मध्य प्रदेश
भोपाल-विदिशा रोड पर 50 मीटर धंस गई सड़क, 20 फीट गहरा हुआ गड्ढा
13 Oct, 2025 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भोपाल में एक बार फिर सड़क धंसने का बड़ा मामला सामने आया है। भोपाल-विदिशा रोड पर रेलवे ट्रैक के ऊपर बने पुल का हिस्सा अचानक धंस गया। हादसे में करीब 50 मीटर तक सड़क बैठ गई, जिससे लगभग 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया। घटना रेलवे ट्रैक से पास हुई, जिसने राजधानी में सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां कोई वाहन या व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना भारी नुकसान हो सकता था। बताया जा रहा है कि सड़क का निर्माण कार्य साल 2013 में हुआ था।
दिलीप बिल्डकॉन पर इनकम टैक्स की कार्रवाई, IT टीम कर रही वित्तीय लेन-देन की जांच
13 Oct, 2025 03:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दिलीप बिल्डकॉन पर इनकम टैक्स की टीम ने कार्रवाई की है. कार्रवाई में IT विभाग ने कंपनी के वित्तीय लेन-देन की जांच की है। जानकारी के अनुसार चूना भट्टी स्थित दिलीप बिल्डकॉन के ऑफिस में IT की टीम की जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि दिलीप बिल्डकॉन के मालिक दिलीप सूर्यवंशी पर भी कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि दिलीप सूर्यवंशी देश के बड़े कारोबारियों की लिस्ट में शामिल हैं और उनके कई राजनीतिक नेताओं से अच्छे रिश्ते बताए जाते हैं। बिल्डकॉन पर इनकम टैक्स की इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
भोपाल-इंदौर समेत 5 ठिकानों पर कार्रवाई
प्रदेश में दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के प्रमुख ठिकानों पर इनकम टैक्स की टीमों ने छापेमारी की है। इन ठिकानों में भोपाल, इंदौर, पीथमपुर समेत कुल पांच स्थान शामिल है। इन सभी ठिकानों में भोपाल के कोलार का प्रमुख यूनिट, इंदौर और पीथमपुर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र को टारगेट किया है। सुत्रों के माने तो इनकम टैक्स की ये कारवाई दिलीप बिल्डकॉन पर टैक्स चोरी, अवैध लेन-देन और ब्लैक मनी से संबंधित आरोपों के चलते की जा रही है। फिलहाल IT विभाग ने दिलीप बिलडकॉन के सभी ठिकानों से जरुरी दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए है और आगे की कार्रवाई जारी है।
‘अपना त्योहार- अपनों से व्यवहार…’, दिवाली से पहले विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने लगाए पोस्टर, एमपी में गरमाई सियासत
13 Oct, 2025 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर। दीवाली का त्योहार नजदीक है ऐसे में लोग खरीदारी के लिए निकल चुके है। लेकिन खरीदारी को लेकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रत्नागिरी में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर में लिखा है कि ‘अपना त्योहार – अपनों से व्यवहार’ इस स्लोगन के साथ पोस्टर को लगाया गया है। अब इन पोस्टर को लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है।
क्या यह लोग मोहन भागवत के खिलाफ है – पीसी शर्मा
पोस्टर पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि क्या यह लोग मोहन भागवत के खिलाफ हैं। वह कहते हैं सब अपने हैं. बाबा आदम के जमाने से सब अपने हैं। यह भारतीय संस्कृति है,उन्होंने कहा कि इस संस्कृति पर चोट करोगे तो ज्यादा दिन नहीं चलेगी। सांप्रदायिक सद्भाव के कई उदाहरण हैं, शर्मा ने कहा कि कोविड के समय हिंदू – मुस्लिम – सिख – ईसाई आपस में भाई-भाई थे। उन्होंने कहा कि आजादी के समय यह नारा दिया था, क्या इसके खिलाफ हैं यह लोग उन्होंने आगे कहा कि देश के सभी त्यौहार सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के लिए होते हैं।
जो देश को अपना समझते हैं उनसे सामान खरीदो – रामेश्वर शर्मा
इस मामले पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जो भारत माता को अपना मानते हैं, जो इस देश को अपना समझते हैं, उनसे सामान भी खरीदो और व्यवहार भी रखो। क्योंकि जो हमारे देश के लिए रहेगा, हम उससे सामान खरीदेंगे। उन्होंने कहा कि वैसे भी ध्यान रखना चाहिए, व्यापारी को ग्राहक को देवता की तरह पूजना चाहिए। ऐसा व्यापार और व्यवहार तो कोई भी एक्सेप्ट नहीं करेगा कि सब्जी और मिठाई पर थूक दो। जब थूकोगे तो तुम पर भी थूका जाएगा और क्यों कोई सामान खरीदेगा, सामान उसी से खरीदा जाएगा जिसका सामान स्वच्छ और सुरक्षित होगा।
वातावरण हुआ राममय — हिंदी लेखिका संघ मध्य प्रदेश द्वारा रामायण प्रसंग पर काव्य गोष्ठी एवं पुस्तक लोकार्पण
