मध्य प्रदेश
MP में बिजली विभाग का नया फरमान, किसानों को 10 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिलेगी
5 Nov, 2025 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में किसानों (Farmers) को 10 घंटे से ज्यादा बिजली (Electricity) देने पर रोक लगा दी है, फिर भी बिजली दिया तो कर्मचारियों का वेतन कटेगा। इस आश्य का आदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जारी किया है। कृषि फीडरों पर 10 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति होने पर अब अधिकारियों के वेतन कटौती की जाएगी।
आदेश के मुताबिक-अगर किसी फीडर पर लगातार 2 दिन तक 10 घंटे से ज्यादा बिजली दी गई तो संबंधित असिस्टेंट इंजीनियर (AE) का 1 दिन का वेतन काटा जाएगा। 3 दिन तक ज्यादा सप्लाई होने पर डीजीएम (DGM) का वेतन कटेगा। 7 दिन तक ज्यादा सप्लाई पर जीएम (GM) का भी वेतन काटा जाएगा। राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार कृषि फीडरों पर 10 घंटे तक ही बिजली आपूर्ति की अनुमति है। अधिक बिजली आपूर्ति पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। आदेश 3 नवंबर 2025 को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल द्वारा जारी किया गया है।
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बिजली विभाग के फरमान पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- क्या बिजली की प्रदेश में कमी हो गई है। यह किसान और कर्मचारियों के साथ अन्याय है। मध्यप्रदेश में बिजली की कमी है, कटौती हो रही है। भोपाल में तक कटौती हो रही है, गांव में भी बिजली नहीं मिल रही है। सरकार को समझना चाहिए कि 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है, यह किसानों के साथ धोखा है।
MP के इस जिले में तेजी से पांव पसार रहे डेंगू और मलेरिया, स्वास्थ्य विभाग की टीमें मैदान में
5 Nov, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर। मध्यप्रदेश (MP News) के सीहोर (Sehore) जिले में डेंगू और मलेरिया (Dengue and malaria) का प्रकोप एक बार फिर सिर उठा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में चार नए डेंगू और दो मलेरिया के मरीज सामने आए हैं। डेंगू के दो मरीज आष्टा, दो बुधनी से मिले हैं, जबकि मलेरिया के मरीजों में एक श्यामपुर और एक बुदनी क्षेत्र का है। इन नए मामलों ने प्रशासन और आमजन दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
मलेरिया यूनिट की टीमें तत्काल सक्रिय हो गई हैं। प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे चलाया जा रहा है, जिसमें लोगों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। फॉगिंग कर मच्छरों को नष्ट करने और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। अधिकारी-कर्मचारी लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि संक्रमण फैलने से पहले ही रोकथाम हो सके।
अब तक जिले में डेंगू के कुल 21, मलेरिया के 8 और चिकनगुनिया के 7 मरीज दर्ज किए जा चुके हैं। यद्यपि इनमें से अधिकांश मरीज ठीक हो गए हैं, फिर भी नए मरीजों के आने से स्पष्ट है कि संक्रमण की शृंखला टूटी नहीं है। विभाग इन सभी क्षेत्रों का फॉलो-अप कर रहा है और जिन इलाकों में मरीज मिले, वहां टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
हालांकि बारिश का मौसम बीत चुका है, फिर भी तापमान में कमी न आने के कारण डेंगू और मलेरिया का खतरा बना हुआ है। वर्तमान में दिन का तापमान 25 डिग्री से ऊपर और रात का 20-23 डिग्री के बीच है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक तापमान 16 डिग्री के करीब नहीं आता, तब तक मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप पूरी तरह समाप्त नहीं होता।
जिला मलेरिया अधिकारी क्षमा बर्वे ने बताया कि नागरिकों को सतर्क रहना होगा। तेज बुखार, कंपकंपी, उल्टी, सिरदर्द, बेचैनी, कमजोरी, मितली जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सालय पहुँचें। बचाव के उपायों में रात में मच्छरदानी का उपयोग, आसपास की सफाई और पानी जमा न होने देना शामिल है। खासकर ड्रम, टंकी या खाली प्लॉट में पानी का रुकना मच्छरों के लिए आदर्श स्थिति बनाता है।
बिहार चुनाव : प्रचार करने पहुंचे सीएम मोहन यादव का आरोप, बोले- सभा रोकने की साजिश खोदा हेलीपेड
5 Nov, 2025 08:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल/पटना. बिहार चुनाव (Bihar Elections) प्रचार के अंतिम दिन मध्य प्रदेश (MP) के मुख्यमंत्री (CM) और बीजेपी के स्टार प्रचारक मोहन यादव (Mohan Yadav) ने महागठबंधन (विपक्षी गठबंधन) पर उनकी जनसभा को रोकने की गंभीर साजिश का आरोप लगाया है. यह आरोप पटना जिले की मनेर विधानसभा में उनकी रैली के दौरान लगा.
CM मोहन यादव को मनेर विधानसभा के गांधी मैदान मनेर थाने के पास जनसभा को संबोधित करना था. आरोप है कि एमपी के सीएम के वहां पहुंचने से पहले ही विपक्ष ने सभा स्थल पहुंच मार्ग और हेलीपैड खुदवा दिए, ताकि उनकी जनसभा और रोड शो को रोका जा सके.
