मध्य प्रदेश
विकसित एवं आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप है विजन डॉक्यूमेंट
2 Nov, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ‘मध्यप्रदेश@2047: विजन डॉक्युमेंट राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और नागरिक जीवन की गुणवत्ता को उच्चतम स्तर तक पहुँचाने का रोडमैप है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विज़न डॉक्युमेंट में वर्ष 2047 तक प्रदेश को 2.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही प्रति व्यक्ति आय 22 लाख रुपये, औसत आयु 84 वर्ष और साक्षरता दर 100 प्रतिशत तक बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया गया है। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को औद्योगिक और सेवा क्षेत्र के साथ संतुलित कर राज्य को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की रूपरेखा तैयार की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ के विज़न से प्रेरित यह दृष्टिपत्र, संपन्न, सुखद और सांस्कृतिक जड़ों को सहेजे मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने का आधार बनेगा।
जनभागीदारी से तैयार ‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047’ दृष्टिपत्र
यह विजन डॉक्युमेंट राज्य की अब तक की सबसे बड़ी जनभागीदारी प्रक्रिया के माध्यम से बनाया गया है। इसमें चार लाख से अधिक नागरिकों, किसानों, विद्यार्थियों, उद्योगपतियों, विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही है। राज्यभर में आयोजित जनसंवाद, निबंध प्रतियोगिताएँ, उद्योग जगत से परामर्श, शैक्षणिक सत्र और साइट इंस्पेक्शन से प्राप्त सुझावों को इसमें समाहित किया गया है। यह देश में अपनाई गई अनूठी प्रक्रिया है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन के अनुसार“यह दस्तावेज़ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि नागरिकों की आकांक्षाओं और राज्य की सामूहिक दृष्टि का प्रतिबिंब है।
चार मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित है विजन डॉक्युमेंट
‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047’ विजन डॉक्युमेंट चार प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांतों पर केन्द्रित है
1. आर्थिक विकास पर फोकस – राज्य की अर्थव्यवस्था को तीव्र गति से आगे बढ़ाने, रोजगार सृजन और प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने पर विशेष फोकस रखा गया है।
2. क्षेत्रीय दृष्टिकोण और स्थानीय विशिष्टताओं का समावेश – प्रदेश के विविध भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग रणनीति बनाई गई है।
3. विकसित भारत@2047 के राष्ट्रीय विज़न में योगदान पर ध्यान – मध्यप्रदेश को भारत की विकास यात्रा का प्रमुख भागीदार बनाना इस विजन डॉक्युमेंट का प्रमुख उद्देश्य है।
4. सहभागी और समावेशी दृष्टि – यह दृष्टिपत्र नागरिकों, विशेषज्ञों, उद्योगों और प्रशासन के संयुक्त परामर्श से तैयार हुआ है, जिससे प्रत्येक हितधारक इस परिवर्तन यात्रा का भागीदार बने।
इन चार सिद्धांतों ने इस दृष्टिपत्र को संतुलित, व्यापक और यथार्थवादी दिशा प्रदान की है, जिससे यह केवल एक योजना नहीं बल्कि राज्य के भविष्य का जीवंत संकल्प बन गया है।
यह रोडमैप 6 प्रमुख पड़ाव अगली पीढ़ी कीकृषि और संबद्ध क्षेत्र, सतत औद्योगिक प्रगति, सेवा क्षेत्र का विस्तार, शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढाँचे का विकास, विश्वस्तरीय शिक्षा और कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं से विकसित मध्यप्रदेश का लक्ष्य हासिल करेगा।
इनके साथ दो महत्वपूर्ण कारक कुशल शासन एवं नागरिक सेवा प्रदाय व्यवस्था’ और ‘नवाचार युक्त वित्तीय प्रबंधन एवं निवेश संवर्धन’ को भी विजन डॉक्युमेंट में शामिलकिया गया है।
‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’: आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम
राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ घोषित किया है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करना, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाना है। इसके अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार, स्टार्टअप प्रोत्साहन, कौशल प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
संस्कृति और परंपरा के साथ आधुनिकता का संगम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विकास का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक आत्मा और आध्यात्मिक पहचान को भी सशक्त करना है। “मध्यप्रदेश अपनी गौरवशाली विरासत, कला, संस्कृति और नर्मदा जैसी जीवनदायिनी परंपराओं के बल पर भारत के विकास में मार्गदर्शक भूमिका निभाएगा।”
सामूहिक प्रयासों से होगा ‘समृद्ध मध्यप्रदेश’ का सपना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों, युवाओं, उद्योगपतियों और सामाजिक संगठनों से आह्वान किया कि वे इस दृष्टिपत्र को एक जन आंदोलन के रूप में अपनाएँ। “यह विजन डॉक्युमेंट हमारी आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में पहला ठोस कदम है। सामूहिक प्रयासों से हम 2047 तक एक ऐसे मध्यप्रदेश का निर्माण करेंगे जो आत्मनिर्भर, समृद्ध और विश्व में अग्रणी होगा।”
एमपी ई-सेवा पोर्टल से डिजिटल गवर्नेंस की नई क्रांति का हुआ आगाज
2 Nov, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप’ का शुभारंभ कर डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में नई क्रांति का आगाज किया। यह एकीकृत नागरिक सेवा मंच अब 56 विभागों की 1700 से अधिक सरकारी सेवाओं और योजनाओं को एक ही डिजिटल विंडो पर उपलब्ध करायेगा। ‘एमपी ई-सेवा’ के माध्यम से वर्ष 2026 तक 100% ई-सेवा डिलीवरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश को देश के डिजिटल गवर्नेंस एनेबल्ड राज्यों में अग्रणी बनाने वाले इस पोर्ट्ल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के सेंटर फॉर एक्सीलेंस ने विकसित किया है। इससे नागरिकों, विभागों और सेवाओं को एक ही डिजिटल ईको-सिस्टम में जोड़कर मध्यप्रदेश ने यह सिद्ध किया है कि डिजिटल गवर्नेंस ही गुड गवर्नेंस है।
