मध्य प्रदेश
राज्यपाल पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजभवन में सौजन्य भेंट की
3 Nov, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के लिए मुख्यंमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को राजभवन पहुंचे। उन्होंने राज्यपाल का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनदंन किया।
राज्यपाल पटेल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश सरकार का विजन डॉक्यूमेंट "समृद्ध मध्यप्रदेश @ 2047 " की प्रति भेंट की। साथ ही प्रदेश के विकास संबंधी विभिन्न आयामों पर चर्चा की।
टी.बी. उन्मूलन में हर व्यक्ति की हो सहभागिता : राज्यपाल पटेल
3 Nov, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि टी.बी. उन्मूलन के लिए सबसे कारगर उपाय जागरूकता है। हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि टी.बी. जागरूकता कार्यक्रमों का हिस्सा बनें और टी.बी. उन्मूलन में सक्रिय सहभागिता करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबके प्रयास से टी.बी. मुक्त भारत अभियान सफल होगा। देश और प्रदेश टी.बी. मुक्त बनेगा।
राज्यपाल पटेल सोमवार को मध्यप्रदेश टी.बी. एसोसिएशन के 76वें टी.बी. सील अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने टी.बी. मरीजों को पौष्टिक आहार का वितरण किया। साथ ही नि:क्षय मित्रों, चिकित्सकों, दानदाताओं और समाज सेवी संस्थाओं का सम्मान किया।
राज्यपाल पटेल ने नागरिकों से कहा है कि अपनी योग्यता और क्षमता से टी.बी. रोगियों की मदद करें। मानवता की सेवा में ही जीवन की सार्थकता है। पीड़ित और जरूरतमंद की मदद पुण्य का महान कार्य है। इससे ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने टी.बी. उन्मूलन के एकजुट और एकमत विश्वास को व्यक्त करने आयोजन की थीम “हाँ, हम टी.बी. को समाप्त कर सकते हैं” की सराहना की। टी.बी. रोग उन्मूलन के सतत प्रयासों के लिए टी.बी. एसोसिएशन से संबद्ध समर्पित पदाधिकारियों, संबंधित विभागों और समाज सेवी संस्थाओं को बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी के टी.बी. मुक्त भारत अभियान के संकल्प को मध्यप्रदेश में जन आंदोलन बनाने के लिए साधुवाद दिया।
समय पर दवाई लें, पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम करें
राज्यपाल पटेल ने कहा कि टी.बी. संक्रामक रोग है। इस रोग को समझना जरूरी है। सही समय पर सही और नियमित उपचार से रोग को खत्म किया जा सकता है। टी.बी. मरीज समय पर दवाई लें। दवाई का कोर्स पूरा भी करें। खान-पान का विशेष ध्यान रखें। भोजन में मोटे अनाज आदि पौष्टिक आहार को शामिल करें। भरपूर पानी पीयें नींद लें और नियमित व्यायाम करें। उन्होंने कहा कि रोगी अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत और संयमित रहें। अनुशासित जीवन शैली को अपनाएं।
राज्यपाल पटेल का टी.बी. एसोसिएशन के अध्यक्ष जयपाल सचदेव ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया और बैज लगाकर अभिनंदन किया गया। अध्यक्ष सचदेव ने स्वागत उद्बोधन दिया। विधायक भगवानदास सबनानी ने टी.बी. रोग के इलाज, पौष्टिक आहार वितरण और रोग उन्मूलन के मानवीय प्रयासों के लिए टी.बी. एसोसिएशन, चिकित्सकों, दानदाताओं और समाजसेवियों की सराहना की। भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि टी.बी. रोग को समुचित इलाज और जागरूकता से हराया जा सकता है। वार्षिक प्रतिवेदन एसोसिएशन के सचिव डॉ. मनोज वर्मा ने प्रस्तुत किया। आभार कोषाध्यक्ष अभिजीत देशमुख ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में सी.एम.एच.ओ. डॉ. मनीष शर्मा, टी.बी. एसोसिएशन के पदाधिकारी, चिकित्सक, नि:क्षय मित्र और समाज सेवी उपस्थित थे।
सेवा ही हमारा संकल्प, जनसुविधा बढ़ाने कोई कसर नहीं रखेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
3 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ईंटखेड़ी में आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ही हमारा संकल्प है, जनता की सुविधा बढ़ाने में हम कोई कमी नहीं रहने देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते दो वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है और सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ कराई जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आज मध्य प्रदेश का चहुमुखी विकास हो रहा है। राज्य में लगातार आर्थिक गतिविधियां जारी हैं, नए-नए उद्योग और विकास की संभावनाओं पर बल दिया जा रहा है। साथ ही किसानों हितैषी नीतियों के अंतगर्त किसान सम्मान निधि, सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा और लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए राशि पहुंचा जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर बहनें रेडीमेड गारमेंट जैसे रोजगार परक उद्योगों में कार्य करेंगी तो उन्हें सरकार की ओर से प्रतिमाह वेतन के साथ 5000 रुपए की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण के लिए संकल्पित है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैरसिया विधायक विष्णु खत्री को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। विधायक खत्री की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईंटखेड़ी में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चाहे कितना भी बड़ा रोग हो या कोई जटिल ऑपरेशन, हमारी सरकार हर ज़रूरतमंद को उपचार के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनसेवा हमारा मूल लक्ष्य है, और हम इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा निरंतर प्रयासों से स्वास्थ्य विभाग में निरंतर नई भर्ती की जा रही है और अस्पतालों की सुविधाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है।
इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा भोपाल के प्रभारी मंत्री चेतन कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष रामकुंवर नौरंगसिंह गुर्जर, उपाध्यक्ष मोहन जाट, तीरथ सिंह मीणा, गोपाल सिंह मीणा, पर्वत सिंह पटेल, सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
बताया गया कि इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में दोपहर तक 1500 से अधिक लोगों ने अपनी जांच और इलाज कराया। शिविर से लाभ पाकर क्षेत्र के लोगों ने भारी उत्साह और प्रसन्नता व्यक्त की।
सीएम मोहन यादव बोले – प्रदेश ने रचे विकास के नए आयाम
3 Nov, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bhopal News:मध्यप्रदेश के गौरवशाली 70वें स्थापना दिवस समारोह पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ को संबोधित किया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गत दो वर्ष में प्रदेश में विकास के कई ऐसे कार्य पूर्ण हुए हैं जो असंभव माने जाते थे. मध्यप्रदेश विकास के नए पैमाने गढ़ रहा है. प्रदेश में उद्योगों की स्थापना का कार्य तेजी से हो रहा है. औद्योगिक विकास दर उल्लेखनीय 24% प्राप्त की गई है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को लाल परेड ग्राउंड में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के सांस्कृतिक कार्यक्रमों अवतार को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दो टाइगर रिजर्व भोपाल वन विहार और माधव नेशनल पार्क शिवपुरी हैं. यही नहीं नौ टाइगर रिजर्व अभयारण्य प्रदेश में हैं. प्रदेश में ओंकारेश्वर में 27वां अभयारण्य प्रारंभ हो रहा है, जिसका क्षेत्र खंडवा और देवास जिलों में रहेगा. मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि संस्कृति के क्षेत्र में प्रदेश को अनेक सौगातें मिली हैं.
