मध्य प्रदेश
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अंतर्राज्यीय चोर गिरोहों का पर्दाफाश
30 Oct, 2025 09:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
11 लाख से अधिक के सोने-चाँदी के जेवर एवं वाहन सहित कुल ₹31.5 लाख की संपत्ति बरामद
भोपाल, 30 अक्टूबर 2025। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्यभर में चोरी, नकबजनी एवं वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में देवास और विदिशा जिले की पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए अंतर्राज्यीय चोर गिरोहों का पर्दाफाश किया है।
देवास पुलिस की कार्रवाई:
देवास जिले में अलग-अलग सूने मकानों में चोरी की तीन घटनाओं का खुलासा किया गया। यह कार्रवाई ऑपरेशन त्रिनेत्रम के अंतर्गत की गई, जिसके तहत शहर में जनसहयोग से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर पुलिस ने ठोस सुराग प्राप्त किए। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और सक्रिय पुलिस टीमों के प्रयास से कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन घटनाओं में सोने-चाँदी के जेवर, बैंक एफडीआर और वाहन सहित लगभग ₹23.5 लाख का मशरूका बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी देवास के अलावा भोपाल, सिहोर, इंदौर और उज्जैन जिलों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
विदिशा पुलिस की कार्रवाई:
विदिशा जिले की शमशाबाद पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नकबजनी प्रकरण का खुलासा किया। पुलिस टीम ने सतर्कता से कार्य करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सोने-चाँदी के जेवर एवं ₹60,000 नगदी सहित लगभग ₹8,00,000 मूल्य का माल बरामद किया। इस प्रकार देवास एवं विदिशा जिलों की संयुक्त कार्रवाई में कुल ₹31.5 लाख से अधिक मूल्य का चोरी गया माल बरामद किया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण के लिए जारी विशेष प्रयासों के परिणामस्वरूप अंतर्राज्यीय चोरी गिरोहों पर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में समस्त जिलों में चोरी, नकबजनी एवं वाहन चोरी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु विशेष निगरानी एवं कार्ययोजनाएं लागू की गई हैं। इन निरंतर कार्रवाइयों से अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में ठोस परिणाम प्राप्त हो रहे हैं तथा नागरिकों की सुरक्षा भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है।
खेती की जैविक पद्धतियों को अपनाएँ : राज्यपाल पटेल
30 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि किसान को खेती की जैविक पद्धतियों, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करें। कृषि की आधुनिक तकनीक और नई शोध पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन की क्वालिटी और क्वांटिटी बढ़ाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि अब समाज में लोगों का रूझान जैविक उत्पादों की ओर बढ़ रहा है। राज्यपाल पटेल गुरूवार को रफी अहमद किदवई कृषि महाविद्यालय सीहोर के कन्या छात्रावास एवं ऐरोपोनिक्स इकाई के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना भी मौजूद थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्राकृतिक खेती, भूमि एवं पर्यावरण हितैषी कृषि पद्धति है, जो भूमि की ऊर्वरता बनाए रखती है। इसके लिए समय-समय पर वर्मी कंपोस्ट का उपयोग भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से कहा कि वे किसानों की आय बढ़ाने वाली उन्नत बीजों और नई तकनीकों पर अनुसंधान करें। राज्यपाल पटेल ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को शोध और नवाचार की भावना के साथ मेहनत से कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण का संयोजन ही राष्ट्र के भविष्य को बेहतर दिशा प्रदान कर सकता है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए उत्तम आहार और संतुलित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जंक फूड का उपयोग नहीं करें। भोजन में स्वास्थ्य वर्धक एवं पोषक तत्वों से भरपूर आहार को प्राथमिकता दें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि कुपोषण एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के निदान के लिए मशरूम जैसी पौष्टिक फसलों को आम घरों तक पहुँचाने की आवश्यकता है। मशरूम पोषण का उत्तम स्रोत होने के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण साधन भी बन सकता है।
प्रकृति का शोषण नहीं, बल्कि पोषण करना जरूरी
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश में सबसे अधिक वन मध्यप्रदेश में हैं। यह प्रकृति का अनमोल खजाना है। हमें इसका संरक्षण और संवर्धन करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। राज्यपाल पटेल ने कहा कि यदि हर व्यक्ति एक पेड़ लगाने की जिम्मेदारी निभाता है तो हमारी धरती और अधिक हरित और समृद्ध बन सकती है। उन्होंने सभी से अपील की कि एक पेड़ “माँ” के नाम अवश्य लगाएं। उसकी नियमित देखरेख भी करें। यह प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव के प्रतीक के साथ प्रकृति संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा। उन्होंने प्रकृति और औषधीय गुणों की चर्चा करते हुए कहा कि अधिकांश पेड़ों में मौजूद औषधीय गुण प्राकृतिक चिकित्सा में बहुत मददगार हैं इसलिए हमें प्रकृति का शोषण नहीं, बल्कि उसका पोषण करना जरूरी है, ताकि भावी पीढ़ी को स्वस्थ और समृद्ध पर्यावरण की विरासत प्रदान कर सके।
प्रदेश में किसान कल्याण की अनेक योजनाएं संचालित : कृषि मंत्री कंषाना
कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा खेती के विकास और किसानों के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है।
