मध्य प्रदेश
बैतूल जिले के मुलताई में RSS प्रचारक के साथ मारपीट के बाद क्षेत्र में तनाव… भारी पुलिस तैनात
10 Oct, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैतूल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल जिले (Betul district) के मुलताई (Multai) में गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक (Rashtriya Swayamsevak Sangh- RSS Pracharak) के साथ हुई मारपीट के बाद शहर में तनाव फैल गया। मारपीट की यह वारदात धर्म विशेष के कुछ लोगों ने की, जिसके बाद हिन्दू संगठन के लोग आक्रोशित हो गए और सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने मुस्लिम मोहल्ले में घुसकर दुकानों में तोड़फोड़ भी की, जिससे हालात बिगड़ गए। इस दौरान दोनों समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। जिससे शहर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस विवाद की शुरुआत संघ प्रचारक को बाइक से कट मारने के बाद हुई थी, इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, जिसके बाद आरोपी युवकों ने मारपीट कर दी।
जिला प्रचारक यादव के साथ हुई मारपीट
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार की शाम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जिला प्रचारक शिशुपाल यादव किसी काम से निकले थे और जैन कोल्ड ड्रिंक के पास बाइक मोड़ रहे थे। इसी दौरान कुछ मुस्लिम युवकों ने उन्हें बाइक से कट मार दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षो में कहासुनी हो गई और विवाद इतना बढ़ गया कि थोड़ी ही देर में मारपीट होने लगी। संघ प्रचारक के साथ हो रही मारपीट से हिन्दू संगठन के लोग आक्रोशित हो गए और देखते ही देखते दोनों समुदाय के लोग सड़क पर आमने-सामने हो गए, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। बताया जा रहा है कि इस हमले में आरएसएस के जिला प्रचारक यादव को हल्की चोटें आई हैं।
बताया जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय के युवकों द्वारा संघ प्रचारक को कट करने के बाद विवाद की स्थिति बनी और मारपीट हो गई। इस दौरान एक दुकान से कुछ लोगों ने स्टील के पाइप बाहर निकाल लिए थे। हालांकि अभी यह साफ नहीं हुआ है कि यह लोग कौन हैं और पाइप मारपीट करने के लिए निकाले गए थे या किसी और काम के लिए निकाले गए थे। इस मामले में पुलिस ने मुस्लिम पक्ष के तीन युवाओं को हिरासत में लिया है। हालांकि अभी तक उनकी पहचान उजागर नहीं की गई है।
एसपी बोले- बिल्कुल ठीक हैं संघ प्रचारक यादव
उधर बैतूल एसपी वीरेंद्र जैन ने बताया कि मुलताई में हालात सामान्य हैं। बाइक से कट लगने के विवाद पर RSS जिला प्रचारक से कुछ युवकों की हाथापाई हुई थी। उन्हें कोई चोट नहीं आई है। लोगों को समझाइश दी गई है। अलग-अलग थाने का पुलिस बल मुलताई में तैनात किया जा रहा है, और शहर में तनाव खत्म करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। दोनों पक्षों को समझाइश देकर अलग किया जा रहा है। कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है ओर संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
शहर में तनाव फैलने की जानकारी मिलते ही बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, एएसपी कमला जोशी भी मुलताई पहुंच गए। इस दौरान थाने के सामने बड़ी संख्या में लोग जमा हैं, जिन्हें अंदर नहीं आने दिया जा रहा है। जिन युवकों ने जिला प्रचारक के साथ मारपीट की थी, उनके घरों के सामने भी बड़ी संख्या में लोग जमा हैं और उनकी गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस प्रशासन हालात पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
गुरुवार को शहर में नहीं होगी रामलीला
मुलताई एसडीओपी और मुलताई थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद है। भीड़ को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि फिलहाल मुलताई में विवाद की स्थिति को देखते हुए गुरुवार को रामलीला नहीं होगी। संचालक संजय अग्रवाल ने बताया कि इसे स्थगित कर दिया गया है। गुरुवार को राम वनवास की कथा का मंचन किया जाना था।
कफ सिरप मामले में CM मोहन यादव बोले- जांच में सहयोग नहीं कर रही तमिलनाडु सरकार
10 Oct, 2025 08:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने गुरुवार को आरोप लगाया कि तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) अपने राज्य में निर्मित एक कफ सिरप (Cough syrup) की वजह से एमपी में हुई 22 बच्चों की मौत से जुड़े मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रही है। यादव ने कहा कि उनकी सरकार बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी। उन्होंने तमिलनाडु सरकार से इस मामले में ठोस कदम उठाने और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।
यह बात यादव ने नागपुर के उन अस्पतालों का दौरा करने के बाद कही, जहां तमिलनाडु में निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप को लेने से बीमार पड़े बच्चों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने चिकित्सकों से बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और पीड़ित परिजनों से भी बात की।
कोल्ड्रिफ कफ सिरप देने के बाद कथित तौर पर किडनी खराब होने से मध्यप्रदेश के 22 बच्चों की मौत हो गई है। मृतकों में से अधिकांश छिंदवाड़ा जिले के हैं। मध्यप्रदेश पुलिस ने इस मामले में गुरुवार तड़के तमिलनाडु स्थित श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कांचीपुरम स्थित उसकी फैक्टरी से कुछ दस्तावेज भी जब्त किए।
नागपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) का दौरा करने के बाद पत्रकारों से मुखातिब यादव ने कहा, ‘मध्यप्रदेश पुलिस ने तमिलनाडु से कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, तमिलनाडु सरकार अपेक्षित सहयोग नहीं कर रही है। वहां के औषधि नियंत्रक से संबंधित दवा की उचित रिपोर्ट अपेक्षित है।’ उन्होंने कहा कि दवा निर्माण से लेकर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया के लिए दवा कंपनी जिम्मेदार है।
यादव ने कहा, ‘मध्यप्रदेश सरकार ने (दवा के) रैंडम नमूनों की जांच में लापरवाही बरतने के लिए औषधि नियंत्रक और सहायक औषधि नियंत्रक को निलंबित कर दिया। हमने तुरंत एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया और पुलिस ने तमिलनाडु स्थित दवा कंपनी के मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया। लेकिन जिस राज्य में यह दवा बनती है, उसे ठोस कदम उठाने चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए।’
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस मामले में इलाज के दौरान (बच्चों को) दी जाने वाली दवा जिम्मेदार है। यादव ने मामले में कांग्रेस की ओर से की जा रही आलोचना के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘अगर राहुल गांधी चाहें, तो उन्हें तमिलनाडु जाकर खुद देखना चाहिए और वहां की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार मौतों के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
