मध्य प्रदेश
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिलाई एकता दिवस की शपथ
31 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों को एकता दिवस पर शपथ दिलाई। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर पुण्य स्मरण किया और सादर श्रद्धांजलि अर्पित की। एकता दिवस शपथ समारोह का आयोजन राजभवन के बैंक्वेट हॉल में शुक्रवार को किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव उमाशंकर भार्गव सहित राजभवन में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल के नेतृत्व में राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने शपथ ली कि "मैं राष्ट्र की एकता, अखण्डता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिये स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूँ जिसे सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूँ।"
मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और रोज़गार के संकल्प का अभ्युदय
31 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश आज अपनी स्थापना के 70वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। एक नवंबर 1956 को अस्तित्व में आये मध्यप्रदेश में विकास की नई यात्रा विगत दो दशकों से आरंभ हुई, जो प्रदेश को देश में अग्रणी राज्य बनाने की संभावनाओं तक पहुंच गई है। यह सुखद संयोग है कि आज देवउठनी ग्यारस के पावन अवसर पर राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हमारे तीज, त्यौहार और परंपराएं हमारी संस्कृति का आधार हैं। उत्सव के आनंद से ही भविष्य निर्माण के भाव निर्मित होते हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश में सभी त्यौहारों को व्यापक स्वरूप में मनाया जा रहा है। अपने त्यौहारों का सांस्कृतिक संदर्भ ही हमें पुरातन से नूतन की प्रेरणा देता है।
हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत का ह्दय मध्यप्रदेश वन, जल, अन्न, खनिज, शिल्प, कला, संस्कृति, उत्सव और परंपराओं से समृद्ध है। हमें मां नर्मदा, चंबल, पार्वती, शिप्रा नदियों का सान्निध्य और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त है। यह भगवान परशुराम की जन्मस्थली, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली और आदि शंकराचार्य जी की तपोस्थली है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने चित्रकूट में लंबा समय व्यतीत किया है। इतिहास प्रसिद्ध राजा नल, भर्तृहरि, विक्रमादित्य की जन्म स्थली भी मध्यप्रदेश रही है। सम्राट विक्रमादित्य ने ही शकों के आतंक से भारत को मुक्त किया था। संसार की पहली वैज्ञानिक कालगणना "विक्रम संवत्" का आरंभ भी मध्यप्रदेश के उज्जैन से हुआ था।
मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि हम अपने ऐतिहासिक गौरव की दिव्यता और प्राकृतिक भव्यता के साथ विरासत से विकास की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत को विश्व में सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए विकसित भारत निर्माण का संकल्प दिया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारा देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री जी के इस संकल्प को साकार करने और विकसित भारत निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में उद्योग वर्ष मनाने के साथ राज्योत्सव की थीम 'उद्योग और रोज़गार' रखी गई है। इसमें प्रदेश के सतत विकास, सांस्कृतिक समृद्धि और जनभागीदारी का भाव है।
यशस्वी प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हमें निवेश और औद्योगिक विकास की यात्रा को परिणाम में बदलने का अवसर प्राप्त हो रहा है। विविधता से समृद्ध मध्यप्रदेश के हर क्षेत्र की अपनी विशेषता, क्षमता और दक्षता है, जिसमें अनंत संभावनाएं हैं। इसी को केन्द्र में रखकर हमने प्रदेश में रीजनल इन्वेस्टर्स समिट का नवाचार किया। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश के हर क्षेत्र का कौशल और उद्योग इसमें शामिल हुआ है। व्यापार को सरल बनाने और निवेशकों से सीधे संवाद के लिए हमने मार्च 2024 से उज्जैन से निवेश यात्रा शुरू की और फिर जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम, मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली, यूके, जर्मनी, जापान, दुबई तक इसे विस्तार दिया। विभिन्न सम्मेलनों, राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय रोड-शो के माध्यम से मध्यप्रदेश के निवेश में कई गुना वृद्धि हुई है।
निवेशकों को एक सक्षम, सरल और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया गया है। प्रदेश में इनोवेशन हब, स्टार्टअप पॉलिसी, फंडिंग सपोर्ट और इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित कर देश की स्टार्टअप क्रांति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
मुझे यह बताते हुए खुशी है कि मध्यप्रदेश ने पिछले एक वर्ष में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों ने प्रदेश में निवेश के प्रति गहरी रुचि दिखाई है। खनिज कॉन्क्लेव में प्रदेश को 56 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले, जो खनिज नीति और प्रशासनिक सरलता का परिणाम हैं। आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक निर्माण इकाइयां और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी निवेश को प्रोत्साहन मिला है।
मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि प्रदेश एक ऐसे परिवर्तनकाल से गुजर रहा है जहां निवेश, नवाचार और रोज़गार आधार स्तंभ हैं। लगभग दो वर्षों में प्रदेश ने उद्योग, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यावरण, ऊर्जा और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं।
भारत के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। विकास के इन आधार स्तंभ के अनुरूप प्रदेश विकास और कल्याण के लिए युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण और नारी सशक्तिकरण मिशन के तहत कार्य किया जा रहा है।
गरीब कल्याण मिशन में स्वरोज़गार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, आवास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य की सुविधा आदि की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश कौशल विकास मिशन और स्टार्टअप नीति 2025 ने युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर में परिवर्तित किया है। कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रोज़गार मेले, अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम और डिजिटल स्किल सर्टिफिकेशन जैसे प्रयास युवाओं को रोज़गार से जोड़ रहे हैं। रोज़गार सृजन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासकीय और निजी क्षेत्रों में युवाओं के लिए स्थायी, कुशल और सम्मानजनक अवसर उपलब्ध किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने शासकीय भर्ती का कैलेण्डर जारी किया और उसके अनुरूप भर्ती प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है।