कृषि प्रदर्शनी का किया अवलोकन
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने महाविद्यालय परिसर में कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा उत्पादित विभिन्न फसलों, जैविक उत्पादों एवं नवीन तकनीक के प्रदर्शन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं किसानों और वैज्ञानिकों से संवाद किया। कृषि क्षेत्र के नवाचारों एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में कुलगुरू अरविन्द कुमार शुक्ला ने कृषि महाविद्यालय तथा राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस कृषि वैज्ञानिक, विद्यार्थी, अधिकारी तथा किसान उपस्थित थे।
मध्यप्रदेश ने भारत में पहली बार पीपीपी मोड पर चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की पहल की : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
30 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने भारत में पहली बार पीपीपी मोड पर (सार्वजनिक-निजी सहभागिता) चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की पहल की है। धार, पन्ना, कटनी और बैतूल में पीपीपी मोड पर चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। द्वितीय चरण में 9 जिलों क्रमश: टीकमगढ़, भिंड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, सीधी और शाजापुर में चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की कार्यवाही जारी है। प्रदेश में रोगियों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि के उद्देश्य से टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडौरी में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्मित अतिरिक्त बिस्तरों के संचालन के लिए 810 नवीन पदों के नियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, टीकमगढ़ में चिकित्सा सुविधा के विस्तार के लिए उनका आभार मानने मुख्यमंत्री निवास आए युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गजमाला पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह व गदा भेंटकर सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला तथा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ की क्षमता बढ़ाते हुए 300 बिस्तर से 500 बिस्तर में उन्नयन तथा इनके संचालन के लिए 160 नवीन पदों के नियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। गत वर्ष टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में 16 करोड़ रूपए की लागत से अतिरिक्त 100 बिस्तरीय नवीन भवन का निर्माण किया गया है। टीकमगढ़ अस्पताल में अब विशेषज्ञ ओ.पी.डी, आपातकालीन सेवायें, परिवार कल्याण सेवायें, लैब, रेडियोलॉजी, ट्रामा केयर, कीमोथैरेपी, डायलिसिस, गहन नवजात देखभाल इकाई आदि सुविधाओं के साथ प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, हाईरिस्क प्रेगनेंसी की पहचान और प्रबंधन, सुरक्षित प्रसव और परिवार कल्याण संबंधी परामर्श व सुविधा उपलब्ध होगी।
छिंदवाड़ा में नवंबर में बंद हो सकती है LPG सिलेंडर की डिलीवरी, देशभर में हड़ताल की चेतावनी
30 Oct, 2025 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा: 6 नवंबर से आपके घरों तक एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी रुक सकती है. एलपीजी डीलरों का कहना है कि सरकार के द्वारा घर तक गैस सिलेंडर पहुंचाने का जो खर्चा उन्हें दिया जाता है, वह काफी कम है. अगर सरकार उनकी मांगे नहीं मानेगी तो 6 नवंबर से गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी के साथ ही बिक्री पर भी रोक लगाते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे.
होम डिलीवरी का चार्ज बढ़ाने का आंदोलन
छिंदवाड़ा में एलपीजी गैस डीलरों ने बताया कि ग्राहकों के घर तक रसोई गैस पहुंचा कर देना उनका काम है, लेकिन सरकार द्वारा घर इस सेवा के लिए जो दाम दिया जाता है, वह बहुत कम है. इसके साथ ही प्रशासकीय शुल्क में भी कमी है. इसके लिए कई बार सरकार से मांग की गई है. जिस तरीके से महंगाई बढ़ी है, उस हिसाब से होम डिलीवरी का चार्ज बहुत कम है. सरकार अगर डीलरों की मांग नहीं मानती है, तो वह 6 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे. ऐसे में न तो एजेंसी से सिलेंडर का वितरण करेंगे और न ही ग्राहकों को घर पहुंच सेवा दे सकेंगे.
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
भारत सरकार की सार्वजनिक तेल कंपनी आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के एलजी डीलरों ने 24 अक्टूबर 2025 से आंदोलन प्रारंभ किया था. एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन ने बताया कि, ''24 अक्टूबर 2025 को आंदोलन के प्रथम चरण में सभी डीलर व उनके कर्मचारी ने काली पट्टी बांधकर काम किया था और जिला कलेक्टर के माध्यम से सचिव पेट्रोलियम मंत्रालय को ज्ञापन सौंपा. 29 अक्टूबर को सभी वितरक व उनके कर्मचारियों ने अपने जिला मुख्यालय पर मशाल एवं मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. 6 नवंबर 2025, गुरुवार को आंदोलन का अंतिम चरण होगा. अंतिम चरण में यदि एलपीजी वितरक सेवा शुल्क एवं होम डिलीवरी प्रभाव में वृद्धि नहीं की गई, तो एलपीजी वितरण का अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की जाएगी.
देश भर में एलपीजी की डिलीवरी होगी बंद
एलपीजी सिलेंडर डीलर रिद्धि नाहर ने बताया कि "यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से किया है, ताकि सरकार को हमारी मांगों पर विचार कर उसे पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके. लेकिन अगर इसके बाद भी सरकार हमारी मांगों पर विचार कर हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है तो आंदोलन पूरे देश में किया जाएगा और 6 नवंबर से गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी रोक दी जाएगी."