नागपुर रवाना होने से पहले भोपाल में पत्रकारों से मुखातिब यादव ने कहा, ‘हमारी सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। मासूम बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। छिंदवाड़ा में बच्चों से जुड़ी इस घटना ने हमें बहुत दुखी किया है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जैसे ही यह मामला सामने आया, हमने एक SIT के गठन का आदेश दिया। मध्यप्रदेश पुलिस की SIT ने आज जहरीली दवा बनाने वाली कंपनी के मालिक रंगनाथन को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया।’
यादव ने कहा, ‘राज्य सरकार बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी। यह कार्रवाई हमारी सरकार की संवेदनशीलता, तत्परता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।’ तमिलनाडु सरकार ने श्रीसन फार्मा की फैक्टरी में कथित तौर पर निर्मित दूषित कफ सिरप के सेवन से मध्यप्रदेश के बच्चों की मौत के बाद उक्त फैक्टरी को सील कर दिया है। सरकार ने एक अक्टूबर से राज्य में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया और बाजार से दवा का स्टॉक हटाने का आदेश दिया।
भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों को संजोने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
9 Oct, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीकृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा में शामिल सभी संतों, तीर्थ पुरोहित महासंघ, धर्म यात्रा महासंघ और विश्व हिंदू परिषद का अभिनंदन करते हुए कहा कि आज उज्जैन एक अद्भुत क्षण का साक्षी बन रहा है। यात्रा में सम्मिलित सभी सहभागी उस मार्ग पर चलकर आए हैं, जिस पर हमारे आराध्य श्रीकृष्ण शिक्षा ग्रहण करने के लिए मथुरा से उज्जैन स्थित आचार्य सांदीपनी के आश्रम पधारे थे। संतगण को उस पावन मार्ग से गुजरने का अवसर मिला, जहां श्रीकृष्ण की चरणरज पड़ी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मथुरा से आरंभ श्रीकृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा के उज्जैन में आयोजित समापन समारोह को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मथुरा से 5 अक्टूबर को आरंभ हुई यात्रा जयपुर, कोटा, झालावाड़ और आगरा होते हुए उज्जैन पहुंची थी। उज्जैन के समापन कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद उमेशनाथ महाराज, विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह, तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रयागनाथ चतुर्वेदी उपस्थित रहे।
हमारी संस्कृति हमें समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए जीना सिखाती है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनी आश्रम गुरू-शिष्य परम्परा की अनादि महिमा का साक्षात प्रतीक है। जहां हर कण में श्रीकृष्ण की विनम्रता, बलराम की शक्ति और सुदामा की भक्ति समाई हुई है। हमारे गुरूकुल आदि काल से भारतीय ज्ञान परम्परा का अभिन्न अंग हैं। सांदीपनी आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा पाई और संसार को गीता का उपदेश देकर योगीराज बने। हमारी सनातन संस्कृति का परम ज्ञान परमार्थ है। हमारी संस्कृति हमें समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए जीना सिखाती है। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर ग्रामवासियों की रक्षा की और कुरूक्षेत्र में अर्जुन को गीता के माध्यम से धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। उनका सारा जीवन समाज और धर्म की रक्षा के लिए था।
दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में बनेंगे वृंदावन गांव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा ज्ञान, संस्कार और भक्ति का अद्भुत संगम है। यह यात्रा नई पीढ़ी में नैतिकता, आत्मविकास और भारतीय संस्कृति का दीप प्रज्जवलित करने का प्रयास है। राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों को संजोने का कार्य कर रही है। श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन, श्रीकृष्ण और सुदामा का मैत्री स्थल ग्राम नारायणा, रूक्मिणी वरण के स्थल धार जिले के अमझेरा और विनम्रता का संदेश देने वाले स्थल जानापाव (इंदौर) को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। श्रीकृष्ण पाथेय के मार्ग पर आने वाले वन, जल संरचनाओं और उद्यानों का भी संरक्षण किया जाएगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वृंदावन गांव बनाने का निर्णय लिया गया है। राज्य में गीता जयंती भी मनाई जाएगी।
सिंहस्थ-2028 का आयोजन अद्वितीय वैभव के साथ होगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में वेद-वेदान्त विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। अमझेरा में चित्रकला, मूर्तिकला और पारम्परिक नृत्य-संगीत कला की शिक्षा दी जाएगी तथा इसे श्रीकृष्ण-रूक्मणी लोक के नाम से जाना जाएगा। जानापाव में सुदर्शन लोक की स्थापना की जाएगी, जहां आयुध कौशल के साथ-साथ पारम्परिक और आधुनिक युद्ध शैली का ज्ञान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि सिंहस्थ-2028 का आयोजन अद्वितीय वैभव के साथ किया जाएगा। राज्य सरकार प्रदेश में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में कोई कमी नहीं रहने देगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा परम्परा को जीवन में आत्मसात करने का आव्हान भी किया।
उज्जैन में आयोजित समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतगण की उपस्थित रही। इनमें महामण्डलेश्वर शांतिस्वरूपानंद जी सरस्वती, महामण्डलेश्वर आचार्य शेखर जी, महामण्डलेश्वर शैलेषानंद जी गिरी, जूना अखाड़ा, महामण्डलेश्वर ज्ञानदास जी महाराज निर्मोही अखाड़ा, महामण्डलेश्वर भागवतानंद गिरी जी, अंवतिका पीठाधीश्वर, रंगानाथाचार्य जी महाराज, महामण्डलेश्वर मनीष महाराज ददुवा आश्रम तथा तिरूपतिधाम युवराज राघवेन्द्र जी प्रमुख है। इस अवसर पर धर्मयात्रा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष अशोक कोटवाणी, तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुरेन्द्र चतुर्वेदी तथा प्रदेश अध्यक्ष मनीष उपाध्याय और कांवड़ यात्रा संयोजक रतनलाल अग्रवाल भी उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबंधित कफ़ सिरप से जुड़े किसी दोषी को छोड़ेगी नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
9 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रतिबंधित कफ सिरप का उपयोग किए जाने के मामले से संबंधित किसी भी दोषी को मध्यप्रदेश सरकार नहीं छोड़ेगी। अभी तमिलनाडु की दवा कंपनी के जिम्मेदार लोगों को दबोचा गया है और उनकी गिरफ्तारी हुई है। मध्यप्रदेश सरकार मानवीय और प्रशासनिक दोनों आधार पर कार्रवाई जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को नागपुर के विभिन्न अस्पताल में उपचाररत बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने और परिजन से चर्चा करने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे।