कृषि क्षेत्र को नवाचार के साथ सशक्त बनाने की दिशा में एक नई क्रांति का सूत्रपात हुआ है। प्रदेश सरकार ने ड्रोन आधारित फसल निरीक्षण, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली और कृषि उत्पाद मूल्य संवर्धन पर विशेष फोकस किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और मुख्यमंत्री खेत-तालाब योजना सहित अन्य प्रयासों से किसानों के लिए सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने का लगातार प्रयत्न किया जा रहा है। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के किसानों को सिंचाई और पानी की सुविधा व्यापक स्तर पर उपलब्ध होगी। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 52 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। इसे दोगुना करने का लक्ष्य है। आगामी 3 वर्षों में सिंचाई क्षेत्र का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने की योजना है। कृषि उपज का प्रत्यक्ष भुगतान, ऑनलाइन मंडी व्यवस्था और जैविक खेती के प्रोत्साहन ने अन्नदाताओं की आय में वृद्धि की है। मध्यप्रदेश गेहूं, सोयाबीन, चना और मसालों के उत्पादन में अग्रणी प्रदेश हैं।
महिला सशक्तिकरण को आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ने की दिशा में नारी शक्ति मिशन परिवर्तनकारी सिद्ध हो रहा है। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिली है। महिला उद्यमिता नीति के तहत महिलाओं को लघु उद्योग, डेयरी, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र में अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। महिलाओं द्वारा संचालित स्व-सहायता समूह को वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। यह मिशन नारी शक्ति ही नहीं बल्कि नये भारत की आधारशिला है।
गौ-धन हमारी अर्थव्यवस्था का स्थायी स्तंभ बने इसके लिए हमने गौ-संवर्धन और दुग्ध उत्पादन को आर्थिक नवाचार का केंद्र बनाया है। मुख्यमंत्री गौ-संवर्धन मिशन के तहत प्रदेशभर में गौ-अभयारण्य और गौ-सेवा केंद्रों की स्थापना की गई है। लगभग दो वर्षों में प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि हासिल की है।
मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और प्रदेशवासियों के सहयोग और संबल से कल्याणकारी नीतियों और निर्णयों को अमल में लाने में सफलता प्राप्त हुई है। मध्यप्रदेश की स्वर्णिम यात्रा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के साथ आगे बढ़ रही है। गरीब के चेहरे पर मुस्कान, किसान की खुशहाली, नारी का सम्मान और युवाओं का उज्ज्वल भविष्य हमारा संकल्प भी है और लक्ष्य भी। आइये, हम सब मिलकर समग्र विकास के साथ आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाएं और विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनें।
प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस की मंगलकामनाएं...।
सरदार पटेल, राष्ट्रहित प्रथम के विचार पर सदैव अडिग रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
31 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के दूरदर्शी नेतृत्व, अटूट इच्छाशक्ति और अदम्य देश भक्ति ने आज़ादी के बाद बिखरे हुए भारत को एक सूत्र में बांधने के लिए 562 रियासतों का विलय कराया। भारत को एक राष्ट्र में संगठित करने का उनका कार्य इतिहास की सबसे उल्लेखनीय प्रशासनिक उपलब्धियों में गिना जाता है। अपने विशिष्ट व्यक्तित्व में कठोरता और करुणा का अद्भुत संगम लिए वे जहाँ एक ओर राष्ट्रहित प्रथम के पक्ष पर सदैव अडिग थे, वहीं देश की जनता के प्रति वे गहरी संवेदना रखते थे। वे जनता की नब्ज़ समझते थे। सरदार पटेल ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि सच्चा नेतृत्व, स्पष्ट वक्तव्य, निर्णायक कार्यों, स्थिर बुद्धि, लौह संकल्प और शक्तिशाली निर्णयों से पहचाना जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150 वीं जयंती के अवसर पर "एक दौड़ देश की एकता और अखंडता के लिए रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के अवसर पर शौर्य स्मारक में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थितजन को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई और रन फॉर यूनिटी को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और भारत माता एवं सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर देश भक्तिपूर्ण गीतों की धुनें प्रस्तुत की गईं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदार पटेल मूलतः एक साधारण किसान परिवार से थे। उनके बड़े भाई विठ्ठल भाई पटेल थे। दोनों भाइयों ने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया। वल्लभभाई ने अपने भाई के कहने पर विदेश जाकर कानून की शिक्षा प्राप्त की। वे भारतीय राजनीति में एक मिसाल थे, उन्होंने किसानों के साथ हुए अन्याय को देख गांधी जी के आंदोलन में सक्रियता से भाग लेना आरंभ किया। बारडोली आंदोलन के बाद उन्हें “सरदार” की उपाधि मिली। फिर चाहे नमक आंदोलन हो या भारत छोड़ो आंदोलन, सरदार वल्लभभाई पटेल हर आंदोलन की रीढ़ बन गए। स्वतंत्रता संग्राम में सरदार पटेल का योगदान वास्तव में अद्वितीय था।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की आज़ादी के समय जब अंग्रेज़ों ने यह तय कर लिया कि अब उन्हें देश छोड़ना है, तो उन्होंने भारत को टुकड़ों में बाँटने का भयावह षड्यंत्र रचा। अंग्रेजों को यह ज्ञात था कि अगर भारत एकजुट रहा तो वह दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति बन जाएगा। अत: अंग्रेजों ने भारत की 562 रियासतों को स्वतंत्र छोड़ने की योजना बनाई। इन रियासतों में हमारा भोपाल भी शामिल था। कई रियासतों के राजा-महाराजा अपनी सेना, संपत्ति और सत्ता के साथ स्वतंत्र राज्य बन सकते थे। हैदराबाद, जूनागढ़, भोपाल जैसी कई रियासतों ने भारत में शामिल होने से मना कर दिया था, कुछ रियासतें स्पष्टत: पाकिस्तान की ओर झुकाव दिखा रही थीं। राष्ट्र की एकजुटता पर संकट के समय सरदार पटेल ने अपनी बुद्धिमत्ता, नीति और कूटनीति से इन रियासतों के राजा-महाराजाओं से समन्वय कर भारत को एक सूत्र में पिरोया। परिणामस्वरूप भारत एक अखंड राष्ट्र बना।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरदार पटेल ने देश के गृह मंत्री के रूप में भारत की एकजुटता को बनाए रखने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को सशक्त करने के उद्देश्य से भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा सहित अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं के संचालन के लिए केन्द्रीय सेवाओं का गठन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि देश की आजादी के बाद, उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का बीड़ा भी उठाया। उन्होंने कहा कि “यह मंदिर समाज की भागीदारी से बनेगा; सरकार केवल सहयोग देगी।