नागरिकों के लिए एक पोर्टल, सभी सेवाएँ एकीकृत
एमपी ई-सेवा पोर्टल पर राज्य शासन के 56 विभागों की 1700 से अधिक नागरिक सेवाओं को एकीकृत कर दिया गया है। अब इन सेवाओं के लिए अलग वेबसाइट पर लॉगइन करने और बार-बार दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक eseva.mp.gov.in और मोबाइल ऐप (एंड्रॉइड व iOS) के माध्यम से सभी सेवाओं के लिए पात्रता जांच, आवेदन, स्टेटस चैक करने के साथ ही अनुमोदन भी प्राप्त कर सकते हैं। एमपी ई-सेवा पोर्टल पर सभी चरण आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन और डिजिटल प्रमाणपत्र से सुरक्षित हैं। इससे प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और फेसलेस बन गई है।
‘एमपी ई-सेवा’ और ‘समग्र पोर्टल’ का एकीकरण
‘एमपी ई-सेवा’ को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के समग्र पोर्टल से जोड़ा गया है। प्रत्येक परिवार को 8-अंकीय परिवार आईडी और हर सदस्य को 9-अंकीय सदस्य आईडी दी गई है। यह एकीकरण नागरिकों की ऑटो-वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सक्षम बनाता है, जिससे पात्रता की पहचान स्वतः ही हो जाती है और दोहराव अथवा देरी नहीं होती है। ‘एमपी ई-सेवा’ की प्रमुख विशेषता ‘ऑटो-फेचिंग डॉक्युमेंट्स’ है, जिससे नागरिकों को बार-बार दस्तावेज़ अपलोड नहीं करने पड़ते। एक बार अपलोड किए गए दस्तावेज़ आगे की सभी सेवाओं में स्वतः उपलब्ध हो जाते हैं।
सुगम, सुरक्षित और नागरिक केंद्रित ‘ऐप डिज़ाइन’
‘एमपी ई-सेवा’ पोर्टल का इंटरफ़ेस मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण पर आधारित है। इसमें बहुभाषीय सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही दिव्यांगजन के अनुप्रयोग को दृष्टिगत रखते हुए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इससे शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोग आसान होगा। प्रारंभिक मूल्यांकन तौर पर इससे गवर्नेंस लागत में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आएगी साथ ही वर्ष भर में नागरिकों के 50 मिलियन घंटों की भी बचत होगी।
मध्यप्रदेश में डिजिटल ट्रैक रिकॉर्ड
सितम्बर 2025 में आई राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा - वितरण आकलन (एनईएसडीए वे फॉरवर्ड ) रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश ने 1752 ई-सेवाओं को मैप किया है और सभी 56 अनिवार्य विभागीय सेवाओं को एमपी ई-सेवा’ पोर्टल में 100% इंटीग्रेट कर देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। राज्य को ‘सायबर तहसील’ के लिये प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और ‘संपदा 2.0’ के लिये राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिल चुके हैं।
ओंकारेश्वर अभयारण्य वन्य-जीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
2 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ कार्यक्रम के दौरान ओंकारेश्वर अभयारण्य की घोषणा की। यह अभयारण्य राज्य का 27वां अभयारण्य होगा, जो खंडवा और देवास जिलों को मिलाकर बनाया जाएगा। इसका कुल क्षेत्रफल 611.753 वर्ग किलोमीटर होगा, जिसमें खण्डवा जिले का 343.274 वर्ग किलोमीटर एवं देवास जिले का 268.479 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र शामिल होगा। डूब क्षेत्र को अभयारण्य से बाहर रखा गया है, जिससे स्थानीय मछुआरों और ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओंकारेश्वर अभयारण्य में बाघों की भी उपस्थिति रहेगी। इस क्षेत्र में पहले से ही तेंदुए, भालू, सांभर, हाइना, चीतल और कई प्रकार के जीव मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को संरक्षित करना और पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है।
असम से आएंगे जंगली भैंसे और गैंडे
ओंकारेश्वर अभयारण्य में असम से जंगली भैंसे और गैंडे लाने की योजना पर भी काम चल रहा है। मध्यप्रदेश जैव-विविधता के क्षेत्र में अग्रणी है। प्रदेश में “चीतों का सफल पुनर्स्थापन हो चुका है, अब नौरादेही अभयारण्य में नामीबिया से आए चीते छोड़े जाएंगे''।
ओंकारेश्वर अभयारण्य का स्वरूप
वन विभाग की कार्ययोजना के अनुसार सामान्य वनमंडल खंडवा के अंतर्गत पुनासा, मूंदी, चांदगढ़, बलडी परिक्षेत्र तथा देवास वनमंडल के सतवास, कांटाफोड़, पुंजापुरा और उदयनगर परिक्षेत्र शामिल होंगे। इसमें कोई भी राजस्व ग्राम एवं वनग्राम शामिल नहीं है।
अभयारण्य में 52 टापू
अभयारण्य में 52 छोटे-बड़े टापू हैं। मूंदी रेंज में 31 और चांदगढ़ रेंज में 21 टापू शामिल होंगे। बोरियामाल और जलचौकी धारीकोटला को ईको-टूरिज्म केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
वन्यजीव और वनस्पति
यहां की प्रमुख वनस्पतियों में सागौन, सालई और धावड़ा शामिल हैं। मुख्य मांसाहारी जीवों में बाघ, तेंदुआ, रीछ, सियार और लकड़बग्घा हैं। शाकाहारी जीवों में मोर, चीतल, सांभर, चिंकारा, भेड़की, सेही, खरगोश और बंदर मौजूद हैं।
ईको-पर्यटन से बढ़ेगा रोजगार, समृद्ध होंगे ग्रामीण क्षेत्र
ओंकारेश्वर अभयारण्य में पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन और ग्रामीण विकास को भी प्राथमिकता दी गई है। यहां होटल और रिसोर्ट की स्थापना, पशुधन एवं कुक्कुट फार्मों का विकास, लघु वनोपज का संग्रहण, सड़कों का चौड़ीकरण, पहाड़ी ढालों और नदी तटों का संरक्षण, रात्रिकालीन यातायात प्रबंधन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी गतिविधियां की जाएंगी। अभयारण्य में पारिस्थितिक पर्यटन (ईको-टूरिज्म) को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। इन पहलों से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति और जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार होगा। पर्यटकों के आगमन से स्थानीय लोगों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा, जिससे पारंपरिक जीवनशैली, खानपान और धार्मिक मान्यताओं के प्रसार के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी विस्तार होगा। ओंकारेश्वर क्षेत्र अब न केवल जैव विविधता का केंद्र बनेगा, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर ग्रामीण पर्यटन का भी नया मॉडल प्रस्तुत करेगा।