तमिलनाडु सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तमिलनाडु में निर्मित दवा के उपयोग से ही बच्चों की मृत्यु की बात प्रमाणित हुई है। मध्यप्रदेश पुलिस ने दोषी लोगों की गिरफ्तारी की है। दुर्भाग्य की बात है कि तमिलनाडु सरकार की तरफ से अपेक्षित सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है। तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर को दवा कंपनी की नियमानुसार जांच करना चाहिए। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा रेंडम सैंपल लेकर आवश्यक जांच करवाई गई और छिंदवाड़ा के चिकित्सक सहित और अन्य दोषियों का निलंबन भी किया गया है और ड्रग कंट्रोलर को हटाया गया है। इसके साथ ही, जो डॉक्टर उस कंपनी की प्रतिबंधित दवा रोगियों के लिए लगातार लिख रहे है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तमिलनाडु सरकार को नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई करना चाहिए। अब तक की जांच में मूल रूप से मैन्युफैक्चरिंग के स्तर पर त्रुटि की बात सामने आई है। त्रुटिपूर्ण यह दवा बच्चों को दी गई जिसके फलस्वरुप जीवन की क्षति हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैसे ही तमिलनाडु सरकार की रिपोर्ट आई वैसे ही मध्यप्रदेश सरकार ने इस कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया। दवा कंपनी के मालिक को भी गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा।
कोई भी व्यक्ति जाकर कर सकता है स्थल अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रश्न किया कि वो कौन लोग हैं जिन्होंने इस कंपनी को ड्रग लाइसेंस देने का कार्य किया? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटी सी जगह पर किस तरह फैक्ट्री संचालित है, यह प्रश्न पूछा जाना चाहिए। बिना जांच के लाइसेंस कैसे रिन्यू किया गया? इस दवा कंपनी को दोबारा उद्योग लाइसेंस कैसे दिया गया? कोई भी व्यक्ति स्थल पर जाकर अवलोकन कर सकता है।
मध्यप्रदेश पीड़ित पक्ष है, किसी के खिलाफ भी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के बच्चे और परिवार तो पीड़ित पक्ष हैं, हमारे प्रदेश के बच्चों की मृत्यु हुई है। इस संवेदनशील प्रकरण में मध्यप्रदेश सरकार किसी भी दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रभावित बच्चों के स्वास्थ्य का हालचाल जानने पहुंचे नागपुर
9 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को नागपुर स्थित एम्स, जीएमसी और न्यू हेल्थ सिटी अस्पताल पहुंचकर छिंदवाड़ा और बैतूल जिले के किडनी संक्रमित बच्चों के स्वास्थ्य का हालचाल जाना।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभावित बच्चों का अच्छे से अच्छा उपचार हो इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने नागपुर के एम्स, शासकीय मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य को देखा तथा संबंधित चिकित्सकों से कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया जाये।
कलेक्टर छिंदवाड़ा और बैतूल द्वारा बच्चों के परिवारों से सतत संपर्क रखते हुए आवश्यक सहायता दी जा रही है। राज्य स्तर से भी बच्चों के उपचार और स्वास्थ्य लाभ की नियमित जानकारी प्राप्त की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नागपुर स्थित अस्पतालों के प्रवास के दौरान छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू, बैतूल विधायक हेमंत खण्डेलवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कफ सीरप से प्रभावित बच्चों के माता-पिता से भी बात कर बच्चों के उचित उपचार कराने के संबंध में जानकारी दी।
दीपावली के लिए भोपाल में आये यू. पी. से उपहार
9 Oct, 2025 07:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। दीपावली पर दिये जाने वाले उपहार में इस बार उत्तरप्रदेश से हेण्ड मेड बुडन बाॅक्स व ग्लास जार जैसे चुनिंदा आइटम शहर में आये हैं। ये काम भोपाल की स्टूडेन्ट रिशिका गुप्ता ने किया हैं। रिशिका पढाई खत्म करने के बाद अपने केरियर बनाने के लिए नवाचार कर रही हैं। राजधानी भोपाल में हर वर्ष लोग एक दूसरे को लाखों रूपये की गिफ्ट अदान-प्रदान करते हैं। इनमें अधिकतर परंपरागत गिफ्ट होती है किन्तु इस बार शहर की रिशिका गुप्ता (मोबाइल-9977059560) ने कुछ नया करने का विचार साकार किया है।
रिशिका ने बताया कि, मेरे पापा बिजनेसमेन है इसलिए मैंने भी नौकरी करने के बजाए अपना स्टार्टअप शुरू किया है। उन्हांेने बताया है कि, मैंने दीपावली पर गिफ्ट भेजने के लिए उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद, नगीना और मुरादाबाद में निर्मित हेण्ड मेड आईटम बनवाये है इनमें हेण्ड क्राफ्टेड, वुडन बाॅक्स जिसमेें पीतल के दो दिये या शीशम वुडन का अगरबत्ती व धूपबत्ती का बाॅक्स एवं स्टेण्ड, हेण्ड वर्क जार जिनमें एक पीतल का शंख व ग्लास के दो जार शामिल है। इनके अलावा कई और एनटिक वैरायटियां है। वुडन बाॅक्स में हेण्ड क्राफ्ट, लकडी की टेª, पीतल के चार बाउल, इनके अलावा पूजा सामग्री सहित कई उपयोगी चीजें शामिल हैं।
MP में इंसानियत शर्मसार, युवक ने अस्पताल में महिला के शव के साथ किया घिनौना काम
9 Oct, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बुरहानपुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बुरहानपुर (Burhanpur) जिले के खकनार थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो मानवता को शर्मसार करने वाली है। खकनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक युवक ने एक महिला के शव के साथ घिनौना कुकृत्य किया, जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ जारी है।
जानकारी के अनुसार, महिला की करंट लगने से मृत्यु के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए खकनार सीएचसी में रखा गया था। रात के सन्नाटे में एक 25 वर्षीय युवक अस्पताल में घुसा और शव को स्ट्रेचर से उतारकर एक अन्य कमरे में ले गया, जहां उसने शव के साथ छेड़छाड़ की। पूरा कृत्य सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है, जिसमें युवक शव को घसीटते हुए नजर आता है। घटना अप्रैल 2024 की बताई जा रही है, लेकिन वीडियो हाल ही में वायरल हुआ।
खकनार थाना पुलिस ने बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) की शिकायत पर आईपीसी की धारा 297 (शव के साथ अपमानजनक व्यवहार) के तहत एफआईआर दर्ज की है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बांग्लादेशियों से लेकर नशे के सौदागरों तक सभी सरकार के रडार पर, एक्शन में मोहन सरकार
9 Oct, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : छिंदवाड़ा में जहरीली दवा से बच्चों की मौत के बाद प्रदेश की मोहन सरकार लगातार एक्शन में है. प्रदेश में बिक रही कोरेक्स सिरप के खिलाफ भी सरकार अभियान शुरू करने जा रही है. इसका उपयोग सीमावर्ती जिलों में बड़े पैमाने पर नशे के रूप में हो रहा है। कलेक्टर, कमिश्नर, एसपी, आईजी की बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील शहरी इलाकों और जहां फोर्स मूवमेंट में परेशानी आती हैं, वहां के लिए विशेष प्लान बनाएं.
