मध्य प्रदेश
निरोगी काया तभी होगी जब हम स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
29 Sep, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि निरोगी काया तभी होगी जब हम स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। सेवा पखवाड़ा में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के तहत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये जा रहे हैं जिसमें महिलाएँ, बच्चे, किशोरी बालिकाएँ एवं अन्य लोग भी अपने स्वास्थ्य की जांच करायें तथा स्वास्थ्य रीवा विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करें। शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा में किरण सेवा संस्थान के सहयोग से सिकल सेल एनीमिया जागरूकता एवं टेस्टिंग शिविर का आयोजन किया गया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक रक्तविकार है जिससे बीमारी होती है इसकी जांच के उपरांत इलाज आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किरण सेवा संस्थान बधाई की पात्र है जो इस क्षेत्र में सिकल सेल की जांच व उपचार का कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक संचालित सेवा पखवाड़ा अन्तर्गत स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान में सभी अपने स्वास्थ्य की जांच करायें। किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांचकर आभा कार्ड बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिये नियमित दिनचर्या में प्राणायम, योगासन, ध्यान करते हुए खानपान में सावधानी रखें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे राइट टू स्क्रीनिंग अभियान का लाभ लें व स्वास्थ्य की जांच करायें। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्युदर को कम करने के प्रयास जारी हैं। आने वाले समय में स्वस्थ व विकसित भारत एवं विकसित रीवा का संकल्प पूरा होगा। किरण सेवा संस्थान के डॉ. अभय मिश्रा ने शिविर की संक्षिप्त जानकारी दी। अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, प्राचार्य आरएन तिवारी सहित प्राध्यापक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास, 25000 कन्याओं के पूजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, मोहन यादव ने दिया गिफ्ट
29 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन: शारदीय नवरात्रि के अवसर पर बाबा महाकाल की नगरी में एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है. ये कोई छोटा-मोटा कीर्तिमान नहीं है बल्कि एक विश्व रिकॉर्ड है. उज्जैन में एक दिन में 25000 कन्याओं के पूजन का करिश्मा गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया. 28 सितंबर को उज्जैन उत्तर विधानसभा में 121 स्थानों पर कन्या पूजन का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल हुए. कन्याओं का पूजन कर उन्हें उपहार भी दिए.
121 स्थानों पर कन्या पूजन का किया गया आयोजन
कन्या पूजन का आयोजन 'लोकमान्य तिलक गणेश उत्सव महा आयोजन समिति' द्वारा किया गया. यह आयोजन उज्जैन के 121 अलग-अलग स्थानों पर किया गया था. कन्या पूजन के बाद मोहन यादव ने कहा, "हमारे मित्र और विधायक अनिल जैन की अगुवाई में इतिहास के पन्नों में उज्जैन का नाम जुड़ गया. यह उपलब्धि उज्जैन की पावन धरा की सनातन संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करती है. आइए इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बनें और अपनी संस्कृति पर गर्व करें."
13 साल तक की कन्याओं का कराया गया था रजिस्ट्रेशन
भाजपा विधायक अनिल जैन ने बताया कि "यह केवल आस्था और परंपरा का उत्सव नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान और समाज की एकता का अनुपम उदाहरण रहा. यह हम सबके लिए हर्ष और गर्व का विषय है. इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक आयोजन के न सिर्फ हम साक्षी बनें बल्कि इसमें हम सब की सहभागिता से यह गौरव उज्जैन और मध्य प्रदेश को प्राप्त हुआ है." अनिल जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि "लगभग 5000 कार्यकर्ताओं ने 6 माह में 13 साल तक की 25000 कन्याओं का रजिस्ट्रेशन कराया था."
मोहन यादव ने विकास कार्यों का किया भूमि पूजन
मोहन यादव ने इस दौरान शहर में होने वाले विकास कार्यों जिसमें एलिवेटेड ब्रिज, सड़क चौड़ीकरण, अस्पताल निर्माण, प्रशासनिक भवन निर्माण व अन्य का जिक्र भी किया. इसके अलावा डॉ यादव ने उज्जैन पुलिस कंट्रोल रूम के पास खाली पड़ी जमीन पर 369.11 करोड़ की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमि पूजन किया. इसमें हॉस्पिटल, सड़क, पुल-पुलिया, जिला प्रशासनिक कार्यालय, संभागीय प्रशासनिक कार्यालय जैसे कार्य होंगे.
मृतक पुलिसकर्मियों को सीएम ने दी सहायता राशि
सीएम ने बीते दिनों उज्जैन में 3 पुलिसकर्मियों की क्षिप्रा नदी में डूबने से हुई मौत मामले में पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों को 1-1 करोड़ की सहायता राशि भेंट की. मृत पुलिस कर्मियों में सब-इंस्पेक्टर अशोक शर्मा, सब-इंस्पेक्टर मदनलाल निनामा, कांस्टेबल आरती पाल शामिल हैं. आरती पाल के परिजनों को 59 लाख की राशि दी गई है. ये सहायता राशि मृतकों के पद के हिसाब से दी गई है.