अभयारण्य क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार
ओंकारेश्वर अभयारण्य की स्थापना से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा बल्कि आसपास के 20 गांवों में पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इनमें अंधारवाडी, चिकटीखाल, सिरकिया, भेटखेडा, पुनासा और नर्मदानगर जैसे गांव शामिल हैं।
ईको-टूरिज्म, होटल-रिसोर्ट की स्थापना, लघु वनोपज का संग्रहण, पशुधन फार्म और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी गतिविधियां स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेंगी और पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को नया जीवन मिलेगा।
एमपी में वन्यजीव तस्करी का खुलासा: दो युवकों के पास रेड सैंड बोआ सांप, अंतरराष्ट्रीय बाजार में था सौदा तैयार
2 Nov, 2025 02:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) के अशोकनगर(Ashoknagar) से दुर्लभ प्रजाति(Rare species) के सैंड बोआ सांप(Sand Boa Snake) के बरामद होने का मामला सामने आया है। जिसका बाजार मूल्य करोड़ों रुपए आंका जाता है। कोतवाली पुलिस ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो सांप तस्करों को गिरफ्तार किया है, और उनसे दुर्लभ प्रजाति के दो मुंहा रेड सैंड बोआ सांप को बरामद करने में सफलता पाई है। पुलिस के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस दोमुंहे सांप की कीमत 5 करोड़ रुपए से लेकर 25 करोड़ रुपए तक होती है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी उस वक्त हुई, जब वो राजस्थान से मोटरसाइकिल पर सांप लेकर आ रहे थे।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने मामले की जानकारी देते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चेकिंग के दौरान तस्करों को पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि इस बारे में गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कुंवर, एसडीओपी विवेक शर्मा और थाना प्रभारी निरीक्षक रवि प्रताप सिंह चौहान के निर्देशन में एक टीम गठित की गई। उपनिरीक्षक मनीष गुर्जर के नेतृत्व में बनी इस टीम ने JBS कॉलोनी क्षेत्र में घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास एक बैग में जीवित रेड सैंड बोआ साँप मिला।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान बाबू आदिवासी (27 वर्ष) पुत्र करन सिंह आदिवासी और शिवा आदिवासी (20 वर्ष) पुत्र कैलाश आदिवासी, निवासी ग्राम टीटौर, थाना बहादुरपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उनकी मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यह सांप जयपुर (राजस्थान) से अपने एक रिश्तेदार के माध्यम से लाए थे और इसे बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 और 39 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक मिश्रा ने कहा कि वन्यजीव हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिक संतुलन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनका संरक्षण हमारा नैतिक और कानूनी दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि अशोकनगर पुलिस अवैध तस्करी और वन्यजीव अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
नगर निगम ने काटे डेयरी संचालकों के नल कनेक्शन, 9 के खिलाफ FIR, क्या है वजह
2 Nov, 2025 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: आजकल जिला और नगर निगम प्रशासन ने महत्वपूर्ण योजनाओं और कामों को लेकर आ रही अड़चनों पर सख्त रूख अपना लिया है. पराली जलाने का मामला हो, नलों से होने वाली पानी की बर्बादी और डेयरी विस्थापन को लेकर सख्ती पर उतर आया है. शहर में डेयरी संचालित करने वालों के नल कनेक्शन काटना शुरू कर दिया है. शहर के नजदीक हफसिली डेयरी विस्थापन परियोजना निगम द्वारा विकसित की गयी है, लेकिन ज्यादातर डेयरी संचालक शहर के अंदर ही डेयरी संचालित कर रहे हैं.
जबकि शहर में डेयरी संचालन पर प्रतिबंध है. शहर में गंदगी के कारण जहां स्वच्छता अभियान प्रभावित हो रहा है. वहीं पशुओं के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटना भी हो रही है. ऐसे में अब नगर निगम ने शहर के भीतर डेयरी संचालित करने वालों के नल कनेक्शन काटना शुरू कर दिया है.
शहरी डेयरी संचालकों पर कार्रवाई
नगर निगम सागर शहर से डेयरी विस्थापन की मुहिम लगातार चला रहा है. निगम आयुक्त राजकुमार खत्री खुद मुहिम को आगे बढ़ाते हुए डेयरी संचालकों के नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर रहे हैं. उन्होंने कृष्णगंज वार्ड से डेयरियों के नल कनेक्शन काटने की मुहिम शुरू की है. नगर निगम आयुक्त ने जल प्रदाय शाखा को निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी डेयरी संचालक, जो हफसिली डेयरी परियोजना स्थल या शहर से बाहर डेयरियां नहीं ले जा रहे हैं, उनके नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाए. निगम आयुक्त ने बताया कि शहर में डेयरी संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके अलावा आयुक्त ने भविष्य में नगर निगम की दूसरी सेवाएं भी बंद करने की चेतावनी दी है.
अब तक 10 डेयरियों का निरीक्षण
सागर नगर निगम को 1 अप्रैल 2023 पशु विचरण मुक्त शहर घोषित कर दिया गया है. डेयरी परियोजना स्थल के शुरू होने के बाद अभी भी कई डेयरी संचालक हफसिली जाने तैयार नहीं है, लेकिन प्रशासन अब सख्ती पर उतर आया है. गुरूवार को कृष्णगंज वार्ड से मुहिम शुरू करने के बाद बुधवार को नगर निगम के आयुक्त ने 10 डेयरियों का निरीक्षण किया. अब नगर निगम 9 डेयरियों पर एफआईआर दर्ज कराएगा.