कानून व्यवस्था को लेकर ये बोले सीएम
राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन हॉल में हुई कलेक्टर-कमिश्नर बैठक के दूसरे दिन प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई. बैठक में सीएम ने कहा, '' कई संवेदनशील बस्तियों में सड़कें संकरी होने की वजह से फोर्स के मूवमेंट में परेशानी नहीं आनी चाहिए. इसके लिए नगरीय निकायों के साथ मिलकर जोनल प्लान बनाया जाए, ताकि लॉ एंड ऑर्डर के दौरान पुलिस फोर्स पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न आए. इसके लिए अतिरिक्त बजट भी सरकार उपलब्ध कराएगी.''
बांग्लादेशियों की पहचान करें, मुखबिर तंत्र बढ़ाएं
सीएम ने कहा कि सरकारी अमलों पर हमलों की कई घटनाएं घट चुकी हैं, ऐसे मामलों को लेकर जिलों में एसपी-कलेक्टर दूसरे विभागों के साथ मिलकर समन्वय बनाएं. प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में कोरेक्स दवा की बिक्री रोकने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक की जाए. सीएम ने कहा प्रदेश में बांग्लादेशियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. प्रदेश में अभी तक 19 बांग्लादेशियों की पहचान की गई है. अपराधों को रोकने के लिए पुलिस अपना मुखबिर तंत्र बढ़ाए.
अब ग्रामीण इलाकों में भी लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में पुलिस अधिकारियों ने शहरी क्षेत्रों के अलावा नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने का सुझाव दिया है. खासतौर से जिलों से सटे ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की जरूरत बताई गई. इसके बाद सरकार ने निर्णय लिया है कि चरणबद्ध तरीके से सरकार इस दिशा में आगे बढ़ेगी. मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
बैठक में दिए गए अन्य निर्देश
सभी विधायकों के घर वी-सेट लगाए जाएंगे, जिससे वर्चुअल बैठकें हो सकें. प्रदेश की सभी विधानसभाओं का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाए.
सभी गौशालाओं में गोवर्धन पूजा का आयोजन होगा, इसमें सभी सांसद, विधायक शामिल होंगे.
कलेक्टर अब स्कलों का भी दौरा करेंगे. स्कूल-कॉलेजों में नामांकन बढ़ाने और ड्रॉप आउट की दर को कम करने के प्रयास किए जाएं.
वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक लंबित व्यक्तिगत और सामुदायिक दावों का सभी कलेक्टर-एसपी निराकरण कराएं.
किसानों की खाद-बीज की उपलब्धता में किसी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए, इसके लिए कलेक्टर कोशिश करें.
स्कूल-कॉलेजों में अपराध नियंत्रण के लिए सामाजिक संगठनों को जोड़ा जाए और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए.
टीचर्स पर होगी सख्ती
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लापरवाह टीचर्स पर कार्रवाई की जाएगी. कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति तय की जाए. साथ ही स्कलूों में बच्चों की नामांकन दर में और सुधार किया जाए. बैठक में बताया गया कि राजगढ़ जिले में ई-अटेंडेंस का प्रतिशत 94 फीसदी है.