13 Oct, 2025 01:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल, — हिंदी लेखिका संघ मध्य प्रदेश के तत्वावधान में एनआईटीटीटीआर, योग भवन, श्यामला हिल्स में “रामायण प्रसंग पर काव्य गोष्ठी एवं पुस्तक लोकार्पण” का आयोजन किया गया। पूरा वातावरण राममय और भावपूर्ण श्रद्धा से ओतप्रोत रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कथा व्यास एवं ज्योतिषाचार्य डॉ. नीलिम्प त्रिपाठी थे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में सरोजिनी नायडू शासकीय महाविद्यालय की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कीर्ति शर्मा और साहित्यकार श्री संदीप त्रिवेदी उपस्थित रहे। हिंदी लेखिका संघ की प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. साधना गंगराड़े ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अतिथियों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर लेखिका वंदना त्रिपाठी की काव्य-पुस्तक ‘भावों की सरिता’ का लोकार्पण किया गया। पुस्तक पर समीक्षात्मक वक्तव्य डॉ. वर्षा चौबे ने प्रस्तुत किया। अपने उद्बोधन में डॉ. नीलिम्प त्रिपाठी ने कहा कि “रामायण केवल कथा नहीं, अपितु सम्पूर्ण जगत का जीवन-सार है।” उन्होंने रामायण के विविध प्रसंगों पर रोचक जानकारियाँ साझा कीं। डॉ. कीर्ति शर्मा ने कहा कि “लोकभाषा और लोकगीतों में रामायण भारतीय संस्कृति का केंद्रबिंदु है।” कार्यक्रम में डॉ. रंजना शर्मा, मनोरमा श्रीवास्तव, नीलिमा रंजन, निमिषा गुप्ता, सीमा अग्रवाल, रेखा भटनागर, विनीत राहुरीकर, करुणा श्रीवास्तव, रेनू श्रीवास्तव, कल्पना विजयवर्गीय और प्रतिभा द्विवेदी ने रामायण प्रसंगों पर आधारित काव्य-पाठ प्रस्तुत किया, जिन्हें उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने सराहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. साधना शुक्ला ने किया तथा आभार प्रदर्शन शेफालिका श्रीवास्तव द्वारा किया गया। सरस्वती वंदना का मनमोहक प्रस्तुतिकरण नीता खरे ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकार, कवि एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
MP के पूर्व विधायक का निधन, AIIMS में ली अंतिम सांस, 3 बार चुने गए थे MLA
13 Oct, 2025 11:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सतना। मध्यप्रदेश के पूर्व विधायक एवं सर्वहारा वर्ग के नेता शंकरलाल तिवारी (Shankarlal Tiwari) नहीं रहे। उन्होंने दिल्ली एम्स (Delhi AIIMS) में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से समर्थकों सहित क्षेत्र में शोक की लहर है। स्व. शंकरलाल तिवारी बेबाक शैली के लिए जाने जाते थे। वे अपने पीछे पत्नी सुषमा तिवारी, तीन बेटे राजनारायण, आशीष, पुनीत, बेटी विजयश्री सहित भरापूरा परिवार छोड़ गए।
उनका जन्म 8 अप्रैल 1953 को चकदही गांव में हुआ था। सतना के सुभाष चौक पर पुस्तैनी मकान में परिवार के साथ रहते थे। एक हैं। दिल्ली एम्स में उनका इलाज चल रहा था। एक सप्ताह से वे बोल नहीं पा रहे थे। लिहाजा कागज में लिखकर संवाद कर रहे थे। कल ही उन्होंने इसी संवाद शैली में पर्ची में खुद को सतना ले चलने की बात कही थी। शंकर लाल बचपन से ही संघ से जुड़ गए थे। 1975 तक स्थानीय स्तर पर युवा व बेबाक नेता की छवि बना चुके थे।
आपातकाल में जेल गए। इस तरह मीसाबंदी के रूप में 18 माह तक जेल में रहे। इन्हें रीवा, टीकमगढ़ और सतना की जेल में रखा गया था। जब बाहर आए तो संघ और भाजपा की राजनीति में सक्रियता बढ़ा दी। इसके बाद जिलास्तर पर पार्टी में विभिन्न पदों पर दायित्व निभाते रहे हैं। 2003 से लगातार विधायक शंकर लाल ने पहला चुनाव 1998 में निर्दलीय लड़ा था। 2003, 2008 और 2013 में भाजपा से चुनावी मैदान में रहे। और तीन बार लगातार सतना से विधायक चुने गए।
कफ सिरप प्रकरण के बाद बड़ा कदम: राज्य में बढ़ेगी दवाओं की जांच क्षमता
13 Oct, 2025 10:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में जहरीली कफ सिरप से 25 मासूम बच्चों की मौत के बाद अब प्रदेश में दवाओं की जांच की क्षमता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. राज्य सरकार अब दवा जांच व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. एमपी में दवाओं के नमूनों की जांच की क्षमता को 3 गुना से ज्यादा बढ़ाया जाएगा.
इसके लिए राज्य सरकार केन्द्र सरकार को 200 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत प्रदेश की राजधानी भोपाल, इंदौर और जबलपुर की दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं के अलावा ग्वालियर की निर्माणाधीन प्रयोगशाला को उन्नत किया जाएगा.
3 गुना दवाओं की हो सकेगी जांच
छिंदवाड़ा मामले के बाद सामने आया है कि प्रदेश में दवाओं के करीबन 5 हजार 500 से ज्यादा नमूने जांच के लिए पेंडिंग हैं. एमपी में अभी करीबन हर साल 6 हजार नमूनों की जांच की ही क्षमता मौजूद है. इसे बढ़ाकर हर साल 20 हजार करने की योजना तैयार की जा रही है. उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने अपने निवास पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन व्यवस्था की समीक्षा बैठक की. इसमें तय किया गया कि प्रदेश में ड्रग की जांच, गुणवत्ता नियंत्रण, लैब और मैनपावर को मजबूत किया जाएगा.
जिससे नमूनों की जल्द से जल्द जांच पूरी हो सके. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि औषधी निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ड्रग मॉनिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन योजना के मसौदे को जल्द अंतिम रूप दिया जाए. इसमें सभी प्रयोगशालाओं में माइक्रोबायोलॉजी व स्टरलिटी लैब स्थापित की जाएगी.
नए उपकरण लगाए जाएंगे
प्रदेश की प्रयोगशालाओं में अत्याधुनिक उपकरण जैसे एचपीएलसी, जीएलसी, जीसीएमएसएम, एलसीएमएस, आईआर, यूव, डिसॉलूशन टेस्टर और डिर्जिटीग्रेशन टेस्टर लगाए जाएंगे. सभी प्रयोगशालाओं को एनएबीएल मान्यता की कार्रवाई भी की जाएगी. प्रदेश भर में डेटा एंट्री ऑपरेटर, सैंपलिंग असिस्टेंट, एनालिस्ट, केमिस्ट, लैब असिस्टेंट जैसे नए पद सृजित किए जाएंगे. इसके अलावा स्टॉफ की ट्रेनिंग भी कराई जाएगी, ताकि उनकी दक्षता में बढ़ोत्तरी की जा सके.
