मध्य प्रदेश
सुबह ही कर दिया लंकापति का दहन! चुपके से आए, रावण के पुतले को आग लगाकर भागे
3 Oct, 2025 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में दशहरा (Dussehra) पर शाम को रावण दहन (Ravana Dahan) होना था. रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतले ग्राउंड पर तैयार रखे थे. मगर कुछ शरारती तत्वों ने शाम होने से पहले ही रावण के पुतले को आग लगा दी. फिर सभी वहां से भाग गए. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है.
वीडियो में एक चश्मदीद बता रहा है कि लाल रंग की कार में कुछ युवक-युवतियां यहां आए थे. वो नशे की हालत में थे. देखते ही देखते उन्होंने रावण के पुतले में आग लगा दी. बुधवार रात को दशहरा उत्सव समिति द्वारा रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के भव्य पुतले खड़े किए गए थे. आज यानी गुरुवार शाम को रावण दहन कार्यक्रम होना था. लेकिन कार्यक्रम से पहले ही पुतले में आग लगाए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं. दोषियों की पहचान कर जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी. हर साल बाद मुगलिया ग्राउंड पर दशहरा उत्सव कार्यक्रम आयोजित होता है जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं. लेकिन दशहरे से पहले ही रावण दहन की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और दशहरा समिति के सदस्यों में काफी नाराजगी है. उन्होंने आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है.
पुलिस ने बताया- हमें सूचना मिली थी क सुबह 6 बजे कुछ शरारती तत्वों ने रावण के पुतले को आग लगाई फिर वहां से भाग निकले. चश्मदीदों ने बताया कि नशे की हालत में आए युवक-युवतियों ने ये हरकत की. उनका पता लगाने की कोशिश की जा रही है. जल्द ही आरोपियों को ढूंढ निकाला जाएगा. मामले में जांच जारी है.
इंदौर स्वच्छता के साथ अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़े : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
2 Oct, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर जो भी करता है, वह सबसे अलग और अनूठा होता है। इंदौर स्वच्छता के साथ अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़े और इंदौर का परचम देश-दुनिया में मजबूती के साथ फैलाये। इंदौर मेट्रोपोलिटन सिटी में भी आगे बढ़ने के साथ अब वह मेट्रो सिटी बन चुका है। इंदौर अब स्वच्छता का महागुरू बनकर, अब वह अन्य शहरों को भी साफ-सफाई और स्वच्छता की प्रेरणा का संदेश दे रहा है। इंदौर ने इस बार देपालपुर नगर को भी स्वच्छ करने का संकल्प लिया है, जिसमें इंदौर को निश्चित ही सफलता मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को नेहरू पार्क में स्वच्छ भारत दिवस पर कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जन्म जयंति है। साथ ही आज विश्व के सबसे बडे़ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे हो चुके है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को विजयादशमी की बधाई देते हुए उपस्थित नागरिकों से भारत माता की जय और महात्मा गांधी की जय के उद्घोष लगवाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टिता के कारण पूरा देश स्वच्छता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि गत 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री मोदी ने अपना जन्म दिवस बदनावर में पीएम मित्र पार्क का शुभारंभ करके मनाया। इस पार्क के बन जाने के बाद कपास उत्पादकों का जीवन बेहतर होगा और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री मोदी का जन्म दिवस से सेवा पखवाड़े की शुरूआत हुई थी, जिसका समापन इंदौर में गांधी-शास्त्री जयंती पर सफलतापूर्वक हुआ। सेवा पखवाड़े के तहत इंदौर नगर निगम ने स्वच्छता के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम किये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकाश में रंगीन गुब्बारे छोड़े। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा लगाई गई स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी से अपने लिए खादी के दो टॉवेल खरीदे और नागरिकों से भी स्वदेशी उत्पाद खरीदने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम इंदौर की स्व-सहायता समूह की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्वदेशी उत्पादों की अधिक से अधिक खरीदी कर राष्ट्र को विकसित बनाने में अपना सहयोग दें।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से इंदौर नहर निगम स्वच्छता की दिशा विविध प्रकार के कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, विधायक मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव, स्मार्ट सिटी सीईओ अर्थ जैन, जन-प्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में गोबर से स्वदेशी दीये बनाये जाने के नवाचार की सराहना की