प्रदेश के हर चौथे बच्चे को की जा रही है आरटीई के तहत फीस की प्रतिपूर्ति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
29 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार सभी वर्गों के हर चौथे बच्चे को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने की फीस दे रही है। राज्य सरकार ने बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम से लाभान्वित निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को अगले सत्र से पाठ्यपुस्तकें और बैग उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश की पहचान आज सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले राज्य की बन चुकी है। राज्य सरकार ने संपूर्ण प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की है। विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जा रही है। शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल, ड्रेस और किताबें मिल रही हैं। शाला में प्रथम आने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी और 75 प्रतिशत अंक लाने वालों को लैपटॉप प्रदान कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना उनके बेहतर भविष्य की सुरक्षा है। बच्चे अपना भविष्य बनाते हुए देशभक्त नागरिक बनें, वे डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक बनें, साथ ही सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को हरदा जिले के खिरकिया में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत राज्यस्तरीय कार्यक्रम में 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से अंतरित कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 72 किलोमीटर लम्बी आशापुर-हरदा सड़क निर्माण की घोषणा भी की। केन्द्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और पूर्व मंत्री कमल पटेल भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जो कहा है, वो करके दिखाया है। किसानों कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को गेहूं की उपज पर 175 रुपए का बोनस उपलब्ध कराकर उन्हें गेहूं का 2600 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य दिलाया गया है। अब भावांतर योजना लागू करते हुए प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक हर किसान को प्रति क्विंटल 5328 रूपये समर्थन मूल्य दिलवाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। राज्य सरकार ने मूंग और धान उत्पादक किसानों को भी उपज का उचित मूल्य दिलाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा में हुई भीषण विस्फोट दुर्घटना का स्मरण करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन ने उस कठिन परिस्थिति में तत्परता दिखाते हुए पीड़ित व्यक्तियों को हर संभव राहत और बचाव उपलब्ध कराने के प्रबंध किए गए थे। अब राज्य सरकार ने बीमार और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए पीएमएयर एंबुलेंस की व्यवस्था आरंभ की है। कठिन परिस्थितियों में पीड़ित और जरूरतमंद व्यक्तियों को त्वरित रूप मदद उपलब्ध कराने के प्रति राज्य सरकार संवेदनशील है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च महत्व दिया गया है। गुरुजन के प्रयास और माताओं के आशीर्वाद से ही समाज का कल्याण हो सकता है। रामायणकाल में महर्षि विश्वामित्र की बालक राम को प्रभु श्रीराम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा-दीक्षा प्राप्त करने पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के प्रसंग से हम मित्रता और आपसी संबंधों में एक दूसरे को सम्मान देने के महत्व से भी परिचित होते हैं। हमें प्रयास करना होगा कि वर्तमान पीढ़ी भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा के इन प्रसंगों से प्रेरणा लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने ब्रिटिश काल में सबसे कठिन परीक्षा आईसीएस में चयनित होकर अंग्रजों की नौकरी ठुकराई और उन्हें भारतीय मेधा से परिचित कराया।
दो स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति की राशि के सांकेतिक चेक भेंट किये
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश के निःशुल्क प्रवेशित 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के लिये प्रदेश के 20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रूपये अंतरित किये। उन्होंने इस दौरान शांति निकेतन हायर सेकण्ड्री स्कूल छीपाबड को 62 निःशुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों के लिये 4 लाख एक हजार 593 रूपये और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर खिरकिया को 59 निःशुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों के लिये 3 लाख 61 हजार 979 रूपये के सांकेतिक चेक वितरित किये।
केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा, सुशासन, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में नवाचार और पारदर्शिता को प्रोत्साहित किया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम समाज के कमजोर वर्ग के लिए वरदान की तरह है। इस योजना से गरीब परिवार के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गरीब और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पित है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि यह देश और समाज की प्रगति का मार्ग है। शासकीय स्कूलों में अच्छे भवन बने हैं। बच्चों को पौष्टिक मध्यान भोजन मिल रहा है और उन्हें हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है।
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा का अधिकार के माध्यम से निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों में 70 प्रतिशत विद्यार्थी किसान परिवार से आते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के लिए भावांतर योजना प्रारंभ की है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है।
पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि हरदा जिला सिंचाई से लेकर पेयजल, सड़क एवं बिजली सहित हर क्षेत्र में अग्रणी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम हर क्षेत्र में विकास करने के लिये कटिबद्ध है।
विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिरकिया में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 1851.04 लाख रूपये के 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमें 130.70 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले हाई स्कूल भवन कायदा में 4 क्लास रूम तथा 3 प्रयोगशाला, 404 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले महाविद्यालयीन बालक छात्रावास टिमरनी, 265 लाख रूपये की लागत से बनने वाले नवीन 33/11 केव्ही 5 एमव्हीए खामापड़वा उपकेन्द्र, 525.67 लाख रूपये की लागत से बनने वाले नवीन जनपद पंचायत भवन टिमरनी तथा 525.67 लाख रूपये की लागत से बनने वाले नवीन जनपद पंचायत भवन खिरकिया का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 306.80 लाख रूपये से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र धनवाडा मय 1 जी टाइप और 1 एच टाइप आवास गृह तथा 266 लाख रूपये की लागत से निर्मित नवीन 33/11 केव्ही 5 एमव्हीए भवरास उप केन्द्र का लोकार्पण भी किया।
