मध्य प्रदेश
जहां भी उपयुक्त जगह मिले पेड़ जरूर लगाए जाएं : राज्यपाल पटेल
7 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि ग्लोबल वार्मिंग प्रकृति के साथ छेड़-छाड़ का नतीजा है और अब जरूरी है कि जहां भी उपयुक्त जगह मिले पेड़ जरूर लगाए जाएं। विकास के साथ ही प्रकृति संरक्षण के लिए सजग और सक्रिय होना भी जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि बच्चों को बचपन से ही मानव और प्रकृति के सह अस्तित्व की सीख दें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि वन और वन्यजीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ हैं और इनका अस्तित्व हमारे वनों, नदियों और जलवायु की संतुलित स्थिति से सीधे जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि देखकर गर्व होता है कि आज हमारी युवा पीढ़ी भी वन्यजीव संरक्षण की दिशा में रुचि दिखा रही है और सक्रिय भागीदारी कर रही है। उन्होंने कहा कि संतुलित विकास समय की जरूरत है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के छोटे-छोटे प्रयासों के महत्व को 400 विद्यार्थियों वाले कच्छ के स्कूल में शिक्षक दम्पत्ति के प्रयासों के दृष्टांत से बताया। स्कूल के लिए पेड़ों की बाउन्ड्री-वॉल बच्चों के साथ मिलकर बना ली। बच्चों को भागीदार बनाकर एक साथ पौधों का रोपण किया। हर बच्चें से पौधों की नियमित देखभाल कराई। सभी बच्चें नियमित रूप से उनके घर से फल, सब्जी धोने के बाद बचे जल को अगले दिन स्कूल में लाकर पौधें को सिंचित करते थे। इस तरह मात्र चार वर्षों में स्कूल की बाउन्ड़ी वॉल बनने का बड़ा करनामा छोटे से सहयोग से हो गया। उन्होंने बताया कि गुजरात में 18 वर्षों तक वन मंत्री रहने का उनका कीर्तिमान है। प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी विगत 4 वर्षों से निरंतर समापन समारोह के आयोजन में सम्मिलित हो रहे हैं। उन्होंने वन्य जीव संरक्षण की पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर सहभागिता का संदेश देने के लिए वन सप्ताह के आयोजन की थीम “संरक्षण से सह-अस्तित्व की ओर" की सराहना की है। वन विभाग, पर्यावरणविद और स्वयं सेवी संस्थानों को ग्रामीण क्षेत्रों, विद्यालयों और विभिन्न समुदायों को जन-जन तक पर्यावरण शिक्षा को पहुँचाने के प्रयासों में सहयोग के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन सोसायटी के वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25, जैव विविधता बोर्ड के लेपल पिन बॉक्स तथा प्रथम भोपाल बर्ड फेस्टिवल पोस्टर, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम के ग्रासेस ऑफ सतपुड़ा, भोपाल बर्डस भोपाल के मध्यप्रदेश के पक्षी फील्ड गाईड प्रकाशनों का लोकार्पण किया गया। राज्यपाल ने वन विहार प्रबंधन तथा वन्य प्राणी संरक्षण में सराहनीय योगदान के लिए सुरक्षाकर्मी गणेश राम, वनरक्षक सचिन परसाई, वनरक्षक कमलेश चतुर्वेदी और श्रीमती कृति जैन को पुरस्कृत किया। पांच वर्गों में चित्रकला प्रतियोगिता के और दो वर्गों में फोटोग्राफी, सहित मेहंदी, पॉम पेंटिंग, टोडलर वॉक और फेस पेंटिंग की सात प्रतियोगिताओं के कुल 34 विजेताओं को पुरस्कृत किया।
राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि जैव विविधता वन्य जीव संरक्षण ही मानवता का संरक्षण है। उन्होंने अपील की है कि पेड़ और जीव जंतुओं को सम्मान की दृष्टि से देखने और उन्हें हानि पहुंचाने वाला कोई भी कार्य नहीं करने का संकल्प करें। प्रदेश में इस दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार तेजी के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी की सौगात से अब चीतों की संख्या भी बढ़कर 27 हो गई है। राज्य ने गांधी सागर वन्य प्राणी उद्यान में भी चीतों को छोड़ा है। प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। नए टाइगर रिजर्व, ईको पर्यटन और भटकते जीवों के लिए रेस्क्यू स्क्वाड का गठन किया गया है। विधायक भगवान दास सबनानी ने वन्य जीव के प्रति जन आकर्षण के प्रयासों में सहयोग के लिए वन्यजीव सप्ताह के प्रतिभागियों, आयोजकों और वन विभाग को बधाई दी।
राज्यपाल का कार्यक्रम के प्रारंभ में तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। प्रधान वन्यजीव संरक्षक शुभ रंजन सेन ने सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों का विवरण दिया। बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सप्ताह शुभारंभ कार्यक्रम में ई-वाहन सेवा का उद्घाटन भी किया। आभार प्रदर्शन वन विभाग राष्ट्रीय उद्यान- जू भोपाल के संचालक विजय कुमार ने किया। कार्यक्रम में प्रधान वन संरक्षक वी.एन. अम्बाड़े, प्रबंध संचालक वन विकास निगम एच.यू. खान उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेन्टर
7 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेन्टर स्थापित करने के लिये कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश और स्पेन के फीरा बार्सिलोना इंटरनेशनल के बीच एमओयू हुआ। यह केन्द्र न केवल नवाचार एवं स्मार्ट शहरी समाधानों को प्रोत्साहित करेगा बल्कि वैश्विक स्तर के आयोजनों और निवेश सम्मेलनों की मेजबानी का मंच भी बनेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इसी साल जुलाई में स्पेन प्रवास के दौरान संस्थान के पदाधिकारियों से चर्चा हुई थी और उन्होंने निवेशकों को मध्यप्रदेश आमंत्रित किया था।
इस अवसर पर स्पेन के राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल तथा फीरा बार्सिलोना इंटरनेशनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड जपाटेरो और संस्था के भारत प्रतिनिधि मुकेश अरोरा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से स्पेन के राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल ने विस्तार से चर्चा की।
यह एमओयू दोनों पक्षों के बीच सांस्कृतिक-व्यापारिक रणनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा और मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन, एक्जीबिशन और व्यापार संबंधी संवाद, निवेश सम्मेलनों के लिए विश्वस्तरीय अधोसंरचना विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस साझेदारी से वैश्विक निवेशकों ओर हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।
मध्यप्रदेश का लक्ष्य वैश्विक केन्द्र के रूप में अपनी पहचान को और अधिक सशक्त बनाना है। विशेष रूप से स्मार्ट शहरी समाधान, प्रौद्योगिकी और व्यापार संबंधी प्रदर्शनियों के आयोजन के क्षेत्र में राज्य अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय मानकों और अवसरों के अनुरूप विकास कर सकेगा।