कांग्रेस MLA उमंग सिंघार बोले – सत्र छोटा, जनता के मुद्दों पर चर्चा जरूरी; राज्यपाल को भेजा पत्र
30 Oct, 2025 12:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है। इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 16वीं विधानसभा के सप्तम सत्र (दिसंबर 2025) की अवधि बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस सत्र की अधिसूचना के अनुसार 1 दिसंबर से 5 दिसंबर 2025 तक केवल चार बैठकें प्रस्तावित की गई हैं, जो प्रदेश के ज्वलंत और जनहित से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा के लिए अपर्याप्त हैं।
उमंग सिंघार ने लिखा पत्र
उमंग सिंघार ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रदेश के सामने कई महत्वपूर्ण विषय हैं, लेकिन सीमित अवधि में इन विषयों पर व्यापक बहस संभव नहीं होगी। उन्होंने पत्र में आग्रह किया है कि लोकतांत्रिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए सत्र की अवधि बढ़ाई जाए ताकि विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों को जनता के हित से संबंधित प्रश्नों पर विस्तार से चर्चा का अवसर मिल सके।नेता प्रतिपक्ष ने इसको लेकर कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, और जनता की आवाज को वहां पूरी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। सत्र का विस्तार इसी भावना को सशक्त करेगा।
5 दिनों तक चलेगा शीतकालीन सत्र
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर2025 को शुरू होगा, जो पांच दिनों का होगा। इस सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस सत्र में विधायकों के प्रश्नों के जवाब के साथ कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश होंगे।
एक नवंबर से मिनटों में पहुंचेंगे मांडू-खजुराहो, हेलीकॉप्टर से नेशनल पार्क की उड़ान
30 Oct, 2025 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: अब आप भोपाल से तामिया, पचमढ़ी, इंदौर, महेश्वर, मांडू और जबलपुर से पेंच-बांधवगढ़ नेशनल पार्क की उड़ान भर सकेंगे. एक नवंबर 1957 की स्थापना के बाद 70 बरस पूरे करने जा रहे मध्य प्रदेश के लोगों को इस स्थापना दिवस पर खास हवाई सौगात मिलने जा रही है. अब मध्य प्रदेश का आम आदमी भी पचमढ़ी से लेकर खजुराहो और धार्मिक नगर उज्जैन से लेकर ओंकारेश्वर तक कई घंटों में नहीं मिनटों में पहुंच सकेगा. अंतर्राज्यीय हवाई सेवा शुरु करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है.
अब कान्हा और खजुराहो का सफर मिनटों में
मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर और सुकून व इत्मीनान देने वाले डेस्टिनेशन्स तक अब मध्य प्रदेश के लोग मिनटों में पहुंच सकेंगे. चाहे तो अब किसी हिल डेस्टिनेशन या फिर जंगल सफारी का पूरा प्लान एक वीकेंड में भी बना सकते हैं. असल में मध्य प्रदेश की स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश वासियों को ये सौगात मिलने जा रही है. मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि, ''एक नवंबर से सरकार मध्य प्रदेश में पीएम श्री हवाई सेवा शुरु होने जा रही है. एक नवंबर को दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव तीन अंचल के लिए एक साथ हवाई सेवा शुरु करेंगे.''
उन्होंने बताया कि, ''भोपाल से इंदौर, मांडू, महेश्वर और उज्जैन के लिए एक सेवा होगी. दूसरी भोपाल से मढई, पचमढ़ी, तामिया और खजुराहो के लिए होगी. तीसरी जबलपुर से जो प्रदेश के नेशनल पार्क हैं जैसे कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच यहां के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरु की जाएगी. मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य होगा जो अंतर्राज्यीय एयर सर्विसेस से जुड़ेगा. एक वर्ष पहले आठ सीटर भोपाल से सतना, रीवा और सिंगरौली के लिए पीएम वायु श्री सेवा शुरु की गई थी. जिसमें अब तक दस हजार से ज्यादा यात्री लाभ उठा चुके हैं.''
जुबिन नौटियाल आएंगे, महनाट्य विक्रमादित्य का मंचन
संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र लोधी ने मीडिया को बताया कि, ''इस वर्ष मध्य प्रदेश की स्थापना का 70 वां वर्ष है, इसलिए पहली बार ये उत्सव तीन दिन का होगा.'' उन्होंने बताया कि, ''अभ्युदय मध्य प्रदेश की थीम पर इसे मनाया जा रहा है. जो कि मध्य प्रदेश के उत्थान, आत्मनिर्भरता, समृद्धि का प्रतीक है. इस आयोजन में केन्द्रीय नागरिक उड्डन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू, कानून राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहेंगे.
उन्होंने बताया कि, ''इस दिन शाम को होने वाले सांस्कृतिक आयोजन में पांच सौ कलाकार श्री कृष्ण की सांगीतिक यात्रा की प्रस्तुति देंगे. इसके अलावा लोक गायक जुबिन नौटियाल की सांगीतिक प्रस्तुति होगी. इसके बाद 2 और 3 नवंबर को उज्जैन की संस्था विसाला महानाट्य विक्रमादित्य का मंचन करेगी. इनके अलावा 2 नवंबर को हंसराज रघुवंशी और 3 नवंबर को स्नेहा शंकर भी अपनी विशेष प्रस्तुतियां देंगी.
'केंचुए के घर से करोड़ों निकले, तो अजगर के यहां कितने?', उमा भारती का किस पर निशाना
30 Oct, 2025 10:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती लंबे विराम के बाद फिर फॉर्म में लौट रही हैं. शराबबंदी को लेकर पिछली बार सुर्खियों में आईं उमा ने इस बार भ्रष्टाचार पर हमला बोला है. भोपाल में 'गौ-संवर्धन संकल्प सभा' में उमा भारती ने कहा कि "राजनीति से पैसा कमाने वाले उसे नर्क बनाते थे, राजनीति में सेवा से मोक्ष प्राप्ति होती है. मैंने चुनाव टाले हैं, राजनीति नहीं." उन्होंने कहा कि "क्लर्क के घर से करोड़ों निकल रहे हैं. छोटे-छोटे कर्मचारियों के घर से करोड़ों निकल रहे हैं. अगर केंचुए के घर में इतना है, तो अजगर के घर में कितना होगा."
उमा भारती ने बिना नाम लिए किसपर साधा निशाना
उमा भारती ने भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया और कहा कि "सरकार के प्रमुख काम कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त शासन-प्रशासन, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य है. शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मध्य प्रदेश में अभी और काम होना है." उन्होंने कहा कि "क्लर्कों के घर में करोड़ों रुपए निकल रहे हैं. आप अंदाजा लगाइए कि अगर केंचुए के घर से इतना पैसा निकल रहा है, तो अजगर के घर में कितना होगा."