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार है। यह एक प्रकार से सरदार पटेल के आत्मबल, श्रद्धा और एकता की भावना को जीवंत करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदार पटेल सदैव इस बात पर कायम रहे कि भारत अपनी समस्या स्वयं सुलझा सकता है। दुर्भाग्य से जम्मू-कश्मीर का मामला उस समय संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में ले जाया गया और सरदार पटेल ने तब भी चेतावनी दी थी कि यह गलती है। वर्तमान में प्रधानमंत्री मोदी, सरदार पटेल की उसी नीति पर अडिग हैं। इसी का परिणाम है कि भारत किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं चाहता, अपने निर्णय स्वयं लेता है। यह वही भावना है जो सरदार पटेल के हृदय में थी, राष्ट्र अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं करें और आत्मगौरव के साथ आगे बढ़े। केवड़िया में निर्मित “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” आज विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा है। यह केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और सम्मान का प्रतीक है। हर भारतीय जब वहाँ जाता है, तो गर्व से भर उठता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देश के लिए कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करना ही लोकतंत्र की विशेषता है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जो कार्य किए, वे किसी दल के नहीं, पूरे राष्ट्र के थे। लोकतंत्र की यही सुंदरता है, कि हम दलों की सीमाओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में किए गए कार्यों का सम्मान करें। हम सब मिलकर सरदार वल्लभभाई पटेल को स्मरण करें, उनके योगदान को नमन करें। जब तक हम अपने महापुरुषों को याद रखेंगे, तब तक कोई भी शक्ति भारत को कमजोर नहीं कर सकती। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमुदाय को देश का गौरव और सम्मान सदैव बनाए रखने के लिए हरसंभव योगदान देने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम को संस्कृति पर्यटन धार्मिक न्यास और धर्मस्व मंत्री धर्मेन्द्र लोधी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, वरिष्ठ विधायक और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर भोपाल मालती राय, रविन्द्र यति सहित मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला और बड़ी संख्या में युवा एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद कैलाश मकवाना को दो साल का कार्यकाल सुनिश्चित
31 Oct, 2025 07:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना अब अगले साल तक अपने पद पर बने रहेंगे। डीजीपी मकवाना इसी साल दिसंबर के महीने में रिटायर होने वाले थे. अब उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। गृह विभाग ने उनके कार्यकाल को बढ़ाने के लिए आदेश भी जारी कर दिया है। मकवाना साल 2026 तक डीजीपी के पद पर बने रहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद आदेश
कैलाश मकवाना 1988 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। पिछले साल यानी दिसंबर 2024 में उन्हें मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक के पद पर नियुक्त किया गया था। वे इस साल दिसंबर के महीने में रिटायर होने वाले थे, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद उनके कार्यकाल को बढ़ा दिया गया है। उच्चतम न्यायालय ने डीजीपी का कार्यकाल 2 साल तय कर दिया है। इसी गाइडलाइन के बाद गृह विभाग ने आदेश जारी किया है।
2014 में मिला विशिष्ट सेवा पदक
डीजीपी कैलाश मकवाना ने पुलिस सेवा में करियर शानदार रहा है। उल्लेखनीय पुलिस कार्यों के लिए उन्हें वर्ष 2005 में राष्ट्रपति के सराहनीय सेवा पदक और वर्ष 2014 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। संयुक्त मध्य प्रदेश में उन्होंने सेवाएं दी हैं, मकवाना दंतेवाड़ा, बस्तर, मंदसौर और बैतूल जिले के पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रबंध, सीआईडी, इंटेलीजेंस, प्रशासन व नारकोटिक्स के दायित्व का निर्वहन भी किया है। इसके अलावा स्पेशल डीजी सीआईडी एवं डीजी (विशेष पुलिस स्थापना) लोकायुक्त के रूप में भी पदस्थ रहे हैं,कैलाश मकवाना मूल रूप से मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के रहने वाले हैं उन्होंने BE और IIT से एमटेक किया है।
थाईलैंड में भोपाल के युवक की समुद्र में डूबने से मौत, 1 नवंबर को लाया जाएगा पार्थिव शरीर
31 Oct, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल/गढ़ाकोटा। थाईलैंड (Thailand) के फुकेट में छुट्टियाँ मनाने गए भोपाल (Bhopal) के युवक अंकित साहू (Ankit Sahu) की समुद्र में तेज लहरों में डूबने से असामयिक मृत्यु हो गई। अंकित, “बी.एल. लाइफ साइंसेज़” कंपनी में कार्यरत थे और कंपनी के टूर पर अपने मित्र निकेश के साथ थाईलैंड गए थे।
घटना के दौरान दोनों युवक समुद्र में नहाने गए थे, तभी तेज लहरों में बह गए। रेस्क्यू टीम ने निकेश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन अंकित को बचाया नहीं जा सका।
इस दुखद घटना की जानकारी मिलने पर मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त किया और बताया कि मृतक अंकित साहू गढ़ाकोटा निवासी श्री चंद्रकांत साहू के रिश्तेदार थे। भार्गव ने बताया कि अंकित के परिजनों ने उनसे संपर्क कर पूरी स्थिति से अवगत कराया, जिसके बाद उन्होंने तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कराने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर एसीएस नीरज मंडलोई (IAS) ने संवेदनशीलता दिखाते हुए थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावास एवं दूतावास अधिकारी मृगेश (IPS) से समन्वय स्थापित किया। अधिकारियों के सहयोग से शनिवार को पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी की जाएगी और 1 नवंबर को अंकित साहू का पार्थिव शरीर भारत लाया जाएगा, जिसे बाद में परिजनों को सौंपा जाएगा।
इस पूरे कठिन समय में प्रशासनिक अधिकारियों का तत्पर सहयोग सराहनीय रहा। पूर्व मंत्री भार्गव ने ईश्वर से प्रार्थना की कि स्वर्गीय अंकित साहू की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति दें।
विदिशा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ, कपिल देव को देखने उमड़े खेल प्रेमी
31 Oct, 2025 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदिशा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी कपिल देव, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री लखन पटेल ने गुरुवार को विदिशा पहुंचकर सांसद खेल महोत्सव का शुभांरभ किया. इस दौरान सागर सांसद और विदिशा के स्थानीय 5 विधायक भी मौजूद रहे.
2 महीने तक चलेगी खेल प्रतियोगिता
विदिशा जिला मुख्यालय पर आयोजित सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार 30 अक्टूबर को किया गया है. दो माह तक जारी रहने वाले खेल महोत्सव का समापन 25 दिसंबर को रायसेन में किया जाएगा. इस खेल प्रतियोगिता में ग्राम पंचायत स्तर पर भी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिसमें रस्सा कसी, कुर्सी दौड़ और चम्मच दौड़ सहित कई खेल प्रतियोगिताएं शामिल हैं.