यह एमओयू औद्योगिक और निवेश गतिविधियों के नये क्षितिजों को जोड़ने वाला साबित होगा इससे मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। मध्यप्रदेश को वैश्विक स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संवाद मंचों, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों का आयोजन करने वाले राज्य के रूप पहचान बनेगी। इस केन्द्र के माध्यम से दुनिया के शीर्ष उद्योगपति, निवेशक और कंपनियां भोपाल आयेंगी। मध्यप्रदेश वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा बनेगा और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और अवसरों का भी केन्द्र बिन्दु बनेगा।
मध्यप्रदेश बनायेगा वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ना सिर्फ उद्योग, व्यापार वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए बल्कि संपूर्ण अर्थव्यवस्था की दृष्टि से मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति बेहद लाभकारी सिद्ध हुई है। मध्य प्रदेश आने वाले वर्षों में दिल्ली क्षेत्र के विकल्प की दृष्टि से भी आवश्यक अधोसंरचना का विकास कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इंदौर और भोपाल दो मेट्रापोलिटन क्षेत्र के बाद जबलपुर और ग्वालियर के मेट्रापोलिटन क्षेत्र के विकास की तैयारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पेन के बार्सिलोना शहर में विकास की विशिष्ट प्लानिंग की गई है। वहां इस वर्ष की गई अपनी यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास के साथ विरासत के संरक्षण का संदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया है। स्पेन के बार्सिलोना जैसे शहर भी प्राचीन वैभव को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध दिखते हैं। मध्यप्रदेश में भी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बताए मॉडल और बार्सिलोना के संदेश को अपनाया जा रहा है।
स्पेन के राजदूत पुजोल ने कहा कि अच्छी लीडरशिप और संगठन तथा प्रबंधन क्षमता से भारत और स्पेन मिलकर बेहतर कार्य करेंगे।
मोहन यादव का सख्त फरमान: अफसर अब जमीन पर दिखें, क्षेत्र में बितानी होगी दो रातें
7 Oct, 2025 08:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कार्यकाल की पहली फिजिकल कॉन्फ्रेंस में सीएम ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि प्रदेश में अधिकारी जनता के बीच संवाद और काम करने की छवि बनाएं. जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हम सभी को यह विश्वास बनाकर रखना है. सीएम ने अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें, उनके सुझावों को सुनें और जरूरत के अनुसार उस पर कार्रवाई करें. सभी अधिकारियों से कहा गया है कि कम से कम 2 दिन क्षेत्र में जरूर जाएं और रात्रि विश्राम करें. राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुई कलेक्टर, कमिश्नर, एसपी, आईजी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश भर के आईएएस, आईपीएस अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं.
'आत्मीय संवाद बनाकर करें काम'
कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि "जिलों में तैनात अधिकारी अपने काम और नवाचार से अपनी पहचान स्थापित करें. किसी भी ज्वलंत मुद्दे पर अपनी पूरी क्षमता और तथ्यों के साथ अपनी बात रखें. स्थानीय जनता, जन प्रतिनिधि से शासन प्रशासन आत्मीय संवाद बनाकर रखे. यदि ईश्वर ने हमें समाज के लिए काम करने की जिम्मेदारी सौंपी है तो एक स्टूडेंट्स की तरह इस काम को बेहतर तरीके से निभाएं. हर दिन नई बातें सीखें और अपनी क्षमता और अनुभव से उसका बेहतर क्रियान्वयन करें, ताकि समाज को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके."
'ऐसा काम करें कि जनता याद रखे'
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों से कहा कि कलेक्टर्स ऐसा काम करें कि आने वाले समय में जिले की जनता भी उसे याद रखे. अपने कार्यकाल के दौरान एक-एक मिनट लोगों की जिंदगी और बेहतर बनाने में लगाएं. जिले में ऐसे नवाचार करें, जिसका असर लंबे समय तक दिखाई देता रहे. जिस विभाग से भी जुड़ा नवाचार हो, उसकी पूरी कार्ययोजना विभाग से भी अनुमोदित कराई जाए ताकि उसे स्थायी बनाया जा सके.
'जनता से मिलने की व्यवस्था और बेहतर बनाएं'
सीएम मोहन यादव ने कहा कि "आम जनता से मिलने की व्यवस्था और जन सुनवाई को और बेहतर बनाएं ताकि लोगों की समस्याएं बेहतर तरीके से हल हो सकें." सीएम ने कहा कि "कॉन्फ्रेंस में यह 2 दिन महत्वपूर्ण हैं. शासन ने जो लक्ष्य निर्धारित किए हैं, यह फील्ड अधिकारियों की मेहनत से ही प्राप्त किए जा सकते हैं. सभी अधिकारी प्रोफेशनल एप्रोच के साथ प्रोगेसिव, एनर्जेटिक और एफीशिएंट बनें."
माह में 2 बार होगी वर्चुअल कॉन्फ्रेंस
कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि "हर माह 2 बार वर्चुअल कॉन्फ्रेंस होगी. जिलों का बेहतर परिणाम तभी आएगा, जब सभी स्तर के अधिकारी कर्मचारी मिलकर काम करेंगे. संवाद अच्छा होगा तो इसके परिणाम भी निकलकर आएगा. किसी भी तरह की समस्या होने पर अपने नीचे के अधिकारियों से भी चर्चा करना चाहिए. सभी अधिकारी 2 दिन क्षेत्रीय भ्रमण सेक्टोरल टूरिंग करें. रात्रि विश्राम करें और रिचार्ज होकर क्षेत्र में योजनाओं को लागू करें."
छिंदवाड़ा के बाद पूरे प्रदेश में सख्ती, सात दिन में सामने आ रही नई मिलावटी दवाएं
7 Oct, 2025 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीली दवा से बच्चों की मौत की घटना ने सभी को सकते में डाल दिया है. घटना के बाद जागी सरकार अब लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन मध्यप्रदेश में अमानक दवाओं का मामला नया नहीं है. मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली दवाएं भी सैंपल में अमानक पाई जा चुकी हैं. पिछले करीब 4 सालों के दौरान प्रदेश में जांच के दौरान 229 दवाएं अमानक पाई जा चुकी हैं. यानी जांच के दौरान हर हफ्ते औसतन एक दवा का नमूना घटिया मिला है.
हालांकि, छिंदवाड़ा की घटना के बाद सरकार एक्शन में है. सरकार द्वारा जानलेवा कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर बैन के बाद दो और दवा के सैंपल अमानक मिले हैं.
प्रदेश में लगातार मिल रही अमानक दवाएं
मध्यप्रदेश में सरकारी हॉस्पिटलों में सप्लाई होने वाली दवाओं की सैंपलिंग की जाती है. प्रदेश के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा इन दवाओं की सैंपलिंग की जाती है. प्रदेश में पिछले करीबन चार साल के दौरान इन दवाओं के सैंपलिंग के नतीजे चौंकाने वाले हैं. प्रदेश में जांच के दौरान 229 दवाएं अमानक पाई जा चुकी हैं. साल 2025 में ही 1 अप्रेल से 30 जून 2025 के बीच इस तरह की 22 दवाओं के नमूने फेल हो चुके हैं. इसकी जानकारी राज्य सरकार ने ही हाल ही में विधानसभा सत्र में दी है.