उमा ने पीएम नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा "उनकी सरकार आने के बाद अधिकारियों और नेताओं पर लगाम कसी है. मोदी जी जैसा प्रधानमंत्री है तो मंत्रिमंडल के लोग ज्यादा खर्च भी नहीं कर सकते. एक मंत्री जिन्होंने विवाह में ज्यादा खर्च किया तो उनको टोका गया. एक अन्य मंत्री जो अपनी पत्नी को लेकर विदेश यात्रा पर गए, उनसे भी कहा गया कि भले आप अपने खर्च पर लेकर गए हों, लेकिन ये आप नेता की तरह आदर्श उदाहरण प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं. ये संपत्ति का वल्गर प्रदर्शन है. नेता वो है जो नेतृत्व का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करे."
'मैंने तो खुले शेर की तरह काम किए'
उमा भारती ने इस कार्यक्रम में अपने मन की भी बात कही. उन्होंने कहा, "मैं राजनीति, सत्ता का अनादर नहीं करती. मंत्री तो पिंजरे का शेर बन जाता है. मैंने तो खुले शेर की तरह काम किया. न अपनी मर्जी से गई और न आई. मैंने एनडीए में आने की बात कही थी. अशोक सिंघल के कहने से बीजेपी में आई."
उमा ने उस वाकये का भी जिक्र किया कि किस तरह से राजनाथ सिंह ने फोन कर चुनाव लड़ने के लिए कहा था. उन्होंने कहा, "मंत्री बनने पर मैंने गंगा का काम किया. फिर मैंने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया. 2019 में मैंने खुलकर चुनाव प्रचार किया. छुटभैये नेता मेरे साथ खड़े होने से डरते हैं. ऐसे नेता सिर्फ फोटो और सेल्फी लेते हैं."
'मैंने मध्य प्रदेश में शराबबंदी की लड़ाई लड़ी'
पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा ने कहा कि "मैंने मध्य प्रदेश में शराबबंदी की लड़ाई लड़ी. इसके बाद शराब नीति बनी और प्रदेश से अहाते खत्म हो गए. नई दुकान नहीं खुलीं. प्रदेश में शराब की दुकान खत्म हो इसके लिए समाज को भी आगे आना चाहिए. तमिलनाडु, उत्तराखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य की अच्छी सुविधा है, लेकिन इन राज्यों के मुकाबले मध्य प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था उतनी अच्छी नहीं है."
'लाड़ली बहनों को पैसों के साथ मिले एक-एक गाय'
उमा भारती ने इस मौके पर गौ-संवर्धन संकल्प सभा में 11 प्रस्ताव भी पास किए. उन्होंने कहा कि "लाड़ली बहनों को जो धनराशि दी जा रही है उसके साथ ये प्रयास भी होना चाहिए कि उन्हें एक-एक गाय भी दी जाए, जिससे लाड़ली बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हो सके."
AIIMS भोपाल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने बीच सड़क पर शराब के नशे में मचाया उत्पात, पुलिस को दीं गालियां
30 Oct, 2025 09:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। AIIMS भोपाल (Bhopal) के इमरजेंसी गेट के सामने मंगलवार देर रात रेजिडेंट डॉक्टरों (Resident Doctors) ने नशे में जमकर उत्पात मचाया। बताया जा रहा है कि चार डॉक्टर सड़क पर कार खड़ी करके शराब पार्टी (Wine Party) कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पुलिस के साथ बदतमीजी की।
वायरल वीडियो में एक डॉक्टर पुलिसकर्मी से अभद्रता करते हुए कहता नजर आ रहा है, “2016 से यहां हूं, तुम कौन हो, मैं 10 थाना के अधिकारियों को जानता हूं।” वीडियो में कार की छत पर बीयर की बोतल रखी दिख रही है। दो डॉक्टर कार में नशे में धुत पड़े हैं और बीयर व स्नैक्स चारों ओर बिखरे हुए हैं।
जब पुलिस ने पूछा कि इतनी क्यों पी ली, तो डॉक्टर ने जवाब दिया कि हम यहीं के हैं, एम्स के हैं। घटना रात करीब दो बजे की बताई जा रही है। वीडियो में डॉक्टर मौके से भागने की कोशिश करता है, लेकिन पुलिसकर्मी उसे रोक लेते हैं। पुलिस ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर एम्स प्रबंधन को भेज दी है।
सूत्रों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 11 बजे एम्स प्रशासन को घटना की जानकारी मिली। प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी है। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि वीडियो में दिख रहे लोग वास्तव में एम्स से जुड़े हैं या नहीं। उनकी पहचान और विभाग की पुष्टि के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मध्यप्रदेश ने किया बंद पड़ी खदानों को प्रारंभ करने में सराहनीय कार्य : सचिव खनन मंत्रालय गोयल
29 Oct, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सचिव खान मंत्रालय भारत सरकार पीयूष गोयल ने कहा कि मध्यप्रदेश में बंद पड़ी खदानों को प्रारंभ करने में सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नीलाम किये गये खनिज ब्लॉकों में भी मध्यप्रदेश राज्य ने उत्कृष्ट कार्य किया है। सचिव गोयल ने होटल ताज लेंक फ्रंट भोपाल में मुख्य खनिज ब्लॉक के संचालन की समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने खदान संचालन के लिये वैधानिक कठिनाई दूर करने के लिये नीलाम किये जाने के पहले जिला स्तर पर नीलाम ब्लॉक में शामिल भूमि के परीक्षण के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में वन, राजस्व एवं खनिज साधन विभाग की कमेटी गठित किये जाने के निर्देश दिये।
सचिव गोयल ने ब्लॉक के सफल बोलीदारों के साथ खनन संचालन प्रारंभ करने के लिये चर्चा की। चर्चा में बोलीदारों को वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों के निराकरण के लिये सुझाव दिये। गोयल ने भारत सरकार द्वारा किये जा रहे नीतिगत प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि खनन संचालन के लिये वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय को न्यूनतम किये जाने के लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है, लेकिन इसमें सफल बोलीदार को भी अपने स्तर पर प्रयास करना होंगे। गोयल ने कहा कि वन मंत्रालय से भी वन अनुमति प्राप्त करने के लिये शीघ्र बैठक आयोजित की जायेगी। बैठक में वन अनुमति प्राप्त करने में वैधानिक कठिनाइयों को दूर करने के लिये चर्चा होगी। इसका लाभ सभी सफल बोलीदारों को प्राप्त होगा।