खेल के प्रति जागरुकता बढ़ाने को निकाली जाएगी टॉर्च रैली
साथ ही संसदीय क्षेत्र स्तर पर क्रिकेट, कबड्डी, टेनिस बॉल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा. संसदीय क्षेत्र की आठ विधानसभा स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा. जिसमें प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाली टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा. पूरे संसदीय क्षेत्र में खेलों के प्रति जागरूकता और लोगों का रुझान बढ़ाने के लिए टॉर्च रैली भी निकाली जाएगी. चार खेल लोकल स्तर पर आयोजित होंगे, जिनमें विदिशा में फुटबॉल, खातेगांव में कुश्ती, इछावर में खो-खो और मंडीदीप में हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा.
हजारों खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन
विदिशा संसदीय क्षेत्र की आठों विधानसभाओं के कुल 37 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है, जो युवाओं में खेल के प्रति जागरूकता और रुचि का प्रत्यक्ष प्रमाण है. संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभावार खिलाडियों द्वारा कराए गए पंजीयन के मुताबिक, विधानसभा भोजपुर में 3327, सांची में 3422, सिलवानी में 4407, बासौदा में 2061, बुधनी में 6718, इछावर में 5599 और खातेगांव में 5674 सहित विदिशा में 5652 खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है.
2 नवंबर से शुरु होगा स्थानीय स्तर पर प्रतियोगिता
सांसद खेल महोत्सव के तहत 31 अक्टूबर एवं एक नवम्बर को संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में टार्च रिले का आयोजन होगा. 2 से 19 नवंबर के बीच ग्राम पंचायत स्तर और नगरीय निकाय में रस्साकसी, म्यूजिकल चेयर एवं लेमन रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा.
विभिन्न स्तर पर होगा आयोजन
मण्डल स्तरीय प्रतियोगिताएं 20 से 30 नवंबर के बीच आयोजित की जाएगी, जबकि विधानसभा स्तरीय प्रतियोगिताएं 5 से 12 दिसंबर के बीच और संसदीय स्तरीय प्रतियोगिताएं 15 से 25 दिसंबर के मध्य में आयोजित की जाएगी. स्थानीय स्तर पर आयोजित खेलों में हॉकी, खो-खो, फुटबॉल, कुश्ती का आयोजन 2 से 19 नवंबर के मध्य में होगा. स्थानीय स्तर पर विधानसभावार प्रचलित खेलों के तहत विदिशा में फुटबॉल, खातेगांव में कुश्ती, इछावर में खो-खो एवं मंडीदीप में हॉकी खेल का आयोजन किया जाएगा.
प्रथम विजेताओं को मिलेगा ढाई लाख का इनाम
सांसद खेल महोत्सव के तहत आकर्षक नगद पुरस्कार प्रथम तीन स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों को प्रदाय किए जाएंगे. कबड्डी, टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता में विधानसभा और सांसद स्तर पर खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा. जिसमें विधानसभा स्तर पर प्रथम पुरस्कार डेढ लाख रुपए , द्वितीय एक लाख रूपए तथा तृतीय पचास हजार इनाम दिया जाएगा. जबकि सांसद स्तरीय पूर्व उल्लेखित दोनों प्रतियोगिताओं में प्रथम विजेताओं को ढाई लाख रूपए, द्वितीय को दो लाख और तृतीय स्थान हासिल करने वाले को डेढ लाख रुपए की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "विदिशा नगर खेलों और खिलाड़ियों के विकास में दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों को पीछे छोड़ेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी क्षेत्र के लोगों को प्रोत्साहित करते हैं. खेल क्षेत्र भी इसमें शामिल है. विदिशा ऐतिहासिक नगरी है. सम्राट अशोक से इसका संबंध रहा है. इसके साथ ही उज्जैन से भी विदिशा का प्राचीन काल से गहरा संबंध रहा है. सम्राट विक्रमादित्य ने लोकतंत्र के मूल्य की रक्षा की और आज भी विदिशा जैसे नगर लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यहां के विजय मंदिर की प्रतिकृति के आधार पर नए संसद भवन का निर्माण किया गया है."
शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं को किया खेल के प्रति प्रेरित
केंद्रीय कृषि किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिट इंडिया मूवमेंट का अभियान चलाया है. शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेल प्रभावी माध्यम होते हैं. व्यक्तित्व विकास और फिट रहने के लिए खेल जरूरी है. हम सोच नहीं सकते थे कि भारत सन 1983 में क्रिकेट का विश्व कप जीत सकता है. यह कार्य महान खिलाड़ी कपिल देव ने कर दिखाया. सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत दो महीने तक गांव-गांव में खेल होंगे, इसके लिए 37 हजार खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है. खिलाड़ी खेलों का भरपूर आनंद लें और खेल भावना जागृत करने में कोई कमी नहीं रहने दें. विदिशा के विकास के लिए विभिन्न सुझाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष रखे.
अचानक बिगड़ी कैलाश विजयवर्गीय की तबीयत, डिहाइड्रेशन और थकान के कारण अस्पताल में थे भर्ती
31 Oct, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की गुरुवार को तबीयत बिगड़ गई. बेचैनी महसूस होने के बाद उन्हें इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. वे डिहाइड्रेशन की शिकायत के कारण अपने परिवार और करीबी सहयोगियों के साथ सुबह बॉम्बे अस्पताल पहुंचे थे. जहां दिन भर चले उपचार के बाद शाम को उन्हें छुट्टी दे दी गई.
व्यस्त दिनचर्या के चलते हुए थकान
बॉम्बे अस्पताल के उप निदेशक राहुल पाराशर ने बताया, ''मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पिछले चार-पांच दिनों से व्यस्त दिनचर्या के कारण अत्यधिक थकान महसूस कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल पाया था. इसी के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. प्राथमिक जांच और परीक्षण किए गए हैं, अब उनकी हालत स्थिर है.''
उन्होंने कहा कि, ''विजयवर्गीय फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में एक वार्ड में आराम कर रहे हैं और उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है. उन्हें जल्द ही छुट्टी मिलने की उम्मीद है, हालांकि रात होते-होते विजयवर्गीय को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया.'' महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया थकान के कारण वे अस्पताल में भर्ती हुए थे. हालांकि अब उन्हें छुट्टी दे दी गई है वह घर पर आराम कर रहे हैं.'' उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, मंत्री बिल्कुल ठीक हैं आप लोग निश्चिंत रहें और बॉम्बे हॉस्पिटल की तरफ ना जाएं.