विधानसभा में दी गई थी ये जानकारी
विधानसभा में स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने बताया था कि प्रदेश में अप्रेल 2021 से जून 2025 के दौरान लैबोरेटरीज में जांच के दौरान 229 दवाओं के नमूने अमानक पाए गए हैं. साल 2021-22 के दौरान 44 दवाओं के नमूने अमानक पाए गए थे. साल 2022-23 के दौरान 46 दवाओं के नमूने अमानक पाए गए, साल 2023-24 के दौरान 25 दवाओं के नमूने अमानक पाए गए और साल 2024-25 के दौरान 92 नमूने अमानक पाए गए. इसके बाद 60 लाइसेंस रद्द किए गए, जबकि चार मामलों में चेतावनी जारी की गई. वहीं, 19 को शो कॉज नोटिस दिया गया.
जांच में मिली थी ये कमियां
दवाओं की जांच के दौरान कई दवाओं और सिरप में फफूंद और उसमें नमी पाई गई थी. कई दवाओं में दर्शाई गई दवाओं का कॉम्बीनेशन ही पर्याप्त नहीं पाया गया. कई टेबलेट पर धब्बे और कई दवाओं में जांच में दवा की मात्रा ही कम पाई गई. जाहिर है ऐसी दवाएं या तो उल्टा बीमार करेंगी या फिर असर ही नहीं करेंगी. जांच में अमानक पाई गई दवाओं में ब्लड प्रेशर, एलर्जी, एंटीवायरल, बुखार जैसी दवाएं शामिल हैं.
दो और दवा के नमूने फेल
बच्चों की जानलेवा बनी कोल्ड्रिफ कफ सीरफ पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद राज्य सरकार ने दूसरी दवाओं की जांच शुरू की थी. इसके तहत 19 दवाओं के सैंपल लिए गए थे, इसमें से दो और कफ सिरप को अमानक पाया गया है. इन दोनों दवाओं पर अगली रिपोर्ट आने तब बिक्री पर रोक लगाई गई है. जिससे इन दवाओं की गुणवत्ता के साथ सुरक्षा को भी बनाए रखा जा सके. उधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हाउस पर उच्च स्तरीय बैठक में निर्देश दिए कि प्रदेश भर में दवाओं की जांच के लिए अभियान शुरू किया जाएगा. दवाओं पर जो भी चेतावनी और सावधानियां लिखी जानी चाहिए, वह लिखी जा रही हैं या नहीं इसकी जांच के लिए अभियान शुरू किया जाए और जहां भी गड़बड़ी मिले उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए.
छिंदवाड़ा मामले के बाद जागी सरकार
उधर छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के बाद सरकार ताबड़तोड़ कार्रवाई करने में जुटी है. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन में सालों से जमे उप संचालक शोभित कोष्टी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्य का तबादला कर दिया गया है. जबलपुर के ड्रग इंस्पेक्टर शरद जैन और छिंदवाड़ा के ड्रग इंस्पेक्टर पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अभियान चलाकर बच्चों की जान लेने वाली प्रतिबंधित दवा कोल्ड्रिप को घर-घर से रिकवर किया जाए.
छिंदवाड़ा में दवा दुकानों पर सख्ती, कई मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस रद्द
7 Oct, 2025 10:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर : छिंदवाड़ा जिले में कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद जिले भर में मेडिकल स्टोर की ताबड़तोड़ जांच राजस्व और स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही है। जिसमें सिघई मेडिकल का लाइसेंस कारण बताओ नोटिस के बाद तीन दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है. वहीं, सिंघल मेडिकल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. कलेक्टर संदीप जी आर ने निर्देश पर जिले के सभी फुटकर व थोक मेडिकल स्टोरों की जांच की जा रही है.
मेडिकल स्टोर्स को कलेक्टर के सख्त निर्देश
एसडीएम अमन मिश्रा ने बताया, '' छिंदवाड़ा जिले में हुई बच्चों की मौत के मामले में तमिलनाडु के औषधी नियंत्रक ने सूचित किया कि Coldrif Cough Syrup, B. No. SR-13, Mfg. Date May 2025, Exp. Date Apr. 2027 Mfg. By M/s Sresan Pharma, Kanchepuram, 602106. का सैंपल टेस्ट रिपोर्ट नं. 04782-D/2025-26 dated 02/10/2025 के तहत एडल्ट्रेटेड यानी मिलावटी पाया गया है.
इसमें जहरीला पदार्थ डाइईथीलीन ग्लाइकोल मिला पाया गया है. इसके उपयोग से बच्चों में गंभीर परिणाम देखे गए हैं. इसलिए दवा का क्रय-विक्रय तत्काल प्रभाव से निषेध किया जाता है.
कोल्ड्रिफ कफ सिरप खरीदने-बेचने पर पाबंदी
दवा पर बैन के साथ ही सागर जिले के औषधी विक्रेताओं और औषधी विक्रेता संघ सागर को निर्देशित किया है कि यदि इस दवा का क्रय विक्रय किया गया है, तो इसकी जानकारी तत्काल कार्यालय खाद्य व औषधी प्रशासन को आवश्यक रूप से भेजें.
दो मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई
कलेक्टर के निर्देश पर जिले भर की मेडिकल स्टोरों की जांच की जा रही है. सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी और जिला औषधि निरीक्षक सोनम जैन ने बताया, '' जांच के बाद सिंघई मेडिकल में बिना बिल दवाई बेचने और स्टॉक मेंटेन नहीं करने पर तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी किया गया और आगामी 3 दिनों के लिए लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई. इसी दूसरी मेडिकल स्टोर सिंघल मेडिकल को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया.''
ये कार्रवाई पूरे जिले में लगातार जारी रहेगी. कलेक्टर ने अपील की है कि किसी भी तरह की दवाई खरीदने से पहले डॉक्टर से सलाह लें और सलाह के हिसाब से डॉक्टर के बताए अनुसार दवाई खरीदें. दवा विक्रेताओं से भी अपील की है कि किसी भी स्थिति में बगैर डॉक्टर की पर्ची के दवाओं का बिक्री ना करें और दवाओं का रिकॉर्ड रखें.
जयपुर की तरह ग्वालियर में भी लापरवाही: जयारोग्य अस्पताल में पुरानी वायरिंग दे रही हादसों को न्योता
7 Oct, 2025 09:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: राजस्थान के जयपुर में सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में रविवार रात करीब 11 बजे आग लग गई. इस हादसे में 8 लोगों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया, लेकिन मध्य प्रदेश में भी हालात कुछ अलग नहीं है, ग्वालियर चंबल अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य अस्पताल समूह में भी इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी है. इसके बावजूद यहां मरीजों पर खतरे की तलवार लटकी रहती है.