तकनीक और परंपरा के संगम से सिंहस्थ-2028 को मिलेगा स्मार्ट स्वरूप
8 Oct, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन-2025 का ग्रैंड फिनाले बुधवार को भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल में प्रारंभ हुआ। दो दिवसीय आयोजन में भारत के 11 राज्यों की प्रतिभाएं एक मंच पर आईं और सिंहस्थ-2028 को तकनीक के जरिए और बेहतर बनाने के लिए डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए। हैकाथॉन में 26 राज्यों से 1,726 पंजीकरण हुए और 932 नवीन विचार प्रस्तुत किए गए। कड़े मूल्यांकन के बाद मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, केरल, गुजरात, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु की 36 टीम फिनाले में पहुंचीं।इस हैकाथॉन ने “एक भारत-एक साथ नवाचार” की भावना को जीवंत किया है। मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस हैकाथॉन-2025 का लक्ष्य शासन, जन सुरक्षा और नागरिक कल्याण के लिए तकनीक का उपयोग करना है।
समारोह में आईआईएसईआर भोपाल के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास ने कहा कि “कुंभ मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है। यह हैकाथॉन परंपरा और तकनीक के खूबसूरत मेल को दर्शाता है।” एमपीएसईडीसी के परियोजना निदेशक अंशुमन राज ने इसे सरकारी चुनौतियों को समाधान में बदलने का शानदार अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 नागरिकों के लिए स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियाँ विकसित करने का अवसर है। कार्यकारी निदेशक डॉ. संदीप गोयल ने इसे विचारों और विविधता का संगम कहा जो सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन को और बेहतर बनाएगा। समारोह में एनईजीडी के निदेशक अभिषेक अनंत भी उपस्थित थे।
36 फाइनलिस्ट टीम ने स्मार्ट मोबिलिटी, सुरक्षा और निगरानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता एवं डिजिटल अनुभव और सांस्कृतिक विसर्जन जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों में अपने प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए। उल्लेखनीय परियोजनाओं में क्राउडगार्ड एआई:वास्तविक समय में सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली प्रणाली, एआई-मूव सिंहस्थ: तीर्थयात्रियों के प्रवाह को प्रबंधित करने का समाधान, एकीकृत पार्किंग प्रबंधन प्लेटफॉर्म (केरल): पार्किंग की समस्या का तकनीकी हल शामिल हैं, दर्शिनी एआई: सांस्कृतिक अनुभव को डिजिटल रूप से जीवंत करने वाला प्रोजेक्ट शामिल हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल और आईआईएसईआर के विशेषज्ञों वाले निर्णायक मंडल ने इन नवाचारों की रचनात्मकता की जमकर प्रशंसा की और रचनात्मक सुझाव भी दिए। हैकाथॉन का दूसरा दिन 9 अक्टूबर को अंतिम प्रदर्शन, मूल्यांकन के साथ समाप्त होगा।अपर मुख्य सचिव संजय दुबे मुख्य अतिथि होंगे। शीर्ष तीन विजेता टीम को 18 लाख, 5 लाख और 3 लाख रुपये के नकद पुरस्कार के साथ इनक्यूबेशन और मेंटरशिप के अवसर मिलेंगे।
उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन-2025 मध्यप्रदेश के तकनीकी नवाचार में अग्रणी भूमिका को रेखांकित करता है। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल भविष्य से जोड़ते हुए समावेशी और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देता है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच हैकाथॉन परंपरा और नवाचार के मेल का प्रतीक बनकर उभरा है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा प्रभाव छोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने की विद्युत कंपनियों के कामकाज की समीक्षा
8 Oct, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत कंपनियों के मुख्यालय जबलपुर स्थित शक्तिभवन में मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी, मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी व मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के कामकाज की समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी रबी सीजन के दृष्टिगत ताप विद्युत गृहों से पर्याप्त विद्युत उत्पादन किया जाए, ट्रांसमिशन नेटवर्क की स्थिरता व निरतंरता बनाई रखी जाए और मैदानी क्षेत्र में आवश्यकतानुसार वितरण ट्रांसफार्मर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। समीक्षा बैठक में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक अनय द्विवेदी, मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी एवं वरिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।
मंत्री तोमर ने कहा कि रबी सीजन के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की पर्याप्त व्यवस्था करे कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी आगामी रबी सीजन के पूर्व मैदानी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि एवं अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित करने का कार्य समय सीमा से पूर्व कर लें। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्र में फेल होने वाले ट्रांसफार्मरों को त्वरित रूप से बदलने के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर का प्रबंधन व भंडारण क्षेत्रीय स्टोर में करें। उन्होंने लंबित नए विद्युत कनेक्शनों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इनकी निर्धारित समय सीमा आठ से पन्द्रह दिनों की अपेक्षा एक सप्ताह की जाए जिससे कि उपभोक्ता को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। मंत्री तोमर ने विद्युत बिलों, विद्युत अवरोध व वितरण ट्रांसफार्मर खराब होने से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए इसे जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए।
रबी सीजन में ताप विद्युत गृहों को निभानी होगी बड़ी भूमिका
ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृह का वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है और इसी विश्वसनीय संचालन की आशा आगामी रबी सीजन में की जाती है। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में मध्यप्रदेश में विद्युत की मांग लगभग 20200 मेगावाट होने की संभावना है, ऐसे समय में विद्युत की मांग को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों को बड़ी भूमिका निभानी होगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इसके लिए विद्युत गृहों में कोयले का पर्याप्त भंडारण व प्रबंधन होना भी जरूरी है और इसकी समय समय पर समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सारनी व चचाई में स्थापित होने वाली 660 मेगावाट की विद्युत इकाईयों के निर्माण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि नई विद्युत इकाईयों की स्थापना का कार्य मार्च 2026 तक प्रारंभ कर दिया जाए।
विश्वसनीय पारेषण व्यवस्था कायम रखें