2 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर प्रवास के दौरान नेहरू पार्क में राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी में इंदौर में नवाचार के तहत गोबर से स्वदेशी दीये बनाने की मशीन का अवलोकन किया। उन्होंने दीये बनाये जाने के संबंध में जानकारी ली और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के इंदौर के नवाचार की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि सेवा पखवाड़े के तहत स्वदेशी से खुशहाली लाने के लिये स्वदेशी अभियान को नई दिशा देते हुए इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा ने विशेष पहल की है। दीपावली और अन्य त्यौहारों के लिये इंदौर में पवित्र गाय के गोबर से दीये बनाये जाने का प्रकल्प शुरू किया गया है। इसके लिए नगर निगम की हातोद क्षेत्र स्थित गौशाला में दो मशीनें स्थापित की गई हैं, वहीं अगले कुछ दिनों में और मशीनें लगाई जाएंगी ताकि लाखों की संख्या में दीये समय पर तैयार हो सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशा के अनुसार स्वदेशी अभियान को इस पहल से नई गति मिलेगी।
इन दीयों की पैकिंग कर बाजार में भी उपलब्ध कराया जाएगा। कलेक्टर वर्मा स्वयं इस अभियान की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को इस कार्य से जोड़ा है तथा पशुपालन विभाग, नगर निगम और जिला आपूर्ति नियंत्रक को प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी और शास्त्री जी की जयंती पर किया नमन
2 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल राजभवन में आयोजित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती कार्यकम में शामिल हुए। राज्यपाल पटेल ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रृद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया।
राजभवन के बैंक्वेट हाँल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव उमाशंकर भार्गव एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
राज्यपाल पटेल ने राजभवन के प्रवेश द्वार के सुदृढ़ीकरण कार्य का किया लोकार्पण
2 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गांधी जयंती के अवसर पर राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-1 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। उन्होंने फीता काटकर प्रवेश द्वार का लोकार्पण कर निरीक्षण भी किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरविंद पुरोहित,लोक निर्माण विभागके मुख्य अभियंता संजय मस्के,अधीक्षण यंत्रीएच.एस. जैसवाल, कार्यकारी अभियंताराकेश निगम, एस.डी.ओ. एल.के. गुप्ता, नियंत्रक हाउस होल्ड राजभवन शिल्पी दिवाकर और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर लांच किया इंदौर पुलिस का चेटबॉट
2 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर नागरिकों की सुरक्षा और यातायात सुगमता के लिए इंदौर पुलिस द्वारा तैयार किये गए एआई बेस्ड चेटबॉट सेफ क्लिक को लांच किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर आधिकारिक रूप से नागरिकों के लिए यह सेवा प्रारम्भ की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर बचाव के लिए यह अत्याधुनिक तकनीक नागरिकों को सूचना देने और विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त करने में अत्यंत उपयोगी साबित होगी। यह सेवा देने वाला मध्यप्रदेश में इंदौर पहला शहर है। अभी इंदौर पुलिस यातायात और सुरक्षा क्षेत्र में इस तकनीक का भी उपयोग करेगी। आगे इस तकनीक को अन्य क्षेत्र में भी उपयोगी बनाया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने कहा कि एआई आधारित यह चेटबॉट ओपन सोर्स से इनफार्मेशन प्राप्त करेगा। इस चेटबॉट में नागरिक बोलकर या टाइप कर सेवा ले सकेंगे।
कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, विधायकगण सर्वमहेन्द्र हार्डिया, मालिनी गौड़, मधु वर्मा तथा गोलू शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना मालवीय, प्रताप करोसिया, सुमित मिश्रा एवं श्रवण चावड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद रहे।
RSS के 100 साल, 'संघ बताएगा क्या है हिंदू की परिभाषा': प्रांत संघचालक अशोक पाण्डे
2 Oct, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने के साथ कहां पहुंचा. इस शताब्दी वर्ष में 1 लाख पंथ संचलन और 5 लाख 97 हजार गांवों में घर-घर दस्तक के साथ कहां पहुंचने का लक्ष्य है. इस पूरे वर्ष में होने वाले हिंदू सम्मेलन जिनमें धर्म की व्याख्या घंटी चोटी, मंदिर और मस्जिद अजान सहित गुरुद्वारे से अलग होगी. सद्भावना बैठकों का संदेश क्या होगा. प्रबुद्ध जनों के साथ मंथन चिंतन का एजेंडा क्या है.
मध्य भारत प्रांत के प्रांत संघचालक अशोक पाण्डे ने तमाम विषयों पर बेबाकी से बातचीत की और बताया कि संघ का 100 वर्ष पूर्ण कर लेना आरएसएस के लिए क्यों प्रसन्नता और उत्सव का विषय नहीं है. उन्होंने संघ के आधार पर हिंदू की परिभाषा भी बताई. ये भी बताया कि जबकि मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में संघ की विचारधारा वाले राजनीतिक दल की सत्ताएं हैं फिर भी संघ का विचार फलीभूत होने में अड़चन कहां हैं.