जेएच के 3 अस्पतालों में आग की अलग-अलग घटनाएं
ग्वालियर में स्थित जयारोग्य अस्पताल समूह के तीन यूनिट कमलाराजा अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हजार बिस्तर अस्पताल हर दिन हजारों मरीजों को इलाज मुहैया कराते हैं, लेकिन ये तीनों ही अस्पताल कई बार आग की घटनाओं से जूझते रहे हैं. हर बार अस्पताल प्रबंधन अग्निशमन व्यवस्थाएं तो दुरुस्त करता है, लेकिन करोड़ों खर्च होने के बाद भी इस तरह की घटनाएं अस्पताल की लाचार व्यवस्था की पोल खोल देती है.
अस्पताल में सबसे ज्यादा शॉर्ट सर्किट से लगती है आग
पिछले कुछ वर्षों में जयारोग्य अस्पताल समूह के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों में हुई आग लगने की घटनाओं ने ना सिर्फ यहां भर्ती मरीजों की जान खतरे में डाली, बल्कि दो घटनाओं में 5 मरीजों ने अपनी जिंदगी भी गंवाई है. इन घटनाओं पर नजर डाले तो सुर्खियों में रही करीब आधा दर्जन घटनाएं शॉर्ट सर्किट
की वजह से घटित हुई हैं.
लेबर आईसीयू में फटा था एसी कंप्रेसर
वर्तमान की बात करें तो इस साल जेएच समूह में दो घटनाएं घटी हैं. पहली घटना 15 मार्च 2025 को सामने आई, जब कमला राजा अस्पताल के लेबर यूनिट में स्थित आईसीयू में लगाई एयर कंडीशन का कंप्रेसर फट गया था. इससे आग तेजी से फैली और आईसीयू में काफी नुकसान हुआ. जिस वक्त ये घटना घटी उस दौरान लेबर आईसीयू में 16 मरीज भर्ती थी. इसके अलावा अलग-अलग वार्डों से भी करीब 180 मरीजों को रेस्क्यू किया गया. गनीमत रही कि घटना के दौरान कोई जान हानि नहीं हुई.
कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू
कमला राजा अस्पताल ने इस घटना के बाद भी सबक नहीं लिया गया. यहां बीते 26 अप्रैल 2025 को एक बार फिर आग लगी. इस बार अस्पताल के दूसरे तल पर लगे एमसीबी बॉक्स में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई. हालांकि घटना के दौरान मौके पर सिर्फ दो मरीज थे. अस्पताल स्टाफ ने सतर्कता दिखाते हुए 5 फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पा लिया.
आईसीयू में एसी ब्लास्ट
साल 2024 में दो घटनाएं घटी थी. 3 सितंबर 2024 को जयारोग्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर में लगे एक एयर कंडीशन में धमाका हुआ था, जिसकी वजह से आग लग गई थी. जिसके बाद आनन-फानन में अटेंडेंस और स्टाफ ने मिलकर आईसीयू में भर्ती 15 मरीजों को बाहर निकाल कर उसकी जान बचाई थी. इस दौरान तीन मरीजों की मौत की खबर आई थी. ये हादसा भी शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ था. इस घटना में 3 बेड भी जले थे, लेकिन बाद में जेएच प्रबंधन मरीजों की मौत शिफ्टिंग की वजह से नहीं बल्कि अन्य कारणों से होना बताया था.
पीआईसीयू में नवजातों के बीच घटी थी घटना
8 दिसंबर 2024 को कमलाराजा अस्पताल के पीआईसीयू में भी शॉर्ट सर्किट की घटना हुई थी, जिससे नवजातों की जान खतरे में पड़ गई थी. पीआईसीयू (बाल गहन चिकित्सा इकाई) में जिस वक्त आग लगी थी, उस दौरान वाहन में 16 बच्चे भर्ती थे. हालांकि अग्निशमन यंत्र की मदद से आग को बुझा दिया गया था, अगर ये चिंगारी पास से गुजरी ऑक्सीजन लाइन तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था.
कोरोना काल में भी हुआ था हादसा
कोरोना के दौरान भी ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल समूह के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के कोरोना आईसीयू में आग लगने की घटना सामने आई थी. अस्पताल के चौथे फ्लोर पर बनाए गए कोरोना आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से सीलिंग में आग लग गई थी. उस दौरान कोरोना आईसीयू में 9 मरीज इलाजरत थे. आग लगते ही मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया, लेकिन इसमें दो मरीज गंभीर रूप से झुलस गए थे. बाद में इलाज के दौरान प्रदीप नाम के मरीज की मौत हो गई थी.
आज क्या है अग्नि नियंत्रण के इंतजाम?
जेएच अस्पताल समूह के फायर ऑफिसर इंजीनियर प्रशांत धाकड़ ने बताया कि "जेएच अस्पताल समूह की सभी यूनिट्स में अग्नि नियंत्रण प्रणाली के लिए पर्याप्त व्यवस्था है. फायर हॉड्रेंट्स के साथ ही जगह-जगह कैपेसिटी के अनुसार फायर एक्सटिंग्विशर भी रखे हुए हैं, जिनकी सतत मॉनिटरिंग होती है. जिससे कहीं से भी अस्पताल में आग लगने जैसी घटना पर तुरंत काबू पाया जा सके."
'अस्पतालों में फायर एक्सटिंग्विशर की पर्याप्त व्यवस्था'
जयारोग्य अस्पताल समूह के फायर ऑफिसर प्रशांत धाकड़ बताते हैं कि "सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अग्निशमन के लिए पर्याप्त व्यवस्था हमने की है. अस्पताल में 80 से ज्यादा फायर एक्सटिंग्विशर तय स्थानों पर लगे हुए हैं. साथ ही 20 फायर एक्सटिंग्विशर सिलेंडर रिजर्व रखे जाते हैं. जिससे जरूरत पड़ने पर उन्हें रिप्लेस किया जा सके या उपयोग किया जा सके. ठीक इसी तरह, हजार बिस्तर अस्पताल में भी आग बुझाने वाले 350 सिलेंडर तय स्थानों पर उपलब्ध हैं. साथ ही 500 सिलेंडर रिजर्व में मौजूद हैं. इस मामले में कोई भी लापरवाही की गुंजाइश नहीं है."
बहरहाल इन हादसों में एक बात कॉमन थी कि कमलाराजा अस्पताल में आग लगने की सबसे ज्यादा घटनाएं सामने आई, अस्पताल की यह बिल्डिंग पहले से ही काफी जर्जर हालत में हैं. ऊपर से यहां इलेक्ट्रिक वायरिंग भी बरसों पुरानी हो चुकी है. जिस वजह से आए दिन यहां शॉर्ट सर्किट की घटनाएं सामने आती रहती हैं. लेकिन इतनी गंभीर घटनाओं के बावजूद प्रबंधन ने इस पर संज्ञान नहीं लिया. हालांकि इसके पीछे अस्पताल में मशीनों की वजह लाइट का बढ़ा लोड बताया गया और इसके लिए बिजली विभाग से लोड भी चेक कराया गया.