उज्जैन में आए 7 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेतृत्व में विरासत के संरक्षण के साथ विकास का कार्य हो रहा. सांस्कृतिक अनुष्ठान जारी है. उज्जैन में 7 करोड़ से अधिक पर्यटक और श्रद्धालु आए हैं.
चित्रकूट का होगा विकास
अयोध्या में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं. ओरछा और चित्रकूट प्रदेश के विशेष धार्मिक, आध्यात्मिक आस्था के केंद्र हैं. चित्रकूट में 28 करोड़ से अधिक राशि से अनेक विकास कार्य किए जाएंगे. गत 2 वर्ष में प्रदेश में तीन एयरपोर्ट दतिया, सतना और रीवा में प्रारंभ हुए हैं. आज उज्जैन की हवाई पट्टी के एयरपोर्ट के रूप में विकास के लिए एमओयू हुआ है.
पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ मध्य प्रदेश में सबसे पहले
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा प्रारंभ करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला प्रांत है. आने वाले 5 वर्ष में प्रदेश का बजट दोगुना हो जाएगा.
राज्य को मिली तीन अंतर्राज्यीय परियोजनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीन अंतर्राज्यीय सिंचाई परियोजनाएं प्रारंभ हुई है. केन-बेतवा, पार्वती-काली-सिंध-चंबल अंतर्राज्यीय परियोजना और ताप्ती मेगा परियोजना के माध्यम से प्रदेश का विशाल क्षेत्र सिंचित होगा. पेयजल व्यवस्थाओं के साथ उद्योगों को भी पानी मिलेगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के इस ग्राउंड पर जुबिन नौटियाल जैसे कलाकार अपने दल के साथ विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे हैं. इसके साथ ही 500 कलाकार विश्वंद की प्रस्तुति दे रहे हैं.
तीन दिन कार्यक्रमों की धूम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थापना दिवस पर पहली बार तीन दिवसीय कार्यक्रम हो रहे. सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन दो दिन होगा. रविवार और सोमवार को यह प्रस्तुति देखने सभी लाल परेड ग्राउंड आएंगे. मन भावन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आने वाले 2 दिन राज्य उत्सव की धूम रहेगी. प्रदेश के विकास पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया जा सकता है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त नागरिकों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की बधाई दी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां का वातावरण देख कर ऐसा लग रहा है जैसे यहां स्वर्ग उतर आया है. यहां एक के बाद एक लघु फिल्म के आधार पर मध्यप्रदेश के विकास की कुछ झलकियां दिखाई गईं. बीते साल के साथ किए गए अलग-अलग काम जिसके बलबूते पर हर क्षेत्र में विकास के जो नए पैमाने गढ़े गए थे. शनै:-शनै: हम एक-एक कर उन सबको पार करते गए थे. चुनी हुई सरकार के माध्यम से मध्यप्रदेश राज्य को बेहतर से बेहतर मुकाम तक पहुंचाने के लिए लगातार पड़ाव दर- पड़ाव पार किए उस तरह की यात्रा में हम बढ़े हैं.
संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा हमें अपना शुभाशीष दिया है. उनके मार्गदर्शन में हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में विकास और प्रगति के उच्च आयाम गढ़ रहे हैं.मुख्यमंत्री के नेतृत्व में "विकसित मध्यप्रदेश-2047" का रोड मैप तैयार किया जा चुका है. आज का यह आयोजन मध्यप्रदेश की विरासत से विकास तक की यात्रा को जन-जन तक पहुँचाने का महोत्सव है. हमारा मध्यप्रदेश केवल एक भौगोलिक भूखण्ड मात्र नही है, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक है. जिस प्रकार हृदय संपूर्ण शरीर में जीवन का संचार करता है, उसी प्रकार मध्यप्रदेश ने अपनी संस्कृति और सृजन से भारत के प्राणतत्व को सशक्त किया है. इसलिए आज के इस आयोजन को 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' की संज्ञा दी गई है.
सम्पूर्ण प्रदेश में रहा उत्सव और उमंग का माहौल
भारत के हृदय मध्यप्रदेश के गौरवशाली 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर पूरे प्रदेश में उत्सव और उमंग का माहौल है. इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्य की सांस्कृतिक, सामाजिक और विकास यात्रा को समर्पित तीन दिवसीय भव्य आयोजन का शुभारंभ एक नवम्बर, 2025 को लाल परेड ग्राउंड, भोपाल में हुआ. भव्य मंच, जगमगाती रोशनी और सतरंगी सुरीले सिलसिले के बीच इस उत्सव का आरंभ हुआ. यह आयोजन मध्यप्रदेश की उस समृद्ध विरासत, विविधता और प्रगति का उत्सव है, जिसने पिछले सात दशकों में राज्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है. समारोह की शुरुआत गरिमामय वातावरण में हुई, जहाँ संस्कृति, कला, संगीत और नवाचार के रंगों ने मध्यप्रदेश की पहचान को और उज्ज्वल बना दिया. इस समारोह में लघु फिल्म-विकसित मध्यप्रदेश का प्रदर्शन हुआ. इसके बाद निवेश प्रोत्साहन यात्रा एवं उपलब्धियों पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया. साथ ही मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों एवं उपलब्धियों पर आधारित और invest.mp.gov.in पहल को प्रदर्शित करती फिल्म का प्रदर्शन किया गया. गर्व का अनुभव करवातीं इन फिल्मों के प्रदर्शन के बाद वीर भारत न्यास द्वारा प्रकाशित श्रीमद्भ गवतगीता एवं अभ्युदय मध्यप्रदेश केंद्रित ज्ञान प्रतियोगिता पोर्टल/एप की लॉचिंग भी की गई.
न्यास द्वारा प्रकाशित युगयुगीन भारतवंशी और इंटैक संस्था द्वारा प्रकाशित जिओ हेरिटेज ऑफ उदयपुर, पुस्तक का लोकार्पण किया गया. मदन मोहन उपाध्याय द्वारा इसका संपादन किया गया हैं. इसके साथ ही आसमान की ऊंचाईंयों को छूती रंगारंग आतिशबाजी ने भी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया.
