मध्य प्रदेश
जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान में अब जुड़ गया है जय अनुसंधान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
3 Jan, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल :31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय विज्ञान और परंपरा के गहरे संबंध हैं। भारत ने हमेशा अपने नेतृत्व से विज्ञान और नवाचार को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच ने भारतीय विज्ञान और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री ने 'जय जवान, जय किसान' का आह्वान कर भारत को एक नई ऊर्जा दी। इस नारे ने न केवल भारत की रक्षा और कृषि को मजबूत किया, बल्कि राष्ट्र को आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित भी किया। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने इस कड़ी में 'जय विज्ञान' को जोड़ा, जो भारत की वैज्ञानिक सोच और उपलब्धियों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस श्रृंखला में 'जय अनुसंधान' जोड़ते हुए विज्ञान और नवाचार को एक नई दिशा दी है। कोविड-19 महामारी के दौरान मात्र एक वर्ष में स्वदेशी वैक्सीन का निर्माण करना इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। यह उपलब्धि भारत के वैज्ञानिक सामर्थ्य और नेतृत्व की कुशलता को प्रदर्शित करती है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी के समय में हुए परमाणु परीक्षण (पोखरण) और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुई वैज्ञानिक प्रगति, दोनों ही यह दिखाते हैं कि भारत ने हर चुनौती को अवसर में बदलकर दुनिया के सामने अपनी योग्यता और क्षमता को सिद्ध किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवींद्र भवन में 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस को बाल प्रतिभाओं के विकास का बेहतरीन मंच बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन जिले के डोंगला में स्थापित वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला में हुए नवीनीकरण कार्य एवं नए उपकरणों के साथ ऑटोमेशन कार्य का वर्चुअल शुभारंभ किया। उन्होंने वीर भारत न्यास के रिसर्च जर्नल 'युगयुगीन भारत का पुरोवाक्' का विमोचन किया, साथ ही वीर भारत न्यास द्वारा बनाई गई महादेव फिल्म सीरीज का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेन्द्र सिंह का वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया। वीडियो संदेश में केन्द्रीय मंत्री सिंह ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में आए बच्चों को श्रेष्ठतम प्रदर्शन करने की प्रेरणा देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। विज्ञान और संस्कृति का यह समन्वय भारत को एक बार फिर से वैश्विक मंच पर सबसे आगे लाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत का भविष्य आप सबके हाथों में है। विज्ञान, संस्कृति और परंपरा का संतुलन ही हमारे विकास का आधार है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में 6 खाड़ी देशों और भारत के विभिन्न राज्यों से आये 700 बच्चों और शिक्षकों की भागीदारी ने इसे विशेष और ऐतिहासिक बना दिया है। यह आयोजन नई पीढ़ी को विज्ञान और नवाचार के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डोंगला वेधशाला के ऑटोमेशन के शुभारंभ पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल छात्रों और शोधकर्ताओं के लिये खगोलीय रहस्यों को बेहतर तरीके से समझने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि भारत का खगोल विज्ञान प्राचीन काल से उन्नत थे। उन्होंने कहा कि नवग्रह की पूजा, ज्योतिष और खगोलीय घटनाओं का अध्ययन हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीनविच समय की अवधारणा को पुन: परिभाषित करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने समय और खगोलीय पिण्डों की परिक्रमा का अध्ययन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किया था, जिसे आज के परिप्रेक्ष्य में पुन: परिभाषित करने की आवश्यकता है। रात के बारह बजे दिन की शुरूआत किसी भी दृष्टिकोण से वैज्ञानिक नहीं लगती। उन्होंने बाल वैज्ञानिकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि हर हाथ को काम, हर खेत को पानी के साथ अब हर युवा को अनुसंधान के अवसर देने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी कोशिश है कि हम भारत के प्राचीन इतिहास और ज्ञान को न केवल संरक्षित करें, बल्कि इसे आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करें। विज्ञान और संस्कृति की जुगलबंदी ने भारत को हजारों वर्षों से समृद्ध बनाए रखा। इसे पुनर्परिभाषित करने का समय आ गया है।