मोहन यादव का छिंदवाड़ा दौरा: कई अधिकारियों को किया सस्पेंड, पीड़ितों को दिया भरोसा
7 Oct, 2025 08:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा: जहरीले कफ सिरप ने छिंदवाड़ा में बच्चों के लिए काल बनकर आया. एक के बाद एक 14 बच्चों ने कफ सिरप पीने से किडनी खराब हुई उसके बाद उनकी मौत हो गई. जब यह मामला हाईप्रोफाइल हुआ, तो प्रशासन ने एक्शन लेना शुरू किया. विपक्ष लगातार प्रदेश सरकार पर हमलावर है. वहीं इस घटनाक्रम के 14 दिन बाद यानि 15वें दिन प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव छिंदवाड़ा पहुंचे. जहां सीएम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.
एक्शन में सीएम, कई हुए सस्पेंड
सीएम मोहन यादव ने कहा कि "कफ सिरप के कारण जिन बच्चों की इस घटना में दुखद मृत्यु हुई है, आज मैं खुद छिंदवाड़ा के न्यूटन में आया हूं. जैसे ही जानकारी आई है तुरंत ही प्रशासन के माध्यम से हमने कार्रवाई की है. आज ही हमने ड्रग कंट्रोलर को हटाने के लिए बताया है. डिप्टी ड्रग कंट्रोलर को सस्पेंड किया है और ड्रग इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई की है. दुख की इस घड़ी में हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं. हमने तमिलनाडु सरकार से भी कहा है कि कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें.
उन्होंने सारे प्रोडक्ट बंद कर दिए हैं. तमिलनाडु की जिस फैक्ट्री में सिरप बनी थी, बताया गया है कि अमानक तरीके से वहां पर काम हो रहा है. हमने वहां की सरकार को बताया है. तमिलनाडु की सरकार ने सारे प्रोडक्ट को बैन किया है. हमने निर्देश जारी किया है कि प्रदेश भर में रेंडम जांच हो, भले ही किसी कंपनी की दवा किसी राज्य से आए. हमारे अधिकारी भी उसकी चिंता करें. इसके प्रॉपर निर्देश जारी किए हैं. मैं दुख किस घड़ी में परिवार के साथ हूं, यह संवेदनशील मुद्दा है. इस मुद्दे पर हम सब पीड़ितों के साथ हैं. हम हमारी कोशिश है कि और भी जो पीड़ित बच्चे हैं, उनका अच्छे से अच्छे इलाज हो सके. इसका प्रबंधन सरकार करेगी."
कांग्रेस के पास कुछ भी नहीं, भोपाल गैस ट्रेजेडी भूल गए पटवारी
जीतू पटवारी के आरोप पर सीएम ने कहा कि उनके पास आरोप लगाने के अलावा कुछ भी नहीं है. कांग्रेस के शासनकाल को भूल गए. भोपाल गैस त्रासदी जिसमें हजारों लोगों की मौत हुई. आरोपी को भगाने का काम कांग्रेस ने किया था. इस बात को कांग्रेस ने कभी भी संवेदनशीलता नहीं दिखाया. यहां उनके हथकंडे नहीं चलेंगे. मैंने सारे कार्यक्रम कैंसिल किए हैं. मेरा मानना है कि कांग्रेस अध्यक्ष को ऐसे हल्केपन नहीं दिखाना चाहिए.मुख्यमंत्री ने कहा कि "मैं अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर छिंदवाड़ा आया हूं. कमलनाथ परिवार ने यहां कई सालों राज किया है और जनता ने उन्हें जिताया है. ऐसे समय में कमलनाथ को भी छिंदवाड़ा की चिंता करनी चाहिए. नाथ परिवार को भी इस बात की चिंता करनी चाहिए वर्षों से वह यहां रहे हैं.
कफ सिरप कांड में इन्हें किया सस्पेंड
ड्र्ग इंस्पेक्टर छिंदवाड़ा गौरव शर्मा, ड्र्ग इंस्पेक्टर जबलपुर शरद कुमार जैन, डिप्टी डायरेक्टर खाद्य एवं औषधि शोभित कोष्टा और ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्या सस्पेंड.
मंत्री सारंग ने की सहकारिता विभाग की समीक्षा
6 Oct, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के समापन को दृष्टिगत रखते हुए सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आयोजित की। बैठक में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अंतर्गत की गई गतिविधियों और नवाचारों की समीक्षा की गई और समापन कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए।
मंत्री सारंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर प्रदेश में सहकारी समितियों की गतिविधियों और नवाचारों को जनता के सामने प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समापन समारोह में सहकारी समितियों की भूमिका, उनके द्वारा किए गए नवाचार और समाज को लाभ पहुँचाने वाले उपायों को उजागर किया जाना आवश्यक है, ताकि जनता में सहकारिता के महत्व और प्रभाव का व्यापक संचार हो।
मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में पैक्स के पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, शादी हॉल, और मैरिज गार्डन सहित विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में सक्रिय होने की संभावना है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने और सामूहिक सुदृढ़ता में वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने बहुउद्देश्यीय पैक्स (एम-पैक्स) के विस्तार हेतु संभागवार समीक्षा करने और हर संभाग की विशेषताओं के अनुसार समिति गठन की संभावनाओं का आकलन करने का निर्देश दिया।
मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि न केवल संभाग में प्रचलित गतिविधियों पर ध्यान दिया जाए, बल्कि अन्य संभावित व्यावसायिक अवसरों की भी पहचान की जाए। इसके लिए आवश्यक समर्थन और संसाधन विभाग द्वारा प्रदान किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त बैठक में मंत्री सारंग ने CPPP (Co-operative Public Private Partnership) के अंतर्गत हुई प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि सीपीपीपी की सफलता सुनिश्चित करने हेतु कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
छिंदवाड़ा प्रकरण में सभी दोषियों के विरुद्ध की जाएगी कठोर कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
6 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छिंदवाड़ा प्रकरण में सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार सजग और संवेदनशील है, मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस क्रम में औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा गौरव शर्मा, औषधि निरीक्षक जबलपुर शरद कुमार जैन, उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन शोभित कोस्टा को निलंबित और ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्य को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा प्रकरण के संबंध में सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर उच्च स्तरीय बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अभियान चलाकर घर-घर से रिकवर करें प्रतिबिंधत दवा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोल्ड्रिफ सिरप के विक्रय पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही दुकानों में विद्यमान स्टॉक जप्त किया जाए। छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में जिन परिवारों ने यह दवा ली है, उनके घरों से दवा रिकवर करने के लिए सघन अभियान चलाया जाए। आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं के साथ ही सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों का सहयोग लिया जाए। कोल्ड्रिफ सिरप दवा के अलावा पिछले दिनों क्षेत्र में बिकने वाली अन्य दवाओं की प्रभावशीलता का भी आकलन कराया जाए। दवाओं पर जो चेतावनी और सावधानियां लिखी जानी चाहिए, वह लिखी जा रही हैं या नहीं इसकी जांच के लिए अभियान आरंभ किया जाए। इन नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाए। चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कॉम्बिनेशन ड्रग नहीं देने की व्यवस्था है, जो डॉक्टर इस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं, उन पर भी कार्यवाही की जाए।