आसमान पर मध्य प्रदेश की प्राचीन विरासत से उज्ज्वल भविष्य की सतरंगी यात्रा
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्यागिकी परिषद् द्वारा देश में पहली बार 2 हजार ड्रोन का भव्य शो आयोजित किया गया. ड्रोन के उड़ते ही आसमान में समृद्ध और सशक्त मध्यप्रदेश के जीवंत दृश्य नजर आने लगे. विरासत से विकास पर केन्द्रित इस ड्रोन शो महाकाल मंदिर, सिंहस्थ, अभ्युदय मध्यप्रदेश सहित 12 आकृतियां दर्शायी गईं. सर्वप्रथम मध्यप्रदेश के मानचित्र का निर्माण हुआ. इसके बाद प्राचीन विरासत, स्थापत्य विरासत कला विरासत, सांस्कृतिक विविधता स्वतंत्रता और संघर्ष, मध्यप्रदेश, कृषि से आत्मनिर्भरता से लेकर भविष्य की ओर बढ़ते मध्यप्रदेश के कदमों को मनमोहक और आकर्षक आकृतियों में उकेरा गया.
नृत्य और आध्यात्मिकता का दिव्य संगम
भव्य ड्रोन-शो के बाद समवेत संगीत प्रस्तुति "विश्ववन्द - श्रीकृष्ण की सांगीतिक यात्रा" का प्रदर्शन हुआ. यह मात्र एक संगीतमय प्रस्तुति नहीं, यह युगों-युगों से प्रवाहित हो रही भगवान श्रीकृष्ण की करुणा, स्नेह और आत्मज्ञान की अमर गाथा का एक अभूतपूर्व और विराट मंचन था. भारतीय सांस्कृतिक पटल पर पहली बार, यह आयोजन ऐसे भव्य और विशाल पैमाने पर आयोजित किया गया, जहाँ संगीत, नृत्य और आध्यात्मिकता की त्रिवेणी का संगम हुआ. इस प्रस्तुति का केंद्रीय भाव श्रीकृष्ण का करुणाकर स्वरूप है. यह संपूर्ण प्रस्तुति श्रीकृष्ण के स्वयं द्वारा उच्चारित किए गए आत्म-वचनों पर आधारित थी, जिसे जीवंत बनाया संगीत की तीन महान धाराओं-भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत और विश्व संगीत ने. मंच पर 350 से अधिक प्रतिभाशाली गायक-गायिकाओं का विशाल कोरस (समवेत गान) हुआ, जिन्होंने एक साथ कृष्ण के लीला-छंदों और गीता के श्लोकों को अपनी मधुरम आवाज दी. इस कोरस को सहयोग दिया एक भव्य ऑर्केस्ट्रा ने, जिसने ध्वनि की अद्भुत और नई दुनिया रची जो सीधे श्रोताओं को दिव्य लोक में ले गई.
इस भव्य आयोजन की संकल्पना वीनस तरकसवार द्वारा की गई है. संगीत संयोजन एवं निर्देशन उमेश तरकसवार का है और नृत्य निर्देशन श्वेता देवेंद्र, क्षमा मालवीय और कविता शाजी द्वारा किया गया है. संगीत की इस भव्यता को 150 से अधिक शास्त्रीय नर्तक-नर्तकियाँ अपनी भाव-भंगिमाओं से मूर्तरूप दिया गया. इस नृत्य खंड में तीन प्रमुख भारतीय शास्त्रीय शैलियों - भरतनाट्यम (द्रविड़ियन ओज), कथक (उत्तरी भारत का नटखटपन और भाव) और मोहिनीअट्टम (केरल की लावण्यपूर्ण प्रस्तुति) का संगम देखने को मिला.
जुबिन की मखमली आवाज ने श्रोताओं पर किया जादू
संगीत के मधुरम ताने-बाने के बाद अवसर था एक ऐसे कलाकार को सुनने का, जिसकी आवाज न सिर्फ देश बल्कि दुनियाभर में पसंद की जाती है. एक सुरीला कलाकार जिसके भावपूर्ण गीतों ने श्रोताओं खासकर युवाओं पर जादू सा कर रखा है. अपने ग्रुप के साथ मंच संभाला सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक जुबिन नौटियाल, मुम्बई ने.हजारों की संख्या में उपस्थित उनके चाहने वाले उन्हें देख खुश हो गए और उत्साह के साथ अपने-अपने गीतों को गाने की फरमाईश की. जुबिन ने भी मंच पर आते ही गीत से पूरे वातावरण में अपनी मखमली आवाज का जादू बिखेर दिया. गीतों का यह सिलसिला देर रात तक लगातार जारी रहा.
मोहन सरकार का तोहफा – अब नहीं देना होगा बिजली बिल का सरचार्ज, शुरू हुई समाधान योजना
3 Nov, 2025 03:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल में ‘समाधान योजना- 2025-26’ का शुभारंभ किया. सीएम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा विभाग ‘सबके लिए रोशनी और सबके लिए प्रगति’ इस भाव के साथ आगे बढ़ रहा है. मध्य प्रदेश सबसे सस्ती दरों पर बिजली प्रदान करने वाला राज्य बना है. बिजली विभाग ने किसानों को 18 हजार करोड़ की सब्सिडी दी है. सभी सेक्टर्स के उपभोक्ताओं की मदद की जा रही है.
’92 लाख उपभोक्ताओं का सरचार्ज माफ होगा’
समाधान योजना के बारे में सीएम ने संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में घरेलू, कृषि और औद्योगिक समेत करीब पौने दो करोड़ कनेक्शन हैं. समाधान योजना के माध्यम से 90 लाख उपभोक्ताओं के बिजली बिल का सरचार्ज माफ करने जा रहे हैं. सरचार्ज की राशि करीब 3 हजार करोड़ रुपये है. लोग बिल तो देना चाहते हैं लेकिन किसी परिस्थिति की वजह से वे बिल नहीं दे पाए हैं. मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘नवंबर में बिजली की मांग बढ़ने वाली है. कृषि क्षेत्र को हम 10 घंटे निर्बाध बिजली देंगे. वोल्टेज की समस्या को दूर करना है. बाकी समस्याओं को दूर करके सुचारू रूप से बिजली पहुंचाना लक्ष्य है. अगले तीन महीने हमें इसी तरीके से चलना है.’ इसके साथ ही सीएम ने एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय का लोकार्पण किया.
क्या है समाधान योजना?
समाधान योजना के माध्यम से राज्य सरकार बकायादारों के बिजली बिल पर सरचार्ज माफ करेगी. इसके तहत ये छूट 3 नवम्बर से 28 फरवरी 2026 तक रहेगी. पहला चरण 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगा, इस दौरान 60 से 100 फीसदी सरचार्ज माफ होगा. दूसरा चरण 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक होगा. इस चरण में 50 से 90 फीसदी तक सरचार्ज माफ होगा. इससे विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी. भुगतान विकल्प में एकमुश्त भुगतान पर अधिकतम छूट और 6 किस्तों में भुगतान की आसान सुविधा रहेगी.
CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान — क्रिकेटर क्रांति गौड़ को मिलेगा 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार
3 Nov, 2025 02:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भारतीय टीम ने महिला वर्ल्ड कप 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है. रविवार को खेले गए फाइनल में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार खिताब पर कब्जा किया. भारत की महिला वर्ल्ड कप टीम में एमपी के छतरपुर की क्रांति गौड़ भी शामिल थीं, जिन्होंने इस विश्व कप में 9 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया और टीम को फाइनल तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई. क्रांति गौड़ के इस बेहतरीन प्रदर्शन पर एमपी सरकार ने उन्हें एक करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है. ये घोषणा सीएम मोहन यादव ने की है.
सीएम मोहन यादव ने टीम की जीत पर दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत की महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत पर बधाई देते हुए कहा कि बीती रात प्रदेश की बेटी और देश की बेटियों ने जिस तरह से देश का नाम रोशन किया है, वह गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की बेटियां लगातार नई ऊंचाइयां छू रही हैं. भारतीय टीम की इस शानदार जीत में मध्य प्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ भी शामिल हैं. उनकी उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से उन्हें एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से हैं क्रांति गौड़
क्रांति गौड़ की कहानी संघर्ष और हिम्मत की मिसाल है. वे छतरपुर जिले के पास घुवारा गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता पुलिस विभाग में कांस्टेबल रहे हैं और कुछ वर्ष पहले उन्हें निलंबित कर दिया गया था. छह भाई-बहनों में से एक क्रांति ने सीमित साधनों और कठिन परिस्थितियों में रहकर क्रिकेट सीखा. उनकी सबसे बड़ी ताकत है उनकी सटीक और स्टंप्स पर निशाना साधने वाली गेंदबाजी है. इसी हुनर के बल पर उन्होंने तेजी से राज्य की विभिन्न आयु वर्ग की टीमों में जगह बनाई.
भारत ने जीता विश्व कप का खिताब
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने विश्व कप ट्रॉफी जीतकर यह साबित किया कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं. टूर्नामेंट की शुरुआत में लगातार तीन मैच हारने के बावजूद भारतीय टीम ने हिम्मत नहीं हारी और सेमीफाइनल में सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में पहुंची. फाइनल में जीत हासिल कर टीम इंडिया ने देश को गौरवान्वित किया. इस ऐतिहासिक जीत में मध्य प्रदेश की क्रांति गौड़ का प्रदर्शन भी अहम रहा. फाइनल मुकाबले में जब कप्तान हरमनप्रीत ने उन्हें गेंद सौंपी, तो उन्होंने दबाव भरे पलों में किफायती गेंदबाजी करते हुए तीन ओवरों में मात्र 16 रन दिए. हालांकि अंगूठे में चोट लगने के कारण उन्हें कुछ समय के लिए मैदान से बाहर रहना पड़ा, लेकिन उनकी गेंदबाजी ने टीम को मजबूती दी और जीत में योगदान निभाया. क्रांति की यह उपलब्धि न सिर्फ छतरपुर, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है
पचमढ़ी की वादियों में कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर, कार्यशाला की क्लास में पहुंचे 71 जिला अध्यक्ष
3 Nov, 2025 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पचमढ़ी: मध्य प्रदेश कांग्रेस का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर रविवार से शुरू हो गया है. पहले दिन प्रदेश के 71 जिला अध्यक्ष इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए. जहां सभी जिला अध्यक्षों को दलित पीड़ितों और शोषितों को लेकर आगे चलने का प्रशिक्षण दिया गया. जिससे कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित शोषित और दलितों के मुद्दे लेकर आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने वाली है. यही कारण है कि पहले दिन सत्र में सभी को समाज के शोषित वर्गों को साथ लेकर चलने वाली का प्रशिक्षण दिया गया.
एमपी विधानसभा चुनाव की तैयारी
इस प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होने वाले है. हालांकि प्रशिक्षण सेवा में उनके आने की अभी तिथि निर्धारित नहीं की गई है. इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता संगठन मजबूत करने के तरीके सिखाए जाएंगे. शिविर में उमंग सिंघार जीतू पटवारी सहित कांग्रेस के बड़े नेता शामिल हुए. कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर सभी जिला अध्यक्षों को यह प्रशिक्षण दे रही है. जिसके माध्यम से जिला अध्यक्षों को उनका पावर बताया जाएगा.
इसी को लेकर यहां वरिष्ठ नेता प्रशिक्षण देने आ रहे हैं. 10 दिनों में हर दिन कोई न कोई वरिष्ठ कांग्रेस नेता पचमढ़ी में प्रशिक्षण देने पहुंचेंगे. इस दौरान सभी जिला अध्यक्षों को 10 दिन एक ही स्थान पर रहना होगा. इसके लिए कांग्रेस संगठन द्वारा एक साथ रहने के लिए नियम तरीका भी बताएगा.
कांग्रेस शिविर में कई मुद्दों पर चर्चा
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आनंद जाट ने बताया कि "पचमढ़ी में कांग्रेस के महामंथन शिविर में SIR सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी. नए नियुक्त जिलाध्यक्षों को पार्टी की रीति-नीति, विचारधारा और संगठनात्मक ढांचे की ट्रेनिंग दी जाएगी. संगठन सृजन अभियान के बाद यह प्रशिक्षण जिला स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम होगा. शराब और नशे से युवा पीढ़ी को बचाना हमारी प्राथमिकता है.
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार शराब से 17 हजार करोड़ का राजस्व लक्ष्य रखकर युवाओं को बर्बाद कर रही है. कानून-व्यवस्था शून्य है. बीजेपी के सांसद और विधायक जनता से दुर्व्यवहार कर रहे हैं. सतना में बीजेपी सांसद गणेश सिंह ने आम जनता को थप्पड़ मार दिया. यही उनकी संस्कृति है. उन्होंने आगे कहा, बीजेपी की सरकार 50% कमीशन की सरकार है. घर-घर शराब पहुंचाने का काम हो रहा है. किसानों को यातनाएं दी जा रही है. ओबीसी आरक्षण रोका गया है. 27 विभागों के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा, वहीं मुख्यमंत्री 200 करोड़ का हवाई जहाज खरीद रहे हैं और रोज 25 लाख रुपए उस पर खर्च कर रहे हैं."
विचारों का आदान-प्रदान होगा
कांग्रेस के संगठन सर्जन प्रशिक्षण कार्यक्रम में आए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि "पहला दिन सभी जिला अध्यक्षों से मेल मुलाकात का रहा. इस दौरान विचारों का आदान-प्रदान हुआ और 10 दिनों तक सभी के विचारों का आदान-प्रदान होगा. उमंग सिंघार ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला से कांग्रेस को आगे बढ़ने का कार्य होगा."