मध्य प्रदेश में टोमेटो वायरस का अटैक, 12 साल तक के बच्चों में फैल रहा ये संक्रमण
2 Oct, 2025 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: राजधानी में कोरोना के बाद इस समय स्कूली बच्चों में एक खास प्रकार का रोग फैल रहा है. जिसमें उनके हाथ, पैर, तलवों, गर्दन के नीचे और मुंह के अंदर लाल चकत्ते जैसे उभार आ जाते हैं जो बाद में फफोले बन जाते हैं. इससे बच्चों को खुजली, जलन और दर्द के साथ बुखार व गले में दर्द के लक्षण सामने आ रहे हैं. यह बीमारी संक्रामक है, जिससे मरीज के ज्यादा संपर्क में रहने वाले को भी होने की पूरी संभावना रहती है. इसीलिए भोपाल के कई स्कूलों ने इस बीमारी को लेकर अलर्ट जारी किया है. साथ ही बच्चों में ऐसे लक्षण दिखते ही उन्हें स्कूल नहीं भेजने की सलाह दी है.
'12 साल तक के बच्चे हो रहे प्रभावित'
हमीदिया अस्पताल के सीनियर चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. राजेश टिक्कस ने बताया कि "टोमेटो वायरस या फीवर की बात करें तो इसे साधारण भाषा में हैंड फुट माउथ डिजीज कहा जाता है. यह बीमारी इकोनी वायरस और काक्ससैकी वायरस से होती है. यह बीमारी सामान्यतः 6 महीने से लेकर 12 साल तक के बच्चों में होती है. इसमें बुखार के साथ उसके हाथ, पैर और मुंह के अंदर अलग-अलग रेशेस होते हैं." डॉ. राजेश टिक्कस ने बताया कि "मेडिकल में एक सिंडोमिक एप्रोच के साथ इसे फीवर विद रेशेस भी कहते हैं."
'संपर्क में आने से फैलता है संक्रमण'
टोमेटो फ्लू से संक्रमित व्यक्ति को छूने और उसके क्लोज कांटेक्ट से इस बीमारी के फैलने की पूरी संभावना होती है. इसके साथ ही खांसने और छींकने से भी वायरस मरीज के शरीर से अन्य लोगों में पहुंच सकता है. इसमें रेशेज के कारण कई बार बीमार बच्चों को खुजली, जलन और दर्द होता है. यह संक्रमण तलवे के नीचे, हाथ और गर्दन के नीचे और बटक्स के साथ मुंह में छाले के रुप में हो सकती है. टोमेटो वायरस से ग्रसित मरीजों में बुखार के साथ सर्दी-जुखाम के लक्षण भी देखने को मिलते हैं.
टोमेटो वायरस से इन बच्चों को खतरा
डॉ. टिक्कस ने बताया कि "सामान्य तौर पर टोमेटो फ्लू या हैंड फुट माउथ डिजीज गंभीर बीमारियों की श्रेणी में नहीं आता है. लेकिन यदि कोई मरीज जिसे वायरल इंफेक्शन हो या पहले से कोई बीमारी चली आ रही है, जैसे मरीज को हार्ट, लंग्स या अनुवांशिक बीमारी है, तो ऐसे बच्चों के इलाज में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है." डॉ. टिक्कस ने बताया कि "यह जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन इसका इलाज जरूरी है. यदि समय रहते इलाज न किया जाए तो यह वायरस अन्य लोगों के लिए भी घातक है."
'बच्चों को देते रहें लिक्विड पदार्थ'
डॉ. टिक्कस ने बताया कि "इस दौरान बच्चों के मुंह में छाले हो जाते हैं. ऐसे में बच्चों के खाने-पीने की समस्या होती है. जिससे बच्चे पानी नहीं पीते और बाद में यही डिहाइड्रेशन का कारण बनता है. बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए जरूरी है कि बीच-बीच में उन्हें तरल पदार्थ देते रहें. जैसे पतला दलिया और पतली खिचड़ी, इसके अलावा साबूदाने की खीर भी दी जा सकती है. इसके अलावा नारियल पानी और शिकंजी भी अच्छा विकल्प है. लेकिन जरूरी है कि डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए उसे पानी जरूर पिलाएं और हो सके तो बच्चे कितनी बार और कैसी टॉयलेट कर रहे हैं, इसका ध्यान भी रखा जाए."