मध्यप्रदेश पुलिस की नशे के विरुद्ध सख्त कार्यवाही
4 Nov, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही हैं। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशन में चलाए जा रहे “नशा मुक्त मध्यप्रदेश” अभियान के अंतर्गत पुलिस बल ने नशे के अवैध कारोबार, खेती और तस्करी पर निर्णायक प्रहार किया है।
हाल ही में खरगोन और सतना जिलों में हुई सफल कार्रवाइयाँ इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य पुलिस नशे के अवैध व्यापार के विरुद्ध अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर दृढ़तापूर्वक अमल कर रही है।
मैहर — रेत के ढेर में छिपाई थी नशीली कफ सिरप, पुलिस ने बरामद की 286 शीशियाँ
रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत के नेतृत्व में चल रहे “ऑपरेशन प्रहार 2.0” के तहत थाना ताला पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम सनेही निवासी नंदकिशोर उर्फ छोटेभैया पटेल को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी के घर के बाहर रेत के ढेर में छिपाई गई 286 शीशियाँ अवैध कफ सिरप (अनुमानित कीमत ₹57,629/-) बरामद कीं।आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
खरगोन — खेत में उगा रहा था गांजा, पुलिस ने जप्त किए 113 किलो गांजा के पौधे
इंदौर जोन इंदौर (ग्रामीण) के पुलिस महानिरीक्षक श्री अनुराग एवं निमाड़ रेंज खरगोन के उप पुलिस महानिरीक्षक श्री सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देशन में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना मण्डलेश्वर पुलिस टीम ने एक बड़ी सफलता प्राप्त की है। मुखबिर से प्राप्त सूचना पर ग्राम भकलाया निवासी परसराम पिता रघुराम डावर के खेत में दबिश दी गई। जांच के दौरान कपास की फसल के बीच छिपाकर अवैध रूप से उगाए गए 180 गांजे के पौधे पाए गए, जिनका कुल वजन लगभग 113 किलोग्राम निकला।
जप्त गांजे की अनुमानित कीमत 5 लाख 65 हजार रुपये आँकी गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक खरगोन श्री रविन्द्र वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शकुन्तला रुहल के नेतृत्व में की गई।
नशे के अवैध कारोबार, परिवहन, भंडारण और बिक्री के विरुद्ध चल रहे अभियान में प्रत्येक पुलिस यूनिट सक्रिय रूप से भाग ले रही है। जिला पुलिस बलों द्वारा निरंतर जाप्तियाँ, गिरफ्तारियाँ एवं कानूनी कार्यवाहियाँ यह दर्शाती हैं कि मध्यप्रदेश पुलिस समाज को मादक द्रव्यों की बुराई से मुक्त करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। “ऑपरेशन प्रहार” के माध्यम से पुलिस न केवल मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त कर रही है, बल्कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए जनजागरण और सामुदायिक सहभागिता भी बढ़ा रही है।
ऑनलाइन फ्रॉड शिकायतों में क्राइम ब्रांच इंदौर की प्रभावी कार्यवाही
4 Nov, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : इंदौर कमिश्नरेट क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी और आर्थिक अपराधों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह द्वारा दिए गए हैं। इन निर्देशों के तहत क्राइम ब्रांच इंदौर की साइबर फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम को ऑनलाइन शिकायतों पर त्वरित व प्रभावी कार्रवाई के लिए लगाया गया है।इस क्रम में उल्लेखनीय सफलताएँ प्राप्त करते हुए—वर्ष 2025 में क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस की फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीमों ने ऑनलाइन फ्रॉड से प्रभावित आवेदकों को कुल ₹12 करोड़ 61 लाख 18 हजार 340 की राशि सफलतापूर्वक वापस कराई है।
जनवरी से अक्टूबर 2025 तक क्राइम ब्रांच को लगभग 4,500 साइबर फ्रॉड शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकांश मामलों में ठगी की रकम रिकवर कर आवेदकों को लौटाई गई।टीम द्वारा 1,500 से अधिक फर्जी बैंक खातों को फ्रीज कराया गया, 200 से अधिक हैक किए गए सोशल मीडिया अकाउंट (Facebook, Instagram आदि) को रिकवर कराया गया और 250 से अधिक फर्जी अकाउंट जो आवेदकों के नाम व फ़ोटो पर बनाए गए थे, ब्लॉक कराए गए।
प्रमुख प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड
इन्वेस्टमेंट ऑनलाइन फ्रॉड (जैसे टास्क, ट्रेडिंग आदि)बैंक अधिकारी बनकर KYC अपडेट, रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम, क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी, सेक्सटॉर्शन एवं रोमांस स्कैम के माध्यम से आर्थिक धोखाधड़ी। साथ हीसाइबर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों नागरिकों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताकर सतर्क किया गया है।
मध्यप्रदेश पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन माध्यम से होने वाले किसी भी प्रकार के फ्रॉड से सतर्क रहें।यदि आपके साथ किसी प्रकार की ठगी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.inतथा हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
राज्यमंत्री गौर ने करोड़ों के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन
4 Nov, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि पेयजल आपूर्ति को अधिक सुचारू और सुगम बनाने के लिए गोविंदपुरा क्षेत्र में 65 करोड़ रुपए की लागत से 9 ओवरहेड टैंक और 120 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने के कार्य किए जाएंगे। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की भविष्य में पानी की जरूरत को ध्यान में रखकर यह निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इससे जनता की बहुप्रतिक्षित मांग पूरी होगी और नर्मदा का पानी घर-घर पहुंचेगा।
राज्यमंत्री गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार जनता से किये गए वादों को प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 65 करोड़ रुपए की लागत से 9 पानी की टंकियों के निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिनकी क्षमता 20 से 25 लाख लीटर होगी और 120 किलोमीटर की पेयजल पाइप लाइन को बिछाने का कार्य किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों को स्वच्छ एवं नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
राज्यमंत्री गौर ने वार्ड 55 स्थित अमराई परिसर में 1 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत के 20 लाख लीटर क्षमता वाले ओवरहेड टैंक के साथ ही वार्ड 60 में 1 करोड़ 55 लाख की लागत से प्रस्तावित पेयजल पाइप लाइन निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने वार्ड 56 के साकेत नगर स्थित पंचवटी मार्केट परिसर में 1 करोड़ 74 लाख की लागत की पानी की टंकी के और पेयजल पाइप लाइन के निर्माण कार्य को भी क्षेत्रवासियों को सौगात दी। राज्यमंत्री गौर ने लहारपुर में 1.75 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाली पेयजल टंकी एवं पेयजल पाइप लाइन कार्य के साथ साथ सोनागिरी ए सेक्टर, वार्ड 64 में 2 करोड़ 3 लाख रुपए की लागत से प्रस्तावित पेयजल टंकी निर्माण एवं पाइप लाइन बिछाने के कार्य का भी भूमि-पूजन किया।
कार्यक्रम में मोनिका ठाकुर, शीला पाटीदार, छाया ठाकुर, अर्चना परमार, संतोष ग्वाला, जितेंद्र शुक्ला, प्रताप वारे, प्रताप सिंह बैस, बी शक्तीराव, गणेश राम नागर, प्रदीप पाठक, सुरेंद्र घोटे, किशन बंजारे सहित जनप्रतिनिधि और सैकड़ों की संख्या स्थानीय रहवासी मौजूद रहे।
सबा सुल्तान की वक्फ बोर्ड में एंट्री, डॉ. सनवर पटेल से की शिष्टाचार भेंट
4 Nov, 2025 09:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भोपाल नवाब की वारिस और शाही औकाफ की मूतवल्ली सबा सुल्तान ने मंगलवार को मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड मुख्यालय पहुंचकर वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल से मुलाकात की है। इस दौरान दोनों के बीच शाही औकाफ की वक्फ संपत्तियों के सुचारू संचालन, उनके संरक्षण और नए वक्फ बोर्ड बिल के लागू होने के बाद उम्मीद पोर्टल पर संपत्तियों के इंद्राज की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
वक्फ बोर्ड बिल लागू होने पर सबा सुल्तान ने की सराहना
सबा सुल्तान ने कहा कि शाही औकाफ की संपत्तियां धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए उनके संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने वक्फ बोर्ड बिल लागू होने के बाद राज्यभर में संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया की सराहना की है। साथ ही उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड द्वारा संपत्तियों की सुरक्षा करते हुए उनकी आय में वृद्धि करना और उसका उपयोग वाकिफ की मंशा के अनुरूप समाज के जरूरतमंद तबके के उत्थान के लिए करना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में मदीना रुबाद से जुड़े विषय पर भी विशेष चर्चा हुई. सबा सुल्तान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आने वाले वक्त में मदीना रुबाद का लाभ हाजियों को जल्द से जल्द मिल सके, इसके लिए हम पूरी तैयारी में हैं। हज यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस पर तेजी से काम किया जाएगा।
वक्फ संपत्तियों का सीधा लाभ जरूरतमंदों को मिलेगा
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने भरोसा दिलाया कि बोर्ड शाही औकाफ जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर धार्मिक और समाजसेवी कार्यों को और अधिक मजबूती देने के लिए हर संभव सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि यह बैठक वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और उनके सामाजिक उपयोग को लेकर एक सकारात्मक पहल है। इससे न केवल धार्मिक संस्थाओं को लाभ मिलेगा, बल्कि समाज के जरूरतमंद तबके तक वक्फ संपत्तियों का सीधा फायदा पहुंच सकेगा।
सेवा भाव और वन्य जीव संरक्षण का प्रतीक है देश का पहला हाई-टेक वन्य जीव कैप्चर अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादवसेवा भाव और वन्य जीव संरक्षण का प्रतीक है देश का पहला हाई-टेक वन्य जीव कैप्चर अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
