मध्य प्रदेश
क्षेत्र की समृद्घि और किसानों की खुशहाली का आधार बनी मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
30 Sep, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि के लिए हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए प्रदेश के राजगढ़ जिले की 'मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना' क्षेत्र की समृद्घि और किसानों की खुशहाली का आधार बन रही है। इस अनूठी परियोजना से जहां हर खेत में पानी पहुंच रहा है, वहीं उद्योगों को पानी मिलने और पेयजल की उपलब्धता ने नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं। इससे आम-जीवन सुखमय हो रहा है।
"प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" पर आधारित विश्व की अनूठी परियोजना
यह परियोजना "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" प्रणाली पर आधारित विश्व की अनूठी सिंचाई परियोजना है, जो मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'पर ड्रॉप, मोर क्रॉप' की अवधारणा को पूरा कर रही है। न केवल भारत के विभिन्न राज्यों से अपितु विदेशों के प्रतिनिधि दल भी आकर इसका अध्ययन कर रहे हैं। परियोजना को जल-संसाधन प्रबंधन के लिए भारत सरकार का प्रतिष्ठित 'सीबीआईपी' पुरस्कार भी मिल चुका है।
प्रधानमंत्री की 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' की अवधारणा हुई फलीभूत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'पर ड्रॉप, मोर क्रॉप' की अवधारणा दी. उनकी इस अवधारणा पर कार्य करते हुए हमारे इंजीनियर्स ने सिंचाई की अति आधुनिक तकनीकी "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" पर काम करना प्रारंभ किया और उसका सुपरिणाम है 'मोहनपुरा कुंडलिया सिंचाई परियोजना'। इस सिंचाई परियोजना के माध्यम से न केवल 80% पानी बांध से किसानों के खेतों तक पहुंचता है, अपितु ऊंचे खेतों पर भी पानी आसानी से पहुंच जाता है. इसमें लगा 'स्काडा' (SCADA) आधारित ऑटोमेशन यह तय करता है कि फसलों की आवश्यकता के अनुसार किस क्षेत्र में कितना पानी पहुंचाना है। यह विश्व की अपनी तरह की अनूठी परियोजना है और आधुनिक युग की आवश्यकता भी, जब पानी की एक-एक बूंद का उपयोग आवश्यक है।
नेवज नदी पर मोहनपुरा बांध और कालीसिंध नदी पर कुंडालिया बांध बनाकर शुरू की गई इस परियोजना से भूमिगत पाइप से सीधे खेत तक दबाव के साथ पहुंचाती है और ऊंचाई वाले खेत में भी पानी आसानी से पहुंचता है। इसके सेंसर और ऑटोमेशन से पानी का वितरण नियंत्रित होता है। यह क्रांतिकारी सोच थी, जिसने सूखाग्रस्त राजगढ़ जिले की किस्मत बदल दी।
परियोजना के अंतर्गत 26 हजार किमी लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई है, इतनी लंबी प्रेशराइज्ड पाइप लाइन भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में एक मिसाल है। इसे जोड़ने के लिए 20 बड़े पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जो पानी को दबाव के साथ पाइप लाइन में भेजते हैं और पानी ऊंचे-नीचे खेतों तक आसानी से पहुंचता है। हर आउटलैट से लगभग एक से सवा हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। 'स्काडा' आधारित ऑटोमेशन सिस्टम द्वारा पूरी प्रणाली को कंप्यूटर और सेंसर्स से जोड़ा गया है, जिससे कंट्रोल रूम से तय किया जा सकता है कि किस क्षेत्र को कितना पानी पहुंचाना है। केन्द्रीकृत पंपिंग प्रणाली से हर साल लगभग 69 मिलियन यूनिट बिजली की बचत होती है। इसकी एक और विशेषता यह है कि इसमें 'ला-रा' नैटवर्क का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें लगभग 1.5 लाख सेंसर्स और कंट्रोलर एक साथ जोड़े गए हैं, जो सौर ऊर्जा से चलते हैं। पंपिंग स्टेशर्न में लगे 'वैरिएबल फ्रीकवैन्सी ड्राइव्ज' फसलों की जरूरत और मौसम के अनुसार पानी का दबाव और मात्रा तय करते हैं। यह अत्यधिक आधुनिक सिंचाई प्रणाली आज पूरे विश्व के लिए पानी के इष्टतम उपयोग का अनूठा उदाहरण बन गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निवेश के लिए अगला पड़ाव नार्थ-ईस्ट
30 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का निवेश के लिए अगला पड़ाव नार्थ-ईस्ट के राज्य होंगे, जहां वे 5 अक्टूबर को गुवाहाटी में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज़ में उद्योग जगत और निवेशकों के साथ सीधे संवाद करेंगे। यह सेशन उत्तर–पूर्व के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों और नए सेक्टरों के निवेश को मध्यप्रदेश से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। फार्मास्यूटिकल, चाय, सीमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों के उद्योगपति इस मंच पर शामिल होंगे, जिससे दोनों क्षेत्रों में साझेदारी, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
गुवाहाटी फार्मा उद्योग का प्रमुख केंद्र है, जहां सन फार्मा, अल्केम और अजंता जैसी बड़ी इकाइयां सक्रिय हैं। इसके साथ ही सीमेंट, पेट्रोकेमिकल्स, चाय उद्योग, पर्यटन और वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और कृषि–प्रसंस्करण के क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं। डिब्रूगढ़ में ऑईल इंडिया का मुख्यालय और भारत पेट्रो केमिकल लिमिटेड (बीपीसीएल) के प्रमुख प्रोजेक्ट हैं, तिनसुकिया चाय बागानों और लॉजिस्टिक्स का केंद्र है, जबकि जोरहाट चाय अनुसंधान और प्लांटेशन का केंद्र माना जाता है। शिवसागर और नाज़िरा में ONGC के प्रमुख ऐसेट हैं और नामरूप में असम पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड की गतिविधियां चल रही हैं।
मध्यप्रदेश की निवेशक हितैषी नीतियां, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी उत्तर–पूर्व के इन उद्योगों के साथ जुड़कर निवेशकों को भरोसा और अवसर दोनों प्रदान करेंगी। गुवाहाटी के साथ–साथ डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, जोरहाट, शिवसागर और नामरूप के प्रतिनिधि इस सेशन में शामिल होंगे। शिलांग, अगरतला, आइजोल, इंफाल और कोहिमा/दीमापुर जैसे अन्य उत्तर–पूर्वी राज्यों के उद्योगपति भी इस संवाद में शामिल होंगे।
