मध्य प्रदेश
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता शत-प्रतिशत हो : मुख्य सचिव जैन
8 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार सत्र में जोर देकर कहा कि विकसित भारत के रोडमेप में शिक्षा एक मूलभूत मुद्दा है। इसके बगैर विकास के लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाये। शिक्षा में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाये। उन्होंने स्कूलों में नामांकन दर में और सुधार की आवश्यकता बताई। मुख्य सचिव जैन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन बुधवार को अधिकारियों को राज्य शासन की प्राथमिकताओं की जानकारी दे रहे थे।
शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर
सत्र में गुणवत्ता सुधार के लिये शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया गया। दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी स्कूल भवन की मरम्मत कार्य में शाला विकास समिति और शिक्षा में रूचि रखने वाले व्यक्तियों की मदद लिये जाने पर बल दिया गया। मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिये कि शिक्षा के श्रेष्ठ कौशल रखने वाले शिक्षकों का ग्रुप तैयार कर उनके माध्यम से प्रशिक्षण का निश्चित शेड्यूल तैयार किया जाये। उन्होंने कहा कि बच्चों की ट्रेकिंग का कार्य आंगनवाड़ी से शुरू कर स्कूल की आखरी क्लास तक सतत रखा जाये। अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और संजय दुबे ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार के संबंध में जनशिक्षकों की भूमिका पर सुझाव दिये।
ई-अटेंडेंस ऐप का उपयोग
सत्र की शुरूआत में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने बताया कि विकसित मध्यप्रदेश-2047 के प्रमुख बिन्दु में प्रत्येक बच्चे को उच्च गुणवत्ता, रोजगारोन्मुखी समावेशी और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करना शामिल है। शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये सरकारी शिक्षकों के ई-अटेंडेंस ऐप के माध्यम से 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। राजगढ़ जिले में ई-अटेंडेंस का प्रतिशत 94 प्रतिशत है। सत्र में बोर्ड परीक्षा परिणाम पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2024-25 में 87 प्रतिशत से अधिक बच्चों ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में और कक्षा 12वीं में करीब 83 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। सचिव महिला एवं बाल विकास सुजी.वी. रश्मि ने आंगनवाड़ी केन्द्रों में किये जा रहे नवाचारों के बारे में जानकारी दी। आंगनवाड़ी में दर्ज 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सिखाने के लिये राष्ट्रीय फ्रेमवर्क आधारशिला तथा 3 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिये नवचेतना फ्रेमवर्क को बनाया गया है। निपुण भारत मिशन में आंगनवाड़ी केन्द्रों में शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है। जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा संचालित आश्रम शाला और छात्रावास में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। आश्रम शालाएं, छात्रावास के निरीक्षण के लिये सितम्बर 2025 से परख ऐप लांच किया गया है। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर कक्षा 9 से महाविद्यालयीन स्तर पर छात्रवृत्ति के लिये केन्द्र सरकार ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है।
बेस्ट प्रेक्टिस की दी गई जानकारी
शाजापुर कलेक्टर ने निपुण भारत मिशन के बेस्ट प्रेक्टिस की जानकारी दी। छतरपुर कलेक्टर ने आदर्श आंगनवाड़ी प्रोजेक्ट, कलेक्टर नीमच ने शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और झाबुआ कलेक्टर ने बेस्ट प्रेक्टिस वीडियो परख की प्रस्तुति दी।
मुख्य सचिव के निर्देश
विकसित मध्यप्रदेश 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिये नामांकन दर को सुधारने के लिये विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ हो प्रयास।
सरकारी स्कलों के मरम्मत में शिक्षा में रूचि रखने वाले स्थानीय व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाये।
बोर्ड परीक्षा कक्षा 10 और 12 में परीक्षा परिणाम सुधार के लिये अभी से हो सघन प्रयास।
सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को समय पर मिले, इस पर रखें निगरानी।
आंगनवाड़ी में पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत हो नामांकन।
जबलपुर के राजस्व अभिलेखागार का नवाचार उपयोगी और अनुकरणीय
8 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन प्रथम सत्र में जबलपुर में राजस्व विभाग के रिकॉर्ड रूम को लेकर हुए नवाचार को उपयोगी तथा अनुकरणीय बताते हुए सराहा गया। इस नवाचार ने जनसामान्य के राजस्व रिकॉर्ड देखने के अनुभव को पूर्णता: बदल दिया है। आयुक्त जनसंपर्क एवं तत्कालीन कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना ने लघु फिल्म के प्रस्तुतिकरण में बताया कि जबलपुर के नवीनीकृत राजस्व अभिलेखागार का वातावरण अब बैंक के लॉकर रूम जैसा है। इस पहल से जनसामान्य के साथ रिकॉर्ड रूम के कर्मचारियों को भी गंदे-बदबूदार वातावरण से मुक्ति मिली है और वे रिकॉर्ड ढूंढ़ने की मशक्कत से मुक्त हुए हैं। परिवारों की पीढ़ियों के लिए विशेष महत्व रखने वाला यह राजस्व रिकॉर्ड न केवल अब सुरक्षित है, अपितु रिकार्ड कहां रखा है, इसके संबंध में भी पारदर्शिता आयी है और आवश्यक जानकारियां अब सभी के लिए सुलभ हैं। इसके तैयार किये गये पोर्टल पर चंद एंट्रियों से पता चल जाता है कि रिकॉर्ड किस रैक-शेल्फ-बॉक्स में किस नंबर पर रखा हुआ है। आवेदक घर बैठे भी यह जानकारी प्राप्त कर सकता है और रिकॉर्ड रूम के बाहर लगाए गए कियोस्क से भी रिकार्ड में केस की लोकेशन का पता लगा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर प्रवास के दौरान जनसामान्य के जीवन को आसान बनाने वाले इस नवाचार की सराहना करते हुए जबलपुर जिला प्रशासन को इस पहल के लिए बधाई दी थी।
आयुक्त जनसंपर्क सक्सेना ने बताया कि प्राय: राजस्व विभाग के रिकॉर्ड रूम की स्थिति सभी जगह एक समान रहती है। बस्तों में दम तोड़ती फाईलों के बारे में जानकारी प्राय: कुछ बाबुओं और भृत्यों तक सीमित रहती थी। जनसामान्य को अपना ही राजस्व रिकॉर्ड नहीं मिल पाता था। इस स्थिति में बदलाव के लिए रिकॉर्ड रूम को रेनोवेट किया गया। लोहे के रैक्स की मरम्मत कर उनका रंग-रोगन और रिकॉर्ड रखने के लिए कपड़े के बस्ते की जगह प्लास्टिक बॉक्स का उपयोग किया गया। हर केस फाईल को बस्ते से निकालकर प्लास्टिक की पन्नी में रखकर प्लास्टिक बॉक्स में जमाया गया। बॉक्स पर रंगीन स्टीकर की मदद से तहसीलवार कलर कोडिंग की गई। बॉक्स पर वर्षवार, मदवार केस के डिटेल स्टीकर पर प्रिंट कर चिपकाए गए। रैक, शेल्फ, प्लास्टिक बॉक्स और उसमें रखी केस फाईल की लोकेशन के हिसाब से कोडिंग की गई। रैक और उसकी शेल्फ को यूनिक नंबर दिया गया। हर केस फाईल और प्लास्टिक बॉक्स पर लोकेशन का कोड नंबर स्टीकर से चिपकाया गया। केस फाईल की लोकेशन संबंधी सारी जानकारी ऑनलाइन एप्लीकेशन तैयार कर उस पर डाल दी गई। सुशासन की ओर इस बढ़े कदम से राजस्व रिकॉर्ड के आकांक्षी व्यक्तियों को रिकॉर्ड प्राप्त करने में सरलता और सुगमता की अनुभूति हो रही है।