नारियल तेल से कर सकते हैं इलाज
डॉक्टरों ने बताया कि बारिश के समय मौसम में नमी होती है. इसके साथ ही धूप भी तेज निकलने लगी है. ऐसा मौसम इंफेक्शन को प्रमोट करने में मदद करेगा. इसमें सामान्यतः दर्द और बुखार के लिए पैरासिटामाल दी जा रही है. इसके साथ ही घाव वाले स्थान पर मॉइस्चराइजर के रूप में नारियल का तेल लगाना चाहिए. वहीं, यदि 3 से 4 दिन में बुखार बंद न हो तो ऐसे मरीजों को डॉक्टरों को जरूर दिखाना चाहिए. डॉ. टिक्कस ने बताया कि "हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में फीवर विथ रेशेस के 5 से 10 प्रतिशत मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं. इनमें अधिकतर हैंड फुट माउथ डिजीज से पीड़ित रहते हैं."
स्कूलों ने जारी किया अलर्ट
बता दें कि भोपाल में कई प्री स्कूल ऐसे हैं, जहां के बच्चों में टोमेटो वायरस देखने को मिला है. ऐसे स्कूलों में प्रबंधन ने अभिभावकों को इस बीमारी को लेकर अलर्ट किया है और ऐसे बच्चों को स्कूल नहीं भेजने की अपील की है. डॉ. टिक्कस ने बताया कि "चूंकि यह बीमारी एक से दूसरे में फैलती है. ऐसे में यदि हमारे बच्चे को यह बीमारी हो गई है तो उसे दूसरों बच्चों के संपर्क में न आने दें. ये हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है. इसके साथ ही यदि बच्चों में इंफेक्शन है तो उसे स्कूल भेजना एवाइड करें. इसे ठीक होने में 6 से 8 दिन का समय लगता है. तब तक यदि आपके घर में दूसरा बच्चा है तो उसे भी रात में अलग सुलाएं."
एमपी में गांधी जयंती पर खास पहल, 111 कैदी होंगे आज़ाद
2 Oct, 2025 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) पर कैदियों को जेल से आजादी मिलेगी। प्रदेश की 14 जेलों से 111 कैदियों को रिहा किया जाएगा। अच्छे आचरण के चलते यह फैसला लिया गया है। जेल विभाग (Prison Department) की रिहाई नीति के तहत सजा में विशेष माफी दी गई है। गांधी जयंती की पूर्व संध्या मध्य प्रदेश की जेलों से 111 बंदी हो रिहाई मिलेगी।
यह कैदी 14 अलग-अलग जेलों में बंध है। भोपाल और सागर केंद्री जेल से 18-18 कैदी छोड़े जाएंगे। रीवा केंद्रीय जेल से 12, इंदौर केंद्रीय जेल 11, नर्मदापुरम से 10, उज्जैन और ग्वालियर सेंट्रल जेल से 7-7, सतना और जबलपुर केंद्रीय जेल से 6-6, बड़वानी और नरसिंहपुर से 5-5, इंदौर जिला जेल से 3, आलीराजपुर जिला जेल से दो और टीकमगढ़ जिला जेल से एक कैदी को रिहा किया जाएगा।
MP के इस गांव में होती है रावण की पूजा, भगवान मानते है ग्रामीण, दशहरे पर मनाते हैं शोक
2 Oct, 2025 10:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदिशा। भारत (India) अनेक विविधताओं का देश है, जंहा राम को भी पूजा जाता है तो कहीं कहीं रावण को पूजा जाता है। तभी तो भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है! जंहा असत्य पर सत्य की विजय पर्व दशहरा पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं एक दूसरी ओर मध्य प्रदेश के विदिशा (Vidisha) जिले की शमशाबाद विधानसभा की नटेरन तहसील (Nateran Tehsil) से महज 6 किलोमीटर की दूरी पर एक ग्राम है, जिसका नाम रावण है।
इस गांव में एक प्राचीन मंदिर है, जो रावण बाबा का है। इस मंदिर में रावण बाबा की 6 फीट लेटी हुई प्रतिमा है। जो देखेने में एक अनोखा मन मोहित करती है। यह बहुत प्राचीन मंदिर है। पुराने लोग इस मंदिर का बहुत ही अनोखा इतिहास बताते है। रावण बाबा के मंदिर से उत्तर दिशा में 3 किलोमीटर की दूरी पर एक बूदे की पहाड़ी है, जिसमें प्राचीन काल में बुध्दा नामक एक राक्षस रहा करता था, जो रावण बाबा से युद्ध करने की बहुत इच्छा रखता था, लेकिन जब वह लंका तक पहुंचता था और लंका की चकाचौंध देखते ही अधिक दूरी से उसका बल क्षीण हो जाता था।
एक दिन रावण बाबा ने इस राक्षस से पूछा कि तुम दरबार में क्यों आते हो और हर बार बिना कुछ बताये चले जाते हो, तब बुद्धा राक्षस ने कहा कि महाराज हर बार आप से युद्ध की इच्छा लेकर आता हूं लेकिन यहां तक आने में बल क्षीण हो जाता। तब रावण बाबा ने कहा कि तुम वही मेरी एक प्रतिमा बना लेना और उसी से युद्ध करना। तब से यह प्रतिमा वही पर राखी हुई है। राक्षस का अंत उसी प्रतिमा से हुआ है। लोगों ने उस प्रतिमा की महिमा को देखते हुए वहां मंदिर बना दिया।
इस गांव का नाम भी इसी मंदिर से पड़ा और जब भी यहां कोई हवन, पूजन या बड़ा पर्व मनाया जाता है तो पहले रावण बाबा को पूजा जाता है। गांव में जब कोई शादी या कोई भी समारोह किया जाता है तो रावण बाबा की नाभि में तेल भरकर शुभारंभ किया जाता है और लोग हर शुरुआत में रावण बाबा की पूजा अर्चना कर निश्चय हो जाते है। मंदिर से सटा हुआ एक तालाब भी है। इस तालाब की भी अनोखी महिला है। तालाब में रावण बाबा की एक प्राचीन पत्थर की तलवार है और लोग उस तालाब के पानी को गंगा के समान पवित्र माना मानते है। चरणा मृत के समान जल को पीकर तरह-तरह की बीमारियों से निजात पाते है। जब तालाब का पानी खत्म हो जाता है तो फिर तालाब की मिट्टी से सिर धोकर नहाते है।