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की समीक्षा करते हुए कहा कि रबी सीजन में ट्रांसमिशन लाइनों की ट्रिपिंग नियंत्रित करते हुए सतत् व विश्वसनीय विद्युत पारेषण किया जाए जिससे प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में विद्युत की कमी परिलक्षित न हो। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा किसी भी स्थिति से निबटने के लिए 50 एमवीए से 500 एमवीए तक पावर ट्रांसफार्मर की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि सारनी व चचाई में स्थापित होने वाली नई यूनिट से उत्पादित होने वाली विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन कंपनी अपना नेटवर्क समय पूर्व तैयार करे। ऊर्जा मंत्री ने सिंहस्थ 2028 के लिए पावर ट्रांसमिशन कंपनी की तैयारी की समीक्षा भी की।
ऊर्जा मंत्री ने किया पालनाघर का उद्घाटन
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जबलपुर प्रवास के दौरान पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी के पालनाघर, स्मार्ट मीटरिंग मानीटरिंग सेंटर, ऑनलाइन परमिट, आईटी पार्क में क्विक हेल्पडेस्क, वी-मित्र का उद्घाटन किया। ऊर्जा मंत्री ने कॉलसेंटर में नियुक्त दिव्यांग व विधवा महिलाओं को प्रेरणा सम्मान के तहत् सम्मानित भी किया।
एडीबी प्रतिनिधिमंडल ने देखा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क का उत्कृष्ट कौशल विकास मॉडल
8 Oct, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में एशियन डेवलपमेंट बैंक बोर्ड के सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल पहुँचा और संस्थान की आधुनिक अधोसंरचना, प्रशिक्षण सुविधाओं तथा विद्यार्थियों की दक्षता और नवाचारों का अवलोकन किया। प्रतिष्ठित एडीबी प्रतिनिधिमंडल में निम दोरजी, वेइहुआ लियू, सुसुपक चैयावान, सुमाया स्वेर्टूप, सुहारुका सेव्या, पोनुराज वेलुसामी, सुलोइस लेई पी. नकारियो, डॉ. व्योमेश पंत और सुपूनम एस. भाम्बरी शामिल रहे।
कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क राज्य सरकार और एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से विकसित एक आधुनिक संस्थान है, जो युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है।
राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन मध्यप्रदेश को स्किल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड के रूप में स्थापित करने का है और इस दिशा में एसएसआरजीएसपी जैसी संस्थाएं निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। यहाँ से प्रशिक्षित विद्यार्थी औद्योगिक संस्थानों में जॉब प्राप्त कर रहे हैं और नई तकनीक आधारित स्टार्टअप्स में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। बोर्ड के सदस्यों ने संत शिरोमणि रविदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर नमन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार प्रमुख सचिव मनीष सिंह से चर्चा की। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने बोर्ड सदस्यों को संस्था में चल रही योजनाओं तथा कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों से जोड़ने के लिए अपनाए गए अभिनव मॉडल से अवगत कराया। ऑडिटोरियम में जीएसपी एंथम के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद एसएसआरजीएसपी की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई, जिसमें प्रशिक्षण प्रणाली, उद्योग-सहयोग और विद्यार्थियों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाया गया। बोर्ड सदस्यों ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान कौशल शिक्षा में नवाचार और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने मीडिया कक्ष का भ्रमण किया, जहाँ पॉडकास्ट निर्माण, प्रकाशन कार्य और मीडिया प्रबंधन की आधुनिक सुविधाएँ प्रदर्शित की गईं। इसके बाद उन्होंने पुस्तकालय का अवलोकन किया, जहाँ पारंपरिक पुस्तकों के साथ डिजिटल संसाधनों की भी व्यापक व्यवस्था है। विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान उन्होंने उनकी व्यावहारिक शिक्षण पद्धति और ज्ञान के उपयोग की प्रशंसा की। लाइफ स्किल्स क्लब में विद्यार्थियों ने संवाद, नेतृत्व, रचनात्मक सोच और डिजाइन थिंकिंग से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया। बोर्ड सदस्यों ने इस पहल को युवाओं में आत्मविश्वास और नवाचार क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
प्रतिनिधिमंडल ने ऑटोट्रॉनिक्स, इंजन वर्कशॉप, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग तथा मेकाट्रॉनिक्स लैब का अवलोकन किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स ने उनकी तकनीकी दक्षता और सृजनशीलता को प्रदर्शित किया।
भ्रमण के दौरान एडीबी बोर्ड सदस्यों ने एसएसआरजीएसपी कैफेटेरिया में हब एंड स्पोक मॉडल के अंतर्गत संभागीय आईटीआई और स्किल्स पार्क के विद्यार्थियों द्वारा विकसित परियोजनाओं को देखा। छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट्स के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और नवाचार का परिचय दिया, जिसे प्रतिनिधिमंडल ने सराहा।
इस अवसर पर एडीबी बोर्ड सदस्यों ने स्टूडेंट्स फर्स्ट पट्टिका का शुभारंभ किया और 'जीएसपी इन नंबर्स' ब्रोशर का अनावरण किया, जिसमें संस्थान की उपलब्धियों और प्रगति की झलक प्रस्तुत की गई है।
बोर्ड के सदस्यों और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। एडीबी बोर्ड सदस्यों ने एसएसआरजीएसपी की अधोसंरचना, प्रशिक्षण प्रणाली और विद्यार्थियों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान भारत में कौशल विकास का प्रेरणास्रोत है और राज्य के युवाओं को नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में 9 अक्टूबर को इंटरएक्टिव सेशन में निवेशकों से करेंगे संवाद
8 Oct, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी निवेश गंतव्य बनाने के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतत् प्रयास अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन ने निवेश-अनुकूल वातावरण को सुदृढ़ करते हुए पारदर्शिता, नीतिगत स्थिरता और उद्योगों के लिए तीव्र गति से अनुमतियाँ प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इन्हीं प्रयासों की श्रृंखला में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 अक्टूबर को मुंबई में इंटरएक्टिव सेशन में देश-विदेश के उद्योगपतियों से संवाद करेंगे।
इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड वाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश 9 अक्टूबर को होटल ट्राइडेंट, नरीमन पॉइंट मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। इस सत्र का उद्देश्य निवेशकों को मध्यप्रदेश में उभर रहे औद्योगिक अवसरों से अवगत कराना है, विशेष रूप से मोहासा-बाबई (नर्मदापुरम) में विकसित किए जा रहे पॉवर एवं रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (Phase-2) में निवेश को प्रोत्साहन देना है। इस औद्योगिक क्षेत्र में भूमि आवंटन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