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार और वीर भारत न्यास के सचिव डॉ. श्रीराम तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में पहली बार राज्य की प्राचीन भारतीय विरासत, साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, कृषि, जल संरक्षण और उद्योग-व्यापार के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान और संस्कृति को एक साथ जोड़ने के प्रयासों को नई ऊंचाई दी है। इसी क्रम में वीर भारत न्यास द्वारा दो महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। पुरोवाक् रिसर्च जर्नल भारतीय सभ्यता, संस्कृति और इतिहास के विभिन्न आयामों पर केंद्रित होगा। इसका पहला अंक भारत की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और समाज वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित करता है। यह पत्रिका संस्कृति और विज्ञान के बीच के संबंधों को एक नए दृष्टिकोण से सामने लाने का प्रयास करेगी। वीर भारत यूट्यूब चैनल की नई सीरीज़ 'महा देव' शिव से जुड़े ब्रह्मांडीय और वैज्ञानिक पहलुओं पर आधारित है। महादेव का आदि ज्योर्तिलिंग अब तक के 84 कल्पों के महादेवों, ज्योतिर्लिंगों, एकादश रुद्रों, और ब्रह्मांडीय घटनाओं पर आधारित यह प्रस्तुति एक नई सोच को सामने लाएगी। इसके अलावा अपने शौर्य, रचनात्मकता तथा सामाजिक-सांस्कृतिक संस्कारों से भारत को समृद्ध करने वाली विविध जनजातियों पर केन्द्रित सीरिज 'युग युगीन भारतवंशी' जिसमें सृष्टि की पुराकथा तथा पुराण कथाओं के भीतर अंतर्निहित विज्ञान और दर्शन सम्मत अवधारणाओं का संग्रह यह सीरीज़ प्राचीन भारतीय जनजातियों और उनके सामाजिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक योगदान को रेखांकित करती है। वीर भारत न्यास की यह पहल भारतीय परंपरा और आधुनिकता के संगम की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
अपर मुख्य सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे ने बाल विज्ञान कांग्रेस के आयोजन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में लगातार नवाचार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं उन्हें इस बात की खुशी है कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की शुरूआत भी इसी वर्ष उनके गृह नगर ग्वालियर में हुई थी। उन्होंने कहा कि भोपाल जैसी हरित एवं स्वच्छ राजधानी राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के आयोजन के लिए एक सर्वथा आदर्श स्थल है।
आईआईटी इंदौर के निदेशक डॉ. सुहास जोशी ने बताया कि डोंगला की टेलिस्कोप के ऑटोमेशन के लिए आईआईटी इंदौर ने सॉफ्टवेयर डेवलप किया है। इस सुविधा से देश का कोई भी नागरिक घर बैठे इसका उपयोग कर सकता है। उन्होंने आईआईटी इंदौर में साइंस एवं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सभी बाल वैज्ञानिकों को आईआईटी इंदौर भ्रमण करने का आमंत्रण भी दिया।
विज्ञान भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री डॉ. शिव कुमार शर्मा ने कहाकि शोध एवं नवाचारों से नए-नए तथ्य सामने आते हैं। विज्ञान भारती विज्ञान एवं तकनीक को समाज के आनंद और खुशी के लिए खोज करने को बढ़ावा देती है। ऐसे अविष्कारों को बढ़ावा देती है, जो समाज में सकारात्मकता, शांति, सुख, समृद्धि में इजाफा करें, साथ ही पर्यावरण की वर्तमान चुनौती और समस्याओं का समाधान निकालें। उन्होंने कहा कि आशा है कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में पूरे देश से आए बाल वैज्ञानिक इन 4 दिनों में इस दिशा में अग्रसर होंगे।
सचिव, केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी डॉ. अभय करंदीकर ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की शुरूआत वर्ष 1993 में मध्यप्रदेश के ग्वालियर से ही हुई थी। यह केन्द्र सरकार का एक फ्लैगशिप प्रोग्राम है। यह उन बाल वैज्ञानिक प्रतिभाओं को निखरने का अवसर देती है, जो वर्तमान की ज्वलंत समस्याओं का निदान करेंगी। इस बाल विज्ञान कांग्रेस की थीम के अनुसार पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में कार्य करेंगे। यह कार्यक्रम बच्चों को विज्ञान और तकनीक के नए अविष्कार और खोज से जुड़ने की प्रेरणा देगा। पूरे देश से आए सभी बच्चे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने-अपने अनुभव को एक-दूसरे से साझा करें। डॉ. रश्मि शर्मा ने विज्ञान कांग्रेस में आए सभी अतिथियों, आगुंतकों एवं बाल वैज्ञानिकों का आभार माना।
प्रदर्शनी का अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के शुभारंभ से पहले रवीन्द्र भवन परिसर में आयोजित बाल वैज्ञानिकों की मॉडल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने बच्चों द्वारा प्रदर्शित विज्ञान मॉडल्स का बारीकी से अवलोकन किया, विजिटर बुक में रिमार्क लिखे और बाल वैज्ञानिकों की मुक्त कंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से आयोजित विज्ञान चित्र प्रदर्शनी का भी शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बच्चों के बीच पहुंचे और उनके साथ मैत्री संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ सेल्फी भी ली।
तीन नई ट्रेनें प्रारंभ, एक नया रोड ओवर ब्रिज राष्ट्र को समर्पित
3 Jan, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एनआईईएलआईटी को मिला विश्वविद्यालय का दर्जा, एमओयू पर हस्ताक्षर, और नया एफएम रेडियो केंद्र लॉन्च