यह सेशन दोनों क्षेत्रों के उद्योगों के बीच साझेदारी, निवेश और भरोसे का मजबूत माध्यम मानते हैं। फार्मा, सीमेंट, पेट्रोकेमिकल्स, चाय उद्योग, पर्यटन और कृषि–प्रसंस्करण के क्षेत्रों में यह सहयोग नई संभावनाओं और रोजगार के अवसर पैदा करेगा। मध्यप्रदेश में सुगम निवेश प्रक्रिया और पारदर्शी नीतियां उद्योगपतियों को आकर्षित करने में मदद करेंगी और राज्य को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेश के लिए भरोसेमंद गंतव्य बनाएंगी।
सेशन में उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश के औद्योगिक और निवेश अवसरों से सीधे जोड़ा जाएगा। यह संवाद न केवल उद्योगों के लिए अवसर खोलेगा, बल्कि दोनों क्षेत्रों के युवाओं और उद्यमियों के लिए विकास और साझेदारी की नई राह तैयार करेगा। गुवाहाटी का यह इंटरैक्टिव सेशन 5 अक्टूबर को रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न उद्योग क्षेत्रों के प्रमुख निर्णयकर्ता और निवेशक भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक भरोसेमंद और प्रगतिशील केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगी।
मोहन सरकार का जंबो तबादला: 24 IAS अधिकारियों को नई पोस्टिंग, 10 कलेक्टर हटे
30 Sep, 2025 08:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने मंगलवार को बड़ी संख्या में आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 24 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें 12 जिलों के कलेक्टर को हटा दिया गया है। इसमें भिंड में विधायक से भिड़ने वाले कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को लोक निर्माण विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं, आईएएस बनने के 14 साल बाद पहली बार कलेक्टर बनीं नेहा मारव्या सिंह को भी हटा कर विमुक्त घुमन्तु एवं अर्धघुमन्तु जनजाति विभाग का संचालक बनाया गया है।
सैलाब बन एक बार फिर लौट रहा मानसून, 4 दिन के अलर्ट पर मध्य प्रदेश, जानिए विदाई की तारीख
30 Sep, 2025 06:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में औसत बारिश का कोटा पूरा हो चुका है. अब जो भी बारिश हो रही है वो अतिरिक्त बारिश है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में एक बार फिर तेज बारिश का दौर लौटने की संभावना जताई है. इस अनुमान ने मध्य प्रदेश के किसानों की टेंशन बढ़ा दी है. जिन किसानों ने मानसून के साथ ही धान की बुवाई की थी, उनकी फसलें अब खेतों में सूखने लगी हैं. इसके साथ ही उड़द और मूंग की फसलें भी काटने लायक हो गई हैं. ऐसे में यदि बारिश होती है, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.
मध्य प्रदेश में औसत से 21 प्रतिशत अधिक बारिश
मध्य प्रदेश में मानसून की बारिश का कोटा 37 इंच तक है, लेकिन इस बार प्रदेश में 45.2 इंच पानी गिर चुका है. अभी अगले एक सप्ताह और प्रदेश में बारिश होने का अनुमान है. प्रदेश में अब तक सबसे अधिक बारिश गुना में 65.6 इंच दर्ज की गई है. इसके साथ ही मंडला में 62.5 इंच, रायसेन में 62 इंच, नरसिंहपुर में 58.5 इंच और अशोकनगर में 56.2 इंच बारिश हो चुकी है. मौसम विभाग ने इस हफ्ते प्रदेश के अधिकतर जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई है.
अधिक बारिश से गेहूं की बुवाई भी होगी प्रभावित
भोपाल के खजूरी कला ग्राम के किसान लखपति राजपूत ने बताया कि "खेतों में फसलें कटाई के लिए तैयार है. यदि अब और बारिश हुई तो कटी हुई धान की फसलें काली पड़ जाएंगी और उनका रंग खराब हो जाएगा, जिससे वे बाजार में बेचने लायक नहीं रहेंगी." अक्टूबर में भारी बारिश से चावल, दालें, कपास और सोयाबीन जैसी फसलों को गंभीर नुकसान हो सकता है. इसके कारण भारत के कुछ हिस्सों में गेहूं की बुवाई में भी देरी हो सकती है, जो दुनिया में विभिन्न प्रकार की कृषि वस्तुओं का अग्रणी उत्पादक है.
4 अक्टूबर से फिर शुरू होगा बारिश का दौर
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "अक्टूबर के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन अभी प्रदेश में बारिश की संभावना बनी हुई है. एक से दो दिनों में बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर सिस्टम एक्टिव होगा. जिससे 4 अक्टूबर के बाद एक बार फिर प्रदेश में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा. इस दौरान दोपहर और शाम को गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है, लेकिन इसके बाद प्रदेश से मानसून की विदाई तय है."
2 सिस्टम सक्रिय होने से जारी रहेगी बारिश
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मध्य प्रदेश में इस समय 2 मौसम तंत्र सक्रिय हैं. पहला कम दबाव का क्षेत्र गुजरात के खंभात की खाड़ी तक बना हुआ है. जबकि दूसरा एक ट्रफ लाइन है जो गुजरात से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली है. इन दोनों सिस्टम के असर से प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में प्रदेश के पूर्वी संभागों में बारिश के आसार है, शेष संभागों में मौसम शुष्क रहेगा.
इस सप्ताह ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने 30 सितंबर से 4 अक्टूबर तक मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है. इसके अनुसार अगले 4 दिन यानी 3 अक्टूबर तक प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. जबकि 4 अक्टूबर से एक बार फिर मानसून का सिस्टम स्ट्रांग होगा. मौसम वैज्ञानिकों ने 4 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा और बैतूल में भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों में 4.5 इंच तक बारिश हो सकती है. वहीं 7 अक्टूबर तक प्रदेश में तेज बारिश होने की संभावना है.
छिंदवाड़ा में 6 बच्चों की मौत के बाद दो सिरप बैन, किडनी इंफेक्शन पर कलेक्टर एक्शन
30 Sep, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा के परासिया विकासखंड में एक अज्ञात बीमारी ने कहर बरपा रखा है. इस बीमारी से बच्चों की किडनी फेल हो रही है, जिससे उनकी मौत हो जा रही है. यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. बीते शनिवार 27 सितंबर को परासिया के दीघावानी में रहने वाले 4 साल के विकास यदुवंशी की नागपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई. किडनी फेल होने की वजह से अब तक इस इलाके के कुल 6 बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं. इस बीमारी से स्थानीय लोग डरे-सहमे हुए हैं. अब तक इन्फेक्शन के कारणों का पता नहीं चल पाया है. फिलहाल, कलेक्टर ने इस मामले में 2 निजी कंपनी के सिरप पर बैन लगा दिया है.