नवाचारी प्रयासों से तलाशें समस्याओं के वैकल्पिक समाधान : मुख्य सचिव जैन
8 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि नवाचारी प्रयासों से समस्याओं के वैकल्पिक समाधान तलाशें और आदर्श प्रक्रियाएं अपनाएं। जनजातीय विकास की योजनाएं संवेदनशील प्रकृति की होती हैं, इसलिये समय-सीमा का ध्यान रखा जाये। मुख्य सचिव जैन कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन जनजातीय विकास कार्यों, आदि कर्मयोगी अभियान, पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान, वन अधिकार अधिनियम संबंधी विषयों पर कलेक्टर-कमिश्नर से यह बात कही।
प्रमुख सचिव जनजाति कार्य गुलशन बामरा ने प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत सभी जिले शीघ्र ही प्रत्येक ग्राम का विलेज एक्शन प्लान तैयार कर ग्राम सभा से अनुमोदन करवाये। विलेज एक्शन प्लान के आधार पर डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान तैयार होगा और डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान के आधार पर स्टेट एक्शन प्लान तैयार होगा। इस प्रकार तैयार हुए प्लान का नई दिल्ली में प्रस्तुतिकरण होगा और सर्वश्रेष्ठ प्लान को पुरस्कृत किया जाएगा।
कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि आदि कर्मयोगी अभियान में 14 हजार 40 लक्षित गांव के 10 हजार 893 विलेज एक्शन प्लान बन चुके हैं। इन गांवों में 11 हजार 394 आदि सेवा केंद्र स्थापित हो चुके हैं। आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान जन धन, जाति प्रमाण-पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज जारी किए गए उनकी संख्या 17 लाख 70 हजार 745 है।
प्रतुतिकरण में बताया गया कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराने में 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में शिवपुऱी, मैहर, रायसेन, कटनी और भिंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। लंबित जाति प्रमाण पत्र जारी करने में जबलपुर, रायसेन और सिवनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सभी जिलों से अधोसंरचनात्मक कार्य जैसे हॉस्टल निर्माण, सड़क निर्माण, आंगनवाड़ी भवन निर्माण, बहुउद्देशीय सेंटर निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिये गये।
बामरा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 15 नवंबर को राष्ट्रव्यापी जनजाति गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। सभी जिलों से पीएम जनमन के अंतर्गत आने वाली योजनाओं में निर्धारित कार्यों को 15 नवंबर से पहले पूरा कर ले।
अपर मुख्य सचिववन अशोक बर्णवाल ने जिला कलेक्टर्स से वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक पूर्व के निरस्त दावों का पुनः परीक्षण कर निराकरण करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सामाजिक सामुदायिक वन संधारण के संरक्षण एवं प्रबंधन के अधिकारों की मान्यता के लिए जिलेवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप दिसंबर तक कार्रवाई पूरी करें और लंबित दावों का निराकरण करें। वन ग्रामों के राजस्व गांव में परिवर्तन करने के लिए अपनाई गई आदर्श प्रक्रिया के आधार पर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश जिलों को दिये, जिससे सभी वन अधिकार-पत्र धारकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। वर्तमान में 29 जिलों में कुल 792 वन ग्रामों के परिवर्तन की कार्यवाही प्रचलन में है। संरक्षण क्षेत्र में स्थित 66 वन ग्रामों में कार्रवाई शेष है। इन वन ग्रामों की बाहरी सीमाओं का निर्धारण एवं नक्शा तैयार किया जाना है और कब्जे तथा वयस्कता का निर्धारण कराकर वन अधिकार पत्र के लिए पात्रता निर्धारित की जाना है। वन अधिकार के दावों का निराकरण करने में भोपाल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर छतरपुर ने उच्च प्रदर्शन किया है।
उत्कृष्ट कार्यों का हुआ प्रेजेन्टेशन
आदि सेवा केन्द्रों की स्थापना में बड़वानी खरगोन, नरसिंहपुर, सीहोर और इंदौर जिलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सत्र में बैतूल जिले ने आदि कामयोगी अभियान शिवपुरी ने पीएम जनमन आवास, शहडोल ने पीएम जनमन आधार कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र एवं आयुष्मान कार्ड वितरण संबंधी कार्य एवं बालाघाट ने वन अधिकार दावों के निराकरण पर प्रस्तुतिकरण दिया।
रेल मंत्री ने मंजूरी दी: खजुराहो से वाराणसी वंदे भारत ट्रेन जल्द होगी शुरू
8 Oct, 2025 06:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News:भाजपा सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खजुराहो और वाराणसी के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने की मंजूरी दे दी है. मध्यप्रदेश के खजुराहो से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने मंगलवार (7 अक्टूबर )को बड़ी खुशखबरी दी. उन्होंने बताया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खजुराहो और वाराणसी के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने पर सहमति दे दी है. यह ट्रेन बुंदेलखंड और पूर्वांचल के यात्रियों के लिए एक नया सफर अनुभव लेकर आएगी. भाजपा सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने खजुराहो से वाराणसी तक वंदे भारत ट्रेन की लंबे समय से चल रही मांग को दोहराया. शर्मा ने बताया कि रेल मंत्री ने उनकी बात को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इस रूट पर वंदे भारत ट्रेन शुरू की जाएगी.
एक-दो दिन में जारी होगा आदेश
शर्मा ने जानकारी दी कि रेल मंत्री ने उन्हें बताया है कि खजुराहो-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर आदेश अगले एक या दो दिन में जारी कर दिए जाएंगे. इसके बाद ट्रेन के संचालन की औपचारिक तैयारियां शुरू हो जाएंगी. यह ट्रेन यात्रियों को आधुनिक, आरामदायक और तेज रफ्तार यात्रा का अनुभव देगी.
बुंदेलखंड के लिए बड़ा फायदा
खजुराहो विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां हर साल देश-विदेश से हजारों सैलानी आते हैं. अब वंदे भारत ट्रेन शुरू होने से पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है. साथ ही बुंदेलखंड के लोगों को वाराणसी जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक शहर से तेज और सीधा रेल संपर्क मिलेगा.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए कहा कि यह ट्रेन बुंदेलखंड के लोगों के लिए दिवाली का तोहफा साबित होगी. उन्होंने कहा, “खजुराहो-वाराणसी वंदे भारत ट्रेन न केवल क्षेत्र के विकास में मदद करेगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी नई दिशा देगी.”