जनजातीय कलाकारों ने किया आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हरदा आगमन पर जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक रीति-रिवाज़ों और लोक-संस्कृति के साथ आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक कलाकार को 5-5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की।
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रौपा पौधा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय राज्यमंत्री डी.डी. उइके, स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री कमल पटेल के साथ एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधा लगाया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष गजेन्द्र शाह, विधायकी हरदा आर.के. दोगुने, पूर्व विधायक टिमरनी संजय शाह, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और नागरिक मौजूद रहे।
अरुण यादव का बड़ा बयान– भाषणों से नहीं रुकेंगे हालात, कांग्रेस को चाहिए ज़मीनी संघर्ष
29 Sep, 2025 02:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में नेताओं के बीच बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. कोई प्रदेश प्रभारी पर सवाल उठा रहा तो कोई बड़े नेताओं की कार्यशैली को लेकर मुखर हो रहा है। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव का बयान सामने आया है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के बयान और भाषणों को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि पार्टी एवं पार्टी की विचारधारा के लिए वैचारिक और सतही संघर्ष आज समय की मांग है, सिर्फ भाषणों एवं बयानों से जहरीली विचारधाराओं से संघर्ष कर पाना नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि सभी को साथ रख कर अपनी विचारधारा को लेकर समन्वय और एकजुटता से हम संघर्ष करेंगे, तभी प्रदेश में हमारी सरकार बनाने का सपना साकार होगा जिस साहस और ईमानदारी के साथ हमारे नेता राहुल गांधी संघर्ष कर रहे है, उसका एक प्रतिशत भी मध्य प्रदेश में हम अंगीकार कर लें तो संघर्ष की राह आसान हो जाएगी।
दिग्विजय सिंह दे चुके हैं नसीहत
एमपी के पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस नेताओं को नसीहत देते हुए कहा था कि मंच की लड़ाई समाप्त कीजिए। जनता के लिए आवाज उठाइए और लड़िए. वहीं पूर्व मंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य कमलेश्वर पटेल ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि प्रदेश प्रभारी का काम पार्टी में समन्वय बनाना होता है। वहीं पटवारी को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा था कि खरगे जी और राहुल जी ने आपको राज्य का महत्वपूर्ण पद सौंपा है, आप सभी को साथ लेकर चलिए।
अरुण यादव के बयान पर बीजेपी ने कसा तंज
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस में गृहयुद्ध चल रहा है। कोई अपने सीएम बनने के नारे लगवा रहा है, कोई बड़े नेताओं को जिले में भेज रहा है। सब एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं, यह कांग्रेस की अंदरूनी कलह है। कांग्रेस जैसी चल रही है, माता रानी की कृपा से ऐसे ही 100 साल तक और चलती रहे। क्या कांग्रेस स्वदेशी के रास्ते पर चलने को जहरीली विचारधारा कह रही है। उन्होंने आगे कहा कि 500 सालों के संघर्ष के बाद अयोध्या जी में श्रीराम मंदिर का निर्माण जहरीली विचार धारा है क्या ? कश्मीर से धारा 370 हटाना जहरीली विचारधारा है क्या? पूज्य बापू के राम राज्य की कल्पना को साकार करना जहरीली विचार धारा है क्या? पूज्य बापू के स्वदेशी मंत्र को जन जन तक पहुंचाना जहरीली विचार धारा है क्या ? आतंकवादियों को कुचलना उसके घर में घुसकर मारना क्या यह जहरीली विचारधारा है ? यदि यह जहरीली विचारधारा है तो हम भगवान शंकर की तरह यह जहर पीने के लिए तैयार है। मानवता एवं राष्ट्र की सेवा के लिए भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए हम हर जहर पीने को तैयार है।
विदिशा का ताले वाली माता का प्राचीन मंदिर, भक्त करते हैं किस्मत बदलने का दावा
29 Sep, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदिशा: मध्य प्रदेश में देवी माता के कई ऐसे प्राचीन मंदिर है जहां भक्तों का मानना है कि उनकी अटूट कृपा से उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. ऐसे मंदिरों को लेकर कई मान्यताएं और किवदंतियां भी प्रचलित हैं. ऐसा ही माता रानी का एक मंदिर विदिशा में है. इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां जो भी भक्त अपनी परेशानी लेकर आता है, माता उसकी हर समस्या का समाधान करती हैं लेकिन यहां स्थित बेरी के पेड़ पर ताला लगाना होता है. इस कारण अब यह मंदिर ताले वाली माता के नाम से ही जाना जाता है.
नवग्रह शनि मंदिर में विराजमान हैं ताले वाली माता
विदिशा में बेतवा नदी के किनारे स्थित है भव्य और प्राचीन नवग्रह शनि मंदिर. लगभग 150 वर्ष से भी अधिक पुराने इस मंदिर की पहचान सिर्फ शनिदेव से ही नहीं, बल्कि यहां विराजमान ताले वाली दुर्गा माता से भी है. यहां भक्तों की अटूट आस्था इस मंदिर में लगे तालों से देखी जा सकती है. भक्त बताते हैं कि यहां ताले लगाने से हर मन्नत पूरी होती है.
पेड़ पर लटक रहे हैं आस्था के हजारों ताले
माता के पास स्थित बेरी के पेड़ पर लटक रहे ताले बताते हैं कि बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं और अपनी मनोकामना को लेकर ताले लगाते हैं और माता से प्रार्थना करते हैं कि मां दुर्गा उनकी हर परेशानी दूर कर देंगी.
पुजारी गणेश जोशी बताते हैं कि "जो भी भक्त किसी विवाद, बीमारी या मुश्किल में घिरा होता है, वह माता की पूजा अर्चना के बाद पास स्थित बेरी के पेड़ पर ताला लगाकर जाता है. ऐसी मान्यता है कि माता उस कष्ट को दूर करती हैं और श्रद्धालु की हर मनोकामना पूरी करती हैं. जब भक्तों की इच्छा पूरी हो जाती है तो लोग यहां दोबारा आकर प्रसाद चढ़ाते हैं और माता का आभार जताते हैं."
'मिट्टी में दब गए हजारों ताले'
पुजारी गणेश जोशी बताते हैं कि "भक्तों की माता रानी को लेकर इतनी आस्था है कि यहां बड़ी संख्या में ताले लटक चुके हैं, जिनकी कोई गिनती तक नहीं है. कई ताले तो समय के साथ मिट्टी में दब गए हैं. पूरा पेड़ तालों से लद चुका है. इसके चलते अब उसके बगल में ही एक पेड़ की आकृति का लोहे का स्टैंड भी बनाना पड़ा है जिस पर श्रद्धालु अपनी मन्नत का ताला लगा सकें."
'माता पूरी करती हैं हर मनोकामना'
भक्त नरोत्तम दास बैरागी बताते हैं कि "यहां पर बेरी माता के नाम से ताला लगता है और जो भी मनोकामनाएं होती हैं वह पूरी हो जाती हैं. मैं भी अपनी मनोकामना को लेकर ताला लगाने आया था मुझे पूरा विश्वास है कि माता रानी मेरी इच्छा फिर पूरी करेंगी. इससे पहले भी मैं यहां ताला लगा चुका हूं. तब मैं पहले किराए के घर में रहता था और यहां आकर ताले वाली माता से अपना खुद का घर होने की मन्नत मांगी थी. माता की कृपा से आज मेरे 2 मकान हो गए हैं. तभी से मेरा विश्वास और भी बढ़ गया है. यहां रोज सैकड़ों लोग ताला लगाने आते हैं."
छिंदवाड़ा के गांव में लंकापति ही भगवान! 10 दिन आराधना करते हैं आदिवासी, नहीं होता रावण दहन
29 Sep, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा: नवरात्रि के पर्व में हर गांव में पंडाल सजे हैं. माता दुर्गा की आराधना हो रही है. लेकिन छिंदवाड़ा में एक गांव जमुनिया ऐसा है जहां पर 10 दिनों तक माता की आराधना नहीं बल्कि रावण की पूजा की जा रही है. यहां के लोग रावण को अपना अराध्य मानते हैं. और फिर रावण का विसर्जन भी किया जाता है.