चिकित्सकों के संगठन और केमिस्ट एसोसिएशन का लिया जाए सहयोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैडियाट्रिक्स सहित चिकित्सकों के विभिन्न संगठनों और केमिस्ट एसोसिएशन के सहयोग से आवश्यक सावधानियां अपनाने और जागरूकता फैलाने के लिए कदम उठाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोल्ड्रिफ सिरप की निर्माता कंपनी पर कार्यवाही के लिए तमिलनाडु राज्य सरकार को घटनाक्रम से अवगत कराने के निर्देश भी दिए।
छिंदवाड़ा जिले में सर्वे के माध्यम से चिन्हित किया गया प्रभावित मरीजों को
बैठक में बताया गया कि छिंदवाड़ा से गंभीर प्रकरणों की जानकारी प्राप्त होते ही राज्य स्तर से चिकित्सकों का दल छिंदवाड़ा भेजा गया। नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल और सेंट्रल ड्रग्स स्टेण्डर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन का भी जांच में सहयोग लिया गया। आठ मरीजों की जाँच के लिए उनके नमूने पुणे स्थित प्रयोगशाला भेजे गए। साथ ही छिंदवाड़ा से विभिन्न दवाओं के सैम्पल लेकर उनकी जांच कराई गई। छिंदवाड़ा और परासिया के निजी चिकित्सकों, अस्पतालों और केमिस्ट के साथ बैठक कर स्थिति का आंकलन किया गया और उन्हें आवश्यक सावधानियां बरतने के संबंध में सलाह दी गई। छिंदवाड़ा जिले में प्रभावित मरीजों को चिन्हित करने के लिए सर्वे आरंभ किया गया। क्षेत्र से प्राप्त हो रहे इस प्रकार के प्रकरणों को आवश्यकता होने पर आगे के इलाज के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय नागपुर के लिए रैफर किया गया। जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर दवा पर प्रतिबंध लगाया गया तथा अस्पतालों और केमिस्टों के निरीक्षण की प्रक्रिया भी आरंभ की गई।
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया तथा हिमाचल व तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर्स को दी सूचना
बैठक में जानकारी दी गई कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया और हिमाचल प्रदेश व तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर्स को भी इस आशय की सूचना दी गई। तमिलनाडु ड्रग कंट्रोलर से कोल्ड्रिफ सिरप की जांच रिपोर्ट में नमूने अमान्य पाये जाने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए सिरप के विक्रय को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित किया गया। साथ ही अधिकांश मरीजों को कोल्ड्रिफ दवा लिखने तथा अपने परिवार के सदस्य के माध्यम से कोल्ड्रिफ दवा की बिक्री कराने वाले डॉक्टर के निलंबन और दवा निर्माता के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजेंद्र शुक्ल, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव सहित अधिकारी उपस्थित थे।
फ्रूट फारेस्ट्री योजना से महिलाओं को मिलेगा स्व-रोजगार : राज्यपाल पटेल
6 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सागर जिले में प्रारंभ की गई फ्रूट फॉरेस्ट योजना एक अभिनव योजना है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ होगा। आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 लाख पौधों के रोपण से महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा। उनके जीवन में बदलाव आयेगा और वे सशक्त होंगी। राज्यपाल पटेल सोमवार को सागर जिले के रहली विकासखंड के ग्राम पंचायत कड़ता में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। जनजातीय वीरों के संग्रहालय का अवलोकन किया और आम का पौधा भी रोपा।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए प्रारंभ की गई पीएम जनमन योजना और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना अभूतपूर्व योजनाएं हैं। केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए जनमन योजना में लगभग 24 हजार करोड़ रुपए और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना में लगभग 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इन योजनाओं का प्रभावी और परिणाम मूलक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। यह जनजातीय वर्ग के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने वाली योजना है।
सिकल सेल बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर और आनुवांशिक बीमारी है। इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर उपाय जागरूकता ही है। सबको सिकल सेल एनीमिया के कारण, लक्षण और बचाव के बारे में आमजन को लगातार जागरूक करना होगा। सिकल सेल रोगियों को सही समय और सही उपचार लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से ही सिकल सेल उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय मिशन लाँच किया है। हम सभी संकल्प लें कि वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाएंगें। राज्यपाल पटेल ने टी.बी. रोग के ईलाज और समुचित उपाय की चर्चा कर जन सामान्य को जागरूक किया।
जनजातीय महानायकों के बलिदान का सदैव स्मरण रखें
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आज हम गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती की कर्मभूमि में हैं। जिन्होंने अपने अदम्य शौर्य, साहस और बलिदान से मातृ भूमि की रक्षा की। गोंडवाना साम्राज्य के ही राजा शंकरशाह, राजा रघुनाथ शाह जैसे वीरों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि हमें जनजातीय समाज के महानायकों के बलिदान का सदैव स्मरण रखना चाहिए और उनके देश प्रेम समर्पण से प्रेरणा लेना चाहिए।
जनसंवाद कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना रहली विधानसभा क्षेत्र के कड़ता ग्राम से ही शुरू हुई थी। उन्होंने प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जनता के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी। जनजातीय कल्याण के सरकारी कार्यक्रमों का जिक्र भी किया।
पीएम आवास हितग्राही राजेश के निवास पर किया भोजन
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कड़ता के ही जनजाति समुदाय के राजेश गौंड़ के घर पहुंचकर भोजन किया। उन्होंने पीएम आवास हितग्राही राजेश और उनके परिजनों से आत्मीय चर्चा करते हुए अन्य शासकीय योजनाओं के लाभ संबंधी जानकारी भी ली।
उड़ान योजना का किया शुभारंभ
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम में कलेक्टर संदीप जी आर के मार्गदर्शन में तैयार की गई ‘उड़ान योजना’ का शुभारंभ किया। राज्यपाल पटेल को कलेक्टर ने बताया कि उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर विशेष मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। राज्यपाल पटेल ने योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना से अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी अवश्य ही लाभान्वित होंगे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्हें ग्राम की सरपंच वंदना यादव द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के अंतर्गत तैयार की गई ग्राम एक्शन प्लान पुस्तिका की प्रति भेंट की गई। राज्यपाल पटेल को कलेक्टर द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के संबंध में सागर विकासखंड के 73 ग्रामों की ग्राम एक्शन प्लान की जानकारी दी गई। राज्यपाल पटेल ने जन संवाद कार्यक्रम में केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किए। उन्होंने आयुष्मान निरामय भारत योजना आदि विभिन्न योजनाओं के हितलाभ सहित टी.बी. मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए।
इस अवसर पर विधायक ब्रजबिहारी पटैरिया, विधायक वीरेन्द्र लोधी, जिला अध्यक्ष रानी कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।
जनजाति समुदाय का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : राज्यपाल पटेल