बैतूल में स्कूल की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, अंधेरे में रेलवे स्टेशन पर छोड़कर भागे आरोपी
3 Nov, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैतूल: आमला थाना क्षेत्र में नौवीं की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है. स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रही छात्रा को 3 बदमाशों ने स्कॉर्पियो में लिफ्ट दी. इसके बाद सुनसान इलाके में ले जाकर छात्रा के साथ बदमाशों ने सामूहिक दुराचार किया. वहीं घटना के बाद पीड़िता आमला रेलवे स्टेशन पर रात भर अकेली बैठी रही. सुबह रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ पुलिस को दिखी तो उन्होंने तत्काल आमला पुलिस को सूचना दी. पुलिस को संदिग्ध हालत में मिली पीड़िता की शिकायत पर 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और एक आरोपी फरार है. जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है.
छात्रा के साथ किया सामूहिक दुष्कर्म
एडिशनल एसपी कमला जोशी ने बताया कि "छात्रा 31 अक्टूबर को स्कूल से लौटने के दौरान लापता हो गई थी, लेकिन परिजन ने पुलिस थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज नहीं कराया था. जांच के दौरान परिजन ने पुलिस को बताया कि छात्रा पहले भी बिना बताए कहीं चली गई थी और कुछ दिन बाद वह स्वयं वापस लौट आई थी. जिस वजह से उन्होंने छात्रा के गायब होने की कोई शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराई थी." फिलहाल बैतूल पुलिस अधीक्षक ने घटना की जांच डीएसपी दुर्गेश मार्को को सौंपी है.
लिफ्ट के बहाने छात्रा को ले गए आरोपी
एएसपी से मिली जानकारी के मुताबिक "नाबालिग 9वीं क्लास की छात्रा है. वह शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद पैदल घर जा रही थी. तभी रास्ते में उसे आरोपी सूरज, लालू और लोकेश मिले. उन्होंने छात्रा को स्कॉर्पियो में लिफ्ट देकर घर छोड़ने की बात कही. इसके बाद जब छात्रा गाड़ी में बैठ गई तो वे उसे सुनसान इलाके की ओर ले गए और गाड़ी में उन्होंने बारी-बारी से पीड़िता के साथ गलत काम किया. इसके बाद आरोपी उसे रात में रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गए."
पुलिस ने 2 आरोपियों को दबोचा
वहीं जीआरपी पुलिस को रेलवे स्टेशन पर अकेली बैठी लड़की को देकर कुछ गलत होने का अंदेशा हुआ. उन्होंने नाबालिग के पास जाकर पूछताछ की, तो छात्रा ने पुलिस को आपने साथ घटी घटना के बारे में बताया. जीआरपी पुलिस ने तत्काल इस घटना के बारे में स्थानीय पुलिस को सूचना दी. साथ ही पीड़िता के परिजनों को थाने बुलाकर मामले से अवगत कराया और उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई. पीड़िता के बयान के आधार पर आमला पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि तीसरा आरोपी कार लेकर फरार हो गया है. जिसे पुलिस ढूंढ रही है.
बागेश्वर बाबा की पदयात्रा में टाइट रहेगी व्यवस्थाएं, इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी
3 Nov, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 10 दिनों की पदयात्रा निकालने जा रहे हैं. जिसकी तैयारियों को लेकर उन्होंने मीडिया से बात की और पदयात्रा से जुड़ी कई अहम जानकारी साझा की. धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि पदयात्रा के दौरान किन जरूरी बातों का ध्यान रखना है और कौन इस यात्रा में शामिल हो सकता है. इसके साथ ही धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि इस पदयात्रा से जुड़ने इस्लाम धर्म के लोग भी आ रहे हैं.
बागेश्वर बाबा की पदयात्रा में ऐसी रहेगी व्यवस्थाएं
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि 7 नवंबर से 16 नवंबर तक यह पदयात्रा दिल्ली से वृंदावन तक निकाली जाएगी. जिसका नाम हिंदू एकता पदयात्रा होगा. इस यात्रा में कोई भी अस्त्र-शस्त्र लेकर नहीं चलेगा. न ही हूटरबाजी और फूहड़बाजी चलेगी और माताओं-बहनों की सुरक्षा का खास ख्याल रखा जाएगा. खानपान की व्यवस्था रहेगी. जहां लाइन लगाकर आपको खाना-पीना लेना होगा. भगदड़ नहीं करना है. इसके साथ ही महिला सेवादारनी व महिला वालंटियर बनाई गईं है. उनके रुकने-स्नान ध्यान की व्यवस्था अलग की जाएगी. निरीक्षण कमेटी बनाई गई है, जो यात्रा पर नजर रखेगी. जहां शिविर होंगे, वहां सीसीटीवी लगाए गए हैं.
किसी दूसरे धर्म के खिलाफ नारेबाजी और अनर्गल बातें नहीं होगी
साथ ही धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि किसी दूसरे धर्म के खिलाफ नारेबाजी नहीं की जाएगी. किसी को भी अपने मन किसी दूसरे के खिलाफ कुछ बोलने या संवाद करने का अधिकार नहीं है. 10 दिन की यात्रा में हिंदू एकता पर जोर देंगे, हिंदूओं से एकता की भिक्षा मांगेंगे. रजिस्ट्रेशन के अलावा भी सभी को आने की अनुमति है, जो नहीं आ सकते वे घर बैठे भी यात्रा का समर्थन कर सकते हैं. उन्होंने बताया इस यात्रा को लेकर सरकार से कोई मांग या अपेक्षा नहीं है. यात्रा के दौरान सुबह राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा होगी और शाम को भी हनुमान चालीसा होगी. दो धर्म ध्वज चलेंगे, उसके बीच में ही लोगों को रहना है
इस्लाम धर्म से भी 300 लोग होंगे शामिल
बागेश्वर बाबा ने कहा कि इस यात्रा में इस्लाम धर्म के करीब 300 लोग अपनी तरफ से शामिल होना चाहते हैं. मैंने उनकी मांग स्वीकार कर ली है. उन्होंने कहा हमारा एक ही संकल्प है हिंदू एकता से हिंदू राष्ट्र. बताया जा रहा है कि इस पदयात्रा में तीन राज्यों दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की 422 ग्राम पंचायतों, नगरों की 5 करोड़ आबादी पहुंच सकती है.