मध्य प्रदेश में पीएम श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ, टूरिस्टों को मिलेगा खास पैकेज
2 Nov, 2025 10:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवंबर 2025 को प्रदेश में पीएम श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ किया गया. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के साथ केंद्रीय उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने हरी झंडी दिखाकर इस सेवा का शुभारंभ किया. इंट्रा स्टेट कनेक्टिविटी और एयर एंबुलेंस शुरू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है.
इसके जरिए अब पर्यटक हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुदूर इलाकों में स्थित अध्यात्मिक और धार्मिक यात्राओं के साथ वन्यजीव अभ्यारण्य का आनंद ले सकेंगे. इससे उनके समय की बचत होगी और यात्रा का आनंद दोगुना हो जाएगा. इसमें पर्यटकों को जाने से लेकर वापसी तक का पैकेज दिया जाएगा. जिसमें पर्यटकों के ठहरने, लोकल ट्रांसपोर्ट, ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर के साथ गाइड की सुविधा भी मिलेगी.
उज्जैन में एयरपोर्ट, रीवा से इंदौर की दूरी 90 मिनट
पीएम श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा के साथ केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू की मौजूदगी में उज्जैन में एयरपोर्ट बनाने का एमओयू भी केंद्र और राज्य सरकार के बीच किया गया. इसके साथ ही रीवा से दिल्ली के लिए फ्लाइट सेवा शुरू की जा रही है. इसके लिए अलायंस एयर और केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के बीच अनुबंध किया गया. वहीं रीवा से इंदौर के बीच भी नई फ्लाइट सेवा शुरू की जा रही है. इसके लिए इंडिगो एयरलाइंस के साथ अनुबंध किया गया है. इसके शुरू होने से रीवा और इंदौर के बीच की दूरी 90 मिनट में तय हो सकेगी.
इन क्षेत्रों में शुरू होगी पीएम श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा
सेक्टर - 1
इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर और मध्य प्रदेश का पश्चिमी क्षेत्र शामिल रहेगा.
सेक्टर - 2
भोपाल, पचमढ़ी, सांची और ओरछा के साथ सेंट्रल मध्य प्रदेश का हिस्सा शामिल रहेगा.
सेक्टर - 3
जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, खजुराहो और चित्रकूट के साथ पूर्वी मध्य प्रदेश का हिस्सा शामिल रहेगा.
'देश में हर 45 दिन में खुल रहा नया एयरपोर्ट'
केंद्रीय उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि "देश का उड्डयन विभाग 10 से 12 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर रहा है. यह विश्व में तीसरे नंबर पर विमानन सेवाएं देने वाला देश है. नायडू ने बताया कि साल 2014 तक देश में केवल 74 एयरपोर्ट थे लेकिन अब 164 हो गए हैं. यानि 11 सालों में 90 एयरपोर्ट बने हैं. विश्व में किसी भी देश में इतनी तेजी से एयरपोर्ट का विकस नहीं हुआ. लेकिन भारत में हर 45 दिन में एक नया एयरपोर्ट बन रहा है."
'1700 नए एयरक्रॉफ्ट के ऑर्डर'
केंद्रीय उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने बताया कि "एयरपोर्ट ऐसा क्षेत्र है, जो केवल यहां से वहां जाने की सुविधा ही नहीं देता, बल्कि यह रोजगार, शिक्षा, एग्रीकल्चर समेत अन्य सुविधाओं को भी बढ़ावा देता है. इससे एक कॉमर्शियल जोन तैयार होता है. मतलब देश में यदि 90 नए एयरपोर्ट बनाए गए तो इनसे रोजगार भी बढ़ा है. हर एयरक्राफ्ट को चलाने के लिए 20 लोगों की जरुरत होती है, वहीं इससे 100 लोगों को अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार मिलता है.
अभी भारत में 800 एयरक्राफ्ट हैं. 1700 नए एयरक्रॉफ्ट के लिए विभिन्न एयरलाइंस ने ऑर्डर किया है. जो जल्द ही उतरेंगे. इनके शुरू होने से एविऐशन इंडस्ट्री में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा."
जुबिन नौटियाल के गानों ने बांधा समा, मध्य प्रदेश की जनता को बताया दिल की धड़कन
2 Nov, 2025 09:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: बहुत आई गई ये यादें मगर इस बार तुम्ही आना...इरादे फिर से जाने के नहीं लाना तुम्ही आना.. तुम्ही आना.. इस गीत के साथ सिर पर स्कार्फ और ब्लैक जैकेट में जैसे ही जुबिन नौटियाल लाल परेड ग्राउंड में स्थित मंच पर पहुंचे, वहां उपस्थित लोगों के शोर-शराबा और सीटियों से पूरा मुक्ताकाश गूंज उठा. इस गाने के बाद में जुबिन नौटियाल ने शिव कैलाशों के वासी, धौली धारों के राजा शंकर संकट हरना... गीत प्रस्तुत किया. इस दौरान जुबिन नौटियाल ने अपने फेमस गानों को सुनाकर आयोजन स्थल पर समां बांध दिया. वहां मौजूद लोग झूमने लगे. इस अवसर पर जुबिन ने राम आए हैं, तो अंगना सजाएंगे जैसे भक्ति वाले गीतों की प्रस्तुति भी दी.
मध्य प्रदेश देश का दिल और आप लोग इसकी धड़कन
जुबिन नौटियाल ने कहा कि "1 नवंबर को मध्य प्रदेश ने 70वां स्थापना दिवस मनाया. इस अवसर पर पूरे भोपाल और मध्य प्रदेश को शुभकामनांए देना चाहता हूं. उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश भारत का दिल और आप सब इस दिल की धड़कन हैं. मैं आज कोशिश करुंगा कि आप लोगों के दिल का छोटा सा टुकड़ा अपने साथ ले जा सकूं. उन्होंने ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पहली बार मेरी मुलाकात महाकाल की नगरी उज्जैन में हुई थी. इसलिए आज का शो मैं महाकाल का नाम लेकर शुरू करना चाहता हूं." इसके बाद उन्होंने शिव कैलाशों के वासी, धौली धारों के राजा शंकर संकट हरना...गीत सुनाया.