पूर्वज मानकर रावण देव की करते हैं पूजा
जमुनिया गांव में पंडाल सजा है और रावण की स्थापना हुई है. यह आयोजन कई सालों से लगातार हो रहा है. आदिवासी समाज के लोग रावण को अपना पूर्वज मानकर 10 दिन पूजा करते हैं और फिर विसर्जन किया जाता है. आदिवासी युवा सुमित सल्लाम ने बताया कि, ''रावण उनके पूर्वज थे और पूर्वजों की पूजा करना उनका धर्म है. इसलिए उनके गांव में रावण की मूर्ति स्थापित की जाती है.''
कई गांव में हो रही पूजा, आरती नहीं, होती है सुमरिनी
जमुनिया के आदिवासी युवा वीरेंद्र सल्लाम ने बताया, ''सिर्फ जमुनिया ही नहीं बल्कि मेघासिवनी और दूसरे आदिवासी गांव में भी रावण की पूजा की जाती है. हालांकि उनकी पूजा फोटो रखकर की जाती है. खास बात ये होती है कि हर पूजा और पंडाल में दोनों टाइम आरती की जाती है लेकिन आदिवासी परंपरा के अनुसार रावण के पंडाल में सुमरनी का कही जाती है.''
20 सालों से हो रही स्थापना
दशहरा के दिन पूरे देश में बुराई का प्रतीक मानकर रावण का पुतला जलाया जाता है. लेकिन जमुनिया एक ऐसा गांव है जहां पिछले 20 सालों से रावण दहन के दिन विधि विधान से रावण का विसर्जन किया जाता है. इस गांव में दो रावण की मूर्तियों की स्थापना और गांव के लोग आदिवासियों का साथ देते हुए रावण दहन नहीं करते.
रावण थे प्रकृति के पुजारी, पूर्वज मानकर दो दशकों से स्थापना
आदिवासियों का कहना है कि, वो रामायण वाले रावण की नहीं, बल्कि अपने पूर्वज के तौर पर रावण की पूजा करते हैं. उनका ये भी मानना है कि, भगवान शिव के भक्त के तौर पर भी रावण उनके लिए पूजनीय हैं. उन्होंने बताया कि, वे सभी धर्म का सम्मान करते हैं. यहां मां दुर्गा के पंडाल में उनकी पूजा हो जाने के बाद ही अपने पूर्वज के तौर पर रावण की पूजा करते हैं.
आदिवासियों ने बताया कि, उनके पूर्वज 20 सालों से रावण की पूजा करते चले आ रहे हैं, वे भी अपनी ये परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. आदिवासी प्रकृति के पुजारी है इसलिए जल, जंगल और जमीन की पूजा करते हैं. प्रकृति के देवता भगवान से शिव भी कहलाते हैं और भगवान शिव के भक्त रावण भी थे.
आदिवासी क्यों अपना पूर्वज मानते हैं रावण को
आदिवासी समुदाय रावण को अपना पूर्वज मानते हैं, क्योंकि वे उन्हें एक महान राजा, योद्धा और आदिवासी महापुरुष मानते हैं. वे रामायण के रावण से अलग रावण पेन या रावण गोंड जैसे अन्य रूप में भी उनकी पूजा करते हैं, जिन्हें वे शिव का परम भक्त मानते हैं.
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष देवरावेन भलावी ने बताया कि, ''रावण कोयावंशी थे और उनकी माता जंगल में निवास करती थी. उनका जन्म भी एक गुफा में हुआ था. रावनपेन का जन्म आदिवासी समुदाय में हुआ था. इस लिहाज से वे आदिवासी समुदाय के पूर्वज हैं. दशहरा के दिन रावण दहन करने से उनकी भावनाएं हाथ होती है इसलिए वे इसका विरोध भी करते हैं.''
ITBP जवान बर्खास्तगी मामले में हाईकोर्ट में 17 साल बाद सुनवाई, दूसरी शादी का मामला
29 Sep, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस में पदस्थ जवान को 17 साल पहले 2 शादियां करने को लेकर बर्खास्त कर दिया गया था लेकिन लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार पीड़ित जवान को बड़ी राहत मिली है. ग्वालियर हाईकोर्ट ने जवान की बर्खास्तगी को अनुचित ठहराया है.
2008 में नौकरी से बर्खास्त, जवान ने हाईकोर्ट में किया चैलेंज
चंबल क्षेत्र से आने वाले जवान जोगेंद्र सिंह ने साल 1990 में बतौर आरक्षक इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) ज्वाइन की थी. उन्होंने 18 साल तक अपनी सेवायें भी दीं लेकिन 2008 में उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया. इसके बाद उन्होंने 2008 में ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में अपनी बर्खास्तगी के आदेश को चैलेंज किया क्योंकि उन्हें बर्खास्त करने के पीछे उनके 2 विवाह होने का कारण दिया गया था.
17 साल बाद हुई याचिका पर सुनवाई
इस परिवाद को लेकर अपीलकर्ता जोगेंद्र सिंह को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और 17 साल बाद उनकी याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की. अपीलकर्ता के वकील एडवोकेट डीपी सिंह के मुताबिक उन्होंने दलील दी कि "याचिकाकर्ता जवान ने अपने जीवन के 18 साल आईटीबीपी में सेवा दी और सेवा अवधि में कभी भी अपने कर्तव्य की उपेक्षा नहीं की. उन्होंने दूसरा विवाह भी अपनी पहली पत्नी की सहमति से किया. उनकी पहली पत्नी ने शपथ पत्र देकर खुद इस विवाह के लिए सहमति जताई थी. इस तरह सिर्फ दूसरे विवाह को आधार बनाकर नौकरी से पृथक करना न्यायोचित नहीं होगा, क्योंकि इस निर्णय से याचिकाकर्ता का परिवार आर्थिक संकट से घिर गया है."