रजिस्टर्ड फार्मा ही बेच सकेंगे दवाएं
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शेड्यूल दवाओं की बिक्री सिर्फ रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की मौजूदगी में ही की जा सकेगी. बिना फार्मासिस्ट की दवा बिक्री करते पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. दवा विक्रेताओं को बिक्री रजिस्टर्ड में डॉक्टर का नाम, पर्चे की तारीख, रोगी का विवरण जैसा विवरण रखना होगा.
बीमार बच्चे के पिता ने मंत्री से कहा – साहब, अस्पताल में डॉक्टर भेज दो
13 Oct, 2025 09:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा: ''साहब गांव में अस्पताल की चमचमाती बिल्डिंग भी बनकर तैयार है. जांच करने के लिए मशीन भी है, लेकिन जरूरत पड़ जाए तो डॉक्टर तैनात नहीं है.'' जहरीले कफ सिरप पीने से अपने बेटे को खो चुके रिधोरा के कपिल पवार ने उनके दुख में शामिल होने पहुंचे मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल से ये बातें कही. स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल रविवार को जहरीले कफ सिरप पीने से जान गवां चुके बच्चों के परिजनों से मिलने परासिया पहुंचे थे. यहां उन्होंने बच्चों के परिजनों से कहा कि मध्य प्रदेश सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ है. किसी भी आरोपी को बक्शा नहीं जाएगा.
किसी भी आरोपी को बक्शा नहीं जाएगा
पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फिर स्वास्थ्य व उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और रविवार को स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल जहरीले कफ सिरप पीकर अपनी जान गंवा चुके मासूम बच्चों के परिजनों के पास संवेदनाओं का मरहम लगाने पहुंचे. उन्होंने कहा कि "मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ इस घटना के दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए तैयार है. दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा. उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी. संकट की घड़ी में प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है.''
जिला अस्पताल का किया दौरा, जताई नाराजगी
स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने छिंदवाड़ा के मेडिकल कॉलेज से संचालित होने वाले जिला अस्पताल का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अस्पताल स्टाफ भर्ती मरीज और उनके परिजनों से मुलाकात ही और अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली. यहां पहुंचने पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री को सफाई नहीं दिखाई दी, जिस पर उन्होंने सिविल सर्जन को फटकार लगाई और कहा कि सरकार ने बिल्डिंग बहुत अच्छी बना कर दे दी है, लेकिन इसे साफ और स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की है. बेहतर इलाज के साथ-साथ साफ सफाई का भी विशेष ध्यान जरूरी है.
डॉक्टरों को तैनात करने की लगाई गुहार
जहरीले कफ सिरप से 22 महीने के पोते को खो चुके दादा ने मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल से कहा कि "हमारे साथ जो होना था वह तो हो गया, लेकिन सरकार और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आज भी ग्रामीण भुगत रहे हैं." पीड़ित ने कहा कि "वह आर्थिक रूप से सक्षम थे, तो उन्होंने करीब 15 लाख रुपए खर्च कर दिया, लेकिन उनका पोता नहीं बच पाया."
डॉक्टर के इंतजार में अस्पताल
पीड़ित पिता कपिल पवार का कहना है कि" रिधोरा गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था के हालत ये है कि अस्पताल की बिल्डिंग बनकर तैयार है. मरीजों की जांच के लिए मशीनें भी आ गई हैं. बस खत्म नहीं हो रहा तो डॉक्टर साहब के आने का इंतजार. अस्पताल में डॉक्टर तो बड़ी बात है अब तक एक भी स्वास्थ्य कर्मी की पोस्टिंग नहीं है. ऐसे में लोगों को मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है. ऐसे ही कई गांव हैं, जहां पर अस्पताल की बिल्डिंग बनकर तैयार है लेकिन स्टाफ नहीं है. अगर प्राथमिक तौर पर ही सही इलाज हो जाएगा तो इस तरह की आपदा नहीं आएगी."
किसानों के लिए खुशखबरी! शिवराज सिंह ने बताया नया बासमती बीज, बढ़ेगा उत्पादन कई गुना
13 Oct, 2025 08:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदिशा: केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान रविवार को विदिशा के ग्राम बामनखेडा पहुंचे. यहां आयोजित 'धान कृषकों से आयोजित संवाद कार्यक्रम' को सम्बोधित करते हुए कहा कि, ''खेती का पैटर्न बदलकर कैसे लाभ में परिवर्तित करें इसके लिए अच्छे खाद, बीज के साथ-साथ उन्नत तकनीकी जरूरी है.'' उन्होंने किसानों से आव्हान किया कि, ''मिट्टी परीक्षण जरूर कराएं ताकि अनावश्यक खाद से खेती जमीन को बचाया जा सके.''
बासमती धान की नई किस्म पीबी 1885 व 1886 लगाई
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि, ''आईआईआर (भारतीय कृषि अनुसंधान) दिल्ली से पहली बार बासमती धान की किस्म पीबी 1885 व 1886 प्रायोगिक तौर पर खेतों में लगाई है. पहले मैं स्वंय प्रयोग करूंगा इसके बाद किसानों को अभिप्रेरित करूंगा. इस किस्म में दवा डालने की जरूरत नहीं पड़ती है. भारतीय कृषि अनुसंधान के द्वारा प्रमाणित बासमती के इस बीज का उत्पादन अन्य बीजों की तुलना में अधिक उत्पादन देता है और पानी भी कम लगता है. एकीकृत कृषि यूनिट का मकसद है कि हम खेती के साथ-साथ अन्य उत्पाद जैसे फल सब्जी और गौपालन से खेती को मुनाफे में परिवर्तित करें."
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, ''किसानों के छोटे-छोटे ग्रुपों में इस प्रकार के आयोजन कर उन्हें सुगमता से जानकारी देना और प्रश्नोत्तरी संवाद के माध्यम से उनकी कृषि संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान करना है.'' कार्यक्रम में हरियाणा पानीपत के कृषक प्रीतम सिंह ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किए गए नवाचारों को रेखांकित किया. उन्होंने कृषि की भाषा सीखने के लिए उदाहरण प्रस्तुत किए.''