2 हजार ड्रोन ने दी विरासत से विकास की प्रस्तुति
स्थापना दिवस के अवसर पर भोपाल का आसमान अद्वितीय दृश्य से जगमगा गया, जब एक साथ दो हजार ड्रोन द्वारा आसमान में विरासत से विकास की झलक दिखाई गई. इसमें आसमान पर मध्य प्रदेश का नक्शा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीर बनाई गई. इसके अलावा महाकाल मंदिर, ग्वालियर का किला, सांची का स्तूफ, भीम बेटका आदिवासियों द्वारा दीवाल पर उकेरी जाने वाली लोक मांडला शैली को भी ड्रोन के जरिए दिखाया गया.
इसके साथ ही सफेद बाघ, खेत खलिहान, औद्योगिक क्षेत्र, इंवेस्ट मध्य प्रदेश, स्मार्ट सिटी, मेट्रो, हवाई सेवा के साथ जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुंसधान के नारे को दिखाया गया. उज्जैन की डोंगरा वेधशाला और अलौकिक सिंहस्थ 2028 की झलक भी असमान पर दिखाई दी.
आतिशबाजी के बाद विश्ववंद श्रीकृष्ण संगीत प्रस्तुति
लाल परेड ग्राउंड में विरासत से विकास की थीम पर ड्रोन-शो के आयेाजन के बाद भव्य आतिशबाजी की गई. जो शहर के अन्य हिस्सों से भी स्पष्ट दखाई दिया. इसके साथ ही समारोह में श्रीकृष्ण पर आधारित विश्ववंद श्रीकृष्ण संगीतिक यात्रा की भव्य प्रस्तुति दी गई. इसमें 500 कलाकारों ने हिस्सा लिया. कलाकार श्रीकृष्ण के पात्र में उतर गए और जोरदार नृत्य किया. श्रीकृष्ण के बालरुप से लेकर युवावस्था तक का वर्णन किया गया.
चित्रकूट में 2850 करोड़ रुपये से विकास कार्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि "साल 2025 को मध्य प्रदेश सरकार ने उद्योग और रोजगार वर्ष घोषित किया है. पूरे देश में प्रदेश 24 प्रतिशत की दर से औद्योगिक विकास में आगे बढ़ रहा है. सीएम ने कहा कि हमारा राज्योत्सव सांस्कृतिक अनुष्ठानों का प्रतीक है. बीते साल महाकाल की नगरी में 7 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं. राजा राम की नगरी ओरछा को धार्मिक पर्यटन की पहचान मिली है. इसी तरह चित्रकूट धाम में 2850 करोड़ रुपये से विकास कार्य किए जा रहे हैं.
देश के विकास में मध्य प्रदेश की बड़ी भूमिका है. सीएम ने कहा कि बीते 22 महीने के कार्यकाल में कई असंभव कार्य पूरे किए. अब अगले 5 साल में प्रदेश का बजट दोगुना करना है. जिससे विकास के सारे पैमाने पूर हो सकें."
2 नवंबर को हंसराज रघुवंशी और 3 को स्नेहा शंकर की प्रस्तुति
2 नवंबर यानि आज लाल परेड ग्राउंड में उज्जैन की संस्था महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन करेगी. इसके बाद प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगे. वहीं 3 नवंबर को समारोह के तीसरे दिन एक बार फिर महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन किया जाएगा. इसके बाद सुप्रसिद्ध गायिक स्नेहा शंकर अपनी प्रस्तति देंगी. वहीं दो और तीन नंवबर को प्रदेश के जनजातीय एवं लोक नृत्य जैसे करमा, भगोरिया, बधाई, गणगौर, मोनिया आदि की प्रस्तुतियां भी होंगी.
1 से 3 नवंबर तक मनाया जाएगा राज्योत्सव
मध्य प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर जननायकों के जीवन और अवदान पर भोपाल और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है. जिला-एक उत्पादश्, सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या के सील और सिक्के, मंदिर स्थापत्य व भारतीय ऋषि परम्परा पर प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया है. राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में 1 से 3 नवम्बर तक वन मेला, ड्रोन टैक वर्कशॉप और एक्सपो, मध्य प्रदेश की पारंपरिक कला प्रदर्शनी, प्रदेश में विरासत से विकास, प्रदेश की बावड़ियों, भोज और भोपाल आदि विषय पर प्रदर्शनी और देशज व्यंजनों का मेला भी आयोजित किया जा रहा है.
अभ्युदय मध्य प्रदेश 2047 प्रदर्शनी का शुभारंभ
70वें स्थापना दिवस के अवसर पर लाल परेड ग्राउंड में “अभ्युदय मध्य प्रदेश” प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है. यह प्रदर्शनी मध्य प्रदेश के वैभवशाली अतीत, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उज्ज्वल भविष्य की झलक प्रस्तुत करती है. चित्रों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रदेश की गौरवगाथा को सजीव रूप में प्रदर्शित किया गया है. इस प्रदर्शनी में विकसित मध्य प्रदेश 2047, राजा विक्रमादित्य और उनके समय की मुद्राएं, प्रदेश की बावड़ियां, पारंपरिक कला, विरासत से विकास तक की यात्रा, और देवलोक - मंदिर स्थापत्य जैसे विशिष्ट थीम आधारित सेक्शन शामिल हैं.
