन नगरी ओरछा एवं ग्राम पंचायत चन्द्रपुरा का भ्रमण किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सरकार का प्रयास है कि जनजाति बच्चे विदेशों में पढ़ाई करें और डॉक्टर-इंजीनियर बने। धरती आबा अभियान में जनजातियों के विकास के लिए सरकार ने 80 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। जनजातीय परिवारों के पक्के घर के सपने को प्रधानमंत्री आवास योजना ने पूरा किया है। उन्होंने योजना क्रियान्वयन के सभी हितधारकों से अपील की है कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनजातियों को विकास की मुख्य धारा में शामिल करने के संकल्प को सिद्ध करने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें। उन्होंने टीबी मरीजों की पोषण जरूरतों में सहयोग के लिए नि:क्षय मित्र योजना को प्रभावी पहल बताया। उन्होंने कहा कि समाज का समृद्ध और सम्पन्न वर्ग नि:क्षय मित्र बनकर रोगियों का सहयोग करें। उन्होंने जनजातीय क्षय रोगियों से संवाद किया और प्रोटीन युक्त पोषण आहार किट प्रदान की।
आदिसेवा केन्द्र का शुभारंभ
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने चन्द्रपुरा में आदिवासी सशक्तिकरण के लिए एकल बिंदु संपर्क आदिसेवा केन्द्र का शुभारंभ किया। जनजातीय ग्रामीणों द्वारा स्थानीय बुंदेली नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान उन्होंने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत आदिसेवा केन्द्र परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की कृति पर माल्यार्पण किया तथा कन्या पूजन किया। कन्याओं को फल, चुनरी एवं उपहार भेंट कर शुभ आशीष दिया। उन्होंने आदिसेवा केन्द्र में उपस्थित अधिकारियों से परिचयात्मक संवाद किया। उत्तरदायी शासन कार्यक्रम के सहयोगियों के साथ संवाद कार्यक्रम में सम्मिलत हुए। उन्होंने मुख्य समारोह स्थल पर विभागों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने चन्द्रपुरा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया। स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग के तत्वाधान में संयुक्त रूप से शिविर आयोजित किए गए। अवलोकन के दौरान उन्होंने चिकित्सकों और आयुर्वेद के अधिकारियों से संवाद किया।
राज्यपाल ने गुड्डो बाई के घर किया भोजन
राज्यपाल मंगुभाई पटेल चन्द्रपुरा में गुड्डो बाई के घर पहुंचे और उनके परिवार के लोगों के साथ भोजन किया। परिवार के बच्चों को उपहार भेंट किए। राज्यपाल पटेल ने गुड्डो बाई के द्वारा हाथ की बनी बाजरा और जुनई की रोटी के साथ लाड़पुरा के बुंदेली व्यंजनों का स्वाद लिया।
धरती आबा अभियान जनजातियों को मुख्य धारा में लाने की पहल : राज्यपाल पटेल
23 Sep, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत आदि साथी एवं आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम में मंगलवार को बल्देवगढ़ तहसील के ग्राम करमासन हटा में शामिल हुए।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के माध्यम से जनजातियों को समाज की मुख्य धारा में लाना है। उन्होंने कहा कि नारी स्वस्थ होगी तभी परिवार स्वस्थ रहेगा। घर में माँ स्वस्थ हो तो पूरे परिवार की देखभाल अच्छे से कर सकती है। राज्यपाल पटेल ने आह्वान किया है कि एनीमिया सहित स्वास्थ्य जाँच सभी को कराना चाहिए। खासतौर से महिलाओं को इसकी जाँच अवश्य कराना चाहिए। सेवा पखवाड़े के तहत स्वास्थ्य शिविरों में निःशुल्क स्वास्थ्य की जाँच दवाओं का वितरण किया जा रहा है।
राज्यपाल पटेल ने ग्राम पंचायत करमासन हटा में नवनिर्मित आदि सेवा केंद्र का निरीक्षण किया और केन्द्र में बनाये गये विलेज मैप का अवलोकन किया। राज्यपाल ने जनजातीय बहनों-भाईयों से संवाद किया। उन्होंने ग्राम पंचायत करमासन हटा के सरपंच नन्दलाल लोधी को आदि सेवा केंद्र के माध्यम से सरकार की सेवाओं का शत-प्रतिशत लाभ जनजातियों को दिलाने में सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया। राज्यपाल ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ, क्षय रोगियों को फूड बास्केट तथा जाति प्रमाण पत्र और बीपीएल कार्ड के स्वीकृति प्रमाण-पत्र दिए।
राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महिला बाल विकास द्वारा परंपरागत बुंदेली व्यंजनों एवं स्थानीय परंपरागत खिलौना प्रदर्शनी लगाई गई थी। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं से संवाद किया, महुआ के व्यंजन जैसे महुआ के लटा, महुआ की डुबरी, मोटे अनाज के अन्य व्यंजनों के बारे में पूछा। उन्होंने अंकुरित अनाज और हरी साग के खाद्य पदार्थों की भी जानकारी ली। स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित आजीविका उत्पादों का भी अवलोकन किया, जिसमें मिट्टी से बने उत्पाद, सरसों एवं मूंगफली तेल के घर पर तैयार खाद्य पदार्थ, बांस के हस्तनिर्मित उत्पाद प्रस्तुत किए गए थे। राज्यपाल ने स्व सहायता समूह की महिलाओं से व्यवसाय और आजीविका के बारे में जानकारी ली।
राज्यपाल पटेल के समक्ष एंजल एबोड स्कूल के बच्चों ने राष्ट्रगान वादन की बैंड प्रस्तुति दी। राज्यपाल ने स्कूली बच्चों को उपहार दिए। लाड़ली बहनों ने सिर पर कलश रखकर तथा पारंपरिक मंगलगीत गाकर स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल को ग्राम करमासन हटा के ग्रामीणों एवं सहयोगियों द्वारा ग्राम चौपाल पर ही तैयार की गई ग्राम विजन 2030 पुस्तिका और कुण्डेश्वर भगवान की तस्वीर भेंट की गई।
राज्यपाल पटेल ने आवास हितग्राहियों से किया संवाद
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने टीकमगढ़ जिले के प्रवास के दौरान ग्राम करमासन हटा में प्रधानमंत्री अवास योजना अंतर्गत हितग्राहियों को प्राप्त आवासों का अवलोकन किया। उन्होंने हितग्राही हरकुंवर तथा प्रभु सौंर के घर जाकर परिजनों के साथ संवाद किया। उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। छोटे बच्चों को अच्छे से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया और उन्हें उपहार भेंट किये।
राज्यपाल पटेल ने हितग्राही हरकुंवर के घर पहुंच कर उनसे पक्के मकान मिलने और सरकारी योजनाओं के लाभ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। हरकुंवर ने बताया कि पहले वह कच्ची झोपड़ी में रहती थीं, जिसमें परिवार को निरंतर मौसमी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का मकान उनके लिए सपना था, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके सपने को साकार किया है। सरकारी योजनाओं ने उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर किया है।
ट्रेनी डॉक्टर ने जूनियर्स को दी नसीहत- “चरस-गांजा बेचो और चुनाव लड़ो” सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान
23 Sep, 2025 05:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा: जिला अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर सानिध्य दुबे का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह छात्रों को विवादित सलाह देते नजर आ रहे हैं। डॉक्टर दुबे छात्रों को डॉक्टर बनने की बजाय 'माफिया बनने, चरस-गांजा बेचने और चुनाव लड़ने' की सलाह दे रहे हैं। यह मामला तब सामने आया जब कुछ छात्र एमएलसी (मेडिको लीगल केस) कराने अस्पताल पहुंचे थे।
क्या होता है मेडिको लीगल केस
मेडिको-लीगल केस एक ऐसा मामला है जिसमें मेडिकल और कानूनी पहलू आपस में जुड़ते हैं। अगर किसी डॉक्टर को लगता है कि किसी मरीज की चोट या बीमारी के पीछे कोई कानूनी वजह है, तो यह मेडिको-लीगल केस बन जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस जांच की ज़रूरत होती है। डॉक्टर को मरीज का इलाज करने के साथ-साथ पुलिस को भी जानकारी देनी होती है।
डॉक्टर बनकर क्या करोगे?