शिवराज सिंह ने लिया खेतों का जायजा
बामनखेडा के प्रगतिशील कृषक बृजेश दुबे ने बासमती धान की नई किस्म पीबी 1885 एवं 1886 अपने खेतो में लगाई है. शिवराज सिंह ने उन खेतों में पहुंचकर धान का जायजा लिया. कृषक प्रीतम सिंह ने धान वैरायटी के अंतरों पर भी गहन प्रकाश डाला. निरीक्षण भ्रमण के दौरान विदिशा विधायक मुकेश टण्डन, नटेरन जनपद पंचायत के सदस्य अंशुल शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. ग्राम वामनखेडा में धान फसल पर आयोजित संगोष्ठि कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र में नवाचारों के माध्यम से कम लागत पर अधिक उत्पादन कैसे लें इसको लेकर संबोधित किया. वहीं किसानों की जिज्ञासाओं का भी समाधान मौके पर किया गया.
'अपना घर आश्रम' कार्यक्रम में शामिल हुए शिवराज सिंह
रविवार को केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा के प्रवास पर रहे. इस दौरान विविध कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए. विट्ठल नगर में स्थित अपना घर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में तथा नवीन व्यापार आध्या इंटरप्राइजेस के उद्घाटन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए है. विदिशा जिला मुख्यालय पर आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में शामिल होकर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया.
विट्ठल नगर में स्थित अपना घर आश्रम को स्थापित हुए 2 वर्ष पूरे हो गए हैं. इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सम्मिलित हुए. उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि, ''विदिशा शहर और जिला समाज सेवियों से भरा पड़ा है. विभिन्न सामाजिक संगठन लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता है. अपना घर आश्रम भी उसी में से एक है. मैंने आज के कार्यक्रम के दौरान प्रबुद्ध जन समाज सेवियों के साथ भी चर्चा करने का विचार किया था जो समय अभाव के कारण अभी रद्द किया गया है, आगामी दिनों में इसे किया जाएगा.''
लोगों को बर्बाद कर रहा नशा
नशे को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने मंच से कहा कि, ''नशे से पीढ़ियां बर्बाद हो रही हैं. गंजबासौदा जैसे शहर में सफेद पाउडर का चलन मन को बेचैन कर देता है. यह काम सरकारी नहीं है और यह काम सरकार कर भी नहीं सकती. इसलिए समाज को ही करना पड़ेगा. इसलिए विदिशा में प्रबुद्ध जनों समाजसेवियों की कमी नहीं है, हम विदिशा को आदर्श बना सकते हैं.''
किसानों की खुशहाली ही हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
12 Oct, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए लागू की गई भावांतर योजना के लिए इंदौर जिले के देपालपुर और उज्जैन के किसानों ने रविवार को भव्य ट्रैक्टर रैली निकालकर राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार माना। ट्रैक्टर रैली में हजारों की संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों के किसान इंदौर के सुपर कॉरिडोर में एकत्रित हुए, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों के हित में लिये गये निर्णय के लिये आभार व्यक्त किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्योपुर जिले से किसान रैली में वर्चुअली शामिल हुए और किसानों के स्नेहपूर्ण आभार प्रदर्शन के प्रति कृतज्ञता जाहिर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की खुशहाली ही हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भावांतर योजना के माध्यम से हमने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनकी फसल का पूरा मूल्य मिले। बाजार में यदि दाम घटते भी हैं तो सरकार किसानों की आय में कोई कमी नहीं आने देगी। किसानों के चेहरे पर लौटती मुस्कान हमारे प्रयासों की सफलता का प्रमाण है।
भावांतर योजना किसानों की आर्थिक सुरक्षा का है कवच
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज इंदौर में चारों तरफ ट्रैक्टर नजर आ रहे है। अन्नदाताओं ने भव्य रैली निकालकर माता अहिल्या की नगरी को धन्य कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिये निरंतर कार्य कर रही है। सिंचाई, बीज, खाद, भंडारण और विपणन की व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जा रहा है, जिससे कृषि एक लाभकारी व्यवसाय बन सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावांतर योजना केवल एक भुगतान व्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा का कवच है।
किसानों को उनकी मेहनत और हक का दिलाया जायेगा पूरा पैसा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सोयाबीन के एमएसपी दर में 500 रूपये की वृद्धि कर 5328 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। किसानों की सुविधा के लिये पूरे प्रदेश में लगभग 1700 पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। इसमें अब तक 5 लाख से अधिक किसानों ने अपनी फसल का पंजीयन कराया है। अकेले इंदौर जिले में ही अब तक 35 हजार से अधिक किसानों ने सोयाबीन फसल के लिये अपना पंजीयन कराया है। पंजीयन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर रखी गई है। किसानों को फसल बेचने के 15 दिवस के भीतर राशि वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी किसानों को उनकी मेहनत और हक का पूरा पैसा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि प्रदेश के किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं और खुश हैं। किसानों के चेहरे पर मुस्कान देखना ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
किसान भावांतर योजना में अपनी सोयाबीन फसल के लिये करायें पंजीयन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पंजीयन से लेकर फसल बेचने तक किसानों के लिए हर संभव सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि मंडियों में उपस्थित रहकर किसानों के लिये सभी व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक सोयाबीन फसल के लिये अपना पंजीयन करायें। उन्होंने जैविक खेती के लिए भी पंजीयन कराने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता अटूट है और यह योजना उनकी मेहनत का पूरा मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
इंदौर में आयोजित ट्रेक्टर रैली कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायकगण मनोज पटेल, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, सुउषा ठाकुर, अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा सहित जनप्रतिनिधि एवं हजारों की संख्या में कृषक मौजूद रहे। देपालपुर में स्थानीय विधायक मनोज पटेल के नेतृत्व में ट्रेक्टर रैली प्रारंभ हुई और इंदौर पहुंची।
भावांतर योजना पर किसानों ने जताया हर्ष