यात्रियों को मिलेगा शानदार अनुभव
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन देश की सबसे आधुनिक सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन है. इसमें यात्रियों के लिए आरामदायक सीटें, स्वचालित दरवाजे, वाई-फाई और ऑनबोर्ड मनोरंजन जैसी कई सुविधाएं हैं. खजुराहो और वाराणसी के बीच यह ट्रेन चलने से मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के लोगों को तेज, सुरक्षित और सुखद यात्रा का अनुभव मिलेगा.
मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल पर जिला वार विजन डॉक्यूमेंट तैयार, अधिकारियों ने की समीक्षा
8 Oct, 2025 04:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश कलेक्टर्स-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन का प्रथम सत्र सुशासन में संवाद की महत्ता पर केंद्रित रहा. मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों की सही और समायोजित जानकारी जन सामान्य तक पहुंचाने की महत्ता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि सूचनाओं का पारदर्शी प्रसार सरकार की विश्वसनीयता स्थापित करने का मुख्य आधार है.
इसके साथ ही जिला प्रशासन को अफवाहों, गलत जानकारी और दुष्प्रचार का खंडन करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए. इससे जनहित की रक्षा के साथ सरकार की छवि को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी. मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि जिला स्तर पर योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए.
विधानसभा वार विजन डॉक्यूमेंट जारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर विधानसभा वार विजन डॉक्यूमेंट विकसित किए गए हैं. इसके क्रियान्वयन को सभी जिले प्राथमिकता पर लें. उन्होंने कहा कि समाधान ऑनलाइन में आने वाले प्रकरणों में, प्रकरणों के निराकरण के साथ व्यवस्था में रही कमियों पर ध्यान देते हुए उन्हें दूर करने के प्रयास किए जाएं. मुख्य सचिव ने कहा कि जिलों में मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान जिलों की सामान्य समस्याओं और जन अपेक्षाओं से अवगत कराना जिला कलेक्टर का दायित्व है.
मुख्य सचिव ने कहा कि जिलों में पदस्थ जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका को सशक्त करते हुए जिला प्रशासन की सकारात्मक पहल और सफलता की कहानियों का व्यापक प्रसार किया जाए. जिला स्तर के सभी विभागों के अधिकारी जनसंपर्क अधिकारी के संपर्क में रहे तथा उन्हें नियमित रूप से अपने-अपने विभाग की उपलब्धियों से अवगत कराएं. विभागों और जनसंपर्क अधिकारी के मध्य समन्वय के लिए जिला कलेक्टर किसी वरिष्ठ अधिकारी को नोडल ऑफिसर नामांकित करें.
योजनाओं के क्रियान्वयन में जनभागीदारी
अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि जिला स्तर पर योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए. समाजसेवियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों से जिला कलेक्टर्स सतत् सम्पर्क में रहें. इससे जनसामान्य की भावनाओं, क्षेत्र की आवश्यकताओं आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री के जिलों के दौरों के दौरान मुख्यमंत्री जिलों की सामान्य समस्याओं और जन अपेक्षाओं से अवगत कराना जिला कलेक्टर का दायित्व है.
संचार माध्यमों से योजनाओं का प्रचार-प्रसार
आयुक्त जनसंपर्क दीपक सक्सेना ने जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों का प्रेजेन्टेशन प्रस्तुत करते हुए कहा कि सकारात्मक जनमत तैयार करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सकता है. नवीनतम तकनीकों के उपयोग से जनसंपर्क गतिविधियों को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाना संभव हुआ है.
उन्होंने आपदा या संवेदनशील स्थितियों में सटीक और संयमित सूचना का रीयल टाइम में प्रसार के महत्व पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल और डिजिटल मीडिया पर प्रकाशित प्रसारित होने वाले समाचारों की नियमित मॉनिटरिंग कर संबंधित विभागों को प्रतिदिन रिपोर्ट भी दी जा रही है.
आयुक्त जनसंपर्क ने कहा कि मैदानी स्तर पर शासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी कलेक्टर है. कलेक्टर्स, मीडिया से सतत-समन्वय-संपर्क और संवाद में रहें. मीडिया प्रतिनिधियों के साथ नियमित ब्रीफिंग के लिए एक समय का निर्धारण किया जाए. नियमित अंतराल पर कलेक्टर्स मीडिया के साथ औपचारिक बैठक करें.
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रिंट इलेक्ट्रानिक सोशल और डिजिटल मीडिया में चल रहे संवेदनशील और नकारात्मक समाचारों पर कलेक्टर स्वयं संज्ञान लें. ऐसे समाचारों के खंडन या वास्तविक स्थिति रखने और गलत खबरें प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध यथोचित कार्रवाई करने की दिशा में भी त्वरित रूप से कार्रवाई की जाए.
दवा खरीद में गड़बड़ी का पर्दाफाश, कैग रिपोर्ट ने खोली विभाग की पोल
8 Oct, 2025 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: छिंदवाड़ा में 17 बच्चों की मौत के बाद कफ सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया गया, लेकिन 2024-25 की मध्य प्रदेश की सीएजी रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश में प्रतिबंधित दवाओं की खरीद भी की जा चुकी है. कैग रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर 2021 में 518 ऐसी दवाएं जो भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की प्रतिबंधित दवाओं की सूची में शामिल थी, उन्हें खरीदा गया. 2017 से 2022 के दौरान निगम ने इन दवा कंपनियों से अनुबंध किया और इनकी खरीदी की.
कैग रिपोर्ट में खुलासा, जो दवाएं बैन उन्हें भी खरीद डाला
कैग की 2024-2025 की रिपोर्ट में ये बताया गया है कि "जिन 518 दवाओं को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बैन कर दिया था. कैग कि रिपोर्ट ये बताती है कि 2017 से 2022 के बीच में निगम ने इन्ही प्रतबंधित दवाओं के लिए इन दवा कंपनियों से 153.46 लाख का अनुबंध तय किया और जिला स्तर पर लोकल टेंडर के जरिए 22.96 लाख रुपए की दवाओं की खरीद भी कर डाली. उन दवाओं की खरीद जो कि मानव उपभोग के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित थी.
कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह से सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डाला गया. अगर विभाग सावधानी बरतते हुए टेंडर जारी करने से पहले जो बैन दवाएं हैं, उन्हें हटा देते तो जो प्रतिबंधित दवाओं के इस कॉन्ट्रैक्ट को डाला जा सकता था. असल में केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने मानव उपयोग के लिए दवाओं और प्रसाधन सामग्री के लिए 1940 में अधिनियम बना है. जिसके माध्यम से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार प्रतिबंधित दवाओं की सूची जारी करता है.