वॉश ऑन व्हील सेवा से स्वच्छता सेवाओं में तकनीकी नवाचार को मिलेगी नई दिशा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
2 Nov, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने म.प्र. 70वें स्थापना दिवस पर "वॉश ऑन व्हील" मोबाइल ऐप का लोकार्पण किया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, की इस अभिनव पहल से स्वच्छता सेवाओं में तकनीकी नवाचार को नई दिशा मिलेगी।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पंचायत एव ग्रामीण विकास विभाग, द्वारा प्रारंभ की गई "स्वच्छता साथी - वॉश ऑन व्हील सेवा" एक ऐसी अनोखी पहल है जो प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत एव संस्थागत शौचालयों की साफ़-सफाई की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराती है। यह एक ऐसा नवाचार है जो शौचालयों की साफ़-सफाई के काम को एक आधुनिक समाधान प्रदान करता है। प्रथमतः यह नवाचार छिंदवाड़ा जिले से प्रारंभ किया गया जिसे NIC-MP के सहयोग से मोबाइल एप्प तैयार कर राज्य स्तर पर लागू किया जा रहा है।
अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने बताया कि “स्वच्छता साथी - वाश ऑन व्हील” की प्रमुख विशेषता ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की साफ़-सफाई हेतु सुलभ, किफायती एवं त्वरित सेवा प्रदान करना है। प्रेशर मशीन जैसे आधुनिक उपकरणों एवं सुरक्षा किट के उपयोग से प्रभावी सफ़ाई होगी। प्रशिक्षित स्वच्छता साथियों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिलेंगे। दो-पहिया वाहनों द्वारा त्वरित पहुँच सेवा प्रदान की जाएगी। क्लस्टर-आधारित सेवा वितरण मॉडल द्वारा स्थायी स्वच्छता प्रबंधन किया जाएगा।
इस सेवा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के नियमित उपयोग को बढ़ावा देना भी है। साथ ही घरेलू, संस्थागत एवं सामुदायिक शौचालयों में स्वच्छता प्रबंधन को सुदृढ़ करना और स्वच्छता साथियों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सतत आजीविका उपलब्ध कराना है।
मोबाइल से होगी ऑनलाइन बुकिंग
वॉश ऑन व्हील मोबाइल ऐप के माध्यम से शौचालय सफ़ाई के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। यह एसएमएस आधारित सरल लॉगिन प्रणाली है। ऐप के माध्यम से सटीक लोकेशन चयन की जानकारी फीड है। सुविधा अनुसार दिनांक एवं समय का चयन किया जा सकता है। इस ऐप के माध्यम से बुकिंग की रीयल-टाइम ट्रैकिंग भी होगी। सेवा के बाद फीडबैक दर्ज करने की भी सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। सेवा उपरांत जियोटैगिंग द्वारा ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रखी गई है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया का किया निरीक्षण
2 Nov, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेमरिया का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और साफ-सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में प्रतिदिवस होने वाली ओपीडी की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 250 ओपीडी होती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ओपीडी के साथ ही आईडी बनवाकर टेलीमेडिसिन चिकित्सा प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन के माध्यम से जिला चिकित्सालय व संजय गांधी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों से मरीजों के संबंध में स्थानीय चिकित्सक उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चिकित्सालय में की जाने वाली जांचों के विषय में जानकारी लेते हुए कहा कि अस्पताल में होने वाली जाँच यहाँ कराएं और अन्य जाँच के लिए जिला चिकित्सालय भेजें। निजी जाँच केन्द्रों में जाँच न कराई जाए। उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ाने तथा गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर की जाने वाली जाँच की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं की जानकारी रखें तथा उनकी जाँच में सहयोग करें। इसके लिए चिकित्सालय के चिकित्सक आशा कार्यकर्ताओं के सतत संपर्क में रहें।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल को अस्पताल के वार्डों तथा अन्य कक्षों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। निरीक्षण के दौरान शौचालयों में साफ-सफाई न होने पर उप मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की तथा अपने सामने ही सफाई का कार्य प्रारंभ कराया। उन्होंने हिदायत दी कि अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्थित ढंग से रहे। यह जिम्मेदारी इंचार्ज की है अन्यथा उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाए तथा सफाई न रखने वाले सफाई कर्मियों को भी बदला जाए।
निर्माणाधीन अस्पताल भवन का किया निरीक्षण
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सेमरिया में निर्माणाधीन अस्पताल भवन का निरीक्षण किया तथा गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवीन भवन के बन जाने से चिकित्सकीय स्टाफ में वृद्धि होगी तथा चिकित्सा सुविधाएं भी और बेहतर मिलेंगी।
मेडिकल कॉलेज रीवा और संजय गांधी अस्पताल परिसर के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज रीवा और संजय गांधी अस्पताल परिसर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विस्तार के लिए निर्माण कार्य तत्काल शुरू करें। निर्माण एजेंसी दो दिन में निर्माण स्थल से मलबा हटाकर निर्माण कार्य प्रारंभ करें। कैंसर यूनिट का शेष कार्य भी तेजी से पूरा करायें, जिससे इसका उपयोग शुरू हो सके। अध्यक्ष नगर निगम रीवा व्यंकटेश पाण्डेय, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, कार्यपालन यंत्री हाउसिंग बोर्ड अनुज प्रताप सिंह, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल, अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल डॉक्टर अक्षय श्रीवास्तव तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विकसित एवं आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप है विजन डॉक्यूमेंट
2 Nov, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ‘मध्यप्रदेश@2047: विजन डॉक्युमेंट राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और नागरिक जीवन की गुणवत्ता को उच्चतम स्तर तक पहुँचाने का रोडमैप है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विज़न डॉक्युमेंट में वर्ष 2047 तक प्रदेश को 2.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही प्रति व्यक्ति आय 22 लाख रुपये, औसत आयु 84 वर्ष और साक्षरता दर 100 प्रतिशत तक बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया गया है। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को औद्योगिक और सेवा क्षेत्र के साथ संतुलित कर राज्य को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की रूपरेखा तैयार की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ के विज़न से प्रेरित यह दृष्टिपत्र, संपन्न, सुखद और सांस्कृतिक जड़ों को सहेजे मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने का आधार बनेगा।
जनभागीदारी से तैयार ‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047’ दृष्टिपत्र