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के रेल संपर्क सुधारने के विज़न के अनुरूप, आज गुवाहाटी से तीन नई ट्रेनों का शुभारंभ और टेटेलिया स्टेशन यार्ड पर निर्मित एक नया रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस अवसर पर असम के माननीय राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, असम के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा, रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, और विदेश एवं वस्त्र राज्यमंत्री श्री पबित्र मार्घेरिटा उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में अन्य सांसद, विधायक और पूर्वोत्तर फ्रंटियर रेलवे के महाप्रबंधक श्री चेतन कुमार श्रीवास्तव एवं श्री अरुण कुमार चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
एनआईईएलआईटी को मिला विश्वविद्यालय का दर्जा और एमओयू पर हस्ताक्षर
कार्यक्रम के दौरान एनआईईएलआईटी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। एनआईईएलआईटी, जिसे विशिष्ट श्रेणी के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा "डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी" का दर्जा प्राप्त हुआ है, अब उभरती डिजिटल प्रौद्योगिकियों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन, और अर्धचालक निर्माण में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रम प्रदान करेगा।
तीन नई ट्रेनों का शुभारंभ
आज प्रारंभ की गई ट्रेनों में निम्नलिखित शामिल हैं:
1.55818/55817 (गुवाहाटी – न्यू बोंगाईगांव – गुवाहाटी दैनिक पैसेंजर)
2.15911/15912 (तिनसुकिया – नाहरलगुन – तिनसुकिया त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस)
3.12047/12048 (गुवाहाटी – नॉर्थ लखीमपुर – गुवाहाटी द्वि-साप्ताहिक जन शताब्दी एक्सप्रेस)
माननीय रेल मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ये ट्रेन सेवाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी और असम व आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए यात्रा के अधिक विकल्प उपलब्ध कराएंगी।
आकाशवाणी कोकराझार में एफएम रेडियो केंद्र का उद्घाटन
आकाशवाणी कोकराझार में एक नया एफएम ट्रांसमीटर का उद्घाटन भी किया गया। इससे धुबरी, बोंगाईगांव और चिरांग जिलों सहित क्षेत्र के 30 लाख से अधिक निवासियों को बेहतर गुणवत्ता वाले एफएम प्रसारण की सुविधा मिलेगी।
रेलवे बजट में बढ़ोतरी
अपने संबोधन में माननीय रेल मंत्री ने बताया कि उत्तर-पूर्व क्षेत्र में रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वर्तमान वर्ष में बजट आवंटन 2009-14 की अवधि की तुलना में पांच गुना बढ़ाया गया है। यह पहल क्षेत्रीय विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वंदे भारत जल्द ही लंबी दूरी के रेल यात्रियों को विश्व स्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी
3 Jan, 2025 05:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नव वर्ष हाई-स्पीड क्रांति का अग्रदूत: कोटा डिवीजन में वंदे भारत के सफल परीक्षणों के दौरान 180 किमी/घंटा की अधिकतम गति प्राप्त की
रेलवे नये साल में देश में यात्रियों के लिए तेज़ और सुरक्षित रेल यात्रा लाने के लिए तैयार है। छोटी और मध्यम दूरी की चेयर कार ट्रेनों में यात्रा करने वाले लोगों को तेज़, सुरक्षित और विश्व-स्तरीय यात्रा का अनुभव देने के बाद, भारतीय रेलवे लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए भी इसे साकार कर रहा है।
आरामदायक यात्रा के साथ अधिकतम गति 180 किमी प्रति घंटा
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने पिछले तीन दिनों में अपने कई परीक्षणों में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की है। जनवरी के अंत तक यह परीक्षण जारी रहेंगे। उसके बाद देश भर के रेल यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए यह विश्व-स्तरीय यात्रा उपलब्ध कराई जाएगी।
कोटा डिवीजन में सफल परीक्षण का एक वीडियो साझा करते हुए, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर अपनी पोस्ट में इसकी गति का उल्लेख किया।
वीडियो में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के अंदर एक मोबाइल के बगल में पानी से भरा गिलास दिखाया गया है। वीडियो में पानी का स्तर स्थिर देखा जा सकता है। चलती ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम और स्थिर गति प्राप्त करती है। हाई-स्पीड रेल यात्रा में वंदे भारत यात्रियों को आराम का अनुभव कराती है। यह पोस्ट 3 दिनों के सफल परीक्षणों के बाद आया है, जो 2 जनवरी को समाप्त हुआ, जिसमें वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने अपनी भरी हुई स्थिति में अधिकतम गति प्राप्त की।
गुरुवार को राजस्थान के बूंदी जिले में कोटा और लबान के बीच 30 किलोमीटर लंबे ट्रायल रन के दौरान ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की। वर्ष 2025 के पहले दिन रोहल खुर्द से कोटा के बीच 40 किलोमीटर लंबे ट्रायल रन में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की। इसी दिन कोटा-नागदा और रोहल खुर्द-चौमहला सेक्शन पर 170 किलोमीटर प्रति घंटे और 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की। अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) लखनऊ की निगरानी में ये ट्रायल जनवरी महीने तक जारी रहेंगे।