दवा पर प्रतिबंध कब कब क्या हुआ
कैग रिपोर्ट में बताया गया कि सरकार ने मई 2023 में ये स्पष्ट किया कि दो दवाएं मेट्रोनिडाजोल + नॉरफ्लोक्सासिन का जो कॉम्बिनेशन है. इस पर रोक की अधिसूचना 10 मार्च 2016 को राजपत्र में प्रकाशित की गई थी. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हो गया था. कोर्ट के निर्देश के अनुसार ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने इसका परीक्षण किया. फिर बोर्ड की सिफारिश के आधार पर भारत सरकार ने 7 सितंबर 2018 को एक और नोटिफिकेशन जारी किया.
जिसमें 10 मार्च 2016 की अधिसूचना को रद्द करते हुए इस दवा के निर्माण के साथ उसकी बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन सब पर रोक लगा दी गई. एज़िथ्रोमाइसिन + सेफिक्साइम को लेकर कहा गया कि ये दवा एक किट के रुप में दी जा रही है. यानि दोनों की अलग-अलग एक एक गोली. लिहाजा इस पर 10 मार्च 2016 की फिक्सड डोज कॉम्बिनेशन का नोटिफिकेशन लागू नहीं होता.
इसमें ये भी बताया गया कि चूंकि इन दोनों दवाओं पर 2016 में लगाए गए बैन को सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2017 के आदेश में भी यथावत रखा था. जिसके बाद एक बार फिर भारत सरकार ने इसके प्रोडक्शन परचेज और डिस्ट्रीब्यूशन पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे. लिहाजा निगम को अपने निर्णय को तर्कों के जरिए सही साबित करने के बजाए 2016 के नोटिफिकेशन के बाद ही इस दवा पर रोक लगा देना थी.
सरकार को चिठ्ठी, सिरप सरकारी खरीदी सूची से हटाएं
जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र लिखकर देशभर में खांसी की सिरप के निर्माण, बिक्री और विपणन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है. पत्र में कहा गया है कि हाटी समिति (1975), विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और भारतीय शिशु रोग अकादमी (आईएपी) ने बच्चों में खांसी की सिरप के उपयोग को अवैज्ञानिक और हानिकारक बताया है.
MP को केंद्र से दो बड़ी सौगातें, यातायात और रेल कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम
8 Oct, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: केंद्र की मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश को दो बड़ी रेल परियोजनाओं की सौगात दी है. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक हुई, जहां कैबिनेट ने रेल मंत्रालय की 4 रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है. जहां प्रदेश को वडोदरा-रतलाम रेल लाइन और इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन है. जिसके बाद एमपी की गुजरात से कनेक्टिविटी बढ़ेगी तो वहीं इटारसी से बीना की दूरी कम होगी.
मध्य प्रदेश की बढ़ेगी गुजरात से कनेक्टिविटी
मध्य प्रदेश वासियों के लिए अब गुजरात का सफर आसान होगा. वे कम समय में यात्रा पूरी कर सकते हैं. साथ ही व्यापारिक कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी. जिससे प्रदेश की आर्थिक को बढ़ावा मिलेगा. ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि मध्य प्रदेश को वडोदरा-रतलाम रेल लाइन की सौगात मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन है.
वडोदरा-रेतलाम रेल लाइन लंबा सेक्शन
यह 259 किलोमीटर की लाइन होगी. यह काफी लंबा सेक्शन है. इसकी लागत ₹8,885 करोड़ है. यह पूरा सेक्शन गुजरात और मध्य प्रदेश से होकर गुजरता है. इस नई रेल लाइन परियोजना से गुजरात के वडोदरा, पंचमहल और दाहोद जिलों को और मध्य प्रदेश के झाबुआ और रतलाम जिलों को फायदा होगा. रेल मंत्री ने कहा इस सेक्शन में काफी मुश्किलें हैं, क्योंकि वडोदरा-रतलाम रेल लाइन में काफी स्टीव कर्व हैं और जब भी कर्व पर गाड़ी चलती है तो उसकी स्पीड को कम करना पड़ता है. लिहाजा इस प्रोजेक्ट के माध्यम से इस कर्व को सीधा किया जाएगा.
इस प्रोजेक्ट से सरकार को होगा फायदा
जिसके बाद गाड़ी की स्पीड को बढ़ाया जा सकता है. इसकी जरूरत भी है, क्योंकि यह दिल्ली से मुंबई का कॉरीडोर है. इस कॉरीडोर में कैपिसेट की काफी डिमांड आती है. रतलाम-वडोदरा को जोड़ने का यह काफी बड़ा प्रोजेक्ट है. इसमें बहुत बड़ा पर्यावरणीय फायदा भी है, क्योंकि 38 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड हर साल बचती है और साढ़े 7 करोड़ लीटर डीजल हर साल बचेगा. साथ ही लॉजिस्टिक कास्ट भी हर साल लगभग 856 करोड़ बचेगा.
इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन सौगात
वहीं इसके बाद मध्य प्रदेश को दूसरी सौगात इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन की मिली है. यह इटारसी-भोपाल-बीना के बीच चौथी रेल लाइन है. यह काफी लंबा और जरूरी सेक्शन है. रेल मंत्री ने कहा 237 किमी के इस प्रोजेक्ट से टूरिज्म कनेक्टिविटी बढ़ेगी. इस बीच उदयगिरी गुफाएं, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और पचमढ़ी को कनेक्ट करेगा. जिससे टूरिज्म और बढ़ेगा.
इस रेल लाइन में बनेंगे 9 टनल
वहीं 32 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड CO₂ बचेगा, जो 1.3 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है. इस रेल लाइन में 4 जरूरी ब्रिज, 39 मेजर ब्रिज और 151 माइनर ब्रिज होंगे. पहाड़ी क्षेत्र होने के चलते इस रेल लाइन में 9 टनल होंगे. इसके साथ ही 43 ओवर ब्रिज और 39 अंडर पास ब्रिज होंगे.
17 बच्चों की मौत के बाद सरकार सख्त, भोपाल में मिलीं 80 प्रतिबंधित सिरप की बोतलें
8 Oct, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: छिंदवाड़ा में कफ सिरप से 17 बच्चों की मौत होने के बाद प्रदेश समेत देशभर में हड़कंप मचा हुआ है. हालांकि घटना के बाद मध्य प्रदेश में राज्य सरकार ने डाइएथिलीन ग्लाइकोल और एथिलीन ग्लाइकोल मिली कफ सिरप को प्रतिबंधित कर दिया है. लेकिन अब भी बाजारों में ऐसी कफ सिरप दुकानों पर मौजूद है. मंगलवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने भोपाल के दवा बाजार में छापेमार कार्रवाई की. इस दौरान अमानक कफ सिरप की 80 बोतलें जब्त की गई.