4 Nov, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिये शाजापुर, उज्जैन और आस-पास के इलाकों में हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक का सफल प्रयोग वन्य जीवों को सुरक्षित पकड़ कर स्थानांतरित करने के लिए किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक बार फिर संवेदनशीलता दर्शाते हुए लंबे समय से कृष्णमृगों और नीलगायों द्वारा फसलों को पहुंचाये जा रहे भारी नुकसान से बचाने के लिये निर्देश जारी किये थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर किसानों की इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए देश में अपनी तरह का पहला प्रयास किया गया। अभियान के अंतर्गत वन्य जीवों को बिना हानि पहुँचाए अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से पकड़ कर सुरक्षित क्षेत्रों में छोड़ा गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “यह अभियान वन्य जीव संरक्षण और किसानों की सुरक्षा, दोनों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। मध्यप्रदेश में हम ऐसा संतुलन स्थापित करना चाहते हैं जहाँ प्रकृति, वन्य जीव और किसान, तीनों सामंजस्य के साथ आगे बढ़ें।” उन्होंने वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा टीम ने दीपावली के दौरान भी इस अभियान में हिस्सा लिया, जो उनके सेवा और वन्य जीव संरक्षण के प्रति समर्पण भाव का प्रतीक है।
हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक का अभिनव प्रयोग
अभियान में दक्षिण अफ्रीका की ‘कंजरवेशन सॉल्यूशंस’ कंपनी के 15 विशेषज्ञों ने भागीदारी की। विशेषज्ञों ने प्रदेश में वन विभाग की टीम को प्रशिक्षित किया और उनके सहयोग से 10 दिन तक लगातार अभियान चलाया गया। अभियान में रॉबिन्सन-44 हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया। इसे इस तरह के अभियानों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है। हेलीकॉप्टर से पहले खेतों और खुले क्षेत्रों में वन्य जीवों की लोकेशन का सर्वे किया गया। इसके बाद रणनीतिक रूप से ‘बोमा’ बनाया गया। हेलीकॉप्टर की सहायता से फिर धीरे-धीरे हांका लगाकर जानवरों को सुरक्षित रूप से एक फनल (शंकु) आकार की बाड़ में प्रवेश कराया गया, जो जानवरों को भयभीत होने से बचाने के लिए घास और हरे जाल से ढकी होती है। बोमा में आये वन्य जीवों को वाहनों से सुरक्षित रूप से अभयारण्य तक पहुँचाया गया। अभियान में अनुभवी दक्षिण अफ्रीकी पायलट के साथ भारतीय पायलट भी शामिल थे।
अभियान में सफलता पूर्वक 913 वन्य जीवों का किया गया सुरक्षित पुनर्वास
लगभग दस दिनों तक चले इस अभियान में कुल 913 वन्य जीवों को सफलतापूर्वक पुनर्वास कराया गया। इनमें 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय शामिल हैं। सभी नीलगायों को गांधीसागर अभयारण्य के 64 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में छोड़ा गया। साथ ही कृष्णमृगों को गांधीसागर, कूनो और नौंरादेही अभयारण्यों के उपयुक्त स्थानों पर पुनर्स्थापित किया गया। अभियान में वन्य जीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। सभी वन्य जीव अब अपने नए आवासों में स्वच्छंद होकर विचरण कर रहे हैं।
प्रशिक्षण और भविष्य की रणनीति
वन विभाग ने वन्य जीवों के पुनर्वास के चलाये गये अभियान में एक विशेष प्रशिक्षित दल तैयार किया, जो दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर चुका है। यह दल भविष्य में राज्य के अन्य जिलों में भी इस प्रकार के कैप्चर ऑपरेशन्स संचालित करेगा। जिला प्रशासन और ग्रामीण समुदाय ने इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की। अभियान के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि इस तकनीक से किसी भी वन्य जीव को बेहोश (ट्रैंक्युलाइज) करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। वन्य जीवों की पुनर्स्थापना की, जिससे पूरी प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित और प्राकृतिक बनी रही।
अभियान से किसानों को मिली राहत
नीलगायों और कृष्णमृग के पुनर्वास अभियान के परिणामस्वरूप उज्जैन, शाजापुर और आसपास के क्षेत्रों के किसानों ने राहत की सांस ली है। कृष्णमृग और नीलगायों द्वारा फसलों को रौंदने और खाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे किसानों की आर्थिक हानि में कमी आयेगी और वन्य जीव-मानव के बीच सह-अस्तित्व की भावना भी सशक्त होगी।
अभियान न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए एक नवीन उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह सिद्ध करता है कि आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञता और जनसहयोग से मानव-वन्य जीव संघर्ष को मानवीय और वैज्ञानिक तरीकों से हल किया जा सकता है। भविष्य में वन विभाग ऐसे और अभियानों को अन्य जिलों में भी चलाने की योजना बना रहा है, जिससे किसानों को राहत मिले, वन्य जीव सुरक्षित रहें और पर्यावरणीय संतुलन कायम रहे। अभियान को सफल बनाने में वन विभाग, दक्षिण अफ्रीका की ‘कंजरवेशन सॉल्यूशंस’ टीम, स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग, और ग्रामीणों का अभूतपूर्व सहयोग रहा।
प्रशासनिक और विशेषज्ञों की निगरानी में चला अभियान