जानकारी के अनुसार, डॉक्टर दुबे ने छात्रों से पूछा कि पढ़-लिखकर क्या करोगे। एक छात्र ने डॉक्टर बनने की बात कही। इस पर डॉक्टर दुबे ने कहा, 'इतने डॉक्टर बनकर करोगे क्या? यहां तो एक पोस्ट खाली नहीं है। इससे अच्छा माफिया बनो, चरस-गांजा बेचो। 6-8 महीने में 30-40 करोड़ रुपए अंदर कर लो, फिर चुनाव लड़ो। विधायक-पार्षद तक पहुंच जाओ।'
किसी ने रिकॉर्ड कर लिया बयान
किसी ने डॉक्टर के इस बयान को मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। सोमवार को यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कहा कि उन्हें इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार ने कहा कि 'जिम्मेदार पद पर बैठकर इस तरह की बातें करना गलत है।' उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है, लेकिन किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है। ट्रेनी डॉक्टर सानिध्य दुबे से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
खाद के कट्टों पर कब्जे के लिए MP में किसानों में मारामारी, 650 किसान भिड़े, एक-दूसरे के कपड़े तक फाड़ डाले
23 Sep, 2025 05:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरीः मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शासन प्रशासन भले ही पर्याप्त खाद होने का दावा कर रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि खाद किसानों की आवश्यकता से काफी कम है। यही कारण है कि आए दिन खाद गोदामों में किसान आपस में ही उलझ रहे हैं। उनका झगड़ा हो रहा है। प्रशासन इन व्यवस्थाओं को संभालने में नाकाम साबित हो रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण करैरा के बाद अब कोलारस में भी नजर आया। यहां कृषि उपज मंडी स्थित डबल लाक गोदाम में खाद लेने के लिए पहुंचे किसान आपस में भिड़ गए।
एक आधारकार्ड पर मिलना थी 5 बोरी खाद
बताया जाता है कि कोलारस में प्रशासनिक अमले ने डीएपी के वितरण के लिए दो दिन पहले 650 किसानों को टोकन वितरण किया था। अभी तक किसानों को एक आधार कार्ड पर पांच कट्टे दिए जा रहे थे। ऐसे में अनुमान था कि 650 किसानों के लिए कम से कम 3250 कट्टों की आवश्कयता होनी चाहिए। हालांकि गोदाम में खाद के कट्टे सिर्फ एक हजार थे। ऐसे में किसानों को इस बात का आभास हो चुका था कि जो पहले खाद गोदाम के गेट तक पहुंच जाएगा वह पहले खाद पाएगा। वहीं, जो पीछे रह जाएगा उसे खाद नहीं मिलेगी। यही कारण रहा कि भीड़ में मौजूद हर किसान लाइन में सबसे आगे लगना चाहता था।
किसानों में धक्का-मुक्की और कपड़े फाड़े
खाद पाने की चाहत में किसान लाइन में आगे लगना चाहता था। इसी के चलते किसानों ने आपस में धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इस धक्का-मुक्की में जो किसान लाइन में आगे से पीछे हुए वह आपस में मारपीट पर उतर आए। कई किसानों ने आपस में एक दूसरे की पिटा तो है ही। साथ ही एक दूसरे के कपड़े भी फाड़ दिए। जब इस बात की जानकारी पुलिस को लगी तो पुलिस मौके पर पहुंच गई।
650 में से 350 किसान निराश लौटे
पुलिस ने किसी तरह मशक्कत कर किसानों को अलग करवा कर मामला शांत करवाया। वहीं, प्रशासन ने खाद कट्टों की संख्या कम देख एक आधारकार्ड पर एक किसान को पांच की जगह तीन-चार कट्टे बांटे। जिससे 650 किसानों में से करीब 300 किसानों को ही खाद मिल पाया।