सेशन में देश के प्रमुख उद्योग समूहों के साथ सिंगापुर, मैक्सिको, कनाडा और इटली सहित विभिन्न देशों के कॉन्सुल जनरल और व्यापारिक प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। हिंदल्को इंडस्ट्रीज़, वेलस्पन ग्रुप, एलएंडटी, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, गॉदरेज इंडस्ट्रीज़, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, बजाज ग्रुप, आईपीसीए लैब और रेमंड ग्रुप जैसी अग्रणी कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेश-संभावनाओं और प्रमुख परियोजनाओं जैसे पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, पीएम मित्र पार्क, फुटवियर पार्क और उद्योग आधारित क्लस्टर्स पर विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर राज्य में निवेश को लेकर संवाद और डिप्लोमैट राउंडटेबल मीटिंग में अंतर्राष्ट्रीय निवेश और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सेशन को वीर एस. अडवाणी, डिप्टी चेयरमैन, सीआईआई वेस्टर्न रीजन एवं प्रबंध निदेशक, ब्लू स्टार लिमिटेड संबोधित करेंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य ने निवेशकों के प्रति विश्वास और पारदर्शिता का जो वातावरण बनाया है, उसी का परिणाम है कि देश-विदेश की अग्रणी कंपनियाँ अब मध्यप्रदेश में औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित करने में गहरी रुचि दिखा रही हैं। इन सत्रों के माध्यम से प्रदेश में निवेश में वृद्धि होने से औद्योगिक निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे और मध्यप्रदेश उद्योग एवं रोजगार का मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा।
कलेक्टर्स जन कल्याणकारी योजना और विकास कार्यों के प्रचार में करें सहयोग : मुख्य सचिव जैन
8 Oct, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : कलेक्टर्स-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन का प्रथम सत्र सुशासन में संवाद की महत्ता पर केंद्रित रहा। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों की सही और समायोजित जानकारी जन सामान्य तक पहुंचाने की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सूचनाओं का पारदर्शी प्रसार सरकार की विश्वसनीयता स्थापित करने का मुख्य आधार है। इसके साथ ही जिला प्रशासन को अफवाहों, गलत जानकारी और दुष्प्रचार का खंडन करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। इससे जनहित की रक्षा के साथ सरकार की छवि को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि जिला स्तर पर योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर विधानसभा वार विजन डॉक्यूमेंट विकसित किए गए हैं। इसके क्रियान्वयन को सभी जिले प्राथमिकता पर लें। उन्होंने कहा कि समाधान ऑनलाइन में आने वाले प्रकरणों के निराकरण के साथ व्यवस्था में हो रही कमियों पर ध्यान देते हुए उन्हें दूर करने के प्रयास किए जाएं। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि जिलों में मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान जिलों की सामान्य समस्याओं और जन अपेक्षाओं से अवगत कराना जिला कलेक्टर का दायित्व है।
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि जिलों में पदस्थ जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका को सशक्त करते हुए जिला प्रशासन की सकारात्मक पहल और सफलता की कहानियों का व्यापक प्रसार किया जाए। जिला स्तर के सभी विभागों के अधिकारी जनसंपर्क अधिकारी के संपर्क में रहे तथा उन्हें नियमित रूप से अपने-अपने विभाग की उपलब्धियों से अवगत कराएं। विभागों और जनसंपर्क अधिकारी के मध्य समन्वय के लिए जिला कलेक्टर किसी वरिष्ठ अधिकारी को नोडल ऑफिसर नामांकित करें। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि पत्रकारिता महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप पर रखकर जिला स्तर पर हो रही सकारात्मक गतिविधियों और सफलता की कहानियों के संकलन में उनकी सेवाएं ली जाएं।
योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को किया जाए प्रोत्साहित
अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि जिला स्तर पर योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए। समाजसेवियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों से जिला कलेक्टर्स सतत् सम्पर्क में रहें। इससे जनसामान्य की भावनाओं, क्षेत्र की आवश्यकताओं आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी। जिलों के दौरों के दौरान मुख्यमंत्री जी को जिलों की सामान्य समस्याओं और जन अपेक्षाओं से अवगत कराना जिला कलेक्टर का दायित्व है।
संचार के सभी माध्यमों से हो योजनाओं का प्रचार-प्रसार
आयुक्त जनसंपर्क दीपक सक्सेना ने जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों का प्रेजेन्टेशन देते हुए कहा कि सकारात्मक जनमत तैयार करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सकता है। नवीनतम तकनीकों के उपयोग से जनसंपर्क गतिविधियों को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाना संभव हुआ है। मीडिया विश्लेषण और जन भावनाओं के अध्ययन से नीतियों में आवश्यक सुधार भी किया जा सकता है। उन्होंने आपदा या संवेदनशील स्थितियों में सटीक और संयमित सूचना का रीयल टाइम में प्रसार के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल और डिजिटल मीडिया पर प्रकाशित प्रसारित होने वाले समाचारो की नियमित मॉनिटरिंग कर संबंधित विभागों को प्रतिदिन रिपोर्ट भी दी जा रही है।
आयुक्त जनसंपर्क सक्सेना ने कहा कि मैदानी स्तर पर शासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी कलेक्टर है। कलेक्टर्स, मीडिया से सतत-समन्वय-संपर्क और संवाद में रहें। मीडिया प्रतिनिधियों के साथ नियमित ब्रीफिंग के लिए एक समय का निर्धारण किया जाए। नियमित अंतराल पर कलेक्टर्स मीडिया के साथ औपचारिक बैठक करें। राज्य शासन द्वारा पत्रकार कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पत्रकारों को उपलब्ध कराने की दिशा में जिला कलेक्टर आवश्यक पहल करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रिंट इलेक्ट्रानिक सोशल और डिजिटल मीडिया में चल रहे संवेदनशील और नकारात्मक समाचारों पर कलेक्टर स्वयं संज्ञान लें। ऐसे समाचारों के खंडन या वास्तविक स्थिति रखने और गलत खबरें प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध यथोचित कार्रवाई करने की दिशा में भी त्वरित रूप से कार्रवाई की जाए।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता शत-प्रतिशत हो : मुख्य सचिव जैन