प्रमुख सचिव खनिज उमाकांत उमराव ने बैठक में बताया कि प्रदेश में 118 विभिन्न मुख्य खनिज ब्लॉकों का खान एवं खनिज अधिनियम एवं प्रावधान के अंतर्गत सफल नीलामी की गयी है। खनि पट्टा के 6 ब्लॉक तथा समेकित अनुज्ञप्ति के 12 ब्लॉक में कार्य प्रारंभ हो गया है। शेष ब्लॉकों में खनन संक्रियाएं प्रारंभ करने के लिये राज्य शासन द्वारा सतत रूप से समीक्षा की जा रही है।
प्रमुख सचिव उमराव ने बताया कि खनिज साधन विभाग द्वारा खनन संचालन में वैधानिक अनुमति प्राप्त करने के लिये नियमानुसार आवेदन करने तथा आवेदन की पूर्ति करने में नियमों की स्पष्ट जानकारी दिये जाने के लिये कार्यशाला भी आयोजित की गयी। कार्यशाला में सफल बोलीदार, आरक्यूपी, पर्यावरण सलाहकार, वन विभाग के प्रतिनिधि, भारतीय खान ब्यूरो और एसबीआई केप के प्रतिनिधियों द्वारा भाग लिया गया। खनिज साधन द्वारा किये जा रहे प्रयासों से खनन संचालन के लिये आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय में निरंतर कमी परिलक्षित हुई है। इनमें आशय पत्र जारी करना, खनन योजना प्रस्तुत करना, पर्यावरण अनुमति के लिये आवेदन प्रस्तुत करना और पर्यावरण अनुमति के लिये टीओआर जारी करने में लगने वाले दिवसों में कमी आयी है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से सफल बोलीदारों से चर्चा की जा रही है तथा उन्हें समक्ष में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिये प्रशासकीय स्तर पर चर्चा भी की जा रही है।
समीक्षा बैठक में संचालक प्रशासन एवं खनिकर्म फ्रेंक नोबल, पीसीसीएफ मनोज अग्रवाल, सचिव पर्यावरण अतुल मिश्रा, मेंबर सेक्रेटरी सिया दीपक आर्य तथा भारत सरकार खान मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, सफल बोलीदारों, उनके प्रतिनिधि और खनिज साधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
रेलवे में तकनीकी अपग्रेड: श्रीधाम–भदनपुर सेक्शन पर 2×25 केवी सिस्टम को हरी झंडी
29 Oct, 2025 10:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भारतीय रेल ट्रैकों की क्षमता, ट्रेनों की गति एवं फ्रेट लोडिंग बढ़ाने के लिए अधोसरंचना कार्यों को गति प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। जिसके अंतर्गत भारतीय रेलवे द्वारा "मिशन 3000 मिलियन टन" एवं "मिशन रफ्तार" की जैसी योजनायें तैयार की जा रही है। इन योजनाओं को सुनिश्चित करने के किये भारतीय रेलवे ने एक नया 2x25 केवी ट्रैक्शन सिस्टम शुरू किया गया है, जो पारंपरिक ओवरहेड उपकरणों की जगह लेगा। इस परियोजना का उद्देश्य ट्रेन की गति बढ़ाना और ऊर्जा की हानि को कम करना है, जो कि संतुलित संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केन्द्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी ने कहा कि जबलपुर से कटनी रेलवे का व्यस्त सेक्शन है। ज्यादा गाड़ी चलाने के लिए इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन सिस्टम को 2×25 केवी लेवल पर अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया है। इससे मुंबई-प्रयागराज ट्रंक रूट पर अधिक गाड़ियां चलाई जा सकेंगी। अगले तीन वर्षों में 437 करोड़ रुपए के निवेश से यह सेक्शन अपग्रेड हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि 2×25 केवी ट्रैक्शन सिस्टम एक रेलवे विद्युतीकरण प्रणाली है जिसका उपयोग इलेक्ट्रिक ट्रेनों के लिए किया जाता है। इसमें, ट्रैक्शन सब-स्टेशन 50 केवी पर बिजली की आपूर्ति करता है, और इसे ऑटो-ट्रांसफार्मर (AT) का उपयोग करके 25 केवी पर परिवर्तित किया जाता है। यह प्रणाली अधिक कुशल होती है और पारंपरिक प्रणालियों की तुलना में वोल्टेज ड्रॉप कम करती है। इस परियोजना के मंजूरी मिलने से भारतीय रेलवे के "मिशन 3000 मिलियन टन" और "मिशन रफ्तार" को गति मिलेगी, साथ ही रेलवे सेक्शन की क्षमता बढ़ेगी एंव ट्रेनें तेज गति (160 केएमपीएच) से चलाई जा सकेगी। पश्चिम मध्य रेल में कोटा-नागदा सेक्शन, इटारसी-भोपाल-बीना सेक्शन, इटारसी-श्रीधाम एवं भदनपुर-मानिकपुर सेक्शन को पहले से ही 2×25 केवी ट्रैक्शन सिस्टम की मंजूरी मिली हुई है। इस तरह अब श्रीधाम-भदनपुर रेलखंड को मंजूरी मिलने से इटारसी से मानिकपुर तक सम्पूर्ण सेक्शन 2×25 केवी ट्रैक्शन सिस्टम का हो जायेगा। पश्चिम मध्य रेल के श्रीधाम-भदनपुर रेलखंड (192 मार्ग किमी/430 टीकेएम) के लिए रुपये 437 करोड़ 58 लाख की लागत से "1x25 केवी से 2x25 केवी कर्षण प्रणाली में विद्युत कर्षण प्रणाली के उन्नयन" प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इस प्रणाली का फायदा मुंबई-प्रयागराज ट्रंक रूट को मिलेगा जिस पर अधिक गाड़ियां तेज गति से चलाई जा सकेंगी।
साइबर अपराध से लड़ाई पुलिस के साथ पूरे समाज की है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