एक बार ये परीक्षण पूरे हो जाने के बाद, रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा अधिकतम गति पर ट्रेन का मूल्यांकन किया जाएगा। अंतिम चरण में सफल होने के बाद ही, वंदे भारत ट्रेनों को आधिकारिक रूप से प्रमाणित किया जाएगा और उन्हें भारतीय रेलवे को शामिल करने और नियमित सेवा के लिए सौंप दिया जाएगा।
वंदे भारत: गति और सुखद यात्रा के साथ लंबी दूरी की रेल यात्रा में बदलाव
इन वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को स्वचालित दरवाजे, बेहद आरामदायक बर्थ, ऑन बोर्ड वाई-फाई और विमान जैसी डिज़ाइन जैसी सुविधाओं के साथ डिज़ाइन किया गया है। देश में यात्री पहले से ही मध्यम और छोटी दूरी पर चलने वाली 136 वंदे भारत ट्रेनों के माध्यम से शयन सीटों और विश्व-स्तरीय यात्रा अनुभव का आनंद ले रहे हैं।
रेलवे के लिए असली चुनौती बर्थ जोड़ना और ट्रेनों को पूर्ण यात्री और सामान लोड की स्थिति के लिए परीक्षण करना था ताकि उन्हें 180 किमी/घंटा की अधिकतम गति प्राप्त करते हुए वंदे भारत स्लीपर कोच में परिवर्तित किया जा सके। इन सफल परीक्षणों के साथ, रेल यात्री कश्मीर से कन्याकुमारी, दिल्ली से मुंबई, हावड़ा से चेन्नई और कई अन्य मार्गों जैसे लंबी दूरी की यात्राओं में विश्व-स्तरीय यात्रा अनुभव की उम्मीद कर सकते हैं। उन्हें यात्रा का समय काफी कम होने से लाभ होगा। मुंबई-दिल्ली लंबी दूरी की यात्रा की वर्तमान औसत गति 90 किमी/घंटा है, जिसमें तेजस राजधानी एक्सप्रेस के लिए अधिकतम स्वीकार्य गति 140 किमी/घंटा है, जो देश में सभी राजधानी ट्रेन सेवाओं में सबसे तेज है।
वंदे भारत ट्रेनें अब कई शताब्दी ट्रेन मार्गों पर उपलब्ध हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की सबसे तेज़ ट्रेन है और 180 किमी/घंटा तक की गति तक पहुंचने में सक्षम है। अब तक, यह दिल्ली और वाराणसी जैसे छोटे और मध्यम दूरी के प्रमुख शहरों को जोड़ती है और एक शानदार यात्रा अनुभव प्रदान करती है। वंदे भारत ट्रेनें गति और आराम का एक सहज मिश्रण प्रदान करती हैं। यह केवल यात्रा का एक तरीका नहीं है बल्कि आधुनिक भारतीय इंजीनियरिंग का एक अनुभव है।
मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी आकाश त्रिपाठी ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार में एडिशनल सेक्रेटरी बनाए गए
3 Jan, 2025 05:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी आकाश त्रिपाठी ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार में एडिशनल सेक्रेटरी बनाए गए।
बड़ी कार्रवाई, बिल्डरों की बेनामी संपत्तियां बेचने पर रोक
3 Jan, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयकर विभाग ने बिल्डरों के यहां छापेमारी कर संपत्ति के दस्तावेज हासिल किए हैं, जिन्हें कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभाग ने ऐसी 24 संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाकर उन्हें कुर्क किया है, जिसकी जानकारी बिल्डरों को भी दे दी गई है। इन संपत्तियों की कीमत 250 करोड़ रुपए से ज्यादा है। 18 दिसंबर को राजधानी के बिल्डरों की तीन कंपनियों के 52 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी। इनमें से 49 ठिकाने भोपाल, 2 इंदौर और एक ग्वालियर में था। पांच दिन तक चली जांच में करोड़ों की बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं।
ऊंचे दामों पर बेची गई
24 से ज्यादा बैंक लॉकर, 10 करोड़ रुपए नकद और जेवरात शामिल हैं। संपत्ति के दस्तावेजों की जांच में पता चला है कि बिल्डरों ने नीलबड़-रातीबड़ इलाके में बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदकर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा, कम दामों पर रजिस्ट्री कराई। कई संपत्तियां मजदूरों और कर्मचारियों के नाम दिखाई गईं। आयकर विभाग ने ऐसी संपत्तियों के लिए आईजी पंजीयन और भोपाल के वरिष्ठ जिला पंजीयक को पत्र भी लिखा है। आयकर को आशंका है कि छापेमारी के बाद बिल्डर अपनी संपत्ति किसी को बेच सकते हैं। उन्होंने इस दौरान जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके बयान भी लेने शुरू कर दिए हैं, जिनमें रायपुर का एक खनन कारोबारी भी शामिल है। खनन कारोबारी ने 50 करोड़ रुपए नकद भुगतान किया था और जिन बिल्डरों के ठिकानों पर जांच की गई, उनसे कारोबारी के दोस्ताना संबंध हैं।
यह है पूरा मामला
हाल ही में बिल्डरों और परिवहन विभाग के पूर्व कर्मचारियों के घरों पर छापेमारी के दौरान 19 दिसंबर को एक कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए थे। गोपनीय रकम और कथित डायरी, दोनों ही घटनाएं आपस में जुड़ी हुई लग रही हैं। अभी तक नकदी और सोने के असली मालिक का पता नहीं चल पाया है। जांच में संकेत मिले हैं कि यह बरामदगी परिवहन विभाग में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी है।