पहली पत्नी की सहमति के बाद हुआ दूसरा विवाह
अपीलकर्ता जोगेंद्र सिंह की पहली पत्नी लंबे समय तक बीमारी से ग्रसित थीं और घर के कामकाज संभालने में असमर्थ थीं. इन हालातों को देखते हुए 1995 में उन्होंने अपने पति जोगेंद्र सिंह को दूसरे विवाह के लिए सहमति दी थी. उसके बाद ही याचिकाकर्ता का दूसरा विवाह संपन्न हुआ था. लेकिन दूसरी शादी के 10 साल बाद आईटीबीपी द्वारा 2005 में उन्हें दूसरे विवाह के संबंध में शो-कॉज नोटिस जारी किया था और 2008 में उन्हें बर्खास्त कर दिया. उस समय तक जवान जोगेंद्र सिंह 18 साल अपनी सेवाएं विभाग में दे चुके थे.
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को दी राहत, विभाग को निर्देश
इस मामले में हाईकोर्ट ने सभी तर्क सुनने के बाद याचिकाकर्ता को राहत देते हुए और उनके खिलाफ की गई विभागीय कार्रवाई को अनुचित बताया है. हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए कहा है कि "यह मामला जवान के व्यक्ति के जीवन से जुड़ा है ना कि कार्य प्रदर्शन से, अनुशासन बनाये रखना अतिमहत्वपूर्ण है लेकिन सजा तय करते समय विभाग को कर्मचारी की सेवा अवधि और परस्थितियों पर विचार करना चाहिए."
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने आईटीबीपी को निर्देश दिए हैं कि "इस मामले में जवान को पुनर्विचार कर नियमों के तहत उपयुक्त दंड निर्धारित किया जाये. जिसके लिए न्यायालय ने 2 माह का समय भी विभाग को दिया है."
भारत रत्न लता मंगेशकर ने अपने स्वरों से भारतीय संगीत को दी नई ऊंचाइयां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
28 Sep, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की सांस्कृतिक धरती पर आज गीत-संगीत के आयोजित अद्भुत, भव्य एवं गरिमामय समारोह में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम को राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान से विभूषित किया। यह आयोजन संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन इंदौर के सहयोग से हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न लता मंगेशकर ने अपने स्वर से भारतीय संगीत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। उनके नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान अद्वितीय है। यह उन कलाकारों के योगदान को नमन है, जिन्होंने गीत-संगीत के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि आज हम विश्व प्रसिद्ध गायक सोनू निगम को सम्मानित कर गौरांवित हो रहे हैं। सोनू निगम के आने से ऐसा लग रहा है जैसे अमावस की रात में पूनम का चांद आया है। उन्होंने कहा कि आज हम गर्वित है कि संगीत की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इंदौर की संगीत परंपरा अद्वितीय है।
पार्श्व गायक सोनू निगम ने भावुक स्वर में कहा कि लता जी हमारे लिए केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि संगीत की जीती-जागती परंपरा रही हैं। इस सम्मान को पाकर मैं स्वयं को धन्य महसूस कर रहा हूँ। यह पल मेरे जीवन के सबसे खास पलों में से एक है। उन्होंने कहा कि जिस लता मंगेशकर अलंकरण समारोह में प्रस्तुति देने के लिए मैं 30 वर्ष पूर्व इंदौर आया था, उसी सम्मान समारोह में मुझे आज यह सम्मान मिलना बेहद गौरव का विषय है।
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए अत्यंत गौरव का है, क्योंकि संगीत जगत की महान हस्ती भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्म दिवस है और उसी दिन हम यह कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान संगीत जगत में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। लता जी के नाम पर सम्मान प्रदान करना मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। लता जी ने भारतीय संस्कृति और संगीत को विश्व स्तर पर स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा समारोह में वर्ष 2025 का राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान सुप्रतिष्ठित पार्श्व गायक सोनू निगम (मुंबई) को प्रदान किया गया। अलंकरण के पश्चात संगीत संध्या का आयोजन हुआ जिसमें लोकप्रिय पार्श्व गायक अंकित तिवारी एवं उनके दल ने एक से बढ़कर एक मधुर प्रस्तुतियां दीं और श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संचालक संस्कृति एस.पी. नामदेव ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वर कोकिला लता मंगेशकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये। साथ ही लता मंगेशकर के जीवन पर केन्द्रित चित्र लतिका का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, विधायक महेन्द्र हार्डिया, सुउषा ठाकुर, मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, पूर्व विधायक जीतू जिराती, सुमित मिश्रा सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।
नवरात्र पर्व आस्था और परंपरा का उत्सव और नारी शक्ति के सम्मान एवं सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
28 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नवरात्र आस्था और परंपरा के उत्सव के साथ नारी शक्ति के सम्मान एवं सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण है। उज्जैन में रविवार को 121 स्थानों पर 25 हजार से अधिक कन्याओं का पूजन किया गया, जो एक रिकॉर्ड है। इसे ‘गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है। उज्जैन की पावन धरा पर अर्जित हुई यह उपलब्धि भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं। कन्या पूजन का आयोजन लोकमान्य तिलक समिति द्वारा किया गया। समिति के संयोजक विधायक अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि इस आयोजन की सफलता में नागरिकों का अहम योगदान है।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज, विधायक सतीश मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेंद्र भारती, शांतिलाल जैन, दिनेश जाटवा उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत पुलिस कर्मियों को दी श्रद्धांजलि
28 Sep, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन प्रवास के दौरान रविवार को पीपलीनाका स्थित दिवंगत सब इंस्पेक्टर स्व. अशोक शर्मा के निवास पहुंचकर दुर्घटना में दिवंगत हुए तीनों पुलिसकर्मी के निधन पर दुख व्यक्त कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सब-इंस्पेक्टर स्व. अशोक शर्मा, सब-इंस्पेक्टर स्व. मदनलाल निनामा, कांस्टेबल स्व. सुआरती पाल के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर परिजन को सांत्वना दी और ढांढसा बंधाया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. शर्मा और निनामा के परिजन को 01-01 करोड़ की राशि और स्व. सुपाल के परिजन को 59 लाख की राशि के चेक प्रदान कियें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभावित परिवारों के सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति दी जायेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत दिनों एक दुखद हादसे में हमारे पुलिस के साथियों का निधन हो गया, यह बड़ी दुखद घटना है। राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेश नाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा, संजय अग्रवाल, रवि सोलंकी क्षेत्रीय पार्षद हेमंत गहलोत उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाली मार्केट और ऋषि नगर में माता काली और माता शक्ति का पूजन किया