यह विजन डॉक्युमेंट राज्य की अब तक की सबसे बड़ी जनभागीदारी प्रक्रिया के माध्यम से बनाया गया है। इसमें चार लाख से अधिक नागरिकों, किसानों, विद्यार्थियों, उद्योगपतियों, विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही है। राज्यभर में आयोजित जनसंवाद, निबंध प्रतियोगिताएँ, उद्योग जगत से परामर्श, शैक्षणिक सत्र और साइट इंस्पेक्शन से प्राप्त सुझावों को इसमें समाहित किया गया है। यह देश में अपनाई गई अनूठी प्रक्रिया है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन के अनुसार“यह दस्तावेज़ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि नागरिकों की आकांक्षाओं और राज्य की सामूहिक दृष्टि का प्रतिबिंब है।
चार मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित है विजन डॉक्युमेंट
‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047’ विजन डॉक्युमेंट चार प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांतों पर केन्द्रित है
1. आर्थिक विकास पर फोकस – राज्य की अर्थव्यवस्था को तीव्र गति से आगे बढ़ाने, रोजगार सृजन और प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने पर विशेष फोकस रखा गया है।
2. क्षेत्रीय दृष्टिकोण और स्थानीय विशिष्टताओं का समावेश – प्रदेश के विविध भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग रणनीति बनाई गई है।
3. विकसित भारत@2047 के राष्ट्रीय विज़न में योगदान पर ध्यान – मध्यप्रदेश को भारत की विकास यात्रा का प्रमुख भागीदार बनाना इस विजन डॉक्युमेंट का प्रमुख उद्देश्य है।
4. सहभागी और समावेशी दृष्टि – यह दृष्टिपत्र नागरिकों, विशेषज्ञों, उद्योगों और प्रशासन के संयुक्त परामर्श से तैयार हुआ है, जिससे प्रत्येक हितधारक इस परिवर्तन यात्रा का भागीदार बने।
इन चार सिद्धांतों ने इस दृष्टिपत्र को संतुलित, व्यापक और यथार्थवादी दिशा प्रदान की है, जिससे यह केवल एक योजना नहीं बल्कि राज्य के भविष्य का जीवंत संकल्प बन गया है।
यह रोडमैप 6 प्रमुख पड़ाव अगली पीढ़ी कीकृषि और संबद्ध क्षेत्र, सतत औद्योगिक प्रगति, सेवा क्षेत्र का विस्तार, शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढाँचे का विकास, विश्वस्तरीय शिक्षा और कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं से विकसित मध्यप्रदेश का लक्ष्य हासिल करेगा।
इनके साथ दो महत्वपूर्ण कारक कुशल शासन एवं नागरिक सेवा प्रदाय व्यवस्था’ और ‘नवाचार युक्त वित्तीय प्रबंधन एवं निवेश संवर्धन’ को भी विजन डॉक्युमेंट में शामिलकिया गया है।
‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’: आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम
राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ घोषित किया है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करना, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाना है। इसके अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार, स्टार्टअप प्रोत्साहन, कौशल प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
संस्कृति और परंपरा के साथ आधुनिकता का संगम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विकास का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक आत्मा और आध्यात्मिक पहचान को भी सशक्त करना है। “मध्यप्रदेश अपनी गौरवशाली विरासत, कला, संस्कृति और नर्मदा जैसी जीवनदायिनी परंपराओं के बल पर भारत के विकास में मार्गदर्शक भूमिका निभाएगा।”
सामूहिक प्रयासों से होगा ‘समृद्ध मध्यप्रदेश’ का सपना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों, युवाओं, उद्योगपतियों और सामाजिक संगठनों से आह्वान किया कि वे इस दृष्टिपत्र को एक जन आंदोलन के रूप में अपनाएँ। “यह विजन डॉक्युमेंट हमारी आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में पहला ठोस कदम है। सामूहिक प्रयासों से हम 2047 तक एक ऐसे मध्यप्रदेश का निर्माण करेंगे जो आत्मनिर्भर, समृद्ध और विश्व में अग्रणी होगा।”
एमपी ई-सेवा पोर्टल से डिजिटल गवर्नेंस की नई क्रांति का हुआ आगाज
2 Nov, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप’ का शुभारंभ कर डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में नई क्रांति का आगाज किया। यह एकीकृत नागरिक सेवा मंच अब 56 विभागों की 1700 से अधिक सरकारी सेवाओं और योजनाओं को एक ही डिजिटल विंडो पर उपलब्ध करायेगा। ‘एमपी ई-सेवा’ के माध्यम से वर्ष 2026 तक 100% ई-सेवा डिलीवरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश को देश के डिजिटल गवर्नेंस एनेबल्ड राज्यों में अग्रणी बनाने वाले इस पोर्ट्ल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के सेंटर फॉर एक्सीलेंस ने विकसित किया है। इससे नागरिकों, विभागों और सेवाओं को एक ही डिजिटल ईको-सिस्टम में जोड़कर मध्यप्रदेश ने यह सिद्ध किया है कि डिजिटल गवर्नेंस ही गुड गवर्नेंस है।
नागरिकों के लिए एक पोर्टल, सभी सेवाएँ एकीकृत
एमपी ई-सेवा पोर्टल पर राज्य शासन के 56 विभागों की 1700 से अधिक नागरिक सेवाओं को एकीकृत कर दिया गया है। अब इन सेवाओं के लिए अलग वेबसाइट पर लॉगइन करने और बार-बार दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक eseva.mp.gov.in और मोबाइल ऐप (एंड्रॉइड व iOS) के माध्यम से सभी सेवाओं के लिए पात्रता जांच, आवेदन, स्टेटस चैक करने के साथ ही अनुमोदन भी प्राप्त कर सकते हैं। एमपी ई-सेवा पोर्टल पर सभी चरण आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन और डिजिटल प्रमाणपत्र से सुरक्षित हैं। इससे प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और फेसलेस बन गई है।
‘एमपी ई-सेवा’ और ‘समग्र पोर्टल’ का एकीकरण
‘एमपी ई-सेवा’ को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के समग्र पोर्टल से जोड़ा गया है। प्रत्येक परिवार को 8-अंकीय परिवार आईडी और हर सदस्य को 9-अंकीय सदस्य आईडी दी गई है। यह एकीकरण नागरिकों की ऑटो-वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सक्षम बनाता है, जिससे पात्रता की पहचान स्वतः ही हो जाती है और दोहराव अथवा देरी नहीं होती है। ‘एमपी ई-सेवा’ की प्रमुख विशेषता ‘ऑटो-फेचिंग डॉक्युमेंट्स’ है, जिससे नागरिकों को बार-बार दस्तावेज़ अपलोड नहीं करने पड़ते। एक बार अपलोड किए गए दस्तावेज़ आगे की सभी सेवाओं में स्वतः उपलब्ध हो जाते हैं।
सुगम, सुरक्षित और नागरिक केंद्रित ‘ऐप डिज़ाइन’
‘एमपी ई-सेवा’ पोर्टल का इंटरफ़ेस मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण पर आधारित है। इसमें बहुभाषीय सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही दिव्यांगजन के अनुप्रयोग को दृष्टिगत रखते हुए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इससे शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोग आसान होगा। प्रारंभिक मूल्यांकन तौर पर इससे गवर्नेंस लागत में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आएगी साथ ही वर्ष भर में नागरिकों के 50 मिलियन घंटों की भी बचत होगी।
मध्यप्रदेश में डिजिटल ट्रैक रिकॉर्ड