तिरुपति-जम्मूतवी एक्सप्रेस का अस्थायी निरस्तीकरण
3 Jan, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल मण्डल: जम्मूतवी स्टेशन के पुनर्विकास के अंतर्गत यार्ड में इंटरलॉकिंग कार्य के चलते, भोपाल मण्डल के रानी कमलापति स्टेशन से गुजरने वाली गाड़ी संख्या 22705 तिरुपति-जम्मूतवी एक्सप्रेस दिनांक 07 जनवरी 2025 को एवं गाड़ी संख्या 22706 जम्मूतवी-तिरुपति एक्सप्रेस दिनांक 10 जनवरी 2025 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से निरस्त रहेगी।
यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 के माध्यम से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त कर तदनुसार यात्रा प्रारंभ करें।
रात को घर देर से आने पर पिता की डांट से नाराज किशोर ने लगा ली फांसी
3 Jan, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। पुराने शहर के शाहजहॉनाबाद थाना इलाके में रहने वाले एक नाबालिग किशोर ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया गया है की मृतक किशोर बेटे को रात को देरी से घर आने पर पिता ने डांट दिया दिया था। संभवत इससे नाराज होकर ही उसने यह कदम उठाया है। मिली जानकारी के अनुसार वाजपेयी नगर ईदगाह हिल्स इलाके में रहने वाला 17 वर्षीय नाबालिग बीते काफी समय से देर रात को घर आता था। इसे लेकर पिता सहित परिवार वालो ने उसे कई बार जल्दी घर आने की समझाइश दी थी, लेकिन तब भी किशोर ने घर जल्द नहीं पहुंचता था। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे घर पहुंचा था। इतनी रात को घर आने पर मजदूरी करने वाले उसके पिता ने उसे फटकार लगाते हुए किेशोर बेटे से देर रात तक घर से बाहर रहने का कारण पूछा। पिता के साथ ही परिवार के अन्य लोगो ने भी उससे देर रात तक बाहर रहने को लेकर पूछताछ की। इससे नाबालिग नाराज हो गया और दूसरे कमरे में जाकर अपने आप को बंद कर लिया। इसके बाद किशोर ने कमरे में रखी साड़ी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। देर रात ही सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पीएम के बाद परिवार वालो को सौंपते हुए आगे की कर रही है।
अब तंदूरी खाना और व्यंजन नहीं हो सकेगा नसीब, नगर निगम का फैसला
3 Jan, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: भोपाल शहर में अब लोगों को अगले एक महीने तक तंदूरी व्यंजन का स्वाद नहीं मिल सकेगा। नगर निगम ने तंदूर जलाने के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए तंदूर का उपयोग रोक दिया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि होटल, रिजॉर्ट और रेस्टोरेंट संचालकों के किचन से संबंधित आवश्यक सामान 15 दिनों के लिए जब्त कर लिया जाएगा। इसके बाद ही जुर्माना अदा करने और शपथ पत्र देने के बाद यह सामान वापस मिलेगा।
एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार के उद्देश्य से कार्रवाई
तंदूर जलाने के मामलों में की गई कार्रवाई के तहत पिछले दो महीनों में एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार के उद्देश्य से नगर निगम ने 134 होटल, रेस्टोरेंट और रिजॉर्ट संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। दुकानदारों का सामान जब्त कर नगर निगम के स्टोर में रखा गया है, ताकि तंदूर जलाने वाले संचालकों को हतोत्साहित किया जा सके और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।
नागरिक संगठनों ने अपनी चिंताओं को व्यक्त किया
नगर निगम का कहना है कि पिछले 15 दिनों में शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स सामान्य स्तर पर बना हुआ है। हालांकि, प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के खिलाफ नागरिक संगठनों ने आवाज उठाई है। उनका आरोप है कि नगर निगम छोटे होटल और रेस्टोरेंट पर कार्रवाई कर एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार का दावा कर रहा है, जबकि बड़े व्यवसायों और रिसॉर्ट्स की गतिविधियों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां प्रतिदिन तंदूर और अलाव जलाने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे मुनाफाखोरी की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
पीथमपुर में कचरा निष्पादन को लेकर उठ रही आशंकाओं पर सीएम डॉ. मोहन ने कहा- यूका के कचरे का वैज्ञानिक पद्धति से हो रहा निष्पादन
3 Jan, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कचरा निष्पादन को लेकर उठ रही आशंकाएं निर्मूल हैं। भोपाल के लोग 40 वर्षों से इसी कचरे के साथ रहते आए हैं इसलिए कांग्रेस या जो लोग इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं उन्हें इस विषय में राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यूनियन कार्बाइड के 358 टन कचरे का वैज्ञानिक पद्धति के अनुसार निष्पादन पीथमपुर में किया जा रहा है। इस कचरे में 60 प्रतिशत मिट्टी और 40 प्रतिशत 7 नेफ्थाल और अन्य प्रकार के केमिकल से जुड़े अपशिष्ट है।