29 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'रन फॉर साइबर अवेयरनेस' जागरूकता अभियान के आयोजन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस सहित सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि साइबर अपराध से लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, पूरे समाज की है। तकनीक और कानून अपने स्थान पर हैं, पर सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। जब नागरिक जागरूक होगा, तभी राष्ट्र सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने डिजिटल युग की सबसे जरूरी पहल को जन-आंदोलन का रूप दिया है। हम जिस रफ्तार से डिजिटल रूप से मजबूत हुए हैं उसी रफ्तार से नई परेशानियां और खतरे सिर उठाने लगे हैं। जिस तकनीक ने हमें जोड़ा है उसी तकनीक ने अपराधियों को नए हथियार भी दिए हैं और आज ठगी के नए-नए तरीके आ गए हैं। डिजिटल अरेस्ट, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी फॉड, ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी और फेक इन्वेस्टमेंट लिंक जैसे अपराध बढ़ते जा रहे हैं। ये हमारे समाज के हर वर्ग को प्रभावित कर रहे हैं। 'रन फॉर साइबर अवेयरनेस' डिजिटल युग में नागरिक सुरक्षा का कर्तव्य निभा रही है। साइबर सिपाही, जिम्मेदारी, सुरक्षा और जागरूकता की दौड़ के लिए एकजुट हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर सुरक्षा और जागरूकता के लिए आयोजित रन फॉर साइबर अवेयरनेस के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रन के लिए एकत्र प्रतिभागियों को अटल पथ स्थित प्लेटिनम प्लाजा से झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रन अटल पथ से एपेक्स बैंक तिराहा होते हुए टी.टी. नगर स्टेडियम पर पूर्ण हुई। इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर पुलिस बैंड की धुन के साथ सलामी दी गई। पुलिस महानिदेशक तथा अन्य पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें कॉल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब डिजिटल इंडिया का सपना देखा था तब उन्होंने भारत को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की परिकल्पना की थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत डिजिटल क्रांति का अग्रदूत बना है। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाएं, ई-गवर्नेंस ये सब आज सबके जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। मध्यप्रदेश ने भी पंचायत से लेकर सचिवालय तक हर स्तर पर डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का काम किया है। बैंकिंग से लेकर शिक्षा तक और रोजगार से लेकर शासन तक हर प्रक्रिया अब ऑनलाइन है। आज के समय में साइबर अपराधी कभी स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर, कभी बैंक मैनेजर बनकर, तो कभी किसी सरकारी एजेंसी का नाम लेकर लोगों को ठग रहे हैं। जब किसी परिवार की मेहनत की कमाई पलभर में लुट जाती है, जब किसी विद्यार्थी का भविष्य ठगी में फंस जाता है, तो यह पूरे समाज के लिए पीड़ा का विषय बन जाता है। यदि किसी के साथ साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें। देरी करने से पीड़ित के पैसे वापस मिलने की संभावना कम हो जाती है इसलिए त्वरित कार्रवाई ही बचाव है। जैसे हमने स्वच्छता को अपनी संस्कृति बनाया है, वैसे ही हमें साइबर स्वच्छता को भी अपनी संस्कृति बनाना होगा।
डिजिटल युग का संविधान और सुरक्षित नागरिक का संस्कार है, स्टॉप थिंक एंड देन टेक एक्शन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साइबर अपराध की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने हमें एक बहुत सार्थक मंत्र दिया है, स्टॉप थिंक, एंड देन टेक एक्शन। यानी रूको, सोचो और फिर कोई कदम उठाओ। जब कोई अनजान कॉल आए तो रूकिए। कोई आकर्षक लिंक दिखे तो सोचिए और जब निश्चित हो जाए कि यह सही है तभी क्लिक कीजिए। यही डिजिटल युग का संविधान है, यही सुरक्षित नागरिक का संस्कार है।
साइबर अपराध पैसों के साथ विश्वास, चरित्र और पहचान की भी क्षति
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि आज साइबर अपराध हमारे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता अपराध बन चुका है। आने वाले वर्षों में साइबर क्राइम अन्य सभी अपराधों को पीछे छोड़कर सबसे अधिक संख्या में उभर कर आने वाला अपराध है। यह केवल पैसों की हानि नहीं, बल्कि विश्वास, चरित्र और पहचान की भी क्षति है। कई बार मेहनत और ज्ञान की चोरी भी डिजिटल माध्यमों से हो रही है। किसी की रिसर्च, डिजाइन, विचार या फोटो को बिना अनुमति के इस्तेमाल किया जाना भी साइबर अपराध है।
सुरक्षित रहना अब दरवाजा बंद करने के साथ स्क्रीन लॉक करना भी
पुलिस महानिदेशक मकवाना ने कहा कि आज की इस दौड़ का उद्देश्य केवल दौड़ना नहीं बल्कि सोचना और जागरूक होना भी है कि कैसे हम अपनी डिजिटल पहचान सुरक्षित रखें, कैसे हम अपने पासवर्ड-ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और कैसे हम डिजिटल सुरक्षा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार साइबर जागरूकता के लिए अभियान चला रही है। विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं पंचायत व शहरों तक हर नागरिक यह समझ सके कि हमें यह याद रखना होगा कि एक जागरूक नागरिक ही सबसे बड़ी सुरक्षा दीवार है। पुलिस महानिदेशक मकवाना ने उपस्थित प्रतिभागियों से साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने, लोगों को जागरूक करने और समाज को साइबर अपराध से बचाने में योगदान देने का संकल्प लेने का आहवान किया।
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। संपूर्ण प्रदेश में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएं, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान कैंपेन चलाए गए। अभियान के अंतर्गत ही साइबर जागरूकता रन 2025 का आयोजन किया गया। रन में पुलिस अधिकारी- कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य शामिल हुए।
स्वस्थ समाज की नींव और सतत चलने वाला संकल्प है "पोषण माह" : मंत्री भूरिया