ट्रेक्टर रैली में शामिल किसानों ने बताया कि भावांतर योजना से उन्हें फसलों के घटते बाजार मूल्य से बड़ी राहत मिली है। योजना के माध्यम से उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त होगा और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। भावांतर योजना से अब वे फसलों को औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर नहीं हैं। मंडी में बिक्री के बाद सरकार द्वारा दी जाने वाली भावांतर राशि उनकी आर्थिक स्थिति को मज़बूती प्रदान करेगी।
हातोद के किसान महेश चौधरी, भारत ठाकुर और धर्मेन्द्र भदौरिया ने कहा कि भावांतर योजना ने हमें बाजार की अनिश्चितता से राहत दी है। पहले उपज का दाम गिरने पर बहुत नुकसान होता था, लेकिन अब सरकार के इस कदम से हमें न्यूनतम लाभकारी मूल्य मिल रहा है। इससे खेती में भरोसा बढ़ा है।” हम इस योजना के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शुक्रगुजार है।
देपालपुर के ग्राम बरोदापंथ के किसान संदीप पटेल और रतन पटेल ने कहा कि “पहले हमें अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब भावांतर की वजह से हमें उचित भाव मिलना सुनिश्चित हुआ है, इससे हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हम मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हैं।
ग्राम लिम्बोदापार के किसान हरिराम चौहान और दिनेश शर्मा ने कहा कि “भावांतर योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। सरकार ने सही समय पर मदद की है। इस योजना से खेती फिर से लाभ का सौदा बन रही है।” उन्होंने बताया कि उन्होंने 70 बीघा पर सोयाबीन की बोवनी की है और भावांतर योजना में अपना पंजीयन भी करा लिया है।
ग्राम खरेली के किसान भुवान सिंह भाटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने किसानों की सुध ली और इस योजना का लागू किया, इसके लिये मुख्यमंत्री जी का आभार। मुख्यमंत्री जी का यह निर्णय किसान हित में ऐतिहासिक है। भावांतर भुगतान से हमें न सिर्फ आर्थिक सहारा मिला है, बल्कि खेती के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह भी आया है।
मध्यप्रदेश सांस्कृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम : प्रमुख सचिव शुक्ला
12 Oct, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा एफआईसीसीआई वेडिंग टूरिज्म कमेटी के सहयोग से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में “एम.आई.सी.ई. एवं वेडिंग टूरिज्म” विषय पर राउंडटेबल चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन एफआईसीसीआई वेडिंग टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन चेतन वोहरा ने किया।
पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के हृदय में स्थित है और देश के सभी प्रमुख महानगरों से सड़क, रेल एवं हवाई मार्ग से सुगमता से जुड़ा हुआ है। यहाँ अत्याधुनिक सम्मेलन केंद्रों, लक्ज़री होटलों, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम है, जो इसे वेडिंग एवं एमआईसीई इवेंट्स के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन से जुड़े सभी हितधारकों के साथ मिलकर राज्य को ग्लोबल लेवल पर एक सस्टेनेबल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए तत्पर है। प्रमुख सचिव शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार प्राप्त सभी सुझावों पर विचार करेगी और आवश्यकतानुसार सहयोग करेगी जिससे यह क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सके।
उपसंचालक (इवेंट्स एवं मार्केटिंग), मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम विवेक जुड ने प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में खजुराहो, मांडू, ओरछा, महेश्वर, भोपाल, पचमढ़ी और पेंच जैसे स्थानों को अंतर्राष्ट्रीय मानक के एमआईसीई और डेस्टिनेशन वेडिंग स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है।कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वेडिंग एवं एमआईसीई विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
वेडिंग कनेक्शन्स एवं एएचए, जयपुर अमित हूडा ने राजस्थान के सफल अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी राज्य में इस सेक्टर के विकास के लिए मजबूत कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। सुएकता सैगल लुल्ला (ईएसएल इवेंट्स) ने सुझाव दिया कि राज्य में और अधिक ऐसे स्थलों को विकसित किया जाए जो विशिष्ट पहचान रखते हों, जिससे मध्यप्रदेश डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन सके। सुईशा अग्रवाल (वेडिंग चैप्टर्स) ने कहा कि इस क्षेत्र में आतिथ्य सेवाओं और स्वागत-संवेदना की बड़ी भूमिका होती है, अतः होटल व्यवसायियों के साथ परामर्श कर विवाह सीजन में दरों का समुचित निर्धारण करने की दिशा में पहल की जानी चाहिए।
विक्रमजीत शर्मा (ले फ्लोरेंस वेडिंग) ने कहा कि एक “वन स्टॉप अप्रूवल सिस्टम” विकसित करना आवश्यक है जिससे बड़े आयोजनों के लिए त्वरित अनुमति मिल सके और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजकों का विश्वास बढ़े। सुश्रुति सिंह (वेडिंग एवं ट्रैवल जर्नलिस्ट) ने कहा कि राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विशेषताओं के साथ इन्हें आधुनिक प्रचार माध्यमों पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने की भी आवश्यकता है।
राजीव मल्होत्रा (सीईओ, लोटस एग्ज़िबिशन्स) ने राज्य में ट्रेड फेयर और प्रदर्शनियों की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय क्षमताओं के अनुरूप आयोजन सुविधाओं को प्रोत्साहन दिया जाए, जिससे व्यापार और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में वृद्धि हो सके। सूरज धवन (डायरेक्टर, फाल्कन एग्ज़िबिशन्स) ने बताया कि भारत विश्व के सबसे तेजी से विकसित होते एग्ज़िबिशन मार्केट्स में से एक है, जो लगभग 40 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रहा है, अतः यह मध्यप्रदेश के लिए सही समय और सही अवसर है कि वह इस उभरते क्षेत्र का लाभ उठाए। इस अवसर पर ताज, मैरियट सहित प्रदेश के विभिन्न प्रमुख होटलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उन्होंने राज्य सरकार के साथ मिलकर वेडिंग एवं एमआईसीई टूरिज्म के क्षेत्र में सहयोग की इच्छा जताई और साझा रणनीति विकसित करने पर सहमति दी।
दो बूंद जिंदगी की, दो बूंद स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण की : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