रहस्यमयी बीमारी से 6 बच्चों की मौत
अंजान बीमारी से हो रही बच्चों की मौतों की वजह से छिंदवाड़ा में दहशत का माहौल है. दिल्ली-भोपाल से आई विशेषज्ञों की टीम परासिया इलाके में बीमारी की पता लगाने में जुटी हुई है. लेकिन अब तक बच्चों की किडनी फेल होने के मुख्य कारण का पता नहीं लगा सकी है. 7 सितंबर को इस बीमारी से पहले बच्चे की मौत हुई थी. इन सभी बच्चों की बीमारी के शुरुआती लक्षण तेज बुखार और पेशाब रुकने के थे.
एयर एंबुलेंस का करें यूज
किडनी फेल होने से हो रही बच्चों की मौत के मामले में कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह लगातार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर अपडेट ले रहे हैं. उन्होंने सीएमएचओ को इन प्रकरणों की पुख्ता मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने कहा कि पूरी तरह से प्रोएक्टिव होकर काम करें, ताकि किसी भी स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सके. जरूरत पड़ने पर मरीजों को नागपुर के एम्स अस्पताल रेफर किया जाए. यदि मरीज को तत्काल रेफर करने की आवश्यकता हो, तो एयर एंबुलेंस की व्यवस्था करें ताकि समय पर जीवन रक्षक उपचार मिल सके.
झोला छाप पर कार्रवाई, 2 सिरप बैन
डॉक्टरों द्वारा जानकारी दी गई कि कुछ परिजन बच्चों का इलाज झोला छाप डॉक्टरों से करा रहे हैं. जहां गलत दवाओं के उपयोग से स्थिति बिगड़ रही है. इस पर कलेक्टर ने ऐसे झोला छाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए भी कहा है. साथ ही 2 निजी कंपनी के सिरप के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. उन्होंने मेडिकल संचालकों को भी निर्देशित किया कि "बच्चों को कॉम्बिनेशन वाले सिरप न दें, केवल साधारण प्लेन सिरप ही उपलब्ध कराएं."
कलेक्टर की अभिभावकों से अपील
बिना प्रिस्क्रिप्शन के बच्चों को दवा न दें.
सर्दी-खांसी होने पर बच्चों को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर जाएं.
झोला छाप डॉक्टरों से इलाज बिल्कुल न कराएं.
हर 6 घंटे में ध्यान रखें कि बच्चा यूरिन कर रहा है या नहीं, यदि नहीं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
उल्टी या सुस्ती की स्थिति में विलंब न करें और तत्काल चिकित्सक के पास जाएं.
बच्चों को अधिक से अधिक पानी पिलाएं.
यदि बुखार 2 दिन से अधिक बना रहता है, तो तुरंत इलाज कराएं.
भोपाल-दिल्ली की टीम लगा रही बीमारी का पता
बच्चों को सर्दी-जुकाम और बुखार के बाद अचानक किडनी इन्फेक्शन हो रहा है. इसकी जांच के लिए इंडियन काउंसिल आफ़ मेडिकल रिसर्च यानी (ICMR) की टीम के साथ ही भोपाल स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए छिंदवाड़ी के परासिया इलाके में डेरा डाले है. टीम पूरे इलाके में घर-घर जाकर पानी, चूहा और मच्छर सहित आदि के सैंपल एकत्रित करके बीमारी का कारण पता करने में जुटी है. लेकिन अंजान बीमारी का कोई मुख्य कारण सामने नहीं आया है. टीम ने सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे, जिनकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है.
5 बच्चे लड़ रहे जिंदगी-मौत की जंग
किडनी इन्फेक्शन का मामला छिंदवाड़ा जिले के अकेले परासिया विकासखंड में देखने को मिल रहा है. इस बीमारी में सबसे पहले बच्चों को बुखार के साथ सर्दी जुकाम होती है, फिर कुछ दिनों बाद अचानक किडनी में इंफेक्शन हो जा रहा है. बच्चों को पेशाब भी नहीं आ रही है. अंजान बीमारी की चपेट में आकर उसेद खान (4), अदनान खान (5), हिंताश सोनी (4) और विकास यदुवंशी (4) सहित दो और बच्चों की मौत हो चुकी हैं. वहीं स्वास्थ्य विभाग हर घर में जाकर बच्चों की जांच कर रहा है. अभी भी नागपुर में किडनी की समस्या से जूझ रहे 4 बच्चे अस्पताल में भर्ती है."
रिपोर्ट में नहीं आई कोई कमी स्थानीय स्तर पर हो सकती है समस्या
कलेक्टर शीलेन्द्र बताया कि हमें किसी संक्रमण या महामारी का खतरा था. इसके लिए तीन सैंपल वायरोलॉजी लैब पुणे जांच के लिए भेजे गए थे. लेकिन उनमें किसी प्रकार की समस्या नहीं पाई गई है. अगर स्थानीय स्तर पर दवाइयां या फिर किसी किसी डॉक्टर की गलती मिलती है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.
बैतूल में एंबुलेंस पलटने से नवजात की मौत, वाहन में फंसा शव, घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन
30 Sep, 2025 03:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैतूल: बोर्देही थाना क्षेत्र में मंगलवार की अल सुबह एक परिवार की खुशियों को ना जाने किसकी नजर लग गई. महिला ने घर में बच्चे को सकुशल जन्म दिया था. परिजन की खुशियों का ठिकाना न था. परिवार के लोग एक दूसरे को बधाइयां दे रहे थे, लेकिन ये खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी. जननी एंबुलेंस से अस्पताल जाने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें नवजात की मौत हो गई और मां गंभीर रूप से घायल हो गई. बच्चे की शव को बरामद करने के लिए घंटों तक ऑपरेशन चलाना पड़ा.
एंबुलेंस पलटने से बच्चे की मौत
दीपा मंडई निवासी दिलीप इवनाती ने बताया, "सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात मेरी पत्नी कलस्या बाई को प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी. तब मैंने जननी आशा कार्यकर्ता को कॉल कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने जल्द जननी एंबुलेंस लेकर घर पहुंचने की बात कही, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची. महिला की घर में ही डिलीवरी हो गई थी और जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित थे. इसी बीच जननी 108 एंबुलेंस घर पहुंची और जच्चा-बच्चा को लेकर बोर्देही अस्पताल जाने के लिए निकली. वाहन में पत्नी कलस्या बाई, नवजात शिशु, मेरी मां और सास सवार थी."