सितम्बर 2025 में आई राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा - वितरण आकलन (एनईएसडीए वे फॉरवर्ड ) रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश ने 1752 ई-सेवाओं को मैप किया है और सभी 56 अनिवार्य विभागीय सेवाओं को एमपी ई-सेवा’ पोर्टल में 100% इंटीग्रेट कर देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। राज्य को ‘सायबर तहसील’ के लिये प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और ‘संपदा 2.0’ के लिये राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिल चुके हैं।
ओंकारेश्वर अभयारण्य वन्य-जीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
2 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ कार्यक्रम के दौरान ओंकारेश्वर अभयारण्य की घोषणा की। यह अभयारण्य राज्य का 27वां अभयारण्य होगा, जो खंडवा और देवास जिलों को मिलाकर बनाया जाएगा। इसका कुल क्षेत्रफल 611.753 वर्ग किलोमीटर होगा, जिसमें खण्डवा जिले का 343.274 वर्ग किलोमीटर एवं देवास जिले का 268.479 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र शामिल होगा। डूब क्षेत्र को अभयारण्य से बाहर रखा गया है, जिससे स्थानीय मछुआरों और ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओंकारेश्वर अभयारण्य में बाघों की भी उपस्थिति रहेगी। इस क्षेत्र में पहले से ही तेंदुए, भालू, सांभर, हाइना, चीतल और कई प्रकार के जीव मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को संरक्षित करना और पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है।
असम से आएंगे जंगली भैंसे और गैंडे
ओंकारेश्वर अभयारण्य में असम से जंगली भैंसे और गैंडे लाने की योजना पर भी काम चल रहा है। मध्यप्रदेश जैव-विविधता के क्षेत्र में अग्रणी है। प्रदेश में “चीतों का सफल पुनर्स्थापन हो चुका है, अब नौरादेही अभयारण्य में नामीबिया से आए चीते छोड़े जाएंगे''।
ओंकारेश्वर अभयारण्य का स्वरूप
वन विभाग की कार्ययोजना के अनुसार सामान्य वनमंडल खंडवा के अंतर्गत पुनासा, मूंदी, चांदगढ़, बलडी परिक्षेत्र तथा देवास वनमंडल के सतवास, कांटाफोड़, पुंजापुरा और उदयनगर परिक्षेत्र शामिल होंगे। इसमें कोई भी राजस्व ग्राम एवं वनग्राम शामिल नहीं है।
अभयारण्य में 52 टापू
अभयारण्य में 52 छोटे-बड़े टापू हैं। मूंदी रेंज में 31 और चांदगढ़ रेंज में 21 टापू शामिल होंगे। बोरियामाल और जलचौकी धारीकोटला को ईको-टूरिज्म केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
वन्यजीव और वनस्पति
यहां की प्रमुख वनस्पतियों में सागौन, सालई और धावड़ा शामिल हैं। मुख्य मांसाहारी जीवों में बाघ, तेंदुआ, रीछ, सियार और लकड़बग्घा हैं। शाकाहारी जीवों में मोर, चीतल, सांभर, चिंकारा, भेड़की, सेही, खरगोश और बंदर मौजूद हैं।
ईको-पर्यटन से बढ़ेगा रोजगार, समृद्ध होंगे ग्रामीण क्षेत्र
ओंकारेश्वर अभयारण्य में पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन और ग्रामीण विकास को भी प्राथमिकता दी गई है। यहां होटल और रिसोर्ट की स्थापना, पशुधन एवं कुक्कुट फार्मों का विकास, लघु वनोपज का संग्रहण, सड़कों का चौड़ीकरण, पहाड़ी ढालों और नदी तटों का संरक्षण, रात्रिकालीन यातायात प्रबंधन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी गतिविधियां की जाएंगी। अभयारण्य में पारिस्थितिक पर्यटन (ईको-टूरिज्म) को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। इन पहलों से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति और जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार होगा। पर्यटकों के आगमन से स्थानीय लोगों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा, जिससे पारंपरिक जीवनशैली, खानपान और धार्मिक मान्यताओं के प्रसार के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी विस्तार होगा। ओंकारेश्वर क्षेत्र अब न केवल जैव विविधता का केंद्र बनेगा, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर ग्रामीण पर्यटन का भी नया मॉडल प्रस्तुत करेगा।
अभयारण्य क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार
ओंकारेश्वर अभयारण्य की स्थापना से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा बल्कि आसपास के 20 गांवों में पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इनमें अंधारवाडी, चिकटीखाल, सिरकिया, भेटखेडा, पुनासा और नर्मदानगर जैसे गांव शामिल हैं।
ईको-टूरिज्म, होटल-रिसोर्ट की स्थापना, लघु वनोपज का संग्रहण, पशुधन फार्म और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी गतिविधियां स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेंगी और पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को नया जीवन मिलेगा।
एमपी में वन्यजीव तस्करी का खुलासा: दो युवकों के पास रेड सैंड बोआ सांप, अंतरराष्ट्रीय बाजार में था सौदा तैयार
2 Nov, 2025 02:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) के अशोकनगर(Ashoknagar) से दुर्लभ प्रजाति(Rare species) के सैंड बोआ सांप(Sand Boa Snake) के बरामद होने का मामला सामने आया है। जिसका बाजार मूल्य करोड़ों रुपए आंका जाता है। कोतवाली पुलिस ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो सांप तस्करों को गिरफ्तार किया है, और उनसे दुर्लभ प्रजाति के दो मुंहा रेड सैंड बोआ सांप को बरामद करने में सफलता पाई है। पुलिस के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस दोमुंहे सांप की कीमत 5 करोड़ रुपए से लेकर 25 करोड़ रुपए तक होती है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी उस वक्त हुई, जब वो राजस्थान से मोटरसाइकिल पर सांप लेकर आ रहे थे।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने मामले की जानकारी देते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चेकिंग के दौरान तस्करों को पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि इस बारे में गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कुंवर, एसडीओपी विवेक शर्मा और थाना प्रभारी निरीक्षक रवि प्रताप सिंह चौहान के निर्देशन में एक टीम गठित की गई। उपनिरीक्षक मनीष गुर्जर के नेतृत्व में बनी इस टीम ने JBS कॉलोनी क्षेत्र में घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास एक बैग में जीवित रेड सैंड बोआ साँप मिला।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान बाबू आदिवासी (27 वर्ष) पुत्र करन सिंह आदिवासी और शिवा आदिवासी (20 वर्ष) पुत्र कैलाश आदिवासी, निवासी ग्राम टीटौर, थाना बहादुरपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उनकी मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यह सांप जयपुर (राजस्थान) से अपने एक रिश्तेदार के माध्यम से लाए थे और इसे बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 और 39 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक मिश्रा ने कहा कि वन्यजीव हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिक संतुलन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनका संरक्षण हमारा नैतिक और कानूनी दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि अशोकनगर पुलिस अवैध तस्करी और वन्यजीव अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
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