रेस्पिफ्रेस डी और एएनएफ कफ सिरप जब्त
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के दवा बाजार में कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कई दुकानदारों ने प्रतिबंधित दवाएं छिपा दीं. वहीं कुछ मेडिकल दुकानदार प्रतिबंध लगने के बाद फार्मा कंपनियों को प्रतिबंधित दवाइयां वापस कर रहे हैं. हालांकि कार्रवाई के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने रेस्पिफ्रेस डी और एएनएफ कफ सिरप की 80 बोतलें जब्त कीं. इनमें से 10 बोतलों को सील कर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया गया है. बता दें कि ये दोनों सिरप गुजरात से मध्य प्रदेश में सप्लाई हो रहे थे.
भोपाल की 5 दुकानों पर हुई थी बिलिंग
जिला खाद्य एवं औषधि नियंत्रक तबस्सुम मेरोठा ने बताया कि "रीलाइफ और रेस्पिफ्रेश सिरप की भोपाल की 5 दुकानों में बिलिंग हुई थी. मंगलवार को फूड एडं ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की टीम ने इन दुकानों का निरीक्षण किया है. इनमें से 3 दुकानों से सैंपल एकत्रित किए गए हैं, जबकि 2 दुकानदारों ने बताया कि सिरप पर प्रतिबंध की सूचना मिलते ही उन्होंने सिरप का बैच कंपनी को वापस भेज दिया है. टीम ने जिन विभागों का निरीक्षण किया उनमें राहुल फार्मा, गुरुदेव ट्रेडर्स, प्रसिद्धि फार्मा, राजेंद्र मेडिकल एजेंसी और राज मेडिकल एजेंसी शामिल है."
प्रतिबंधित सिरप से किडनी और ब्रेन डैमेज का खतरा
छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के मामले सामने आने के बाद कुल 19 दवाओं के नमूने जांच के लिए सरकारी प्रयोगशालाओं को भेजे गए थे. अब इनकी रिपोर्ट आ गई है. रिपोर्ट के अनुसार री लाइफ में 0.616 प्रतिशत डायएथिलीन ग्लाइकोल पाया गया. वहीं रेस्पिफ्रेश टीआर में 1.342 प्रतिशत डायएथिलीन ग्लाइकोल मिला है. गाइडलाइन के मुताबिक कफ सिरप में डायएथिलिन ग्लाइकोल की मात्रा 0.1 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. यदि मात्रा अधिक हो तो ऐसे सिरप से किडनी फेल और ब्रेन डैमेज होने का खतरा रहता है.
केमिस्ट एसोसिएशन ने जारी किए निर्देश
मध्य प्रदेश में अमानक सिरप की सप्लाई के बाद मध्य प्रदेश केमिस्ट एसोसिएशन ने भी दवाओं के संबंध में निर्देश जारी किया है. केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जीतेंद्र धाकड़ ने बताया कि "हमने सर्कुलर जारी कर दवा विक्रेताओं से अपील कि है कि वो बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के दवा नहीं दें. इसके साथ ही अमानक कफ सिरप के खिलाफ कार्रवाई में एसोसिएशन के लोग प्रशासन का सहयोग करें." धाकड़ ने कहा कि मंगलवार को कार्रवाई के दौरान सभी दवा व्यापारियों ने सहयोग किया.
मोहन यादव सरकार का नया ऐक्शन प्लान: हर कलेक्टर का बनेगा रिपोर्ट कार्ड
8 Oct, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में जिलों के अधिकारियों को 1 साल 3 माह के लिए काम के टारगेट सौंपे गए हैं. दिन भर चली बैठक में पहले दिन स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, स्वशासन, नगरीय विकास जैसे विभागों को लेकर चर्चा की गई. बैठक में अधिकारियों से कहा गया कि अगले छह माह बाद फिर कामों की समीक्षा की जाएगी. बैठक में सिवनी, गुना सहित आधा दर्जन जिलों के कलेक्टरों द्वारा बेस्ट प्रेक्टिस के प्रजेंटेशन दिए गए.
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही अवैध कॉलोनियों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं का अध्ययन कर ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए.
सीएम के सामने कलेक्टरों ने दिए प्रजेंटेशन
दिन भर चली बैठक में गुना कलेक्टर द्वारा जिले में हॉर्टिकल्चर के क्षेत्र में किए जा रहे कामों का प्रजेंटेशन दिया. इसमें गुना में गुलाब की खेती और उससे किसानों को हो रहे लाभ की जानकारी दी गई
वहीं सिवनी कलेक्टर द्वारा प्राथमिक स्कूलों में अलग से डिजाइन कर फर्नीचर उपलब्ध कराने और सरकारी स्कूलों के पूर्व छात्रों को जोड़कर इस दिशा में काम करने के बारे में बताया गया. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दूसरे जिलों में भी फूलों की खेती को लेकर प्रोत्साहित किया जाए. बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई.
बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए कई निर्देश दिए
ग्वालियर की जेसी मिल, रतलाम की सज्जन मिल और उज्जैन की विनोद मिल से जुड़ी समस्याओं का समाधान जिस तरह किया गया, उसी तरह अन्य जिलों में बंद औद्योगिक इकाइयों का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए.
शहरी क्षेत्रों में अनुपयोगी भूमि का उपयोग कर लैंड बैंक तैयार किया जाए.
जिलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. स्व सहायता समूहों को एमएसएमई सेक्टर से जोड़ने की दिशा में काम किया जाए.
गुना में गुलाब की खेती का प्रजेंटेशन दिया गया. इसी तरह फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए.
प्रत्येक जिलों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ उत्पादों का बाजार बनाए जाएं, ताकि सप्ताह में एक दिन वहां आकर अपना सामान बेच सकें.
सभी कलेक्टर और अधिकारी जिला अस्पतालों का निरीक्षण करें. कुपोषण से निपटने के लिए अभियान में तेजी लाई जाए. स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास में समन्वय हो.
अवैध कॉलोनियों पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए.