29 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा कि पोषण अभियान केवल एक माह का नहीं बल्कि जीवनभर चलने वाला संकल्प है जो स्वस्थ समाज की नींव रखता है। सुभूरिया बुधवार को क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान भोपाल के सभागारमें 8वें पोषण माह के समापन समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बच्चे के बेहतर पालन-पोषण और समग्र विकास के लिए माता-पिता दोनों की समान सहभागिता आवश्यक है।
बेहतर स्वास्थ्य के लिए श्रीअन्न आवश्यक : सुभूरिया
मंत्री सुभूरिया ने कहा कि मोटे अनाज या श्रीअन्न से बने विभिन्न व्यंजन पौष्टिक होते हैं और कई बीमारियों से बचाव में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें श्रीअन्न के प्रचार-प्रसार एवं इसके नियमित उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। मंत्री सुभूरिया ने विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और श्रीअन्न से बने व्यंजनों का स्वाद लिया।
कार्यक्रम में मंत्री सुभूरिया ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच, पार्षद, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया।
इस अवसर पर आईपीएस वरुण कपूर, डॉ. अंजलि कनारे, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
मंत्री पटेल ने संविदा पंचायत कर्मियों के समय पर मानदेय भुगतान के दिए निर्देश
29 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंत्रालय में पंचायत और ग्रामीण विकास की विभागीय समीक्षा बैठक ली।उन्होंने ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, जनपद एवं जिला पंचायत भवनों के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। कई जिलों में कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं। जिन स्थानों पर पोर्टल पर अपडेट शेष हैं, वहां शीघ्र फील्ड निरीक्षण एवं पोर्टल अद्यतन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी भवनों की प्रगति समय-सीमा में पोर्टल पर अपलोड करें। मनरेगा अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों के मानदेय भुगतान की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि तकनीकी कारणों से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई। मंत्री पटेल ने निर्देश दिए कि संबंधित विभागों के समन्वय से आरबीआई स्तर की तकनीकी अड़चनें दूर कर एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित भुगतान सुनिश्चित किए जाएं।
मंत्री पटेल ने ग्राम रोजगार सहायकों से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी ब्लॉक स्तर पर लंबित वेतन एवं सेवा संबंधी मामलों की सूची तैयार कर 15 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उप-यंत्रियों से संबंधित वेतन, नियमितीकरण एवं सेवा शर्तों के बिंदुओं पर चर्चा की गई। मंत्री पटेल ने कहा कि EPF/NPS जैसे मुद्दों पर श्रम मंत्रालय एवं वित्त विभाग से स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त कर नीति स्तर पर आवश्यक सुधार शीघ्र किए जाएंगे।
बैठक में मंत्री पटेल ने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति लाना प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी पोर्टल अपडेट, भुगतान प्रक्रियाएं और मानव संसाधन से जुड़े मुद्दे समय-सीमा में करें, जिससे योजनाओं का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंचे। मंत्री पटेल ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में भवन निर्माण की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट की जाएं। संविदा कर्मियों एवं रोजगार सहायकों के लंबित भुगतान शीघ्र निपटाए जाएं। उप-यंत्रियों के ज्ञापन बिंदुओं पर विभागीय समन्वय स्थापित कर नीति सुधार किया जाए। आगामी समीक्षा बैठक में प्रत्येक बिंदु की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग दीपाली रस्तोगी, आयुक्त मनरेगा अवि प्रसाद, संचालक पंचायत छोटे सिंह एवं मिशन संचालक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन हर्षिका सिंह और अधिकारी उपस्थित रहे।
राजभवन को लोक कल्याण का केन्द्र बनाया : राज्यपाल पटेल
29 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल से गोवा के सूचना एवं प्रचार विभाग का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को राजभवन में मिला। निदेशक सूचना एवं प्रचार दीपक बांडेकर के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल मध्यप्रदेश के पांच दिवसीय प्रवास के दौरान राजभवन आया था।राज्यपाल पटेल का निदेशक सूचना एवं प्रचार ने गोवा का पारंपरिक परिधान पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया और दल के सदस्यों का परिचय कराया।इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दल के साथ चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंशा-अनुसार उन्होंने राजभवन को लोक कल्याण का केन्द्र बनाया है। प्रदेश के दूरस्थ पिछड़े और वंचित क्षेत्रों के साथ जीवंत संवाद कायम किया है। कार्यकाल के पहले दो वर्षों में ही प्रदेश के सभी जिलों का भ्रमण किया है। वंचितों के साथ आत्मीयता के सूत्र कायम किए है। वे प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के घर पर परिजनों के साथ सह भोज करते है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सजग करने की मंशा से पूर्व में पांच गांवों के भ्रमण का कार्यक्रम देते हैं। अंतिम क्षण में किसी एक गांव का भ्रमण कर सम्पर्क और संवाद के द्वारा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हैं।