MP में तीन दिन तक बारिश की संभावना… आज इन 10 जिलों में अलर्ट
2 Nov, 2025 08:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में नवंबर का पहला हफ्ता बारिश (Rain) और ठंड (Cold) दोनों लेकर आया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। रविवार को इंदौर (Indore), नर्मदापुरम (Narmadapuram) और जबलपुर संभाग (Jabalpur divisions) के 10 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन में दिनभर बादल छाए रहने के आसार हैं।
दो सिस्टम एक्टिव, लेकिन असर सीमित रहेगा
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने दो निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) फिलहाल एक्टिव हैं। हालांकि, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, इनका सीधा प्रभाव मध्यप्रदेश में ज्यादा नहीं दिखेगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल प्रदेश में हल्की फुहारें जारी रहेंगी, लेकिन भारी बारिश की संभावना नहीं है। बीते तीन-चार दिनों से सक्रिय सिस्टम अब कमजोर पड़ने लगे हैं। अगले 24 घंटों के दौरान झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल में शाम या रात के समय हल्की बारिश हो सकती है।
3 नवंबर से वेस्टर्न डिस्टरबेंस
मौसम विभाग ने बताया कि 3 नवंबर की रात से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर 48 घंटे बाद मध्यप्रदेश में देखने को मिलेगा। इसके चलते ठंडी उत्तरी हवाएं चलेंगी और दिन के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।
मानसून ने भी छोड़ी अच्छी यादें
इस बार मानसून सीजन भी बेहतर रहा। भोपाल और ग्वालियर सहित 30 जिलों में बहुत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। पूरे प्रदेश में सबसे अधिक बारिश गुना जिले में 65.7 इंच रही, जबकि श्योपुर में यह सामान्य से 216% ज्यादा रही। विशेषज्ञों का कहना है कि भरपूर बारिश से जलाशयों और भू-जल स्तर में अच्छा सुधार हुआ है।
नवंबर में बढ़ेगी सर्दी
मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे हफ्ते से ठंड में तेजी आएगी। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में जहां से ठंडी हवाएं प्रवेश करती हैं। ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का तापमान 3 डिग्री तक गिर चुका है, जबकि उज्जैन में 2.3 डिग्री का रिकॉर्ड है। इस बार भी नवंबर के पहले सप्ताह में बारिश और अगले हफ्तों में ठंड का असर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
किसानों के हित में बड़ा फैसला : 16 जिलों में बचे हुए किसानों का धान पंजीयन अब 6 नवंबर तक होगा
1 Nov, 2025 06:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की पहल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान हितैषी सरकार का सराहनीय निर्णय
भोपाल। किसानों के हित में मध्यप्रदेश सरकार ने एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बचे हुए किसानों का पंजीयन अब 6 नवंबर तक हो सकेगा। यह निर्णय प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की विशेष पहल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान-हितैषी सोच का परिणाम है। मप्र के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार डिण्डौरी, मण्डला, बालाघाट, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, दमोह, सिवनी, मैहर, उमरिया, जबलपुर, सीधी, अलीराजपुर, बैतूल और पन्ना जिलों में अब शेष किसानों का पंजीयन निर्धारित नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाएगा। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों से यह सुझाव प्राप्त हुए थे कि तकनीकी कारणों, समयाभाव या मौसम की बाधाओं के चलते कुछ किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन नहीं करा पाए हैं। कलेक्टरों द्वारा भेजे गए इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करते हुए सरकार ने कृषक पंजीयन की अवधि में विस्तार का निर्णय लिया है ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी खरीदी से वंचित न रह जाए।
पंजीयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी :
खाद्य संचालनालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि, प्रत्येक पंजीयन केन्द्र पर खाद्य, सहकारिता, राजस्व एवं कृषि विभाग के नोडल अधिकारी की उपस्थिति में ही बचे हुए किसानों का पंजीयन किया जाएगा। केन्द्रवार केवल उन शेष कृषकों का ही पंजीयन होगा, जिनके नाम जिला प्रस्ताव में उल्लेखित हैं। किसान पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद ही पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि 6 नवंबर तक शेष रहे किसानों का पंजीयन हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए।
सरकार की मंशा, “हर किसान को मिले उसका हक” :
खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोई भी किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने से वंचित न रह जाए, यह हमारा दायित्व है। इसीलिए पंजीयन अवधि बढ़ाई गई है।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खरीफ उपार्जन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा रहा है ताकि किसान को मंडियों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हमेशा किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा है। उनकी पहल पर प्रदेश में कृषि आधारित योजनाओं का विस्तार किया गया है। सिंचाई, बीज, खाद, बिजली और फसल बीमा जैसी योजनाओं से किसानों को लगातार राहत दी जा रही है। धान उपार्जन पंजीयन अवधि बढ़ाए जाने का यह निर्णय इसी दृष्टि का विस्तार है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य का कोई भी किसान समर्थन मूल्य का लाभ पाने से वंचित न रहे। सरकार के इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी, जो अभी तक पंजीयन नहीं करा पाए थे। अब वे 6 नवंबर तक अपने नजदीकी पंजीयन केन्द्रों पर जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन करा सकते हैं। यह कदम प्रदेश सरकार की “किसान हित सर्वोपरि” नीति को एक बार फिर पुष्ट करता है।
मध्य प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर बड़ी सौगात, भोपाल में शुरू हुई हेलीकॉप्टर पर्यटन सेवा
1 Nov, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के मौके पर भोपाल में पीएम श्री हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ किया है. इंट्रा स्टेट कनेक्टिविटी स्थापित करने वाला देश का पहला राज्य मध्यप्रदेश है. सीएम मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के 70 वें स्थापना दिवस की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं.
सीएम ने कहा कि यह 70 साल की यात्रा समर्पण, संकल्प और सतत् विकास का सुखद पल रहा. यह दिन हमें हमारे पूर्वजों की मेहनत, उनके जज्बे, जनभागीदारी से विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी एवं हम सभी की आस्था और निष्ठा की याद दिलाता है. सीएम मोहन यादव ने कहा कि आइए, हम सब एकजुट होकर विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं.