सीट में घंटो फंसा रहा नवजात
दिलीप के अनुसार, "एंबुलेंस चालक अंधेरे में वाहन तेज रफ्तार से चला रहा था. दीपा मंडई रेलवे गेट के पास नाली में फंसकर एंबुलेंस अनियंत्रित होकर पलट गई और नवजात बच्चा एंबुलेंस सीट के नीचे कहीं दब गया था, जो अंधेरा होने के कारण नहीं मिल सका. वहीं वाहन में सवार कलस्या बाई सहित अन्य लोगों को बाहर निकालकर सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. इधर करीब 1 घंटे तक नवजात का पता नहीं चला. इसके लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, नवजात के मिलने तक बहुत देर हो चुकी थी. सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई थी."
नशे में था एंबुलेंस चालक
परिजन का आरोप है कि एंबुलेंस चालक नशे में तेज गति से वाहन चला रहा था, जिस वजह से यह हादसा हुआ. वहीं बोरदेही अस्पताल में घायल नवजात की मां सहित अन्य का इलाज किया गया. फिलहाल, घायलों की हालत बेहतर है उन्हें सिविल अस्पताल आमला भेज दिया गया है. इस घटना के बाद से ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश है. उन्होंने पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई की मांग की है.
मुख्यमंत्री के पास पहुंचा नौरादेही धोखाधड़ी मामला, गोपाल भार्गव ने लिखी चिट्ठी
30 Sep, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर : रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व के विस्थापितों के साथ प्राइवेट बैंक द्वारा की गई धोखाधड़ी का मामला सीएम मोहन यादव तक पहुंच गया है. बैंक की रहली शाखा के कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर की गई धोखाधड़ी की शिकायत पीड़ितों ने पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक गोपाल भार्गव से की थी, जिसके बाद गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है.
गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री से राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की अध्यक्षता में एक वित्तीय विशेषज्ञों की समिति बनाकर धोखाधड़ी के इस मामले की जांच की मांग की है.
गोपाल भार्गव की मुख्यमंत्री को चिठ्ठी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव द्वारा लिख गए पत्र में कहा गया है, '' मेरे विधानसभा क्षेत्र रहली का बड़ा हिस्सा वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आता है. इस हिस्से में एक दर्जन गांव की विस्थापन प्रक्रिया चल रही है, जिसमें विस्थापितों को मिलने वाली मुआवजा राशि के लिए वन विभाग द्वारा उनके बैंक खाता एचडीएफसी बैंक की रहली शाखा में खुलवाए गए हैं. मेरे संज्ञान में आया है कि विस्थापितों के खाते में आई मुआवजा राशि के साथ एचडीएफसी बैंक द्वारा बड़े स्तर पर छल कपट पूर्वक धोखाधड़ी और गबन किया गया है.
सीधे-साधे लोगों के साथ बैंक कर्मियों ने किया धोखा : भार्गव
गोपाल भार्गव ने पत्र में आगे लिखा, '' विस्थापित लोग ज्यादातर जंगल में रहने वाले कम पढ़े लिखे और सीधे साधे हैं. इसलिए बैंक कर्मियों ने उनके सीधेपन का फायदा उठाकर उनके चेकों पर उनके दस्तखत और अंगूठे के निशान लेकर मनमानी राशि भरकर उन्हें थोड़ी बहुत राशि देकर चिल्लाकर भगा दिया. बैंक कर्मियों ने उनके अनपढ़ और कम पढ़े लिखे होने का फायदा उठाकर इनके खाते में जमा पैसे से बीमा पॉलिसी कर दी है. अब इन लोगों के पास आगे की किस्तों के लिए कोई पैसा नहीं है. इसलिए बीमा पॉलिसी में इनकी मुआवजा राशि डूब रही है.
पीड़ित विस्थापितों का कहना है कि जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज की राशि जरूरत पड़ने पर डीएफओ से स्वीकृति लेकर खाते से निकालते हैं, जिसका हिसाब हम लोगों द्वारा मांगने पर बैंक द्वारा ना स्टेटमेंट दिया जा रहा है और ना ही पासबुक में एंट्री की जा रही है. जबकि विस्थापन के मुआवजे में मिलने वाली राशि के बारे में नियम है कि इसका उपयोग भूमि और संपत्ति क्रय करने में किया जा सकता है.
वित्त विशेषज्ञों की कमेटी से जांच की मांग
गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में लिखा, '' विस्थापितों के पास ज्यादातर एचडीएफसी बैंक के ही खाते हैं. इसलिए यह धोखाधड़ी और गबन बड़े स्तर पर होने की संभावना है. मेरे पास ग्राम खापा की कुछ विस्थापित लोग आवेदन लेकर आए हैं. एचडीएफसी बैंक के कर्मचारी कार्तिक, राहुल, नितिन और टाइगर रिजर्व की कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने व धोखाधड़ी से बचाने का अनुरोध किया है. इस मामले में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की अध्यक्षता में वित्त विशेषज्ञों की समिति गठित कर जांच करना चाहिए.''
रावण का पुतला बनाते बीत गई 3 पीढ़िया, ग्वालियर राजवंश से चली आ रही कुशवाहा परिवार पर जिम्मेदारी
30 Sep, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाता दशहरा भारतवर्ष में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. जिस रावण को बुराई का पर्याय माना जाता है, वहीं चेतराम कुशवाहा और उनका परिवार का एक महीने भरण-पोषण करता है. पूरे ग्वालियर-चंबल में बनने वाले रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के सबसे बड़े पुतले दहन के लिए चेतराम कुशवाह ही तैयार करते हैं. उनका परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी ये काम करता चला आ रहा है.
इस बार 65 फीट के रावण का होगा दहन
ईटीवी भारत से बातचीत में कलाकार चेतराम ने बताया कि "इस साल ग्वालियर में 4 जगह बड़े पुतले दहन होंगे. इसके लिए पिछले एक महीने से उनकी अलग-अलग टीम 4 जगह पुतले तैयार कर रही है. जिसमें फूलबाग रामलीला आयोजन समिति की और से 60 फीट का रावण तैयार कराया जा रहा है. सबसे बड़ा रावण 65 फीट का तैयार कराया जा रहा है, जो डीडी नगर के दशहरा मैदान में जलाया जाएगा."
पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ रही कलाकारी
रावण दहन के लिए पुतले तैयार करने का काम कुशवाह परिवार 3 पीढ़ियों से करता आ रहा है. आजादी के पहले से ग्वालियर में पुतला निर्माण का काम कुशवाहा परिवार कर रहा है. चेतराम खुद पिछले 40 वर्षों से ये काम कर रहे हैं. उनसे पहले उनके पिता और अब उनका बेटा विशाल, उनके भाई और परिवार के अन्य लोग इसमें शामिल हैं. आजादी से पहले रावण दहन का मुख्य समारोह ग्वालियर रियासत के महल में आयोजित होता था. आज जगह-जगह रावण दहन होते हैं. जिसके लिए गणेशोत्सव से ही ये कलाकार अपने काम में जुट जाते हैं.
4 दशक में दोगुनी हो गई रावण की ऊंचाई
चेतराम ने बताया कि "रावण का पुतले बनाना हर साल चुनौती बनता जा रहा है, क्योंकि बीते साल के मुकाबले हर साल पहले से बड़े पुतलों की डिमांड होने लगी है. 4 दशक पहले जब चेतराम ने यह काम संभाला था तो उस दौरान अंचल में 25 से 30 फीट के पुतले बनवाए जाते थे, लेकिन आज इनकी ऊंचाई दोगुनी हो चुकी है. इस वजह से अब खर्च भी बढ़ गया है. 60 फीट का रावण बनाने में करीब 50 हजार रुपए की लागत आती है, जबकि इसमें आतिशबाजी का खर्च शामिल नहीं होता."
'पेट भरने के लिए करने पड़ते हैं दूसरे काम'
चेतराम को रावण बनाने में एक महीने का समय लगता है. ये इनकी पारिवारिक विरासत है, लेकिन एक त्योहार तक सीमित कला परिवार का पेट पालने के लिए नाकाफी है. चेतराम कहते हैं कि "पुतला बनाना परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए है, लेकिन इससे परिवार का पेट नहीं भरता. ऐसे में एक महीना पुतलों को देते हैं, लेकिन बाकी के 11 महीने ठेकेदारी और अन्य कामों पर निर्भर होना पड़ता हैं. जिससे घर का चूल्हा जल सके और सबको भरपेट रोटी मिल सके."
एक महीने से जारी है मेहनत
फूलबाग मैदान पर चेतराम और उनके साथी मौसम की चुनौतियों के बीच दशहरे के लिए पुतले तैयार कर रहे हैं. रावण, विभीषण और मेघनाद के पुतले अलग-अलग हिस्सों में बनाए जा रहे हैं. इसके लिए कागज और लकड़ी के फ्रेम का इस्तेमाल किया जा रहा. चेतराम के मुताबिक इन पुतलों को पेंटिंग और सजावट के साथ फाइनल टच देकर वे आयोजकों को सौंप देंगे. इनमें आतिशबाजी का काम अलग से किसी आतिशबाज के द्वारा कराया जाएगा और उसके बाद इसका दहन किया जाएगा.
यूजीसी का मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों पर हथौड़ा, 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटी डिफॉल्टर, देखें लिस्ट
30 Sep, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने मध्यप्रदेश के 10 निजी विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर की सूची में डाल दिया है. इसके साथ ही यूजीसी ने संबंधित विश्वविद्यालयों को चेतावनी दी है कि यदि सुधार नहीं होता, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि विश्वविद्यालयों के खिलाफ मान्यता निरस्त करने और प्रवेश प्रक्रिया रोकने समेत अन्य कार्रवाई हो सकती है. हालांकि, अभी सभी से नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है, इसके बाद कार्रवाई की जाएगी.
देशभर की 54 यूनिवर्सिटी डिफॉल्टर
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने देशभर के 54 निजी विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर सूची में डाला है. इनमें मध्यप्रदेश की 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटी समेत असम की एक, बिहार की तीन, छत्तीसगढ़ की तीन, गोवा की एक, गुजरात की आठ, हरियाणा से एक और झारखंड की चार यूनिवर्सिटी शामिल हैं. इसके साथ ही कर्नाटक की एक, महाराष्ट्र की दो, मणिपुर की तीन और त्रिपुरा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल की एक-एक यूनिवर्सिटी शामिल हैं.
प्राइवेट यूनिवर्सिटी पर इसलिए हुई कार्रवाई
बता दें कि यूजीसी ने पिछले साल जून में निजी विश्वविद्यालयों के स्व-प्रकटीकरण से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए थे. इसके तहत सभी हायर एजूकेशन वाले संस्थानों को यूनिवर्सिटी से संबंधित जानकारी वेबसाइट पर प्रसारित करना अनिवार्य था. संस्थान की वेबसाइट के होमपेज पर बिना किसी रजिस्ट्रेशन या लॉगिन किए यूनिवर्सिटी से संबंधित अहम जानकारी प्रदर्शित करना था.
इसके अलावा वेबसाइट के होमपेज पर नेविगेशन की सुविधा भी उपलब्ध होनी चाहिए थी. इसके साथ ही यूजीसी एक्ट 1956 की धारा 13 के तहत इंस्पेक्शन की जानकारी सहायक दस्तावेजों के साथ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करने को कहा गया था. लेकिन कई प्राइवेट यूनिवर्सिटी ने ऐसा नहीं किया.
मध्यप्रदेश के ये कालेज डिफाल्टर सूची में
अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, भोपाल
आर्यावर्त यूनिवर्सिटी, सीहोर
डॉ. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी, शिवपुरी
ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी, सागर
जेएनसीटी प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भोपाल
एलएनसीटी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, इंदौर
महाकौशल यूनिवर्सिटी, जबलपुर
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय, जबलपुर
मान सरोवर ग्लाबल यूनिवर्सिटी, सीहोर
शुभम यूनिवर्सिटी, भोपाल
इस तरह आप भी चेक करें डिफाल्टर यूनिवर्सिटी की लिस्ट
सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉगिन करें.
होम पेज पर नोटिस के सेक्शन में जाकर डिफॉल्ट स्टेट यूनिवर्सिटी के लिंक पर क्लिक करें.
नया पेज खुलेगा, जिसमें राज्यवार डिफॉल्टर यूनिवर्सिटी के नाम दर्ज हैं.