अभियान की हर गतिविधि की सतत् निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य जीव अभिरक्षक शुभरंजन सेन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक (चीता प्रोजेक्ट) उत्तम शर्मा और मुख्य वन संरक्षक उज्जैन एम.आर. बघेल स्वयं अभियान स्थल पर उपस्थित रहे। इस अभियान में वाइल्ड लाइफ एवं फॉरेस्ट्री सर्विस के डॉ. कार्तिकेय ने तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे इससे पहले गौर (बाइसन) ट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। शाजापुर विधायक अरुण भीमावद ने भी अभियान स्थल पर पहुंचकर इस अभिनव पहल की सराहना की। अभियान की सफलता पर एसीएस फॉरेस्ट अशोक बर्णवाल और वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्हीएन अम्बाडे भी टीम को बधाई दी गई।
संस्कार से ही जीवन में आता है बदलाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
4 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संस्कार से ही जीवन में बदलाव आता है। हमारी सनातन संस्कृति अद्भुत है। भारत को सदैव विश्व गुरू के रूप में दुनिया देखती आई है। भारत में ही अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाने की समस्त संभावनाएं निहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीएपीएस संस्था के वैश्विक प्रयासों की सराह करते हुए कहा कि अबूधाबी में बना भव्य बीएपीएस हिंदू मंदिर अद्भुत है। उनके प्रमुख महंत का जबलपुर का होना हम सभी प्रदेशवासियों के लिये गौरव की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जबलपुर में बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था द्वारा आयोजित जीवन उत्कर्ष महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने महोत्सव में बीएपीएस के 2 पाठयक्रम 'चलो बनें आदर्श' और 'इंटीग्रेटेड पर्सनालिटी डेवलपमेंट कोर्स' (आईपीडीसी) का शुभारंभ किया। इन पाठयक्रमों का उद्देश्य स्कूली बच्चों और युवाओं को संस्कार और जीवन मूल्यों की शिक्षा देना है। महोत्सव में मंगलायन यूनिवर्सिटी और रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर्स ने कोर्स से संबंधित एमओयू का आदान-प्रदान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवालयों में दिव्य कल्पनाओं को साकार होते देखा जा सकता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बीएपीएस जैसी संस्थाएं हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।
मुख्यामंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामीनारायण संस्था दुनिया को पहचानने और स्वयं को जानने के लिये आम व्यक्ति का प्रशंसनीय मार्गदर्शन कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीएपीएस का "परिवर्तन की यात्रा" का मध्यप्रदेश से शुभारंभ करने के लिए संस्था का अभिनंदन करते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संस्कारधानी जबलपुर को ईश्वर और माँ नर्मदा ने परम सौभाग्य दिया है, जिसकी बदौलत आज संस्था के द्वारा महत्वपूर्ण कार्यों की शुरूआत यहां से की जा रही है। यहाँ आने से केवल एक दैवीय आशीर्वाद ही नहीं मिलता, बल्कि यहाँ से जाने वाले जन्म-जन्मांतर तक महंत स्वामियों से भी दुनिया भर के संतों का आशीर्वाद मिलता है। यहाँ के वातावरण में एक ऐसी ऊर्जा है जो हमें निरंतर प्रेरित करती है। साथ ही कहा कि आज़ादी के अमृत काल में हमें वही आत्मविश्वास मिला है जो आत्मबल हमारे भीतर भगवान ने रखा था, वही अब पुनः प्रकट हो रहा है।
अब मध्यप्रदेश में भी हुई शुरुआत
बीएपीएस संस्था के वरिष्ठ संत पूज्य ज्ञानानंद स्वरूप स्वामी जी ने प्रकल्पों की जानकारी देते हुए बताया कि 'चलो बनें आदर्श' प्रकल्प वीडियो के माध्यम से प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों में बचपन से ही जीवन मूल्यों की सुदृढ़ आधारशिला रखता है। यह प्रोजेक्ट पहले से ही गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सहित पांच राज्यों की 23 हजार शालाओं में सफलतापूर्वक चल रहा है, जिसका लाभ 45 लाख से अधिक विद्यार्थी ले रहे हैं।
बीएपीएस संस्था के वरिष्ठ संत पूज्य ज्ञानानंद स्वरूप स्वामी जी ने कहा कि कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए 'इंटीग्रेटेड पर्सनालिटी डेवलपमेंट कोर्स' (आईपीडीसी) का भी शुभारंभ किया है। यह कोर्स युवाओं को नकारात्मकता, मोबाइल की लत, नशीले पदार्थों और डिप्रेशन जैसे संकटों से निकालकर उन्हें भारतीय सनातन मूल्यों से जोड़ने का काम करेगा।
इस अवसर पर संतगण, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह और जबलपुर के महापौर श्री जगत बहादुर सिंह, संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह, आईजी श्री प्रमोद वर्मा, कलेक्ट्र श्री राघवेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वामी नारायण मंदिर में गुरु पूजन विधि में हुये शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रसल चौक के समीप स्थित श्री स्वामी नारायण मंदिर में गुरु पूजन विधि में शामिल हुये। मुख्यमंत्री ने परब्रह्म भगवान स्वामी नारायण के छठें आध्यात्मिक अनुगामी ब्रह्मस्वरूप महंत स्वामी जी महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित किये। गुरु पूजन विधि ब्रह्म बिहारी स्वामी जी ने संपन्न कराई।