8 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार सत्र में जोर देकर कहा कि विकसित भारत के रोडमेप में शिक्षा एक मूलभूत मुद्दा है। इसके बगैर विकास के लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाये। शिक्षा में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाये। उन्होंने स्कूलों में नामांकन दर में और सुधार की आवश्यकता बताई। मुख्य सचिव जैन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन बुधवार को अधिकारियों को राज्य शासन की प्राथमिकताओं की जानकारी दे रहे थे।
शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर
सत्र में गुणवत्ता सुधार के लिये शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया गया। दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी स्कूल भवन की मरम्मत कार्य में शाला विकास समिति और शिक्षा में रूचि रखने वाले व्यक्तियों की मदद लिये जाने पर बल दिया गया। मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिये कि शिक्षा के श्रेष्ठ कौशल रखने वाले शिक्षकों का ग्रुप तैयार कर उनके माध्यम से प्रशिक्षण का निश्चित शेड्यूल तैयार किया जाये। उन्होंने कहा कि बच्चों की ट्रेकिंग का कार्य आंगनवाड़ी से शुरू कर स्कूल की आखरी क्लास तक सतत रखा जाये। अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और संजय दुबे ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार के संबंध में जनशिक्षकों की भूमिका पर सुझाव दिये।
ई-अटेंडेंस ऐप का उपयोग
सत्र की शुरूआत में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने बताया कि विकसित मध्यप्रदेश-2047 के प्रमुख बिन्दु में प्रत्येक बच्चे को उच्च गुणवत्ता, रोजगारोन्मुखी समावेशी और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करना शामिल है। शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये सरकारी शिक्षकों के ई-अटेंडेंस ऐप के माध्यम से 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। राजगढ़ जिले में ई-अटेंडेंस का प्रतिशत 94 प्रतिशत है। सत्र में बोर्ड परीक्षा परिणाम पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2024-25 में 87 प्रतिशत से अधिक बच्चों ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में और कक्षा 12वीं में करीब 83 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। सचिव महिला एवं बाल विकास सुजी.वी. रश्मि ने आंगनवाड़ी केन्द्रों में किये जा रहे नवाचारों के बारे में जानकारी दी। आंगनवाड़ी में दर्ज 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सिखाने के लिये राष्ट्रीय फ्रेमवर्क आधारशिला तथा 3 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिये नवचेतना फ्रेमवर्क को बनाया गया है। निपुण भारत मिशन में आंगनवाड़ी केन्द्रों में शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है। जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा संचालित आश्रम शाला और छात्रावास में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। आश्रम शालाएं, छात्रावास के निरीक्षण के लिये सितम्बर 2025 से परख ऐप लांच किया गया है। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर कक्षा 9 से महाविद्यालयीन स्तर पर छात्रवृत्ति के लिये केन्द्र सरकार ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है।
बेस्ट प्रेक्टिस की दी गई जानकारी
शाजापुर कलेक्टर ने निपुण भारत मिशन के बेस्ट प्रेक्टिस की जानकारी दी। छतरपुर कलेक्टर ने आदर्श आंगनवाड़ी प्रोजेक्ट, कलेक्टर नीमच ने शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और झाबुआ कलेक्टर ने बेस्ट प्रेक्टिस वीडियो परख की प्रस्तुति दी।
मुख्य सचिव के निर्देश
विकसित मध्यप्रदेश 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिये नामांकन दर को सुधारने के लिये विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ हो प्रयास।
सरकारी स्कलों के मरम्मत में शिक्षा में रूचि रखने वाले स्थानीय व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाये।
बोर्ड परीक्षा कक्षा 10 और 12 में परीक्षा परिणाम सुधार के लिये अभी से हो सघन प्रयास।
सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को समय पर मिले, इस पर रखें निगरानी।
आंगनवाड़ी में पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत हो नामांकन।
जबलपुर के राजस्व अभिलेखागार का नवाचार उपयोगी और अनुकरणीय
8 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन प्रथम सत्र में जबलपुर में राजस्व विभाग के रिकॉर्ड रूम को लेकर हुए नवाचार को उपयोगी तथा अनुकरणीय बताते हुए सराहा गया। इस नवाचार ने जनसामान्य के राजस्व रिकॉर्ड देखने के अनुभव को पूर्णता: बदल दिया है। आयुक्त जनसंपर्क एवं तत्कालीन कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना ने लघु फिल्म के प्रस्तुतिकरण में बताया कि जबलपुर के नवीनीकृत राजस्व अभिलेखागार का वातावरण अब बैंक के लॉकर रूम जैसा है। इस पहल से जनसामान्य के साथ रिकॉर्ड रूम के कर्मचारियों को भी गंदे-बदबूदार वातावरण से मुक्ति मिली है और वे रिकॉर्ड ढूंढ़ने की मशक्कत से मुक्त हुए हैं। परिवारों की पीढ़ियों के लिए विशेष महत्व रखने वाला यह राजस्व रिकॉर्ड न केवल अब सुरक्षित है, अपितु रिकार्ड कहां रखा है, इसके संबंध में भी पारदर्शिता आयी है और आवश्यक जानकारियां अब सभी के लिए सुलभ हैं। इसके तैयार किये गये पोर्टल पर चंद एंट्रियों से पता चल जाता है कि रिकॉर्ड किस रैक-शेल्फ-बॉक्स में किस नंबर पर रखा हुआ है। आवेदक घर बैठे भी यह जानकारी प्राप्त कर सकता है और रिकॉर्ड रूम के बाहर लगाए गए कियोस्क से भी रिकार्ड में केस की लोकेशन का पता लगा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर प्रवास के दौरान जनसामान्य के जीवन को आसान बनाने वाले इस नवाचार की सराहना करते हुए जबलपुर जिला प्रशासन को इस पहल के लिए बधाई दी थी।
आयुक्त जनसंपर्क सक्सेना ने बताया कि प्राय: राजस्व विभाग के रिकॉर्ड रूम की स्थिति सभी जगह एक समान रहती है। बस्तों में दम तोड़ती फाईलों के बारे में जानकारी प्राय: कुछ बाबुओं और भृत्यों तक सीमित रहती थी। जनसामान्य को अपना ही राजस्व रिकॉर्ड नहीं मिल पाता था। इस स्थिति में बदलाव के लिए रिकॉर्ड रूम को रेनोवेट किया गया। लोहे के रैक्स की मरम्मत कर उनका रंग-रोगन और रिकॉर्ड रखने के लिए कपड़े के बस्ते की जगह प्लास्टिक बॉक्स का उपयोग किया गया। हर केस फाईल को बस्ते से निकालकर प्लास्टिक की पन्नी में रखकर प्लास्टिक बॉक्स में जमाया गया। बॉक्स पर रंगीन स्टीकर की मदद से तहसीलवार कलर कोडिंग की गई। बॉक्स पर वर्षवार, मदवार केस के डिटेल स्टीकर पर प्रिंट कर चिपकाए गए। रैक, शेल्फ, प्लास्टिक बॉक्स और उसमें रखी केस फाईल की लोकेशन के हिसाब से कोडिंग की गई। रैक और उसकी शेल्फ को यूनिक नंबर दिया गया। हर केस फाईल और प्लास्टिक बॉक्स पर लोकेशन का कोड नंबर स्टीकर से चिपकाया गया। केस फाईल की लोकेशन संबंधी सारी जानकारी ऑनलाइन एप्लीकेशन तैयार कर उस पर डाल दी गई। सुशासन की ओर इस बढ़े कदम से राजस्व रिकॉर्ड के आकांक्षी व्यक्तियों को रिकॉर्ड प्राप्त करने में सरलता और सुगमता की अनुभूति हो रही है।
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