दशहरा से पहले छात्रों की मौजा ही मौजा, मोहन यादव ने भर दी पूरी स्कूल फीस
30 Sep, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: दशहरे से पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कमजोर वर्ग के बच्चों को बड़ा तोहफा दिया है. सीएम मोहन यादव ने ऐसे 8 लाख 45 हजार बच्चों की स्कूल फीस जमा की है. प्रदेश के 20 हजार स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की फीस सरकार ने जमा की है. इनमें कई बच्चे निजी स्कूलों के भी हैं. हरदा जिले के खिरकिया में हुए इस कार्यक्रम में शिक्षा का अधिकार अधिनियम में 20 हजार 652 गैर सरकारी स्कूलों को सिंगल क्लिक से 489 करोड़ ट्रांसफर किए गए.
स्कूल की लैब के लिए 1 करोड़ 30 लाख, आदिवासी हॉस्टल भी
हरदा के खिरकिया में हुए इस कार्यक्रम में इस मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि "आज का दिन खास है. हरदा के टिमरनी में स्कूल की लैब के लिए 1 करोड़ 30 लाख की लागत से चार क्लासरूम बनाए जाएंगे. 4 करोड़ की लागत से आदिवासी हॉस्टल बनाया जाएगा. बिजली का सब स्टेशन साढ़े 5 करोड़ की लागत से स्थापित किया जाएगा. खिरकिया में नया जनपद भवन बनाया जाएगा. इस इलाके में 3 करोड़ की लागत से नया अस्पताल भी बनाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि आज 20 हजार स्कूलों के करीब साढ़े 8 लाख बच्चों को लाभ मिलने जा रहा है. बदलते समय के साथ स्कूलों के भवन देखकर आनंद का अनुभव होता है. उन्होंने कहा कि स्कूल प्राइवेट हो है क्या हुआ, बच्चों की आर्थिक स्थिति कम-ज्यादा है तो क्या हुआ, हमारी सरकार हर चौथे बच्चे को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने की फीस दे रही है. हमारे बच्चे पढ़ेंगे-लिखेंगे, तभी तो देश आगे बढ़ेगा."
25 प्रतिशत सीटों पर फ्री होगा एडमीशन
शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके घर के पास के स्कूल में प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर फ्री एडमिशन का प्रावधान है. वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चे अशासकीय विद्यालयों में फ्री शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. प्रदेश में वर्ष 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अब तक 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं. राज्य सरकार द्वारा अब तक इन बच्चों के लिए 3 हजार करोड़ रुपये की फीस दी जा चुकी है.
नारी सशक्त होगी, तभी परिवार सशक्त होगा और भारत सशक्त बनेगा : राज्य मंत्री पटेल
29 Sep, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बीएमएचआरसी भोपाल में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान कार्यक्रम में प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया। उन्होंने बीएमएचआरसी परिसर में पौधारोपण किया और चल रहे स्वास्थ्य जांच शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने मनोचिकित्सा विभाग में ईसीटी मशीन और श्वसन चिकित्सा विभाग में डीएलसीओ मशीन का लोकार्पण किया। राज्य मंत्री पटेल ने बीएमएचआरसी की टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान पूरी तरह मानव सेवा में समर्पित है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक हमें भारत को विकसित भारत बनाना है और यह तभी संभव है जब नारी सशक्त होगी। नारी सशक्त होगी तो परिवार सशक्त होगा और केवल सशक्त परिवार ही राष्ट्र को सशक्त बना सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बीएमएचआरसी लगातार नित नए सोपानों पर पहुंच रहा है और नई मशीनों के माध्यम से मरीजों को निश्चित रूप से लाभ होगा।
राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि भारत एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोलॉजी दोनों में सदियों से अग्रणी रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि जो बातें बड़े अंतरराष्ट्रीय संस्थान जैसे नासा बड़े यंत्रों के माध्यम से अध्ययन कर पता लगाते हैं, वह हमारे देश के जानकार गणना करके हजारों साल पहले बता देते थे। उन्होंने कहा कि हमें अपने मूल्यों पर चलना जरूरी है। भारतवासी हर क्षेत्र में भरोसेमंद हैं और हमारे यहाँ शास्त्रार्थ, लिखने और बोलने की स्वतंत्रता हजारों वर्षों से रही है। उन्होंने अपनी छात्र जीवन की स्मृति साझा करते हुए बताया कि कॉलेज में पढ़ते समय वे संपादकीय लिखा करते थे। उन्होंने कहा कि बीएमएचआरसी निरंतर नये आयामों तक पहुँच रहा है और उन्होंने इंजीनियर के दृष्टिकोण से नई मशीनों का निरीक्षण कर प्रसन्नता व्यक्त की।
प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि बीएमएचआरसी मोहल्ला क्लिनिक की तर्ज पर स्वास्थ्य केंद्र सेवा प्रदान कर रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल उन्मूलन के प्रयास जारी हैं और लेटेंट टीबी की जाँच भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बीएमएचआरसी चिकित्सा शिक्षा में लगातार सुधार कर रहा है और नए पाठ्यक्रम जोड़ रहा है। राष्ट्रीय कार्यक्रमों जैसे सर्वाइकल कैंसर, टीबी उन्मूलन, सिकल सेल और एनीमिया उन्मूलन में भी बीएमएचआरसी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अस्पताल स्टेट ऑफ आर्ट डायलिसिस सेंटर का निर्माण भी कर रहा है और हमेशा प्रदेश शासन के साथ मिलकर लोककल्याण कार्यों को आगे बढ़ाता रहेगा। उन्होंने बताया कि ईसीटी मशीन का उपयोग गंभीर मानसिक रोगों, जैसे कि डिप्रेशन, बाइपोलर डिसऑर्डर और कैटाटोनिया के इलाज में किया जाता है। इसमें मरीज के सिर पर इलेक्ट्रोड लगाकर मस्तिष्क में कुछ सेकंड के लिए विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, जिससे छोटे दौरे (सीज़र) आते हैं और मस्तिष्क की रसायन क्रिया में बदलाव आकर लक्षणों में सुधार होता है। यह उन मरीजों के लिए अत्यंत प्रभावी है जिन पर दवाओं का पर्याप्त असर नहीं होता। डीएलसीओ मशीन फेफड़ों की कार्यक्षमता मापने की विशेष तकनीक है। इसके माध्यम से पता चलता है कि फेफड़े ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान कितनी कुशलता से कर रहे हैं। यह मशीन पल्मोनरी फाइब्रोसिस, इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (आईएलडी) और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों के निदान और प्रबंधन में बेहद उपयोगी है।
बेहतर भविष्य के लिये स्वास्थ्य की जांच आवश्यक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