महिला वर्ल्ड कप स्टार क्रांति गौड़ को सीएम मोहन यादव की वीडियो कॉल पर बधाई, सरकार देगी 1 करोड़ का इनाम
4 Nov, 2025 02:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के विश्व कप जीतने पर प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने मध्यप्रदेश के छतरपुर की बेटी क्रांति गौड़ से वीडियो कॉल पर बात की। दोनों के बीच भावनात्मक संवाद हुआ। सीएम डॉ. मोहन ने क्रांति से मैच के दौरान हुए अनुभवों के बारे में बात की। इसके बाद उन्होंने इस संवाद को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। भारतीय महिला टीम ने रविवार देर रात नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर इतिहास रचते हुए अपना पहला वनडे विश्व कप खिताब जीता है। क्रांति की सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे प्रदेश को गर्व से भर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत किया और कहा कि यह सम्मान हर उस खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है जो छोटे कस्बों से बड़े सपने लेकर आगे बढ़ रहा है।
भारतीया महिला क्रिकेट टीम को सीएम माेहन यादव ने दी बधाई
इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने टीम की ऐतिहासिक जीत पर बधाई देते हुए कहा कि भारत की बेटियां आज हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की निरंतर प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने विशेष रूप से मध्य प्रदेश की खिलाड़ी क्रांति गौड़ की सराहना की, जिन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। कल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि राज्य सरकार क्रांति गौड़ को प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देगी।
सीएम मोहन यादव ने वीडियो कॉल पर की क्रांति गौड़ से बात
छतरपुर जिले के घुवारा की रहने वाली क्रांति गौड़ से मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल पर बातचीत भी की और उनके समर्पण व मेहनत की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि विश्व विजेता @BCCIWomen की खिलाड़ी और मध्यप्रदेश की गौरव सुश्री क्रांति गौड़ को आज वीडियो कॉल करके ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व विजय की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सीएम यादव ने आगे लिखा कि अपने लगन और परिश्रम से आप ऐसे ही आगे बढ़ते रहिए, देश और प्रदेश का नाम रोशन करते रहिए। हमारी सरकार हर कदम पर अपने युवाओं और खिलाड़ियों के साथ है।भारतीय महिला टीम की यह जीत देश के क्रिकेट इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है, क्योंकि यह किसी भी प्रारूप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का पहला विश्व कप खिताब है।
थप्पड़ की सियासी गूंज पहुंची भोपाल, जीतू पटवारी ने CSP को फोन कर कहा- ‘FIR न हुई तो 50 हजार…’
4 Nov, 2025 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सतना: सतना (Satna) के ‘थप्पड़ कांड’ (Slapping Incident) ने अब मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजनीति में हलचल मचा दी है. BJP सांसद गणेश सिंह (MP Ganesh Singh) पर निगम कर्मचारी (Corporation Employees) को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है. इस घटना के विरोध में कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने थाने में धरना दिया और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीएसपी को फोन पर एफआईआर दर्ज न होने पर 50 हजार समर्थकों के साथ पहुंचने की चेतावनी दी.
सतना के कोलगंवा थाने में विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा उर्फ डब्बू ने पीड़ित निगम कर्मचारी के समर्थन में धरना शुरू किया। धरने के दौरान उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) को फोन लगाया और सीएसपी से बात कराई. थाने के अंदर माहौल तनावपूर्ण हो गया जब पटवारी ने फोन पर पुलिस अधिकारी से सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वह दो घंटे में 50 हजार समर्थकों के साथ वहां पहुंचेंगे.
सीएसपी डीपीएस चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष के दबाव के बावजूद स्पष्ट कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी. उन्होंने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई होगी. चौहान ने याद दिलाया कि 2018 से 2023 के बीच जब सिद्धार्थ कुशवाहा विधायक थे, तब उनके खिलाफ भी मोबाइल तोड़ने की शिकायत आई थी, जिस पर भी जांच की गई थी. उन्होंने कहा कि हर मामले में पुलिस कानून के अनुसार ही निर्णय लेगी.
धरने के बाद जब सीएसपी ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया, तब विधायक ने धरना समाप्त किया. लेकिन यह मामला अब सिर्फ एक थप्पड़ तक सीमित नहीं रहा. बीजेपी सांसद के खिलाफ कांग्रेस की सख्त प्रतिक्रिया और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की सक्रियता ने इसे सियासी जंग का रूप दे दिया है. भोपाल से लेकर सतना तक इस विवाद पर प्रतिक्रियाएं तेज हैं और इसे लेकर दोनों दल आमने-सामने हैं. आने वाले दिनों में यह ‘थप्पड़ कांड’ प्रदेश की सियासत में बड़ा मुद्दा बन सकता है.