12 Oct, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पोलियो की दो बूंदें न सिर्फ किसी बच्चे को जीवनभर के लिए सुरक्षित करती हैं, बल्कि यह एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण की नींव भी हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा पोलियो रोधी खुराक पीने से वंचित न रह जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी बीमारी एक बच्चे को आजीवन पराश्रित बना सकती है, इसलिए इसका पूर्णतः उन्मूलन हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 18 जिलों में चलाए जा रहे इस तीन दिवसीय अभियान में 64 हजार से अधिक वैक्सीनेटर्स 24 हजार से अधिक पल्स पोलियो बूथों के माध्यम से दवा पिलायेंगे। साथ ही अनिवार्य रूप से घर-घर जाकर भी बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी, जिससे हर बच्चा पोलियो से सुरक्षित होकर ताउम्र स्वस्थ रह सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 18 चयनित जिलों में लक्षित आयु वर्ग के 39 लाख 19 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार की सुबह मुख्यमंत्री निवास में तीन दिवसीय (12 से 14 अक्टूबर) पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 छोटे बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो-दो बूंदें पिलाकर टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी हर बार अपने छोटे बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाते रहे, तभी पोलियो के विरुद्ध हमारी जीत आगे भी जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्वस्थ और सशक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनसहभागिता को इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि हर घर से सहयोग मिलेगा, तो हमारा प्रदेश निश्चित ही 'पूर्णत: पोलियो मुक्त मध्यप्रदेश’ बनेगा।
कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. सौरभ पुरोहित सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
इन 18 जिलों में पिलाई जाएगी पोलियो की दवा
रविवार को प्रारंभ हुए अभियान में इन 18 जिलों में पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। 12 से 14 अक्टूबर तक प्रदेश के अनूपपुर, बैतूल, भिंड, भोपाल, छिंदवाड़ा, दतिया, देवास, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, खण्डवा, खरगौन, मंडला, मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर एवं नीमच जिले में पल्स पोलियो अभियान के तहत छोटे बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी।
बहनों के कल्याण और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
12 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बहनों के कल्याण और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भाईदूज और दीपावली का अवसर बहनों के लिए योजना की राशि में वृद्धि की सौगत के रूप में आएगा। आगे से बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह राशि प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं में हित लाभ भी वितरित किए। साथ ही श्योपुर जिले के पर्यटन पर केन्द्रित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्योपुर में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत एक करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में लाड़ली बना योजना की 29वीं किस्त की 1541 करोड़ की राशि का अंतरण कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राज्यीय परियोजना पार्वती-काली-सिंध चंबल नदी जोड़ो परियोजना का लाभ श्योपुर अंचल के किसान भाइयों को प्राप्त होगा। निकट भविष्य में यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ देगा। मध्यप्रदेश सरकार अन्नदाताओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। गेहूँ पर 2600 रुपए प्रति क्विंटल और बोनस राशि की व्यवस्था की गई, वहीं भावांतर जैसी योजनाएं किसानों के आर्थिक हित संवर्धन के लिए लागू की गई हैं। श्योपुर जिले के मेला ग्राउंड पर हुए भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 532 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
श्योपुर के लिए बड़ी सौगात है मेडिकल कॉलेज और ब्रॉड गेज रेल लाइन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किसान, युवा और गरीब तबके के लोगों का कल्याण प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इन वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। श्योपुर अंचल को मेडिकल कॉलेज के रूप में बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1956 में मध्यप्रदेश का गठन हुआ था। वर्ष 2002 और 03 तक प्रदेश में मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। वर्तमान में प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या 32 है। यह प्रदेश सरकार की विशिष्ट कार्यशैली का परिणाम है। बीते एक वर्ष में 8 मेडिकल कॉलेज स्थापित हुए हैं। अब श्योपुर में स्थानीय युवक चिकित्सा शिक्षा पढ़ेंगे और एक नई दुनिया का प्रारंभ करेंगे। शीघ्र ही नर्सिग और पैरामेडिकल कॉलेज भी बनाए जाएंगे। श्योपुर अंचल में रोजगार बढ़ाने वाले सभी कार्य किये जायेंगे। ब्रॉड गेज रेल लाइन की सौगात से भी इस क्षेत्र के विकास के द्वार खुलेंगे।
कूनो में चीतों की मौजूदगी से पर्यटन को मिला बढ़ावा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अफ्रीका से चीते लाकर श्योपुर के कूनो अभयारण्य में बसाने की पहल की। यहां 60-70 साल पहले चीते लुप्त हो गए थे। चीतों को बसाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। चीतों की पुनर्स्थापना का कार्य श्योपुर में पर्यटन के माध्यम से रोजगार से स्थानीय निवासियों के जीवन में आर्थिक समृद्धि लाने का आधार बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश भर में पर्यटन के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने का अभियान सफल हो रहा है। हाल ही में भोपाल में सम्पन्न ट्रैवल मार्ट के माध्यम से भी महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
पावर्ती-काली सिंध चंबल अंतर्राज्यीय परियोजना बनेगी वरदान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पार्वती- काली सिंध चंबल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना से श्योपुर और निकटवर्ती जिलों सहित प्रदेश का बड़ा क्षेत्र लाभान्वित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्नदाताओं से आग्रह किया कि वे अपनी जमीन किसी भी स्थिति में न बेचें। आने वाले समय में यह भूमि कई गुना कीमत की हो जाएगी। अब किसानों की समृद्धि का नया समय आ रहा है।
लघु और मध्यम उद्योगों का प्रारंभ होना भी एक महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में भी कार्य हो रहा है। श्योपुर क्षेत्र में दाल मिल, चावल मिल के प्रारंभ करने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्योपुर नगर के सौंदर्यीकरण और ट्रांसपोर्ट नगर बनाने से संबंधित अनेक कार्यों के लिए स्वीकृति दी। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से आग्रह किया कि विकास के प्रयासों में भी कदम से कदम मिलाकर चलें।