डॉक्टरों ने दी आराम करने की सलाह
कैलाश विजयवर्गीय के नजदीकी सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि, मंत्री कई दिनों से लगातार दौरे कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें थकान हुई है. इसी बीच उनकी तबीयत खराब हो गई थी. अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिल गई है. डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है, अब वह घर पर ही आराम कर रहे हैं.
कैलाश विजयवर्गीय का सियासी करियर
कैलाश विजयवर्गीय इंदौर-1 विधानसभा से विधायक हैं और मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री हैं. उनके पास नगरीय विकास एवं आवास विभाग है. उन्होंने इंदौर से अपने सियासी करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने वर्ष 1975 में विद्यार्थी परिषद के माध्यम से छात्र पॉलिटिक्स में प्रवेश किया. 1983 में वह पहली बार नगर पालिक निगम इंदौर के पार्षद बने. 2000 में उन्हें इंदौर पालिक नगर निगम का महापौर बनाया गया था. इसके बाद से उनका राजनीतिक करियर चमकता गया. 1990 में पहली बार विधायक बने. कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर अकसर चर्चाओं में रहते हैं.
बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
30 Oct, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए पहले मां सरस्वती को प्रसन्न करना पड़ता है, अर्थात् विद्यार्थियों के लिए मन लगाकर पढ़ाई में मेहनत करना जरूरी है। बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों को त्वरित रूप से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सुखद परिणाम है कि प्रदेश में सामान्यत: छात्रवृत्ति अप्रैल के महीने में सत्र खत्म होने पर मिलती थी, वह अब अक्टूबर माह में ही विद्यार्थियों के खातों में जारी की जा रही है। पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, ड्रेस और साइकिल आदि भी समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश के 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से जारी की जा रही है। आज देव दीपावली से पहले विद्यार्थियों की दीपावली मन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समेकित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राशि अंतरण के लिए मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से विद्यार्थियों के खातों में राशि जारी की। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा मंत्रीगण का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले वर्चुअली जुड़े।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में नई पहल की जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। देश में सबसे अच्छे शासकीय विद्यालय मध्यप्रदेश में बने हैं। गत माह ही राज्य सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 8 लाख 50 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की गई। प्रदेश के निजी विद्यालयों में 20 प्रतिशत सीटों पर जरूरतमंद परिवार के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार हो रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 6 और 9वीं के 4 किमी दूर रहने वाले 1 करोड़ विद्यार्थियों को नि:शुक्ल साइकिलें वितरित की हैं। बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 5 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए हैं। विद्यार्थियों को नीट, क्लेट, जेईई सहित सभी प्रकार की कोचिंग भी नि:शुल्क प्रदान करने के लिए योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बनने के साथ उद्यमी बन लोगों को रोजगार देने वाला बनने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी के लिए विद्यार्थियों को सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होना चाहिए।
जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के बच्चों को शिक्षा के नए आयाम दिए जा रहे हैं। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्ता शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शालेय शिक्षा की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यार्थियों की उपस्थिति की ट्रेकिंग के साथ शैक्षणिक स्टॉफ की उपस्थिति और उनके द्वारा संचालित गतिविधियों की भी ट्रेकिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूली विद्यार्थियों से संवाद और उन्हें प्रेरित करने का कोई अवसर नहीं खोते हैं। प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार प्रतिभाओं को निखारने और संवारने का हरसंभव प्रयास कर रही है। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। अंतरित हुई राशि में सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि शामिल है।
विंध्य क्षेत्र की प्रगति में आईटी पार्क होगा एक महत्वपूर्ण सोपान: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
30 Oct, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में रीवा में प्रस्तावित आईटी पार्क के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आईटी पार्क को स्टेट ऑफ द आर्ट सुविधाओं से युक्त किया जाये, जिससे देश और विदेश की अग्रणी कंपनियाँ यहाँ सुविधाजनक रूप से कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि रीवा में वायु परिवहन सेवाओं का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, शांतिपूर्ण वातावरण और आवश्यक नागरिक सुविधाएँ इसे आईटी एवं सेवा क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में आईटी कंपनियाँ टियर-2 शहरों की ओर बढ़ रही हैं, ऐसे में हमें इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। यह परियोजना विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास का एक नया अध्याय सिद्ध होगी।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने औद्योगिक पार्क गुढ़ के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधोसंरचना विस्तार कार्य, विशेषकर जल सुविधा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। तकनीकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे उद्योगों को शीघ्र सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। बैठक में एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ल तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बताया गया कि प्रस्तावित आईटी पार्क में एक लाख वर्गफीट से भी अधिक कार्यस्थल (वर्कस्पेस) विकसित किया जा रहा है। लगभग 2,500 व्यक्ति यहाँ कार्य कर सकेंगे। 10 मंज़िला इस अत्याधुनिक भवन में 4,500 वर्गफीट के 25 मॉड्यूल होंगे, जिन्हें कंपनियों की आवश्यकता अनुसार कस्टमाइज़ किया जा सकेगा। स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर, प्लग एंड प्ले सुविधा तथा रेंटल मॉड्यूल्स जैसी व्यवस्थाएँ भी पार्क में उपलब्ध कराई जा रही हैं।
ड्रोन तकनीक का सभी क्षेत्रों में उपयोग के लिए राज्य सरकार ने बनाई नई ड्रोन पॉलिसी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