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- मदरसों में पढ़ाने वालों की जानकारी सरकार को हासिल करना चाहिए
4 Nov, 2025 08:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने मदरसों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मदरसों से जुड़े केंद्रों में अवैध गतिविधियां सामने आ रही है। वे खंडवा जिले के मदरसे में 20 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए जाने के सवाल का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि अब बाहर के लोग आकर मदरसा में काम करने लगे है। उनकी गतिविधियां कई बार संदिग्ध रहती है। वे अवैध गतिविधियां भी कर रहे हैं। मदरसा में जो लोग पढ़ाते है। उन सब की जानकारी सरकार को हासिल करना चाहिए। सरकार को मदरसों की गतिविधियों पर भी ध्यान देना चाहिए। मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करुंगा, ताकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में मदरसे चल रहे है। उसे लेकर एक नीति बनना चाहिए। विजयवर्गीय ने अन्य सवालों के जवाब भी दिए।
विजयवर्गीय सोमवार को सिटी बस कार्यालय में शहरी विकास से जुड़ी बैठक में शमिल होने गए थे। वहां पर उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा की। आपको बता दें कि खंडवा के जुबेर उसके एक साथी को मालेगांव पुलिस ने नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों के पास दस लाख रुपये के नकली नोट मिले। पुलिस को पता चला कि जुबेर खंडवा के पैठियां गांव के मदरसे में रहता है। बाद में खंडवा पुलिस ने मदरसे पर छापा मारा तो वहां पर भी एक बैग में नकली नोट बरामद हुए। बैग में पांच-पांच सौ के नकली नोट बरामद हुए थे। मदरसे से बीस लाख के नकली नोट मिले।
मंत्रालय में राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम्" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का हुआ सामूहिक गायन
3 Nov, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : नवम्बर माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर मंत्रालय परिसर के सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान में राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम्" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन हुआ।
इस अवसर पर पुलिस बैंड ने मधुर धुनें प्रस्तुत की। सामूहिक गायन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मनु श्रीवास्तव, संजय कुमार शुक्ला, अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव मनीष सिंह, सचिव निशांत वरवड़े सहित सतपुड़ा-विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
राज्य सरकार का ध्येय "सबके के लिए रोशनी-सबके लिए प्रगति " : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
3 Nov, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समाधान योजना से प्रदेश के 90 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ होगा। यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए राहत का द्वार खोल रही है, जो किसी कारणवश समय पर अपने बिजली बिल नहीं भर पाए। इस योजना में तीन माह या उससे अधिक समय से बिल बकाया रखने वाले घरेलू, गैर घरेलू ,कृषि तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट प्रदान की जाएगी। योजना से बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ ही राज्य की बिजली व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इस कदम से जनता का भरोसा और शासन की पारदर्शिता एक साथ बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर समाधान योजना की शुरूआत की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पॉवर मैनेजमेंट कंपनी का नया भवन, कंपनियों के प्रबंधन और कार्य क्षमता में वृद्धि में सहायक होगा। नए भवन से ऊर्जा प्रबंधन और जन सामान्य से बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाधान योजना के शुभारंभ और एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की ऑल राउंडर महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर दें संवेदनशीलता का परिचय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "समाधान योजना' 2025-26" से प्रदेश के 90 लाख उपभोक्ताओं का 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक बिजली बिल पर सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना में 3 माह तक का सरचार्ज रखने वाले उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सरचार्ज छूट का लाभ मिलेगा। ऊर्जा विभाग के सोमवार को लोकार्पित भव्य भवन से विभाग में कार्यरत तीनों कंपनियों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह नया भवन ऊर्जा प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और जनसेवा का केन्द्र बनेगा। किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार संकल्पित है। आशा है विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों से सतत् संवाद और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण से अपनी संवेदनशीलता का परिचय देंगे।
वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार "सबके लिए रोशनी-सबके लिए प्रगति'' का ध्येय लेकर प्रदेश में गतिविधियां संचालित कर रही है। खेत हो या कारखाने, शहर हो या गांव हर घर में रोशनी इसका प्रमाण है। ऊर्जा विभाग से वर्ष 2024-25 में लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को 18 हजार करोड़ रूपए से अधिक की बिजली सब्सिडी दी गई। राज्य सरकार ने विभिन्न नीतिगत निर्णयों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत् विकास को प्राथमिकता दी। इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी, रिन्यूबल एनर्जी पॉलिसी 2025 और पंप हाइड्रो पॉलिसी-2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए गए हैं। राज्य में 62 गीगावाट सौर, 11 गीगावाट पवन, 4 गीगावाट बॉयोमास और 820 मेगावाट लघु जल विद्युत की क्षमता है। हमारा लक्ष्य 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना में 2.70 रूपये प्रति यूनिट बिजली अब तक की सबसे कम टैरिफ दर पर प्राप्त हुई है। यह अपने-आप में रिकार्ड है।
शुभ है स्थापना दिवस उत्सव के दौरान समाधान योजना का आरंभ होना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में तीन दिवसीय स्थापना दिवस महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान समाधान योजना का शुभारंभ और नए भवन का लोकार्पण शुभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केन्द्रित महानाट्य प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और प्रगति पर केन्द्रित प्रदर्शनियों और आयोजनों में सहभागी होने का उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया।
समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुंचाना है हमारा लक्ष्य : ऊर्जा मंत्री तोमर
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सभी स्तर पर ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हम अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की सुविधा को देखते हुए कार्य कर रहे हैं। आज आरंभ हुई समाधान योजना सुशासन और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग से संबंधित प्रस्तावों को डॉ. यादव ने सहजता से स्वीकार किया। मंत्री तोमर ने कहा कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जायेगा। कार्यक्रम में समाधान योजना पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में
समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना "जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं'' के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा।
समाधान योजना दो चरणों में चलेगी। प्रथम चरण 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक होगा, जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में यह योजना एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण कंपनियों यथा म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in, म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर हेतु www.mpez.co.in एवं म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर हेतु www.mpwz.co.in पर पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है।
घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।
योजनांतर्गत छूट प्राप्त करने की प्रक्रिया
योजना के अंतर्गत उपभोक्ता के पास बकाया राशि का एकमुश्त अथवा किश्तों में भुगतान करने का विकल्प रहेगा। किश्तों में भुगतान करने हेतु उपभोक्ता को पंजीकरण कराना होगा। बकाया विलम्बित भुगतान अधिभार (संचयी) की छूट का लाभ पाने हेतु एकमुश्त भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को छूट की राशि को घटाते हुए पूर्ण भुगतान करना होगा। किश्तों में भुगतान करने का विकल्प चुनने वाले उपभोक्ता द्वारा निर्धारित पंजीकरण राशि जमा कर, पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण हेतु उपभोक्ता को वितरण केन्द्र/अनुविभागीय कार्यालय में संपर्क कर, छूट तथा किश्तों की राशि का निर्धारण कराना होगा। पंजीकरण कराते समय उपभोक्ता को संपर्क हेतु मोबाईल नम्बर देना होगा, जिससे भविष्य में आवश्यकता होने पर उपभोक्ता से सम्पर्क किया जा सके। पंजीकरण के बाद उपभोक्ता द्वारा शेष बकाया धनराशि का एकमुश्त अथवा किश्तों में भुगतान विद्युत वितरण कंपनियों के प्रचलित भुगतान माध्यमों से किया जा सकेगा।
योजना में शामिल होने के बाद डिफाल्टर होने पर लाभ से होंगे वंचित
किश्तों में भुगतान करने के लिये पंजीकृत उपभोक्ता द्वारा प्रथम बार यदि किसी भी किश्त का निर्धारित नियत तिथि तक भुगतान नहीं किया जाता है, तो उसे विलम्बित हुई किश्त की राशि के साथ, उसी राशि पर विलम्बित अधिभार का भुगतान, आगामी किश्त की तिथि के पूर्व करना होगा। यदि किसी उपभोक्ता द्वारा 2 किश्तों का भुगतान, दूसरी किश्त की निर्धारित नियत तिथि तक नही किया जाता है, तो ऐसे उपभोक्ता को डिफाल्टर माना जायेगा। डिफाल्टर होने पर योजना के लाभ से वंचित कर दिया जायेगा। बकाया विलम्बित भुगतान अधिभार में दी गयी छूट व डिफाल्टर होने तक की अवधि तक का अतिरिक्त विलम्बित भुगतान अधिभार यदि देय हो तो विद्युत बिल में जोड़ दिया जायेगा, जो उपभोक्ता को भुगतान करना होगा। ऐसे उपभोक्ता का कनेक्शन विच्छेदित कर नियमानुसार वसूली की कार्रवाई की जावेगी।
किश्तों के भुगतान हेतु नियत तिथि
पंजीकरण कराने के बाद प्रथम किश्त का भुगतान, आगामी विद्युत बिल की नियत तिथि तक सुनिश्चित करना होगा। कृषि उपभोक्ताओं द्वारा किश्तों के भुगतान के लिये नियत तिथि, प्रत्येक माह की अन्तिम कार्यालयीन दिवस रहेगी। प्रथम किश्त का भुगतान करने के पश्चात, उपभोक्ता को शेष किश्तों का भुगतान उनके आगामी मासिक बिजली बिलों की नियत तिथि तक ही सुनिश्चित करना होगा। विद्युत बिल में बकाया राशि होने के कारण, उपभोक्ता द्वारा किये गये किश्तों के अग्रिम भुगतान पर किसी प्रकार की अग्रिम भुगतान छूट देय नहीं होगी।
योजना के अन्य नियम व शर्ते
उपभोक्ता की जानकारी के लिए पंजीकरण रसीद के साथ सम्भावित छूट की धनराशि एवं किश्तों/बकाया धनराशि का एकमुश्त भुगतान करने के लिए नियत तिथियों की तालिका प्रदर्शित की जायेगी। शेष बकाया विद्युत बिल का पूर्ण भुगतान होने पर आगामी देयक में उपभोक्ता को विलंबित अधिभार में दी गई छूट को दर्शाया जायेगा। यदि किसी उपभोक्ता के देयकों में ऑडिट रिकवरी अथवा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 एवं 135 के अंतर्गत बिल की गयी राशि जुड़ी हुई हो तो, इस राशि का पूर्ण भुगतान करने के बाद ही शेष बकाया राशि पर योजना का लाभ लेने हेतु उपभोक्ता पात्र होगा। ऐसे उपभोक्ता भी योजना के पात्र होंगे, जिनके विरूद्ध ड्युस रिकवरी एक्ट (DRA) के अन्तर्गत आर.आर.सी. जारी की जा चुकी है। ऐसे प्रकरणों में नियमानुसार देय चार्जेस का भी भुगतान करना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उत्तरप्रदेश सरकार के मंत्री गुप्ता ने की सौजन्य भेंट
3 Nov, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उत्तरप्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास, निर्यात संवर्धन, एनआरआई और निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने सौजन्य भेंट की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री (उ.प्र.) गुप्ता सहित मध्यप्रदेश के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को उत्तरप्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास से जुड़े कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण नीति का अध्ययन करने और मध्यप्रदेश में भी उसका अनुपालन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तरप्रदेश के उद्योग मंत्री गुप्ता को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तैयार की गई 18 प्रकार की नई औद्योगिक नीतियों की प्रतियां भी भेंट की।
बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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