6 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजाति समुदाय का कल्याण केंद्र एवं राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय के उत्थान को ध्यान में रखकर अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राज्यपाल पटेल सोमवार को अशोकनगर जिले के चंदेरी विकासखंड के ग्राम खानपुर में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष एवं आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदि साथी एवं आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी “सबका साथ- सबका विकास-सबका विश्वास” की परिकल्पना के साथ हर वर्ग के हित में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने हम सबको 2047 तक विकसित भारत निर्माण का संकल्प दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय समुदाय के जीवन में बदलाव लाने का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। यह जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि धरती आबा योजना जनजाति परिवारों को आवास, पेजयल, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है जिससे जनजाति समुदाय के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं।
इस दीवाली स्वदेशी अपनाने का संकल्प ले
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी अभियान संचालित है। उन्होंने ग्रामवासियों से आव्हान किया कि इस दीपावली पर वोकल फॉर लोकल का संदेश अपनाएं। स्थानीय उत्पादों को खरीदेने का संकल्प लें। स्वदेशी अभियान को सफल बनाने में हर वर्ग सहभागी बने। राज्यपाल पटेल ने अशोकनगर जिले की विश्व प्रसिद्ध चंदेरी साड़ी की चर्चा करते हुए स्थानीय बुनकरों के उत्पाद खरीदने की अपील की।
राज्यपाल पटेल ने केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने आजीविका मिशन से जुड़ी बहनों के आर्थिक स्वावलंबन की चर्चा की। सरकार की अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं से आमजन को मिल रहे फायदों को बताया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे।
हितग्राहियों को किया हितलाभ का वितरण
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया। उन्होंने सिकल सेल कार्ड, आयुष्मान कार्ड का वितरण किया। टी.बी. रोगियों को पोषण टोकरी वितरित की। हथकरघा उद्योग के लिए तकनीकी विकास योजना अंतर्गत वित्तीय सहायता का चेक प्रदान किया।
प्राथमिक शाला, आरोग्य केंद्र, आगनबाड़ी और आदि सेवा केन्द्र का निरीक्षण
राज्यपाल पटेल द्वारा प्राथमिक विद्यालय खानपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूली बच्चों से संवाद कर मध्यान्ह भोजन सहित अन्य जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपहार स्वरूप पेन, कापी भेंट की। राज्यपाल ने आरोग्य केंद्र खानपुर का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य जाँच में शामिल लोगों से चर्चा की। उन्होंने सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग एवं उपचार के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल पटेल ने आंगनबाड़ी केंद्र खानपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने गर्भवती माताओं एवं कुपोषित बच्चों को पोषण आहार का वितरण किया। हितग्राहियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने आदि सेवा केंद्र खानपुर का भी निरीक्षण कर केंद्र के संचालन संबंधी जानकारी ली।
राज्यपाल पटेल का ग्राम खानपुर के जनजातीय समुदाय द्वारा माला, मुकुट तथा तीर- धनुष भेंट कर स्वागत किया गया। जनजातीय कलाकारों द्वारा पारम्परिक नृत्य सैरा की प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल पटेल ने ग्राम खानपुर में पीएम जनमन आवास से लाभान्वित हितग्राही धनिया बाई को गृह प्रवेश कराया। धनिया बाई के परिजन से आत्मीय चर्चा कर बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, विधायक बृजेन्द्र सिंह यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह यादव सहित बडी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति ने एनएसएस के स्वयंसेवक आयुषी सिन्हा एवं सौमित दुबे को किया पुरस्कृत
6 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की स्वयंसेवक सुआयुषी सिन्हा एवं बरकतुल्ला विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र सौमित दुबे को “राष्ट्रीय सेवा योजना का सर्वोच्च पुरस्कार” प्रदान किया। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना भारत की अस्मिता एवं सामर्थ्य को प्रभावी रूप से विश्वमंच पर परिलक्षित करने का आन्दोलन है। राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य संवेदनशील एवं समाजसेवा भावी श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करना है। छात्रा आयुषी एवं छात्र सौमित की यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है बल्कि यह सभी स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा दोनों विद्यार्थियों को सत्र 2022-23 में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए 6 अक्टूबर को “राष्ट्रीय सेवा योजना का सर्वोच्च पुरस्कार” प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परासिया में प्रभावित परिवारों के घर जाकर की मुलाकात
6 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा जिले के परासिया में कफ सिरप के सेवन से हुई मासूम बच्चों की असामयिक मृत्यु की घटना पर अत्यंत संवेदनशील कदम उठाते हुए पूर्व में तय अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर सोमवार को छिंदवाड़ा के परासिया पहुंचे और मृत बच्चों के परिजनों से उनके घर जाकर मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजन से भेंटकर गहन दु:ख व्यक्त कर उन्हें ढांढस बंधाया और भरी आंखों से अपनी आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी ने शोक संतप्त परिजन को एक भावनात्मक संबल दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परासिया क्षेत्र की नगर परिषद न्यूटन पहुंचकर मासूम को खोने वाले खान परिवार और ग्राम बेलगांव के डेहरिया परिवार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री बाद में परासिया मुख्यालय पहुंचे और वहां खान परिवार, ग्राम दीघावानी के यदुवंशी परिवार और उमरेठ के सोनी परिवार से मुलाकात की। संवेदनशील मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम बड़कुही पहुंचकर यहां के ठाकरे परिवार, ग्राम सेठिया के पिपरे परिवार और ग्राम इकलेहरा के उईके परिवार से मुलाकात कर उनके दुःख में शामिल हुए और शोक संतप्त परिजन के आंसू पोछते हुए कहा कि यह सिर्फ आपकी नहीं, मेरी और हम सबकी पीड़ा है। आपके बच्चों का दुख मेरा भी है। वेदना की इस घड़ी में मैं, और पूरी सरकार आपके साथ है। उन्होंने कहर कि सभी दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है।
न्यूटन में खान परिवार की पीड़ित माता आफरीन, जिन्होंने अपना 5 वर्ष का बेटा खोया है, मुख्यमंत्री को अपने समक्ष देखकर रो पड़ी। उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चे को तो नहीं बचा पाए, लेकिन अभी जो बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं, यदि वे बच जाएंगे, तो हमारे दिल को बड़ी दिलासा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना अत्यंत ही दुखद और हृदयविदारक है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सबको न्याय मिलेगा। घटना के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या संस्था इस हादसे के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें कठोरतम दंड दिलाया जाएगा। आज ही दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीड़ित परिजन से कहा कि राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में उनके साथ है। कोई भी परिजन खुद को असहाय या अकेला महसूस न करे। सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जनता के सुख-दुख में राज्य सरकार हमेशा सहभागी है। घटना से पीड़ित परिजन को सभी प्रकार की शासकीय मदद तत्परता से मुहैया कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवारों को सांत्वना देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी दुघर्टनाओं की पुनरावृत्ति कतई नहीं होने पाये।