30 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र की सहायता से प्रदेश में विकास के हर संभव प्रयास जारी हैं। प्रदेश सरकार ने अपनी नई ड्रोन पॉलिसी भी तैयार की है। हमें दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। भारतीय समाज नई तकनीक और नवाचारों को शीघ्रता से आत्मसात करने में कभी पीछे नहीं रहा है। ड्रोन, विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है। ड्रोन कृषि कार्यों में आज अन्नदाता की मदद कर रहा है। इससे खेतों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव आसान हुआ है। ड्रोन तकनीक से देश के दुश्मनों का खात्मा भी हो रहा है। अब तो शादियां भी ड्रोन के बिना पूरी नहीं होती हैं। हमारे वैज्ञानिक वाइस कमांड कंट्रोल की सहायता से ड्रोन को ज्यादा आधुनिक बने रहे हैं। दुनिया ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारतीय ड्रोन तकनीक की ताकत देखी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ड्रोन टेक्नोलॉजी के माध्यम से भारत ने दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो 2025 का विज्ञान भवन- नेहरू नगर में दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी और वर्कशॉप का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं, स्टार्टअप और औद्योगिक संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स पर पहुंचकर ड्रोन तकनीक के शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ड्रोन टेक एक्सपो वर्कशॉप का आयोजन भारत की तकनीकी क्रांति का प्रतीक है। किसान भाइयों के लिए ड्रोन वरदान बन गया है। आपदा कीस्थिति हो या पुलिस प्रशासन के लिए मॉनीटरिंग की आवश्यकता ड्रोन तकनीक ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जिस प्रकार से बदलाव किया है वह अभूतपूर्व है। राज्य सरकार विकास-नवाचार और आत्मनिर्भरता के सशक्त वाहक के रूप में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने के पथ पर अग्रसर है।
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ड्रोन टेक वर्कशॉप एक्सपो-2025 आयोजित की गई है। इसमें ड्रोन तकनीक के प्रशिक्षण के लिए प्रदेशभर के 4 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा उन्हें स्वरोजगार एवं तकनीक आधारित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी। विज्ञान एवं तकनीकी नवाचारों के माध्यम से मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद मध्यप्रदेश के विकास के लिए हर स्तर पर सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है।
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के निदेशक कैलाशा राव ने कहा कि आज ड्रोन तकनीक अधोसंरचना विकास कार्यों को मूर्तरूप देने में अहम भूमिका निभा रही है। उज्जैन सहित प्रदेश के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों के मानचित्र तैयार करने में यह तकनीक उपयोगी सिद्ध हुई है। ड्रोन तकनीक पर आधारित यह कार्यशाला युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और जनसामान्य को ड्रोन तकनीक के विविध उपयोगों की जानकारी देने में सहायक सिद्ध होगी।
अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा संजय दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विविध गतिविधियां जारी हैं। प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने के अनेक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ड्रोन टेक्नोलॉजी के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। ड्रोन अब केवल रक्षा या निगरानी का साधन नहीं रहे बल्कि कृषि, भू-सर्वेक्षण, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएँ, परिवहन, उद्योग एवं मीडिया जैसे अनेक क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो रहे हैं। भारत सरकार की “ड्रोन नीति 2021” तथा “मेक इन इंडिया” अभियान के अनुरूप राज्य स्तर पर भी ड्रोन तकनीक को नवाचार, स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसरों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि ड्रोन टेक वर्कशॉप एवं एक्सपो 2025 का मुख्य उद्देश्य राज्य में ड्रोन तकनीक की समझ, उपयोगिता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम से युवाओं, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्योगों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच मिलेगा, जिससे ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक, सामाजिक और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकेगा। कार्यक्रम में ड्रोन प्रदर्शनी एवं हैंड्स ऑन वर्कशॉप आयोजित की गई। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विशेषज्ञों के प्रेरक व्याख्यान, ड्रोन उड़ान के लाइव डेमो एवं टेक्निकल शोकेस, इनोवेशन चैलेंज एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कार्यक्रम में मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थी, विषय-विशेषज्ञ, शोधकर्ता और ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवाचार करने वाले युवा तथा उद्यमी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट कर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने व्यक्त किया आभार
30 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सौजन्य भेंट कर रीवा एयरपोर्ट से प्रारंभ होने वाली रीवा-दिल्ली एवं रीवा-इंदौर हवाई सेवाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश के सर्वांगीण विकास के इस ऐतिहासिक कदम के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अधोसंरचना विकास सहित प्रदेश में हर क्षेत्र में तेज गति से विकास कार्य हो रहे हैं। सड़क, एयर कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में क्षेत्रीय संपर्क सेवाओं का तेज गति से विस्तार हो रहा है, जिससे प्रदेश के विभिन्न अंचलों को नई गतिशीलता मिल रही है। उन्होंने कहा कि रीवा-दिल्ली एवं रीवा-इंदौर हवाई सेवाओं के प्रारंभ होने से विंध्य क्षेत्र के नागरिकों को राजधानी दिल्ली एवं वाणिज्यिक नगरी इंदौर से सीधा हवाई संपर्क प्राप्त होगा जिससे क्षेत्र के औद्योगिक, आर्थिक एवं पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी।
विकास की नई ऊंचाइयां छूने को तैयार मध्यप्रदेश
30 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश अपना 70वां स्थापना दिवस मना रहा है। सभी नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं। प्रदेश के नागरिकों के लिए यह शुभ अवसर है। उत्साह और उल्लास के साथ यह अवसर प्रदेश की उपलब्धियों पर गर्व करने का है। आज उन सभी महान विभूतियों को याद करने का भी अवसर है, जिन्होंने मध्यप्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दिया।