लोगों की मंदिर और तालाब के प्रति इस प्रकार से आस्था जुड़ी है कि गांव में जब भी कोई वाहन खरीदता है तो उस पर रावण बाबा का नाम जरूर लिखवाते है और जब मंदिर के समीप से निकलते है तो गाड़ी का हॉर्न बजाकर या बाबा को प्रणाम करते हुए जाते है। यहां तक कि लोग अपने शरीर पर भी रावण बाबा की जय लिखवाते है। जहां पूरे देश में रावण दहन कर दशहरा पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है वहीं इस गांव में रावण दहन का शोक मनाया जाता है। रावण बाबा को खुश करने और मनाने के लिए विशेष पूजा, भंडारा और रामायण पाठ किया जाता है।
MP के इस जिले में रहस्यमयी बीमारी का कहर, किडनी फेल होने से एक और बच्ची ने तोड़ा दम, अब तक 6 की मौत
2 Oct, 2025 09:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा (Chhindwara) जिले में इस समय एक रहस्यमय बीमारी (Mysterious illness) पैर पसार रही है। इस बीमारी का कारण समझ में ना आने के कारण जिला प्रशासन द्वारा दिल्ली से भी टीम बुलाई गई है। लेकिन अभी तक उनकी कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। इस बीमारी का मासूम बच्चे शिकार हो रहे हैं। अभी तक इस बीमारी से 6 बच्चों की मौत हो चुकी है और सभी बच्चों में एक जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
बच्चों में पहले हल्का बुखार आता है और बाद में उनकी यूरिन पास होना बंद हो जाती है और बच्चों की किडनी फेल हो जाती है। जिसके कारण बच्चों की मौतें हो रही हैं। अभी तक प्रशासन की तमाम कोशिशें के बावजूद भी इस बीमारी से संबंधित कोई भी कारण समझ में नहीं आ रहा है और यह बीमारी समझ में ना आने के कारण जिला प्रशासन ने दिल्ली से मेडिकल टीम को आमंत्रित किया है, जो अभी सैंपल लेकर जा चुकी है। लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
इस बीच कलेक्टर ने संभावनाओं के तौर पर दो कफ सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया। क्योंकि प्रारंभिक तौर पर छिंदवाड़ा की मेडिकल टीम ने एक संभावना जाहिर की थी कि शायद हो सकता है यह कफ सायरप इस बीमारी का कारण हो सकते हैं है। जानकारी के अनुसार इस बीमारी के डर से अब बच्चों के माता-पिता हल्का सा बुखार आने पर भी सीधे बच्चों को नागपुर लेकर जा रहे हैं। जिसके कारण नागपुर में बड़ी संख्या में छिंदवाड़ा के बच्चे एडमिट है।
युवक पर जानलेवा हमला, गुप्तांग काटकर झाड़ियों में फेंका; गाडरवारा में दिल दहला देने वाली वारदात
2 Oct, 2025 08:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नरसिंहपुर। जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र (Dongargaon Police Station Area) से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। गांगई निवासी बसंत पाली (Basant Pali) पिता जमुना प्रसाद पाली, जो गाडरवारा में एक निजी क्लीनिक मेडिकल शॉप (Clinic Medical Shop) पर कार्यरत है, मंगलवार देर रात अपने घर लौटते समय अज्ञात बदमाशों (Unknown Miscreants) के हमले का शिकार हो गया।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित बसंत पाली जब मेडिकल शॉप से घर जा रहा था तभी एनटीपीसी रोड पर सुदरास पुल के आगे मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहन से आए 3–4 अज्ञात लोगों ने उस पर अचानक धावा बोल दिया। पहले आरोपियों ने उसकी जमकर मारपीट की और फिर धारदार चाकू से उसके पेट व शरीर के कई हिस्सों पर वार किए। आरोपियों ने क्रूरता की हद पार करते हुए उसका गुप्तांग भी काट दिया और मृत समझकर झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए।
होश आने पर पीड़ित ने किसी तरह परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उसे गाडरवारा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जबलपुर मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इधर घटना के बाद पीड़ित के परिजनों ने बुधवार को गाडरवारा में हंगामा करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
गाडरवारा एसडीओपी रत्नेश मिश्रा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तीन थानों की विशेष पुलिस टीम गठित कर दी गई है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
देश के आदर्श उदाहरण होंगे राष्ट्रीय उद्यानों के पास वन्य जीवों के लिए बनने वाले जू एंड रेस्क्यू सेंटर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