कलेक्टर्स किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लिये करें प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
7 Oct, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा प्रदेश कृषि उपज पर आधारित है। इसलिए सरकार का मूल लक्ष्य प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना और कृषि फसलों की तुलना में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाना है। हमें इन क्षेत्रों में उद्यमिता के नए अवसर भी बनाने हैं। सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिलों में 100-100 किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही किसानों को उपज विक्रय के लिये मार्केट भी उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर को कृषि उपज मंडी में सोयाबीन फसल की नीलामी पर सघन निगरानी रखने और भावान्तर योजना से किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस-2025 के पहले सत्र 'कृषि एवं संबद्ध सेक्टर्स' को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे ग्रामीण युवा आने वाले समय में कृषि उद्यमी बनें, इसके लिए हमें मिल-जुलकर प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि खेती को जैविक खेती की ओर ले जाना एक बड़ी चुनौती है, पर हमें यह चुनौती भी पार करनी ही होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अन्न अर्थात मिलेट्स को प्रोत्साहन देकर इनकी उपज को लगातार बढ़ाना भी हमारा लक्ष्य है, हमें इस दिशा में भी ठोस प्रयास करने होंगे। किसानों को परंपरागत खेती से शिफ्ट कर उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्य पालन जैसे आमदनी बढ़ाने वाले कार्यों की ओर लेकर जाना है। प्रदेश में केला, संतरा, टमाटर एवं अन्य उद्यानिकी की फसलें बड़ी मात्रा में होती हैं। हमें इनके स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण एवं बड़े बाजारों तक मार्केटिंग की व्यवस्था भी करनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों में उर्वरक की खपत सिर्फ वैज्ञानिक आधार पर ही होनी चाहिए। यदि नहीं हो रही है तो इस पर नियंत्रण जरूरी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिलों में साप्ताहिक मार्केट, हाट बाज़ारों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की उपज का विक्रय सुनिश्चित करें। साथ ही किसानों को नकद फसलों की खेती के लिए समझाइश देकर प्रोत्साहित करें। इसके लिए अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर जिलों में किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित कर उसका रिकार्ड रखें और उनकी प्राकृतिक खेती के लाभों का अध्ययन भी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्यानिकी फसलों अर्थात् बागवानी को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने गुना जिले में गुलाब की खेती किए जाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि वहां के किसानों ने बड़ा ही प्रगतिशील कदम उठाया है। प्रदेश के सभी धार्मिक शहरों में भी गुलाब की खेती को बढ़ावा दिया जाये, जिससे गुलाब उत्पादन की खपत स्थानीय स्तर पर किया जा सके।
भावान्तर योजना का करें प्रचार-प्रसार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावान्तर योजना का भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करें। इस योजना का सर्वाधिक लाभ किसानों को मिलना है और यह बात उन तक पहुंचनी भी चाहिए। भावान्तर योजना के समुचित क्रियान्वयन के लिये सभी कलेक्टर पूरी मेहनत और समर्पण से किसानों को इसका अधिकतम लाभ दिलाएं।
पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर लगाएं सख्त अंकुश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पराली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाएं। इसके लिए सक्रिय नियंत्रण तंत्र विकसित करें और ऐसी घटनाओं पर विशेष फोकस कर निगरानी भी बढ़ाएं। कलेक्टर्स कृषि विभाग का सहयोग लेकर किसानों को पराली/नरवाई न जलाने की समझाइश दें। किसानों को पराली निष्पादन के दूसरे विकल्पों के बारे में बताया जाए, जिससे वे पराली जलाने की ओर प्रवृत्त ही न हों।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने दिया प्रेजेंटेशन
कृषि एवं संबद्ध सेक्टर्स सत्र का संचालन कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल ने किया और प्रेजेंटेशन दिया। इस सत्र में प्राकृतिक खेती के प्रचार, जलवायु अनुकूल फसलों, उद्यानिकी फसलों के उत्पादन, उत्पादकता केंद्रित क्लस्टर, सूक्ष्म सिंचाई, मत्स्य पालन के लिए केज कल्चर और सेलेक्टिव ब्रीडिंग, फसल अवशेष प्रबंधन, खाद एवं बीज व्यवस्था, सोयाबीन के लिए भावांतर भुगतान योजना, दुग्ध उत्पादन और गौशाला प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री वर्णवाल ने फसल अवशेष प्रबंधन (पराली निष्पादन नियंत्रण) को सरकार की विशेष प्राथमिकता बताते हुए इस प्रयोजन के लिए कलेक्टर्स को गांव-गांव कृषक संगोष्ठियों के आयोजन और हैप्पी सीडर, सुपर सीडर एवं बेलर जैसे उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने को कहा। उन्होंने कहा कि जिलों में स्वीकृत कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। सत्र में रबी 2025-26 के लिए उर्वरक व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। सत्र में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं सहकारिता (मत्स्योद्योग) विभाग के सचिवों ने भी अपनी विभागीय योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी।
पांच जिलों में हो रहा कृषि एवं उद्यानिकी पर बेहतरीन काम
सत्र में प्रदेश के 5 जिलों के कलेक्टर्स ने अपने-अपने जिलों में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया। गुना कलेक्टर ने गुलाब क्लस्टर डेवलपमेंट के बारे में बताया। हरदा कलेक्टर ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रोत्साहन किए गए प्रयासों की जानकारी दी। शाजापुर कलेक्टर ने खाद वितरण के लिए टोकन प्रणाली विकसित करने के बारे में बताया। श्योपुर कलेक्टर ने फसल अवशेष प्रबंधन (पराली निष्पादन नियंत्रण) की बेहतर व्यवस्था की जानकारी दी। खंडवा कलेक्टर ने जिले में सफलतापूर्वक गौशाला संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कॉन्फ्रेंस के पहले सत्र के अंत में जिलों के कलेक्टर्स एवं कमिश्नर्स ने प्रदेश की कृषि उत्पादन नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सुझाव भी दिए।
मंत्री भूरिया ने झाबुआ में पशुपालकों से की सीधी बात
7 Oct, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दुगुना करने के विजन को धरातल पर उतारने के लिये ‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’ के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने झाबुआ जिले के ग्राम कमलखेड़ा में पशुपालकों से घर जाकर सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने उन्नत पशुपालन, पोषण और पशु स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
मंत्री भूरिया ने पशुपालक चावड़ा से उनके घर पहुँचकर संवाद किया। इस दौरान मंत्री भूरिया ने उन्हें उन्नत नस्ल के पशुपालन, हरा चारा, और संतुलित पशु आहार के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और उच्च उत्पादकता वाले पशु ही दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सपना है कि प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाए और इसी दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है।
मंत्री भूरिया ने बताया कि 2 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक चल रहे इस राज्यस्तरीय अभियान के अंतर्गत उन पशुपालकों से सीधी भेंट की जा रही है जिनके पास 10 या अधिक मादा पशु हैं। उन्होंने कहा कि दुग्ध समृद्धि केवल पशुपालन नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस पहल है।