आज हम इस बात को दृढ़ आत्मविश्वास के साथ कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश अब पूरी तरह से बदल चुका है। अब और अधिक ऊंचाइयां तय करने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश के सामने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य है। भारत के अमृतकाल में मध्यप्रदेश ने भी अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का निर्माण करना सर्वोच्च लक्ष्य है। इसे हासिल करते हुए मध्यप्रदेश स्वयं भी पूर्ण रूप से विकसित राज्य बन जाएगा। अर्थव्यवस्था की दृष्टि से मध्यप्रदेश आज महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिये तैयार है। मध्यप्रदेश अपनी युवा शक्ति के साथ आर्थिक विकास को तेज गति से आगे ले जाने की क्षमता रखता है। मध्यप्रदेश की धरा पर हर जरूरी संसाधन है जो विकास के लिए आधार स्तंभ हैं। कृषि क्षेत्र में खाद्यान्न, दलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य में है। आधुनिक सिंचाई की आदर्श संरचनाएं स्थापित है। बिजली की भरपूर उपलब्धता है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार और पर्याप्त औद्योगिक निवेश है। उद्योगों के लिए 1.2 लाख एकड़ से ज्यादा लैंड-बैंक है। वर्तमान में 112 से ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं । साथ ही 14 ग्रीन फील्ड औद्योगिक स्थलों की भी पहचान की गई है। उद्योगों के लिए सबसे जरूरी आकर्षक नीतियां मध्यप्रदेश ने बनाई है, जिससे प्रदेश में व्यवसाय करना बहुत आसान हो गया है।
प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि के लिए मध्यप्रदेश विख्यात है। यहां की जमीन उपजाऊ है, जल संसाधनों की कमी नहीं है। भारत की सबसे बड़ी वन संपदा प्रदेश में उपलब्ध है। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी है। वर्ष 2029 तक राज्य की जीएसडीपी दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने एक ऐसे समाज की कल्पना की है जहां गरीब से गरीब व्यक्ति भी समृद्ध हो।
संपूर्ण विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य को आर्थिक विकास, भौतिक अधोसंरचना, सामाजिक अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रयास करने होंगे। इसके लिए इसी वर्ष चार प्रमुख मिशनों को लांच किया गया है। इसका उद्देश्य गरीब, युवा, किसान और नारी शक्ति को सशक्त बनाना है। यह चार मिशन मध्यप्रदेश 2047 के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए आधार स्तंभ साबित होंगे। मध्यप्रदेश उद्योग और सेवाओं पर आधारित अर्थव्यवस्था की संरचना और रणनीति में बदलाव की योजना बना रहा है।
अगले 10 वर्षों में राज्य में उद्योग और सेवाओं में वृद्धि होगी क्योंकि निवेश और उत्पादन मध्यप्रदेश देश के निर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। वैश्विक स्तर पर उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय ग्रामीण उद्योगों और एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाने की ओर हम अग्रसर हैं। स्वदेशी की अवधारणा को मध्यप्रदेश में पल्लवित होने का एक अनुकूल वातावरण मिला है। स्वदेशी अर्थव्यवस्था को अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में हम सभी स्वदेशी अर्थव्यवस्था को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सबसे जरूरी कृषि और संबंधित क्षेत्रों के विकास करना, इसके लिए क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देकर किसानों को मदद की जाएगी। एग्रो प्रोसेसिंग हब, कोल्ड चैन, बाजार संपर्क, उत्पादों के मूल संवर्धन को अधिकतम करते हुए एक विस्तृत रोड मैप तैयार किया जाएगा।
भौतिक अधोसरंचना में सिंचाई एक बड़ा क्षेत्र है। मध्यप्रदेश की तैयारी है कि 2029 तक शुद्ध बोए गए क्षेत्र में सिंचाई का क्षेत्र 85% तक पहुंच जाए। इसी प्रकार वर्ष 2030 तक ऊर्जा क्षेत्र में 50% नवकरणीय ऊर्जा से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। ऊर्जा की वर्तमान स्थापित क्षमता 27109 मेगावाट है जिसे 2029 तक बढ़कर 60,000 मेगावाट करना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जिस प्रकार से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश आ रहा है उससे यह लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाएगा। सामाजिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा में सकल नामांकन दर को 2029 तक 90% और उच्च शिक्षा में 35% तक ले जाने का लक्ष्य है।
इसी प्रकार स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना को भी निरंतर मजबूत बनाने के प्रयास हैं। स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 8000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहे हैं। मध्यप्रदेश खुद को एक क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है जिसमें उज्जैन मेडिसिटी जैसी पहल शामिल है। इसी प्रकार शहरों की अधोसंरचना सुधारने के लिए स्थानीय निकायों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा रहा है। ग्राम पंचायत को निरंतर सक्षम बनाने का काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मूल मंत्र है सबका साथ सबका विकास। इसे आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयां छूने के लिए तैयार है। नागरिकों के सहयोग से विकास के नए लक्ष्यों को प्राप्त करना कठिन नहीं है। भारत देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और साथ ही मध्यप्रदेश भी तेजी से बदल रहा है। एक बार पुनः मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधों पर एक और बड़ी सफलता, 2200 किलोमीटर का पीछा कर 4 अंतर्राज्यीय एटीएम ठग गिरफ्तार
30 Oct, 2025 09:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
118 फर्जी एटीएम कार्ड तथा ठगी की संपूर्ण राशि बरामद
भोपाल, 30 अक्टूबर 2025। राजगढ़ जिले की ब्यावरा पुलिस ने साइबर अपराध एवं ऑनलाइन वित्तीय ठगी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की है। पुलिस अधीक्षक श्री अमित तोलानी के निर्देशन में ब्यावरा पुलिस टीम ने लगातार 72 घंटे की मेहनत के बाद 2200 किलोमीटर की यात्रा कर उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा से 4 अंतर्राज्यीय एटीएम ठगों को गिरफ्तार किया। 13 अक्टूबर को फरियादी नारायण मोंगिया, निवासी ब्यावरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि जब वे एसबीआई एटीएम से पैसे निकाल रहे थे, तभी दो अज्ञात व्यक्ति आए और एटीएम कार्ड बदलकर ₹56,000/- की राशि निकाल ली। थाना ब्यावरा में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस टीम ने इस प्रकरण में 200 से अधिक CCTV फुटेज का विश्लेषण किया और साइबर सेल की तकनीकी सहायता से संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रेस किया। लगातार तकनीकी निगरानी, लोकेशन एनालिसिस व फील्ड इंटेलिजेंस के माध्यम से पुलिस टीम यूपी के शामली, गाजियाबाद और हरियाणा के फरीदाबाद तक पहुंची और वहां से गिरोह के चार सदस्य सारिक पिता उमरदीन (30 वर्ष), निवासी खेडा कुर्तान, थाना कांदला, जिला शामली उत्तरप्रदेश, नईम अल्वी पिता मेहरवान (28 वर्ष) निवासी संगम विहार, थाना लोनी जिला गाजियाबाद उत्तरप्रदेश, नियाज पिता इजहार मोहम्मद (27 वर्ष) निवासी गंगैरू थाना कांदला जिला शामली उत्तरप्रदेश तथा गौरव सरोवा पिता त्रिलोकचंद सरोवा (33 वर्ष), निवासी डवुआ कॉलोनी, जिला फरीदाबाद (हरियाणा) को गिरफ्तार किया।
आरोपियों से पुलिस टीम ने 118 फर्जी एटीएम कार्ड, स्विफ्ट डिज़ायर कार, ठगी की संपूर्ण राशि ₹56,000/- शत-प्रतिशत बरामद की है