उन्होंने आगे बताया कि कीटनाशक बनाने में नेफ्थाल सह उत्पाद की भूमिका में रहता है और वैज्ञानिकों के अनुसार इसका असर 25 वर्षों में समाप्त हो जाता है। चूंकि घटना को 40 वर्ष हो चुके हैं, इसलिए कचरे के निष्पादन को लेकर जो आशंकाएं जताई जा रही हैं वो स्वत: समाप्त हो जाती हैं।
गहन अध्ययन, परीक्षण के बाद तय हुई प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि कचरे के निष्पादन के लिए कई संस्थाओं ने गहन अध्ययन और परीक्षण किया। कोर्ट और कई विभागों के सुझाव और परामर्श के बाद ये प्रक्रिया शुरु हुई। भारत सरकार की विभिन्न संस्थाओं जैसे नेशनल इन्वायरमेंट इंजीनियरिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट नागपुर, नेशनल जियोफिजिकल इंस्टीट्यूट हैदराबाद, आईआईसीटी यानि इंडियन इंस्टीट्यूट आफ केमिकल टेक्नोलॉजी, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किये गए अध्ययन और उनकी रिपोर्ट के बाद कचरा निष्पादन प्रक्रिया तय हुई। इससे पहले 2013 में केरल के कोच्ची के संस्थान में 10 टन यूनियन कार्बाइड के समान कचरे का परिवहन कर इसे पीथमपुर में जलाकर परीक्षण किया जा चुका है। इसे सफलता के साथ जलाकर इसकी रिपोर्ट भी सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की गई। सभी निष्कर्षों की रिपोर्ट शपथ पत्र के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की गई, जिसमें कहा गया कि कचरे के निष्पादन से किसी प्रकार वातावरण को कोई नुकसान नहीं हुआ है। सभी रिपोर्ट के गहन परीक्षण के बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया की अनुमति दी गई। फैक्टरी के बाहर के कचरे का भी निष्पादन किया जाएगा इसीलिए भोपाल की 40 साल पुरानी समस्या का अब समाधान हो रहा है।
सबको भरोसे में साथ लेकर आगे बढ़ रहे
उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों को विश्वास में लेकर ही आगे बढ़ रहे हैं। जानकारी पारदर्शिता के साथ रख रहे हैं। इस विषय में राजनीति नहीं होनी चाहिए। धार में प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जिले के सभी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक लेकर उन्हें विश्वास में लेंगे। वहीं मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि फैक्टरी के बाहर के कचरे का भी भविष्य में निष्पादन किया जाएगा।
वर्किंग में सुधार जरूरी, साइबर क्राइम और नशा बड़ी चुनौती
3 Jan, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने नववर्ष 2025 के अवसर पर कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस को अनुशासन और पेशेवर दक्षता में सुधार करना होगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों से संवेदनशीलता, त्वरित कार्यवाही, और कानून की सर्वोच्चता का प्रदर्शन करने की अपील की। मकवाना ने साइबर अपराध, नशे के बढ़ते मामलों, और यातायात दुर्घटनाओं को पुलिस के सामने गंभीर चुनौतियां बताया। उन्होंने थाना स्टाफ को पीडि़तों के प्रति संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीजीपी ने कहा कि 2024 पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन शांतिपूर्ण लोकसभा चुनाव कराने जैसी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी मिलीं। उन्होंने पुलिस की भूमिका की सराहना की।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए योग और ध्यान के कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई है। मकवाना ने इसे पुलिस बल को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाने का सकारात्मक कदम बताया। डीजीपी ने कहा कि पुलिस बल की मेहनत और समन्वय से प्रदेश में सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में सफलता मिलेगी। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने की अपील की। डीजीपी कैलाश मकवाना ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर नव वर्ष 2025 की शुभकामनाएं देते हुए पुलिस बल को अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर के सिद्धांत का पालन करते हुए, उचित प्रतिबंधात्मक उपाय किए जाने चाहिए।
पुलिस के लिए जरूरी कदम
बेसिक पुलिसिंग के साथ ही आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जाए। सुनियोजित और पेशेवर तरीके से कार्यप्रणाली में सुधार लाएं। सभी कानूनों और प्रावधान का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। थाना स्टाफ पीडि़तों, महिलाओं, और बच्चों के प्रति संवेदनशील रहे और त्वरित कार्रवाई करे।
साइबर अपराध, नशा, और दुर्घटनाएं
डीजीपी ने साइबर अपराध, नशे की समस्या, और सडक़ दुर्घटनाओं को प्रमुख चुनौतियां बताते हुए कहा कि इनसे निपटने के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए। साथ ही, आमजन को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि थाने पुलिस विभाग की मूल इकाई है, जहां आमजन से सीधा संपर्क होता है। यहां पुलिसकर्मियों से उत्तम आचरण, संवेदनशीलता, और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है। महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पहले कुछ मात्रा में जलाकर कोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट
3 Jan, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्रीन कॉरीडोर के माध्यम से रामकी कंपनी पंहुचा 337 टन जहरीला कचरा
भोपाल । यूनियन कार्बाइड कारखाने का 337 टन जहरीला कचरा गुरूवार सुबह 4:00 बजे रामकी कंपनी पहुंच चुका है। भोपाल से पीथमपुर तक 250 किलोमीटर का ग्रीन कॉरीडोर बनाया गया था। जिसमें जगह-जगह पुलिस तैनात रही। कड़ी सुरक्षा के बीच भोपाल, सीहोर, देवास, इंदौर होते हुए यह कंटेनर पीथमपुर स्थित रामकी कंपनी पहुंचाया गया। कुछ मात्रा में इस कचरे को जलाकर न्यायालय में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाना है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड आपदा प्रबंधन सहित कई अधिकारी भी मौके पर हैं।भोपाल की यूनियरन कार्बाइट फैक्टरी से चालीस साल बाद कचरा साफ हुआ है। पांच हजार मौतों की वजह बने इस जहरीले कचरे ने आठ घंटे में ढाई सौ किलोमीटर का सफर तय किया और भोपाल से पीथमपुर पहुंचा। कोहरे के कारण यह सफर ज्यादा कठिन हो गया था। वाहनों की स्पीड 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई। कंटेनरों को चढ़ाने में सावधानी बरती गई।
कंटेनरों पर लिखा था खतरनाक अपशिष्ट
12 कंटेनरों में दो-दो ड्रायवरों को तैनात किया गया था। कर्मचारी पीपीई कीट पहने बैठे हुए थे। फैक्टरी से कंटेनरों में कचरे को भरने के लिए तीन दिन का समय लगा। विशेष बैगों में 337 टन कचरे को भरा गया है। कंटेनरों पर खतरनाक अपशिष्ट लिखा हुआ था। नीले रंग के इन कंटेनरों के पीछे भी पुलिस वाहन चल रहे थे। कोहरे के कारण कंटेनरों की स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई। जहरीले कचरे से भरे कंटेनरों के साथ एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदि टीमों के वाहन भी रवाना हुए थे। इस तरह करीब 18 वाहन शामिल थे। इस कचरे को कंटेनरों में लोडिंग के काम में डेढ़ सौ मजदूरों ने पंद्रह शिफ्ट में काम करके कचरे को कंटेनरों में अपलोड कराया।
ऐसे नष्ट होगा जहरीला कचरा
बता दें कि यह जहरीला कचरा पीथमपुर इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड में नष्ट किया जाएगा। यह खतरनाक जहरीला कचरा जिस जगह नष्ट किया जाएगा, उस क्षेत्र के पास रहवासी इलाका है, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। यहां जहरीले कचरे को नष्ट करने के लिए विशेष भट्टी बनाई गई है। जानकारी के मुताबिक, यदि 90 किलोग्राम प्रति घंटे की मानक दर से इसको जलाया जाए तो भी इसे नष्ट करने में 153 दिन यानी 5 महीने का समय लगेगा। कचरा जलाने के बाद बची हुई राख का परीक्षण किया जाएगा और उसे दो परत वाली सीट से ढका जाएगा फिर इस राख को सुरक्षित लैंडफिल वाली साइट पर इसे दफना दिया जाएगा।
पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को मिली प्रशासनिक स्वीकृति
3 Jan, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। पार्वती कालीसिंध चंबल परियोजना से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। मोहन कैबिनेट के फैसले के बाद जल संसाधन विभाग ने पार्वती कालीसिंध चंबल परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। 4 लाख हेक्टेयर की सिंचाई के लिए 28 हजार 700 करोड़ के प्रोजेक्ट को विभाग से हरी झंडी मिल गई है। अब जल्द ही इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए टेंडर भी जारी होंगे। इसके अलावा एमपीकेसी परियोजना से शिवपुरी में पावा एवं सोनपुर वाले टेंडर को भी निरस्त किया गया है। मेजर माइनर बजट से भी योजना को फंड के लिए मर्ज किया गया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में पुनरीक्षित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना के अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति से छूटे 16 परियोजनाओं के समूह को प्रशासकीय स्वीकृति दे दी गई थी। जिसके बाद जल संसाधन विभाग ने भी इस पर हरी झंडी दे दी है। इनकी लागत 28 हजार 798 करोड़ होगी तथा जलग्रहण क्षेत्र 04 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर होगा।
नए साल में बजट की तैयारी का शेड्यूल तय
3 Jan, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मप्र में आगामी बजट की तैयारी शुरू हो गई है। नए साल में बजट की तैयारी का शेड्यूल फिक्स हुआ है। इसी कड़ी में मुख्य सचिव अनुराग जैन चार दिनों तक सभी विभागों के प्रमुख सचिव के साथ बैठक करेंगे। जानकारी के अनुसार 4 दिनों तक 54 विभागों की बजट को लेकर बैठक चलेगी। आने वाले बजट 2025-26 की तैयारी में विभागों के अधिकारी जुटे हैं। 15 जनवरी को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के सामने नए बजट का प्रेजेंटेशन पेश करेंगे। सभी विभागों के बजट और महा अभिलेखाकर को पेश किए जाने वाली रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी।
बजट की तैयारी का जो शेड्यूल तय किया गया है उसके अनुसार 8 जनवरी से विभागवार समीक्षा शुरू होगी, जो 9, 10 और 11 जनवरी को भी जारी रहेगी। 8 जनवरी को वाणिज्यिक कर, खनिज संसाधन, परिवहन, योजना, आर्थिकी एवं सांख्यिकी, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, प्रवासी भारतीय, पर्यावरण, पर्यटन, विमानन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, संस्कृति, सूक्ष्य लघु एवं मध्यम उद्यम, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के बजट पर चर्चा होगी।