28 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान शहर में बंगाली मार्केट और ऋषि नगर में आयोजित नवदुर्गा उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाली कॉलोनी में माँ काली मंदिर में पूजा कर धूप अर्पित की। उन्होंने कहा कि यहां के आयोजन की परम्परा बहुत पुरानी और समृद्धशाली है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऋषि नगर में माँ शक्ति की पूजा कर आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार विकास के कार्य हो रहे हैं। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। माता के आशीर्वाद से सिंहस्थ का आयोजन बहुत दिव्य होगा। उन्होंने सभी माता-बहनों और श्रद्धालुओं को नवरात्रि पर्व की मंगल कामनाएँ दी।
दुनिया देखेगी सिंहस्थ-2028 का वैभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
28 Sep, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में भारतीय संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। सिंहस्थ 2028 के लिए हाल ही में 2675 करोड़ रुपए की लागत राशि से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी विस्तारीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कार्यालय एक ही छत के नीचे होने चाहिए इसलिए नवीन कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्माण की आज आधारशिला रखी गई है। कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन 7 मंजिला बनेगा। नवरात्रि पर मां हरसिद्धी और भगवान श्रीमहाकाल की कृपा से उज्जैन को लगभग 370 करोड़ लाख लागत के 11 विकास कार्यों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन के साथ अन्य विकास कार्यों के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए शिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे सुविधायुक्त नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पुराने घाटों का उन्नयन कर 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जा रही है। शिप्रा नदी पर ब्रिजों की श्रृंखलाओं का निर्माण किया जा रहा है। बहुत जल्द मेट्रो ट्रेन भी उज्जैन में आएगी। उन्होंने कहा कि कृषकों के लिए भावांतर योजना लागू कर लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ दिया जायेगा। सिंहस्थ के लिए साधु-संतों की मंशानुसार कार्य हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट, मध्यप्रदेश और उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिप्रा नदी पर 77 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 4 नए पुलों से आने वाले दिनों में मोक्षदायिनी शिप्रा मैया पुलों वाली नदी भी कहलाएंगी। यह उज्जैन की काया पलटने वाले विकास कार्य हैं जो सिंहस्थ-2028 को भव्यता प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 135 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन में बन रहा संयुक्त प्रशासनिक भवन लोक-कल्याण और सुशासन का उदाहरण बनेगा। यह अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं से सुसज्जित होगा। अधिकारियों के लिए नवीन आवासीय भवन बनाए जायेंगे।
इस अवसर पर विधायक सतीश मालवीय ने कहा कि उज्जैन की दिशा और दशा बदलने का काम निरंतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। एक ही छत के नीचे जिला अधिकारी नवीन प्रशासनिक भवन में आमजन की सेवा में अपना काम करेंगे। विधायक अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिप्रा नदी में कान्ह नदी का पानी न मिले इसके लिए कान्ह डायवर्जन योजना का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर के साथ-साथ इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में विकास के कार्य कराएं जा रहे है।
इन विकास कार्यों का भी हुआ शिलान्यास
कार्तिक चौक से शंकराचार्य चौराहा रोड (छोटा पुल) शिप्रा नदी पर पुल के निर्माण के लिए 27.06 करोड़, लालपुल के डाउन स्ट्रीम में रेल्वे पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 17.69 करोड़, काल भैरव मंदिर से गढकालिका मार्ग (ओखलेश्वर) को जोडने वाले पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन टू लेन पुल के निर्माण के लिए 13.96 करोड, एम.आर 24 इन्दौर मार्ग से चिंतामन रेल्वे स्टेशन मार्ग पर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 15.86 करोड, उज्जैन शहर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर शहर से 10 कि.मी. दूरी पर नवीन विश्राम गृह निर्माण 20.64 करोड, केंद्रीय जेल उज्जैन में आवास गृहों के निर्माण 19.18 करोड़,100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल माधवनगर का 200 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन / निर्माण कार्य के लिए 24.08 करोड़, मुल्लापुरा में 50 कक्षों के नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए 49.10 करोड़ और पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के 06 पड़ाव एवं उप पड़ाव पर सुविधा केंद्र निर्माण कार्य (डोम, शौचालय एवं रसोईघर) के लिए 14.52 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमि पूजन हुआ।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, महापौर मुकेश टटवाल, सभापती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर, उपाध्यक्ष शिवानी कुंवर, पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती, संजय अग्रवाल, रुप पमनानी, विशाल राजौरिया, जगदीश पांचाल, ओम जैन, आनंद खिची, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा तथा बड़ी संख्या में गणमान्यनागरिक उपस्थित थे।
बिहार चुनाव को लेकर बीजेपी की तगड़ी तैयारी, मध्य प्रदेश के नेताओं की ये है प्लानिंग
28 Sep, 2025 07:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बाद बीजेपी ने बिहार चुनाव को लेकर भी तगड़ी तैयारी की है. बीजेपी ने बिहार चुनाव में आरजेडी गठबंधन को पटखनी देने के लिए मध्य प्रदेश के नेताओं को मैदान में उतार दिया है. बीजेपी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बिहार में भी यादव चेहरे के रूप में प्रस्तुत करेगी. मुख्यमंत्री जल्द ही बिहार में भी चुनावी रैली करते दिखाई देंगे. मुख्यमंत्री के अलावा मध्य प्रदेश के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा सहित कई मौजूदा और पूर्व मंत्रियों को बिहार की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
मध्य प्रदेश के कई नेताओं ने संभाला मोर्चा
हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन बीजेपी ने जमीनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. मध्य प्रदेश के कई नेताओं को चुनावी तैयारियों के लिए बिहार भेजा गया है. मध्य प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश के मंत्री प्रहलाद पटेल, विश्वास सारंग, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, सांसद अनिल फिजोरिया और पूर्व सांसद केपी यादव को भी बिहार चुनाव की जिम्मेदारी दी गई है.