हेलीकॉप्टर सर्विस पर्यटकों के लिए
राज्य के स्थापना दिवस, यानी 1 नवंबर को पीएम श्री पर्यटन हेली सेवा के अंतर्गत एक हेलीकॉप्टर मध्य प्रदेश की राजधानी से उज्जैन के लिए रवाना होगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने सरकारी आवास स्थित समता भवन में मध्य प्रदेश स्थापना दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा था कि इस महीने से पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए नियमित हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
कहां-कहां मिलेगी ये हेलीकॉप्टर सेवा?
इस सेवा की विशेषता यह है कि मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के माध्यम से पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को ठहरने और स्थानीय परिवहन की सुविधा मिलेगी. उन्होंने बताया कि यह हेलीकॉप्टर सेवा राज्य के तीन अलग-अलग क्षेत्रों के लिए शुरू की जाएगी. पहले क्षेत्र में भोपाल, उज्जैन, इंदौर, मांडव और ओंकारेश्वर शामिल हैं. दूसरे क्षेत्र में पचमढ़ी, छिंदवाड़ा के तामिया और खजुराहो शामिल हैं, जबकि तीसरे क्षेत्र में जबलपुर, कान्हा, पेंच और पन्ना राष्ट्रीय उद्यान शामिल हैं.
MP में कांग्रेस का बड़ा दांव: मुस्लिम डिप्टी CM की तैयारी, जीतू पटवारी का ऐलान
1 Nov, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश में दो दशक से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन कांग्रेस सत्ता से बाहर हैं. हर चुनाव में माहौल ऐसा बनता है जैसे कांग्रेस की सरकार बनने जा रही हो. कांग्रेस में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक तय हों जाते हैं. अब 2028 वाले विधानसा चुनाव को लेकर कांग्रेस एक बार फिर से ओवर कॉन्फिडेंस हैं.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सभा में ऐलान किया कि सरकार आई तो हो सकता है कांग्रेस नेता आरिफ मसूद उप मुख्यमंत्री बने. इस ऐलान से कांग्रेस ने मुस्लिम वोट बैंक को भी साधने की कोशिश की है. उन्होंने यह ऐलान नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी में किया.
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई दिग्गज नेता
भोपाल में आयोजित जश्न-ए-तहरीक आज़ादी, याद करो उस्मा की कुर्बानी कार्यक्रम में जीतू पटवारी ने कहा कि समय और परिस्थिति बनी तो आफ़ाक मसूद जैसे नेता उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं. इस कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक और कई कांग्रेस पदाधिकारी भी मौजूद थे. जीतू पटवारी के इस बयान के दौरान मंच पर बैठे विधायक आरिफ मसूद मुस्कुराते हुए हाथ जोड़ते नज़र आए, जबकि सामने बैठी जनता तालियाँ बजाती दिखी।
शेखचिल्ली के सपने देख रहे जीतू पटवारी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा विधायक आरिफ मसूद को डिप्टी सीएम बनाने के संकेत वाले बयान पर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि झूठ बोले कौवा काटे, झूठ ही तो बोलना है. कांग्रेस के 40-50 विधायक ढंग के नहीं हैं, और अगले चुनाव तक कितने बचेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है. एक-दो मुसलमान हैं तो उन्हें उपमुख्यमंत्री नहीं, प्रधानमंत्री बना दो – जनता तुम्हें बनने दे तब न.
अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने का तंज
रामेश्वर शर्मा ने आगे कहा कि अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने के लिए जीतू पटवारी शेख चिल्ली के हसीन सपने देख रहे हैं. जैसे बिहार में हाल हुआ, वैसा ही हाल तुम्हारा भी हो सकता है. जिसको तुम डिप्टी सीएम बना रहे हो, उसका भी वही हाल हो जाएगा.
70 साल पहले की कहानी: जब इंदौर और ग्वालियर बारी-बारी से संभालते थे राजधानी की कमान
1 Nov, 2025 10:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। ‘देश के दिल’ मध्य प्रदेश ने अपनी उम्र के 70 साल पूरे कर लिए हैं. 1 नवंबर को 1956 क मध्य प्रदेश की स्थापना हुई थी. प्रदेश की राजधानी भोपाल है, लेकिन ये तो आज के प्रदेश की राजधानी है. इससे पहले जब मध्य भारत था तब इंदौर और ग्वालियर 6-6 महीने की राजधानी हुआ करती थीं. आज मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर जानिए भोपाल के प्रदेश की राजधानी बनने की रोचक कहानी.
मध्य प्रदेश की स्थापना
मध्य प्रदेश की स्थापना 1 नवंबर 1956 को हुई थी. आजादी के बाद उस दिन 14 नए राज्यों का गठन हुआ था. मध्य प्रदेश की स्थापना होती ही भोपाल प्रदेश की राजधानी बनी. राज्य के गठन के दौरान राजधानी के लिए 4 महानगरों का नाम लिस्ट में शामिल था. इसमें भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर शामिल थे. चारों महानगरों ने राजधानी बनने का दावा किया था.
इंदौर और ग्वालियर थी 6-6 महीने की राजधानी
भारत की आजादी के बाद साल 1950 से 1956 तक मध्य भारत की 2 राजधानियां थीं. इनमें ग्वालियर शीतकालीन राजधानी थी और इंदौर ग्रीष्मकालीन राजधानी. दोनों 6-6 महीने के लिए मध्य भारत की राजधानी थीं. वहीं, रीवा विंध्य प्रदेश की राजधानी थी और भोपाल राज्य की राजधानी भोपाल थी. साल 1956 में इन्हीं छोटे-छोटे राज्यों को मिलाकर मध्य प्रदेश का गठन हुआ था.
भोपाल कैसे बना MP की राजधानी?