मुख्यमंत्री ने श्योपुर को दी सौंगातें
श्योपुर में ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण, ढोढर में सांदीपनि विद्यालय का निर्माण, सलापुरा से मातासूला तक रोड का निर्माण कराया जायेगा, ढोढर के हायर सेकेण्डरी विद्यालय में गणित और विज्ञान की कक्षाएं शुरू करवाई जायेंगी और सीप एवं कदवाल नदी के घाटो का सौन्दर्यीकरण किया जायेगा, जिसमें गुप्तेश्वर, सोनेश्वर, पंडित घाट और जाति घाट आदि शामिल हैं।
श्योपुर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभूतपूर्व स्वागत
श्योपुर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभूतपूर्व स्वागत हुआ। समाज के सभी वर्गों के लोग मुख्य मार्गों पर विद्यमान थे। उन्होंने पुष्पगुच्छ, पुष्प मालाओं और पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और श्यौपुर के विकास के लिए उठाए गए कदमों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्योपुर में मेडिकल कॉलेज के साथ ही जितने भी कार्य प्रारंभ हुए हैं उसका श्रेय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की जागरूकता को भी है। मध्य प्रदेश सरकार श्योपुर के विकास में कभी पीछे नहीं हटेगी।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की जनता के उत्थान में सक्रिय हैं। उन्होंने आज 532 करोड़ रुपए की लागत से सड़कों, सामुदायिक भवनों, स्कूलों और कॉलेजों से संबंधित लोकार्पण और शिलान्यास किए हैं। निश्चित ही श्योपुर के विकास के लिए डॉ. यादव आगे भी ऐसे ही कदम उठाएंगे। कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा और जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद शिव मंगल सिंह तोमर, अध्यक्ष सहरिया विकास प्राधिकरण सीताराम, उपाध्यक्ष सहरिया विकास प्राधिकरण तुरसनपाल बरैया, जिला पंचायत अध्यक्ष गु्डडी बाई, पूर्व मंत्री रामनिवास रावत, पूर्व विधायक दुर्गा लाल विजय एवं ब्रजराज सिंह चौहान, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं लाड़ली बहने मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से काष्ठ मूर्ति कलाकार विश्वकर्मा ने की सौजन्य भेंट
12 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद भवन में रीवा जिले के बैकुंठपुर निवासी बुद्धसेन विश्वकर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को विश्वकर्मा ने स्व-निर्मित काष्ठ कलाकृति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वकर्मा की कलाकृति का बारीकी से अवलोकन किया और उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा को पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपए देने की घोषणा भी की।
उल्लेखनीय है कि बुद्धसेन विश्वकर्मा द्वारा पारम्परिक लकड़ी की नक्काशी से एक मनोरम चित्र तैयार किया गया है, जिसे "हस्तकला नक्काशी" या "लकड़ी की मूर्तिकला" कहा जाता है। यह काष्ठ शिल्पकला किसी सांस्कृतिक या धार्मिक दृश्य को दर्शाती है, जिसमें नृत्य की विभिन्न भाव-भंगिमाओं या पौराणिक चरित्रों का सुंदर चित्रण किया जाता है।
भगवान श्रीराम ने संबंधों को जाति, वर्ग या रूप से नहीं, हृदय की शुद्धता से जोड़ा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
12 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महर्षि वाल्मीकि ने श्रीराम के चरित्र 'रामायण' के रूप में मानवता को अनुपम उपहार दिया है। महार्षि वाल्मीकि की वाणी से जो रामायण निकली वह केवल ग्रंथ नहीं भारत की आत्मा है। उनकी रामायण में समरसता केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीता-जागता संदेश है। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन के माध्यम से दिखाया कि ईश्वर की दृष्टि में सब समान हैं। भगवान श्रीराम ने निषादराज को मित्र बनाया, शबरी माता के झूठे बेर प्रेम से खाए, हनुमान और वानर सेना को परिवार की तरह गले लगाया और धर्म युद्ध में सबको साथ लेकर चले। मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का आचरण हमें सिखाता है कि सच्ची समरसता वही है, जहां सबमें परमात्मा का अंश देखा जाए। उनका जीवन इसी भावना का मूर्त रूप है। भगवान श्रीराम के चरित्र को शब्दों में पिरोने वाले आदि कवि महर्षि वाल्मीकि अजर-अमर रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती प्रकटोत्सव के अवसर पर भोपाल के मानस भवन में ‘समरसता सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्यसभा सांसद एवं पीठाधीश्वर क्षेत्र वाल्मीकि धाम, उज्जैन बालयोगी उमेशनाथ महाराज ने दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का विधिवत् शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि समाज के सतत् विकास की पहली जरूरत सामाजिक समरसता है, जो साहचर्य और भाईचारे की भावना से जन्म लेती है। समरसता केवल एक विचार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। जब समाज आपसी सौहार्द, प्रेम और अपनत्व की भावना से मिल-जुलकर चलता है, तभी कोई राष्ट्र सशक्त और समृद्ध बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सच्ची समरसता वहीं है, जहां सबमें परमात्मा का अंश देखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति को अनादिकाल से अविरल करने में महर्षि वाल्मीकि जी के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने रामायण जैसी अमर कृति के माध्यम से न केवल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन का चित्रण किया, बल्कि उस समय की सामाजिक व्यवस्था और मानवीय मूल्यों को भी प्रतिबिंबित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम का उलटा नाम निरंतर जपते-जपते वाल्मीकि महर्षि हो गए। डाकू रत्नाकर से ज्ञानी वाल्मीकि बनने तक की उनकी संघर्ष यात्रा तपस्या और आत्मसुधार की मिसाल है। महर्षि वाल्मीकि ने केवल श्रीराम का चरित्र नहीं लिखा, बल्कि उन्होंने मानवता का लेखन किया। रामायण सिर्फ एक ग्रंथ नहीं, सेवा, समरसता और करुणा का उत्तम उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने पिता-पुत्र संबंधों से लेकर अनुसूईया माता, शबरी माता, निषादराज, हनुमान, बाली-सुग्रीव जैसे चरित्रों के माध्यम से समाज में करुणा, निष्ठा, सेवा, सामाजिक समरसता, समानता और आत्मीयता का संदेश मंत्र दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि और उनकी रामायण आज एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। रामायण ने न केवल राम कथा को अमर किया, बल्कि भारतीय संस्कृति के आदर्शों को भी अमरत्व प्रदान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता भारतीयों के लिए कोई बाध्यता नहीं, बल्कि यह हमारी आत्मा में, हमारे संस्कारों में और हमारे जीवनधारा में रक्त की तरह प्रवाहित होती है। उन्होंने कहा कि हम सुधरेंगे तो जग सुधरेगा, हमारे साधु-संतों, ऋषि-मुनियों, महर्षि-मनीषियों ने यही सिखाया है। यही वाक्य समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वाल्मीकि समाजजनों ने सभी सफाईकर्मियों को नियमित करने सहित समाज विकास से जुड़ी अन्य मांगें प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी सफाईकर्मियों और स्वच्छता मित्रों का समग्र कल्याण हमारी जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास है कि वाल्मीकि समाज के बच्चे पढ़-लिखकर उद्योगपति, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और बड़े अधिकारी बनें। सरकार इन्हें हर जरूरी प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर घड़ी आपके साथ है, वाल्मीकि समाज के विकास और कल्याण में हम कोई कमी नहीं रखेंगे।