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश के वनों, दर्शनीय स्थलों के संबंध में भी दल को जानकारी दी। प्रदेश के विकास कार्यों और गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने दल को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कार्य के अनुभवों को साझा किया।बताया कि प्रधानमंत्री में जनजातीय समुदाय के प्रति विशेष संवेदनशीलता है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना की पहल अभूतपूर्व है। योजनाओं के माध्यम से देश के हर जनजातीय परिवार को लाभान्वित करने का प्रयास है। उन्होंने आदि कर्मयोगी योजना के माध्यम से जनजातीय जन जागरण के प्रयासों का भी ब्यौरा दिया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दल के सदस्यों को जनजातीय समुदाय के स्वास्थ्य की प्रमुख बाधा सिकल सेल एनीमिया रोग के संबंध में बताया। उन्होंने रोग के प्रत्यक्ष लक्षणों व्यवहारिक समस्याओं और रोग के चिकित्सकीय कारणों के बारे बताया। मध्यप्रदेश में रोग नियंत्रण, उपचार प्रबंधन प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकल सेल रोग उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय मिशन गठित कर प्रयास किए जा रहे हैं। मिशन के क्रियान्वयन में प्रदेश का देश में अग्रणी स्थान है। उन्होंने बताया कि सिकल सेल रोग नियंत्रण में दो पहलू बहुत महत्वपूर्ण है। पहला जेनेटिक काउंसलिंग, रोगी और वाहक युवक-युवती आपस में विवाह नहीं करें। दूसरा स्क्रीनिंग, सामान्य रोग वाहक और रोगी की पहचान करना है। राज्य ने इस दिशा में अग्रणी रहकर कार्य किया है। अनुमानतः 01 करोड़ 90 लाख की जनजातीय आबादी में से 01 करोड़ 23 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग कर ली गई है। जेनेटिक काउंसलिंग के लिए 01 करोड़ से अधिक डिजिटल जेनेटिक काउंसिल कार्ड वितरित किए जा चुके है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं 01 करोड़ वॉ कार्ड वितरित कर प्रदेश के प्रयासों का अनुसमर्थन किया है। राज्यपाल पटेल ने दल के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की है कि वह जनजातीय समुदाय में स्वास्थ्य, शिक्षा के प्रति जन जागरण के प्रयासों को प्राथमिकता प्रदान करेंगे। विकास का वातावरण निर्मित करने में सक्रिय योगदान देंगे।
प्रतिनिधि दल पांच दिवसीय प्रवास पर मध्यप्रदेश आया है। दल इंदौर, उज्जैन और भोपाल में जनसंपर्क, मीडिया हाऊसेस के साथ चर्चा करेगा। उनकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगा। इन स्थानों के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी करेगा।राजभवन के वैंक्वेट हॉल में आयोजित बैठक में सूचना अधिकारी, डीआईपी, ऑल्विन एक्स. परेरा, संपादक, द नवहिंद टाइम्स, विजय डी.सूजा, संपादक, तरूण भारत, सागर जावड़ेकर, संपादक, लोकमत, सदगुरु पाटिल, गोयनकारपोन्न, सूरज नांद्रेकर, संपादक, नवप्रभा, परेश प्रभु, संपादक, आरडीएक्स मीडिया राजन केरकर, इन गोवा संपादक, अनिल लाड, सूचना सहायक, डीआईपी, सिद्धेश सामंत,फोटोग्राफर, डीआईपी, चंदू कोरगांवकर और राज्यपाल के प्रेस अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सख्त निर्देश, दोनों आरोपी हुए गिरफ्तार
29 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कटनी जिले के कैमोर में हुई घटना पर पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कटनी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को तत्परता से कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने बुधवार की सुबह दोनों आरोपियों को कजरवारा गांव से गिरफ्तार कर लिया है।
डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर कटनी आशीष तिवारी और पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा पूरे समय विजयराघवगढ़ में मौजूद रहकर कानून व्यवस्था का जायजा लिया और शांति व्यवस्था कायम की। मंगलवार को दो पक्षों के विवाद में कैमोर निवासी नीलेश रजक की दो आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
टीआई एवं आरक्षक लाइन अटैच
पूरे मामले के बाद टीआई कैमोर अरविंद चौबे और पुलिस आरक्षक प्रेमशंकर पटेल को निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद पुलिस ने टीम गठित कर आरोपियों की खोजबीन शुरू की। दोनों आरोपियों अकरम और प्रिंस जोसेफ को पुलिस ने कजरवारा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायर किया, आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी घायल हो गए हैं। उन्हें तत्काल इलाज के लिए जबलपुर रवाना किया गया है।
प्रभारी मंत्री सिंह पहुँचे कैमोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर कटनी जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बुधवार को कैमोर पहुँच कर मृतक स्व. नीलेश रजक के परिवार से मुलाकात की और शोक संवेदना प्रकट कर ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश है कि मध्यप्रदेश में किसी भी आपराधिक गतिविधि को सरकार बर्दाश्त नहीं करेंगी। अनैतिक गतिविधियों में शामिल लोगों को दण्डित किया जायेगा। पुलिस अपना कार्य कर रही है, गुनहगारों का जीवन सलाखों के पीछे बीतेगा।
कैमोर में हुई हत्या की वजह से जनहानि और लोकपरिशांति भंग होने की संभावना के मद्देनजर थाना विजयराघवगढ़ एवं थाना कैमोर के संपूर्ण क्षेत्र में शांति व्यवस्था की दृष्टि से निषेधात्मक आदेश लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने विजयराघवगढ़ व कैमोर दोनों स्थानों में कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती भी की।
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