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा हाल ही में कई अभियानों में भी उल्लेखनीय सफलताएं दर्ज की गई हैं। जिनमें नरसिंहगढ़ पुलिस ने 3500 किलोमीटर की यात्रा कर पश्चिम बंगाल के मालदा से आपराधिक विश्वासघात के आरोपी को गिरफ्तार किया और लगभग ₹10 लाख मूल्य का संपूर्ण मशरूका तथा मन्दसौर जिले की भानपुरा पुलिस ने अमानत में खयानत और धोखाधड़ी के मास्टरमाइंड आरोपी को गिरफ्तार कर 21 चार पहिया वाहन (करीब ₹1 करोड़ मूल्य), दस्तावेज़ एवं मोबाइल फोन जब्त किए है, शामिल हैं। इन सतत और प्रभावी कार्रवाइयों से यह स्पष्ट होता है कि मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर और वित्तीय अपराधों पर सशक्त पकड़ बनाई है।पुलिस बल का यह प्रयास न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि यह जनता के प्रति पुलिस की पारदर्शी, संवेदनशील और उत्तरदायी छवि को भी सुदृढ़ करता है। प्रदेश में चल रहे “साइबर सुरक्षा अभियान” के तहत, मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, उनकी आर्थिक संपत्ति की रक्षा और अपराध पर नियंत्रण के लिए निरंतर तत्पर है।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अंतर्राज्यीय चोर गिरोहों का पर्दाफाश
30 Oct, 2025 09:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
11 लाख से अधिक के सोने-चाँदी के जेवर एवं वाहन सहित कुल ₹31.5 लाख की संपत्ति बरामद
भोपाल, 30 अक्टूबर 2025। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्यभर में चोरी, नकबजनी एवं वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में देवास और विदिशा जिले की पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए अंतर्राज्यीय चोर गिरोहों का पर्दाफाश किया है।
देवास पुलिस की कार्रवाई:
देवास जिले में अलग-अलग सूने मकानों में चोरी की तीन घटनाओं का खुलासा किया गया। यह कार्रवाई ऑपरेशन त्रिनेत्रम के अंतर्गत की गई, जिसके तहत शहर में जनसहयोग से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर पुलिस ने ठोस सुराग प्राप्त किए। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और सक्रिय पुलिस टीमों के प्रयास से कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन घटनाओं में सोने-चाँदी के जेवर, बैंक एफडीआर और वाहन सहित लगभग ₹23.5 लाख का मशरूका बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी देवास के अलावा भोपाल, सिहोर, इंदौर और उज्जैन जिलों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
विदिशा पुलिस की कार्रवाई:
विदिशा जिले की शमशाबाद पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नकबजनी प्रकरण का खुलासा किया। पुलिस टीम ने सतर्कता से कार्य करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सोने-चाँदी के जेवर एवं ₹60,000 नगदी सहित लगभग ₹8,00,000 मूल्य का माल बरामद किया। इस प्रकार देवास एवं विदिशा जिलों की संयुक्त कार्रवाई में कुल ₹31.5 लाख से अधिक मूल्य का चोरी गया माल बरामद किया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण के लिए जारी विशेष प्रयासों के परिणामस्वरूप अंतर्राज्यीय चोरी गिरोहों पर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में समस्त जिलों में चोरी, नकबजनी एवं वाहन चोरी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु विशेष निगरानी एवं कार्ययोजनाएं लागू की गई हैं। इन निरंतर कार्रवाइयों से अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में ठोस परिणाम प्राप्त हो रहे हैं तथा नागरिकों की सुरक्षा भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है।
खेती की जैविक पद्धतियों को अपनाएँ : राज्यपाल पटेल
30 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि किसान को खेती की जैविक पद्धतियों, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करें। कृषि की आधुनिक तकनीक और नई शोध पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन की क्वालिटी और क्वांटिटी बढ़ाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि अब समाज में लोगों का रूझान जैविक उत्पादों की ओर बढ़ रहा है। राज्यपाल पटेल गुरूवार को रफी अहमद किदवई कृषि महाविद्यालय सीहोर के कन्या छात्रावास एवं ऐरोपोनिक्स इकाई के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना भी मौजूद थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्राकृतिक खेती, भूमि एवं पर्यावरण हितैषी कृषि पद्धति है, जो भूमि की ऊर्वरता बनाए रखती है। इसके लिए समय-समय पर वर्मी कंपोस्ट का उपयोग भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से कहा कि वे किसानों की आय बढ़ाने वाली उन्नत बीजों और नई तकनीकों पर अनुसंधान करें। राज्यपाल पटेल ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को शोध और नवाचार की भावना के साथ मेहनत से कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण का संयोजन ही राष्ट्र के भविष्य को बेहतर दिशा प्रदान कर सकता है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए उत्तम आहार और संतुलित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जंक फूड का उपयोग नहीं करें। भोजन में स्वास्थ्य वर्धक एवं पोषक तत्वों से भरपूर आहार को प्राथमिकता दें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि कुपोषण एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के निदान के लिए मशरूम जैसी पौष्टिक फसलों को आम घरों तक पहुँचाने की आवश्यकता है। मशरूम पोषण का उत्तम स्रोत होने के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण साधन भी बन सकता है।
प्रकृति का शोषण नहीं, बल्कि पोषण करना जरूरी
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश में सबसे अधिक वन मध्यप्रदेश में हैं। यह प्रकृति का अनमोल खजाना है। हमें इसका संरक्षण और संवर्धन करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। राज्यपाल पटेल ने कहा कि यदि हर व्यक्ति एक पेड़ लगाने की जिम्मेदारी निभाता है तो हमारी धरती और अधिक हरित और समृद्ध बन सकती है। उन्होंने सभी से अपील की कि एक पेड़ “माँ” के नाम अवश्य लगाएं। उसकी नियमित देखरेख भी करें। यह प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव के प्रतीक के साथ प्रकृति संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा। उन्होंने प्रकृति और औषधीय गुणों की चर्चा करते हुए कहा कि अधिकांश पेड़ों में मौजूद औषधीय गुण प्राकृतिक चिकित्सा में बहुत मददगार हैं इसलिए हमें प्रकृति का शोषण नहीं, बल्कि उसका पोषण करना जरूरी है, ताकि भावी पीढ़ी को स्वस्थ और समृद्ध पर्यावरण की विरासत प्रदान कर सके।
प्रदेश में किसान कल्याण की अनेक योजनाएं संचालित : कृषि मंत्री कंषाना
कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा खेती के विकास और किसानों के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है।
कृषि प्रदर्शनी का किया अवलोकन
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने महाविद्यालय परिसर में कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा उत्पादित विभिन्न फसलों, जैविक उत्पादों एवं नवीन तकनीक के प्रदर्शन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं किसानों और वैज्ञानिकों से संवाद किया। कृषि क्षेत्र के नवाचारों एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में कुलगुरू अरविन्द कुमार शुक्ला ने कृषि महाविद्यालय तथा राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस कृषि वैज्ञानिक, विद्यार्थी, अधिकारी तथा किसान उपस्थित थे।
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