नोडल अधिकारी डॉ. मगनानी ने पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान, पशु पोषण और उपचार के विषय में तकनीकी जानकारी दी। उप संचालक पशुपालन डॉ. ए.एस. दिवाकर ने सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक की जानकारी दी, जिससे 90% तक बछिया प्राप्त होने की संभावना होती है। उन्होंने पशुपालकों को संतुलित पशु आहार अपनाने और सांची दुग्ध संघ को दूध प्रदाय करने के लिए प्रेरित किया। ग्राम कमलखेड़ा के अन्य पशुपालक भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे और उन्होंने अभियान से जुड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
विश्व की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति है आयुर्वेद : मंत्री सारंग
7 Oct, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि आयुर्वेद विश्व की सबसे प्राचीन और कारगर चिकित्सा पद्धति है, इसे अपनाकर मरीज का रोग जड़ से मिट सकता है। आयुर्वेद के माध्यम से मरीजों की निस्वार्थ सेवा बड़े पुण्य का कार्य है। मंत्री सारंग ने भोपाल के अयोध्यानगर में शरद पूर्णिमा पर आयोजित निःशुल्क श्वांस, दमा निवारण शिविर में यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी प्रदेश में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय ने कहा कि राजधानी के 5 नंबर स्टाप के समीप एक उद्यान वाटिका स्थापित की गई है, जिसमें औषधीय पौधे लगाये गये हैं। इन पौधों की पहचान और गुण-धर्म के बारे में लोगों की जानकारी के लिए क्यूआरकोड लगाये जायेंगे।
अखंड आयुर्वेद भवन महोबा के संस्थापक प. चन्द्रशेखर वैद्य ने बताया कि इस 35वें निःशुल्क शरद शिविर में अस्थमा, दमा और भोपाल गैस त्रासदी से पीड़ित मरीजों को नाडी परीक्षण के बाद आयुर्वेदिक औषधि दी जाती है। यह औषधि गाय के दूध से बनी चावल की खीर को केले के पत्ते पर रखकर दी जाती है। शिविर में 35 हजार से ज्यादा मरीजों को औषधि दी गयी। यह औषधि प्रातः 4:15 मिनिट पर ब्रम्ह मुहूर्त में सेवन करवायी जाती है। अभी तक लगभग 10 लाख लोग लाभांवित हुए हैं। उन्होंने बताया कि शिविर में उपस्थित लोगों से पाँच-पाँच उपयोगी पौधे जैसे-पीपल, आवंला, पलाश, बेलपत्र और जामुन का पौधा लगाने का आग्रह किया गया और नशे से दूर रहने का संकल्प भी दिलवाया गया है।
इस अवसर पर महंत रामदास, वैद्य नितिन तिवारी और वैद्य प्रियंका तिवारी भी उपस्थित रही, जिन्होंने महिलाओं का नाड़ी परीक्षण कर औषधि वितरण किया। शुरूआत में अतिथियों ने भगवान धन्वंतरी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
नर्मदा यात्रियों और गौ माता की सेवा करने वालों की भूमिका प्रशंसनीय
7 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां बिजयासन की छत्रछाया में सलकनपुर क्षेत्र में नर्मदा यात्रियों की सेवा और गौ माता की सेवा के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान है। राष्ट्र सेवी स्व. भगवत शरण माथुर और स्व. प्रभाकार राव केलकर की स्मृति में सेवाभावियों को सम्मानित करने का कार्य प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा सलकनपुर जिला सीहोर में शरद पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन से जुड़े पदाधिकारी गण को शरद पूर्णिमा पर हुए इस विशेष कार्यक्रम के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
समर्पण सेवा समिति, सलकनपुर ने शरद पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर स्व. प्रभाकर राव केलकर की स्मृति तथा स्व. भगवत शरण माथुर की स्मृति में गोवंश आधारित जैविक कृषि पुरस्कार और उत्कृष्ट नर्मदा सेवा पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी गई कि समिति द्वारा उत्तम स्वामी जी के निर्देशन में नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद माया नारोलिया, उत्तम स्वामी महाराज तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी, हमें यह विश्वास बनाए रखना है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
7 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी लोक सेवकों से प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास के लिए प्राण-प्रण से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनता के कल्याण के लिए शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर मिशन मोड में कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश में जवाबदेह शासन व्यवस्था स्थापित की है। लोक सेवकों का यह दायित्व है कि वे अपनी प्रतिभा, लगन, क्षमता और समर्पण के साथ जनता तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाएँ। हम सब देश और समाज के विकास का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कलेक्टर्स-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ के बाद अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मुख्य सचिव अनुराग जैन और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय कुमार शुक्ल ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे विकास और कल्याण की किरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन का अंतिम उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण की किरण पहुंचाना है। राज्य सरकार सबके साथ, सबके लिए खड़ी है। जनता में यह विश्वास पैदा करना ही सुशासन का सबसे बड़ा उद्देश्य है। प्रदेश में जनता का विश्वास हमें मिल रहा है। यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमें यह जनविश्वास हर हाल में बनाए रखना है।
योजनाओं का लाभ और अधिक शीघ्रता से मिले जनता को
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में इसी बात पर मंथन किया जाएगा कि शासन व्यवस्था को और अधिक सहज, सरल, बेहतर, पारदर्शी और विकेंद्रीकृत कैसे बनाया जाए, जिससे योजनाओं का लाभ और अधिक शीघ्रता से जनता तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में तैनात अधिकारी अपने काम और नवाचार से अपनी पहचान कायम करें। किसी भी ज्वलंत विषय पर पूरी दक्षता और तथ्यों के साथ अपनी बात रखें। स्थानीय जनता, मीडिया और जनप्रतिनिधियों से निरंतर आत्मीय संवाद बनाए रखें। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि परमात्मा ने यदि हमें समाज के लिए काम करने का दायित्व दिया है तो हमें एक विनम्र विद्यार्थी की तरह इस दायित्व का निर्वहन करना ही चाहिए। हर दिन, हर तरीके से नई चीजें सीखें और अपनी दक्षता और अनुभव से उनका बेहतर क्रियान्वयन करें, लक्ष्य यह रखें कि नवाचार का समाज को अधिकतम लाभ मिले।
गुड गवर्नेंस से ग्रेट रिजल्ट की ओर हों अग्रसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि लोकतंत्र एवं जनकल्याण में हम सबकी महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट भूमिका है। फील्ड में तैनात अधिकारियों की बड़ी जिम्मेदारी है कि जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले। उन्होंने कहा कि गुड गवर्नेंस से हम ग्रेट रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं और हम सभी को इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने परफॉर्म, रिफार्म एंड ट्रांसफॉर्म के रूप में जन सेवा का मंत्र दिया है। आप सभी इस मंत्र को आत्मसात करते "विकसित और आत्मनिर्भर भारत" के निर्माण के लिए "विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश" का निर्माण करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलेक्टर्स ऐसे जनहितैषी कार्य करें, जो आने वाले समय में जिले की जनता को याद रहें। अपने कार्यकाल का एक-एक क्षण जन-कल्याण में लगाएं और प्रदेश को नई ऊंचाईयों में ले जाएं। उन्होंने कहा कि नवाचार ऐसे हों, जो दीर्घकालिक हों। जिस विभाग से संबंधित नवाचार हो, उसकी पूरी कार्ययोजना विभाग से अनुमोदित हो, जिससे वह नवाचार स्थाई हो सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में हमारे प्रदेश ने उत्कृष्ट कार्य किया है। दाल, मसाले एवं टमाटर उत्पादन में हम देश में प्रथम स्थान पर हैं। गेहूं, मक्का और मिर्च में दूसरे स्थान पर हैं। दुग्ध उत्पादन में हमारा चौथा