9 जनवरी को इन विभागों की चर्चा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, खेल एवं युवा कल्याण, स्कूल शिक्षा, वन, महिला एवं बाल विकास राजस्व, आनंद, जनसंपर्क और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग।
10 जनवरी को इन विभागों की चर्चा
आयुष, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, घुमंतू एवं अद्र्धघुमंतू जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कार्य, वित्त, मछुला कल्याण तथा मतस्य विभाग, कुटीर एवं उद्योग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जनकल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग।
11 जनवरी को इन विभागों की चर्चा
लोक सेवा प्रबंधन, गृह, विधि एवं विधायी कार्य, श्रम, संसदीय कार्य, सामान्य प्रशासन, जेल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नर्मदा घाटी विकास, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण, ऊर्जा, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं डेयरी विकास, सहकारिता, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण और किसान कल्याण एवं कृषि विभाग।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुमित्रा देवी मेहता के निधन पर शोक व्यक्त किया
2 Jan, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ पत्रकार, कॉलमिस्ट एवं कथावाचक पं. विजय शंकर मेहता की माताजी सुमित्रा देवी मेहता के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार सुबह मेहता के निवास पर पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्व. मेहता 90 वर्ष की थीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. सुमित्रा देवी के चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि स्व. सुमित्रा देवी का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक था। उनके जीवन मूल्य हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत मेहता के परिजन से आत्मीय चर्चा की और सभी को सांत्वना देकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
राज्यमंत्री बागरी ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया
2 Jan, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने गुरुवार को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया। उन्होंने ममलेश्वर मन्दिर के भी दर्शन किए। राज्यमंत्री बागरी ने बाबा ओंकारेश्वर से प्रदेश की सुख-समृद्धि, विकास और कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने माँ नर्मदा के विहंगम दृश्य का अवलोकन कर माँ नर्मदा को प्रणाम किया। राज्यमंत्री बागरी को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ट्रस्ट की ओर से नगर परिषद ओंकारेश्वर के उपाध्यक्ष अखिलेश दीक्षित ने बाबा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की प्रतिकृति भेंट की। उन्होंने ओंकार पर्वत पर स्थापित आदि शंकराचार्य की मूर्ति का अवलोकन भी किया।
राज्यमंत्री बागरी ने ओंकारेश्वर में ट्रेंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया। उन्होंने वेस्ट मटेरियल से बनाए जा रहे सोफा, डाइनिंग टेबल, कुर्सी आदि सामग्री का अवलोकन किया और प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किस तरह वेस्ट मटेरियल को अलग-अलग विभाजित करके इसका उपयोग करके बेस्ट मटेरियल बनाया जा रहा है, यह एक अच्छी पहल है। राज्यमंत्री बागरी ने ओंकारेश्वर में ब्लेक स्पॉट के सौंदर्यकरण का भी निरीक्षण किया। राज्यमंत्री बागरी ने कहा कि स्वच्छता के कार्यों को जन जागरूकता के माध्यम से करना चाहिए। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि ओंकारेश्वर नगर को स्वच्छ व सुंदर रखे, क्योंकि यहां जो पर्यटक आते हैं वह अच्छी स्मृतियां लेकर जाएं। इस दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी ओंकारेश्वर श्री संजय गीते सहित विभिन्न जन-प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
“पूरा बंगाल तैयार है बदलाव के लिए”, अमित शाह का बड़ा चुनावी दावा
तेज प्रताप का बड़ा दावा, RJD में टूट के संकेत, सियासी पारा चढ़ा
DRDO ने बनाया AI से लैस ‘प्रज्ञा’, गृह मंत्रालय को सौंपा सिस्टम
200 का लक्ष्य और गलत शॉट: "पिच 175 वाली थी, पर हमारी खराब रणनीति ने डुबोई लुटिया"— हेडन।
चेन्नई मैच की इनसाइड स्टोरी: 5वें ओवर में दी गई नो-बॉल और वाइड ने खोले फिक्सिंग के गहरे राज।
फर्जी खातों से खेला गया 2500 करोड़ का खेल, गुजरात में बड़ा खुलासा
दिल दहला देने वाला वारदात: बच्चे की हत्या कर ड्रम में छिपाया शव
ड्रेस कोड पर बवाल: भोपाल में लेंसकार्ट के खिलाफ अनोखा विरोध
टीकमगढ़ बस दुर्घटना: मौके पर मची अफरा-तफरी, 15 घायल
पेट्रोल-डीजल की स्थिति सामान्य: छत्तीसगढ़ के पेट्रोल पंपों पर नहीं है कोई किल्लत, सुचारु है आपूर्ति।