उच्चस्तरीय जांच जारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घटना की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है और हम दोषियों को बख्शेंगे नहीं। साथ ही भर्ती बच्चों का इलाज ठीक तरीके से हो, इसके लिए प्रशासनिक टीम भी तैनात कर दी गई है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में हुई घटना में कार्रवाई करते हुए हमने तमिलनाडु की संबंधित फैक्ट्री की दवाइयों पर प्रतिबंध लगाया है। कड़ी कार्यवाही करते हुए तीन अधिकारियों उप औषधि नियंत्रक एवं नियंत्रण प्राधिकारी औषधि प्रशासन भोपाल शोभित कोष्टा, औषधि निरीक्षक जबलपुर शरद जैन और औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा गौरव शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। फूड एंड ड्रग कंट्रोलर को भी स्थानांतरित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से कहा कि इस मामले में सरकार ने सख्त कार्यवाही की है। संबंधित डॉक्टर पर कार्यवाही के अलावा जिस मेडिकल स्टोर से यह दवा बेची गई थी, उस मेडिकल स्टोर और दवा स्टॉकिस्ट दोनों पर कठोर कार्यवाही की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बेहद संवेदनशील है और हमारा पूरा प्रयास हैकि प्रदेश में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो। परिजनों से भेंट के दौरान छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू, अमरवाड़ा विधायक कमलेश प्रताप शाह सहित शेषराव यादव भी मौजूद थे।
सिंघार का दावा– स्मार्ट मीटर कंपनी के अधिकारी पाक प्रतिनिधियों के साथ नजर आए
6 Oct, 2025 06:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर गंभीर सुरक्षा संबंधी आरोप लगाए हैं। सिंघार ने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी अल्फानार के कुछ अधिकारियों की तस्वीरें पाकिस्तान के सरकारी प्रतिनिधियों के साथ मौजूद है। मध्यप्रदेश विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर गंभीर सुरक्षा संबंधी आरोप लगाए हैं। सोमवार को उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन तस्वीरों और दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जिनके जरिए उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कुछ कंपनियों के कर्ताधर्ता पाकिस्तान से जुड़े व्यक्तियों के साथ जुड़े दिखाई देते हैं। सिंघार ने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी अल्फानार के कुछ अधिकारियों की तस्वीरें पाकिस्तान के सरकारी प्रतिनिधियों के साथ मौजूद है और इस कनेक्शन के कारण देश के नागरिकों के डेटा बैंक व अन्य निजी जानकारियां खतरे में पड़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ने का भी जोखिम बनता है।
प्रदेश सरकार व केन्द्र को सतर्क रहने की आवश्यकता
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि उन्होंने प्रस्तुत किए गए प्रमाणों में अल्फानार कंपनी के संपर्क अधिकारियों के पाकिस्तानी होने का उल्लेख किया है और कहा कि इन लोगों का विदेश से कनेक्शन चिंताजनक है। सिंघार ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने कथित तौर पर कंपनी का पंजीकरण नहीं किया है, फिर भी कुछ क्षेत्रों में उसे ठेका कैसे मिला, यह सवाल उठाया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य और केंद्र पर यह भी आरोप लगाया कि अनुचित ठेका प्रथाओं और संभावित हित-संबंध (जैसे किसी बड़े समूह द्वारा हिस्सेदारी खरीदना) से सार्वजनिक हित प्रभावित हो सकता है। सिंघार ने कहा कि कुछ अन्य राज्यों में इस कंपनी के संबंध में सावधानी बरतने की चेतावनियां आईं हैं और इसी को लेकर प्रदेश सरकार व केन्द्र को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
त्वरित कार्रवाई अपेक्षित
नेता प्रतिपक्ष ने अपने आरोपों को ऊर्जा वितरण, उपभोक्ता गोपनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर पेश किया और सरकार से जवाबदेही की मांग की। सिंघार ने मीडिया से कहा कि वे जो सबूत दिखा रहे हैं वे जनता और नियमों के समक्ष स्पष्ट करने योग्य हैं और इस पर त्वरित कार्रवाई अपेक्षित है।
MP में ‘जानलेवा’ कफ सिरप का कहर जारी, छिंदवाड़ा के बाद बैतूल में 2 बच्चों ने गंवाई जान
6 Oct, 2025 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैतूल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ‘जानलेवा’ कफ सिरप (Cough syrup) पीने से बच्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है. छिंदवाड़ा के बाद अब बैतूल जिले में भी 2 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है. दोनों बच्चों की किडनी फेल होने से मौत हुई. जानकारी के मुताबिक, दोनों बच्चों का इलाज डॉ. प्रवीन सोनी ने किया था. दोनों बच्चों को कोल्ड्रिफ (Coldrif) कफ सिरप दी गई थी. बता दें कि बैतूल के पड़ोसी जिले छिंदवाड़ा में खतरनाक कफ सिरप पीने से कुल 14 बच्चों की मौत हो चुकी है.
छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. एडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक 14 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है. उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों में मुआवजा स्वीकृत कर दिया गया है और राशि परिजनों के खातों में पहुंच चुकी है. इसके अलावा छिंदवाड़ा के 8 बच्चे नागपुर अस्पताल में भर्ती हैं. उनकी स्थिति पर नज़र रखने के लिए प्रशासन स्तर पर एक टीम गठित की गई है, जिसमें डॉक्टर और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट शामिल हैं.
एडीएम सिंह ने बताया कि ड्रग कंट्रोलर की टीम भी बनाई गई है, जो प्रतिबंधित कोल्ड्रिफ कफ सिरप की तलाश में छापेमारी और जब्ती कर रही है. साथ ही इस मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) भी गठित की गई है, जो तमिलनाडु जा रही है, ताकि दवा की सप्लाई चेन और निर्माण प्रक्रिया की जांच की जा सके. प्रशासन ने कहा कि जांच पूरी होने तक सिरप से जुड़ी हर खेप पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी.
वहीं, जबलपुर में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जबलपुर स्थित कातारिया फार्मास्युटिकल्स के डिस्ट्रीब्यूटर के गोदाम को सील कर दिया है. नायब तहसीलदार आदर्श जैन ने बताया कि जांच में पाया गया कि खांसी की यह सिरप यहीं से सप्लाई की गई थी. ये कंपनी के अधिकृत वितरक है. कलेक्टर और एसडीएम के निर्देश पर जिस गोदाम में सिरप का स्टॉक रखा गया था, उसे सील कर दिया गया है.
वहीं ड्रग इंस्पेक्टर प्रवीन पटेल ने कहा कि कोल्ड्रिफ सिरप का पूरा स्टॉक तत्काल प्रभाव से फ्रीज़ कर दिया गया था और सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे. रिपोर्ट में सिरप को सबस्टैंडर्ड (मानक से नीचे) पाया गया है, इसके बाद कार्रवाई और तेज़ की गई और दवा की जब्ती की गई है. अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस ब्रांड की सिरप की ट्रेसिंग और सैंपलिंग की जा रही है.
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