स्थान है। अब हम विभिन्न प्रयासों से प्रदेश को दुग्ध कैपिटल बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। दुग्ध उत्पादन में हमारा देश में योगदान 9 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत तक ले जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हम किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहे हैं, इस लक्ष्य का मार्ग सिंचाई ही है। सभी अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही सिंचाई परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर ध्यान देने के साथ सिंचित रकबा बढ़ाने की दिशा में प्रयास और नवाचार करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्य की पूर्ति करते हुए प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को उच्च गुणवत्ता रोजगारोन्मुख एवं मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करना एक महत्वपूर्ण कार्य है। हमारा लक्ष्य न केवल शत प्रतिशत साक्षरता है बल्कि शालाओं में नामांकन दर को बढ़ाना भी अति आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को गुड गवर्नेस लाभ दिलाने के लिए व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है, तो वह भी जरूर करें। जिलों में तैनात सभी अधिकारी लगातार दौरे करें, किसी गांव में रात्रि विश्राम भी करें। फील्ड दौरों में छात्रावास, स्कूल, आंगनबाड़ी, राशन दुकान, निर्माण कार्यों, हॉस्पिटल आदि का औचक निरीक्षण भी करें।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सभी फील्ड अधिकारी जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता से सतत संवाद अनिवार्य रूप से बनाए रखें। आमजन से मिलने की व्यवस्था और जनसुनवाई को और भी बेहतर बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में कई बार स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया में नकारात्मक खबरें छपती हैं, इनको वेरीफाई कर इनका तत्काल खंडन किया जाना चाहिए। आज सोशल मीडिया की पहुंच जन-जन तक है। शासन के द्वारा किए जा रहे लोक-कल्याणकारी कार्यों को सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स-कमिश्नर से आह्वान करते हुए कहा सिंहस्थ-2028 मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक, धार्मिक और सांस्कृतिक सम्पन्नता को दुनिया के सामने लाने का बहुत बड़ा अवसर है। सिंहस्थ में आने वाला हर श्रद्धालु मध्यप्रदेश के वैभव को देखे, इसके लिए हमें अभी से प्रयास करने होंगे। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में सांस्कृतिक और धार्मिक विरासतों के उद्धार एवं सौंदर्याकरण पर ध्यान दें। यह सुनिश्चित करें कि आपके क्षेत्र के स्थल दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करें। जिन जिलों में धार्मिक लोक, राम-वन-गमन पथ, कृष्ण पाथेय का निर्माण होना है, वह सिंहस्थ से पहले पूर्ण हों। दूर-दूर से आए श्रद्धालु उज्जैन के साथ प्रदेश के अन्य स्थलों का भी भ्रमण करेंगे। इस दौरान वे प्रदेश की अविस्मरणीय छवि अपने साथ लेकर जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह अवसर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के ऐतिहासिक स्त्रोत बनेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांन्फ्रेंस के ये दो दिन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह दो दिन प्रदेश की 8 करोड़ से अधिक जनता एवं प्रदेश के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि शासन ने जो लक्ष्य निर्धारित किए हैं, वह फील्ड अधिकारियों की मेहनत एवं प्रतिबद्धता से हम अवश्य प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सब मिलकर संकल्प लें कि आने वाले समय में अपने प्रदेश को सुशासन, विकास एवं आम जनता की संतुष्टि के विषय में अग्रणी राज्य बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन की नई क्रांति का जन्म हुआ है। उम्मीद है कि सभी कलेक्टर्स इसी प्रकार सकारात्मक कार्य करते रहेंगे। सभी अधिकारी प्रोफेशनल एप्रोच के साथ प्रोग्रेसिव, एनर्जेटिक और एफीशिएन्ट भी बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के क्लस्टर्स ऐसे बने जिससे प्राकृतिक खेती-किसानी और पशुपालन दोनों क्षेत्रों को प्रोत्साहन मिले।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में, विकसित मध्यप्रदेश @2047 पर कार्य हो रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि विजन संबंधी दस्तावेज शीघ्र ही लॉन्च होने वाला है। जैन ने कहा कि सम्पन्न, सुखद एवं सांस्कृतिक मध्यप्रदेश, विजन डॉक्यूमेंट का ध्येय है। उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस में विजन के कार्य बिंदु निकाले गए हैं। चर्चा को 8 समूहों में बांटा गया है। सभी को मिलकर काम करना होगा, तभी प्रदेश आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि महाकाल लोक बनने के बाद 7 करोड़ से अधिक लोग उज्जैन आए, इससे अर्थव्यवस्था में वृद्धि हुई। हमें संपूर्णता से देखना होगा। अलग- अलग सेक्टर बनाए गए हैं। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर केंद्रित, ज्ञान मिशन पर केन्द्रित विजन डॉक्यूमेंट पर क्रियान्वयन महत्वपूर्ण है।
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं को हाइलाइट किया जाएगा। ओपन हाउस का समय बढ़ाया गया है। जैन ने कहा कि हो सकता है कोई एक समस्या से जूझ रहा है और किसी और के पास उस समस्या का समाधान है, इसमें फॉलोअप की व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक माह में दो बार वर्चुअल कॉन्फ्रेंस होगी। जैन ने कहा कि जिले का बेहतर परिणाम तभी सुनिश्चित होगा जब सभी स्तर के अधिकारी-कर्मचारी मिलकर टीम के रूप में काम करेंगे। अच्छा संवाद होगा तो अच्छा हल निकलेगा। जिले में समस्याओं को हल करने के लिए, आम जनता के मध्य संवाद बनाएं रखना सुनिश्चित हो। किसी तरह की समस्या होने पर अपने नीचे के अधिकारियों से भी संवाद करना चाहिए। जैन ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर भी गंभीरतापूर्वक ध्यान दिया जाना चाहिए। जैन ने कहा कि प्रशासनिक तंत्र, जनता को संवेदनशीलता के साथ सुने आधुनिक तकनीक का उपयोग करें एवं नवाचार की दिशा में भी आगे बढ़ें। जैन ने कहा कि कम से कम दो शासकीय दिवसों का उपयोग क्षेत्रीय भ्रमण सेक्टोरल टूरिंग में करें। रात्रि विश्राम करें एवं रिचार्ज होकर क्षेत्र में क्रियान्वयन करें। अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय शुक्ल ने व्यवस्थाओं पर जानकारी दी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय कुमार शुक्ला सहित सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, कमिश्नर, कलेक्टर्स, सीईओ जिला पंचायत, सहित शासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं जिलों के अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाल्मीकि जयंती पर किया नमन
7 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आदिकवि, महाकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनका नमन किया। साथ ही सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों एवं मूल्यों को पवित्र रामायण के माध्यम से उन्होंने समूची दुनिया को मनुष्यता एवं मर्यादा की नई राह दिखाई। उनकी शिक्षाएं समर्थ समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने श्री राम और रामायण को देश के घर-घर पहुंचाकर अमर कर दिया। इस अवसर पर वाल्मीकि समाज के वरिष्ठजन भी उपस्थित थे। समाजजनों ने मुख्यमंत्री डॉ यादव का पुष्प गुच्छ, शाल श्रीफल, रामायण और महर्षि वाल्मीकि जी का चित्र भेंटकर स्वागत अभिनन्दन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी समाज-जनों से कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामभक्ति से आत्म विभोर होकर रामायण की रचना की। वही रामायण आज देश की जीवनधारा है। समाजजनों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
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