भोपाल के राजधानी बनने के संबंध में इतिहासकार बताते हैं कि मध्य भारत के मध्य में भोपाल के होने और रेलवे नेटवर्क से दिल्ली समेत छत्तीसगढ़ से सीधे जुड़े होने की स्थिति में भोपाल को राजधानी बनने का लाभ मिला. वहीं, भोपाल में अन्य शहरों की तुलना में आवासीय व्यवस्था भी बेहतर रही. साल 1956 में जब मध्य भारत में विंध्य प्रदेश और भोपाल रियासत को मिलाकर मध्य प्रदेश का गठन किया गया तो भोपाल को भौगोलिक स्थिति का लाभ मिला.भौगोलिक रूप से भोपाल हर ओर से मध्य में था. छत्तीसगढ़ और विंध्य के अलावा ग्वालियर अंचल से भोपाल की समानांतर दूरी के साथ-साथ भौगोलिक स्थिति के कारण भोपाल को मध्य प्रदेश का राजधानी चुना गया.
ऊर्जा मंत्री तोमर ने जिस स्कूल में की पढ़ाई वहीं के वार्षिकोत्सव में बने मुख्य अतिथि
31 Oct, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (स्मार्ट स्कूल) शिक्षा नगर में वार्षिकोत्सव और सम्मान समारोह का आयोजन हर्षोल्लास सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में इस विद्यालय के छात्र रहे ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि मैं, इस विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर चुका हूँ। आज ग्वालियर बदल रहा है, ग्वालियर में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ शैक्षणिक सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हुई है। इसका प्रमाण आपका और हमारा यह स्मार्ट स्कूल है जहां आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्मार्ट कक्षाओं के साथ ही शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हुए हैं।
विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक एवं लोक विधाओं से परिपूर्ण कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने समस्त दर्शकों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत, लोकगीत, बालिका गीत और विभिन्न नृत्य कार्यक्रमों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। साथ ही प्रतिभागी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। उन्होंने कहा कि शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (स्मार्ट स्कूल) का वार्षिकोत्सव एक वार्षिक कार्यक्रम नहीं बल्कि विद्यार्थीयों द्वारा अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक माध्यम है जिसके जरिए विद्यालय के विद्यार्थी पूरे साल की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और पुरस्कार वितरण समारोह होते हैं जो छात्रों को प्रेरित करते हैं और उनका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
एमएसएमई के लिये समूह बीमा उत्पाद पर हितधारकों की कार्यशाला संपन्न
31 Oct, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : रैम्प यानि राइजिंग एंड एक्सीलीरेटिंग एमएसएमई परफार्रेमेंस के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के सहयोग से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए समूह बीमा उत्पाद पर कार्यशाला पंचानन भवन भोपाल में हुई।
इस कार्यशाला में शासकीय विभागों के प्रतिनिधियों, उद्योग संघों, व्यापारी संघों तथा प्रमुख बीमा कंपनियों की सहभागिता रही।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म खुदरा विक्रेताओं एवं एमएसएमई के लिए एक व्यापक समूह बीमा उत्पाद विकसित करना और बीमा जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। चर्चा में बीमा कवरेज के महत्व, दावा निपटान की चुनौतियों, किफायती एवं अनुकूलित बीमा उत्पादों की आवश्यकता तथा शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।
प्रतिभागियों ने एमएसएमई के लिए विशेष रूप से तैयार नीतियाँ विकसित करने, बीमा साक्षरता को प्रोत्साहित करने (विशेषकर महिला उद्यमियों और जनजातीय क्षेत्रों में) तथा “इंश्योरेंस फॉर ऑल – विकसित भारत 2047” की दिशा में कार्य करने के सुझाव दिए। कार्यशाला का समापन सामूहिक सहयोग से मध्यप्रदेश में एमएसएमई के लिए सशक्त बीमा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के संकल्प के साथ हुआ।
राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को नैक से मिला "A++" ग्रेड
31 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने भोपाल स्थित राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा "A++" ग्रेड दिए जाने की महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि मिलने पर तकनीकी शिक्षा विभाग एवं विश्वविद्यालय परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार, विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सतत् नवीन आयाम स्थापित हो रहे हैं। तकनीकी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं प्रगति के साथ, शैक्षणिक एवं अकादमिक स्तर पर उत्तरोत्तर गुणवत्ता वृद्धि हो रही है। विद्यार्थियों के गुणात्मक एवं संज्ञानात्मक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करने शोध एवं नवाचारों को बढ़ावा देने, उद्योगजगत की आवश्यकता अनुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की समावेशिता को बढ़ावा देने और देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए सतत् कार्य किए जा रहे हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा निर्धारित मानकों पर खरा उतरकर सर्वोत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करना प्रशंसनीय एवं सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता मिलने से विश्वविद्यालय के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और अनुसंधान अनुदान के साथ राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंचों पर संस्थागत दृश्यता की नई राहें प्रशस्त होंगी। विद्यार्थियों के लिए बेहतर प्लेसमेंट एवं रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। मंत्री परमार ने कहा कि नैक द्वारा प्रत्ययन से वंचित प्रदेश के अन्य समस्त तकनीकी शिक्षण संस्थान भी राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के मानकों पर खरा उतरने के लिए प्रयास करें।
ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की टीम ने भोपाल स्थित राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निरीक्षण कर विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम गुणवत्ता, शिक्षण-प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन, शोध, नवाचार, आधारभूत ढांचा एवं संसाधन, विद्यार्थी सहयोग एवं प्रगति, गवर्नेंस एवं लीडरशिप मैनेजमेंट सहित विविध मानकों के आधार पर परखा था। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को निर्धारित मानकों पर "A++" ग्रेड से प्रत्ययित किया गया है।
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर
देवखोल में अवैध कोयला खनन पर बड़ी कार्रवाई, 6 टन से अधिक कोयला जब्त
10वीं-12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों को द्वितीय अवसर परीक्षा का मिलेगा मौका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
पश्चिम बंगाल में भाजपा के समर्थन में उतरे डॉ. मोहन यादव, जनसभा को किया संबोधित
राहुल गांधी की 6 गारंटियां: तमिलनाडु की महिलाओं और छात्रों को हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये।
प्रशासन का सख्त एक्शन: बिना लाइसेंस चल रही चांदी रिफाइनरी सील, मौके से आधुनिक मशीनें बरामद।