29 Sep, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बेहतर भविष्य के लिये स्वास्थ्य की जांच की आवश्यकता समझाते हुए कहा कि सेवा पखवाड़ा अन्तर्गत स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान में लगाये जा रहे स्वास्थ्य शिविर में सभी किशोरी बालिकाएँ तथा महिला अपने स्वास्थ्य की जांच अवश्य करायें और शिविर का लाभ लें। कन्या महाविद्यालय रीवा में स्वास्थ्य शिविर में किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वस्थ रहने पर ही सुखी रहा जा सकता है। इस लिए आवश्यक है कि शरीर की जांच हो तथा यदि कोई बीमारी निकले तो उसका उपचार हो सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिविर में किशोरी बालिकाओं के आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउण्ट) कार्ड बनाये जा रहे हैं जिसमें जांच का विवरण रहेगा और चिकित्सक संबंधित को उचित परामर्श दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान नि:शुल्क जांच एवं जागरूकता का अभियान है जिसका लाभ हर किशोरी बालिका अवश्य ले और हमारा प्रदेश व जिला सबसे ज्यादा जांच एवं स्क्रीनिंग करने वाला बने। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर्स व स्टाफ को निर्देश दिये कि कन्या महाविद्यालय में आयोजित शिविर में एक-एक किशोरी बालिका के स्वास्थ्य की जांच की जाए। यदि आवश्यक हो तो दूसरे दिन भी शिविर लगायें। इस दौरान सांसद जनार्दन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय सहित चिकित्सक, महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा छात्राएँ उपस्थित रहे।
सांसद खेल महोत्सव से ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगी उड़ान : मंत्री वर्मा
29 Sep, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश विभिन्न खेल और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई पहल की जा रही हैं। इस कड़ी में सांसद खेल महोत्सव ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध करवाने का अहम कार्य करेगा। यह बात राजस्व मंत्री वर्मा ने भोपाल स्थित मंत्रालय में 'सांसद खेल महोत्सव 2025' की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि ये आयोजन विदिशा संसदीय क्षेत्र में युवाओं की खेलों के रुचि और सहभागिता को बढ़ाएगा। मंत्री वर्मा ने बताया कि केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं विदिशा सांसद और शिवराज सिंह चौहान एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में इसका आयोजन होगा।
मंत्री वर्मा ने बताया कि इस खेल महोत्सव में विदिशा संसदीय क्षेत्र के निवासी ही पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी आवश्यक होगी। ऑफलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि 17 सितम्बर है, जबकि ऑनलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि 20 सितम्बर 2025 है। 25 अक्टूबर से 15 नवंबर तक ग्राम पंचायत स्तर, 5 दिसंबर से 12 दिसंबर तक विधानसभा स्तर और 15 दिसंबर से 25 दिसंबर तक संसदीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस आयोजन में कबड्डी, क्रिकेट, फुटबॉल, खो-खो, बास्केटबॉल, एथलेटिक्स समेत पारंपरिक खेल भी शामिल होंगी।
राजस्व मंत्री वर्मा ने सभी नागरिकों से बढ़ चढ़कर इस आयोजन में हिस्सा लेने की अपील की है। आयोजन के लिए संसदीय क्षेत्र, जिला, विधानसभा और मंडल स्तर पर विभिन्न समितियों का गठन किया गया है जिसमें स्थानीय विधायक, जनपद अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, खेल शिक्षक एवं अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हैं।
संभागीय बैठक से बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
29 Sep, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की विशेष पहल पर संभागीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों से संभाग के सभी जिलों में बड़ी विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिली है। ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन के निर्माण तथा सिंचाई परियोजनाओं में गति आई है। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव बैठक में उठाए गए राज्य स्तर के मुद्दों पर विभागीय समन्वय बनाकर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की कठिनाईयों को दूर कराएं। संभागीय कमिश्नर जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ हर माह बैठक करके भू अर्जन तथा अन्य बिन्दुओं पर कार्यवाही सुनिश्चित करें। ऊर्जा विभाग की आरडीएसएस योजना के संबंध में सभी जनप्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की है। ऊर्जा विभाग के अधिकारी फीडर सेपरेशन तथा अन्य कार्यों की कार्ययोजना और कार्यों की सूची विधायकों को उपलब्ध कराएं। सीधी तथा सिंगरौली जिले में पीपीपी मोड पर स्व वित्त पोषित गौशालाओं के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करें। विकास कार्यों की बाधाओं को अधिकारी समन्वय से दूर करें। वन भूमि में निर्माण कार्यों की स्वीकृति तथा अन्य मुद्दों पर लगातार प्रयास करें। नईगढ़ी माइक्रो तथा त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना का कार्य शीघ्र पूरा कराएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की क्षेत्र में की गई घोषणाओं को पूरा कराने के लिए तत्परता से कार्यवाही करें।
राज्यमंत्री ग्रामीण विकास राधा सिंह बगदरा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण शुरू कराने, बिजली की आपूर्ति में सुधार, चितरंगी में 132 केव्ही सब स्टेशन की स्थापना का सुझाव दिया। सांसद रीवा जनार्दन मिश्र ने बिजली चोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई, आरडीएसएस योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई, छात्रावासों की व्यवस्था में सुधार, समूह नलजल योजना के निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा कराने तथा सोहागी घाट में सड़क सुधार का सुझाव दिया। सांसद सतना गणेश सिंह ने सतना में 650 बिस्तर अस्पताल को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री जी और उप मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दिया। सांसद ने भोपाल-सिंगरौली इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में सतना को शामिल करने, टाइगर प्रोजेक्ट, मैहर के नवरात्रि मेले और चित्रकूट में दीपावली मेले के आयोजन के लिए बजट आवंटन, खाद की आपूर्ति, टोंस बराज की जमीन किसानों को वापस करने तथा बरगी बांध परियोजना के संबंध में सुझाव दिए।