कई नेताओं ने बिहार में जिम्मेदारी संभाल भी ली है. हालांकि मंत्री प्रहलाद पटेल की माता जी का स्वास्थ्य खराब होने की वजह से अभी वे बिहार नहीं गए हैं. उधर वीडी शर्मा ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया है. उन्होंने मुंगेर और बेगूसराय लोकसभा सीट पर कार्यकर्ताओं की बैठकें शुरू कर दी हैं.
मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे बिहार का दौरा
उधर मुख्यमंत्री मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी बिहार में चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे. ये दोनों नेता ओबीसी वर्ग से आते हैं. बीजेपी का चुनाव में फोकस भी एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के नेताओं को लेकर ज्यादा है. बीजेपी मुख्यमंत्री मोहन यादव को ओबीसी वर्ग के चेहरे के रूप में चुनाव में प्रस्तुत करेगी. इसके पहले मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश में भी जमकर प्रचार किया था और अखिलेश यादव के लिए चुनौती पेश की थी और अब बिहार में लालू परिवार के लिए परेशानी बनेंगे.
दमोह में जेल से हुई थी दुर्गा उत्सव की शुरुआत, 1 शताब्दी में भी नहीं बदला चार देवियों का स्वरुप
28 Sep, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमोह: दमोह का दुर्गा उत्सव जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में अपनी कुछ खासियतों को लेकर प्रसिद्ध है. कुछ ऐसी दुर्गा प्रतिमाएं हैं, जो प्रदेश भर में प्रसिद्ध हैं. यूं तो दमोह शहर में 100 से अधिक दुर्गा प्रतिमाएं भिन्न-भिन्न पंडालों में स्थापित की जाती हैं. लेकिन कुछ ऐसी प्रतिमाएं हैं जो दमोह जिले में ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में प्रसिद्ध हैं. दमोह नगर में ऐसी ही चार दुर्गा प्रतिमाएं हैं जो दशकों से लोगों की आस्था, समर्पण और विश्वास का केंद्र हैं. दमोह जिले में माता दुर्गा की प्रतिमा रखे जाने और उनके स्वरूप में बदलाव न किए जाने को लेकर भी कुछ कहानियां प्रचलित हैं.
1927 में दमोह जेल में हुई माता की स्थापना
वयोवृद्ध सेवा निवृत्त शिक्षक एवं जगदीश व्यायाम शाला के उस्ताद मनोहर लाल चौरासिया बताते हैं कि, ''दमोह जिले में दुर्गा उत्सव की शुरुआत 1927 में हुई थी. ब्रिटिश हुकूमत के दौरान कुछ बंगाली बंधु जो दमोह जेल में बंद थे. उन्होंने तत्कालीन जेलर से आग्रह किया कि वह नवरात्रि में दुर्गा जी का पूजन करना चाहते हैं. इसलिए उन्हें दुर्गा प्रतिमा रखने की अनुमति दी जाए. इस पर जेलर ने कलेक्टर को पत्र लिखा और कलेक्टर ने जेल के अंदर ही दुर्गा प्रतिमा स्थापना को मंजूरी दे दी. उसके बाद जेल में उस प्रतिमा को रखा गया.
9 दिन तक विधि विधान से पूजन हुआ. दसवें दिन प्रतिमा को जलविहार के लिए बाहर निकाला गया. लेकिन कैदी जेल से बाहर नहीं आ सकते थे, इसलिए दमोह की जनता को वह प्रतिमा सौंप दी गई. यह पहला अवसर था जब किसी दुर्गा प्रतिमा का जलविहार किया जाना हो और मां के दर्शन लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी हो. उसके बाद दूसरे ही साल 1928 में दमोह जिले में सबसे पहले सार्वजनिक दुर्गा प्रतिमा मोरगंज गल्ला मंडी में स्थापित की गई. जिसे लोग महिषासुर मर्दिनी के नाम से जानते हैं.
अब तक नहीं बदला देवियों का स्वरूप
तब से लेकर अब तक इस प्रतिमा के रंग रूप में किसी प्रकार का कोई अंतर नहीं आया है. जो प्रतिमा पहली बार स्थापित की गई थी वहीं प्रतिमा आज भी स्थापित की जा रही है. यहां पर साज सज्जा से अधिक पूजा विधान को महत्व दिया जाता है. जब गल्ला मंडी में प्रतिमा स्थापित की गई तो फुटेरा मोहल्ला के कई लोग यहां पर काम करने आते थे. लेकिन पहले ही वर्ष कुछ मतभेद हो गए, जिसके बाद वहां के लोगों ने तय किया कि मोरगंज में मां काली भी रखी हैं तो हम महाकाली रखेंगे. इसके बाद 1929 में फुटेरा मोहल्ला में महाकाली की स्थापना की गई.
ठीक इसी तरह 1929 में ही पुराने थाने पर बंजारी माता की स्थापना करना बताया जाता है. हालांकि उनकी स्थापना को लेकर कुछ मतभेद हैं. कुछ अन्य जानकारों का कहना है कि, यह दमोह की तीसरी सबसे प्राचीन प्रतिमा है. जिनकी स्थापना 1935 में की गई थी. ठीक इसी तरह लोको क्षेत्र स्थित रेलवे बजरंग अखाड़ा की प्रतिमा की स्थापना करीब 80 वर्ष पहले की गई थी. लेकिन दस्तावेजों में 1949 को प्रथम बार वहां पर माता महालक्ष्मी के स्वरूप को स्थापित करना बताया गया है.
महालक्ष्मी के रूप में विराजमान माता रानी
यहां के पुजारी पंडित राजकुमार पुरोहित ने बताया, ''आज तक माता का स्वरूप नहीं बदल गया है. एक बार कुछ लोगों ने स्वरूप बदलने की कोशिश की थी जिसके बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. तब लोगों ने माता रानी से क्षमा मांग कर फिर से उनके पुराने स्वरूप को स्थापित किया. यह मां अपने गले में सोने का तिदाना (हार), पैरों में पायल और चांदी की नथनी पहने हुए हैं. इसके अलावा कई अन्य सोने और चांदी के आभूषण माता रानी को पहनाए जाते हैं. जिस रंग रूप में पहली बार माता को विराजमान किया जा गया था. वहीं, रंग रूप, कद काठी आज भी प्रचलन में है.