1 Oct, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वन्य जीव हमारी प्राकृतिक पूंजी हैं, जो जंगल और पर्यावरण की रोशनी हैं। मानव और वन्य जीवों का सहअस्तित्व ही प्रकृति के संतुलन का वास्तविक प्रतीक है। हम ‘जियो और जीने दो’ की भावना के साथ सबके जीवन विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। वन्य जीवों के संरक्षण के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। वन्य जीव हमारे लौकिक जगत की अलौकिक धरोहर हैं। ये केवल साधारण जीव नहीं हैं। वे प्रकृति की अद्वितीय रचनाएं हैं, जिनमें एक अद्भुत सौंदर्य, रहस्य और सामंजस्य छिपा है। उनका अस्तित्व मानव सभ्यता और प्रकृति के बीच गहरे संतुलन की जीवित विरासत है। वन्य जीवों की उपयोगिता, सुंदरता और पर्यावरणीय महत्व हमारी साधारण समझ से कहीं अधिक गहरे और दिव्य हैं। ये न केवल हमारे पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हैं,बल्कि हमें आध्यात्मिक आनंद, सौंदर्यबोध और जीवन की विविधता का अनुभव भी कराते हैं। इसलिए उनका संरक्षण केवल पारिस्थितिक आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारी भी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह-2025का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पर्यटक वाहन सफारी और वन विहार के 40 से अधिक पर्यटक वाहन (ई-व्हीकल्स) का लोकार्पण किया। साथ ही कार्यक्रम स्थल में भारत के वन्यजीव “उनका रहवास एवं आपसी संचार” विषय पर केन्द्रित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने वन और वन्य जीवों के प्रति जन जागरूकता प्रसार में योगदान देने वाले 9 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों एवं 1 वन्य प्राणी रेस्क्यू दल को वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व्स में पर्यटन बढ़ने से प्राप्त आय में से वित्त वर्ष 2024-25 के लाभांश के रूप में प्रतीकात्मक रूप से 5 ईको विकास समितियों को पात्रतानुसार पुरस्कार राशि देकर पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री ने वन्यजीव-मानव सहअस्तित्व पर केन्द्रित एक पुस्तक एवं पोस्टर सहितगिद्धों के संरक्षण पर वन विभाग द्वारा तैयार की गई वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वन और वन्य जीवों के मामले में देश में अव्वल है। प्रदेश में वनों की विविधता को बढ़ाने और पर्यटन को प्रोत्साहन देने में वन्य जीव अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन्य जीव पर्यटन, मध्यप्रदेश को पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनाता है। प्रदेश में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। चीता, बाघ, घड़ियाल, गिद्ध मध्यप्रदेश की पहचान है। अब प्रदेश में कोबरा भी बसाया जा रहा है। प्रदेश में पर्यावरण-संरक्षण की दृष्टि से वन विभाग ने पर्यटकों के लिए उपलब्ध पुराने डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला है। यह पर्यावरण-संरक्षण और ईको टूरिज्म डेवलपमेंट की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। इसकी शुरुआत भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान से की गई है। आज सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के लिए 40 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का लोकार्पण भी हुआ है, इससे यहां आने वाले पर्यटक बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए सफारी का आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग द्वारा 636 ईको विकास समितियों को वन्यजीव पर्यटन विकास के लिए वन विकास निगम की ओर से 18करोड़ 74लाख रूपए से अधिक की पुरस्कार राशि प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किप्रदेश में 11 राष्ट्रीय उद्यान, 25 वन्यजीव अभयारण्य, 9 टाइगर रिजर्व और एक कंजर्वेशन रिजर्व भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 30 प्रतिशत से अधिक भूमि वनों से आच्छादित है। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश में चीता मित्र, हाथी मित्र, ताप्ती संरक्षण रिजर्व जैसे अनेक उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। पिछले साल मध्यप्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या 13.81 लाख से अधिक रही है। दुनियाभर से पर्यटक, वन्यजीवों को देखने के लिए मध्यप्रदेश की धरती पर आ रहे हैं। राज्य सरकार वन्य संपदा की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और जबलपुर में दो नए चिड़ियाघर (जू) तेजी से आकार ले रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास जू एंड रेस्क्यू सेंटर विकसित किए जाएं, जिससे घायल जंगली जानवरों को समय पर निकटतम स्थान पर समुचित इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश को एक ऐसा राज्य बनाएंगे, जहां हर प्रकार की वन संपदा की रक्षा करते हुए वन्यजीवों के उपचार के लिए रेस्क्यू सेंटर स्थापित किए जाएं और देश में मध्यप्रदेश की अलग छवि निर्मित हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बाघ, चीता, घड़ियाल, मगरमच्छ और गिद्धों के संरक्षण में पहचान बना चुका है। जल, थल और नभचर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में चिड़ियाघरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। जीवनदायिनी मां नर्मदा और सहायक तवा नदी में जल्द ही मगरमच्छ छोड़े जाएंगे।
वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में वन विभाग ने अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पर्यटन विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए नवाचार किया जा रहा है। अब राज्य सरकार ने डीजल गाड़ियों को हटाकर अबपर्यटकों और पर्यावरण की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक वाहन संचालित करने का निर्णय लिया है। स्वागत उद्बोधन में पीसीसीएफ वाईल्ड लाइफ शुभरंजन सेन ने कहा कि वन्य जीवों के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश में ऐतिहासिक काम हो रहा है। इस मामले में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही.एन. अंबाडे, एडिशनल पीसीसीएफ एल. कृष्णमूर्ति सहितराहुल कोठारी, वन एवं पर्यटन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, पर्यटक और स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तुलसी का पौधा देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को कुमारी नुद्रा शुक्ला ने स्वयं बनाई गई पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री ने स्कूली विद्यार्थियों के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाकर वन्य जीवों के प्रति जागरूकता की प्रेरणा दी।
अन्य राज्यों के लिए भी आदर्श उदाहरण बन रही है भावांतर योजना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण के लिए हर स्तर पर कार्य कर रही है। राज्य के सोयाबीन उत्पादक किसानों को उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए पुन: भावांतर योजना लागू की गई, जिसके माध्यम से हमारा प्रयास है कि किसानों को सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिले। केंद्र सरकार ने इस वर्ष सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5328रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, जो गत वर्ष के एमएसपी 4800 रुपए से528 रुपए अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सोयाबीन उत्पादक किसान 3 अक्टूबर से भावांतर योजना में उपज बेचने के लिए अपना पंजीयन कराएं और 24अक्टूबर से मंडियों में सोयाबीन बेचना प्रारंभ कर दें। यदि किसी किसान को एमएसपी से कम राशि में फसल बेचनी पड़े तो भी घबराएं नहीं, राज्य सरकार भावांतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित करेगी।
सहकारी बैंक की नौकरी सेवा का बेहतर माध्यम है – मंत्री सारंग
1 Oct, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में आईबीपीएस के माध्यम से चयनित प्रदेश के 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के नवनियुक्त अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, प्रबंधक (प्रशासन/लेखा) एवं नोडल अधिकारियों के प्रशिक्षण सत्र का समापन करते हुए कहा कि आप सभी अत्यंत भाग्यशाली हैं कि आपको अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के दौरान प्रदेश के सहकारी साख आंदोलन से जुड़े जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।
मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश के त्रि-स्तरीय सहकारी ढांचे में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यहां अधिकारी के रूप में आपको ईश्वर ने प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में रहने वाले अंतिम छोर के व्यक्ति की सेवा का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि अपेक्स बैंक द्वारा प्रदान किए गए प्रशिक्षण के आधार पर यदि आप अपनी ऊर्जा, ज्ञान, कौशल और विवेक के साथ पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो जहां एक ओर आप जरूरतमंद लोगों की बेहतर सेवा कर पाएंगे, वहीं दूसरी ओर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण भी कर सकेंगे।
मंत्री सारंग ने शिव खेड़ा, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, गौतम बुद्ध एवं अन्य दार्शनिकों के दृष्टांतों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कोई भी कार्य नया नहीं होता, लेकिन किसी कार्य को नवाचार और कौशल के साथ संपन्न करना ही उत्कृष्ट कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिलों में अच्छे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर आप स्वयं को सोने के समान चमकदार साबित करें।
मंत्री सारंग ने कहा कि पैक्स हमारी आधारशिला हैं, अतः इनकी कार्यप्रणाली का पूर्ण कंप्यूटरीकरण आपकी प्रमुख प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके बाद व्यवसाय के विविधीकरण के लक्ष्य पर भी विशेष ध्यान देना होगा, क्योंकि पैक्स पर ही जिला बैंकों और अपेक्स बैंक की मजबूती निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि सभी जिला बैंक वर्तमान में क्रेडिट, उर्वरक, उपार्जन एवं पीडीएस का कार्य कर रही हैं, किंतु प्रतिस्पर्धा के इस दौर में स्वयं को अधिक सशक्त बनाने के लिए व्यवसाय के अन्य क्षेत्रों पर भी ध्यान देना होगा। विशेषकर छोटे ऋण, कम ब्याज दरों पर, सरल शर्तों और आवश्यक कार्यालयीन औपचारिकताओं के साथ वितरित किए जाने चाहिए। साथ ही जिले में स्थित 54 विभागों के सभी अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर इस दिशा में कार्य करना होगा।