सांसद सीधी डॉ. राजेश मिश्रा ने रेल परियोजना के लिए सीधी से सिंगरौली के बीच भू अर्जन तेजी से पूरा करने, सोन घड़ियाल अभ्यारण्य तथा बगदरा अभ्यारण्य को डिनोटिफाई करने, सीधी में ट्रांसफार्मर डिपो बनाने और सिंगरौली से सरई होकर कटनी तक फोरलेन सड़क निर्माण का सुझाव दिया। विधायक सिहावल विश्वामित्र पाठक ने देवसर में औद्योगिक केन्द्र की स्थापना, गोंड़ सिंचाई परियोजना, बिजली व्यवस्था में सुधार तथा विधायक मैहर श्रीकांत चतुर्वेदी ने मॉडल नर्सरी के निर्माण तथा अधोसंरचना विकास के लिए वन भूमि उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। विधायक देवतालाब गिरीश गौतम ने गिरदावरी में सुधार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भर्ती, नईगढ़ी माइक्रो सिंचाई परियोजना तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों को उपयुक्त स्थल में बनाने का सुझाव दिया। विधायक सिरमौर दिव्यराज सिंह ने डभौरा से सिरमौर तक सड़क में सुधार एवं त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना की गुणवत्ता की जाँच का मुद्दा उठाया। विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम ने गोंड़ सिंचाई परियोजना, मझौली में सिविल अस्पताल निर्माण, तीन स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कराने तथा खाद वितरण के संबंध में सुझाव दिए।
विधायक सीधी रीति पाठक ने हर जिले में गौ अभ्यारण्य के निर्माण तथा मोहनिया से पिपरोहा मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता सुधार के सुझाव दिए। विधायक देवसर राजेन्द्र मेश्राम तथा विधायक सिंगरौली रामनिवास शाह ने गोंड़ सिंचाई परियोजना, सीधी-सिंगरौली हाईवे का निर्माण पूरा कराने, बरगवां से बैढ़न तक फोरलेन सड़क निर्माण, सरई में सौ बेड अस्पताल निर्माण एवं सिंगरौली में स्टेडियम निर्माण के संबंध में सुझाव दिए। विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति ने लालगांव चौकी के थाने में उन्नयन तथा मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं को पूरा करने का सुझाव दिया। विधायक मऊगंज प्रदीप पटेल ने पुलिस बल में वृद्धि, आरडीएसएस योजना से फीडर सेपरेशन की जाँच, बिजली बिलों में सुधार, नलजल योजना, बिजली की आपूर्ति में सुधार तथा अदवा में सोलर प्लांट लगाने का सुझाव दिया। विधायक त्योंथर सिद्धार्थ तिवारी राज ने फीडर सेपरेशन योजना से गलत स्थान पर ट्रांसफार्मर लगाने, त्योंथर में मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने दौरी सागर बांध के लिए भू अर्जन, 6 नए बांधों का मंजूरी, बगदरा में गौ अभ्यारण्य की स्थापना, टोंस बराज से सिंचाई के लिए पानी देने तथा सतना से रीवा फोरलेन सड़क का अधूरा कार्य पूरा कराने एवं गुणवत्ता में सुधार का सुझाव दिया।
कमिश्नर बीएस जामोद ने गत बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की जानकारी दी। बैठक में पुनर्घनत्वीकरण योजना, रिक्त पदों की पूर्ति, सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से जुड़े मुद्दे उठाए गए। बैठक में नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, महापौर रीवा अजय मिश्र बाबा, जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा नीता कोल, सतना रामखेलावन कोल, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संभागीय अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
पशु-पक्षी हमारे पर्यावरणीय तंत्र का भी हैं अभिन्न हिस्सा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
29 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पशु-पक्षी केवल चिड़ियाघरों की शोभा नहीं, बल्कि हमारे पर्यावरणीय तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। इनके प्रति संवेदनशील होना हर नागरिक का कर्त्तव्य है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे पक्षियों और जानवरों के प्रति प्रेम और करुणा का व्यवहार करें। मुख्यमंत्री ने यह संदेश भी दिया कि मानवीय संवेदनशीलता ही प्रकृति और समाज के बीच संतुलन बनाए रख सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार की सुबह इंदौर के प्राणी संग्रहालय पहुंचे। यहाँ उनका पशु-पक्षियों के प्रति लगाव देखने को मिला। उन्होंने वन्य प्राणियों का अवलोकन किया और आकर्षक रंग-बिरंगे पक्षियों को आत्मीयता के साथ दुलार भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वन्य जीव संपदा के दृष्टिकोण से लगातार समृद्ध हो रहा है। श्योपुर जिले के कूनो में चीतों के आने के बाद इंदौर के प्राणी संग्रहालय में शिमोगा के जू से दो जोड़ी बायसन का आगमन हुआ है। प्राणी संग्रहालय में नए मेहमानों के आगमन पर उन्होंने इंदौरवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशु-पक्षियों के साथ जुड़ाव हमें प्रकृति के और करीब लाता है। उनका संरक्षण और संवर्धन समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वन्य प्राणियों को मध्यप्रदेश का वातावरण अनुकूल लग रहा है, जिससे वे अपना वंश बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के प्राणी संग्रहालय में पहले आए ज़ेब्रा की देखरेख उत्कृष्ट स्तर पर हुई, जिससे ज़ेब्रा ने यहां सफलतापूर्वक वंश वृद्धि की। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इंदौर के प्राणी संग्रहालय को और बड़ी सौगात मिलने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राणी संग्रहालय स्थित "पक्षी विहार" सहित बायसन एवं शतुरमुर्ग के बाड़े, स्नेक एक्वेरियम में किंग कोबरा का अवलोकन कर विभिन्न प्रजातियों की जानकारी भी ली।
इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि टाइगर ब्रीडिंग एवं एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत इंदौर के जू को शिमोगा के जू से रुद्र, तुलसी, कल्कि और ताप्ती नाम के 4 जंगली भैंसे "बायसन" प्राप्त हुए हैं। इसके बदले इंदौर ने शिमोगा जू को एक टाइगर दिया है। बायसन के साथ ही इंदौर को शुतुरमुर्ग के दो जोड़े भी मिले हैं। इंदौर जू के परिवार में 8 एग्ज़ॉटिक एनिमल हाल ही में जुड़े हैं। यह न केवल इंदौर शहर के लिए बल्कि प्रदेशवासियों के लिए भी बड़ी खुशखबरी है। जल्द ही सेंट्रल इंडिया का सबसे आकर्षक एक्वेरियम यहां स्थापित किया जाएगा।
इस दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, विधायकगण रमेश मेंदोला, महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा तथा गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा, अपर आयुक्त नगर निगम रोहित सिसोनिया, एमआईसी मेंबर नंदकिशोर पहाड़िया एवं प्राणी संग्रहालय प्रभारी डॉ. उत्तम यादव सहित अनेक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
यात्रियों को झटका, कुछ ट्रेनें रद्द तो कुछ का बदला शेड्यूल
नियमों को ठेंगा दिखाकर निजी कंपनी का प्रमोशन, सरगुजा के दो स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस
हनुमानताल पुलिस को भनक तक नहीं, CSP ने मारा छापा