लोको एरिया में स्थापित माताजी एकमात्र दमोह जिले की ऐसी माताजी है जो महालक्ष्मी के रूप में विराजमान हैं. नगर की यह चारों ही देवियां ऐसी हैं, जिनके स्वरूप में आज तक कोई परिवर्तन नहीं किया गया. इन चारों ही स्थान पर साज सज्जा से अधिक पूजन विधान को महत्व दिया जाता है.
बागेश्वर धाम में चमकी भक्त की किस्मत, रातों-रात आदिवासी गायक हुए मशहूर, मिला बड़ा ऑफर
28 Sep, 2025 05:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर: बाबा बागेश्वर धाम में एक गरीब आदिवासी की किस्मत चमक उठी. यह नजारा तब देखने को मिला जब एक आदिवासी गायक ने बाबा बागेश्वर को भरे पंडाल में गजल-शैली में भजन सुनाया. भजन सुनकर बाबा बागेश्वर गायक अमित के मुरीद हो गए. वहीं, पंडाल में बैठ हजारों भक्तों के बीच जब आदिवासी अमित धुर्वे की सुरीली आवाज गूंजी तो उन्हें नामी म्यूजिक कंपनी से गाने का ऑफर आ गया. इधर बाबा ने भी एक दिन की चढ़ोत्तरी गायक को भरे मंच से सौंप दी.
चंद घंटों में फेमस हुआ आदिवासी गायक
धीरेन्द्र शास्त्री इन दिनों धाम पर रहकर माता की भक्ति में लीन हैं. नवरात्रि के अवसर पर भक्तों को माता की महिमा का बखान सुनाते हैं. धाम पर आए भक्तों को आशीर्वाद देते हैं. 22 सितंबर को भी रोजाना की तरह बाबा का दरबार सजा था, हजारों भक्त पंडाल में बैठकर माता की महिला का अनुसरण कर रहे थे. इसी बीच अमित धुर्वे नामक आदिवासी गायक ने दरबार में भजन की शानदारी प्रस्तुति दी थी, जो चंद घंटों में इतना फेमस हो गया कि उसे नामी म्यूजिक कंपनी से भजन गाने का ऑफर मिल गया.
नामी म्यूजिक कंपनी से मिला ऑफर
आदिवासी सेवादार अमित धुर्वे धीरेंद्र शास्त्री के बड़े भक्त हैं. वे पेशे से गायक हैं, वो मंडलियों और पूजा पंडालों आदि में भजन गाकर अपना जीवन यापन करते हैं. उन्होंने शनिवार को बागेश्वर धाम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सामने भजन की शानदार प्रस्तुति दी. अमित ने जब सुर लगाया तो बागेश्वर बाबा भी दंग रह गए. उनकी गायकी सुनकर पूरा पंडाल भावविभोर हो गया. धीरेंद्र शास्त्री ने उन्हें मंच पर बुलाकर आशीर्वाद दिया. साथ ही एक दिन की पूरी चढ़ोत्तरी देने की बात कही.
आदिवासी अमित धुर्वे का भजन बागेश्वर धाम के चैनल पर प्रसारित हुआ. उसी क्षण से वह अपनी क्षेत्रीय पहचान से निकलकर पूरे देश में वायरल हो गए. अमित धुर्वे खरगोन जिले के महेश्वर नगर में मां नर्मदा किनारे बसे एक आदिवासी परिवार से आते हैं. पैतृक रूप से उनका परिवार हारमोनियम सुधारने का कार्य करता है, जो दादा के समय से चला आ रहा है.
छोटे कलाकारों को बाबा ने बढ़ाया आगे
बागेश्वर धाम के सेवादार कमल अवस्थी बताते हैं "महाराज का उद्देश्य सदैव यही रहा है कि गांव–कस्बों और छोटे क्षेत्रों तक सीमित रहने वाले प्रतिभाशाली कलाकारों को एक विशाल मंच मिले, ताकि उनकी कला देश-विदेश तक पहुंच सके. इसी भाव से बागेश्वर महाराज ने अपने कथा मंच और बागेश्वर धाम के चैनल के माध्यम से ऐसे कलाकारों को लाखों भक्तों तक पहुंचाया है. परिणामस्वरूप अनेक कलाकार आज देश के बड़े-बड़े मंचों पर अपनी वाणी-कला और भजनों से लोगों का मन मोह रहे हैं."
भजन गाने को बाबा बागेश्वर ने कहा
कुछ दिनों पहले बाबा बागेश्वर धीरेन्द्र शास्त्री को उनके ही एक सेवादार ने गजल-शैली में भजन गाते हुए अमित धुर्वे की एक रील दिखाई थी. भक्ति से ओत-प्रोत अमित की आवाज सुनकर बागेश्वर महाराज अत्यंत प्रसन्न हुए और तुरंत उसके बारे में जानकारी लेने को कहा. कुछ ही दिनों में महाराज ने स्वयं अमित धुर्वे से बात की और उन्हें नवरात्रि कथा महोत्सव में आमंत्रित किया और जब कथा के मंच पर अमित आदिवासी ने जो समा बांधा वह सब को भा गया.
ऐसे मिला अमित को ऑफर
खरगोन के महेश्वर नगर में रहने वाले गायक अमित धुर्वे बताते हैं, "कल तक जिन भजन गाने प्रसारित करने वाले चैनलों को हम मोबाइल में देखा करते थे. उनके अंदर एक आस थी कि कभी हम भी एक दिन बड़े कलाकार बनकर इन चैनलों पर आएंगे. आज बागेश्वर महाराज जी की कृपा से यह संभव हुआ. महाराज की कृपा से बड़े चैनलों से भजन गाने के लिए फोन आ रहे हैं. महाराज ने हमे फोन करके बताया कि 23 सितंबर को एक निजी चैनल के सीईओ ने फोन करने भजन रिकॉर्ड करने की पेशकश की है. वहीं जैसे ही मेरे द्वारा गाया भजन प्रसारित हुआ तो रात से हमारे फोन पर शुभकामनाएं देने वालों की लाइन लगी हुई है.''
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
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