क्या बोले अधिकारी अधिकारी
करैरा में खाद वितरण को लेकर किसानों के बीच हंगामा होने के बाद कोलारस तहसीलदार सचिन भार्गव ने बताया कि हमने करीब तीन सौ किसानों को एक हजार कट्टे खाद का वितरण कर दिया है। इसके अलावा जो किसान बचे हैं, उन्हें अगली बार रैक आने पर खाद का वितरण किया जाएगा।
कानून पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: दोबारा विवाह करने वालों को नहीं मिलेगी तलाक को चुनौती देने की छूट
23 Sep, 2025 04:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने एक महिला की याचिका खारिज कर दी। महिला ने पारिवारिक न्यायालय के तलाक के फैसले को चुनौती दी थी। यह तलाक उसके पूर्व पति द्वारा दूसरी शादी करने के बाद दायर किया गया था। अदालत ने कहा कि अब इस याचिका का कोई मतलब नहीं है। हालांकि, अदालत ने महिला को अपने पति से गुजारा भत्ता मांगने के लिए निचली अदालत में अलग से मुकदमा दायर करने की अनुमति दी है।
130 दिनों की देरी से दायर की अपील
अदालत ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने में 130 दिनों की देरी हुई है। हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 15 के तहत अपील दायर करने की अवधि के दौरान किसी भी पक्ष द्वारा शादी करने पर रोक है। लेकिन एक बार वह अवधि समाप्त हो जाने के बाद, दोबारा शादी करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है। उच्च न्यायालय (HC) ने कहा कि अगर अपील पर सुनवाई होती है, तो इससे उस महिला के वैवाहिक अधिकारों को खतरा होगा, जिसने अपने तलाकशुदा पति से शादी कर ली है।
सुनवाई का कोई मतलब नहीं
अदालत ने यह भी कहा कि अपील दायर करने में बहुत देर हो चुकी है। इसलिए अब इस मामले पर सुनवाई करने का कोई मतलब नहीं है। लेकिन महिला चाहे तो अपने पूर्व पति से गुजारा भत्ता पाने के लिए अलग से केस कर सकती है।
गुजारा भत्ता क्या होता है
तलाक या कानूनी रूप से अलग होने के बाद, एक साथी को दूसरे को आर्थिक मदद देनी होती है। इसे गुजारा भत्ता कहते हैं। इसका मकसद यह है कि कमजोर साथी भी सम्मान से जी सके। यह मदद कोर्ट तय करती है। कोर्ट पति-पत्नी की कमाई, जरूरतें और बच्चों की जिम्मेदारी देखती है। कुछ मामलों में, जैसे पत्नी का व्यभिचार या आत्मनिर्भर होना, गुजारा भत्ता नहीं मिलता। गुजारा भत्ता कई तरह का होता है। अस्थायी गुजारा भत्ता तलाक की प्रक्रिया के दौरान दिया जाता है। स्थायी गुजारा भत्ता तलाक के बाद दिया जाता है।
रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में सूरजपुर बना प्रदेश में प्रथम स्थान पर
पारिवारिक संस्कृति व प्रेम, शांति, सद्भावना रथ को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई हरी झण्डी
हीटवेव का असर गहरा, MP में रात का अलर्ट; मजदूर दोपहर में नहीं करेंगे काम
मोहन यादव ने नमक्कल और अविनाशी में किया रोड शो, NDA के लिए मांगे वोट
अन्नाद्रमुक गठबंधन को लेकर गरजे खरगे, PM मोदी पर लगाया गंभीर आरोप
केदारनाथ धाम में अनुशासन सख्त, मोबाइल उपयोग पूरी तरह बंद
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