राज्यसभा सांसद एवं पीठाधीश्वर क्षेत्र वाल्मीकि धाम उज्जैन बालयोगी उमेशनाथ महाराज ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने पवित्र ग्रंथ ‘रामायण’ की रचना की, जिसके माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन को जन-जन तक पहुँचाया। भगवान श्रीराम ने केवट को गले लगाकर और शबरी के झूठे बेर खाकर सामाजिक समरसता का उच्चतम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सामाजिक समरसता के भाव को सशक्त रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। उनके द्वारा शुरू किया गया ‘स्वच्छ भारत मिशन’ इसका जीवंत प्रमाण है, जिसमें उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर स्वच्छता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामाजिक समरसता के इस भाव को निरंतर गति प्रदान कर रहे हैं। वे समाज के हर वर्ग की छोटी से छोटी समस्या का समाधान पूर्ण पारदर्शिता और निष्ठा के साथ कर रहे हैं, जो सामाजिक एकता और समरसता भाव को और भी सुदृढ़ करता है।
सम्मेलन के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अखिल भारतीय वाल्मीकि सनातन धर्मसभा एवं मध्यप्रदेश वाल्मीकि एकता संघ द्वारा महर्षि वाल्मीकि जी का चित्र, रामायण एवं अभिनंदन पत्र भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। सम्मेलन के मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाल्मीकि समाज के नागरिकों के साथ सहभोज भी किया। स्वागत उद्बोधन में सुनील वाल्मीकि ने आयोजन की रूपरेखा के बारे में बताया। अजय कदम ने आभार माना। महर्षि वाल्मीकि जयंती प्रकटोत्सव के पावन अवसर पर अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा समरसता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस समरसता सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिये समाज में एकता और समन्वय को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, नगर पालिक निगम के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति विकास विभाग डॉ. ई. रमेश कुमार, आयुक्त अनुसूचित जाति कल्याण सौरभ कुमार सुमन, अखिल भारतीय वाल्मीकि सनातन धर्मसभा एवं मध्यप्रदेश वाल्मीकि एकता संघ, आयोजन समिति के सभी सदस्य सहित बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाजजन उपस्थित थे।
जनजातीय योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता बनें सहभागी : राज्यपाल पटेल
12 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि संचालित जनजातीय योजनाओं के जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन के लिए सरकार के साथ जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी सक्रिय सहभागिता करें। जनजातीय समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र और प्रदेश सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों को प्राथमिकता के साथ लाभान्वित कर रही है। पीएम जन-मन योजना में बैगा,सहरिया एवं भारिया विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटों में पक्का आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया है।
राज्यपाल पटेल रविवार को कटनी ज़िले के स्लीमनाबाद में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आदि साथी और आदि सहयोगियों से ग्रामीण जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने ग्राम हरदुआ में आदि सेवा केन्द्र का शुभारंभ किया और यहां जनजातीय बच्चों को पोलियो की दवा भी पिलाई। राज्यपाल पटेल ने ग्राम हरदुआ में प्रधानमंत्री आवास हितग्राही मीरा बाई के घर पहुंच कर आत्मीय चर्चा की।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान में केन्द्र सरकार ने 80 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। इसमें 18 विभागों की 25 बिंदुओं को शामिल किया गया है। सरकार वंचित जनजातियों के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आम जनों को शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ सिकल सेल, टी.बी. आदि रोगों के कारण, लक्षण और उपाय के प्रति भी जागरूक किया जाना चाहिए। लोगों को सिकल सेल के सामान्य लक्षण बचाव आदि के बारे में बतायें। उन्होंने कहा कि जनजातीय परिवार शादी के पूर्व सिकल जेनेटिक कार्ड का मिलान जरूर करें। उन्होंने पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत दी जा रही शासकीय सहायता और सुविधाओं की विस्तार से चर्चा की।
राज्यपाल ने कहा कि ‘आदि सेवा केंद्र’ सरकार की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में का सेतु है। आदि सेवा केन्द्र में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक जनजातीय समुदाय के लोगों की समस्यायें सुनीं जायेंगी। हर गांव में आदि सेवा केंद्र के प्रशिक्षित कर्मचारी जनजाति वर्ग के लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी देगें और लाभ भी दिलायें। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर घर की बहुयें भी कमाने लग गई हैं। अब बेटे और बहु दोनों के कमाने से घर की आमदनी में वृद्धि हुई है। सरकार द्वारा लाड़ली बहना और नि:शुल्क अनाज योजना का भी लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को ज़रूर पढ़ाये। सरकार प्रारंभिक शिक्षा से लेकर विदेश तक की शिक्षा हेतु सुविधा और सहायता देती है। जनसंवाद में सिकल सेल पीड़ितों ने अनुभव साझा किये।
ग्राम प्रवास के दौरान राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी और भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर हितलाभ का वितरण किया। टीबी मरीज को पोषण आहार किट के अलावा हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किये। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना, जाति प्रमाण पत्र और ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत किसान उत्पादक स्व-सहायता समूहों को ऋण एवं अनुदान राशि का चेक प्रदान किये। राज्यपाल ने इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
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