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री सारंग ने नवनियुक्त अधिकारियों को अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज, भोपाल में आयोजित 12 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता, ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य पी.एस. तिवारी, मनोज सिन्हा, अरुणा दुबे, अरुण मिश्र, के.टी. सज्जन, अरविंद बौद्ध, अरुण माथुर सहित अपेक्स बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई ने शक्ति पर्व में दिखाई अपनी शक्ति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
1 Oct, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ऊर्जा उत्पादन में नई-नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है। नवरात्रि के शक्ति पर्व में म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट यूनिट ने पूरे एक वर्ष 365 दिन निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन कर इतिहास रच दिया है। मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के 69 वर्ष के कार्यकाल में ऐसी उपलब्धि हासिल करना अपने-आप में ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिये ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सभी वरिष्ठ अधिकारियों और अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं और कार्मिकों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये बधाई दी है।
मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व तकनीकी कार्मिकों की कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता, समर्पण व शक्ति ने आज वह कमाल कर दिखाया जिसकी कल्पना मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के बाद 69 वर्ष के इतिहास में नहीं की गई थी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट ने जैसे ही सतत् विद्युत उत्पादन करते हुए गत रात्रिठीक 12 बजे प्रविष्ट हुई वैसे ही पूरी यूनिट के अभियंता व तकनीकी कार्मिक खुशी से झूम उठे। चचाई की इस यूनिट ने तत्कालीन मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल व मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल और मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के 69 वर्ष के इतिहास में ऐसी प्रथम ताप विद्युत उत्पादन यूनिट होने का तमगा हासिल किया, जिसने लगातार व निर्बाध रूप से 365 दिन यानी कि एक वर्ष तक विद्युत उत्पादन किया है। यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। इस यूनिट के लगातार एक वर्ष तक निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करने से यह धारणा भी खंडित हुई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की ताप विद्युत यूनिट ऐसा शानदार प्रदर्शन कर ही नहीं सकती।
ऐतिहासिक उपलब्धि गौरव की बात : ऊर्जा मंत्री तोमर
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि यह उपलब्धि हासिल करना अत्यंत गौरव की बात है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठता सिद्ध हुई और सकारात्मक छवि बनी है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई, कंपनी के एमडी सहित सभी अभियंताओं और सहयोगी स्टाफ को बधाई दी है।
95.43 फीसदी का शानदार पीएलएफ
अमरकंटक की 210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 365 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया तब इसने 95.43 प्रतिशत का शानदार प्लांट लोड फेक्टर, 98.26 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ) और 9.15 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन की उपलब्धि हासिल की।
ऑपरेशन व मेंटेनेंस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
किसी यूनिट का लगातार एक वर्ष तक लगातार व निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। लेकिन अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की इस सफलता के पीछे ऑपरेशन और मेंटेनेंस टीमों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। दोनों टीमों ने समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन कर इस उपलब्धि को हासिल किया।
पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है यह सफलता
मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि यूनिट के संचालन की जटिलताओं को इतनी कुशलता से प्रबंधन करना अमरकंटक ताप विद्युत गृह के पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि पावर जनरेटिंग कंपनी के अभियंता व तकनीकी कार्मिक न केवल अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, बल्कि कंपनी के उत्कृष्टता मानकों को बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।
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